निम्नलिखित में से किस पुरास्थल से लोहा बनाने की भट्टियाँ प्राप्त हुई हैं ?
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 सुनारी सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र की खेतड़ी तहसील में स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में प्राचीन लोहा गलाने की भट्टियाँ प्राप्त हुई हैं।
👉 इसी स्थल से भारत का सबसे पहला लोहे का प्याला भी मिला।
👉 साथ ही यहाँ से शंख की चूड़ियाँ और मातृदेवी की मूर्तियाँ भी पाई गईं।
✍️ सही उत्तर है – सुनारी से
राजस्थान में किस स्थान के उत्खनन से तीन हजार पचहत्तर (3075) चाँदी के 'पंचमार्क' सिक्के मिले हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 रैढ़ सभ्यता टोंक जिले की निवाई तहसील में ढील नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ 1938-40 ई. में उत्खनन कार्य हुआ था।
👉 इस स्थल से कुल 3075 चाँदी के पंचमार्क (आहत) सिक्के प्राप्त हुए।
👉 रैढ़ को प्राचीन भारत का ‘टाटा नगर’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रैढ़
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I): बैराठ, जयपुर ज़िले में स्थित है। यह विभिन्न युगों के दौरान एक बहुत ही विकसित स्थान रहा है।
कथन (II): यह महाभारत काल के दौरान मत्स्य क्षेत्र की राजधानी था। सम्राट अशोक के काल की शिला पट्टिकाएँ भी यहाँ मिली हैं।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 बैरोठ में वैदिक युग की सभ्यता पाई गई है।
👉 यह स्थल जयपुर जिले में स्थित है और खोज 1922 में दयाराम साहनी ने की।
👉 यहाँ अशोक की दो शिलालेख तथा प्राचीन बौद्ध अवशेष मिले।
👉 बैरोठ से राजा मेनेंद्र के सोलह सिक्के भी प्राप्त हुए।
👉 यह स्थल भीम डूंगरी और मोती डूंगरी जैसी पहाड़ियों से घिरा है।
👉 दूसरा कथन सही है, बैराठ महाभारत काल में मत्स्य जनपद की राजधानी था।
👉 यहाँ से अशोक कालीन शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं।
किस सभ्यता के लोग अपने मृतकों को आभूषणों के साथ दफनाते थे ?
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 आहड़ सभ्यता राजस्थान की प्रमुख प्राचीन सभ्यता थी।
👉 यहाँ के लोग अपने मृतकों को दफनाते थे।
👉 दफनाने के समय उनके साथ आभूषण भी रखे जाते थे।
👉 यह प्रथा उस समय की सामाजिक परंपराओं को दर्शाती है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
गणेश्वर की खुदाई के संदर्भ में सबसे असत्य कथन का चयन करें
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र की कांतली नदी के मुहाने पर खोजी गई थी।
👉 यह स्थल ताँबे की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है।
👉 यहाँ से प्राप्त अवशेष लगभग 2800 ई.पू. के माने गए हैं, जिन्हें ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा गया।
👉 असत्य कथन यह है कि यहाँ हड़प्पा से ताँबा प्राप्त किया जाता था, जबकि वास्तविकता उलट है – हड़प्पा क्षेत्र को ताँबा गणेश्वर से आपूर्ति होता था।
✍️ सही उत्तर है – यहाँ हड़प्पा से तांबा प्राप्त किया जाता था।
राजस्थान की कालीबंगा सभ्यता किस जिले में स्थित है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
कालीबंगा
एक प्रमुख सिंधु
घाटी सभ्यता
स्थल है।
👉
यह
घग्घर नदी के
तट पर स्थित
प्राचीन नगर
था।
👉
वर्तमान
में यह राजस्थान
के हनुमानगढ़
जिले में
स्थित है।
👉
इसलिए
अन्य जिले इसके
लिए सही नहीं
हैं।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़
निम्नलिखित स्थलों को उनकी खोज किए जाने के क्रम में व्यवस्थित करें।
a. हड़प्पा
b. लोथल
c. कालीबंगा
d. मोहनजोदड़ो
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
हड़प्पा
की खोज सबसे
पहले 1921
में
दयाराम
साहनी
द्वारा हुई।
👉
इसके
बाद 1922
में
मोहनजोदड़ो
की खोज की गई।
👉
लोथल
का उत्खनन बाद
में 1954
में
प्रारम्भ हुआ।
👉
जबकि
कालीबंगा
की खोज इसके
बाद 1960
के
दशक में
हुई।
✍️ सही उत्तर है – a, d, b, c
'धूलकोट' का सम्बन्ध राजस्थान की किस सभ्यता से रहा है ?
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 धूलकोट नाम से प्रसिद्ध स्थल वास्तव में आहड़ सभ्यता है।
👉 यह उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले हैं।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ सभ्यता
निम्नलिखित प्रमुख सभ्यताओं को उनके प्रथम प्रमुख उत्खन्न / अन्वेषण के अनुसार आरंभिक से अद्यतन के क्रम में व्यवस्थित करें।
a. बागौर
b. कालीबंगा
c. गिलूण्ड
d. आहड़
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
कालीबंगा
सभ्यता का प्रमुख
उत्खनन
सबसे पहले हुआ।
👉
इसके
बाद आहड़
सभ्यता
के पुरातात्विक
अवशेष प्राप्त
हुए।
👉
फिर
गिलूण्ड
सभ्यता
का उत्खनन किया
गया।
👉
अंत
में बागौर
सभ्यता
के महत्वपूर्ण
साक्ष्य मिले।
✍️ सही उत्तर है – b, d, c, a
ग्यारह कमरों वाला विशाल भवन राजस्थान के सभ्यता स्थल में पाया गया है ?
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 बालाथल सभ्यता उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में एक दुर्गनुमा भवन के पास ग्यारह कमरों वाला विशाल भवन प्राप्त हुआ।
👉 इसके साथ साँड और कुत्ते की मूर्तियाँ भी मिली हैं।
👉 बालाथल से ताँबे के सिक्के, लोहे की भट्टियाँ और योगी मुद्रा में शवाधान भी पाए गए।
✍️ सही उत्तर है – बालाथल
दोहरी रक्षा प्राचीर के साक्ष्य राजस्थान की किस सभ्यता से प्राप्त
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 राजस्थान में कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन में नगर के चारों ओर बनी हुई दोहरी रक्षा प्राचीर के प्रमाण मिले।
👉 इससे पता चलता है कि कालीबंगा में नगर को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षित रखने की व्यवस्था थी।
👉 कालीबंगा की अन्य विशेषताओं में हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ और लकड़ी की नालियाँ प्रमुख हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा सभ्यता
कौनसा पुरातात्विक स्थल राजस्थान में स्थित नहीं है ?
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
लोथल
स्थल
राजस्थान में
नहीं,
गुजरात
राज्य
में है।
👉
यह
सिंधु
सभ्यता
का प्रमुख
बंदरगाह
था।
👉
इसी
प्रकार मेहरगढ़
स्थल
पाकिस्तान
में स्थित है।
👉
जबकि
भरतपुर
स्थल
पश्चिम
बंगाल
के बर्दवान
में है।
✍️ सही उत्तर है – लोथल
_______ में "राताड़िया री ढ़ेरी” में एक नवीन हड़प्पा स्थल मिला है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]
🔹 व्याख्या
👉
“राताड़िया
री ढ़ेरी”
नामक स्थान
पर एक नवीन
हड़प्पा स्थल
की खोज की गई
है।
👉
यह
स्थल राजस्थान
के जैसलमेर
जिले की
रामगढ़
तहसील
के पास स्थित
है।
👉
इसे
थार मरुस्थल
क्षेत्र
में मिला एक
महत्वपूर्ण
हड़प्पा स्थल
माना जाता है।
👉
यह
स्थल परिपक्व
हड़प्पा काल
(2600–1900
ई.पू.)
से
संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
निम्नलिखित में से किसे प्राचीन राजस्थान का 'टाटानगर' की संज्ञा दी गई है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 रैढ़ सभ्यता टोंक जिले की निवाई तहसील में ढील नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन से 115 घेरेदार कूप और 3075 चाँदी की आहत मुद्राएँ मिलीं।
👉 इस स्थल से मातृदेवी व गजमुखी यक्ष की मूर्तियाँ और एशिया का सबसे बड़ा सिक्कों का भण्डार प्राप्त हुआ।
👉 इन्हीं विशेषताओं के कारण इसे प्राचीन राजस्थान का ‘टाटानगर’ कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – रैढ़
कोट-ड़ीगी सभ्यता का सम्बन्ध रहा है ?
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
👉 कोट-डीजी पाकिस्तान का एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यहाँ से प्राप्त अवशेषों का संबंध हड़प्पा पूर्व सभ्यता से माना गया है।
👉 कालीबंगा और कोट-डीजी की सामग्री में काफी समानता पाई गई है।
👉 इसलिए इसे प्राक् हड़प्पा सभ्यता का प्रतिनिधि स्थल कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – हड़प्पा पूर्व की सभ्यता से
राजस्थान में पाषाणयुगीन संस्कृति कहाँ प्राप्त हुई ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 राजस्थान में पाषाणयुगीन संस्कृति के अवशेष मिले हैं।
👉 यह संस्कृति मुख्यतः नदियों और सहायक नदियों के किनारे विकसित हुई।
👉 इन स्थलों से पत्थर के बने औज़ार, अस्थि पंजर और मानव बस्तियों के प्रमाण मिले।
👉 प्रारम्भिक मानव ने इन्हीं क्षेत्रों में शिकार और कंद-मूल संग्रह कर जीवनयापन किया।
✍️ सही उत्तर है – नदियों और सहायक नदियों के किनारे
'गिलूण्ड सभ्यता' किस नदी के किनारे स्थित थी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल बनास नदी के तट पर अवस्थित था।
👉 यहाँ से पाँच प्रकार के मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मिट्टी के खिलौने मिले हैं।
👉 गिलूण्ड को आहड़ संस्कृति से जुड़ा हुआ ताम्रपाषाणिक स्थल माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बनास नदी
1960 में बी. बी. लाल और बी. के. थापर के निर्देशन में किस पुरातात्विक स्थल की खुदाई की गई थी ?
[लाइब्रेरियन परीक्षा 27 जुलाई 2025]
👉 राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले का प्रमुख स्थल कालीबंगा है।
👉 यहाँ 1961 से 1969 ई. तक नौ सत्रों में खुदाई हुई।
👉 इस उत्खनन का नेतृत्व बी. बी. लाल और बी. के. थापर ने किया।
👉 कालीबंगा से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा काल दोनों के अवशेष प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगन
किसने जयपुर और बूंदी के इंद्रगढ़ से पुरापाषाणकालीन हस्त-कुठार / कुल्हाड़ी खोजी थी ?
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
जयपुर
और बूंदी के
इंद्रगढ़ क्षेत्र
से पुरापाषाणकालीन
हस्त-कुठार
की खोज की गई
थी।
👉
यह
खोज प्रसिद्ध
पुरातत्वविद्
सी.
ए.
हैकेट
द्वारा की गई
थी।
👉
इस
खोज से राजस्थान
में प्राचीन
मानव के निवास
के प्रमाण मिले।
✍️ सही उत्तर है – सी. ए. हैकेट
कालीबंगा राजस्थान के किस स्थान पर स्थित है ?
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 कालीबंगा सभ्यता राजस्थान के उत्तरी भाग में पाई गई है।
👉 यह स्थल वर्तमान हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 कालीबंगा घग्घर नदी के तट पर अवस्थित है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा — दोनों काल के अवशेष मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़
राजस्थान में दुर्ग स्थापत्य के विकास का प्रथम उदाहरण किस स्थान की खुदाई से प्राप्त हुआ है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 राजस्थान में कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन से दुर्गनुमा नगर और बिना दुर्ग वाला नगर दोनों के प्रमाण मिले।
👉 यह राजस्थान में दुर्ग स्थापत्य के विकास का प्रथम उदाहरण माना जाता है।
👉 कालीबंगा से हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ और लकड़ी की नालियाँ भी मिली हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
सूची-I (स्थल) |
सूची-II (साक्ष्य) |
a. बेड़च |
I. अशोक का अभिलेख |
b. आहड़ |
II. प्रस्तर युग |
c. बैराठ |
III. घग्गर |
d. कालीबंगा |
IV. ताम्र युग |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:-
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 मेवाड़
क्षेत्र
पर गुहिल
वंश का
शासन स्थापित
था।
👉
मारवाड़
क्षेत्र
में राठौड़
वंश का
प्रमुख प्रभुत्व
रहा।
👉
आबू
क्षेत्र
का संबंध परमार
वंश से
माना जाता है।
👉
आमेर
राज्य
पर कच्छवाहा
वंश का
शासन था।
✍️ सही उत्तर है – a-IV, b-II, c-III, d-I
'तिलवाड़ा' नामक एक महत्वपूर्ण मध्यपाषाण स्थल वर्तमान में स्थित है:
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 तिलवाड़ा एक प्रमुख मध्यपाषाण/उत्तर पाषाण कालीन स्थल है।
👉 यह स्थल लूनी नदी के किनारे स्थित है।
👉 तिलवाड़ा वर्तमान में बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में अवस्थित है।
👉 यहाँ से पशुपालन, मृद्भाण्ड और जली हुई हड्डियों के अवशेष मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बाड़मेर
निम्न में से किस हड़प्पन स्थल से जुते हुए खेत के प्रमाण मिले हैं ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन में दक्षिण-पूर्वी भाग से हल से जुते हुए खेत प्राप्त हुए हैं।
👉 इन खेतों में जौ, गेहूँ, चना, बाजरा और सरसों जैसी मिश्रित फसलों के प्रमाण मिले।
👉 यह विश्व का सबसे प्राचीन जुताई का पुरातात्विक प्रमाण माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
बागोर एवं तिलवाड़ा नामक स्थान मुख्यतया निम्न काल से
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है। यह भारत का सबसे सम्पन्न मध्य पाषाण कालीन स्थल माना गया है।
👉 यहाँ से प्राचीनतम कृषि और पशुपालन के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 तिलवाड़ा लूनी नदी के किनारे स्थित है और इसे भी उत्तर पाषाण/लघु पाषाण कालीन संस्कृति से संबंधित बताया गया है।
👉 दोनों स्थलों की खोज से राजस्थान में मध्य पाषाण कालीन जीवन के स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं।
✍️ सही उत्तर है – मध्य पाषाण काल
किस
स्थल से प्राप्त
लौह पात्र और
उपकरण भारत
में लौह युग
के प्रादुर्भाव
की तारीख नियत
करने का महत्वपूर्ण
स्रोत हैं ?
नीचे
दिए गए विकल्पों
में से सबसे
उपयुक्त उत्तर
चुनें :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
नोह
(भरतपुर)
से
लौह पात्र
और उपकरण
प्राप्त हुए
हैं।
👉
ये
अवशेष भारत
में लौह
युग के
प्रारम्भ का
महत्वपूर्ण
पुरातात्त्विक
प्रमाण
माने जाते हैं।
👉
इसलिए
यह स्थल लौह
युग की
तिथि निर्धारित
करने में महत्वपूर्ण
है।
✍️ सही उत्तर है – नोह (भरतपुर)
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में;
अभिकथन A: नोह उत्खनन से प्राप्त सिक्के ने कुषाण सम्राट वासुदेव पर प्रकाश डाला है।
कारण R: सिक्के के आमुख भाग पर यूरोपियन शैली का लिबास पहने सम्राट को अग्नि के समक्ष अर्पण करते दिखाया गया है जबकि प्रतिमुख भाग पर माता पार्वती समझी जाने वाली एक आकृति दर्शाई गई है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
नोह
उत्खनन
से प्राप्त
सिक्कों
से कुषाण सम्राट
वासुदेव
के बारे में
जानकारी मिलती
है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
तथ्यात्मक
रूप से सही
माना जाता है।
👉
लेकिन
कारण R
में
वर्णित प्रतिमा-विवरण
सही नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।
“बालाथल सभ्यता” का पुरातत्व स्थल कहाँ स्थित है ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]
👉 बालाथल सभ्यता राजस्थान के प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थलों में से एक है।
👉 यह स्थल उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित है।
👉 यहाँ से ताँबे के सिक्के, लोहे की भट्टियाँ और योगी मुद्रा में शवाधान प्राप्त हुआ।
👉 बालाथल से भारत में कुष्ठ रोग का सबसे प्राचीन कंकाल प्रमाण भी मिला है।
✍️ सही उत्तर है – वल्लभनगर, उदयपुर
सिन्धु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन स्थल, कालीबंगा राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
[L.S.A. Exam 13.06.2025]
👉 कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में सूरतगढ़ और हनुमानगढ़ के बीच घग्घर (पीलतीबंगा) नदी के तट पर स्थित है।
👉 यह सिन्धु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन स्थल है, जो लगभग ई.पू. 2600 वर्ष पूर्व का है।
👉 इस स्थल से पूर्व-हड़प्पा एवं उत्तर-हड़प्पा दोनों संस्कृतियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ से अग्निकुण्ड, लकड़ी के कुएँ, सात अग्निवेदियाँ तथा जले हुए धान के प्रमाण भी मिले हैं।
👉 इस स्थल की खोज से सिन्धु सभ्यता के विकासक्रम और सांस्कृतिक संक्रमण का ज्ञान होता है।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानगढ़
निम्न में से किस सभ्यता को भारत की ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी माना जा सकता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 डॉ. विजय कुमार ने इसे भारत की ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी कहा है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र को ताँबे की आपूर्ति गणेश्वर से होती थी।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :
(a) बालाथल पुरातत्व स्थल राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है।
(b) बालाथल पुरातत्व स्थल की खोज वी. एन. मिश्रा ने की थी।
(c) कालीबंगा में खोजे हुए कब्रिस्तान से वहाँ प्रचलित दफन प्रणाली के बारे में जानकारी मिलती है।
(d) कालीबंगा नियोजित शहर नहीं था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
बालाथल
स्थल
जोधपुर
में नहीं,
उदयपुर
जिले में
है।
👉
इसकी
खोज वी.एन.
मिश्रा
ने की थी।
👉
कालीबंगा
कब्रिस्तान
से दफन
प्रणाली
की जानकारी
मिलती है।
👉
जबकि
कालीबंगा
एक नियोजित
शहर था।
✍️ सही उत्तर है – केवल (b) और (c)
साबी नदी के तट पर प्राचीन राजस्थान की सभ्यता का कौनसा
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
भीलवाडा में _______ भारत का सबसे बड़ा मध्यपाषाण स्थल है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित बागोर एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के किनारे अवस्थित है।
👉 बागोर को भारत का सबसे बड़ा और सम्पन्न मध्यपाषाण स्थल माना जाता है।
👉 यहाँ से प्राचीनतम कृषि और पशुपालन के प्रमाण मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
जालौर से पूर्व-पाषाणकालीन उपकरण खोजने का श्रेय निम्न में से किसे है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 राजस्थान के जालौर जिले से पूर्व-पाषाणकालीन उपकरणों की खोज हुई थी।
👉 यहाँ के बालू के टीलों और लूनी नदी के किनारे यह कार्य किया गया।
👉 इन उपकरणों की खोज प्रसिद्ध पुराविद् डॉ. बी. आल्चिन ने की।
👉 इससे इस क्षेत्र में प्रागैतिहासिक मानव की गतिविधियों के प्रमाण मिले।
✍️ सही उत्तर है – बी. आल्चिन
कौन सी सभ्यता धूलकोट या ताम्रवती नगरी के नाम से प्रसिद्ध है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेः)
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे प्राचीन शिलालेखों में ताम्रवती नगरी कहा गया है।
👉 स्थानीय लोग इसे धूलकोट नाम से भी जानते हैं।
👉 यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
_______में धूप से पकाई ईंटों और पत्थरों का प्रयोग मकान बनाने में किया जाता था ।
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 यहाँ मकानों के निर्माण में धूप से पकाई ईंटों और पत्थरों का प्रयोग किया गया।
👉 मकानों की दीवारों को मजबूत बनाने के लिए मिट्टी में क्वार्ट्ज के टुकड़े मिलाए जाते थे।
👉 इसलिए इसे ‘धूलकोट’ और ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ सभ्यता


कालीबंगा पुरातत्व स्थल किस राज्य में पाया जाता है ?
[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]
👉 कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 यह सिन्धु घाटी सभ्यता का एक प्राचीन स्थल है, जो लगभग ई.पू. 2600 वर्ष पूर्व का है।
👉 इस स्थल से पूर्व-हड़प्पा एवं उत्तर-हड़प्पा दोनों संस्कृतियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ से अग्निकुण्ड, लकड़ी के कुएँ, सात अग्निवेदियाँ तथा जले हुए धान के प्रमाण भी मिले हैं।
👉 इस स्थल की खोज से सिन्धु सभ्यता के विकासक्रम और सांस्कृतिक संक्रमण का ज्ञान होता है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान
राम सैकाश्म और स्फटिक नामक पाषाणकालीन उपकरण प्राप्त हुए हैं -
[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]
👉 राम सैकाश्म और स्फटिक प्रागैतिहासिक उपकरण हैं।
👉 ये उपकरण राजस्थान के आहड़ स्थल से मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
झालावाड़ से पुरापाषाण काल के औजारों की खोज किसने की ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थान में कई स्थलों से पुरापाषाण काल के औज़ार मिले हैं।
👉 झालावाड़ जिले से इन औज़ारों की खोज सेटन कर्र ने की थी।
👉 उन्होंने यहाँ से हस्तकुठार और अन्य पाषाण औज़ार प्राप्त किए।
👉 इससे इस क्षेत्र में प्राचीन मानव की गतिविधियों के प्रमाण मिले।
✍️ सही उत्तर है – सेटन कर्र
निम्नलिखित में से किस सभ्यता के अवशेष सैंधव सभ्यता से भी पुराने हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 कालीबंगा सभ्यता के अवशेष सैंधव सभ्यता से भी पुराने है।
👉 कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसका विकास लगभग 2400 ई.पू. – 2250 ई.पू. के बीच माना जाता है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा – दोनों काल के अवशेष मिले हैं।
👉 कालीबंगा से हल से जुते हुए खेत, सात अग्निवेदिकाएँ, लकड़ी की बनी नालियाँ, मिट्टी की ईंटों से बने मकान और दोहरी रक्षा प्राचीर प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
किस सभ्यता में धूप में पकी ईंट और पत्थर से घर बनाए जाते थे ?
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ मकानों के निर्माण में धूप में पकी ईंटों और पत्थरों का प्रयोग किया गया।
👉 दीवारों को मजबूत बनाने के लिए मिट्टी में क्वार्ट्ज के टुकड़े मिलाए जाते थे।
👉 इसलिए इसे ‘धूलकोट’ और ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
ताम्रयुगीन स्थल झाड़ोल कहाँ स्थित है ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 राजस्थान का प्रमुख ताम्रयुगीन स्थल झाड़ोल है।
👉 यह स्थल उदयपुर जिले में अवस्थित है।
👉 यहाँ से ताँबे के उपकरणों के भण्डार प्राप्त हुए हैं।
👉 यह स्थान आद्य-ऐतिहासिक काल की सभ्यता को दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
कपड़ों की रंगाई और छपाई निम्नलिखित में से किस सभ्यता का मुख्य पेशा था ?
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
आहड़
सभ्यता (उदयपुर
क्षेत्र)
ताम्रपाषाण
कालीन सभ्यता
थी।
👉
यहाँ
के लोगों का
प्रमुख व्यवसाय
कृषि के साथ
हस्तशिल्प भी
था।
👉
कपड़ों
की रंगाई और
छपाई का कार्य
भी इस सभ्यता
में विकसित
था।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
बालाथल, उदयपुर के बल्लभनगर तहसील का एक महत्वपूर्ण ताम्रपाषण कालीन स्थल है, जिसका उत्खनन निम्नलिखित में से किसने किया था ?
[Conductor Exam 06.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
बालाथल
(उदयपुर)
राजस्थान
का एक महत्वपूर्ण
ताम्रपाषाण
कालीन स्थल
है।
👉
इस
स्थल का उत्खनन
प्रसिद्ध
पुरातत्वविद्
वी.
एन.
मिश्रा
द्वारा किया
गया था।
👉
उत्खनन
से ताम्रपाषाण
संस्कृति से
संबंधित अनेक
महत्वपूर्ण
साक्ष्य प्राप्त
हुए।
👉
अन्य
विकल्प बालाथल
के उत्खनन से
संबंधित नहीं
हैं।
✍️ सही उत्तर है – वी. एन. मिश्रा
गणेश्वर सभ्यता की खोज निम्नलिखित में से किस नदी के स्रोत पर की गई है ?
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 गणेश्वर सभ्यता राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 इस सभ्यता की खोज कांतली नदी के स्रोत पर की गई थी।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कांतली
राजस्थान में नोह (भरतपुर), जोधपुरा (जयपुर), सुनारी (झुंझुनू) से किस संस्कृति के हथियार एवं उपकरण मिले हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 राजस्थान में कई स्थलों से लौह संस्कृति के प्रमाण मिले हैं।
👉 नोह (भरतपुर), जोधपुरा (जयपुर) और सुनारी (झुंझुनू) से उत्खनन में लौह अयस्क से बने हथियार व उपकरण प्राप्त हुए।
👉 इन स्थलों पर प्राचीन लोहा गलाने की भट्टियाँ भी पाई गई हैं।
👉 इससे सिद्ध होता है कि इनका संबंध लौह युगीन संस्कृति से है।
✍️ सही उत्तर है – लौह संस्कृति
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन (I) : बालाथल राजस्थान का एक महत्त्वपूर्ण पुरातत्व ताम्रपाषाण स्थल है।
कथन (II) : इसकी खोज वी.एन. मिश्रा ने की थी। इसका हड़प्पा सभ्यता से सम्पर्क उनके गृह निर्माण से प्रमाणित होता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :
[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]
👉 पहला कथन सही है क्योंकि बालाथल राजस्थान का एक महत्त्वपूर्ण ताम्रपाषाणिक पुरातत्व स्थल है।
👉 बालाथल नवआहड़–बनास संस्कृति का प्रमुख स्थल है।
👉 इसकी खोज वी.एन. मिश्रा ने 1962-63 में की थी।
👉 यहाँ से गेहूँ, जौ, बेर, बाजरा व पालतू पशुओं के अवशेष मिले।
👉 खुदाई में कुल 11 कमरे और चकमदार परत वाले बर्तन पाए गए।
👉 यह स्थल ताम्रपाषाणकाल व प्रारंभिक ऐतिहासिक काल का है।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और (II) दोनों सत्य हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :
(a) आहड़ संस्कृति उत्तर-पश्चिमी राजस्थान की ताम्रपाषाण संस्कृति है।
(b) आहड़ संस्कृति को हड़प्पा संस्कृति के ताम्रपाषाण स्थलों से अलग पाया गया है।
(c) आहड़ संस्कृति के मुख्य वितरण का संकेन्द्रण बनास नदी घाटी में प्रतीत होता है।
(d) आहड़ के लोगों की प्रौद्योगिकी मुख्यतया पत्थर आधारित थी।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
आहड़
संस्कृति
उत्तर-पश्चिम
राजस्थान
की नहीं है।
👉
यह
हड़प्पा
स्थलों
से अलग
संस्कृति
मानी जाती है।
👉
इसका
मुख्य
संकेन्द्रण
बनास नदी
घाटी में
है।
👉
इसकी
प्रौद्योगिकी
मुख्यतः ताम्र
आधारित
थी।
✍️ सही उत्तर है – केवल (b) और (c)
_________ में पाया गया अशोक का भाब्रू शिलालेख अशोक बौद्ध होने का सबसे प्रामाणिक दस्तावेज माना जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 राजस्थान के बैराठ (विराटनगर) से अशोक का भाब्रू शिलालेख प्राप्त हुआ है।
👉 यह शिलालेख मौर्यकालीन ब्राह्मी लिपि और प्राकृत भाषा में लिखा गया है।
👉 इसमें सम्राट अशोक की बौद्ध धर्म में आस्था स्पष्ट होती है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
लौह सामग्री की प्रचुरता के कारण निम्न में से किसे 'प्राचीन राजस्थान का टाटानगर' कहा गया है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 रैढ़ सभ्यता टोंक जिले की निवाई तहसील में ढील नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से 115 घेरेदार कूप और 3075 चाँदी की आहत मुद्राएँ प्राप्त हुईं।
👉 उत्खनन में बड़ी मात्रा में लौह सामग्री भी मिली है।
👉 इसी कारण रैढ़ को ‘प्राचीन राजस्थान का टाटानगर’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रैढ़
निम्नलिखित में से किस प्रागैतिहासिक स्थल की खुदाई के दौरान प्रचुर मात्रा में तांबे के औजार और धागा डालने वाले छेद के साथ सुई की प्राप्ति एक महत्वपूर्ण खोज है ?
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यह भारत का सबसे सम्पन्न मध्य पाषाण कालीन स्थल माना जाता है।
👉 यहाँ खुदाई में ताँबे के औज़ार बड़ी मात्रा में मिले।
👉 सबसे महत्वपूर्ण खोज छेद वाली सुई रही, जो धागा डालने के लिए प्रयोग होती थी।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
निम्नलिखित में से किस सभ्यता में घर बनाने के लिए सूर्य में तपी हुई ईंटों का उपयोग किया गया था ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ मकानों के निर्माण में सूर्य में तपी हुई ईंटों का उपयोग किया गया।
👉 इन्हीं कारणों से कालीबंगा को "दीन-हीन बस्ती" भी कहा गया।
👉 कालीबंगा से हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ और लकड़ी की नालियाँ भी मिलीं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
राजस्थान के किस पुरातात्विक स्थल से अपोलाडोट्स का सिक्का
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 रैढ़ सभ्यता टोंक जिले की निवाई तहसील में ढील नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ 1938-40 ई. में उत्खनन करवाया गया था।
👉 इस स्थल से 3075 आहत चाँदी की मुद्राएँ मिली हैं।
👉 इन्हीं में यूनानी शासक अपोलाडोट्स का सिक्का भी पाया गया।
✍️ सही उत्तर है – रैढ़
प्राचीनकाल में निम्नलिखित में से कौनसा स्थान ताम्रवती के नाम से जाना जाता था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 प्राचीन शिलालेखों में इसका उल्लेख ताम्रवती नगरी के नाम से हुआ है।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
गणेश्वर सभ्यता __________में स्थित थी।
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 गणेश्वर सभ्यता राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में आता है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
'भीम डूंगरी' गणेश डूंगरी राजस्थान की किस सभ्यता से
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 भीम डूंगरी और गणेश डूंगरी स्थल राजस्थान के बैराठ (विराटनगर) सभ्यता से जुड़े हैं।
👉 बैराठ मत्स्य जनपद की राजधानी थी और इसे प्राचीनकाल में विराटनगर कहा जाता था।
👉 यहाँ से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप प्राप्त हुए।
👉 बैराठ को ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ सभ्यता
गणेश्वर सभ्यता के अवशेष राजस्थान में किस स्थान पर पाये गये हैं ?
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में आता है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – नीम का थाना
छिद्र वाली सुई किस मध्य पाषाण स्थल की महत्वपूर्ण खोज है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यह भारत का सबसे सम्पन्न मध्य पाषाण कालीन स्थल माना जाता है।
👉 यहाँ से ताँबे के औज़ारों में सबसे महत्वपूर्ण खोज छिद्र वाली सुई है।
👉 इसके अलावा यहाँ से पशुपालन और कृषि के प्राचीनतम अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
निम्न में से कौन-सी ताम्र सभ्यता स्थल नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 गिलूण्ड राजसमंद जिले में स्थित है और आहड़ संस्कृति से जुड़ा ताम्रपाषाणिक स्थल है।
👉 गणेश्वर सीकर जिले में कांतली नदी के किनारे है और यह ताम्रयुगीन सभ्यता का प्रमुख केन्द्र है।
👉 आहड़ उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है और इसे ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
👉 लेकिन नोह भरतपुर जिले का स्थल है, यहाँ ताम्रयुगीन के बाद लौहयुगीन संस्कृति के प्रमाण मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – नोह
नीम का थाना में कांतली नदी के स्त्रोत पर ताम्र संस्कृति का कौन सा स्थल खोजा गया ?
[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]
👉 नीमकाथाना क्षेत्र में कांतली नदी का स्रोत स्थित है।
👉 इसी स्थान पर प्राचीन ताम्र संस्कृति का प्रमुख स्थल गणेश्वर खोजा गया।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार, हथियार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
राजस्थान में 1952 ई. में अमलानंद घोष ने किस सभ्यता की खोज की ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 वर्ष 1952 ई. में राजस्थान में एक महत्त्वपूर्ण उत्खनन कार्य हुआ।
👉 इस खुदाई का नेतृत्व डॉ. अमलानंद घोष ने किया।
👉 इसी दौरान उन्होंने कालीबंगा सभ्यता की खोज की थी।
👉 कालीबंगा से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा दोनों काल के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
'बागोर सभ्यता' का उत्खनन किस जिले में हुआ ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के किनारे अवस्थित है।
👉 यहाँ से प्राचीनतम पशुपालन और कृषि के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा
कालीबंगा सभ्यता के संदर्भ में सबसे असत्य कथन का चयन करें।
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 कालीबंगा सभ्यता राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा — दोनों काल के अवशेष मिले हैं।
👉 कालीबंगा में घरों के निर्माण हेतु धूप में पकी ईंटों का उपयोग हुआ और यह एक सुनियोजित नगर था।
👉 उत्खनन में हल से जुते हुए खेत के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं, इसलिए यह कथन असत्य है कि यहाँ जुताई वाले खेत का कोई प्रमाण नहीं मिला।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा में जुताई वाले खेत का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
राजस्थान में पशुपालन के प्राचीनतम साल्य कहाँ प्राप्त हुए हैं ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के किनारे अवस्थित है।
👉 यहाँ से प्राचीनतम पशुपालन और कृषि के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
लाल-काले मृदभाण्ड वाली संस्कृति का प्रमुख केन्द्र था :-
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में लाल-काले मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
👉 इस कारण आहड़ को ‘लाल-काले मृद्भाण्डों की संस्कृति’ कहा जाता है।
👉 इसे ‘बनास संस्कृति’, ‘धूलकोट’ और ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
कालीबंगा प्राचीन सभ्यता के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :
(a) यह सभ्यता प्राचीन दृषद्वती और सरस्वती नदियों की घाटी में पुष्पित - पल्लवित हुई थी।
(b) यह सभ्यता राजसमंद जिले में स्थित है।
(c) सबसे पहले 1952 में अमलानंद घोष ने इस सभ्यता को खोजा था।
(d) 1961-62 में, बी. बी. लाल और बी. के. थापर ने यहाँ उत्खनन किया था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]
🔹 व्याख्या
👉
कालीबंगा
सभ्यता
प्राचीन दृषद्वती
और सरस्वती
नदियों
की घाटी में
विकसित हुई
थी।
👉
यह
स्थल राजसमंद
में नहीं बल्कि
हनुमानगढ़
जिले में
स्थित है।
👉
इसकी
पहचान 1952
में
अमलानंद
घोष द्वारा
की गई थी।
👉
बाद
में 1961–62
में
बी.
बी.
लाल
और बी.
के.
थापर
ने यहाँ उत्खनन
किया।
✍️ सही उत्तर है – केवल (a), (c) और (d)
राजस्थान में पुरातात्विक सर्वेक्षण कार्य सर्वप्रथम (1871 ई.) प्रारम्भ करने का श्रेय किसे जाता है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]
👉 राजस्थान में सबसे पहले संगठित रूप से पुरातात्विक सर्वेक्षण कार्य किया गया।
👉 यह कार्य वर्ष 1871 ई. में प्रारम्भ हुआ था।
👉 इसका श्रेय अंग्रेज अधिकारी ए. सी. एल. कार्लाइल को दिया जाता है।
👉 कार्लाइल ने राजस्थान में कई प्रागैतिहासिक स्थलों की खोज की थी।
✍️ सही उत्तर है – ए. सी. एल. कार्लाइल
रंगमहल (1952ई) में किस पुरातत्वविद् के निर्देशन में उत्खनन कार्य किया गया ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 रंगमहल सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में सरस्वती नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ 1952 से 1954 ई. तक एक स्वीडिश दल ने उत्खनन कार्य किया।
👉 इस अभियान का नेतृत्व स्वीडन निवासी पुरातत्वविद् हन्नारिड ने किया।
👉 यहाँ से लाल व गुलाबी रंग के मृद्भाण्ड और कुषाणकालीन मुद्राएँ मिली हैं।
✍️ सही उत्तर है – हन्नारिड
जाखबाबा की विशालकाय मूर्ति कहाँ से प्राप्त हुई ?
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
👉 नोह सभ्यता भरतपुर जिले में रूपारेल नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ खुदाई से एक विशालकाय यक्ष प्रतिमा प्राप्त हुई।
👉 इस प्रतिमा को स्थानीय लोग जाखबाबा कहते हैं।
👉 नोह से महाभारत से लेकर शक-सातवाहन काल तक के अवशेष भी मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – नोह
निम्न लिखित में से कौन सा स्थल राजस्थान में ताम्र युगीन
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 गिलूण्ड राजसमंद जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है और ताम्रपाषाणिक संस्कृति से जुड़ा है।
👉 बागोर भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे है और यहाँ से ताम्र उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 रंगमहल हनुमानगढ़ जिले में स्थित है और यहाँ से कुषाण व गुप्तकालीन अवशेष मिले हैं, यह ताम्रयुगीन केंद्र नहीं है।
👉 नोह भरतपुर जिले का स्थल है और यहाँ ताम्रयुगीन के बाद लौहयुगीन संस्कृति का प्रादुर्भाव हुआ।
✍️ सही उत्तर है – रंगमहल
‘बागौर' मध्यपाषाण स्थल राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है ?
[Driver Exam 23 Nov 2025]
🔹 व्याख्या
👉
‘बागौर’
राजस्थान का
प्रसिद्ध मध्यपाषाण
(Mesolithic)
पुरातात्त्विक
स्थल है।
👉
यह
स्थल कोठारी
नदी के
तट पर स्थित
है।
👉
यह
भीलवाड़ा
जिले में
अवस्थित है।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(a) कालीबंगा हनुमानगढ़ ज़िले में स्थित है।
(b) आहड़वासियों ने अपने मृतकों को आभूषणों और गहनों के साथ दफनाया था।
(c) बागोर टोंक जिले में स्थित है।
(d) ताम्रपाषाण मृद्भाण्ड गिलूण्ड में पाये जाते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 कालीबंगा सभ्यता राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्गर नदी के किनारे स्थित है।
👉 आहड़ सभ्यता के लोग पुनर्जन्म में विश्वास के कारण मृतकों को गहनों सहित दफनाते थे।
👉 बागोर सभ्यता टोंक में नहीं, बल्कि भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के तट पर स्थित है।
👉 गिलूण्ड (राजसमंद) से बनास संस्कृति के विशिष्ट ताम्रपाषाण मृद्भाण्ड और साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – a, b, d
आहड़ सभ्यता का उत्खन्न कार्य सर्वप्रथम किसके नेतृत्व में हुआ
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 इस स्थल का सर्वप्रथम उत्खनन कार्य 1953 ई. में किया गया।
👉 इस खुदाई का नेतृत्व अक्षय कीर्ति व्यास ने किया था।
👉 बाद में यहाँ 1961-62 ई. में एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने भी उत्खनन किया।
✍️ सही उत्तर है – अक्षय कीर्ति व्यास
1947 में भारत के विभाजन के बाद निम्नलिखित में से कौन सा पुरातात्विक स्थल भारत के तरफ के क्षेत्र में रह गया ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]
👉 1947 में विभाजन के बाद हड़प्पा, मोहनजोदड़ो जैसे प्रमुख स्थल पाकिस्तान में चले गए।
👉 भारत के पुरातत्व विभाग ने इसके बाद राजस्थान, गुजरात और पंजाब में नए स्थलों की खोज शुरू की।
👉 इन्हीं में राजस्थान का प्रमुख स्थल कालीबंगा खोजा गया, जो भारत के हिस्से में रहा।
👉 कालीबंगा से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा काल दोनों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
मेसोलिथिक' शब्द का वास्तविक शाब्दिक का अर्थ है -
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
👉 ‘Mesolithic’ शब्द का संबंध पाषाण युग से है।
👉 इसका वास्तविक अर्थ है मध्य पाषाणकालीन युग।
👉 यह काल प्रारम्भिक पाषाण और नवपाषाण काल के बीच का है।
👉 इस समय के उपकरण आकार में छोटे और अधिक उपयोगी बने।
✍️ सही उत्तर है – मध्य पाषाणकालीन युग
राजस्थान में सर्वप्रथम पूर्वपाषाणकालीन हस्त कुठार किसने खोजी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 राजस्थान में सर्वप्रथम पूर्वपाषाणकालीन हस्तकुठार (कुल्हाड़ी) की खोज की गई थी।
👉 यह कार्य सी. ए. हैकेट ने किया था।
👉 उन्होंने सबसे पहले इन्द्रगढ़ (बूंदी) क्षेत्र से ऐसे औज़ार प्राप्त किए।
👉 इससे राजस्थान में प्राचीन मानव की गतिविधियों और पाषाण संस्कृति के प्रमाण मिले।
✍️ सही उत्तर है – सी. ए. हैकेट
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :-
a. सिंधु घाटी सभ्यता का आरंभिक भारतीय ताम्र खनन स्थल गणेश्वर, खेतड़ी के पूर्व में स्थित है।
b. राजस्थान का भारत के ताम्र उत्पादन में दूसरा स्थान है।
c. ताम्र धातुकर्म का उल्लेख मेघदूत और महाभारत महाकाव्यों में हुआ है।
d. मोहनजोदड़ो नर्तकी प्रतिमा ताम्र से बनी है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
गणेश्वर
ताम्र खनन स्थल
खेतड़ी
के पूर्व
में स्थित है।
👉
भारत
में ताम्र
उत्पादन
में राजस्थान
का दूसरा
स्थान
माना जाता है।
👉
मेघदूत
और महाभारत
में ताम्र
धातुकर्म
का उल्लेख मिलता
है।
👉
मोहनजोदड़ो
की नर्तकी
प्रतिमा
कांस्य (ताम्र-मिश्र)
की
बनी है।
✍️ सही उत्तर है – b, c, d
नीचे
दो कथन दिए गए
हैं :
एक
अभिकथन A
(Assertion A) के
रूप में लिखित
है तो दूसरा
उसके कारण R
(Reason R) के
रूप में।
अभिकथन
A :
कालीबंगा
के कब्रगाह
में छह (6)
छेदों
वाली बालक की
खोपड़ी मिली
है।
कारण
R : छेद
/ छिद्र,
मस्तिष्क
ज्वर के उपचार
के सूचक हो सकते
हैं।
उपरोक्त
कथनों के आलोक
में,
नीचे
दिए गए विकल्पों
में से सबसे
उपयुक्त उत्तर
का चयन कीजिए
:
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
कालीबंगा
कब्रगाह
में एक बालक
की खोपड़ी
मिली है,
जिसमें
छह छेद
पाए गए।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
सही
माना जाता है।
👉
इन
छिद्रों
को प्राचीन
चिकित्सीय
उपचार
(ट्रेपनेशन)
से
जोड़ा जाता
है।
👉
अतः
कारण R,
अभिकथन
A
की
सही व्याख्या
करता है।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।