कालीबंगा में प्राप्त चबूतरे निर्मित है :-
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 कालीबंगा सभ्यता से प्राप्त मकान पहले कच्ची ईंटों (धूप में पकी हुई) से बने थे।
👉 बाद में यहाँ पक्की ईंटों का भी प्रयोग हुआ।
👉 चबूतरे और भवनों की दीवारें भी इन्हीं मिट्टी की ईंटों से निर्मित थीं।
👉 कालीबंगा को ‘दीन-हीन बस्ती’ भी कहा गया है क्योंकि यहाँ कच्ची ईंटों का प्रयोग अधिक था।
✍️ सही उत्तर है – मिट्टी की ईंटों से
निम्न में से कौनसा पुरास्थल आहड़ संस्कृति से संबंधित नहीं है ?
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
👉 आहड़ संस्कृति का विकास आयड़ नदी के किनारे हुआ और इसे बनास संस्कृति भी कहा जाता है।
👉 इसके प्रमुख स्थल गिलूण्ड, पछमाता और ओझियाना हैं।
👉 तिलवाड़ा उत्तरपाषाण कालीन स्थल है और आहड़ संस्कृति से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – तिलवाड़ा
आहड़ में खुदाई के बाद एक 4000 साल पुरानी ताम्रपाषाणयुगीन संस्कृति की खोज की गई थी, जिसे ____________ नामक एक टीले के नीचें दबा दिया गया था ।
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ खुदाई में 4000 वर्ष पुरानी ताम्रपाषाणयुगीन संस्कृति के प्रमाण मिले।
👉 इस संस्कृति के अवशेष धूलकोट नामक टीले के नीचे दबे हुए थे।
👉 आहड़ को ‘ताम्रवती, ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – धूलकोट
प्राचीन स्थल, जहां से मेनांडर की मुद्राएँ प्राप्त हुई ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 बैराठ (विराटनगर) का उत्खनन 1936 ई. में दयाराम साहनी द्वारा किया गया।
👉 यहाँ से अशोक का भाब्रू शिलालेख, बौद्ध विहार, स्तूप और अनेक मुद्राएँ मिलीं।
👉 बैराठ से यूनानी शासक मिनेण्डर (Menander) की मुद्राएँ भी प्राप्त हुईं।
👉 इसलिए बैराठ को राजस्थान में बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्न में कौन से स्थल पर राजस्थान में अब तक सबसे प्राचीन पशुपालन के प्रमाण खोजे गए हैं ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 राजस्थान में मध्यपाषाण काल के अवशेषों से पशुपालन के प्रमाण मिले हैं।
👉 बागोर सभ्यता (भीलवाड़ा, कोठारी नदी) से सबसे प्राचीन पशुपालन के प्रमाण प्राप्त हुए।
👉 बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
बागोर से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों को पढ़िये एवं सही विकल्प को चुनिये :
A.
बागोर
एशूलियन उपकरणों
का एक समृद्ध
स्थल था।
B.
बागोर
से प्राप्त
पाषाण उपकरण
मुख्यतः क्वार्टज
(स्फटिक)
एवं
चर्ट (रामसैकाश्म)
से
बनाये गये थे।
कूट :
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 बागोर भीलवाड़ा में कोठारी नदी के तट पर स्थित मध्यपाषाण कालीन स्थल है।
👉 यहाँ एशूलियन नहीं बल्कि सूक्ष्म पाषाण उपकरण (माइक्रोलिथ्स) प्रचुरता में मिले हैं।
👉 यहाँ के पाषाण उपकरण मुख्य रूप से स्फटिक और चर्ट पत्थरों से निर्मित थे।
👉 कथन A गलत है क्योंकि एशूलियन तकनीक पुरापाषाण काल से संबंधित मानी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – केवल B सही है।
निम्न में से कौन सा पुरास्थल "लघुपाषाणोपकरण” के लिए प्रसिद्ध है ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 बागोर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यह पुरास्थल लघुपाषाण उपकरणों (Microliths) की प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध है।
👉 बागोर को भारत का सबसे बड़ा लघुपाषाणकालीन स्थल माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
सिन्धु सभ्यता के किस स्थल से अलंकृत फर्श प्राप्त हुई है ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 राजस्थान के कालीबंगा सभ्यता से कई विशेष अवशेष मिले हैं।
👉 यहाँ भवनों की फर्श अलंकृत और सजावटी ईंटों से बनी हुई पाई गई।
👉 कालीबंगा से हल से जुते खेत, अग्निवेदियाँ और लकड़ी की नालियाँ भी मिली हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से कौन सा 'चित्रित धूसर मृद्भाण्ड' संस्कृति का पुरास्थल है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
👉 बैराठ राजस्थान के प्राचीन विराटनगर में स्थित एक चित्रित धूसर मृद्भाण्ड (PGW) संस्कृति का प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यह स्थल उत्तर-वैदिक काल से संबंधित है तथा यहाँ बौद्ध और वैदिक काल दोनों के अवशेष प्राप्त होते हैं।
👉 चित्रित धूसर मृद्भाण्ड संस्कृति लौह युगीन संस्कृति है, जिसकी पहचान धूसर मिट्टी के बर्तनों पर बने काले रंग के ज्यामितीय पैटर्न से होती है।
👉 PGW संस्कृति के अन्य उल्लेखनीय पुरास्थल नोह, जोधपुरा, हस्तिनापुर, आलमगीरपुर तथा भगवानपुरा हैं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्न स्थलों में से कौनसा 'आहड़-बनास संस्कृति से संबंधित नहीं है ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 आहड़–बनास संस्कृति का विकास उदयपुर व राजसमंद क्षेत्र में हुआ।
👉 इसके प्रमुख स्थल हैं – आहड़, बालाथल, गिलूण्ड, और ओझियाना।
👉 लेकिन बालाकोट (सिंधु सभ्यता का स्थल) का सम्बन्ध आहड़–बनास संस्कृति से नहीं है।
👉 यहाँ से आहड़ जैसी ताम्रपाषाणीय सामग्री प्राप्त नहीं हुई।
✍️ सही उत्तर है – बालाकोट
राजस्थान के किस जिले में डडीकर शैलकला पुरास्थल स्थित है ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 डडीकर शैलकला पुरास्थल राजस्थान में एक प्रागैतिहासिक स्थल है।
👉 यह स्थल अलवर जिले में स्थित है।
👉 यहाँ से लगभग सात हजार वर्ष पुराने शैलचित्र प्राप्त हुए हैं।
👉 ये चित्र राजस्थान के प्राचीन मानव जीवन का प्रमाण देते हैं।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
निम्नलिखित में से कौन सा पुरातत्वविद् बैराठ के अन्वेषण/ उत्खनन से संबद्ध नहीं है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 बैराठ (विराटनगर) से संबंधित अन्वेषण और उत्खनन कई विद्वानों ने किया।
👉 इसमें एलेक्जेण्डर कनिंघम, दयाराम साहनी और नीलरत्न बनर्जी (एन. आर. बनर्जी) के नाम प्रमुख हैं।
👉 1962–63 ई. में कैलाशनाथ दीक्षित और नीलरत्न बनर्जी ने यहाँ विस्तृत उत्खनन किया।
👉 एच. डी. सांकलिया का नाम बैराठ के उत्खनन से संबद्ध नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – एच. डी. सांकलिया
'उच्च पुरापाषाण कालीन/मध्यपाषाण कालीन उत्खचित कोर' कहां से मिला है ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 राजस्थान में कई स्थल पुरापाषाण व मध्यपाषाण काल से जुड़े हैं।
👉 चन्द्रावती ऐसा ही एक प्रमुख स्थल है।
👉 यहाँ से उत्खनन में कोर उपकरण मिले हैं।
👉 ये उपकरण उच्च पुरापाषाण व मध्यपाषाण कालीन हैं।
✍️ सही उत्तर है – चन्द्रावती
कृषिकर्म हेतु प्राक् हड़प्पा कालीन कालीबंगा से प्राप्त निम्नांकित तथ्यों में से कौन सा असत्य है?
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 कालीबंगा में प्राक्-हड़प्पा काल के दक्षिण-पूर्व दिशा में जुते हुए खेत मिले हैं।
👉 यहाँ से विश्व के सबसे प्राचीन जुते हुए खेत के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ के लोग एक साथ दो फसलों (चना व सरसों) की बुवाई करते थे।
👉 खुदाई में जौ व गेहूँ के अवशेष भी यहाँ से प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा की प्राक् हड़प्पा कालीन बस्ती के दक्षिण-पश्चिम में दुहरा जुता हुआ खेत मिला है।
निम्नलिखित में से बालाथल के बारे में कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
A.
बालाथल
में खुदाई का
कार्य 1993
में
आर.सी.
अग्रवाल
के निर्देशन
में किया गया
था।
B.
ताम्रपाषाण
काल में निर्मित
बड़े भवन में
ग्यारह कमरों
की रचना प्राप्त
हुई है।
C.
लोहा
गलाने की भट्टियों
के अवशेष मिलते
हैं।
D.
यहाँ
से वस्त्र के
अवशेष प्राप्त
हुये हैं।
कूट :
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
बालाथल
खुदाई
का निर्देशन
आर.सी.
अग्रवाल
ने नहीं किया।
👉
ताम्रपाषाण
काल में बड़ा
भवन व
ग्यारह
कक्ष
मिले।
👉
यहाँ
लौह भट्टियाँ
व धातु
अवशेष
प्राप्त हुए।
👉
साथ
ही वस्त्र
अवशेष
भी यहाँ से मिले
हैं।
✍️ सही उत्तर है – B, C और D
सांभर के नलियासर से प्राप्त कुमारगुप्त - I की मुद्राओं से किस देवता की पूजा की लोकप्रियता सिद्ध होती है ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
नलियासर
से कुमारगुप्त-I
की
मुद्राएँ प्राप्त
हुई हैं।
👉
इन
पर कार्तिकेय
देव का
चित्र अंकित
है।
👉
इससे
उनकी पूजा
लोकप्रियता
सिद्ध होती
है।
👉
इसलिए
संबंधित देवता
कार्तिकेय
है।
✍️ सही उत्तर है – कार्तिकेय
मध्य पाषाण कालीन पुरास्थल बागोर के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए :
(A) यह कोठारी नदी के निकट स्थित है।
(B) बागोर में उत्खनन से तीन चरण सामने आए हैं।
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 बागोर भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के तट पर स्थित है।
👉 इसके उत्खनन से तीन स्तर सामने आए – पहला आखेट जीवन का, दूसरा पशुपालन का और तीसरा कृषि अवस्था की ओर अग्रसर होने का।
👉 इसलिए दोनों कथन सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – (A) और (B) दोनों सत्य हैं।
निम्नलिखित में से कौन सा ताम्र पाषाणिक स्थल खेतड़ी के निकट है ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 राजस्थान में खेतड़ी (नीमकाथाना, सीकर) क्षेत्र ताँबे की खानों के लिए प्रसिद्ध है।
👉 इसके निकट स्थित प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल गणेश्वर है।
👉 गणेश्वर से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसे ‘भारत की ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
बैराठ से प्राप्त मुद्राएं उस क्षेत्र में किन शासकों की उपस्थिति का संकेत देती हैं ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 बैराठ (विराटनगर) से अनेक प्राचीन मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं।
👉 यहाँ से हूण, मिहिरकुल, तोरमाण तथा विशेष रूप से इंडो-ग्रीक (हिन्द-यूनानी) शासक मिनेण्डर की मुद्राएँ मिली हैं।
👉 बैराठ से हाथ से बने सूती कपड़े में बंधी चाँदी की 36 मुद्राएँ मिलीं, जिनमें 28 इंडो-ग्रीक शासकों की थीं।
👉 इससे इस क्षेत्र में यूनानी शासकों की उपस्थिति का प्रमाण मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – इन्डो ग्रीक
राजस्थान में किस स्थल पर एक कंकाल के गले में पत्थर व हड्डियों का हार पाया गया था ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 राजस्थान का प्रमुख मध्यपाषाणीय स्थल बागोर भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से मछली मारने, शिकार करने और पशुपालन के प्रमाण मिले हैं।
👉 इसी स्थल पर उत्खनन में एक कंकाल के गले में पत्थर और हड्डियों का हार पाया गया।
👉 इसे ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
निम्नलिखित सभ्यताओं में से कौन सी सभ्यता प्रथमतः ब्लैक एण्ड रेड वेयर संस्कृति के नाम से जानी जाती थी ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 राजस्थान की प्रमुख सभ्यताओं में आहड़ सभ्यता महत्त्वपूर्ण है।
👉 यह सभ्यता प्रारम्भ में अलग नाम से पहचानी जाती थी।
👉 इसे प्रथमतः ब्लैक एण्ड रेड वेयर संस्कृति कहा गया।
👉 बाद में इसे आहड़–बनास संस्कृति भी कहा जाने लगा।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
राजस्थान के आहड़ पुरातात्विक स्थलों के विषय में निम्न में से कौनसा कथन असत्य है ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 आहड़ सभ्यता आयड़ नदी किनारे विकसित हुई और इसे बनास संस्कृति भी कहा गया।
👉 यहाँ से चावल, पालतू जानवर व मवेशियों के साक्ष्य मिले हैं।
👉 उत्खनन में अनेक ताँबे के उपकरण जैसे कुल्हाड़ी, अंगूठी व चूड़ियाँ प्राप्त हुई हैं।
👉 यह स्थल काँस्य के भंडार के लिए प्रसिद्ध नहीं, बल्कि ताँबे के लिए प्रसिद्ध था।
✍️ सही उत्तर है – आहड़ अपने कांस्य के प्रचुर भण्डार के लिए प्रसिद्ध है ।
मेवाड़ के राजा अल्लट का शिलालेख निम्न में से किस पुरातात्विक स्थल से प्राप्त हुआ है ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से 10वीं सदी के शिलालेख मिले हैं।
👉 आहड़ को ‘ताम्रवती’ और ‘धूलकोट’ के नाम से भी जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
इन पुरास्थलों में से कौन सा ताम्र संस्कृति से संबंधित नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 आहड़ सभ्यता ताँबे के उपकरणों के कारण ताम्र संस्कृति कहलाती है।
👉 गणेश्वर सभ्यता को ‘भारत की ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी’ कहा गया है।
👉 बालाथल में भी ताम्रपाषाणिक अवशेष मिले हैं।
👉 जबकि बैराठ का काल 600 ई.पू. से 322 ई.पू. माना गया है, यह लौहयुगीन/ऐतिहासिक कालीन सभ्यता से जुड़ा है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
मिट्टी की एक नारी कलाकृति जिसके सिर के पीछे दो वेणियाँ एवं सिर पर पगड़ी धारण किए है, कहाँ से प्राप्त हुई थी?
[Deputy Commandant 11.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
रैढ़
स्थल
टोंक में स्थित
है।
👉
यहाँ
से मृण्मूर्ति
नारी की
प्राप्ति
हुई।
👉
इसमें
पगड़ी
धारण व
दो चोटियाँ
दर्शित हैं।
👉
यह
एक विशिष्ट
कलाकृति
का उदाहरण
है।
✍️ सही उत्तर है – रैढ़
प्राचीन ऐतिहासिक स्थल नगर अवस्थित है
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 नगर सभ्यता राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा कस्बे में अवस्थित है।
👉 इसका उत्खनन 1942–43 ई. में श्रीकृष्ण देव के निर्देशन में हुआ।
👉 यहाँ से बड़ी संख्या में मालव जनपद की मुद्राएँ प्राप्त हुईं।
👉 नगर का प्राचीन नाम नागवाहा (नागवाड़ा) बताया गया है।
✍️ सही उत्तर है – टोंक में
निम्नलिखित में से कौनसी फसल के बारे में पुरातत्वविद् विष्णु मैत्रे ने आहड़ की उच्च गुणवत्ता के उत्पादन का संकेत दिया है ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई।
👉 यहाँ से गेहूँ, ज्वार और चावल जैसी फसलों के प्रमाण मिले हैं।
👉 इस कारण आहड़वासी कृषि और अनाज भंडारण में उन्नत थे।
✍️ सही उत्तर है – चावल
निम्नलिखित में से किसने गणेश्वर सभ्यता के उत्खनन कार्य में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 गणेश्वर सभ्यता के उत्खनन में रतनचंद्र अग्रवाल की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है।
👉 वर्ष 1977 में रतनचंद्र अग्रवाल ने इस स्थल का प्रारंभिक उत्खनन कार्य किया था।
👉 उनके उपरांत 1978–79 में विजय कुमार ने गणेश्वर स्थल का विस्तृत उत्खनन सम्पन्न कराया।
👉 दोनों ही विद्वानों ने इस सभ्यता के पुरातात्विक स्वरूप को उजागर करने में विशेष योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – रतनचंद्र अग्रवाल
निम्नलिखित में से ओझियाना के उत्खनन में कौन शामिल था/थे ?
A. आर.सी. अग्रवाल
B. बी. आर. मीणा
C. आलोक त्रिपाठी
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
कूट :
👉 ओझियाना (भीलवाड़ा, बदनौर तहसील) एक ताम्रयुगीन स्थल है।
👉 इसका उत्खनन वर्ष 2000–01 ई. में हुआ।
👉 इस उत्खनन में बी. आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी शामिल थे।
👉 यहाँ से ताँबे की चूड़ियाँ और प्रसिद्ध ओझियाना बुल प्राप्त हुआ।
✍️ सही उत्तर है – B और C
निम्नांकित में से किस पुरास्थल पर उत्तरपुरापाषाणकालीन उपकरण प्राप्त हुए हैं ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 राजस्थान में कई स्थल उत्तरपुरापाषाणकाल से जुड़े हैं।
👉 ऐसे उपकरण बूढ़ा पुष्कर से प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – बूढ़ा पुष्कर
निम्नलिखित में से आहड़ संस्कृति से संबंधित पुरास्थल नहीं है
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
👉 आहड़ संस्कृति से संबंधित पुरास्थलों में बालाथल, गिलूण्ड और ओजियाना शामिल हैं।
👉 बागोर आहड़-बनास संस्कृति का स्थल नहीं माना जाता।
👉 बालाथल इस संस्कृति का महत्वपूर्ण पुरास्थल है।
👉 गिलूण्ड भी आहड़-बनास संस्कृति का प्रमुख हिस्सा है।
👉 ओजियाना भी इसी संस्कृति से संबंधित पाया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
पुरातात्विक स्थल बागोर अवस्थित है
[ACF 18.02.2021]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के किनारे अवस्थित है।
👉 यहाँ से भारत के प्राचीनतम कृषि व पशुपालन के अवशेष मिले हैं।
👉 इसे ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोठारी नदी पर
मध्यपाषाणकालीन उपकरण चित्तौड में..................नदी के किनारे और विराटनगर से मिले हैं।
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 राजस्थान में मध्यपाषाण काल के उपकरण कई स्थलों से मिले हैं।
👉 चित्तौड़गढ़ जिले में ये उपकरण बेराच नदी के किनारे प्राप्त हुए।
👉 इसी प्रकार मध्यपाषाणीय उपकरण विराटनगर (बैराठ) से भी मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बेराच
1870 में,______________ ने बूँदी में जयपुर और इंद्रगढ़ से एक पुरापाषाण हाथ-कुल्हाड़ी (hand-axe) की खोज की।
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 राजस्थान में प्रागैतिहासिक स्थलों की खोज का श्रेय कई विद्वानों को जाता है।
👉 वर्ष 1870 में सी. ए. हैकेट ने बूंदी जिले के जयपुर और इंद्रगढ़ से एक पुरापाषाण कालीन हाथ-कुल्हाड़ी (Hand-axe) की खोज की।
👉 यही उपकरण राजस्थान में प्रारंभिक पाषाणकाल के महत्वपूर्ण प्रमाण माने गए।
👉 इन खोजों को बाद में कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित किया गया।
✍️ सही उत्तर है – सी. ए. हैकेट
ओझियाना पुरातत्व स्थल की खुदाई के सन्दर्भ में निम्न में से कौनसा कथन सत्य है ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 ओझियाना (ब्यावर, बदनौर तहसील) एक ताम्रयुगीन सभ्यता स्थल है।
👉 इसका उत्खनन कार्य 2000–01 ई. में बी. आर. मीना और आलोक त्रिपाठी द्वारा किया गया।
👉 यहाँ से ताँबे की चूड़ियाँ, ताँबे की अंगूठी और अन्य आभूषण प्राप्त हुए हैं।
👉 इसलिए यही कथन सही है।
✍️ सही उत्तर है – तांबे की चूड़ियाँ और तांबे की शैल अंगूठी और माँदलिया उल्लेखनीय आभूषण प्राप्त हुए हैं।
निम्नलिखित में से किस पुरास्थल की पहचान पुरातत्त्वविद् टी. एच. हैण्डले ने एक बौद्ध कस्बे के रूप में की थी ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 नलियासर जयपुर जिले के साँभर कस्बे के पास स्थित एक प्राचीन स्थल है।
👉 इस स्थल का सर्वप्रथम उत्खनन कर्नल हैण्डले ने किया था।
👉 बाद में दयाराम साहनी ने भी यहाँ कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – नलियासर
ओशियाना के उत्खननकर्ता कौन थे ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 ओझियाना (ब्यावर, बदनौर तहसील, भीलवाड़ा) एक ताम्रयुगीन स्थल है।
👉 इसका उत्खनन वर्ष 2000–01 ई. में किया गया।
👉 इस कार्य का निर्देशन बी. आर. मीणा और आलोक त्रिपाठी ने किया।
👉 यहाँ से ओझियाना बुल (सफेद रंग से चित्रित बैल आकृति) मिली।
✍️ सही उत्तर है – बी.आर. मीणा एवं आलोक त्रिपाठी
कालीबंगा के घरों में जल निकास व्यवस्था नालियों के निर्माण में निम्न में से किसका प्रयोग किया जाता था ?
A. लकड़ी
B. पक्की ईंट
C. पत्थर
कूट :
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 कालीबंगा सभ्यता में मकानों से पानी निकालने के लिए विशेष नालियों का निर्माण किया गया था।
👉 सबसे पहले ये नालियाँ लकड़ी की बनी थीं।
👉 बाद में इन्हें पक्की ईंटों से बना दिया गया।
✍️ सही उत्तर है – A और B
निम्नलिखित में से कौनसा पुरातात्विक स्थल 'आहड़ संस्कृति से सम्बन्धित नहीं है?
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
👉 आहड़ संस्कृति दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में विकसित हुई और इसे बनास संस्कृति भी कहा जाता है।
👉 इसके प्रमुख स्थल गिलुंड और पछमाता हैं, जो सीधे आहड़ सभ्यता से जुड़े हैं।
👉 बरोर हड़प्पा कालीन स्थल है और इसका आहड़ संस्कृति से कोई सम्बन्ध नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – बरोर
कालीबंगा के उत्खनन से निम्न में से कौन सम्बंधित नहीं हैं ?
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 कालीबंगा सभ्यता की खोज 1952 ई. में अमलानन्द घोष ने की।
👉 1961–69 तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नेतृत्व में ब्रजवासी लाल और बालकृष्ण थापर ने उत्खनन किया।
👉 इसमें एम. डी. खरे, एस. पी. जैन, के. एम. श्रीवास्तव, जे. पी. जोशी आदि भी जुड़े रहे।
👉 के. एन. दीक्षित का नाम कालीबंगा उत्खनन से सम्बंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – के. एन. दीक्षित
निम्नलिखित में से किस सैन्धव स्थल से जुते हुये खेत का प्रमाण मिला है ?
[AEN 16 दिसम्बर 2018]
👉 राजस्थान का प्रमुख सैन्धव स्थल कालीबंगा है।
👉 यहाँ से विश्व के प्राचीनतम जुते हुए खेत का प्रमाण मिला है।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसल – जौ, गेहूँ, बाजरा, चना और सरसों बोई जाती थी।
👉 विशेष रूप से यहाँ से चावल के अवशेष प्राप्त नहीं हुए।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं ?
(A) कालीबंगा की खोज ए. घोष ने की थी ।
(B) ए. घोष ने 1953 में लगभग दो दर्जन हड़प्पा संस्कृति के स्थल बीकानेर क्षेत्र में खोजे थे ।
(C) कालीबंगा से अस्थि रहित शवाधान नहीं मिले हैं ।
(D) कालीबंगा से प्राप्त अवशेष हड़प्पा से प्राप्त अवशेषों से बेहतर स्थिति में हैं ।
विकल्प :
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 2013]
👉 कालीबंगा की खोज 1952 ई. में अमलानन्द घोष ने की थी।
👉 उन्होंने बीकानेर क्षेत्र में अनेक हड़प्पा संस्कृति के स्थल खोजे।
👉 कालीबंगा के अवशेषों को हड़प्पा से बेहतर स्थिति है।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B) व (D)
निम्न में से किस पुरा स्थल से यूनानी चिह्नांकित मुद्राएँ प्राप्त हुई हैं ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 आहड़ सभ्यता से यूनानी मुद्राएँ मिली हैं।
👉 इनमें से एक पर त्रिशूल, दूसरी पर यूनानी देवता अपोलो का चित्र अंकित है।
👉 यह प्रमाण देता है कि उस समय राजस्थान का विदेशों से व्यापार था।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
आहड़ संस्कृति के संबंध में निम्न में से कौनसा / से कथन सत्य है/हैं?
(A) आहड़ संस्कृति के उत्खनन का कार्य एच.डी. सांकलिया के निर्देशन में किया गया।
(B) आहड़ संस्कृति से ताँबे के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
कूट -
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉
आहड़
उत्खनन एच.डी.
सांकलिया
के निर्देशन
में हुआ।
👉
यहाँ
से ताँबे
के उपकरण
प्राप्त हुए
हैं।
👉
दोनों
कथन तथ्यात्मक
रूप से सही
हैं।
✍️ सही उत्तर है – (A) एवं (B) दोनों सत्य हैं।
कालीबंगा के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िए-
(A) कालीबंगा में दुर्ग तथा निचले नगर, दोनों के चारों ओर दीवार है ।
(B) दोनों दीवारें कच्ची मिट्टी की ईंटों की दीवारे हैं।
[Supt. Garden 28.07.2021]
सही उत्तर चुनिए -
👉 कालीबंगा सभ्यता में दो भाग पाए गए – एक दुर्गनुमा नगर और दूसरा साधारण नगर।
👉 दोनों नगरों के चारों ओर प्राचीर (दीवार) निर्मित थी।
👉 ये दीवारें मुख्यतः कच्ची ईंटों से बनाई गई थीं।
👉 इसलिए कथन (A) और (B) दोनों ही सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सत्य हैं।
ताम्र पाषाण युगीन आहड़ में चावल एवं बाजरे के प्रमाण किसने खोजे हैं?
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
आहड़
सभ्यता
ताम्रपाषाण
काल की ग्रामीण
सभ्यता
है।
👉
यह
आयड़-बनास
नदी तट
पर स्थित थी।
👉
यहाँ
चावल-बाजरा
के प्रमाण मिले
हैं।
👉
ये
खोज विष्णु
मित्रे
ने की।
✍️ सही उत्तर है – विष्णु मित्रे
पुरातात्विक स्थल गिलुण्ड संबद्ध है
[पशु चिकित्सा अधिकारी 02.08.2020]
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजसमंद जिले में बनास नदी के किनारे स्थित है।
👉 यह स्थल आहड़–बनास संस्कृति से संबंधित है।
👉 यहाँ से ताम्रपाषाण कालीन मृद्भाण्ड, मिट्टी के खिलौने और ताँबे के औज़ार मिले हैं।
👉 इस कारण गिलूण्ड को प्रमुख ताम्रपाषाणिक संस्कृति स्थल माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ताम्रपाषाणिक संस्कृति से
कालीबंगा की अग्निवेदिकाओं के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]
👉 कालीबंगा में सात अग्निवेदिकाएँ मिली हैं, जिनमें से कुछ में हड्डियों के अवशेष भी मिले।
👉 यहाँ बलि प्रथा होने के संकेत मिलते हैं।
👉 अग्निवेदिकाएँ पश्चिमी टीले पर मिली हों या त्रिभुजाकार अग्निकुण्ड हों।
👉 सही सूचना केवल यह है कि अग्निवेदिकाएँ हवनकुण्ड के रूप में थीं।
✍️ सही उत्तर है – प्रत्येक अग्निवेदिका में त्रिभुजाकार अग्निकुण्ड है।
निम्नांकित में से राजस्थान में किस स्थान से सैन्धव कालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं ?
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
👉 राजस्थान में सैन्धव कालीन अवशेष मुख्यतः कालीबंगा से मिले हैं।
👉 यह स्थल हनुमानगढ़ जिले में घग्घर (सरस्वती) नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से प्राक्-हड़प्पा और हड़प्पा काल दोनों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 कालीबंगा को सिंधु घाटी सभ्यता का तीसरा प्रमुख केंद्र माना गया है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से किस पुरातात्विक स्थल से एक अभिलेख मिला है, जिसमें मौर्य सम्राट अशोक ने बौद्ध ग्रंथों के अध्ययन की अनुशंसा की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
👉 बैराठ (विराटनगर) से अशोक का प्रसिद्ध भाब्रू शिलालेख प्राप्त हुआ है।
👉 यह शिलालेख मौर्यकालीन ब्राह्मी लिपि और प्राकृत भाषा में अंकित है।
👉 यह अभिलेख वर्तमान में कोलकाता संग्रहालय में सुरक्षित है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित कथनों को पढ़िये एवं नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प को चुनिए :
A. बी.बी. लाल के निर्देशन में गिलूण्ड का उत्खनन किया गया था ।
B. वी. एन. मिश्र के निर्देशन में बालाथल का उत्खनन किया गया था ।
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
कूट :
👉 गिलूण्ड का उत्खनन बी.बी. लाल द्वारा निर्देशित किया गया था, यह कथन सत्य माना जाता है।
👉 बी.बी. लाल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रमुख पुरातत्वविद्, इस उत्खनन से विशेष रूप से जुड़े रहे।
👉 बालाथल का उत्खनन वी. एन. मिश्र जैसे प्रसिद्ध पुरातत्वविद् के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ था।
👉 राजस्थान के इन दोनों स्थलों पर उत्खनन कार्य क्रमशः बी.बी. लाल और वी.एन. मिश्र द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किए गए।
✍️ सही उत्तर है – A और B दोनों सही हैं।
किस स्थान से आहत सिक्के प्राप्त नहीं हुए हैं ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 नोह (भरतपुर) से मौर्यकालीन पॉलिशयुक्त पत्थर, मुद्राएँ और सिक्के मिले।
👉 रेड़ (टोंक) से 3075 आहत मुद्राएँ मिलीं।
👉 साँभर से कुषाण और यौधेय कालीन लगभग 200 सिक्के प्राप्त हुए।
👉 लेकिन तिलवाड़ा (बालोतरा, लूनी नदी) से आहत सिक्कों के प्रमाण नहीं मिले।
✍️ सही उत्तर है – तिलवाडा
निम्नलिखित में से किस ने बालाथल का उत्खनन किया ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 बालाथल स्थल उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील में स्थित है।
👉 इसकी खोज 1962–63 ई. में डॉ. वी. एन. मिश्र ने की थी।
👉 बाद में 1993 ई. में यहाँ उत्खनन कार्य भी डॉ. वी. एन. मिश्र के निर्देशन में हुआ।
👉 इस स्थल से ताम्रपाषाणिक और लौहयुगीन दोनों सभ्यताओं के प्रमाण मिले।
✍️ सही उत्तर है – वी एन मिश्रा
"आहड़ संस्कृति का लंबी दूरी का व्यापारिक संबंध था।" यह निम्नलिखित में से आहड़ की किस प्राप्ति से ध्वनित होता है?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 आहड़ सभ्यता में ताँबे के औज़ारों के साथ विदेशी संपर्क के प्रमाण भी मिले।
👉 यहाँ से लैपिस लजुली (कीमती पत्थर) के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 यह पत्थर स्थानीय नहीं था, बल्कि बाहर से लाया गया था।
👉 इससे आहड़ का लंबी दूरी का व्यापारिक संबंध स्पष्ट होता है।
✍️ सही उत्तर है – लैपिस लजुली से
प्राचीन ऐतिहासिक स्थल रंगमहल कहाँ अवस्थित है ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 रंगमहल सभ्यता सरस्वती नदी के किनारे अवस्थित है।
👉 यह स्थल श्रीगंगानगर में स्थित है।
👉 यहाँ से लाल व गुलाबी रंग के मृद्भाण्ड, कुषाण कालीन मुद्राएँ और गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण की प्रतिमा मिली है।
👉 इसका उत्खनन 1952–54 ई. में डॉ. हन्नारिड के नेतृत्व में हुआ।
✍️ सही उत्तर है – श्रीगंगानगर में
राजस्थान में मध्यपाषाण युगीन मानव कंकाल कहाँ से प्राप्त हुआ है ?
[Technical Assistant 07.07.2025]
👉 बागोर मध्यपाषाण कालीन सबसे सम्पन्न स्थल माना जाता है।
👉 यहाँ से लगभग 5000 वर्ष पूर्व का कृषि व पशुपालन सम्बन्धी साक्ष्य मिले हैं।
👉 इसी स्थल से मानव कंकाल भी प्राप्त हुआ, जिसके गले में पत्थर व हड्डियों का हार था।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
सुनारी सभ्यता के अवशेष कहाँ से प्राप्त हुए हैं ?
[जनसंपर्क अधिकारी 22.10.2019]
👉 सुनारी सभ्यता राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र में पाई गई।
👉 यह स्थल कांतली नदी के किनारे, वर्तमान झुंझुनूं जिले में अवस्थित है।
👉 यहाँ से लौह अयस्क गलाने की भट्टियाँ, लोहे का प्याला, तीर तथा शंख की चूड़ियाँ मिली हैं।
👉 यह स्थल राजस्थान की प्राचीन लौहयुगीन संस्कृति का प्रमाण देता है।
✍️ सही उत्तर है – झुंझुनूं
हडप्पीय स्थल जहाँ से भूकम्प जैसी किसी प्राकृतिक आपदा के प्राचीनतम प्रमाण प्राप्त हुए हैं
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 20.07.2016]
👉 राजस्थान का प्रमुख हड़प्पीय स्थल कालीबंगा है।
👉 यहाँ खुदाई के दौरान मकानों में दरारें पाई गईं।
👉 यह विश्व का सबसे प्राचीन भूकम्प का प्रमाण माना जाता है।
👉 इसलिए कालीबंगा को प्राकृतिक आपदा से जुड़ा स्थल कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
निम्नलिखित में से कौन गिलुन्ड सभ्यता के उत्खनन से संबंधित नहीं है ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 गिलूण्ड सभ्यता राजसमंद जिले में बनास नदी के तट पर स्थित है।
👉 इसका उत्खनन 1957–58 ई. में बी. बी. लाल द्वारा प्रारंभ किया गया।
👉 बाद में 1998 से 2003 ई. तक डॉ. वी. एस. शिन्दे और प्रो. ग्रेगरी पॉसेहल के निर्देशन में उत्खनन हुआ।
👉 डॉ. सूरजभान का नाम गिलूण्ड सभ्यता के उत्खनन से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – डॉ. सूरजभान
निम्नलिखित में से कौनसा /से कथन सही है/हैं?
(A) के. एन. दीक्षित बैराठ में उत्खनन से सम्बन्धित हैं ।
(B) बैराठ से सूती वस्त्र का टुकड़ा प्राप्त हुआ था ।
(C) बैराठ में बीजक की पहाड़ी पर एक अशोक कालीन वृत्ताकार मन्दिर के साक्ष्य मिले हैं, दयाराम साहनी ने अपनी रिपोर्ट में जिसका उल्लेख किया था।
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
सही कूट चुनिए
कूट -
👉 के. एन. दीक्षित बैराठ के उत्खनन कार्य से जुड़े रहे थे, यह कथन संपूर्णतः सही माना जाता है।
👉 बैराठ के उत्खनन में दयाराम साहनी के साथ के. एन. दीक्षित ने भी भाग लिया था।
👉 बैराठ से सूती वस्त्र का टुकड़ा प्राप्त होना एक सत्यापित पुरातात्विक तथ्य है।
👉 बीजक की पहाड़ी पर अशोक कालीन वृत्ताकार मंदिर के प्रमाण दयाराम साहनी द्वारा अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज किए गए थे।
👉 यह वृत्ताकार मंदिर बैराठ के महत्वपूर्ण मौर्यकालीन अवशेषों में सम्मिलित है।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B) और (C)
रैढ़ में उत्खनन कार्य किसके नेतृत्व में हुआ था ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 रैढ़ सभ्यता टोंक जिले की निवाई तहसील में ढील नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ 1938–40 ई. के बीच उत्खनन कार्य हुआ।
👉 इस उत्खनन का नेतृत्व दयाराम साहनी और के. एन. पुरी ने किया।
👉 यहाँ से 3075 आहत मुद्राएँ और घेरेदार कूप के अवशेष मिले।
✍️ सही उत्तर है – के. एन. पुरी
पुरास्थल ओझियाना के सम्बंध में कौनसा कथन सत्य नहीं है ?
(A) ताम्रयुगीन सभ्यता स्थल है।
(B) उत्खनन कार्य डॉ. आर.सी. अग्रवाल, बी. आर. मीना और आलोक त्रिपाठी से संबंधित हैं।
(C) वृषभ एवं गाय की मृणमय मूर्तियाँ मिली हैं, जिन पर सफेद रंग से डिज़ाइन बना है।
(D) कोठारी नदी के किनारे विकसित हुई।
सही कूट का चुनाव करिये -
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 ओझियाना (ब्यावर, बदनौर तहसील) एक ताम्रयुगीन सभ्यता स्थल है।
👉 इसका उत्खनन 2000–01 ई. में बी. आर. मीना और आलोक त्रिपाठी द्वारा किया गया।
👉 यहाँ से वृषभ की मिट्टी की आकृतियाँ मिली हैं, जिन पर सफेद रंग से चित्रकारी की गई है (ओझियाना बुल)।
👉 लेकिन यह स्थल कोठारी नदी के किनारे नहीं, बल्कि खारी नदी के किनारे स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – D
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (D) 04.07.2025]
"आहड़ सभ्यता" के सन्दर्भ में निम्न में से कौनसा कथन सत्य नहीं है ?
[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]
👉 आहड़ सभ्यता से लोहे के औज़ार प्राप्त नहीं हुए, इसलिए "लोहे की कुल्हाड़ियाँ मिली हैं" – असत्य है।
👉 यहाँ से ताँबा गलाने के बाद बचा हुआ कचरा मिला है।
👉 आहड़ से छोटे तीखे पत्थर उपकरण अनुपस्थित थे।
👉 खुदाई में ताँबे की चादरें भी प्राप्त हुई हैं।
✍️ सही उत्तर है – लोहे की कुल्हाड़ियाँ मिली हैं।
आहड़ सभ्यता के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए व सही विकल्प चुनिए :
A. आहड़वासी खेती करना जानते थे ।
B. आहड़वासी कपड़ों की छपाई व रंगाई से परिचित थे ।
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 आहड़वासी खेती से परिचित थे, यहाँ से चावल व अन्य अनाज के साक्ष्य मिले हैं।
👉 यहाँ से छपाई करने के ठप्पे भी मिले, जिससे रंगाई–छपाई के व्यवसाय का प्रमाण मिलता है।
👉 दोनों कथन अध्याय के अनुसार सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – A व B दोनों सत्य हैं ।
आहड़ की अवस्थिति किस ताम्र अयस्क के भण्डारों के मध्य है?
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
आहड़
सभ्यता
ताम्र अयस्क
भंडारों
के मध्य स्थित
थी।
👉
यहाँ
मुख्य अयस्क
कल्कोपाइराइट
पाया जाता था।
👉
इसलिए
इसे ताम्रवती
नगरी कहा
जाता था।
👉
यह
आयड़/बेड़च
नदी किनारे
स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – कल्कोपाइराइट
आहड़ को ताम्रवती नाम से भी जाना जाता था क्योंकि
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 आहड़ सभ्यता का प्राचीन नाम ताम्रवती था।
👉 यहाँ से सर्वाधिक मात्रा में ताँबे के औज़ार और उपकरण प्राप्त हुए हैं।
👉 इस कारण इसे ‘ताम्रनगरी’ भी कहा जाता है।
👉 आहड़वासी ताँबा गलाने और उससे औज़ार बनाने में निपुण थे।
✍️ सही उत्तर है – बड़ी संख्या में ताँबे के औज़ार और उपकरण मिले हैं।
बागोर उद्योग की विशेषता शिल्प कौशल के उच्च मानकों से है, जिसकी तुलना भारत के किस स्थान के प्रारूप विज्ञान और प्रौद्योगिकी से की जा सकती है ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 बागोर उद्योग की विशेषता उच्च शिल्प कौशल है।
👉 इसका स्तर भारत के अन्य स्थलों से तुलना योग्य है।
👉 इसकी तुलना मोरहाना पहाड़ (उ.प्र.) से की जाती है।
👉 यहाँ भी समान प्रकार का विज्ञान व प्रौद्योगिकी देखा गया।
✍️ सही उत्तर है – मोरहाना पहाड़ (उ.प्र.)
बैराठ सभ्यता के संदर्भ में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए :
A. मान्यता है कि हूण आक्रांता मिहिरकुल ने बैराठ का विध्वंस किया था ।
B. चीनी यात्री युवान - च्वांग ने भी अपने यात्रा वृतान्त में बैराठ का उल्लेख किया है ।
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 बैराठ के विध्वंस का संबंध हूण आक्रांता मिहिरकुल से माना जाता है, यह मान्यता ऐतिहासिक प्रमाणों पर आधारित है।
👉 छठी शताब्दी ईस्वी में मिहिरकुल द्वारा किए गए आक्रमणों से बैराठ का विनाश हुआ था, यह कथन सही माना जाता है।
👉 चीनी यात्री युवान-च्वांग ने अपने यात्रा-वृत्तांत में बैराठ का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया है।
👉 युवान-च्वांग ने बैराठ को ‘प-ला-मो-पुर’ नाम से लिखा और वहाँ के बौद्ध मठ, स्तूप तथा सांस्कृतिक अवशेषों का विस्तृत वर्णन किया है।
✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सही हैं
पुरातत्त्वविद् कार्लाइल ने निम्नलिखित में से किस स्थल से महापाषाण कब्रों को खोजा था ?
[AEN परीक्षा 30.06.2024]
👉 पुरातत्त्वविद् कार्लाइल ने कई स्थलों पर खुदाई की।
👉 उन्होंने राजस्थान के दौसा स्थल पर कार्य किया।
👉 यहाँ से महापाषाण कब्रें खोजी गईं।
✍️ सही उत्तर है – दौसा
निम्न प्रागैतिहासिक स्थलों में से कौन सा राजस्थान में स्थित है ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 भीमबेटका मध्यप्रदेश में स्थित है।
👉 देवापुर भी राजस्थान से बाहर का स्थल है।
👉 जमालपुर भी अन्य राज्य में है।
👉 खोर प्रागैतिहासिक स्थल राजस्थान में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – खोर
पुरातत्त्वविद् 'नीलरत्न बनर्जी' ने किस स्थल का उत्खनन कार्य किया था ?
[स्कूल व्याख्याता (पेपर -I) 17.11.2024]
👉 बैराठ (विराटनगर) का उत्खनन कई विद्वानों द्वारा किया गया।
👉 1936 ई. में दयाराम साहनी ने यहाँ कार्य किया।
👉 1962–63 ई. में उत्खनन कार्य का निर्देशन नीलरत्न बनर्जी और कैलाशनाथ दीक्षित ने किया।
👉 यहाँ से अशोक का भाब्रू शिलालेख, बौद्ध विहार और प्राचीन मुद्राएँ मिलीं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
'कीचक का महल' 'राजस्थान की किस सभ्यता सम्बन्धित है ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 बैराठ (विराटनगर) मत्स्य जनपद की राजधानी रहा।
👉 महाभारत काल में पाण्डवों ने अपना अज्ञातवास यहीं व्यतीत किया।
👉 यहाँ से अशोक का शिलालेख और बौद्ध विहार भी मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नलिखित में से कौनसा एक ताम्रपाषाणिक स्थल है ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 राजस्थान में कई प्राचीन सभ्यताएँ पाई गईं, जिनमें से कुछ ताम्रपाषाणिक भी हैं।
👉 आहड़ सभ्यता उदयपुर के पास आयड़ नदी के किनारे स्थित है।
👉 यह स्थल प्रमुख ताम्रपाषाणिक स्थल है, जहाँ से ताँबे के औज़ार और लाल-काले मृद्भाण्ड बड़ी संख्या में मिले।
👉 इसे ‘ताम्रवती, ताम्रनगरी’ और ‘बनास संस्कृति’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
निम्नलिखित में से राजस्थान का कौनसा प्रगेतिहासिक, ताम्रपाषाणिक काल से सम्बंधित है ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 बालाथल उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील में स्थित है।
👉 यहाँ से ताम्रपाषाणिक संस्कृति तथा लौहयुगीन सभ्यता दोनों के अवशेष प्राप्त हुए।
👉 इस स्थल से दुर्गनुमा भवन, ताँबे के सिक्के और मिट्टी की मूर्तियाँ मिली हैं।
✍️ सही उत्तर है – बालाथल
निम्नलिखित में से कौन सा निम्न पुरापाषाण कालीन स्थल राजस्थान में स्थित नहीं है ?
[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]
👉 ललितपुर राजस्थान में स्थित नहीं है, यह मध्य प्रदेश में पाया जाता है।
👉 यह स्थल राजस्थान के निम्न पुरापाषाण कालीन स्थलों की सूची में सम्मिलित नहीं होता।
👉 राजस्थान में निम्न पुरापाषाण काल के प्रमुख स्थल जायल, डीडवाना और सिंगीतालाव माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – ललितपुर
बागोर पुरास्थल के संदर्भ में कौनसे कथन सही हैं ?
(1) यह कोठारी नदी के तट पर स्थित है।
(2) स्थानीय लोग इसे 'महासती' के नाम से जानते हैं।
(3) इसके उत्खनन कार्य से डॉ. वी.एन. मिश्रा सम्बद्ध रहे।
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के तट पर स्थित है।
👉 यहाँ के उत्खनन स्थल को स्थानीय लोग ‘महासती का टीला’ कहते हैं।
👉 इसका उत्खनन 1967–69 ई. में डॉ. वी. एन. मिश्र व एल. एस. लैशानी ने किया।
✍️ सही उत्तर है – (1), (2) और (3) सभी सही हैं
“अशुलियन औज़ार” शब्द मुख्यतः किस काल खंड के औज़ारों के लिए प्रयुक्त हुआ है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 प्रारम्भिक पाषाण काल (5 लाख से 10 लाख वर्ष पूर्व) में हस्त कुठार (Handaxe) और खण्डक (Cleaver) जैसे औज़ार बने।
👉 ये औज़ार आकार में भारी, भद्दे और मोटे थे।
✍️ सही उत्तर है – निम्न पुरापाषाण काल
निम्नलिखित में से किस स्थल से भारत की सबसे पुरानी लौह भट्टी की खोज की गई है ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 राजस्थान का प्रमुख लौहयुगीन स्थल सुनारी है।
👉 यह नीमकाथाना क्षेत्र (झुंझुनूं) में कांतली नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से भारत की सबसे पुरानी लौह भट्टी प्राप्त हुई है।
👉 इस स्थल से लोहे का प्याला, तीर और शंख की चूड़ियाँ भी मिली हैं।
✍️ सही उत्तर है – सुनारी
निम्नांकित में से किस प्रागैतिहासिक स्थल का सम्बन्ध महासती टीले से है ?
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ उत्खनन किये गये स्थान को स्थानीय लोग महासती का टीला कहते हैं।
👉 इस स्थल से कृषि, पशुपालन और आखेट जीवन से जुड़े अवशेष मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – बागोर
राजस्थान में प्रागैतिहासिक शैल चित्र प्राप्त हुए हैं :
[AEN परीक्षा 30.06.2024]
👉 राजस्थान में सबसे अधिक शैल चित्र विराटनगर (बैराठ) से प्राप्त हुए हैं।
👉 इन शैल चित्रों के कारण इसे पुरातत्वविदों ने ‘प्राचीन युग की चित्रशाला’ कहा।
👉 यहाँ अशोक के शिलालेख, बौद्ध विहार और स्तूप चैत्य भी मिले हैं।
👉 बैराठ मत्स्य देश व मत्स्य जनपद की राजधानी था।
✍️ सही उत्तर है – विराटनगर (बैराठ)
राजस्थान में सर्वप्रथम पूर्व पाषाणकालीन हस्तकुठार किसने खोजी ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 राजस्थान में पूर्व पाषाण काल के उपकरणों में हस्तकुठार (Hand-axe) प्रमुख है।
👉 इसका सर्वप्रथम अन्वेषण सी. ए. हैकेट ने किया।
👉 उन्होंने जयपुर के विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) और बूंदी के इन्द्रगढ़ से ये उपकरण खोजे।
👉 ये उपकरण आज भी कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित हैं।
✍️ सही उत्तर है – सी. ए. हैकेट
गुप्तकालीन स्वर्ण सिक्कों का सबसे बड़ा ढेर (मुद्राभाण्ड) राजस्थान के किस स्थान से प्राप्त हुआ है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 20.07.2016]
👉 राजस्थान में कई स्थलों से प्राचीन सिक्के प्राप्त हुए हैं।
👉 लेकिन गुप्तकालीन स्वर्ण सिक्कों का सबसे बड़ा भण्डार भरतपुर जिले के बयाना (नगला छैल गाँव) से मिला है।
👉 यहाँ से बड़ी संख्या में गुप्तकालीन स्वर्ण मुद्राएँ प्राप्त हुईं।
👉 यह स्थल राजस्थान के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पुरास्थलों में गिना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – बयाना
बैराठ पुरास्थल से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों को पढ़िये एवं सही विकल्प को चुनिये :
A.
यहाँ
से आठ ताँबे
की आहत मुद्राएँ
प्राप्त हुई
थी।
B.
एक
कपड़े में बंधी
इंडो-ग्रीक
शासकों की मुद्राएँ
प्राप्त हुई
हैं।
कूट :
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
बैराठ
पुरास्थल
से इंडो-ग्रीक
मुद्राएँ
प्राप्त हुई
हैं।
👉
ये
मुद्राएँ कपड़े
में बंधी
अवस्था में
मिली थीं।
👉
जबकि
ताँबे
की आहत
मुद्राओं का
उल्लेख सही
नहीं है।
👉
इसलिए
केवल कथन
B
सही
है।
✍️ सही उत्तर है – केवल B सही है।
किस पुरातात्विक स्थल की खुदाई से खड़े यक्ष की पाषाण प्रतिमा प्राप्त हुई है ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 राजस्थान के भरतपुर जिले का प्रमुख स्थल नोह है।
👉 इस स्थल की खुदाई 1963–64 ई. में रतनचंद्र अग्रवाल और डॉ. डेविडसन के निर्देशन में हुई।
👉 यहाँ से शक कालीन समय की लगभग 1.5 मीटर ऊँची खड़े यक्ष की पाषाण प्रतिमा (जाख बाबा) मिली।
👉 नोह से महाभारत से लेकर लौह काल तक की पाँच संस्कृतियों के अवशेष भी प्राप्त हुए।
✍️ सही उत्तर है – नोह
सीकर जिले के नीम का थाना में कांतली नदी के उद्गम पर खोजा गया ताम्र संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थल कौन सा है ?
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में कांतली नदी का उद्गम है।
👉 यहाँ से खोजा गया प्रमुख ताम्र संस्कृति स्थल गणेश्वर है।
👉 गणेश्वर से सैकड़ों ताँबे के औज़ार और आभूषण प्राप्त हुए।
👉 इसे भारत की प्राचीनतम ताम्रयुगीन सभ्यता की जननी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – गणेश्वर
निम्न में से किसके लिए कालीबंगा प्रसिद्ध है ?
i. जुते हुए खेत
ii. किलाबंद गढ़
iii. अग्नि वेदिकाएँ
iv. ताम्र के बाट
सही विकल्प को चुनिए :
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 कालीबंगा से हल से जुते हुए खेतों के अवशेष मिले हैं।
👉 यहाँ से किलाबंद नगर (दुर्गनुमा नगर) के प्रमाण मिले।
👉 उत्खनन में सात अग्निवेदिकाएँ भी पाई गईं।
👉 लेकिन यहाँ से ताम्र के बाट नहीं मिले।
✍️ सही उत्तर है – i, ii, iii
प्रागैतिहासिक काल की बागोर सभ्यता के अवशेष कोठारी नदी के तट पर किस स्थान से प्राप्त हुए हैं ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 बागोर सभ्यता भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे विकसित हुई।
👉 इस स्थल से प्राचीनतम कृषि और पशुपालन के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
👉 यहाँ उत्खनन किए गए स्थान को महासतियों का टीला कहा जाता है।
👉 इस कारण बागोर को ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – महासतियाँ
प्रसिद्ध मध्य पाषाण कालीन स्थल बागोर किस नदी के तट पर स्थित है ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 बागोर सभ्यता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित है।
👉 यह स्थल कोठारी नदी के तट पर बसा हुआ है।
👉 यहाँ से भारत के प्राचीनतम कृषि और पशुपालन के प्रमाण मिले।
👉 इसे ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – कोठारी
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में निम्नलिखित में से किस प्राचीन संस्कृति का विकास हुआ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 आहड़ संस्कृति एक प्रमुख ताम्रपाषाणकालीन संस्कृति थी, जिसका विकास दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में हुआ।
👉 इसे बनास संस्कृति तथा धूलकोट संस्कृति के नाम से भी विशेष रूप से जाना जाता है।
👉 इसका विस्तार आहड़, बनास और बेडच नदी घाटियों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
👉 यह संस्कृति लगभग 3000 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व तक निरंतर विकसित होती रही।
👉 आहड़ संस्कृति सिंधु घाटी सभ्यता के समकालीन तथा इसके निकटवर्ती क्षेत्र में स्थित थी।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
निम्नलिखित में से किसने 'द आर्कियोलॉजिकल रिमेन्स एण्ड एक्सकेवेशन एट बैराठ' प्रतिवेदन तैयार किया था ?
[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]
👉 बैराठ उत्खनन का कार्य कई विद्वानों ने किया था।
👉 1936 ई. में यहाँ का उत्खनन दयाराम साहनी ने करवाया था।
👉 1962-63 ई. में उत्खनन का नेतृत्व कैलाशनाथ दीक्षित और नीलरत्न बनर्जी ने किया।
👉 'द आर्कियोलॉजिकल रिमेन्स एण्ड एक्सकेवेशन एट बैराठ' प्रतिवेदन दयाराम साहनी का है।
✍️ सही उत्तर है – दयाराम साहनी
निम्नांकित में से कौन - सा स्थल एक महत्वपूर्ण मध्य पाषाण कालीन स्थल है ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 2013]
👉 राजस्थान का प्रमुख मध्यपाषाण कालीन स्थल बागोर है।
👉 यह भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से भारत के प्राचीनतम कृषि और पशुपालन के अवशेष मिले हैं।
👉 इसे ‘आदिम संस्कृति का संग्रहालय’ भी कहा गया है।
✍️ सही उत्तर है – बागौर
किस हडप्पीय स्थल से एक साथ दो फसलें उगाये जाने के साक्ष्य मिलते हैं ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 2013]
👉 राजस्थान का प्रमुख हड़प्पीय स्थल कालीबंगा है।
👉 यहाँ से हल से जुते हुए खेतों के अवशेष मिले हैं।
👉 इन खेतों में मिश्रित फसलें (जौ, गेहूँ, बाजरा, चना व सरसों) बोई जाती थीं।
👉 यह प्रमाण देता है कि कालीबंगा में एक साथ दो फसलें उगाई जाती थीं।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा
गणेश्वर-जोधपुरा कॉपर कॉम्पलेक्स निम्नलिखित में से किस-किस मृद्भांड से सम्बंधित है ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 गणेश्वर-जोधपुरा कॉपर कॉम्पलेक्स से गेरुए रंग के मृद्भाण्ड प्राप्त हुए हैं।
✍️ सही उत्तर है – गेरुए रंग के मृद्भाण्ड
'ओझियाना पुरास्थल राजस्थान में कहाँ स्थित है ?
[हॉस्पिटल केयर टेकर 10.02.2023]
👉 ओझियाना पुरास्थल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की बदनौर तहसील में स्थित है।
👉 यह स्थल खारी नदी के किनारे बसा हुआ है।
👉 प्रसिद्ध ओझियाना बुल (सफेद रंग से चित्रित बैल की आकृति) प्राप्त हुई है।
👉 यह स्थल आहड़–बनास संस्कृति से संबंधित एक प्रमुख ताम्रयुगीन केंद्र है।
✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा