कौन बीकानेर राजपरिवार की कुलदेवी हैं ?
[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]
👉 बीकानेर रियासत की आराध्य देवी करणी माता मानी जाती हैं।
👉 राव बीका ने बीकानेर राज्य की स्थापना में करणी माता से आशीर्वाद लिया।
👉 उन्होंने देशनोक में करणी माता का मूल मंदिर बनवाया।
👉 बीकानेर राजपरिवार ने करणी माता को अपनी कुलदेवी माना।
👉 आज भी बीकानेर राजवंश करणी माता की पूजा आस्था से करता है।
✍️ सही उत्तर है – करणी माता
“वे मारवाड़ के रावल सलखा और जैनीदे के सबसे बड़े पुत्र थे"। वे 1389 ई. में उगमसी भाटी के शिष्य बन गए । लोक देवता की पहचान करें :
[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]
👉 मारवाड़ के शासक रावल सलखा और जैनीदे के ज्येष्ठ पुत्र थे।
👉 उन्होंने 1389 ई. में उगमसी भाटी को गुरु के रूप में स्वीकार किया।
👉 अपनी वीरता और पराक्रम के कारण वे लोक श्रद्धा के पात्र बने।
👉 उन्हें पश्चिमी राजस्थान में लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है।
👉 ये महान लोकनायक मल्लिनाथजी थे।
✍️ सही उत्तर है – मल्लिनाथजी
'विजय शाही सिक्के' का प्रचलन किस रियासत में था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 राजस्थान की विभिन्न रियासतों में अपने-अपने सिक्के प्रचलित थे।
👉 मारवाड़ (जोधपुर) रियासत में विशेष प्रकार के सिक्के ढाले गए।
👉 इन सिक्कों को ‘विजय शाही सिक्के’ कहा जाता था।
👉 इन पर मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय का नाम अंकित होता था।
👉 इसलिए ‘विजय शाही सिक्कों’ का प्रचलन जोधपुर रियासत में था।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
राव जोधा कौन था ?
[JEN (कृषि) 12.07.2015]
👉 राव जोधा राठौड़ वंश का पराक्रमी शासक था।
👉 उसने 12 मई 1459 ई. को मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी।
👉 राव जोधा ने मंडोर को छोड़कर नई राजधानी जोधपुर बसाई।
👉 उसे मारवाड़ राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।
👉 इसलिए राव जोधा को जोधपुर का संस्थापक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर का संस्थापक
मुंशी देवी प्रसाद ने किसे 'राजपूताने का कर्ण' कहा ?
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
👉 बीकानेर नरेश महाराजा रायसिंह अकबर के विश्वासपात्र सेनापति थे।
👉 उन्होंने गुजरात, सिवाना, अहमदनगर और बंगाल अभियानों में बहादुरी दिखाई।
👉 वे अपनी दानशीलता और उदार स्वभाव के कारण भी प्रसिद्ध हुए।
👉 उनके दान और पराक्रम की तुलना कर्ण से की गई।
👉 मुंशी देवी प्रसाद ने उन्हें ‘राजपूताने का कर्ण’ कहा।
✍️ सही उत्तर है – रायसिंह
राजस्थान में 'रूठी रानी' के रूप में कौन सी रानी प्रसिद्ध हुई ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 मारवाड़ नरेश राव मालदेव ने 1536 ई. में जैसलमेर के शासक लूणकरण की पुत्री से विवाह किया।
👉 इस रानी का नाम उमादे भटियाणी था।
👉 सुहागरात की घटना से नाराज़ होकर उसने पति से नाता तोड़ लिया।
👉 वह जीवनभर मालदेव के साथ नहीं रही और अलग ही वास करती रही।
👉 इसलिए इतिहास में वह ‘रूठी रानी’ के नाम से प्रसिद्ध हुई।
✍️ सही उत्तर है – उमादे
बीकानेर स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया जाता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 बीकानेर की स्थापना राव बीका ने करणी माता के आशीर्वाद से की।
👉 12 अप्रैल 1488 ई. को बीकानेर नगर बसाया गया।
👉 यह तिथि वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) के दिन पड़ी थी।
👉 इसलिए हर वर्ष इसी दिन बीकानेर का स्थापना दिवस मनाया जाता है।
👉 इस अवसर पर बीकानेर में पतंगोत्सव आयोजित होता है।
✍️ सही उत्तर है – वैशाख शुक्ल तृतीया
राव जोधा ने जोधपुर शहर की स्थापना किस वर्ष में की थी?
[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]
👉 जोधपुर नगर की स्थापना राव जोधा ने सन् 1459 ई. में राठौड़ वंश के नाम से की थी।
👉 राव जोधा, महाराजा राम मल के पुत्र तथा 15वें राठौड़ शासक थे।
👉 जोधपुर को इसकी उज्ज्वल धूप और धूप वाले मौसम के कारण “सन सिटी” कहा जाता है।
👉 यह नगर राजधानियों का शहर भी कहलाता है और मारवाड़ क्षेत्र की भूमि इसका प्रमुख केंद्र थी।
👉 जोधपुर का नाम राठौड़ों की मातृभूमि मंडौर से जुड़ा है, जहाँ से वे जोधपुर आकर बसे।
✍️ सही उत्तर है – 1459 ई.
शेरशाह तथा राठौड़ सेना के बीच 1544 ई. में कहाँ युद्ध हुआ था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 1544 ई. में दिल्ली के शासक शेरशाह सूरी ने मारवाड़ पर आक्रमण किया।
👉 उस समय मारवाड़ का शासक राव मालदेव था।
👉 दोनों सेनाएँ गिरि–सुमेल (ब्यावर के पास) के मैदान में आमने-सामने हुईं।
👉 युद्ध में मालदेव के सेनापति जैता और कूँपा ने अद्वितीय पराक्रम दिखाया।
👉 इसलिए यह प्रसिद्ध युद्ध 1544 ई. में गिरि–सुमेल में लड़ा गया।
✍️ सही उत्तर है – गिरि–सुमेल
मारवाड़ के राठौर वंश का संस्थापक कौन था ?
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश का आदिपुरुष राव सीहा था।
👉 उसने 13वीं शताब्दी में पाली क्षेत्र को अपना केन्द्र बनाया।
👉 राव सीहा ने मुस्लिम शासक के विरुद्ध लाखा झंवर युद्ध लड़ा।
👉 1273 ई. में गौ-रक्षा हेतु युद्ध करते हुए वह शहीद हुआ।
👉 इसलिए राव सीहा को मारवाड़ के राठौड़ वंश का संस्थापक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राव सीहा
बीकानेर के शासक अनूपसिंह को औरंगजेब ने कौन-सी उपाधि प्रदान की ?
कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024
👉 बीकानेर नरेश अनूपसिंह औरंगज़ेब के समय के पराक्रमी शासक थे।
👉 उन्होंने दक्षिण भारत के बीजापुर और गोलकुंडा अभियानों में मुगलों की सहायता की।
👉 उनकी वीरता और निष्ठा से सम्राट औरंगज़ेब प्रसन्न हुआ।
👉 उन्हें दरबार में महाराजा तथा ‘माही मरातिब’ की उपाधि प्रदान की गई।
👉 यह उपाधि विशेष सम्मान और सामरिक गौरव का प्रतीक थी।
✍️ सही उत्तर है – माही मरातव
1587 ई. में मोटा राजा उदयसिंह ने अपनी पुत्री का विवाह किस मुगल राजकुमार के साथ किया था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 मारवाड़ नरेश मोटा राजा उदयसिंह का शासनकाल 1583–1595 ई. तक रहा।
👉 उन्होंने मुगलों से संबंध सुधारने के लिए वैवाहिक नीति अपनाई।
👉 1587 ई. में उदयसिंह ने अपनी पुत्री माणीबाई (जोधाबाई/जगत गोसाईं) का विवाह किया।
👉 यह विवाह मुगल शहज़ादे सलीम के साथ हुआ।
👉 आगे चलकर वही सलीम जहाँगीर के नाम से सम्राट बना।
✍️ सही उत्तर है – जहाँगीर
किस राजपूत राजा की मृत्यु बुरहानपुर में हुई ?
[पशुधन सहायक (LSA) 16.10.2016]
👉 बीकानेर नरेश महाराजा रायसिंह अकबर और जहाँगीर के विश्वसनीय सेनापति थे।
👉 उन्होंने गुजरात, नागौर, सिवाना और अहमदनगर अभियानों में भाग लिया।
👉 अकबर ने उन्हें शमशाबाद, नूरपुर की जागीर और ‘राय’ की उपाधि दी।
👉 दक्षिण भारत में अभियान के दौरान उनकी मृत्यु हुई।
👉 उनका देहांत 22 जनवरी 1612 ई. को बुरहानपुर में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – रायसिंह
महाराजा तख्त सिंह (मारवाड़) के राज्याभिषेक के उत्सव में
[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]
👉 जोधपुर नरेश महाराजा तख्तसिंह का शासनकाल 1843–1873 ई. तक रहा।
👉 उनका राज्याभिषेक 1 दिसम्बर 1843 ई. को सम्पन्न हुआ।
👉 इस अवसर पर अंग्रेज सरकार की ओर से एक पॉलिटिकल एजेंट उपस्थित हुआ।
👉 यह पॉलिटिकल एजेंट लॉर्ड लुडलो था।
👉 उसने तख्तसिंह के राज्याभिषेक उत्सव में भाग लिया।
✍️ सही उत्तर है – लुडलो
गिरि सुमेल का युद्ध ___ में लड़ा गया था।
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव और दिल्ली के शासक शेरशाह सूरी आमने-सामने हुए।
👉 युद्ध स्थल गिरि–सुमेल (ब्यावर) का मैदान था।
👉 यह युद्ध 5 जनवरी 1544 ई. को लड़ा गया।
👉 मालदेव के सेनापति जैता व कूँपा ने अद्भुत वीरता दिखाई।
👉 मुस्लिम इतिहासकारों ने इसे धर्मयुद्ध की संज्ञा दी।
✍️ सही उत्तर है – 1544
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में;
अभिकथन A: जोधपुरे राज्य के राष्ट्र गान, धुसान में गौरा धाई के अद्वितीय बलिदान को गाया जाता है तथा जोधपुर में रूपा धाई गौरा धाई नामक बावड़ी भी है।
कारण R: गौरा धाई ने जोधपुर के राजकुमार (महाराजा जसवंत सिंह के पुत्र) के स्थान पर अपने पुत्र को रख दिया था तथा जोधपुर साम्राज्य के उत्तराधिकारी का जीवन बचाया था।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए -
[REET Mains (L-2) SST 18.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
जोधपुर
राज्य के राष्ट्रगान
धुसान
में गौरा
धाई के
बलिदान
का वर्णन मिलता
है।
👉
साथ
ही जोधपुर में
रूपा
धाई-गौरा
धाई नामक
बावड़ी
भी प्रसिद्ध
है।
👉
गौरा
धाई ने
अपने पुत्र
का बलिदान
देकर राजकुमार
का जीवन
बचाया था।
👉
इसी
कारण यह घटना
जोधपुर
इतिहास
में विशेष
महत्वपूर्ण
मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
जोधपुर के राठौड़ वंश का मूल संस्थापक कौन था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश का मूल संस्थापक राव सीहा था।
👉 उसने 13वीं शताब्दी में पाली क्षेत्र को अपना आधार बनाया।
👉 राव सीहा ने मुस्लिम शासक के विरुद्ध लाखा झंवर युद्ध लड़ा।
👉 1273 ई. में गौ-रक्षा हेतु संघर्ष करते हुए वह शहीद हुआ।
👉 इसलिए राव सीहा को राठौड़ वंश का आदिपुरुष और संस्थापक कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीहा
1715 ई. में मारवाड़ के अजीत सिंह ने अपनी पुत्री इन्द्रकंवरी का विवाह किस मुगल सम्राट से किया ?
कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024
👉 मारवाड़ नरेश महाराजा अजीतसिंह ने मुगलों से कई बार संघर्ष और संधियाँ कीं।
👉 अंततः उन्होंने 1715 ई. में एक महत्वपूर्ण वैवाहिक संधि की।
👉 इसके तहत अपनी पुत्री इन्द्रकुँवरी का विवाह मुगल बादशाह से कराया।
👉 यह विवाह मुगलों और राजपूतों के बीच का अंतिम वैवाहिक संबंध था।
👉 यह संबंध मुगल सम्राट फर्रुखसियार से स्थापित किया गया।
✍️ सही उत्तर है – फर्रुखसियार
“अतारकिन- का - दरवाज़ा" राजस्थान के निम्न में से किस जिले में स्थित है ?
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 राजस्थान का प्रसिद्ध दरवाज़ा अतारकिन का दरवाज़ा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
👉 यह दरवाज़ा नागौर जिले में स्थित है।
👉 इसका निर्माण उस समय की कलात्मक शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
👉 दरवाज़ा प्राचीन स्मारकों और स्थापत्य का प्रतीक है।
👉 यह स्थल नागौर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है।
✍️ सही उत्तर है – नागौर
जोधपुर महाराजा अभयसिंह और सर बुलन्द खाँ के बीच हुए अहमदाबाद युद्ध का आँखों देखा वर्णन किस ग्रंथ में मिलता है ?
[पशुधन सहायक (LSA) 21.08.2016]
👉 जोधपुर नरेश महाराजा अभयसिंह का शासनकाल 1724–1749 ई. तक रहा।
👉 उनके समय में अहमदाबाद पर सर बुलन्द खाँ से भीषण युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध का आँखों देखा हाल एक कवि ने ग्रंथ में लिपिबद्ध किया।
👉 यह विवरण चारण कवि वीरभाण रतनू कृत ग्रंथ ‘राज रूपक’ में मिलता है।
👉 इसलिए अहमदाबाद युद्ध का सजीव वर्णन राज रूपक में पाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राज रूपक
मारवाड़ की कौन-सी रानी "रूठी रानी" के नाम से विख्यात है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 मारवाड़ नरेश राव मालदेव ने 1536 ई. में जैसलमेर के राव लूणकरण की पुत्री से विवाह किया।
👉 इस रानी का नाम उमादे भटियाणी था।
👉 विवाह के बाद एक घटना से नाराज़ होकर उसने पति से नाता तोड़ लिया।
👉 वह जीवनभर मालदेव से अलग रही और कभी महल वापस नहीं लौटी।
👉 इसलिए इतिहास में वह “रूठी रानी” के नाम से प्रसिद्ध हुई।
✍️ सही उत्तर है – उमादे
खजवा युद्ध (1659 ई.) में औरंगजेब का साथ किसने दिया -
[JEN (Civil डिप्लोमा) 16.10.2016]
👉 5 जनवरी 1659 ई. को खजवा का युद्ध औरंगज़ेब व उसके भाई शुजा के बीच लड़ा गया।
👉 इस युद्ध में जोधपुर नरेश महाराजा जसवंतसिंह शामिल हुए।
👉 जसवंतसिंह ने शुजा को गुप्त संदेश भेजकर उसकी सहायता का आश्वासन दिया।
👉 लेकिन समय आने पर शुजा ने आक्रमण नहीं किया और औरंगज़ेब विजयी हुआ।
👉 इस प्रकार खजवा के युद्ध में औपचारिक रूप से जसवंतसिंह ने औरंगज़ेब का साथ दिया।
✍️ सही उत्तर है – जसवंतसिंह
राजस्थान में 'मोटा राजा' के नाम से कौन प्रसिद्ध था ?
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
👉 मारवाड़ के शासक उदयसिंह का शासनकाल 1583–1595 ई. तक रहा।
👉 वे अपने भारी-भरकम शारीरिक गठन के कारण प्रसिद्ध थे।
👉 प्रजा उन्हें प्यार से ‘मोटा राजा’ कहकर पुकारती थी।
👉 उनके समय में जोधपुर की संस्कृति पर मुगल शैली का प्रभाव पड़ा।
👉 इन्हें जोधपुर का प्रथम शासक माना जाता है जिसने मुगलों से वैवाहिक संबंध किए।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ का उदयसिंह
अकबर ने चन्द्रसेन के दमन हेतु किसे जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]
👉 राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और लगातार संघर्ष करता रहा।
👉 उसे दबाने के लिए अकबर ने अपनी शाही सेना जोधपुर भेजी।
👉 1574 ई. में चन्द्रसेन के विद्रोही होने पर अकबर ने कदम उठाया।
👉 अकबर ने बीकानेर नरेश रायसिंह को जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया।
👉 इस प्रकार रायसिंह ने अकबर की ओर से जोधपुर की व्यवस्था संभाली।
✍️ सही उत्तर है – रायसिंह
निम्नलिखित में से कौन 'मारवाड़ के राठौड़ वंश' से नहीं है ?
[JEN (Diploma) 06.02.2025]
👉 मारवाड़ की राजधानी जोधपुर रही और यहाँ राठौड़ वंश ने शासन किया।
👉 मारवाड़ के राठौड़ वंश का मूल संस्थापक राव सीहा था।
👉 आगे चलकर राव चूड़ा, रणमल, जोधा, मालदेव आदि शासक हुए।
👉 जबकि राव बीका ने मारवाड़ में नहीं, बल्कि बीकानेर रियासत की स्थापना की।
👉 इसलिए राव बीका को मारवाड़ के राठौड़ वंश से संबंधित नहीं माना जाता।
✍️ सही उत्तर है – राव बीका
"इकतीसंदा" रुपया राजस्थान की कौनसी टकसाल में बनता था
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर टकसालें स्थापित थीं।
👉 इन टकसालों में स्थानीय स्तर पर अलग-अलग नाम के सिक्के ढाले जाते थे।
👉 इन्हीं में से एक प्रसिद्ध रुपया “इकतीसंदा” कहलाता था।
👉 यह रुपया कुचामन की टकसाल में ढाला जाता था।
👉 इसलिए “इकतीसंदा रुपया” कुचामन टकसाल से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – कुचामन
राजस्थान में किसे बहादुरी, आत्म सम्मान और बलिदान के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है ?
निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
[पशु परिचर (1st Phase) 01.12.2024]
👉 राजस्थान के वीर योद्धा अमर सिंह राठौड़ पराक्रम और शौर्य के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 वे मुगल बादशाह शाहजहाँ के दरबार में मनसबदार रहे।
👉 1644 ई. में दरबार में उन्होंने सलावत खाँ का वध कर दिया।
👉 इसके बाद संघर्ष करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
👉 उन्हें बहादुरी, आत्मसम्मान और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अमर सिंह राठौड़
1572 ई. में अकबर ने किसे जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 राव चन्द्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और लगातार संघर्ष करता रहा।
👉 उसकी स्थिति कमजोर होने पर अकबर ने जोधपुर की व्यवस्था अपने हाथ में ली।
👉 1572 ई. में अकबर ने बीकानेर नरेश राव रायसिंह पर विश्वास जताया।
👉 उसने रायसिंह को जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया।
👉 इस प्रकार जोधपुर की देखरेख का कार्य राव रायसिंह को सौंपा गया।
✍️ सही उत्तर है – राव रायसिंह
मारवाड़ के किस शासक ने 1658 ई. में औरंगजेब के विरुद्ध धरमत के युद्ध में दारा शिकोह का साथ दिया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 1658 ई. में मुगल उत्तराधिकार युद्ध शुरू हुआ।
👉 16 अप्रैल 1658 ई. को धरमत का युद्ध लड़ा गया।
👉 इसमें औरंगजेब व मुराद की संयुक्त सेना एक ओर थी।
👉 दूसरी ओर दारा शिकोह की शाही सेना थी, जिसका नेतृत्व महाराजा जसवंतसिंह प्रथम ने किया।
👉 इस युद्ध में दारा की ओर से लड़ते हुए जसवंतसिंह को पराजय मिली।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा जसवंतसिंह-I
इतिहासकार डॉ. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा ने किस राजा को
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 मारवाड़ नरेश महाराजा अजीतसिंह ने औरंगज़ेब के बाद मुगलों से संघर्ष किया।
👉 उन्होंने कई बार परिस्थितियों के अनुसार नीतियाँ बदलीं।
👉 कभी मुगलों से युद्ध किया तो कभी उनके साथ संधि कर ली।
👉 उनकी इस चंचल नीति पर इतिहासकारों ने टिप्पणी की।
👉 डॉ. गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने उन्हें “कान का कच्चा” कहा।
✍️ सही उत्तर है – अजीतसिंह
जहाँगीर ने 'दलथम्भन' की उपाधि किसको दी थी ? [*]
[संकलनकर्ता परीक्षा 21.08.2016]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
मारवाड़ में वीरता, साहित्य, सेवा के लिए "सिरोपाव" देने की
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 मारवाड़ रियासत में वीरता, साहित्य सेवा और विशेष कार्यों पर सम्मान दिया जाता था।
👉 इस सम्मान को सिरोपाव कहा जाता था।
👉 अलग-अलग स्तर पर विभिन्न प्रकार के सिरोपाव प्रदान किए जाते थे।
👉 इनमें सबसे उच्च और सर्वोच्च हाथी सिरोपाव माना जाता था।
👉 यह सम्मान केवल असाधारण योग्यता और वीरता दिखाने पर मिलता था।
✍️ सही उत्तर है – हाथी सिरोपाव
किस बीकानेर नरेश ने 1570 ई. में नागौर दरबार में अकबर की अधीनता स्वीकार करी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 बीकानेर नरेश राव कल्याणमल 1526 से 1574 ई. तक शासनरत रहे।
👉 1570 ई. में अकबर ने नागौर दरबार आयोजित किया।
👉 इस दरबार में राव कल्याणमल ने उपस्थित होकर अकबर की अधीनता स्वीकार की।
👉 वह बीकानेर का पहला शासक था जिसने मुगलों से वैवाहिक संबंध भी स्थापित किए।
👉 इससे बीकानेर का मुगल दरबार से घनिष्ठ संबंध हो गया।
✍️ सही उत्तर है – राव कल्याणमल
जोधपुर शहर की स्थापना किसने की ?
[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025]
👉 मारवाड़ के पराक्रमी शासक राव जोधा राठौड़ वंश से थे।
👉 उन्होंने 12 मई 1459 ई. को नई राजधानी की स्थापना की।
👉 इस राजधानी का नाम उनके नाम पर जोधपुर रखा गया।
👉 राव जोधा ने यहाँ मेहरानगढ़ दुर्ग का भी निर्माण करवाया।
👉 इसलिए जोधपुर शहर की स्थापना करने वाले शासक राव जोधा थे।
✍️ सही उत्तर है – राव जोधा
"मुगल बादशाह अपनी विजयों में से आधी के लिए राठौड़ों की
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 राठौड़ वंश की वीरता और शौर्य इतिहास में प्रसिद्ध रहा।
👉 मुगल बादशाहों ने अनेक अभियानों में राठौड़ों की सैन्य शक्ति का उपयोग किया।
👉 उनकी वीरता को देखकर इतिहासकारों ने विशेष टिप्पणी की।
👉 कर्नल टॉड ने कहा कि मुगल बादशाह अपनी विजयों में से आधी के लिए राठौड़ों की एक लाख तलवारों के अहसानमन्द थे।
👉 यह कथन राठौड़ों की असाधारण युद्ध क्षमता को दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – कर्नल टॉड
राव जोधाजी के समय में जोधपुर में पहला ____________ का निर्माण हुआ था। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]
👉 मारवाड़ नरेश राव जोधा ने 1459 ई. में जोधपुर की स्थापना की।
👉 उनके शासनकाल में नगर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य हुए।
👉 इसी काल में जोधपुर में पहला तालाब/नाड़ी (पूल) बनवाया गया।
👉 इसे जलसंचयन और नगर की प्यास बुझाने हेतु बनाया गया।
👉 इसलिए राव जोधा के समय जोधपुर में पहला पूल (नाड़ी) निर्मित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – पूल (नाड़ी)
महाराणा राजसिंह का शासन काल रहा है ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह प्रथम वीर और धर्मरक्षक माने जाते हैं।
👉 उन्होंने जज़िया कर का विरोध किया और श्रीनाथजी की मूर्तियों को मेवाड़ लाकर प्रतिष्ठित किया।
👉 उनके समय में मुगलों के विरुद्ध लगातार संघर्ष चलता रहा।
👉 उन्होंने औरंगज़ेब के अत्याचारों का डटकर प्रतिरोध किया।
👉 उनका शासनकाल 1652 से 1680 ई. तक रहा।
✍️ सही उत्तर है – 1652–1680 ई.
दिल्ली के सुल्तान बहलोल लोदी को किस राठौड़ शासक ने परास्त किया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (Drafts) 04.01.2025]
👉 मारवाड़ नरेश राव जोधा राठौड़ वंश के पराक्रमी शासक थे।
👉 उन्होंने 1459 ई. में जोधपुर की स्थापना कर राजधानी बनाई।
👉 अपने शासनकाल में उन्होंने कई युद्ध लड़े और विजय प्राप्त की।
👉 दिल्ली के सुल्तान बहलोल लोदी को भी राव जोधा ने परास्त किया।
👉 इससे उनकी शक्ति और प्रतिष्ठा चारों ओर फैल गई।
✍️ सही उत्तर है – जोधा
बीकानेर शासक कर्णसिंह किस / कौनसे मुगल सम्राट के समकालीन थे ?
[JEN (यांत्रिकी डिग्री) 21.08.2016]
👉 बीकानेर नरेश कर्णसिंह का शासनकाल 1631 से 1669 ई. तक रहा।
👉 इस अवधि में दिल्ली की गद्दी पर पहले शाहजहाँ बैठा।
👉 बाद में उत्तराधिकार संघर्ष के पश्चात् औरंगज़ेब सम्राट बना।
👉 कर्णसिंह ने दोनों ही सम्राटों के समय मुगलों के साथ संबंध बनाए रखे।
👉 इसलिए वे शाहजहाँ और औरंगज़ेब दोनों के समकालीन थे।
✍️ सही उत्तर है – शाहजहाँ, औरंगज़ेब
जोधपुर किले में "पुस्तक प्रकाश" पुस्तकालय की स्थापना किसने
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 जोधपुर के महाराजा मानसिंह विद्वान और साहित्य प्रेमी शासक थे।
👉 उन्होंने कला, संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान को विशेष प्रोत्साहन दिया।
👉 2 जनवरी 1805 ई. को उन्होंने मेहरानगढ़ दुर्ग में एक पुस्तकालय स्थापित किया।
👉 इस पुस्तकालय का नाम “पुस्तक प्रकाश” रखा गया।
👉 यह मारवाड़ को विद्वानों की भूमि बनाने का एक महत्वपूर्ण कार्य था।
✍️ सही उत्तर है – मानसिंह
सुमेल का युद्ध लड़ा गया
[पर्यवेक्षक परीक्षा 29.11.2015]
👉 मारवाड़ नरेश राव मालदेव और दिल्ली के शासक शेरशाह सूरी आमने-सामने हुए।
👉 युद्ध स्थल गिरि–सुमेल (ब्यावर) का मैदान था।
👉 यह युद्ध जनवरी 1544 ई. में लड़ा गया।
👉 इसमें मालदेव के सेनापति जैता व कूँपा ने असाधारण वीरता दिखाई।
👉 मुस्लिम इतिहासकारों ने इसे धर्मयुद्ध की संज्ञा दी।
✍️ सही उत्तर है – जनवरी 1544 ई.
'गधिया' सिक्के किस राज्य से सम्बधित थे ? [*]
[अन्वेषक परीक्षा 21.08.2016]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
बच्छावतों, रामपुरिया, गुलेच्छा, सेठिया की हवेलियाँ राजस्थान में
[JEN (Civil Diploma) 21.08.2016]
👉 राजस्थान की प्रसिद्ध हवेलियाँ अपनी अनोखी भित्ति-चित्रकला के लिए जानी जाती हैं।
👉 इनमें बच्छावतों, रामपुरिया, गुलेच्छा और सेठिया की हवेलियाँ प्रसिद्ध हैं।
👉 ये सभी हवेलियाँ उत्तरी राजस्थान के प्रमुख नगर बीकानेर में स्थित हैं।
👉 इन हवेलियों की झरोखेदार बनावट और चित्रकला अद्वितीय है।
👉 इसलिए बीकानेर को हवेलियों का नगर भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
"गुब्बारा", "नुसरत", "नागपली", "गजक" नाम है।
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 जोधपुर का प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग राजस्थान का गौरव है।
👉 इस दुर्ग में अनेक प्राचीन तोपें सुरक्षित रखी गई हैं।
👉 इनमें गुब्बारा, नुसरत, नागपली और गजक प्रमुख नाम हैं।
👉 ये तोपें उस समय की सैन्य शक्ति और शौर्य की प्रतीक हैं।
👉 इसलिए ये सभी नाम जोधपुर दुर्ग की तोपों से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर दुर्ग की तोपों के नाम
17 जुलाई 1946 को किस राज्य में 'बीरबल दिवस' मनाया गया
[पटवार प्री. परीक्षा 2015]
👉 17 जुलाई 1946 ई. को राजस्थान के एक रियासत में विशेष आयोजन हुआ।
👉 यह आयोजन बीकानेर राज्य में सम्पन्न हुआ।
👉 इस दिन को वहाँ ‘बीरबल दिवस’ के रूप में मनाया गया।
👉 इसका उद्देश्य प्रजाजन में जागृति और संगठन पैदा करना था।
👉 इसलिए 17 जुलाई 1946 को बीकानेर में ‘बीरबल दिवस’ मनाया गया।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
राव बीका ने बीकानेर की स्थापना किस वर्ष में की थी ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 राव बीका ने करणी माता के आशीर्वाद से बीकानेर रियासत बसाई।
👉 उन्होंने 1485 ई. में गढ़ की नींव रखी।
👉 इसके बाद 12 अप्रैल 1488 ई. को बीकानेर नगर की स्थापना की।
👉 यह तिथि अक्षय तृतीया (आखातीज) का दिन था।
👉 इसलिए 1488 ई. को बीकानेर की स्थापना वर्ष माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 1488 ई.
औरंगजेब के बागी पुत्र अकबर को दुर्गादास राठौड़ किस मराठा सरदार के दरबार में साथ ले गया ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 औरंगजेब का पुत्र शहजादा अकबर मुगलों के विरुद्ध विद्रोही हो गया।
👉 इस कठिन समय में उसका साथ मारवाड़ के वीर दुर्गादास राठौड़ ने दिया।
👉 दुर्गादास ने उसे सुरक्षित रूप से कोंकण पहुँचाया।
👉 1681 ई. में वह अकबर को मराठा सरदार शंभाजी के दरबार में ले गया।
👉 यहीं से अकबर ने औरंगजेब के विरुद्ध आगे की रणनीति बनाई।
✍️ सही उत्तर है – शंभाजी
सन् 1177 सामन्त सिम्हा के द्वारा ____ के हाथों पराजित होने बाद
[पुस्तकालयाध्यक्ष 13.11.2016]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।