बरली का शिलालेख जो कि अशोक काल से पूर्व का माना जाता है, कहाँ स्थित है ? 

[जनसंपर्क अधिकारी 22.10.2019]

  • टौंक 

  • जयपुर

  • अजमेर 

  • भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 एक प्राचीन शिलालेख अशोक काल से पूर्व का माना गया।
👉 यह शिलालेख धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
👉 इसे राजस्थान के अजमेर क्षेत्र में पाया गया। 

✍️ सही उत्तर है – अजमेर

महाराणा कुम्भा के समय का प्राचीनतम ज्ञात अभिलेख (विक्रमी संवत् 1490) प्राप्त होता है ग्राम

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • सिंघोली से

  • माछा से

  • पदराड़ा से 

  • धुलेव से 

🔹 व्याख्या

👉 विक्रम संवत् 1490 का एक अभिलेख उपलब्ध है।
👉 यह अभिलेख महाराणा कुम्भा के समय से संबंधित है।
👉 इसमें उस काल की राजनीतिक व धार्मिक गतिविधियाँ दर्ज हैं।
👉 यह अभिलेख ग्राम पदराड़ा से प्राप्त हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – पदराड़ा से 

उस अभिलेख को चिन्हित कीजिए, जो प्राचीन राजस्थान में वैष्णव संप्रदाय की उपस्थिति के साक्ष्य देता है - 

[सांख्यिकी अधिकारी 18.12.2021]

  • आहड़ अभिलेख 

  • हर्षनाथ मंदिर की प्रशस्ति 

  • बरनाला अभिलेख 

  • कन्सुआ अभिलेख 

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख प्राचीन राजस्थान में वैष्णव संप्रदाय का प्रमाण देता है।
👉 इसमें धार्मिक पूजा-पद्धति और मान्यताओं का उल्लेख है।
👉 यह जानकारी उस समय के सामाजिक जीवन को दर्शाती है।
👉 यह प्रमाण बरनाला अभिलेख से मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – बरनाला अभिलेख 

अधोलिखित अभिलेखों का सही काल क्रम चुनिए (आरोही क्रम) :

(i) बिजोलिया अभिलेख

(ii) नेमिनाथ अभिलेख 

(iii) घोसुण्डी अभिलेख

(iv) बुचकला अभिलेख  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • i, ii, iii & iv  

  • iii, ii, i & iv  

  • iii, iv, i, & ii  

  • iii, iv, ii & i

🔹 व्याख्या

👉 घोसुण्डी अभिलेख सबसे प्राचीन है (द्वितीय शताब्दी ई.पू.)।
👉 इसके बाद बुचकला अभिलेख का स्थान आता है।
👉 फिर बिजौलिया अभिलेख (1170 ई.) आता है।
👉 सबसे बाद का अभिलेख नेमिनाथ अभिलेख है।

✍️ सही उत्तर है – iii, iv, i, ii 

जोती हुई कृषि भूमि का साक्ष्य प्राप्त हुआ है - 

[उपनिरीक्षक (SI) 14.09.2021]

  • मोहनजोदड़ो से 

  • हड़प्पा से 

  • कालीबंगा से

  • बनवाली से 

🔹 व्याख्या

👉 एक स्थल से जोती हुई भूमि का प्रमाण मिला।
👉 यहाँ हल से बनी हुई मेड़ों की रेखाएँ पाई गईं।
👉 यह खोज हड़प्पाकालीन कृषि पद्धति को दर्शाती है।
👉 यह साक्ष्य कालीबंगा से प्राप्त हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – कालीबंगा से

निम्नांकित में से कौनसा अभिलेख राजस्थान में मौखरि वंश के अस्तित्व के बारे में बताता है ? 

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • बरली अभिलेख 

  • कन्सुआ अभिलेख  

  • बड़वा अभिलेख 

  • घोसुण्डी अभिलेख

🔹 व्याख्या

👉 बड़वा ग्राम से प्राचीन यूप स्तम्भ अभिलेख प्राप्त हुए।
👉 इन अभिलेखों का सम्बन्ध मौखरी वंश से है।
👉 इनमें यज्ञ एवं धार्मिक अनुदान का उल्लेख मिलता है।  

👉 यह अभिलेख बड़वा अभिलेख है। 

✍️ सही उत्तर है – बड़वा अभिलेख

प्रतिहार शिलालेखों में पदाधिकारियों का उल्लेख, यह आता है : 

[स्कूल व्याख्याता 2013]

  • रतनि 

  • मांत्री 

  • युवराज 

  • राजपुरुष

🔹 व्याख्या

👉 प्रतिहारों के शिलालेखों में कई पदाधिकारियों का उल्लेख है।
👉 इनमें प्रशासनिक वर्ग के रूप में राजपुरुष का जिक्र मिलता है। 

✍️ सही उत्तर है – राजपुरुष

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (मुद्राए-जारीकर्ता) सुमेलित नहीं है ?  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • झाडशाही - जयपुर राज्य  

  • विन्शोपक - चाहमान वंश  

  • ढब्बूशाही - मेवाड़ राज्य  

  • विजयशाही - बीकानेर राज्य  

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विभिन्न शासकों ने अपनी मुद्राएँ जारी कीं।
👉 झाड़शाही सिक्के जयपुर राज्य से संबंधित हैं।
👉 आलमशाही सिक्के बीकानेर में प्रचलित थे।
👉 परंतु विजयशाही सिक्के बीकानेर राज्य से संबंधित नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – विजयशाही – बीकानेर राज्य 

राजस्थान के नगला छेल मुद्रा भण्डार सम्बन्धित हैं  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • गुप्तकालीन सिक्के से 

  • यौधेय सिक्के से 

  • पंचमार्क सिक्के से  

  • कुषाण सिक्के से 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विभिन्न स्थलों से मुद्रा भण्डार प्राप्त हुए।
👉 नगर (उणियारा) से 6000 मालव सिक्के मिले।
👉 रैढ़ (टोंक) से 3075 पंचमार्क चाँदी के सिक्के मिले।
👉 बयाना से 1921 गुप्तकालीन स्वर्ण सिक्के प्राप्त हुए। 

👉 राजस्थान के नगला छेल से मुद्रा भण्डार प्राप्त हुए हैं।
👉 ये मुद्राएँ गुप्तकालीन सिक्कों से संबंधित हैं। 

✍️ सही उत्तर है – गुप्तकालीन सिक्के

निम्नलिखित में से किस स्थल से शासक मिनेण्डर के सोलह सिक्के प्राप्त हुए हैं ? 

[RAS Pre. 05.08.2018]

  • नगरी 

  • बैराठ 

  • रैद 

  • नगर 

🔹 व्याख्या

👉 एक स्थल से शासक मिनेण्डर के सिक्के मिले।
👉 यहाँ कुल 16 सिक्के प्राप्त हुए थे।
👉 यह स्थल प्राचीनकाल का प्रमुख ऐतिहासिक केन्द्र है।
👉 यह उल्लेख बैराठ से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – बैराठ 

घटियाला शिलालेख का सम्बन्ध मण्डोर शाखा के किस प्रतिहार शासक से है ? 

  • बाउक 

  • कक्कुक 

  • रज्जिल 

  • शीलुक 

🔹 व्याख्या

👉 एक शिलालेख में मण्डोर शाखा के प्रतिहारों का उल्लेख है।
👉 इसमें उनकी वंशावली और उपलब्धियाँ दर्ज हैं।
👉 इसमें एक शासक की आभीरों पर विजय का वर्णन है।
👉 यह सम्बन्ध प्रतिहार शासक कक्कुक से है।

✍️ सही उत्तर है – कक्कुक 

कुषाण शासक हुविष्क के सिक्के निम्नलिखित में से किस स्थान से प्राप्त हुये हैं ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • प्रतापगढ़ 

  • जैतारण 

  • सांभर 

  • अलानिया  

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में सोने, चाँदी, ताँबे के सिक्के मिले।
👉 रैढ़ से पंचमार्क, बयाना से गुप्तकालीन सिक्के प्राप्त।
👉 मिहिर भोज के आदिवराह, अजयराज के लक्ष्मी अंकित सिक्के प्रसिद्ध।
👉 जयपुर के झाड़शाही, जोधपुर के विजयशाही, बीकानेर के आलमशाही प्रचलित रहे।

👉 इनमें कुषाण शासक हुविष्क के सिक्के भी शामिल हैं।
👉 ये सिक्के राजस्थान के सांभर से मिले हैं।

✍️ सही उत्तर है – सांभर

बिजोलिया अभिलेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण किसने करवाया ? 

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

  • वासुदेव 

  • दुर्लभ राज 

  • विग्रह राज 

  • गोविन्द राज 

🔹 व्याख्या:

👉 बिजोलिया अभिलेख में सांभर झील का उल्लेख मिलता है।
👉 इस अभिलेख के अनुसार झील का निर्माण एक शासक ने करवाया।
👉 उस शासक का नाम वासुदेव बताया गया है। 

✍️ सही उत्तर है – वासुदेव

कालीबंगा पुरास्थल के किस दिशा में जुता हुआ खेत मिला है ?

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • उत्तर-पश्चिम

  • दक्षिण-पश्चिम

  • उत्तर-पूर्व

  • दक्षिण - पूर्व 

🔹 व्याख्या

👉 एक हड़प्पाकालीन स्थल पर जुता हुआ खेत मिला।
👉 खेत में हल से बनी रेखाएँ स्पष्ट दिखीं।
👉 यह साक्ष्य प्राचीन कृषि प्रणाली का प्रमाण है।
👉 खेत स्थल के दक्षिण-पूर्व दिशा में मिला।

✍️ सही उत्तर है – दक्षिण-पूर्व 

बिजौलिया अभिलेख किस वंश के इतिहास की जानकारी का महत्त्वपूर्ण साधन है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • सिसोदिया 

  • राठौड़ 

  • प्रतिहार 

  • चौहान 

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख में तत्कालीन कृषि, धर्म, शिक्षा व्यवस्था दर्ज है।
👉 इसमें प्राचीन नगरों और भूमि अनुदान का उल्लेख है।
👉 इसमें शासकों की वंशावली और कार्यकलाप भी अंकित हैं।
👉 यह अभिलेख विशेष रूप से चौहान वंश का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।

👉 👉 बिजोलिया अभिलेख में चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताया गया|यह अभिलेख 1170 ई का है| चौहान शासक सोमेश्वर के समय का है|इसके लेखक गुंभद्र है|

✍️ सही उत्तर है – चौहान 

'पदराडा' अभिलेख किस शासक से संबंधित है ? 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

  • महाराणा जगत सिंह 

  • महारावल अजब सिंह 

  • महाराणा कुम्भा 

  • कुमारपाल सोलंकी 

🔹 व्याख्या:

👉 पदराडा अभिलेख राजस्थान का एक महत्वपूर्ण अभिलेख है। 
👉 यह अभिलेख महाराणा कुम्भा से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा कुम्भा

प्राचीन शिलालेखों में जालौर को किस नाम से जाना जाता था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • ज़ाबिलपुर 

  • खिजराबाद 

  • जयगढ़ 

  • जलालाबाद 

🔹 व्याख्या

👉 एक प्राचीन अभिलेख में जालौर का उल्लेख मिलता है।
👉 इसमें इसका प्राचीन नाम ज़ाबिलपुर बताया गया।
👉 यह जानकारी तत्कालीन नगर नामावली को दर्शाती है।
👉 इससे जालौर के इतिहास का पता चलता है।

✍️ सही उत्तर है – ज़ाबिलपुर 

राजस्थान में वैष्णव-धर्म का प्राचीनतम अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • मण्डोर 

  • नान्दसा 

  • बर्नाला 

  • घोसुण्डी 

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख में संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह अभिलेख वैष्णव-धर्म का प्राचीनतम प्रमाण है।
👉 यह अभिलेख घोसुण्डी से प्राप्त हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – घोसुण्डी 

निम्नलिखित में से कौन सा अभिलेख शाकम्भरी चौहानों के प्रारंभिक इतिहास का अच्छा स्रोत है ? 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • मानमोरी अभिलेख

  • चीरवा अभिलेख 

  • बिजोलिया अभिलेख 

  • घटियाला अभिलेख 

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख में चौहानों की वंशावली वर्णित है। 

👉 यह शाकम्भरी चौहानों के प्रारंभिक इतिहास का प्रमुख स्रोत है।

✍️ सही उत्तर है – बिजोलिया अभिलेख

निम्नलिखित में से कौन-सा स्रोत चौहान काल के इतिहास की जानकारी नहीं देता है ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • पृथ्वीराजरासो 

  • बिजोलिया अभिलेख 

  • पृथ्वीराजविजय 

  • घटियाला अभिलेख 

🔹 व्याख्या

👉 पृथ्वीराजविजय और पृथ्वीराजरासो में उस काल का उल्लेख है।
👉 बिजौलिया अभिलेख भी चौहानों के इतिहास का स्रोत है।
👉 लेकिन घटियाला अभिलेख प्रतिहारों से संबंधित है।
👉 अतः यह वाहमान काल की जानकारी नहीं देता।

✍️ सही उत्तर है – घटियाला अभिलेख 

बड़वा यूप अभिलेख सम्बन्धित हैं 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • परमार वंश से 

  • मौर्य वंश से 

  • मौखरी वंश से

  • खीची वंश से 

🔹 व्याख्या

👉 बड़वा ग्राम से प्राचीन यूप स्तम्भ प्राप्त हुए।
👉 ये अभिलेख यज्ञ परंपरा और अनुदान दर्शाते हैं।
👉 इनका सम्बन्ध प्राचीन मौखरी वंश से है।
👉 यह तत्कालीन धार्मिक जीवन का प्रमाण है।

✍️ सही उत्तर है – मौखरी वंश 

बिजोलिया अभिलेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण चौहान वंश के किस शासक ने करवाया था ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • दुर्लभराज प्रथम 

  • विग्रहराज प्रथम 

  • वासुदेव 

  • वाक्पतिराज 

🔹 व्याख्या

👉👉551 ईस्वी में वासुदेव ने साम्भर के चौहान वंश की स्थापना की थी|

👉 बिजोलिया अभिलेख में सांभर झील का निर्माता वासुदेव को बताया गया है|

✍️ सही उत्तर है – विग्रहराज प्रथम

अजमेर संग्रहालय में प्रदर्शित लिंगोद्भव मूर्ति कहाँ से प्राप्त हुई है ? 

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • आभानेरी 

  • हर्षनाथ 

  • बुचकला

  • ओसियाँ 

🔹 व्याख्या:

👉 अजमेर संग्रहालय में कई प्राचीन मूर्तियाँ सुरक्षित हैं।
👉 इनमें एक विशेष मूर्ति लिंगोद्भव के रूप में प्रदर्शित है।
👉 यह मूर्ति हर्षनाथ से प्राप्त हुई थी।
👉 यह उस समय की शैव धार्मिक परंपरा को दर्शाती है।

✍️ सही उत्तर है – हर्षनाथ 

पुरास्थल 'आहड़' से प्राप्त प्राचीन अवशेष संबंधित है 

[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]

  • काँस्य युग से 

  • लौह युग से 

  • पुरापाषाण युग से 

  • ताम्रपाषाण युग से

🔹 व्याख्या

👉 आहड़ स्थल नदी के किनारे स्थित है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार मिले।
👉 इस स्थल को 'ताम्रनगरी' और 'बनास संस्कृति' कहा गया।
👉 यह स्थल ताम्रपाषाण युग से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – ताम्रपाषाण युग से 

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? [*]

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • गंगधार पाषाण अभिलेख वि.सं. 480 

  • हर्षनाथ मन्दिर अभिलेख वि. सं. 930 

  • मण्डोर अभिलेखवि.सं. 894 

  • बड़वा यूप अभिलेख वि.सं. 195 

📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है। 

राजस्थान में 'राजन्य जनपद' अंकित सिक्के किस क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • टोंक

  • भरतपुर

  • गंगानगर

  • चित्तौड़

 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान से मिले सिक्कों पर कई लेख अंकित हैं।
👉 इनमें ‘राजन्य जनपद’ अंकित सिक्के भी पाए गए।
👉 ये सिक्के राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र से प्राप्त हुए।
👉 यह तत्कालीन राजनीतिक और आर्थिक जीवन का प्रमाण हैं।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर

झाड़ोल (उदयपुर), कुराड़ा (नागौर) और साबणिया (बीकानेर) में क्या समानता है ? 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • लघु पाषाण उपकरण मिले हैं 

  • ताम्रपाषाण संस्कृति के केन्द्र 

  • पुरा-पाषाण युग के केन्द्र 

  • ताम्र उपकरणों के भण्डार 

🔹 व्याख्या

👉 झाड़ोल, कुराड़ा और साबणिया प्रमुख स्थल हैं।
👉 इन स्थलों से ताम्र उपकरणों के भण्डार प्राप्त हुए।
👉 यह प्रमाण उस समय की जीवन शैली दर्शाते हैं।
👉 इससे प्राचीन मानव की संस्कृति का ज्ञान होता है।

✍️ सही उत्तर है – ताम्र उपकरणों के भण्डार 

निम्नलिखित में से किस अभिलेख में मौर्य राजा धवल का नाम अंकित है ? 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • कणसवा का अभिलेख 

  • प्रतापगढ़ का अभिलेख

  • नसून का अभिलेख 

  • राजोगढ़ का अभिलेख 

🔹 व्याख्या:

👉 एक अभिलेख में मौर्य राजा धवल का नाम अंकित है।
👉 यह नाम कणसवा के अभिलेख में मिलता है। 
👉 यह अभिलेख राजस्थान का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत है।

✍️ सही उत्तर है – कणसवा का अभिलेख 

मौखरी यूप अभिलेख (238 ई.) निम्न में से कहाँ से प्राप्त हुए हैं ?

[Head Master 11.10.2021]

  • बैराठ 

  • बडली 

  • बड़वा 

  • बरनाला 

🔹 व्याख्या

👉 एक यूप स्तम्भ अभिलेख का काल 238 ई. माना गया।
👉 यह अभिलेख मौखरी वंश से संबंधित है।
👉 इसमें उनके द्वारा किए गए यज्ञ का उल्लेख है।
👉 यह अभिलेख बड़वा ग्राम से प्राप्त हुआ।

✍️ सही उत्तर है – बड़वा 

राजस्थान में मौर्यो की उपस्थिति स्पष्ट है - 

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • नंदसा यूप शिलालेख से 

  • कणसवा के शिवालय के शिलालेख से 

  • जूनागढ़ अभिलेख से 

  • नासिक अभिलेख से 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मौर्यों की उपस्थिति का प्रमाण मिलता है।
👉 यह साक्ष्य एक प्राचीन शिवालय शिलालेख से प्राप्त है।
👉 यह शिलालेख कणसवा क्षेत्र से संबंधित है।
👉 इससे उस काल की राजनीतिक उपस्थिति स्पष्ट होती है।

✍️ सही उत्तर है – कणसवा के शिवालय के शिलालेख से 

ग्वालियर अभिलेख में 'म्लेच्छों का नाशक' किसे कहा गया है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

  • मिहिर भोज 

  • विमलशाह 

  • नागभट्ट 

  • विग्रहराज - IV 

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख में एक शासक को उपाधि दी गई।
👉 इसमें उसे म्लेच्छों का नाशक कहा गया है।
👉 यह उपाधि उसकी सैन्य शक्ति और विजयों का प्रतीक है।
👉 यह उल्लेख नागभट्ट से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – नागभट्ट

सन् 1837 में बीजक पहाड़ी ( बैराठ) स्थित अशोक के शिलालेख को किसने खोजा ?

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • कैप्टन हॉकिन्स 

  • आर. सी. अग्रवाल

  • कैप्टन बार्ट 

  • कर्नलजैम्सटॉड 

🔹 व्याख्या

👉 बैराठ की बीजक पहाड़ी पर अशोक का शिलालेख मिला।
👉 यह खोज सन् 1837 ई. में हुई थी।
👉 इस शिलालेख की खोज करने वाले कैप्टन बार्ट थे।
👉 यह शिलालेख अशोक कालीन धार्मिक जीवन दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – कैप्टन बार्ट 

"रसिया की छतरी" अभिलेख पर नाम उत्कीर्ण है 

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • महाराणा राजसिंह

  • नरवर्मा गुहिल 

  • सामन्त सिंह

  • जोगेश्वर चौबीसा

🔹 व्याख्या:

👉 रसिया की छतरी का अभिलेख ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
👉 इसमें बप्पा रावल से लेकर शासक नरवर्मा गुहिल तक की उपलब्धियों का उल्लेख है।
👉 इस अभिलेख में नरवर्मा गुहिल का नाम भी उत्कीर्ण है।
👉 यह अभिलेख 13वीं शताब्दी का है।

✍️ सही उत्तर है – नरवर्मा गुहिल 

जैन मंदिर की स्थापना का उल्लेख करने वाला प्रतिहार अभिलेख कौन सा है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

  • नागदा अभिलेख 

  • मण्डोर अभिलेख 

  • नाडोल अभिलेख 

  • घटियाला अभिलेख 

🔹 व्याख्या:

👉 जैन मंदिर की स्थापना का उल्लेख एक प्रतिहार अभिलेख में हुआ है।
👉 यह अभिलेख घटियाला से प्राप्त हुआ है। 

✍️ सही उत्तर है – घटियाला अभिलेख

प्राचीनतम 'पंचमार्क' सिक्को का समय क्या है ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • 200 ई. पू. से 50 ई. पू. 

  • 600 ई. पू. से 200 ई. पू. 

  • 800 ई. पू. से 500 ई. पू. 

  • 400 ई. पू. से 100 ई. पू.

🔹 व्याख्या:

👉 प्राचीन भारत में सबसे पहले पंचमार्क सिक्के प्रचलन में आए। 
👉 इनका प्रयोग लगभग 800 ई. पू. से 500 ई. पू. के बीच हुआ। 

✍️ सही उत्तर है – 800 ई. पू. से 500 ई. पू. 

राजस्थान के इतिहास में 'पट्टा रेख' से क्या अभिप्राय है ?

RAS Pre. 28.08.2016

  • बेगार 

  • आकलित राजस्व

  • आयात-निर्यात कर

  • सैन्य कर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रशासन में कई प्रकार के कर प्रचलित थे।
👉 इनमें से एक कर को पट्टा रेख कहा जाता था।

✍️ सही उत्तर है – आकलित राजस्व

निम्नलिखित में से कौन से स्थल लघुपाषाणयुगीन संस्कृति से संबद्ध हैं ?

(i) सोजत

(ii) धनेरी 

(iii) तिलवाड़ा 

(iv) गणेश्वर

निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिए:

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • (i), और (iii)

  • (i) और (ii) 

  • (i), (ii) और (iii)

  • (i), (i), (iii) और (iv) 

🔹 व्याख्या:

👉 सोजत लघुपाषाणयुगीन संस्कृति से संबंधित है।
👉 धनेरी भी लघुपाषाणयुगीन स्थल है।
👉 तिलवाड़ा से भी लघुपाषाण सामग्री मिली है।
👉 लेकिन गणेश्वर ताम्रपाषाणकालीन स्थल है।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii)

निम्नांकित में से कौनसा अभिलेख राजस्थान में भागवत (वैष्णव) धर्म के विषय का उल्लेख नहीं करता है ?  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • बड़वा स्तंभ अभिलेख 

  • घोसुण्डी अभिलेख 

  • बरनाला अभिलेख 

  • बसंतगढ़ अभिलेख 

🔹 व्याख्या

👉 कुछ अभिलेखों में संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इनसे प्राचीन राजस्थान में भागवत धर्म के प्रमाण मिलते हैं।
👉 लेकिन एक अभिलेख में ऐसा कोई उल्लेख नहीं मिलता।
👉 यह अभिलेख है बसंतगढ़ अभिलेख।

✍️ सही उत्तर है – बसंतगढ़ अभिलेख 

अभिलेख, जो प्राचीन राजस्थान में भागवत सम्प्रदाय के प्रभाव की पुष्टि करता है 

RAS Pre. 28.08.2016

  • घटियाला अभिलेख 

  • बुचकला अभिलेख 

  • हेलियोदोरस का बेसनगर अभिलेख

  • घोसुण्डी अभिलेख

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख में संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 इससे प्राचीन राजस्थान में भागवत सम्प्रदाय के प्रभाव का प्रमाण है।
👉 यह जानकारी घोसुण्डी अभिलेख से मिलती है।

✍️ सही उत्तर है – घोसुण्डी अभिलेख 

निम्नांकित में से कौन सा अभिलेख राजपूतों की ब्राह्मण वंश से उत्पत्ति के सिद्धान्त का समर्थन नहीं करता ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • अचलेश्वर अभिलेख 

  • सुन्धा माता अभिलेख 

  • ऋषि श्रृंगी अभिलेख 

  • बिजोलिया अभिलेख 

🔹 व्याख्या:

👉 कुछ अभिलेख राजपूतों की ब्राह्मण वंश से उत्पत्ति का समर्थन करते हैं।
👉 परंतु ऋषि श्रृंगी अभिलेख इस सिद्धान्त का समर्थन नहीं करता।

✍️ सही उत्तर है – ऋषि श्रृंगी अभिलेख 

बागोर के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िये : 

(i) बागोर से लघुपाषाणोपकरण पुरातत्त्व सामग्री प्राप्त हुई है। 

(ii) डॉ. एल. एस. लेशनि एवं पूना विश्वविद्यालय के सहयोग से यहाँ उत्खनन कार्य सम्पादित किया है। 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • (i) और (ii) दोनों सही हैं । 

  • केवल (i) सही है । 

  • केवल (ii) सही है 

  • (i) और (ii) दोनों गलत हैं । 

🔹 व्याख्या:

👉 (i) बागोर से लघुपाषाणोपकरण सामग्री प्राप्त हुई है।
👉 (ii) यहाँ उत्खनन कार्य डॉ. एल. एस. लेशनि ने पूना विश्वविद्यालय के सहयोग से किया।

✍️ सही उत्तर है – (i) और (ii) दोनों सही हैं। 

उस सिक्के का नाम चिन्हित कीजिए जो पाँचवीं सदी ई. के बाद राजस्थान में हूण आगमन को दर्शाते हैं - 

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • स्वरूपशाही 

  • आहत 

  • झाड़शाही 

  • इन्डो-सासैनियन 

🔹 व्याख्या:

👉 इन्डो-सासैनियन सिक्के राजस्थान से प्राप्त हुए हैं।
👉 ये सिक्के पाँचवीं सदी ई. के बाद प्रचलित रहे।
👉 इनसे राजस्थान में हूणों के आगमन का प्रमाण मिलता है।
👉 यह उस समय की राजनीतिक गतिविधियों को दर्शाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – इन्डो-सासैनियन 

किस अभिलेख में प्रतिहारों को सौमित्र (लक्ष्मण) से उद्भूत हुआ कहा गया है ?

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • ग्वालियर अभिलेख 

  • उज्जैन अभिलेख 

  • कन्नौज अभिलेख 

  • जोधपुर अभिलेख 

🔹 व्याख्या

👉 एक अभिलेख में प्रतिहारों की उत्पत्ति कथा दी गई।
👉 इसमें उन्हें सौमित्र (लक्ष्मण) का वंशज बताया गया।
👉 यह विवरण उनके गौरव और क्षत्रिय पहचान को दर्शाता है।
👉 यह जानकारी ग्वालियर अभिलेख में अंकित है।

✍️ सही उत्तर है – ग्वालियर अभिलेख 

राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर को ब्रिगेडियर श्री बाघ सिंह द्वारा निजी संग्रह दान दिया गया है। इस निजी संग्रह का नाम क्या है ? 

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • टीकामणि संग्रह 

  • लोकमणि संग्रह 

  • वाल्टर नोबल स्कूल संग्रह 

  • चंदेला संग्रह 

बड़ली प्रस्तर अभिलेख प्राप्त हुआ था 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • शिव मन्दिर में 

  • सावित्री मन्दिर में 

  • भिलोट माता मन्दिर में 

  • अम्बा माता मन्दिर में 

🔹 व्याख्या

👉 एक प्रस्तर अभिलेख बड़ली क्षेत्र से प्राप्त हुआ। 
👉 यह अभिलेख भिलोट माता मंदिर में मिला था।
👉 यह तत्कालीन धार्मिक मान्यताओं का प्रमाण है।

✍️ सही उत्तर है – भिलोट माता मन्दिर

गिलुण्ड किस नदी किनारे पर स्थित है

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • कान्तली 

  • कोठारी 

  • बनास 

  • खारी 

🔹 व्याख्या

👉 गिलुण्ड राजस्थान का एक प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यह स्थल नदी के किनारे पर स्थित है।
👉 यहाँ से अनेक मृद्भाण्ड और धातु अवशेष प्राप्त हुए।
👉 यह स्थल बनास नदी किनारे स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – बनास 

राजस्थान में अशोक का अभिलेख कहाँ प्राप्त हुआ था ?

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • बुचकला 

  • बरनाला 

  • बड़ली 

  • बैराठ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अशोक का एक अभिलेख मिला है।
👉 यह अभिलेख प्राचीन धार्मिक जीवन से जुड़ा है।
👉 इसे अशोक काल से संबंधित माना गया।
👉 यह अभिलेख बैराठ से प्राप्त हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – बैराठ 

निम्नांकित में से किस अभिलेख से राजस्थान में मौर्य साम्राज्य के अस्तित्व की जानकारी मिलती है ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • नान्दसा यूप अभिलेख 

  • घोसुण्डी अभिलेख 

  • कन्सुआ अभिलेख 

  • बरली अभिलेख 

🔹 व्याख्या

👉 एक शिलालेख राजस्थान में मौर्य साम्राज्य का प्रमाण देता है।
👉 इसमें उस समय की राजनीतिक उपस्थिति दर्ज है। 

✍️ सही उत्तर है – कन्सुआ अभिलेख 

राजस्थान में संस्कृत का प्राचीनतम अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है ?

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • बयाना 

  • घोसुण्डी 

  • नान्दसा 

  • पुष्कर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में संस्कृत भाषा का प्राचीनतम अभिलेख मिला।
👉 इसमें संकर्षण और वासुदेव पूजा का उल्लेख है।
👉 साथ ही इसमें अश्वमेध यज्ञ का भी वर्णन मिलता है।
👉 यह अभिलेख घोसुण्डी से प्राप्त हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – घोसुण्डी 

निम्नलिखित में से किस सभ्यता को धूलकोट भी कहते हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • आहड़ 

  • बैराठ 

  • बालाथल 

  • कालीबंगा 

🔹 व्याख्या

👉 एक सभ्यता को स्थानीय भाषा में धूलकोट कहा जाता है।
👉 यह स्थल नदी किनारे स्थित प्रमुख पुरास्थल है।
👉 यहाँ से बड़ी मात्रा में ताँबे के औज़ार और मृद्भाण्ड मिले।
👉 यह स्थल आहड़ सभ्यता के नाम से प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – आहड़ 

घटियाला शिलालेख में निम्नांकित में से किस वंश की जानकारी प्राप्त होती है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • सिसोदिया 

  • गुहिलोत 

  • कच्छवाहा 

  • मण्डोर के प्रतिहार 

🔹 व्याख्या

👉 एक शिलालेख जोधपुर के पास घटियाला से मिला।
👉 इसमें शासकों की वंशावली और उपलब्धियाँ दर्ज हैं।
👉 इसमें हरिश्चन्द्र और उत्तराधिकारियों का उल्लेख है।
👉 यह अभिलेख मण्डोर के प्रतिहारों से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – मण्डोर के प्रतिहार 

बौद्ध धर्म से सम्बंधित पुरातात्विक अवशेष कहाँ मिले हैं ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • बैराठ 

  • नगर 

  • कालीबंगा 

  • नलियासर(सांभर)

🔹 व्याख्या

👉 एक स्थल से बौद्ध धर्म से जुड़े अवशेष मिले।
👉 यहाँ प्राचीन स्तूप और धार्मिक प्रतीक प्राप्त हुए।
👉 यह स्थान बौद्ध धर्म का महत्त्वपूर्ण केन्द्र रहा।
👉 यह उल्लेख बैराठ से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – बैराठ