'राधा गोविंद संगीत सार' ग्रंथ की रचना निम्न में से किस शासक द्वारा करवाई गई थी ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • सवाई प्रताप सिंह 

  • सवाई जय सिंह 

  • सवाई ईश्वर सिंह 

  • महाराजा सवाई माधो सिंह प्रथम 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई प्रतापसिंह (1778–1803 ई.) स्वयं कवि और संगीत प्रेमी थे।
👉 उनके दरबार में 22 विद्वानों और संगीतज्ञों की मंडली गन्धर्व बाइसी विद्यमान थी।
👉 संगीत के प्रोत्साहन हेतु उन्होंने कई सम्मेलन आयोजित करवाए।
👉 इन्हीं के संरक्षण में ‘राधा गोविंद संगीत सार’ नामक ग्रंथ की रचना करवाई गई।
👉 इस ग्रंथ में संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह 

निम्नांकित में से किस स्थान पर सवाई जयसिंहने वेद्य शाला का निर्माण किया ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • प्रयागराज 

  • भोपाल 

  • मथुरा 

  • मन्दसोर 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय महान खगोलशास्त्री थे।
👉 उन्होंने खगोल अध्ययन के लिए पाँच जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये वेधशालाएँ दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, बनारस और मथुरा में स्थित हैं।
👉 मथुरा में बनी वेधशाला भी उन्हीं के द्वारा निर्मित कराई गई थी।
👉 इन वेधशालाओं से ग्रह-नक्षत्रों की सटीक गणना संभव हो सकी।

✍️ सही उत्तर है – मथुरा

निम्नलिखित में से किस शासक की बहादुरपुर के युद्ध में महत्त्वपूर्ण भूमिका थी ?  

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • महाराणा राज सिंह 

  • महाराणा करण सिंह 

  • मिर्जा राजा जय सिंह

  • महाराजा जसवंत सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 मुगल उत्तराधिकार संघर्ष के समय बहादुरपुर का युद्ध लड़ा गया।
👉 इस युद्ध में मुगल सम्राट शाहजहाँ के पुत्र दाराशिकोह की ओर से सेना उतरी।
👉 उस सेना का नेतृत्व जयपुर नरेश मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने किया।
👉 जयसिंह ने अपनी सैन्य क्षमता और रणनीति का परिचय दिया।
👉 इस कारण बहादुरपुर के युद्ध में उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण रही।

✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह  

मुगलों और पेशवा के मध्य धौलपुर समझौते (1741 ई.) में किसने मध्यस्थता की थी ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • सवाई जयसिंह ने  

  • सूरजमल ने  

  • मल्हार राव होल्कर ने

  • जगत सिंह- ने  

🔹 व्याख्या

👉 18वीं शताब्दी में मराठों और मुगलों के बीच लगातार संघर्ष हो रहा था।
👉 स्थिति को सँभालने के लिए जयपुर नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय ने पहल की।
👉 उन्होंने मुग़ल सम्राट और पेशवा बालाजी बाजीराव के बीच वार्ता करवाई।
👉 परिणामस्वरूप 1741 ई. में धौलपुर समझौता सम्पन्न हुआ।
👉 यह समझौता सवाई जयसिंह द्वितीय की मध्यस्थता से संभव हुआ।

✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह  

कछवाह राजवंश की प्रथम राजधानी कहाँ थी ? 

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

  • जयपुर  

  • आम्बेर 

  • दौसा

  • जमवारामगढ़

🔹 व्याख्या

👉 कछवाहा राजवंश की नींव दूल्हेराय ने रखी।
👉 उन्होंने 1007 ई. में अपना राज्य स्थापित किया।
👉 प्रारंभ में कछवाहा वंश की पहली राजधानी दौसा थी।
👉 बाद में राजधानी को रामगढ़ और फिर आमेर ले जाया गया।
👉 अंततः जयपुर कछवाहा राजवंश की स्थायी राजधानी बनी।

✍️ सही उत्तर है – दौसा 

राजपूताना के एक राज्य का शासक, जिसने सलीमपुर (बंगाल) और मनिहारी(बिहार) में किलों का निर्माण किया -  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • महाराणा कुम्भा  

  • महाराजा जसवंत सिंह

  • महाराज मानसिंह I

  • सवाई जयसिंह  

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक महाराजा मानसिंह प्रथम अकबर के नवरत्नों में शामिल थे।
👉 उन्हें मुगल दरबार से कई महत्त्वपूर्ण प्रांतों की सूबेदारी मिली थी।
👉 बंगाल और बिहार की सूबेदारी के दौरान उन्होंने कई निर्माण कार्य कराए।
👉 विशेष रूप से उन्होंने सलीमपुर (बंगाल) और मनिहारी (बिहार) में किले बनवाए।
👉 ये निर्माण उनके सैन्य और प्रशासनिक कौशल के प्रतीक हैं।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा मानसिंह प्रथम

सवाई जय सिंह द्वारा निर्मित खगोलीय वेधशालाएँ निम्न में से किस शहर में नहीं है ? 

[Deputy Commandant 23.08.2020]

  • मथुरा 

  • दिल्ली 

  • उज्जैन 

  • ग्वालियर  

🔹 व्याख्या

👉 सवाई जयसिंह द्वितीय ने ज्योतिष और खगोल विज्ञान को बढ़ावा दिया।
👉 उन्होंने पाँच प्रमुख स्थानों पर जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये स्थान थे — जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और बनारस।
👉 प्रश्न में दिया गया ग्वालियर इन पाँच में शामिल नहीं है।
👉 अतः ग्वालियर में उनकी कोई वेधशाला नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – ग्वालियर

उन दो सरदारों के नाम बताइए, जिन्हें अकबर के समय 7,000 की मनसबदारी प्रदान की गयी थी -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • भारमल, भगवानदास 

  • रहीम खानखाना, बैराम खाँ

  • उदयसिंह, उम्मेद सिंह

  • राजा मानसिंह, कोका अजीज 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने अपनी सेना को संगठित करने हेतु मनसबदारी प्रथा लागू की।
👉 इस प्रथा में सबसे उच्च मनसब 7000 का था, जो प्रायः शहजादों को मिलता था।
👉 अकबर के समय केवल दो सरदारों को यह विशेष सात हजारी मनसब मिला।
👉 ये सरदार थे — आमेर नरेश राजा मानसिंह प्रथम और अकबर का पालनहार मिर्जा अजीज कोका।
👉 इससे दोनों की मुगल दरबार में प्रतिष्ठा और प्रभाव बहुत बढ़ गया।

✍️ सही उत्तर है – राजा मानसिंह प्रथम और मिर्जा अजीज कोका 

वह सिपहलसार, जिसे शाहजहाँ ने औरंगजेब के विद्रोह का दमन करने के लिए भेजा :  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • कर्ण सिंह  

  • जसवंत सिंह  

  • अनूप सिंह  

  • मिर्ज़ा राजा जयसिंह  

🔹 व्याख्या

👉 मुगल सम्राट शाहजहाँ के समय औरंगजेब ने विद्रोह किया।
👉 इस विद्रोह को दबाने के लिए शाहजहाँ ने एक सिपहलसार भेजा।
👉 यह जिम्मेदारी मारवाड़ के शासक महाराजा जसवंतसिंह को दी गई।
👉 जसवंतसिंह ने अपनी वीरता और निष्ठा से मुगल दरबार में विशेष स्थान बनाया।
👉 उनकी बहादुरी से औरंगजेब का विद्रोह दबा दिया गया।

✍️ सही उत्तर है – जसवंतसिंह 

कछवाहा वंश के निम्नलिखित शासकों को कालक्रमानुसार (पहले से बाद तक) व्यवस्थित कीजिए : 

i. सवाई जयसिंह तृतीय 

ii. सवाई जगत सिंह 

iii. सवाई माधो सिंह द्वितीय 

iv. सवाई राम सिंह द्वितीय 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • ii, i, iv, iii 

  • i, ii, iii, iv 

  • ii, iii, iv, i 

  • i, iii, ii, iv 

🔹 व्याख्या

👉 कछवाहा वंश के शासकों में सबसे पहले सवाई जगतसिंह द्वितीय (1803–1818 ई.) गद्दी पर रहे।
👉 उनके बाद सवाई जयसिंह तृतीय (1819–1835 ई.) शासक बने।
👉 फिर शासन किया सवाई रामसिंह द्वितीय (1835–1880 ई.) ने।
👉 अंत में गद्दी पर आए सवाई माधोसिंह द्वितीय (1880–1922 ई.)।
👉 इस प्रकार इनका सही कालक्रम है — ii, i, iv, iii।

✍️ सही उत्तर है – ii, i, iv, iii

राजा मानसिंह आमेर में मीनाकारी की कला को प्रारम्भ करने के लिए पाँच कारीगर किस स्थान से लाया ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • लाहौर 

  • वाराणसी 

  • दिल्ली 

  • बुरहानपुर 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक राजा मानसिंह प्रथम कला और शिल्प के बड़े संरक्षक थे।
👉 उन्होंने आमेर में मीनाकारी कला की शुरुआत करवाई।
👉 इसके लिए उन्होंने विशेष रूप से पाँच कारीगरों को बुलवाया।
👉 ये कारीगर लाहौर से आमेर लाए गए थे।
👉 आगे चलकर मीनाकारी जयपुर की विशेष पहचान बनी।

✍️ सही उत्तर है – लाहौर 

निम्न में से किस स्थान पर सवाई जयसिंह द्वारा वेधशाला नहीं बनवाई गई ?

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • मथुरा

  • दिल्ली 

  • ग्वालियर 

  • उज्जैन 

🔹 व्याख्या

👉 सवाई जयसिंह द्वितीय महान खगोलशास्त्री और ज्योतिषी थे।
👉 उन्होंने भारत में कुल पाँच जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये वेधशालाएँ जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और बनारस में निर्मित की गईं।
👉 प्रश्न में दिया गया ग्वालियर इनमें शामिल नहीं है।
👉 इसलिए वहाँ कोई वेधशाला नहीं बनवाई गई।

✍️ सही उत्तर है – ग्वालियर 

मानसिंह ने किस प्रांत की सूबेदारी के दौरान ईसा खाँ, सुलेमान और केदार राय को नियंत्रित किया ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • काबुल 

  • बंगाल 

  • मालवा 

  • बिहार 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम को अकबर ने कई प्रांतों का सूबेदार बनाया।
👉 1594 ई. में उन्हें बंगाल की सूबेदारी सौंपी गई।
👉 बंगाल में उन्होंने विद्रोही अफगानों ईसा खाँ और सुलेमान खाँ को हराया।
👉 साथ ही स्थानीय शासक केदार राय को भी नियंत्रित किया।
👉 इस प्रकार बंगाल को मुगल साम्राज्य का सशक्त अंग बनाया।

✍️ सही उत्तर है – बंगाल 

जयपुर के शासक जिसने छः वेधशालाओं का निर्माण कराया :

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • ईश्वरीसिंह 

  • माधोसिंह 

  • जयसिंह 

  • मानसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय महान खगोलशास्त्री और ज्योतिषी थे।
👉 उन्होंने ग्रह-नक्षत्रों की गति का अध्ययन करने हेतु वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 उन्होंने कुल पाँच प्रमुख स्थानों – जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और बनारस – में जंतर-मंतर स्थापित किए।
👉 कुछ उल्लेखों में इन्हें छः वेधशालाओं के निर्माता के रूप में भी बताया गया है।
👉 इन वेधशालाओं ने जयसिंह द्वितीय को अद्वितीय खगोलविद की पहचान दी।

✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह  

जयपुर के कौन से शासक स्वयं संगीताचार्य थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • मान सिंह 

  • प्रताप सिंह 

  • माधो सिंह 

  • सवाई सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई प्रतापसिंह (1778–1803 ई.) कला और संस्कृति प्रेमी थे।
👉 वे स्वयं एक श्रेष्ठ संगीताचार्य भी थे।
👉 प्रतापसिंह ने दरबार में गन्धर्व बाइसी नामक संगीतज्ञों की मंडली बनाई।
👉 उन्होंने राधागोविंद संगीत सार ग्रंथ की रचना करवाई।
👉 उनके समय में जयपुर राज्य संगीत और साहित्य का केंद्र बन गया।

✍️ सही उत्तर है – सवाई प्रतापसिंह 

निम्नलिखित में से आमेर के किस शासक ने तीन मुग़ल बादशाहों की सेवा की ?  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • मिर्जा राजा जयसिंह

  • मानसिंह  

  • सवाई जयसिंह  

  • भगवंतदास  

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम का शासन 1621–1667 ई. तक रहा।
👉 उन्होंने लगातार तीन मुग़ल बादशाहों की सेवा की।
👉 ये बादशाह थे – जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब।
👉 उनकी वीरता से प्रसन्न होकर शाहजहाँ ने उन्हें “मिर्जा राजा” की उपाधि दी।
👉 जयसिंह प्रथम एक साहसी सेनानायक और कूटनीतिज्ञ के रूप में प्रसिद्ध हुए।

✍️ सही उत्तर है – मिर्जा राजा जयसिंह  

निम्नलिखित में से किसे सवाई जय सिंह का सरंक्षण प्राप्त नहीं था?  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • बिहारी  

  • रत्नाकर भट्ट  

  • विद्याधर  

  • जगन्नाथ  

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय विद्या और कला के बड़े संरक्षक थे।
👉 उनके दरबार में पुण्डरीक रत्नाकर, जगन्नाथ, कृष्णभट्ट, नरोत्तमदास जैसे विद्वान रहे।
👉 साथ ही उन्होंने कई ज्योतिषाचार्यों और कवियों को संरक्षण दिया।
👉 प्रसिद्ध कवि बिहारी उनसे पूर्व की पीढ़ी के थे और उन्हें जयसिंह का संरक्षण प्राप्त नहीं था।
👉 इसलिए सवाई जयसिंह द्वितीय के आश्रित विद्वानों में उनका नाम शामिल नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – बिहारी 

आमेर के राजा मान सिंह 1587 से 1594 तक किस प्रांत के सूबेदार थे ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • बंगाल 

  • काबुल 

  • मालवा 

  • बिहार

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम अकबर के प्रमुख सेनापति थे।
👉 अकबर ने उन्हें अनेक प्रांतों का सूबेदार नियुक्त किया।
👉 वर्ष 1587 से 1594 ई. तक वे बिहार प्रांत के सूबेदार रहे।
👉 इस अवधि में उन्होंने कई स्थानीय विद्रोहों का दमन किया।
👉 बिहार में उनके प्रशासन से मुगल शासन की स्थिति मजबूत हुई।

✍️ सही उत्तर है – बिहार 

सवाई जयसिंह के काल में फ्रेंच ग्रंथ 'लॉगरिथम' का संस्कृत में अनुवाद किसने किया था ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • सुधाकर पौंड्रिक

  • केवलराम

  • पं. जगन्नाथ

  • रत्नाकर पौंड्रिक

🔹 व्याख्या

👉 सवाई जयसिंह काल में वैज्ञानिक अनुवाद कार्य हुआ।
👉
फ्रेंच ग्रंथ लॉगरिथम का संस्कृत में अनुवाद किया गया।
👉
यह कार्य केवलराम द्वारा संपन्न किया गया।
👉
इसलिए अनुवादक केवलराम सही है।

✍️ सही उत्तर है – केवलराम

मिर्ज़ा राजा जयसिंह के संबंध में निम्नांकित कथनों का अध्ययन कीजिए व सही विकल्प चुनिए -

(A) मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने अकबर, जहाँगीर व शाहजहाँ के शासन में मुगलों को सेवाएँ प्रदान की थी।

(B) मुगल सम्राट शाहजहाँ ने 'मिर्ज़ा राजा' की उपाधि प्रदान की थी।

(C) मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने शिवाजी से पुरंदर की संधि करवाई थी।

[Junior Chemist PHED 01.02.2026]

  • (A), (C) सही हैं

  • (A), (B) सही हैं

  • (A), (B), (C) सही हैं

  • (B), (C) सही हैं

🔹 व्याख्या

👉 अकबर काल में जयसिंह की सेवाएँ नहीं थीं।
👉
शाहजहाँ ने ‘मिर्ज़ा राजा’ उपाधि दी।
👉
पुरंदर संधि शिवाजी से करवाई थी।

✍️ सही उत्तर है – (B), (C) सही हैं

निम्नलिखित में से कौन मराठा आक्रमण के विरुद्ध हुए हुरड़ा सम्मेलन में सम्मिलित थे? 

(A) महाराणा जगत सिंह II 

(B) सवाई जयसिंह 

(C) महाराणा जसवंत सिंह II

(D) महाराजा अभय सिंह 

सही उत्तर का चयन कीजिए - 

[AEN 16 दिसम्बर 2018] 

  • B, C, D 

  • A, B, C, D 

  • A, B, C  

  • A, B, D 

🔹 व्याख्या

👉 मराठा आक्रमण के विरुद्ध हुरड़ा सम्मेलन 1734 ई. में आयोजित हुआ।
👉 इसकी अध्यक्षता मेवाड़ के शासक महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की।
👉 इसमें जयपुर के नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय भी सम्मिलित हुए।
👉 साथ ही मारवाड़ के शासक महाराजा अभयसिंह ने भी भाग लिया।
👉 यह सम्मेलन मराठों के विरुद्ध राजपूतों की एकता का प्रयास था।

✍️ सही उत्तर है – A, B, D 

आमेर के राजा मानसिंह की निम्नलिखित प्रशासनिक नियुक्तियों को कालक्रमानुसार रखिये एवं सही विकल्प चुनिए -  

(A) बंगाल का गवर्नर 

(B) बिहार का सूबेदार 

(C) काबुल का सूबेदार 

(D) उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रदेश का प्रशासक 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]

  • (A), (B), (C), (D) 

  • (C), (B), (D), (A) 

  • (C), (A), (B), (D)

  • (D), (C), (B), (A)

🔹 व्याख्या:

👉 उड़ीसा विजय (A) मान सिंह को अकबर द्वारा भेजा गया प्रमुख अभियान था, जिसकी महत्त्वपूर्ण विजय से मुगल प्रभाव पूर्वी भारत में विस्तृत हुआ।
👉 हाजीपुर विजय (B) में मान सिंह ने निर्णायक भूमिका निभाई और बिहार क्षेत्र पर मुगल नियंत्रण स्थापित करने में सहायता की।
👉 काबुल का सुबेदार (C) नियुक्त होना मान सिंह के प्रशासनिक करियर की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि थी।
👉 कुंद्रविहार विजय (D) मान सिंह की एक अन्य प्रमुख सैन्य सफलता थी, जिसे उन्होंने उड़ीसा विजय के बाद प्राप्त किया।

✍️ सही उत्तर है – (D), (C), (B), (A)

कच्छावा राजवंश के अधोलिखित शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए : 

(i) भगवन्तदास 

(ii) मानसिंह - I

(iii) भावसिंह 

(iv) जयसिंह - I 

सही कूट चुनिए : 

[ACF 18.02.2021]

  • (iii), (ii), (i) एवं (iv) 

  • (i), (ii), (iv) एवं (iii) 

  • (iii), (i), (ii) एवं (iv) 

  • (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

🔹 व्याख्या

👉 कछवाहा वंश के शासकों में सबसे पहले भगवंतदास (1573–1589 ई.) गद्दी पर रहे।
👉 उनके बाद उनके पुत्र मानसिंह प्रथम (1589–1614 ई.) शासक बने।
👉 मानसिंह के बाद गद्दी पर उनके पुत्र भावसिंह (1614–1621 ई.) बैठे।
👉 भावसिंह के पश्चात् मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम (1621–1667 ई.) आमेर के शासक बने।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

जय सिंह को 'मिर्ज़ा राजा की उपाधि किसने दी ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • औरंगजेब  

  • जहांगीर 

  • शुजा 

  • शाहजहाँ 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर नरेश जयसिंह प्रथम 1621–1667 ई. तक शासन में रहे।
👉 उन्होंने मुग़ल सम्राट शाहजहाँ और औरंगज़ेब की ओर से कई युद्ध लड़े।
👉 कंधार अभियान में उनकी वीरता और निष्ठा से शाहजहाँ अत्यधिक प्रसन्न हुआ।
👉 इसी कारण शाहजहाँ ने उन्हें “मिर्ज़ा राजा” की उपाधि प्रदान की।
👉 इससे जयसिंह प्रथम की प्रतिष्ठा मुग़ल दरबार में और अधिक बढ़ गई।

✍️ सही उत्तर है – शाहजहाँ

हुरडा सम्मेलन में कौन सा शासक सम्मिलित नहीं था ? [*] 

  • करौली 

  • किशनगढ़ 

  • बीकानेर 

  • कोटा 

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है। 

जयपुर राज्य ने "कन्यावध" को किस वर्ष गैर कानूनी घोषित कर दिया ? 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]

  • 1840 

  • 1842 

  • 1846 

  • 1844 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर राज्य में सामाजिक सुधार आंदोलनों का आरंभ हुआ।
👉 महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में कई कुरीतियों पर रोक लगी।
👉 इसी समय कन्यावध प्रथा को गैर कानूनी घोषित किया गया।
👉 यह ऐतिहासिक निर्णय वर्ष 1844 ई. में लिया गया।
👉 इससे समाज में नारी संरक्षण और सुधार की दिशा मजबूत हुई।

✍️ सही उत्तर है – 1844 ई.

'मुडिया' लिपि के अक्षरों के आविष्कारकर्त्ता किसे माना जाता है ? 

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • गजसिंह 

  • टैसीटोरी 

  • बाँकीदास 

  • टोडरमल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लेखन की कई लिपियाँ प्रचलित रही।
👉 इनमें एक विशेष लिपि ‘मुडिया लिपि’ कहलाती है।
👉 इस लिपि के अक्षरों के आविष्कारक के रूप में टोडरमल का नाम प्रसिद्ध है।
👉 टोडरमल विद्वान और लेखनकला में निपुण माने जाते थे। 

✍️ सही उत्तर है – टोडरमल 

प्रथम बार सात हजारी के मनसब और मिर्जा राजा की उपाधि प्राप्त करने वाला आमेर का शासक था :

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • सवाई जयसिंह 

  • मानसिंह 

  • राजा बिशनसिंह 

  • भगवानदास 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर का शासक मानसिंह अकबर के प्रमुख सेनापतियों में से था।
👉 उसकी वीरता से प्रसन्न होकर अकबर ने उसे उच्च मनसबदारी प्रदान की।
👉 वह आमेर का पहला शासक था जिसे सात हजारी मनसब दिया गया।
👉 साथ ही अकबर ने उसे “मिर्जा राजा” की उपाधि से सम्मानित किया।
👉 इससे उसकी प्रतिष्ठा मुगल दरबार में और अधिक बढ़ गई।

✍️ सही उत्तर है – मानसिंह 

जयपुर में अवस्थित ईसरलाट का निर्माण किसने कराया था ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • जय सिंह  

  • मान सिंह  

  • प्रताप सिंह

  • ईश्वरी सिंह  

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर में स्थित ऊँची मीनार को ईसरलाट या सरगासूली कहा जाता है।
👉 इसका निर्माण जयपुर के शासक सवाई ईश्वरीसिंह ने करवाया।
👉 इसे 1747 ई. में राजमहल के युद्ध में विजय की स्मृति में बनाया गया।
👉 यह सात मंजिला मीनार चित्तौड़ के विजय स्तम्भ से प्रेरित है।
👉 ईसरलाट जयपुर की शक्ति और विजय का प्रतीक मानी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – सवाई ईश्वरीसिंह 

महारानी अमर कुँवरी बूँदी नरेश महाराव बुद्धसिंह की पत्नी थी और वह बहिन थी : 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]

  • राजा मानसिंह 

  • सवाई जयसिंह 

  • भारमल 

  • मिर्जा राजा जयसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बूंदी नरेश महाराव बुद्धसिंह की पत्नी का नाम महारानी अमर कुँवरी था।
👉 अमर कुँवरी का सम्बन्ध जयपुर के कछवाहा वंश से था।
👉 वह जयपुर नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय की बहन थीं।
👉 अमर कुँवरी और बुद्धसिंह से भवानीसिंह नामक पुत्र हुआ।
👉 इस प्रकार अमर कुँवरी, बूंदी और जयपुर रियासतों के बीच संबंध सूत्र थीं।

✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह द्वितीय 

मानसिंह को बिहार का सूबेदार किस वर्ष नियुक्त किया गया था ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • 1588 ई. 

  • 1585 ई

  • 1589 ई

  • 1587 ई.

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम अकबर के विश्वसनीय सेनापति थे।
👉 अकबर ने उनकी वीरता देखकर उन्हें कई महत्वपूर्ण प्रांतों की सूबेदारी दी।
👉 वर्ष 1587 ई. में उन्हें बिहार प्रांत का सूबेदार नियुक्त किया गया।
👉 बिहार में रहते हुए उन्होंने स्थानीय शासकों को पराजित कर मुगल सत्ता को मजबूत किया।
👉 बाद में उन्हें बंगाल और काबुल की भी सूबेदारी सौंपी गई।

✍️ सही उत्तर है – 1587 ई.

अकबर द्वारा मानसिंह को निम्नलिखित किन मुग़ल प्रान्तों का सुबेदार (राज्यपाल) नियुक्त किया गया था ?

(a) काबुल (b) गुजरात

(c) बिहार   (d) बंगाल

नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए 

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • C and d  

  • b, c and d

  • A and d  

  • a, c and d  

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम अकबर के प्रमुख सेनापति थे।
👉 अकबर ने उन्हें कई महत्वपूर्ण सूबों की सूबेदारी सौंपी।
👉 1581 ई. में वे काबुल के सूबेदार नियुक्त हुए।
👉 1587 ई. से 1594 ई. तक वे बिहार के सूबेदार रहे।
👉 1594 ई. में उन्हें बंगाल का सूबेदार बनाया गया।

✍️ सही उत्तर है – a, c and d  

सन् 1576 के युद्ध के बाद अकबर ने उदयपुर का प्रशासन किसे सौंपा ? 

[Supt. Garden 28.07.2021]

  • आमेर के मानसिंह को

  •  बीकानेर के रायसिंह को

  • आमेर के जगन्नाथ कच्छावा को 

  •  मिर्ज़ा इस्माईल बेग को 

🔹 व्याख्या

👉 सन् 1576 ई. में हल्दीघाटी का युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में मुगल सेना की अगुवाई मानसिंह प्रथम ने की थी।

✍️ सही उत्तर है – आमेर के जगन्नाथ कछवाहा

बुढादीत सूर्य मंदिर अवस्थित है :  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • डीडवाना  

  • डीग  

  • देसुरी  

  • दीगोद  

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्राचीन सूर्य मंदिरों में बुढादीत सूर्य मंदिर महत्वपूर्ण है। 
👉 इसका स्थान विशेष रूप से दीगोद कस्बे में है।
👉 मंदिर में सूर्य देव की प्राचीन प्रतिमाएँ और शिल्प देखने को मिलते हैं।
👉 यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है।

✍️ सही उत्तर है – दीगोद 

निम्नलिखित में से किस शासक ने ब्लू पॉटरी को संरक्षण दिया ? 

[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]

  • जोधपुर के महाराजा उम्मेद सिंह 

  • जयपुर के सवाई रामसिंह 

  • जयपुर के सवाई जयसिंह 

  • जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी कला का आरंभ आमेर से हुआ।
👉 इसे आमेर नरेश मानसिंह प्रथम लाहौर से लाए थे।
👉 इस कला को विशेष संरक्षण और विकास जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय ने दिया।
👉 उनके समय में ब्लू पॉटरी कला ने नई उन्नति और ख्याति प्राप्त की।
👉 आगे चलकर यह जयपुर की पहचान बन गई।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर के सवाई रामसिंह  

सूबा, जहाँ राजा मानसिंह- ने मुग़ल साम्राज्य के सूबेदार के रूप में काम नहीं किया -  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • बिहार  

  • बंगाल  

  • गुजरात  

  • काबल   


जिसने राजस्थान में गलीचा बनाने में पहल की निम्नांकित में कौन-सा शासक है 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • बीकानेर का रायसिंह 

  • आमेर का मानसिंह प्रथम 

  • जोधपुर का अजीतसिंह 

  • मेवाड़ का राजसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में गलीचा निर्माण कला की पहल आमेर राज्य से हुई।
👉 इसका श्रेय कछवाहा शासक मानसिंह प्रथम को दिया जाता है।
👉 उन्होंने मुग़ल दरबार की प्रेरणा से इस कला को संरक्षण दिया।
👉 गलीचा बनाने की परंपरा आगे चलकर जयपुर की विशेष पहचान बनी।
👉 इस कला ने राजस्थान के हस्तशिल्प और व्यापार को नई दिशा दी।

✍️ सही उत्तर है – आमेर का मानसिंह प्रथम

सवाई जयसिंह के सम्बंध में कौनसा कथन सत्य नहीं है ?  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • 'जीज मुहम्मद शाही' की रचना इस समय की गई थी। 

  • मथुरा, उज्जैन, जयपुर, बनारस एवं इलाहाबाद में वेधशालाओं की स्थापना की। 

  • राजपूतों के विवाह में कम खर्च करने के कानून बनाए। 

  • उन्होंने नाहरगढ़ दुर्ग का निर्माण किया था। 

🔹 व्याख्या

👉 सवाई जयसिंह द्वितीय ने भारत में पाँच जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये वेधशालाएँ जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और बनारस में स्थित हैं।
👉 प्रश्न में दिए गए विकल्प में इलाहाबाद का उल्लेख है।
👉 वास्तव में इलाहाबाद में जयसिंह ने कोई वेधशाला स्थापित नहीं की थी।
👉 इसलिए यह कथन सत्य नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – मथुरा, उज्जैन, जयपुर, बनारस एवं इलाहाबाद में वेधशालाओं की स्थापना की। 

आमेर में शिलादेवी का मन्दिर बनवाया गया था ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • मानसिंह द्वारा 

  • सवाई जयसिंह द्वारा 

  • भारमल द्वारा 

  • मिर्जा राजा जयसिंह द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर दुर्ग में स्थित शिलादेवी का मंदिर कछवाहा शासकों की ईष्टदेवी का मंदिर है।
👉 इस मंदिर का निर्माण महाराजा मानसिंह ने करवाया।
👉 उन्होंने 1594 ई. में बंगाल विजय के बाद जस्सौर से अष्टभुजी भगवती की प्रतिमा लाकर स्थापित की।
👉 मंदिर को आमेर किले के जलेब चौक में बनाया गया।
👉 यह मंदिर आज भी कछवाहा शासकों की आराधना का प्रमुख केंद्र है।

✍️ सही उत्तर है – मानसिंह 

किस कछवाहा शासक ने मीणाओं से आमेर का अधिग्रहण कर अपने साम्राज्य में मिलाया ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • दूल्हाराय

  • पंजवन रायजी

  • कांकल  

  • हणूत देव

🔹 व्याख्या

👉 आमेर प्राचीन काल में मीणाओं के अधिकार में था।
👉 कछवाहा वंश के शासक काकिलदेव (कांकल/कोकिलदेव) ने मीणाओं को पराजित किया।
👉 उन्होंने भट्टो/भुट्टी मीणा से युद्ध कर आमेर को जीता।
👉 इसके बाद आमेर को कछवाहा वंश की राजधानी बनाया।
👉 साथ ही यहाँ अम्बिकेश्वर महादेव मंदिर भी बनवाया।

✍️ सही उत्तर है – कांकल  

जयपुर मीनाकारी का एक प्रसिद्ध स्थल है | इस कला को लाने का श्रेय किनको है ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • ईश्वरी सिंह को  

  • मान सिंह प्रथम 

  • राम सिंह  

  • मान सिंह द्वितीय  

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर अपनी मीनाकारी कला के लिए विशेष प्रसिद्ध है।
👉 इस कला को सबसे पहले आमेर के शासक मानसिंह प्रथम यहाँ लाए।
👉 उन्होंने इसे विशेष रूप से लाहौर से जयपुर में बसाया।
👉 मानसिंह प्रथम कला और स्थापत्य के बड़े संरक्षक थे।
👉 आगे चलकर मीनाकारी जयपुर की विशेष पहचान बनी।

✍️ सही उत्तर है – मानसिंह प्रथम 

किस राजपूत राज्य ने 1844 ई. में कन्या भ्रूण वध को गैर कानूनी घोषित किया ?  

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • जोधपुर 

  • जयपुर

  • अलवर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 19वीं शताब्दी में राजपूताना में कई सामाजिक सुधार किए गए।
👉 जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय सुधारवादी नीतियों के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 उनके समय में 1844 ई. में कन्या भ्रूण वध को गैरकानूनी घोषित किया गया।
👉 इस निर्णय से समाज में नारी संरक्षण की दिशा मजबूत हुई।
👉 जयपुर राज्य इस सुधार के लिए पहचाना गया।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर

बिहार के सूबेदार के रूप में राजा मान सिंह ने अपना प्रथम अभियान बिहार के किस शासक के विरुद्ध किया?

[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]

  • गिद्धौर के राजा पूरनमल

  • हाजीपुर के राजा गनपत

  • शंभूपुरी के सैयद

  • खड़गपुर के संग्राम सिंह

 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने 1587 ई. में आमेर नरेश राजा मानसिंह प्रथम को बिहार का सूबेदार नियुक्त किया।
👉 सूबेदारी के दौरान उनका पहला अभियान स्थानीय शासक के विरुद्ध हुआ।
👉 यह युद्ध गिद्धौर (बिहार) के राजा पूरनमल से लड़ा गया।
👉 मानसिंह ने पूरनमल को हराकर बिहार में मुग़ल सत्ता को सुदृढ़ किया।
👉 इससे मानसिंह की वीरता और प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ गई।

✍️ सही उत्तर है – गिद्धौर के राजा पूरनमल

किस सन् में अकबर ने मानसिंह को 7000 जात व 6000 सवार का मनसब प्रदान किया ?

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • 1605 

  • 1603 

  • 1599 

  • 1601 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह प्रथम अकबर के प्रिय सेनापति थे।
👉 अकबर ने उनकी वीरता देखकर उन्हें लगातार उच्च मनसब दिए।
👉 प्रारम्भ में उन्हें 5000 का मनसब मिला था।
👉 अकबर के अंतिम समय 1605 ई. में उन्हें 7000 जात और 6000 सवार का मनसब प्रदान किया गया।
👉 यह उस समय का सबसे उच्च मनसब था, जो प्रायः शहजादों को ही मिलता था।

✍️ सही उत्तर है – 1605 ई.

शिवाजी के साथ पुरन्दर की संधि (1665) पर हस्ताक्षर करने वाला मुगल सेनानायक था ?

[स्कूल व्याख्याता 09.01.2020]

  • जयसिंह - III 

  • जसवंत सिंह 

  • जयसिंह- I

  • शाईस्ता खान 

🔹 व्याख्या

👉 1665 ई. में मुग़ल सम्राट औरंगजेब ने मराठों को दबाने के लिए सेना भेजी।
👉 इस सेना का नेतृत्व आमेर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह ने किया।
👉 उन्होंने पुणे के पास पुरन्दर दुर्ग को घेर लिया।
👉 परिणामस्वरूप मराठा शासक शिवाजी को समझौता करना पड़ा।
👉 इस प्रकार पुरन्दर की संधि पर हस्ताक्षर मुगल सेनानायक जयसिंह ने किए।

✍️ सही उत्तर है – जयसिंह 

महाराजा मानसिंह की मृत्यु कहाँ हुई थी ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • महाराष्ट्र 

  • उड़ीसा 

  • बंगाल 

  • बिहार 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक महाराजा मानसिंह प्रथम का जीवन युद्ध और प्रशासन में बीता।
👉 जहाँगीर के शासनकाल में भी उन्हें मुगल दरबार से जोड़े रखा गया।
👉 अंतिम समय में वे मुगल सेवा हेतु दक्षिण भारत में तैनात थे।
👉 उनकी मृत्यु 6 जुलाई 1614 ई. को एलिचपुर (बरार, महाराष्ट्र) में हुई।
👉 उनकी छतरी आमेर के हाड़ीपुरा में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – महाराष्ट्र  

वह शासक जिसने अपने राज्य में विधवा पुनर्विवाह आरम्भ करने का प्रयास किया था : 

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 20.07.2016]

  • राजा साहू 

  • अहिल्याबाई होल्कर 

  • रणजीत सिंह 

  • सवाई जयसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह सुधारवादी दृष्टिकोण वाले शासक थे।
👉 उन्होंने समाज में कई कुरीतियों को समाप्त करने के प्रयास किए।
👉 विशेष रूप से उन्होंने विवाह और श्राद्ध प्रथा पर होने वाले व्यय को घटाया।
👉 साथ ही अपने राज्य में विधवा पुनर्विवाह आरंभ करने का भी प्रयास किया।
👉 वे एक धर्मनिष्ठ और सुधारक शासक के रूप में प्रसिद्ध हुए।

✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह  

जयपुर रियासत के पचरंगा ध्वज को किस शासक द्वारा बनवाया गया ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • जगत सिंह 

  • मान सिंह 

  • प्रताप सिंह 

  • राम सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर रियासत का ध्वज पचरंगा ध्वज कहलाता है।
👉 इसमें पाँच रंग – नीला, पीला, लाल, हरा और काला प्रयोग किए गए।
👉 इस ध्वज को आमेर/जयपुर के शासक मानसिंह ने बनवाया।
👉 इसे उनकी विजयों और शक्ति का प्रतीक माना गया।
👉 ध्वज के मध्य सूर्य की आकृति और नीचे “यतो धर्मस्ततो जयः” अंकित था।

✍️ सही उत्तर है – मानसिंह  

देवगढ़ और नागपुर किले पर विजय के उपलक्ष्य में शाहजहाँ ने मिर्ज़ा राजा जयसिंह को कौन सी जागीर दी ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • गढ़वाल

  • चाटसू

  • गया

  • अहमदनगर

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने मुग़ल दरबार में दीर्घकाल सेवा की।
👉 उन्होंने शाहजहाँ के काल में कई महत्त्वपूर्ण विजय अभियान संचालित किए।
👉 देवगढ़ और नागपुर के किलों पर विजय प्राप्त कर अपनी वीरता सिद्ध की।
👉 इस सफलता से प्रसन्न होकर शाहजहाँ ने उन्हें चाकसू (चाटसू) की जागीर प्रदान की।
👉 इससे जयसिंह प्रथम की प्रतिष्ठा और मुग़ल दरबार में बढ़ी।

✍️ सही उत्तर है – चाटसू

'काकिलदेव' निम्न में से किस वंश से सम्बन्धित हैं ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]

  • कछवाहा 

  • चौहान 

  • राठौड़ 

  • गुहिल 

🔹 व्याख्या

👉 काकिलदेव (कोकिलदेव) आमेर के प्रारंभिक शासकों में गिने जाते हैं।
👉 वे कछवाहा शासक दूल्हेराय के पुत्र थे।
👉 काकिलदेव ने मीणा शासक को हराकर आमेर को अपनी राजधानी बनाया।
👉 उन्होंने यहाँ अम्बिकेश्वर महादेव मंदिर का भी निर्माण करवाया।
👉 इसलिए काकिलदेव का सम्बन्ध कछवाहा वंश से था।

✍️ सही उत्तर है – कछवाहा  

जयपुर स्थित हवामहल का निर्माण कराया 

[प्रोग्रामर परीक्षा 2013]

  • जयसिंह   

  • प्रतापसिंह 

  • रामसिंह 

  • मानसिंह

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर का प्रसिद्ध हवामहल ‘राजस्थान का एयर दुर्ग’ कहलाता है।
👉 इसका निर्माण वर्ष 1799 ई. में कराया गया।
👉 इस भव्य पाँच मंजिला महल का निर्माण शासक सवाई प्रतापसिंह ने करवाया।
👉 हवामहल का डिज़ाइन वास्तुकार लालचंद उस्ता ने बनाया।
👉 इसे रानियों के लिए जुलूस और बाजार देखने हेतु झरोखों से सजाया गया।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापसिंह 

सरनाल के युद्ध के कारण किसे विशेष ख्याति मिली ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • जोधपुर शासक जसवंत सिंह प्रथम

  • कछवाहा शासक मिर्जा राजा जयसिंह

  • बीकानेर शासक रायसिंह

  • कछवाहा युवराज मानसिंह

 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने गुजरात विजय के दौरान विद्रोहियों को दबाने के लिए सेना भेजी।
👉 इस अभियान में आमेर नरेश भगवंतदास के पुत्र युवराज मानसिंह भी सम्मिलित थे।
👉 1572 ई. में सरनाल के युद्ध में उन्होंने शाही सेना के अग्रभाग का नेतृत्व किया।
👉 इस युद्ध में मानसिंह ने अद्वितीय वीरता और पराक्रम दिखाया।
👉 परिणामस्वरूप उन्हें मुगल दरबार में विशेष ख्याति और प्रतिष्ठा मिली।

✍️ सही उत्तर है – कछवाहा युवराज मानसिंह 

शासक पंजनदेव/पजवन निम्नलिखित में से किस राजवंश से संबंधित थे ?

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • बड़गुर्जर

  • कच्छावा 

  • गुहिल 

  • चौहान 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर पर कछवाहा वंश का शासन कई पीढ़ियों तक रहा।
👉 दुलहराय के उत्तराधिकारी काकिलदेव के बाद उनके वंश में कई शासक हुए।
👉 उन्हीं में से एक शासक पंजनदेव/पजवनदेव थे।
👉 वे सीधे तौर पर कछवाहा राजवंश से संबंधित थे।
👉 कछवाहों ने आमेर को अपनी प्रमुख राजधानी बनाया।

✍️ सही उत्तर है – कच्छावा 

निम्न में से जयपुर के किस शासक ने सर्वप्रथम नागा दादूपंथियों को सेना में भर्ती किया था ? 

[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]

  • ईश्वरी सिंह 

  • सवाई जय सिंह 

  • प्रताप सिंह 

  • माधो सिंह प्रथम 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने प्रशासन व सेना में सुधार किए।
👉 उन्होंने धार्मिक संप्रदायों को भी सेना में शामिल किया।
👉 सबसे पहले उन्होंने नागा दादूपंथियों को अपनी सेना में भर्ती किया।
👉 दादूपंथी सैनिकों ने जयपुर राज्य की सुरक्षा और युद्धों में योगदान दिया।
👉 इस कदम से जयपुर की सेना को नई शक्ति और सामर्थ्य मिली।

✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह 

निम्नलिखित में से कौन से यूरोपीय खगोलशास्त्री सवाई जयसिंह के निमंत्रण पर जयपुर आये थे ?

(a) क्लाड  बोडियर

(b) आंद्रे स्ट्रोब्ल

(c) फादर एंटोनी गेबेल्स परग्वे

(d) फादर पेंड्रो द सिल्वा 

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • a, b and c  

  • b,c and d  

  • A and c  

  • a, b, c and d  

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय ने खगोल विद्या को विशेष संरक्षण दिया।
👉 उन्होंने यूरोपीय खगोलशास्त्रियों को आमंत्रित कर जयपुर बुलाया।
👉 इनमें क्लाड बोडियर और आंद्रे स्ट्रोब्ल प्रमुख थे।
👉 साथ ही फादर एंटोनी गेबेल्स (परग्वे) और फादर पेंड्रो द सिल्वा भी आए।
👉 इन विद्वानों की सहायता से जयसिंह ने खगोल विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रगति की।

✍️ सही उत्तर है – (a), (b), (c) और (d) 

अकबर के संरक्षण में मानसिंह द्वारा अपना प्रथम सैन्य अभियान किसके विरुद्ध किया गया ? 

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

  • केदार राय 

  • सुर्जन हाड़ा 

  • रामचन्द्र देव 

  • महाराणा प्रताप

🔹 व्याख्या

👉 आमेर नरेश मानसिंह प्रथम ने अकबर की सेवा 1562 ई. में आरंभ की।
👉 अकबर ने उन्हें शीघ्र ही अपने सैन्य अभियानों में सम्मिलित किया।
👉 उनका प्रथम अभियान 1569 ई. में रणथम्भौर दुर्ग के विरुद्ध था।
👉 इस दुर्ग के शासक सुरजन हाड़ा थे।
👉 सुरजन हाड़ा ने अंततः अकबर की अधीनता स्वीकार कर दुर्ग की चाबियाँ सौंप दीं।

✍️ सही उत्तर है – सुर्जन हाड़ा 

महाराणा जगतसिंह द्वारा 17 वीं शताब्दी में निर्मित जग-निवास को किस होटल में परिवर्तित कर दिया गया है ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • लेक गार्डन पैलेस 

  • लेक पैलेस 

  • लेक व्यू 

  • उदय निवास 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ के शासक महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने 17वीं शताब्दी में एक महल बनवाया।
👉 यह महल प्रसिद्ध पिचोला झील के मध्य द्वीप पर स्थित है।
👉 इसे उस समय जग निवास महल कहा जाता था।
👉 आगे चलकर इस महल को एक भव्य होटल में बदल दिया गया।
👉 वर्तमान में इसे विश्वप्रसिद्ध लेक पैलेस होटल कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – लेक पैलेस 

उस समुच्चय की चुनिए जिसके सभी शहरों में सवाई जयसिंह II निर्मित वेधशालाएँ है :  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • मथुरा, बनारस, उज्जैन और दिल्‍ली  

  • जयपुर, दिल्‍ली, उज्जैन और इलाहाबाद  

  • जयपुर, आगरा, दिल्‍ली और विदिशा  

  • जयपुर, बनारस, इलाहाबाद और मथुरा  

🔹 व्याख्या

👉 सवाई जयसिंह द्वितीय महान खगोलशास्त्री और शासक थे।
👉 उन्होंने खगोल अध्ययन हेतु पाँच जंतर-मंतर वेधशालाएँ बनवाईं।
👉 ये वेधशालाएँ जयपुर, मथुरा, बनारस, उज्जैन और दिल्ली में स्थित हैं।
👉 प्रश्न में दिए गए सभी शहर — मथुरा, बनारस, उज्जैन और दिल्ली — इसमें शामिल हैं।
👉 इन वेधशालाओं में ग्रह-नक्षत्रों की गति का सटीक अध्ययन किया जाता था।

✍️ सही उत्तर है – मथुरा, बनारस, उज्जैन और दिल्ली 

अकबर ने सर्वोच्च मनसब (सात हजारी) किस राजपूत शासक को दिया था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

  • राजा भगवन्त दास 

  • राजा मानसिंह 

  • मोटाराजा उदयसिंह 

  • राजा भारमल 

🔹 व्याख्या

👉 मुगल सम्राट अकबर ने कई राजपूत शासकों को उच्च पद दिए।
👉 आमेर के शासक राजा मानसिंह प्रथम उनकी सेना के प्रमुख सेनापति बने।
👉 अकबर ने उनकी वीरता से प्रसन्न होकर उन्हें सर्वोच्च मनसब प्रदान किया।
👉 यह मनसब सात हजारी (7000 जात और 7000 सवार) का था।
👉 इतना बड़ा मनसब केवल मुगल शहजादों और राजवंशीयों को मिलता था।

✍️ सही उत्तर है – राजा मानसिंह प्रथम 

निम्नलिखित में से किस शासक ने विराटनगर में मुगल दरवाजे का निर्माण करवाया ?  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • प्रताप सिंह 

  • राजा मानसिंह

  • माधो सिंह - II 

  • ईश्वरी सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 प्राचीन विराटनगर (बैराठ) कछवाहा शासकों के अधीन था।
👉 यहाँ कई निर्माण कार्य आमेर के शासक मानसिंह प्रथम ने करवाए।
👉 इन्हीं में से एक प्रसिद्ध निर्माण मुगल दरवाजा है।
👉 यह दरवाजा उनकी स्थापत्य कला और मुगल प्रभाव का प्रतीक है।
👉 इससे बैराठ का ऐतिहासिक महत्व और अधिक बढ़ गया।

✍️ सही उत्तर है – राजा मानसिंह  

मुगल सम्राटों द्वारा कुल कितनी बार मालवा सूबे का सूबेदान नियुक्त किया गया था ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • तीन 

  • पाँच 

  • दो 

  • चार 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर नरेश सवाई जयसिंह द्वितीय को मुगल दरबार से कई पद मिले।
👉 उन्हें विशेष रूप से मालवा सूबे का सूबेदार नियुक्त किया गया।
👉 मुगल सम्राटों ने उन्हें कुल तीन बार मालवा की सूबेदारी सौंपी।
👉 उन्होंने यहाँ अफगानों और मराठों के विद्रोह को दबाया।
👉 इससे उनकी प्रतिष्ठा मुगल दरबार में और अधिक बढ़ी।

✍️ सही उत्तर है – तीन  

जयपुर के किस शासक द्वारा राजपूत जाति में "विवाह एवं श्राद्ध प्रथा" पर व्यय को कम किया गया ?  

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • सवाई जयसिंह 

  • माधो सिंह 

  • जगत सिंह 

  • ईश्वरी सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर के शासक सवाई जयसिंह ने अनेक सामाजिक सुधार किए।
👉 उन्होंने राजपूत समाज में व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण करने का प्रयास किया।
👉 विशेष रूप से विवाह प्रथा और श्राद्ध प्रथा पर होने वाले अत्यधिक व्यय को घटाया।
👉 इस सुधार से राजपूत समाज में सादगी और अनुशासन को बढ़ावा मिला।
👉 इससे जयसिंह द्वितीय एक सुधारक शासक के रूप में प्रसिद्ध हुए।

✍️ सही उत्तर है – सवाई जयसिंह