पुरातत्वविद् नील रत्न बनर्जी और कैलाश नाथ दीक्षित निम्नलिखित किस पुरास्थल के उत्खनन से सम्बद्ध रहे हैं ?
👉 बैराठ (विराटनगर) राजस्थान का एक महत्त्वपूर्ण प्राचीन स्थल है।
👉 यहाँ 1962-63 ई. में उत्खनन कार्य किया गया।
👉 इस कार्य का नेतृत्व नील रत्न बनर्जी और कैलाश नाथ दीक्षित ने किया।
👉 उत्खनन में बौद्ध विहार, स्तूप और मौर्यकालीन अशोक शिलालेख प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित में से किस स्थल से मौर्यकालीन वास्तुकारी के अवशेष प्राप्त हुए हैं ?
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
👉 बैराठ (विराटनगर) से मौर्यकालीन वास्तुकला के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ बीजक की पहाड़ी पर बने स्तूप-चैत्य, अशोक का भाब्रू शिलालेख और बौद्ध विहार मिले हैं।
👉 इस स्थल से लकड़ी व ईंटों से बने मंदिर और गोलाकार चैत्यगृह के प्रमाण भी मिले।
👉 बैराठ को ‘कोटपूतली-बहरोड़ का सिंहद्वार’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
'आहड़ ' सभ्यता से प्राप्त उपकरण मुख्यतः निर्मित है :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 आहड़ सभ्यता से सबसे अधिक संख्या में ताँबे के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ ताँबा गलाने की भट्टियाँ भी मिली हैं, जिससे यह उद्योग अत्यंत विकसित था।
👉 इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘ताम्रवती’ कहा जाता है।
👉 बाद के स्तरों में यहाँ लोहे के उपकरण भी मिले, लेकिन प्रधानता ताँबे की ही रही।
✍️ सही उत्तर है – तांबा
पुरास्थलों से सम्बन्धित निम्नांकित युग्म पर ध्यान दें तथा नीचे दिए गए कोड की सहायता से सही विकल्प चुनिए
पुरास्थल जिला
(A) बालाथल (i) उदयपुर
(B) सुनारी (ii) झुंझुनू
(C) बागोर (iii) राजसमंद
(D) गिलूण्ड (iv) भीलवाड़ा
[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]
कूट -
👉 बालाथल उदयपुर जिले में वल्लभनगर तहसील में स्थित है।
👉 सुनारी नीमकाथाना (झुंझुनू) जिले में कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 बागोर वास्तव में भीलवाड़ा जिले की कोठारी नदी के किनारे है, न कि राजसमंद में।
👉 गिलूण्ड राजसमंद जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है, न कि भीलवाड़ा में।
✍️ सही उत्तर है – (A) और (B) सही हैं तथा (C) और (D) गलत हैं
किस स्थान पर सरस्वती नदी के लुप्त होने का उल्लेख महाभारत में हुआ है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 सरस्वती नदी का प्रवाह प्राचीन काल में पश्चिमी राजस्थान में होता था।
👉 महाकवि कालिदास ने इसे ‘अन्तःसलिला’ कहा है और ऋग्वेद में इसका वर्णन मिलता है।
👉 महाभारत में सरस्वती नदी के विनशन स्थान पर लुप्त किया गया है।
👉 यह नदी आज भी राजस्थान में भूमिगत रूप से बह रही है।
✍️ सही उत्तर है – विनशन
निम्नांकित में से कौन सा कथन सही है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 गणेश्वर एक महत्त्वपूर्ण उत्खनन स्थल है, इसलिए पहला कथन गलत है।
👉 बैराठ मौर्यकालीन बौद्ध केन्द्र था, इसे ग्राम्य संस्कृति केन्द्र कहना सही नहीं है।
👉 कालीबंगा प्राक्-हड़प्पा और हड़प्पा काल का स्थल है, लौह युग से संबंधित नहीं है।
👉 आहड़वासी ताँबा गलाना और ताम्र वस्तुएँ बनाना जानते थे, यह उनका प्रमुख व्यवसाय था।
✍️ सही उत्तर है – आहड़वासियों का महत्वपूर्ण व्यवसाय अयस्क तांबे का गलाना तथा ताम्र वस्तुएँ बनाना था।
गणेश्वर के टीले मुख्य रूप से सम्बन्धित हैं
[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र में पाई गई।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताम्र औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा गया है।
👉 इसलिए गणेश्वर के टीले मुख्य रूप से ताम्र संस्कृति से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – ताम्र संस्कृति से
आहड़ के विषय में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन असत्य है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 आहड़ के उत्खनन से मानव जीवन के विभिन्न चरणों की जानकारी मिलती है।
👉 यहाँ के भवन मिट्टी व कच्ची ईंटों से बने थे।
👉 आहड़वासी दीवारों व नींवों को मजबूत बनाते थे।
👉 इसके लिए वे मिट्टी में क्वार्ट्ज व चिप्स मिलाते थे।
✍️ सही उत्तर है – आवासीय भवनों की नींव ईंटों की होती थी ।
अनाज रखने के बड़े मृद्भाण्ड 'गोरे' व 'कोठे' राजस्थान के किस प्राचीन स्थल से प्राप्त होते हैं ?
[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]
👉 आहड़ सभ्यता से अनाज रखने के बड़े-बड़े मृद्भाण्ड मिले हैं।
👉 इन बर्तनों को स्थानीय भाषा में ‘गोरे’ और ‘बंकोठ’ कहा जाता है।
👉 यह स्थल उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 आहड़ को ‘बनास संस्कृति’ और ‘ताम्रवती’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
आहड़ सभ्यता के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए
(A) आहड़वासी तांबा गलाना जानते थे ।
(B) ये लोग चावल से परिचित नहीं थे |
(C) धातु का काम आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था का एक साधन था ।
(D) यहाँ से काले लाल रंग मद्भाण्ड मिले हैं, जिन पर सामान्यतः सफेद रंग से ज्यामितीय आकृतियाँ उकेरी गईं हैं।
सही विकल्प का चयन कीजिए ―
[RAS Pre. 27.10.2021]
👉 आहड़वासी ताँबा गलाना जानते थे और ताँबे के औज़ार भी बनाते थे।
👉 आहड़वासी चावल से परिचित थे, इसलिए कथन B गलत है।
👉 धातु का काम आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था का प्रमुख साधन था।
👉 यहाँ से लाल-काले मृद्भाण्ड मिले हैं जिन पर काले रंग की ज्यामितीय डिज़ाइन उकेरी गई है।
✍️ सही उत्तर है – A, C एवं D सही हैं
"बनास संस्कृति" निम्नलिखित में से किस स्थल से संबंधित है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 आहड़ सभ्यता का विकास बनास नदी की घाटी में हुआ।
👉 इसी कारण इसे बनास संस्कृति / बनास सभ्यता भी कहा जाता है।
👉 यह स्थल उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है और इसे ‘ताम्रवती’ तथा ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
👉 आहड़ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औजार और लाल-काले मृद्भाण्ड मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
किस ताम्रपाषाणिक स्थल पर सबसे ज्यादा ताम्र सामग्री प्राप्त हुई ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 राजस्थान का प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल गणेश्वर है।
👉 यह नीमकाथाना क्षेत्र की कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से सबसे अधिक मात्रा में ताँबे के औज़ार, हथियार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसीलिए गणेश्वर को भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्नलिखित में से सही सुमेलित नहीं है-
[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]
(पुरातात्विक स्थल - जिला)
👉 आहड़ उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 गणेश्वर सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में कांतली नदी पर स्थित है।
👉 बैराठ (विराटनगर) कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में स्थित है, न कि जयपुर में।
👉 कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में है, चुरू में नहीं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा – चुरू
निम्नलिखित पुरातत्त्वविदों में से किसने बैराठ का उत्खनन किया ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 बैराठ सभ्यता का सर्वप्रथम उत्खनन रायबहादुर दयाराम साहनी ने 1936 ई. में किया।
👉 बाद में 1962-63 ई. में इसका पुनः उत्खनन नीलरत्न बनर्जी व कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा भी किया गया।
👉 यहाँ से सम्राट अशोक का प्रसिद्ध भाब्रू शिलालेख, बौद्ध विहार और प्राचीन मुद्राएँ प्राप्त हुईं।
✍️ सही उत्तर है – डी. आर. साहनी
निम्नलिखित में से किस पुरास्थल के निवासी वस्त्र - बुनाई की तकनीक से परिचित थे ? [*]
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
निम्नांकित में से कौनसे कथन सत्य हैं ?
(i) रंगमहल का उत्खनन वी.एन. मिश्रा एवं राजस्थान राज्य पुरातत्त्व विभाग ने संयुक्त रूप से 1959 ई. में किया था।
(ii) उत्तरी राजस्थान में रंगमहल प्राक्- हड़प्पा युगीन पुरास्थल है।
(iii) रंगमहल का उत्खनन स्वीडन के पुरातत्त्ववेत्ता हन्ना रयड ने 1952-53 ई. में किया था।
(iv) रंगमहल संस्कृति कुषाण कालीन है।
सही उत्तर का चयन कीजिए -
[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]
👉 रंगमहल सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में सरस्वती नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसका उत्खनन स्वीडन निवासी डॉ. हन्नारिड ने 1952–54 ई. में किया।
👉 यहाँ से कुषाण कालीन और पूर्व गुप्त कालीन अवशेष मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – (iii) और (iv)
भीमजी की डूंगरी है
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 भीमजी की डूंगरी प्राचीनकालीन अवशेषों से जुड़ा स्थल है।
👉 यह स्थान बैराठ (विराटनगर) में स्थित है।
👉 यहाँ से अशोक का एक शिलालेख भी मिला था।
👉 बैराठ मत्स्य जनपद की राजधानी रहा था।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ में
निम्न में से कौन सा पुरावशेष कालीबंगा से सम्बन्धित नहीं है ?
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 कालीबंगा सभ्यता से दुर्गनुमा नगर, मृद्भाण्ड, हल से जुते खेत, स्नानागार आदि प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ से लोथल सभ्यता के समान सात अग्निवेदिकाएँ (हवनकुण्ड) भी मिली हैं।
👉 लेकिन शैल चित्र (रॉक पेंटिंग्स) कालीबंगा से नहीं मिले हैं, ये अन्य प्रागैतिहासिक स्थलों से प्राप्त हुए हैं।
👉 इसलिए शैल चित्र का सम्बन्ध कालीबंगा से नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – शैल चित्र
निम्न में से किस सभ्यता को भारत में सभी ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी माना जाता है ?
👉 राजस्थान का प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल गणेश्वर सभ्यता है।
👉 यह नीमकाथाना क्षेत्र में कांतली नदी के मुहाने पर स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 डॉ. विजय कुमार ने गणेश्वर को भारत की सभी ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी कहा है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्न में से कौनसी फसल के साक्ष्य प्रागैतिहासिक राजस्थान से नहीं मिले हैं ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
👉 प्रागैतिहासिक राजस्थान से जौ, गेहूँ, बाजरा, चना, सरसों जैसी फसलों के साक्ष्य मिले हैं।
👉 आहड़ सभ्यता से चावल के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।
👉 लेकिन मक्का के अवशेष किसी भी स्थल से नहीं मिले हैं।
👉 इसलिए मक्का का सम्बन्ध प्रागैतिहासिक राजस्थान से नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – मक्का
राजस्थान में लौह धातु के प्राचीनतम साक्ष्य किस पात्र संस्कृति से प्राप्त हुए हैं ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 राजस्थान में लौह धातु के सबसे पुराने साक्ष्य मिले हैं।
👉 ये साक्ष्य काले व लाल रंग की मृदभाण्ड संस्कृति से जुड़े हैं।
👉 इस संस्कृति को बी एण्ड आर पात्र संस्कृति कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – काले एवं लाल रंग की मृद्भाण्ड संस्कृति (बी एण्ड आर)
राजस्थान में सभ्यता के किस स्थल पर सबसे प्रथम बार हल से जुते हुए खेत के साक्ष्य प्राप्त हुए ?
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 राजस्थान में सबसे प्रथम हल से जुते हुए खेत के साक्ष्य कालीबंगा सभ्यता से मिले।
👉 ये खेत रक्षा प्राचीर के बाहर दक्षिण-पूर्वी भाग में पाए गए।
👉 यहाँ पर मिश्रित फसल (जौ, गेहूँ, बाजरा, चना व सरसों) के प्रमाण मिले।
👉 विशेष बात यह है कि कालीबंगा से चावल के अवशेष नहीं मिले।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
आहड़ संस्कृति के लोग निम्नांकित में से किस धातु से परिचित नहीं थे ?
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 आहड़ सभ्यता से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के औज़ार मिले हैं।
👉 यहाँ से लोहे के उपकरण भी प्राप्त हुए हैं, जैसे कुल्हाड़ी, चाकू, अंगूठियाँ आदि।
👉 लेकिन आहड़ सभ्यता के लोग चाँदी धातु से अपरिचित थे।
👉 इस कारण इन्हें ‘ताम्रनगरी’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – चाँदी
गणेश्वर सभ्यता थी
[कृषि अधिकारी 24.11.2020]
👉 गणेश्वर सभ्यता से प्राप्त उपकरणों में ताँबे की प्रधानता है।
👉 यहाँ से सैंकड़ों ताम्र आयुध और आभूषण मिले हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा गया है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र को ताँबे की आपूर्ति गणेश्वर से होती थी।
✍️ सही उत्तर है – ताम्र युगीन
1950-53 में कालीबंगा के उत्खनन कार्य में जिस पुरातत्त्ववेत्ता का प्रमुख योगदान रहा, वह है : [*]
[स्कूल व्याख्याता 17.07.2016]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
कौन सी फसल का उत्पादन आहड़ में नहीं होता था [*]
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
कालीबंगा का प्रथम उत्खननकर्त्ता कौन था ?
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 कालीबंगा सभ्यता की जानकारी सर्वप्रथम डॉ. अमलानन्द घोष ने 1952 ई. में दी।
👉 बाद में 1961 से 1969 तक भारतीय पुरातत्व विभाग ने बी. वी. लाल और बी. के. थापर के नेतृत्व में यहाँ व्यवस्थित उत्खनन किया।
👉 कालीबंगा से हड़प्पा व प्राक्-हड़प्पा कालीन सामग्री प्राप्त हुई।
✍️ सही उत्तर है – ए. घोष
प्रो. एच. डी. सांकलिया के निर्देशन में जिस सभ्यता स्थल का उत्खनन हुआ, वह है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 राजस्थान का प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल आहड़ सभ्यता है।
👉 इसका बड़ा उत्खनन कार्य 1961-62 ई. में किया गया।
👉 इस उत्खनन का नेतृत्व प्रो. एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने किया।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
बैराठ के 'बौद्ध मठ' और 'अशोक स्तंभ के आधार पर राजस्थान के बौद्ध धर्म के प्रमुख स्थान थे -
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 बैराठ (विराटनगर) में उत्खनन से बौद्ध विहार और सम्राट अशोक का शिलालेख (भाब्रू शिलालेख) मिला है।
👉 यहाँ बीजक की पहाड़ी से स्तूप व चैत्य के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।
👉 इन आधारों पर बैराठ को राजस्थान में बौद्ध धर्म का प्रमुख केन्द्र माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ, लालसोट, शेरगढ़, नगरी
निम्न में से कौनसा स्थान आहड़ सभ्यता से संबंधित नहीं है ? [*]
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
किस प्राचीन सभ्यता केन्द्र को तामव्रती नगरी नाम से भी जाना जाता है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 प्राचीन शिलालेखों में इसका उल्लेख ताम्रवती नगरी के नाम से हुआ है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और लाल-काले मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
👉 इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
आहड़ संस्कृति का नवीनतम उत्खनित स्थल है :
[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]
👉 आहड़ संस्कृति से जुड़े कई स्थलों का उत्खनन हुआ है।
👉 इनमें से बालाथल (उदयपुर के पास वल्लभनगर तहसील) को आहड़ संस्कृति का नवीनतम उत्खनित स्थल माना जाता है।
👉 यहाँ से ताँबे के सिक्के, लोहे की भट्टियाँ, दुर्गनुमा भवन और मिट्टी की मूर्तियाँ मिली हैं।
👉 इस स्थल से योगी मुद्रा में शवाधान तथा कुष्ठ रोग का सबसे प्राचीन प्रमाण भी मिला।
✍️ सही उत्तर है – बालाथल
फसलों के उस समुच्चय को चिन्हित कीजिए जिसकी समस्त फसलें आहड़ संस्कृति स्थलों से प्राप्त हुई हैं
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
👉 आहड़ सभ्यता से गेहूँ, ज्वार और चावल के अवशेष मिले हैं।
👉 यह स्थल लाल-काले मृद्भाण्डों तथा ताँबे के उपकरणों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 अन्य विकल्पों में दी गई रागी, मूंगफली, चना जैसी फसलों के साक्ष्य आहड़ से नहीं मिले।
👉 इसलिए सही फसल समूह जौ, बाजरा, चावल नहीं बल्कि गेहूँ, ज्वार, चावल है।
✍️ सही उत्तर है – जौ, बाजरा, चावल
प्राचीन सभ्यता स्थल एवं उनके जिले को सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये सही कूट का चयन कीजिए :
(स्थल) (जिला)
A. सिंघी तालाव I. जयपुर
B. तिलवाड़ा II. चित्तौड़गढ़
C. बीजक की पहाड़ी III. बाड़मेर
D. नगरी IV. नागौर
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
कूट :
A B C D
👉 सिंघी तालाव – नागौर जिले में स्थित है।
👉 तिलवाड़ा – बाड़मेर (बालोतरा) जिले में लूनी नदी के किनारे स्थित है।
👉 बीजक की पहाड़ी – जयपुर (विराटनगर/बैराठ) जिले में है।
👉 नगरी – चित्तौड़गढ़ जिले में बेड़च नदी के तट पर स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – IV III I II
अधोलिखित पुरातत्ववेत्ताओं में से कौन सा आहड़ के उत्खनन से संबद्ध नहीं है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 आहड़ सभ्यता का सर्वप्रथम उत्खनन 1953 ई. में अक्षय कीर्ति व्यास ने किया।
👉 इसके बाद 1956 ई. में आर. सी. अग्रवाल तथा 1961-62 ई. में एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने उत्खनन किया।
👉 इन अभियानों में विजय कुमार और पी. सी. चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे।
👉 बी. बी. लाल का नाम आहड़ के उत्खनन से संबद्ध नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – बी. बी. लाल
राजस्थान का प्रमुख पूर्व ऐतिहासिक स्थल 'तिलवाड़ा' किस नदी के किनारे स्थित है ?
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
👉 तिलवाड़ा सभ्यता राजस्थान के बालोतरा क्षेत्र में स्थित है।
👉 यह प्रागैतिहासिक स्थल लूनी नदी के किनारे विकसित हुआ था।
👉 यहाँ से पशुपालन के प्राचीनतम अवशेष, स्लेटी व लाल रंग के मृद्भाण्ड और जली हुई हड्डियाँ मिली हैं।
👉 इस स्थल का उत्खनन 1966–67 ई. में डॉ. वी. एन. मिश्र के निर्देशन में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – लूनी
कालीबंगा से निम्न में से किस फसल के अवशेष प्राप्त हुए हैं ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]
👉 कालीबंगा सभ्यता से हल से जुते खेतों के अवशेष मिले हैं।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसलों के रूप में जौ, गेहूँ, बाजरा, चना और सरसों के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
👉 परन्तु यहाँ से चावल के अवशेष नहीं मिले हैं।
👉 इसलिए सही उत्तर जौं है।
✍️ सही उत्तर है – जौं
राजस्थान में जुते हुए खेत के प्राचीनतम साक्ष्य निम्नांकित में किस स्थल पर प्राप्त हुए हैं ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]
👉 राजस्थान में जुते हुए खेत के प्राचीनतम साक्ष्य कालीबंगा से मिले हैं।
👉 यहाँ रक्षा प्राचीर के बाहर दक्षिण-पूर्वी भाग में हल से जुते खेत पाए गए।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसल (जौ, गेहूँ, बाजरा, चना व सरसों) बोई जाती थी।
👉 कालीबंगा सभ्यता से चावल के अवशेष प्राप्त नहीं हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
अहाड़ के उत्खनन से प्राप्त कौन सी सामग्री बाह्य सम्पर्कों का संकेत देती है
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से अनेक ताम्र उपकरण और लाल-काले मृद्भाण्ड प्राप्त हुए।
👉 आहड़ से लेपिस लाजुली पत्थर के साक्ष्य भी मिले हैं।
👉 लेपिस लाजुली राजस्थान में उपलब्ध नहीं था, इसलिए यह आहड़ के बाह्य सम्पर्कों का संकेत देता है।
✍️ सही उत्तर है – लेपिस लाजुली
किस पुरा स्थल पर चित्रित शैलाश्रय प्राप्त हुए हैं
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 राजस्थान में बैराठ (विराटनगर) एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यहाँ प्राचीन काल के सर्वाधिक चित्रित शैलाश्रय (Rock Shelters) प्राप्त हुए हैं।
👉 इस कारण बैराठ को पुरातत्वविदों ने ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ कहा है।
👉 बैराठ से अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप भी मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
हड़प्पा संस्कृति के एक प्रमुख स्थल कालीबंगा की खोज का श्रेय जाता है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 राजस्थान का प्रमुख हड़प्पा स्थल कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 इसकी खोज का श्रेय भारतीय पुरातत्वविद् अमलानन्द घोष (A. N. Ghosh) को जाता है।
👉 वर्ष 1952 ई. में उन्होंने कालीबंगा को प्रकाश में लाया।
👉 बाद में 1961-69 ई. के बीच इसका उत्खनन बी. बी. लाल और बी. के. थापर ने किया।
✍️ सही उत्तर है – ए. एन. घोष
आहाड़ संस्कृति के अवशेष कहाँ से मिले हैं ?
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 आहड़ सभ्यता दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के उदयपुर नगर से लगभग 2–3 मील दूरी पर मिली है।
👉 यह संस्कृति आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे ‘ताम्रवती’, ‘बनास संस्कृति’ और ‘धूलकोट’ के नाम से भी जाना जाता है।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के उपकरण व लाल-काले मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – उदयपुर
नीचे दिए गए हड़प्पाकालीन स्थलों को उन राज्यों से सुमेलित कीजिए जहाँ स्थल अवस्थित हैं
सूची-I सूची -II
(A) आलमगीरपुर (i) राजस्थान
(B) धोलावीरा (ii) हरियाणा
(C) राखीगढ़ी (iii) उत्तर प्रदेश
(D) कालीबंगा (iv) गुजरात
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें
[Head Master 11.10.2021]
👉 आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश में स्थित है। → (A – iii)
👉 धोलावीरा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। → (B – iv)
👉 राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले में है। → (C – ii)
👉 कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है। → (D – i)
✍️ सही उत्तर है – A-iii, B-iv, C-ii, D-i
निम्नांकित प्राचीन नगरों में से किस स्थान पर नहर के अवशेष प्राप्त हुए हैं ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 नगरी सभ्यता चित्तौड़गढ़ जिले में बेड़च नदी के किनारे स्थित थी।
👉 यहाँ से गुप्तकालीन मंदिर, शिलालेख, मृण्मूर्तियाँ और अलंकृत ईंटें मिली हैं।
👉 नगरी का प्राचीन नाम मध्यमिका / मेदपाट था और यह शिवि जनपद की राजधानी रही।
✍️ सही उत्तर है – नगरी
जुता हुआ खेत के प्रमाण निम्न में से किस पुरास्थल में मिलते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 राजस्थान का प्रमुख हड़प्पाकालीन स्थल कालीबंगा है।
👉 यहाँ के उत्खनन में दक्षिण-पूर्वी भाग से हल से जुते हुए खेत मिले हैं।
👉 इन खेतों में जौ, गेहूँ, चना, बाजरा और सरसों जैसी मिश्रित फसलों के प्रमाण मिले।
👉 यह विश्व का सबसे प्राचीन जुताई का पुरातात्विक प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से किस प्राचीन सभ्यता में सम्राट अशोक के दो शिलालेख पाये जाते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 राजस्थान का प्रमुख स्थल बैराठ (विराटनगर) मौर्यकालीन अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ से सम्राट अशोक के दो शिलालेख प्राप्त हुए हैं।
👉 इनमें सबसे प्रसिद्ध भाब्रू शिलालेख है, जिसमें अशोक की बौद्ध धर्म में आस्था का उल्लेख है।
👉 बैराठ से बौद्ध विहार, स्तूप और भगवान बुद्ध की प्रतिमा भी मिली है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
बैराठ प्राचीनकाल में राजधानी थी -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 बैराठ (विराटनगर) राजस्थान का एक प्राचीन स्थल है।
👉 यह नगर प्राचीनकाल में मत्स्य जनपद की राजधानी था।
👉 महाभारत काल में पांडवों ने यहीं पर अपना अज्ञातवास बिताया था।
👉 यहाँ से मौर्यकालीन अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप भी मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – मत्स्य राज्य की
मृतिका शिल्प के प्राचीन प्रमाण मिले हैं
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 राजस्थान में मृतिका शिल्प (मिट्टी की कलात्मक वस्तुएँ) के प्रमाण अनेक सभ्यताओं से प्राप्त हुए हैं।
👉 रंगमहल सभ्यता (हनुमानगढ़) से लाल व गुलाबी रंग के मृद्भाण्ड तथा चावल की खेती के प्रमाण मिले हैं।
👉 यहाँ से मिट्टी की कलात्मक वस्तुएँ भी मिली हैं, जो प्राचीन मृतिका शिल्प का प्रमाण हैं।
👉 इस स्थल का उत्खनन 1952–54 ई. में स्वीडन निवासी डॉ. हन्नारिड ने किया।
✍️ सही उत्तर है – रंगमहल से
गणेश्वर से प्राप्त मृदभाण्ड किस प्रकार के हैं ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
👉 गणेश्वर सभ्यता सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और मृद्भाण्ड मिले हैं।
👉 इन मृद्भाण्डों का रंग विशेष रूप से गैरिक (कपिषवर्णी) होता है।
👉 इनमें कलश, प्याले, तसले और ढक्कन जैसे बर्तन प्रमुख हैं।
✍️ सही उत्तर है – गैरिक मृदभाण्ड
जोधपुर संस्कृति के किस प्रारंभिक सांस्कृतिक कालखण्ड (period) में लोहा उपलब्ध था ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
👉 जोधपुरा सभ्यता से पाँच सांस्कृतिक संस्तर (periods) मिले हैं।
👉 इसमें तीसरे संस्तर (पीरियड III) में चित्रित धूसर मृद्भाण्ड प्राप्त हुए, जो लौहयुगीन संस्कृति के परिचायक हैं।
👉 इस कालखण्ड में लोहे के उपकरण प्रयोग में आने लगे थे।
👉 जोधपुरा के लोगों ने घोड़े का प्रयोग रथ खींचने में भी प्रारम्भ कर दिया था।
✍️ सही उत्तर है – पीरियड III
निम्न में से कौन कालीबंगा पुरातत्त्व स्थल की खुदाई में बी. बी. लाल के सहयोगी नहीं रहे ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 कालीबंगा सभ्यता का उत्खनन 1961 से 1969 ई. तक नौ सत्रों में हुआ।
👉 इस उत्खनन का नेतृत्व बी. बी. लाल ने किया।
👉 उनके सहयोगी विद्वानों में बी. के. थापर, एम. डी. खरे, एस. पी. जैन, के. एम. श्रीवास्तव और जे. पी. जोशी शामिल थे।
👉 लेकिन ए. त्रिपाठी का नाम कालीबंगा उत्खनन दल में नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – ए. त्रिपाठी
निम्नलिखित किस प्राचीन स्थल के उत्खनन में मालव जनपद की लौह सामग्री के विशाल संग्रह की जानकारी प्राप्त हुई है ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 रैढ़ सभ्यता टोंक जिले की निवाई तहसील में ढील नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ 1938-40 ई. में उत्खनन कार्य हुआ था।
👉 इस उत्खनन से मालव जनपद की लौह सामग्री का विशाल भंडार प्राप्त हुआ।
👉 रैढ़ से 3075 चाँदी की आहत मुद्राएँ और मातृदेवी व गजमुखी यक्ष की मूर्तियाँ भी मिलीं।
✍️ सही उत्तर है – रैढ़ (टोंक)
राजस्थान की किस सभ्यता को ताम्रवती नगरी के रूप में भी जाना जाता है ?
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का उल्लेख ताम्रवती नगरी के रूप में किया गया है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और लाल-काले मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
👉 इसी कारण इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
आहड़ सभ्यता स्थित है?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल आयड़ नदी के किनारे विकसित हुआ था।
👉 चूँकि आयड़ नदी आगे चलकर बनास नदी में मिल जाती है, इसलिए इसे बनास संस्कृति भी कहा जाता है।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बनास नदी पर
आहड़ के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 ई. में किसके नेतृत्व में हुआ ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसका सर्वप्रथम उत्खनन कार्य 1953 ई. में किया गया।
👉 इस खुदाई का नेतृत्व अक्षय कीर्ति व्यास ने किया।
👉 बाद में 1961-62 ई. में इसका उत्खनन एच. डी. सांकलिया और वीरेन्द्र नाथ मिश्र ने भी किया।
✍️ सही उत्तर है – अक्षय कीर्ति व्यास
किस पुरातात्त्विक स्थल को धूलकोट के नाम से भी जाना जाता है
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 इसे स्थानीय लोग धूलकोट के नाम से भी जानते हैं।
👉 आहड़ से लाल-काले मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और मृतकों के टीले प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
राजस्थान के किस स्थल से पुरापाषाणयुगीन उपकरण उपलब्ध हुए हैं ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉 राजस्थान में कई स्थल पुरापाषाणयुग से जुड़े हैं।
👉 भानगढ़ भी एक प्रमुख पुरातात्विक स्थल है।
✍️ सही उत्तर है – भानगढ़
निम्न में से किसका सम्बन्ध "ताम्रवती नगरी" से है ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
👉 आहड़ सभ्यता का प्राचीन नाम ताम्रवती नगरी था।
👉 यह स्थल उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे बसा था।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के उपकरण मिले हैं।
👉 इस कारण इसे ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
प्रागैतिहासिक काल में प्रचुर ताम्र भण्डार कहाँ पाया गया ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]
👉 गणेश्वर सभ्यता से प्रचुर मात्रा में ताम्र भण्डार प्राप्त हुआ है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार, आभूषण तथा आयुध मिले हैं।
👉 गणेश्वर से प्राप्त ताँबे में लगभग 99 प्रतिशत ताम्र अयस्क पाया गया।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र में ताँबे की आपूर्ति भी यहीं से होती थी।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्नांकित में किस इतिहासवेत्ता ने कालीबंगा को सिन्धु घाटी साम्राज्य की तृतीय राजधानी कहा है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 कालीबंगा सभ्यता राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से प्राक्-हड़प्पा और हड़प्पा — दोनों काल के अवशेष मिले हैं।
👉 इतिहासकार दशरथ शर्मा ने कालीबंगा को सिन्धु घाटी साम्राज्य की तीसरी राजधानी कहा है।
👉 पहली राजधानी हड़प्पा और दूसरी मोहनजोदड़ो को माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – दशरथ शर्मा
बैराठ में किस सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 बैराठ (विराटनगर) राजस्थान का एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यहाँ से मौर्यकालीन और बौद्ध धर्म से जुड़े अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 उत्खनन में सम्राट अशोक के शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप मिले हैं।
👉 बैराठ को ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मौर्यकालीन सभ्यता
कालीबंगा का उत्खनन कार्य कितने स्तरों में किया गया ?
[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ का उत्खनन कार्य कुल पाँच स्तरों में किया गया था।
👉 पहले दो स्तर प्राक् हड़प्पा सभ्यता से संबंधित थे।
👉 तीसरे, चौथे और पाँचवें स्तर की सामग्री हड़प्पा सभ्यता से संबंधित थी।
✍️ सही उत्तर है – पाँच
निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु आहड़ सभ्यता के स्थलों से संबंधित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 आहड़ सभ्यता से चावल और अन्य खाद्यान्न के प्रमाण मिले हैं।
👉 यहाँ से लाल-काले कृष्ण-लोहित मृद्भाण्ड बड़ी संख्या में प्राप्त हुए।
👉 आहड़ से ताँबे की वस्तुएँ भी खूब मिलीं, इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ कहा गया।
👉 लेकिन चित्रित धूसर मृद्भाण्ड आहड़ से संबंधित नहीं हैं, ये अन्य स्थलों से जुड़े हैं।
✍️ सही उत्तर है – चित्रित धूसर मृद्भाण्ड
प्रागैतिहासिक बस्ती जो हड़प्पा संस्कृति को तांबे की आपूर्तिकर्ता थी ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]
👉 गणेश्वर सभ्यता से प्रचुर मात्रा में ताँबे के औज़ार व आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी (हड़प्पा) क्षेत्र को ताँबे की आपूर्ति गणेश्वर से होती थी।
👉 इस कारण गणेश्वर को ‘भारत की ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ और ‘पुरातत्व का पुष्कर’ कहा जाता है।
👉 यहाँ से प्राप्त ताम्र उपकरणों में कुल्हाड़ी, फरसे, बाण और मछली पकड़ने के काँटे प्रमुख हैं।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
बैराठ (विराटनगर) में प्रथम उत्खनन किसके नेतृत्व में किया गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 बैराठ (विराटनगर) मत्स्य जनपद की प्राचीन राजधानी रही है।
👉 यहाँ का प्रथम उत्खनन कार्य 1936 ई. में किया गया था।
👉 इस खुदाई का नेतृत्व प्रसिद्ध पुरातत्वविद् दयाराम साहनी ने किया।
👉 उत्खनन से यहाँ से अशोककालीन शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के अवशेष प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – दयाराम साहनी
किस संस्कृति से जुड़े स्थल प्रमुख रूप से बनास तथा उसकी सहायक नदियों की घाटियों में प्राप्त हुए हैं ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 आहड़ सभ्यता का विकास बनास नदी की घाटी में हुआ था।
👉 इस कारण इसे ‘बनास संस्कृति / बनास सभ्यता’ भी कहा जाता है।
👉 यह स्थल उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से ताँबे के उपकरण और लाल-काले मृद्भाण्ड बड़ी मात्रा में प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ संस्कृति
प्राचीन गणेश्वर सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)
👉 गणेश्वर सभ्यता के अवशेष नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव से प्राप्त हुए हैं।
👉 यह स्थल खण्डेला की पहाड़ी में काँतली नदी के मुहाने पर स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी संख्या में ताँबे के औज़ार व आभूषण मिले हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – नीमका थाना से
निम्न में से किस स्थल को ताम्रवती नगरी के नाम से भी जाना जाता था
[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर जिले में आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई थी।
👉 प्राचीन शिलालेखों में आहड़ का उल्लेख ताम्रवती नगरी के रूप में किया गया है।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के औज़ार प्राप्त हुए हैं।
👉 इसलिए इसे ‘ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
बैराठ स्थित पहाड़ी, जहाँ बौद्ध विहार के अवशेष मिले हैं, उसे जाना जाता है
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 बैराठ (विराटनगर) में उत्खनन के दौरान बौद्ध विहार के अवशेष मिले हैं।
👉 ये अवशेष बीजक की पहाड़ी से प्राप्त हुए, जिसे स्थानीय लोग ‘बीजक डूंगरी’ कहते हैं।
👉 इस पहाड़ी से मौर्यकालीन स्तूप चैत्य, बुद्ध प्रतिमा तथा प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले हैं।
👉 यहाँ सम्राट अशोक का प्रसिद्ध भाब्रू शिलालेख भी मिला था।
✍️ सही उत्तर है – बीजक पहाड़ी
उत्तर गुप्तकालीन शंखलिपि में लिखे लेख मिले हैं -
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 राजस्थान का प्रमुख स्थल बैराठ (विराटनगर) मौर्यकाल और उत्तरगुप्तकालीन अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 यहाँ से प्राप्त अभिलेखों में उत्तर गुप्तकालीन शंखलिपि के प्रमाण मिले हैं।
👉 शंखलिपि वास्तव में ब्राह्मी लिपि को अलंकृत करके बनाई गई एक कूट लिपि है।
👉 बैराठ से अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार, स्तूप और अनेक मुद्राएँ भी प्राप्त हुई हैं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ में
निम्नलिखित में से कौन सी सभ्यता कांतली नदी के उद्गम पर स्थित है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 राजस्थान का प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल गणेश्वर सभ्यता है।
👉 यह नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में कांतली नदी के उद्गम पर स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 गणेश्वर को भारत की ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
प्राचीन नगर जो महाभारत और महाभाष्य दोनों में उल्लेखित हैं -
RAS Pre. 28.08.2016
👉 प्राचीनकाल में चित्तौड़गढ़ जिले का नगर मध्यमिका (नगरी) प्रसिद्ध था।
👉 यह नगर शिवि जनपद की राजधानी रहा।
👉 इसका उल्लेख महाभारत और महाभाष्य – दोनों में मिलता है।
👉 यहाँ से गुप्तकालीन मंदिर, लेखयुक्त शिलाएँ और मृद्भाण्ड भी प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – मध्यमिका (नगरी)
गणेश्वर सभ्यता के अवशेष चिन्ह उपस्थित है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 गणेश्वर सभ्यता राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में स्थित है।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में आता है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर में
बागोर के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िए
(A) बागोर लघुपाषाणोपकरण मिले हैं।
(B) वी. एन. मिश्र बागोर के उत्खननकर्त्ताओं में से एक थे ।
[सहायक कृषि अधिकारी 28.05.2022]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से मछली मारने, शिकार करने व चमड़ा सिलने के अनेक लघुपाषाण उपकरण मिले हैं।
👉 इस सभ्यता का उत्खनन डॉ. वी. एन. मिश्र और एल. एस. लैशानी ने 1967–69 ई. में किया।
👉 इसलिए दोनों कथन सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – A एवं B दोनों सही हैं
प्रागैतिहासिक स्थल, जहाँ से भारी मात्रा में ताम्र उपकरण प्राप्त हुए हैं :
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 गणेश्वर सभ्यता से भारी मात्रा में ताम्र उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ से कुल्हाड़ी, फरसे, बाण, मछली पकड़ने के कांटे व विविध आभूषण मिले हैं।
👉 गणेश्वर को ‘भारत की ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ कहा गया है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र में ताँबे की आपूर्ति गणेश्वर से ही होती थी।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
आहड़ को किस संस्कृति का प्रमुख केन्द्र माना जाता है ? [*]
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
राजस्थान के किस वर्तमान जिले में गणेश्वर स्थल स्थित है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में खोजी गई थी।
👉 यह स्थल वर्तमान सीकर जिले में स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 गणेश्वर को भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – सीकर
कालीबंगा अवशेष जिस नदी के किनारे पर मिले, वह है :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल घग्घर नदी (प्राचीन सरस्वती) के तट पर बसा हुआ था।
👉 यहाँ से प्राक्-हड़प्पा और हड़प्पा कालीन दोनों प्रकार के अवशेष मिले हैं।
👉 कालीबंगा का अर्थ है – काले रंग की चूड़ियाँ।
✍️ सही उत्तर है – सरस्वती
निम्नलिखित में से कौन सा पुरातत्वविद कालीबंगा के उत्खनन से कभी भी संबद्ध नहीं रहा ?
[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]
👉 कालीबंगा सभ्यता को सर्वप्रथम 1952 ई. में अमलानंद घोष ने उजागर किया।
👉 1961 से 1969 ई. तक भारतीय पुरातत्व विभाग के निर्देशन में बी. बी. लाल और बी. के. थापर ने यहाँ उत्खनन किया।
👉 इन अभियानों में एम. डी. खरे, एस. पी. जैन, के. एम. श्रीवास्तव और जे. पी. जोशी भी जुड़े रहे।
👉 के. एन. पुरी का नाम कालीबंगा के उत्खनन से कभी भी संबद्ध नहीं रहा।
✍️ सही उत्तर है – के. एन. पुरी
गिलूण्ड और भगवानपुरा किस सभ्यता से संबंधित हैं ?
👉 गिलूण्ड राजस्थान के राजसमंद जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है और यह आहड़ संस्कृति से जुड़ा हुआ स्थल है।
👉 यहाँ से पाँच प्रकार के मृद्भाण्ड, ताँबे के औज़ार और खिलौने प्राप्त हुए हैं।
👉 भगवानपुरा भी आहड़ संस्कृति से संबंधित स्थल है।
👉 इस कारण दोनों को आहड़ सभ्यता से जोड़ा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
किस पुरातात्विक स्थल को धरतुल घाट के नाम से भी जाना जाता है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]
👉 सांभर (जयपुर ग्रामीण) एक प्रमुख प्राचीन सभ्यता स्थल है।
👉 यहाँ उत्खनन कार्य 1884 ई. में कर्नल हैण्डले तथा बाद में दयाराम साहनी ने करवाया।
👉 जोधपुरा स्थल को धरतुल घाट के नाम से भी जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुरा
निम्नलिखित में से राजस्थान का कौन सा सैन्धव स्थल घग्गर नदी के किनारे स्थित है ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 राजस्थान का प्रमुख सैन्धव स्थल कालीबंगा है।
👉 यह हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से प्राक् हड़प्पा और हड़प्पा काल दोनों के अवशेष मिले हैं।
👉 कालीबंगा से हल से जुते खेत, अग्निवेदिकाएँ और लकड़ी की नालियाँ भी प्राप्त हुईं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
गणेश्वर की सभ्यता…...संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थल है।
[स्कूल व्याख्याता 11.10.2022]
👉 गणेश्वर सभ्यता राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे भारत की सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
👉 सम्पूर्ण सिंधु घाटी क्षेत्र को ताँबे की आपूर्ति यहीं से होती थी।
✍️ सही उत्तर है – ताम्रयुगीन
निम्नलिखित में से कौन-सा एक युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 कालीबंगा की खोज 1952 ई. में अमलानंद घोष ने की थी, यह सही है।
👉 आहड़ का बड़ा उत्खनन 1961-62 ई. में एच. डी. सांकलिया के नेतृत्व में हुआ, यह भी सही है।
👉 बागोर का उत्खनन 1967-69 ई. में वी. एन. मिश्र ने किया था, यह भी सही है।
👉 लेकिन बैराठ का उत्खनन 1936 ई. में दयाराम साहनी ने करवाया था, न कि केदारनाथ पुरी ने।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ (प्राचीन स्थल) – केदार नाथ पुरी (उत्खननकर्ता)
गणेश्वर सभ्यता का विकास किस नदी के किनारे हुआ ?
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 गणेश्वर सभ्यता नीमकाथाना क्षेत्र के रैवासा गाँव में विकसित हुई।
👉 यह सभ्यता कांतली नदी के मुहाने पर बसी थी।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताम्र उपकरण और आभूषण मिले हैं।
👉 गणेश्वर को ‘ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कांतली
राजस्थान के किस प्राचीन क्षेत्र से शैल चित्रकला के प्रमाण मिले हैं ?
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 राजस्थान में सर्वाधिक शैल चित्रों की खोज बैराठ (विराटनगर) से हुई है।
👉 इन चित्रों के कारण इसे पुरातत्वविदों ने ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ कहा है।
👉 यहाँ की खोज से पाषाण कालीन संस्कृति और मानव जीवन की झलक मिलती है।
👉 बैराठ मत्स्य जनपद की राजधानी भी रहा था।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित में से किसके साक्ष्य कालीबंगा के पुरास्थल के उत्खनन से प्राप्त नहीं हुए हैं ?
[स्कूल व्याख्याता 20.10.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से हल से जुते खेतों में गेहूँ, जौ, चना, सरसों और बाजरा जैसी मिश्रित फसलों के प्रमाण मिले हैं।
👉 कालीबंगा से चावल के प्रमाण नहीं मिले हैं।
👉 यहाँ से हाथीदाँत की कंघी और अन्य शृंगार सामग्री भी प्राप्त हुई है।
✍️ सही उत्तर है – चावल
प्रागैतिहासिक स्थल बागोर का सर्वप्रथम उत्खनन किसके निर्देशन में किया गया था ?
[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 इसका उत्खनन 1967–1969 ई. में किया गया था।
👉 इस उत्खनन का निर्देशन डॉ. वी. एन. मिश्र और एल. एस. लैशानी ने किया।
👉 यहाँ से भारत के प्राचीनतम कृषि व पशुपालन के अवशेष मिले।
✍️ सही उत्तर है – वी. एन. मिश्रा
अग्नि कुण्डों के साक्ष्य मिले हैं [*]
[उपनिरीक्षक (SI) 14.09.2021]
📌 नोट: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा delete किया गया है।
बैराठ में उत्खनन निम्नलिखित में से किसके नेतृत्व में करवाया गया था ?
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 बैराठ (विराटनगर) मत्स्य जनपद की प्राचीन राजधानी रही है।
👉 यहाँ का उत्खनन कार्य 1936 ई. में करवाया गया।
👉 इस उत्खनन का नेतृत्व प्रसिद्ध पुरातत्वविद् दयाराम साहनी ने किया।
👉 उत्खनन से अशोक शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप के अवशेष प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – दयाराम साहनी
सात अग्नि वेदिकाओं की पंक्ति प्राप्त हुई है
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन से सात अग्निवेदिकाएँ (हवनकुण्ड) एक पंक्ति में प्राप्त हुई हैं।
👉 इन अग्निवेदिकाओं से हड्डियों के अवशेष भी मिले, जो उस समय की बलि प्रथा के प्रमाण हैं।
👉 कालीबंगा की अन्य विशेषताओं में हल से जुते खेत और लकड़ी की नालियाँ प्रमुख हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
प्राक् - हड़प्पा युगीन संस्कृति _____ में प्राप्त हुई है।
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 राजस्थान का प्रमुख स्थल कालीबंगा सभ्यता हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन कार्य पाँच स्तरों में हुआ, जिनमें से पहले दो स्तर प्राक्-हड़प्पा सभ्यता से संबंधित थे।
👉 शेष स्तर हड़प्पा सभ्यता से जुड़े पाए गए।
👉 इस प्रकार कालीबंगा से प्राक्-हड़प्पा और हड़प्पा — दोनों कालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से किसने 1950-51 में कालीबंगा की पहचान की -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 कालीबंगा सभ्यता की पहचान का श्रेय डॉ. अमलानन्द घोष को जाता है।
👉 उन्होंने 1952 ई. (कुछ पुस्तकों में 1951 ई.) में इस स्थल पर प्रकाश डाला और इसे प्रथम खोजकर्ता माना गया।
👉 बाद में 1961-69 ई. के बीच भारतीय पुरातत्व विभाग ने बी.वी. लाल व बी.के. थापर के नेतृत्व में यहाँ उत्खनन कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – ए. घोष
वर्ष 1961 से 1969 की अवधि के दौरान निम्न में कौन पुरातत्ववेत्ता कालीबंगा के उत्खनन से संबंधित नहीं हैं ?
[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता का उत्खनन 1961 से 1969 ई. तक नौ सत्रों में हुआ।
👉 इस कार्य का नेतृत्व बी. बी. लाल ने किया।
👉 इसमें बी. के. थापर, एम. डी. खरे, एस. पी. जैन, के. एम. श्रीवास्तव और जे. पी. जोशी जैसे विद्वान सहयोगी रहे।
👉 लेकिन आर. सी. अग्रवाल इस उत्खनन दल का हिस्सा नहीं थे।
✍️ सही उत्तर है – आर. सी. अग्रवाल
किस सभ्यता स्थल में उत्खनन से चांदी के आठ पंचमार्क मुद्राएं मिली हैं ?
[स्कूल व्याख्याता 17.10.2022]
👉 राजस्थान का प्रमुख स्थल बैराठ (विराटनगर) है।
👉 यहाँ उत्खनन में हाथ से बने सूती कपड़े में बंधी 36 चाँदी की मुद्राएँ प्राप्त हुईं।
👉 इन मुद्राओं में से 8 पंचमार्क (आहत) मुद्राएँ थीं।
👉 साथ ही 28 सिक्के इंडो-ग्रीक शासकों के भी मिले थे।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित में से कौन भारतीय पुरातत्व विद् कालीबंगा के खोजकर्त्ता है ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 राजस्थान का प्रमुख हड़प्पा स्थल कालीबंगा हनुमानगढ़ जिले में स्थित है।
👉 इस स्थल की खोज स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1952 ई. में हुई थी।
👉 कालीबंगा को प्रकाश में लाने का श्रेय भारतीय पुरातत्वविद् अमलानन्द घोष (A. Ghosh) को दिया जाता है।
👉 बाद में 1961-69 ई. के बीच इसका उत्खनन बी. बी. लाल और बी. के. थापर ने किया।
✍️ सही उत्तर है – ए. घोष
निम्न में से राजस्थान में ताम्र-युगीन सभ्यता का प्रारंभिक केन्द्र किसे माना जाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 राजस्थान का सबसे प्राचीन ताम्रयुगीन केन्द्र गणेश्वर सभ्यता है।
👉 यह स्थल नीमकाथाना क्षेत्र में कांतली नदी के मुहाने पर स्थित है।
👉 यहाँ से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण मिले हैं।
👉 डॉ. विजय कुमार ने गणेश्वर को भारत की सभी ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी कहा है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्नलिखित में से कौन कालीबंगा के उत्खनन से संबंधित नहीं है
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 कालीबंगा सभ्यता का उत्खनन 1961 से 1969 ई. तक नौ सत्रों में हुआ।
👉 इस कार्य का नेतृत्व बी. बी. लाल ने किया था।
👉 उनके साथ बी. के. थापर, एम. डी. खरे, एस. पी. जैन, के. एम. श्रीवास्तव और जे. पी. जोशी जैसे विद्वान जुड़े थे।
👉 लेकिन पी. जी. लाल का नाम कालीबंगा उत्खनन से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – पी. जी. लाल
निम्नलिखित में से कौनसी शिल्प कृति कालीबंगा से प्राप्त नहीं हई है ?
[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]
👉 कालीबंगा से कई शिल्प कृतियाँ मिली हैं।
👉 यहाँ से हल की मिट्टी की प्रतिकृति प्राप्त हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – हल की मिट्टी की प्रतिकृति
निम्नलिखित में से किस पुरातत्व स्थल का 1962-63 में एन. आर. बनर्जी एवं के. एन. दीक्षित ने उत्खनन किया था ?
[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]
👉 राजस्थान का प्राचीन स्थल बैराठ (विराटनगर) मत्स्य जनपद की राजधानी रहा है।
👉 यहाँ 1962-63 ई. में उत्खनन कार्य एन. आर. बनर्जी और के. एन. दीक्षित के निर्देशन में हुआ।
👉 इस खुदाई से बौद्ध विहार, स्तूप और भगवान बुद्ध की प्रतिमा प्राप्त हुई।
👉 बैराठ को ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ