बिजौलिया के किस शासक ने 1903 ई. में चँवरी नामक कर लगाया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 बिजौलिया ठिकाना मेवाड़ रियासत का प्रमुख कृषि क्षेत्र था।
👉 यहाँ के जागीरदार राव कृष्णसिंह ने किसानों पर कई कर थोपे।
👉 सन् 1903 ई. में उसने विवाह अवसर पर चँवरी कर लगाया।
👉 इस कर से किसानों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया।
👉 विरोध के दबाव में बाद में यह कर हटा लिया गया।
✍️ सही उत्तर है – राव कृष्णसिंह
बेंगू किसान आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया था ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन की शुरुआत 1921 ई. में भैरू कुण्ड से हुई।
👉 किसानों ने यहाँ लागतों और बेगार प्रथा के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख किसान नेता रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 उनके नेतृत्व में किसानों ने कूँता, लागतें और सरकारी कार्यालयों का बहिष्कार किया।
👉 आन्दोलन ने किसानों को संगठित कर नई दिशा दी।
✍️ सही उत्तर है – रामनारायण चौधरी
विजय सिंह पथिक ने विद्या प्रचारिणी सभा का गठन कहाँ किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 विजयसिंह पथिक ने किसानों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
👉 उन्होंने बिजौलिया किसान आन्दोलन को शैक्षिक और संगठित रूप दिया।
👉 इसके लिए उन्होंने विद्या प्रचारिणी सभा का गठन किया।
👉 इस सभा की स्थापना का केन्द्र बिजौलिया क्षेत्र रहा।
👉 सभा ने आन्दोलन को लोकप्रियता और नई दिशा दी।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
14 मई, 1925 के नीमूचाणा हत्याकांड के समय अलवर के महाराजा कौन थे ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 14 मई 1925 ई. को अलवर राज्य में नीमूचाणा हत्याकाण्ड हुआ।
👉 इस घटना में किसानों पर मशीनगनों से गोलियाँ चलाई गईं।
👉 उस समय अलवर राज्य का शासन महाराजा जयसिंह के हाथों में था।
👉 किसानों की मांगों और असंतोष को दबाने के लिए यह कार्रवाई हुई।
👉 गांधीजी ने इसे "दोहरी डायरशाही" की संज्ञा दी।
✍️ सही उत्तर है – जयसिंह
भूपसिंह का सम्बन्ध किस किसान आंदोलन से था ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (अस्त्रक्षेप) 21.09.2019]
👉 भूपसिंह बाद में विजयसिंह पथिक के नाम से प्रसिद्ध हुए।
👉 उन्होंने मेवाड़ रियासत के बिजौलिया किसान आन्दोलन का नेतृत्व किया।
👉 इस आन्दोलन में किसानों ने 84 प्रकार की लागतों और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 पथिक जी ने आन्दोलन को असहयोग और अहिंसात्मक स्वरूप दिया।
👉 इसलिए भूपसिंह का सम्बन्ध बिजौलिया किसान आन्दोलन से था।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया किसान आन्दोलन
राजस्थान के निम्नलिखित कृषक आंदोलनों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें:
a. बिजौलिया किसान आंदोलन
b. भरतपुर किसान आंदोलन
c. बूंदी किसान आंदोलन
d. बीकानेर किसान आंदोलन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
सबसे
पहले बिजौलिया
किसान आंदोलन
की शुरुआत हुई।
👉
इसके
बाद बूंदी
किसान आंदोलन
का विकास हुआ।
👉
फिर
भरतपुर
किसान आंदोलन
प्रारम्भ हुआ।
👉
अंत
में बीकानेर
किसान आंदोलन
हुआ।
✍️ सही उत्तर है – a, c, b, d
शेखावाटी किसान आंदोलन सन् 1947 में किसके प्रयासों से समाप्त हुआ ?
[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में किसानों ने लाग-बाग, बेगार और ठिकानेदारों के अत्याचारों का विरोध किया।
👉 आन्दोलन के दौरान अनेक सभा, सम्मेलन और शहीदी घटनाएँ हुईं।
👉 1940 के दशक में यह आन्दोलन पूरे जयपुर राज्य में फैल गया।
👉 अन्ततः 1947 ई. में यह आन्दोलन हीरालाल शास्त्री के प्रयासों से समाप्त हुआ।
👉 शास्त्री जी के हस्तक्षेप से किसानों और ठिकानेदारों के बीच समझौता हुआ।
✍️ सही उत्तर है – हीरालाल शास्त्री
बूंदी किसान आंदोलन का सम्बंध रहा है :- [*]
[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
1927 में कुँवर मदनसिंह के नेतृत्व में किसानों ने कहाँ आन्दोलन किया ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 सन् 1927 ई. में राजस्थान के किसानों ने नया आन्दोलन शुरू किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व कुँवर मदनसिंह ने किया।
👉 आन्दोलन का मुख्य केन्द्र करौली रियासत रहा।
👉 यहाँ किसानों ने भारी लगान और अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 यह आन्दोलन करौली राज्य के किसानों की जागरूकता का प्रतीक था।
✍️ सही उत्तर है – करौली
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (कृषक आंदोलन - नेता) सुमेलित नहीं है?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 मघाराम वैद्य का सम्बन्ध बाद के बीकानेर क्षेत्र के किसान आंदोलनों से था।
👉 अतः "बेगूँ – मघाराम वैद्य" का युग्म सही मेल नहीं है।
👉 बेगूँ आन्दोलन बिजौलिया आन्दोलन की प्रेरणा से प्रारम्भ हुआ था।
👉 इसमें किसानों ने बेगार और लागतों के विरोध में संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ – मघाराम वैद्य
किस किसान नेता ने दूधवाखारा में अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 दूधवाखारा आन्दोलन बीकानेर राज्य का प्रमुख किसान आन्दोलन था।
👉 यहाँ के किसानों पर जागीरदारों द्वारा अत्याचार किए जाते थे।
👉 इन अत्याचारों के विरुद्ध आवाज प्रमुख नेता चौधरी हनुमानसिंह बुड़ानिया ने उठाई।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के खिलाफ संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन को बीकानेर प्रजा परिषद् का भी समर्थन मिला।
✍️ सही उत्तर है – हनुमानसिंह
राजस्थान के किस नरसंहार को गाँधी जी ने "दोहरी डायरशाही" की संज्ञा दी ?
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 14 मई 1925 ई. को अलवर राज्य के नीमूचाना गाँव में घटना हुई।
👉 यहाँ किसानों पर राज्य की सेना ने मशीनगनों से गोलियाँ चलाईं।
👉 इस हत्याकाण्ड में अनेक किसान मारे गए और घायल हुए।
👉 महात्मा गांधीजी ने इसे जलियाँवाला बाग से भी अधिक भीषण बताया।
👉 उन्होंने इस नरसंहार को "दोहरी डायरशाही" की संज्ञा दी।
✍️ सही उत्तर है – नीमूचाना
किस किसान आन्दोलन के संदर्भ में ट्रेंच आयोग का गठन किया गया था ?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन में किसानों से 53 प्रकार की लागतें वसूली जाती थीं।
👉 उनकी शिकायतों की जाँच के लिए सरकार ने ट्रेंच आयोग बनाया।
👉 आयोग ने किसानों की अधिकांश शिकायतों को नकारते हुए करों को उचित ठहराया।
👉 1923 ई. में गोविन्दपुरा गाँव की सभा पर गोलीकाण्ड भी इसी से जुड़ा था।
👉 इस गोलीकाण्ड में किसानों की शहादत ने आन्दोलन को और तेज कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ आन्दोलन
किसान आन्दोलन व उसके प्रारम्भ होने के वर्ष की निम्नलिखित में से कौन सी जोड़ी सही है ?
[JEN (सिविल) (डिग्रीधारक) 12.09.2021]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन राजस्थान के महत्वपूर्ण किसान आन्दोलनों में से एक था।
👉 यह आन्दोलन भीलवाड़ा जिले के भैरू कुण्ड से प्रारम्भ हुआ।
👉 इसका प्रारम्भिक वर्ष 1921 ई. माना जाता है।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख नेता रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 किसानों ने इसमें लागतों, बेगार और अन्य करों का विरोध किया।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन – 1921
विजयसिंह पथिक का मूल नाम था
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 विजयसिंह पथिक राजस्थान के प्रमुख किसान नेता थे।
👉 वे मूल रूप से बुलन्दशहर जिले के गुठावली गाँव के निवासी थे।
👉 क्रांतिकारी गतिविधियों में आने से पहले उनका नाम भूपसिंह था।
👉 टॉडगढ़ किले से फरार होने के बाद उन्होंने नाम बदलकर विजयसिंह पथिक रखा।
👉 पथिक नाम से ही उन्होंने किसानों के आन्दोलनों का नेतृत्व किया।
✍️ सही उत्तर है – भूप सिंह
साधु सीताराम दास का जन्म कहाँ हुआ ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 साधु सीताराम दास राजस्थान के प्रमुख किसान नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर बिजौलिया किसान आन्दोलन को गति दी।
👉 वे किसानों के अत्याचारों, लाग-बाग और बेगार प्रथा के विरोध में अग्रणी रहे।
👉 साधु सीताराम दास का जन्म बिजौलिया में हुआ था।
👉 इसलिए उनका जीवन और संघर्ष दोनों बिजौलिया से जुड़े रहे।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
नानजी पटेल एवं साधु सीतारामदास राजस्थान के किस क्षेत्र के किसान आंदोलन से संबंधित थे ?
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 नानजी पटेल और साधु सीतारामदास किसानों के प्रमुख नेता थे।
👉 दोनों ने मेवाड़ रियासत के बिजौलिया क्षेत्र में आन्दोलन का नेतृत्व किया।
👉 यहाँ किसानों से 84 प्रकार की लागतें और कर वसूले जाते थे।
👉 इन नेताओं ने किसानों को संगठित कर लाग-बाग और बेगार का विरोध किया।
👉 इसलिए इनका सम्बन्ध बिजौलिया किसान आन्दोलन से था।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
बरड़ किसान आन्दोलन कब शुरू हुआ ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 बरड़ क्षेत्र बूंदी जिले का कठोर भू-भाग था।
👉 यहाँ 25 प्रकार की लाग-बाग किसानों से वसूली जाती थी।
👉 अप्रैल 1922 ई. में किसानों ने आन्दोलन प्रारम्भ किया।
👉 इसका नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने रामनारायण चौधरी के कहने पर किया।
👉 इस आन्दोलन में किसानों ने बेगार और अन्य करों का विरोध किया।
✍️ सही उत्तर है – अप्रैल 1922
खेड़ा किसान आंदोलन किन नेताओं के नेतृत्व में हुआ था ?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 1918 ई. में गुजरात के खेड़ा जिले में किसान आन्दोलन शुरू हुआ।
👉 यहाँ फसल खराबी और प्लेग महामारी से किसान लगान देने में असमर्थ थे।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व महात्मा गांधीजी ने संभाला।
👉 गांधीजी के कहने पर सरदार वल्लभभाई पटेल भी इससे जुड़े।
👉 दोनों नेताओं ने किसानों को एकजुट कर सरकार से राहत दिलवाई।
✍️ सही उत्तर है – गांधीजी और वल्लभ भाई पटेल
'कांगड़ काण्ड' का सम्बंध किस किसान आन्दोलन से है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 कांगड़ काण्ड राजस्थान के प्रसिद्ध किसान आंदोलनों में गिना जाता है।
👉 यह घटना 1946 ई. में चूरू जिले के कांगड़ गाँव में हुई।
👉 जागीरदार ठाकुर गोपसिंह ने किसानों से जबरन कर वसूली की।
👉 किसानों के विरोध करने पर गाँव में हमला कर संपत्तियाँ नीलाम की गईं।
👉 इसलिए कांगड़ काण्ड का सम्बन्ध बीकानेर राज्य के किसान आन्दोलन से है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर राज्य का किसान आन्दोलन
नारायणीदेवी वर्मा ने किस स्थान पर महिलाओं को किसान आन्दोलन से जोड़ा ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 नारायणीदेवी वर्मा ने राजस्थान के किसान आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 उन्होंने महिलाओं को भी आन्दोलन से जोड़ने का कार्य किया।
👉 बिजौलिया क्षेत्र में उन्होंने महिलाओं को संगठित किया।
👉 इससे आन्दोलन को नई शक्ति और व्यापकता मिली।
👉 उनकी भूमिका से किसान आन्दोलन और अधिक मजबूत हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
मोतीलाल तेजावत की भील संबंधित गतिविधियाँ एकी आंदोलन के माध्यम से किस स्थान से शुरू हुई ?
[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]
👉 आदिवासी किसानों के नेता मोतीलाल तेजावत ने शोषण के विरुद्ध एकी आन्दोलन शुरू किया।
👉 उन्होंने किसानों को बेगार और लागतों से मुक्ति दिलाने का आह्वान किया।
👉 भील जाति से जुड़ी उनकी गतिविधियाँ झाडौल क्षेत्र से प्रारम्भ हुईं।
👉 यहीं से आन्दोलन ने मातृकुण्डिया तक फैलकर बड़ा रूप लिया।
✍️ सही उत्तर है – झाडौल
एकी आन्दोलन किसने आरम्भ किया ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 आदिवासी किसानों के शोषण के विरोध में एकी आन्दोलन शुरू हुआ।
👉 यह आन्दोलन बेगार, लागतों और अत्याचारों के खिलाफ था।
👉 किसानों को संगठित कर इसका नेतृत्व मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 इस आन्दोलन ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाई।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
रुपाजी एवं कृपाजी शहीदों का सम्बंध किस किसान आन्दोलन से है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन राजस्थान के प्रमुख किसान आन्दोलनों में था।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच आयोग गठित किया।
👉 13 जुलाई 1923 ई. को गोविन्दपुरा गाँव की सभा पर गोलीकाण्ड हुआ।
👉 इसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ किसान शहीद हो गए।
👉 इनकी शहादत से आन्दोलन और अधिक तेज़ व संगठित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ
विजयसिंह पथिक का वास्तविक नाम क्या था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 विजयसिंह पथिक राजस्थान के प्रसिद्ध किसान नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर बिजौलिया आन्दोलन का नेतृत्व किया।
👉 पथिक का वास्तविक नाम भूपसिंह था।
👉 क्रांतिकारी गतिविधियों के चलते उन्होंने नाम बदलकर विजयसिंह पथिक रखा।
👉 इसी नाम से वे किसान आन्दोलन के जनक कहलाए।
✍️ सही उत्तर है – भूपसिंह
किसानों पर "चंवरी कर" किसने अधिरोपित किया था ?
[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]
👉 बिजौलिया ठिकाने का जागीरदार था राव कृष्णसिंह।
👉 सन् 1903 ई. में उसने किसानों पर चंवरी कर लगाया।
👉 इस कर के तहत बेटी के विवाह पर रुपये जमा करवाने होते थे।
👉 धाकड़ जाति के किसानों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया।
👉 अन्ततः विरोध के दबाव में राव कृष्णसिंह ने कर को हटा लिया।
✍️ सही उत्तर है – राव कृष्णसिंह
बिजौलिया किसान आन्दोलन के दौरान प्रवर्तित 'विद्या प्रचारिणी सभा' के प्रवर्तक थे -
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन राजस्थान का पहला संगठित किसान आन्दोलन था।
👉 इस आन्दोलन ने किसानों में शिक्षा और जागरूकता का भाव जगाया।
👉 आन्दोलन के दौरान विद्या प्रचारिणी सभा की स्थापना की गई।
👉 इसके प्रवर्तक प्रमुख नेता विजयसिंह पथिक थे।
👉 इस सभा ने आन्दोलन को प्रसिद्धि और वैचारिक बल दिया।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
बरड़ का किसान आंदोलन किस रियासत से सम्बंधित है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 बरड़ क्षेत्र बूंदी जिले का बीहड़ और कठोर भू-भाग था।
👉 यहाँ किसानों से लगभग 25 प्रकार की लाग-बाग वसूली जाती थी।
👉 अप्रैल 1922 ई. में किसानों ने यहाँ आन्दोलन शुरू किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने किया।
👉 इसलिए बरड़ का किसान आन्दोलन बूँदी रियासत से सम्बंधित है।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी
विजयसिंह पथिक किस आंदोलन से सम्बन्धित थे ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 विजयसिंह पथिक राजस्थान के प्रमुख किसान नेता थे।
👉 उन्होंने 1916 ई. से बिजौलिया किसान आन्दोलन का नेतृत्व संभाला।
👉 किसानों को संगठित कर उन्होंने आन्दोलन को नई दिशा दी।
👉 पथिक ने आन्दोलन को अहिंसात्मक और असहयोग रूप प्रदान किया।
👉 इसलिए उनका सम्बन्ध प्रमुख किसान आन्दोलन से था।
✍️ सही उत्तर है – किसान आन्दोलन
मारवाड़ किसान आंदोलन का प्रमुख नेता कौन था ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 मारवाड़ किसान आन्दोलन में किसानों ने लाग-बाग और बेगार का विरोध किया।
👉 आन्दोलन को स्वरूप देने में मारवाड़ हितकारिणी सभा की भूमिका रही।
👉 इसके माध्यम से किसानों की आवाज प्रेस और समाज तक पहुँची।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी जयनारायण व्यास ने किया।
👉 व्यास जी ने तरुण राजस्थान पत्र द्वारा किसानों की समस्याएँ उठाईं।
✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास
जुलाई 1921 में मोतीलाल तेजावत ने किस स्थान से भील आन्दोलन छेड़ा ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 जुलाई 1921 ई. में आदिवासी किसानों के बीच बड़ा आन्दोलन शुरू हुआ।
👉 इसका नेतृत्व प्रमुख समाजसेवी मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों को संगठित कर अत्याचारों के विरुद्ध खड़ा किया।
👉 यह आन्दोलन उदयपुर रियासत के झाड़ोल क्षेत्र से प्रारम्भ हुआ।
👉 यहाँ से आन्दोलन ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाई।
✍️ सही उत्तर है – झाड़ोल
श्री मोतीलाल तेजावत द्वारा एकी आंदोलन की शुरुआत कहाँ से की गई ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 श्री मोतीलाल तेजावत आदिवासी किसानों के बड़े नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों के शोषण के विरुद्ध एकी आन्दोलन शुरू किया।
👉 इस आन्दोलन का प्रारम्भ मातृकुण्डिया (चित्तौड़गढ़) से हुआ।
👉 इस आन्दोलन ने आदिवासी किसानों को संगठित किया।
✍️ सही उत्तर है – मातृकुण्डिया
"उपरमाल पंच बोर्ड” का गठन के द्वारा किया गया था ?
[लिपिक ग्रेड -II (LDC) 11.08.2024]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन का नेतृत्व विजयसिंह पथिक ने संभाला।
👉 1917 ई. में बैरीशाल का बास गाँव मुख्य केन्द्र बनाया गया।
👉 हरियाली अमावस्या के दिन ऊपरमाल पंच बोर्ड का गठन हुआ।
👉 इसका सरपंच श्री मन्ना पटेल को बनाया गया।
👉 पंच बोर्ड किसानों के अधिकारों व कर विरोध का प्रमुख मंच था।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
पथिक ने बिजौलिया किसान आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर लाने के उद्देश्य से किस समाचार पत्र के सम्पादक से सम्पर्क स्थापित किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 विजयसिंह पथिक ने बिजौलिया किसान आन्दोलन को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास किया।
👉 इसके लिए उन्होंने कानपुर से निकलने वाले समाचार पत्र प्रताप से सम्पर्क किया।
👉 इस पत्र के संपादक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी थे।
👉 प्रताप पत्र में प्रकाशित समाचारों से आन्दोलन को देशव्यापी पहचान मिली।
👉 इससे किसान आन्दोलन को लोकप्रियता और नई गति मिली।
✍️ सही उत्तर है – प्रताप
राजस्थान में बिजौलिया किसान आंदोलन से संबंधित निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।
(a)
आंदोलन
के नेता के रूप
में जमनालाल
बजाज
(b)
राजपूताना
में गवर्नर
जनरल के एजेंट
सहित भारत सरकार
द्वारा उच्च
शक्ति प्राप्त
समिति की नियुक्ति
(c)
आंदोलन
के नेता के रूप
में विजय सिंह
पथिक
(d)
साधु
सीताराम दास
के नेतृत्व
में ज्ञापन
(e)
तलवार
बंधाई लाग की
आड़ में कुछ
नवीन कर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
प्रारम्भ
में तलवार
बंधाई लाग
की आड़ में नवीन
कर लगाए
गए।
👉
इसके
विरोध में साधु
सीताराम दास
के नेतृत्व
में ज्ञापन
दिया गया।
👉
बाद
में आंदोलन
का नेतृत्व
विजय सिंह
पथिक ने
संभाला।
👉
इसके
बाद उच्च
शक्ति समिति
की नियुक्ति
की गई।
👉
अंत
में जमनालाल
बजाज
आंदोलन के नेता
बने।
✍️ सही उत्तर है – (e), (d), (c), (b), (a)
अंजना देवी चौधरी ने किस आन्दोलन में महिलाओं का नेतृत्व किया था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 अंजना देवी चौधरी राजस्थान की प्रमुख महिला नेता थीं।
👉 उन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए चल रहे बिजौलिया किसान आन्दोलन में भाग लिया।
👉 सन् 1931 ई. में इस आन्दोलन में उन्होंने महिलाओं का नेतृत्व किया।
👉 उनके नेतृत्व से आन्दोलन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ी।
👉 इससे आन्दोलन को और अधिक शक्ति मिली।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
1890 के दौर में बिजौलिया के जागीरदार कौन थे ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 बिजौलिया ठिकाना मेवाड़ रियासत का प्रमुख ठिकाना था।
👉 इसका संस्थापक अशोक परमार था जिसे राणा सांगा से ऊपरमाल जागीर मिली।
👉 बिजौलिया के जागीरदार वंशानुगत रूप से परमार वंश से थे।
👉 1894 ई. तक यहाँ के जागीरदार राव गोविन्ददास परमार थे।
👉 इसलिए 1890 के दौर में बिजौलिया के जागीरदार परमार वंश से थे।
✍️ सही उत्तर है – परमार
श्री विजयसिंह पथिक द्वारा कौन सा आन्दोलन चलाया गया ?
[संगणक परीक्षा 03.03.2024]
👉 श्री विजयसिंह पथिक राजस्थान के प्रसिद्ध किसान नेता थे।
👉 1916 ई. से उन्होंने बिजौलिया किसान आन्दोलन का नेतृत्व किया।
👉 किसानों पर लगने वाले लाग-बाग और बेगार का उन्होंने विरोध किया।
👉 आन्दोलन को असहयोग व अहिंसात्मक रूप प्रदान किया।
👉 इससे राजस्थान में किसानों की जागरूकता और संघर्ष की शुरुआत हुई।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया किसान आन्दोलन
'मेवाड़ पुकार' नामक 21 सूत्रीय माँगपत्र किसने तैयार किया था?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022
👉 आदिवासी किसानों पर अत्यधिक लागतें और बेगार लादी जाती थीं।
👉 इनके विरोध में मोतीलाल तेजावत ने आन्दोलन संगठित किया।
👉 किसानों की समस्याओं को सामने रखने हेतु उन्होंने 21 सूत्रीय माँगपत्र बनाया।
👉 यह माँगपत्र “मेवाड़ पुकार” के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसमें किसानों को राहत और अधिकार दिलाने की माँग की गई।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
1907 ई. में जयपुर में वर्द्धमान पाठशाला की स्थापना _________ ने की थी।
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 सन् 1907 ई. में जयपुर में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था की स्थापना हुई।
👉 इस संस्था का नाम वर्द्धमान पाठशाला रखा गया।
👉 इस पाठशाला की स्थापना प्रमुख क्रांतिकारी अर्जुनलाल सेठी ने की।
✍️ सही उत्तर है – अर्जुनलाल सेठी
रूपाजी और कृपाजी किस किसान आन्दोलन में गोलीबारी में मारे गए ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में भैरू कुण्ड से शुरू हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच आयोग भेजा।
👉 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा गाँव में किसानों की सभा हुई।
👉 इस सभा पर गोलीकाण्ड हुआ, जिसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ किसान शहीद हुए।
👉 इस घटना से आन्दोलन और अधिक तेज़ व संगठित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ
किसने वर्ष 1921 में बेगूं (मेवाड़) में शुरू हुए बेगूं किसान आंदोलन का नेतृत्व किया था ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
बेगूं
किसान आंदोलन
वर्ष 1921
में
मेवाड़ के
चित्तौड़गढ़
क्षेत्र में
शुरू हुआ।
👉
यह
आंदोलन बिजोलिया
आंदोलन
से प्रेरित
किसान
आंदोलन
था।
👉
इस
आंदोलन का मुख्य
नेतृत्व
रामनारायण
चौधरी
ने किया था।
👉
बाद
में इसे विजय
सिंह पथिक
ने भी दिशा
दी।
✍️ सही उत्तर है – रामनारायण चौधरी
निम्नलिखित में से किसने बिजोलिया आंदोलन का नेतृत्व किया ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]
👉 राजस्थान का पहला संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया से जुड़ा था।
👉 प्रारम्भ में इसका नेतृत्व साधु सीताराम दास ने किया।
👉 सन् 1916 ई. से इस आन्दोलन का नेतृत्व विजयसिंह पथिक ने संभाला।
👉 पथिक जी ने इसे असहयोग और अहिंसात्मक स्वरूप दिया।
👉 इससे आन्दोलन पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध हो गया।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
बिजौलिया के निम्नलिखित जागीरदार में से किसने 'तलवार बंधाई कर' लागू किया ?
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 बिजौलिया ठिकाने का जागीरदार पृथ्वीसिंह 1906 ई. में बना।
👉 उसने किसानों पर कई नये कर अधिरोपित किए।
👉 इन्हीं में एक कर था “तलवार बंधाई कर”।
👉 यह कर जागीरदार को उत्तराधिकारी मानने से पहले अदा करना पड़ता था।
👉 किसानों ने इस कर का जमकर विरोध किया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीसिंह
ट्रेंच कमीशन किस आंदोलन से सम्बंधित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में भैरू कुण्ड से शुरू हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच आयोग गठित किया।
👉 इस आयोग ने अधिकतर लागतों और बेगार को उचित ठहराया।
👉 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा सभा पर ट्रेंच ने गोली चलवाई।
👉 इसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ शहीद हुए और आंदोलन तेज हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन
डूंगजी जवारजी का सम्बन्ध था -
[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]
👉 डूंगजी-जवारजी राजस्थान के दो प्रसिद्ध क्रांतिकारी भाई थे।
👉 उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र में ठिकानेदारों और अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इनकी बहादुरी और बलिदान के कारण किसानों में जागृति आई।
👉 इनका सीधा सम्बन्ध शेखावाटी ब्रिगेड से माना जाता है।
👉 उन्होंने किसानों के आन्दोलन को सशक्त दिशा दी।
✍️ सही उत्तर है – शेखावाटी ब्रिगेड
शहीद भील बालिका कालीबाई निम्नलिखित में से किस स्थान से सम्बन्धित थीं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 भील समाज की वीरांगना कालीबाई ने शिक्षा व आज़ादी के लिए बलिदान दिया।
👉 उन्होंने अपने गुरु की रक्षा करते हुए शहादत प्राप्त की।
👉 कालीबाई का सम्बन्ध डूंगरपुर जिले के गाँव रास्तापाल से था।
✍️ सही उत्तर है – रास्तापाल
1919 ई. में विजय सिंह पथिक द्वारा स्थापित 'राजस्थान सेवा संघ' का कार्यालय कहाँ स्थित था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]
👉 1919 ई. में विजयसिंह पथिक ने एक नया संगठन बनाया।
👉 इसका नाम था राजस्थान सेवा संघ।
👉 यह संगठन किसानों और जनता में जागरूकता फैलाने हेतु कार्यरत था।
👉 इसके मुख्यालय के रूप में अजमेर को चुना गया।
👉 यहाँ से संघ ने विभिन्न किसान आन्दोलनों को संचालित किया।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
दूधवाखारा आन्दोलन किस रियासत से सम्बंधित हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 दूधवाखारा आन्दोलन राजस्थान की किसान चेतना से जुड़ा बड़ा आन्दोलन था।
👉 यह आन्दोलन 1945 ई. में जागीरदार सूरजमलसिंह शेखावत के अत्याचारों के विरोध में शुरू हुआ।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व चौधरी हनुमानसिंह बुड़ानिया ने किया और इसे बीकानेर प्रजा परिषद् का समर्थन मिला।
👉 आन्दोलन के दौरान मघाराम वैद्य, रामनारायण वैद्य, जयनारायण व्यास जैसे नेता भी सक्रिय रहे।
👉 इसलिए दूधवाखारा आन्दोलन का सम्बन्ध बीकानेर रियासत से था।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
राजस्थान में संगठित किसान आन्दोलन कहाँ से आरम्भ हुआ था ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.10.2018]
👉 राजस्थान में पहला संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया से आरम्भ हुआ।
👉 यह आन्दोलन मेवाड़ रियासत के ऊपरमाल ठिकाने से जुड़ा था।
👉 किसानों से यहाँ 84 प्रकार की लाग-बाग और कर वसूले जाते थे।
👉 अत्याचारों के विरुद्ध किसानों ने 1897 ई. से संघर्ष शुरू किया।
👉 यह आन्दोलन आगे चलकर सबसे लम्बा और अहिंसात्मक बना।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
निम्न में से कौन-सा स्थान 1920 के किसान आन्दोलनों के दौरान शेखावाटी के पंचपाणे ठिकानों में से एक नहीं था ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में कई पंचपाणा ठिकाने शामिल थे।
👉 इनमें बिसाऊ, डूंडलोद, मलसीसर, मंडावा और नवलगढ़ प्रमुख थे।
👉 ये ठिकाने किसानों पर अत्यधिक लागतें और बेगार थोपते थे।
👉 दिए गए विकल्पों में श्रीमाधोपुर पंचपाणे ठिकानों में नहीं आता।
👉 इसलिए सही उत्तर श्रीमाधोपुर है।
✍️ सही उत्तर है – श्रीमाधोपुर
राजस्थान में कृषक आन्दोलन का प्रारंभ सर्वप्रथम कहाँ हुआ ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
👉 राजस्थान में कृषकों ने सबसे पहले संगठित आन्दोलन की शुरुआत की।
👉 यह आन्दोलन मेवाड़ रियासत के बिजौलिया क्षेत्र से जुड़ा था।
👉 किसानों से यहाँ 84 प्रकार की लाग-बाग और कर वसूले जाते थे।
👉 1897 ई. से किसानों ने ठिकानेदारों के अत्याचारों का विरोध किया।
👉 इसलिए राजस्थान में कृषक आन्दोलन का प्रारम्भ बिजौलिया से हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
निम्नलिखित ठिकानों में से किसने 'चँवरी कर' लगाया ?
[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]
👉 मेवाड़ रियासत का प्रमुख ठिकाना बिजौलिया था।
👉 यहाँ के जागीरदार राव कृष्णसिंह ने किसानों पर कर लगाए।
👉 1903 ई. में उसने चँवरी कर अधिरोपित किया।
👉 इस कर से किसानों पर विवाह के समय आर्थिक बोझ बढ़ा।
👉 विरोध के दबाव में अंततः यह कर हटा लिया गया।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
ट्रेंच कमीशन संबंधित है
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन का प्रारम्भ 1921 ई. में भैरू कुण्ड से हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच कमीशन गठित किया।
👉 इस आयोग ने अधिकांश लागतों और बेगार प्रथा को उचित ठहराया।
👉 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा सभा पर गोलीकाण्ड भी इसी से जुड़ा था।
👉 इसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ शहीद हुए और आन्दोलन तेज हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन
साधु सीताराम दास किस कृषक आन्दोलन से सम्बधित था ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 साधु सीताराम दास किसानों के प्रमुख नेता थे।
👉 उन्होंने मेवाड़ रियासत के बिजौलिया किसान आन्दोलन में भाग लिया।
👉 किसानों ने उनके नेतृत्व में 84 प्रकार की लागतों और करों का विरोध किया।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर कृषक पंचायत बनाई।
👉 इसलिए उनका सम्बन्ध बिजौलिया किसान आन्दोलन से था।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
'मेवाड़ की पुकार 21 सूत्रीय मांगपत्र का सम्बन्ध किससे था?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 1920 के दशक में आदिवासी किसानों पर बेगार और लागतें अत्यधिक थीं।
👉 इस शोषण के विरुद्ध मोतीलाल तेजावत ने किसानों को संगठित किया।
👉 उन्होंने उदयपुर क्षेत्र में किसानों के सामने 21 सूत्रीय मांगपत्र रखा।
👉 यह मांगपत्र मेवाड़ की पुकार के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
👉 इसमें किसानों की राहत और न्याय की प्रमुख बातें शामिल थीं।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
रूपाजी एवं कृपाजी शहीदों का सम्बन्ध किस किसान आन्दोलन से है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन किसानों द्वारा किया गया बड़ा संघर्ष था।
👉 13 जुलाई 1923 ई. को गोविन्दपुरा गाँव में किसानों की सभा हुई।
👉 इस सभा पर गोलीकाण्ड में रूपाजी और कृपाजी धाकड़ शहीद हो गए।
👉 इनकी शहादत ने आन्दोलन को और अधिक तेज़ी दी।
👉 इस घटना की पूरे देश में निंदा की गई।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ
1897 ई. में बिजोलिया किसान आंदोलन की शुरूआत के समय बिजोलीया जागीर का जागीरदार कौन था ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन की शुरुआत सन् 1897 ई. में हुई।
👉 इस समय बिजौलिया ठिकाने का जागीरदार राव किशनसिंह था।
👉 उसने किसानों से 84 प्रकार की लाग-बाग और कर वसूले।
✍️ सही उत्तर है – राव किशनसिंह
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है और दूसरा उसके कारण (Reason R) के रूप में।
अभिकथन A : अलवर के मेव किसान आंदोलन का नेतृत्व चौधरी यासीन खान द्वारा किया गया था।
कारण R : मेव किसान आंदोलन के अंतर्गत, किसानों ने खरीफ फसल का किराया / लगान भुगतान करना बंद कर दिया था।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
अलवर
का मेव किसान
आंदोलन
चौधरी यासीन
खान के
नेतृत्व में
हुआ था।
👉
आंदोलन
के दौरान किसानों
ने खरीफ
फसल का लगान
देना बंद
कर दिया था।
👉
दोनों
कथन सही हैं,
परन्तु
R,
A की
प्रत्यक्ष
व्याख्या नहीं
करता।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
एकी आंदोलन के प्रणेता कौन थे ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 आदिवासी किसानों पर बेगार और लागतें भारी बोझ थीं।
👉 इस शोषण के विरुद्ध आन्दोलन को एकी आन्दोलन कहा गया।
👉 इसका नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 इसी कारण तेजावत को आन्दोलन का प्रणेता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
बूंदी किसान आंदोलन के नेता कौन थे ?
पशुधन सहायक (LSA) 04.06.2022
👉 बूंदी रियासत के किसानों पर भी लागतें और बेगार का बोझ था।
👉 अप्रैल 1922 ई. में बरड़ क्षेत्र से यह आन्दोलन शुरू हुआ।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने किया।
👉 उन्हें रामनारायण चौधरी का मार्गदर्शन प्राप्त था।
👉 आंदोलन के दौरान किसानों ने डाबी व अन्य स्थानों पर संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – नैनू राम या नयनूराम शर्मा
किसके नेतृत्व में, 25 अप्रैल, 1934 को कटराथल में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन में हजारों महिलाओं ने भाग लिया?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में ठिकानेदारों के अत्याचारों का विरोध हुआ।
👉 महिलाओं ने भी इस आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
👉 25 अप्रैल 1934 को कटराथल में एक विशाल महिला सम्मेलन हुआ।
👉 इसमें हजारों महिलाएँ शामिल हुईं और अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाई।
👉 इस सम्मेलन का नेतृत्व किशोरी देवी ने किया।
✍️ सही उत्तर है – किशोरी देवी
साधु सीताराम दास ने किस आंदोलन का नेतृत्व किया?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (2nd Phase) 01.12.2024]
👉 साधु सीताराम दास किसानों के प्रमुख संगठक और नेता थे।
👉 उन्होंने मेवाड़ रियासत के बिजौलिया किसान आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 यहाँ किसानों से 84 प्रकार की लागतें और कर वसूले जाते थे।
👉 सीताराम दास ने किसानों को एकजुट कर इनका विरोध कराया।
👉 इसलिए वे बिजौलिया किसान आन्दोलन के नेता माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
बिजौलिया किसान आंदोलन राजस्थान में कब प्रारंभ हुआ ?
[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]
👉 बिजौलिया किसान आंदोलन राजस्थान में 1897 ई. में प्रारंभ हुआ था।
👉 इसकी शुरुआत गंगाराम धाकड़ के पिता के नुक्ता (मृत्यु-भोज) के अवसर पर धाकड़ किसानों द्वारा की गई थी।
👉 यह आंदोलन 1897 से 1941 ई. तक चला और इसे तीन चरणों में विभाजित किया गया।
👉 आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भारी लगान, उपकरों और बेगार प्रथा का विरोध करना था।
👉 यह भारत का सबसे लंबा और अहिंसक किसान आंदोलन माना जाता है, जिसने किसानों में संगठन और जागरूकता की भावना जगाई।
✍️ सही उत्तर है – 1897
बूंदी रियासत के बरड़ किसान आन्दोलन का नेता कौन था ? [*]
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
किसके नेतृत्व में शेखावाटी किसान आंदोलन में 10,000 से अधिक जाट महिलाओं ने भाग लिया?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में जाट किसानों ने लाग-बाग और बेगार का विरोध किया।
👉 ठिकानेदारों के अत्याचारों के विरुद्ध यहाँ बड़े सम्मेलन आयोजित हुए।
👉 25 अप्रैल 1934 को कटराथल में विशाल महिला सम्मेलन हुआ।
👉 इसमें 10,000 से अधिक जाट महिलाओं ने भाग लिया।
👉 इस सम्मेलन की अध्यक्षता किशोरी देवी ने की।
✍️ सही उत्तर है – किशोरी देवी
ट्रेंच कमीशन किस से संबंधित है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में भीलवाड़ा के भैरू कुण्ड से शुरू हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच आयोग गठित किया।
👉 इस आयोग ने अधिकांश लागतों और बेगार को उचित ठहराया।
👉 1923 ई. में गोविन्दपुरा गाँव की सभा पर गोलीकाण्ड भी हुआ।
👉 इस घटना से आन्दोलन और अधिक तेज हो गया।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन
राजस्थान का पहला किसान आन्दोलन कौन सा था ?
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 राजस्थान का पहला किसान आन्दोलन बिजौलिया क्षेत्र में हुआ।
👉 यह आन्दोलन मेवाड़ रियासत के ऊपरमाल ठिकाने से जुड़ा था।
👉 किसानों से 84 प्रकार की लाग-बाग और कर वसूले जाते थे।
👉 आन्दोलन का प्रारम्भ 1897 ई. से माना जाता है।
👉 इसे भारत का पहला संगठित किसान आन्दोलन भी कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – बिजोलिया किसान आन्दोलन
ऊपरमाल पंच बोर्ड का गठन किया था-
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन में किसानों ने संगठन बनाया।
👉 1917 ई. में हरियाली अमावस्या के दिन यह कदम उठाया गया।
👉 विजयसिंह पथिक ने किसानों के लिए ऊपरमाल पंच बोर्ड गठित किया।
👉 इसका उद्देश्य करों और बेगार के विरुद्ध संघर्ष करना था।
👉 बोर्ड का पहला सरपंच श्री मन्ना पटेल चुना गया।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
रूपाजी तथा कृपाजी धाकड़ किसानों का संबंध किस किसान आंदोलन से है ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन का प्रारम्भ 1921 ई. में हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच आयोग गठित किया।
👉 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा गाँव की सभा पर गोलीकाण्ड हुआ।
👉 इसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ किसान शहीद हो गए।
👉 इस घटना से आन्दोलन और अधिक तेज़ व व्यापक बना।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ
पथिक ने किस समाचार पत्र के माध्यम से बिजोलिया कृषक आंदोलन को विख्यात कर दिया ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन को लोकप्रिय बनाने में प्रेस की बड़ी भूमिका रही।
👉 विजयसिंह पथिक ने आन्दोलन को जन-जन तक पहुँचाया।
👉 उन्होंने कानपुर से प्रकाशित समाचार पत्र प्रताप में इसकी जानकारी दिलवाई।
👉 प्रताप पत्र के संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी थे।
👉 इस प्रचार से आन्दोलन पूरे देश में विख्यात हो गया।
✍️ सही उत्तर है – प्रताप
किसके नेतृत्व में शेखावाटी किसान आंदोलन में महिलाओं ने भाग लिया ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में किसानों ने लाग-बाग और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 इस आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी सक्रिय भाग लिया।
👉 25 अप्रैल 1934 ई. को कटराथल में विशाल महिला सम्मेलन हुआ।
👉 इसमें 10,000 से अधिक महिलाएँ शामिल हुईं और अत्याचारों के विरुद्ध आवाज़ उठाई।
👉 इस सम्मेलन का नेतृत्व किशोरी देवी ने किया।
✍️ सही उत्तर है – किशोरी देवी
1903 ई. में बिजौलिया के किसानों पर चंवरी कर किसने लगाया था ?
[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]
👉 बिजौलिया क्षेत्र मेवाड़ रियासत का प्रमुख ठिकाना था।
👉 यहाँ के जागीरदार राव कृष्णसिंह ने किसानों पर कई कर लगाए।
👉 सन् 1903 ई. में उसने चंवरी कर अधिरोपित किया।
👉 इस कर के कारण किसानों की विवाह परम्पराएँ प्रभावित हुईं।
👉 विरोध के दबाव में बाद में यह कर हटा लिया गया।
✍️ सही उत्तर है – राव कृष्णसिंह
राजस्थान में किसान आंदोलन के जनक के रूप में किसे जाना जाता है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 राजस्थान में किसानों को संगठित करने का कार्य विजयसिंह पथिक ने किया।
👉 उन्होंने 1916 ई. से बिजौलिया किसान आन्दोलन का नेतृत्व संभाला।
👉 पथिक ने आन्दोलन को असहयोग और अहिंसात्मक रूप दिया।
👉 किसानों में जागृति लाकर उन्हें संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
👉 इसलिए उन्हें राजस्थान में किसान आन्दोलन का जनक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
किसान पंचायत जिसकी स्थापना सन् 1916-1917 ई. में की गई
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
👉 सन् 1916-17 ई. में किसानों ने एक पंचायत संगठन बनाया।
👉 इसका उद्देश्य किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के विरुद्ध खड़ा करना था।
👉 इस किसान पंचायत की स्थापना बिजौलिया क्षेत्र में हुई।
👉 इसे ऊपरमाल पंचबोर्ड या बिजौलिया किसान पंचायत कहा गया।
👉 इस संगठन ने आगे चलकर आन्दोलन को सशक्त बनाया।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
डूंग जी - जवाहरजी किस जिले के थे ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 डूंगजी-जवाहरजी राजस्थान के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे।
👉 दोनों ने ठिकानेदारों और अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इनका प्रमुख क्षेत्र शेखावाटी रहा, जो सीकर जिले में आता है।
👉 इन्होंने किसानों व जनता को जागरूक करने का कार्य किया।
👉 इसलिए इनका सम्बन्ध सीकर जिले से माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
किस शासक के देहांत के पश्चात् बिजौलिया का जागीरी प्रशासन कोर्ट ऑफ वार्ड्स के नियंत्रण में चला गया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 बिजौलिया के जागीरदार पृथ्वीसिंह की मृत्यु 1914 ई. में हुई।
👉 उनके पश्चात् उनका अल्पवयस्क पुत्र केसरीसिंह उत्तराधिकारी बना।
👉 नाबालिग होने के कारण जागीर का प्रशासन कोर्ट ऑफ वार्ड्स के अधीन चला गया।
👉 इस दौरान अमरसिंह राणावत को मुंसरिम नियुक्त किया गया।
👉 यहीं से किसानों और ठिकाने के बीच तनाव और बढ़ गया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीसिंह
रूपाजी एवं कृपाजी धाकड़ नामक दो किसान किस कृषक आन्दोलन के दौरान शहीद हुए?
JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन की शुरुआत 1921 ई. में हुई।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच हेतु सरकार ने ट्रेंच आयोग भेजा।
👉 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा गाँव में सभा आयोजित हुई।
👉 इस सभा पर गोलीकाण्ड हुआ, जिसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ शहीद हुए।
👉 इस घटना से आन्दोलन की तेज़ी और व्यापकता बढ़ी।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ
भरतपुर किसान आंदोलन से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा असत्य है ?
a. भूमि राजस्व बढ़ाने के लिए, 1931 में भरतपुर राज्य में नवीन भूमि बंदोबस्त कार्यान्वित किया गया था।
b. भूमि राजस्व अधिकारियों ने भूमि राजस्व में इस वृद्धि के विरोध में एक आंदोलन शुरू किया।
c. राज्य सरकार ने मेवों को शांत करने के लिए एक मुस्लिम सदस्य खान बहादुर काजी अजीजुद्दीन बिलग्रामी को राज्य परिषद में शामिल किया।
d. यह आंदोलन नवंबर 1931 में भोजी लंबरदार की गिरफ्तारी के साथ समाप्त हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
भरतपुर
किसान आंदोलन
भूमि राजस्व
वृद्धि
के विरोध में
शुरू हुआ।
👉
वर्ष
1931
में
राज्य में नवीन
भूमि बंदोबस्त
लागू किया गया
था।
👉
आंदोलन
के दौरान भोजी
लंबरदार
की गिरफ्तारी
भी हुई।
👉
लेकिन
काजी
अजीजुद्दीन
बिलग्रामी
को परिषद में
शामिल करने
का कथन सही
नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – केवल c
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I): आज़ादी से पहले राजस्थान के कृषि आंदोलनों का नेतृत्व गैर- किसानों ने किया था।
कथन (II): गंगानगर क्षेत्र के आंदोलन का नेतृत्व एक कम्युनिस्ट नेता वाई. एन. हांडा के द्वारा किया गया।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान के कृषि आन्दोलनों का नेतृत्व अधिकांशतः स्वयं किसान नेताओं ने किया।
👉 अतः यह कहना कि नेतृत्व केवल गैर-किसानों ने किया, गलत है।
👉 गंगानगर क्षेत्र में आन्दोलन का नेतृत्व कम्युनिस्ट नेता वाई. एन. हांडा ने किया।
👉 इस प्रकार दूसरा कथन सही और पहला कथन गलत है।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) गलत है लेकिन कथन (II) सही है
बेगूं किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन की शुरुआत 1921 ई. में हुई।
👉 यह आन्दोलन भीलवाड़ा जिले के भैरू कुण्ड से प्रारम्भ हुआ।
👉 विजयसिंह पथिक के कहने पर इसका नेतृत्व रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 किसानों ने लागतें और बेगार न देने का निर्णय लिया।
👉 इस आन्दोलन में किसानों ने सरकारी कार्यालयों और अदालतों का बहिष्कार किया।
✍️ सही उत्तर है – रामनारायण चौधरी
ट्रेंच कमीशन किस किसान आंदोलन से संबंधित है ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में भैरू कुण्ड से शुरू हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच के लिए सरकार ने ट्रेंच कमीशन बनाया।
👉 इस आयोग ने अधिकांश लागतों और बेगार प्रथा को उचित ठहराया।
👉 1923 ई. में गोविन्दपुरा सभा पर गोलीकाण्ड भी हुआ।
👉 इसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ शहीद हुए और आन्दोलन तेज हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन
विजय सिंह और मराठों के बीच 1756 की संधि की शर्तें थी :
a. राम सिंह मराठों को उनकी सहायता के बदले में 5 लाख रूपए का भुगतान करने पर सहमत हुए।
b. विजय सिंह, राम सिंह के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र थे, यदि राम सिंह ने उनकी सीमा का उल्लंघन किया।
c. जोधपुर राज्य ने वार्षिक कर के रूप में मराठों को डेढ़ लाख रूपए देना स्वीकार किया।
d. अजमेर और गढ़बीठली (तारागढ़) मराठों के अधीन नहीं रहेंगे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[Jamadar Grade II 27.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
1756 की
संधि में विजय
सिंह ने
मराठों की सहायता
के बदले 5
लाख
रुपये देने
पर सहमति दी।
👉
संधि
के अनुसार विजय
सिंह को
राम सिंह के
विरुद्ध सैन्य
कार्रवाई की
अनुमति भी मिली।
👉
जोधपुर
राज्य ने मराठों
को वार्षिक
कर के रूप में
डेढ़ लाख रुपये
देना स्वीकार
किया।
👉
अजमेर
और तारागढ़
के संबंध में
दिया गया कथन
संधि की शर्तों
में शामिल नहीं
था।
✍️ सही उत्तर है – केवल a, b, c
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन (I) : बिजोलिया किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए, उदयपुर की राज्य सरकार ने अप्रैल 1919 में, एक आयोग का गठन माण्डलगढ हाकीम बिन्दूलाल भट्टाचार्य की अध्यक्षता में गठित किया। आयोग ने किसानों के हित के लिए अनेक अनुशंसाएँ की।
कथन (II) : भारतीय सरकार के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का मानना था कि बिजोलिया किसान पंचायत से गठबंधन की तुरन्त स्थापना की जाए अन्यथा राजपूताना में किसान आंदोलन एक हिंसात्मक रूप ले सकता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]
👉 अप्रैल 1919 ई. में उदयपुर राज्य सरकार ने किसानों की समस्याओं की जाँच हेतु आयोग बनाया।
👉 इस आयोग की अध्यक्षता माण्डलगढ़ हाकीम बिन्दूलाल भट्टाचार्य ने की और कई अनुशंसाएँ दीं।
👉 ब्रिटिश सरकार के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने भी किसान आन्दोलन को गंभीर माना।
👉 उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजौलिया किसान पंचायत से गठबंधन नहीं हुआ तो आन्दोलन हिंसात्मक हो सकता है।
👉 इस प्रकार दोनों कथन ऐतिहासिक दृष्टि से सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं
निम्न में से राजस्थान का प्रथम किसान आन्दोलन कौन सा है ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 राजस्थान का प्रथम संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया में हुआ।
👉 यह आन्दोलन मेवाड़ रियासत के ऊपरमाल क्षेत्र से जुड़ा था।
👉 किसानों से 84 प्रकार की लाग-बाग और कर वसूले जाते थे।
👉 1897 ई. से किसानों ने जागीरदारों के अत्याचारों का विरोध शुरू किया।
👉 यह आन्दोलन सबसे लम्बा और अहिंसात्मक संघर्ष माना गया।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया किसान आन्दोलन
राजा कल्याण सिंह द्वारा भू-राजस्व में 25 से 50 प्रतिशत की वृद्धि करने पर निम्नलिखित में से कौन सा किसान आन्दोलन शुरू हुआ था ?
[तकनीकी सहायक 18.05.2025]
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किसानों पर अत्यधिक लगान और लागतें थोपी गईं।
👉 सीकर ठिकाने के राजा कल्याण सिंह ने भू-राजस्व में 25 से 50 प्रतिशत की वृद्धि की।
👉 इस वृद्धि से किसानों में भारी असंतोष फैल गया।
👉 परिणामस्वरूप यहाँ से सीकर किसान आन्दोलन की शुरुआत हुई।
👉 इस आन्दोलन में किसानों ने कर न देने और बहिष्कार का मार्ग अपनाया।
✍️ सही उत्तर है – सीकर किसान आन्दोलन
'सीताराम साधु' राजस्थान के किस आंदोलन से जुड़े हुए हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 23.03.2019]
👉 साधु सीताराम दास राजस्थान के प्रमुख किसान नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के विरुद्ध संघर्ष कराया।
👉 उनका सम्बन्ध मेवाड़ रियासत के बिजौलिया किसान आन्दोलन से था।
👉 इस आन्दोलन में किसानों ने 84 प्रकार की लागतों और करों का विरोध किया।
👉 इसलिए साधु सीताराम दास का नाम बिजौलिया आन्दोलन से जुड़ा है।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
'सीताराम साधु' राजस्थान के किस किसान आंदोलन से संबंधित हैं ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 साधु सीताराम दास राजस्थान के प्रमुख किसान नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के विरुद्ध संघर्ष कराया।
👉 उनका सम्बन्ध मेवाड़ रियासत के बिजौलिया किसान आन्दोलन से था।
👉 इस आन्दोलन में किसानों ने 84 प्रकार की लागतों और करों का विरोध किया।
👉 साधु सीताराम दास को बिजौलिया आन्दोलन का जनक भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया आन्दोलन