जमनालाल बजाज एवं कपूरचंद्र पाटनी किस प्रजामंडल से जुड़े हुए थे ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]
👉 सेठ जमनालाल बजाज और कपूरचन्द्र पाटनी दोनों ही जयपुर प्रजामण्डल से जुड़े थे।
👉 1931 ई. में इसकी स्थापना हुई और बाद में 1936 ई. में पुनर्गठन किया गया।
👉 पुनर्गठित प्रजामण्डल में अध्यक्ष बने चिरंजीलाल मिश्र, संयुक्त सचिव बने कपूरचन्द्र पाटनी।
👉 1938 ई. में जमनालाल बजाज प्रजामण्डल के अध्यक्ष चुने गये।
👉 इस प्रजामण्डल ने उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामण्डल
राजस्थान के निम्नलिखित प्रजामंडलों पर विचार कीजिए :
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 21.03.2021]
👉 जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना सबसे पहले 1931 ई. में हुई।
👉 इसके बाद किशनगढ़ प्रजामण्डल की स्थापना 1939 ई. में हुई।
👉 तत्पश्चात् बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना 1943 ई. में की गई।
👉 इस प्रकार तीनों प्रजामण्डलों का क्रम है – जयपुर → किशनगढ़ → बाँसवाड़ा।
👉 सही कालानुक्रम है – 3, 1, 2।
✍️ सही उत्तर है – 3, 1, 2
नारायणी देवी वर्मा एवं स्नेहलता वर्मा किस प्रजामंडल से सम्बन्धित रहीं है
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 नारायणी देवी वर्मा और उनकी पुत्री स्नेहलता वर्मा दोनों ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया।
👉 इन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में गिरफ्तारी देकर साहस दिखाया।
👉 ये दोनों महिलाएँ मेवाड़ प्रजामण्डल की सक्रिय कार्यकर्ता थीं।
👉 आंदोलन के समय इन्होंने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर हड़ताल व सत्याग्रह का नेतृत्व किया।
👉 इस तरह इन्होंने मेवाड़ में जनजागृति और उत्तरदायी शासन की माँग को बल दिया।
✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ प्रजामण्डल
1938 में करौली राज्य प्रजामण्डल की स्थापना किसने की ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 1938 ई. में करौली प्रजामण्डल की स्थापना त्रिलोकचन्द्र माथुर ने की।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष स्वयं त्रिलोकचन्द्र रहे और संगठन को दिशा दी।
👉 अप्रैल 1939 ई. में उनकी अध्यक्षता में प्रजामण्डल का अधिवेशन हुआ।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में चिरंजीलाल शर्मा तथा मदनसिंह का योगदान रहा।
👉 इन्होंने प्रांतीय कांग्रेस की शाखा भी 1938 ई. में करौली में स्थापित की।
✍️ सही उत्तर है – त्रिलोक चन्द माथुर
मेवाड़ राज्य - प्रजा मण्डल की स्थापना ____में____ के द्वारा की
[प्रयोगशाला सहायक 13.11.2016]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
सागरमल गोपा ने किस राज्य में निरंकुश शासन के विरुद्ध जनता में जागृति पैदा की ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 सागरमल गोपा जैसलमेर राज्य के प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता थे।
👉 उन्होंने महारावल के निरंकुश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 जनता में जागृति लाने के लिए उन्होंने सभा, आंदोलन और लेखन का सहारा लिया।
👉 उन्होंने जैसलमेर में गुण्डाराज जैसी पुस्तक लिखकर शासन की अत्याचारिता उजागर की।
👉 इस कारण उन्हें जेल में यातनाएँ दी गईं और अंततः 1946 ई. में उनकी हत्या कर दी गई।
✍️ सही उत्तर है – जैसलमेर
14 नवम्बर, 1944 ई. में नारायणी देवी वर्मा ने कौन- सी संस्था की स्थापना की ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल आंदोलन में महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इन्हीं में प्रमुख थीं नारायणी देवी वर्मा।
👉 उन्होंने 14 नवम्बर, 1944 ई. को एक नई संस्था स्थापित की।
👉 इस संस्था का नाम था महिला आश्रम संस्था।
👉 इसका उद्देश्य था महिलाओं में जागृति लाना और उन्हें आन्दोलन से जोड़ना।
✍️ सही उत्तर है – महिला आश्रम संस्था
बूंदी में प्रजा मंडल की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 बूँदी राज्य में राजनीतिक जागरण के लिए 1931 ई. में प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष कान्तिलाल जैन बने।
👉 संगठन ने उत्तरदायी शासन और नागरिक अधिकारों की माँग की।
👉 आंदोलन के कारण इसके नेताओं को निर्वासन और जेल तक जाना पड़ा।
👉 इसने राज्य में जनचेतना फैलाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – 1931
सेठ जमनालाल बजाज, कपूरचन्द पाटनी, हीरालाल शास्त्री किस प्रजामंडल के नेता थे ?
कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024
👉 सेठ जमनालाल बजाज, कपूरचन्द पाटनी और हीरालाल शास्त्री तीनों ही जयपुर प्रजामण्डल से जुड़े थे।
👉 1931 ई. में जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना कर्पूरचन्द पाटनी की अध्यक्षता में हुई।
👉 1936 ई. में इसके पुनर्गठन में हीरालाल शास्त्री सचिव और कपूरचन्द पाटनी संयुक्त सचिव बने।
👉 1938 ई. में जमनालाल बजाज इसके अध्यक्ष बने और प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता की।
👉 इन नेताओं ने उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामण्डल
मेवाड प्रजामण्डल आंदोलन से संबंधित महिला कौन है ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल आंदोलन में महिलाओं ने भी सक्रिय योगदान दिया।
👉 इनमें सबसे प्रमुख नाम नारायणी देवी वर्मा का रहा।
👉 उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में अपने छह माह के शिशु के साथ गिरफ्तारी दी।
👉 उनके साथ स्नेहलता वर्मा और अन्य महिलाओं ने भी आंदोलन में भाग लिया।
👉 इस प्रकार नारायणी देवी वर्मा मेवाड़ की महिला नेतृत्वकर्ता बनीं।
✍️ सही उत्तर है – नारायणी देवी वर्मा
जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना___में ___ के द्वारा की गई थी। [*]
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियों के संचालन हेतु सर्वप्रथम किस राज्य में 1934 में प्रजा मण्डल की स्थापना की गई ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 1934 ई. में सर्वप्रथम जोधपुर राज्य में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 स्थापना का उद्देश्य था राज्य में राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करना।
👉 इस प्रजामण्डल के प्रथम अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में जयनारायण व्यास, छगनराज चौपासनीवाला, अभयमल जैन शामिल थे।
👉 संगठन ने जनता के अधिकारों और उत्तरदायी शासन के लिए संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना किसके द्वारा की गई ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसकी नींव प्रमुख नेता माणिक्यलाल वर्मा ने रखी।
👉 इस संगठन का अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।
👉 यह प्रजामण्डल आगे चलकर मेवाड़ के राजनीतिक आंदोलन का केंद्र बना।
✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा
झालावाड़ राज्य की स्थापना कब हुई ?
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 झालावाड़ राज्य का गठन उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ।
👉 इसकी स्थापना का वर्ष था 1838 ई.।
👉 इस राज्य की स्थापना झालावाड़ क्षेत्र को अलग कर की गई।
👉 बाद में यहाँ प्रजामण्डल आंदोलन भी सक्रिय हुआ।
👉 यह राज्य अंततः 25 मार्च, 1948 ई. को राजस्थान संघ में विलय हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1838 ई.
मधाराम वैद्य द्वारा बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना किस शहर में की गई?
[NHM Physiotherapist 05.06.202
👉 बीकानेर प्रजा मंडल की स्थापना 4 अक्टूबर 1936 ई. को मगराम वैद्य की अध्यक्षता में कोलकाता में की गई थी।
👉 इसकी स्थापना प्रवासी बीकानेर निवासियों द्वारा की गई थी।
👉 प्रमुख सदस्य थे — मुक्ताप्रसाद, रघुवरदयाल गोयल, स्वामी गोपालदास और सतनारायण सराफ।
👉 इस संगठन का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक जागरूकता लाना और राज्य के अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाना था।
👉 यह संस्था राष्ट्रवादी आंदोलनों को समर्थन देने हेतु प्रजा में ईक्य भावना उत्पन्न करने के लिए बनाई गई थी।
✍️ सही उत्तर है – कलकत्ता
हाडौती प्रजामण्डल की स्थापना किसने की थी ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 1934 ई. को कोटा राज्य में हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके संस्थापक थे पं. नयनूराम शर्मा और पं. अभिन्न हरि।
👉 प्रजामण्डल का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की माँग और जन जागृति फैलाना।
👉 संगठन में अध्यक्ष हाजी फैज मोहम्मद, मंत्री ग्वालजी मानजी, उपमंत्री तनसुखलाल मित्तल बने।
👉 बाद में यही संगठन कोटा राज्य प्रजामण्डल के रूप में सक्रिय हुआ।
✍️ सही उत्तर है – पं. नयनूराम शर्मा
कॉलम I में प्रजामंडल को कॉलम II में स्थापना वर्ष से मिलान कीजिए।
|
कॉलम I (प्रजामंडल) |
कॉलम II (स्थापना वर्ष) |
|
1. जयपुर प्रजामंडल |
a. 1934 |
|
2. मारवाड़ प्रजामंडल |
b. 1945 |
|
3. जैसलमेर प्रजामंडल |
c. 1931 |
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में कर्पूरचन्द पाटनी की अध्यक्षता में हुई।
👉 मारवाड़ प्रजामण्डल का गठन 1934 ई. में हुआ और इसके अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ बने।
👉 जैसलमेर प्रजामण्डल की स्थापना 1945 ई. में मीठालाल व्यास ने की।
👉 इस प्रकार क्रम बनता है – 1-c, 2-a, 3-b।
👉 यह कालानुक्रमिक दृष्टि से भी सही मेल है।
✍️ सही उत्तर है – 1-c, 2-a, 3-b
भारत सरकार ने 5 जनवरी, 1949 को सिरोही का प्रशासन _______ सरकार को सौंपा -
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 स्वतंत्रता के बाद सिरोही राज्य को पहले बॉम्बे राज्य (गुजरात एजेंसी) में मिला दिया गया।
👉 प्रजामण्डल नेताओं के आन्दोलन के कारण स्थिति गंभीर हो गई।
👉 इसके परिणामस्वरूप भारत सरकार ने 5 जनवरी, 1949 ई. को हस्तक्षेप किया।
👉 इस दिन सिरोही का प्रशासन अस्थायी रूप से बॉम्बे सरकार को सौंपा गया।
👉 बाद में 26 जनवरी, 1950 को आबू-देलवाड़ा छोड़कर सिरोही राजस्थान में मिला।
✍️ सही उत्तर है – बम्बई
सर वी. टी. कृष्णामाचारी कहाँ का दीवान था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 सर वी. टी. कृष्णामाचारी को जयपुर राज्य का प्रधानमंत्री (दीवान) नियुक्त किया गया था।
👉 1 मार्च, 1948 ई. को जयपुर में वैधानिक सुधारों की घोषणा की गई।
👉 उसी समय उन्हें दीवान तथा हीरालाल शास्त्री को मुख्य सचिव बनाया गया।
👉 यह लोकप्रिय मंत्रिमण्डल वृहद् राजस्थान (30 मार्च, 1949) तक कार्य करता रहा।
👉 इसी अवधि में जयपुर राज्य राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया से गुज़रा।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (राजनीतिक कार्यकर्त्ता - संबंधित रियासती राज्य) सुमेलित नहीं है?
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी का प्रमुख कार्यक्षेत्र बाँसवाड़ा रहा, इसलिए युग्म भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी–कोटा सुमेलित नहीं है।
👉 1943 ई. में बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान दर्ज है।
👉 फरवरी 1948 ई. में प्रथम लोकप्रिय मंत्रिमण्डल के मुख्यमंत्रित्व में बाँसवाड़ा में उत्तरदायी शासन स्थापित हुआ।
👉 कोटा में नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा, अभिन्न हरि आदि के पास था, न कि भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी के।
👉 अतः युग्म भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी–कोटा गलत, सही सम्बन्ध भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी–बाँसवाड़ा है।
✍️ सही उत्तर है – भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी - कोटा
डूंगरपुर प्रजामण्डल की स्थापना किसके प्रयासों से हुई थी ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल का गठन 8 अगस्त, 1944 ई. को किया गया।
👉 यह गठन भोगीलाल पाण्ड्या, हरिदेव जोशी सहित साथियों के संयुक्त प्रयासों से हुआ।
👉 स्थापना में गौरीशंकर उपाध्याय, कुरीचंद जैन व शिवलाल कोटड़िया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 संगठन के प्रथम अध्यक्ष भोगीलाल पाण्ड्या बने, जो आंदोलन के प्रमुख नेता थे।
👉 आंदोलन को सेवा संघ की पृष्ठभूमि और हड़तालों के बाद व्यापक गति मिली।
✍️ सही उत्तर है – भोगीलाल पाण्ड्या
त्रिलोकचन्द माथुर का सम्बन्ध किस प्रजामण्डल से था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 1938 ई. में करौली प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष त्रिलोकचन्द माथुर बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में चिरंजीलाल शर्मा और मदनसिंह शामिल थे।
👉 अप्रैल 1939 ई. में उनकी अध्यक्षता में प्रजामण्डल का अधिवेशन हुआ।
👉 इस संगठन ने प्रशासनिक सुधारों और उत्तरदायी शासन की माँग उठाई।
✍️ सही उत्तर है – करौली
कांगर (कांगड़) की घटना किस प्रजामण्डल आंदोलन में हुई थी?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]
👉 बीकानेर प्रजामण्डल आंदोलन के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं।
👉 30 जून, 1946 ई. को रायसिंहनगर (अनूपगढ़) में अधिवेशन हुआ।
👉 1 जुलाई, 1946 को तिरंगा जुलूस निकाला गया।
👉 पुलिस ने गोलियाँ चलाईं, जिससे कार्यकर्ता बीरबल सिंह शहीद हुए।
👉 इस गोलीकाण्ड को ही कांगर (कांगड़) की घटना कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजामण्डल
जानकी देवी बजाज किस प्रजामंडल से संबंधित थी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 जानकी देवी बजाज का सम्बन्ध जयपुर प्रजामण्डल से रहा।
👉 वे प्रजामण्डल आंदोलन में महिलाओं को संगठित करने में सक्रिय रहीं।
👉 1938 ई. के जयपुर प्रजामण्डल अधिवेशन में उन्होंने योगदान दिया।
👉 उन्होंने महिला सत्याग्रहियों को प्रेरित कर आंदोलन में भाग दिलाया।
👉 इस प्रकार जानकी देवी बजाज जयपुर प्रजामण्डल की महत्वपूर्ण महिला नेता थीं।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामण्डल
कोटा राज्य प्रजा मंडल की स्थापना किस वर्ष में हुई?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें: [*]
[पशु परिचर (3rd Phase) 02.12.2024]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
'हाड़ौती सेवा संघ' का संस्थापक कौन था ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 कोटा में राजस्थान सेवा संघ की शाखा पर प्रतिबंध लगाया गया।
👉 इसके बाद पं. नयनूराम शर्मा ने मोड़क में नई संस्था बनाई।
👉 इस संस्था का नाम रखा गया हाड़ौती सेवा संघ।
👉 संघ का उद्देश्य था जन-जागृति और जनता की शिकायतों को शासक तक पहुँचाना।
👉 बाद में नयनूराम शर्मा ने हाड़ौती प्रजामण्डल की भी स्थापना की।
✍️ सही उत्तर है – नयनूराम शर्मा
मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना किसके द्वारा की गई थी ?
[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]
👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसकी स्थापना का नेतृत्व माणिक्यलाल वर्मा ने किया।
👉 संगठन में अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।
👉 यह प्रजामण्डल आगे चलकर मेवाड़ के राजनीतिक आंदोलन का प्रमुख केन्द्र बना।
✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा
1938 में जयपुर राज्य प्रजामण्डल का प्रथम वार्षिक अधिवेशन किसकी अध्यक्षता में आयोजित हुआ ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
👉 जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम वार्षिक अधिवेशन 8–9 मई, 1938 ई. को हुआ।
👉 यह अधिवेशन चथमल का कटला (जयपुर) में आयोजित किया गया।
👉 इसकी अध्यक्षता सेठ जमनालाल बजाज ने की।
👉 10 मई, 1938 को कस्तूरबा गांधी ने महिलाओं की सभा को संबोधित किया।
👉 इस अधिवेशन से जयपुर प्रजामण्डल को नई दिशा और शक्ति मिली।
✍️ सही उत्तर है – जमनालाल बजाज
माणिक्यलाल वर्मा किस प्रजामण्डल के संस्थापकों में एक थे ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022
👉 माणिक्यलाल वर्मा राजस्थान के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे।
👉 उन्होंने 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना की।
👉 स्थापना स्थल था साहित्य कुटीर (बलवन्तसिंह मेहता का निवास)।
👉 इसमें अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जन अधिकारों की रक्षा और उत्तरदायी शासन की माँग।
✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ प्रजामण्डल
निम्नलिखित प्रजामंडलों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें:
a. जयपुर में प्रजामंडल की स्थापना
b. मारवाड़ में प्रजामंडल की स्थापना
c. बीकानेर में प्रजामंडल की स्थापना
d. कोटा में प्रजामंडल की स्थापना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
[REET Mains (L-1) 20.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
जयपुर
प्रजामंडल
की स्थापना
सबसे पहले
की गई थी।
👉
इसके
बाद मारवाड़
प्रजामंडल
का गठन हुआ।
👉
फिर
बीकानेर
प्रजामंडल
की स्थापना
की गई।
👉
अंत
में कोटा
प्रजामंडल
का गठन हुआ।
✍️ सही उत्तर है – a, b, c, d
जयपुर प्रजा मण्डल का प्रथम अधिवेशन जयपुर में हुआ था, इसके अध्यक्ष कौन थे?
[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]
👉 जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन 8–9 मई, 1938 ई. को हुआ।
👉 यह अधिवेशन चथमल का कटला (जयपुर) में आयोजित किया गया।
👉 अधिवेशन की अध्यक्षता सेठ जमनालाल बजाज ने की।
👉 10 मई, 1938 को कस्तूरबा गांधी ने महिलाओं की सभा को संबोधित किया।
👉 इस अधिवेशन से जयपुर प्रजामण्डल को नई दिशा और शक्ति मिली।
✍️ सही उत्तर है – सेठ जमनालाल बजाज
मारवाड प्रजामण्डल का गठन कब किया गया था ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 जोधपुर (मारवाड़) राज्य में जनजागरण हेतु कई संगठन सक्रिय रहे।
👉 अंततः 1934 ई. में मारवाड़ प्रजामण्डल का गठन किया गया।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ बने।
👉 इस संगठन में जयनारायण व्यास, अभयमल जैन, छगनराज चौपासनीवाला जैसे नेता जुड़े।
👉 उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की रक्षा करना।
✍️ सही उत्तर है – 1934 ई.
1938 में करौली प्रजा मण्डल की स्थापना किसने की ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]
👉 1938 ई. में करौली राज्य में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष त्रिलोकचन्द माथुर बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में चिरंजीलाल शर्मा और मदनसिंह भी शामिल थे।
👉 अप्रैल 1939 ई. में त्रिलोकचन्द माथुर की अध्यक्षता में प्रजामण्डल अधिवेशन हुआ।
👉 अधिवेशन में प्रशासनिक सुधारों की माँग की गई।
✍️ सही उत्तर है – त्रिलोकचन्द माथुर
पन्डित नेनूराम शर्मा निम्न में से किस रियासत के प्रजामण्डल से सम्बन्धित थे ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 पं. नयनूराम शर्मा कोटा राज्य में जनजागरण के जनक माने जाते हैं।
👉 उन्होंने 1918 ई. में प्रजा प्रतिनिधि सभा की स्थापना की।
👉 बाद में 14 अक्टूबर, 1934 ई. को उनके नेतृत्व में हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके माध्यम से उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों की माँग उठाई गई।
👉 इस प्रकार नयनूराम शर्मा का सम्बन्ध कोटा प्रजामण्डल से रहा।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
राज्य में राजनैतिक गतिविधियों के संचालन हेतु किस राज्य में 1934 में प्रजा मण्डल की स्थापना की गई ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (प्रलेख) 22 .09.2019]
👉 1934 ई. में जोधपुर राज्य में राजनीतिक गतिविधियों को संगठित करने हेतु प्रजामण्डल बना।
👉 इसकी स्थापना जयनारायण व्यास, छगनराज चौपासनीवाला, अभयमल जैन आदि नेताओं ने की।
👉 संगठन के प्रथम अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और उत्तरदायी शासन की माँग।
👉 बाद में यही संगठन जोधपुर में बड़े आंदोलनों का आधार बना।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियों के संचालन हेतु किस राज्य में 1934 ई. में प्रजामण्डल की स्थापना की गई ?
[NHM Medical Engineer 06.06.2025]
👉 मारवाड़ प्रजामंडल की स्थापना वर्ष 1934 ई. में भंवरलाल सर्राफ, अचलेश्वर प्रसाद और अभयमल जैन द्वारा जोधपुर में की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियों का संचालन और जन-जागरण करना था।
👉 बाद में जयनारायण व्यास भी इस संगठन से जुड़े और इसकी गतिविधियों को नया नेतृत्व प्रदान किया।
👉 1938 ई. में जयनारायण व्यास के नेतृत्व में मारवाड़ लोक परिषद की स्थापना की गई।
👉 इस परिषद का मुख्य उद्देश्य उत्तरदायी शासन की स्थापना तथा जागीरदारी प्रथा का विरोध करना था।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़
रतन शास्त्री किस प्रजामण्डल आन्दोलन से सम्बन्धित थी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 रतना शास्त्री जयपुर प्रजामण्डल आंदोलन की प्रमुख महिला नेता थीं।
👉 उन्होंने 1939 ई. में महिला सत्याग्रहियों के जत्थे का नेतृत्व किया।
👉 यह जत्था जयपुर सत्याग्रह के दौरान गिरफ्तार हुआ था।
👉 रत्ना शास्त्री, हीरालाल शास्त्री की पत्नी थीं और आंदोलन में सक्रिय रहीं।
👉 उन्होंने जयपुर में महिलाओं को आन्दोलन से जोड़ने का कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामण्डल
किस प्रजामण्डल आन्दोलन के तहत “कृष्ण दिवस" मनाया गया
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 1936 ई. में मारवाड़ राज्य में एक युवती कृष्णा कुमारी के अपहरण की घटना हुई।
👉 इस घटना में राजघराने के किसी उच्च व्यक्ति की मिलीभगत मानी गई।
👉 इसके विरोध में मारवाड़ प्रजामण्डल ने व्यापक आन्दोलन चलाया।
👉 इसी आंदोलन के अंतर्गत “कृष्णा दिवस” मनाया गया।
👉 यह आंदोलन जनता के नैतिक अधिकारों और न्याय के लिए था।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ प्रजामण्डल आन्दोलन
भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना कहाँ की गई ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना 4 मार्च, 1938 ई. को हुई।
👉 इसकी स्थापना का स्थान था रेवाड़ी (हरियाणा)।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में जुगलकिशोर चतुर्वेदी, किशनलाल जोशी, मास्टर आदित्येन्द्र रहे।
👉 बाद में समझौते के बाद यह संगठन भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् के रूप में पंजीकृत हुआ।
✍️ सही उत्तर है – रेवाड़ी
1934 में, स्थापित जोधपुर प्रजामंडल के अध्यक्ष कौन थे ?
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 1934 ई. में जोधपुर राज्य में मारवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसका गठन राज्य में राजनीतिक गतिविधियों को संगठित करने के लिए हुआ।
👉 इस प्रजामण्डल के प्रथम अध्यक्ष भंवरलाल सर्राफ बने।
👉 प्रमुख नेताओं में जयनारायण व्यास, छगनराज चौपासनीवाला, अभयमल जैन शामिल थे।
👉 संगठन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की रक्षा करना।
✍️ सही उत्तर है – भंवरलाल सर्राफ
जमनालाल बजाज ने स्थापना की थी ?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 सेठ जमनालाल बजाज ने 1927 ई. में चरखा संघ की स्थापना की।
👉 इस संघ ने खादी उत्पादन और प्रचार-प्रसार से जन चेतना फैलाई।
👉 यह संस्था जयपुर राज्य में राष्ट्रीय जागृति का प्रमुख केन्द्र बनी।
👉 बाद में जयपुर प्रजामण्डल का गठन कर्पूरचन्द पाटनी की अध्यक्षता में हुआ।
👉 1938 ई. में पुनर्गठन के बाद जमनालाल बजाज इसके अध्यक्ष बने।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामंडल
किस वर्ष में जयपुर प्रजा मंडल का गठन हुआ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[पशु परिचर (6th Phase) 03.12.2024]
👉 जयपुर राज्य में सबसे पहले जनजागरण का कार्य अर्जुनलाल सेठी ने किया।
👉 इसके बाद 1931 ई. में जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इस संगठन के प्रथम अध्यक्ष कर्पूरचन्द पाटनी बने।
👉 सहयोगी नेताओं में जमनालाल बजाज, हीरालाल शास्त्री, चिरंजीलाल मिश्र आदि थे।
👉 प्रजामण्डल का उद्देश्य था जनता के अधिकारों और उत्तरदायी शासन की माँग उठाना।
✍️ सही उत्तर है – 1931
1938 में जयपुर राज्य प्रजामण्डल का प्रथम वार्षिक अधिवेशन किसकी अध्यक्षता में आयोजित हुआ ?
[आर्थिक अन्वेषक परीक्षा 25.03.2019]
👉 जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम वार्षिक अधिवेशन 8–9 मई, 1938 ई. को हुआ।
👉 यह अधिवेशन चथमल का कटला (जयपुर) में आयोजित किया गया।
👉 इसकी अध्यक्षता सेठ जमनालाल बजाज ने की।
👉 10 मई, 1938 को कस्तूरबा गांधी ने महिलाओं की सभा को संबोधित किया।
👉 इस अधिवेशन से जयपुर प्रजामण्डल को नई शक्ति और दिशा मिली।
✍️ सही उत्तर है – जमनालाल बजाज
भरतपुर प्रजामण्डल कहाँ स्थापित किया गया था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 भरतपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना रेवाड़ी (हरियाणा) में हुई।
👉 यह स्थापना 4 मार्च, 1938 ई. को जुगलकिशोर चतुर्वेदी के नेतृत्व में हुई।
👉 प्रमुख सहयोगी थे गोपीलाल यादव, किशनलाल जोशी और मास्टर आदित्येन्द्र।
👉 1940 ई. के समझौते के अनुसार प्रजामण्डल का भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् के नाम से पंजीकरण हुआ।
👉 इन अधिवेशनों में उत्तरदायी शासन की स्थापना हेतु प्रस्ताव पारित किये गये।
✍️ सही उत्तर है – रेवाड़ी
कौनसा कूट सुमेलित नहीं है?
प्रजामण्डल - संस्थापक
A) जैसलमेर - मीठालाल व्यास
B) कोटा - नयनूराम शर्मा
C) जयपुर - कपूरचन्द पाटनी
D) बूंदी - गोपीलाल यादव
[JEN (Civil Degree) 21.08.2016]
👉 जैसलमेर प्रजामण्डल की स्थापना 1945 ई. में मीठालाल व्यास ने की।
👉 कोटा (हाड़ौती) प्रजामण्डल की स्थापना पं. नयनूराम शर्मा ने की।
👉 जयपुर प्रजामण्डल के पुनर्गठन (1936) में कपूरचन्द पाटनी संयुक्त सचिव बने।
👉 जबकि बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में कान्तिलाल जैन ने की थी।
👉 इसलिए युग्म बूँदी – गोपीलाल यादव सुमेलित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – D
"कॉंगड काण्ड" किस प्रजामण्डल आन्दोलन के दौरान घटित हुआ
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 बीकानेर राज्य में प्रजामण्डल आंदोलन के समय कई आन्दोलन हुए।
👉 30 जून, 1946 ई. को रायसिंहनगर में प्रजा परिषद् का अधिवेशन हुआ।
👉 1 जुलाई को प्रजामण्डल ने तिरंगा जुलूस निकाला।
👉 पुलिस ने गोली चलाई जिससे कार्यकर्ता बीरबल सिंह शहीद हुए।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजामण्डल
सूची I को सूची II से सुमेलित करें :
सूची I |
सूची II |
(a) हाड़ौती प्रजामंडल |
(i) माणिक्यलाल वर्मा |
(b) मेवाड़ प्रजामंडल |
(ii) त्रिलोकचंद माथुर |
(c) करौली प्रजामंडल |
(iii) मिठालाल व्यास |
(d) जैसलमेर प्रजामंडल |
(iv) नयनुराम शर्मा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
[REET Mains ( L-1) 17.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 हाड़ौती
प्रजामंडल
का संबंध नयनुराम
शर्मा
से माना जाता
है।
👉
मेवाड़
प्रजामंडल
की स्थापना
में माणिक्यलाल
वर्मा
की प्रमुख भूमिका
रही।
👉
करौली
प्रजामंडल
से त्रिलोकचंद
माथुर
जुड़े हुए थे।
👉
जैसलमेर
प्रजामंडल
का नेतृत्व
मिठालाल
व्यास
ने किया।
✍️ सही उत्तर है – (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
निम्न में से कौन प्रजामंडल से संबद्ध नहीं रहे ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 गोविन्द गुरु ने आदिवासी क्षेत्रों में भील आंदोलन चलाया।
👉 उनका प्रमुख कार्यक्षेत्र था बनासकांठा, डूंगरपुर, बांसवाड़ा क्षेत्र।
👉 वे मुख्यतः भीलों के उत्थान और सामाजिक सुधार से जुड़े रहे।
👉 लेकिन वे किसी भी प्रजामण्डल संगठन से सीधे संबद्ध नहीं रहे।
👉 इस कारण विकल्प गोविन्द गुरु सही उत्तर है।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गुरु
डूंगरपुर प्रजामण्डल की स्थापना किसने की ?
[JEN (Civil डिग्री) 16.10.2016]
👉 डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना 8 अगस्त, 1944 ई. को हुई।
👉 इसके प्रमुख संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष भोगीलाल पाण्ड्या थे।
👉 स्थापना में हरिदेव जोशी, गौरीशंकर उपाध्याय, कुरीचंद जैन और शिवलाल कोटड़िया ने भी भाग लिया।
👉 इस संगठन का मुख्य उद्देश्य था उत्तरदायी शासन स्थापित करना।
👉 प्रजामण्डल ने जन अधिकारों और जनजागरण के लिए आंदोलन चलाया।
✍️ सही उत्तर है – भोगीलाल पाण्ड्या
कांगड कांड किस प्रजामण्डल आन्दोलन में घटित हुआ ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 बीकानेर राज्य में 1946 ई. के दौरान प्रजामण्डल ने व्यापक आंदोलन चलाया।
👉 इसी आंदोलन के समय रायसिंहनगर (अनूपगढ़) क्षेत्र में तिरंगा जुलूस निकाला गया।
👉 जुलूस पर पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें कार्यकर्ता बीरबल सिंह की मृत्यु हुई।
👉 इसके विरोध में पूरे राज्यभर में दमन विरोधी दिवस मनाया गया।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजामण्डल
जयपुर प्रजामंडल की स्थापना किस वर्ष में हुई थी ?
[L.S.A. Exam 13.06.2025]
👉 जयपुर प्रजा मंडल की स्थापना वर्ष 1931 ई. में अर्जुनलाल सेठी और कपूरचंद पाटनी ने की थी।
👉 बाद में जमनालाल बजाज और हीरालाल शास्त्री ने 1938 ई. में इसका पुनर्गठन किया।
👉 भरतपुर प्रजा मंडल की स्थापना किशनलाल जोशी और मास्टर आदित्यदेव ने 1938 ई. में की।
👉 किशनगढ़ क्षेत्र में प्रजा आंदोलन की शुरुआत 1939 ई. में कानतीलाल चोनी और जमालशाह ने की थी।
👉 इन प्रजा मंडलों का उद्देश्य जनजागरण, राजनीतिक चेतना और उत्तरदायी शासन की मांग को आगे बढ़ाना था।
✍️ सही उत्तर है – 1931
अलवर प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन 1944 में किसकी अध्यक्षता में हुआ ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 अलवर प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में हुई थी।
👉 इसका पहला अधिवेशन 16–17 जनवरी, 1944 ई. को आयोजित हुआ।
👉 यह अधिवेशन खैरथल धर्मशाला (खैरथल–तिजारा) में हुआ।
👉 इसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध नेता भवानीशंकर शर्मा ने की।
👉 अधिवेशन में सरकार की नीतियों की आलोचना और उत्तरदायी शासन की माँग की गई।
✍️ सही उत्तर है – भवानीशंकर शर्मा
मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना किसकी अध्यक्षता में 1938 में हुई
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 स्थापना साहित्य कुटीर (बलवन्तसिंह मेहता का निवास) पर की गई।
👉 इसका प्रथम अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता बने।
👉 उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां तथा महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा नियुक्त हुए।
👉 मुख्य उद्देश्य था जनता के अधिकारों और संवैधानिक सुधारों की माँग करना।
✍️ सही उत्तर है – बलवन्तसिंह मेहता
'सज्जन कीर्ति सुधाकर' कहाँ से प्रकाशित होता था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 ‘सज्जन कीर्ति सुधाकर’ एक प्रमुख पत्रिका थी।
👉 इसका प्रकाशन उदयपुर से किया जाता था।
👉 यह पत्रिका सामाजिक और राजनीतिक चेतना फैलाने का माध्यम बनी।
👉 उदयपुर राज्य में इसे जनजागरण के कार्य हेतु निकाला गया।
👉 इससे जनता में राष्ट्रीय भावना का प्रसार हुआ।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
भरतपुर प्रजामण्डल कहाँ स्थापित किया गया था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना 4 मार्च, 1938 ई. को हुई।
👉 यह स्थापना रेवाड़ी (हरियाणा) में की गई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव बने।
👉 इसमें जुगलकिशोर चतुर्वेदी, किशनलाल जोशी, मास्टर आदित्येन्द्र प्रमुख कार्यकर्ता थे।
👉 बाद में समझौते के अनुसार इसे भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् के नाम से पंजीकृत किया गया।
✍️ सही उत्तर है – रेवाड़ी
_____की अध्यक्षता में 8-9 मई, 1938 के दौरान जयपुर राज्य प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन सम्पन्न हुआ ।
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 8–9 मई, 1938 ई. को जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन हुआ।
👉 अधिवेशन चथमल का कटला, जयपुर में आयोजित किया गया।
👉 इसकी अध्यक्षता सेठ जमनालाल बजाज ने की।
👉 10 मई, 1938 ई. को कस्तूरबा गांधी ने महिलाओं की सभा संबोधित की।
👉 इसी वर्ष शेखावाटी किसान सभा का विलय जयपुर प्रजामण्डल में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – जमनालाल बजाज
पण्डित नयनूराम शर्मा का सम्बंध किस प्रजामण्डल आन्दोलन से
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 पं. नयनूराम शर्मा कोटा राज्य में राजनीतिक जागरण के अग्रदूत थे।
👉 उन्होंने 14 अक्टूबर, 1934 ई. को हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना की।
👉 इस संगठन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन स्थापित करना।
👉 बाद में 1939 ई. में इसे कोटा राज्य प्रजामण्डल के रूप में सक्रिय किया गया।
👉 नयनूराम शर्मा का मुख्य सम्बन्ध हाड़ौती प्रजामण्डल आन्दोलन से रहा।
✍️ सही उत्तर है – हाड़ौती प्रजामण्डल
भोगीलाल पंड्या निम्नलिखित में से किस प्रजामंडल आंदोलन से जुड़े थे ?
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 भोगीलाल पाण्ड्या डूंगरपुर क्षेत्र के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे।
👉 उन्होंने 1919 ई. में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की स्थापना की।
👉 आगे चलकर 8 अगस्त, 1944 ई. को उनके नेतृत्व में डूंगरपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 वे इस प्रजामण्डल के प्रथम अध्यक्ष बने।
👉 आंदोलन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और आदिवासियों में जनजागरण करना।
✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर
'धौलपुर प्रजामंडल' के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 1936 ई. में धौलपुर में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इस संगठन के प्रथम अध्यक्ष कृष्ण दत्त पालीवाल बने।
👉 सचिव के रूप में मूलचन्द को चुना गया।
👉 प्रजामण्डल का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की माँग और जनजागरण फैलाना।
👉 इसके कार्यकर्ताओं ने धौलपुर राज्य में राजनीतिक चेतना को बढ़ाया।
✍️ सही उत्तर है – कृष्ण दत्त पालीवाल
1937 ई. में सेठ जमनालाल बजाज की प्रेरणा से किस राज्य में प्रजामण्डल की स्थापना की गई ?
[NHM Psychiartric Care 09.06.2025]
👉 जयपुर प्रजामंडल की स्थापना सर्वप्रथम 1931 ई. में कपूरचंद पाटनी और जमनालाल बजाज के प्रयासों से हुई थी।
👉 बाद में इसका पुनर्गठन 1937 ई. में किया गया, जिससे इसकी गतिविधियाँ अधिक संगठित हुईं।
👉 1938 ई. में जमनालाल बजाज इसके अध्यक्ष चुने गए।
👉 इस प्रजामंडल का उद्देश्य उत्तरदायी शासन की स्थापना, नागरिक अधिकारों की रक्षा, तथा धारा सभा की मांग करना था।
👉 यह संगठन जयपुर राज्य में जन-जागृति और लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
राजस्थान में मेवाड़ प्रजा मण्डल की स्थापना किसके द्वारा की गई ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 स्थापना का स्थान था साहित्य कुटीर, जो बलवन्तसिंह मेहता का निवास था।
👉 इस संगठन की नींव माणिक्यलाल वर्मा ने रखी।
👉 अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।
✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा
बून्दी प्रजामण्डल की स्थापना किसने की ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 1931 ई. में बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके संस्थापक अध्यक्ष कान्तिलाल जैन बने।
👉 संगठन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन स्थापित करना।
👉 प्रजामण्डल ने प्रशासनिक सुधारों और नागरिक अधिकारों की माँग उठाई।
👉 बाद में आंदोलन के कारण कई नेताओं को निर्वासन और जेल झेलनी पड़ी।
✍️ सही उत्तर है – कान्तिलाल
डूंगरपुर की भील लड़की का नाम बताइए, जिसने जून 1947 में रस्तापाल आंदोलन के दौरान शहादत प्राप्त की थी।
[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]
👉 कालीबाई डूंगरपुर की एक वीर भील बालिका थीं, जिन्होंने रास्तापाल आंदोलन के दौरान असाधारण साहस दिखाया।
👉 जून 1947 ई. में उन्होंने अपने शिक्षकों नानाभाई खांट और सेंगाभाई भील को पुलिस की मारपीट से बचाने का प्रयास किया।
👉 उन्होंने हंसिये से रस्सी काटकर अपने शिक्षक सेंगाभाई को मुक्त कराया।
👉 इस वीरता के कारण पुलिस ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी शहादत हुई।
👉 मात्र 13 वर्ष की आयु में कालीबाई ने शिक्षा और मानवता की रक्षा हेतु अपना जीवन बलिदान कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – कालीबाई
उदयपुर में "मेवाड़ प्रजा मंडल" की स्थापना कब हुई ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (5th Phase) 03.12.2024]
👉 उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को हुई।
👉 यह स्थापना साहित्य कुटीर (बलवन्तसिंह मेहता का निवास) पर की गई।
👉 इसके अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।
👉 यह प्रजामण्डल आगे चलकर मेवाड़ के राजनीतिक आंदोलन का प्रमुख केन्द्र बना।
✍️ सही उत्तर है – 1938
सिरोही का राजस्थान में विलय कब हुआ ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 सिरोही राज्य को प्रारम्भ में बॉम्बे राज्य (गुजरात एजेंसी) में मिला दिया गया।
👉 प्रजामण्डल ने इस निर्णय के विरुद्ध गोकुलभाई भट्ट और हीरालाल शास्त्री के नेतृत्व में आन्दोलन किया।
👉 इसके परिणामस्वरूप 8 नवम्बर, 1948 ई. को भारत सरकार ने सिरोही का प्रशासन अपने हाथ में लिया।
👉 बाद में 26 जनवरी, 1950 ई. को आबू और देलवाड़ा छोड़कर सम्पूर्ण सिरोही राजस्थान में मिला।
👉 शेष भाग आबू व देलवाड़ा का 1 नवम्बर, 1956 ई. को राजस्थान में विलय हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1956 ई.
निम्न में से किस महिला ने 'राजस्थान सेवा संघ' का कार्य किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 राजस्थान सेवा संघ ने अनेक रियासतों में जनजागरण का कार्य किया।
👉 इसमें पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ-साथ महिलाओं का भी योगदान रहा।
👉 महिलाओं में प्रमुख नाम रमादेवी का है।
👉 उन्होंने संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इस तरह रमादेवी का सम्बन्ध राजस्थान सेवा संघ से रहा।
✍️ सही उत्तर है – रमादेवी
संयुक्त राजस्थान का प्रधानमंत्री कौन नियुक्त किया गया ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 18 अप्रैल, 1948 ई. को तीसरे चरण में संयुक्त राजस्थान का गठन हुआ।
👉 यह गठन राजस्थान संघ और उदयपुर रियासत के विलय से हुआ।
👉 इस नये राजनीतिक इकाई का प्रधानमंत्री माणिक्यलाल वर्मा को बनाया गया।
👉 वर्माजी लंबे समय से मेवाड़ प्रजामण्डल के प्रमुख नेता रहे थे।
👉 उनका मुख्य उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों की रक्षा।
✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा
मेवाड़ प्रजामंडल में किस महिला ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल के आंदोलनों में महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
👉 इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण नाम नारायणी देवी वर्मा का आता है।
👉 उन्होंने अपने छह माह के पुत्र के साथ भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में गिरफ्तारी दी।
👉 उनके साथ स्नेहलता वर्मा, भगवती देवी बिश्नोई जैसी महिलाओं ने भी योगदान किया।
👉 इन महिलाओं ने त्याग, संघर्ष और साहस का अद्भुत परिचय दिया।
✍️ सही उत्तर है – नारायणी देवी
सुशीला और भगवती का सम्बन्ध किस प्रजामण्डल से था ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 सुशीला और भगवती देवी का संबंध मेवाड़ प्रजामंडल से है। वे इस प्रजामंडल से जुड़ी प्रमुख महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं।
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सागरमल गोपा से सम्बन्धित नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 सागरमल गोपा जैसलमेर राज्य के प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता थे।
👉 उन्होंने महारावल के निरंकुश शासन के विरुद्ध जनता में जागृति पैदा की।
👉 उन्होंने ‘जैसलमेर में गुण्डाराज’ जैसी पुस्तक लिखकर शासन की अत्याचारिता उजागर की।
👉 गोपा को जेल में यातनाएँ दी गईं और 1946 ई. में उनकी हत्या कर दी गई।
👉 लेकिन बीकानेर प्रजा परिषद की स्थापना उनसे संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजा परिषद की स्थापना की
निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए -
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. को हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मघाराम वैद्य और मंत्री लक्ष्मणदास स्वामी थे।
👉 बाद में 1942 ई. में वकील रघुवर दयाल गोयल ने भी बीकानेर प्रजामण्डल का नेतृत्व किया।
👉 जबकि पं. हरिनारायण शर्मा का कार्यक्षेत्र अलवर राज्य रहा।
👉 इसलिए युग्म बीकानेर प्रजामण्डल – पं. हरिनारायण शर्मा गलत है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजामण्डल – पं. हरिनारायण शर्मा
निम्नलिखित में से कौन-सी महिला मेवाड़ प्रजामण्डल आन्दोलन से सम्बन्धित है ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल आंदोलन में कई महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इनमें प्रमुख थीं नारायणी देवी वर्मा, जिन्होंने 1942 के आंदोलन में गिरफ्तारी दी।
👉 उन्होंने अपने छः माह के पुत्र के साथ जेल जाकर असाधारण साहस दिखाया।
👉 उनके साथ स्नेहलता वर्मा और अन्य महिलाओं ने भी योगदान दिया।
👉 इस प्रकार नारायणी देवी वर्मा आंदोलन की प्रमुख महिला नेता थीं।
✍️ सही उत्तर है – नारायणी देवी वर्मा
निम्नलिखित में से मेवाड़ राज्य प्रजामंडल की स्थापना किसने की? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]
👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसकी नींव प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी माणिक्यलाल वर्मा ने रखी।
👉 संगठन में अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बयां और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग करना।
👉 यह प्रजामण्डल मेवाड़ के राजनीतिक आंदोलन का मुख्य केन्द्र बना।
✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
[सूचना सहायक 12.05.2018]
प्रजामण्डल - संस्थापक
👉 अलवर प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में हरिनारायण शर्मा और कुंजबिहारी मोदी ने की।
👉 यहाँ लादूराम व्यास का कोई सम्बन्ध नहीं है।
👉 लादूराम व्यास ने 1938 ई. में शाहपुरा प्रजामण्डल की स्थापना की थी।
👉 इसलिए युग्म अलवर – लादूराम व्यास गलत है।
👉 सही सम्बन्ध है – शाहपुरा – लादूराम व्यास।
✍️ सही उत्तर है – अलवर – लादूराम व्यास
“धौलपुर प्रजामण्डल" की स्थापना किसने की ?
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 1936 ई. में धौलपुर में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष कृष्ण दत्त पालीवाल थे।
👉 सचिव पद पर मूलचन्द को चुना गया।
👉 संगठन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की माँग और राजनीतिक चेतना फैलाना।
👉 प्रजामण्डल के कार्यकर्ताओं ने धौलपुर राज्य में आन्दोलन चलाकर जनता को संगठित किया।
✍️ सही उत्तर है – कृष्ण दत्त पालीवाल
मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना किसके द्वारा की गई थी ?
[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]
👉 मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना 24 अप्रैल 1938 ई. को माणिक्यलाल वर्मा द्वारा उदयपुर में की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य जनजागरण फैलाना और उत्तरदायी शासन की मांग को सशक्त बनाना था।
👉 प्रजामंडल के प्रथम अध्यक्ष बलवंत सिंह मेहता थे।
👉 भूरेलाल बया को इसका उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
👉 इस संगठन ने मेवाड़ राज्य में लोकतांत्रिक चेतना और राजनीतिक सुधारों को बल प्रदान किया।
✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा
किस रियासत में रघुवर दयाल गोयल ने 1942 में प्रजा मंडल की स्थापना की ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 वकील रघुवर दयाल गोयल ने 22 जुलाई, 1942 ई. को प्रजामण्डल की स्थापना की।
👉 यह स्थापना बीकानेर राज्य में हुई थी।
👉 इसके प्रारम्भिक सदस्य ख्याली सिंह, श्रीराम आचार्य, सत्यनारायण आदि थे।
👉 रघुवर दयाल गोयल निर्वासन के बाद भी भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहे।
👉 इस प्रजामण्डल का लक्ष्य था उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की रक्षा।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
भोगीलाल पण्ड्या, हरिदेव जोशी एवं शिवलाल कोटड़िया स्वतंत्रता सेनानी किस क्षेत्र के प्रजामण्डल से संबद्ध थे?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 भोगीलाल पाण्ड्या, हरिदेव जोशी और शिवलाल कोटड़िया सक्रिय स्वतंत्रता सेनानी थे।
👉 इन तीनों ने आदिवासी क्षेत्र डूंगरपुर में कार्य किया।
👉 8 अगस्त, 1944 ई. को इनके प्रयासों से डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 प्रजामण्डल का प्रथम अध्यक्ष भोगीलाल पाण्ड्या बने।
👉 आंदोलन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों की रक्षा।
✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर
'भरतपुर प्रजामंडल' निर्माण की घोषणा किस स्थान पर हुयी थी
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना की घोषणा 4 मार्च, 1938 ई. को की गई।
👉 यह घोषणा रेवाड़ी (हरियाणा) में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव बने।
👉 प्रमुख नेताओं में जुगलकिशोर चतुर्वेदी, किशनलाल जोशी, मास्टर आदित्येन्द्र शामिल थे।
👉 बाद में समझौते के अनुसार इसका नाम भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् रखा गया।
✍️ सही उत्तर है – रेवाड़ी
शाहपुरा प्रजामंडल की स्थापना कब हुई ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 शाहपुरा राज्य में जनजागरण की प्रेरणा माणिक्यलाल वर्मा से मिली।
👉 इसके आधार पर 18 अप्रैल, 1938 ई. को शाहपुरा प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष अभयसिंह डांगी बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में लादूराम व्यास और रमेशचन्द्र ओझा शामिल थे।
👉 यह प्रजामण्डल आगे चलकर शाहपुरा में उत्तरदायी शासन की माँग का केन्द्र बना।
✍️ सही उत्तर है – 1938 ई.