बरली का शिलालेख जो कि अशोक काल से पूर्व का माना जाता है, कहाँ स्थित है ?
[जनसंपर्क अधिकारी 22.10.2019]
👉 एक प्राचीन शिलालेख अशोक काल से पूर्व का माना गया।
👉 यह शिलालेख धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
👉 इसे राजस्थान के अजमेर क्षेत्र में पाया गया।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
महाराणा कुम्भा के समय का प्राचीनतम ज्ञात अभिलेख (विक्रमी संवत् 1490) प्राप्त होता है ग्राम
[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]
👉 विक्रम संवत् 1490 का एक अभिलेख उपलब्ध है।
👉 यह अभिलेख महाराणा कुम्भा के समय से संबंधित है।
👉 इसमें उस काल की राजनीतिक व धार्मिक गतिविधियाँ दर्ज हैं।
👉 यह अभिलेख ग्राम पदराड़ा से प्राप्त हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – पदराड़ा से
उस अभिलेख को चिन्हित कीजिए, जो प्राचीन राजस्थान में वैष्णव संप्रदाय की उपस्थिति के साक्ष्य देता है -
[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]
👉 एक अभिलेख प्राचीन राजस्थान में वैष्णव संप्रदाय का प्रमाण देता है।
👉 इसमें धार्मिक पूजा-पद्धति और मान्यताओं का उल्लेख है।
👉 यह जानकारी उस समय के सामाजिक जीवन को दर्शाती है।
👉 यह प्रमाण बरनाला अभिलेख से मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – बरनाला अभिलेख
अधोलिखित अभिलेखों का सही काल क्रम चुनिए (आरोही क्रम) :
(i) बिजोलिया अभिलेख
(ii) नेमिनाथ अभिलेख
(iii) घोसुण्डी अभिलेख
(iv) बुचकला अभिलेख
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 घोसुण्डी अभिलेख सबसे प्राचीन है (द्वितीय शताब्दी ई.पू.)।
👉 इसके बाद बुचकला अभिलेख का स्थान आता है।
👉 फिर बिजौलिया अभिलेख (1170 ई.) आता है।
👉 सबसे बाद का अभिलेख नेमिनाथ अभिलेख है।
✍️ सही उत्तर है – iii, iv, i, ii
जोती हुई कृषि भूमि का साक्ष्य प्राप्त हुआ है -
[उपनिरीक्षक (SI) 14.09.2021]
👉 एक स्थल से जोती हुई भूमि का प्रमाण मिला।
👉 यहाँ हल से बनी हुई मेड़ों की रेखाएँ पाई गईं।
👉 यह खोज हड़प्पाकालीन कृषि पद्धति को दर्शाती है।
👉 यह साक्ष्य कालीबंगा से प्राप्त हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा से
निम्नांकित में से कौनसा अभिलेख राजस्थान में मौखरि वंश के अस्तित्व के बारे में बताता है ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 बड़वा ग्राम से प्राचीन यूप स्तम्भ अभिलेख प्राप्त हुए।
👉 इन अभिलेखों का सम्बन्ध मौखरी वंश से है।
👉 इनमें यज्ञ एवं धार्मिक अनुदान का उल्लेख मिलता है।
👉 यह अभिलेख बड़वा अभिलेख है।
✍️ सही उत्तर है – बड़वा अभिलेख
प्रतिहार शिलालेखों में पदाधिकारियों का उल्लेख, यह आता है :
[स्कूल व्याख्याता 2013]
👉 प्रतिहारों के शिलालेखों में कई पदाधिकारियों का उल्लेख है।
👉 इनमें प्रशासनिक वर्ग के रूप में राजपुरुष का जिक्र मिलता है।
✍️ सही उत्तर है – राजपुरुष
निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (मुद्राए-जारीकर्ता) सुमेलित नहीं है ?
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 राजस्थान में विभिन्न शासकों ने अपनी मुद्राएँ जारी कीं।
👉 झाड़शाही सिक्के जयपुर राज्य से संबंधित हैं।
👉 आलमशाही सिक्के बीकानेर में प्रचलित थे।
👉 परंतु विजयशाही सिक्के बीकानेर राज्य से संबंधित नहीं हैं।
✍️ सही उत्तर है – विजयशाही – बीकानेर राज्य
राजस्थान के नगला छेल मुद्रा भण्डार सम्बन्धित हैं
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 राजस्थान में विभिन्न स्थलों से मुद्रा भण्डार प्राप्त हुए।
👉 नगर (उणियारा) से 6000 मालव सिक्के मिले।
👉 रैढ़ (टोंक) से 3075 पंचमार्क चाँदी के सिक्के मिले।
👉 बयाना से 1921 गुप्तकालीन स्वर्ण सिक्के प्राप्त हुए।
👉 राजस्थान के नगला छेल से मुद्रा भण्डार प्राप्त हुए हैं।
👉 ये मुद्राएँ गुप्तकालीन सिक्कों से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – गुप्तकालीन सिक्के
निम्नलिखित में से किस स्थल से शासक मिनेण्डर के सोलह सिक्के प्राप्त हुए हैं ?
[RAS Pre. 05.08.2018]
👉 एक स्थल से शासक मिनेण्डर के सिक्के मिले।
👉 यहाँ कुल 16 सिक्के प्राप्त हुए थे।
👉 यह स्थल प्राचीनकाल का प्रमुख ऐतिहासिक केन्द्र है।
👉 यह उल्लेख बैराठ से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
घटियाला शिलालेख का सम्बन्ध मण्डोर शाखा के किस प्रतिहार शासक से है ?
👉 एक शिलालेख में मण्डोर शाखा के प्रतिहारों का उल्लेख है।
👉 इसमें उनकी वंशावली और उपलब्धियाँ दर्ज हैं।
👉 इसमें एक शासक की आभीरों पर विजय का वर्णन है।
👉 यह सम्बन्ध प्रतिहार शासक कक्कुक से है।
✍️ सही उत्तर है – कक्कुक
कुषाण शासक हुविष्क के सिक्के निम्नलिखित में से किस स्थान से प्राप्त हुये हैं ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 राजस्थान में सोने, चाँदी, ताँबे के सिक्के मिले।
👉 रैढ़ से पंचमार्क, बयाना से गुप्तकालीन सिक्के प्राप्त।
👉 मिहिर भोज के आदिवराह, अजयराज के लक्ष्मी अंकित सिक्के प्रसिद्ध।
👉 जयपुर के झाड़शाही, जोधपुर के विजयशाही, बीकानेर के आलमशाही प्रचलित रहे।
👉 इनमें कुषाण शासक हुविष्क के सिक्के भी शामिल हैं।
👉 ये सिक्के राजस्थान के सांभर से मिले हैं।
✍️ सही उत्तर है – सांभर
बिजोलिया अभिलेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण किसने करवाया ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 बिजोलिया अभिलेख में सांभर झील का उल्लेख मिलता है।
👉 इस अभिलेख के अनुसार झील का निर्माण एक शासक ने करवाया।
👉 उस शासक का नाम वासुदेव बताया गया है।
✍️ सही उत्तर है – वासुदेव
कालीबंगा पुरास्थल के किस दिशा में जुता हुआ खेत मिला है ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 एक हड़प्पाकालीन स्थल पर जुता हुआ खेत मिला।
👉 खेत में हल से बनी रेखाएँ स्पष्ट दिखीं।
👉 यह साक्ष्य प्राचीन कृषि प्रणाली का प्रमाण है।
👉 खेत स्थल के दक्षिण-पूर्व दिशा में मिला।
✍️ सही उत्तर है – दक्षिण-पूर्व
बिजौलिया अभिलेख किस वंश के इतिहास की जानकारी का महत्त्वपूर्ण साधन है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]
👉 एक अभिलेख में तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था दर्ज है।
👉 इसमें प्राचीन नगरों और भूमि अनुदान का उल्लेख है।
👉 इसमें शासकों की वंशावली और कार्यकलाप भी अंकित हैं।
👉 यह अभिलेख विशेष रूप से चौहान वंश का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
👉 👉 बिजोलिया अभिलेख में चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताया गया|यह अभिलेख 1170 ई का है| चौहान शासक सोमेश्वर के समय का है|इसके लेखक गुंभद्र है|
✍️ सही उत्तर है – चौहान
'पदराडा' अभिलेख किस शासक से संबंधित है ?
[कृषि अधिकारी 30.08.2022]
👉 पदराडा अभिलेख राजस्थान का एक महत्वपूर्ण अभिलेख है।
👉 यह अभिलेख महाराणा कुम्भा से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा
प्राचीन शिलालेखों में जालौर को किस नाम से जाना जाता था ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 एक प्राचीन अभिलेख में जालौर का उल्लेख मिलता है।
👉 इसमें इसका प्राचीन नाम ज़ाबिलपुर बताया गया।
👉 यह जानकारी तत्कालीन नगर नामावली को दर्शाती है।
👉 इससे जालौर के इतिहास का पता चलता है।
✍️ सही उत्तर है – ज़ाबिलपुर
राजस्थान में वैष्णव-धर्म का प्राचीनतम अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 एक अभिलेख में संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह अभिलेख वैष्णव-धर्म का प्राचीनतम प्रमाण है।
👉 यह अभिलेख घोसुण्डी से प्राप्त हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – घोसुण्डी
निम्नलिखित में से कौन सा अभिलेख शाकम्भरी चौहानों के प्रारंभिक इतिहास का अच्छा स्रोत है ?
[Protection Officer 28.01.2023]
👉 एक अभिलेख में चौहानों की वंशावली वर्णित है।
👉 यह शाकम्भरी चौहानों के प्रारंभिक इतिहास का प्रमुख स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – बिजोलिया अभिलेख
निम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत चौहान काल के इतिहास की जानकारी नहीं देता है ?
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 पृथ्वीराजविजय और पृथ्वीराजरासो में उस काल का उल्लेख है।
👉 बिजौलिया अभिलेख भी चौहानों के इतिहास का स्रोत है।
👉 लेकिन घटियाला अभिलेख प्रतिहारों से संबंधित है।
👉 अतः यह वाहमान काल की जानकारी नहीं देता।
✍️ सही उत्तर है – घटियाला अभिलेख
बड़वा यूप अभिलेख सम्बन्धित हैं
[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]
👉 बड़वा ग्राम से प्राचीन यूप स्तम्भ प्राप्त हुए।
👉 ये अभिलेख यज्ञ परंपरा और अनुदान दर्शाते हैं।
👉 इनका सम्बन्ध प्राचीन मौखरी वंश से है।
👉 यह तत्कालीन धार्मिक जीवन का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – मौखरी वंश
बिजोलिया अभिलेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण चौहान वंश के किस शासक ने करवाया था ?
[कृषि अधिकारी 19.01.2021]
👉👉551 ईस्वी में वासुदेव ने साम्भर के चौहान वंश की स्थापना की थी|
👉 बिजोलिया अभिलेख में सांभर झील का निर्माता वासुदेव को बताया गया है|
✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज प्रथम
अजमेर संग्रहालय में प्रदर्शित लिंगोद्भव मूर्ति कहाँ से प्राप्त हुई है ?
[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]
👉 अजमेर संग्रहालय में कई प्राचीन मूर्तियाँ सुरक्षित हैं।
👉 इनमें एक विशेष मूर्ति लिंगोद्भव के रूप में प्रदर्शित है।
👉 यह मूर्ति हर्षनाथ से प्राप्त हुई थी।
👉 यह उस समय की शैव धार्मिक परंपरा को दर्शाती है।
✍️ सही उत्तर है – हर्षनाथ
पुरास्थल 'आहड़' से प्राप्त प्राचीन अवशेष संबंधित है
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
👉 आहड़ स्थल नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार मिले।
👉 इस स्थल को 'ताम्रनगरी' और 'बनास संस्कृति' कहा गया।
👉 यह स्थल ताम्रपाषाण युग से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – ताम्रपाषाण युग से
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? [*]
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
राजस्थान में 'राजन्य जनपद' अंकित सिक्के किस क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 राजस्थान से मिले सिक्कों पर कई लेख अंकित हैं।
👉 इनमें ‘राजन्य जनपद’ अंकित सिक्के भी पाए गए।
👉 ये सिक्के राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र से प्राप्त हुए।
👉 यह तत्कालीन राजनीतिक और आर्थिक जीवन का प्रमाण हैं।
✍️ सही उत्तर है – भरतपुर
झाड़ोल (उदयपुर), कुराड़ा (नागौर) और साबणिया (बीकानेर) में क्या समानता है ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 झाड़ोल, कुराड़ा और साबणिया प्रमुख स्थल हैं।
👉 इन स्थलों से ताम्र उपकरणों के भण्डार प्राप्त हुए।
👉 यह प्रमाण उस समय की जीवन शैली दर्शाते हैं।
👉 इससे प्राचीन मानव की संस्कृति का ज्ञान होता है।
✍️ सही उत्तर है – ताम्र उपकरणों के भण्डार
निम्नलिखित में से किस अभिलेख में मौर्य राजा धवल का नाम अंकित है ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 एक अभिलेख में मौर्य राजा धवल का नाम अंकित है।
👉 यह नाम कणसवा के अभिलेख में मिलता है।
👉 यह अभिलेख राजस्थान का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत है।
✍️ सही उत्तर है – कणसवा का अभिलेख
मौखरी यूप अभिलेख (238 ई.) निम्न में से कहाँ से प्राप्त हुए हैं ?
[Head Master 11.10.2021]
👉 एक यूप स्तम्भ अभिलेख का काल 238 ई. माना गया।
👉 यह अभिलेख मौखरी वंश से संबंधित है।
👉 इसमें उनके द्वारा किए गए यज्ञ का उल्लेख है।
👉 यह अभिलेख बड़वा ग्राम से प्राप्त हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बड़वा
राजस्थान में मौर्यो की उपस्थिति स्पष्ट है -
[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]
👉 राजस्थान में मौर्यों की उपस्थिति का प्रमाण मिलता है।
👉 यह साक्ष्य एक प्राचीन शिवालय शिलालेख से प्राप्त है।
👉 यह शिलालेख कणसवा क्षेत्र से संबंधित है।
👉 इससे उस काल की राजनीतिक उपस्थिति स्पष्ट होती है।
✍️ सही उत्तर है – कणसवा के शिवालय के शिलालेख से
ग्वालियर अभिलेख में 'म्लेच्छों का नाशक' किसे कहा गया है ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 एक अभिलेख में एक शासक को उपाधि दी गई।
👉 इसमें उसे म्लेच्छों का नाशक कहा गया है।
👉 यह उपाधि उसकी सैन्य शक्ति और विजयों का प्रतीक है।
👉 यह उल्लेख नागभट्ट से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – नागभट्ट
सन् 1837 में बीजक पहाड़ी ( बैराठ) स्थित अशोक के शिलालेख को किसने खोजा ?
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 बैराठ की बीजक पहाड़ी पर अशोक का शिलालेख मिला।
👉 यह खोज सन् 1837 ई. में हुई थी।
👉 इस शिलालेख की खोज करने वाले कैप्टन बार्ट थे।
👉 यह शिलालेख अशोक कालीन धार्मिक जीवन दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – कैप्टन बार्ट
"रसिया की छतरी" अभिलेख पर नाम उत्कीर्ण है
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 रसिया की छतरी का अभिलेख ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
👉 इसमें बप्पा रावल से लेकर शासक नरवर्मा गुहिल तक की उपलब्धियों का उल्लेख है।
👉 इस अभिलेख में नरवर्मा गुहिल का नाम भी उत्कीर्ण है।
👉 यह अभिलेख 13वीं शताब्दी का है।
✍️ सही उत्तर है – नरवर्मा गुहिल
जैन मंदिर की स्थापना का उल्लेख करने वाला प्रतिहार अभिलेख कौन सा है ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 जैन मंदिर की स्थापना का उल्लेख एक प्रतिहार अभिलेख में हुआ है।
👉 यह अभिलेख घटियाला से प्राप्त हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – घटियाला अभिलेख
प्राचीनतम 'पंचमार्क' सिक्को का समय क्या है ?
[कृषि अधिकारी 29.08.2022]
👉 प्राचीन भारत में सबसे पहले पंचमार्क सिक्के प्रचलन में आए।
👉 इनका प्रयोग लगभग 800 ई. पू. से 500 ई. पू. के बीच हुआ।
✍️ सही उत्तर है – 800 ई. पू. से 500 ई. पू.
राजस्थान के इतिहास में 'पट्टा रेख' से क्या अभिप्राय है ?
RAS Pre. 28.08.2016
👉 राजस्थान के प्रशासन में कई प्रकार के कर प्रचलित थे।
👉 इनमें से एक कर को पट्टा रेख कहा जाता था।
✍️ सही उत्तर है – आकलित राजस्व
निम्नलिखित में से कौन से स्थल लघुपाषाणयुगीन संस्कृति से संबद्ध हैं ?
(i) सोजत
(ii) धनेरी
(iii) तिलवाड़ा
(iv) गणेश्वर
निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिए:
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 सोजत लघुपाषाणयुगीन संस्कृति से संबंधित है।
👉 धनेरी भी लघुपाषाणयुगीन स्थल है।
👉 तिलवाड़ा से भी लघुपाषाण सामग्री मिली है।
👉 लेकिन गणेश्वर ताम्रपाषाणकालीन स्थल है।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii)
निम्नांकित में से कौनसा अभिलेख राजस्थान में भागवत (वैष्णव) धर्म के विषय का उल्लेख नहीं करता है ?
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
👉 कुछ अभिलेखों में संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इनसे प्राचीन राजस्थान में भागवत धर्म के प्रमाण मिलते हैं।
👉 लेकिन एक अभिलेख में ऐसा कोई उल्लेख नहीं मिलता।
👉 यह अभिलेख है बसंतगढ़ अभिलेख।
✍️ सही उत्तर है – बसंतगढ़ अभिलेख
अभिलेख, जो प्राचीन राजस्थान में भागवत सम्प्रदाय के प्रभाव की पुष्टि करता है
RAS Pre. 28.08.2016
👉 एक अभिलेख में संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 इससे प्राचीन राजस्थान में भागवत सम्प्रदाय के प्रभाव का प्रमाण है।
👉 यह जानकारी घोसुण्डी अभिलेख से मिलती है।
✍️ सही उत्तर है – घोसुण्डी अभिलेख
निम्नांकित में से कौन सा अभिलेख राजपूतों की ब्राह्मण वंश से उत्पत्ति के सिद्धान्त का समर्थन नहीं करता ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 कुछ अभिलेख राजपूतों की ब्राह्मण वंश से उत्पत्ति का समर्थन करते हैं।
👉 परंतु ऋषि श्रृंगी अभिलेख इस सिद्धान्त का समर्थन नहीं करता।
✍️ सही उत्तर है – ऋषि श्रृंगी अभिलेख
बागोर के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िये :
(i) बागोर से लघुपाषाणोपकरण पुरातत्त्व सामग्री प्राप्त हुई है।
(ii) डॉ. एल. एस. लेशनि एवं पूना विश्वविद्यालय के सहयोग से यहाँ उत्खनन कार्य सम्पादित किया है।
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 (i) बागोर से लघुपाषाणोपकरण सामग्री प्राप्त हुई है।
👉 (ii) यहाँ उत्खनन कार्य डॉ. एल. एस. लेशनि ने पूना विश्वविद्यालय के सहयोग से किया।
✍️ सही उत्तर है – (i) और (ii) दोनों सही हैं।
उस सिक्के का नाम चिन्हित कीजिए जो पाँचवीं सदी ई. के बाद राजस्थान में हूण आगमन को दर्शाते हैं -
[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]
👉 इन्डो-सासैनियन सिक्के राजस्थान से प्राप्त हुए हैं।
👉 ये सिक्के पाँचवीं सदी ई. के बाद प्रचलित रहे।
👉 इनसे राजस्थान में हूणों के आगमन का प्रमाण मिलता है।
👉 यह उस समय की राजनीतिक गतिविधियों को दर्शाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – इन्डो-सासैनियन
किस अभिलेख में प्रतिहारों को सौमित्र (लक्ष्मण) से उद्भूत हुआ कहा गया है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 एक अभिलेख में प्रतिहारों की उत्पत्ति कथा दी गई।
👉 इसमें उन्हें सौमित्र (लक्ष्मण) का वंशज बताया गया।
👉 यह विवरण उनके गौरव और क्षत्रिय पहचान को दर्शाता है।
👉 यह जानकारी ग्वालियर अभिलेख में अंकित है।
✍️ सही उत्तर है – ग्वालियर अभिलेख
राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर को ब्रिगेडियर श्री बाघ सिंह द्वारा निजी संग्रह दान दिया गया है। इस निजी संग्रह का नाम क्या है ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
बड़ली प्रस्तर अभिलेख प्राप्त हुआ था
[Protection Officer 29.05.2019]
👉 एक प्रस्तर अभिलेख बड़ली क्षेत्र से प्राप्त हुआ।
👉 यह अभिलेख भिलोट माता मंदिर में मिला था।
👉 यह तत्कालीन धार्मिक मान्यताओं का प्रमाण है।
✍️ सही उत्तर है – भिलोट माता मन्दिर
गिलुण्ड किस नदी किनारे पर स्थित है
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 गिलुण्ड राजस्थान का एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यह स्थल नदी के किनारे पर स्थित है।
👉 यहाँ से अनेक मृद्भाण्ड और धातु अवशेष प्राप्त हुए।
👉 यह स्थल बनास नदी किनारे स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – बनास
राजस्थान में अशोक का अभिलेख कहाँ प्राप्त हुआ था ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 राजस्थान में अशोक का एक अभिलेख मिला है।
👉 यह अभिलेख प्राचीन धार्मिक जीवन से जुड़ा है।
👉 इसे अशोक काल से संबंधित माना गया।
👉 यह अभिलेख बैराठ से प्राप्त हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ
निम्नांकित में से किस अभिलेख से राजस्थान में मौर्य साम्राज्य के अस्तित्व की जानकारी मिलती है ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 एक शिलालेख राजस्थान में मौर्य साम्राज्य का प्रमाण देता है।
👉 इसमें उस समय की राजनीतिक उपस्थिति दर्ज है।
✍️ सही उत्तर है – कन्सुआ अभिलेख
राजस्थान में संस्कृत का प्राचीनतम अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 राजस्थान में संस्कृत भाषा का प्राचीनतम अभिलेख मिला।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 साथ ही इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह अभिलेख घोसुण्डी से प्राप्त हुआ है।
✍️ सही उत्तर है – घोसुण्डी
निम्नलिखित में से किस सभ्यता को धूलकोट भी कहते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 एक सभ्यता को स्थानीय भाषा में धूलकोट कहा जाता है।
👉 यह स्थल नदी किनारे स्थित प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और मृद्भाण्ड मिले।
👉 यह स्थल आहड़ सभ्यता के नाम से प्रसिद्ध है।
✍️ सही उत्तर है – आहड़
घटियाला शिलालेख में निम्नांकित में से किस वंश की जानकारी प्राप्त होती है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 एक शिलालेख जोधपुर के पास घटियाला से मिला।
👉 इसमें शासकों की वंशावली और उपलब्धियाँ दर्ज हैं।
👉 इसमें हरिश्चन्द्र और उत्तराधिकारियों का उल्लेख है।
👉 यह अभिलेख मण्डोर के प्रतिहारों से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – मण्डोर के प्रतिहार
बौद्ध धर्म से सम्बंधित पुरातात्विक अवशेष कहाँ मिले हैं ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 एक स्थल से बौद्ध धर्म से जुड़े अवशेष मिले।
👉 यहाँ प्राचीन स्तूप और धार्मिक प्रतीक प्राप्त हुए।
👉 यह स्थान बौद्ध धर्म का महत्त्वपूर्ण केन्द्र रहा।
👉 यह उल्लेख बैराठ से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – बैराठ