सूची-I और सूची -II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूटो की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए :
(आन्दोलन/घटनाएँ) (प्रारम्भ होने का वर्ष)
(I) बिजोलियाँ (a) 1945
(II) सीकर (b) 1947
(III) डाबड़ा (c) 1922
(IV) चण्डावल (d) 1897
[स्कूल व्याख्याता 2013]
कूट :
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन का प्रारम्भ सन् 1897 ई. में हुआ।
👉 सीकर किसान आन्दोलन की शुरुआत सन् 1922 ई. में हुई।
👉 डाबड़ा काण्ड (मारवाड़) का सम्बन्ध सन् 1947 ई. से है।
👉 चण्डावल घटना का सम्बन्ध सन् 1945 ई. से है।
👉 इस प्रकार सही क्रम (I-d), (II-c), (III-b), (IV-a) बनता है।
✍️ सही उत्तर है – (I-d), (II-c), (III-b), (IV-a)
बिजोलिया आन्दोलन के दौरान स्थापित विद्या प्रचारिणी सभा का संस्थापक कौन था ?
[Research Assistant 24.08.2017]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन को लोकप्रियता दिलाने के लिए संगठन बनाए गए।
👉 इस सभा को प्रसिद्धि दिलाने वाले विजयसिंह पथिक थे।
👉 पथिक जी ने किसानों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
शेखावाटी के किसानों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने हेतु भरतपुर के किस व्यक्ति ने प्रेरित किया था ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किसान ठिकानेदारों के शोषण से त्रस्त थे।
👉 इस संघर्ष में बाहर से भी समर्थन मिला।
👉 भरतपुर के जाट नेता ठाकुर देशराज ने उन्हें प्रेरित किया।
👉 उन्होंने किसानों को अधिकारों के लिए संगठित किया।
✍️ सही उत्तर है – देशराज
बिजोलिया ठिकाने का संस्थापक कौन था ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 बिजौलिया ठिकाना मेवाड़ रियासत का प्रमुख ठिकाना था।
👉 इसका संस्थापक अशोक परमार था।
👉 अशोक परमार मूल रूप से जगनेर (आगरा) का निवासी था।
👉 1527 ई. में खानवा युद्ध में राणा सांगा की ओर से वीरता दिखाई।
👉 प्रसन्न होकर राणा सांगा ने उसे ऊपरमाल जागीर उपहार में दी।
✍️ सही उत्तर है – अशोक परमार
23 नवंबर, 1931 को किसने भरतपुर में व्यापक किसान विरोध का आयोजन किया और जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी से लघु किसान आंदोलन समाप्त हुआ ?
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 1930-31 ई. की आर्थिक मंदी से भरतपुर के किसान परेशान थे।
👉 नए भूमि बंदोबस्त और ऊँची राजस्व दरों ने असंतोष बढ़ाया।
👉 23 नवम्बर, 1931 को भोजी लंबरदार ने किसानों को संगठित किया।
👉 उनकी गिरफ्तारी के बाद यह लघु किसान आन्दोलन समाप्त हो गया।
✍️ सही उत्तर है – भोजी लंबरदार
साबरमती आश्रम से सागर तट तक के दण्डी मार्च में कुल कितनी महिलाओं ने भाग लिया ?
[Head Master 11.10.2021]
👉 महात्मा गांधीजी ने 1930 ई. में दांडी मार्च प्रारम्भ किया।
👉 यह मार्च साबरमती आश्रम से सागर तट तक निकाला गया।
👉 इस ऐतिहासिक सत्याग्रह में कुल 78 स्वयंसेवक शामिल हुए।
👉 इनमें से केवल 3 महिलाएँ सक्रिय रूप से साथ चलीं।
👉 इन महिलाओं ने आन्दोलन को नई प्रेरणा दी।
✍️ सही उत्तर है – 3
निम्नलिखित में से किसका संबंध बिजौलिया किसान आंदोलन से नहीं था ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन में साधु सीतारामदास ने किसानों को संगठित किया।
👉 इसके नेतृत्व में विजयसिंह पथिक आगे आए।
👉 इसमें माणिक्यलाल वर्मा और रामनारायण चौधरी भी जुड़े।
👉 लेकिन बंशीधर पुरोहित का इससे कोई सम्बन्ध नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – बंशीधर पुरोहित
निम्नलिखित में से कौन सीकर कृषक आंदोलन से संबद्ध नहीं था ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 सीकर किसान आन्दोलन शेखावाटी क्षेत्र में भू-राजस्व की 25–50% वृद्धि के कारण शुरू हुआ।
👉 इस आन्दोलन में प्रमुख रूप से ठाकुर देशराज, देवीसिंह बोचल्या, गोमाराम चौधरी आदि सक्रिय थे।
👉 नैनूराम शर्मा का सम्बन्ध बूँदी किसान आन्दोलन से था, जहाँ उन्होंने किसानों का नेतृत्व किया।
👉 इसलिए उनका नाम सीकर कृषक आन्दोलन से जुड़ा नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – नैनूराम शर्मा
गोविन्द गुरु का प्रमुख शिष्य कौन था ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 भील सुधार आन्दोलन के प्रमुख नेता गोविन्द गुरु थे।
👉 उनके विचारों से अनेक भील युवा प्रभावित हुए।
👉 उनके प्रमुख शिष्यों में पूंजा धीरजी का नाम आता है।
👉 पूंजा धीरजी ने आन्दोलन को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – पूंजा धीरजी
निम्न में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
किसान आन्दोलन - देशी रियासत
👉 बरड़ किसान आन्दोलन का सम्बन्ध बूंदी राज्य से था।
👉 यहाँ किसानों पर लगभग 25 प्रकार की लाग-बाग वसूली जाती थी।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने किया।
👉 इसे कभी भी उदयपुर से सम्बद्ध नहीं माना गया।
✍️ सही उत्तर है – बरड़ – उदयपुर
शेखावाटी में जाट आंदोलन निम्नांकित में से किस वर्ष में हुआ ?
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किसानों पर अत्यधिक लगान वसूला जाता था।
👉 1922 से असंतोष बढ़ा और किसानों ने ठिकाने का विरोध किया।
👉 1925 ई. में राव राजा कल्याणसिंह के समय आंदोलन प्रारम्भ हुआ।
👉 इस दौरान रामनारायण चौधरी ने भी किसानों का मार्गदर्शन किया।
✍️ सही उत्तर है – 1925
निम्नलिखित में से किसे 1916 ई. में 'बिजोलिया किसान पंचायत का "सरपंच” नियुक्त किया गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 1916 ई. में किसानों ने साधु सीतारामदास की अध्यक्षता में संगठन बनाया।
👉 विजयसिंह पथिक ने बैरीसाल के बास गाँव में किसान पंचबोर्ड गठित किया।
👉 इस पंचायत का सरपंच मन्नालाल पटेल को नियुक्त किया गया।
👉 किसान पंचायत ने आगे आन्दोलन को मजबूती दी।
✍️ सही उत्तर है – मन्नालाल पटेल
दूधवा खारा किसान आन्दोलन किस राज्य से सम्बन्धित था ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]
👉 दूधवाखारा आन्दोलन राजस्थान के प्रमुख किसान आन्दोलनों में था।
👉 यह आन्दोलन जागीरदारों के अत्याचारों और कर वसूली के विरोध में शुरू हुआ।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व चौधरी हनुमानसिंह बुड़ानिया ने किया।
👉 इसे बीकानेर प्रजा परिषद् तथा अन्य संगठनों का समर्थन मिला।
👉 इसलिए दूधवाखारा किसान आन्दोलन का सम्बन्ध बीकानेर राज्य से था।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
निम्न आंदोलनों के प्रारंभ वर्ष में कौन सा सही नहीं है ? [*]
सहायक आचार्य [30.05.2019]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
दिसम्बर 1919 में अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन में बिजोलिया किसान आन्दोलन संबंधी प्रस्ताव किसने प्रस्तुत किया ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 दिसम्बर 1919 में कांग्रेस का अमृतसर अधिवेशन हुआ।
👉 इसमें विजयसिंह पथिक ने बिजौलिया किसान आन्दोलन का विषय उठाया।
👉 यह प्रस्ताव लोकमान्य तिलक के माध्यम से रखा गया।
👉 अधिवेशन में प्रस्ताव पर केलकर ने भी समर्थन दिया।
✍️ सही उत्तर है – लोकमान्य तिलक
निम्नलिखित सूची में से उन नेताओं को चुनिए जिन्होंने बिजोलिया किसान आंदोलन में भाग लिया :
I. साधू सीताराम दास II. विजयसिंह पथिक
III. माणिक्य लाल वर्मा IV. नारायणजी पटेल
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
सही कूट चुनिए :
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन राजस्थान का पहला संगठित किसान आन्दोलन था।
👉 इस आन्दोलन में साधु सीताराम दास ने प्रारम्भिक नेतृत्व किया।
👉 बाद में विजयसिंह पथिक ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाया।
👉 माणिक्यलाल वर्मा और नारायणजी पटेल भी इसमें सक्रिय रूप से जुड़े।
👉 इसलिए सभी दिए गए नेता इस आन्दोलन से संबद्ध थे।
✍️ सही उत्तर है – I, II, III और IV
पथिक ने किस समाचार-पत्र के माध्यम से बिजौलिया कृषक आंदोलन को अन्य भारतीय समाचार-पत्रों तक पहुँचा दिया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 प्रताप समाचार पत्र कानपुर से प्रकाशित होता था|
👉विजयसिंह पथिक ने बिजौलिया किसान आन्दोलन को राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने का प्रयास किया।
👉 इसके लिए उन्होंने कानपुर से निकलने वाले समाचार पत्र प्रताप का सहारा लिया।
👉 इस पत्र के संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी थे।
👉 प्रताप में प्रकाशित समाचारों से आन्दोलन की गूँज पूरे भारत में फैल गई।
👉 इससे बिजौलिया आन्दोलन को लोकप्रियता और व्यापक पहचान मिली।
✍️ सही उत्तर है – प्रताप
निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए -
[ACF परीक्षा 2011]
👉 देशराज सिंह मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले थे , इनका संबंध शेखावाटी किसान आंदोलन से था|
👉 राजस्थान की विभिन्न रियासतों में प्रजामण्डलों का गठन हुआ।
👉 इनका उद्देश्य जनता को संगठित कर रियासती शासकों के विरुद्ध संघर्ष करना था।
👉 सिरोही प्रजामण्डल से देशराजसिंह का सम्बन्ध नहीं था।
👉 इसलिए "सिरोही प्रजामण्डल – देशराजसिंह" का युग्म गलत है।
✍️ सही उत्तर है – सिरोही प्रजामण्डल – देशराजसिंह
किस जागीरदार ने बिजौलिया के किसानों पर 'तलवार-बंधाई' नामक कर लागू किया था ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 1906 ई. में राव कृष्णसिंह की मृत्यु के बाद पृथ्वीसिंह जागीरदार बना।
👉 उत्तराधिकारी बनते ही उसने किसानों पर तलवार-बंधाई कर लगाया।
👉 इस कर को उत्तराधिकारी शुल्क या अपमानित कर भी कहा गया।
👉 किसानों ने इस कर का कट्टर विरोध किया।
✍️ सही उत्तर है – पृथ्वीसिंह
समाचार पत्र, जिसने बूंदी कृषक आंदोलन का समर्थन, प्रचार तथा प्रसार किया, वह है -
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
👉 बूँदी किसान आन्दोलन अप्रैल 1922 ई. में बरड़ क्षेत्र से प्रारम्भ हुआ।
👉 इसमें किसानों ने 25 प्रकार की लाग-बाग और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 आन्दोलन को व्यापक बनाने में प्रेस की अहम भूमिका रही।
👉 इस आन्दोलन के समर्थन और प्रचार-प्रसार का कार्य “नवीन राजस्थान” पत्र ने किया।
👉 इससे आन्दोलन को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
✍️ सही उत्तर है – नवीन राजस्थान
बिजौलिया आन्दोलन के दौरान 1922 के समझौते के प्रति बिजौलिया जागीरदार का रवैया क्या था ?
[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]
👉 1922 ई. में किसानों और जागीरदार के बीच समझौता हुआ।
👉 इसमें 84 करों में से 35 कर माफ करने और लगान घटाकर 1/5 करने का निर्णय लिया गया।
👉 यह समझौता ए. जी. जी. रॉबर्ट हॉलैण्ड के प्रयासों से हुआ।
👉 लेकिन बिजौलिया के सामंत केसरीसिंह ने इसे लागू करने से मना कर दिया।
👉 इससे किसानों का असंतोष और अधिक बढ़ गया।
✍️ सही उत्तर है – लागू करने को मना किया
निम्नांकित में से बिजौलिया आंदोलन के समय बिजौलिया, का ठिकानेदार कौन था ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 राजस्थान का पहला संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया में चला।
👉 इसकी शुरुआत सन् 1897 ई. से मानी जाती है।
👉 उस समय बिजौलिया का ठिकानेदार राव कृष्णसिंह था।
👉 उसने किसानों से 84 प्रकार की लागतें और कर वसूले।
👉 इन्हीं अत्याचारों के कारण किसानों ने आन्दोलन शुरू किया।
✍️ सही उत्तर है – कृष्णसिंह राव
1921 की चाँदखेरी नामक घटना किस किसान आंदोलन से सम्बन्धित है ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 सन् 1921 ई. में किसानों ने बेगूँ क्षेत्र में बड़ा आन्दोलन शुरू किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख किसान नेता रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 इसी दौरान चाँदखेड़ी घटना घटी, जो आन्दोलन से जुड़ी थी।
👉 इसमें किसानों ने कूँता, लागतें और बेगार न देने का निर्णय लिया।
👉 इसलिए 1921 की चाँदखेड़ी घटना का सम्बन्ध बेगूँ किसान आन्दोलन से है।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन
ट्रेंच कमीशन संबंधित है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन सन् 1921 ई. में प्रारम्भ हुआ।
👉 किसानों ने यहाँ लागतों और बेगार प्रथा का कड़ा विरोध किया।
👉 उनकी शिकायतों की जाँच के लिए सरकार ने ट्रेंच कमीशन नियुक्त किया।
👉 इस आयोग ने अधिकांश करों को उचित ठहराया और किसानों को निराश किया।
👉 1923 ई. में गोविन्दपुरा गाँव में गोलीकाण्ड भी इसी से जुड़ा था।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ किसान आन्दोलन
किस व्यक्ति के कहने पर विजयसिंह पथिक राजस्थान में क्रांति का आयोजन करने के लिए खरवा ठाकुर गोपालसिंह के पास आए ?
[स्कूल व्याख्याता 09.01.2020]
👉 विजयसिंह पथिक मूल रूप से एक क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे।
👉 वे 1907 ई. से रासबिहारी बोस और शचीन्द्र सान्याल के सम्पर्क में आए।
👉 रासबिहारी बोस के कहने पर वे राजस्थान पहुंचे।
👉 यहाँ वे खरवा के ठाकुर गोपालसिंह के पास क्रांति की योजना बनाने आए।
👉 इसके बाद ही उनका सम्बन्ध राजस्थान के किसान आन्दोलन से जुड़ा।
✍️ सही उत्तर है – रासबिहारी बोस
निम्नलिखित में से किस महिला ने अजमेर के सत्याग्रह आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
[ACF परीक्षा 2011]
👉 अजमेर में भी स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान सत्याग्रह हुआ।
👉 इस आन्दोलन में कई महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इनमें प्रमुख महिला थीं प्रकाशवती सिन्हा।
👉 उन्होंने महिलाओं को संगठित कर सत्याग्रह में भाग दिलवाया।
👉 उनकी भूमिका से आन्दोलन को नई शक्ति मिली।
✍️ सही उत्तर है – प्रकाशवती सिन्हा
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिये :
(i) डाबरा काण्ड
(ii) नीमूचना काण्ड
(iii) चण्डावल कांड
(iv) मानगढ़ पहाड़ी हत्याकाण्ड
इन घटनाओं का सही कालानुक्रम क्या है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 मानगढ़ पहाड़ी हत्याकाण्ड सन् 1913 ई. में घटित हुआ।
👉 नीमूचाना काण्ड अलवर राज्य में 14 मई 1925 ई. को हुआ।
👉 चण्डावल काण्ड मारवाड़ में 28 मार्च 1942 ई. को हुआ।
👉 डाबड़ा काण्ड जोधपुर राज्य में 13 मार्च 1947 ई. को घटित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – (iv), (ii), (iii), (i)
किसान आन्दोलन के दौरान राव पृथ्वी सिंह की मृत्यु के बाद सरकार द्वारा निम्नांकित में से बिजोलिया का प्रशासक नियुक्त किया था
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 बिजौलिया आन्दोलन के समय राव पृथ्वीसिंह की मृत्यु हो गई।
👉 उसके अल्पवयस्क पुत्र केसरीसिंह को उत्तराधिकारी बनाया गया।
👉 नाबालिग होने से जागीर का प्रशासन दरबार के पास चला गया।
👉 सरकार ने अमरसिंह राणावत को मुंसरिम (प्रशासक) नियुक्त किया।
✍️ सही उत्तर है – अमर सिंह राणावत
1927 में कुंवर मदनसिंह के नेतृत्व में किसानों ने कहाँ आन्दोलन किया हैं ?
[स्कूल व्याख्याता 2011]
👉 सन् 1927 ई. में राजस्थान के किसानों ने नया आन्दोलन शुरू किया।
👉 यह आन्दोलन अत्यधिक लगान और अत्याचारों के विरोध में था।
👉 इसका नेतृत्व कुँवर मदनसिंह ने किया।
👉 आन्दोलन का मुख्य केन्द्र करौली रियासत रही।
👉 किसानों ने यहाँ शोषण के विरुद्ध संगठित होकर संघर्ष किया।
✍️ सही उत्तर है – करौली
ठाकुर पंचम सिंह एवं ठाकुर छत्तर सिंह का सम्बन्ध किस स्थान के आन्दोलन से है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉तसिमो कांड का संबंध धौलपुर प्रजामंडल से हैं यह कांड 8 अप्रैल 1947 को घटित हुआ था|
👉 राजस्थान में कई ठिकानों पर किसानों ने आन्दोलन किए।
👉 इनमें तसीमो आन्दोलन का विशेष स्थान रहा।
👉 इस आन्दोलन से ठाकुर पंचम सिंह और ठाकुर छत्तर सिंह जुड़े थे।
👉 दोनों नेताओं ने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
👉 इसलिए इनका सम्बन्ध तसीमो आन्दोलन से है।
✍️ सही उत्तर है – तसीमो
राजस्थान जाट क्षेत्रीय सभा बनाई गई -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किसानों ने लगान वृद्धि और लागतों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 किसानों को संगठित करने के लिए जाट नेताओं ने सभा बनाई।
👉 इस संगठन का नाम राजस्थान जाट क्षेत्रीय सभा रखा गया।
👉 यह सभा सन् 1931 ई. में स्थापित की गई।
👉 सभा ने शेखावाटी और आस-पास के किसान आन्दोलन को दिशा दी।
✍️ सही उत्तर है – 1931 में
रूपाजी एवं कृपाजी धाकड़ नामक दो किसान किस कृषक आन्दोलन के दौरान शहीद हुए ?
[Head Master 11.10.2021]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में भैरू कुण्ड से शुरू हुआ।
👉 किसानों की शिकायतों की जाँच के लिए सरकार ने ट्रेंच आयोग गठित किया।
👉 13 जुलाई 1923 ई. को गोविन्दपुरा गाँव में सभा आयोजित हुई।
👉 इस सभा पर गोलीकाण्ड हुआ, जिसमें रूपाजी और कृपाजी धाकड़ किसान शहीद हुए।
👉 इस शहादत ने आन्दोलन को और अधिक तेज़ी प्रदान की।
✍️ सही उत्तर है – बेगूँ
बिजौलिया किसान आंदोलन में किस जाति के किसान सर्वाधिक संख्या में थे -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन राजस्थान का प्रथम संगठित किसान आन्दोलन था।
👉 यह आन्दोलन मेवाड़ रियासत के ऊपरमाल ठिकाने से जुड़ा था।
👉 यहाँ के अधिकांश किसान धाकड़ जाति के थे।
👉 धाकड़ किसानों की संख्या लगभग 60 प्रतिशत बताई जाती है।
👉 इसलिए इस आन्दोलन में सर्वाधिक भागीदारी धाकड़ जाति की रही।
✍️ सही उत्तर है – धाकड़
निम्नलिखित में से गलत युग्म को पहचानिए
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 मारवाड़ किसान आन्दोलन में किसानों ने बेगार, लागतों और अधिक लगान का विरोध किया।
👉 इसका नेतृत्व प्रमुख रूप से जयनारायण व्यास जैसे नेताओं ने किया।
👉 दूसरी ओर पं. नयनूराम शर्मा का सम्बन्ध बूँदी किसान आन्दोलन से था।
👉 अतः "मारवाड़ आन्दोलन : पं. नयनूराम" युग्म गलत है।
✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ आन्दोलन : पं. नयनूराम
विजय सिंह पथिक को 1915-16 में बिजोलिया कृषक आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए निवेदन करने वाले व्यक्ति कौन थे ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 1914 ई. में चित्तौड़ में विद्या प्रचारिणी सभा का अधिवेशन हुआ।
👉 इसमें साधु सीतारामदास की मुलाकात विजयसिंह पथिक से हुई।
👉 सीतारामदास पथिक जी से अत्यधिक प्रभावित हुए।
👉 उन्होंने ही पथिक जी को बिजौलिया आन्दोलन का नेतृत्व करने का निवेदन किया।
✍️ सही उत्तर है – सीताराम साधु
विजयसिंह पथिक से सम्बन्धित निम्न कथनों पर विचार कीजिए:-
A) रास बिहारी बोस के क्रान्तिकारी दल से सम्बन्धित थे।
(B) इन्होंने विद्या प्रचारणी सभा स्थापित की।
(C) इन्होंने सेवा समिति की स्थापना की।
(D) साधु सीताराम दास के साथ मिलकर एक अखाड़ा स्थापित किया।
उपर्युक्त में से कौन सा सही है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 विजयसिंह पथिक प्रारम्भ में रासबिहारी बोस के क्रांतिकारी दल से जुड़े रहे।
👉 उन्होंने किसानों की जागरूकता के लिए विद्या प्रचारिणी सभा स्थापित की।
👉 पथिक जी ने राजस्थान सेवा समिति/संघ जैसी संस्थाओं का भी गठन किया।
👉 साधु सीताराम दास के साथ मिलकर उन्होंने किसानों को संगठित किया।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B), (C), (D)
'डाबरा काण्ड' किस क्षेत्र के किसानों से सम्बन्धित है ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 डाबड़ा काण्ड राजस्थान के किसान इतिहास की भीषण घटना थी।
👉 यह काण्ड 13 मार्च 1947 ई. में घटित हुआ।
👉 इसमें जोधपुर राज्य के किसानों पर जागीरदारों ने हमला किया।
👉 घटना में चौधरी पन्नाराम समेत कई किसान शहीद हुए।
👉 इसलिए डाबड़ा काण्ड का सम्बन्ध जोधपुर क्षेत्र के किसानों से है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर
1920 के बाद भील आन्दोलनकारियों की मुख्य मांग का विषय रहा
[RESEARCH OFFICER]
👉 राजस्थान में भील आन्दोलन जागीरदारों के शोषण के विरुद्ध हुआ।
👉 1920 के बाद भीलों ने अपनी मुख्य माँगें रखीं।
👉 इन माँगों में बेगार प्रथा समाप्त करने की बात थी।
👉 साथ ही अत्यधिक लगान से राहत चाही गई।
✍️ सही उत्तर है – बेगार एवं लगान
बेगूं किसान आंदोलन के नेता जो शहीद हुये :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में प्रारम्भ हुआ।
👉 किसानों ने लागतों और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 13 जुलाई 1923 को गोविन्दपुरा गाँव की सभा पर गोलीकाण्ड हुआ।
👉 गोविंदपुरा हत्याकांड में रूपा जी व कृपा जी शहीद हो गए थे
👉 उनकी शहादत ने आन्दोलन को और अधिक तेज़ बना दिया।
✍️ सही उत्तर है – कृपाजी धाकड़ (किरपाजी)
बिजोलिया किसान आन्दोलन में कब किसानों ने असिंचित जोतों से त्याग पत्र देना आरम्भ किया था ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 बिजौलिया आन्दोलन का तृतीय चरण 1923 से 1941 तक चला।
👉 1923 ई. में किसानों से पुनः बेगार लेनी चाही गई।
👉 इसके विरोध में किसानों ने जमीनों का इस्तीफ़ा देने का निश्चय किया।
👉 मई 1927 ई. में किसानों ने असिंचित जोतों से त्याग पत्र देना आरम्भ किया।
✍️ सही उत्तर है – 1927
बरड़ का किसान आन्दोलन किस भूतपूर्व देशी रियासत से सम्बंधित है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 बरड़ क्षेत्र बूंदी जिले का बीहड़ और कठोर भू-भाग था।
👉 यहाँ किसानों से लगभग 25 प्रकार की लाग-बाग वसूली जाती थी।
👉 अप्रैल 1922 ई. में किसानों ने यहाँ आन्दोलन प्रारम्भ किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने किया।
👉 इसलिए बरड़ का किसान आन्दोलन बूँदी रियासत से सम्बंधित है।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी
नानक भील नामक किसान की मृत्यु निम्नलिखित किस कृषक आन्दोलन के दौरान हुई थी ?
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 बूँदी किसान आन्दोलन अप्रैल 1922 ई. में बरड़ क्षेत्र से प्रारम्भ हुआ।
👉 इसमें किसानों ने लागतों और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 2 अप्रैल 1923 ई. को डाबी गाँव में किसानों की बड़ी सभा हुई।
👉 इस सभा पर गोलीकाण्ड हुआ, जिसमें नानक भील और देवीलाल गुर्जर शहीद हो गए।
👉 उनकी शहादत ने आन्दोलन को और अधिक तेज़ कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी किसान आन्दोलन
भोजी लम्बरदार किस किसान आन्दोलन से सम्बन्धित थे ?
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022][स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
👉 सन् 1931 ई. में भरतपुर राज्य में किसानों ने नया आन्दोलन शुरू किया।
👉 इसका मुख्य कारण ऊँची राजस्व दरें और आर्थिक मंदी थी।
👉 इस आन्दोलन में किसानों के नेता भोजी लम्बरदार बने।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के विरुद्ध खड़ा किया।
👉 इसलिए भोजी लम्बरदार का सम्बन्ध भरतपुर किसान आन्दोलन से है।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर
निम्नांकित में से कौन चंपारण एवं बिजोलिया दोनों किसान आंदोलनों से जुड़ा हुआ था ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 बिजौलिया आन्दोलन को प्रचार देने में गणेश शंकर विद्यार्थी की भूमिका रही।
👉 उन्होंने कानपुर से प्रकाशित पत्र प्रताप में इसकी जानकारी दी।
👉 प्रताप पत्र के वे संपादक थे।
👉 यही गणेश शंकर विद्यार्थी चंपारण किसान आन्दोलन से भी जुड़े रहे।
✍️ सही उत्तर है – गणेश शंकर विद्यार्थी
राजस्थान में 'एकी आन्दोलन' का सूत्रपात किसने किया-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 राजस्थान में आदिवासी किसानों पर लागतों और बेगार का भारी बोझ था।
👉 इस शोषण के विरुद्ध एकी आन्दोलन शुरू किया गया।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व समाज सुधारक मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 इसलिए उन्हें एकी आन्दोलन का प्रणेता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
बिजोलिया आन्दोलन के विषय में कौनसे कथन सत्य हैं ?
(i) 1903 ई. में राव कृष्ण सिंह ने बिजोलिया क्षेत्र में चंवरी कर लगाया ।
(ii) पृथ्वी सिंह ने मेवाड़ द्वारा नये जागीरदार से 'तलवार बंधाई के रूप में ली गई रकम का भार जनता पर डाल दिया।
(iii) विरोध स्वरूप किसानों ने सम्पूर्ण जागीर में हल नहीं चलाया।
(iv) पृथ्वी सिंह ने गलती को समझा और किसानों को कुछ रियायतें देने की घोषणा की।
सही उत्तर का चयन कीजिए -
[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]
👉 1903 ई. में बिजौलिया के जागीरदार राव कृष्णसिंह ने किसानों पर चंवरी कर लगाया।
👉 इसके बाद जागीरदार पृथ्वीसिंह ने उत्तराधिकार शुल्क स्वरूप तलवार बंधाई कर जनता पर डाला।
👉 किसानों ने विरोध में सम्पूर्ण जागीर क्षेत्र में हल नहीं चलाया।
👉 लेकिन पृथ्वीसिंह ने किसानों को कोई रियायत नहीं दी।
👉 अतः सही कथन केवल (i), (ii) और (iii) हैं।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) और (iii)
'बेगूं किसान आंदोलन का नेता कौन था ?
[ACF परीक्षा 2011]
👉 बेगूँ किसान आन्दोलन 1921 ई. में भैरू कुण्ड से प्रारम्भ हुआ।
👉 किसानों ने यहाँ 53 प्रकार की लागतों और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख नेता रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर लगान और करों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 उनकी भूमिका से आन्दोलन को नई दिशा मिली।
✍️ सही उत्तर है – रामनारायण चौधरी
'कूदण' की घटना किस किसान आंदोलन से सम्बन्धित है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 कुंदन गांव हत्याकांड में आसाराम, टिकुराम, चेतराम व तुलसाराम किस शहीद हो गये थे|
👉 शेखावाटी क्षेत्र में किसानों ने भू-राजस्व वृद्धि और लागतों के विरुद्ध आन्दोलन किया।
👉 यह आन्दोलन मुख्यतः सीकर ठिकाने से जुड़ा था।
👉 25 अप्रैल 1935 ई. को कूदण गाँव में गोलीकाण्ड हुआ।
👉 इसमें कई जाट किसान शहीद हो गए।
👉 इसलिए कूदण की घटना सीकर किसान आन्दोलन से सम्बन्धित है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
बिजोलिया कृषक आन्दोलन को समाचार पत्रों के माध्यम से सम्पूर्ण उत्तर भारत में किसने प्रचारित किया ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 बिजौलिया आन्दोलन में किसानों को संगठित करने का श्रेय पथिक जी को है।
👉 उन्होंने आन्दोलन को राजनीतिक गति प्रदान की।
👉 पथिक जी ने विभिन्न समाचार पत्रों में इसकी जानकारी दिलवाई।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
डाबी के किसान आन्दोलन में 'झण्डा गीत' गाते गाते राज्य पुलिस की गोली से कौन शहीद हुआ था ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 डाबी किसान आन्दोलन बूँदी रियासत के किसानों का प्रमुख आन्दोलन था।
👉 यह आन्दोलन अप्रैल 1922 ई. से प्रारम्भ हुआ और किसानों ने बेगार व लागतों का विरोध किया।
👉 2 अप्रैल 1923 ई. को डाबी में हुई सभा पर राज्य पुलिस ने गोलीकाण्ड किया।
👉 इस दौरान ‘झण्डा गीत’ गाते हुए नानकजी भील शहीद हो गए।
👉 उनके साथ देवीलाल गुर्जर भी इस गोलीकाण्ड में शहीद हुए।
✍️ सही उत्तर है – नानकजी भील
ठक्कर बापा ने भील सेवा समिति के तत्वाधान में कहाँ 'भील आश्रम' की स्थापना की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 ठक्कर बापा ने आदिवासी समाज के उद्धार हेतु कार्य किया।
👉 उन्होंने भीलों के लिए भील सेवा समिति चलाई।
👉 इसी समिति के तत्वाधान में एक भील आश्रम स्थापित किया गया।
👉 यह आश्रम ऋषभदेव में शुरू किया गया।
✍️ सही उत्तर है – ऋषभदेव
22 जून, 1908 ई. को चित्तौड़ में राशमी परगना स्थित मातृकुण्डियाँ नामक स्थान पर कौनसा किसान आंदोलन प्रारंभ हुआ -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 22 जून 1908 ई. को चित्तौड़ के राशमी परगना के मातृकुण्डियाँ में आंदोलन शुरू हुआ।
👉 यह आन्दोलन मुख्यतः आदिवासी भील किसानों से जुड़ा था।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 किसानों को बेगार और लागतों से मुक्ति दिलाने का आह्वान किया गया।
👉 इस ऐतिहासिक आन्दोलन को एकी आन्दोलन कहा गया।
✍️ सही उत्तर है – एकी आन्दोलन
अजमेर में 'राजस्थान सेवा संघ' की स्थापना की गई थी ?
[स्कूल व्याख्याता 2011]
👉 किसानों और जनता को संगठित करने के लिए एक संस्था बनाई गई।
👉 इस संस्था का नाम राजस्थान सेवा संघ रखा गया।
👉 इसका मुख्यालय अजमेर में स्थापित किया गया।
👉 संघ की स्थापना का श्रेय प्रमुख नेता विजयसिंह पथिक को जाता है।
👉 इस संघ ने विभिन्न किसान आन्दोलनों को दिशा दी।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
बेगूं किसान आंदोलन का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसके द्वारा किया गया था ?
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 बिजौलिया आन्दोलन की लपटें पड़ोसी बेगूं जागीर तक पहुँचीं।
👉 यहाँ किसानों पर लगभग 53 प्रकार की लागतें लगती थीं।
👉 1921 ई. में मेनाल के भैरू कुण्ड से यह आन्दोलन शुरू हुआ।
👉 इसका नेतृत्व पथिक जी के कहने पर रामनारायण चौधरी ने किया।
✍️ सही उत्तर है – रामनारायण चौधरी
किस पुलिस सुपरिटेन्डेंट के आदेश से नानक़ भील को डाबी में 1923 में आयोजित किसान सभा में गोली मारी गई ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 बूँदी किसान आन्दोलन के दौरान 2 अप्रैल 1923 ई. को डाबी में सभा हुई।
👉 इस सभा की अध्यक्षता पं. नयनूराम शर्मा कर रहे थे।
👉 सभा पर प्रशासन ने अंधाधुंध गोलियाँ चलवाईं।
👉 गोलीकाण्ड का आदेश पुलिस सुपरिटेन्डेंट इकराम हुसैन ने दिया।
✍️ सही उत्तर है – इकराम हुसैन
1897 ई. में बिजौलियाँ के किसानों ने (जो गिरधरपुरा गाँव में एकत्रित थे) निम्न में से किन्हें महाराणा से मिलने के लिए उदयपुर भेजा ?
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 1897 ई. में बिजौलिया के किसान गिरधरपुरा गाँव में एकत्र हुए।
👉 यहाँ किसानों ने जागीरदार के अत्याचारों का विरोध किया।
👉 सभा में यह निर्णय लिया गया कि शिकायत सीधे महाराणा उदयपुर तक पहुँचाई जाए।
👉 इसके लिए किसानों ने नानजी पटेल और ठाकरी पटेल को उदयपुर भेजा।
👉 लेकिन शिकायत करने पर भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
✍️ सही उत्तर है – नानजी पटेल और ठाकरी पटेल
व्यक्ति, जिसने 'दूधवाखारा के किसान आन्दोलन' में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया :
[स्कूल व्याख्याता 14.12.2020]
👉 दूधवाखारा आन्दोलन बीकानेर राज्य का प्रमुख किसान आन्दोलन था।
👉 इसमें किसानों ने जागीरदारों के अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व चौधरी हनुमानसिंह बुड़ानिया ने किया।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों का विरोध कराया।
👉 इसलिए उनका योगदान आन्दोलन में सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – हनुमान सिंह
इनमें से कौन बिजौलिया किसान आन्दोलन से सम्बन्धित नहीं था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन से साधु सीताराम दास, विजयसिंह पथिक, माणिक्यलाल वर्मा और रामनारायण चौधरी जैसे नेता जुड़े थे।
👉 इन नेताओं ने किसानों को संगठित कर 84 प्रकार की लागतों और बेगार का विरोध किया।
👉 दूसरी ओर छगनलाल (छगनराज) चौपासनीवाला का सम्बन्ध मारवाड़ क्षेत्र के आन्दोलन से था।
👉 उनका जुड़ाव बिजौलिया आन्दोलन से नहीं रहा।
👉 अतः सही विकल्प वही है जो बिजौलिया किसान आन्दोलन से संबद्ध नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – छगनलाल (छगनराज) चौपासनीवाला
साधु सीताराम दास किस कृषक आन्दोलन से सम्बन्धित था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 साधु सीताराम दास किसानों के प्रमुख संगठक और नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर 84 प्रकार की लागतों और करों का विरोध किया।
👉 उनका सम्बन्ध मेवाड़ रियासत के बिजौलिया किसान आन्दोलन से था।
👉 उन्होंने किसानों को पंचायत के माध्यम से एकजुट किया।
👉 इसलिए वे इस आन्दोलन के प्रारम्भिक नेता कहलाए।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
ब्यावर मैं सनातन धर्म विद्यालय के संस्थापक स्वतंत्रता सेनानी थे :
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 ब्यावर में शिक्षा और स्वतंत्रता चेतना फैलाने के प्रयास हुए।
👉 यहाँ सनातन धर्म विद्यालय की स्थापना की गई।
👉 इसके संस्थापक स्वतंत्रता सेनानी दामोदरदास राठी थे।
👉 उन्होंने विद्यालय को राष्ट्रीय जागरण केंद्र बनाया।
✍️ सही उत्तर है – दामोदरदास राठी
हुरडा सम्मेलन में कोटा का प्रतिनिधित्व किसने किया?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 किसान आंदोलनों के बीच हुरड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया।
👉 इसमें राजस्थान की विभिन्न रियासतों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
👉 कोटा रियासत की ओर से इसमें दुर्जनसाल ने भाग लिया।
👉 उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
✍️ सही उत्तर है – दुर्जनसाल
निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुए कृषकों के नृशंस हत्याकांड को महात्मा गांधी ने 'जलियावाला बाग हत्याकाण्ड से बढ़कर बताया ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 14 मई 1925 ई. को अलवर राज्य के नीमूचाणा गाँव में घटना हुई।
👉 यहाँ किसानों पर राज्य की सेना ने मशीनगनों से गोलियाँ बरसाई।
👉 इस भीषण नरसंहार में अनेक किसान शहीद हो गए।
👉 महात्मा गांधीजी ने इसे जलियाँवाला बाग से भी अधिक भीषण बताया।
👉 उन्होंने इस हत्याकाण्ड को "दोहरी डायरशाही" की संज्ञा दी।
✍️ सही उत्तर है – नीमूचाणा
1897 में बिजोलिया के बैरीसाल गांव के किन प्रतिनिधियों ने उदयपुर के महाराणा से भेंट की ?
[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]
👉 1897 ई. में बिजौलिया के गंगाराम धाकड़ के मृत्युभोज पर किसान इकट्ठे हुए।
👉 साधु सीतारामदास के कहने पर किसानों ने शिकायत करने का निर्णय लिया।
👉 इसके लिए नानकजी पटेल और ठाकरी पटेल को उदयपुर भेजा गया।
👉 दोनों ने महाराणा फतेहसिंह से जाकर भेंट की।
✍️ सही उत्तर है – नानकजी पटेल और ठाकरी पटेल
बिजोलिया किसान आन्दोलन (1913) का नेतृत्व किसने किया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 राजस्थान का पहला संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया में चला।
👉 इस आन्दोलन की शुरुआत सन् 1913 ई. में हुई।
👉 किसानों ने लागतों और बेगार प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई।
👉 प्रारम्भिक चरण में इसका नेतृत्व साधु सीताराम दास ने किया।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के विरुद्ध संघर्ष कराया।
✍️ सही उत्तर है – साधु सीताराम दास
निम्नलिखित में से शेखावाटी की किस महिला ने किसान आन्दोलन का नेतृत्व किया ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 किशोरी देवी के अलावा इस किसान आंदोलन में उत्तमा देवी ,फूला देवी ,दुर्गा देवी महिलाओं ने भाग लिया|
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में किसानों ने लागतों और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 इस आन्दोलन में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
👉 25 अप्रैल 1934 ई. को कटराथल में विशाल महिला सम्मेलन आयोजित हुआ।
👉 इसमें 10,000 से अधिक महिलाएँ शामिल हुईं और नेतृत्व किशोरी देवी ने किया।
👉 उनके नेतृत्व से आन्दोलन में महिलाओं की सक्रिय भूमिका सिद्ध हुई।
✍️ सही उत्तर है – किशोरी देवी
किस वर्ष नीमूचाणा दुखान्त घटना हुई थी -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 नीमूचाणा काण्ड राजस्थान के किसान आंदोलनों का एक भीषण हत्याकाण्ड था।
👉 यह घटना अलवर रियासत के नीमूचाणा गाँव में हुई।
👉 किसानों पर राज्य की सेना ने मशीनगनों से गोलियाँ चलाईं।
👉 इसमें अनेक किसान शहीद हुए और आन्दोलन और प्रबल हुआ।
👉 यह दुखान्त घटना सन् 1925 ई. में घटी।
✍️ सही उत्तर है – 1925
मानगढ़ नरसंहार किस वर्ष में हुआ ?
[उपनिरीक्षक (SI) 14.09.2021]
👉 मानगढ़ पर्वत आदिवासी भीलों का प्रमुख आध्यात्मिक केन्द्र था।
👉 यहाँ भील समुदाय ने अपने गुरु गोविन्दगिरि के नेतृत्व में सभा की।
👉 अंग्रेजों व रियासती सेनाओं ने इस सभा पर मशीनगनों से हमला किया।
👉 यह भीषण घटना सन् 1913 ई. में घटित हुई।
✍️ सही उत्तर है – 1913 ई.
“तिवारा कर" वसूला जाता था
[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]
👉 राजस्थान में किसानों से अनेक प्रकार की लागतें और कर वसूले जाते थे।
👉 इन्हीं में से एक था “तिवारा कर”।
👉 यह कर विशेष अवसरों पर किसानों से अनिवार्य रूप से लिया जाता था।
👉 इस कर ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया।
✍️ सही उत्तर है – दिवाली और होली जैसे पर्वों पर
विजय सिंह पथिक द्वारा बैरीसाल में गठित किसानों के संगठन का नाम था -
[AEN परीक्षा 30.06.2024]
👉 विजयसिंह पथिक ने बिजौलिया आन्दोलन को संगठित रूप देने का कार्य किया।
👉 1917 ई. में बैरीसाल का बास गाँव आन्दोलन का प्रमुख केन्द्र बना।
👉 यहाँ पथिक जी ने किसानों का संगठन गठित किया।
👉 इस संगठन का नाम किसान पंचायत बोर्ड रखा गया।
👉 इसका उद्देश्य किसानों को एकजुट कर करों और बेगार के विरुद्ध संघर्ष करना था।
✍️ सही उत्तर है – किसान पंचायत बोर्ड
निम्न मैं से कौन बूंदी राज्य में हुए कृषक आन्दोलन का नेता था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 बूँदी राज्य में किसानों पर लगभग 25 प्रकार की लाग-बाग और बेगार लादी जाती थी।
👉 अप्रैल 1922 ई. में किसानों ने बरड़ क्षेत्र से आन्दोलन प्रारम्भ किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व पं. नयनूराम शर्मा ने किया।
👉 उन्हें रामनारायण चौधरी जैसे नेताओं का सहयोग मिला।
👉 इसलिए बूंदी राज्य के किसान आन्दोलन के नेता नयनूराम शर्मा थे।
✍️ सही उत्तर है – नयनूराम शर्मा
मेव कृषक आन्दोलन का मुख्य नेता कौन था ?
👉 अलवर राज्य में मेव कृषक आन्दोलन 1932 ई. में शुरू हुआ।
👉 इस आन्दोलन की मुख्य माँगें लगान में कमी और जंगलों से राहत थीं।
👉 किसानों ने अंजुमन-ए-खादिम-उल-इस्लाम संस्था के माध्यम से संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व गुड़गाँव के प्रमुख नेता यासीन खाँ ने किया।
👉 यासीन खाँ को मेव कृषक आन्दोलन का मुख्य नेता माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – यासीन खाँ
श्रीमती रमा देवी राजस्थान के किस किसान आन्दोलन से सम्बद्ध रही ?
[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]
👉 श्रीमती रमा देवी राजस्थान की प्रमुख महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं।
👉 उन्होंने महिलाओं को जागरूक कर किसान आन्दोलन में जोड़ा।
👉 सन् 1931 ई. में उन्होंने बिजौलिया किसान आन्दोलन में भाग लिया।
👉 आन्दोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया।
👉 उनकी भागीदारी से आन्दोलन में महिलाओं की सक्रिय भूमिका दिखी।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया
सीताराम साधू का निम्नलिखित में से किस आन्दोलन से संबंध था ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 साधु सीताराम दास किसानों के प्रमुख संगठक और नेता थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर ठिकानेदारों के विरुद्ध खड़ा किया।
👉 उनका सम्बन्ध मेवाड़ रियासत के बिजौलिया कृषक आन्दोलन से था।
👉 यहाँ किसानों से 84 प्रकार की लागतें और कर वसूले जाते थे।
👉 सीताराम दास ने किसानों को पंचायत के माध्यम से नेतृत्व दिया।
✍️ सही उत्तर है – बिजौलिया कृषक आन्दोलन
निम्नलिखित में से कौन बिजोलिया किसान आन्दोलन का नेता था -
[स्कूल व्याख्याता (कोच) 11.04.2015]
👉 राजस्थान का प्रथम संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया में हुआ।
👉 यहाँ किसानों से 84 प्रकार की लाग-बाग और कर वसूले जाते थे।
👉 इस अन्याय के विरुद्ध किसानों को संगठित करने का कार्य साधु सीताराम दास ने किया।
👉 उन्होंने किसानों को ठिकानेदारों के विरुद्ध संघर्ष के लिए तैयार किया।
👉 इसलिए वे बिजौलिया किसान आन्दोलन के प्रमुख नेता माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – साधु सीताराम दास
निम्न में से बूंदी के शासन के विरुद्ध गुर्जरों का कौन सा आंदोलन था ?
[Protection Officer 29.05.2019]
👉 बूँदी राज्य में किसानों पर अत्यधिक लागतें, लगान और बेगार प्रथा थोपी जाती थी।
👉 इन शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध गुर्जर किसानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 गुर्जरों का यह आन्दोलन बूँदी राज्य के शासन के अत्याचारों के विरोध में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी का किसान आन्दोलन


बिजोलिया किसान आन्दोलन के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
A. बिजोलिया किसान आन्दोलन सम्बन्धी जानकारी देने हेतु विजय सिंह पथिक गांधीजी से मिलने वर्धा गंये थे।
B. प्रयाग के अभ्युदय एवं कलकत्ता के भारत मित्र समाचार-पत्रों ने बिजोलिया किसान आन्दोलन सम्बन्धी समाचारों का नियमित रूप से प्रकाशन किया था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर को चुनिये :
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन की खबरें कई समाचार पत्रों में प्रकाशित हुईं।
👉 प्रयाग से प्रकाशित अभ्युदय और कलकत्ता से भारत मित्र ने इसका प्रचार किया।
👉 पथिक जी वर्धा अवश्य गए, पर वहाँ से उन्होंने राजस्थान केसरी प्रारम्भ किया।
✍️ सही उत्तर है – केवल B सही है
“अलवर मेव किसान आंदोलन" का नेतृत्व किसने किया था ?
[Asst. Town Planner 16.06.2023]
👉 अलवर में 1932 ई. में मेवों ने विद्रोह किया।
👉 उनकी मुख्य माँग जंगलों के समाप्त करने और फसल बचाने की थी।
👉 इस आंदोलन को अंजुमन-ए-खादिम-उल-इस्लाम संस्था ने संगठित किया।
👉 आगे चलकर इसका नेतृत्व चौधरी यासीन खान ने संभाला।
✍️ सही उत्तर है – चौधरी यासीन खान
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
कृषक आंदोलन - नेता
👉 बिजौलिया आन्दोलन की लपटें बेगूँ जागीर तक पहुँचीं।
👉 यहाँ किसानों से लगभग 53 प्रकार की लागतें वसूली जाती थीं।
👉 1921 ई. में मेनाल के भैरू कुण्ड से आन्दोलन का शुभारम्भ हुआ।
👉 इसका नेतृत्व विजयसिंह पथिक के कहने पर रामनारायण चौधरी ने किया।
👉 1925 ई. के बंदोबस्त समझौते में 34 लागतें समाप्त और बेगार पर रोक लगी।
✍️ सही उत्तर है – सीकर - कल्याण सिंह
निम्न में से किस संस्था के माध्यम से विजय सिंह पथिक ने बिजोलिया किसान आंदोलन को आगे बढ़ाया ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 1914 ई. में चित्तौड़ में विद्या प्रचारिणी सभा का अधिवेशन हुआ।
👉 इसी अधिवेशन में साधु सीतारामदास ने पथिक जी को आमंत्रित किया।
👉 बाद में पथिक जी ने इसी सभा के माध्यम से किसानों को जागरूक किया।
👉 इस प्रकार आन्दोलन को नई दिशा मिली।
✍️ सही उत्तर है – विद्या प्रचारिणी सभा
भरतपुर का जाट नेता जिसने शेखावटी के जाट कृषकों को विद्रोह हेतु प्रेरित किया, वह था
[SI (मोटर वाहन) 2013]
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में जाट किसानों ने ठिकानेदारों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस आन्दोलन को बाहर से भी नेताओं का समर्थन मिला।
👉 भरतपुर के जाट नेता ठाकुर देशराज ने शेखावाटी किसानों को प्रेरित किया।
👉 उन्होंने किसानों को विद्रोह हेतु संगठित किया और जागरूकता फैलाई।
👉 इस कारण उनका नाम शेखावाटी किसान आन्दोलन से जुड़ा।
✍️ सही उत्तर है – देशराज
बिजोलिया किसान आन्दोलन के दौरान प्रवर्तित विद्या प्रचारिणी सभ्षा के प्रवर्तक थे :
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन में किसानों को शिक्षित व संगठित करने का प्रयास हुआ।
👉 इस सभा को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख प्रवर्तक विजयसिंह पथिक थे।
👉 उन्होंने आन्दोलन को नई पहचान दी।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
बिजौलिया किसान आंदोलन के प्रणेता निम्न में से कौन थे ?
[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]
👉 राजस्थान का प्रथम संगठित किसान आन्दोलन बिजौलिया में हुआ।
👉 प्रारम्भ में इसका नेतृत्व साधु सीताराम दास ने किया।
👉 लेकिन इसे व्यापक रूप और नई दिशा विजयसिंह पथिक ने दी।
👉 पथिक जी ने इसे असहयोग और अहिंसात्मक स्वरूप प्रदान किया।
👉 इसलिए बिजौलिया किसान आन्दोलन के प्रणेता माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – विजयसिंह पथिक
भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान जेंटलमैन एग्रीमेंट किन किन के मध्य संपन्न हुआ था?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 भारत छोड़ो आन्दोलन के समय जयपुर में राजनीतिक समझौता हुआ।
👉 इसे इतिहास में जेंटलमैन एग्रीमेंट कहा गया।
👉 यह समझौता जयपुर प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल और
👉 प्रजामण्डल नेता हीरालाल शास्त्री के मध्य हुआ।
✍️ सही उत्तर है – मिर्जा इस्माइल और हीरालाल शास्त्री
निम्न में से किस किसान आन्दोलन से 'कांगड़ काण्ड' को सम्बन्ध था ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 कांगड़ गाँव रतनगढ़ तहसील (चूरू) का भाग था।
👉 यहाँ के जागीरदार ने किसानों पर अत्याचार किए।
👉 28 अक्टूबर, 1946 को किसानों से जबरन राजस्व वसूला गया।
👉 यह घटना बीकानेर राज्य के किसान आन्दोलन से जुड़ी थी।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
राजस्थान के "जलियावाला बाग" नाम से प्रख्यात स्थान 'मानगढ़ नाम' स्थित है :
[AEN Pre. 2013]
👉 राजस्थान का "जलियावाला बाग" मानगढ़ पहाड़ी को कहा जाता है।
👉 यहाँ सन् 1913 ई. में अंग्रेजों और रियासती सेना ने भील आदिवासियों पर गोलीकाण्ड किया।
👉 यह स्थान राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्र बांसवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 घटना में हजारों भील शहीद हुए, जिन्हें अमर शहीदों के रूप में याद किया जाता है।
👉 इसलिए मानगढ़ को राजस्थान का जलियावाला बाग कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बांसवाड़ा
भरतपुर का जाट नेता जिसने शेखावाटी के किसानों को कृषक आंदोलन के लिए प्रेरित किया ? [*]
[स्कूल व्याख्याता 09.01.2020]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
'नीमूचणा किसान आन्दोलन हत्याकाण्ड' राजपूताना की किस रियासत में हुआ था ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 नीमूचणा किसान आन्दोलन 14 मई 1925 ई. को हुआ।
👉 इसमें किसानों पर राज्य की सेना ने मशीनगनों से गोलियाँ चलाईं।
👉 यह भीषण हत्याकाण्ड अलवर राज्य के नीमूचणा गाँव में हुआ।
👉 इस घटना में अनेक किसान शहीद हो गए।
👉 गांधीजी ने इसे "दोहरी डायरशाही" की संज्ञा दी।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
कृषकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिये विजयसिंह पथिक ने किस संस्था की स्थापना की थी ? [*]
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।
निम्न में से किसके द्वारा 'वीर भारत सभा' का गठन किया गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 राजस्थान में क्रान्तिकारी चेतना के प्रसार हेतु कई गुप्त संगठन बने।
👉 इन्हीं में एक संगठन था “वीर भारत सभा”।
👉 इस सभा का गठन प्रसिद्ध क्रान्तिकारी केसरीसिंह बारहठ ने किया।
👉 इसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति और स्वाधीनता भावना जगाना था।
👉 सभा ने स्वतंत्रता आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✍️ सही उत्तर है – केसरीसिंह बारहठ
निम्नलिखित में से कौनसी रियासत में 'दुधवाखारा किसान आन्दोलन' हुआ था ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 1944 ई. में दूधवाखारा गाँव में किसान आन्दोलन हुआ।
👉 यहाँ के जागीरदार ने अतिरिक्त कर वसूली का प्रयास किया।
👉 किसानों ने इसका विरोध कर महाराजा से अपील की।
👉 यह आन्दोलन बीकानेर रियासत में हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर
बिजोलिया की जनता पर 'चंवरी' नाम से एक 'लाग' (कर) प्रत्यारोपित करने वाला जागीरदार कौन था ?
[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]
👉 1894 ई. के बाद बिजौलिया के जागीरदार राव कृष्णसिंह बने।
👉 उन्होंने किसानों से लगभग 84 प्रकार की लागतें वसूल कीं।
👉 1903 ई. में उन्होंने नया कर ‘चंवरी लाग’ लगाया।
👉 इस कर का किसानों ने कट्टर विरोध किया।
✍️ सही उत्तर है – राव कृष्णसिंह
शेखावाटी में कटराथल में अप्रेल, 1934 ई. में किसके नेतृत्व में हजारों जाट महिलाओं ने किसान आंदोलन में भाग लिया -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 शेखावाटी किसान आन्दोलन में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी भाग लिया।
👉 अप्रैल 1934 ई. में कटराथल में विशाल महिला सम्मेलन आयोजित हुआ।
👉 इस सम्मेलन में हजारों जाट महिलाओं ने हिस्सा लिया।
👉 सम्मेलन का नेतृत्व किशोरी देवी ने किया।
👉 उनके नेतृत्व से महिलाओं की सक्रिय भूमिका सिद्ध हुई।
✍️ सही उत्तर है – किशोरी देवी
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म गलत सुमेलित है ?
RAS Pre. 28.08.2016
कृषक आंदोलन - नेता
👉 बीकानेर क्षेत्र के किसान आन्दोलन का नेतृत्व स्थानीय नेताओं ने किया।
👉 नरोत्तम लाल जोशी का सम्बन्ध मुख्यतः शेखावाटी किसान आन्दोलन से था।
👉 उन्होंने जकात आन्दोलन तथा किसानों की समस्याओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इसलिए "बीकानेर – नरोत्तम लाल जोशी" का युग्म गलत है।
✍️ सही उत्तर है – बीकानेर – नरोत्तम लाल जोशी
राजस्थान सेवा संघ की स्थापना कौन से वर्ष में हुई ?
[स्कूल व्याख्याता 2013]
👉 राजस्थान में किसानों और जनता को संगठित करने हेतु एक संस्था बनी।
👉 इसका नाम राजस्थान सेवा संघ रखा गया।
👉 इस संघ के संस्थापक प्रमुख नेता विजयसिंह पथिक थे।
👉 राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 में वर्धा में की गई|
👉 1920 ई में इसे अजमेर स्थानांतरित किया गया था|
✍️ सही उत्तर है – 1919
स्थान जहाँ आऊवा ठाकुर कुशाल सिंह ने अपना अन्तिम समय व्यतीत किया वह था
[स्कूल व्याख्याता 04.08.2020]
👉 आऊवा ठिकाने के प्रसिद्ध ठाकुर कुशाल सिंह 1857 की क्रांति से जुड़े थे।
👉 उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष किया।
👉 संघर्ष असफल होने के बाद वे अपना जीवन गुप्तवास में बिताने लगे।
👉 अन्तिम समय ठाकुर कुशाल सिंह ने उदयपुर में व्यतीत किया।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
निम्नलिखित में से कौन सा समाचार पत्र 1920 में विजयसिंह पथिक ने वर्धा से प्रकाशित किया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 विजयसिंह पथिक किसान आन्दोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध करना चाहते थे।
👉 1920 ई. में वे वर्धा गए और वहाँ से एक समाचार पत्र शुरू किया।
👉 इस पत्र का नाम “राजस्थान केसरी” रखा गया।
👉 इसके माध्यम से किसानों की समस्याएँ देशभर तक पहुँचाई गईं।
👉 इस पत्र ने आन्दोलन को नई दिशा और पहचान दी।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान केसरी
एकी आंदोलन के क्या उद्देश्य थे?
(अ) राज्य व जागीरदारों द्वारा भीलों के किसी भी प्रकार के शोषण का विरोध।
(ब) राज्य व जागीर की कचहरियों (न्यायालयों) का बहिष्कार।
(स) भीलों व गरासियों का सामाजिक उत्थान।
सही उत्तर चुनिए।
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 एकी आन्दोलन भीलों और गरासियों का प्रमुख आन्दोलन था।
👉 इसका उद्देश्य राज्य व जागीरदारों के शोषण का विरोध करना था।
👉 आन्दोलन में राज्य व जागीर की कचहरियों का बहिष्कार किया गया।
✍️ सही उत्तर है – सभी सही हैं
राजस्थान के स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान गिरफ्तार होने वाली राजस्थान की पहली महिला थी :
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 राजस्थान के स्वतंत्रता आन्दोलन में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही।
👉 इनमें सबसे पहले गिरफ्तार होने वाली महिला अंजना देवी चौधरी थीं।
👉 उन्होंने किसानों और महिलाओं को संगठित कर आन्दोलन में भाग लिया।
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन में उनकी भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही।
👉 उनकी गिरफ्तारी ने महिला आन्दोलन को और अधिक प्रेरणा दी।
✍️ सही उत्तर है – अंजना देवी चौधरी
निम्न में कौन प्रसिद्ध बिजोलिया कृषक आंदोलन से संबंधित नहीं था ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 बिजौलिया किसान आन्दोलन में साधु सीतारामदास ने किसानों को संगठित किया।
👉 इसके बाद विजयसिंह पथिक ने नेतृत्व संभाला।
👉 इसमें माणिक्यलाल वर्मा और रामनारायण चौधरी भी सक्रिय रहे।
👉 लेकिन गोविन्द गिरि का इससे कोई सम्बन्ध नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरि
मोतीलाल तेजावत का जन्म कहाँ हुआ ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 आदिवासी किसानों के नेता मोतीलाल तेजावत को एकी आन्दोलन का प्रणेता कहा जाता है।
👉 उन्होंने किसानों को लागतों और बेगार प्रथा से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया।
👉 तेजावत का जन्म स्थान उदयपुर जिले का गाँव कोलियारी था।
👉 यहीं से उन्होंने किसानों की पीड़ा को समझा और उन्हें संगठित किया।
👉 बाद में उन्होंने मातृकुण्डिया से आन्दोलन की शुरुआत की।
✍️ सही उत्तर है – कोलियारी