झुंझुनूं के संस्थापक थे -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)
👉 झुंझुनूं शहर की स्थापना 15वीं शताब्दी में हुई।
👉 इसे 1444 ई. में बसाया गया।
👉 इसके संस्थापक नवाब मोहम्मद ख़ाँ कायमखानी थे।
👉 बाद में यह क्षेत्र कायमखानी शासकों का प्रमुख केंद्र बना।
✍️ सही उत्तर है – मुहम्मद खां
कान्हड़ -दे-प्रबन्ध के अनुसार, विश्वासघाती दहिया सेजवाल बिक्रम का वध किसके द्वारा किया गया था ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]
👉 कान्हड़-दे-प्रबन्ध में दहिया सेजवाल बिक्रम का उल्लेख मिलता है।
👉 उसे विश्वासघाती माना गया।
👉 उसका वध हिरादे द्वारा किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – हिरादे
गागरोण किले का पहला साका किस शासक के शासनकाल में हुआ ?
[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]
👉 गागरोण किले पर अनेक आक्रमण हुए।
👉 यह घटना अचलदास के शासनकाल में घटित हुई।
✍️ सही उत्तर है – अचलदास
करौली के किस महाराजा को मुगल शासक अकबर ने 'देव बहादुर' की उपाधि से सम्मानित किया ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 करौली रियासत के एक शासक को अकबर ने विशेष सम्मान दिया।
👉 यह सम्मान उन्हें उनकी निष्ठा और योगदान के लिए प्रदान किया गया।
👉 अकबर ने करौली के शासक महाराजा गोपाल दास को ‘देव बहादुर’ की उपाधि दी।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा गोपाल दास
अलाउद्दीन खल्जी की निम्नलिखित राजपूत राज्यों की विजय का सही कालानुक्रम क्या है ?
(i) चित्तौड़ विजय
(ii) रणथम्भौर विजय
(iii) जालौर विजय
(iv) सिवाना विजय [*]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट' या अमान्य घोषित किया गया है।
निम्नलिखित में से राजपूताना के किस क्षेत्र पर वरीक वंश ने शासन किया था ?
[RAS Pre. 31.10.2015]
👉 वरीक वंश ने राजपूताना के बयाना क्षेत्र पर शासन किया।
👉 बयाना को उस समय भदानाका या भड़ाना भी कहा जाता था।
👉 यह स्थान कभी गुर्जर साम्राज्य की राजधानी भी रहा था।
✍️ सही उत्तर है – बयाना
मेड़ता के पास हुए युद्ध में अलाउद्दीन खिलजी के किस सेनानायक एवं उसकी पत्नी को कान्हड़ देव की सेना ने बंदी बना लिया था ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 मेड़ता के पास अलाउद्दीन खिलजी की सेना और कान्हड़ देव की सेना में युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में कान्हड़ देव की सेना ने खिलजी के एक सेनानायक को बंदी बनाया।
👉 वह सेनानायक था शम्स खाँ और उसकी पत्नी भी साथ में बंदी बनाई गई।
✍️ सही उत्तर है – शम्स खाँ
मालदेव ने जालौर पर आक्रमण कर निम्नलिखित में से किस शासक को बंधी बनाया था ?
[Asst. Testing Officer 08.07.2025]
👉 मारवाड़ के शासक मालदेव राठौड़ ने जालौर पर आक्रमण किया।
👉 मालदेव ने जालौर के शासक सिकन्दर खान को बंदी बना लिया।
✍️ सही उत्तर है – सिकन्दर खान
राजस्थान में मराठा गतिविधियों के विरुद्ध निम्न में से किस शासक ने सर्वप्रथम अंग्रेजों से सहायता मांगी थी ?
[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]
👉 राजस्थान में मराठों की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही थीं।
👉 इन्हें रोकने के लिए कुछ शासकों ने अंग्रेजों से संपर्क किया।
👉 सबसे पहले सहायता माँगने वाले शासक जोधपुर के विजय सिंह थे।
✍️ सही उत्तर है – जोधपुर शासक विजय सिंह
प्रथम विश्वयुद्ध के काल में राजपूताना के राजाओं से सहयोग प्राप्त करने हेतु अंग्रेजों ने 'साम्राज्यिक युद्ध सम्मेलन' का सदस्य निम्न में से किस महाराज को मनोनीत किया था ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
प्रथम
विश्वयुद्ध
में अंग्रेजों
ने राजपूताना
सहयोग
प्राप्त किया।
👉
इसके
लिए साम्राज्यिक
युद्ध सम्मेलन
में सदस्य बनाया
गया।
👉
इस
पद पर महाराजा
गंगासिंह
को मनोनीत किया
गया।
👉
इसलिए
वही इस सम्मेलन
के प्रतिनिधि
थे।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा गंगासिंह
किस भारतीय नरेश ने सर्वप्रथम मोहम्मद गौरी को पराजित किया ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 07.08.2020]
👉 सबसे पहले आक्रमणकारी मोहम्मद गौरी को पराजय झेलनी पड़ी।
👉 गुजरात के चालुक्यवंशी शासक मूलराज द्वितीय ने उसे हराया।
👉 यह उसकी भारत में प्रारंभिक पराजयों में से एक थी।
✍️ सही उत्तर है – मूलराज-II
1298 ई. में जालौर के निकट कान्हड़देव ने किन सेनानायकों के अधीन खिलजी सेना को बुरी तरह परास्त किया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 1298 ई. में जालौर के निकट कान्हड़देव ने खिलजी सेना का साहसपूर्वक सामना किया था।
👉 इस युद्ध में उन्होंने मुगल–खिलजी पक्ष के सेनानायक उलुग खाँ और नुसरत खाँ को भीषण पराजय दी।
👉 कान्हड़देव की इस विजय ने जालौर की सैन्य प्रतिष्ठा और उनकी वीरता को और अधिक प्रसिद्ध किया।
✍️ सही उत्तर है – उलुग खाँ एवं नुसरत खाँ
कान्हड़देव का मुख्यमन्त्री कौन था ?
[स्कूल व्याख्याता (पेपर -I) 17.11.2024]
👉 जालौर के शासक कान्हड़देव के दरबार में एक मुख्य मंत्री था।
👉 उनका नाम जैता देवड़ा था।
✍️ सही उत्तर है – जैता देवड़ा
राय सिंह के संदर्भ में निम्नांकित कथनों को पढ़िए एवं नीचे दिए विकल्पों में सही चुनिए
(a) रायसिंह को मुगल दरबार में 5000 की मनसब प्राप्त थी ।
(b) रायसिंह ने शहज़ादे सलीम के 1603 ई. के मेवाड़ अभियान में भाग लिया था ।
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 18.10.2022]
👉 रायसिंह बीकानेर के शासक थे जिन्हें मुगल दरबार में 5000 की मनसब प्राप्त थी।
👉 उन्होंने 1603 ई. में शहजादे सलीम के मेवाड़ अभियान में भाग लिया।
👉 दोनों ही कथन ऐतिहासिक रूप से सही हैं।
✍️ सही उत्तर है – दोनों (a) एवं (b) सत्य हैं
अलाउद्दीन खिलजी की निम्नांकित विजयों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये :
(A) रणथम्भोर (B) जालौर
(C) चित्तौड़ (D) सिवाना
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 2013]
👉 1301 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर विजय प्राप्त की।
👉 इसके बाद 1303 ई. में उसने चित्तौड़ को जीता।
👉 फिर 1308 ई. में उसने सिवाना पर अधिकार किया।
👉 अंततः 1311 ई. में उसने जालौर पर कब्ज़ा किया।
✍️ सही उत्तर है – (A), (C), (D), (B)
अनर्मल विवाह और बाल विवाह निषेध अधिनियम सर्वप्रथम किस रियासत ने बनाया ?
[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]
👉 अनमेल विवाह और बाल विवाह निषेध अधिनियम बनाने का श्रेय राजस्थान की एक रियासत को है।
👉 यह कदम सबसे पहले अलवर रियासत ने उठाया।
👉 इससे सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत हुई।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
अलाउद्दीन खलजी की राजपूत राज्यों पर विजय के सही तिथिक्रम का चयन करें -
[ACF परीक्षा 2011]
👉 1301 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने रणथम्भौर पर विजय प्राप्त की।
👉 इसके बाद 1303 ई. में उसने चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया।
👉 1308 ई. में सिवाना को अपने साम्राज्य में मिला लिया।
👉 अंत में 1311 ई. में उसकी सेना ने जालौर पर कब्ज़ा किया।
✍️ सही उत्तर है – रणथम्भौर, चितौड़, सिवाना, जालौर
उस जयपुर के शासक का नाम बताएं जिसने सूरजमल 'जाट का नाम 'राजा' के खिताब देने के लिए मुगल बादशाह से सिफारिश की थी।
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 जयपुर के शासक ईश्वरी सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 उन्होंने मुगल बादशाह से सिफारिश की।
👉 इसी सिफारिश पर सूरजमल जाट को ‘राजा’ की उपाधि मिली।
✍️ सही उत्तर है – ईश्वरी सिंह
निम्न में से किस राज्य के शासक राणा पृथ्वी सिंह को तांत्या टोपे ने गिरफ्तार किया था ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 1857 के विद्रोह के समय तांत्या टोपे ने राजस्थान में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 उन्होंने झालावाड़ के शासक राणा पृथ्वी सिंह को युद्ध में पराजित किया।
👉 यह संघर्ष रेलायता के युद्ध में हुआ।
👉 इसमें तांत्या टोपे की रणनीतिक कुशलता स्पष्ट दिखाई दी।
✍️ सही उत्तर है – झालावाड़
जालोर को विजित करके अलाउद्दीन ने जालोर का नाम रखा :
[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]
👉 1311 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर पर विजय प्राप्त की।
👉 विजय के बाद उसने इसका नाम बदलकर जलालाबाद रखा।
👉 जालौर का किला रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था।
👉 नया नाम खिलजी की विजय का प्रतीक बना।
✍️ सही उत्तर है – जलालाबाद
जैसलमेर की स्थापना से पूर्व भाटी राजवंश की राजधानी थी :
[Sub Inspector Exam 06.04.2026]
🔹 व्याख्या
👉 जैसलमेर नगर की स्थापना से पूर्व भाटी शासकों की मुख्य राजधानी लोद्रवा (लुद्रवा) हुआ करती थी।
👉 लोद्रवा में पवारों का शासन था, जिसे भाटी शासक देवराज ने जीतकर अपनी राजधानी बनाया।
👉 सन् 1156 में महारावल जैसल ने सुरक्षा की दृष्टि से राजधानी को लोद्रवा से जैसलमेर स्थानांतरित किया।
✍️ सही उत्तर है – लुद्रवा / लोद्रवा
भरतपुर के किस जाट महाराजा ने जसवंत राव होल्कर को डीग में शरण देकर ब्रिटिश सेना से उसकी रक्षा की ?
[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
भरतपुर
के जाट
महाराजा
ने होल्कर को
शरण
दी।
👉
उन्होंने
डीग किला
में उसकी सुरक्षा
सुनिश्चित
की।
👉
यह
कार्य रणजीत
सिंह
द्वारा किया
गया।
👉
इसलिए
वही सही शासक
माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – रणजीत सिंह
'रोम - नोट' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
(A) यह 1919 ई. में महाराजा गंगा सिंह द्वारा भारतीय समस्याओं पर लिखित आलेख था ।
(B) इसमें महाराजा ने भारत को 'स्वराज्य' प्रदान करने हेतु नरेशों की एक परिषद के निर्माण का सुझाव दिया।
(C) 'रोम - नोट' महाराजा द्वारा इंग्लैण्ड से भारत लौटते समय रोम से 'भारत सचिव को भेजा गया था।
उपर्युक्त में से कौनसा/से कथन सत्य है/हैं ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 ‘रोम-नोट’ 1919 ई. में महाराजा गंगा सिंह से संबंधित है।
👉 इसमें उन्होंने भारत को ‘स्वराज्य’ देने हेतु नरेशों की एक परिषद बनाने का सुझाव दिया।
👉 यह नोट इंग्लैण्ड से लौटते समय रोम से भारत सचिव को भेजा गया था।
👉 परंतु यह आलेख नहीं था।
✍️ सही उत्तर है – केवल B और C
हिंदू राजा हेमचन्द्र विक्रमादित्य का संबंध राजस्थान के किस जिले से है ?
[प्रोग्रामर परीक्षा 27.10.2024]
👉 हेमचन्द्र विक्रमादित्य (हेमू) एक प्रसिद्ध हिंदू राजा थे।
👉 उनका जन्म अलवर ज़िले के माछरी गाँव में हुआ था।
👉 इस कारण उनका संबंध अलवर जिले से माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अलवर
अकबर द्वारा राजपूत राजाओं का ऐतिहासिक दरबार का आयोजन नागौर में किस वर्ष किया गया -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 मुगल सम्राट अकबर ने राजपूतों से संबंध मजबूत करने के लिए दरबार बुलाया।
👉 यह ऐतिहासिक दरबार नागौर में आयोजित हुआ।
👉 इसका आयोजन वर्ष 1570 ई. में किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 1570 ई.
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये और नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए
|
सूची-I (शासक) |
सूची-I (वंश) |
|
(अ) बाउक |
(i) प्रतिहार |
|
(ब) राव सीहा |
(ii) राठौड़ |
|
(स) बप्पा |
(iii) गुहिल |
|
(द) वासुदेव |
(iv) चौहान |
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
कूट -
👉 (अ) बाउक – प्रतिहार
👉 (ब) राव सीहा – राठौड़
👉 (स) बप्पा – गुहिल
👉 (द) वासुदेव – चौहान
✍️ सही उत्तर है – (अ)- (i), (ब)- (ii), (स)- (iii), (द)- (iv)
आबू के परमार वंश का संस्थापक कौन था ?
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 आबू के परमार वंश की स्थापना का श्रेय धूमराज को दिया जाता है।
👉 लेकिन इस वंश की वास्तविक वंशावली उत्पलराज से प्रारंभ होती है।
👉 धूमराज को इस वंश का प्रमुख संस्थापक शासक माना गया।
✍️ सही उत्तर है – धूमराज
राजवंश, जो अलाउद्दीन के आक्रमण के समय देवगिरी पर शासन कर रहा था, वह है -
[Head Master 11.10.2021]
👉 अलाउद्दीन खिलजी ने दक्षिण भारत पर आक्रमण किया।
👉 उस समय देवगिरी पर शासन हो रहा था।
👉 वहाँ का शासक वंश था यादव वंश।
✍️ सही उत्तर है – यादव वंश
संस्कृत लेखों में राजस्थान के किस वंश का नाम चाप, चपोतकं या चाबोटक लिखा मिलता है ?
[Research Scholar 04.08.2024]
👉 संस्कृत लेखों में चावड़ा वंश का उल्लेख अलग-अलग नामों से हुआ है।
👉 इन्हें चाप, चपोतकं या चाबोटक कहा गया।
👉 यह नाम संस्कृत शब्द ‘चापोतकट’ से निकला है।
✍️ सही उत्तर है – चावड़ा वंश
'रूठी रानी' के नाम से कौन प्रसिद्ध है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 इतिहास में एक रानी ‘रूठी रानी’ के नाम से प्रसिद्ध है।
👉 यह उपाधि उमादे को दी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – उमादे
किस दिल्ली शासक के विरुद्ध संघर्ष के दौरान जैसलमेर के भाटी वंश की स्त्रियों ने जौहर किया ? [*]
[AEN 16 दिसम्बर 2018]
📌 महत्वपूर्ण सूचना: इस प्रश्न को बोर्ड द्वारा 'डिलीट'घोषित किया गया है।
जैसलमेर के इतिहास के संदर्भ में निम्न में से कौनसा/से कथन सही है/है?
A. मूलराज पर अलाऊद्दीन खिलजी के आक्रमण के परिणामस्वरूप प्रथम साका हुआ।
B. रावल डूडा पर फिरोज़शाह तुगलक के आक्रमण के परिणामस्वरूप द्वितीय साका हुआ।
C. रावल त्रिलोकसी पर अमीर अली के आक्रमण के परिणामस्वरूप तृतीय अर्द्ध साका हुआ।
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 मूलराज पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के परिणामस्वरूप चित्तौड़ में प्रथम साका हुआ।
👉 रावल डूडा पर फिरोज़शाह तुगलक के आक्रमण के कारण द्वितीय साका हुआ।
👉 दोनों घटनाएँ ऐतिहासिक रूप से सत्य हैं।
✍️ सही उत्तर है – A और B दोनों सही हैं
किस परमार वंशीय शासक के शासनकाल के दौरान चालुक्य शासक भीम-प्रथम द्वारा चन्द्रावती पर आक्रमण किया गया ?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 चालुक्य शासक भीम प्रथम ने चन्द्रावती पर आक्रमण किया।
👉 यह घटना परमार शासक धंधुका के शासनकाल में हुई।
👉 धंधुका अर्बुदा (आबू) का परमार शासक था और उसने भीम प्रथम के विरुद्ध विद्रोह किया।
👉 भीम ने उसे पराजित कर विमल को आबू का नया दंडपति नियुक्त किया।
✍️ सही उत्तर है – धंधुका
आबू के परमारों की प्राचीन राजधानी थी ________
[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 2011]
👉 आबू के परमारों की प्राचीन राजधानी चन्द्रावती थी।
👉 यह अर्बुदा पर्वत (माउंट आबू) की तलहटी में स्थित एक समृद्ध नगरी थी।
👉 10वीं से 13वीं शताब्दी तक यह क्षेत्र परमारों के अधीन रहा।
👉 इसमें वर्तमान दक्षिणी राजस्थान और उत्तरी गुजरात के कुछ भाग सम्मिलित थे।
✍️ सही उत्तर है – चन्द्रावती
दहिया राजपूत बीका का विश्वासघात निम्न में से किस शासक की पराजय का कारण बना ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 दहिया राजपूत बीका ने विश्वासघात किया।
👉 इस विश्वासघात के कारण एक शासक को पराजय मिली।
👉 यह शासक था कान्हड़ देव।
✍️ सही उत्तर है – कान्हड़ देव
निम्न में से कौन गंगवाना की लड़ाई में कच्छावा सेना का हिस्सा था?
[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]
👉 गंगवाना की लड़ाई में कच्छावा सेना सम्मिलित थी।
👉 इसमें प्रमुख रूप से सूरजमल शामिल थे।
✍️ सही उत्तर है – सूरजमल
निम्नांकित स्मारकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये :
(A) मोती मस्जिद
(B) किला-ए-कुहना
(C) अढ़ाई दिन का झोंपड़ा
(D) मोइनुद्दीन चिश्ती का मकबरा
विकल्प :
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 2013]
👉 मोइनुद्दीन चिश्ती का मकबरा – निर्माण काल लगभग 1230–1236 ई.
👉 अढ़ाई दिन का झोंपड़ा – 1190 के दशक में कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा मोहम्मद गौरी के आदेश पर।
👉 किला-ए-कुहना – 1541 ई. में शेरशाह सूरी द्वारा दिल्ली में निर्मित।
👉 मोती मस्जिद – 1648 ई. में शाहजहाँ द्वारा बनवाई गई।
✍️ सही उत्तर है – (C), (D), (B) व (A)
किस राजपूत राजा ने हरिनाथ, सुन्दरदास एवं जगन्नाथ जैसे विद्वानों को संरक्षण प्रदान किया था -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)
👉 आमेर के महाराजा मानसिंह कला और साहित्य के संरक्षक थे।
👉 उन्होंने कई विद्वानों को अपने दरबार में स्थान दिया।
👉 इनमें हरिनाथ, सुन्दरदास और जगन्नाथ प्रमुख थे।
👉 विशेष रूप से हरिनाथ को उन्होंने अपने संरक्षण में रखा।
✍️ सही उत्तर है – आमेर के महाराजा मानसिंह
बूंदी राज्य के उत्तराधिकार संघर्ष में मराठों द्वारा किस दावेदार का पक्ष लिया गया ?
[अनुसंधान अधिकारी पुरा. 04.08.2024]
👉 बूंदी राज्य में उत्तराधिकार को लेकर संघर्ष हुआ।
👉 इस संघर्ष में विभिन्न शक्तियों ने अपने-अपने दावेदारों का समर्थन किया।
👉 मराठों ने इसमें बुद्ध सिंह का पक्ष लिया।
✍️ सही उत्तर है – बुद्ध सिंह
7 जुलाई, 1805 ई. को कर्नल लेक के भरतपुर के किले पर आक्रमण के समय वहाँ का शासक कौन था ?
[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]
👉 7 जुलाई 1805 ई. को कर्नल लेक ने भरतपुर के किले पर आक्रमण किया।
👉 उस समय भरतपुर के शासक महाराजा रणजीत सिंह थे।
👉 रणजीत सिंह का भरतपुर के राजाओं में विशेष स्थान है।
👉 उन्होंने किले की मजबूती और रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✍️ सही उत्तर है – रणजीत सिंह
निम्नांकित में से कन्यावध के विरुद्ध कानून बनाने वाला पहला राज्य था :
[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]
👉 राजस्थान की रियासतों में समय-समय पर सामाजिक सुधारों के लिए कानून बनाए गए।
👉 कन्यावध प्रथा को रोकने हेतु सबसे पहले कदम उठाया गया।
👉 इस प्रथा के विरुद्ध कानून बनाने वाला पहला राज्य कोटा था।
✍️ सही उत्तर है – कोटा
'त्रिपक्षीय संघर्ष' जो कि लगभग 100 वर्षों तक चला, उसमें अन्ततोगत्वा किसे सफलता मिली ?
[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 20.07.2016]
👉 कन्नौज को लेकर एक लंबा त्रिपक्षीय संघर्ष चला।
👉 इसमें गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट राजवंश शामिल थे।
👉 अंततः गुर्जर-प्रतिहारों को सफलता मिली।
👉 उन्होंने कन्नौज पर अधिकार कर इसे अपनी राजधानी बनाया।
✍️ सही उत्तर है – प्रतिहार