'एकी आन्दोलन' का प्रमुख उद्देश्य क्या था ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 एकी आन्दोलन मेवाड़ राज्य के भीलों और आदिवासियों का बड़ा आन्दोलन था।
👉 यह आन्दोलन किसानों पर लगाए गए भारी लगान के विरोध में शुरू हुआ।
👉 इसमें आदिवासियों ने अन्यायपूर्ण बेगार प्रथा के खिलाफ भी आवाज उठाई।
👉 आन्दोलन का नेतृत्व मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 इसका प्रमुख उद्देश्य किसानों को भारी लगान और बेगार से मुक्त कराना था।
✍️ सही उत्तर है – किसानों को भारी लगान और अन्यायपूर्ण बेगार से मुक्त करवाना
शोभालाल गुप्त ने निम्न में से किस स्थान पर “हरिजन सेवाश्रम” की स्थापना की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 शोभालाल गुप्त ने सामाजिक उत्थान और हरिजनों के कल्याण हेतु “हरिजन सेवाश्रम” की स्थापना की थी।
👉 यह सेवाश्रम सागवाड़ा में स्थापित किया गया था।
👉 सागवाड़ा क्षेत्र में उन्होंने हरिजन शिक्षा, सहायता और सामाजिक सुधार के कार्यों को बढ़ावा दिया।
✍️ सही उत्तर है – सागवाड़ा
डूंगरपुर-बांसवाड़ा के भील आंदोलन के संबंध में कौनसा कथन सत्य है?
A. यह एक सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन था जिसने कालांतर में राजनीतिक स्वरूप ग्रहण कर लिया।
B. सामाजिक जागरूकता के कारण भीलों ने ठाकुरों के आदेशों को मानने से इंकार कर दिया।
C. भील क्षेत्र में राज्य के आबकारी राजस्व में गिरावट आई।
D. गोविंदगिरि बेड़सा ग्राम का कृषक भील था।
सही कूट चुनिए -
[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉 डूंगरपुर-बांसवाड़ा का भील आंदोलन मूलतः एक सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन था।
👉 भीलों में जागरूकता आने से उन्होंने ठाकुरों के अनुचित आदेशों को मानना बंद कर दिया।
👉 शराब त्यागने जैसे सुधारों से राज्य के आबकारी राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गई।
👉 गोविंदगिरि बेड़सा ग्राम के निवासी थे, लेकिन वे जाति से बंजारा थे, न कि भील।
✍️ सही उत्तर है – केवल A, B, C सत्य है
गोविन्द गुरु के विषय में निम्न में से कौन सा कथन असत्य है ?
[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]
👉 गोविन्द गुरु भील समाज के महान सुधारक और नेता थे।
👉 उनका जन्म 1858 ई. में डूंगरपुर राज्य के बेड़सा (बांसिया) गाँव में हुआ था।
👉 उन्होंने भीलों में सामाजिक सुधार और धार्मिक जागृति फैलाई।
👉 यह कहना गलत है कि उनका जन्म पालपट्टा में हुआ था।
👉 अतः यह कथन गोविन्द गुरु के विषय में असत्य है।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गुरु का जन्म 1858 में डूंगरपुर के पालपट्टा में हुआ था।
संप सभा का संस्थापक था:
[Research Assistant 24.08.2017]
👉 भीलों और गरासियों को संगठित करने के लिए एक संस्था बनाई गई।
👉 इस संस्था का नाम सम्प सभा (प्रेम सभा) रखा गया।
👉 इसकी स्थापना आदिवासी समाज सुधारक गोविन्द गिरी ने की।
👉 सभा ने आदिवासियों में धार्मिक जागृति और सामाजिक सुधार की भावना जगाई।
👉 इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरी
'जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति का गठन किस स्थान पर हुआ
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 मीणा समाज पर अंग्रेजों और जयपुर रियासत ने जरायम पेशा कानून लागू किया।
👉 इस अन्याय के विरोध में मीणाओं ने संगठन बनाना शुरू किया।
👉 अप्रैल 1944 में जैन मुनि मगनसागर की अध्यक्षता में एक सम्मेलन हुआ।
👉 इसी सम्मेलन में ‘जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति’ का गठन किया गया।
👉 यह ऐतिहासिक समिति नीमकाथाना में स्थापित हुई।
✍️ सही उत्तर है – नीमकाथाना
गोविन्द गुरु के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये -
(i) गोविन्द गिरि (गुरु) पर दयानन्द सरस्वती का गहरा प्रभाव था।
(ii) उसका जन्म 1858 ई. में डूंगरपुर राज्य के बेदसा ग्राम में हुआ था।
(iii) उसके द्वारा 1902 ई. में सम्प सभा की स्थापना की गयी थी।
(iv) वह बंजारा जाति का था।
उपर्युक्त कथनों में से कौनसे कथन सही हैं
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
कूट -
👉 गोविन्द गुरु पर स्वामी दयानन्द सरस्वती और आर्य समाज का गहरा प्रभाव था।
👉 उनका जन्म 1858 ई. में डूंगरपुर राज्य के बेड़सा ग्राम में हुआ था।
👉 वे एक बंजारा जाति परिवार से सम्बंधित थे।
👉 सम्प सभा की स्थापना उन्होंने 1883 ई. में की थी, न कि 1902 ई. में।
✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) एवं (iv)
निम्न में से 'मेर विद्रोह' का प्रमुख कारण कौन सा था ?
[कृषि अधिकारी 20.04.2025]
👉 मेरों के क्षेत्र मेवाड़, मारवाड़ व अजमेर के अंतर्गत थे, परन्तु उन पर प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं था।
👉 अंग्रेज उन्हें पूर्ण रूप से अपने राजनीतिक नियंत्रण में लाना चाहते थे।
👉 साथ ही मेरों पर अंग्रेजों द्वारा राजस्व थोपने का प्रयास किया गया।
👉 इस कारण मेरों ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह कर दिया।
👉 अतः मेर विद्रोह का प्रमुख कारण उन पर ब्रिटिश नियंत्रण का प्रयास था।
✍️ सही उत्तर है – उन पर ब्रिटिश नियंत्रण का प्रयास
'सम्प सभा' की स्थापना किसने की थी ?
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 भीलों को संगठित करने के लिए गोविन्द गुरु ने विशेष प्रयास किए।
👉 उन्होंने 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की।
👉 इस सभा के माध्यम से उन्होंने सामाजिक सुधार और धार्मिक शिक्षा पर बल दिया।
👉 इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गुरु
1907 में गोविंदगिरी ने भीलों और कोलियों को किस गाँव से उपदेश देना प्रारंभ किया था ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 गोविन्दगिरि ने भीलों और कोलियों में धार्मिक जागृति और सामाजिक सुधार की अलख जगाई।
👉 इसके लिए उन्होंने गाँव–गाँव जाकर उपदेश देना प्रारम्भ किया।
👉 1907 ई. में उन्होंने अपने उपदेशों की शुरुआत बेरसा गाँव से की।
👉 यहाँ से उनका प्रभाव भील व कोली समाज में तेजी से फैलने लगा।
👉 आगे चलकर यही आन्दोलन भगत पंथ में परिवर्तित हुआ।
✍️ सही उत्तर है – बेरसा
नीमूचाणा घटना कब घटित हुई ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 अलवर राज्य में किसानों ने अन्यायपूर्ण करों और अत्याचारों के विरुद्ध आन्दोलन किया।
👉 इस संघर्ष के दौरान अलवर के नीमूचाणा गाँव में गोलीकांड हुआ।
👉 इसमें अनेक किसान शहीद हुए और आन्दोलन तीव्र हो गया।
👉 इस घटना को इतिहास में नीमूचाणा नरसंहार कहा गया।
👉 यह घटना 14 मई, 1925 को घटित हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 14 मई, 1925
भील एवं गरासियों को एकत्रित करने के लिए 'सम्प सभा' की स्थापना किसने की-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 भील एवं गरासिया समाज को संगठित करने का कार्य किया गया।
👉 इसके लिए 1883 ई. में सिरोही में सम्प सभा की स्थापना की गई।
👉 इस सभा की स्थापना आदिवासी नेता गोविन्द गिरि ने की।
👉 सभा के माध्यम से भीलों को धार्मिक शिक्षा और सामाजिक सुधार का संदेश दिया गया।
👉 इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरि
निम्नलिखित में से किसने मेव कृषक आन्दोलन का नेतृत्व किया ?
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 अलवर और भरतपुर राज्यों में मेव किसानों ने अन्यायपूर्ण करों का विरोध किया।
👉 यह संघर्ष इतिहास में मेव कृषक आन्दोलन कहलाया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रमुख किसान नेता यासीन खां ने किया।
👉 उनके नेतृत्व में मेव किसानों ने अंग्रेजी नीतियों और शासकों के अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाई।
👉 इस आन्दोलन ने मेवात क्षेत्र के किसानों में जागरूकता पैदा की।
✍️ सही उत्तर है – यासीन खां
गोविंद गिरि एवं भील आंदोलन के संदर्भ में निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 गोविंद गिरि भील आंदोलन के प्रमुख नेता थे, पर उनके संबंध में दिया गया कथन सही नहीं है।
👉 कथन – “अप्रैल 1915 में, गोविंद गिरि को इदर ठिकाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया” — सही नहीं माना जाता।
👉 गोविंद गिरि की गिरफ्तारी इदर ठिकाने की पुलिस द्वारा अप्रैल 1915 में नहीं हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – अप्रैल 1915 में इदर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी
भगत पंथ की स्थापना किसके द्वारा की गई थी ?
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)
👉 भील समाज में धार्मिक सुधार और जागरूकता की आवश्यकता थी।
👉 इसके लिए आदिवासी संत गोविन्द गुरु ने विशेष पहल की।
👉 उन्होंने 1911 ई. में बेडसा गाँव में भगत पंथ की स्थापना की।
👉 इस पंथ ने भीलों में एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार का संदेश फैलाया।
👉 इससे भील समाज में नई एकता और चेतना का संचार हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गुरु
भीलों में धर्मसुधार के लिए 'भगत पंथ' की स्थापना किसने की ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 भील समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता थी।
👉 इसके लिए एक नया धर्मसुधार आन्दोलन प्रारम्भ किया गया।
👉 इस आन्दोलन के प्रवर्तक आदिवासी संत गोविन्द गुरु थे।
👉 उन्होंने 1911 ई. में बेडसा में ‘भगत पंथ’ की स्थापना की।
👉 इस पंथ ने भीलों में सामाजिक सुधार और एकेश्वरवाद की भावना जगाई।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गुरु
गोविन्दगिरी के नेतृत्व में भील आन्दोलन को दबाने के लिए मानगढ़ का जनसंहार किस वर्ष में हुआ था ?
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 गोविन्दगिरी ने भीलों को संगठित कर सामाजिक व धार्मिक सुधार का अभियान चलाया।
👉 उनकी बढ़ती लोकप्रियता से अंग्रेज और रियासतें चिंतित हो गईं।
👉 अंग्रेजी सेना ने मानगढ़ पहाड़ी को घेरकर आक्रमण किया।
👉 यह भीषण जनसंहार 1913 ई. में हुआ था।
👉 इसमें लगभग 1500 भील मारे गए और अनेक घायल हुए।
✍️ सही उत्तर है – 1913
राजस्थान में निम्नलिखित में से किस स्थान पर एक नरसंहार हुआ था, जिसे महात्मा गाँधी ने जलियाँवाला बाग हत्याकांड से भी अधिक भीषण बताया था ?
[Asst. Town Planner 16.06.2023]
👉 अलवर राज्य में किसानों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आन्दोलन हुआ।
👉 14 मई, 1925 को अलवर के नीमूचाणा गाँव में भयंकर गोलीकांड हुआ।
👉 इस गोलीकांड में अनेक किसान शहीद हुए।
👉 महात्मा गाँधी ने इसे जलियाँवाला बाग हत्याकांड से भी अधिक भीषण कहा।
👉 इसलिए यह घटना इतिहास में नीमूचाणा नरसंहार के नाम से जानी गई।
✍️ सही उत्तर है – नीमूचाणा
1920 के दशक में मेवाड़ में भील आंदोलन का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 1920 के दशक में भीलों ने अन्यायपूर्ण करों और बेगार प्रथा के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 यह आन्दोलन मेवाड़ राज्य के भोमट क्षेत्र में चलाया गया।
👉 इसका नेतृत्व आदिवासी मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों को संगठित कर 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 इस आन्दोलन से तेजावत भीलों के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बन गए।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
राजस्थान में स्वतन्त्रता संघर्ष के दौरान 1921-22 में भील आन्दोलन का नेतृत्व किया था -
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 1921-22 ई. में भीलों ने अत्याचारों और अन्यायपूर्ण करों के विरुद्ध आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व आदिवासी समाज के मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों के लिए 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 उनके नेतृत्व में भीलों ने करबंदी और बेगार विरोध का संकल्प लिया।
👉 इसलिए 1921-22 के भील आन्दोलन के प्रमुख नेता मोतीलाल तेजावत थे।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
एकी आन्दोलन प्रारम्भ करने के पहले मोतीलाल तेजावत किस राजपूत ठिकाने में कामदार के पद पर कार्यरत थे ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 मोतीलाल तेजावत ने आदिवासी समाज में जागरूकता और संगठन का कार्य किया।
👉 एकी आन्दोलन प्रारम्भ करने से पूर्व वे एक राजपूत ठिकाने में कार्यरत थे।
👉 यह ठिकाना था उदयपुर राज्य का झाड़ोल ठिकाना।
👉 यहाँ वे कामदार पद पर नियुक्त थे।
👉 बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर आदिवासियों की सेवा में जीवन समर्पित कर दिया।
✍️ सही उत्तर है – झाड़ोल
निम्न में से किस स्थान पर 1913 का भील विद्रोह हुआ था ?
[Supt. Garden 28.07.2021]
👉 1913 ई. में भीलों ने गुरु गोविन्द गिरि के नेतृत्व में बड़ा आन्दोलन किया।
👉 यह आन्दोलन दक्षिणी राजस्थान और गुजरात सीमा के मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
👉 अंग्रेजी सेना ने यहाँ भीलों को घेरकर आक्रमण किया।
👉 इस घटना में लगभग 1500 भील मारे गए और अनेक घायल हुए।
👉 इतिहास में इसे मानगढ़ विद्रोह या नरसंहार कहा जाता है।
✍️ सही उत्तर है – मानगढ़
मेवाड़ भील कोर्प किस वर्ष स्थापित की गयी थी ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 मेवाड़ में भीलों के लगातार विद्रोहों ने अंग्रेजों और महाराणा को चिंतित किया।
👉 इन विद्रोहों को दबाने हेतु एक विशेष सैनिक टुकड़ी बनाई गई।
👉 इसका गठन ब्रिटिश अधिकारी आउट्रम के सुझाव पर हुआ।
👉 मेवाड़ भील कोर की स्थापना 1837 ई. में की गई थी।
✍️ सही उत्तर है – 1837


"आज़ाद मोर्चा" का संस्थापक कौन थे ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 12.11.2021]
👉 राजस्थान में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई संगठन बने।
👉 इन्हीं में से एक था आज़ाद मोर्चा।
👉 इस संगठन की स्थापना स्वतंत्रता सेनानी बाबा हरिश्चन्द्र ने की।
👉 आज़ाद मोर्चा ने जनता को आन्दोलन और संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
👉 इससे स्वतंत्रता आन्दोलन को नई दिशा मिली।
✍️ सही उत्तर है – बाबा हरिश्चन्द्र
गोविंदगिरी और उनके भगत आंदोलन के संदर्भ में कौनसे कथन सही नहीं हैं?
(A) 1921-22 में पंचमहल जिले में गोविंदगिरी ने असहयोग आंदोलन में भाग लिया ।
(B) अहमदाबाद केंद्रीय कारागृह से छूटने के बाद अपनी मृत्यु तक गोविंदगिरी पंचमहल के बारसोद में निर्वासन में रहे ।
(C) गोविंदगिरी के प्रभाव से बांसवाड़ा के भगत भीलों ने स्वयं को हिंदू धर्म के ढांचे में संगठित कर लिया ।
(D) 1927 से 1931 के मध्य बांसवाड़ा के दीवान एन. भट्टाचार्य ने भगत आंदोलन को दबाया ।
सही उत्तर का चयन कीजिए -
[स्कूल व्याख्याता GK (A) 23.06.2025]
"मीणा क्षेत्रीय सभा" की स्थापना की गयी
[SI (मोटर वाहन) 2013]
👉 मीणा समाज पर जयपुर रियासत ने जरायम पेशा कानून लागू किया।
👉 इस अन्याय के विरोध और सुधार हेतु संगठन बनाए गए।
👉 इन्हीं में एक संगठन था मीणा क्षेत्रीय सभा।
👉 इसका गठन वर्ष 1933 ई. में किया गया।
👉 इस सभा ने मीणा समाज को संगठित कर कुरीतियों व कानून के विरोध में कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – 1933 ई.
दक्षिणी राजस्थान में 'सम्प सभा' की स्थापना किसने की थी ?
[SI (मोटर वाहन) 2013]
👉 दक्षिणी राजस्थान में भीलों के सामाजिक उत्थान हेतु एक संगठन बनाया गया।
👉 इस संगठन का नाम सम्प सभा (प्रेम सभा) रखा गया।
👉 इसकी स्थापना आदिवासी संत गोविन्द गिरी ने की।
👉 बाद में इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरी
1944 के नीम का थाना के मीणा सम्मेलन के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िये एवं सही विकल्प को चुनिये -
(A) जैन मुनि जिनविजय जी की अध्यक्षता में सम्मेलन हुआ था।
(B) “जयपुर राज्य मीणा सुधार समिति' के अध्यक्ष श्री बंशीधर शर्मा बनाये गये थे।
कूट -
[Junior Chemist PHED 01.02.2026]
🔹 व्याख्या
👉
नीम
का थाना सम्मेलन
में जिनविजय
जी अध्यक्ष
नहीं थे।
👉
इसलिए
कथन (A)
गलत
है।
👉
बंशीधर
शर्मा
को अध्यक्ष
बनाया गया।
👉
अतः
कथन (B)
सही
है।
✍️ सही उत्तर है – केवल (B) सही है।
मानगढ़ हत्याकाण्ड किस वर्ष में हुआ था ?
[ATO परीक्षा 27.07.2021]
👉 मानगढ़ पहाड़ी पर भीलों ने गुरु गोविन्द गिरि के नेतृत्व में आन्दोलन किया।
👉 अंग्रेजी सेना ने पहाड़ी को घेरकर हमला कर दिया।
👉 इस घटना में लगभग 1500 भील मारे गए और हजारों घायल हुए।
👉 यह घटना राजस्थान का जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड कहलाती है।
👉 यह भीषण नरसंहार वर्ष 1913 ई. में हुआ था।
✍️ सही उत्तर है – 1913 ई.
अलवर राज्य में कृषक असंतोष के दौरान “नीमूचाना दुखांतिका” कब घटित हुई ?
[Deputy Commandant 23.08.2020]
👉 अलवर राज्य में किसानों पर अत्याचार और करों का बोझ बढ़ गया।
👉 इसी असंतोष के दौरान किसानों ने संगठित आन्दोलन किया।
👉 आन्दोलन को दबाने के लिए अलवर के नीमूचाणा गाँव में गोलीकांड हुआ।
👉 इस दुखांतिका में अनेक किसान शहीद हुए।
👉 यह घटना 14 मई, 1925 को घटित हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – 14 मई, 1925
नयनूराम किस आन्दोलन से सम्बन्धित थे -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 बूँदी रियासत में किसानों पर शोषण और अन्यायपूर्ण नीतियाँ लागू थीं।
👉 इनका विरोध करने हेतु प्रजामण्डल आन्दोलन चलाया गया।
👉 इस आन्दोलन के प्रमुख नेताओं में नयनूराम शर्मा भी शामिल थे।
👉 उन्होंने किसानों को संगठित कर आन्दोलन को गति दी।
👉 इस प्रकार नयनूराम का सम्बन्ध बूँदी प्रजामण्डल आन्दोलन से था।
✍️ सही उत्तर है – बूँदी प्रजामण्डल आन्दोलन
गांधीजी के संदेशानुसार तेजावत ने अपने आपको पुलिस के समक्ष कब समर्पित किया था ?
[सहायक पुरालेखपाल 03.08.2024]
👉 मोतीलाल तेजावत ने भीलों के लिए बड़ा आन्दोलन चलाया।
👉 बाद में वे राष्ट्रीय नेताओं के सम्पर्क में आए।
👉 गांधीजी के संदेशानुसार उन्होंने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।
👉 4 जून, 1929 ई. को तेजावत ने स्वयं को पुलिस के हवाले कर दिया।
👉 इसके साथ ही उनका सक्रिय आन्दोलनकारी जीवन समाप्त हो गया।
✍️ सही उत्तर है – 4 जून, 1929 ई.
निम्न में से कौनसा गोविन्द गिरी द्वारा संचालित भील आंदोलन का प्रमुख केन्द्र था ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 गोविन्द गिरी ने भीलों में धार्मिक सुधार और जागरूकता फैलाने का कार्य किया।
👉 इसके लिए उन्होंने दक्षिणी राजस्थान में कई केंद्र बनाए।
👉 उनका प्रमुख केन्द्र डूंगरपुर राज्य का बेडसा गाँव था।
👉 यहीं से उन्होंने भगत पंथ की शुरुआत की।
👉 बेडसा से ही उनका प्रभाव बाँसवाड़ा और गुजरात तक फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – बेडसा
भील विद्रोह के संबंध में कौनसा /से कथन सत्य है / हैं?
(A) प्रारम्भिक भील विद्रोह स्वतःस्फूर्त थे ।
(B) वे अंग्रेजी राज्य के अन्तर्गत स्थापित नई व्यवस्था की प्रतिक्रिया स्वरूप थे ।
(C) जंगल में बाह्य तत्त्वों के प्रवेश ने सामाजिक तनाव उत्पन्न कर दिया था ।
सही कूट चुनिए —
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 प्रारंभिक भील विद्रोह किसी केंद्रीकृत नेतृत्व के बिना स्वतःस्फूर्त रूप से भड़के थे और अचानक होने वाले आंदोलन थे।
👉 ये विद्रोह अंग्रेजों की नई प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया थे, जिसने भीलों के पारंपरिक जीवन में हस्तक्षेप किया।
👉 ब्रिटिश शासन के कारण बाहरी लोग—साहूकार, व्यापारी आदि—जंगलों में आने लगे, जिससे भीलों और बाहरी तत्वों के बीच सामाजिक तनाव पैदा हुआ।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B) एवं (C)
सम्प सभा की स्थापना किसने की ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 भीलों में जागृति और सुधार लाने के लिए एक संगठन बनाया गया।
👉 इसका नाम सम्प सभा (प्रेम सभा) रखा गया।
👉 इस सभा की स्थापना आदिवासी नेता गोविन्द गिरी ने की।
👉 सभा ने भीलों को धार्मिक शिक्षा और सामाजिक सुधार की राह दिखाई।
👉 बाद में इसका पहला अधिवेशन 1903 ई. में मानगढ़ पहाड़ी पर हुआ।
✍️ सही उत्तर है – गोविन्द गिरी
उदयपुर राज्य में वर्ष 1818 में भील विद्रोह के कारण थे -
(1) भीलों को सेना में से निकालना।
(2) अंग्रेजों की भील दमन नीति।
(3) वनों पर राज्य का अधिकार।
(4) भीलों के रखवाली एवं बोलाई कर वसूल करने का अधिकार समाप्त।
सही कूट का चयन करें -
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 1818 ई. में उदयपुर राज्य के भीलों ने विद्रोह किया।
👉 इसका एक कारण उन्हें सेना से निकालना था।
👉 अंग्रेजों की दमन नीति ने भी विद्रोह को उकसाया।
👉 साथ ही वनों पर राज्य का अधिकार लागू किया गया।
👉 भीलों से उनका रखवाली व बोलाई कर वसूलने का अधिकार भी छीन लिया गया।
✍️ सही उत्तर है – उपरोक्त सभी
'एक्की आन्दोलन' किसके नेतृत्व में प्रारम्भ किया गया था ?
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 भीलों ने अत्यधिक करों और बेगार प्रथा के विरोध में बड़ा आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन को इतिहास में एकी आन्दोलन कहा गया।
👉 इसका नेतृत्व आदिवासी समाज के मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों के लिए 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 तेजावत के नेतृत्व में भीलों ने करबंदी और बेगार समाप्ति का संकल्प लिया।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
राजस्थान में "एकी आन्दोलन” को किसने नेतृत्व प्रदान किया ?
[PTI Grade -III (RPSC) 2011]
👉 राजस्थान में आदिवासियों ने अत्याचारों और अन्यायपूर्ण करों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इस संघर्ष को एकी आन्दोलन के नाम से जाना गया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व आदिवासी मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों के लिए 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 उनके नेतृत्व में भीलों ने करबंदी और बेगार समाप्ति का निर्णय लिया।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
5 सितम्बर, 1926 को महात्मा गांधी ने अपने किंस समाचार पत्र में सरकार से श्री मोतीलाल तेजावत को जेल से रिहा करने की सिफारिश की थी ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 मोतीलाल तेजावत भील आन्दोलन के प्रमुख नेता थे।
👉 उन्हें आंदोलन के कारण अंग्रेज सरकार ने जेल में बंद कर दिया था।
👉 5 सितम्बर, 1926 को गांधीजी ने सरकार से उनकी रिहाई की सिफारिश की।
👉 यह सिफारिश गांधीजी के समाचार पत्र ‘नवजीवन’ में प्रकाशित हुई।
✍️ सही उत्तर है – नवजीवन
गोविन्द गिरी के नेतृत्व में भील गतिविधियों का केन्द्र बेडसा गाँव किस राज्य में था ?
[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]
👉 गोविन्द गिरी ने भीलों में जागरूकता और सामाजिक सुधार की अलख जगाई।
👉 उनकी गतिविधियों का मुख्य केन्द्र बेडसा गाँव था।
👉 यह गाँव दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर राज्य में स्थित था।
👉 यहीं से उन्होंने भगत पंथ की शुरुआत की।
👉 बेडसा से उनका प्रभाव डूंगरपुर, बाँसवाड़ा व सीमावर्ती गुजरात तक फैल गया।
✍️ सही उत्तर है – डूंगरपुर
'मोतीलाल तेजावत' का जन्म कहाँ हुआ था ?
[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]
👉 मोतीलाल तेजावत आदिवासी समाज के महान नेता और सुधारक थे।
👉 उनका जन्म 8 जुलाई, 1887 ई. को हुआ था।
👉 वे उदयपुर राज्य के झाड़ोल ठिकाने के गाँव कोलियारी के निवासी थे।
👉 आगे चलकर उन्होंने भीलों का नेतृत्व कर एकी आन्दोलन चलाया।
👉 भील समाज उन्हें 'बावजी' के नाम से पुकारता था।
✍️ सही उत्तर है – कोलियारी
निम्नलिखित में से किस स्थान पर मेवाड़ भील कोर ने मोतीलाल तेजावत और उनके 2000 भील अनुयायियों पर 7 मार्च 1922 को गोलियां चलाई थीं ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 मोतीलाल तेजावत ने भीलों को संगठित कर एकी आन्दोलन चलाया।
👉 वे अपने लगभग 2000 अनुयायियों के साथ गुजरात सीमा की ओर बढ़े।
👉 7 मार्च, 1922 को मेवाड़ भील कोर ने उन पर गोलियाँ चलाईं।
👉 यह घटना पाल छितरिया नामक स्थान पर घटित हुई।
👉 इतिहास में इसे पाल नरसंहार के रूप में जाना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – पाल
गोविन्द गुरु निम्न में से किस जाति से सम्बंधित थे ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 गोविन्द गुरु दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी समाज के महान सुधारक थे।
👉 उनका जन्म 1858 ई. में डूंगरपुर के बेड़सा गाँव में हुआ।
👉 वे एक बंजारा (घुमक्कड़) जाति परिवार से सम्बंधित थे।
👉 बाद में उन्होंने भीलों को संगठित कर सामाजिक व धार्मिक सुधार आंदोलन चलाया।
👉 उनके नेतृत्व में भीलों ने भगत आन्दोलन प्रारम्भ किया।
✍️ सही उत्तर है – बंजारा
1911 एवं 1912 ई. में गोविन्द गुरु की गतिविधियों का केन्द्र ______ था ।
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 गोविन्द गुरु ने भीलों में धार्मिक जागृति और सुधार का अभियान चलाया।
👉 1911 ई. में वे अपने मूल स्थान बेडसा लौट आए।
👉 यहाँ उन्होंने पुनः धूनी स्थापित कर ‘भगत पंथ’ की शुरुआत की।
👉 प्रत्येक गाँव में धूनी व कोतवाल नियुक्त कर संगठन को मजबूत किया।
👉 इस प्रकार 1911 और 1912 ई. में उनकी गतिविधियों का मुख्य केन्द्र बेडसा था।
✍️ सही उत्तर है – बेडसा
निम्नलिखित में से किसने 1919 के अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन में बिजौलिया किसान आन्दोलन सम्बन्धी प्रस्ताव रखा था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 1919 के अमृतसर कांग्रेस अधिवेशन में बिजौलिया किसान आन्दोलन से सम्बन्धित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था।
👉 यह प्रस्ताव लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा रखा गया था।
👉 तिलक ने बिजौलिया आंदोलन को राष्ट्रीय किसान संघर्ष का महत्वपूर्ण भाग मानते हुए कांग्रेस मंच पर उठाया था।
✍️ सही उत्तर है – लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
निम्नलिखित में से कौन-सा आंदोलन/संगठन भीलों के उत्कर्ष से सम्बन्धित नहीं है ?
[ACF परीक्षा 2011]
👉 राजस्थान में भीलों के उत्थान हेतु कई आन्दोलन और संगठन बने।
👉 इनमें प्रमुख थे – भगत आन्दोलन, एकी आन्दोलन और सम्प सभा।
👉 इन सबका सम्बन्ध सीधे भीलों के सामाजिक उत्थान से था।
👉 जबकि राजस्थान सेवा संघ का गठन व्यापक राजनीतिक कार्यों हेतु हुआ।
👉 इसलिए इसका सीधा सम्बन्ध भीलों के उत्कर्ष से नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान सेवा संघ
मेवाड़ राज्य के भील किसे अवतारी पुरुष मानते थे ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 मेवाड़ राज्य में भीलों ने अत्याचारों और अन्यायपूर्ण करों के विरुद्ध आन्दोलन किया।
👉 इस आन्दोलन का नेतृत्व आदिवासी समाज के मसीहा मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 तेजावत ने भीलों के लिए 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 उन्होंने आदिवासियों को कर न देने और बेगार प्रथा के विरोध के लिए प्रेरित किया।
👉 इसलिए मेवाड़ के भील उन्हें अवतारी पुरुष मानते थे।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
'एकी' आंदोलन प्रारंभ किया :
[सहायक कृषि अधिकारी 2011]
👉 भीलों ने अपने ऊपर थोपे गए अत्यधिक करों और बेगार प्रथा का विरोध किया।
👉 इस संघर्ष को एकी आन्दोलन के नाम से जाना गया।
👉 इसका प्रारम्भ आदिवासी नेता मोतीलाल तेजावत ने किया।
👉 उन्होंने भीलों को संगठित कर 21 सूत्रीय माँग पत्र 'मेवाड़ पुकार' प्रस्तुत किया।
👉 इस आन्दोलन से भीलों में नई जागरूकता और संगठन शक्ति आई।
✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत
निम्नलिखित में से कौन से 1818 में उदयपुर राज्य के भील विद्रोह के कारण थे ?
A.
अंग्रेजों
की भील दमन नीति
B.
अंग्रेजों
द्वारा भीलों
से जबरन कर वसूली
करना।
C.
अंग्रेजों
द्वारा भीलों
से रखवाली और
बोलाई कर वसूली
पर रोक लगाना।
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
1818 में
भील विद्रोह
का कारण दमन
नीति
थी।
👉
अंग्रेजों
ने भीलों से
जबरन कर
वसूली
की।
👉
साथ
ही रखवाली-बोलाई
कर पर
रोक लगाई।
👉
इसलिए
A,
B, C सभी
कारण सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – यह सभी A, B, C
जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए गोविन्द गिरीने संस्था की स्थापना की उसका नाम था :
[कृषि अधिकारी 2011]
👉 जनजाति वर्ग के उत्थान और जागरूकता के लिए गोविन्द गिरी ने कार्य किया।
👉 इस संस्था का नाम सम्प सभा (प्रेम सभा) रखा गया।
👉 सभा ने आदिवासियों को धार्मिक शिक्षा और सामाजिक सुधार का संदेश दिया।
👉 इसके माध्यम से भीलों में एकता और संगठन की भावना फैली।
✍️ सही उत्तर है – सम्प सभा