मध्यकालीन राजस्थान के राज्यों में शासक के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण अधिकारी जाना जाता था -
[RAS Pre. 31.10.2015]
👉 मध्यकालीन राजस्थान में शासक के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण अधिकारी प्रधान था।
✍️ सही उत्तर है – प्रधान
आज के राजस्थान को 19वीं शाताब्दी में राजपूताना नाम किसने दिया था ?
[LDC (RPSC) 2011]
👉 आज के राजस्थान क्षेत्र को पहले राजपूताना कहा गया।
👉 यह नाम सबसे पहले जॉर्ज थॉमस ने प्रयोग किया।
👉 उन्होंने 1800 ईस्वी में इस क्षेत्र को 'राजपूताना' कहा।
👉 इसका अर्थ है – राजपूतों की भूमि।
✍️ सही उत्तर है – जार्ज टॉमस
राजस्थान में मत्स्य संघ कब समाहित हुआ ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 18 मार्च 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली के विलय से संयुक्त राज्य मत्य्स बना।
👉 इसके राजप्रमुख धौलपुर के महाराजा बने।
👉 शोभाराम कुमावत इसके प्रथम व अंतिम मुख्यमंत्री रहे।
👉 मत्स्य संघ के प्रधानमंत्री भी शोभाराम कुमावत थे।
👉 15 मई 1949 को इसे ग्रेटर राजस्थान में विलय कर दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – 15 मई 1949 ई.
मौर्ययुगीन बौद्ध स्तूप के पुरावशेष कहाँ से प्राप्त हुए हैं ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 मौर्यकाल में बैराठ (विराटनगर) एक प्रमुख केन्द्र था।
👉 यहाँ से ईंटों से निर्मित प्राचीनतम बौद्ध स्तूप और मंदिर के अवशेष मिले हैं।
👉 बैराठ से अशोक कालीन भाब्रू शिलालेख भी प्राप्त हुआ।
👉 यह स्थल मौर्यकालीन बौद्ध संस्कृति का प्रमुख प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
"राजपूताना' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया ?
[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]
👉 राजपूताना का अर्थ है राजपूतों की भूमि।
👉 राजस्थान के क्षेत्र को राजपूताना कहा गया।
👉 सबसे पहले जॉर्ज थॉमस (1800 ई.) ने इस शब्द का प्रयोग किया।
👉 मध्ययुगीन काल में इसे पहले गुजरात नाम से जाना जाता था।
✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज टॉमस
सुमेलित कीजिए
महाजनपद - राजधानी
(A) मत्स्य (i) विराटनगर
(B) अंग (ii) चम्पा
(C) वत्स (iii) कौशाम्बी
(D) अवन्ति (iv) उज्जयिनी
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें -
[Head Master 11.10.2021]
👉 मत्स्य की राजधानी विराटनगर थी।
👉 अंग की राजधानी चम्पा थी।
👉 वत्स की राजधानी कौशाम्बी थी।
👉 अवन्ति की राजधानी उज्जयिनी थी।
✍️ सही उत्तर है – A-i, B-ii, C-iii, D-iv
राजपूतों की विदेशी उत्पत्ति का मत सर्वप्रथम किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 राजपूतों की विदेशी उत्पत्ति का मत सबसे पहले प्रस्तुत किया गया।
👉 इसे कर्नल जेम्स टॉड ने प्रतिपादित किया।
👉 उनके अनुसार राजपूत सीथियन, शक, कुषाण और हूण जातियों के वंशज हैं।
✍️ सही उत्तर है – कर्नल टॉड
चित्तौड़ के आस-पास के क्षेत्र को _________ के जनपद के रूप में जाना जाता था ।
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 प्राचीन काल में चित्तौड़ के आसपास का क्षेत्र शिवि जनपद कहलाता था।
👉 इसकी राजधानी मध्यमिका (नगरी) थी।
👉 यहाँ से अनेक सिक्के और अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 शिवि जनपद का उल्लेख महाभारत तथा अन्य ग्रंथों में भी है।
✍️ सही उत्तर है – शिवि
राजस्थान में “यौधेय राज्य” के विषय में निम्न कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
A. यौधेय राजतंत्रात्मक प्रणाली का पालन करतें थे ।
B. यौधेय भगवान कार्तिकेय एवं चामुंडा देवी की आराधना करते थे ।
[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]
👉 यौधेय राज्य राजतंत्रात्मक प्रणाली का पालन नहीं करता था; वे गणतांत्रिक प्रणाली के अनुयायी थे।
👉 उनके सिक्कों पर ‘गण’ शब्द का अंकन इस गणतंत्रीय व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण देता है।
👉 यौधेय अपने प्रमुख देवता कार्तिकेय की निष्ठापूर्वक आराधना करते थे।
👉 उनके सिक्कों पर मयूर (मोर) जैसे कार्तिकेय से जुड़े प्रतीक भी पाए जाते हैं।
👉 वे चामुंडा देवी की भक्ति और उपासना भी करते थे; यह कथन पूर्णतः सत्य है।
✍️ सही उत्तर है – केवल B सत्य है।
निम्न में से कौन सा शासक गोड़ (बंगाल) में भोज-प्रथम का समकालीन था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 मिहिराभोज (भोज प्रथम) के शासनकाल की अवधि 836-885 ईस्वी थी।
👉 उनके समकालीन बंगाल के पाल शासक देवपाल थे।
👉 देवपाल का शासनकाल लगभग 810-850 ईस्वी तक रहा।
👉 इसलिए मिहिराभोज के प्रारंभिक दौर में वह समकालीन थे।
✍️ सही उत्तर है – देवपाल
निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 मालव संवत् (कृत संवत्) की शुरुआत 57 ईसा पूर्व में हुई।
👉 बाद में इसे विक्रम संवत् कहा गया।
👉 शक संवत् का प्रारंभ 78 ईस्वी में हुआ।
👉 इसे राजा शालिवाहन ने शक राजाओं को हराने के बाद शुरू किया।
✍️ सही उत्तर है – मालव संवत् का प्रारम्भ 78 ई. से हुआ था।
अर्जुनायन जनपद का राजस्थान में मुख्य क्षेत्र था -
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 अर्जुनायन जनपद का प्रमुख क्षेत्र अलवर और भरतपुर रहा।
👉 यहाँ से अर्जुनायन जाति के सिक्के प्राप्त हुए हैं।
👉 सिक्कों पर ‘अर्जुनायानाम जय’ अंकित मिलता है।
👉 यह जनपद काल में बौद्ध धर्म का प्रभावी क्षेत्र था।
✍️ सही उत्तर है – अलवर – भरतपुर
उस अरबी यात्री का नाम बताइये जिसने मिहिर भोज के समय का वृत्तांत प्रस्तुत किया ।
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 मिहिर भोज के समय का वृत्तांत एक अरबी यात्री ने लिखा।
👉 उस यात्री का नाम सुलेमान था।
👉 उसने 851 ईस्वी में अपनी पुस्तक 'सिलसिलीउत तुआरीख' लिखी।
👉 इसमें मिहिर भोज की शक्ति, विशाल सेना और इस्लाम के प्रति उनका रवैया वर्णित है।
✍️ सही उत्तर है – सुलेमान
निम्नलिखित में से कौन मत्स्य की राजधानी थी, जिसका उल्लेख महाभारत में एक राज्य के रूप में किया गया है, जो जयपुर, अलवर और भरतपुर के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ था ?
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 मत्स्य जनपद का उल्लेख महाभारत में मिलता है।
👉 इसकी राजधानी विराटनगर (बैराठ) थी।
👉 पाण्डवों ने यहाँ अपना अज्ञातवास बिताया था।
👉 यह जनपद वर्तमान जयपुर, अलवर, भरतपुर के भागों तक फैला था।
✍️ सही उत्तर है – विराटनगर
राजस्थान में निम्न में से किस गणतांत्रिक जनजाति के सर्वाधिक सिक्के प्राप्त हुए हैं ?
[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]
👉 राजस्थान में अनेक गणतांत्रिक जनजातियाँ बसी थीं।
👉 इनमें सबसे अधिक सिक्के मालव जनपद के मिले हैं।
👉 टोंक जिले के नगर (कर्कोट नगर) से इनकी 6000 ताम्र मुद्राएँ मिलीं।
👉 इन सिक्कों पर मालवानाम जय अंकित है।
✍️ सही उत्तर है – मालव
शिबि जनपद का उल्लेख का सर्वप्रथम स्त्रोत है :
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 शिवि जनपद का प्रारम्भिक उल्लेख उनके सिक्कों पर मिलता है।
👉 नगरी (चित्तौड़गढ़) से शिवियों के अनेक तान सिक्के प्राप्त हुए।
👉 इन सिक्कों पर स्वास्तिक व बैल की आकृति अंकित है।
👉 सिक्के ही इनके इतिहास के प्रारम्भिक स्त्रोत हैं।
✍️ सही उत्तर है – सिक्के
कलेण्डर प्रारंभिक वर्ष
A. शक संवत I 622 ईस्वी
B. विक्रम संवत II 319 ईस्वी
C. हिजरी संवत III 57 ईसा पूर्व
D. गुप्त संवत IV 78 ईस्वी
[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]
सही सुमेलित है -
A B C D
👉 शक संवत का प्रारंभिक वर्ष 78 ईस्वी है।
👉 विक्रम संवत का प्रारंभिक वर्ष 57 ईसा पूर्व है।
👉 हिजरी संवत का प्रारंभिक वर्ष 622 ईस्वी है।
👉 गुप्त संवत का प्रारंभिक वर्ष 319 ईस्वी है।
✍️ सही उत्तर है – IV, III, I, II
'कुमारपाल' प्रबन्ध में उल्लेख है कि चितौड़ के किले का निर्माण एक मौर्य राजा ने करवाया था, उस राजा का नाम था
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 कुमारपाल प्रबन्ध ग्रंथ में चित्तौड़गढ़ किले के निर्माण का उल्लेख है।
👉 इसमें कहा गया है कि इसका निर्माण एक मौर्य राजा ने करवाया।
👉 उस मौर्य शासक का नाम चित्रांगद मौर्य था।
👉 किले के पास स्थित चित्रांगद तालाब भी उसी से जुड़ा है।
✍️ सही उत्तर है – चित्रांगद
निम्नलिखित में से कौनसा प्राचीन स्थल शिवि जनपद से संबंधित है ?
[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]
👉 शिवि जनपद की राजधानी मध्यमिका (नगरी) थी।
👉 यह स्थल वर्तमान चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
👉 यहाँ से शिवि जनपद के अनेक सिक्के और अवशेष मिले हैं।
👉 इसका उल्लेख महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी है।
✍️ सही उत्तर है – नगरी
शिवि जनपद के सिक्के कहाँ से बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 शिवि जनपद की राजधानी मध्यमिका (नगरी) थी।
👉 यहाँ से बड़ी संख्या में इनके सिक्के प्राप्त हुए हैं।
👉 इन सिक्कों पर स्वास्तिक और बैल की आकृति अंकित है।
👉 ये सिक्के शिवि जनपद के प्रारम्भिक स्रोत माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – नगरी
निम्न में से कौन सा युग्म सही नहीं है ?
[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]
(प्राचीन अंचल) - (आधुनिक जिला/जिले)
👉 मत्स्य देश की राजधानी विराटनगर थी, यह क्षेत्र अलवर व भरतपुर तक फैला था।
👉 जांगल देश में बीकानेर, नागौर, जोधपुर आदि क्षेत्र आते थे।
👉 शिवि जनपद का केन्द्र मध्यमिका (नगरी, चित्तौड़गढ़) था।
👉 लेकिन अर्बुद देश का सम्बन्ध सिरोही से है, जालौर से नहीं।
✍️ सही उत्तर है – अर्बुद देश – जालौर
राजस्थान के निम्न में से किस कस्बे को प्राचीन स्रोतों में 'चम्पावती' के नाम से जाना जाता है ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 प्राचीन स्रोतों में चाकसू का उल्लेख चम्पावती नाम से मिलता है।
👉 इसे तांबावती और पहपावती भी कहा गया है।
👉 यह स्थल राजस्थान के ऐतिहासिक नगरों में गिना जाता है।
👉 यहाँ के प्राचीन नाम स्रोतों से प्रमाणित हैं।
✍️ सही उत्तर है – चाकसू
गुप्तकाल का खगोलशास्त्री जो भीनमाल का रहने वाला था :
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 गुप्तकाल में राजस्थान का नगर भीनमाल (श्रीमाल) विद्वानों का केन्द्र था।
👉 यहाँ जन्मे महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त थे।
👉 उन्होंने ब्रह्मस्फुट सिद्धांत नामक ग्रंथ की रचना की।
👉 गुप्तकाल को प्राचीन भारत का स्वर्ण युग कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – ब्रह्मगुप्त
मत्स्य का सर्व प्रथम उल्लेख आता है [*]
[कृषि अधिकारी 2011]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
ब्रह्म सिद्धान्तों के लेखक ब्रह्मगुप्त ने किस शहर में रहकर गणित सम्बन्धी ज्ञान का प्रसार किया था ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 गुप्तकालीन महान गणितज्ञ व खगोलशास्त्री ब्रह्मगुप्त का सम्बन्ध राजस्थान से था।
👉 उन्होंने अपना जीवन भीनमाल (श्रीमाल) नगर में व्यतीत किया।
👉 यहीं रहकर उन्होंने गणित का ज्ञान फैलाया।
👉 उनकी रचना ब्रह्मस्फुट सिद्धांत प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – भीनमाल
गुप्तकालीन 'भ्रमर माता का मंदिर' कहाँ पर स्थित है ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 गुप्तकालीन भंवर माता का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
👉 यह मंदिर छोटी सादड़ी तहसील के पास बना है।
👉 इसका निर्माण पाँचवीं शताब्दी में हुआ।
👉 इसे मनवैयाणी वंश के राजा गोरी ने 491 ईस्वी में बनवाया।
✍️ सही उत्तर है – छोटी सादड़ी
रंगमहल में विशेष रूप से किसकी खेती की जाती थी ?
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
👉 रंगमहल स्थल राजस्थान के हनुमानगढ़ क्षेत्र में स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन से कुषाण कालीन मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं।
👉 इस क्षेत्र में विशेष रूप से चावल की खेती के प्रमाण मिले हैं।
👉 यह राजस्थान में कृषि और सभ्यता का महत्वपूर्ण प्रमाण स्थल है।
✍️ सही उत्तर है – चावल
राजस्थान के निम्नलिखित जनपदों में से कौन से प्राचीन जनपद का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है ? [*]
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
नाथद्वारा का मूल नाम था -
[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]
👉 नाथद्वारा का प्राचीन नाम सिहाड़ ग्राम था।
👉 यह नाम श्रीनाथजी मंदिर की स्थापना से पहले का था।
👉 गोवर्धन से लाए गए श्रीनाथजी का विग्रह यहीं स्थापित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – सिहाड़