1857 के विद्रोह के दौरान कोटा में जनविद्रोह का दमन किस अंग्रेज जनरल द्वारा किया गया था?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 1857 की क्रांति के दौरान कोटा रियासत में भीषण जनविद्रोह हुआ।
👉 विद्रोहियों ने अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन और उसके दोनों पुत्रों की हत्या कर दी।
👉 इसके बाद अंग्रेजों ने कोटा में विद्रोह को दबाने के लिए अपनी सेना भेजी।
👉 इस अभियान का नेतृत्व मेजर जनरल एच.जी. रॉबर्ट्स ने किया और विद्रोह का दमन किया।
✍️ सही उत्तर है – मेजर जनरल एच.जी. रॉबर्ट्स
1857 ई. में जोधपुर महाराजा तख्त सिंह ने किसके आदेश से अपने राज्य की अश्वारोही सेना अजमेर भेजी थी ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 1857 ई. की क्रांति में जोधपुर के महाराजा तख्तसिंह अंग्रेजों के समर्थक रहे।
👉 उन्होंने अपनी राज्य की अश्वारोही सेना अंग्रेजों की सहायता हेतु भेजी।
👉 यह सेना उन्होंने जोधपुर के पॉलिटिकल एजेन्ट कैप्टन मोक मैसन के आदेश पर अजमेर भेजी थी।
👉 इससे स्पष्ट है कि तख्तसिंह ने अंग्रेजों का संपूर्ण सहयोग किया।
✍️ सही उत्तर है – मैक मेसन
1857 के विद्रोह के समय अजमेर का शस्त्रागार किस नेटिव इंफेंट्री के द्वारा रक्षित था ?
[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]
👉 1857 के विद्रोह के समय अजमेर अंग्रेजों के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र था।
👉 यहाँ भारी मात्रा में शस्त्रागार, खजाना और गोला-बारूद रखा गया था।
👉 अजमेर के शस्त्रागार की रक्षा 15वीं बंगाल नेटिव इंफेंट्री की टुकड़ी कर रही थी।
👉 बाद में इस टुकड़ी को नसीराबाद छावनी की ओर भेज दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – 15वीं नेटिव इंफेंट्री
निम्नलिखित में से झालावाड़ के किस शासक को तात्या टोपे ने गिरफ्तार किया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 रलायता के युद्ध में तात्या टोपे ने झालावाड़ की सेना को पराजित किया था।
👉 इस युद्ध में झालावाड़ के शासक पृथ्वी सिंह हार गए थे, परंतु उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था।
👉 विजय के बाद तात्या टोपे ने राज राणा पृथ्वी सिंह को गद्दी से हटाया, पर यह गिरफ्तारी का मामला नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वी सिंह
निम्न में से किस रियासत के 600 विद्रोही सैनिकों की टुकड़ी 1857 की क्रान्ति के दौरान दिल्ली स्थित मुगल शासक बहादुर शाह जफर की सहायतार्थ पहुंची थी ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 1857 की क्रांति में टोंक रियासत का नवाब वजीरूद्दौला अंग्रेजों का समर्थक था।
👉 लेकिन टोंक की सेना का बड़ा भाग उसके मामा मीर आलम खाँ के नेतृत्व में विद्रोहियों से जा मिला।
👉 इस सेना के लगभग 600 विद्रोही सैनिक दिल्ली पहुँचे।
👉 इन्होंने मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर की सहायतार्थ भाग लिया।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
निम्न में से किस एक ब्रिटिश सैनिक अधिकारी ने तात्या टोपे को फांसी देने के लिए ब्रिटिश सरकार की आलोचना की थी ?
[स. सांख्यिकी अधिकारी 08.07.2022]
👉 1857 की क्रांति के प्रमुख नेता तात्या टोपे थे, जिन्हें 1859 ई. में अंग्रेजों ने फाँसी दी।
👉 तात्या टोपे की फाँसी को लेकर कई लोगों ने अंग्रेजों की क्रूरता की निंदा की।
👉 अंग्रेज अधिकारी कैप्टन शॉवर्स ने भी अपनी पुस्तक “मिसिंग चेप्टर ऑफ द इंडियन म्यूटिनीज़” में इसकी आलोचना की।
👉 उन्होंने लिखा कि तात्या ब्रिटिश राज्य के नागरिक नहीं थे, इसलिए उन पर राजद्रोह का आरोप अनुचित था।
✍️ सही उत्तर है – कैप्टन शॉवर्स
1857 ई. के संघर्ष में कोटा में ब्रिटिश रेजीडेन्सी पर हमले के दौरान क्रान्तिकारियों ने रेजीडेन्ट मेजर बर्टन के साथ निम्नलिखित में से किस व्यक्ति की हत्या की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
👉 1857 की क्रांति के दौरान कोटा में मेजर बर्टन की हत्या कर दी गई थी।
👉 यह विद्रोह 15 अक्टूबर 1857 को जयदयाल, मेहराब खान और हरदयाल के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ था।
👉 विद्रोहियों ने मेजर बर्टन, उसके दो पुत्रों तथा डॉक्टर सेडलर की हत्या कर दी थी।
👉 हत्या के बाद मेजर बर्टन का सिर काटकर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था।
👉 इस घटना के बाद अंग्रेजों ने विद्रोह को कठोर दमन के साथ कुचल दिया और मेहराब खान व जयदयाल को फांसी दे दी गई।
✍️ सही उत्तर है – सैडलर
1857 के विद्रोह के दौरान किस स्थान पर मेजर बर्टन की हत्या हुई ?
[स्कूल व्याख्याता (कोच) 11.04.2015]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत में बड़ा विद्रोह हुआ।
👉 विद्रोहियों ने महाराव रामसिंह द्वितीय को नजरबंद कर लिया।
👉 इसी दौरान अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन को निशाना बनाया गया।
👉 15 अक्टूबर 1857 को कोटा में मेजर बर्टन और उसके दोनों पुत्रों की हत्या कर दी गई।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
निम्न में से 1857 की क्रान्ति के दौरान जोधपुर के ठिकानेदारों के युग्मों में से कौन सा / कौन से सही सुमेलित है/हैं ?
A.
आसोप
– ठाकुर शिवनाथ
सिंह
B.
गूलर
– ठाकुर विशन
सिंह
C.
आलनियावास
– ठाकुर अजीत
सिंह
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 मारवाड़ के आसोप ठिकाने के ठाकुर शिवनाथ सिंह ने क्रांति में सक्रिय भाग लिया।
👉 गूलर के ठाकुर विशन सिंह और आलनियावास के ठाकुर अजीत सिंह भी क्रांतिकारी थे।
👉 इन सभी जागीरदारों ने एरिनपुरा की बागी सेना और आऊवा के ठाकुर का साथ दिया।
👉 इन ठिकानों के सैन्य नेतृत्व ने अंग्रेजी सत्ता को कड़ी चुनौती पेश की थी।
✍️ सही उत्तर है – A, B और C
1857 में अंग्रेजों की सहायतार्थ आगरा जा रहे अलवर के सैन्य दल की नसीराबाद और नीमच के विद्रोहियों से किस स्थान पर मुठभेड़ हुई ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 1857 की क्रांति के समय अलवर नरेश बन्नेसिंह / विनयसिंह अंग्रेजों के सहयोगी थे।
👉 उन्होंने अंग्रेजों की सहायता के लिए अपनी सैन्य टुकड़ी आगरा भेजी।
👉 यह दल रास्ते में नसीराबाद व नीमच के विद्रोही सैनिकों से टकराया।
👉 11 जुलाई 1857 को यह मुठभेड़ अचनेरा (आगरा के निकट) स्थान पर हुई।
✍️ सही उत्तर है – अचनेरा
1857 की क्रांति के समय धौलपुर का शासक था
[Asst. Jailor 15.03.2016]
👉 1857 की क्रांति के समय धौलपुर रियासत का शासक महाराजा भगवंत सिंह था।
👉 उसने अंग्रेजों का पूरा साथ दिया और उनके पक्ष में खड़ा रहा।
👉 विद्रोह धौलपुर में बाहर से आए ग्वालियर व इंदौर के क्रांतिकारियों ने किया।
👉 लेकिन भगवंत सिंह ने अंग्रेजों को सुरक्षित आगरा पहुँचाया।
✍️ सही उत्तर है – भगवन्त सिंह
निम्नलिखित में देशी रियासतों एवं संबंधित पॉलिटिकल एजेन्ट ( 1857के विद्रोह के प्रारंभ के समय) का कौनसा युग्मं असंगत है ?
[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]
देशी रियासत - पॉलिटिकल एजेन्ट
👉 1857 की क्रांति के समय हर रियासत में अंग्रेजों ने अलग-अलग पॉलिटिकल एजेन्ट नियुक्त किए थे।
👉 भरतपुर रियासत का पॉलिटिकल एजेन्ट वास्तव में मॉरिसन एवं निक्सन थे।
👉 जबकि कैप्टन जे. डी. हॉल सिरोही रियासत का पॉलिटिकल एजेन्ट था।
👉 इसलिए “भरतपुर – कैप्टन जे. डी. हॉल” का युग्म असंगत है।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर – कैप्टन जे.डी. हॉल
निम्न में से कौन आज़ाद मोर्चा का नेता नहीं था ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 1857 के बाद राजस्थान में कई क्रांतिकारी संगठन बने।
👉 इनमें आज़ाद मोर्चा प्रमुख था, जिसके कई नेता सक्रिय थे।
👉 दाऊदयाल आचार्य का संबंध इस मोर्चा से नहीं था।
👉 इसलिए उन्हें आज़ाद मोर्चा का नेता नहीं माना जाता।
✍️ सही उत्तर है – दाऊदयाल आचार्य
1857 के विद्रोह के दौरान भरतपुर का ब्रिटिश पॉलिटिकल एजेन्ट कौन था ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 1857 के विद्रोह के समय भरतपुर रियासत में भी अशांति फैली।
👉 यहाँ का शासक नाबालिग था, इसलिए शासन की जिम्मेदारी अंग्रेज एजेन्ट पर थी।
👉 भरतपुर का ब्रिटिश पॉलिटिकल एजेन्ट उस समय मेजर मॉरीसन था।
👉 विद्रोह के चलते मॉरीसन को भरतपुर छोड़कर आगरा जाना पड़ा।
✍️ सही उत्तर है – मेजर मॉरीसन
निम्न में से किसके द्वारा 1857 की क्रांति के दौरान रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 1857 की क्रांति में कई व्यापारियों और धनाढ्यों ने विद्रोहियों को सहयोग दिया।
👉 बीकानेर के प्रसिद्ध व्यापारी अमरचन्द बांठिया ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई।
👉 अमरचन्द बांठिया ने अपनी सम्पूर्ण सम्पत्ति क्रांतिकारियों को समर्पित कर दी।
👉 उन्होंने झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे को आर्थिक सहायता पहुँचाई।
👉 उनकी देशभक्ति के कारण उन्हें राजस्थान का दूसरा भामाशाह कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – अमरचन्द बांठिया
1857 के विद्रोहियों द्वारा किस पॉलिटिकल एजेंट का कटा सिर आउवा के किले पर लटका दिया गया था?
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा विद्रोहियों ने अंग्रेजों और जोधपुर राज्य की सेनाओं से संघर्ष किया।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास के युद्ध में भारी लड़ाई हुई।
👉 इस युद्ध में जोधपुर के पॉलिटिकल एजेंट कैप्टन मोक मेसन मारा गया।
👉 विद्रोहियों ने उसका कटा सिर आऊवा किले के दरवाजे पर लटका दिया।
✍️ सही उत्तर है – कैप्टन मोक मेसन
देवली सैनिक छावनी की स्थापना कब हुई ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 राजस्थान में अंग्रेजों ने कई सैनिक छावनियाँ स्थापित की थीं।
👉 इन्हीं में टोंक जिले की देवली छावनी भी महत्वपूर्ण थी।
👉 इस छावनी में कोटा कन्टिजेन्ट नामक बटालियन तैनात की गई।
👉 देवली की यह सैनिक छावनी वर्ष 1855 ईस्वी में स्थापित हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 1855 ईस्वी
निम्नलिखित में से 1857 ई. की क्रांति में कौन से युद्ध में जोधपुर का पॉलिटिकल एजेंट मैसन मारा गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह ने विद्रोहियों का नेतृत्व किया।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास नामक स्थान पर बड़ा युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में अंग्रेज और जोधपुर की संयुक्त सेना विद्रोहियों से भिड़ी।
👉 संघर्ष के दौरान जोधपुर का पॉलिटिकल एजेन्ट कैप्टन मोक मैसन मारा गया।
✍️ सही उत्तर है – चेलावास का युद्ध
कंपनी अधिकारी, जिसकी 1857 की क्रान्ति के दौरान कोटा में हत्या कर दी गई थी, वह था
[स्कूल व्याख्याता 09.01.2020]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत भी विद्रोह की ज्वाला में शामिल हुई।
👉 यहाँ जनता और सेना ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस विद्रोह में कंपनी अधिकारी मेजर बर्टन को निशाना बनाया गया।
👉 विद्रोहियों ने मेजर बर्टन और उसके दोनों पुत्रों की हत्या कर दी। मेजर बर्टन की हत्या करके उसकी शव को पूरे शहर में घुमाया गया|
✍️ सही उत्तर है – मेजर बर्टन
राजस्थानी साहित्य में किस युद्ध को गोरे-कालेका युद्ध कहा जाता है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा के ठाकुर कुशाल सिंह ने विद्रोहियों का नेतृत्व किया।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास नामक स्थान पर भीषण युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में अंग्रेज पॉलिटिकल एजेंट मोक मैसन (गोरा) मारा गया।
👉 विद्रोहियों के पक्ष का नेतृत्व ठाकुर कुशाल सिंह (काला) ने किया।
👉 इसलिए राजस्थानी साहित्य में इसे गोरे-काले का युद्ध कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – चेलावास का युद्ध
निम्नांकित में से कौनसा (राज्य-रेज़िडेन्ट अधिकारी (1857 के विद्रोह के समय)) सुमेलित नहीं है ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 1857 के विद्रोह के समय विभिन्न रियासतों में अंग्रेजों ने अलग-अलग पॉलिटिकल एजेन्ट / रेज़िडेन्ट नियुक्त किए थे।
👉 भरतपुर रियासत में उस समय अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मॉरिसन एवं निक्सन थे।
👉 मेजर एबॉट वास्तव में नीमच छावनी का अंग्रेज सैनिक अधिकारी था, भरतपुर का नहीं।
👉 इसलिए “भरतपुर – मेजर एबॉट” का युग्म सुमेलित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर – मेजर एबॉट
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कोटा महाराव की सहायता के लिए किस राज्य ने सैनिक सहायता भेजी थी ?
[ACF 18.02.2021]
👉 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में कोटा में भीषण विद्रोह हुआ।
👉 विद्रोहियों ने पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन और उसके पुत्रों की हत्या कर दी।
👉 महाराव रामसिंह द्वितीय ने अंग्रेजों से सहायता की गुहार लगाई।
👉 इस समय करौली राज्य के शासक महाराजा मदनपाल ने अपनी सेना भेजकर सहयोग किया।
✍️ सही उत्तर है – करौली
निम्नलिखित में से किन अफसरों की हत्या 15 अक्टूबर, 1857 को कोटा की विद्रोही राजकीय सेना ने की थी ?
(a) मेजर मॉरिसन
(b) डॉ. सैडलर
(c) मेजर बर्टन
(d) कैप्टन शॉवर्स
सही कूट का चयन कीजिए
[स्कूल व्याख्याता 03.01.2020]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत की राजकीय सेना और जनता ने विद्रोह किया।
👉 15 अक्टूबर 1857 को विद्रोहियों ने अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन की हत्या कर दी।
👉 कोटा विद्रोह में मेजर बर्टन व उसकी दो पुत्र फ्रैंक व ऑर्थर हत्या कर दी वह डॉक्टर सैडलर व कोटम मारे गये|
👉 जबकि मेजर मॉरिसन और कैप्टन शॉवर्स अन्य रियासतों से जुड़े थे, कोटा में नहीं।
✍️ सही उत्तर है – (b), (c)
1857 के विद्रोह के प्रति मेवाड़ के महाराणा की क्या नीति थी ?
[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]
👉 1857 की क्रांति में मेवाड़ के महाराणा स्वरूपसिंह ने विद्रोहियों का साथ नहीं दिया।
👉 उन्होंने अपने जागीरदारों को आदेश दिया कि वे अंग्रेजों की हर प्रकार से सहायता करें।
👉 नीमच से भागे अंग्रेज परिवारों को सुरक्षित रखकर पिछोला झील के जगमंदिर में ठहराया।
👉 इस प्रकार महाराणा स्वरूपसिंह की नीति पूरी तरह अंग्रेजों को सहयोग देने वाली थी।
✍️ सही उत्तर है – अंग्रेजों को सहयोग
क्रांतिकारी, जिसे महन्त प्यारेलाल हत्याकांड में सजा मिली थी -
[RAS Pre. 05.08.2018]
👉 राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई क्रांतिकारी घटनाएँ हुईं।
👉 महन्त प्यारेलाल हत्याकांड एक चर्चित घटना थी।
👉 इसमें क्रांतिकारी केसरीसिंह बारहठ को दोषी ठहराया गया।
👉 उन्हें इस घटना में कठोर सजा दी गई।
✍️ सही उत्तर है – केसरीसिंह बारहठ
किस ब्रिटिश अधिकारी ने 1857 में कोटा में क्रान्तिकारियों का दमन किया ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत में विद्रोहियों ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी।
👉 15 अक्टूबर 1857 को विद्रोहियों ने अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन और उसके पुत्रों की हत्या कर दी।
👉 इसके बाद अंग्रेजों ने विद्रोह को दबाने हेतु अपनी सेना भेजी।
👉 इस अभियान का नेतृत्व मेजर जनरल एच. जी. रॉबर्ट्स ने किया और विद्रोह का दमन किया।
✍️ सही उत्तर है – मेजर जनरल एच.जी. रॉबर्ट्स
क्रांतिकारी, जो उस दल का सदस्य था, जिसने लॉर्ड हॉर्डिंग की हत्या का प्रयास किया:
[स्कूल व्याख्याता 14.12.2020]
👉 1857 के बाद भी कई क्रांतिकारी दलों ने अंग्रेजों के विरुद्ध गतिविधियाँ चलाईं।
👉 इन्हीं में एक दल ने अंग्रेज गवर्नर जनरल लॉर्ड हार्डिंग की हत्या का प्रयास किया।
👉 इस दल का सक्रिय सदस्य जोरावर सिंह था।
👉 उसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ साहसिक योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – जोरावर सिंह
1857 की क्रांति के दौरान देशी रियासतों तथा उनमें पदस्थापित पॉलिटिकल एजेन्ट का निम्न में से कौनसा युग्म असंगत है ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 1857 की क्रांति में हर रियासत में अंग्रेजों ने पॉलिटिकल एजेन्ट नियुक्त किए थे।
👉 कैप्टन जे. डी. हॉल वास्तव में सिरोही रियासत का पॉलिटिकल एजेन्ट था।
👉 इसलिए “बीकानेर – कैप्टन जे. डी. हॉल” का युग्म असंगत माना गया।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर – कैप्टन जे. डी. हॉल
1857 के विद्रोह के समय नसीराबाद में कौन सी सैन्य टुकड़ी तैनात नहीं थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 1857 के विद्रोह के समय नसीराबाद में 72वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री तैनात नहीं थी, यह कथन पूर्णतः सही है।
👉 नसीराबाद में उस समय 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री, 30वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री, तथा प्रथम बंबई लांसर्स की टुकड़ियाँ मौजूद थीं।
👉 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री ने ही नसीराबाद में विद्रोह की शुरुआत की, जिसे अजमेर से यहाँ भेजा गया था।
👉 30वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री भी विद्रोह में सक्रिय रूप से शामिल हो गई थी।
👉 प्रथम बंबई लांसर्स की घुड़सवार टुकड़ी भी नसीराबाद में तैनात थी और घटनाक्रम का हिस्सा बनी।
✍️ सही उत्तर है – 72वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री
1857 की क्रांति में शिवनाथ सिंह ने भूमिका निभाई थी। वह निम्नलिखित में से किस ठिकाने से थे ?
[स्कूल व्याख्याता (पेपर -I) 17.11.2024]
👉 1857 की क्रांति में कई जागीरदारों व ठिकानों ने विद्रोहियों का साथ दिया।
👉 इनमें आसोप ठिकाने के ठाकुर शिवनाथ सिंह भी शामिल थे।
👉 उन्होंने आऊवा के ठाकुर कुशाल सिंह के साथ मिलकर क्रांतिकारियों को नेतृत्व दिया।
👉 शिवनाथ सिंह अपने सैनिकों के साथ एरिनपुरा व आऊवा की क्रांति में सक्रिय रहे।
👉 बाद में अंग्रेजों से पराजय के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया और उनकी जागीर जब्त कर ली गई।
✍️ सही उत्तर है – आसोप
रावत केसरी सिंह 1857 की क्रांति के दौरान किस स्थान के ठिकानेदार थे ?
[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]
👉 1857 की क्रांति में मेवाड़ के कई सामन्तों ने क्रांतिकारियों को सहयोग दिया।
👉 इनमें प्रमुख थे रावत केसरी सिंह, जिन्होंने अंग्रेजों का खुलकर विरोध किया।
👉 वे मेवाड़ रियासत के सलूम्बर ठिकाने के ठिकानेदार थे।
👉 केसरी सिंह ने आऊवा के ठाकुर कुशाल सिंह के संघर्ष में भी सहयोग दिया।
👉 अंग्रेजी दबाव के बावजूद उदयपुर महाराणा ने उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।
✍️ सही उत्तर है – सलूम्बर
निम्नलिखित में से किस स्थान पर 1857 की क्रांति के दौरान मॉक मैसन मारा गया ?
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा (पाली) विद्रोह का सबसे बड़ा केन्द्र बना।
👉 यहाँ ठाकुर कुशालसिंह के नेतृत्व में विद्रोही सैनिकों ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास के युद्ध में जोधपुर का पॉलिटिकल एजेन्ट मोक मैसन मारा गया।
👉 विद्रोहियों ने उसका सिर काटकर आऊवा किले के दरवाजे पर टांग दिया।
✍️ सही उत्तर है – आऊवा
राजस्थान में कहाँ मेहराब खान ने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 1857 की क्रांति में राजस्थान के कोटा राज्य में बड़ा विद्रोह हुआ।
👉 इस विद्रोह का नेतृत्व वकील लाला जयदयाल और रिसालदार मेहराब खाँ ने किया।
👉 15 अक्टूबर 1857 को इन्होंने महाराव रामसिंह द्वितीय को नजरबंद कर दिया।
👉 विद्रोहियों ने कोटा के अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन और उसके पुत्रों की हत्या कर दी।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
1822 में बनायी गई मेरवाड़ा बटालियन का मुख्यालय था -
[Head Master 11.10.2021]
👉 अंग्रेजों ने राजस्थान में नियंत्रण मजबूत करने हेतु कई सैनिक टुकड़ियाँ बनाई।
👉 इन्हीं में 1822 ई. में मेरवाड़ा बटालियन का गठन किया गया।
👉 इस बटालियन का मुख्यालय ब्यावर में स्थापित किया गया।
👉 इसका उपयोग अंग्रेजों ने विद्रोहों को दबाने और सुरक्षा के लिए किया।
✍️ सही उत्तर है – ब्यावर
उस ब्रिटिश अधिकारी का नाम बताइए जिसके शव को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के क्रान्तिकारियों ने आउवा के किले के मुख्य द्वार के सामने लटका दिया था ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में आऊवा (पाली) विद्रोह का बड़ा केंद्र था।
👉 यहाँ ठाकुर कुशालसिंह के नेतृत्व में विद्रोहियों ने अंग्रेजों का कड़ा प्रतिरोध किया।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास के युद्ध में जोधपुर का पॉलिटिकल एजेन्ट कैप्टन मोक मैसन मारा गया।
👉 विद्रोहियों ने उसका शव/सिर काटकर आऊवा किले के मुख्य द्वार पर लटका दिया।
✍️ सही उत्तर है – मोकमेंसन
किस कवि ने अंग्रेजों के समक्ष न झुकने पर सलूंबर रावत केसरी सिंह की प्रशंसा की है ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 1857 की क्रांति के समय सलूंबर ठिकाने के रावत केसरी सिंह अंग्रेजों के सामने कभी नहीं झुके।
👉 उन्होंने अंग्रेजों की नीतियों और संधियों का खुलकर विरोध किया।
👉 इस साहसिक रुख की प्रशंसा कवि राघोदास ने की थी।
👉 राघोदास ने अपनी रचनाओं में केसरी सिंह को वीरता और देशभक्ति का प्रतीक बताया।
✍️ सही उत्तर है – राघोदास
आउवा के ठाकुर खुशालसिंह को किस ठिकाने द्वारा शरण दी गयी ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 विद्रोह असफल होने पर कुशालसिंह ने अन्य जागीरदारों से शरण माँगी।
👉 इस समय कोठारिया ठिकाने के रावत जोधसिंह ने उन्हें शरण दी।
👉 रावत जोधसिंह ने अन्य क्रांतिकारियों जैसे नाना साहब व भीमजी चारण को भी शरण दी थी।
✍️ सही उत्तर है – कोठारिया
राजस्थान में 1857 की क्रान्ति किस स्थान से प्रारंभ हुई ?
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
👉 राजस्थान में 1857 की क्रांति का पहला बिगुल नसीराबाद में बजा।
👉 यहाँ 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री की टुकड़ी तैनात थी।
👉 28 मई 1857 को सैनिकों ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह कर दिया।
👉 विद्रोहियों के द्वारा गोलीबारी की गई जिसमें स्पोटिकवुड व न्यूबरी मारे गए| पैनी की हृदयघात से मृत्यु हो गई एवं लोक व हार्डी घायल हो गये, नसीराबाद से क्रांति का नेतृत्व बख्तावरसिंह ने किया था|
✍️ सही उत्तर है – नसीराबाद
निम्न में से राजस्थान में 1857 की क्रान्ति के दौरान डूंगरपुर रियासत का शासक कौन था ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 1857 की क्रांति के समय डूंगरपुर रियासत का शासक उदयसिंह द्वितीय था।
👉 उसने अंग्रेजों का पूरा सहयोग किया और विद्रोहियों का समर्थन नहीं किया।
👉 डूंगरपुर राज्य भी अंग्रेजी शासन के प्रति निष्ठावान बना रहा।
👉 इसलिए इसे अंग्रेजों का सहयोगी राज्य माना गया।
✍️ सही उत्तर है – उदय सिंह
1857 की क्रांति के समय मेवाड़ के महाराणा कौन थे ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 1857 की क्रांति के समय मेवाड़ का शासक महाराणा स्वरूपसिंह था।
👉 स्वरूपसिंह ने अंग्रेजों का पूरा सहयोग किया और विद्रोहियों को शरण नहीं दी।
👉 उसने अपने जागीरदारों को आदेश दिया कि वे अंग्रेजों की सहायता करें।
👉 नीमच से भागे अंग्रेज परिवारों को उसने पिछोला झील के जगमंदिर में सुरक्षित रखा।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा स्वरूपसिंह
1857 की क्रांति के दौरान जयपुर रियासत में किस परगने के आमिल ईसरदास ने टौंक के नवाब की विद्रोही सेना को सहायता प्रदान की थी ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
1857 में
जयपुर रियासत
में विद्रोह
गतिविधियाँ
हुईं।
👉
ईसरदास
आमिल ने
टौंक की विद्रोही
सेना की
सहायता की।
👉
यह
घटना जयपुर
के हिंडौन
परगने
से संबंधित
थी।
👉
इसलिए
संबंधित स्थान
हिंडौन
है।
✍️ सही उत्तर है – हिंडौन
राजस्थान के किस शासक ने 1857 की क्रान्ति के दौरान अपने राज्य की सीमा के बाहर जाकर अंग्रेजों की सहायता की ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 1857 की क्रांति में अधिकांश राजस्थान के शासकों ने अंग्रेजों का साथ दिया।
👉 बीकानेर के महाराजा सरदार सिंह ने अंग्रेजों की मदद में विशेष भूमिका निभाई।
👉 उन्होंने अपनी सेना लेकर पंजाब के हांसी, हिसार और सिरसा तक जाकर विद्रोहियों को दबाया।
👉 इस प्रकार वे अपने राज्य की सीमा से बाहर जाकर अंग्रेजों के लिए युद्ध करने वाले शासक बने।
👉 अंग्रेजों ने इस निष्ठा के बदले सरदार सिंह को टिब्बी परगने के 41 गाँव उपहार में दिए।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के सरदार सिंह
1857 के विप्लव के समय 'राजपूताना रेजीडेन्सी' में 'एजेन्ट टू दि गवर्नर जनरल' (ए.जी.जी.) कौन थे ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 1857 के विप्लव के समय राजपूताना में अंग्रेजों का सर्वोच्च अधिकारी एजेन्ट टू द गवर्नर जनरल (A.G.G.) नियुक्त था।
👉 यह जिम्मेदारी जार्ज पैट्रिक लॉरेन्स के पास थी, जो पूरे राजपूताना क्षेत्र के अंग्रेजी नियंत्रण और प्रशासन को देखता था।
👉 19 मई 1857 को मेरठ से उठे विद्रोह की सूचना इन्हें माउंट आबू में मिली थी।
👉 लॉरेन्स ने अजमेर पहुँचकर सभी रियासतों, शासकों, सामन्तों और जागीरदारों को आदेश दिया कि वे विद्रोहियों को शरण न दें और उनका कठोर दमन करें।
✍️ सही उत्तर है – पैट्रिक लॉरेन्स
मध्यकालीन राजस्थान में नील की खेती के लिए निम्न में से कौनसा स्थान प्रसिद्ध था ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
👉 मध्यकालीन राजस्थान में कई स्थान विशिष्ट फसलों की खेती के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 इनमें से बयाना नील (Indigo) की खेती का प्रमुख केन्द्र था।
👉 यहाँ उत्पादित नील का उपयोग रंगाई और व्यापार में किया जाता था।
👉 इस कारण बयाना को नील की खेती हेतु राजस्थान का प्रमुख स्थल माना गया।
✍️ सही उत्तर है – बयाना
राजस्थान में 1857 के विद्रोह के निम्नलिखित केन्द्रों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए -
(अ) एरनपुरा
(ब) नीमच
(स) नसीराबाद
(द) आउवा
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 नसीराबाद में 1857 का विद्रोह 28 मई 1857 को प्रारम्भ हुआ और यह राजस्थान का पहला केंद्र था।
👉 इसके बाद नीमच में 3 जून 1857 को विद्रोह हुआ, जो दूसरा प्रमुख विद्रोह-केंद्र बना।
👉 तीसरा विद्रोह 21 अगस्त 1857 को एरिनपुरा छावनी में हुआ, जहाँ सैनिकों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध बगावत की।
👉 आउवा में विद्रोह एरिनपुरा के बाद हुआ, इसलिए यह क्रम में चौथा केंद्र माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – (स), (ब), (अ), (द)
श्यामजी कृष्ण वर्मा के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िए
(i) वे अजमेर म्यूनिसिपल कमेटी के निर्वाचित होने वाले पहले भारतीय चेयरमैन थे।
(ii) उन्होंने महाराणा मेवाड़ के सचिव के रूप में भी सेवा दी थी।
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
सही कूट चुनिए -
👉 श्यामजी कृष्ण वर्मा राजस्थान से जुड़े एक महत्वपूर्ण क्रांतिकारी और जनसेवक थे।
👉 वे अजमेर म्यूनिसिपल कमेटी के पहले निर्वाचित भारतीय चेयरमैन बने।
👉 उन्होंने मेवाड़ के महाराणा के सचिव के रूप में भी कार्य किया।
👉 इस प्रकार दोनों ही कथन सही सिद्ध होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – (i) और (ii) दोनों सही हैं
1857 की क्रांति के समय "एजेंट टू गवर्नर जनरल' (ए.जी.जी.) कौन था ? [*]
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
निम्नलिखित में से किस शासक ने 1857 के विद्रोहियों के दमन हेतु चलाये गये सैनिक अभियान में अंग्रेजों की ओर से सक्रिय भाग लिया था ? [*]
[Research Assistant 24.08.2017]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
मेरठ से 1857 के विप्लव का प्रभाव राजस्थान में निम्नलिखित में से किसके माध्यम से आया ?
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 मेरठ से उठी 1857 की क्रांति की लहर शीघ्र ही राजस्थान पहुँची।
👉 इसका प्रसार यहाँ तैनात सैनिक टुकड़ियों के माध्यम से हुआ।
👉 विशेषकर बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री ने विद्रोह की भावना को आगे बढ़ाया।
👉 नसीराबाद में 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री ने 28 मई 1857 को विद्रोह किया।
✍️ सही उत्तर है – बंगाल नेटिव इन्फैंट्री
रबीन्द्रनाथ टैगोर ने नाईटहुड पुरस्कार विरोध स्वरूप लौटाया था :
[Protection Officer 28.01.2023]
👉 1919 में जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने पूरे भारत को हिला दिया।
👉 इस घटना में जनरल डायर के आदेश पर निहत्थे भारतीयों पर गोलियाँ चलाई गईं।
👉 इस निर्मम हत्याकांड के विरोध में रबीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी नाइटहुड की उपाधि लौटा दी।
👉 टैगोर ने इसे अंग्रेजों की क्रूरता के खिलाफ एक बड़ा प्रतिकार बनाया।
✍️ सही उत्तर है – जलियाँवाला बाग हत्याकांड के
राजस्थान अभिलेखागार द्वारा प्रकाशित पुस्तक '1857 इन राजस्थान' का लेखक है
[RESEARCH OFFICER]
👉 राजस्थान अभिलेखागार ने 1857 की क्रांति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पुस्तक प्रकाशित की।
👉 इस पुस्तक का नाम “1857 इन राजस्थान” है।
👉 इसके लेखक प्रसिद्ध इतिहासकार नाथूराम खड़गावत थे।
👉 उन्होंने इस ग्रंथ में 1857 की क्रांति को सच्चे अर्थों में स्वतंत्रता संग्राम माना।
✍️ सही उत्तर है – नाथूराम खड़गावत
1857 के विद्रोह के दौरान निम्नलिखित में से किस ठिकानेदार ने तांत्या टोपे की सहायता की थी ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 1857 के विद्रोह में कई जागीरदारों और ठिकानेदारों ने अंग्रेजों का विरोध किया।
👉 मेवाड़ के सलूम्बर ठिकाने के रावत केसरीसिंह भी उनमें प्रमुख थे।
👉 रावत केसरीसिंह ने क्रांतिकारी नेता तांत्या टोपे की सहायता की।
👉 उन्होंने आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह के स्वतंत्रता संग्राम में भी योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – सलूम्बर के केसरी सिंह
1857 की क्रांति के दौरान रावत केसरी सिंह निम्न में से किस स्थान के जागीरदार थे ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 1857 की क्रांति के समय मेवाड़ के कई जागीरदारों ने अंग्रेजों का विरोध किया।
👉 इनमें सबसे प्रमुख रावत केसरी सिंह थे।
👉 रावत केसरी सिंह सलूम्बर ठिकाने के जागीरदार थे।
👉 उन्होंने आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
✍️ सही उत्तर है – सलूम्बर
1857 की क्रांति के समय निम्नांकित में से कौन टोंक का नवाब था ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 1857 की क्रांति के समय टोंक रियासत का शासक नवाब वजीरूद्दौला था।
👉 उसने अंग्रेजों का सहयोग किया और उनके पक्ष में रहा।
👉 लेकिन टोंक की सेना का बड़ा भाग उसके मामा मीर आलम खाँ के नेतृत्व में क्रांतिकारियों से मिल गया।
👉 विद्रोहियों ने नगर को घेरकर टोंक पर लगभग 6 माह तक नियंत्रण रखा।
✍️ सही उत्तर है – वजीरूद्दौला
मेवात में 1857 की क्रान्ति के दौरान किसने नेतृत्व प्रदान किया ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 1857 की क्रांति में मेवात क्षेत्र भी अंग्रेजों के खिलाफ सक्रिय रहा।
👉 यहाँ विद्रोह का नेतृत्व सदरूद्दीन ने किया।
👉 सदरूद्दीन ने स्थानीय मेवों को संगठित कर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस प्रकार मेवात की क्रांति का प्रमुख नेता सदरूद्दीन था।
✍️ सही उत्तर है – सदरूद्दीन
निम्नलिखित में से राजस्थान के किस शासक ने 1857 के विद्रोह को दबाने में अंग्रेजों का सहयोग नहीं किया ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 1857 की क्रांति में बीकानेर, जयपुर, अलवर, करौली, मेवाड़ और जोधपुर जैसे शासकों ने अंग्रेजों का पूरा सहयोग किया।
👉 इन शासकों ने अंग्रेजों को सैनिक, धन और रसद सामग्री भेजी।
👉 लेकिन बूंदी के महाराव रामसिंह ने अंग्रेजों का सहयोग नहीं किया।
👉 उन्होंने विद्रोहियों के प्रति सहानुभूति रखी और अंग्रेजों से दूरी बनाए रखी।
✍️ सही उत्तर है – बूंदी के महाराव रामसिंह
1857 ई. के विप्लव के समय नीमच में अंग्रेज सैनिक अधिकारी कौन था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 1857 के विप्लव के समय नीमच छावनी भी एक महत्वपूर्ण केन्द्र थी।
👉 यहाँ का अंग्रेज सैनिक अधिकारी कर्नल एबॉट था।
👉 नसीराबाद विद्रोह की खबर मिलते ही कर्नल एबॉट बेहद भयभीत हो गया।
👉 3 जून 1857 को मोहम्मद अली बेग और हीरासिंह के नेतृत्व में यहाँ विद्रोह हुआ।
✍️ सही उत्तर है – कर्नल एबाट
अभिकथन
(A):
1857 की
क्रांति के
प्रारम्भ होने
पर कमीशनर डिक्सन
ने अजमेर के
शस्त्रागार
और गोलाबारूद
की सुरक्षार्थ
ब्यावर के मेर
रेजीमेन्ट के
सैनिकों को
अजमेर में तैनात
कर दिया।
कारण
(R):
कारतूसों
पर लगी गाय और
सूअर की चर्बी
से उत्पन्न
धार्मिक उन्माद
का इन सैनिकों
पर प्रभाव नहीं
था और ये अधिक
विश्वसनीय
थे।
सही विकल्प चुनें :
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
1857 में
कमीशनर
डिक्सन
ने अजमेर की
सुरक्षा
व्यवस्था
की।
👉
उसने
मेर रेजीमेन्ट
को अजमेर में
तैनात किया।
👉
इन
सैनिकों पर
कारतूस
विवाद
का प्रभाव नहीं
था।
👉
इसलिए
(R)
कथन,
(A) का
सही कारण
है।
✍️ सही उत्तर है – (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही कारण है।
1857 में कोटा में विद्रोह का नेता कौन था ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत में बड़ा विद्रोह हुआ।
👉 इस विद्रोह का मुख्य नेतृत्व वकील लाला जयदयाल ने किया।
👉 उनके साथ रिसालदार मेहराब खाँ भी सक्रिय रूप से जुड़े थे।
👉 विद्रोहियों ने अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन और उसके पुत्रों की हत्या कर दी।
✍️ सही उत्तर है – जयदयाल
1857 के विद्रोह के प्रारम्भ के समय राजस्थान में ब्रिटिश सैनिकों की कितनी छावनियाँ थीं ?
[Asst. Town Planner 16.06.2023]
👉 1857 के विद्रोह के समय राजस्थान में अंग्रेजों की कुल छः सैनिक छावनियाँ थीं।
👉 इनमें नसीराबाद (अजमेर), ब्यावर (मेरवाड़ा) और एरिनपुरा (सिरोही) प्रमुख थीं।
👉 साथ ही देवली (टोंक), खेरवाड़ा (उदयपुर) और नीमच (मालवा-मेवाड़ क्षेत्र) भी शामिल थीं।
👉 इन सभी छावनियों में लगभग 5000 भारतीय सैनिक तैनात थे और केवल 30 अंग्रेज अधिकारी थे।
✍️ सही उत्तर है – छह
1857 के विद्रोह के दौरान, मेजर बर्टन और उसके दो पुत्र कहाँ पर मारे गए थे ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 1857 की क्रांति के दौरान कोटा रियासत में भीषण विद्रोह हुआ।
👉 विद्रोहियों ने महाराव रामसिंह द्वितीय को नजरबंद कर लिया।
👉 15 अक्टूबर 1857 को अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन और उसके दो पुत्रों की हत्या कर दी गई।
👉 विद्रोहियों ने बर्टन की गर्दन काटकर पूरे नगर में घुमाई।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
1857 का विद्रोह राजस्थान में किस स्थान से प्रारम्भ हुआ था ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 1857 का विद्रोह राजस्थान में सबसे पहले नसीराबाद से शुरू हुआ।
👉 यहाँ 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री की टुकड़ी तैनात थी।
👉 28 मई 1857 को इन सैनिकों ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 विद्रोहियों ने छावनी के तोपखाने पर कब्जा कर लिया और क्रांति की शुरुआत की।
✍️ सही उत्तर है – नसीराबाद
1857 क्रांति के समय करौली का शासक था :
[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]
👉 1857 की क्रांति में करौली रियासत अंग्रेजों की सहयोगी रही।
👉 इस समय करौली का शासक महाराजा मदनपाल था।
👉 मदनपाल ने कोटा के महाराव को मुक्त कराने हेतु अंग्रेजों को सैनिक सहायता भेजी।
👉 अंग्रेजों ने इस मदद के बदले उसे जी.सी.आई. की उपाधि और 17 तोपों की सलामी दी।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा मदन पाल
1857 ई. के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई और तात्यां टोपे को अपनी सेनाओं के वेतन और रसद हेतु धन किसने उपलब्ध करवाया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 1857 ई. के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में कई देशभक्त क्रांतिकारियों को धन की आवश्यकता थी।
👉 झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और क्रांतिकारी तात्यां टोपे को सेना के वेतन और रसद की जरूरत थी।
👉 बीकानेर के प्रसिद्ध व्यापारी सेठ अमरचन्द बांठिया ने उन्हें धन उपलब्ध करवाया।
👉 अंग्रेजों ने बाद में अमरचन्द बांठिया को फाँसी दे दी और उन्हें राजस्थान का दूसरा भामाशाह कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – सेठ अमरचन्द बांठिया
1857 की क्रान्ति के समय कोटा का पोलिटिकल एजेण्ट कौन था ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 1857 की क्रांति के दौरान कोटा रियासत में अंग्रेजों का पॉलिटिकल एजेन्ट तैनात था।
👉 यह पद उस समय मेजर बर्टन के पास था।
👉 15 अक्टूबर 1857 को कोटा में हुए विद्रोह में उनकी हत्या कर दी गई।
👉 विद्रोहियों ने मेजर बर्टन और उसके दोनों पुत्रों को मार डाला।
✍️ सही उत्तर है – मेजर बर्टन
नसीराबाद में 1857 की क्रान्ति हुई थी
[SI (मोटर वाहन) 2013]
👉 राजस्थान में 1857 की क्रांति का प्रथम बिगुल नसीराबाद से बजा।
👉 यहाँ 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री की टुकड़ी तैनात थी।
👉 28 मई 1857 को सैनिकों ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 विद्रोहियों ने छावनी के तोपखाने पर अधिकार कर लिया।
✍️ सही उत्तर है – 28 मई को
कंपनी अधिकारी, जिसकी 1857 की क्रान्ति के दौरान कोटा में हत्या की गई थी -
[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत भी विद्रोह की लपटों में घिरी।
👉 यहाँ जनता और सेना ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस दौरान कंपनी अधिकारी मेजर बर्टन को निशाना बनाया गया।
👉 विद्रोहियों ने मेजर बर्टन और उसके दोनों पुत्रों की हत्या कर दी।
✍️ सही उत्तर है – मेजर बर्टन
क्रान्ति के पश्चात् जयपुर व बीकानेर के शासकों को उनके द्वारा दी गयी निष्ठा सेवाओं के लिये पुरस्कृत किया
[RESEARCH OFFICER]
👉 जयपुर शासन को परगना कोटपूतली वह सीतार ए हिंद की उपाधि दी गई थी| 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने अपने वफादार राजाओं को पुरस्कृत किया।
👉 जयपुर और बीकानेर के शासकों ने अंग्रेजों की सक्रिय सहायता की थी।
👉 उनकी निष्ठा सेवाओं के बदले अंग्रेजों ने इन्हें पुरस्कार प्रदान किए।
👉 जयपुर को परगना कोटकासिम और बीकानेर को हिसार के गाँव दिए गए।
✍️ सही उत्तर है – परगना कोटकासिम एवं हिसार के गाँव देकर
1857 ई. में राजपूताना की छः ब्रिटिश छावनियों में से कौन सी सबसे शक्तिशाली छावनी थी ?
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 1857 ई. में राजपूताना में कुल छः ब्रिटिश छावनियाँ स्थापित थीं।
👉 इनमें नसीराबाद, ब्यावर, एरिनपुरा, देवली, खेरवाड़ा और नीमच प्रमुख थीं।
👉 इन छावनियों में सबसे शक्तिशाली छावनी नसीराबाद की मानी जाती थी।
👉 यहाँ भारी मात्रा में गोला-बारूद, सरकारी खजाना और 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री तैनात थी।
✍️ सही उत्तर है – नसीराबाद
अक्टूबर, 1857 में विद्रोह के समय कोटा में अंग्रेज पोलिटीकल एजेन्ट कौन था ?
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
👉 अक्टूबर 1857 में कोटा रियासत में बड़ा विद्रोह हुआ।
👉 इस समय कोटा का अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर बर्टन था।
👉 15 अक्टूबर 1857 को विद्रोहियों ने महाराव रामसिंह द्वितीय को नजरबंद कर दिया।
👉 इसी विद्रोह में मेजर बर्टन और उसके दोनों पुत्रों की हत्या कर दी गई।
✍️ सही उत्तर है – मेजर बर्टन
सन् 1857 ई. के विद्रोह के समय राजस्थान में सैनिक छावनियाँ थी-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 सन् 1857 ई. के विद्रोह के समय राजस्थान में कुल 6 सैनिक छावनियाँ थीं।
👉 इनमें नसीराबाद (अजमेर), ब्यावर (मेरवाड़ा), एरिनपुरा (सिरोही) शामिल थीं।
👉 साथ ही देवली (टोंक), खेरवाड़ा (उदयपुर) और नीमच (मालवा-मेवाड़ क्षेत्र) भी थीं।
👉 इन छावनियों में लगभग 5000 भारतीय सैनिक तैनात थे और 30 अंग्रेज अधिकारी थे।
✍️ सही उत्तर है – 6
अंग्रेज कप्तान जिसका शव आउवा किले के बाहर लटका दिया गया
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा (पाली) विद्रोह का सबसे बड़ा केन्द्र बना।
👉 यहाँ ठाकुर कुशालसिंह और विद्रोही सैनिकों ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास के युद्ध में जोधपुर का अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट कैप्टन मोक मैसन मारा गया।
👉 विद्रोहियों ने उसका शव / सिर काटकर आऊवा किले के दरवाजे पर लटका दिया।
✍️ सही उत्तर है – मोकमेसन
मेहराबखाँ ने किस स्थान से 1857 के विद्रोह का संचालन किया था ?
[SI (मोटर वाहन) 2013]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत एक बड़ा केंद्र बनी।
👉 यहाँ विद्रोह का नेतृत्व वकील लाला जयदयाल और रिसालदार मेहराब खाँ ने किया।
👉 15 अक्टूबर 1857 को विद्रोहियों ने अंग्रेज मेजर बर्टन और उसके पुत्रों की हत्या की।
👉 इस प्रकार मेहराब खाँ ने कोटा से विद्रोह का संचालन किया।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
1857 की क्रान्ति के पश्चात् जोनाथन पील की अध्यक्षता में गठित आयोग का उद्देश्य क्या था ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने अपनी सैन्य नीति की कमियों को पहचाना।
👉 इस आयोग का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना का पुनर्गठन करना था।
👉 आयोग ने भारतीयों और अंग्रेजों की संख्या का अनुपात तय किया।
✍️ सही उत्तर है – सैन्य पुनर्गठन
1857 ई. के स्वतन्त्रता संग्राम के समय राजस्थान का ए. जी. जी. कौन था
[AEN Pre. 2013]
👉 1857 ई. के स्वतंत्रता संग्राम के समय राजपूताना में अंग्रेजों का सर्वोच्च अधिकारी एजेन्ट टू गवर्नर जनरल (A.G.G.) था।
👉 यह जिम्मेदारी जार्ज पैट्रिक लॉरेन्स के पास थी।
👉 19 मई 1857 को मेरठ से क्रांति की सूचना इन्हें माउंट आबू में मिली।
👉 लॉरेन्स ने अजमेर पहुँचकर सभी राजाओं और सामन्तों को आदेश दिया कि वे अंग्रेजों की सहायता करें और विद्रोहियों का दमन करें।
✍️ सही उत्तर है – जार्ज पैट्रिक लारेंस
किस राज्य के शासक ने 1857 की क्रांति के दौरान अपनी महारानी की सुरक्षा के लिए मेवाड़ महाराणा से सहायता मांगी ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 1857 की क्रांति में कोटा रियासत में बड़ा विद्रोह हुआ।
👉 विद्रोहियों ने महाराव रामसिंह द्वितीय को नजरबंद कर दिया और अंग्रेज अधिकारियों की हत्या की।
👉 इस स्थिति में महाराव रामसिंह ने अपनी महारानी की सुरक्षा के लिए सहायता माँगी।
👉 उन्होंने मेवाड़ के महाराणा स्वरूपसिंह से रानी को उदयपुर भेजने की प्रार्थना की।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
1857 की क्रान्ति के समय सबसे अधिक प्रभावित होने वाला राजूपत राज्य था [*]
[RESEARCH OFFICER]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
नसीराबाद में विद्रोह करने वाली रेजिमेंट थी :
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 1857 की क्रांति का पहला विद्रोह राजस्थान में नसीराबाद छावनी से शुरू हुआ।
👉 यहाँ 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री की रेजिमेंट तैनात थी।
👉 28 मई 1857 को इन सैनिकों ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 विद्रोहियों ने छावनी के तोपखाने पर अधिकार कर लिया।
✍️ सही उत्तर है – 15 वीं नेटिव इन्फेंट्री
1857 के विद्रोह की शुरुआत के समय उदयपुर ब्रिटिश रेसिडेन्ट (एजेन्ट) कौन था ?
[स्कूल व्याख्याता 06.01.2020]
👉 1857 की क्रांति की शुरुआत में मेवाड़ रियासत अंग्रेजों की सहयोगी थी।
👉 इस समय उदयपुर में अंग्रेजों का पॉलिटिकल एजेन्ट / रेजिडेन्ट नियुक्त था।
👉 यह जिम्मेदारी कैप्टन सी. एल. शॉवर्स के पास थी।
👉 शॉवर्स ने नीमच से भागे अंग्रेज परिवारों को सुरक्षित जगमंदिर (पिछोला झील) में ठहराया।
✍️ सही उत्तर है – कैप्टन शॉवर्स
1857 की आऊवा की क्रान्ति के बाद ठाकुर कुशाल सिंह को निम्नांकित जागीरदारों में से किसने अपने यहाँ शरण दी ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 1857 की आऊवा की क्रांति में ठाकुर कुशाल सिंह ने विद्रोहियों का नेतृत्व किया।
👉 अंग्रेजों ने आऊवा किले को बारूद से उड़ाकर तहस-नहस कर दिया।
👉 इस स्थिति में कुशाल सिंह ने मेवाड़ की ओर जाकर शरण ली।
👉 उन्हें सबसे पहले कोठारिया के रावत जोध सिंह ने अपने यहाँ आश्रय दिया।
👉 रावत जोध सिंह ने नाना साहब और तांत्या टोपे जैसे क्रांतिकारियों को भी शरण दी थी।
✍️ सही उत्तर है – कोठारिया के रावत जोध सिंह
1857 की क्रांति के समय बड़लू का युद्ध किनके बीच हुआ था ?
[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]
👉 1857 की क्रांति के समय राजस्थान में कई युद्ध हुए।
👉 इस युद्ध में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों और उनके सहयोगियों को कड़ी चुनौती दी।
👉 बड़लू का युद्ध राजस्थान की क्रांति का एक महत्वपूर्ण प्रसंग माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ एवं आसोप
जयदयाल एवं मेहराब खाँ ने 1857 के विप्लव का नेतृत्व कहाँ किया था?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 1857 के विप्लव में कोटा रियासत प्रमुख केन्द्र रहा।
👉 यहाँ जनता और राजकीय सेना ने मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 इस विद्रोह का नेतृत्व वकील लाला जयदयाल और रिसालदार मेहराब खाँ ने किया।
👉 इन्होंने 15 अक्टूबर 1857 को पॉलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन व उसके पुत्रों की हत्या कर दी।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
1857 की क्रान्ति के समय किस पोलिटिकल ऐजेंट का सिर काटकर आऊवा के किले के दरबाजे पर लटका दिया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह ने विद्रोहियों का नेतृत्व किया।
👉 18 सितम्बर 1857 को चेलावास के युद्ध में अंग्रेज व जोधपुर की संयुक्त सेना आई।
👉 इस संघर्ष में जोधपुर का पॉलिटिकल एजेन्ट कैप्टन मोक मैसन मारा गया।
👉 विद्रोहियों ने उसका सिर काटकर आऊवा किले के दरवाजे पर लटका दिया।
✍️ सही उत्तर है – मैक मेसन
1857 के विप्लव के दौरान निम्न विद्रोह-स्थलों को विद्रोह फैलने के अनुसार कालानुक्रमिक रूप से व्यवस्थित कीजिए -
(A) मेरठ (B) बरेली
(C) झांसी (D) कोटा
अपना उत्तर निम्न संकेतों में से चुनें-
[स्कूल व्याख्याता 06.01.2020]
👉 1857 की क्रांति की शुरुआत सबसे पहले मेरठ (A) से 10 मई 1857 को हुई।
👉 इसके बाद विद्रोह की अग्नि बरेली (B) तक पहुँची।
👉 तत्पश्चात झाँसी (C) में रानी लक्ष्मीबाई ने विद्रोह का नेतृत्व किया।
👉 अंत में राजस्थान के कोटा (D) में 15 अक्टूबर 1857 को विद्रोह हुआ।
✍️ सही उत्तर है – A B C D
फ़ैज़ल अली खान, जिसने 1857 की क्रांति के दौरान मुगल बादशाह के पुत्र को सैन्य सहायता प्रदान की थी, संबद्ध था
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 1857 की क्रांति में कई ठिकानों के जागीरदारों ने विद्रोहियों को सहयोग दिया।
👉 इन्हीं में डुंडलोद ठिकाने के फ़ैज़ल अली खाँ भी प्रमुख थे।
👉 फ़ैज़ल अली खाँ ने मुगल बादशाह बहादुरशाह ज़फर के पुत्र को सैन्य सहायता दी।
👉 इस सहयोग ने डुंडलोद ठिकाने की क्रांतिकारी भूमिका को उजागर किया।
✍️ सही उत्तर है – डुंडलोद ठिकाने से
1857 के विद्रोह के समय आउआ के ठाकुर कुशालसिंह को मेवाड़ के किस स्थान के सामन्त ने अपने यहाँ शरण दी ?
[स्कूल व्याख्याता 2011]
👉 1857 के विद्रोह में आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध बड़ा संग्राम किया।
👉 विद्रोह असफल होने पर वे कई जागीरदारों से शरण मांगते रहे।
👉 मेवाड़ में कोठारिया ठिकाने के रावत जोधसिंह ने उन्हें शरण दी।
👉 रावत जोधसिंह ने अन्य क्रांतिकारियों जैसे नाना साहब और भीमजी चारण को भी शरण दी थी।
✍️ सही उत्तर है – कोठारिया
1857 के स्वतन्त्रता संघर्ष के समय मेवाड़ का पॉलिटिकल एजेण्ट था -
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम के समय मेवाड़ अंग्रेजों का सहयोगी रहा।
👉 यहाँ का अंग्रेज पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर सी.एल. शॉवर्स था।
👉 शॉवर्स ने महाराणा स्वरूपसिंह की सहायता से नीमच से भागे अंग्रेज परिवारों को सुरक्षित पहुँचाया।
👉 इन्हें पिछोला झील के जगमंदिर में ठहराया गया और उनकी देखभाल की गई।
✍️ सही उत्तर है – मेजर शॉवर्स
1857 की क्रान्ति में अंग्रेज एवं जोधपुर राज्य की संयुक्त सेना को किसने पराजित किया था
[स्कूल व्याख्याता 2013]
👉 1857 की क्रांति में आऊवा के ठाकुर कुशालसिंह विद्रोहियों के प्रमुख नेता बने।
👉 8 सितम्बर 1857 को बिथोड़ा के युद्ध में अंग्रेजों और जोधपुर की संयुक्त सेना आई।
👉 ठाकुर कुशालसिंह ने अपने साहस और रणनीति से इस सेना को पराजित किया।
👉 युद्ध में अंग्रेज अधिकारी हीथकोट और जोधपुर के सेनापति अनाड़सिंह पंवार मारे गए।
✍️ सही उत्तर है – ठाकुर कुशालसिंह ने
निम्न में से कौनसी सैनिक छावनी राजपूताना स्थित नहीं थी ?
[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]
👉 1857 की क्रांति के समय राजपूताना में कुल 6 प्रमुख छावनियाँ थीं।
👉 इनमें नसीराबाद, ब्यावर, एरिनपुरा, देवली, खेरवाड़ा और नीमच शामिल थीं।
👉 इन छावनियों में लगभग 5000 भारतीय सैनिक तैनात थे और 30 अंग्रेज अधिकारी थे।
👉 टोंक मुस्लिम रियासत थी|, स्वतंत्र सैनिक छावनी यहाँ स्थापित नहीं थी।
✍️ सही उत्तर है – टोंक
1857 के विद्रोह के समय राजपूताना के ए. जी. जी कौन थे ?
[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]
👉 1857 के विद्रोह के समय राजपूताना में अंग्रेजों का सर्वोच्च अधिकारी ए.जी.जी. नियुक्त था।
👉 यह जिम्मेदारी जॉर्ज पैट्रिक लॉरेन्स के पास थी।
👉 19 मई 1857 को मेरठ से क्रांति की सूचना इन्हें माउंट आबू में मिली।
👉 लॉरेन्स ने अजमेर पहुँचकर सभी रियासतों को विद्रोह दबाने का आदेश दिया।
✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज पी. लॉरेन्स
राजस्थान में 1857 की क्रांति के समय सिरोही रियासत का राजनीतिक एजेंट कौन था ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 1857 की क्रांति के समय सिरोही रियासत अंग्रेजों की सहयोगी रही।
👉 यहाँ अंग्रेजों ने नियंत्रण हेतु अपना पॉलिटिकल एजेन्ट नियुक्त किया था।
👉 यह पद उस समय कैप्टन जे. डी. हॉल के पास था।
👉 उसने विद्रोह के समय अंग्रेजी सत्ता को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
✍️ सही उत्तर है – कैप्टन हॉल
राजस्थान में 1857 की क्रांति का आरम्भ्र हुआ था :
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 राजस्थान में 1857 की क्रांति की शुरुआत नसीराबाद छावनी से हुई।
👉 यहाँ 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैन्ट्री की टुकड़ी तैनात थी।
👉 28 मई 1857 को सैनिकों ने अंग्रेज अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 विद्रोहियों ने छावनी के तोपखाने पर कब्जा कर अंग्रेजों को पराजित किया।
✍️ सही उत्तर है – 28 मई 1857 को