ब्रिटिश संधि पर हस्ताक्षर के समय (दिसम्बर 1818) कोटा का प्रशासक कौन था ? [*]

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • करीम खां 

  • जालिम सिंह झाला 

  • अमीर खां 

  • महाराव उम्मेद सिंह 

कुशासन के आधार पर डलहौजी ने निम्नलिखित में से किस राज्य को ब्रिटिश साम्राज्य में सम्मिलित किया ?

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

  • झांसी 

  • नागपुर 

  • अवध 

  • सतारा 

🔹 व्याख्या

👉 गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने राज्य हड़प नीति अपनाई।
👉 उसने कुछ राज्यों को कुशासन के आधार पर भी अपने अधीन कर लिया।
👉 इसी आधार पर 1856 ई. में राज्य अवध को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया गया।
👉 अवध का शासक उस समय वाजिद अली शाह था।

✍️ सही उत्तर है – अवध 

अंग्रेजों द्वारा भीलों के विद्रोहों का दमन करने हेतु किये गये प्रयासों में निम्नांकित में से कौनसा तथ्य सही नहीं है ?  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • 1837 ई. में 'जोधपुर लीजन' का मुख्यालय अजमेर से सिरोही के बड़गांव में स्थानान्तरित कर दिया गया था। 

  • अंग्रेजों ने सेना द्वारा भीलों के दमन हेतु 1836 ई. में 'जोधपुर लीजन' सेना का गठन किया था।

  • 'मेवाड़ भील कॉर्प्स' का मुख्यालय उदयपुर राज्य में 'खेरवाड़ा में रखा गया। 

  • 1838 ई. में 'मेवाड़ भील कॉप्स' की स्थापना की गई थी। 

🔹 व्याख्या

👉 अंग्रेजों ने भीलों के लगातार विद्रोहों को दबाने के लिए कई कदम उठाए।
👉 उन्होंने भीलों को नियंत्रित करने हेतु सैनिक टुकड़ियाँ बनाईं।
👉 लेकिन यह तथ्य सही नहीं है कि 1838 ई. में ‘मेवाड़ भील कॉर्प्स’ की स्थापना हुई थी।
👉 यह कथन ऐतिहासिक दृष्टि से गलत है।

✍️ सही उत्तर है – 1838 ई. में 'मेवाड़ भील कॉप्स' की स्थापना की गई थी। 

ए. जी. जी. मुख्यालय को अजमेर से माउण्ट आबू कब हस्तान्तरित किया गया ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • 1857 ई.

  • 1861 ई.

  • 1859 ई.

  • 1856 ई.

🔹 व्याख्या

👉 1832 ई. में राजस्थान में ए. जी. जी. (Agent to Governor General) की स्थापना हुई।
👉 प्रारम्भ में इसका मुख्यालय अजमेर में रखा गया।
👉 बाद में अंग्रेजों ने इसे बदलकर नया केन्द्र बनाया।
👉 1856 ई. में ए. जी. जी. मुख्यालय को अजमेर से माउण्ट आबू स्थानान्तरित किया गया।

✍️ सही उत्तर है – 1856 ई. 

1876 में राजस्थान में किंन नरेशों को साम्राज्ञी रानी विक्टोरिया का सलाहकार नियुक्त किया गया ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • बून्दी व जयपुर नरेश 

  • भरतपुर व धौलपुर नरेश 

  • मारवाड़ व बीकानेर नरेश 

  • मेवाड़ व कोटा नरेश 

🔹 व्याख्या

👉 1876 ई. में साम्राज्ञी रानी विक्टोरिया के लिए सलाहकार नियुक्त किए गए।
👉 राजस्थान से इसमें दो प्रमुख नरेशों को शामिल किया गया।
👉 ये नरेश थे – बूँदी नरेश और जयपुर नरेश।
👉 दोनों ने ब्रिटिश सत्ता के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की।

✍️ सही उत्तर है – बूँदी व जयपुर नरेश 

जयपुर - जोधपुर रियासतों ने कम्पनी के साथ संयुक्त रूप से नमक संधि पर कब हस्ताक्षर किये थे ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • 1868 ई.

  • 1865 ई.

  • 1765 ई.

  • 1869 ई.

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर व जोधपुर रियासतों ने संयुक्त संधि की।
👉
यह संधि नमक व्यापार से संबंधित थी।
👉
इस पर कम्पनी के साथ 1869 ई. में हस्ताक्षर हुए।
👉
इसलिए सही वर्ष 1869 ई. है।

✍️ सही उत्तर है – 1869 ई.

राजपूताना एजेंसी के संबंध में कौन सा कथन सत्य है ?

A. राजपूताना राज्यों पर अंग्रेजी सर्वोपरिता को प्रायोगिक बनाने के लिए 1832 ई. में राजपूताना एजेंसी स्थापित की गई।
B.
राजपूताना एजेंसी के राजनीतिक प्राधिकार के लिए एजेन्ट-टू-द-गवर्नर जनरल का पद सृजित किया गया।
C.
राजपूताना एजेंसी का मुख्यालय अजमेर में स्थापित किया गया।
D.
राजपूताना एजेंसी अंतत: बाईस देशी रियासतों और ठिकानों से संबंधित थी।

सही उत्तर का चयन कीजिए :

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • केवल A, C, D

  • केवल A, B

  • यह सभी A, B, C, D

  • केवल A, B, C

🔹 व्याख्या

👉 राजपूताना एजेंसी की स्थापना 1832 में सर्वोपरिता लागू हेतु हुई।
👉
इसका मुख्यालय अजमेर में स्थापित किया गया था।
👉
यह कुल बाईस रियासतों से संबंधित थी।
👉
जबकि एजेन्ट-टू-गवर्नर जनरल वाला कथन सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – केवल A, C, D

1857 में, राजस्थान (राजपूताना) का एजेन्ट टू गवर्नर जनरल था - 

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • सी. एल. शॉवर्स 

  • विलियम ईडन 

  • जॉर्ज सेन्ट पैट्रिक लॉरेंस 

  • मेजर बर्टन

🔹 व्याख्या

👉 1832 ई. में राजस्थान में एजेन्ट टू गवर्नर जनरल (AGG) की स्थापना हुई।
👉 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के समय यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण था।
👉 उस समय राजपूताना का ए. जी. जी. जॉर्ज सेंट पैट्रिक लॉरेंस था।
👉 विद्रोह के दौरान उसने अंग्रेजों की ओर से नेतृत्व किया।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज सेंट पैट्रिक लॉरेंस 

6 जनवरी, 1818 ई. को ईस्ट इण्डिया कम्पनी से संधि करने के लिए जोधपुर राज्य का प्रतिनिधि निम्नांकित व्यक्तियों में से कौन था ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • विशनराम आसोपा 

  • इन्द्रराज सिंघवी 

  • काशीनाथ 

  • देवनाथ 

🔹 व्याख्या

👉 6 जनवरी, 1818 ई. को जोधपुर राज्य ने अंग्रेजों से अधीनस्थ संधि की।
👉 यह संधि जोधपुर नरेश महाराजा मानसिंह के समय सम्पन्न हुई।
👉 कम्पनी की ओर से इस संधि पर चार्ल्स मेटकॉफ ने हस्ताक्षर किए।
👉 जोधपुर राज्य की ओर से प्रतिनिधि विशनराम आसोपा थे।

✍️ सही उत्तर है – विशनराम आसोपा 

1837 में किस रियासत के महाराजा ने अपनी गया यात्रा में अपने सामन्तों को कन्यावध न करने के लिये शपथ दिलाई ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • जोधपुर

  • बीकानेर

  • अलवर

  • उदयपुर

🔹 व्याख्या

👉 1837 में एक महाराजा ने गया यात्रा के दौरान पहल की।
👉
उन्होंने अपने सामन्तों को कन्यावध न करने की शपथ दिलाई।
👉
यह सामाजिक सुधार बीकानेर राज्य से संबंधित था।
👉
इसलिए संबंधित रियासत बीकानेर है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर

निम्नलिखित किस ब्रिटिश अधिकारी ने तात्यां टोपे को फांसी देने के लिए ब्रिटिश सरकार की आलोचना की थी ? 

  • केप्टन सी.एल. शॉवर्स 

  • कर्नलहॉम्स 

  • जेम्सआउट्रम

  • आई.टी. प्रिचार्ड 

🔹 व्याख्या

👉 1857 के विद्रोह में वीर योद्धा तात्या टोपे को अंग्रेजों ने बंदी बनाया।
👉 बाद में अंग्रेजों ने उन्हें फाँसी की सजा दी।
👉 इस निर्णय की आलोचना ब्रिटिश अधिकारी कैप्टन सी. एल. शॉवर्स ने की।
👉 शॉवर्स ने तात्या टोपे को महान योद्धा और देशभक्त माना।

✍️ सही उत्तर है – कैप्टन सी. एल. शॉवर्स 

ब्रिटिश सरकार द्वारा अफीम रायल कमीशन का गठन कब किया गया ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • 1883 ई. 

  • 1861ई.

  • 1853 ई. 

  • 1893 ई. 

🔹 व्याख्या

👉 अंग्रेजों के शासनकाल में अफीम व्यापार राजस्व का प्रमुख साधन था।
👉 इसकी व्यवस्था और नियंत्रण की जाँच के लिए एक रॉयल कमीशन गठित किया गया।
👉 यह अफीम रॉयल कमीशन सन् 1893 ई. में बनाया गया।
👉 इसने अफीम उत्पादन और वसूली प्रणाली का अध्ययन किया।

✍️ सही उत्तर है – 1893 ई.

कच्छावा राजवंश के संरक्षण में लॉग टेबिल का अनुवाद ' विभाग सारणी ' के रूप में किया गया, इसका अनुवादकर्त्ता कौन था?  [*]

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • मतिराम  

  • विद्याधर  

  • रत्नाकर  

  • संसार चन्द्र सेन  

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है। 

कथन (A) : राजस्थान के राज्यों ने अंग्रेजों के साथ अधीनस्थ संधियाँ की थीं । 

कारण (R) : उन्होंने साम्राज्यवादी शक्ति के संरक्षण की आवश्यकता थी ।

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की ठीक व्याख्या नहीं करता ।

  • (A) और (R) दोनों सही हैं, (R), (A) की ठीक व्याख्या करता है । 

  • (R) सही हैं, और (A) गलत है । 

  • (A) व (R) दोनों सही हैं । 

🔹 व्याख्या

👉 कथन (A) – राजस्थान की रियासतों ने अंग्रेजों के साथ अधीनस्थ संधियाँ कीं।
👉 कथन (R) – इन संधियों का कारण अंग्रेजों की साम्राज्यवादी शक्ति का संरक्षण था।
👉 मराठों, पिंडारियों और सामन्तों के विद्रोह से रियासतें कमजोर हो चुकी थीं। 

✍️ सही उत्तर है – (A) और (R) दोनों सही हैं, (R), (A) की ठीक व्याख्या करता है। 

अलवर, भरतपुर व करौली राज्यों में राजनैतिक जागृति जल्दी प्रारम्भ हो गयी, क्योंकि 

[RESEARCH OFFICER]

  • हुए अंग्रेज नयी राजनैतिक शक्तियों को सक्रिय करना चाहते थे   

  • कांग्रेस व मुस्लिम लीग दोनों सक्रिय थी 

  • शासक उदार प्रवृत्ति के थे 

  • ये राज्य उत्तर प्रदेश के ब्रिटिश प्रशासित क्षेत्रों से सटे हुए थे

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के कुछ राज्यों में राजनीतिक जागृति जल्दी हुई।
👉 इनमें प्रमुख थे अलवर, भरतपुर और करौली राज्य।
👉 इनकी सीमा ब्रिटिश शासित उत्तर प्रदेश से लगती थी।
👉 इस निकटता से इन राज्यों में राष्ट्रीय आन्दोलन का प्रभाव जल्दी पहुँचा।

✍️ सही उत्तर है – ये राज्य उत्तर प्रदेश के ब्रिटिश प्रशासित क्षेत्रों से सटे हुए थे 

कोटा राज्य ने ब्रिटिश सर्वोच्चता स्वीकार करने हेतु अंग्रेजों के साथ सर्वप्रथम संधि कब की थी ? 

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • 22 सितम्बर, 1817 

  • 28 अक्टूबर, 1817 

  • 26 दिसम्बर, 1817 

  • 21 नवम्बर, 1817

🔹 व्याख्या

👉 अंग्रेजों ने 1817–1818 ई. में राजपूताना की रियासतों से अधीनस्थ संधियाँ कीं।
👉 इस क्रम में कोटा राज्य ने भी अंग्रेजों से संधि की।
👉 कोटा द्वारा ब्रिटिश सर्वोच्चता स्वीकार करने हेतु यह संधि 26 दिसम्बर, 1817 ई. को की गई।
👉 इस संधि पर कोटा की ओर से झाला जालिमसिंह ने हस्ताक्षर किए।

✍️ सही उत्तर है – 26 दिसम्बर, 1817

बारडोली के शिव मंदिर को प्रकाश में लाने का श्रेय किनको दिया जाता है ?

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • जेम्स बर्गेस  

  • जेम्स टॉड 

  • जेम्स फर्ग्यूसन  

  • जी एच ओझा  

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्राचीन धार्मिक स्थलों को अंग्रेज अधिकारियों ने भी उजागर किया।
👉 बारडोली का प्रसिद्ध शिव मंदिर इसी क्रम में सामने आया।
👉 इसे प्रकाश में लाने का श्रेय जेम्स टॉड को जाता है।
👉 टॉड ने अपने ग्रन्थों में राजस्थान के इतिहास और धरोहरों का वर्णन किया।

✍️ सही उत्तर है – जेम्स टॉड 

वर्ष 1818 में ब्रिटिश सरकार ने मेवाड़ राज्य में अराजकता का अन्त करने के लिए उदयपुर में किसे पॉलिटिकल एजेन्ट के पद पर नियुक्त किया था ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • कैप्टन कॉब 

  • कैप्टन टॉड 

  • कैप्टन वॉग  

  • स्पीयर्स 

🔹 व्याख्या

👉 1818 ई. में मेवाड़ राज्य में भारी अराजकता फैली हुई थी।
👉 ब्रिटिश सरकार ने इसे समाप्त करने के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया।
👉 उदयपुर में कैप्टन टॉड को पॉलिटिकल एजेन्ट बनाया गया।
👉 टॉड ने मेवाड़ में अंग्रेजों की नीति लागू की।

✍️ सही उत्तर है – कैप्टन टॉड 

राजस्थान में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आतंकवादी गतिविधियों के तहत डोगरा गोलीकाण्ड की योजना में कौन शामिल नहीं था ? 

[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]

  • ज्वालाप्रसाद

  • रामसिंह 

  • मांगीलाल 

  • फतहचंद 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कई आतंकवादी गतिविधियाँ हुईं।
👉 इन्हीं में एक प्रमुख घटना डोगरा गोलीकाण्ड की योजना थी।
👉 इस योजना में अनेक क्रांतिकारी शामिल थे।
👉 लेकिन इसमें फतहचंद शामिल नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – फतहचंद 

1818 की संधि के पश्चात् ब्रिटिश विरोधी भावना रखते हुए जोधपुर के किस महाराजा ने अंततः संन्यास ले लिया था ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • महाराजा सूरतसिंह

  • महाराजा छत्रसिंह 

  • महाराजा तख्तसिंह

  • महाराजा मानसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 1818 ई. की संधि के बाद जोधपुर पर अंग्रेजों का नियंत्रण बढ़ गया।
👉 इस स्थिति से जोधपुर के महाराजा मानसिंह असंतुष्ट रहे।
👉 उन्होंने ब्रिटिश विरोधी भावना को बनाए रखा।
👉 अंततः वे शासन छोड़कर सन्यास ले बैठे।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा मानसिंह 

निम्नलिखित में से किसने राजपूताना की देशी रियासतों के साथ 1817-18 की अधीनस्थ संधि की बातचीत की थी ? 

[RAS Pre. 05.08.2018]

  • जॉन जॉर्ज

  • डेविड ऑक्टरलोनी 

  • चार्ल्स मैटकॉफ 

  • आर्थर वेलेजली 

🔹 व्याख्या

👉 1817–1818 ई. में राजपूताना की रियासतों से अंग्रेजों ने अधीनस्थ संधियाँ कीं।
👉 इन संधियों का उद्देश्य मराठों और पिंडारियों के उपद्रव को समाप्त करना था।
👉 अंग्रेजों की ओर से इन संधियों की बातचीत सर चार्ल्स मेटकॉफ ने की।
👉 मेटकॉफ की भूमिका इन संधियों में सबसे महत्वपूर्ण रही।

✍️ सही उत्तर है – चार्ल्स मेटकॉफ 

सिरोही राज्य ने ब्रिटिश सरकार के प्रभुत्व की संधि को किस वर्ष स्वीकार किया था ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • 1818 

  • 1821 

  • 1823 

  • 1819 

🔹 व्याख्या

👉 सिरोही राज्य अंग्रेजों के साथ संधि करने वाली अंतिम रियासत थी।
👉 इस रियासत के शासक राव शिवसिंह थे।
👉 सिरोही ने ब्रिटिश प्रभुत्व की संधि 1823 ई. में स्वीकार की।
👉 यह संधि 11 सितम्बर, 1823 ई. को सम्पन्न हुई।

✍️ सही उत्तर है – 1823 

'लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इण्डिया' किसके द्वारा 1912 ई. में लिखा गया ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

  • मोतीलाल मेनारिया

  • कन्हैयालाल मुंशी

  • एल. पी. टेस्सीटोरी

🔹 व्याख्या

👉 भारत की भाषाओं के अध्ययन हेतु एक विशाल सर्वेक्षण किया गया।
👉 इस सर्वेक्षण का नाम ‘लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया’ रखा गया।
👉 इसे जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने तैयार किया।
👉 यह ग्रंथ 1912 ई. में प्रकाशित हुआ।

✍️ सही उत्तर है – जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन 

1922 ई. में ब्रिटिश सरकार ने मेवाड़ राज्य को बिजोलिया आन्दोलन समाप्त करवाने के लिये दबाब डाला, क्योंकि 

[RESEARCH OFFICER]

  • ब्रिटिश भारत में असहयोग आन्दोलन तेजी से फैलने लगा था   

  • आन्दोलन बहुत संघर्षमयी हो रहा था 

  • महाराणा ने ब्रिटिश सरकार से सैनिक सहायता मांगी 

  • ठिकाणा प्रशासन किसानों को रियायत देने के लिये राजी हो गया 

🔹 व्याख्या

👉 1922 ई. में मेवाड़ राज्य में बिजोलिया आन्दोलन चल रहा था।
👉 इस आन्दोलन ने किसानों को जागृत किया और अंग्रेजी सत्ता चिंतित हुई।
👉 उसी समय ब्रिटिश भारत में असहयोग आन्दोलन तेजी से फैल रहा था।
👉 इस कारण ब्रिटिश सरकार ने मेवाड़ राज्य पर आन्दोलन समाप्त कराने का दबाव डाला।

✍️ सही उत्तर है – ब्रिटिश भारत में असहयोग आन्दोलन तेजी से फैलने लगा था 

वर्ष 1903 में दिल्ली में आयोजित शाही दरबार में भाग नहीं लेने वाला राजपूताना का राज्य था - 

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • मेवाड़ 

  • सिरोही 

  • बीकानेर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या

👉 1903 ई. में दिल्ली में अंग्रेजों ने एक भव्य शाही दरबार आयोजित किया।
👉 इस दरबार में राजपूताना की लगभग सभी रियासतों ने भाग लिया।
👉 किन्तु मेवाड़ राज्य ने इसमें भाग नहीं लिया।
👉 यह घटना मेवाड़ की अंग्रेजों के प्रति असहमति को दर्शाती है।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ 

मेवाड में 'आन प्रथा को ब्रिटिश सरकार के. आदेश द्वारा समाप्त किया गया। 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • 22 दिसंबर, 1873 

  • 21 दिसंबर, 1863 

  • 24 दिसंबर, 1873 

  • 23 दिसंबर, 1863 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ राज्य में किसानों से जबरन ली जाने वाली आन प्रथा प्रचलित थी।
👉 इस प्रथा से किसानों पर अत्यधिक शोषण और बोझ पड़ता था।
👉 ब्रिटिश सरकार ने इसे समाप्त करने का आदेश जारी किया।
👉 यह आदेश 23 दिसम्बर, 1863 ई. को लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – 23 दिसम्बर, 1863 

राजस्थान में अंग्रेजों के अनुचित हस्तक्षेप का निम्नांकित में से सर्वप्रथम किस शासक ने विरोध किया था?

[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]

  • अलवर नरेश जयसिंह

  • जयपुर नरेश राम सिंह

  • मारवाड़ नरेश उम्मेद सिंह

  • मेवाड़ महाराणा फतेह सिंह

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा फतेह सिंह ने अंग्रेजों का विरोध किया।
👉
यह विरोध अनुचित हस्तक्षेप के खिलाफ था।
👉
वे मेवाड़ के शासक थे।
👉
अन्य शासकों ने बाद में विरोध किया।

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ महाराणा फतेह सिंह

निम्नलिखित शासको में से कौनसा "वर्साय की शांति संधि" का एक हस्ताक्षर कर्ता था ?

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • जोधपुर के महाराजा सर उम्मेदसिंह

  • जयपुर के माधोसिंह -II  

  • कोटा के महाराज उम्मेद सिंह  

  • बीकानेर के महाराजा गंगासिंह  

🔹 व्याख्या

👉 प्रथम विश्व युद्ध के बाद वर्साय की शांति संधि 1919 ई. में हुई।
👉 इसमें भारत की ओर से एक देशी शासक ने भाग लिया।
👉 यह शासक बीकानेर नरेश महाराजा गंगा सिंह थे।
👉 गंगा सिंह इस संधि के हस्ताक्षरकर्ता बने।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के महाराजा गंगासिंह 

अफीम पर शाही आयोग का गठन किस वर्ष किया गया ? 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

  • 1858 ई.

  • 1895ई. 

  • 1902 ई. 

  • 1893 ई.

🔹 व्याख्या

👉 अंग्रेजों के शासनकाल में अफीम व्यापार राजस्व का बड़ा साधन था।
👉 इसकी स्थिति की जाँच के लिए एक शाही आयोग गठित किया गया।
👉 यह आयोग 1893 ई. में बनाया गया।
👉 इसका उद्देश्य अफीम की उत्पादन व्यवस्था और नियंत्रण की समीक्षा करना था।

✍️ सही उत्तर है – 1893 ई. 

जिस समय अंग्रेजों द्वारा तत्कालीन राजपूताना के रजवाड़ों के साथ सहायक संधियों पर हस्ताक्षर किये गये थे  उस समय भारत का गवर्नर कौन था ?  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • अख्तरलोनी  

  • बेंटिंक    

  • हेस्टिंग्स  

  • मेटकाफ  

🔹 व्याख्या

👉 1817–1818 ई. में राजपूताना की रियासतों से अंग्रेजों ने सहायक / अधीनस्थ संधियाँ कीं।
👉 इन संधियों का मुख्य उद्देश्य मराठों और पिंडारियों के उपद्रव को समाप्त करना था।
👉 उस समय भारत का गवर्नर जनरल लॉर्ड हेस्टिंग्स था।
👉 हेस्टिंग्स ने घेरे की नीति छोड़कर अधीनस्थ पार्थक्य की नीति अपनाई।

✍️ सही उत्तर है – हेस्टिंग्स 

निम्नलिखित में से किस रियासत से फरुखफाल का चित्र' सम्बन्धित है ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • उदयपुर  

  • जयपुर 

  • अलवर 

  • टोंक 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की चित्रकला में अनेक प्रसिद्ध कृतियाँ मिलती हैं।
👉 इनमें एक चित्र है – ‘फरुखफाल का चित्र’।
👉 यह चित्र उदयपुर रियासत से सम्बन्धित है।
👉 उदयपुर शैली अपनी अद्भुत सूक्ष्मता और सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध रही।

✍️ सही उत्तर है – उदयपुर

1570 ई. में किस राजा द्वारा "नागौर दरबार" का आयोजन किया गया था ?  

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • शाहजहाँ 

  • दारा शिकोह 

  • जहांगीर 

  • अकबर 

🔹 व्याख्या

👉 1570 ई. में एक भव्य नागौर दरबार आयोजित किया गया।
👉 इस दरबार का आयोजन मुगल सम्राट अकबर ने किया।
👉 इसमें अनेक राजपूत शासक उपस्थित हुए।
👉 उद्देश्य मुगल सत्ता के प्रति उनकी निष्ठा सुनिश्चित करना था।

✍️ सही उत्तर है – अकबर 

अंग्रेजी सैनिकों के सेनापति का नाम बताएं जिसे 1809 में महाराजा रणजीत सिंह के दरबार में भेजे गए ब्रिटिश दूत के सहयोग के लिए भेजा गया था - 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • सर जॉन मेल्कम 

  • सर डेविड ऑक्टरलोनी 

  • जनरल लेक 

  • जनरल जे.एच. गॉर्डन 

🔹 व्याख्या

👉 1809 ई. में अंग्रेजों ने महाराजा रणजीत सिंह के दरबार में एक दूत भेजा।
👉 इस दूत की सहायता के लिए अंग्रेजी सैनिकों का एक सेनापति नियुक्त किया गया।
👉 उस सेनापति का नाम सर डेविड ऑक्टरलोनी था।
👉 ऑक्टरलोनी ने ब्रिटिश हितों की रक्षा हेतु अपना योगदान दिया।

✍️ सही उत्तर है – सर डेविड ऑक्टरलोनी 

नरेन्द्र मंडल के प्रथम अध्यक्ष थे : 

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • गंगासिंह 

  • कल्याणसिंह 

  • जयसिंह 

  • फतेहसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 ब्रिटिश काल में देसी रियासतों के लिए नरेन्द्र मंडल (Chamber of Princes) की स्थापना की गई।
👉 इसका उद्देश्य रियासतों को एक परामर्श मंच प्रदान करना था।
👉 इस मंडल के प्रथम अध्यक्ष बीकानेर नरेश महाराजा गंगासिंह बने।
👉 गंगासिंह ने रियासतों की ओर से अंग्रेजों के समक्ष अपनी भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – गंगासिंह 

लावा, जिसे ब्रिटिश द्वारा 1867 में पृथक ठिकाने के रूप में मान्यता दी गई, पूर्व में किस राज्य का आश्रित ठिकाना था ?  

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • डूंगरपुर 

  • बांसवाड़ा 

  • टोंक 

  • अलवर 

🔹 व्याख्या

👉 लावा को ब्रिटिश सरकार ने 1867 ई. में एक पृथक ठिकाना माना।
👉 इससे पहले लावा, राज्य टोंक का आश्रित ठिकाना था।
👉 अंग्रेजों ने इसे अलग मान्यता देकर स्वतंत्र नॉन-सैल्यूट स्टेट बना दिया।
👉 यह निर्णय अंग्रेजों की ठिकाना नीति का एक उदाहरण था।

✍️ सही उत्तर है – टोंक 

निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं ?

A. 1870 के अजमेर दरबार से जोधपुर के महाराजा तख्त सिंह नाराज होकर जोधपुर लौट गये थे।
B.
ब्रिटिश सरकार ने देशी रियासतों को गोद लेने के अधिकार की सनद 1862 में प्रदान की थी।
C. 1887
में बीकानेर में कर्नल थॉर्टन की अध्यक्षता में रीजेन्ट काउन्सिल का निर्माण किया था।
D. 1848
में झालावाड़ राज्य की स्थापना की गई थी।

कूट :

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • A और C

  • A, B और C

  • A, C और D

  • केवल B

🔹 व्याख्या

👉 1870 के अजमेर दरबार से तख्त सिंह नाराज होकर लौटे।
👉 1862
में ब्रिटिश ने गोद अधिकार की सनद दी।
👉 1887
में बीकानेर में रीजेन्ट काउन्सिल का गठन हुआ।
👉
जबकि झालावाड़ स्थापना 1838 में हुई, 1848 नहीं।

✍️ सही उत्तर है – A, B और C

अजमेर पर अंग्रेजों का आधिपत्य कब हुआ था ? 

[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]

  • 25 जून, 1818 ई. 

  • 28 जून, 1818 ई. 

  • 16 जून, 1818 ई. 

  • 18 जून, 1818 ई. 

🔹 व्याख्या

👉 अंग्रेजों ने 1818 ई. में राजस्थान के कई क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया।
👉 इसी क्रम में उन्होंने अजमेर को भी अपने अधीन कर लिया।
👉 अजमेर पर अंग्रेजों का आधिपत्य 25 जून, 1818 ई. को हुआ।
👉 इसके साथ ही अजमेर ब्रिटिश शासन का एक प्रमुख केन्द्र बन गया।

✍️ सही उत्तर है – 25 जून, 1818 ई. 

राजस्थान के आधुनिक इतिहास लेखन का जनक किसे माना जाता है ?  

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • गौरीशंकर हीराचन्द ओझा 

  • गोपीनाथ शर्मा 

  • दशरथ शर्मा 

  • जेम्स टॉड 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के इतिहास को सबसे पहले व्यवस्थित रूप से लिखा गया।
👉 यह कार्य अंग्रेज अधिकारी जेम्स टॉड ने किया।
👉 उनकी कृति ‘एनल्स एंड एण्टीक्विटीज ऑफ राजस्थान’ प्रसिद्ध है।
👉 इस कारण उन्हें राजस्थान के आधुनिक इतिहास लेखन का जनक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – जेम्स टॉड 

ईस्ट इंडिया कम्पनी के साथ हुई सन्धियों के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए व सही विकल्प चुनिए

(अ) जोधपुर से 6 जनवरी, 1818 ई. को सन्धि हुई ।

(ब) मेवाड़ से 13 जनवरी, 1818 ई. को सन्धि हुई ।  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • अ और ब दोनों असत्य हैं 

  • अ और ब दोनों सत्य हैं  

  • केवल अ सत्य है 

  • केवल ब सत्य 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर राज्य ने अंग्रेजों से 6 जनवरी, 1818 ई. को संधि की।
👉 मेवाड़ (उदयपुर) राज्य ने अंग्रेजों से 13 जनवरी, 1818 ई. को संधि की।
👉 दोनों ही तिथियाँ ऐतिहासिक रूप से सही हैं।
👉 अतः (अ) और (ब) दोनों कथन सत्य हैं।

✍️ सही उत्तर है – अ और ब दोनों सत्य हैं

1856 में, ए. जी. जी. का मुख्यालय अजमेर से परिवर्तित कर दिया गया। नया मुख्यालय किस स्थान पर था ?  

[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]

  • सिरोही 

  • उदयपुर 

  • डूंगरपुर 

  • माउन्ट आबू 

🔹 व्याख्या

👉 1832 ई. में राजस्थान में एजेन्ट टू गवर्नर जनरल (AGG) की स्थापना हुई।
👉 प्रारम्भ में इसका मुख्यालय अजमेर में रखा गया था।
👉 वर्ष 1856 ई. में इसे अजमेर से बदलकर माउन्ट आबू में कर दिया गया।
👉 इसके बाद माउन्ट आबू अंग्रेज प्रशासन का प्रमुख केन्द्र बना।

✍️ सही उत्तर है – माउन्ट आबू 

सिरोही राज्य के साथ सन् 1823 में संधि किसने संपन्न की ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • मेटकाफ 

  • ऑक्टरलोनी 

  • अलेक्जेन्डर स्पीयर्स 

  • मैल्कम 

🔹 व्याख्या

👉 सिरोही राज्य अंग्रेजों के साथ संधि करने वाली अंतिम रियासत थी।
👉 यह संधि सन् 1823 ई. में सम्पन्न हुई।
👉 कम्पनी की ओर से इस संधि को अलेक्ज़ेन्डर स्पीयर्स ने सम्पन्न किया।
👉 यह संधि सिरोही नरेश राव शिवसिंह के साथ हुई।

✍️ सही उत्तर है – अलेक्ज़ेन्डर स्पीयर्स 

निम्नलिखित में से किस राजपूत राजा ने अकबर के साथ युद्ध नहीं किया ?  

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • सुरताण देवड़ा 

  • मोटा राजा उदय सिंह 

  • महाराणा प्रताप 

  • राव चन्द्रसेन 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने कई राजपूत शासकों से युद्ध किया।
👉 आमेर, चित्तौड़, रणथम्भौर आदि राज्यों के शासक उससे टकराए।
👉 परन्तु मोटा राजा उदयसिंह ने अकबर के साथ कोई युद्ध नहीं किया।
👉 इसलिए यह युग्म अन्य राजाओं से भिन्न है।

✍️ सही उत्तर है – मोटा राजा उदय सिंह