महोबा विजय के बाद पृथ्वीराज चौहान ने महोबा का अधिकारी किसे बनाया?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 1182 ई. में पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने महोबा पर आक्रमण किया।
👉 उस समय चन्देल नरेश परमार्दिदेव वहाँ का शासक था।
👉 युद्ध में आल्हा और ऊदल जैसे वीर योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 विजय के बाद पृथ्वीराज ने अपने सामंत पंजुनराय आमेर को महोबा का अधिकारी नियुक्त किया।
👉 इससे चौहान साम्राज्य का विस्तार और भी मजबूत हुआ।
✍️ सही उत्तर है – पंजुनराय
अर्णोराज के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I अपने राजकाल के प्रारंभ में उसने एक गजनवी आक्रमण को खदेड़ दिया।
II वह मालवा के नरवर्मन को पराजित करने में असफल रहा।
III उसने चालुक्य नरेश जयसिंह सिद्धराज की पुत्री से विवाह किया
IV वह अपने ही पुत्र के द्वारा मारा गया।
अर्णोराज के बारे में उपर्युक्त में से कौन से कथन सत्य हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
कूट :
👉 चौहान शासक अर्णोराज (1133–1155 ई.) ने अपने शासन की शुरुआत में एक गजनवी आक्रमण को खदेड़ा।
👉 इसने चालुक्य नरेश जयसिंह सिद्धराज की पुत्री कांचन देवी से विवाह किया।
👉 जबकि मालवा नरेश नरवर्मन को इसने पराजित कर अपनी प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त की थी।
👉 अतः कथन I, III एवं IV सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – I, III एवं IV
इल्तुतमिश के जालौर पर आक्रमण के समय जालौर का चौहान शासक कौन था ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 जालौर पर चौहान वंश की सोनगरा शाखा का शासन था।
👉 इल्तुतमिश ने 1228 ई. में जालौर पर आक्रमण किया।
👉 उस समय वहाँ का शासक उदयसिंह था।
👉 उसने मण्डोर और नाड़ोल पर भी अधिकार किया तथा गुजरात के लवणप्रसाद को हराया।
👉 इल्तुतमिश को भी जालौर विजय में असफलता मिली और अंततः दोनों में संधि हुई।
✍️ सही उत्तर है – उदयसिंह
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प का चयन कीजिए :
A. विग्रहराज चतुर्थ शैव मतावलम्बी था ।
B. पृथ्वीराज विजय के अनुसार, विग्रहराज चतुर्थ ने 'एकादशी' के दिन पशुवध पर प्रतिबन्ध लगाया था।
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
कूट :
👉 विग्रहराज चतुर्थ एक शैव मतावलंबी शासक थे, यह तथ्य पूर्णतः सत्य माना जाता है।
👉 धार्मिक आचरण और शैव परंपरा के प्रति उनकी गहरी निष्ठा के प्रमाण उपलब्ध हैं।
👉 पृथ्वीराज विजय में उल्लेख मिलता है कि उन्होंने एकादशी के दिन पशुवध पर प्रतिबंध लगाया था।
👉 यह निर्णय उनके धार्मिक विश्वास, नैतिक दृष्टिकोण और समर्पित आस्था का द्योतक है।
✍️ सही उत्तर है – A और B दोनों सही हैं।
जालौर के चौहान वंश की शाखा का संस्थापक कौन था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 जालौर पर चौहान वंश की एक नई शाखा की स्थापना हुई।
👉 इसका संस्थापक कीर्तिपाल चौहान था।
👉 वह नाड़ोल के शासक अल्हण का सबसे छोटा पुत्र था।
👉 1181 ई. में उसने परमार शासक कुंतपाल को हराकर जालौर पर अधिकार किया।
👉 इसलिए इसे जालौर के चौहान वंश की शाखा का संस्थापक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कीर्तिपाल
किस चौहान शासक ने अजमेर को सबसे पहले अपनी राजधानी बनाया -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 चौहान शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) ने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) का निर्माण करवाया।
👉 अजयराज से पहले चौहानों का केन्द्र सपादलक्ष (सांभर) था।
👉 सबसे पहले अजयराज ने अजमेर को अपनी राजधानी बनाया।
👉 इसके काल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज द्वितीय
वह कौनसा शिलालेख है जिससे ज्ञात होता है की विग्रहराज चतुर्थ ने दिल्ली को अपने अधीन किया था ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने दिल्ली पर अधिकार किया।
👉 इसके प्रमाण दिल्ली के टोपरा स्तम्भ (अशोक स्तम्भ) पर 1163 ई. का लेख से मिलते हैं।
👉 इस शिलालेख में उल्लेख है कि उसने देश से मुसलमानों का सफाया किया।
👉 साथ ही यह भी लिखा है कि उसने अपने उत्तराधिकारियों को आदेश दिया कि वे मुसलमानों को अटक नदी के उस पार रखें।
👉 इस अभिलेख में विग्रहराज को विष्णु का अवतार कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया शिलालेख
‘बिजोलिया प्रशस्ति' के अनुसार, साँभर झील का निर्माता कौन है ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 बिजौलिया प्रशस्ति (1170 ई.) चौहान वंश का प्रमुख अभिलेख है।
👉 इसमें चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण कहा गया है।
👉 इसी प्रशस्ति में चौहान वंश के आदि पुरुष वासुदेव चौहान का उल्लेख है।
👉 इसमें बताया गया है कि सांभर झील का निर्माण वासुदेव चौहान ने करवाया।
👉 यद्यपि झील प्राकृतिक है, परंतु अभिलेख इसका श्रेय वासुदेव को देता है।
✍️ सही उत्तर है – वासुदेव
सुलतान अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति जो रणथम्भौर के किले की घेराबंदी के समय मारा गया था
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर दुर्ग पर आक्रमण किया।
👉 घेराबंदी के लिए उसके सेनापति उलूग खाँ और नुसरत खाँ भेजे गए।
👉 दुर्ग से छोड़े गए गोले से नुसरत खाँ मारा गया।
👉 उसकी मृत्यु से तुर्की सेना में भय और भ्रम फैल गया।
👉 इसके बाद अलाउद्दीन स्वयं सेना लेकर रणथम्भौर पहुँचा।
✍️ सही उत्तर है – नुसरत खाँ
अलाउद्दीन खिलजी ने 1311 ई. में जालौर को जीतकर उसका नया नाम क्या रखा ?
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
👉 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर पर अधिकार कर लिया।
👉 इस युद्ध में जालौर नरेश कान्हड़देव और उसका पुत्र वीरमदेव वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 विजय के बाद अलाउद्दीन ने जालौर का नया नाम जलालाबाद रखा।
👉 यहाँ पर उसने एक मस्जिद भी बनवाई।
👉 यह घटना सोनगरा चौहानों के शासन के अंत का प्रतीक बनी।
✍️ सही उत्तर है – जलालाबाद
किस चौहान रानी ने अपने नाम के सिक्के चलवाये ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 चौहान शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) ने अपने शासनकाल में चाँदी के सिक्के जारी किए।
👉 इन सिक्कों पर उसकी रानी सोमलवती/सोमलेखा का नाम भी अंकित मिलता है।
👉 यह विशेषता चौहान वंश के इतिहास में अद्वितीय है।
👉 सिक्कों पर रानी का नाम होना उसकी महत्ता और प्रभाव को दर्शाता है।
👉 अतः अपने नाम के सिक्के चलवाने वाली रानी सोमलवती/सोमलेखा थी।
✍️ सही उत्तर है – सोमल देवी
इतिहासकार फरिश्ता के अनुसार कान्हड़देव का खिलजी के दरबार से वापस जालौर लौटने का क्या कारण था ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
इतिहासकार
फरिश्ता
के अनुसार यह
घटना वर्णित
है।
👉
कान्हड़देव
खिलजी दरबार
से वापस
लौटे
थे।
👉
कारण
था हिन्दू
राजाओं की शक्ति
को चुनौती देना।
👉
यह
अपमान सहन
नहीं हुआ
इसलिए लौटे।
✍️ सही उत्तर है – खिलजी द्वारा हिन्दू राजाओं की शक्ति को चुनौती दी गई, जो सहन नहीं हुई।
भण्डानकों का पूर्णतया दमन निम्नांकित में से किसने किया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 भण्डानक सतलज प्रदेश से आकर गुड़गाँव व हिसार क्षेत्र में बस गए थे।
👉 ये भरतपुर, अलवर व मथुरा तक अपना प्रभाव बढ़ाने लगे।
👉 1182 ई. में चौहान शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने इनके विरुद्ध अभियान चलाया।
👉 इस युद्ध में भण्डानकों का समूल विनाश कर दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज चौहान तृतीय
जालौर के चौहान शासकों में से कौन से राजा को दिल्ली के किसी सुल्तान के आक्रमण का सामना नहीं करना पड़ा ?
[Protection Officer 29.05.2019]
👉 जालौर के चौहान शासकों में चाचिंगदेव (1257–1282 ई.) एक पराक्रमी राजा था।
👉 उसने महाराजाधिराज की उपाधि धारण की।
👉 उसके समय दिल्ली में सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद और बलबन का शासन था।
👉 लेकिन चाचिंगदेव के शासनकाल में जालौर पर किसी भी दिल्ली सुल्तान ने आक्रमण नहीं किया।
👉 इस कारण चाचिंगदेव का काल अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा।
✍️ सही उत्तर है – चाचिग देव
जालौर के सोनगरा चौहान वंश का संस्थापक कौन था ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 जालौर पर चौहान वंश की सोनगरा शाखा की स्थापना हुई।
👉 इसका संस्थापक कीर्तिपाल चौहान था।
👉 वह नाड़ौल के शासक अल्हण का सबसे छोटा पुत्र था।
👉 1181 ई. में कीर्तिपाल ने परमार नरेश कुंतपाल को हराकर जालौर पर अधिकार किया।
👉 इसलिए इसे जालौर के सोनगरा चौहान वंश का संस्थापक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कीर्तिपाल
अलाउद्दीन का सेनानायक जो रणथम्भोर अभियान के दौरान मारा गया -
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर अभियान के लिए अपने सेनापतियों को भेजा।
👉 इस अभियान में उसका प्रमुख सेनानायक नुसरत खाँ था।
👉 रणथम्भौर दुर्ग की घेराबंदी के समय दुर्ग से छोड़े गए गोले से उसकी मृत्यु हुई।
👉 उसकी मौत से तुर्की सेना में भय और भ्रम फैल गया।
👉 बाद में अलाउद्दीन स्वयं सेना लेकर रणथम्भौर पहुँचा।
✍️ सही उत्तर है – नुसरत खान
चौहानों की रणथम्भोर शाखा का प्रवर्तक था :
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद मोहम्मद गौरी ने अजमेर को गोविंदराज को दिया।
👉 लेकिन पृथ्वीराज का भाई हरिराज उसे अजमेर से निकाल देता है।
👉 इसके बाद कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर प्रदान की।
👉 इसी से रणथम्भौर में चौहान वंश की नई शाखा स्थापित हुई।
👉 अतः रणथम्भौर शाखा का प्रवर्तक गोविंदराज था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
1191-1192 के तराइन के युद्ध में किस चौहान शासक राजा को आक्रमणकारी शहाबुद्दीन गौरी से लड़ना पड़ा ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 1191 और 1192 ई. में तराइन के मैदान में युद्ध हुए।
👉 इन युद्धों में चौहान शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय सम्मिलित था।
👉 पहले युद्ध (1191 ई.) में गौरी को पराजित किया गया।
👉 दूसरे युद्ध (1192 ई.) में गौरी ने छल से विजय प्राप्त की।
👉 यह संघर्ष चौहान शक्ति के पतन का कारण बना।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज तृतीय
अमीर खुसरो की निम्नलिखित में से कौनसी कृति रणथंभौर के हम्मीर देव के साथ खिलजी के संघर्ष का उल्लेख करती है?
(i) खजाइन-उल-फुतुह
(ii) देवल रानी
(iii) मिफ्ता-उल-फुतुह
(iv) नूह सिपिहर
सही उत्तर विकल्प चुनें -
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 अमीर खुसरो अलाउद्दीन खिलजी के दरबारी कवि थे।
👉 उनकी कृतियों में खजाइन-उल-फुतुह में रणथम्भौर विजय का उल्लेख है।
👉 देवल रानी में भी समकालीन घटनाओं के बीच रणथम्भौर प्रसंग आता है।
👉 मिफ्ता-उल-फुतुह में भी खिलजी की विजयों के साथ रणथम्भौर संघर्ष का वर्णन है।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) और (iii)
अजमेर के चौहानों के विषय में निम्न कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए -
(अ) अजयराज ने अपनी राजधानी सांभर से अजमेर स्थानांतरित की थी ।
(ब) अजयराज ने अपनी राजधानी में प्रसिद्ध झील का निर्माण करवाया और उसका नाम आनासागर रखा।
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 अजयराज द्वितीय द्वारा राजधानी को सांभर से अजमेर स्थानांतरित करना पूर्णतः सही कथन है।
👉 उन्होंने अजयमेरु नगर की स्थापना कर इसे अपना प्रमुख राजनीतिक केंद्र बनाया।
👉 आनासागर झील का निर्माण अजयराज ने नहीं करवाया था, यह कथन गलत है।
👉 इस झील का निर्माण उनके पुत्र अर्णोराज द्वारा स्वतंत्र रूप से करवाया गया था।
✍️ सही उत्तर है – केवल (अ) सत्य है।
दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान के काल के दौरान अजमेर के गोविंदराज ने स्वयं को रणथम्भौर में स्थापित किया ?
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
👉 1192 ई. में तराइन का द्वितीय युद्ध हुआ जिसमें पृथ्वीराज तृतीय पराजित हुआ।
👉 इसके बाद मोहम्मद गौरी ने अजमेर का शासन गोविंदराज को सौंपा।
👉 परन्तु पृथ्वीराज का भाई हरिराज उसे अजमेर से निकाल देता है।
👉 तब दिल्ली सल्तनत के शासक कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर दी।
👉 यहीं से रणथम्भौर में चौहान वंश की एक नई शाखा स्थापित हुई।
✍️ सही उत्तर है – कुतुबुद्दीन ऐबक
हिन्दुवाट का युद्ध सम्बन्धित था
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 हिन्दुवाट का युद्ध अलाउद्दीन खिलजी के रणथम्भौर आक्रमण से जुड़ा है।
👉 इसमें चौहान शासक हम्मीर देव चौहान की सेना और तुर्की सेना आमने-सामने हुई।
👉 युद्ध में चौहान सेनानायक भीमसिंह ने वीरता दिखाई और वीरगति को प्राप्त हुआ।
👉 यह युद्ध रणथम्भौर दुर्ग के समीप की घाटी (हिन्दुवाट घाटी) में लड़ा गया।
👉 यह संघर्ष चौहानों की सल्तनत के विरुद्ध प्रतिरोध का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – रणथम्भौर के चौहान
'पृथ्वीराज विजय' का रचियता कौन है ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 पृथ्वीराज विजय संस्कृत भाषा में रचित ग्रंथ है।
👉 इसके रचयिता कश्मीरी विद्वान जयानक थे।
👉 जयानक ने चौहान शासकों विग्रहराज चतुर्थ, सोमेश्वर और पृथ्वीराज तृतीय की सेवा की।
👉 इस ग्रंथ में तराइन युद्ध तथा चौहान शासकों की प्रशंसा का उल्लेख है।
👉 इसे चौहान इतिहास का एक महत्वपूर्ण साहित्यिक स्रोत माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जयानक
चौहान निम्नलिखित में से किस स्थान से सम्बद्ध नहीं थे ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
👉 चौहान राजवंश की विभिन्न शाखाएँ नाडौल, जालौर और रणथम्भौर—इन सभी क्षेत्रों से प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध थीं।
👉 नाडौल में शासन करने वाली शाखा को ‘नादुला के चाहमान’ कहा जाता था, जो 10वीं से 12वीं शताब्दी के मध्य मारवाड़ क्षेत्र पर नियंत्रण रखती थी।
👉 जालौर (प्राचीन जाबालीपुर) में सोनगरा चौहान शाखा स्थापित हुई, जिसकी नींव कीर्तिपाल चौहान ने 1181 ईस्वी में रखी।
👉 रणथम्भौर में ‘रणस्तंभपुर के चाहमान’ शासन करते थे, जिसकी स्थापना गोविंदराज द्वारा 12वीं शताब्दी में की गई थी।
👉 इन तीनों ही स्थानों पर चौहानों की स्वतंत्र शाखाएँ, स्थानीय सत्ता और ऐतिहासिक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
✍️ सही उत्तर है – लोद्रवा
निम्नलिखित चौहान शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए :
(i) चामुण्डराज (ii) दुर्लभराज-III
(iii) विग्रहराज -III (iv) पृथ्वीराज - I
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
कूट : -
👉 सबसे पहले शासक था चामुण्डराज।
👉 इसके बाद शासन किया दुर्लभराज तृतीय (दूसल) ने।
👉 फिर गद्दी पर आया विग्रहराज तृतीय।
👉 अंत में शासक बना पृथ्वीराज प्रथम (1090–1105 ई.)।
👉 इस प्रकार सही कालक्रम है – (i) → (ii) → (iii) → (iv)।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii), (iv)
महोबा विजय के बाद पृथ्वीराज III ने वहाँ का प्रशासक किसे नियुक्त किया था ?
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 1182 ई. में पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने महोबा पर विजय प्राप्त की।
👉 इस युद्ध में चन्देल शासक परमार्दिदेव पराजित हुआ।
👉 युद्ध के बाद पृथ्वीराज ने अपने सामंत पंजुनराय आमेर को नियुक्त किया।
👉 उसे महोबा का अधिकारी / प्रशासक बनाया गया।
👉 इससे चौहान शक्ति का विस्तार और भी मजबूत हुआ।
✍️ सही उत्तर है – पज्जुन राय
पृथ्वीराज चौहान तृतीय का समकालीन चन्देल शासक था :
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 चौहान नरेश पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने 1182 ई. में महोबा पर आक्रमण किया।
👉 उस समय महोबा का शासक चन्देल नरेश परमार्दिदेव था।
👉 युद्ध में उसके वीर सेनानायक आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 इस विजय से चौहान साम्राज्य की शक्ति और प्रभाव बढ़ा।
👉 अतः पृथ्वीराज तृतीय का समकालीन चन्देल शासक परमार्दिदेव था।
✍️ सही उत्तर है – परमार्दिदेव
सुल्तान जलालुद्दीन खलजी के रणथम्भौर अभियान के समय वहाँ का शासक कौन था ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 1290 ई. में सुल्तान जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने रणथम्भौर की ओर अभियान किया।
👉 उस समय रणथम्भौर पर चौहान वंश का शासक हम्मीर देव चौहान था।
👉 खिलजी ने पहले झाँइन (छाण) पर अधिकार किया।
👉 इसी दौरान हम्मीर और खिलजी की पहली मुठभेड़ हुई।
👉 हम्मीर देव रणथम्भौर का अंतिम प्रतापी शासक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – हम्मीर
अजमेर का संस्थापक कौन था ?
[LDC (RPSC) 2011]
👉 चौहान वंश के पराक्रमी शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) ने नगर बसाया।
👉 इसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर की स्थापना की।
👉 बीठली पहाड़ी पर इसने अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) बनवाया।
👉 इसे उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री कहा गया।
👉 इसके काल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल माना गया।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
चौहान वंश की कुलदेवी है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 चौहान वंश की कुलदेवी शाकम्भरी माता मानी जाती है।
👉 चौहान शासक वासुदेव चौहान ने सांभर झील के पास इनका मंदिर बनवाया।
👉 इसलिए चौहानों को कभी-कभी शाकम्भरी के चौहान भी कहा जाता है।
👉 शाकम्भरी माता चौहान वंश की प्रमुख कुलदेवी है।
✍️ सही उत्तर है – शाकम्भरी देवी
अलाउद्दीन खिलजी के निम्नलिखित में से किस सेनानायक की मृत्यु रणथम्भौर की घेराबंदी के दौरान राजपूत सेना के एक मंजनीक पत्थर से हमला करने के बाद हुई थी?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 अलाउद्दीन खिलजी के प्रमुख सेनानायक नुसरत खां की मृत्यु रणथम्भौर की घेराबंदी के दौरान हुई थी।
👉 यह घटना 1301 ईस्वी में उस समय घटी, जब वे किले पर आक्रमण संचालन कर रहे थे।
👉 राजपूत सेना द्वारा चलाए गए मंजनीक के भारी पत्थर के प्रहार से नुसरत खां की तत्काल मृत्यु हो गई थी।
👉 नुसरत खां को अलाउद्दीन ने उलुग खां के साथ मिलकर रणथम्भौर पर समन्वित आक्रमण करने का आदेश दिया था।
✍️ सही उत्तर है – नुसरत खां
चौहान शासकों के बारे में कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
A. वासुदेव ने सांभर झील का निर्माण कराया था।
B. अर्णोराज ने अजमेर में आनासागर झील बनवायी थी।
C. वासुदेव ने सुरजन सिंह की सहायता से शाकंभरी में अपना शासन स्थापित किया था।
कूट :
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
वासुदेव
चौहान
ने सांभर
झील का
निर्माण कराया।
👉
अर्णोराज
चौहान
ने आनासागर
झील बनवाई।
👉
जबकि
सुरजन
सिंह सहायता
वाला कथन सही
नहीं है।
👉
इसलिए
केवल A
और
B
सही
हैं।
✍️ सही उत्तर है – A और B
विग्रहराज-IV की साहित्यिक रचना-हरकेली है -
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) साहित्य प्रेमी और कवि था।
👉 उसने संस्कृत में ‘हरिकेलि’ नामक ग्रंथ की रचना की।
👉 यह रचना एक नाटक है।
👉 इसमें महाभारत काल के अर्जुन और शिव के युद्ध का वर्णन है।
👉 इसकी कुछ पंक्तियाँ अजमेर के अढ़ाई दिन का झोंपड़ा और इंग्लैंड के ब्रिस्टल स्मारक पर अंकित हैं।
✍️ सही उत्तर है – नाटक
कान्हड़दे प्रबंध का रचियता कौन है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 कान्हड़दे प्रबंध जालौर चौहानों के इतिहास का प्रमुख ग्रंथ है।
👉 इसका रचनाकाल 1455 ई. माना जाता है।
👉 इस ग्रंथ के रचयिता कवि पद्मनाभ थे।
👉 इसमें जालौर नरेश कान्हड़देव और उसके पुत्र वीरमदेव की वीरता का वर्णन है।
👉 साथ ही इसमें फिरोजा–वीरमदेव की कथा भी दी गई है।
✍️ सही उत्तर है – पद्मनाभ
रानी रंग देवी का ऐतिहासिक जौहर सम्बन्धित था
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 चौहान शासक हम्मीर देव चौहान का संघर्ष अलाउद्दीन खिलजी से हुआ।
👉 रणथम्भौर दुर्ग की घेराबंदी लगभग एक वर्ष तक चली।
👉 खाद्यान्न संकट के समय राजपूत स्त्रियों ने जौहर किया।
👉 इस जौहर का नेतृत्व हम्मीर देव की पत्नी रानी रंगदेवी ने किया।
👉 यह राजस्थान के इतिहास का पहला जल-जौहर और साका माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – रणथम्भौर से
पृथ्वीराज तृतीय की माता ने उसके प्रारंभिक काल में निम्नांकित में से किसकी सहायता से उसकी संरक्षिका के रूप में शासन संचालन किया था ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
पृथ्वीराज
तृतीय के प्रारंभ
में माता
संरक्षिका
बनी थीं।
👉
उन्होंने
शासन संचालन
में मंत्री
सहायता
ली।
👉
इस
कार्य में कैम्बास
मंत्री
प्रमुख सहयोगी
था।
👉
इसलिए
शासन कैम्बास
की सहायता
से चला।
✍️ सही उत्तर है – मंत्री कैम्बास
किसको चौहानों का मूल स्थान माना जाता है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 चौहानों की उत्पत्ति और प्रारम्भिक इतिहास के प्रमाण बिजौलिया शिलालेख आदि से मिलते हैं।
👉 इसमें चौहान वंश का प्रथम शासक वासुदेव चौहान बताया गया है।
👉 वासुदेव ने 551 ई. में सपादलक्ष (सांभर) क्षेत्र को अपनी राजधानी बनाया।
👉 इसलिए चौहानों का मूल स्थान जांगल देश का सपादलक्ष माना जाता है।
👉 बाद में यही क्षेत्र चौहानों का प्रमुख राज्य केन्द्र बना।
✍️ सही उत्तर है – सपादलक्ष
चन्दनराज की रानी "रुद्राणी" जो पुष्कर में प्रतिदिन एक हजार दीपक जला कर भगवान महादेव की उपासना करती थी, किस वंश से सम्बन्धित थी ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 चौहान वंशीय शासक चन्दनराज शाकम्भरी का शासक था।
👉 उसकी रानी रुद्राणी (आत्मप्रभा) योग साधना और शिवभक्ति के लिए प्रसिद्ध थी।
👉 वह प्रतिदिन एक हजार दीपक जलाकर उन्हें पुष्कर झील में प्रवाहित करती थी।
👉 यह धार्मिक आस्था शाकम्भरी के चौहान वंश से जुड़ी हुई थी।
👉 इसलिए रुद्राणी का सम्बन्ध शाकम्भरी चौहानों से था।
✍️ सही उत्तर है – शाकम्भरी के चौहान
निम्नांकित में से कौन-सा कथन शाकम्भरी के चौहानों के विषय में असत्य है ? [*]
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
अलाउद्दीन खिलजी के रणथम्भौर पर आक्रमण के समय वहाँ का शासक कौन था ?
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने 1299–1301 ई. के बीच रणथम्भौर दुर्ग पर आक्रमण किया।
👉 उस समय रणथम्भौर का शासक चौहान वंश का हम्मीर देव चौहान था।
👉 हम्मीर देव ने मंगोल नेता मीर मुहम्मद शाह को शरण दी थी।
👉 इसी कारण अलाउद्दीन ने रणथम्भौर पर चढ़ाई की।
👉 युद्ध के बाद 1301 ई. में हम्मीर देव वीरगति को प्राप्त हुआ और दुर्ग पर खिलजी का अधिकार हुआ।
✍️ सही उत्तर है – हम्मीर
कुमारपाल चालुक्य को किस चौहान शासक ने पराजित कर मेवाड़ एवं मारवाड़ पर अपना अधिकार स्थापित किया था ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 चौहान वंश का पराक्रमी शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 इस विजय के बाद उसने मेवाड़ और मारवाड़ पर अधिकार स्थापित किया।
👉 इस शासक को कवियों ने कविबांधव की उपाधि दी थी।
👉 इसके शासनकाल को चौहानों का स्वर्णकाल कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
चौहानों से संबंधित निम्नलिखित कथनों को पढ़िये
(i) अहिछत्रपुर उनकी प्राचीन राजधानी थी।
(ii) प्रारंभिक चौहान शासकों की तोमर वंश के साथ शत्रुता थी।
सही कथन का चयन करिये
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 चौहान वंश की प्रारम्भिक राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर) थी।
👉 बाद में उनका प्रमुख केन्द्र सपादलक्ष (सांभर) बना।
👉 प्रारम्भिक चौहान शासकों की तोमर वंश के साथ संघर्ष और शत्रुता रही।
👉 हर्षनाथ शिलालेख में भी चौहानों और तोमरों के बीच युद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – (i) और (ii) दोनों सही
रणथम्भौर के चौहान राजवंश का संस्थापक कौन था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 1192 ई. के तराइन युद्ध के बाद मोहम्मद गौरी ने अजमेर को गोविंदराज को दिया।
👉 पृथ्वीराज के भाई हरिराज ने उसे अजमेर से निकाल दिया।
👉 तब कुतुबुद्दीन ऐबक ने गोविंदराज को रणथम्भौर की जागीर प्रदान की।
👉 यहीं से रणथम्भौर में चौहान वंश का नया शासन प्रारम्भ हुआ।
👉 इसलिए रणथम्भौर के चौहान राजवंश का संस्थापक गोविंदराज था।
✍️ सही उत्तर है – गोविंदराज
अढ़ाई दिन के झोपड़े में 'हरिकेलि' नाटक के अतिरिक्त किस रचना को खुदवाया गया ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 अजमेर स्थित संस्कृत महाविद्यालय (बाद में अढ़ाई दिन का झोंपड़ा) चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने बनवाया।
👉 इसमें उसकी स्वयं की रचना हरिकेलि नाटक की पंक्तियाँ खुदवाई गईं।
👉 यह स्थान चौहान काल की साहित्यिक एवं स्थापत्य कला का प्रमुख साक्ष्य है।
👉 बाद में इसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने मस्जिद में बदलकर अढ़ाई दिन का झोंपड़ा बना दिया।
✍️ सही उत्तर है – ललित-विग्रहराज
'हरकेलि' संस्कृत नाटक के रचयिता कौन हैं
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 चौहान वंश का पराक्रमी शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) साहित्य प्रेमी भी था।
👉 इसे विद्वानों का आश्रयदाता और कविबांधव कहा गया।
👉 इसने स्वयं संस्कृत में ‘हरिकेलि’ नाटक की रचना की।
👉 यह नाटक अर्जुन और शिव के युद्ध पर आधारित है।
👉 इसकी पंक्तियाँ अजमेर के अढ़ाई दिन का झोंपड़ा और ब्रिस्टल (इंग्लैंड) में उत्कीर्ण हैं।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
"पृथ्वीराज विजय" के लेखक है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 पृथ्वीराज विजय संस्कृत भाषा में रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
👉 इसके लेखक कश्मीरी विद्वान जयानक थे।
👉 जयानक ने चौहान शासकों विग्रहराज चतुर्थ, सोमेश्वर और पृथ्वीराज तृतीय की सेवा की।
👉 इस ग्रंथ में चौहान वंश के पराक्रम और तराइन युद्ध का उल्लेख है।
👉 इसे चौहान इतिहास का विश्वसनीय साहित्यिक स्रोत माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जयानक
विख्यात स्मारक "अढ़ाई दिन का झोपड़ा" या तत्कालीन संस्कृत महाविद्यालय का निर्माण किसके द्वारा किया गया-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 अजमेर में स्थित अढ़ाई दिन का झोंपड़ा पहले एक संस्कृत महाविद्यालय था।
👉 इसका निर्माण चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने करवाया था।
👉 इसे सरस्वती कंठाभरण पाठशाला कहा जाता था।
👉 बाद में 1198 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
शिवालिक अभिलेख के अनुसार, किस चौहान शासक ने गज़नी के अमीर खुसरो शाह को परास्त किया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 इसके समय का प्रमाण दिल्ली शिवालिक स्तंभ लेख (1163 ई.) से मिलता है।
👉 इस अभिलेख में लिखा है कि उसने गजनी के अमीर खुसरो शाह को हराया।
👉 इस विजय के कारण चौहान साम्राज्य की प्रतिष्ठा और भी बढ़ गई।
👉 इसे अपने समय का महान प्रतापी शासक माना गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव)
अलाउदीन खिलजी ने रणथंभौर पर आक्रमण किया, क्योंकि -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 रणथम्भौर के शासक हम्मीर देव चौहान ने अलाउद्दीन खिलजी की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 1299 ई. में गुजरात से लौटती शाही सेना और मंगोलों में विवाद हुआ।
👉 मंगोल नेता मीर मुहम्मद शाह (महमा शाह) रणथम्भौर आकर हम्मीर देव की शरण में चला गया।
👉 अलाउद्दीन ने उससे इस विद्रोही को सौंपने की माँग की, लेकिन हम्मीर ने इंकार कर दिया।
👉 यही कारण बना कि अलाउद्दीन ने रणथम्भौर पर आक्रमण किया।
✍️ सही उत्तर है – सुल्तान के विद्रोहियों को शरण दी
रणथम्भौर के शासक जिन्होंने सल्तनत के विरुद्ध प्रतिरोध किया -
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 रणथम्भौर के चौहान शासकों में बागभट्ट और हम्मीर देव विशेष रूप से प्रसिद्ध हुए।
👉 बागभट्ट ने इल्तुतमिश और रजिया सुल्तान के आक्रमणों का सफल प्रतिरोध किया।
👉 हम्मीर देव ने अलाउद्दीन खिलजी के विरुद्ध लंबा संघर्ष किया।
👉 हम्मीर देव के समय 1301 ई. में रणथम्भौर का साका और जौहर हुआ।
👉 इन दोनों ने सल्तनत की शक्ति के विरुद्ध चौहान पराक्रम का प्रदर्शन किया।
✍️ सही उत्तर है – वागभट्ट और हम्मीर देव
'ललित - विग्रहराज' का रचयिता सोमदेव किस चौहान शासक के दरबार में था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 सोमदेव चौहान दरबार का प्रसिद्ध कवि था।
👉 उसने संस्कृत में ‘ललित-विग्रहराज’ नामक नाटक की रचना की।
👉 इसमें चौहान शासक और इन्द्रपुरी की राजकुमारी के प्रेम प्रसंग का उल्लेख है।
👉 सोमदेव जिस शासक के दरबार में था, वह था विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव)।
👉 यह शासक कवियों का मित्र और कविबांधव कहलाया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव)
पृथ्वीराज तृतीय, सभी चौहान शासकों में सबसे प्रसिद्ध.....................वर्ष की आयु में सिंहासन पर बैठे।
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 चौहान वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय था।
👉 उसके पिता सोमेश्वर की मृत्यु 1177 ई. में हुई।
👉 उस समय पृथ्वीराज तृतीय की आयु मात्र 11 वर्ष थी।
👉 उसकी माता कर्पूरी देवी ने प्रारम्भ में शासन का संचालन किया।
👉 बाद में पृथ्वीराज ने स्वयं शासन संभाला और सबसे प्रसिद्ध चौहान शासक बना।
✍️ सही उत्तर है – 11 वर्ष
पुष्कर में आनासागर झील और वराह मंदिर का निर्माण किसने करवाया था ?
[AEN CIVIL 21 मई 2023]
👉 आनासागर झील का निर्माण चौहान शासक अर्णोराज (1133–1155 ई.) ने करवाया।
👉 यह झील नागपहाड़ और तारागढ़ के बीच स्थित है।
👉 वराह मंदिर का निर्माण भी चौहान शासक अर्णोराज ने ही करवाया।
👉 बाद में इस मंदिर का जीर्णोद्धार महाराणा प्रताप के भाई समरसिंह ने करवाया।
👉 दोनों निर्माण कार्य अर्णोराज की धार्मिक निष्ठा और धर्म-सहिष्णुता को दर्शाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – अर्णोराज
किस चौहान शासक के द्वारा अजमेर में जो संस्कृत पाठशाला बनावाई थी, उसे तोड़कर ऐबक ने अढ़ाई दिन का झोंपड़ा मस्ज़िद बनवाई ?
[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने अजमेर में संस्कृत पाठशाला बनवाई।
👉 इसे सरस्वती कंठाभरण महाविद्यालय कहा गया।
👉 इसमें उसके रचित हरिकेलि नाटक की पंक्तियाँ अंकित थीं।
👉 1198 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे तोड़कर मस्जिद बनवाई।
👉 यह मस्जिद आज अढ़ाई दिन का झोंपड़ा कहलाती है।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
प्रथम खिलजी सुल्तान जिसने रणथम्भोर दुर्ग पर आक्रमण किया, वह था
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 रणथम्भौर दुर्ग पर सबसे पहले खिलजी वंश का सुल्तान जलालुद्दीन फिरोज खिलजी चढ़ा।
👉 1290 ई. में उसने अपने सेनापतियों के साथ रणथम्भौर की ओर अभियान किया।
👉 इस दौरान उसने झाँइन (छाण) दुर्ग पर अधिकार किया।
👉 यहीं उसकी पहली मुठभेड़ चौहान शासक हम्मीर देव से हुई।
👉 इस प्रकार रणथम्भौर पर आक्रमण करने वाला पहला खिलजी सुल्तान जलालुद्दीन फिरोज खिलजी था।
✍️ सही उत्तर है – जलालुद्दीन
ललित - विग्रह राज नाटक का लेखक सोमदेव किस चौहान शासक का राजकवि था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 सोमदेव चौहान दरबार का प्रसिद्ध कवि था।
👉 इसने संस्कृत में ललित–विग्रहराज नाटक की रचना की।
👉 इसमें चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) के प्रेम प्रसंग का उल्लेख है।
👉 सोमदेव उसके दरबार में रहते हुए राजकवि के रूप में प्रतिष्ठित था।
👉 इसलिए सोमदेव, विग्रहराज चतुर्थ का राजकवि था।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
अजमेर का चौहान राजा जिसने अजमेर में संस्कृत महाविद्यालय स्थापित किया ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 इसे विद्वानों का आश्रयदाता और कविबांधव कहा गया।
👉 इसने अजमेर में संस्कृत महाविद्यालय (सरस्वती कंठाभरण पाठशाला) स्थापित किया।
👉 यहाँ पर स्वयं उसके रचित हरिकेलि नाटक की पंक्तियाँ अंकित करवाई गईं।
👉 बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे तोड़कर अढ़ाई दिन का झोंपड़ा बनवाया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
राजस्थान के किस चौहान शासक को जयानक द्वारा अपने 'पृथ्वीराज विजय' ग्रन्थ में पृथ्वी को चाँदी की मुद्राओं से भर देने का श्रेय दिया गया है ?
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
👉 चौहान शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) ने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसने अपने नाम से श्री अजयदेव व अजयप्रिय द्रम्म नामक चाँदी के सिक्के चलवाए।
👉 जयानक द्वारा रचित पृथ्वीराज विजय के पाँचवें खंड में उल्लेख है कि इसने पृथ्वी को चाँदी की मुद्राओं से भर दिया।
👉 इससे इसकी आर्थिक व राजनैतिक शक्ति का अंदाजा मिलता है।
👉 इसलिए यह श्रेय सीधे अजयराज द्वितीय को दिया गया है।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
अर्णोराज के द्वारा मालवा के किस परमार शासक को परास्त कर ऊपरमाल का क्षेत्र अपने राज्य में मिलाया गया ?
[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]
👉 चौहान शासक अर्णोराज (1133–1155 ई.) ने मालवा पर आक्रमण किया।
👉 उस समय वहाँ का परमार शासक नरवर्मा था।
👉 अर्णोराज ने नरवर्मन को युद्ध में पराजित किया।
👉 विजय के बाद उसने ऊपरमाल का क्षेत्र अपने राज्य में मिला लिया।
👉 इससे चौहान साम्राज्य का विस्तार और भी बढ़ा।
✍️ सही उत्तर है – नरवर्मा
निम्नलिखित में से किस युद्ध को 'मेवाड़ का मेराथन' के नाम से जाना जाता है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 1582 ई. में महाराणा प्रताप और मुगलों के बीच दिवेर का युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध को मेवाड़ के इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है।
👉 इसमें प्रताप की सेना ने मुगल सेना को पूरी तरह पराजित किया।
👉 इस विजय के बाद मेवाड़ के अधिकांश क्षेत्र पर प्रताप का नियंत्रण हो गया।
👉 इसी कारण इसे 'मेवाड़ का मेराथन' कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – दिवेर का युद्ध
निम्नलिखित में से कौन सा शासक जालोर के चौहान वंश से संबंधित नहीं था ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 जालौर के चौहान वंश का संस्थापक कीर्तिपाल चौहान था।
👉 इसके प्रमुख शासकों में समरसिंह, उदयसिंह, चाचिंगदेव, सामंतसिंह, कान्हड़देव आदि हुए।
👉 इन शासकों ने 12वीं से 14वीं शताब्दी तक जालौर पर शासन किया।
👉 जबकि वत्सराज प्रतिहार वंश का शासक था, जालौर चौहानों से उसका सम्बन्ध नहीं था।
👉 अतः वत्सराज जालौर चौहान वंश से संबंधित नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – वत्सराज
किस चौहानवंशीय शासक ने “प्रताप लंकेश्वर” की उपाधि धारण की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 चौहान वंशीय शासक सोमेश्वर (1169–1177 ई.) अर्णोराज का पुत्र था।
👉 इसने गुजरात में रहते हुए अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।
👉 युद्ध में विजय प्राप्त करने पर इसने प्रताप लंकेश्वर की उपाधि धारण की।
👉 इसी के पुत्र पृथ्वीराज तृतीय आगे चलकर महान शासक बने।
👉 सोमेश्वर का विवाह कर्पूरी देवी से हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – सोमेश्वर
जीणमाता कौनसे राजपूत राजवंश की कुलदेवी है?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 जीणमाता मंदिर सीकर जिले के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 1105 ई. के शिलालेख से इसका सम्बन्ध चौहानों से मिलता है।
👉 चौहान शासक पृथ्वीराज प्रथम के समय इसका उल्लेख हुआ।
👉 इसे चौहान वंश की कुलदेवी माना गया।
✍️ सही उत्तर है – चौहान राजवंश
अजमेर के किस चौहान शासक ने गुजरात के चालुक्य शासक कुमारपाल को पराजित करके उससे पाली, जालौर और नागौर छीन लिये थे ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 अजमेर के चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने गुजरात के चालुक्य नरेश कुमारपाल को पराजित किया।
👉 इस विजय से चौहान साम्राज्य का प्रभाव और प्रतिष्ठा बहुत बढ़ी।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
अलाउद्दीन खिलजी की सेना द्वारा रणथम्भोर के किले की घेराबन्दी के समय उसका कौन सा सेनापति राव हम्मीर देव के सैनिकों द्वारा मारा गया ?
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने 1299 ई. में रणथम्भौर दुर्ग पर आक्रमण किया।
👉 उसने दुर्ग की घेराबन्दी के लिए अपने सेनापतियों उलूग खाँ और नुसरत खाँ को भेजा।
👉 घेराबंदी के दौरान दुर्ग से छोड़े गए गोले से नुसरत खाँ मारा गया।
👉 उसकी मृत्यु से तुर्की सेना घबराकर पीछे हटने लगी।
👉 इसके बाद अलाउद्दीन स्वयं विशाल सेना लेकर रणथम्भौर पहुँचा।
✍️ सही उत्तर है – नुसरत खाँ
चौहान शासक, जो 'कवि बान्धव' के रूप में जाना जाता था -
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 चौहान वंश का पराक्रमी शासक विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.) था।
👉 यह स्वयं भी संस्कृत का कवि और साहित्य प्रेमी था।
👉 इसके दरबारी कवि जयानक ने इसे ‘कविबांधव’ की उपाधि दी।
👉 इसने संस्कृत में प्रसिद्ध हरिकेलि नाटक की रचना की।
👉 इसके शासनकाल को चौहानों का स्वर्णकाल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
रणथम्भौर के शासक हम्मीर देव द्वारा किस मंगोल नेता को शरण देने पर अलाउद्दीन ने रणथम्भौर पर आक्रमण किया -
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 रणथम्भौर के शासक हम्मीर देव चौहान ने 1282–1301 ई. तक शासन किया।
👉 1299 ई. में गुजरात से लौटती खिलजी सेना और मंगोलों (नवमुस्लिमों) में विवाद हुआ।
👉 मंगोल नेता मीर मुहम्मद शाह (महमा शाह) रणथम्भौर आ पहुँचा।
👉 हम्मीर देव ने उसे अपनी शरण में लेकर जागीर भी दी।
👉 यही कारण बना कि अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर आक्रमण किया।
✍️ सही उत्तर है – मुहम्मद शाह
कुमारपाल चालुक्य से नाडोल, चित्तौड़ व जालौर को किस चौहान राजा ने जीता था ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने चालुक्य नरेश कुमारपाल को हराकर नाड़ोल, चित्तौड़ और जालौर पर अधिकार किया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
हम्मीर के किन दो मंत्रियों की गद्दारी से रणथम्बौर का पतन त्वरित हुआ ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
👉 रणथम्भौर के शासक हम्मीर देव चौहान का संघर्ष अलाउद्दीन खिलजी से हुआ।
👉 खिलजी ने संधि का बहाना कर हम्मीर के दो मंत्रियों को अपने पक्ष में कर लिया।
👉 ये मंत्री थे – रणमल और रतिपाल।
👉 दोनों ने दुर्ग का गुप्त मार्ग बताकर विश्वासघात किया।
👉 इसी गद्दारी से रणथम्भौर का पतन शीघ्र हो गया।
✍️ सही उत्तर है – रणमल और रतिपाल
उस मंगोल का नाम बताइए जिसे हम्मीर के प्रति वफादारी के कारण अलाउद्दीन ने हाथी के पैरों तले कुचलवा दिया था ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 रणथम्भौर संघर्ष के समय मंगोल नेता मीर मुहम्मद शाह (महमा शाह) हम्मीर देव की शरण में आया।
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने उसे वापस माँगा, पर हम्मीर ने इंकार कर दिया।
👉 युद्ध के बाद अलाउद्दीन ने घायल मीर मुहम्मद शाह को दरबार में बुलाया।
👉 पूछने पर उसने कहा – “ठीक होने पर पहले तुझे मारूँगा और फिर हम्मीर के वंशज को गद्दी पर बिठाऊँगा।”
👉 इस उत्तर से क्रोधित होकर अलाउद्दीन ने उसे हाथी के पैरों तले कुचलवा दिया।
✍️ सही उत्तर है – मीर मुहम्मद शाह
जालौर में अलाउद्दीन का समकालीन शासक कौन था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 जालौर पर चौहान वंश की सोनगरा शाखा का शासन था।
👉 इस शाखा का सबसे प्रतापी शासक कान्हड़देव चौहान था।
👉 1305–1311 ई. तक उसने जालौर पर शासन किया।
👉 इसी दौरान दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी था।
👉 अलाउद्दीन ने 1311 ई. में जालौर पर आक्रमण कर इसे जीत लिया।
✍️ सही उत्तर है – कान्हड़देव चौहान
निम्नलिखित चौहान शासकों में से किस शासक को बीसलदेव के नाम से भी जाना जाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 चौहान वंश का पराक्रमी शासक विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.) था।
👉 इसे विद्वानों और कवियों का आश्रय देने के कारण कविबांधव कहा गया।
👉 इसने दिल्ली के तोमर शासक को पराजित कर दिल्ली को अपने अधीन किया।
👉 इसी शासक को इतिहास में बीसलदेव के नाम से भी जाना जाता है।
👉 इसके काल को चौहानों का स्वर्णकाल माना गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
मुहम्मद शाह के नेतृत्व में मंगोल विद्रोहियों ने किसके पास शरण ली ?
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 1299 ई. में गुजरात से लौटती शाही सेना और मंगोल सैनिकों में विवाद हुआ।
👉 मंगोल शासक मीर मुहम्मद शाह (महमा शाह) वहाँ से भाग निकला।
👉 उसने चौहान शासक हम्मीर देव चौहान से शरण माँगी।
👉 हमीर ने इस रणथंभोर में चरण दी एवं जगाना की जागीर उनको दी|
👉 यही कारण अलाउद्दीन खिलजी और हम्मीर देव के बीच संघर्ष बना।
✍️ सही उत्तर है – हम्मीर
मालवा के शासक महमूद खलजी से संघर्ष करने वाला वीर सिंह निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित था ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी का संघर्ष कई राजपूत शासकों से हुआ।
👉 उस समय बूँदी पर हाड़ा चौहान शासकों का शासन था।
👉 अतः यह वीर सिंह बूँदी के चौहान शासक से सम्बन्धित था।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी का चौहान शासक
गौरी के आक्रमण के समय चालुक्यों को सहायता देने के विरुद्ध पृथ्वीराज तृतीय को परामर्श देने वाला मंत्री :
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 चौहान नरेश पृथ्वीराज तृतीय के दरबार में कई विद्वान और मंत्री थे।
👉 चालुक्यों को सहायता देने के विषय में उसे उसके मंत्री कदंबवास / कैमास ने परामर्श दिया।
👉 कदंबवास प्रारम्भ में पृथ्वीराज की माता कर्पूरी देवी के समय से ही प्रधानमंत्री था।
👉 इसने पृथ्वीराज को राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी।
👉 यही मंत्री पृथ्वीराज तृतीय का सबसे प्रमुख परामर्शदाता था।
✍️ सही उत्तर है – कदंबवास
पृथ्वीराज चौहान के दरबार में शास्त्रार्थ और वाद-विवाद के आयोजन से संबन्धित निम्नलिखित में से कौनसा मंत्री था?
[Deputy Commandant 11.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
पद्यनाथ
दरबार में
शास्त्रार्थ
आयोजक
थे।
👉
वे
पृथ्वीराज
चौहान
के दरबारी
विद्वान
थे।
👉
अन्य
में चंदबरदाई,
जयानक
प्रमुख विद्वान
थे।
👉
साथ
ही वागीश्वर
जनार्दन
भी प्रकांड
विद्वान
थे।
✍️ सही उत्तर है – पद्यनाथ
चाहमान शासक विग्रहराज चतुर्थ के सन्दर्भ में निम्न में से कौनसा कथन सत्य नहीं है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) स्वयं साहित्यकार था।
👉 इसने संस्कृत में हरिकेलि नाटक की रचना की।
👉 इसके दरबारी कवि सोमदेव ने ललित-विग्रहराज नामक नाटक लिखा।
👉 अतः यह कहना कि विग्रहराज चतुर्थ ने ललित-विग्रह नाटक की रचना की — असत्य है।
👉 सही यह है कि उसने हरिकेलि नाटक लिखा था।
✍️ सही उत्तर है – उसने ललित-विग्रह नाटक की रचना की
चौहान वंश के किस शासक ने "प्रताप लंकेश्वर" की उपाधि धारण की ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 चौहान वंश का शासक सोमेश्वर (1169–1177 ई.) अर्णोराज और कांचन देवी का पुत्र था।
👉 गुजरात में रहते हुए इसने अपनी वीरता से ख्याति प्राप्त की।
👉 एक महत्वपूर्ण विजय के बाद इसने “प्रताप लंकेश्वर” की उपाधि धारण की।
👉 सोमेश्वर ने अजमेर में वैद्यनाथ मंदिर और अन्य निर्माण भी करवाए।
👉 इसके दो पुत्र हुए – पृथ्वीराज तृतीय और हरिराज।
✍️ सही उत्तर है – सोमेश्वर
खानवा के युद्ध में निम्न में से किस आमेर शासक ने सांगा का साथ दिया था ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
खानवा
युद्ध
में राणा
सांगा
के साथ कई राजपूत
थे।
👉
आमेर
से पृथ्वीराज
ने उनका साथ
दिया।
👉
इसलिए
संबंधित शासक
पृथ्वीराज
है।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज
जयानक रचित 'पृथ्वीराज - विजय' में एक शासक की प्रशंसा में लिखा है कि उसने पुष्कर पर आक्रमण करने वाले 700 चालुक्यों को मार गिराया । निम्न में से उस शासक का नाम बताइए
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 कश्मीरी विद्वान जयानक ने संस्कृत ग्रंथ ‘पृथ्वीराज विजय’ की रचना की।
👉 इसमें उल्लेख है कि उसने पुष्कर पर आक्रमण करने आए 700 चालुक्यों का वध किया।
👉 यह घटना चौहान साम्राज्य की शक्ति और शौर्य को दर्शाती है।
👉 इसलिए यह प्रसंग पृथ्वीराज प्रथम से सम्बन्धित है।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीराज प्रथम
चौहान शासक पृथ्वीराज तृतीय द्वारा भण्डानकों के दमन का उल्लेख किस तत्कालीन विद्वान ने अपनी कविता में किया है?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 पृथ्वीराज तृतीय द्वारा भण्डानकों के दमन का उल्लेख समकालीन जैन विद्वान जिनपति सूरि ने अपनी कविता में किया है।
👉 जिनपति सूरि जैन परंपरा के प्रख्यात विद्वान थे, जिन्होंने पृथ्वीराज के सैन्य अभियानों को अपनी रचनाओं में दर्ज किया।
👉 उनकी कविता में भण्डानकों के विरुद्ध पृथ्वीराज के सफल दमन अभियान का स्पष्ट वर्णन मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – जिनपति सूरि
पृथ्वीराज तृतीय और मुहम्मद गौरी के मध्य कितने युद्ध लड़े गये थे ?
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 चौहान नरेश पृथ्वीराज चौहान तृतीय और मोहम्मद गौरी के बीच कई संघर्ष हुए।
👉 इनमें दो युद्ध निर्णायक माने जाते हैं।
👉 पहला युद्ध 1191 ई. में तराइन के मैदान में हुआ, जिसमें गौरी पराजित हुआ।
👉 दूसरा युद्ध 1192 ई. में तराइन में ही हुआ, जिसमें गौरी विजयी रहा।
👉 इन दोनों युद्धों ने भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया।
✍️ सही उत्तर है – दो
अलाउद्दीन खलजी की जालौर विजय के समय वहाँ का शासक था ?
[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 2011]
👉 जालौर पर चौहान वंश की सोनगरा शाखा का शासन था।
👉 इसका अंतिम प्रतापी शासक कान्हड़देव चौहान था।
👉 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर पर आक्रमण किया।
👉 युद्ध में कान्हड़देव और उसका पुत्र वीरमदेव वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 इसके बाद जालौर पर सल्तनत का स्थायी अधिकार हो गया।
✍️ सही उत्तर है – कान्हड़देव
चौहान राजवंश के निम्नलिखित शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए-
(i) पृथ्वीराज-I (ii) अजयराज
(iii) अर्णोराज (iv) विग्रहराज - IV
[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]
👉 सबसे पहले शासक था पृथ्वीराज प्रथम (1090–1105 ई.)।
👉 इसके बाद गद्दी पर आया अजयराज (1105–1133 ई.)।
👉 फिर शासन किया अर्णोराज (1133–1155 ई.) ने।
👉 इसके बाद गद्दी पर बैठा विग्रहराज चतुर्थ (1158–1163 ई.)।
👉 इस प्रकार सही क्रम है – (i) → (ii) → (iii) → (iv)।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii), (iv)
निम्नलिखित में से किस चौहान शासक ने साँभर झील का निर्माण किया ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) में उल्लेख है कि वासुदेव चौहान ने सांभर झील का निर्माण करवाया।
👉 इस शिलालेख में उसे चौहान वंश का संस्थापक भी माना गया है।
👉 हालांकि वास्तव में सांभर झील एक प्राकृतिक झील है।
👉 किंतु ऐतिहासिक अभिलेखों में इसका निर्माण कार्य वासुदेव चौहान को ही श्रेय दिया गया।
👉 वासुदेव ने 551 ई. में सपादलक्ष (सांभर) क्षेत्र को अपनी राजधानी बनाया था।
✍️ सही उत्तर है – वासुदेव
पृथ्वीराज चौहान की विजय नीति को बढ़ते क्रम में लगाते हुए सही उत्तर बताएं -
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 पृथ्वीराज तृतीय ने सबसे पहले 1182 ई. में भण्डानकों का दमन किया।
👉 इसके बाद उसी वर्ष उसने चंदेल नरेश परमार्दिदेव को हराकर महोबा विजय की।
👉 इसके बाद उसका संघर्ष चालुक्यों से हुआ और उसने उनसे युद्ध किया।
👉 अंत में उसका वैमनस्य गहड़वाल नरेश जयचंद से बढ़ा।
👉 इस प्रकार उसकी विजय नीति का क्रम है – भण्डानक → चंदेल → चालुक्य → गहड़वाल।
✍️ सही उत्तर है – भण्डानक, चंदेल, चालुक्य, गहड़वाल
निम्नलिखित में से किस चौहान शासक ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की थी ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
अजमेर का पराक्रमी चौहान शासक जिसने दिल्ली पर विजय प्राप्त कर उसे अपने साम्राज्य में शामिल कर लिया । वह था -
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 चौहान वंश का पराक्रमी शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 इसने दिल्ली के तोमर शासक तंवर को पराजित किया।
👉 विजय के बाद इसने दिल्ली को अपने साम्राज्य में मिला लिया।
👉 यह दिल्ली पर अधिकार करने वाला प्रथम चौहान शासक था।
👉 इसके शासनकाल को चौहानों का स्वर्णकाल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
1300 ई. में रणथम्भौर पर आक्रमण के दौरान अलाउद्दीन खिलजी का कौन सा सेनानायक मारा गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 1299–1301 ई. के बीच अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर लगातार अभियान चलाए।
👉 उसने दुर्ग की घेराबंदी के लिए अपने सेनापति उलूग खाँ और नुसरत खाँ को भेजा।
👉 घेराबंदी के दौरान दुर्ग से छोड़े गए गोले से उसका सेनानायक नुसरत खाँ मारा गया।
👉 उसकी मृत्यु से तुर्की सेना में घबराहट और अव्यवस्था फैल गई।
👉 बाद में अलाउद्दीन स्वयं सेना लेकर रणथम्भौर पहुँचा।
✍️ सही उत्तर है – नुसरत खाँ
दिल्ली के तोमरों को पराजित करने वाला चौहान शासक कौन था ?
[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]
👉 चौहान वंश का पराक्रमी शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 इसने अपने साम्राज्य का विस्तार करते हुए दिल्ली के तोमर शासक तंवर को पराजित किया।
👉 विजय के बाद दिल्ली को चौहान साम्राज्य में मिला लिया गया।
👉 यह दिल्ली पर अधिकार करने वाला पहला चौहान शासक था।
👉 इसके काल को चौहानों का स्वर्णकाल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
अलाउद्दीन खलजी के द्वारा रणथम्भौर पर आक्रमण के कारणों में से कौन सा/से सही है/हैं ?
A.
हम्मीर
ने राजकर देना
बन्द कर दिया
था।
B.
हम्मीर
ने मंगोल विद्रोहियों
को आश्रय दे
रखा था।
कूट :
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
हम्मीर
देव ने
राजकर
देना बंद
कर दिया था।
👉
साथ
ही उसने मंगोल
विद्रोहियों
को आश्रय
दिया।
👉
ये
दोनों कारण
अलाउद्दीन
खलजी के
आक्रमण के बने।
👉
इसलिए
A
और
B
दोनों
कथन सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – A और B दोनों सही हैं।
निम्नलिखित कथनों में से कौनसा एक कथन अजमेर के चौहान राजा अजयराज (अजय देव) के विषय में सही नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 अजयराज चौहान (1105–1133 ई.) ने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) का निर्माण करवाया।
👉 इसे उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री कहा गया।
👉 लेकिन दिल्ली (ढिल्लिका) को जीतने वाला पहला चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ था, न कि अजयराज।
✍️ सही उत्तर है – दिल्ली को अपने अधिकार में लेने वाला वह पहला चौहान शासक था
पृथ्वीराज चौहान और चंदेल शासक परमारदी के मध्य अंतिम व निर्णायक युद्ध हुआ था -
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 चौहान नरेश पृथ्वीराज चौहान तृतीय और चन्देल नरेश परमार्दिदेव के बीच संघर्ष हुआ।
👉 यह युद्ध चन्देल राजधानी महोबा क्षेत्र के पास लड़ा गया।
👉 अंतिम और निर्णायक युद्ध का स्थल उरई था।
👉 इस युद्ध में चन्देलों के वीर सेनानायक आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 परिणामस्वरूप महोबा पर चौहान साम्राज्य का अधिकार स्थापित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – उरई


उस चौहान राजा का क्या नाम था, जिसने पुष्कर में वराह मंदिर का निर्माण करवाया था ?
[Technical Assistant 07.07.2025]
👉 चौहान वंश का शासक अर्णोराज (1133–1155 ई.) धार्मिक प्रवृत्ति का था।
👉 उसने अजमेर में जैनियों को मंदिर बनाने की अनुमति दी और दान भी दिया।
👉 यह मंदिर भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित था।
👉 बाद में इसका जीर्णोद्धार महाराणा प्रताप के भाई समरसिंह ने करवाया।
✍️ सही उत्तर है – अर्णोराज
अलाउद्दीन के आक्रमण के समय रणथंभौर का शासक कौन था ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने 1299–1301 ई. के बीच रणथम्भौर पर आक्रमण किया।
👉 उस समय वहाँ चौहान वंश का प्रतापी शासक हम्मीर देव चौहान शासन कर रहा था।
👉 हम्मीर देव अपने हठ और वीरता के लिए प्रसिद्ध था।
👉 उसने अलाउद्दीन की अधीनता स्वीकार नहीं की और युद्ध किया।
👉 अंततः 1301 ई. में रणथम्भौर दुर्ग अलाउद्दीन के हाथ चला गया।
✍️ सही उत्तर है – हम्मीर
जालौर के विरुद्ध अलाउद्दीन के अभियान के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प, चुनिएं –
A. अलाउद्दीन खलजी ने मलिकं कमाल–उद्–दीन गुर्गे के नेतृत्व में एक शक्तिशाली सेना भेजी।
B. जालौर के दहिया सेजवल बिक्रम को स्वर्ण का लालच देकर सुल्तान की सेना को गुप्त मार्ग से जालौर दुर्ग में प्रवेश करवाया।
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 जालौर पर आक्रमण के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने मलिक कमालुद्दीन गुर्ग के नेतृत्व में सेना भेजी।
👉 इस अभियान में जालौर दुर्ग का विश्वासघात हुआ।
👉 चौहान सेनापति दहिया राजपूत बीका को लालच देकर सुल्तान की सेना को गुप्त मार्ग बताया गया।
👉 इस विश्वासघात के कारण तुर्की सेना दुर्ग में प्रवेश कर गई और जालौर चौहानों के हाथ से निकल गया।
👉 इसलिए दोनों कथन (A) और (B) सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – A और B दोनों सही हैं
अजमेर की स्थापना के पूर्व चौहानों की राजधानी कौन सी थी
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 चौहानों की प्रारम्भिक राजधानी अहिछत्रपुर (नागौर) थी।
👉 इसके बाद उनका प्रमुख केन्द्र सपादलक्ष (सांभर) बना।
👉 1113 ई. में चौहान शासक अजयराज द्वितीय ने अजयमेरु (अजमेर) नगर बसाया।
👉 इसलिए अजमेर की स्थापना से पूर्व चौहानों की राजधानी सांभर थी।
✍️ सही उत्तर है – सांभर
निम्नांकित जालौर के चौहान राजाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :
A. चाचिग देव
B. सामन्त सिंह
C. उदयसिंह
D. कान्हड़देव
सही उत्तर का चयन निम्न कूटों में से कीजिए :
[Sub Inspector Exam 05.04.2026]
🔹 व्याख्या
👉 जालौर के सोनगरा चौहानों में उदयसिंह (1205-1257 ई.) ने राज्य का सर्वाधिक विस्तार किया था।
👉 उनके बाद चाचिग देव और फिर सामन्त सिंह ने जालौर की सत्ता संभाली थी।
👉 इस वंश का अंतिम और सबसे प्रतापी शासक कान्हड़देव था, जिसने अलाउद्दीन खिलजी से लोहा लिया।
👉 अतः कालक्रम के अनुसार सही क्रम उदयसिंह, चाचिग देव, सामन्त सिंह और अंत में कान्हड़देव है।
✍️ सही उत्तर है – C, A, B, D
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ?
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 तारागढ़ दुर्ग का निर्माण चौहान शासक अजयराज द्वितीय ने 1113 ई. में कराया।
👉 इसी कारण इसे अजयमेरु दुर्ग और गढ़ बीठली भी कहा जाता है।
👉 विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) ने संस्कृत महाविद्यालय व अन्य निर्माण कराए थे, पर उसने तारागढ़ नहीं बनवाया।
👉 अतः यह कथन कि “विग्रहराज चतुर्थ ने तारागढ़ का निर्माण कराया था” सही नहीं है।
👉 वास्तविक श्रेय अजयराज द्वितीय को जाता है।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ ने तारागढ़ का निर्माण कराया था
पृथ्वीराज III द्वारा चंदेल राज्य पर आक्रमण के दौरान वहाँ का शासक कौन था ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 चौहान नरेश पृथ्वीराज तृतीय ने 1182 ई. में चंदेल राज्य महोबा पर आक्रमण किया।
👉 उस समय चंदेलों का शासक परमार्दिदेव था।
👉 युद्ध में उसके वीर सेनापति आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 यह संघर्ष चंदेल-चौहान संबंधों का अंतिम निर्णायक युद्ध माना गया।
👉 इसके बाद महोबा पर चौहान सत्ता स्थापित हुई।
✍️ सही उत्तर है – परमार्दी
चौहान राजवंश का संस्थापक शासक है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 चौहान वंश की उत्पत्ति और संस्थापक के बारे में विभिन्न मत हैं।
👉 बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) में चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण कहा गया है।
👉 इसमें चौहान वंश का प्रथम शासक वासुदेव चौहान बताया गया है।
👉 वासुदेव ने 551 ई. में सपादलक्ष (सांभर) क्षेत्र में शासन स्थापित किया।
👉 उसे चौहान वंश का आदि पुरुष / संस्थापक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – वासुदेव
अजमेर नगर बसाया -
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 चौहान वंश के पराक्रमी शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) ने नगर बसाया।
👉 इसने 1113 ई. में अजयमेरु (अजमेर) नगर की स्थापना की।
👉 बीठली पहाड़ी पर इसने अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) बनवाया।
👉 इसके शासनकाल को चौहान साम्राज्य के निर्माण का काल कहा जाता है।
👉 इसे उसकी विजयों के कारण अजयराज चक्री भी कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
तराईन का द्वितीय युद्ध लड़ा गया-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 तराइन का द्वितीय युद्ध 1192 ई. में लड़ा गया।
👉 इसमें चौहान नरेश पृथ्वीराज तृतीय और मोहम्मद गौरी आमने-सामने थे।
👉 गौरी ने छलपूर्ण नीति अपनाकर राजपूतों को पराजित किया।
👉 इस युद्ध से भारत में मुस्लिम सत्ता की नींव रखी गई।
👉 पृथ्वीराज तृतीय की हार भारतीय इतिहास का टर्निंग पॉइंट बनी।
✍️ सही उत्तर है – मोहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान के मध्य
महोबा विजय के बाद पृथ्वीराज चौहान ने वहाँ का अधिकारी किसे बनाया ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 1182 ई. में पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने महोबा पर विजय प्राप्त की।
👉 उस समय महोबा का शासक चन्देल नरेश परमार्दिदेव था।
👉 युद्ध में उसके वीर सेनापति आल्हा और ऊदल वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 विजय के बाद पृथ्वीराज ने अपने सामंत पंजुनराय आमेर को महोबा का अधिकारी नियुक्त किया।
👉 इससे चौहान साम्राज्य का विस्तार और अधिक हुआ।
✍️ सही उत्तर है – पन्जु राय
किस चौहान शासक द्वारा 'जवालिपुर' को 'ज्वालापुर' परिवर्तित किया गया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) 1158–1163 ई. तक शासन करता रहा।
👉 यह शासक साहित्य प्रेमी और विद्वानों का आश्रयदाता था।
👉 इसके समय कई अभिलेख और ग्रंथ रचे गए।
👉 इसी ने प्राचीन स्थल जवालिपुर का नाम बदलकर ज्वालापुर कर दिया।
👉 इसके शासनकाल को चौहानों का स्वर्णकाल कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज चतुर्थ
1299 ई. में रणथंभौर पर अलाऊद्दीन खिलजी के आक्रमण का सामना हम्मीर देव के किन दो सेनानायकों किया ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 1299 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर आक्रमण किया।
👉 उस समय चौहान शासक हम्मीर देव दुर्ग की रक्षा कर रहा था।
👉 प्रारम्भिक संघर्ष में उसके दो प्रमुख सेनानायक भीमसिंह और धर्मसिंह ने शौर्य दिखाया।
👉 दोनों ने तुर्की सेना को बुरी तरह पराजित किया।
👉 लेकिन बाद में भीमसिंह युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुआ।
✍️ सही उत्तर है – भीमसिंह और धर्मसिंह
'वीरमायण' ग्रंथ के बारे में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए
(A) 'वीरमायण' ग्रंथ बादर ढाढी ने लिखा था।
(B) इस ग्रंथ में जालौर के कान्हड़देव के पुत्र वीरमदेव के शौर्य का वर्णन है।
कूट -
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉
वीरमायण
ग्रंथ के रचयिता
बादर ढाढी
हैं।
👉
इसमें
वीरमदेव
शौर्य
का वर्णन सही
नहीं है।
👉
इसलिए
कथन (B)
गलत
है।
✍️ सही उत्तर है – केवल (A) सही है।
पृथ्वीराज तृतीय और मोहम्मद गोरी के मध्य कितने युद्ध लड़े गये थे ?
[स्कूल व्याख्याता 2013]
👉 चौहान शासक पृथ्वीराज तृतीय और मोहम्मद गौरी के बीच कई संघर्ष हुए।
👉 इनमें से मुख्य युद्ध तराइन के मैदान में लड़े गए।
👉 पहला युद्ध 1191 ई. में हुआ जिसमें गौरी पराजित हुआ।
👉 दूसरा युद्ध 1192 ई. में हुआ जिसमें गौरी विजयी रहा।
👉 इस प्रकार दोनों के बीच कुल दो निर्णायक युद्ध हुए।
✍️ सही उत्तर है – दो
निम्नलिखित में से किस स्थान पर आमेर के मानसिंह-I ने मुगल सेनानायक के रूप में काम नहीं किया ?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 आमेर का राजा मानसिंह प्रथम मुगल सम्राट अकबर का प्रमुख सेनानायक था।
👉 उसने बंगाल, बिहार, काबुल, कश्मीर और अफगान क्षेत्रों में सफल मुगल अभियानों का नेतृत्व किया।
👉 लेकिन मालवा क्षेत्र में उसने किसी भी मुगल अभियान का नेतृत्व नहीं किया।
✍️ सही उत्तर है – मालवा
अजमेर का पहला चौहान शासक जिसने अपने नाम पर सिक्के जारी किये, वह था -
👉 चौहान शासक अजयराज द्वितीय (1105–1133 ई.) को दूसरा प्रतापी शासक कहा गया।
👉 इसने 1113 ई. में अजयमेरु नगर (अजमेर) बसाया।
👉 इसने बीठली पहाड़ी पर अजयमेरु दुर्ग (तारागढ़) बनवाया।
👉 इस कारण इसे सिक्के जारी करने वाला पहला चौहान शासक माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अजयराज
अल्लाउद्दीन खिलजी ने जालौर के किस राजपूत वंश का अन्त कर दिया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 जालौर पर शासन चौहान वंश की एक शाखा करता था।
👉 इसका संस्थापक कीर्तिपाल चौहान था।
👉 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर पर आक्रमण किया।
👉 इस युद्ध में चौहान शासक कान्हड़देव और उसका पुत्र वीरमदेव मारे गए।
👉 इस प्रकार खिलजी ने जालौर के चौहान वंश का अन्त कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – सोनगरा चौहान वंश