चित्तोड़गढ़ स्थित विजय स्तम्भ (कीर्ति स्तम्भ) के निर्माता हैं
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 चित्तौड़गढ़ में स्थित विजय स्तम्भ को कीर्ति स्तम्भ भी कहा जाता है।
👉 इसका निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा ने करवाया।
👉 1437 ई. में सारंगपुर के युद्ध में महमूद खिलजी प्रथम को हराने की स्मृति में इसे बनाया गया।
👉 1440 से 1448 ई. के बीच यह विशाल स्तम्भ पूर्ण हुआ।
👉 इसे मूर्तिकला का विश्वकोश माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा
खानवा के युद्ध में बाबर के विरुद्ध राणा सांगा के पक्ष में कौन नहीं लड़ रहा था ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 1527 ई. के खानवा युद्ध में राणा सांगा ने अनेक राजपूतों को संगठित किया।
👉 इसमें मेदिनी राय, हसन खाँ मेवाती, राव रायमल जैसे अनेक सरदार शामिल थे।
👉 साथ ही जाला अज्जा, अखैराज सोनगरा, कुँवर कल्याणमल आदि ने भी भाग लिया।
👉 लेकिन विकल्पों में दिया गया सूर्यमल इस युद्ध में सम्मिलित नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – सूर्यमल
खानवा के युद्ध में किन निम्नलिखित राजपूत/मुस्लिम योद्धाओं ने बाबर के विरुद्ध महाराणा सांगा के पक्ष में भाग लिया था?
(i) महमूद लोदी
(ii) रावल उदय सिंह
(iii) हसन खां मेवाती
(iv) गोकुल दास परमार
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
कूट:
👉 1527 ई. के खानवा युद्ध में राणा सांगा के पक्ष में कई योद्धा शामिल हुए।
👉 इसमें महमूद लोदी ने बाबर के विरुद्ध युद्ध किया।
👉 हसन खाँ मेवाती भी सांगा के साथ वीरतापूर्वक लड़े।
👉 रावल उदयसिंह (वागड़) ने भी युद्ध में भाग लिया।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) (iii) एवं (iv)
महाराणा प्रताप के शासन काल में कौनसी नयी चित्रकला शैली प्रारम्भ हुई थी ?
[SI (मोटर वाहन) 2013]
👉 महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी युद्ध के बाद अपनी नई राजधानी चावण्ड बसाई।
👉 प्रताप के समय मेवाड़ में एक नई चित्रकला शैली का विकास हुआ।
👉 इस शैली को चावण्ड शैली कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – चावण्ड
मेवाड़ के शासक का नाम बताइए जिसने चित्तौड़ को समाधिश्वर के मंदिर का जीर्णोद्धार करवाकर पूर्व मध्यकालीन तक्षण कला को जीवित रखा।
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा मोकल (1421–1433 ई.) कला-प्रेमी थे।
👉 उन्होंने चित्तौड़ में स्थित त्रिभुवन नारायण मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया।
👉 इस मंदिर को बाद में समिद्धेश्वर / समाधिश्वर मंदिर कहा जाने लगा।
👉 मोकल के इस कार्य से पूर्व मध्यकालीन तक्षण कला को पुनः जीवन मिला।
👉 इसलिए यह श्रेय महाराणा मोकल को दिया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा मोकल
निम्नांकित में से कौनसा विद्वान, गुहिलोतों की ब्राह्मण उत्पत्ति के सिद्धान्त के विरुद्ध है ?
[स्कूल व्याख्याता 2013]
👉 गुहिल वंश की उत्पत्ति को लेकर अनेक मत प्रचलित हैं
👉 डी. आर. भण्डारकर, नैणसी और डॉ. गोपीनाथ शर्मा ने इन्हें ब्राह्मण वंशी माना
👉 ‘कुंभलगढ़ प्रशस्ति’ और ‘एकलिंग महात्म्य’ भी इन्हें आनंदपुर के ब्राह्मण वंश से जोड़ते हैं
👉 लेकिन डॉ. जी. एच. ओझा ने गुहिलों को 566 ई. के आसपास क्षत्रिय शासक माना
✍️ सही उत्तर है – जी. एच. ओझा
निम्नलिखित में से किस लड़ाई में महाराणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को हराया था ?
[LDC (RPSC) 23.10.2016]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा सांगा ने दिल्ली के सुल्तान इब्राहीम लोदी से संघर्ष किया।
👉 यह संघर्ष 1517 ई. में खातौली (कोटा क्षेत्र) के पास हुआ।
👉 युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को पराजित किया।
👉 इस विजय से राणा सांगा की प्रतिष्ठा और शक्ति अत्यधिक बढ़ी।
👉 इसके बाद वे उत्तर भारत के एक प्रमुख शासक बन गए।
✍️ सही उत्तर है – खातौली का युद्ध
राणा प्रताप की मृत्यु के बाद उनका स्मारक बनाया गया था -
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 महाराणा प्रताप का निधन 19 जनवरी, 1597 ई. को हुआ।
👉 उनका देहावसान चावण्ड के पास बान्दोली में हुआ था।
👉 यहाँ उनका अग्नि संस्कार भी सम्पन्न किया गया।
👉 प्रताप की स्मृति में यहीं पर उनका स्मारक बनाया गया।
👉 यह स्थल आज भी प्रताप की वीरता और त्याग का प्रतीक है।
✍️ सही उत्तर है – बान्दोली में
अकबर ने प्रताप से समझौते के प्रयास में चार शिष्टमण्डल भेजें। निम्न में से किसने शिष्टमण्डल का नेतृत्व नहीं किया ?
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 महाराणा प्रताप को अधीन करने हेतु अकबर ने चार शिष्टमण्डल भेजे।
👉 इनका नेतृत्व क्रमशः जलाल खाँ, मानसिंह, भगवानदास और टोडरमल ने किया।
👉 इन सभी का उद्देश्य प्रताप को संधि और अधीनता स्वीकार कराना था।
👉 लेकिन प्रताप ने इन सभी प्रस्तावों को दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – अबुल फज़ल
निम्न में से किस मेवाड़ के शासक ने चित्तौड़गढ़ किले की मरम्मत करायी थी ?
[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा जगतसिंह प्रथम (1628–1652 ई.) कला-प्रेमी थे।
👉 उन्होंने उदयपुर में जगदीश मंदिर और पिछोला झील में जगनिवास महल बनवाए।
👉 उनके समय में चित्तौड़गढ़ दुर्ग की मरम्मत का कार्य भी प्रारम्भ करवाया गया।
👉 इस कार्य से चित्तौड़गढ़ दुर्ग की सुरक्षा और महत्ता पुनः स्थापित हुई।
👉 इसलिए दुर्ग की मरम्मत का श्रेय महाराणा जगतसिंह प्रथम को दिया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा जगतसिंह
किस राजपूत सरदार ने खानवा के युद्ध में राणा सांगा के घायल हो जाने के बाद उनका राज- चिह्न धारण करके युद्ध जारी रखा था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 1527 ई. के खानवा युद्ध में राणा सांगा गंभीर रूप से घायल हो गए।
👉 उनके घायल होने पर सेना का मनोबल गिरने लगा।
👉 इस समय राजपूत सरदार झाला अज्जा आगे आए।
👉 उन्होंने राणा सांगा का राज-चिह्न धारण कर युद्ध जारी रखा।
✍️ सही उत्तर है – झाला अज्जा
निम्नलिखित में से किस राजपूत शासक ने मुगल बादशाह के खिलाफ विद्रोह किया ?
[Protection Officer 28.01.2023]
👉 मुगल काल में कई राजपूत शासकों ने सम्राटों की नीतियों का विरोध किया।
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) ने औरंगज़ेब की नीतियों के खिलाफ विद्रोह किया।
👉 उन्होंने जज़िया कर और धार्मिक अत्याचारों का कड़ा प्रतिरोध किया।
👉 राजसिंह ने मारवाड़ के साथ मिलकर मुगलों से संघर्ष किया।
👉 उन्होंने अपनी वीरता और नीतियों से मेवाड़ की स्वतंत्रता बनाए रखी।
✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ के महाराणा राजसिंह
निम्नलिखित किस राजपूत शासक द्वारा औरंगजेब के विरुद्ध विद्रोह किया गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 मुगल सम्राट औरंगज़ेब के समय मेवाड़ में संघर्ष की स्थिति बनी।
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) ने औरंगज़ेब की नीतियों का विरोध किया।
👉 उसने मारवाड़ के साथ मिलकर मुगलों के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 राजसिंह ने मुगल सेना से संघर्ष करते हुए मेवाड़ की स्वतंत्रता बनाए रखी।
👉 उसने शाहजादे अकबर को भी अपने पक्ष में लेकर औरंगज़ेब को चुनौती दी।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा राजसिंह
निम्न में से कौनसा शासक महाराणा जगतसिंह के पश्चात मेवाड़ की गद्दी पर बैठा ?
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
👉 महाराणा जगतसिंह प्रथम (1628–1652 ई.) ने मेवाड़ पर शासन किया।
👉 उसने उदयपुर में जगदीश मंदिर और पिछोला झील में जगनिवास महल बनवाए।
👉 1652 ई. में उसकी मृत्यु के बाद गद्दी खाली हुई।
👉 उसके उत्तराधिकारी के रूप में महाराणा राजसिंह मेवाड़ का शासक बना।
👉 राजसिंह ने मेवाड़ में राजसमंद झील और राजप्रशस्ति शिलालेख का निर्माण कराया।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा राजसिंह
राणा कुम्भा की हत्या हुई -
[Head Master 11.10.2021]
👉 महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) मेवाड़ का पराक्रमी शासक था।
👉 उसने कला, साहित्य और संगीत को विशेष संरक्षण दिया।
👉 जीवन के अंतिम दिनों में उसे उन्माद रोग हो गया था।
👉 1468 ई. में उसके पुत्र ऊदा ने उसकी हत्या कर दी।
👉 यह घटना कुम्भलगढ़ दुर्ग में घटित हुई।
✍️ सही उत्तर है – कुम्भलगढ़ में
चितौड़ का राणा रतनसिंह था -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 राणा रतनसिंह मेवाड़ की गुहिल वंश की रावल शाखा का शासक था।
👉 1303 ई. में दिल्ली सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 इस आक्रमण में राणा रतनसिंह ने वीरता से युद्ध किया और वीरगति को प्राप्त हुआ।
👉 उनकी रानी पद्मिनी ने 1600 क्षत्राणियों के साथ जौहर किया।
👉 इस घटना को चित्तौड़ का पहला साका कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गुहिल वंशीय
हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना में हरावल का नेतृत्व कौन कर रहा था ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
👉 18 जून, 1576 ई. को हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा गया।
👉 यह युद्ध महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुआ।
👉 प्रताप की सेना में अग्रिम दस्ता यानी हरावल की कमान हकीम खाँ सूरी के हाथ में थी।
👉 उनके नेतृत्व में मेवाड़ी सैनिकों ने मुगल सेना की अग्रिम पंक्ति को तोड़ दिया।
👉 इस आक्रमण से मुगल सेना प्रारंभ में भयभीत होकर पीछे हटी।
✍️ सही उत्तर है – हकीम खाँ सूरी
खानवा के युद्ध में निम्न में से किसने राणासांगा का पक्ष बदल कर बाबर का साथ दिया ?
👉 17 मार्च, 1527 ई. को खानवा का युद्ध हुआ।
👉 यह युद्ध राणा सांगा और बाबर के बीच लड़ा गया।
👉 युद्ध के दौरान कुछ राजपूत सरदारों ने राणा सांगा का साथ छोड़ा।
👉 इनमें प्रमुख सलहदी तंवर था जिसने बाबर का साथ दिया।
👉 इस विश्वासघात से राणा सांगा की पराजय निश्चित हो गई।
✍️ सही उत्तर है – सलहदी तंवर
निम्नलिखित में से किस राजपूत शासक ने 'विजय कटकातु' की उपाधि धारण की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) पराक्रमी और दूरदर्शी थे।
👉 उन्होंने अकाल निवारण हेतु राजसमंद झील और राजप्रशस्ति शिलालेख बनवाए।
👉 उन्होंने मुगलों और औरंगज़ेब की कठोर नीतियों का विरोध किया।
👉 सैनिक और नैतिक प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने हेतु उन्होंने ‘विजय कटकातु’ की उपाधि धारण की।
👉 इस उपाधि से उनकी वीरता और प्रेरणा झलकती है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा राजसिंह
"पद्मावत" के रचनाकार है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 इस आक्रमण को बाद में कवियों और इतिहासकारों ने वर्णित किया।
👉 1540 ई. में मलिक मोहम्मद जायसी ने ‘पद्मावत’ ग्रंथ की रचना की।
👉 इसमें रानी पद्मिनी के जौहर और अलाउद्दीन के आक्रमण का उल्लेख है।
👉 यह कृति हिंदी-उर्दू साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण रचना मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मलिक मोहम्मद जायसी
निम्नांकित में से कौन सा कथन असत्य है ?
[LDC (RPSC) 2011]
👉 खानवा का युद्ध मुगल शासक बाबर और मेवाड़ के राणा सांगा के बीच हुआ।
👉 यह निर्णायक युद्ध 17 मार्च, 1527 ई. को लड़ा गया।
👉 युद्ध में बाबर ने तोपखाने और तुलुगमा पद्धति का उपयोग किया।
👉 राणा सांगा गंभीर रूप से घायल हुए और युद्ध का नेतृत्व अस्थिर हो गया।
👉 अंततः इस युद्ध में बाबर विजयी रहा।
✍️ सही उत्तर है – खानवा का युद्ध बाबर और साँगा के बीच 1528 ई. में लड़ा गया।
शासक बनने से पहले कौन कीका के नाम से जाना जाता था ?
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
👉 महाराणा प्रताप (1572–1597 ई.) मेवाड़ के सर्वाधिक सम्मानीय शासक थे।
👉 उनका जन्म 9 मई, 1540 ई. को कुम्भलगढ़ दुर्ग में हुआ।
👉 1576 ई. में उन्होंने अकबर की सेना से हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा।
👉 कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने मुगलों की अधीनता अस्वीकार की।
👉 19 जनवरी, 1597 ई. को उनका देहावसान चावण्ड के पास बाण्डोली गाँव में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा प्रताप
खानवा के युद्ध में महाराणा संग्राम सिंह की सेना में कौन शामिल नहीं था
[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]
👉 1527 ई. में खानवा का युद्ध राणा सांगा और बाबर के बीच लड़ा गया।
👉 राणा सांगा की सेना में मेदिनीराय, हसन खाँ मेवाती, राव रायमल सहित अनेक राजपूत सरदार शामिल थे।
👉 साथ ही झाला अज्जा, अखैराज सोनगरा और कुँवर कल्याणमल ने भी भाग लिया।
👉 लेकिन विकल्पों में दिया गया हाकिम खाँ सूर इस युद्ध में सम्मिलित नहीं था।
👉 वह तो बाद में हल्दीघाटी युद्ध (1576 ई.) में प्रताप के साथ लड़ा था।
✍️ सही उत्तर है – हाकिम खाँ सूर
निम्नांकित में से कौन सा युद्ध महाराणा सांगा और बाबर के मध्य हुआ था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा सांगा और मुगल शासक बाबर आमने-सामने हुए।
👉 यह युद्ध 17 मार्च, 1527 ई. को खानवा के मैदान में लड़ा गया।
👉 बाबर ने इसमें तोपखाने और तुलुगमा युद्ध पद्धति अपनाई।
👉 राणा सांगा युद्ध में गंभीर घायल हो गए और पीछे हटा दिए गए।
👉 अंततः इस युद्ध में बाबर को विजय प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – खानवा का युद्ध
महाराणा प्रताप ने चावण्ड को अपनी राजधानी बनाया, जो मेवाड़ की राजधानी रहा :
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 हल्दीघाटी युद्ध (1576 ई.) के बाद भी महाराणा प्रताप ने संघर्ष जारी रखा।
👉 अकबर की घेराबंदी से बचने के लिए उन्होंने चावण्ड को राजधानी बनाया।
👉 1585 ई. से प्रताप ने यहीं से मेवाड़ का शासन चलाया।
👉 उन्होंने चावण्ड से छापामार युद्ध की रणनीति अपनाकर मुगलों को परास्त किया।
👉 19 जनवरी, 1597 ई. को चावण्ड के पास ही उनका देहावसान हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1615 तक
निम्नलिखित में से किस स्थान पर महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक हुआ था ?
[LDC (RPSC) 23.10.2016]
👉 महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ई. को कुम्भलगढ़ दुर्ग में हुआ।
👉 पिता उदयसिंह ने उत्तराधिकारी के रूप में जगमाल को चुना।
👉 मगर मेवाड़ के सरदारों ने जगमाल को अस्वीकार कर दिया।
👉 1572 ई. में प्रताप का राज्याभिषेक गोगुन्दा में किया गया।
👉 यहीं से उन्होंने मुगलों के विरुद्ध संघर्ष का संकल्प लिया।
✍️ सही उत्तर है – गोगुन्दा
राणा सांगा के मेवाड़ के शासक बनने के समय दिल्ली सल्तनत का सुल्तान कौन था ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 राणा सांगा 1509 ई. में मेवाड़ का शासक बना।
👉 उस समय दिल्ली सल्तनत पर लोदी वंश का शासन था।
👉 गद्दी पर बैठा शासक सिकंदर लोदी था।
👉 सांगा के शासनकाल में मेवाड़ की शक्ति और प्रतिष्ठा चरम पर पहुँची।
👉 आगे चलकर उसका संघर्ष इब्राहीम लोदी और बाबर से हुआ।
✍️ सही उत्तर है – सिकंदर लोदी
अकबर द्वारा महाराणा प्रताप से बातचीत हेतु भेजे गए दूतों का सही क्रम छांटिए -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने के लिए चार दूत भेजे।
👉 पहला दूत जलाल खाँ को बनाया गया।
👉 दूसरा दूत राजा मानसिंह भेजा गया।
👉 तीसरे दूत के रूप में राजा भगवानदास भेजे गए।
👉 चौथे और अंतिम दूत राजा टोडरमल को बनाया गया।
✍️ सही उत्तर है – जलाल खाँ → मानसिंह → भगवानदास → टोडरमल
खानवा युद्ध में भीषण घायल हो जाने के कारण सांगा का स्थान किसने लिया ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
👉 17 मार्च, 1527 ई. को खानवा का युद्ध लड़ा गया।
👉 इसमें राणा सांगा गंभीर रूप से घायल हो गए।
👉 घायल होने पर युद्ध में उनका स्थान राजा अज्जा झाला ने लिया।
👉 लेकिन अंततः यह युद्ध बाबर की विजय से समाप्त हुआ।
✍️ सही उत्तर है – राजा अज्जा झाला
निम्नलिखित में से किस स्थान पर भामाशाह वित्तीय सहायता देने हेतु राणा प्रताप से मिले थे ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 महाराणा प्रताप मुगलों के विरुद्ध दीर्घकालीन संघर्ष कर रहे थे।
👉 इस कठिन समय में उनके विश्वस्त सेनापति भामाशाह ने साथ दिया।
👉 भामाशाह ने प्रताप को विशाल धनराशि दान की।
👉 यह ऐतिहासिक भेंट उन्हें स्थान चूलिया (भीलवाड़ा) में दी गई।
👉 इस आर्थिक सहयोग से प्रताप ने अपनी सेना और संघर्ष को सुदृढ़ किया।
✍️ सही उत्तर है – चूलिया
राणा राजसिंह (मेवाड़) समकालीन था : [*]
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
मेवाड़ के उस महाराणा का नामोल्लेख कीजिए जिसने मालवा के शासक बाज बहादुर को शरण प्रदान की थी
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा उदयसिंह (1537–1572 ई.) ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
👉 उन्होंने 1559 ई. में उदयपुर नगर बसाकर उसे राजधानी बनाया।
👉 अकबर के समय उन्होंने कई शरणार्थियों को आश्रय दिया।
👉 पराजित मालवा शासक बाज बहादुर को भी उदयसिंह ने शरण प्रदान की।
👉 इससे उनकी उदारता और संरक्षण नीति स्पष्ट होती है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा उदयसिंह
राणा सांगा और बाबर के मध्य खानवा का युद्ध कब लड़ा गया ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 मुगल शासक बाबर और मेवाड़ के शासक राणा सांगा आमने-सामने हुए।
👉 यह निर्णायक युद्ध खानवा के मैदान में लड़ा गया।
👉 युद्ध का दिनांक था 17 मार्च, 1527 ई.
👉 बाबर ने इसमें तोपखाने और तुलुगमा पद्धति का उपयोग किया।
👉 अंततः इस युद्ध में बाबर को विजय प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – 17 मार्च, 1527 ई.
हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की भील सेना का कमाण्डर था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]
👉 1576 ई. के हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप ने अद्भुत पराक्रम दिखाया।
👉 इस युद्ध में प्रताप की सेना के साथ भील समुदाय भी शामिल था।
👉 भीलों ने मुगलों के विरुद्ध छापामार युद्ध लड़ा।
👉 उनकी सेना का नेतृत्व भील सरदार राणा पूँजा कर रहा था।
👉 राणा पूँजा की निष्ठा और वीरता ने प्रताप को सहारा दिया।
✍️ सही उत्तर है – राणा पूँजा
महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक हुआ था
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ई. को कुम्भलगढ़ दुर्ग में हुआ।
👉 उनके पिता महाराणा उदयसिंह थे, जिन्होंने उत्तराधिकारी के रूप में जगमाल को चुना।
👉 मगर सरदारों ने उसे अस्वीकार कर प्रताप को गद्दी पर बैठाया।
👉 1572 ई. में गोगुन्दा में उनका राज्याभिषेक सम्पन्न हुआ।
👉 यहीं से प्रताप ने मेवाड़ की स्वतंत्रता रक्षा का संकल्प लिया।
✍️ सही उत्तर है – गोगुन्दा (1572 ई.)
पन्नाधाय ने जिसके जीवन को बचाया, वह था
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 मेवाड़ के संकटकाल में धाय माता पन्नाधाय ने अद्भुत बलिदान दिया।
👉 उन्होंने अपने पुत्र की बलि देकर राजपरिवार के उत्तराधिकारी को बचाया।
👉 यह उत्तराधिकारी राणा उदयसिंह थे।
👉 पन्नाधाय ने उन्हें सुरक्षित स्थान कुम्भलगढ़ दुर्ग पहुँचा दिया।
👉 इस बलिदान के कारण पन्नाधाय का नाम इतिहास में अमर हो गया।
✍️ सही उत्तर है – राणा उदयसिंह
संकटकाल में कौन सा किला मेवाड़ के राजपरिवार का आश्रय स्थल रहा है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 मेवाड़ के संकटकाल में राजपरिवार को सुरक्षित रखने हेतु एक किला प्रयोग हुआ।
👉 यह किला था कुम्भलगढ़ दुर्ग, जो पहाड़ियों में बसा और अत्यंत सुरक्षित था।
👉 कुंभलगढ़ दुर्ग का निर्माण महाराणा कुंभा ने करवाया।
👉 यह दुर्ग अपनी विशेष भौगोलिक स्थिति और मजबूत बनावट के लिए प्रसिद्ध है।
👉 दुर्ग के अंदर स्थित छोटे किले को कटारगढ़ कहा जाता है।
👉 अबुल फज़ल ने लिखा – “यह इतनी ऊँचाई पर है कि ऊपर देखने पर पगड़ी गिर जाती है।”
✍️ सही उत्तर है – कुम्भलगढ़
1516 ई. में मीरा का विवाह-----------------से हुआ।
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 भक्त कवयित्री मीरा बाई का जन्म मेवाड़ राजघराने में हुआ।
👉 1516 ई. में उनका विवाह राणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र भोजराज से हुआ।
👉 भोजराज को कुंवर भोज या राजकुमार भोज भी कहा जाता है।
👉 विवाह के पश्चात मीरा ने भक्ति मार्ग को ही जीवन का आधार बनाया।
👉 वह भगवान कृष्ण की अनन्य उपासक रहीं।
✍️ सही उत्तर है – भोजराज
महाराणा राजसिंह का शासनकाल था -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह एक पराक्रमी और कूटनीतिज्ञ थे।
👉 उनके शासनकाल में मुगल सम्राट औरंगज़ेब से संघर्ष हुआ।
👉 उन्होंने राजसमंद झील और राजप्रशस्ति शिलालेख का निर्माण करवाया।
👉 उनका शासनकाल 1652 ई. से 1680 ई. तक रहा।
👉 इसी काल में उन्होंने ‘विजय कटकातु’ की उपाधि धारण की।
✍️ सही उत्तर है – 1652 ई. से 1680 ई.
महाराणा प्रताप के समय अकबर ने शाहबाज खाँ को कितनी बार मेवाड़ पर आक्रमण के लिए भेजा?
[स्कूल व्याख्याता 2013]
👉 महाराणा प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 अकबर ने प्रताप को परास्त करने हेतु कई अभियान चलाए।
👉 इनमें उसके सेनापति शाहबाज खाँ को मेवाड़ भेजा गया।
👉 शाहबाज खाँ ने कुल तीन बार (1577, 1578 और 1579 ई.) आक्रमण किया।
👉 तीनों बार वह प्रताप को पकड़ने में असफल रहा।
✍️ सही उत्तर है – 3 बार
1679 ई. में मुगल सम्राट औरंगजेब तथा राणा राजसिंह के मध्य उत्पन्न कटुता का प्रमख कारण था-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 1679 ई. में मुगल सम्राट औरंगज़ेब ने कठोर धार्मिक नीति अपनाई।
👉 उसने हिंदुओं पर पुनः जज़िया कर लागू किया।
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह ने इसका कड़ा विरोध किया।
👉 इसी कारण औरंगज़ेब और राणा राजसिंह के बीच कटुता उत्पन्न हुई।
👉 इसके बाद मेवाड़–मुगल संबंधों में निरंतर संघर्ष चलता रहा।
✍️ सही उत्तर है – औरंगजेब द्वारा 1679 ई. में हिंदुओं पर पुनः जजिया लगाना ।
मेवाड़ के निम्न शासकों का सही क्रमिक कालक्रम है -
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 1326 ई. में राणा हम्मीर ने चित्तौड़ पर अधिकार कर मेवाड़ की पुनर्स्थापना की।
👉 हम्मीर के बाद उसका उत्तराधिकारी क्षेत्रसिंह (1364–1382 ई.) शासक बना।
👉 क्षेत्रसिंह के बाद उसका पुत्र लक्षसिंह (लाखा) 1382–1421 ई. तक गद्दी पर रहा।
👉 लाखा के बाद उसका पुत्र महाराणा मोकल (1421–1433 ई.) शासक बना।
👉 इस प्रकार यह मेवाड़ शासकों का सही कालक्रम है।
✍️ सही उत्तर है – हम्मीर → क्षेत्रसिंह → लक्षसिंह (लाखा) → मोकल
मुगल-मारवाड़ संघर्ष छिड़ने पर मेवाड़ के किस महाराणा ने राठौड़ों का साथ दिया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) मेवाड़ का शासक था।
👉 उसके समय मुगल–मेवाड़ संघर्ष में कई युद्ध हुए।
👉 उसने किशनगढ़ की राजकुमारी चारुमति से विवाह किया।
👉 राजसिंह ने अकाल निवारण हेतु राजसमंद झील का निर्माण करवाया।
👉 झील के किनारे प्रसिद्ध राजप्रशस्ति शिलालेख स्थापित कराया गया।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा राजसिंह
अकबर द्वारा दिसम्बर 1584 में, निम्नलिखित में से किसे महाराणा प्रताप को पकड़कर मुगल दरबार में पेश करने का कार्य सौंपा गया ?
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने के अनेक प्रयास किए।
👉 दिसम्बर 1584 ई. में उसने एक नया अभियान चलाया।
👉 इस कार्य हेतु अकबर ने राजा जगन्नाथ कछवाहा को नियुक्त किया।
👉 उद्देश्य प्रताप को पकड़कर मुगल दरबार में पेश करना था।
👉 लेकिन प्रताप को पकड़ने में यह अभियान भी असफल रहा।
✍️ सही उत्तर है – राजा जगन्नाथ कछवाहा
निम्नलिखित में से किस मुगल सम्राट ने मेवाड़ के राणा अमर सिंह से संधि की ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 महाराणा अमर सिंह (1597–1620 ई.) ने मुगलों से लंबे समय तक संघर्ष किया।
👉 अनेक मुगल सेनापतियों के आक्रमणों के बावजूद वे मेवाड़ की रक्षा करते रहे।
👉 1613 ई. में स्वयं सम्राट जहाँगीर अजमेर आया।
👉 सरदारों के दबाव और परिस्थितियों के कारण अमर सिंह को संधि करनी पड़ी।
👉 5 फरवरी, 1615 ई. को मेवाड़ और मुगलों के बीच यह संधि सम्पन्न हुई।
✍️ सही उत्तर है – जहाँगीर
हल्दीघाटी के युद्ध में मुगलों और महाराणा के सैनिकों के साथ-साथ दोनों पक्षों के जिन हाथियों ने बहुत वीरता दिखाई थी, उनके नाम थे-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 1576 ई. के हल्दीघाटी युद्ध में घोड़ों और सैनिकों के साथ हाथियों ने भी पराक्रम दिखाया।
👉 महाराणा प्रताप की ओर से प्रिय हाथी रामप्रसाद और लूणा लड़े।
👉 मुगल पक्ष से गजमुक्त, गजराज और रणमदार युद्ध में उतरे।
👉 इन हाथियों ने युद्धभूमि में अद्भुत वीरता और संघर्ष किया।
👉 अकबर ने महाराणा के हाथी रामप्रसाद को पकड़कर उसका नाम बदलकर पीरप्रसाद रखा।
✍️ सही उत्तर है – लूणा, रामप्रसाद, गजमुक्ता, गजराज
औरंगज़ेब द्वारा मेवाड़ के महाराणा राजसिंह के विरुद्ध किस वर्ष युद्ध प्रारम्भ किया गया ?
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) थे।
👉 उनके समय मुगल–मेवाड़ संघर्ष की स्थिति बनी रही।
👉 सम्राट औरंगज़ेब ने राजपूतों को दबाने के लिए अभियान चलाया।
👉 मेवाड़ पर औरंगज़ेब का युद्ध 1679 ई. में प्रारम्भ हुआ।
👉 इसी संघर्ष में मेवाड़ ने अपने कई भू-भाग खो दिए।
✍️ सही उत्तर है – 1679 ई.
मेवाड़ के महाराणा राजसिंह के द्वारा किस राजकुमारी के साथ विवाह करने के कारण औरंगज़ेब उनसे नाराज था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) पराक्रमी और कूटनीतिज्ञ थे।
👉 उन्होंने मारवाड़ के शासक की पुत्री राजकुमारी चारूमती से विवाह किया।
👉 इस विवाह से मुगल सम्राट औरंगज़ेब अप्रसन्न हो गया।
👉 औरंगज़ेब ने इसे अपने साम्राज्य के लिए चुनौती माना।
👉 इसके परिणामस्वरूप मुगल–मेवाड़ संबंधों में और अधिक तनाव बढ़ा।
✍️ सही उत्तर है – चारूमती
शाहजहाँ के पुत्रों में हुए उत्तराधिकारी युद्ध में औरंगजेब ने मेवाड़ के किस महाराणा से सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया ?
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 1657 ई. में शाहजहाँ के पुत्रों में उत्तराधिकार युद्ध प्रारम्भ हुआ।
👉 इस समय मेवाड़ का शासक महाराणा राजसिंह (1652–1680 ई.) था।
👉 औरंगजेब ने इस संघर्ष में राजसिंह से सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया।
👉 राजसिंह ने प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप न करके स्थिति का लाभ उठाया।
👉 उसने मेवाड़ के कई खोए हुए क्षेत्रों पर पुनः अधिकार किया।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा राजसिंह
महाराणा सांगा ने जिन अफगानों को शरण दी, वे थे :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 महाराणा सांगा ने अपने समय में कई शत्रुओं को पराजित किया।
👉 उसने दिल्ली के सुल्तान इब्राहीम लोदी को भी युद्ध में हराया।
👉 इस संघर्ष के बाद पराजित अफगान सरदारों ने सांगा से शरण माँगी।
👉 राणा सांगा ने उन्हें अपने राज्य में शरण प्रदान की।
👉 इन्हीं अफगानों में प्रमुख था महमूद लोदी।
✍️ सही उत्तर है – महमूद लोदी एवं हसन खां
निम्नलिखित में से किस स्थान को हल्दीघाटी युद्ध के पश्चात् महाराणा प्रताप ने राजधानी बनाया ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 18 जून, 1576 ई. को हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा गया।
👉 युद्ध के बाद भी महाराणा प्रताप ने संघर्ष जारी रखा।
👉 अकबर की घेराबंदी से बचने के लिए उन्होंने नई राजधानी बसाई।
👉 प्रताप ने 1585 ई. में चावंड को अपनी राजधानी बनाया।
👉 यहीं से उन्होंने छापामार युद्ध की नीति अपनाकर मेवाड़ की स्वतंत्रता बचाई।
✍️ सही उत्तर है – चावंड
किस युद्ध में मेवाड़ के महाराणा साँगा ने बाबर की सेना को हराया ?
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा सांगा ने बाबर से कई संघर्ष किए।
👉 खानवा के निर्णायक युद्ध (1527 ई.) से पहले एक युद्ध बयाना में हुआ।
👉 इस युद्ध में राणा सांगा ने बाबर की सेना को पराजित किया।
👉 इस विजय से राणा सांगा का आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा बढ़ी।
👉 इसके बाद खानवा के लिए दोनों पक्षों का टकराव और भी निश्चित हो गया।
✍️ सही उत्तर है – बयाना का युद्ध
निम्नलिखित शासकों में से किसने भीलों को अपनी सैन्य-व्यवस्था में उच्च स्थानों पर नियुक्त किया ?
[स्कूल व्याख्याता 14.12.2020]
👉 मेवाड़ के वीर शासक महाराणा प्रताप ने जन-जन को संगठित किया।
👉 उन्होंने संघर्षकाल में भीलों को विशेष महत्व दिया।
👉 प्रताप ने उन्हें अपनी सैन्य-व्यवस्था में शामिल किया।
👉 यहाँ तक कि भीलों को सेना में उच्च स्थानों पर नियुक्त किया।
👉 पूँजा भील के नेतृत्व में भीलों ने छापामार युद्ध लड़ा।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा प्रताप
निम्न में से किस मुगल सेनानायक को दिवेर के युद्ध में महाराणा प्रताप ने परास्त किया था ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 1582 ई. में महाराणा प्रताप ने मुगलों पर बड़ा आक्रमण किया।
👉 यह युद्ध मेवाड़ के दिवेर क्षेत्र में लड़ा गया।
👉 यहाँ मुगल सेना का नेतृत्व अकबर के चाचा सुल्तान खाँ कर रहे थे।
👉 प्रताप के पुत्र अमरसिंह ने भाले के प्रहार से सुल्तान खाँ को मार गिराया।
👉 इस विजय के बाद प्रताप का प्रभुत्व पूरे पर्वतीय भाग पर स्थापित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – सुल्तान खाँ
राणा सांगा की मृत्यु के बाद कौन मेवाड़ का शासक बना ?
[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]
👉 30 जनवरी, 1528 ई. को राणा सांगा की मृत्यु हो गई।
👉 उनकी मृत्यु के बाद मेवाड़ की गद्दी खाली हुई।
👉 इस समय उनके उत्तराधिकारी के रूप में राणा रतनसिंह को बैठाया गया।
👉 राणा रतनसिंह ने 1528 से 1531 ई. तक मेवाड़ पर शासन किया।
👉 इसके बाद मेवाड़ की गद्दी पर राणा विक्रमादित्य आया।
✍️ सही उत्तर है – राणा रतनसिंह
निम्न में से कौन "अभिनव भरताचार्य" के नाम से जाना जाता है ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) कला और साहित्य प्रेमी थे।
👉 उन्होंने संगीत और काव्य पर अनेक ग्रंथों की रचना की।
👉 उनके समय में मेवाड़ की बौद्धिक और कलात्मक उन्नति हुई।
👉 कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति में उन्हें कई उपाधियाँ दी गईं।
👉 इन्हीं उपाधियों में से एक है – “अभिनव भरताचार्य”।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा
1582 ई. में महाराणा प्रताप की दिबेर - विजय के समय वहाँ के अधिकारी थे -
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 1582 ई. में महाराणा प्रताप ने मुगलों पर बड़ा आक्रमण किया।
👉 यह संघर्ष मेवाड़ के दिवेर (राजसमन्द) क्षेत्र में हुआ।
👉 यहाँ मुगल चौकी के अधिकारी अकबर के चाचा सुल्तान खाँ थे।
👉 प्रताप के पुत्र अमरसिंह ने भाले के प्रहार से सुल्तान खाँ को मार गिराया।
👉 इस विजय के बाद प्रताप का प्रभुत्व पूरे पर्वतीय भाग पर स्थापित हो गया।
✍️ सही उत्तर है – सुल्तान खान गोरी
अकबर ने किसको शिष्टमण्डल का अन्तिम नेतृत्व करने के लिए प्रताप के पास भेजा, ताकि वह शांतिपूर्वक अधीनता स्वीकार कर सके ?
[स्कूल व्याख्याता 03.01.2020]
👉 महाराणा प्रताप को अधीन करने हेतु अकबर ने चार शिष्टमण्डल भेजे।
👉 इनमें अंतिम शिष्टमण्डल प्रताप को शांतिपूर्वक अधीन कराने के लिए था।
👉 इस चौथे शिष्टमण्डल का नेतृत्व राजा टोडरमल को सौंपा गया।
👉 टोडरमल ने प्रताप से संधि का प्रस्ताव रखा।
👉 प्रताप ने इसे भी दृढ़ता से अस्वीकार किया।
✍️ सही उत्तर है – टोडरमल
निम्नलिखित में से कौन से राजपूत सरदार हल्दीघाटी के युद्ध में राणा प्रताप के पक्ष में लड़े थे ?
(i) रामसिंह तँवर (राम साहा)
(ii) बीदा झाला
(iii) रावत कृष्णदास चुण्डावत
(iv) अशोक परमार
नीचे दिये गये कूटों के आधार पर सही उत्तर का चयन कीजिए:
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
कूट :
👉 1576 ई. के हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप ने अद्भुत पराक्रम दिखाया।
👉 प्रताप की ओर से रामसिंह तँवर (रामसाहा) वीरता से लड़े।
👉 झाला बीदा ने प्रताप का मुकुट धारण कर बलिदान दिया।
👉 प्रताप की सेना में रावत कृष्णदास चुण्डावत भी सम्मिलित थे।
👉 विकल्पों में दिया गया अशोक परमार हल्दीघाटी युद्ध से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii)
अकबर द्वारा महाराणा प्रताप से मैत्री स्थापित करने के लिए गठित तृतीय शिष्ट मण्डल का नेतृत्व किया था
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने हेतु कई शिष्टमण्डल भेजे।
👉 तीसरा शिष्टमण्डल प्रताप से मैत्री स्थापित करने के लिए भेजा गया।
👉 इस तृतीय शिष्टमण्डल का नेतृत्व राजा भगवन्तदास ने किया।
👉 उद्देश्य प्रताप को शांति से संधि के लिए राज़ी करना था।
👉 लेकिन प्रताप ने इस प्रयास को भी दृढ़ता से अस्वीकार किया।
✍️ सही उत्तर है – भगवन्तदास
मेवाड़ के शासकों ने स्वयं को दीवान कहा :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 मेवाड़ के शासकों ने सदैव स्वयं को भगवान के सेवक माना।
👉 वे अपने ईष्टदेव एकलिंगनाथजी को मेवाड़ का वास्तविक शासक मानते थे।
👉 इसलिए महाराणा स्वयं को केवल दीवान कहा करते थे।
👉 यह परंपरा मेवाड़ की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था को दर्शाती है।
👉 इससे शासकों की विनम्रता और भक्ति भावना स्पष्ट होती है।
✍️ सही उत्तर है – एकलिंगनाथजी
मीरा द्वारा चित्तौड़ परित्याग के समय मेवाड़ का शासक कौन था
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 भक्त कवयित्री मीरा बाई ने सांसारिक बंधनों से मुक्ति हेतु चित्तौड़ छोड़ दिया।
👉 उस समय मेवाड़ का शासक राणा विक्रमादित्य था।
👉 विक्रमादित्य (1531–1536 ई.) राणा सांगा और रानी कर्णावती का पुत्र था।
👉 उसके शासनकाल में 1534 ई. में गुजरात के बहादुरशाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 विक्रमादित्य के अत्याचारों से असंतुष्ट होकर मीरा ने चित्तौड़ का त्याग किया।
✍️ सही उत्तर है – विक्रमादित्य
1572 ई. में गुजरात अभियान के लिए जाते समय बागोर से अकबर ने महाराणा प्रताप से सुलह वार्ता हेतु किसे भेजा गया ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 अकबर 1572 ई. में गुजरात अभियान के लिए निकला।
👉 रास्ते में उसने मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप से सुलह का प्रयास किया।
👉 इसके लिए अकबर ने अपना प्रथम दूत जलाल खाँ कोरची को भेजा।
👉 उद्देश्य प्रताप को शांतिपूर्वक अधीनता स्वीकार कराना था।
👉 प्रताप ने इस प्रस्ताव को भी दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – जलाल खाँ कोरची
मेवाड़ की कृष्णा' कुमारी की मृत्यु कब हुई थी ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 मेवाड़ की राजकुमारी कृष्णा कुमारी का विवाह विवादास्पद रहा।
👉 जयपुर और जोधपुर दोनों राजघरानों ने विवाह का दबाव बनाया।
👉 परिस्थिति बिगड़ने पर कृष्णा कुमारी ने विषपान कर जीवन त्याग दिया।
👉 यह घटना 21 जुलाई, 1810 ई. को घटित हुई।
👉 इसे मेवाड़ राजघराने का अत्यंत शर्मनाक प्रसंग माना गया।
✍️ सही उत्तर है – जुलाई, 1810 ई.
राणा सांगा व बाबर के मध्य खानवा का युद्ध हुआ था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 17 मार्च, 1527 ई. को खानवा का युद्ध लड़ा गया।
👉 यह युद्ध मेवाड़ के शासक राणा सांगा और मुगल शासक बाबर के बीच हुआ।
👉 बाबर ने युद्ध में तोपखाने और तुलुगमा पद्धति का उपयोग किया।
👉 राणा सांगा युद्ध में गंभीर घायल हो गए और पीछे हटा दिए गए।
👉 अंततः इस युद्ध में बाबर को विजय प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – 1527 में
निम्नलिखित क्षेत्रों में से राणा सांगा ने किन क्षेत्रों को मालवा के महमूद II से जीता था ?
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 राणा सांगा ने मालवा के शासक महमूद खिलजी द्वितीय को हराया।
👉 राणा सांगा ने भिलसा और रायसेन पर विजय प्राप्त की।
👉 सांगा उत्तर भारत का एक प्रमुख शासक बन गया।
✍️ सही उत्तर है – भिलसा और रायसेन
खतौली (1517 ई.) की लड़ाई में राणासांगा ने किसको पराजित किया था ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 1517 ई. में खातौली का युद्ध लड़ा गया।
👉 यह युद्ध मेवाड़ के शासक राणा सांगा और दिल्ली के सुल्तान इब्राहीम लोदी के बीच हुआ।
👉 युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को पराजित किया।
👉 इस विजय से राणा सांगा की प्रतिष्ठा और प्रभाव अत्यधिक बढ़ा।
👉 इसके बाद वह उत्तर भारत का एक प्रमुख शक्तिशाली शासक बन गया।
✍️ सही उत्तर है – इब्राहीम लोदी
महाराणा कुम्भा के विषय में निम्नांकित में से कौन-सा कथन असत्य है ?
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) कला, साहित्य और संगीत प्रेमी थे।
👉 उन्होंने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की, जैसे – संगीतराज, संगीत मीमांसा, रसिक प्रिया आदि।
👉 वे न केवल विद्वानों के आश्रयदाता थे बल्कि स्वयं भी एक महान विद्वान शासक थे।
👉 इसलिए यह कथन – “वे स्वयं विद्वान न थे, किन्तु केवल विद्वानों के आश्रयदाता थे” असत्य है।
👉 कुम्भा को अभिनव भरताचार्य और संगीत ग्रंथों का रचयिता कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – वे स्वयं विद्वान न थे, किन्तु विद्वानों के आश्रयदाता थे।
प्रताप के शांतिपूर्वक अधीनता स्वीकार कराने के लिए अकबर ने अन्तिम शिष्टमंडल किसके नेतृत्व में मेवाड़ भेजा ?
[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]
👉 अकबर ने महाराणा प्रताप को अधीन करने हेतु कई शिष्टमंडल भेजे।
👉 1572 से 1576 ई. के बीच कुल चार दूतावास मेवाड़ भेजे गए।
👉 अंतिम यानी चौथा शिष्टमंडल राजा टोडरमल के नेतृत्व में भेजा गया।
👉 उद्देश्य प्रताप को शांति से अधीनता स्वीकार कराने का था।
👉 प्रताप ने इस प्रयास को भी दृढ़ता से अस्वीकार किया।
✍️ सही उत्तर है – टोडरमल
राजस्थान के गुहिल राजवंश की कितनी शाखाएँ थीं ?
[Protection Officer 29.05.2019]
👉 गुहिल वंश ने मुख्यतः मेवाड़ पर शासन किया।
👉 इसके वंशजों ने अलग-अलग स्थानों पर अपनी शाखाएँ स्थापित कीं।
👉 नैणसी और कर्नल टॉड ने इन शाखाओं का उल्लेख किया है।
👉 दोनों के अनुसार गुहिल वंश की कुल 24 शाखाएँ थीं।
👉 इनमें कल्याणपुर, वागड़, चाटसू, धोड़ और काठियावाड़ की शाखाएँ प्रमुख थीं।
✍️ सही उत्तर है – 24
"चेतावनी का चूंगट्या" केसरी सिंह बारहठ द्वारा किस शासक को लिखा गया ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 स्वतंत्रता संग्राम काल में केसरीसिंह बारहठ ने देशभक्ति से प्रेरित रचनाएँ लिखीं।
👉 उनकी प्रसिद्ध रचना “चेतावनी रा चूंगट्या” कहलाती है।
👉 यह रचना मेवाड़ के शासक महाराणा फतेहसिंह को संबोधित थी।
👉 उद्देश्य था उन्हें अंग्रेजों के विरुद्ध जाग्रत करना।
👉 इस रचना ने राजपूताना में देशभक्ति की अलख जगाई।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा फतेहसिंह
निम्नलिखित शासकों में से सबसे अधिक किसे मेवाड़ की बौद्धिक व कलात्मक उन्नति का श्रेय जाता है ?
[LDC (RPSC) 2011]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) कला और साहित्य प्रेमी थे।
👉 उन्होंने अनेक मंदिर, दुर्ग और स्तम्भ बनवाए, जिनमें कीर्ति स्तम्भ प्रसिद्ध है।
👉 कुम्भा ने संगीत पर संगीतराज और संगीत मीमांसा जैसे ग्रंथ लिखे।
👉 उनके दरबार में अत्रि, महेश, सोमसुंदर जैसे विद्वान और कवि थे।
👉 इसी कारण मेवाड़ की बौद्धिक व कलात्मक उन्नति का श्रेय मुख्यतः उन्हें जाता है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा
मेवाड़ के महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को किस युद्ध में हराया ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा सांगा ने दिल्ली के सुल्तान इब्राहीम लोदी से संघर्ष किया।
👉 यह युद्ध 1517 ई. में खातोली (कोटा जिले के पास) में लड़ा गया।
👉 युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को पराजित किया।
👉 इस विजय से राणा सांगा की प्रतिष्ठा और प्रभाव अत्यधिक बढ़ा।
👉 वह उत्तर भारत का एक प्रमुख शक्तिशाली शासक बन गया।
✍️ सही उत्तर है – खातोली का युद्ध
निम्न में से कौन से राजपूत सरदार खानवा के युद्ध में बाबर के विरुद्ध राणा सांगा के पक्ष में लड़े थे ?
(i) राजा भारमल (ईडर)
(ii) वीरमदेव मेड़तिया
(iii) राव बीका
(iv) राव लूणकर्ण
निम्नांकित दिये गये कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए :
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
कूट :
👉 1527 ई. के खानवा युद्ध में राणा सांगा ने कई राजपूत सरदारों को संगठित किया।
👉 इनमें राजा भारमल (ईडर) ने उनका साथ दिया।
👉 साथ ही वीरमदेव मेड़तिया भी राणा सांगा की ओर से युद्ध में सम्मिलित हुए।
✍️ सही उत्तर है – (i) एवं (ii)
उदयसिंह के साथ चितौड़ छोड़ने के पश्चात् पन्ना को किस स्थान पर आश्रय प्राप्त हो सका -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 राणा उदयसिंह के समय चित्तौड़ पर संकट छा गया।
👉 राणा की रक्षा हेतु धाय माता पन्ना धाय ने बलिदान दिया।
👉 उसने अपने पुत्र की बलि देकर राणा उदयसिंह को सुरक्षित निकाला।
👉 चित्तौड़ छोड़ने के बाद पन्ना धाय को कुम्भलगढ़ दुर्ग में आश्रय मिला।
👉 यहीं से उदयसिंह ने आगे चलकर मेवाड़ की गद्दी संभाली।
✍️ सही उत्तर है – कुम्भलगढ़
निम्नांकित में से राणा सांगा के समय मालवा का शासक कौन था ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 राणा सांगा ने अपने समय में दिल्ली, गुजरात और मालवा के शासकों से संघर्ष किया।
👉 उस समय मालवा का शासन महमूद खिलजी द्वितीय के हाथ में था।
👉 1519 ई. में राणा सांगा और महमूद खिलजी द्वितीय के बीच गागरोन का युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में महमूद खिलजी द्वितीय पराजित होकर कैद कर लिया गया।
👉 कुछ समय बाद राणा सांगा ने उसे मुक्त कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – महमूद खिलजी द्वितीय
1303 ई. में चित्तौड़ अभियान के दौरान जो मुस्लिम इतिहासकार अलाउद्दीन खिलजी के साथ गया था, वह था
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 इस आक्रमण में मेवाड़ के शासक रावल रतनसिंह वीरगति को प्राप्त हुए।
👉 उसी समय प्रसिद्ध मुस्लिम इतिहासकार अमीर खुसरो भी साथ था।
👉 उसने अपने ग्रंथ ‘तारीख-ए-अलाई (खजाइन-उल-फुतूह)’ में इस घटना का वर्णन किया।
👉 उसका विवरण इस आक्रमण का प्रत्यक्ष प्रमाण माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अमीर खुसरो
जहाँगीर एवं मेवाड़ महाराणा के मध्य संधि (1615 ई.) में निम्नांकित में से कौनसा तथ्य असत्य है ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 1615 ई. में मेवाड़ के महाराणा अमर सिंह और मुगल सम्राट जहाँगीर के बीच संधि हुई।
👉 इस संधि में महाराणा को शाही दरबार में उपस्थित होने से छूट दी गई।
👉 चित्तौड़ दुर्ग मेवाड़ को लौटाया गया लेकिन उसकी मरम्मत पर रोक लगाई गई।
👉 अर्थात् राणा चित्तौड़ दुर्ग की मरम्मत नहीं कर सकता था।
👉 इसलिए यह कथन असत्य है कि राणा को चित्तौड़ वापस देकर उसकी मरम्मत की अनुमति दी गई।
✍️ सही उत्तर है – राणा को चित्तौड़ भी वापस दिया तथा वह अब दुर्ग की मरम्मत भी करवा सकेगा।
राणा सांगा और बाबर के मध्य निर्णायक युद्ध हुआ था-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 मेवाड़ के शासक राणा सांगा और मुगल शासक बाबर आमने-सामने हुए।
👉 यह निर्णायक संघर्ष 17 मार्च, 1527 ई. को हुआ।
👉 युद्ध का मैदान आगरा के पास खानवा चुना गया।
👉 बाबर ने इसमें तोपखाने और तुलुगमा पद्धति का उपयोग किया।
👉 इस युद्ध के परिणामस्वरूप बाबर को विजय प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – 1527 ई. में
हालगुरू उपाधि धारण करता है -
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 मेवाड़ का शासक महाराणा कुम्भा कला, साहित्य और संगीत का संरक्षक था।
👉 उसने अनेक दुर्ग और मंदिर बनवाए तथा विद्वानों को आश्रय दिया।
👉 कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति में कुम्भा की अनेक उपाधियाँ वर्णित हैं।
👉 इनमें से एक उपाधि हालगुरु (शैलगुरु) है।
👉 यह उपाधि उसे पहाड़ी दुर्गों का विजेता होने के कारण मिली।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा
प्रताप ने 1585 में अपनी नई राजधानी कहाँ स्थापित की ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 हल्दीघाटी युद्ध (1576 ई.) के बाद भी महाराणा प्रताप ने संघर्ष जारी रखा।
👉 अकबर के बार-बार आक्रमणों के बावजूद प्रताप ने स्वतंत्रता बनाए रखी।
👉 1585 ई. के बाद मुगलों ने मेवाड़ पर कोई अभियान नहीं भेजा।
👉 इसी दौरान प्रताप ने अपनी नई राजधानी चावण्ड बसाई।
👉 यहीं से उन्होंने मेवाड़ का शासन और संघर्ष संचालित किया।
✍️ सही उत्तर है – चावण्ड
निम्नलिखित में से कौन-सा महाराणा कुंभा द्वारा रचित ग्रंथ नहीं है ?
[PTI Grade -III (RPSC) 2011]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा विद्वान और साहित्यकार थे।
👉 उन्होंने संगीत विषयक ग्रंथ संगीतराज और संगीत मीमांसा की रचना की।
👉 साथ ही उन्होंने रसिक प्रिया और नृत्यरत्नकोष भी लिखे।
👉 लेकिन प्रासाद मंडन कुम्भा की रचना नहीं है, यह मण्डन आचार्य का ग्रंथ है।
👉 अतः इसे कुम्भा की कृतियों में सम्मिलित नहीं किया जाता।
✍️ सही उत्तर है – प्रासाद मंडन
महाराणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को कौन से युद्ध में पराजित किया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा सांगा ने दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी से युद्ध किया।
👉 1517 ई. में उसने खातौली (कोटा) के युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराया।
👉 इसके बाद 1518 ई. में उसने धौलपुर / बारी के युद्ध में भी विजय पाई।
👉 इन विजयों से राणा सांगा की प्रतिष्ठा और शक्ति बहुत बढ़ी।
👉 वह उत्तर भारत का एक प्रमुख शासक बनकर उभरा।
✍️ सही उत्तर है – खातौली का युद्ध
महाराणा प्रताप ने चावंड में अपनी नई राजधानी की स्थापना किस वर्ष की ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 हल्दीघाटी युद्ध (1576 ई.) के बाद भी महाराणा प्रताप ने संघर्ष जारी रखा।
👉 अकबर के लगातार अभियानों के बीच उन्होंने सुरक्षित स्थान की खोज की।
👉 1585 ई. में प्रताप ने अपनी नई राजधानी चावंड बसाई।
👉 यहीं से उन्होंने छापामार युद्ध की नीति अपनाकर मुगलों को पराजित किया।
👉 1597 ई. में प्रताप का देहावसान भी चावंड के पास हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 1585 ई.
1303 ई. में सेनानायक गोरा और बादल किसकी सेना से युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 1303 ई. में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 उस समय मेवाड़ के शासक रावल रतनसिंह थे।
👉 आक्रमण का सामना करते हुए सेनानायक गोरा और बादल ने अद्भुत पराक्रम दिखाया।
👉 दोनों ने युद्ध करते हुए वीरता से वीरगति प्राप्त की।
👉 इसी आक्रमण में रानी पद्मिनी ने क्षत्राणियों संग जौहर किया।
✍️ सही उत्तर है – अलाउद्दीन खिलजी
कर्नल जेम्स टॉड़ ने निम्नलिखित में से किस युद्ध को 'मेवाड़ का मेराथन' कहकर पुकारा है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 महाराणा प्रताप ने 1582 ई. में मुगलों की चौकी पर आक्रमण किया।
👉 यह संघर्ष मेवाड़ के दिवेर क्षेत्र में हुआ।
👉 इस युद्ध में प्रताप के पुत्र अमरसिंह ने मुगल सेनापति सुल्तान खाँ को मार गिराया।
👉 युद्ध के बाद पूरे पर्वतीय भाग पर प्रताप का प्रभुत्व स्थापित हुआ।
👉 कर्नल जेम्स टॉड़ ने इस युद्ध को ‘मेवाड़ का मेराथन’ कहा।
✍️ सही उत्तर है – दिवेर का युद्ध
खातौली का युद्ध लड़ा गया था :
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 1517 ई. में खातौली का युद्ध लड़ा गया।
👉 यह संघर्ष मेवाड़ के शासक महाराणा सांगा और दिल्ली के सुल्तान इब्राहीम लोदी के बीच हुआ।
👉 युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को परास्त किया।
👉 इस विजय से राणा सांगा की प्रतिष्ठा और शक्ति अत्यधिक बढ़ी।
👉 इसके बाद वे उत्तर भारत के एक प्रमुख शासक बने।
✍️ सही उत्तर है – इब्राहीम लोदी और महाराणा सांगा
"मेवाड़ के मुक्तिदाता" किसे कहा जाता है ?
[Asst. Town Planner 16.06.2023]
👉 1326 ई. में राणा हम्मीर ने चित्तौड़ पर अधिकार किया।
👉 उसने मेवाड़ में गुहिल वंश की पुनः पुनर्स्थापना की।
👉 सिसोदे का जागीरदार होने से वह सिसोदिया कहलाया।
👉 हम्मीर को मेवाड़ का उद्धारक और मुक्तिदाता कहा गया।
👉 कुम्भलगढ़ शिलालेख में उसे विषमघाटी पंचानन लिखा गया है।
✍️ सही उत्तर है – राणा हम्मीर
वह प्रसिद्ध राजपूत राजा कौन था जिसने राजस्थान में सर्वाधिक दुर्गों का जीर्णोद्धार एवं निर्माण करवाया -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) पराक्रमी और कला-प्रेमी थे।
👉 उन्होंने मेवाड़ में अनेक दुर्गों का निर्माण और जीर्णोद्धार करवाया।
👉 माना जाता है कि उन्होंने लगभग 32 दुर्ग बनवाए।
👉 इनमें कुम्भलगढ़, अचलगढ़, बैराठ और सिरोही प्रमुख हैं।
👉 कुम्भलगढ़ दुर्ग अपनी भौगोलिक स्थिति और विशालता के लिए प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा
राणा प्रताप के जिस सौतेले भाई को अकबर ने जहाजपुर की जागीर प्रदान की थी , वह था :-
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 महाराणा उदयसिंह ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जगमाल को चुना था।
👉 लेकिन मेवाड़ के सरदारों ने उसे अस्वीकार कर प्रताप को गद्दी पर बैठाया।
👉 प्रताप का यह सौतेला भाई बाद में अकबर के पक्ष में चला गया।
👉 अकबर ने उसे जहाजपुर की जागीर प्रदान की।
👉 यह सौतेला भाई था जगमाल।
✍️ सही उत्तर है – जगमाल
राणा सांगा ने किस युद्ध में बाबर की सेना को हराया ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 राणा सांगा ने दिल्ली की सत्ता के लिए बाबर से संघर्ष किया।
👉 खानवा के निर्णायक युद्ध (1527 ई.) से पूर्व एक छोटा युद्ध हुआ।
👉 यह संघर्ष बयाना के क्षेत्र में लड़ा गया।
👉 इसमें राणा सांगा की सेना ने बाबर की सेना को पराजित किया।
👉 इस विजय से बाबर के विरुद्ध राणा सांगा का आत्मविश्वास बढ़ा।
✍️ सही उत्तर है – बयाना का युद्ध
अकबर द्वारा प्रताप के पास भेजा गया प्रथम राजदूत था -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 अकबर महाराणा प्रताप को अधीन करना चाहता था।
👉 इसके लिए उसने 1572 से 1576 ई. के बीच चार शिष्टमण्डल भेजे।
👉 इनमें सबसे पहला शिष्टमण्डल जलाल खाँ के नेतृत्व में भेजा गया।
👉 उद्देश्य प्रताप को शांतिपूर्वक संधि और प्रभुता स्वीकार कराना था।
👉 प्रताप ने इसे भी दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – जलाल खाँ
1657 ई. के मुगल उत्तराधिकारी संघर्ष के मेवाड़ के किस महाराणा से औरंगजेब ने सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 1657 ई. में मुगल साम्राज्य में उत्तराधिकारी संघर्ष प्रारंभ हुआ।
👉 इस समय मेवाड़ का शासक महाराणा राजसिंह था।
👉 औरंगज़ेब ने इस संघर्ष में मेवाड़ की सैन्य सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया।
👉 राजसिंह ने इस मामले में सीधी भागीदारी से परहेज़ किया।
👉 लेकिन स्थिति का लाभ उठाकर उसने मेवाड़ के खोए हुए भाग पुनः प्राप्त किए।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा राजसिंह
खातोली युद्ध के विषय में निम्नांकित में से कौन सा कथन असत्य है ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 1517 ई. में राणा सांगा और सुल्तान इब्राहीम लोदी के बीच खातोली युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में राणा सांगा ने इब्राहीम लोदी को पराजित किया।
👉 युद्ध का स्थान कोटा जिले के पास खातोली क्षेत्र था।
👉 इसे मेवाड़ और दिल्ली की शक्ति संघर्ष का प्रारम्भिक चरण माना जाता है।
👉 “खातोली मेवाड़ एवं मारवाड़ सीमा पर स्थित स्थल था” — यह कथन असत्य है।
✍️ सही उत्तर है – खातोली मेवाड़ एवं मारवाड़ सीमा पर स्थित सामरिक महत्त्व का स्थल था।
मेवाड़ के महाराणा प्रताप के विरूद्ध अंतिम मुगल आक्रमण का नेतृत्त्व किसने किया ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ई. को कुम्भलगढ़ में हुआ।
👉 1572 ई. में गोगुन्दा में उनका राज्याभिषेक हुआ।
👉 उन्होंने अकबर की अधीनता ठुकराकर आजीवन स्वतंत्रता संग्राम किया।
👉 1576 ई. में उन्होंने हल्दीघाटी युद्ध लड़ा, जहाँ अद्भुत पराक्रम दिखाया।
👉 19 जनवरी, 1597 ई. को चावण्ड के पास बाण्डोली गाँव में उनका देहावसान हुआ।
👉 अंतिम मुगल आक्रमण का नेतृत्त्व जगन्नाथ ने किया।
✍️ सही उत्तर है – जगन्नाथ
कुम्भा का गुजरात के साथ संघर्ष का प्रारंभिक कारण क्या था ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 महाराणा कुम्भा (1433–1468 ई.) ने मेवाड़ की शक्ति को सुदृढ़ किया।
👉 उसके समय मेवाड़ और गुजरात के बीच संघर्ष हुआ।
👉 इस संघर्ष का प्रारंभिक कारण नागौर के उत्तराधिकार का विवाद था।
👉 गुजरात के शासक ने नागौर के मामले में हस्तक्षेप किया।
👉 परिणामस्वरूप मेवाड़ और गुजरात के बीच युद्ध हुआ।
✍️ सही उत्तर है – नागौर विवाद
अलाउद्दीन खिलजी द्वारा चितौड़ को नाम दिया गया -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 1303 ई. में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
👉 युद्ध में रावल रतनसिंह और उनके वीर सरदारों ने वीरगति पाई।
👉 विजयी होकर अलाउद्दीन ने चित्तौड़ का नाम बदल दिया।
👉 उसने इसका नाम अपने पुत्र खिज्रखाँ के नाम पर रखा।
👉 धाईबी पीर की दरगाह के लेख में भी इसे खिज्राबाद/खिज्राबाद कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – खिज्राबाद
अक्टूबर, 1567 में अकबर द्वारा चित्तोड़ दुर्ग के घेराव के समय मेवाड़ का राणा था ?
[स्कूल व्याख्याता 2011]
👉 अक्टूबर 1567 ई. में अकबर ने चित्तौड़ दुर्ग का घेराव किया।
👉 उस समय मेवाड़ का शासक महाराणा उदयसिंह था।
👉 उसने दुर्ग की रक्षा का भार जयमल और फत्ता को सौंपा।
👉 अकबर ने 24 फरवरी 1568 ई. को चित्तौड़ दुर्ग पर अधिकार कर लिया।
👉 इस युद्ध में भीलों समेत हजारों राजपूत वीरगति को प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा उदयसिंह
राणा साँगा और बाबर के बीच ऐतिहासिक युद्ध कहाँ लड़ा गया ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 17 मार्च, 1527 ई. को राणा सांगा और बाबर आमने-सामने हुए।
👉 यह युद्ध आगरा के पास खानवा के मैदान में लड़ा गया।
👉 बाबर ने इस युद्ध में तोपखाने और तुलुगमा पद्धति का उपयोग किया।
👉 राणा सांगा युद्ध में गंभीर घायल होकर पीछे हटा दिए गए।
👉 इस निर्णायक संघर्ष में बाबर को विजय प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – खानवा
जनवरी 1769 ई. में मेवाड़ तथा मराठा सेनाओं के मध्य हुए युद्ध के समय मेवाड़ का शासक कौन था ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 18वीं शताब्दी में मेवाड़ पर लगातार मराठों के आक्रमण होते रहे।
👉 जनवरी 1769 ई. में मेवाड़ और मराठों के बीच एक बड़ा युद्ध हुआ।
👉 उस समय मेवाड़ का शासक महाराणा अरिसिंह (1761–1773 ई.) था।
👉 अरिसिंह द्वितीय का स्वभाव क्रोधी और कठोर बताया गया है।
👉 इसी काल में मेवाड़ को मराठों के बढ़ते हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा अरिसिंह