जलालुद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर कब आक्रमण किया था ? [*]
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 ई. में रणथंभौर पर आक्रमण किया पर हम्मीर देव चौहान से हार गए।
👉 1292 ई. में दूसरा आक्रमण भी किया, लेकिन फिर से पराजित होना पड़ा।
👉 दोनो आक्रमणों में रणथंभौर की दृढ़ रक्षा के कारण सफलता नहीं मिली।
तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज-III ने किसे पराजित किया ?
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 तराइन का प्रथम युद्ध सन् 1191 ईस्वी में लड़ा गया था।
👉 यह युद्ध राजा पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के बीच हुआ था।
👉 इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी को पराजित किया था।
👉 यह युद्ध तराइन (वर्तमान हरियाणा) में हुआ, जिसे ताराओरी भी कहा जाता है।
👉 इसके बाद 1192 ईस्वी में तराइन का दूसरा युद्ध हुआ, जिसमें मोहम्मद गौरी विजयी रहा।
✍️ सही उत्तर है – मुहम्मद गोरी
रणथम्भौर के चौहान राजवंश के संस्थापक थे।
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद गौरी ने अजमेर गोविंदराज को दिया।
👉 उसके भाई हरिराज ने उसे अजमेर से निकाल दिया।
👉 तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर प्रदान की।
👉 इससे यहाँ चौहान वंश का नया शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान वंश के संस्थापक गोविंदराज माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
किस चौहान शासक ने शाकम्भरी के स्थान पर अजमेर को राजधानी बनाया ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 चौहान शासक अजयराज द्वितीय का शासनकाल 1105–1133 ई. था।
👉 इसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) बनवाया।
👉 अजयराज ने शाकम्भरी से राजधानी हटाकर अजमेर को नया केन्द्र बनाया।
👉 इसके काल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
'हम्मीर रासो' के अनुसार रणथम्भौर के किले का प्रारम्भिक नाम क्या था ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 रणथम्भौर दुर्ग का उल्लेख कई ग्रंथों में मिलता है।
👉 हम्मीर रासो के अनुसार इस दुर्ग का प्रारम्भिक नाम रणस्तम्भपुर था।
👉 यह किला चौहान शक्ति का प्रमुख गढ़ माना गया।
👉 बाद में यही किला रणथम्भौर नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 यहाँ चौहान वंश का अंतिम प्रतापी शासक हम्मीर देव हुआ।
✍️ सही उत्तर है – रणस्तम्भपुर
अजमेर के किस चौहान शासक ने शासक बनने के लिये अपने पिता की हत्या की ?
[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]
👉 चौहान शासक अर्णोराज का राज्याभिषेक 1133 ई. में हुआ।
👉 1155 ई. में इसके बड़े पुत्र जग्गदेव ने उसकी हत्या कर दी।
👉 इस कारण जग्गदेव को चौहानों में पितृहन्ता कहा गया।
👉 उसने केवल 3 वर्ष (1155–1158 ई.) तक शासन किया।
👉 इसके बाद उसका भाई विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) गद्दी पर बैठा।
✍️ सही उत्तर है – जग्गदेव चौहान
किस इतिहासकार ने चौहानों का ब्राह्मण वंश से उत्पन्न होना
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 चौहानों की उत्पत्ति के विषय में इतिहासकारों की अलग-अलग मान्यताएँ हैं।
👉 डॉ. दशरथ शर्मा ने बिजौलिया शिलालेख व कायमखाँ रासो के आधार पर इन्हें वत्सगोत्रीय ब्राह्मण वंशीय माना।
👉 चन्द्रावती के लेख में भी चौहानों को ब्राह्मण वंशीय बताया गया है।
👉 जबकि डॉ. भण्डारकर ने चौहानों की उत्पत्ति खज्र जाति से मानी है।
तराईन का पहला युद्ध कब लड़ा गया ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
👉 तराइन का प्रथम युद्ध चौहान शासक पृथ्वीराज तृतीय और मोहम्मद गौरी के बीच हुआ।
👉 युद्ध का कारण तबरहिंद (भटिंडा) किले पर अधिकार था।
👉 इस युद्ध में गौरी को भारी पराजय का सामना करना पड़ा।
👉 गौरी घायल होकर अपने राज्य गजनी भाग गया।
👉 यह युद्ध 1191 ई. में लड़ा गया था।
✍️ सही उत्तर है – 1191 ई.
"गूवक" किस वंश का शासक था ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 गूवक प्रथम चौहान वंश का शासक था।
👉 इसे 805 ई. में कन्नौज के प्रतिहार शासक नागभट्ट द्वितीय की सभा में वीर की उपाधि मिली।
👉 गूवक प्रथम ने हर्षनाथ मंदिर (सीकर) का निर्माण करवाया।
👉 इस मंदिर में भगवान शंकर की अद्वितीय लिंगोद्भव प्रतिमा है।
👉 गूवक प्रथम के समय चौहान प्रतिहारों की अधीनता से मुक्त हो गए।
✍️ सही उत्तर है – चाहमान
" अढ़ाई दिन का झोंपड़ा" कहाँ स्थित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 अढ़ाई दिन का झोंपड़ा अजमेर में स्थित है।
👉 इसे 1198 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने बनवाया।
👉 यह पहले विग्रहराज चतुर्थ द्वारा निर्मित सरस्वती कंठाभरण पाठशाला थी।
👉 इसमें हरिकेलि नाटक की पंक्तियाँ अंकित थीं।
👉 कर्नल जेम्स टॉड ने इसे हिंदू शिल्पकला का अद्वितीय नमूना कहा।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
निम्नलिखित में से कौन पृथ्वीराज चौहान के वफ़ादार दरबारी कवि थे ?
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
चंदबरदाई
पृथ्वीराज के
दरबारी
कवि थे।
👉
उन्होंने
पृथ्वीराज
रासो
नामक महाकाव्य
लिखा।
👉
इसमें
पृथ्वीराज
चौहान
के जीवन-वीरता
का वर्णन है।
👉
वे
उनके अंतरंग
मित्र
व सहयोगी
भी थे।
✍️ सही उत्तर है – चंद बरदाई
जालौर के चौहान वंश का संस्थापक कौन था ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 कीर्तिपाल चौहान नाड़ोल के शासक अल्हण का सबसे छोटा पुत्र था।
👉 1181 ई. में इसने परमार शासक कुंतपाल को हराकर जालौर पर अधिकार किया।
👉 इसे जालौर शाखा का संस्थापक / आदिपुरुष कहा जाता है।
👉 मुहणौत नैणसी ने इसे "कीतू महान राजा" कहा है।
👉 सुंधा अभिलेख में इसे राजेश्वर की उपाधि दी गई है।
✍️ सही उत्तर है – कीर्तिपाल चौहान
चौहान राजवंश के निम्नलिखित शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :
1. पृथ्वीराज III
2. अजयराज
3. अर्णोराज
4. विग्रहराज IV
[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]
कूट :
👉 सबसे पहले शासक अजयराज (1105–1133 ई.) था।
👉 इसके बाद शासन पर आया अर्णोराज (1133–1155 ई.)।
👉 इसके बाद गद्दी पर बैठा विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.)।
👉 अंत में शासक बना पृथ्वीराज तृतीय (1177–1192 ई.)।
👉 इस प्रकार सही कालक्रम है – (2) → (3) → (4) → (1)।
✍️ सही उत्तर है – (2), (3), (4), (1)
रणथंभौर के चौहान वंश का संस्थापक कौन था ?
[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद गौरी ने अजमेर गोविंदराज को सौंपा।
👉 कुछ समय बाद हरिराज ने उसे अजमेर से निकाल दिया।
👉 तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर दी।
👉 यहीं से रणथम्भौर में चौहान वंश का नया शासन शुरू हुआ।
👉 इस कारण रणथम्भौर के चौहान वंश का संस्थापक गोविंदराज माना गया।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
चांद बरदाई किस शासक का राज कवि था ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 चंदबरदाई का वास्तविक नाम पृथ्वीभट्ट वल्लादि था।
👉 यह पृथ्वीराज चौहान तृतीय का राजकवि था।
👉 इसने डिंगल भाषा में पृथ्वीराज रासो की रचना की।
👉 ग्रंथ को आगे उसके दत्तक पुत्र जल्हण ने पूरा किया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान तृतीय
बिजौलिया अभिलेख निम्नलिखित में से किसका इतिहास जानने का महत्वपूर्ण स्रोत है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) चौहान वंश का प्रमुख अभिलेख है।
👉 इसमें चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण वंशीय बताया गया।
👉 इसमें प्रारम्भिक शासक वासुदेव चौहान और उसके उत्तराधिकारियों का उल्लेख है।
👉 यह शिलालेख चौहान वंश की उत्पत्ति और उपलब्धियों का प्रमाण है।
👉 इसलिए इसे चौहान राजवंश के इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चौहानों का
अजयमेरु (अजमेर) शहर की नींव किसने रखी ?
छात्रावास अधी. Minority 30.08.2024
👉 1113 ई. में अजयराज चौहान ने अजयमेरु नगर (अजमेर) बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग का निर्माण करवाया।
👉 इसे अपनी विजय शक्ति के कारण अजयराज चक्री कहा गया।
👉 इसके शासनकाल को चौहानों के साम्राज्य निर्माण का काल माना गया।
👉 अजमेर की नींव रखने का श्रेय सीधे अजयराज चौहान को दिया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज चौहान
रणथंभौर के चौहान वंश के संस्थापक _________ है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद मोहम्मद गौरी ने अजमेर गोविंदराज को दिया।
👉 बाद में पृथ्वीराज का भाई हरिराज उसे अजमेर से निकाल देता है।
👉 तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर प्रदान की।
👉 यहीं से रणथम्भौर में चौहान वंश का शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान वंश का संस्थापक गोविंदराज था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
बिजौलिया शिलालेख किस चौहान नरेश के काल का है ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 बिजौलिया शिलालेख चौहान वंश का एक प्रमुख अभिलेख है।
👉 यह शिलालेख 1170 ई. का माना जाता है।
👉 इसमें चौहान शासकों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताया गया है।
👉 यह शिलालेख चौहान नरेश सोमेश्वर के काल का है।
👉 इसमें वासुदेव व सामन्तराज आदि शासकों का उल्लेख भी मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – सोमेश्वर
पृथ्वीराज-III और मोहम्मद गौरी के मध्य कितने युद्ध लड़े गए थे ?
[हाउस कीपर परीक्षा 09.07.2022]
👉 पृथ्वीराज चौहान तृतीय और मोहम्मद गौरी के बीच कई संघर्ष हुए।
👉 इनमें से मुख्य युद्ध तराइन के मैदान में लड़े गए।
👉 पहले युद्ध में (1191 ई.) गौरी की हार हुई थी।
👉 दूसरे युद्ध में (1192 ई.) गौरी की विजय हुई।
👉 इस प्रकार दोनों के बीच कुल दो निर्णायक युद्ध हुए।
✍️ सही उत्तर है – दो
अजमेर नगर का संस्थापक कौन था ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 1113 ई. में चौहान शासक अजयराज चौहान ने अजयमेरु नगर बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) का निर्माण करवाया।
👉 अजयराज को उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री कहा गया।
👉 इसके शासनकाल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल माना जाता है।
👉 इस कारण अजमेर नगर का संस्थापक अजयराज चौहान था।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज चौहान
तराइन का प्रथम युद्ध किनके बीच लड़ा गया था ?
[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]
👉 तराइन का प्रथम युद्ध सन् 1191 ई. में तराइन के निकट घुरियों और चौहानों के बीच लड़ा गया।
👉 इसमें चौहान राजा पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गौरी को पराजित किया।
👉 इसके बाद 1192 ई. में तराइन का द्वितीय युद्ध हुआ, जिसमें मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को हराकर मुस्लिम शासन की नींव भारत में रखी।
👉 पृथ्वीराज चौहान ने 1178 से 1192 ई. के बीच दिल्ली और अजमेर पर शासन किया।
👉 तराइन का यह युद्ध भारत के इतिहास में मध्यकालीन सत्ता परिवर्तन का प्रमुख कारण बना।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद ग़ौर
निम्नलिखित चार चौहान शासकों को कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए गये कूटों में से सही उत्तर चुनिये
(1) विग्रहराज - IV (2) सोमेश्वर
(3) पृथ्वीराज II (4) पृथ्वीराज - III
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]
Code / कूट : -
👉 सबसे पहले गद्दी पर आए विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.)।
👉 इसके बाद शासन किया पृथ्वीराज द्वितीय (1164–1169 ई.) ने।
👉 इसके बाद आया सोमेश्वर (1169–1177 ई.)।
👉 अंत में शासक बने पृथ्वीराज तृतीय (1177–1192 ई.)।
👉 इस प्रकार सही कालक्रम है – (1) → (3) → (2) → (4)।
✍️ सही उत्तर है – (1), (3), (2), (4)
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।
अभिकथन A : तराईन का दूसरा युद्ध राजपूतों और उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा के लिए विध्वंसक था।
कारण R : तराईन के दूसरे युद्ध और चंदावर के युद्ध ने भारत में अफगान शासन की नींव रखी थी।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
तराईन
का दूसरा युद्ध
राजपूतों और
उनकी राजनीतिक
प्रतिष्ठा
के लिए विध्वंसक
था।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
तथ्यात्मक
रूप से सही
है।
👉
हालांकि
यह युद्ध भारत
में अफगान शासन
की नींव
का कारण नहीं
बना।
👉
अतः
कारण R
तथ्यात्मक
रूप से सही
नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।
रणथम्भौर के चौहान वंश का प्रवर्तक कौन था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद गौरी ने अजमेर गोविंदराज को सौंपा।
👉 पृथ्वीराज के भाई हरिराज ने उसे अजमेर से भगा दिया।
👉 तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर दी।
👉 1194 ई. से रणथम्भौर में चौहान वंश का नया शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान वंश का प्रवर्तक गोविंदराज था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
बिजौलिया शिलालेख के अनुसार चौहान राजवंश का संस्थापक कौन था ?
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) चौहान वंश का महत्वपूर्ण स्रोत है।
👉 इसमें चौहान वंश के प्रारम्भिक शासकों का वर्णन मिलता है।
👉 शिलालेख के अनुसार चौहान वंश का संस्थापक वासुदेव चौहान था।
👉 वासुदेव ने 551 ई. में सपादलक्ष (सांभर) क्षेत्र में शासन स्थापित किया।
👉 इसी कारण उसे चौहान वंश का आदि पुरुष / मूल पुरुष माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – वासुदेव
पृथ्वीराज तृतीय का दरबारी कवि कौन था?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 पृथ्वीराज चौहान तृतीय विद्वानों और कवियों का बड़ा आश्रयदाता था।
👉 इसके दरबार में कई कवि रहे जैसे जयानक, वागीश्वर, जनार्दन, विश्वरूप, विद्यापति गौड़, आशाधर।
👉 इनमें सबसे प्रसिद्ध दरबारी कवि चंदबरदाई था।
✍️ सही उत्तर है – चन्द्रबरदाई
किस चौहान शासक ने 1192 AD में तराइन का दूसरा युद्ध लड़ा ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 1192 ई. में तराइन का दूसरा युद्ध लड़ा गया।
👉 इसमें चौहान वंश का शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय शामिल था।
👉 इस युद्ध में उसके सामने मोहम्मद गौरी की सेना थी।
👉 गौरी ने छल से राजपूतों को पराजित किया।
👉 इसी युद्ध से भारत में मुस्लिम सत्ता की नींव पड़ी।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान तृतीय
रणथम्भौर के चौहान वंश के संस्थापक कौन थे?
निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद गौरी ने अजमेर गोविंदराज को दिया।
👉 परन्तु उसके भाई हरिराज ने उसे अजमेर से खदेड़ दिया।
👉 इसके बाद कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर प्रदान की।
👉 1194 ई. से यहाँ चौहान वंश का नया शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान वंश का संस्थापक गोविंदराज था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
अजमेर नगर की स्थापना कब हुई ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 चौहान वंश के शासक अजयराज द्वितीय को प्रतापी शासक कहा गया।
👉 इसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर की स्थापना की।
👉 इसके साथ ही बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) भी बनवाया।
👉 अजयराज को उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री कहा गया।
👉 डॉ. गोपीनाथ शर्मा ने इसके काल को साम्राज्य निर्माण का काल कहा।
✍️ सही उत्तर है – 1113 ई.
रणथम्भौर के चौहान वंश का संस्थापक कौन था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 1192 ई. में तराइन युद्ध के बाद मोहम्मद गौरी ने अजमेर को गोविंदराज को दिया।
👉 बाद में पृथ्वीराज का भाई हरिराज ने गोविंदराज को अजमेर से हटा दिया।
👉 तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर दी।
👉 इससे रणथम्भौर में चौहानों का नया शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान वंश का संस्थापक गोविंदराज माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
निम्नलिखित चौहान शासकों को काल क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए-
(1) पृथ्वीराज राय पिथौरा
(2) पृथ्वीराज II
(3) विग्रहराज IV
(4) सोमेश्वर
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
कूट -
👉 सबसे पहले शासक विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.) था।
👉 इसके बाद शासन पर बैठा पृथ्वीराज द्वितीय (1164–1169 ई.)।
👉 इसके बाद गद्दी पर आया सोमेश्वर (1169–1177 ई.)।
👉 अंत में शासक बना पृथ्वीराज तृतीय राय पिथौरा (1177–1192 ई.)।
👉 इस प्रकार सही कालक्रम है – (3) → (2) → (4) → (1)।
✍️ सही उत्तर है – (3), (2), (4), (1)
रणथंभौर के चौहान राजंवश (1194 AD) के संस्थापक कौन थे?
[छात्रावास अधीक्षक ग्रेड -II 28.07.2024]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद गौरी ने अजमेर को गोविंदराज को दिया।
👉 बाद में पृथ्वीराज के भाई हरिराज ने उसे अजमेर से खदेड़ दिया।
👉 कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथंभौर की जागीर प्रदान की।
👉 इसी से 1194 ई. में रणथंभौर में चौहान शासन स्थापित हुआ।
👉 इसलिए रणथंभौर के चौहान वंश का संस्थापक गोविंदराज माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
अजयमेरु (अजमेर) शहर की स्थापना करने वाला चौहान शासक कौन था ?
[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]
👉 अजयराज चौहान ने 12वीं शताब्दी ईस्वी में अजमेर नगर की स्थापना की थी।
👉 वे एक प्रतापी राजा थे जिन्होंने सपदलकक्ष देश पर शासन किया।
👉 अणराज चौहान ने आनासागर झील तथा वराह मंदिर का निर्माण कराया था।
👉 उन्हें चालुक्य शासक कुमारपाल ने युद्ध में पराजित किया था।
👉 अजयराज के वंशजों में सोमेश्वर और पृथ्वीराज चौहान प्रमुख शासक रहे।
✍️ सही उत्तर है – राजा अजय पाल चौहान
सांभर झील का निर्माण किस चौहान शासक द्वारा किया गया ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) में लिखा है कि वासुदेव चौहान ने सांभर झील का निर्माण करवाया।
👉 इसमें स्पष्ट रूप से उसे इस झील का निर्माता बताया गया।
👉 हालांकि वास्तव में सांभर झील प्राकृतिक झील है।
👉 फिर भी ऐतिहासिक अभिलेखों में इसका श्रेय वासुदेव चौहान को दिया गया है।
👉 वासुदेव चौहान को शाकम्भरी चौहानों का संस्थापक भी माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – वासुदेव चौहान
पृथ्वीराज चौहाण तृतीय के पिता कौन थे ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]
👉 पृथ्वीराज चौहान तृतीय का जन्म 1166 ई. में हुआ।
👉 इसके पिता चौहान शासक सोमेश्वर थे।
👉 सोमेश्वर ने 1169–1177 ई. तक अजमेर पर शासन किया।
👉 इसकी माता कर्पूरी देवी थी, जो चेदि वंश की राजकुमारी थी।
👉 सोमेश्वर की मृत्यु के बाद 11 वर्ष की आयु में पृथ्वीराज तृतीय गद्दी पर बैठा।
✍️ सही उत्तर है – सोमेश्वर
कर्पूरी देवी किस राजपूत शासक की माता थी?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 कर्पूरी देवी चेदि देश के कलचुरी वंशीय अचलराव की पुत्री थी।
👉 उसका विवाह चौहान शासक सोमेश्वर से हुआ था।
👉 कर्पूरी देवी से 1166 ई. में पृथ्वीराज चौहान तृतीय का जन्म हुआ।
👉 उसका दूसरा पुत्र हरिराज था, जो पृथ्वीराज से कनिष्ठ था।
👉 इसलिए कर्पूरी देवी पृथ्वीराज चौहान तृतीय की माता थी।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान तृतीय
पृथ्वीराज चौहान तृतीय का समकालीन चन्देल शासक कौन था ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने 1182 ई. में महोबा विजय की।
👉 उस समय महोबा का शासन चन्देल नरेश परमार्दिदेव के हाथ में था।
👉 युद्ध के दौरान उसके सेनानायक आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 इस विजय से चौहान शक्ति का प्रभाव बढ़ा।
👉 इसलिए पृथ्वीराज तृतीय का समकालीन चन्देल शासक परमार्दिदेव था।
✍️ सही उत्तर है – परमर्दि देव
अजमेर नगर की स्थापना के पहले अजमेर के चौहानों की राजधानी कौन सी थी ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 चौहानों की प्रारम्भिक राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर) थी।
👉 बाद में उनके राज्य का केन्द्र सपादलक्ष (सांभर) बना।
👉 हर्षनाथ शिलालेख में उनकी प्राचीन राजधानी अनन्तप्रदेश (सीकर के आस-पास) बताई गई।
👉 अजमेर नगर बसने से पहले चौहान शक्ति का प्रमुख केन्द्र सांभर ही था।
👉 अजयराज चौहान ने बाद में 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) की स्थापना की।
✍️ सही उत्तर है – सांभर
ऐतिहासिक स्थल 'जाबालिपुर' की आधुनिक पहचान है -
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 प्राचीन अभिलेखों में जालौर का नाम जाबालिपुर मिलता है।
👉 यह नाम जाबालि ऋषि के कारण प्रचलित हुआ।
👉 इसके किले को उस समय सुवर्णगिरि कहा जाता था।
👉 बाद में यही स्थल सोनगढ़ नाम से भी प्रसिद्ध हुआ।
👉 इस प्रकार जाबालिपुर की आधुनिक पहचान जालौर है।
✍️ सही उत्तर है – जालौर
आनासागर स्थित है
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 आनासागर झील चौहान शासक अर्णोराज द्वारा 1137 ई. में बनवाई गई।
👉 यह झील नागपहाड़ और तारागढ़ के बीच स्थित है।
👉 निर्माण के लिए चन्द्रा नदी के जल को रोककर इसे बनाया गया।
👉 इसके पास ही जहाँगीर ने सुभाष उद्यान (शाहीबाग/दौलतबाग) बनवाया।
👉 शाहजहाँ ने इसके किनारे बारहदरी का निर्माण करवाया।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
12वीं शताब्दी के अंतिम काल में निम्नलिखित में से कौन मात्र 11 वर्ष की आयु में राजा बना, जिसकी माँ अपने नाबालिग बन गई ?
[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]
👉 12वीं शताब्दी के अंतिम काल में चौहान शासक सोमेश्वर की मृत्यु हुई।
👉 उस समय उसका पुत्र पृथ्वीराज चौहान तृतीय केवल 11 वर्ष का था।
👉 उसकी माता कर्पूरी देवी ने शासन की बागडोर अपने हाथ में ली।
👉 शासन संचालन में उसके सहयोगी प्रधान कदंबवास और सेनापति भुवनमल्ल थे।
👉 बाद में पृथ्वीराज तृतीय स्वयं गद्दी पर बैठा और प्रतापी शासक बना।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान
"घूंघट", "गूगडी", "बांदरा", इमली" क्या है ?
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 अजमेर का प्रसिद्ध तारागढ़ दुर्ग 1113 ई. में अजयराज चौहान ने बनवाया।
👉 इस दुर्ग को अजयमेरु दुर्ग / राजपूताना की कुंजी भी कहा गया।
👉 इसकी प्राचीर पर बने विशाल बुर्जों को विशेष नाम दिए गए।
👉 इनमें प्रमुख नाम हैं – घूंघट, गूगड़ी, बांदरा और इमली।
👉 यह दुर्ग चौहान शक्ति का अत्यन्त सुदृढ़ गढ़ माना जाता था।
✍️ सही उत्तर है – तारागढ़, अजमेर की प्राचीर के विशाल बुर्जों के नाम
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रन्थ जालौर के शासकों की उपलब्धि के बारे में बताता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 जालौर के चौहान शासकों के बारे में कई ऐतिहासिक स्रोत उपलब्ध हैं।
👉 इनमें सबसे प्रमुख ग्रंथ कान्हड़दे प्रबंध (1455 ई.) है।
👉 इसे कवि पद्मनाभ ने लिखा था।
👉 इसमें विशेष रूप से जालौर नरेश कान्हड़देव और उसकी उपलब्धियों का वर्णन है।
👉 यही ग्रंथ जालौर के चौहान शासकों का सबसे बड़ा साक्ष्य है।
✍️ सही उत्तर है – कान्हड़दे प्रबंध
आनासागर का निर्माण किसने करवाया था ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 आनाजी/अर्णोराज चौहान ने 1137 ई. में आनासागर झील का निर्माण करवाया।
👉 यह झील नागपहाड़ व तारागढ़ के बीच स्थित है।
👉 निर्माण के लिए इसने चन्द्रा नदी के जल को रोककर झील बनाई।
👉 बिजौलिया शिलालेख व पृथ्वीराज रासो दोनों में इसका उल्लेख मिलता है।
👉 जहाँगीर ने इसके पास ही सुभाष उद्यान (शाहीबाग) का निर्माण करवाया।
✍️ सही उत्तर है – अर्णोराज चौहान
अजमेर के अजयराज चौहान के पिता कौन थे ?
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 अजयराज चौहान को चौहान वंश का दूसरा प्रतापी शासक कहा गया।
👉 यह पृथ्वीराज चौहान प्रथम का पुत्र था।
👉 अजयराज ने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग का निर्माण करवाया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान प्रथम
जालौर के चौहान वंश का संस्थापक कौन था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 कीर्तिपाल चौहान नाड़ोल के शासक अल्हण का सबसे छोटा पुत्र था।
👉 इसने 1181 ई. में परमार शासक कुंतपाल को हराकर जालौर पर अधिकार किया।
👉 इसी कारण इसे जालौर शाखा का संस्थापक माना जाता है।
👉 मुहणौत नैणसी ने इसे “कीतू महान राजा” कहा है।
👉 सुंधा अभिलेख में इसे राजेश्वर उपाधि से सम्बोधित किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – कीर्तिपाल
निम्नलिखित में से कौन सा काल अजयराज-II से सम्बन्धित है
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]
👉 अजयराज द्वितीय को चौहान वंश का प्रतापी शासक माना गया।
👉 इसका शासनकाल 1105 ई.–1133 ई. तक रहा।
👉 1113 ई. में इसने अजयमेरु (अजमेर) नगर की स्थापना की।
👉 इसी ने अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) का निर्माण करवाया।
👉 डॉ. गोपीनाथ शर्मा ने इसके काल को चौहान साम्राज्य निर्माण का काल कहा।
✍️ सही उत्तर है – 1105 ईस्वी
अजमेर नगर की स्थापना के पहले अजमेर के चौहानों की राजधानी कौन-सी थी ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 चौहान वंश की प्रारम्भिक राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर) थी।
👉 बाद में चौहानों का प्रमुख केन्द्र सपादलक्ष (सांभर) बना।
👉 अजमेर नगर की स्थापना 1113 ई. में अजयराज चौहान ने की।
👉 इससे पहले चौहानों की राजधानी सांभर थी।
✍️ सही उत्तर है – सांभर
रणथम्भौर के शासक हम्मीर चौहान की किस वर्ष दिल्ली के सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी की सेना के साथ प्रथमबार मुठभेड़ हुयी ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 रणथम्भौर का प्रतापी शासक हम्मीर देव चौहान 1282–1301 ई. तक शासन करता रहा।
👉 उसके समय दिल्ली में जलालुद्दीन फिरोज खिलजी सत्ता में आया।
👉 1290 ई. में जलालुद्दीन खिलजी अपनी सेना लेकर रणथम्भौर की ओर बढ़ा।
👉 उसने सबसे पहले झाँइन (छाण) पर अधिकार कर लिया।
👉 इसी अभियान में हम्मीर और जलालुद्दीन की पहली मुठभेड़ हुई।
✍️ सही उत्तर है – 1290 ई.
रणथंभौर की चौहान शाखा की स्थापना किसने की थी ?
[NHM Accounts Assistant 16.06.2025]
👉 रणथम्भौर के इस राजवंश को रणस्तम्भपुर का चाहमान भी कहा जाता है।
👉 इस वंश की स्थापना गोविन्दराज ने की थी।
👉 चौहान वंश की अन्य शाखाएँ – नाडौल, जालौर और बूंदी मानी जाती हैं।
👉 नाडौल शाखा को नड्डूला के चाहमान कहा गया है, जिन्होंने 10वीं से 12वीं शताब्दी के बीच मारवाड़ क्षेत्र में शासन किया।
👉 वास्तुपाल चाहमाना इस वंश का प्रसिद्ध शासक था, जो भारतीय राजा के रूप में जाना गया।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्दराज चतुर्थ
अजमेर शहर का संस्थापक कौन था ?
[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]
👉 1113 ई. में चौहान शासक अजयराज चौहान ने अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) का निर्माण करवाया।
👉 इसे उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री कहा गया।
👉 इसके काल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल माना गया।
👉 इसलिए अजमेर नगर का वास्तविक संस्थापक अजयराज चौहान था।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
निम्नलिखित में से कौन, रणथंभौर के चौहान वंश का संस्थापक था ?
[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद मोहम्मद गौरी ने अजमेर गोविंदराज को दिया।
👉 बाद में पृथ्वीराज का भाई हरिराज ने उसे अजमेर से निकाल दिया।
👉 इसके बाद कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर दी।
👉 यहीं से रणथम्भौर में चौहान वंश का नया शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान वंश का संस्थापक गोविंदराज था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
मेनाल में सुहवेश्वर शिव मन्दिर का निर्माण किस चौहान शासक ने करवाया था ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 मेनाल में स्थित सुहवेश्वर शिव मंदिर एक प्रसिद्ध धरोहर है।
👉 इसका निर्माण चौहान शासक पृथ्वीराज द्वितीय (1164–1169 ई.) की पत्नी ने करवाया।
👉 उसकी पत्नी का नाम सुहिया देवी (धौड़ अभिलेख में सुहाव देवी) था।
👉 मंदिर निर्माण का उल्लेख धौड़ अभिलेख (1168 ई.) से मिलता है।
👉 यह स्थल चौहान काल की धार्मिक कला का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज द्वितीय
चौहान शासक, जो 'कवि बान्धव' के रूप में जाना जाता है -
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.) को विद्वानों का आश्रयदाता कहा गया।
👉 इसे उसके दरबारी कवि जयानक ने ‘कवि बान्धव’ की उपाधि दी।
👉 इसने संस्कृत में प्रसिद्ध नाटक हरिकेलि की रचना की।
👉 इसके दरबार में नरपति नाल्ह और सोमदेव जैसे विद्वान भी थे।
👉 इसके शासनकाल को चौहानों का स्वर्णकाल माना गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
1191 ई. में तराइन के युद्ध में किस शासक ने मुहम्मद गोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 1191 ई. में तराइन का प्रथम युद्ध हुआ।
👉 इसमें पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गौरी के खिलाफ युद्ध किया।
👉 इस युद्ध में गौरी की पराजय हुई थी।
👉 गौरी घायल होकर गजनी वापस ले जाया गया।
👉 इसे चौहान शक्ति की बड़ी विजय माना गया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान
चौहान वंश के संस्थापक सहसमल की राजधानी क्या थी?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 सहसमल चौहान शासक शिवभान का पुत्र था।
👉 इसने 1425 ई. में नया नगर सिरोही बसाया।
👉 सहसमल ने पुरानी शिवपुरी को स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुपयुक्त मानकर राजधानी बदली।
👉 इसके बाद चौहान वंश की राजधानी सिरोही नगर बन गई।
👉 सहसमल ने आस-पास के राज्यों को अपने राज्य में मिलाया।
✍️ सही उत्तर है – सिरोही
किस दुर्ग को 'गढ़ बीठली' भी कहा जाता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 चौहान शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) ने 1113 ई. में एक दुर्ग बनवाया।
👉 यह दुर्ग बीठली पहाड़ी पर स्थित था।
👉 इसे अजयमेरु दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है।
👉 ऐतिहासिक ग्रंथों में इसे गढ़ बीठली कहा गया है।
👉 आज यही दुर्ग प्रसिद्ध तारागढ़ कहलाता है।
✍️ सही उत्तर है – तारागढ़ (अजमेर)
अजमेर शहर की स्थापना किसने की ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 अजयराज चौहान को चौहान वंश का दूसरा प्रतापी शासक कहा गया।
👉 इसने 1113 ई. में अजयमेरु नगर (अजमेर) की स्थापना की।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग का निर्माण करवाया।
👉 अजयराज को उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री भी कहा गया।
👉 इसके शासनकाल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
हम्मीर ने सुल्तान अल्लाउद्दीन खिलजी के किस विद्रोही सेनापति
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
👉 रणथम्भौर के प्रतापी शासक हम्मीर देव चौहान का शासन 1282–1301 ई. तक रहा।
👉 इसी दौरान दिल्ली में अलाउद्दीन खिलजी सुल्तान बना।
👉 1299 ई. में गुजरात से लौटती शाही सेना से विवाद के बाद मंगोल शासक मीर मुहम्मद शाह (महमा शाह) रणथम्भौर आ गया।
👉 हम्मीर देव ने उसे अपनी शरण दी और जागीर भी प्रदान की।
👉 यही कारण अलाउद्दीन खिलजी और हम्मीर देव के बीच संघर्ष का मुख्य बहाना बना।
✍️ सही उत्तर है – मीर मुहम्मद शाह
हम्मीर रासो के अनुसार रणथम्भौर किले का प्रारंभिक नाम क्या था ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 रणथम्भौर दुर्ग चौहान शक्ति का एक प्रमुख गढ़ था।
👉 हम्मीर रासो में इसका प्रारम्भिक नाम रणस्तम्भपुर बताया गया है।
👉 यह नाम इसके युद्ध सम्बन्धी महत्व को दर्शाता है।
👉 बाद में यही दुर्ग रणथम्भौर कहलाया।
👉 यहाँ चौहान वंश का अन्तिम प्रतापी शासक हम्मीर देव हुआ।
✍️ सही उत्तर है – रणस्तम्भपुर
बिजौलिया शिलालेख में किस वंश के शासकों की उपलब्धियों का उल्लेख है?
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
👉 बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) में चौहान वंश का वर्णन है।
👉 इसमें चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण वंशीय बताया गया है।
👉 लेख में प्रारम्भिक शासक वासुदेव चौहान और उसके वंशजों का उल्लेख है।
👉 इसमें सामन्तराज सहित अन्य चौहान शासकों की उपलब्धियाँ अंकित हैं।
👉 यह शिलालेख चौहान वंश की महत्वपूर्ण जानकारी का स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – चौहान
शाकंभरी के चौहान वंश के शासक का नाम बताइए, जिसे 'कविबांधव' की उपाधि दी गई थी ।
[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025]
👉 शाकम्भरी के चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 यह विद्वानों और कवियों का आश्रयदाता था।
👉 इसके दरबारी कवि जयानक ने इसे कविबांधव की उपाधि दी।
👉 स्वयं इसने संस्कृत में हरिकेलि नाटक की रचना की।
👉 इसके शासनकाल को चौहान वंश का स्वर्णकाल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
जालौर शासक कान्हडदेव और सुल्तान अलाउद्दीन के बीच प्रथम संघर्ष कब हुआ ? [*]
[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
'नाडौल' में किस राजपूत वंश का शासन था ?
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 नाड़ोल में सबसे पहले चावड़ा राजपूतों का शासन था।
👉 960 ई. में चौहान शासक लक्ष्मण चौहान (लाखणसी) ने उन्हें पराजित किया।
👉 इसके बाद यहाँ चौहान वंश की एक नई शाखा स्थापित हुई।
👉 लक्ष्मण चौहान को नाड़ोल के चौहान वंश का संस्थापक कहा जाता है।
👉 इसने यहाँ दुर्ग और आशापुरा माता मंदिर भी बनवाया।
✍️ सही उत्तर है – चौहान वंश
जालौर के शासक एवं अलाउद्दीन खिलजी के मध्य संघर्ष की जानकारी निम्न में से किस ग्रन्थ से प्राप्त होती है ?
[लिपिक ग्रेड-II 19.08.2018]
👉 जालौर के शासक कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के बीच संघर्ष हुआ।
👉 इस संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण वर्णन पद्मनाभ कृत कान्हड़दे प्रबंध (1455 ई.) में मिलता है।
👉 इसमें कान्हड़देव और उसके पुत्र वीरमदेव की वीरता का उल्लेख है।
👉 साथ ही इसमें फिरोजा–वीरमदेव की कथा भी दी गई है।
👉 यह ग्रंथ जालौर–खिलजी संघर्ष का प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – कान्हड़दे प्रबंध
अजयराज चौहान ने कौन सी कृत्रिम झील बनवाई है ? [*]
[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]
किस वर्ष में पृथ्वी राज III ने महोबा के शासक चन्देल को हराया था ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]
👉 चौहान शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने महोबा पर आक्रमण किया।
👉 उस समय महोबा का शासक चन्देल नरेश परमार्दिदेव था।
👉 युद्ध में उसके वीर सेनानायक आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 यह विजय चौहान शक्ति की एक बड़ी सफलता रही।
👉 यह घटना 1182 ई. में घटित हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 1182 ई.
अजमेर के चौहानों को ____ के चौहानों के नाम से भी जाना जाता है ।
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 चौहानों का मूल स्थान सपादलक्ष (सांभर) माना गया।
👉 चौहान वंश के संस्थापक वासुदेव चौहान ने यहीं से शासन शुरू किया।
👉 इसकी प्रारम्भिक राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर) थी।
👉 बाद में इसके वंशजों ने अजमेर नगर बसाया।
👉 इसलिए अजमेर के चौहान सपादलक्ष के चौहान कहलाए।
✍️ सही उत्तर है – सपादलक्ष
रणथम्भौर के चौहान वंश के संस्थापक कौन थे ?
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
रणथम्भौर
के चौहान वंश
की स्थापना
गोविंदराज
ने की थी।
👉
गोविंदराज
अजमेर के चौहान
शासक पृथ्वीराज
द्वितीय
के पुत्र थे।
👉
उन्होंने
रणथम्भौर को
अपनी राजधानी
बनाकर स्वतंत्र
सत्ता स्थापित
की।
👉
अन्य
विकल्प संस्थापक
के रूप में सही
नहीं हैं।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
चौहान शासकों की प्रारम्भिक राजधानी कौन सी थी ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 चौहान वंश की प्रारम्भिक राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर) थी।
👉 इसे चौहान शासक वासुदेव चौहान ने अपनी राजधानी बनाया।
👉 बिजौलिया शिलालेख में भी चौहानों का सम्बन्ध अहिछत्रपुर से बताया गया है।
👉 बाद में चौहानों का प्रमुख केन्द्र सपादलक्ष (सांभर) बना।
👉 किन्तु प्रारम्भिक राजधानी का श्रेय सीधे अहिछत्रपुर को ही है।
✍️ सही उत्तर है – अहिछत्रपुर (नागौर)
राजा अजयपाल किसके संस्थापक थे?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 चौहान शासक अजयपाल ने 7वीं सदी में सांभर कस्बा बसाया।
👉 इसी ने अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) का निर्माण करवाया।
👉 इसके द्वारा बसाया गया नगर बाद में अजमेर कहलाया।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर