घोसुण्डी अभिलेख _____ भाषा में लिखे गये थे ।
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (जैविक) 15.09.2019]
👉 घोसुण्डी अभिलेख प्राचीन धार्मिक महत्व के हैं।
👉 इनमें संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ की भी जानकारी मिलती है।
👉 ये अभिलेख संस्कृत भाषा में लिखे गये थे।
✍️ सही उत्तर है – संस्कृत
निम्नलिखित में से कौनसा (अभिलेख/शिलालेख जिला/स्थान) सुमेलित नहीं है ?
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 बसन्तगढ़ शिलालेख का सम्बन्ध सिरोही से है।
👉 मानमोरी शिलालेख का सम्बन्ध चित्तौड़ से है।
👉 चीरवा शिलालेख का सम्बन्ध उदयपुर से है।
👉 परन्तु घटियाला शिलालेख का सम्बन्ध जोधपुर से है, न कि जैसलमेर से।
✍️ सही उत्तर है – घटियाल – जैसलमेर
निम्न में से कौन सा शिलालेख चौहान राजवंश की वंशावली के बारे में जानकारी उपलब्ध कराता है ?
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 बिजौलिया शिलालेख जैन मंदिर परिसर में उत्कीर्ण।
👉 इसमें चौहान वंश की वंशावली का उल्लेख है।
👉 इसमें तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था का वर्णन।
👉 यह अभिलेख चौहान राजवंश का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – बिजोलिया शिलालेख
वे रचनाएँ जो किसी व्यक्ति विशेष और वंश की उपलब्धियों और घटनाओं पर प्रकाश डालती हैं, कहलाती हैं -
[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]
👉 कुछ रचनाएँ किसी व्यक्ति या वंश की उपलब्धियों पर आधारित होती हैं।
👉 इनमें उनके जीवन की घटनाएँ और कार्यकलाप दर्ज होते हैं।
👉 इस प्रकार की रचनाओं को विशेष रूप से प्रकाश कहा जाता।
✍️ सही उत्तर है – प्रकाश
'कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति' का लेखक कौन है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति चित्तौड़ दुर्ग में उत्कीर्ण है।
👉 इसमें बापा, हम्मीर और कुम्भा का वर्णन है।
👉 इसमें कुम्भा को दानगुरु और शैलगुरु कहा गया।
👉 इस प्रशस्ति के रचयिता अत्रि और महेश बताए गए।
✍️ सही उत्तर है – महेश
नीचे
दो कथन दिए गए
हैं :
एक
अभिकथन A
(Assertion A) के
रूप में लिखित
है तो दूसरा
उसके कारण R
(Reason R) के
रूप में।
अभिकथन
A :
नागरी/नगरी
शिलालेख (424
AD) संस्कृत
भाषा में है।
कारण
R :
वर्तमान
में यह आमेर
दुर्ग संग्रहालय
में संरक्षित
है,
गुहिल
शासक अपराजित
की वीरता का
इसमें वर्णन
किया गया है।
उपरोक्त
कथनों के आलोक
में,
नीचे
दिए गए विकल्पों
में से सबसे
उपयुक्त उत्तर
का चयन कीजिए
:
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
नागरी
शिलालेख (424
ई.)
संस्कृत
भाषा में
लिखा गया है।
👉
इसलिए
अभिकथन
A
सही
माना जाता है।
👉
लेकिन
यह शिलालेख
आमेर
दुर्ग संग्रहालय
में संरक्षित
नहीं है।
👉
अतः
कारण R
का
कथन सही नहीं
है।
✍️ सही उत्तर है – A सही है लेकिन R सही नहीं है।
'घोसुण्डी' का शिलालेख स्थित है ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 18.09.2021]
👉 घोसुण्डी शिलालेख प्राचीन महत्त्वपूर्ण अभिलेख है।
👉 यह शिलालेख चित्तौड़गढ़ जिले के नगरी गाँव से मिला।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 साथ ही इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन है।
✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़ में
किसानों से वसूल की जाने वाली विविध लाग-बागों का उल्लेख
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 एक ताम्रपत्र में किसानों से वसूली जाने वाली लाग-बागों का उल्लेख है।
👉 इसमें उस समय की आर्थिक स्थिति और कर प्रणाली स्पष्ट है।
👉 यह जानकारी 1483 ई. के ताम्रपत्र से मिलती है।
👉 इससे तत्कालीन ग्रामीण जीवन का भी ज्ञान होता है।
✍️ सही उत्तर है – चौकली ताम्रपत्र 1483 ई.
किस अभिलेख में चौहानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है ?
[अन्वेषक परीक्षा 27.12.2020]
👉 बिजौलिया अभिलेख में चौहानों का इतिहास वर्णित।
👉 इसमें तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख।
👉 इस अभिलेख में चौहानों को वत्सगोत्र ब्राह्मण कहा गया।
👉 यह अभिलेख चौहान वंश का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलियाँ अभिलेख
निम्न लिखित कथनों में से कौनसा/कौन से कथन चीरवा
(i) यह 1273 ई में संस्कृत भाषा में उत्कीर्ण है ।
(ii) रत्नप्रभसूरी इसके प्रशस्तिकार थे ।
(iii) इसके शिल्पी देल्हण थे ।
(iv) अग्नि कुण्ड से उत्पन्न राजपूतों का इसमें उल्लेख है ।
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
कूट -
👉 चीरवा शिलालेख का काल 1273 ई. है और यह संस्कृत में उत्कीर्ण है।
👉 इसमें प्रशस्तिकार रत्नप्रभसूरी और शिल्पी देल्हण का उल्लेख है।
👉 इसमें भूमि अनुदान, गोचर भूमि, सती प्रथा आदि का भी वर्णन है।
👉 परन्तु इसमें अग्निकुण्ड से उत्पन्न राजपूतों का उल्लेख नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) और (iii)
बिजौलिया अभिलेख का काल है
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 बिजौलिया अभिलेख जैन श्रावक लोलाक द्वारा उत्कीर्ण।
👉 यह अभिलेख पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित।
👉 इसमें चौहानों का इतिहास और कृषि-धर्म व्यवस्था।
👉 इसका काल 1170 ई. माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – 1170 ई.
घटियाला शिलालेख किस भाषा में लिखा गया था ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 घटियाला शिलालेख जोधपुर के पास से मिला।
👉 इसमें प्रतिहार वंश की वंशावली और उपलब्धियाँ वर्णित।
👉 यह अभिलेख संस्कृत भाषा में अंकित है।
👉 इसमें राजा हरिश्चन्द्र से लेकर कक्कुका तक का विवरण।
👉 यह उस काल का विश्वसनीय स्रोत माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – संस्कृत
किस अभिलेख में उज्जैन के प्रतिहारों को क्षत्रिय कहा गया है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 एक अभिलेख में उज्जैन के प्रतिहारों का उल्लेख है।
👉 यह विवरण ग्वालियर अभिलेख से प्राप्त होता है।
✍️ सही उत्तर है – ग्वालियर अभिलेख
निम्नलिखित में से एकलिंग शिलालेख (1460 ई.) का लेखक है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 एकलिंग शिलालेख (1460 ई.) महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य है।
👉 इसमें तत्कालीन शासक की उपलब्धियाँ और धार्मिक कार्य अंकित।
👉 इस शिलालेख का लेखक महेश्वर बताया गया है।
👉 यह अभिलेख उस युग की राजनीतिक व सांस्कृतिक स्थिति दर्शाता।
✍️ सही उत्तर है – महेश्वर
निम्नलिखित में से शिलालेख / प्रशस्ति और उनके उत्कीर्णन वर्ष के सही जोड़े कौन से हैं?
(i) अचलेश्वर शिलालेख - 1285 ई.
(ii) बिजोलिया शिलालेख - 1170 ई.
(iii) चीरवा शिलालेख - 987 ई.
(iv) कुम्भलगढ़ प्रशस्ति - 1460 ई.
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
कूट -
👉 बिजौलिया शिलालेख का काल 1170 ई. माना गया।
👉 कुम्भलगढ़ प्रशस्ति का उत्कीर्णन वर्ष 1460 ई. है।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) एवं (iv)
'घोसुण्डी शिलालेख' निम्न में से किस लिपि में लिखा गया था ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 घोसुण्डी शिलालेख चित्तौड़ के नगरी गाँव से प्राप्त।
👉 इसमें प्रयुक्त भाषा संस्कृत और लिपि ब्राह्मी है।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव के पूजा गृह का उल्लेख।
👉 साथ ही अश्वमेध यज्ञ और गजवंशीय सर्वतात का वर्णन।
👉 यह अभिलेख भागवत धर्म के प्रचार का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – ब्राह्मी
घटियाला अभिलेख से संबंधित निम्नलिखित कथनों में असत्य है
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 घटियाला अभिलेख में प्रतिहार वंश की उत्पत्ति व उपलब्धियाँ।
👉 इसमें राजा हरिश्चन्द्र और उत्तराधिकारियों का विवरण।
👉 इसमें शासक कक्कुक की आभीरों पर विजय का उल्लेख।
👉 परन्तु नागभट्ट-I की राजधानी मंडोर स्थानांतरण की जानकारी असत्य है।
✍️ सही उत्तर है – अभिलेख में नागभट्ट - I के राजधानी को मंडोर में स्थानांतरित करने का विवरण है।
बिजौलिया अभिलेख किस भाषा में है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 बिजौलिया अभिलेख पार्श्वनाथ मंदिर परिसर की चट्टान पर उत्कीर्ण है।
👉 इसका रचयिता गुणभद्र और उत्कीर्णक गोविन्द था।
👉 इसमें चौहान वंश का इतिहास तथा डोहली भूमि अनुदान का उल्लेख।
👉 यह अभिलेख संस्कृत भाषा में लिखा गया है।
✍️ सही उत्तर है – संस्कृत
राज प्रशस्ति का काल है ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 राजप्रशस्ति महाकाव्य का लेखन राजनगर में हुआ।
👉 यह शिलालेख राजसमुद्र बाँध की सीढ़ियों पर उत्कीर्ण है।
👉 इसमें शासक की उपलब्धियाँ और सामाजिक-धार्मिक जीवन।
👉 इसका रचनाकाल 1676 ई. माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – 1676 ई.
राजस्थान के कौन से ताम्रपत्र से रानी कर्मवती द्वारा जौहर के प्रमाण मिलते हैं ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 एक ताम्रपत्र में रानी कर्मावती का उल्लेख है।
👉 इसमें जौहर के समय दिया गया भूमि अनुदान दर्ज है।
👉 यह विवरण तत्कालीन धार्मिक भावना को दर्शाता।
👉 यह प्रमाण इतिहास के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
✍️ सही उत्तर है – पुर ताम्रपत्र
__________ वह काव्य कृति है जो किसी राजवंश या व्यक्ति की महान उपलब्धियों का वर्णन करती है।
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 रूपक एक प्रकार की काव्य कृति है।
👉 इसमें किसी राजवंश या व्यक्ति का वर्णन किया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य उनकी महान उपलब्धियों को प्रस्तुत करना है।
👉 यह शैली गौरवशाली इतिहास और कार्यों का चित्रण करती है।
✍️ सही उत्तर है – रूपक
घोसुण्डी शिलालेख किस भाषा में लिपिबद्ध है?
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
👉 घोसुण्डी शिलालेख प्राचीन काल का अभिलेख।
👉 यह लेखन संस्कृत भाषा में अंकित है।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव से जुड़े उल्लेख मिलते।
👉 साथ ही इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी जिक्र है।
✍️ सही उत्तर है – संस्कृत
"सिक्का एलची" किस क्षेत्र में प्रचलित था ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 एक क्षेत्र में विशेष प्रकार का सिक्का प्रचलित था।
👉 यह सिक्का उस समय की आर्थिक व्यवस्था दर्शाता।
✍️ सही उत्तर है – मेवाड़
1637 ई. का शाहजहाँनी मस्जिद का अभिलेख राजस्थान में कहाँ स्थित है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 एक अभिलेख शाहजहाँ काल से संबंधित है।
👉 इसका वर्ष 1637 ई. माना गया है।
👉 यह अभिलेख एक मस्जिद में उत्कीर्ण है।
👉 यह शिलालेख राजस्थान के अजमेर में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
घोसुण्डी शिलालेख किस भाषा में लिखा गया है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 घोसुण्डी शिलालेख नगरी क्षेत्र से प्राप्त है।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह शिलालेख संस्कृत भाषा में लिखा गया है।
✍️ सही उत्तर है – संस्कृत
घोसुण्डी शिलालेख में कौन सी भाषा प्रयुक्त की गई है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]
👉 घोसुण्डी शिलालेख चित्तौड़ क्षेत्र से प्राप्त हुआ।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह शिलालेख संस्कृत भाषा में लिखा गया था।
✍️ सही उत्तर है – संस्कृत
घटियाला प्राकृत अभिलेख किस प्रतिहार शासक से सम्बन्धित है ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 घटियाला अभिलेख जोधपुर के उत्तर में मिला।
👉 इसमें प्रतिहार वंश की वंशावली और उपलब्धियाँ अंकित।
👉 इसमें प्रतिहार शासक कक्कुका का उल्लेख प्रमुख है।
👉 इसमें उसकी आभीरों पर विजय का वर्णन मिलता है।
👉 यह अभिलेख प्रतिहारों के राजनीतिक विस्तार का साक्ष्य है।
✍️ सही उत्तर है – कक्कुका
जाबालिपुर, शाकम्भरी, श्रीमाल जैसे प्राचीन नगरों का उल्लेख
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
👉 एक अभिलेख में कई प्राचीन नगरों का उल्लेख है।
👉 इसमें जाबालिपुर, शाकम्भरी, श्रीमाल जैसे नाम मिलते हैं।
👉 इसमें भूमि अनुदान और डोहली प्रणाली का भी वर्णन।
👉 यह विवरण बिजौलिया शिलालेख में दर्ज है।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया शिलालेख
अभिलेख, जो प्रतिहार शासक कक्कुक की आभीरों पर विजय का दावा करता है
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 घटियाला अभिलेख जोधपुर के पास प्राप्त।
👉 इसमें प्रतिहार वंश की उत्पत्ति व नामावली।
👉 इसमें शासक कक्कुक की आभीरों पर विजय वर्णित।
👉 यह अभिलेख राजनीतिक इतिहास हेतु महत्त्वपूर्ण।
✍️ सही उत्तर है – घटियाला अभिलेख
किस अभिलेख में चौहानों को 'वत्सगौत्र ब्राह्मण' कहा गया है ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
👉 बिजौलिया अभिलेख जैन मंदिर परिसर में उत्कीर्ण।
👉 इसमें चौहान वंश का इतिहास वर्णित है।
👉 इसमें चौहानों को वत्सगोत्र ब्राह्मण कहा गया।
👉 अभिलेख से तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था ज्ञात।
✍️ सही उत्तर है – बिजोलिया अभिलेख
किस शिलालेख में चौहानों को वत्सगोत्र ब्राह्मण कहा गया है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 बिजौलिया शिलालेख महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत है।
👉 इसमें तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख।
👉 इसी अभिलेख में चौहानों को वत्सगोत्र ब्राह्मण कहा गया।
👉 यह शिलालेख चौहान वंश के इतिहास का प्रमुख प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलियाँ शिलालेख
घोसुण्डी अभिलेख किस लिपि में लिखा गया है ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 घोसुण्डी अभिलेख प्राचीन समय का है।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव से जुड़े उल्लेख हैं।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह अभिलेख ब्राह्मी लिपि में लिखा गया है।
✍️ सही उत्तर है – ब्राह्मी
घटियाला प्राकृत अभिलेख किस शासक से सम्बन्धित है ?
[JEN (सिविल) (डिप्लोमा धारक) 06.12.2020]
👉 घटियाला अभिलेख जोधपुर क्षेत्र से प्राप्त हुआ।
👉 इसमें प्रतिहार वंश की वंशावली और उपलब्धियाँ हैं।
👉 इसमें शासक कक्कुका की आभीरों पर विजय वर्णित है।
👉 यह तत्कालीन राजनीतिक इतिहास का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – प्रतिहार कक्कुका
निम्न में से किस हडप्पाकालीन स्थल से सूचना पट्ट अभिलेख का साक्ष्य मिलता है ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 धोलावीरा स्थल से मिला सूचना पट्ट।
👉 इसमें खुदे हुए अक्षर और प्रतीक।
👉 यह हड़प्पा की लिपि व व्यवस्था दर्शाता।
👉 इससे उनकी संस्कृति की झलक मिलती।
✍️ सही उत्तर है – धोलावीरा
नगर ब्राहमणों से राजपूतो की उत्पत्ति का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया ?
[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]
👉 राजपूत उत्पत्ति को लेकर कई सिद्धांत प्रस्तुत हुए।
👉 इस मत को प्रतिपादित करने वाले डॉ. डी.आर. भंडारकर थे।
👉 यह विचार उस समय के इतिहास अध्ययन से जुड़ा है।
✍️ सही उत्तर है – डॉ. डी.आर. भंडारकर
निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थानी में लिखा गया तुकांत गद्य-काव्य रूप है ?
[JEN (Agriculture) 22.02.2025]
👉 राजस्थानी साहित्य में कई गद्य-काव्य रूप मिलते हैं।
👉 इनमें से एक रूप विशेष रूप से तुकांत गद्य-काव्य माना गया।
👉 इस शैली को वचनिका कहा जाता है।
👉 इसमें तत्कालीन इतिहास और संस्कृति का चित्रण होता है।
✍️ सही उत्तर है – वचनिका
बड़ली का शिलालेख, जो कि अशोक काल से पूर्व का माना जाता है, कहाँ स्थित है ?
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 बड़ली शिलालेख अति प्राचीन अभिलेख माना गया।
👉 यह शिलालेख अशोक काल से पूर्व का है।
👉 इसमें तत्कालीन धार्मिक मान्यताएँ झलकती हैं।
👉 यह शिलालेख अजमेर क्षेत्र में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
बरली शिलालेख, जो कि अशोक काल से पूर्व का माना जाता है, प्राप्त हुआ है -
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 बरली शिलालेख अशोक काल से पूर्व का माना जाता।
👉 यह शिलालेख प्राचीनतम अभिलेखों में गिना जाता।
👉 इससे तत्कालीन धार्मिक जीवन और मान्यताएँ मिलती हैं।
👉 यह शिलालेख अजमेर जिले से प्राप्त हुआ।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर जिले में
निम्न लिखित में कौन सा युग्म सही नहीं है ।
A - घोसुण्द : सर्वतात
B - अजमेर : विग्रहराज
C - घटियाला : कक्कुक
D - राजसमन्द : केल्हनदेव
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 घोसुण्डी शिलालेख में सर्वतात और अश्वमेध यज्ञ का उल्लेख है।
👉 अजमेर में शासक विग्रहराज से जुड़े प्रमाण मिलते हैं।
👉 घटियाला अभिलेख में प्रतिहार शासक कक्कुक का विवरण है।
👉 लेकिन राजसमन्द का सम्बन्ध केल्हनदेव से नहीं है, यह गलत युग्म है।
✍️ सही उत्तर है – D
निम्नलिखित में से कौन-सा शिलालेख प्रतिहारों का इतिहास बताता है
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 मंडोर शिलालेख राजस्थान के प्रमुख अभिलेखों में गिना जाता है।
👉 इसमें प्रतिहारों की उत्पत्ति और उनके कार्यकलाप का उल्लेख है।
👉 इसमें शासकों की वंशावली और राजनीतिक घटनाएँ दर्ज हैं।
👉 यह तत्कालीन सामाजिक व धार्मिक जीवन को भी दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – मंडोर शिलालेख
मानमोरी शिलालेख राजस्थान के किस क्षेत्र से सम्बंधित है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 मानमोरी शिलालेख चित्तौड़ के पास मिला।
👉 यह झील मानसरोवर के तट पर स्थित।
👉 इससे मोरी वंश का इतिहास ज्ञात।
👉 झील का निर्माण धार्मिक भावना से हुआ।
✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़
किस शिलालेख में चौहानों को 'वत्सगोत्र' ब्राह्मण कहा गया है ?
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
👉 एक अभिलेख में चौहान वंश की वंशावली का वर्णन है।
👉 इसमें तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख है।
👉 इसी में चौहानों को वत्सगोत्र ब्राह्मण कहा गया है।
👉 यह अभिलेख चौहान वंश का प्रमुख इतिहास स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – बिजोलिया शिलालेख
किस ताम्रपत्र से रानी कर्मावती के जौहर का पता चलता है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 पुर ताम्रपत्र से रानी कर्मावती का उल्लेख।
👉 इसमें जौहर समय का भूमि अनुदान वर्णित।
👉 यह उस युग की धार्मिक भावना दिखाता।
👉 ताम्रपत्र इतिहास का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – पुर ताम्रपत्र
निम्नलिखित में से किस राजपूत राजवंश पर बिजोलिया अभिलेख प्रकाश डालता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 बिजौलिया अभिलेख ऐतिहासिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
👉 इसमें उस समय की कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था वर्णित।
👉 इसमें राजाओं की वंशावली और कार्यकलाप अंकित हैं।
👉 यह अभिलेख विशेष रूप से चौहान वंश पर प्रकाश डालता है।
✍️ सही उत्तर है – चौहान
राज प्रशस्ति की रचना किसने की ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 राजप्रशस्ति महाकाव्य राजसमुद्र बाँध पर उत्कीर्ण है।
👉 इसमें शासक की उपलब्धियाँ और सामाजिक जीवन वर्णित।
👉 यह संस्कृत भाषा में लिखा गया महत्त्वपूर्ण अभिलेख है।
👉 इसकी रचना रणछोड़ भट्ट द्वारा की गई थी।
✍️ सही उत्तर है – रणछोड़ भट्ट
निम्नलिखित अभिलेखों का सर्वाधिक उपयुक्त कालक्रम (प्राचिन से नया) चुनिए :
1. सारणेश्वर प्रशस्ति
2. अर्थणा शैव मन्दिर अभिलेख
3. जगन्नाथ राय अभिलेख
4. रणकपुर मन्दिर अभिलेख
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 सारणेश्वर प्रशस्ति का काल 953 ई. माना गया।
👉 अर्थुणा शैव मंदिर अभिलेख
👉 रणकपुर मंदिर प्रशस्ति 1439 ई. में उत्कीर्ण हुई।
👉 जगन्नाथ राय अभिलेख का समय 1652 ई. है।
✍️ सही उत्तर है – 1, 2, 4, 3
निम्न में से शिलालेख / प्रशस्ति और उनके वर्ष के सही जोड़े कौन से हैं?
1. अचलेश्वर शिलालेख -1285
2. दिलवाड़ा शिलालेख -1216
3. कुम्भलगढ़ प्रशस्ति - 1460
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
कूट -
👉 अचलेश्वर शिलालेख का 1285 वर्ष सही है।
👉 दिलवाड़ा शिलालेख का उल्लेखित वर्ष सही नहीं है।
👉 कुम्भलगढ़ प्रशस्ति का काल 1460 ई. माना गया।
✍️ सही उत्तर है – केवल 1 एवं 3
निम्नलिखित में से कौन-सा मण्डोर के प्रतिहारों के इतिहास की जानकारी देता है ?
[प्रयोगशाला सहायक 03.02.2019]
👉 एक अभिलेख में प्रतिहारों की वंशावली दी गई है।
👉 इसमें राजा हरिश्चन्द्र और उत्तराधिकारी का विवरण।
👉 इसमें शासक कक्कुका की आभीरों पर विजय का उल्लेख।
👉 यह विवरण मण्डोर के प्रतिहारों का इतिहास बताता है।
✍️ सही उत्तर है – घटियाला अभिलेख
'चंदूजी का गढ़ा और बोडीगामा' स्थान किस लिए प्रसिद्ध हैं?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 चंदूजी का गढ़ा और बोडीगामा स्थल।
👉 ये स्थान ताम्रपाषाण कालीन उपकरणों हेतु प्रसिद्ध।
👉 यहाँ से मिले प्रमाण तीर बनाने से जुड़े।
👉 यह स्थल प्राचीन शिकार संस्कृति दर्शाते।
✍️ सही उत्तर है – तीर बनाने के लिए
निम्न में से किस प्रशस्ति के रचयिता अत्री और महेश थे ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 कीर्ति स्तंभ प्रशस्ति कई शिलाओं पर खुदी।
👉 इसमें बापा, हम्मीर, कुम्भा का वर्णन।
👉 इसमें कुम्भा को दानगुरु, शैलगुरु कहा गया।
👉 इसके रचयिता अत्रि और महेश थे।
✍️ सही उत्तर है – कीर्ति स्तंभ प्रशस्ति
बड़वा ग्राम से प्राप्त यूप स्तम्भ अभिलेख किस वंश / गण से संबंधित है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 बड़वा ग्राम से मिला यूप स्तम्भ अभिलेख।
👉 इसमें मिले प्रमाण मौखरी वंश से जुड़े।
✍️ सही उत्तर है – मौखरी वंश
किस अभिलेख में गुर्जर प्रतिहारों को लक्ष्मण के वंशज कहा गया है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 एक अभिलेख में गुर्जर-प्रतिहारों की वंशावली वर्णित है।
👉 इसमें उन्हें लक्ष्मण के वंशज बताया गया है।
👉 इस विवरण से उनकी उत्पत्ति और गौरव झलकता है।
👉 यह जानकारी ग्वालियर अभिलेख से प्राप्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – ग्वालियर अभिलेख
बडवा ग्राम (कोटा) से कितने मौखरी यूप अभिलेख प्राप्त हुए है ?
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
👉 बड़वा ग्राम क्षेत्र से प्राचीन यूप स्तम्भ मिले।
👉 यहाँ से कुल 3 अभिलेख प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – 3 (तीन)
बरली स्टोन - एपिग्राफ ( शिलालेख) चिह्नित किया गया है ?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 बरली स्टोन शिलालेख राजस्थान का प्राचीन स्रोत।
👉 यह अभिलेख ब्राह्मी लिपि में अंकित है।
👉 यह स्रोत इतिहास हेतु महत्त्वपूर्ण साक्ष्य है।
✍️ सही उत्तर है – ब्राह्मी पांडुलिपि में