उदयपुर में 'देशहितैषणी सभा' का गठन किसने किया ?

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • महाराणा सज्जन सिंह 

  • महाराणा शम्भू सिंह 

  • महाराणा जसवन्त सिंह

  • महाराणा अजीत सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर में 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में एक संस्था गठित हुई।
👉 इस संस्था का नाम था देशहितैषिणी सभा।
👉 इसका गठन मेवाड़ के महाराणा सज्जन सिंह द्वारा किया गया।
👉 इसका उद्देश्य समाज में सुधार और जागृति फैलाना था।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा सज्जन सिंह 

1936 ई. में वकील अमृतलाल पायक ने हरिजन पाठशाला की स्थापना कहाँ की थी ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]

  • शाहपुरा 

  • कुशलगढ़ 

  • प्रतापगढ़ 

  • टोंक 

🔹 व्याख्या

👉 वर्ष 1936 ई. में हरिजन पाठशाला की स्थापना की गई।
👉 इसके संस्थापक वकील अमृतलाल पायक थे।
👉 यह पाठशाला प्रतापगढ़ में शुरू की गई। 

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ 

राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 में किसके द्वारा की गई ? 

[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]

  • मोहन लाल सुखाड़िया

  • जमनालाल बजाज

  • विजयसिंह पथिक 

  • माणिक्य लाल वर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 ई. में हुई।
👉 यह संगठन महात्मा गांधी के परामर्श से गठित हुआ।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष विजयसिंह पथिक बने।
👉 संगठन का उद्देश्य जनता में राजनीतिक चेतना और आंदोलनों को गति देना था।

✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक 

'वैधकसार' तथा 'पूजा पद्धति' पुस्तकों की रचना किसने की ? 

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • गज सिंह

  • अभय सिंह 

  • जोरावर सिंह

  • अजीत सिंह

🔹 व्याख्या

👉 ‘वैधकसार’ और ‘पूजा पद्धति’ पुस्तकों की रचना जोरावर सिंह ने की।
👉 वे इस कृति के लेखक माने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जोरावर सिंह 

27 फरवरी 1883 ई. को किसके सान्निध्य में में 'परोपकारिणी सभा' की स्थापना की गई ? 

[NHM Compounder 11.06.2025]

  • दयानंद सरस्वती 

  • जसवन्त सिंह द्वितीय 

  • हरबिलास शारदा 

  • महाराणा सज्जन सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 ‘परोपकारीणी सभा’ की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा की गई थी।
👉 वे आर्य समाज के संस्थापक थे और समाज सुधार के अग्रदूत माने जाते हैं।
👉 इस सभा का उद्देश्य धर्म-प्रचार, अन्न्य संरक्षण तथा अवला मोक्ष जैसे परोपकारी कार्यों को प्रोत्साहित करना था।
👉 1883 ई. में स्वामी दयानंद सरस्वती ने उदयपुर में इस सभा की स्थापना की।
👉 इसका मुख्यालय अजमेर में था, और इस संस्था ने सामाजिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।

✍️ सही उत्तर है – दयानंद सरस्वती 

'पोपाबाई की पोल' नामक पुस्तक किसने लिखी ? 

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • दानमल

  • जयनारायण व्यास 

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • मानमल

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ क्षेत्र में दमनकारी नीतियों के विरोध में कृतियाँ लिखी गईं।
👉 इन्हीं में एक पुस्तिका थी ‘पोपाबाई की पोल’।
👉 इस पुस्तिका का लेखन जयनारायण व्यास ने किया।
👉 इसका उद्देश्य जनता को जागरूक करना और आन्दोलन को गति देना था।

✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास 

'प्रताप' नामक समाचार पत्र कहाँ से प्रकाशित होता था ? 

[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]

  • कानपुर 

  • बरेली

  • आगरा

  • दिल्ली 

🔹 व्याख्या

👉 स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई समाचार पत्र निकाले गए।
👉 इनमें एक प्रमुख पत्र था ‘प्रताप’।
👉 इसका प्रकाशन 1910 ई. में हुआ।
👉 यह समाचार पत्र कानपुर से प्रकाशित होता था।

✍️ सही उत्तर है – कानपुर 

वाल्टर ने राजपूत हितकारिणी सभा की स्थापना कहाँ की ?

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • कोटा 

  • जयपुर

  • अजमेर 

  • उदयपूर

🔹 व्याख्या

👉 राजपूत हितकारिणी सभा की स्थापना अजमेर में हुई।
👉 इसे 1888 ई. में कर्नल सी. के. एम. वाल्टर के प्रयासों से गठित किया गया।
👉 इसका उद्देश्य राजपूतों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार करना था।
👉 इसमें सामाजिक नियमों का निर्माण और विवाह आयु का नियमन भी शामिल था।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर 

निम्नलिखित में से किसे ब्रिटिशों के खिलाफ विद्रोह संगठित करने के कारण टोडगढ़ किले में कैद किया गया था ? 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • प्रताप सिंह बारहठ 

  • राव गोपाल सिंह खरवा 

  • सागरमल गोपा 

  • दौलत मल भंडारी 

🔹 व्याख्या

👉 राव गोपाल सिंह खरवा राजस्थान की खरवा रियासत के शासक थे।
👉 उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह संगठित किया था।
👉 इस कारण उन्हें अंग्रेजों ने टोडगढ़ किले में कैद कर लिया।
👉 उन पर साजिश रचने का आरोप लगाकर चार वर्ष की कैद की सज़ा दी गई।
👉 बाद में वे किले से भाग निकले, पर पुनः पकड़े गए और तिहाड़ जेल भेजे गए।

✍️ सही उत्तर है – राव गोपाल सिंह खरवा 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में: 

अभिकथन A: 17 वां हिन्दी साहित्य सम्मेलन भरतपुर (राजस्थान) में कुंज बिहारी लाल मोदी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। 

कारण R : रविन्द्रनाथ टैगोर, मदन मोहन मालवीय और जमनालाल बजाज ने इसमें भाग लिया था। 

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। 

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है। 

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है। 

  • A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है। 

🔹 व्याख्या

👉 17वाँ हिन्दी साहित्य सम्मेलन भरतपुर में आयोजित नहीं हुआ था।
👉
इसलिए अभिकथन A तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
👉
जबकि रविन्द्रनाथ टैगोर, मदन मोहन मालवीय व जमनालाल बजाज ने इसमें भाग लिया था।

✍️ सही उत्तर है – A सही नहीं है लेकिन R सही है।

"मीणा क्षेत्रीय सभा" की स्थापाना कब की गई:- 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • 1943 ई. 

  • 1913 ई.  

  • 1933 ई. 

  • 1923 ई. 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मीणा समाज को संगठित करने हेतु एक संस्था बनी।
👉 इस संस्था का नाम था मीणा क्षेत्रीय सभा।
👉 इसकी स्थापना वर्ष 1933 ई. में की गई।
👉 सभा का उद्देश्य समाज में शिक्षा और जागृति फैलाना था।

✍️ सही उत्तर है – 1933 ई. 

'आजाद मोर्चा' की स्थापना किसने की ? 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • विजयसिंह पथिक 

  • दीन दयाल

  • मुंशी दीनानाथ 

  • बाबा हरिशचन्द

🔹 व्याख्या

👉 भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.) के समय जयपुर में मतभेद उत्पन्न हुए।
👉 हीरालाल शास्त्री की नीतियों के विरोध में एक नया संगठन बना।
👉 इस संगठन का नाम था आजाद मोर्चा।
👉 इसकी स्थापना बाबा हरिश्चन्द्र ने की।

✍️ सही उत्तर है – बाबा हरिश्चन्द्र 

जेन्टलमेन एग्रीमेन्ट से किसका सम्बन्ध रहा है -

[JEN (यांत्रिक डिप्लोमा) 21.08.2016]

  • हीरालाल शास्त्री 

  • जयनारायण व्यास

  • जवाहरलाल नेहरू 

  • रघुवर सिंह  

🔹 व्याख्या

👉 1942 ई. में जयपुर राज्य में एक समझौता हुआ।
👉 इस समझौते को जेन्टलमेन एग्रीमेन्ट कहा गया।
👉 यह समझौता जयपुर प्रजामण्डल के नेता हीरालाल शास्त्री और राज्य के प्रधानमंत्री सर मिर्जा इस्माइल के बीच हुआ।
👉 इसके कारण जयपुर में भारत छोड़ो आंदोलन नहीं चलाया गया।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल शास्त्री 

"रियासती सचिवालय" की स्थापना कब की गई ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • 12 सितम्बर, 1947

  • 2 दिसम्बर, 1947

  • 4 नवम्बर, 1947

  • 5 जुलाई, 1947 

🔹 व्याख्या

👉 स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान में प्रशासनिक ढांचे का निर्माण हुआ।
👉 इसी क्रम में रियासती सचिवालय की स्थापना की गई।
👉 इसका गठन 5 जुलाई, 1947 ई. को हुआ। 

✍️ सही उत्तर है – 5 जुलाई, 1947 

"राजस्थान के जतिनदास" के रूप में प्रसिद्ध राजस्थान के क्रांतिकारी, जिन्होंने चरखा संघ भी स्थापित किया था, का नाम है - 

[REET Mains (L-1) 20.01.2026]

  • सागरमल गोपा 

  • केसरी सिंह बारहठ 

  • कुंवर प्रताप सिंह 

  • बालमुकुन्द बिस्सा 

🔹 व्याख्या

👉 बालमुकुन्द बिस्सा को राजस्थान का जतिनदास कहा जाता है।
👉
उनका जन्म 1908 में पीलवा (डीडवाना) में हुआ था।
👉
उन्होंने चरखा संघ की स्थापना कर आंदोलन में भाग लिया।
👉 63
दिन की भूख हड़ताल के कारण जेल में उनका निधन हो गया।

✍️ सही उत्तर है – बालमुकुन्द बिस्सा

स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा 1883ई में परोपकारिणी सभा की स्थापना कँहा की ? 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • बूंदी 

  • उदयपुर

  • अलवर 

  • करौली 

🔹 व्याख्या

👉 स्वामी दयानन्द सरस्वती ने सुधार कार्यों हेतु एक संस्था बनाई।
👉 इस संस्था का नाम था परोपकारिणी सभा।
👉 इसकी स्थापना वर्ष 1883 ई. में की गई।
👉 यह संस्था राजस्थान के उदयपुर में स्थापित हुई।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर 

राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान स्थित है 

[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]

  • जयपुर 

  • उदयपुर

  • जोधपुर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान एक प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संस्था है।
👉 इसका उद्देश्य प्राच्य साहित्य और इतिहास का अध्ययन करना है।
👉 यह प्रतिष्ठान राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित है। 

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

आधुनिक राजस्थान का निर्माणकर्ता किसे कहा जाता है ?

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • मोहनलाल सुखाडिया

  • जयनारायण व्यास 

  • विजयसिंह पथिक

  • भोगीलाल पाण्ड्या

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के विकास में कई नेताओं का योगदान रहा।
👉 इनमें सबसे महत्वपूर्ण नाम मोहनलाल सुखाड़िया का है।
👉 उन्होंने शिक्षा, कृषि व सिंचाई क्षेत्र में विशेष कार्य किए।
👉 इसलिए उन्हें आधुनिक राजस्थान का निर्माणकर्ता कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मोहनलाल सुखाड़िया 

नव राजस्थान को राजधानी का मुद्रा हल करने हेतु एक कमेटी का गठन किया गया था जिसके अध्यक्ष थे [*]

[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]

  • ले. कर्नल टी. सी. पुरी

  • बी.पी. मेनन

  • शंकर राव देव

  • बी. आर. पटेल

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।

उस पत्रकार का नाम बताइए जिसने वर्ष 1956 में “राजस्थान पत्रिका” समाचार पत्र शुरू किया था। 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • कोमल कोठारी 

  • कृपाल सिंह शेखावत 

  • कर्पूर चन्द्र कुलिश 

  • बीरबल सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 “राजस्थान पत्रिका” समाचार पत्र की शुरुआत वर्ष 1956 ई. में की गई थी।
👉 इसके संस्थापक और संपादक प्रसिद्ध पत्रकार कर्पूर चन्द्र कुलिश थे। 
👉 “राजस्थान पत्रिका” शीघ्र ही राज्य का प्रमुख दैनिक समाचार पत्र बन गया। 

✍️ सही उत्तर है – कर्पूर चन्द्र कुलिश 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में।

अभिकथन A : कोटा राज्य में जनजागरण के प्रणेता पंडित नयनूराम शर्मा थे, उन्होंने थानेदार के पद से त्यागपत्र दिया।

कारण R : 1939 में कोटा राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना के प्रयोजन से पंडित नयनूराम शर्मा और पंडित अभिन्न हरि ने कोटा राज्य प्रजामंडल की स्थापना की थी।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Hindi 19.01.2026]

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

🔹 व्याख्या

👉 पंडित नयनूराम शर्मा ने कोटा में जनजागरण हेतु पुलिस की थानेदार नौकरी से त्यागपत्र दिया था।

👉 कोटा प्रजामंडल की स्थापना 1939 में पंडित नयनूराम शर्मा और अभिन्न हरि ने की थी।

👉 प्रजामंडल का मुख्य उद्देश्य कोटा राज्य में उत्तरदायी शासन की व्यवस्था स्थापित करना था।

👉 अभिकथन A और कारण R दोनों सत्य हैं और प्रजामंडल के गठन का कारण स्पष्ट करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान किस देसी रियासत में झंडा आंदोलन हुआ ? 

[NHM Administrator 06.06.2025]

  • मेवाड़ 

  • कोटा 

  • बीकानेर 

  • मारवाड 

🔹 व्याख्या

👉 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बीकानेर रियासत में भी आंदोलन की लहर पहुँची।
👉 देशभक्तों ने तिरंगा फहराकर और प्रदर्शन करके आंदोलन में भाग लेने का प्रयास किया।
👉 इस घटना को बीकानेर के तत्कालीन शासक ने देशद्रोह घोषित कर दिया।
👉 आंदोलनकारियों पर प्रतिबंध लगाए गए और उन्हें दमनात्मक कार्यवाहियों का सामना करना पड़ा।
👉 यह आंदोलन बीकानेर में जनजागृति और स्वतंत्रता चेतना का प्रतीक बन गया।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर  

"मेवाड पुकार" 21 सूत्री मांगपत्र का सम्बंध किससे था ? 

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • साधु सीताराम दास

  • माणिक्यलाल वर्मा 

  • मोतीलाल तेजावत 

  • विजय सिंह पथिक

🔹 व्याख्या

👉 “मेवाड़ पुकार” नामक दस्तावेज एक मांगपत्र था।
👉 इसमें कुल 21 सूत्री मांगें प्रस्तुत की गई थीं।
👉 यह मांगपत्र किसान नेता मोतीलाल तेजावत से संबंधित था।
👉 इसका उद्देश्य किसानों के अधिकारों और सुधारों की मांग करना था।

✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत 

राजस्थान में समाचार पत्रों का सर्वप्रथम प्रकाशन प्रारम्भ हुआ :

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • जयपुर 

  • बीकानेर

  • अजमेर

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में समाचार पत्रों का प्रकाशन सबसे पहले शुरू हुआ।
👉 यह प्रकाशन अजमेर से प्रारंभ हुआ।
👉 अजमेर उस समय एक प्रमुख केन्द्र था।
👉 यहीं से समाचार पत्रों की परंपरा की शुरुआत हुई।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर 

मेवाड में "आर्य समाज” की स्थापना किसने की ?

[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]

  • विष्णुलाल पांड्या

  • राधाकिशन शर्मा

  • कन्हैया लाला जादम

  • गोपीनाथ शर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर आर्य समाज की शाखाएँ स्थापित हुईं।
👉 मेवाड़ क्षेत्र में भी इसकी स्थापना की गई।
👉 मेवाड़ में आर्य समाज की स्थापना विष्णुलाल पाण्ड्या ने की।
👉 इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार और शिक्षा प्रसार था।

✍️ सही उत्तर है – विष्णुलाल पाण्ड्या 

'चिडावा का गाँधी' किसे कहा गया है ? 

[पटवार प्री. परीक्षा 2015]

  • सरदार हरलाल सिंह 

  • सेह घनश्याम दास बिड़ला 

  • राधाकृष्ण बोहरा

  • मास्टर प्यारेलाल गुप्ता 

🔹 व्याख्या

👉 शेखावाटी क्षेत्र के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी मास्टर प्यारेलाल गुप्ता थे।
👉 वे सामाजिक सुधार और राजनीतिक जागरण के लिए सक्रिय रहे।
👉 उनकी कार्यशैली और विचारों से लोग उन्हें ‘चिड़ावा का गांधी’ कहने लगे।
👉 उन्होंने जनता में राष्ट्रीय चेतना का प्रसार किया।

✍️ सही उत्तर है – मास्टर प्यारेलाल गुप्ता 

उदयपुर में 'महिला मण्डल' (1935) की स्थापना किसने की ?

[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]

  • जयशंकर अग्रवाल

  • रामशंकर गुप्ता

  • महादेवी वर्मा

  • दयाशंकर क्षोत्रिय 

🔹 व्याख्या

👉 1935 ई. में उदयपुर में महिलाओं के लिए एक संस्था बनी।
👉 इस संस्था का नाम था महिला मण्डल।
👉 इसकी स्थापना दयाशंकर क्षोत्रिय ने की।
👉 इसका उद्देश्य महिलाओं में राजनीतिक चेतना और राष्ट्रीय भावना जगाना था।

✍️ सही उत्तर है – दयाशंकर क्षोत्रिय 

1919 ई. में विजय सिंह पथिक ने 'राजस्थान सेवा संघ' की स्थापना कहाँ की ?

[NHM Pharma Assistant 13.06.2025] 

  • अजमेर

  • वर्धा 

  • कलकत्ता 

  • दिल्ली  

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सेवा संघ की स्थापना वर्ष 1919 ई. में अर्जुनलाल सेठी, केसरी सिंह बारहठ और विजय सिंह पथिक ने की थी।
👉 प्रारंभ में यह संघ वर्धा (महाराष्ट्र) में स्थापित हुआ और 1920 ई. में इसे अजमेर स्थानांतरित किया गया।
👉 इस संगठन का उद्देश्य राजस्थान में राजनीतिक चेतना और राष्ट्रीय आंदोलन को प्रोत्साहित करना था।
👉 इस संघ से संबंधित पत्रिका “नवीन राजस्थान” (बाद में “तरुण राजस्थान”) प्रकाशित की गई।
👉 साथ ही इस संगठन द्वारा “राजस्थान केसरी” नामक अख़बार भी निकाला जाता था।

✍️ सही उत्तर है – वर्धा 

'राजस्थान के लौह पुरूष कौन माने जाते हैं:-

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • जयनारायण व्यास 

  • मोहनलाल सुखाडिया

  • जमनालाल बजाज

  • दामोदर लाल व्यास

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के लौह पुरुष के रूप में दामोदर लाल व्यास जाने जाते हैं।
👉 उन्हें यह सम्मान उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदानों के कारण मिला।

✍️ सही उत्तर है – दामोदर लाल व्यास 

उदयपुर में हिन्दी विद्यापीठ' की स्थापना किसने की ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • विजय सिंह

  • घनश्याम दास 

  • जनार्दन राय नागर 

  • कृपाल सिंह

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर में हिन्दी भाषा के प्रसार हेतु एक संस्थान स्थापित हुआ।
👉 इस संस्थान का नाम था हिन्दी विद्यापीठ।
👉 इसकी स्थापना 21 अगस्त 1931 ई. को की गई।
👉 इसके संस्थापक थे जनार्दनराय नागर।

✍️ सही उत्तर है – जनार्दनराय नागर 

निम्नलिखित में से कौन 'राजस्थान सेवा संघ' के गठन से संबंधित नहीं है ? 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • रामनारायण चौधरी 

  • विजय सिंह पथिक 

  • चंदकरण शारदा 

  • हरिभाई किंकर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 ई. में वर्धा में हुई।
👉 इसके गठन में अर्जुनलाल सेठी, केसरीसिंह बारहठ, विजयसिंह पथिक, हरिभाई किंकर और रामनारायण चौधरी की भूमिका रही।
👉 इस सूची में चंदकरण शारदा का नाम शामिल नहीं है।
👉 अतः वे राजस्थान सेवा संघ के गठन से संबंधित नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – चंदकरण शारदा 

'हरिजन सेवा संघ' की राजपूताना शाखा का अध्यक्ष किसे मनोनीत किया गया:- 

[JEN Mechenical डिग्री 16.10.2016]

  • दामोदर दास राठी 

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • विजय सिंह

  • हरविलास शारदा

🔹 व्याख्या

👉 महात्मा गांधी के प्रयासों से हरिजन सेवा संघ का गठन हुआ।
👉 इसकी एक शाखा राजपूताना में भी स्थापित की गई।
👉 इस शाखा के अध्यक्ष के रूप में हरविलास शारदा को मनोनीत किया गया।
👉 इनका उद्देश्य हरिजनों के उद्धार और शिक्षा प्रसार से जुड़ा था।

✍️ सही उत्तर है – हरविलास शारदा 

सार्दुल राजस्थान रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना किसने की ? 

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • रामकर्ण आसोपा

  • दशरथ शर्मा 

  • जेम्स टॉड

  • रायचन्द 

🔹 व्याख्या

👉 सार्दुल राजस्थान अनुसंधान संस्थान की स्थापना बीकानेर में हुई।
👉 इसके संस्थापक दशरथ शर्मा थे। 

✍️ सही उत्तर है – दशरथ शर्मा 

__________ पत्रकारिता के पितामह के रूप में प्रसिद्ध थे। 

निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • पं. झाबरमल शर्मा 

  • कर्पूरचंद कुलिश 

  • कोमल कोठारी 

  • दुर्गादास राठौड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई पत्रकार सक्रिय रहे।
👉 इनमें प्रमुख थे पं. झाबरमल शर्मा।
👉 उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से राजनीतिक चेतना फैलाई।
👉 इसलिए उन्हें राजस्थान की पत्रकारिता का पितामह कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – पं. झाबरमल शर्मा 

1909-10 में रास बिहारी बोस ने भूप सिंह को राजस्थान में क्रांति की अग्नि प्रज्वलित करने भेजा जो __________नाम से प्रसिद्ध हुए। 

[NHM Compounder 11.06.2025]

  • अर्जुनलाल सेठी 

  • माणिक्यलाल वर्मा 

  • विजय सिंह पथिक 

  • गोपाल सिंह खरवा   

🔹 व्याख्या

👉 1909–10 ई. में रास बिहारी बोस ने भूप सिंह को राजस्थान में क्रांति की चिंगारी फैलाने के लिए भेजा।
👉 भूप सिंह आगे चलकर “विजय सिंह पथिक” के नाम से प्रसिद्ध हुए।
👉 उन्होंने खरवा ठाकुर गोपाल सिंह के सचिव बनकर कार्य किया।
👉 उनके नेतृत्व में राजस्थान में क्रांतिकारी गतिविधियों का संचालन किया गया।
👉 उनका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांति फैलाना और स्वतंत्रता की भावना जागृत करना था।

✍️ सही उत्तर है – विजय सिंह पथिक 

“परोपकारिणी सभा'' की स्थापना हुई :-

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • 1895 ई.

  • 1883 ई.

  • 1885 ई.

  • 1893 ई.

🔹 व्याख्या

👉 स्वामी दयानंद सरस्वती ने सुधार कार्यों के लिए एक संस्था बनाई।
👉 इसका नाम था परोपकारिणी सभा।
👉 यह संस्था उदयपुर में स्थापित की गई।
👉 स्थापना वर्ष 1883 ई. था।

✍️ सही उत्तर है – 1883 ई. 

राजस्थान के निम्नलिखित समाचारपत्रों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें। 

a. राजस्थान केसरी 

b. राजस्थान (साप्ताहिक) 

c. राजपूताना गजट 

d. जयपुर समाचार 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • b, a, c, d 

  • d, b, a, c

  • c, a, b, d 

  • a, c, d, b 

🔹 व्याख्या

👉 राजपूताना गजट राजस्थान के प्रारम्भिक समाचारपत्रों में से एक था।
👉
इसके बाद राजस्थान केसरी का प्रकाशन हुआ, जिसने राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया।
👉
आगे चलकर राजस्थान (साप्ताहिक) पत्र का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ।
👉
बाद में जयपुर समाचार का प्रकाशन शुरू हुआ।

✍️ सही उत्तर है – c, a, b, d

नीचे दो कथन दिए गए हैं : 

कथन (I) : 19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों से अजमेर राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक-आर्थिक कार्यकलाप का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था। 

कथन (II) : सन् 1888 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इलाहाबाद सत्र में अजमेर- मारवाड़ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • कथन (I) सही है, लेकिन कथन (II) गलत है। 

  • कथन (I) गलत है, लेकिन कथन (II) सही है। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों गलत हैं। 

  • कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में अजमेर राजनीतिक व सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया।
👉 यहाँ से राष्ट्रीय चेतना का प्रसार हुआ।
👉 सन् 1888 ई. में कांग्रेस के इलाहाबाद अधिवेशन में अजमेर-मारवाड़ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और कथन (II) दोनों सही हैं 

राजस्थान में बालिकाओं के लिए जय “कन्या विद्यालय"(1932 ई) किसने स्थापित किया ? 

[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]

  • दामोदर दास राठी 

  • जयनारायण व्यास

  • नयनूराम शर्मा

  • ऋषिदत्त मेहता

🔹 व्याख्या

👉 1932 ई. में राजस्थान में कन्याओं की शिक्षा के लिए एक विद्यालय खोला गया।
👉 इस विद्यालय का नाम था जय कन्या विद्यालय।
👉 इसकी स्थापना स्वतंत्रता सेनानी जयनारायण व्यास ने की। 

✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास 

"विद्यार्थी यूथ लीग"(1929 ई) की स्थापना दिल्ली में किसने की ? 

[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]

  • जानकी देवी बजाज 

  • मास्टर आदित्येन्द्र 

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • टीकाराम पालीवाल 

🔹 व्याख्या

👉 विद्यार्थी यूथ लीग की स्थापना 1929 ई. में हुई।
👉 इसे टीकाराम पालीवाल ने दिल्ली में संगठित किया।
👉 इसके माध्यम से जनसभाएँ, जुलूस और प्रदर्शन आयोजित हुए।
👉 उद्देश्य सामाजिक और राजनीतिक चेतना पैदा करना था।

✍️ सही उत्तर है – टीकाराम पालीवाल 

मारवाड़ हितकारिणी सभा का गठन किसने किया :-

[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]

  • माणिक्य लाल वर्मा

  • भूप सिंह 

  • सूरजमल

  • जयनारायण व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ क्षेत्र में जनता को संगठित करने हेतु एक संस्था बनी।
👉 इस संस्था का नाम था मारवाड़ हितकारिणी सभा।
👉 इसका गठन जयनारायण व्यास द्वारा किया गया।
👉 सभा ने किसानों की समस्याओं और सामाजिक मुद्दों को उठाया।

✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास 

'राजस्थान सेवा संघ' की स्थापना कब हुई ?

[JEN (कृषि) 12.07.2015]

  • 1921 ई.

  • 1919 ई. 

  • 1926 ई.

  • 1924 ई.

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सेवा संघ स्वतंत्रता आंदोलन के समय बनी एक प्रमुख संस्था थी।
👉 इसका गठन महात्मा गांधी के परामर्श से हुआ।
👉 इसके माध्यम से किसानों और जनता को संगठित किया गया।
👉 इस संस्था की स्थापना वर्ष 1919 ई. में हुई।

✍️ सही उत्तर है – 1919 ई. 

"तीडोराव" अलेखू-हिट्लर पुस्तकों की रचना किसने की है ? 

[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]

  • अन्नाराम सुदामा 

  • शिवचरण भरतिय

  • चन्द्रप्रकाश देवल

  • विजयदान देथा

🔹 व्याख्या

👉 “तीडोराव” और “अलेखू-हिटलर” पुस्तकों की रचना विजयदान देथा ने की।
👉 वे प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार थे।

✍️ सही उत्तर है – विजयदान देथा 

आचार्य तुलसी ने "अणुव्रत आन्दोलन" का सूत्रपात कब क्रिया ?

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • 1949 ई. 

  • 1942 ई.

  • 1952 ई.

  • 1945 ई.

🔹 व्याख्या

👉 आचार्य तुलसी जैन संत एवं समाज सुधारक थे। 
👉 इस आंदोलन का नाम था अणुव्रत आंदोलन।
👉 इसका सूत्रपात वर्ष 1949 ई. में किया गया।

✍️ सही उत्तर है – 1949 ई. 

1936 में किसने राजस्थान का प्रथम दैनिक समाचारपत्र "ज्योति” प्रकाशित किया था ? 

[REET Mains L-2 Sans 20.01.2026]

  • मास्टर आदित्येन्द्र 

  • कप्तान दुर्गा प्रसाद 

  • गोकुलचंद्र दीक्षित 

  • निरंजन शर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 नवज्योति राजस्थान का प्रथम दैनिक समाचार पत्र था।
👉
इसका प्रकाशन वर्ष 1936 माना जाता है।
👉
इसे कैप्टन दुर्गा प्रसाद चौधरी ने अजमेर से शुरू किया।
👉
यह राजस्थान का पहला दैनिक हिंदी समाचार पत्र था।

✍️ सही उत्तर है – कप्तान दुर्गा प्रसाद