1574 ई. में अकबर की सेना के अधिकार के बाद जोधपुर का प्रशासक किसे नियुक्त किया गया ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 1574 ई. में अकबर की सेना ने जोधपुर पर अधिकार कर लिया।
👉 इसके बाद अकबर ने वहां एक विश्वसनीय प्रशासक नियुक्त किया।
👉 यह जिम्मेदारी बीकानेर नरेश रायसिंह को सौंपी गई।
👉 रायसिंह अकबर के विश्वसनीय सेनापति और मनसबदार थे।
👉 इसलिए अकबर ने उन्हें ही जोधपुर का प्रशासक बनाया।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह
किशनगढ़ राजघराना निम्नलिखित में से किस राजपूत कुल से सम्बंधित था ?
[लवण निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 राजस्थान की तीसरी राठौड़ रियासत किशनगढ़ थी।
👉 इसकी स्थापना 1609 ई. में महाराजा किशनसिंह ने की।
👉 किशनसिंह मारवाड़ नरेश मोटा राजा उदयसिंह का पुत्र था।
👉 इसलिए किशनगढ़ का शाही घराना राठौड़ कुल से संबंधित था।
👉 इस वंश ने कला, साहित्य और चित्रकला को विशेष प्रोत्साहन दिया।
✍️ सही उत्तर है – राठौड़
मारवाड़ के अजीतसिंह महाराजा _____ के पुत्र थे ।
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (भौतिक) 21.09.2019]
👉 मारवाड़ के वीर शासक महाराजा जसवंतसिंह प्रथम का निधन 1678 ई. में हुआ।
👉 उनकी मृत्यु के समय उनकी रानियाँ गर्भवती थीं।
👉 इसके बाद 1679 ई. में पुत्र अजीतसिंह का जन्म हुआ।
👉 अजीतसिंह को मुगलों के विरुद्ध संघर्ष कर गद्दी पर बिठाया गया।
👉 इसलिए अजीतसिंह, महाराजा जसवंतसिंह प्रथम के पुत्र थे।
✍️ सही उत्तर है – जसवंतसिंह I
महारानी विक्टोरिया के स्वर्ण जुबली उत्सव में भाग लेने के लिए 1887 में, मारवाड़ के प्रतिनिधि के रूप में किसे इंग्लैण्ड भेजा गया?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय के शासनकाल में यह घटना हुई
👉 1887 ई. में महारानी विक्टोरिया का स्वर्ण जुबली उत्सव मनाया गया
👉 मारवाड़ दरबार ने इसमें भाग लेने हेतु प्रतिनिधि भेजा
👉 यह प्रतिनिधि उनके विश्वसनीय सर प्रताप सिंह थे
👉 प्रताप सिंह ने इंग्लैण्ड जाकर मारवाड़ का प्रतिनिधित्व किया
✍️ सही उत्तर है – प्रताप सिंह
बीकानेर के अनूपसिंह को औरंगजेब ने किस उपाधि से सम्मानित किया था ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 बीकानेर नरेश अनूपसिंह ने दक्षिण भारत के युद्धों में हिस्सा लिया।
👉 उन्होंने बीजापुर और गोलकुंडा विजय में मुगलों की सहायता की।
👉 उनकी सेवाओं से प्रसन्न होकर औरंगजेब ने उन्हें सम्मानित किया।
👉 उन्हें शाही दरबार में महाराजा और माही मरातिब की उपाधि मिली।
👉 यह उपाधि राजपूत शासकों को विशेष सम्मान के रूप में दी जाती थी।
✍️ सही उत्तर है – माही मरातव
मुगलों के साथ निरंतर संघर्ष में रहने वाले मारवाड़ के शासक थे :-
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 मारवाड़ नरेश राव चन्द्रसेन 1562 ई. में गद्दी पर बैठे।
👉 उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 चन्द्रसेन ने पाली, भाद्राजूण और सिवाणा को संघर्ष का केन्द्र बनाया।
👉 वे जीवनभर मुगलों से निरंतर युद्ध करते रहे।
👉 इसलिए उन्हें मुगलों के साथ लगातार संघर्ष करने वाला शासक कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसेन
मेहरानगढ़ दुर्ग में स्थित चामुण्डा माता मन्दिर की स्थापना किसने की थी?
[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]
👉 1459 ई. में राव जोधा ने जोधपुर में मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण करवाया
👉 दुर्ग में राठौड़ों की कुलदेवी नागणेची माता का मंदिर भी स्थापित हुआ
👉 1460 ई. में राव जोधा ने मंडोर से चामुण्डा माता की मूर्ति लाकर स्थापित की
👉 यह मंदिर दुर्ग का प्रमुख धार्मिक स्थल बन गया
👉 इसलिए चामुण्डा माता मंदिर की स्थापना राव जोधा ने की थी
✍️ सही उत्तर है – राव जोधा
'आनन्दविलास' के रचयिता कौन थे ?
[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]
👉 मारवाड़ नरेश महाराजा जसवंतसिंह प्रथम साहित्य प्रेमी शासक थे।
👉 वे डिंगल भाषा के श्रेष्ठ कवि भी थे।
👉 उनके द्वारा कई ग्रंथों की रचना की गई।
👉 इन्हीं में उनका प्रसिद्ध ग्रंथ ‘आनन्दविलास’ है।
👉 यह कृति उनके साहित्यिक योगदान का प्रमुख उदाहरण है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा जसवंतसिंह प्रथम
मारवाड़ के किस शासक ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की थी?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 राव चन्द्रसेन राव मालदेव का छोटा पुत्र और उत्तराधिकारी था
👉 अकबर ने बार-बार आक्रमण कर उसे अधीन करने का प्रयास किया
👉 चन्द्रसेन ने मुगलों से संघर्ष करते हुए पाली, सिवाणा व भाद्राजूण को शरणस्थली बनाया
👉 उसने जीवनभर छापामार युद्ध करते हुए स्वतंत्रता की रक्षा की
👉 इसलिए वह मारवाड़ का शासक था जिसने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की
✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन
राव गांगा की मृत्यु के बाद, 5 जून 1531 ई. में मारवाड़े का शासक कौन बना?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]
👉 राव गांगा की मृत्यु 1531 ई. में हुई
👉 उनके बाद ज्येष्ठ पुत्र राव मालदेव मारवाड़ का शासक बना
👉 मालदेव का राज्याभिषेक 5 जून 1531 ई. को सोजत (पाली) में हुआ
👉 उसने मारवाड़ राज्य का सर्वाधिक विस्तार किया
👉 इसी कारण उसके काल को मारवाड़ का शौर्य युग कहा जाता है
✍️ सही उत्तर है – मालदेव
किस बीकानेर नरेश ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार की ?
[JEN (विधुत) (डिप्लोमाघारक) 29.11.2020]
👉 बीकानेर नरेश राव कल्याणमल 1526 से 1574 ई. तक शासन करता रहा।
👉 1570 ई. में अकबर ने नागौर दरबार आयोजित किया।
👉 इस दरबार में राव कल्याणमल ने जाकर अकबर की अधीनता स्वीकार की।
👉 वह बीकानेर का पहला शासक था जिसने मुगल सत्ता को स्वीकारा।
👉 इसके बाद बीकानेर का संबंध मुगलों से और गहरा हुआ।
✍️ सही उत्तर है – राव कल्याणमल
अकबर की शाही सेना ने किसके नेतृत्व में जोधपुर पर कब्जा किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 मारवाड़ नरेश राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 इससे नाराज़ होकर अकबर ने उस पर कई बार आक्रमण किया।
👉 अंततः 1564 ई. में अकबर की शाही सेना ने जोधपुर पर अधिकार कर लिया।
👉 इस सेना का नेतृत्व मुगल सेनानायक हुसैन कुलीखाँ कर रहा था।
👉 इसके बाद चन्द्रसेन को भाद्राजूण व सिवाणा से संघर्ष करना पड़ा।
✍️ सही उत्तर है – हुसैन कुलीखाँ
अंग्रेजों ने अमीर खाँ को किस वर्ष टौंक के नवाब की मान्यता प्रदान की ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 अमीर खाँ एक शक्तिशाली पिण्डारी सरदार था
👉 उसने मेवाड़, मारवाड़ और जयपुर पर कई आक्रमण किए
👉 अंग्रेजों से संधि करने के बाद उसे टोंक रियासत दी गई
👉 अंग्रेजों ने उसे टोंक का नवाब स्वीकार किया
👉 यह मान्यता उसे 1817 ई. में प्रदान की गई
✍️ सही उत्तर है – 1817 ई.
राव रायसिंह को 'राजपुताने का कर्ण किसने कहा ?
VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021
👉 बीकानेर नरेश राव रायसिंह अकबर के विश्वसनीय सेनापति थे।
👉 उन्होंने गुजरात, बंगाल और अहमदनगर के अभियानों में वीरता दिखाई।
👉 अपने दान और उदारता के कारण वे प्रसिद्ध हुए।
👉 इसलिए मुंशी देवी प्रसाद ने उन्हें ‘राजपुताने का कर्ण’ कहा।
👉 यह उपाधि उनकी दानशीलता और पराक्रम का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – मुंशी देवी प्रसाद
मारवाड़ के चन्द्रसेन ने मुगलों से संघर्ष के लिए किस स्थान पर सेना को संगठित किया ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 26.12.2020]
👉 राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 मुगल आक्रमणों से बचने हेतु उसने पर्वतीय क्षेत्रों का सहारा लिया।
👉 उसने अपनी शक्ति और सेना को संगठित करने का प्रयास किया।
👉 इसके लिए उसने भाद्राजूण (जालौर) को प्रमुख केन्द्र बनाया।
👉 यहीं से उसने मुगलों के विरुद्ध निरंतर संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – भाद्राजूण
कला प्रेमी सावंतसिंह किस प्रान्त के शासक थे ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 महाराजा सावंतसिंह वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी और नागरीदास नाम से कवि थे
👉 वे अपनी प्रेयसी बणी-ठणी के कारण विश्व प्रसिद्ध हुए
👉 उनके समय किशनगढ़ चित्रकला शैली का स्वर्णकाल रहा
👉 सावंतसिंह ने राजपाट छोड़कर वृंदावन में भक्ति जीवन अपनाया
👉 वे राजस्थान के किशनगढ़ प्रान्त के शासक थे
✍️ सही उत्तर है – किशनगढ़
जोधपुर का स्थान, जो छतरियों और प्राचीन राजाओं के उद्यानों के लिए प्रसिद्ध हैं
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 जोधपुर का प्राचीन नगर मंडोर कहलाता है।
👉 यह स्थान छतरियों और उद्यानों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ पर जोधपुर के कई प्राचीन शासकों की स्मृतियाँ स्थित हैं।
👉 मंडोर में ऐतिहासिक देवल और स्मारक बने हुए हैं।
👉 इसलिए इसे जोधपुर का प्रसिद्ध स्मृति स्थल माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मंडोर
जसवंत थड़ा कहाँ अवस्थित है ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध स्मारक जसवंत थड़ा संगमरमर से निर्मित है।
👉 इसे महाराजा सरदारसिंह ने बनवाया था।
👉 यह उनके पिता जसवंतसिंह द्वितीय की स्मृति में निर्मित है।
👉 इसकी सुंदरता के कारण इसे राजस्थान का ताजमहल कहा जाता है।
👉 यह ऐतिहासिक स्थल जोधपुर में अवस्थित है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
बीकानेर के जूनागढ़ किले का निर्माण किसने करवाया ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24.12.2019]
👉 बीकानेर का प्रसिद्ध दुर्ग जूनागढ़ किला कहलाता है।
👉 इसका निर्माण कार्य महाराजा रायसिंह ने करवाया।
👉 यह किला 1589 से 1594 ई. के मध्य बनकर पूर्ण हुआ।
👉 रायसिंह मुगल सम्राट अकबर के विश्वसनीय सेनापति भी थे।
👉 किले के सूरजपोल द्वार पर रायसिंह प्रशस्ति अंकित है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा रायसिंह
बीकानेर के कौन से शासक को उसकी वीरता से प्रभावित होकर औरंगज़ेब ने 'माही मरातिब' की उपाधि दी ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 बीकानेर नरेश राव अनूपसिंह ने मुगलों की सेवा में विशेष योगदान दिया।
👉 उन्होंने दक्षिण भारत के बीजापुर और गोलकुंडा अभियानों में भाग लिया।
👉 युद्धों में उनकी वीरता और निष्ठा से औरंगज़ेब अत्यंत प्रभावित हुआ।
👉 औरंगज़ेब ने उन्हें सम्मानित कर ‘माही मरातिब’ की उपाधि प्रदान की।
👉 यह उपाधि राजपूत शासकों के लिए विशेष गौरव का प्रतीक थी।
✍️ सही उत्तर है – राव अनूपसिंह
अलाउद्दीन खिलजी ने किस दुर्ग को जीतकर उसका नाम खैराबाद रखा?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 10.09.2022]
👉 मारवाड़ का प्रसिद्ध सिवाना दुर्ग ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।
👉 दिल्ली सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने इस पर आक्रमण किया।
👉 दुर्ग पर अधिकार करने के बाद उसने इसका नाम बदल दिया।
👉 सिवाना दुर्ग का नया नाम उसने खैराबाद रखा।
👉 यह घटना उसके विजय अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
✍️ सही उत्तर है – सिवाना दुर्ग
अक्षय तृतीया निम्न में से किस शहर का स्थापना दिवस है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 राव बीका ने जांगल प्रदेश में बीकानेर रियासत की स्थापना की।
👉 12 अप्रैल 1488 ई. को बीकानेर नगर बसाया गया।
👉 यह तिथि अक्षय तृतीया (आखातीज) के दिन थी।
👉 इसलिए हर वर्ष अक्षय तृतीया को बीकानेर का स्थापना दिवस मनाया जाता है।
👉 इस दिन बीकानेर में पारंपरिक पतंगोत्सव भी आयोजित होता है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 'जसवंत थड़ा' कहाँ अवस्थित है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 जसवंत थड़ा का निर्माण महाराजा सरदारसिंह ने करवाया
👉 यह स्मारक उनके पिता जसवंतसिंह द्वितीय की याद में बनाया गया
👉 संगमरमर से निर्मित यह थड़ा राजस्थान का ताजमहल कहलाता है
👉 इसके आसपास देवकुंड और सुंदर बाग-बगीचे स्थित हैं
👉 यह दर्शनीय स्थल जोधपुर शहर में अवस्थित है
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
कवि एवं चित्रकार नागरीदास के रूप में कौन प्रसिद्ध था?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 किशनगढ़ नरेश राजा सावंतसिंह कला और साहित्य प्रेमी शासक थे।
👉 वे वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी और कृष्ण भक्त थे।
👉 उन्होंने कवि और चित्रकार के रूप में नागरीदास नाम से ख्याति पाई।
👉 उनकी प्रेयसी बणी-ठणी और चित्रकार निहालचंद से शैली का उत्कर्ष हुआ।
👉 इसलिए नागरीदास नाम से प्रसिद्ध शासक राजा सावंतसिंह थे।
✍️ सही उत्तर है – राजा सावंतसिंह
आज़ादी के बाद जोधपुर के कौन से शासक अपनी रियासत को एक स्वतंत्र इकाई रखना चाहते थे ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 आज़ादी के समय जोधपुर के अंतिम नरेश महाराजा हनुवन्तसिंह थे।
👉 उन्होंने अपनी रियासत को एक स्वतंत्र इकाई बनाए रखने का प्रयास किया।
👉 इसके लिए उन्होंने भोपाल के नवाब और जिन्ना से भी संपर्क साधा।
👉 लेकिन सरदार पटेल और माउंटबेटन के प्रयासों से यह योजना असफल रही।
👉 अंततः 30 मार्च 1949 ई. को जोधपुर का विलय वृहद राजस्थान में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा हनुवन्तसिंह
जोधपुर के मेहरानगढ़ दुर्ग का संस्थापक कौन था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 26.03.2019]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग राजस्थान का गौरव है।
👉 इसका निर्माण कार्य राव जोधा द्वारा करवाया गया।
👉 12 मई 1459 ई. को इस दुर्ग की नींव रखी गई थी।
👉 इसे गढ़ चिंतामणि और मयूरध्वज गढ़ भी कहा जाता है।
👉 यह दुर्ग राठौड़ साम्राज्य की शक्ति और वैभव का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – राव जोधा
राठौड़ राजवंश की कुलदेवी कौन है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 24.03.2019]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश की आराध्य देवी चक्रेश्वरी माता थीं।
👉 राव धूहड़ ने उनकी मूर्ति कर्नाटक से लाकर नागाणा गाँव में स्थापित की।
👉 स्थापना स्थल के कारण देवी को नागणेची माता कहा गया।
👉 बाद में यही देवी राठौड़ वंश की कुलदेवी मानी गई।
👉 आज भी राठौड़ वंश इन्हें अपनी कुल आराध्या मानता है।
✍️ सही उत्तर है – नागणेचीजी
दुर्गादास राठौड़ ने मारवाड़ के किस शासक को गद्दी पर बिठाने में सहयोग दिया?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 दुर्गादास राठौड़ मारवाड़ का महान योद्धा और चाणक्य कहलाता है।
👉 उसने मुगलों से लंबा संघर्ष कर मारवाड़ की स्वाधीनता बचाई।
👉 औरंगजेब की कैद से शिशु राजकुमार अजीतसिंह को सुरक्षित निकाला।
👉 वर्षों तक संघर्ष कर अंततः उसे जोधपुर की गद्दी दिलाई।
👉 इसलिए दुर्गादास को मारवाड़ का उद्धारक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अजीतसिंह
आलमशाही मुगलिया सिक्का राजस्थान में कहाँ प्रचलित था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -B) 11.12.2022]
👉 बीकानेर राज्य में मुगल सत्ता के प्रभाव से सिक्का प्रचलन हुआ
👉 यहाँ पर आलमशाही मुगलिया सिक्का का चलन मिलता है
👉 यह सिक्का उस समय की मुगल अधीनता का प्रतीक था
👉 बीकानेर रियासत ने इसे अपने राज्य में मान्यता दी
👉 इसलिए यह सिक्का विशेष रूप से बीकानेर में प्रचलित था
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
किस युद्ध में औरंगजेब ने जसवंत सिंह को हराया ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 मुगल उत्तराधिकार युद्ध में औरंगजेब व मुराद की संयुक्त सेना का सामना हुआ
👉 शाही सेना का नेतृत्व जसवंतसिंह (जोधपुर) और कासिम खाँ ने किया
👉 यह युद्ध 16 अप्रैल 1658 ई. को उज्जैन के पास धरमत में लड़ा गया
👉 युद्ध में जोधपुर के सुजानसिंह व मुकुंदसिंह हाड़ा मारे गए
👉 इस युद्ध में औरंगजेब ने जसवंतसिंह को हराकर विजय प्राप्त की
✍️ सही उत्तर है – धरमत का युद्ध
जोधपुर के कौन से शासक अपनी रियासत को एक स्वतंत्र इकाई रखना चाहते थे ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 आज़ादी के समय जोधपुर के अंतिम शासक महाराजा हनुवन्तसिंह थे।
👉 वे अपनी रियासत को एक स्वतंत्र इकाई बनाए रखना चाहते थे।
👉 इसके लिए उन्होंने भोपाल के नवाब और जिन्ना से संपर्क किया।
👉 लेकिन सरदार पटेल और माउंटबेटन के प्रयासों से यह योजना असफल रही।
👉 अंततः 30 मार्च 1949 ई. को जोधपुर का विलय वृहद राजस्थान में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा हनुवन्तसिंह
किसके शासनकाल में किशनगढ़ चित्रकला शैली को स्वतन्त्र स्वरूप प्राप्त हुआ ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 किशनगढ़ शैली का स्वर्णकाल महाराजा सावंतसिंह के समय माना जाता है
👉 सावंतसिंह वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी और नागरीदास नाम से कवि थे
👉 उनकी प्रेयसी बणी-ठणी का चित्र प्रसिद्ध चित्रकार निहालचंद ने बनाया
👉 इसी काल में किशनगढ़ चित्रकला को स्वतन्त्र स्वरूप व विश्व प्रसिद्धि मिली
✍️ सही उत्तर है – राजा सावंतसिंह
राठौर राजवंश के प्रथम शासक कौन थे ?
[पटवार (चतुर्थ चरण) 24.10.2021]
👉 मारवाड़ में राठौड़ वंश का आदिपुरुष राव सीहा को माना जाता है।
👉 लेकिन संगठित रूप से मंडोर और मारवाड़ की सत्ता का विस्तार राव चूड़ा ने किया।
👉 राव चूड़ा ने 1394–1423 ई. तक शासन किया।
👉 उसने मंडोर दुर्ग को प्रतिहारों से प्राप्त कर राजधानी बनाई।
👉 इसलिए राठौड़ राजवंश का प्रथम शासक राव चूड़ा कहलाया।
✍️ सही उत्तर है – राव चूड़ा
कवि एवं चित्रकार नागरीदास के रूप में कौन प्रसिद्ध था ?
[CET (स्नातक) (चरण -II) 07.01.2023]
👉 किशनगढ़ के शासक राजा सावंतसिंह कला व साहित्य के बड़े प्रेमी थे
👉 वे वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी और कृष्ण भक्त थे
👉 उन्होंने कवि और चित्रकार के रूप में नागरीदास नाम से ख्याति पाई
👉 उनकी प्रेयसी बणी-ठणी और चित्रकार निहालचंद से शैली स्वर्णकाल में पहुँची
👉 इसलिए नागरीदास नाम से प्रसिद्ध शासक राजा सावंतसिंह थे
✍️ सही उत्तर है – राजा सावंतसिंह
राव गंगा की मृत्यु के उपरान्त 5 जून 1531 ईसवी में मारवाड़ का शासक कौन बना?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 राव गांगा की मृत्यु 1531 ई. में हो गई।
👉 उनके बाद उनका ज्येष्ठ पुत्र राव मालदेव उत्तराधिकारी बना।
👉 मालदेव का राज्याभिषेक 5 जून 1531 ई. को सोजत (पाली) में हुआ।
👉 उसने मारवाड़ राज्य का सबसे बड़ा विस्तार किया।
👉 उसके काल को मारवाड़ का शौर्य युग कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – मालदेव
राव बीका ने किस वर्ष बीकानेर नगर की स्थापना की?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 राव बीका ने जांगल प्रदेश को विजित कर बीकानेर रियासत बसाई।
👉 उन्होंने 1485 ई. में गढ़ की नींव रखी।
👉 12 अप्रैल 1488 ई. को बीकानेर नगर की स्थापना की गई।
👉 यह तिथि अक्षय तृतीया (आखातीज) के दिन थी।
👉 इसी कारण 1488 ई. बीकानेर की स्थापना वर्ष माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 1488 ई.
गोरा धाय ने मारवाड़ के ____ की जान बचाई ।
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोपा) 24.03.2019]
👉 औरंगज़ेब की कैद से शिशु राजकुमार अजीतसिंह को बाहर निकालना था।
👉 वीरांगना गोरा धाय ने इस कार्य में महान बलिदान दिया।
👉 उसने अपने पुत्र को देकर अजीतसिंह को सुरक्षित बाहर निकाला।
👉 इस कारण उसे मारवाड़ की पन्ना धाय कहा गया।
👉 गोरा धाय ने अपने त्याग से अजीतसिंह की जान बचाई।
✍️ सही उत्तर है – अजीतसिंह
जोधपुर के राठौड़ राजवंश का संस्थापक कौन था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 राव सीहा को जोधपुर (मारवाड़) के राठौड़ वंश का आदिपुरुष माना जाता है
👉 उन्होंने 13वीं शताब्दी में पाली क्षेत्र में अपना अधिकार स्थापित किया
👉 सीहा ने लाखा झंवर युद्ध में मुस्लिम शासक से संघर्ष किया
👉 1273 ई. में गौ रक्षार्थ युद्ध करते हुए वे शहीद हुए
👉 इसी कारण उन्हें जोधपुर के राठौड़ राजवंश का संस्थापक कहा जाता है
✍️ सही उत्तर है – सीहा
किस मारवाड़ नरेश ने मुगल सम्राट औरंगजेब के साथ सहयोग की नीति अपनाई ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (रेफ्रीजरेशन) 24.12.2019]
👉 मारवाड़ नरेश महाराजा जसवंतसिंह प्रथम मुगलों के अधीन मनसबदार थे।
👉 उत्तराधिकार युद्धों में वे पहले दारा शिकोह के पक्ष में लड़े।
👉 बाद में परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने औरंगजेब से सुलह कर ली।
👉 औरंगजेब ने भी उन्हें गुजरात व दक्षिण में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ दीं।
👉 इस प्रकार जसवंतसिंह ने औरंगजेब के साथ सहयोग की नीति अपनाई।
✍️ सही उत्तर है – जसवंतसिंह
मारवाड़ राज्य में किस प्रकार के सामंतों को रेख, हुक्मनामा और चाकरी से 3 पीढ़ियों के लिए मुक्त किया जाता था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 मारवाड़ राज्य में सामंतों को विशेष अधिकार दिए जाते थे।
👉 इनमें से जो राजा के निकट संबंधी होते थे, वे विशेष मान पाते थे।
👉 ऐसे सामंतों को रेख, हुक्मनामा और चाकरी से छूट दी जाती थी।
👉 यह छूट लगातार तीन पीढ़ियों तक बनी रहती थी।
👉 इन्हें मारवाड़ में राजवी सामंत कहा जाता था।
✍️ सही उत्तर है – राजवी
16 अप्रैल, 1658 के दिन किस युद्ध में औरंगजेब ने जसवंतसिंह को हराया ?
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 मुगल उत्तराधिकार संघर्ष में औरंगजेब व मुराद की संयुक्त सेना उतरी
👉 शाही सेना का नेतृत्व जोधपुर नरेश जसवंतसिंह और कासिम खाँ ने किया
👉 यह युद्ध 16 अप्रैल 1658 ई. को उज्जैन के पास धरमत में लड़ा गया
👉 इसमें सुजानसिंह शाहपुरा और मुकुंदसिंह हाड़ा वीरगति को प्राप्त हुए
👉 इस निर्णायक युद्ध में औरंगजेब ने जसवंतसिंह को पराजित किया
✍️ सही उत्तर है – धरमत का युद्ध
बीकानेर के अनूपसिंह को औरंगजेब ने कौनसी उपाधि से सम्मानित किया था ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 बीकानेर नरेश अनूपसिंह ने दक्षिण भारत के युद्धों में मुगलों की सहायता की।
👉 उन्होंने बीजापुर और गोलकुंडा विजय में बहादुरी दिखाई।
👉 उनकी सेवाओं से प्रसन्न होकर औरंगज़ेब ने उन्हें सम्मान दिया।
👉 उन्हें शाही दरबार में महाराजा और माही मरातिब की उपाधि मिली।
👉 यह उपाधि राजपूत शासकों के लिए विशेष गौरव का प्रतीक थी।
✍️ सही उत्तर है – माही मरातव
जहाँगीर ने 'दल खम्बन' या सेना के नियंत्रक की उपाधि दी थी
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 बीकानेर नरेश गजसिंह ने मुगलों की सेवा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 वह शाहजहाँ और जहाँगीर के दरबार में विशेष विश्वासपात्र रहे।
👉 जहाँगीर ने उनकी वीरता और सेवाओं से प्रसन्न होकर उन्हें सम्मान दिया।
👉 यह उपाधि गजसिंह की सैन्य दक्षता का प्रतीक थी।
✍️ सही उत्तर है – गज सिंह
1574 में चन्द्रसेन के विद्रोही होने पर अकबर ने उसे दण्ड देने के लिए किसे भेजा ?
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और लगातार विद्रोही बना रहा।
👉 उसकी शक्ति को दबाने के लिए अकबर ने अपने विश्वसनीय सेनापति को भेजा।
👉 यह सेनापति बीकानेर नरेश राव रायसिंह था।
👉 1574 ई. में रायसिंह को चन्द्रसेन को दण्ड देने के लिए भेजा गया।
👉 इस प्रकार अकबर ने चन्द्रसेन के विरुद्ध रायसिंह को अभियान पर उतारा।
✍️ सही उत्तर है – रायसिंह
मारवाड़ के किस शासक का पालन पोषण गोरा धाय ने किया जिसे मारवाड़ की पन्नाधाय भी कहा जाता है ?
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (विष) 14.09.2019]
👉 औरंगज़ेब की कैद से बचाकर राजकुमार अजीतसिंह को सुरक्षित निकाला गया।
👉 उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी वीरांगना गोरा धाय ने संभाली।
👉 गोरा धाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर अजीतसिंह को सुरक्षित रखा।
👉 इस महान त्याग के कारण उसे मारवाड़ की पन्ना धाय कहा जाता है।
👉 अजीतसिंह आगे चलकर मारवाड़ का महाराजा बना।
✍️ सही उत्तर है – अजीतसिंह
मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग पश्चिमी राजस्थान का गौरव है।
👉 इस दुर्ग का निर्माण मारवाड़ नरेश राव जोधा ने करवाया।
👉 12 मई 1459 ई. को इसकी नींव रखी गई थी।
👉 दुर्ग को गढ़ चिंतामणि और मयूरध्वज गढ़ नामों से भी जाना जाता है।
👉 यह दुर्ग राठौड़ साम्राज्य की शक्ति और वैभव का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – राव जोधा
'मुहणोत नैणसी' किस राज्य का दीवान था ?
[कर सहायक 14.10.2018]
👉 प्रसिद्ध इतिहासकार मुहणोत नैणसी डिंगल भाषा के कवि भी थे।
👉 उन्हें राजस्थान का अबुल फज़ल कहा गया है।
👉 नैणसी, महाराजा जसवंतसिंह प्रथम के समय दरबार में थे।
👉 वे उस समय जोधपुर राज्य के दीवान नियुक्त किए गए।
👉 उनकी रचना नैणसी री ख्यात राजस्थान का प्रथम ऐतिहासिक ग्रंथ मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
बीकानेर का पहला कौन सा राजा था जिसने अकबर की अधीनता स्वीकार की ?
[JEN (यांत्रिक) (डिप्लोमाधारक) 13.12.2020]
👉 बीकानेर नरेश राव कल्याणमल 1526–1574 ई. तक शासक रहा।
👉 वह राव जैतसी का पुत्र और रायसिंह का पिता था।
👉 1570 ई. में अकबर द्वारा आयोजित नागौर दरबार में वह उपस्थित हुआ।
👉 इस दरबार में जाकर उसने अकबर की अधीनता स्वीकार की।
👉 इसलिए बीकानेर का पहला शासक जो अकबर के अधीन हुआ, वह कल्याणमल था।
✍️ सही उत्तर है – कल्याणमल
जोधपुर के किस शासक को अकबर ने 'सवाई राजा' की उपाधि प्रदान की थी ?
[JEN (विद्युत/यांत्रिक) (डिप्लोमा) 26.12.2020]
👉 जोधपुर नरेश राव सूरसिंह अकबर के समय का पराक्रमी शासक था।
👉 उसने अकबर के कई अभियानों में हिस्सा लिया और अपनी निष्ठा सिद्ध की।
👉 अकबर ने उसकी सेवाओं से प्रसन्न होकर उसे सम्मानित किया।
👉 उसे दरबार में ‘सवाई राजा’ की उपाधि प्रदान की गई।
👉 यह उपाधि उसकी विशेष योग्यता और पराक्रम का प्रतीक थी।
✍️ सही उत्तर है – राव सूरसिंह
"गुब्बारा ", " नुसरत", "नागपली", "गजक" नाम हैं
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड -II 11.09.2022]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग राव जोधा द्वारा बनवाया गया।
👉 इस दुर्ग में अनेक प्राचीन तोपें सुरक्षित रखी गई हैं।
👉 इनमें गुब्बारा, नुसरत, नागपली और गजक प्रमुख नाम हैं।
👉 ये तोपें दुर्ग की सुरक्षा और युद्ध की स्मृतियाँ दर्शाती हैं।
👉 इसलिए ये नाम जोधपुर दुर्ग की तोपों से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर दुर्ग की तोपों के नाम
मारवाड की पन्ना धाय किसे कहा जाता है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]
👉 1679 ई. में अजीतसिंह के जन्म के समय उसे मुगलों से बचाना था
👉 इस कार्य में जोधपुर की वीरांगना गोरा धाय ने बलिदान दिया
👉 उसने अपने पुत्र को देकर अजीतसिंह को सुरक्षित बाहर निकाला
👉 इस महान त्याग के कारण उसे मारवाड़ की पन्ना धाय कहा गया
👉 गोरा धाय का स्मारक जोधपुर में स्थित है
✍️ सही उत्तर है – गोरा धाय
गिरि सुमेल का युद्ध किसके मध्य हुआ था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 राव मालदेव मारवाड़ का पराक्रमी शासक था, जिसने अपने राज्य का विस्तार किया
👉 5 जनवरी 1544 ई. को उसका संघर्ष शेरशाह सूरी से हुआ
👉 यह युद्ध गिरि–सुमेल (ब्यावर) के मैदान में लड़ा गया
👉 इस युद्ध में मालदेव के सेनापति जैता व कूँपा ने अद्वितीय वीरता दिखाई
👉 मुस्लिम इतिहासकारों ने इस युद्ध को धर्मयुद्ध माना और इसे मारवाड़ का महत्वपूर्ण युद्ध कहा
✍️ सही उत्तर है – राव मालदेव एवं शेरशाह सूरी
'मारवाड़ का भूला बिसरा नायक किसे कहा जाता है?
[बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 18.06.2022]
👉 मारवाड़ के वीर शासक राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 कठिन परिस्थितियों में भी वे स्वतंत्रता के लिए डटे रहे।
👉 इतिहासकारों ने उन्हें विस्मृत नायक और भूला-बिसरा प्रताप कहा।
👉 इसलिए उन्हें ही मारवाड़ का भूला-बिसरा नायक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन
किसके शासन काल में किशनगढ़ शैली को स्वतंत्र स्वरूप प्राप्त हुआ ?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 किशनगढ़ शैली का उत्कर्ष महाराजा सावंतसिंह के काल में हुआ
👉 वे वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी और नागरीदास नाम से प्रसिद्ध कवि थे
👉 उनकी प्रेयसी बणी-ठणी और चित्रकार निहालचंद के कारण यह शैली विश्वप्रसिद्ध हुई
👉 इस काल को किशनगढ़ चित्रकला का स्वर्णकाल कहा गया
👉 तभी इसे स्वतंत्र व विशिष्ट स्वरूप प्राप्त हुआ
✍️ सही उत्तर है – राजा सावंतसिंह
सुमेल का युद्ध कब लड़ा गया था?
JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022
👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव और दिल्ली के शासक शेरशाह सूरी आमने-सामने हुए।
👉 यह युद्ध मारवाड़ के प्रसिद्ध गिरि–सुमेल (ब्यावर) के मैदान में लड़ा गया।
👉 संघर्ष में मालदेव के सेनापति जैता व कूँपा ने अद्भुत शौर्य दिखाया।
👉 मुस्लिम इतिहासकारों ने इसे धर्मयुद्ध की संज्ञा दी।
👉 यह भीषण युद्ध 1544 ई. में लड़ा गया था।
✍️ सही उत्तर है – 1544 ई.
बीकानेर चित्र शैली में किस बीकानेर शासक के समय उस्ता परिवार ने हिन्दू कथाओं को आधार बनाकर बहुत चित्र बनाए ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 बीकानेर नरेश अनूपसिंह कला और साहित्य प्रेमी शासक थे।
👉 उनके शासनकाल में बीकानेर चित्रकला का स्वर्णकाल रहा।
👉 इसी समय उस्ता परिवार बीकानेर आया और दरबार से जुड़ा।
👉 उस्ता कलाकारों ने हिन्दू कथाओं व ग्रंथों पर आधारित चित्र बनाए।
👉 इस कारण बीकानेर चित्र शैली का अद्वितीय विकास हुआ।
✍️ सही उत्तर है – अनूपसिंह
मारवाड़ के राठौड़ राजवंश का संस्थापक कौन था ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 राव सीहा को मारवाड़ के राठौड़ वंश का आदिपुरुष माना जाता है।
👉 उन्होंने 13वीं शताब्दी में पाली क्षेत्र में अपनी शक्ति संगठित की।
👉 सीहा ने मुस्लिम शासकों के विरुद्ध लाखा झंवर युद्ध लड़ा।
👉 1273 ई. में गौ-रक्षार्थ युद्ध करते हुए वे शहीद हो गए।
👉 इसलिए उन्हें मारवाड़ के राठौड़ राजवंश का संस्थापक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राव सीहा
मारवाड़ के राठौड़ वंश का संस्थापक कौन था ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश का आदिपुरुष राव सीहा था।
👉 उसने 13वीं शताब्दी में पाली क्षेत्र को अपना केन्द्र बनाया।
👉 सीहा ने मुस्लिम शासक के विरुद्ध लाखा झंवर युद्ध लड़ा।
👉 1273 ई. में गौ-रक्षा हेतु युद्ध करते हुए वह शहीद हुआ।
👉 इसलिए राव सीहा को मारवाड़ का राठौड़ वंश का संस्थापक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राव सीहा
1857 के विद्रोह के समय जोधपुर के महाराजा कौन थे ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के समय जोधपुर के शासक महाराजा तख्तसिंह थे।
👉 उनका शासनकाल 1843 से 1873 ई. तक रहा।
👉 तख्तसिंह ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों की सहायता की।
👉 उन्होंने एरिनपुरा छावनी और बिथौड़ा युद्ध में अंग्रेजों को सहयोग दिया।
👉 इसलिए 1857 के विद्रोह के समय जोधपुर के महाराजा तख्तसिंह ही थे।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा तख्त सिंह
निम्न में से किसे 'मारवाड़ का ताजमहल' कहा जाता है?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 जोधपुर में स्थित जसवंत थड़ा संगमरमर से निर्मित स्मारक है।
👉 इसका निर्माण महाराजा सरदारसिंह ने अपने पिता की स्मृति में करवाया।
👉 इसकी नक्काशी और कलात्मकता इसे विशेष भव्यता प्रदान करती है।
👉 इसे राजस्थान का ताजमहल भी कहा जाता है।
👉 यह जोधपुर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।
✍️ सही उत्तर है – जसवंत थड़ा
इतिहासकार जी. एच. ओझा के अनुसार, 'मतीरे की राड़' नामक युद्ध कब लड़ा गया?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 बीकानेर नरेश कर्णसिंह और नागौर के अमरसिंह के बीच संघर्ष हुआ।
👉 यह विवाद जाखणियाँ गाँव की सीमा पर मतीरे तोड़ने को लेकर बढ़ा।
👉 इस कारण दोनों पक्षों के बीच मतीरे की राड़ नामक युद्ध हुआ।
👉 इतिहासकार जी. एच. ओझा के अनुसार यह युद्ध 1644 ई. में लड़ा गया।
👉 अंततः इसमें विजय बीकानेर नरेश कर्णसिंह की हुई।
✍️ सही उत्तर है – 1644 ई. में
मारवाड़ के प्रसिद्ध घुड़ला उत्सव (घुड़ला नृत्य) की शुरुआत जोधपुर के किस शासक के काल में हुई?
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 मारवाड़ का प्रसिद्ध घुड़ला उत्सव स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है।
👉 इसकी शुरुआत जोधपुर नरेश राव सातलदेव के शासनकाल में हुई।
👉 1492 ई. में अजमेर के सेनापति घुड़ले खाँ की हत्या की घटना से यह जुड़ा है।
👉 राव सातल ने 140 कन्याओं को अपहरण से मुक्त कर यह नृत्य आरंभ करवाया।
👉 तभी से घुड़ला नृत्य को जोधपुर का लोकपर्व माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राव सातल
अकबर द्वारा निम्नलिखित में से किस शासक को शमशाबाद एवं नूरपुर की जागीर एवं 'राय' की उपाधि दी गई?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 बीकानेर नरेश रायसिंह अकबर के विश्वासपात्र सेनापति थे।
👉 उन्होंने गुजरात, नागौर, सिवाना और अहमदनगर अभियानों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 अकबर ने उनकी सेवाओं से प्रसन्न होकर उन्हें सम्मानित किया।
👉 उन्हें शमशाबाद और नूरपुर की जागीर प्रदान की गई।
👉 साथ ही उन्हें दरबार में ‘राय’ की उपाधि भी दी गई।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह
11 जून 1681 में औरंगज़ेब के बागी पुत्र अकबर को दुर्गादास किस मराठा सरदार के दरबार में कोंकण साथ ले गया ?
[प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान) 30.06.2022]
👉 औरंगज़ेब के बागी पुत्र शहज़ादा अकबर ने मुगलों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 इस कठिन समय में उसे मारवाड़ के वीर दुर्गादास राठौड़ का साथ मिला।
👉 दुर्गादास ने अकबर को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का निश्चय किया।
👉 11 जून 1681 ई. को वह अकबर को कोंकण ले गया।
👉 वहाँ उसने उसे मराठा सरदार संभाजी के दरबार में पहुँचाया।
✍️ सही उत्तर है – संभाजी
जोधपुर के जसवंत थड़ा का निर्माण ____ ने करवाया ।
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 जसवंत थड़ा एक भव्य संगमरमर स्मारक है
👉 इसका निर्माण महाराजा सरदारसिंह ने करवाया
👉 यह स्मारक उनके पिता जसवंतसिंह द्वितीय की स्मृति में बनाया गया
👉 इसे राजस्थान का ताजमहल भी कहा जाता है
👉 यह दर्शनीय स्थल जोधपुर में स्थित है
✍️ सही उत्तर है – महाराजा सरदारसिंह
निम्नलिखित बीकानेर के शासकों में से किसने खानवा के युद्ध में राणा सांगा की ओर से भाग लिया ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 1527 ई. में खानवा का युद्ध राणा सांगा और बाबर के बीच लड़ा गया।
👉 बीकानेर नरेश राव कल्याणमल ने इस युद्ध में राणा सांगा की सहायता की।
👉 उन्होंने अपने पुत्र कुँवर कल्याणमल को सेना सहित युद्ध में भेजा।
👉 इस प्रकार बीकानेर रियासत ने मेवाड़ की ओर से सैन्य सहयोग दिया।
👉 अतः खानवा के युद्ध में भाग लेने वाला शासक राव कल्याणमल था।
✍️ सही उत्तर है – राव कल्याणमल
राठौड़ राजवंश की कुलदेवी का नाम बताइये !
[JEN (यांत्रिक) (डिग्रीधारक) 13.12.2020]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश की आराध्य देवी चक्रेश्वरी माता मानी जाती हैं।
👉 राव धूहड़ ने कर्नाटक से मूर्ति लाकर नागाणा गाँव में स्थापित की।
👉 स्थापना स्थल के कारण इन्हें नागणेची माता कहा जाने लगा।
👉 बाद में नागणेची माता ही राठौड़ों की कुलदेवी बनीं।
👉 आज भी राठौड़ वंश इन्हें अपना परिवारिक आराध्य रूप मानता है।
✍️ सही उत्तर है – नागणेची माता
मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण _____ ने किया था ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स) 23.12.2019]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग ऐतिहासिक धरोहर है।
👉 इसका निर्माण कार्य राव जोधा ने करवाया।
👉 12 मई 1459 ई. को इस दुर्ग की नींव रखी गई।
👉 इसे गढ़ चिंतामणि और मयूरध्वज गढ़ भी कहा जाता है।
👉 यह दुर्ग राठौड़ों की शक्ति और वैभव का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – राव जोधा
बीकानेर के जूनागढ़ किले के दरवाजे पर किन शूरवीरों की मूर्तियाँ स्थित हैं ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 बीकानेर का जूनागढ़ किला महाराजा रायसिंह ने बनवाया था
👉 किले के सूरजपोल द्वार पर विशेष प्रशस्ति लगाई गई
👉 इस द्वार पर चित्तौड़गढ़ के शूरवीर जयमल और पत्ता की गजारूढ़ प्रतिमाएँ स्थापित हैं
👉 ये मूर्तियाँ उनकी अद्भुत वीरता और बलिदान की स्मृति में लगाई गईं
👉 इसलिए जूनागढ़ किले का यह द्वार ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल है
✍️ सही उत्तर है – जयमल और पत्ता
जोधपुर में निम्न में से कौनसी छतरी स्थित नहीं है?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 जोधपुर में कई प्रसिद्ध छतरियाँ बनी हुई हैं।
👉 इनमें राव जोधा, राव मालदेव, राव जसवंतसिंह आदि की छतरियाँ प्रमुख हैं।
👉 यहाँ संगमरमर की सुंदर छतरियों का समूह देखने को मिलता है।
👉 लेकिन जोधपुर में 8 खंभों की छतरी विद्यमान नहीं है।
👉 अतः यह छतरी जोधपुर से संबंधित नहीं मानी जाती।
✍️ सही उत्तर है – 8 खंभों की छतरी
जोधपुर के 'जसवंत थड़ा' का निर्माता कौन था ?
[वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 19.06.2022]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध स्मारक जसवंत थड़ा संगमरमर से निर्मित है।
👉 इसका निर्माण महाराजा सरदारसिंह ने करवाया।
👉 यह उनके पिता महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय की स्मृति में बनाया गया।
👉 इसे राजस्थान का ताजमहल भी कहा जाता है।
👉 यह स्थल जोधपुर का प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा सरदारसिंह
"चैम्बर ऑफ प्रिंसेज' का प्रथम चाँसलर कौन था ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 नरेन्द्र मंडल को ही ‘चैम्बर ऑफ प्रिंसेज’ कहा जाता था।
👉 इसकी स्थापना 1921 ई. में अंग्रेजों द्वारा की गई।
👉 इसका उद्देश्य देशी रियासतों को एक मंच पर लाना था।
👉 बीकानेर नरेश महाराजा गंगासिंह इसके प्रथम चाँसलर बने।
👉 वे 1921 से 1925 तक इसके अध्यक्ष पद पर रहे।
✍️ सही उत्तर है – गंगासिंह
राजकुमार अजीतसिंह को जोधपुर का राज्य पुनः दिलाने में किस का योगदान सर्वाधिक रहा ?
[कृषि पर्यवेक्षक परीक्षा 03.03.2019]
👉 महाराजा जसवंतसिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अजीतसिंह संकट में आ गए।
👉 मुगलों ने जोधपुर पर अधिकार कर लिया और अजीतसिंह को कैद करने का प्रयास किया।
👉 इस कठिन समय में वीर दुर्गादास राठौड़ ने नेतृत्व संभाला।
👉 उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक मुगलों से संघर्ष कर अजीतसिंह को सुरक्षित रखा।
👉 अंततः दुर्गादास ने ही अजीतसिंह को जोधपुर की गद्दी दिलाई।
✍️ सही उत्तर है – वीर दुर्गादास राठौड़
निम्नलिखित मारवाड़ के शासकों में से किसे मारवाड़ का 'महाराणा प्रताप' भी कहा जाता है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 राव चन्द्रसेन राव मालदेव का पुत्र और मारवाड़ का पराक्रमी शासक था
👉 उसने जीवनभर मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की
👉 उसे इतिहासकारों ने मारवाड़ का भूला-बिसरा प्रताप और विस्मृत नायक कहा
👉 इसलिए उसे मारवाड़ का ‘महाराणा प्रताप’ भी कहा जाता है
✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन
गिरि सुमेल का युद्ध कब लड़ा गया था ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव और दिल्ली के बादशाह शेरशाह सूरी के मध्य यह युद्ध हुआ
👉 युद्ध का स्थान गिरि–सुमेल (ब्यावर के पास) था
👉 इसमें मालदेव के सेनापति जैता व कूँपा ने अद्भुत पराक्रम दिखाया
👉 मुस्लिम इतिहासकारों ने इस संघर्ष को धर्मयुद्ध कहा है
👉 यह प्रसिद्ध युद्ध जनवरी 1544 ई. में लड़ा गया था
✍️ सही उत्तर है – जनवरी, 1544
निम्न में से बीकानेर का स्थापना दिवस कौन सा है ?
[वनरक्षक (द्वितीय चरण -A) 11.12.2022]
👉 बीकानेर रियासत की स्थापना राव बीका ने की थी
👉 12 अप्रैल 1488 ई. को बीकानेर नगर बसाया गया
👉 यह तिथि अक्षय तृतीया (आखातीज) के दिन पड़ी थी
👉 उसी दिन से बीकानेर का स्थापना दिवस माना जाता है
👉 इस अवसर पर बीकानेर में पतंगोत्सव भी आयोजित होता है
✍️ सही उत्तर है – अक्षय तृतीया
जुनागढ़ किले का निर्माण करवाने वाला था -
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (रसायन) 14.09.2019]
👉 बीकानेर का प्रसिद्ध दुर्ग जूनागढ़ किला कहलाता है।
👉 इसका निर्माण कार्य बीकानेर नरेश रायसिंह ने करवाया।
👉 यह किला 1589 से 1594 ई. के बीच बनकर पूर्ण हुआ।
👉 रायसिंह मुगल सम्राट अकबर के विश्वसनीय सेनापति भी थे।
👉 किले के सूरजपोल द्वार पर रायसिंह प्रशस्ति अंकित है।
✍️ सही उत्तर है – रायसिंह
किस ग्रन्थकार ने अपने ग्रन्थों का नाम बीकानेर महाराजा अनूप सिंह के नाम पर रखा था
[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]
👉 बीकानेर नरेश अनूपसिंह विद्वानों व कला-प्रेमी शासक थे
👉 उनके दरबारी साहित्यकार व संगीताचार्य भाव भट्ट थे
👉 भाव भट्ट ने कई ग्रंथों की रचना कर उनके नाम में अनूप शब्द जोड़ा
👉 इन ग्रंथों में अनूप संगीत रत्नाकर, संगीत अनूपांकुश आदि प्रमुख हैं
👉 इस प्रकार भाव भट्ट ने अपने ग्रंथों का नाम महाराजा अनूपसिंह पर रखा
✍️ सही उत्तर है – भाव भट्ट
'मुण्डीयार री ख्यात' किस राजवंश से सम्बन्धित है ?
[हाथकरघा निरीक्षक (उद्योग) 22.12.2019]
👉 राजस्थान की कई ख्यातें स्थानीय इतिहास का वर्णन करती हैं।
👉 ‘मुण्डीयार री ख्यात’ भी इन्हीं में से एक प्रमुख ख्यात है।
👉 इसमें विशेष रूप से मारवाड़ रियासत के शासकों का विवरण है।
👉 यह ग्रंथ राठौड़ वंश के शौर्य और परंपराओं का प्रमाणिक स्रोत है।
👉 इसलिए यह ख्यात मारवाड़ के राठौड़ वंश से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ के राठौड़
बीकानेर के शासक रायसिंह का शासन काल था ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 बीकानेर नरेश रायसिंह महाराजा कल्याणमल के पुत्र थे।
👉 वे अकबर के विश्वसनीय सेनापति और मनसबदार बने।
👉 1574 ई. में अपने पिता की मृत्यु के बाद वे गद्दी पर बैठे।
👉 उन्होंने जूनागढ़ किले का निर्माण कर अपनी पहचान बनाई।
👉 उनका शासन काल 1574 से 1612 ई. तक रहा।
✍️ सही उत्तर है – 1574–1612 ई.
सुमेल युद्ध में शेरशाह सूरी का मुकाबला, राव मालदेव के किन दो सेनानायकों ने किया था ?
[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]
👉 1544 ई. में सुमेल युद्ध राव मालदेव और शेरशाह सूरी के बीच लड़ा गया।
👉 युद्ध के समय मालदेव सेना छोड़कर पीछे हट गया था।
👉 उस समय उसके दो वीर सेनानायक डटे रहे।
👉 इन सेनानायकों के नाम जैता और कूँपा थे।
👉 दोनों ने वीरता से लड़ते हुए युद्ध में शहादत पाई।
✍️ सही उत्तर है – जैता व कूँपा
बीकानेर के जूनागढ़ किले का निर्माण किसने करवाया ?
[प्रयोगशाला सहायक (भूगोल) 30.06.2022]
👉 बीकानेर का प्रसिद्ध दुर्ग जूनागढ़ किला कहलाता है।
👉 इसका निर्माण बीकानेर नरेश महाराजा रायसिंह ने करवाया।
👉 किले का निर्माण कार्य 1589 ई. से 1594 ई. के बीच पूरा हुआ।
👉 रायसिंह मुगल सम्राट अकबर के विश्वसनीय सेनापति भी थे।
👉 किले के सूरजपोल द्वार पर रायसिंह प्रशस्ति अंकित है।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा रायसिंह
राठौड़ राजवंश की कुलदेवी का नाम बताइये ।
[कनिष्ठ वैज्ञानिक सहायक (सीरम) 15.09.2019]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश की कुलदेवी चक्रेश्वरी माता थीं।
👉 राव धूहड़ ने उनकी मूर्ति कर्नाटक से लाकर नागाणा गाँव में स्थापित की।
👉 स्थापना स्थल के कारण देवी को नागणेची माता कहा जाने लगा।
👉 बाद में यही देवी राठौड़ वंश की आराध्य देवी बनीं।
👉 आज भी राठौड़ वंश इन्हें अपनी कुलदेवी मानता है।
✍️ सही उत्तर है – नागणेची माता
निम्नलिखित में से किसे राठौड़ राजवंश की कुल देवी के रूप में भी जाना जाता है ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश की आराध्य देवी चक्रेश्वरी माता मानी जाती हैं।
👉 राव धूहड़ ने उनकी मूर्ति कर्नाटक से लाकर नागाणा गाँव में स्थापित की।
👉 स्थापना स्थल के कारण इन्हें नागणेची माता कहा जाने लगा।
👉 राठौड़ घराने ने इन्हें अपनी कुलदेवी रूप में स्वीकार किया।
👉 आज भी राठौड़ वंश इन्हें विशेष आस्था से पूजता है।
✍️ सही उत्तर है – नागणेची
'गिन्गोली ( परबतसर) का युद्ध (1807 ई.) लड़ा गया था-
JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022
👉 1807 ई. में मेवाड़ की राजकुमारी कृष्णाकुमारी विवाद के कारण संघर्ष हुआ।
👉 इस विवाद से जयपुर और जोधपुर राज्यों में युद्ध की स्थिति बनी।
👉 इसमें जोधपुर नरेश मानसिंह को पराजय का सामना करना पड़ा।
👉 इसलिए यह युद्ध जयपुर और जोधपुर के मध्य हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर और जोधपुर के मध्य
आजादी के बाद जोधपुर के कौन से शासक अपनी रियासत को एक स्वतंत्र इकाई रखना चाहते थे ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]
👉 आजादी के बाद जोधपुर के अंतिम शासक महाराजा हनुवन्तसिंह बने
👉 उन्होंने अपनी रियासत को स्वतंत्र इकाई बनाकर रखना चाहा
👉 इस हेतु उन्होंने भोपाल के नवाब और जिन्ना से भी संपर्क किया
👉 परन्तु सरदार पटेल व माउंटबेटन के प्रयासों से योजना असफल रही
👉 30 मार्च 1949 ई. को जोधपुर का विलय वृहद राजस्थान में कर दिया गया
✍️ सही उत्तर है – महाराजा हनुवन्तसिंह
जोधपुर के कौन से शासक अपने राज्य को स्वतंत्र इकाई रखना चाहते थे ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 आज़ादी के समय जोधपुर के अंतिम नरेश महाराजा हनुवन्तसिंह थे।
👉 वे अपनी रियासत को एक स्वतंत्र इकाई बनाए रखना चाहते थे।
👉 इसके लिए उन्होंने भोपाल के नवाब और जिन्ना से संपर्क किया।
👉 लेकिन सरदार पटेल और माउंटबेटन के प्रयास से यह योजना विफल रही।
👉 अंततः 30 मार्च 1949 ई. को जोधपुर का विलय वृहद राजस्थान में हो गया।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा हनुवन्तसिंह
औरंगज़ेब की मृत्यु तक अपने को स्वतंत्र करने का प्रयास करने वाला राजपूत राज्य था ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 औरंगज़ेब के लंबे शासनकाल में अधिकांश राजपूत रियासतें उसकी अधीन रहीं।
👉 परंतु मारवाड़ ने मुगलों की अधीनता को स्वीकार नहीं किया।
👉 राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता नहीं मानी, उसी परंपरा को आगे बढ़ाया।
👉 बाद में दुर्गादास राठौड़ ने अजीतसिंह को गद्दी पर बैठाने हेतु संघर्ष किया।
👉 इसलिए औरंगज़ेब की मृत्यु तक स्वतंत्रता का प्रयास करने वाला राज्य मारवाड़ था।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़
सामूगढ़ के युद्ध में दारा की पराजय का समाचार मिलते ही किस राजपूत शासक ने औरंगजेब की अधीनता स्वीकार की
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 मुगल उत्तराधिकार संघर्ष में 30 मई 1658 ई. को सामूगढ़ का युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में औरंगजेब ने अपने भाई दाराशिकोह को पराजित किया।
👉 युद्ध में दारा की हार का समाचार राजपूताना तक पहुँचा।
👉 इसके बाद जोधपुर नरेश महाराजा जसवंतसिंह ने स्थिति समझी।
👉 उन्होंने औरंगजेब की अधीनता स्वीकार कर ली।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा जसवंतसिंह
जोधपुर के मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण किसने करवाया ?
[पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड - III 19.09.2019]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग ऐतिहासिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
👉 इसका निर्माण कार्य राव जोधा ने करवाया था।
👉 12 मई 1459 ई. को इस दुर्ग की नींव रखी गई।
👉 इसे गढ़ चिंतामणि और मयूरध्वज गढ़ के नाम से भी जाना जाता है।
👉 यह दुर्ग राठौड़ साम्राज्य की शक्ति और गौरव का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – राव जोधा
निम्नलिखित में से किस किले को 'मयूरध्वज गढ़' भी कहा जाता है ?
[वनपाल परीक्षा 06.11.2022]
👉 1459 ई. में राव जोधा ने जोधपुर में मेहरानगढ़ दुर्ग बनवाया।
👉 इस दुर्ग को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है।
👉 इसे गढ़ चिंतामणि, सूर्यगढ़, कागमुखी दुर्ग भी कहा गया।
👉 साथ ही इसे मयूरध्वज गढ़ नाम से भी प्रसिद्धि मिली।
👉 यह जोधपुर का प्रमुख और भव्य दुर्ग है।
✍️ सही उत्तर है – मेहरानगढ़
'मुण्डीयार री ख्यात' में मुख्य रूप से किस राज्य के शासकों का वर्णन किया गया है ?
[सहायक अग्निशमन (AFO) 29.01.2022]
👉 राजस्थान में अनेक ख्यातें राजवंशों का इतिहास बताती हैं।
👉 ‘मुण्डीयार री ख्यात’ इन्हीं में से एक प्रसिद्ध ख्यात है।
👉 इसमें मुख्य रूप से मारवाड़ राज्य के शासकों का वर्णन किया गया है।
👉 ख्यातों के आधार पर स्थानीय इतिहास की विश्वसनीय जानकारी मिलती है।
👉 इसलिए इसे मारवाड़ के शासकों का इतिहास ग्रंथ माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़
राजस्थान में साहेबा का युद्ध जिस वर्ष लड़ा गया था, वह है -
JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022
👉 साहेबा का युद्ध मारवाड़ के शासक राव मालदेव से संबंधित है।
👉 इस युद्ध में बीकानेर नरेश राव जैतसी ने भाग लिया।
👉 मालदेव की सेना का नेतृत्व वीर जैता व कूँपा ने किया।
👉 यह भीषण युद्ध 26 फरवरी 1542 ई. को साहेबा/पाहेबा के स्थान पर लड़ा गया।
👉 इसलिए इसे 1541–42 ई. का प्रमुख युद्ध माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 1541–42 ई.
जोधपुर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 'जसवंत थडा' का निर्माण किसने कराया ?
[कनिप्ठ अनुदेशक (मैकेनिक) 23.12.2019]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध स्मारक जसवंत थड़ा संगमरमर से निर्मित है।
👉 इसका निर्माण महाराजा सरदारसिंह ने करवाया।
👉 यह उनके पिता महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय की स्मृति में बनाया गया।
👉 इसकी कलात्मकता के कारण इसे राजस्थान का ताजमहल कहा जाता है।
👉 यह स्थल जोधपुर का प्रमुख पर्यटन केंद्र है।
✍️ सही उत्तर है – सरदारसिंह
मारवाड़ में राठौड़ वंश के निम्नलिखित प्रारंभिक शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए
(i) राव सीहा (ii) राव अस्थान
(iii) राव दूहड़ (iv) राव रायपाल
सही कूट का चयन करें
[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश का आदिपुरुष राव सीहा था।
👉 उनके बाद उनका पुत्र राव अस्थान शासक बना।
👉 अस्थान के बाद उसका पुत्र राव दूहड़ गद्दी पर बैठा।
👉 दूहड़ की मृत्यु के बाद उसका ज्येष्ठ पुत्र राव रायपाल शासक बना।
👉 इस प्रकार इनका क्रम स्पष्ट रूप से तय होता है।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii), (iv)
शेरशाह सूरी के आक्रमण के समय मारवाड़ का शासक कौन था ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 29.06.2022]
👉 दिल्ली का शासक शेरशाह सूरी 1544 ई. में मारवाड़ पर चढ़ आया।
👉 उस समय मारवाड़ का शासक राव मालदेव था।
👉 शेरशाह और मालदेव के बीच प्रसिद्ध गिरि–सुमेल का युद्ध लड़ा गया।
👉 इस युद्ध में मालदेव के सेनापति जैता व कूँपा ने वीरता दिखाई।
👉 इसलिए आक्रमण के समय मारवाड़ का शासक राव मालदेव था।
✍️ सही उत्तर है – राव मालदेव
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :
|
सूची-I शासक |
सूची-II शासन काल |
|
(a) राव बीका |
(i) 1526 - 1541 AD |
|
(b) राव लूणकरण |
(ii) 1465 - 1504 AD |
|
(c) राव जैतसी |
(iii) 1541 - 1574 AD |
|
(d) राव कल्याणमल |
(iv) 1505 - 1526 AD |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए :
[स्टेनोग्राफर परीक्षा 05.10.2024]
👉 राव बीका ने 1465 ई. में जांगलदेश पर अधिकार कर बीकानेर की स्थापना की, उसका शासनकाल 1465–1504 ई. तक रहा
👉 राव लूणकरण 1505 ई. में शासक बना, उसने नागौर व फतेहपुर पर विजय प्राप्त की और 1526 ई. तक शासन किया
👉 राव जैतसी लूणकरण का पुत्र था, उसने 1526–1542 ई. तक शासन किया और बाबर व मालदेव से युद्ध किए
👉 राव कल्याणमल जैतसी का पुत्र था, उसने 1544 ई. में राज्य पाया और 1574 ई. तक शासन किया
✍️ सही उत्तर है – (a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(iii)
किस शासक को 'हशमत वाला राजा' कहा गया है?
[JEN (कृषि) 10.09.2022]
👉 मारवाड़ का शासक राव मालदेव अपने पराक्रम और विस्तार के लिए प्रसिद्ध था।
👉 उसने 52 युद्धों में भाग लिया और 58 परगनों का स्वामी बना।
👉 फ़ारसी इतिहासकार निज़ामुद्दीन व अबुल फज़ल ने उसकी प्रशंसा की।
👉 मालदेव को हिंदुस्तान का सबसे शक्तिशाली और हशमत वाला राजा कहा गया।
👉 उसके काल को मारवाड़ का शौर्य युग माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राव मालदेव
बीकानेर के इतिहास लेखन में कौन सी "ख्यात" अति लाभदायक है ?
[JEN (विधुत) (डिग्रीधारक) 29.11.2020]
👉 बीकानेर रियासत के इतिहास के लिए ख्यातों का विशेष महत्व है।
👉 इन ख्यातों में शासकों और उनके कार्यों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
👉 बीकानेर वंश के इतिहास लेखन में सबसे उपयोगी ख्यात दयालदास री ख्यात है।
👉 इसमें बीकानेर के राठौड़ शासकों का क्रमबद्ध विवरण मिलता है।
👉 इसलिए यह ख्यात बीकानेर के इतिहास लेखन में अत्यंत लाभदायक मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – दयालदास री ख्यात
1564 में चन्द्रसेन के कौन से भाई ने अकबर के दरबार में उपस्थित होकर चन्द्रसेन के विरुद्ध सहायता माँगी ?
[प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) 28.06.2022]
👉 राव चन्द्रसेन 1562 ई. में मारवाड़ का शासक बना।
👉 अकबर की अधीनता स्वीकार न करने के कारण उसके भाई उससे असंतुष्ट थे।
👉 1564 ई. में उसका भाई रामसिंह अकबर के दरबार में पहुँचा।
👉 उसने अकबर से चन्द्रसेन के विरुद्ध सहायता माँगी।
👉 इस प्रकार रामसिंह ने अकबर से अपने भाई के खिलाफ सहयोग लिया।
✍️ सही उत्तर है – रामसिंह