निम्नलिखित में से मेवाड़ के प्रजामण्डल आन्दोलन के विषय में कौनसा कथन असत्य है ?  

[Technical Assistant 07.07.2025]

  • महाराणा ने भारत की स्वतन्त्रता प्राप्ति तक प्रजामण्डल की गतिविधियों को प्रतिबंधित रखा।

  • कांग्रेस के हरिपुरा सत्र के बाद मेवाड़ में 1938 को प्रजामण्डल की स्थापना की गई। 

  • माणिक्य लाल वर्मा ने 'मेवाड़ का वर्तमान शासन' नामक पुस्तिका प्रकाशित कर शासन की कटु आलोचना की। 

  • उत्तरदायी शासन की मांग करने पर महाराणा ने मेवाड़ प्रजामण्डल को गैर कानूनी संस्था घोषित कर दिया। 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को हुई थी।
👉 प्रारम्भ में सरकार ने इसे अवैध घोषित कर माणिक्यलाल वर्मा को राज्य से बाहर कर दिया।
👉 लेकिन बाद में पाबंदी हटाई गई और 22 फरवरी, 1941 ई. को प्रजामण्डल को पुनः मान्यता दी गई।
👉 महाराणा ने भारत की स्वतंत्रता तक इसकी गतिविधियों पर लगातार प्रतिबंध नहीं रखा।
👉 इसलिए यह कथन असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा ने भारत की स्वतन्त्रता प्राप्ति तक प्रजामण्डल की गतिविधियों को प्रतिबंधित रखा। 

कन्हैयालाल मित्तल, मांगी लाल भव्य एवं मकबूल आलम किस राज्य प्रजा मण्डल से सम्बद्ध थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • कोटा राज्य प्रजा मण्डल  

  • सिरोही राज्य प्रजा मण्डल  

  • झालावाड़ राज्य प्रजा मण्डल  

  • अलवर राज्य प्रजा मण्डल

🔹 व्याख्या

👉 25 नवम्बर, 1946 ई. को झालावाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मांगीलाल भव्य बने।
👉 इसमें कन्हैयालाल मित्तल और मकबूल आलम भी प्रमुख कार्यकर्ता थे।
👉 प्रजामण्डल ने राज्य में उत्तरदायी शासन की माँग को बल दिया।
👉 शासक हरिश्चन्द्र ने बाद में संवैधानिक योजना प्रस्तुत की।

✍️ सही उत्तर है – झालावाड़ राज्य प्रजामण्डल 

निम्नलिखित प्रजामंडल को उनके सही कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए 

I. मेवाड़ प्रजामण्डल 

II. भरतपुर प्रजा परिषद 

III. बीकानेर प्रजामण्डल 

IV. करौली प्रजामंण्डल  

[Research Scholar 04.08.2024]

कूट -

  • IV, I, III, II 

  • III, I, IV, II 

  • III, IV, I, II 

  • I, III, II, IV 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना सबसे पहले 1936 ई. में हुई।
👉 इसके बाद मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 तत्पश्चात् करौली प्रजामण्डल की स्थापना भी 1938 ई. में त्रिलोकचन्द माथुर के नेतृत्व में हुई।
👉 अंत में भरतपुर प्रजामण्डल का पंजीकरण होकर इसका नाम भरतपुर प्रजा परिषद् 1940 ई. में रखा गया।
👉 इस प्रकार सही कालक्रम है – III → I → IV → II।

✍️ सही उत्तर है – III, I, IV, II 

जयपुर प्रजामण्डल के प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे ?  

[सहायक सांख्यिकी अधि. 25.08.2024]

  • चिरंजी लाल मिश्रा 

  • कर्पूर चन्द पाटनी 

  • जमनालाल बजाज 

  • हीरालाल शास्त्री 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर प्रजामण्डल का प्रथम अधिवेशन 8–9 मई, 1938 ई. को हुआ।
👉 यह अधिवेशन चथमल का कटला (जयपुर) में आयोजित किया गया।
👉 इसमें प्रमुख राष्ट्रीय नेता और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे।
👉 इस अधिवेशन की अध्यक्षता सेठ जमनालाल बजाज ने की।
👉 इसके बाद जयपुर प्रजामण्डल आंदोलन को नई दिशा और गति मिली।

✍️ सही उत्तर है – जमनालाल बजाज 

मेवाड़ प्रजामण्डल का अस्थायी कार्यालय कहाँ स्थापित किया गया था ? 

[कृषि अधिकारी 19.01.2021]

  • उदयपुर 

  • चित्तौड़गढ़ 

  • भीलवाड़ा  

  • अजमेर 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 कुछ समय बाद मेवाड़ सरकार ने इसे अवैध घोषित कर दिया।
👉 तब माणिक्यलाल वर्मा ने इसका अस्थायी कार्यालय अजमेर में स्थापित किया।
👉 अजमेर से ही संगठन की गतिविधियों को संचालित किया गया।
👉 वर्माजी ने यहीं रहते हुए ‘मेवाड़ का वर्तमान शासन’ नामक पुस्तक भी लिखी।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर 

स्कूलों में फीस वृद्धि के विरोध में हुए आंदोलन के समर्थन में अलवर प्रजामण्डल के किन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया ? 

(A) रघुनाथ सिंह मेहता 

(B) लक्ष्मण स्वरूप त्रिपाठी

(C) मघाराम वैद्य 

(D) हरि नारायण शर्मा 

सही कूट का चयन कीजिए  

[Asst. Testing Officer 08.07.2025]

  • (A) और (B) 

  • (C) और (D) 

  • (A), (B), (C) और (D)

  • (B) और (D) 

🔹 व्याख्या

👉 अलवर राज्य में प्रजामण्डल आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों और जनता ने स्कूलों में फीस वृद्धि का विरोध किया।
👉 इस आंदोलन को अलवर प्रजामण्डल ने सक्रिय समर्थन दिया।
👉 विरोध के कारण प्रजामण्डल के नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
👉 इनमें प्रमुख थे लक्ष्मण स्वरूप त्रिपाठी और हरिनारायण शर्मा। 

✍️ सही उत्तर है – (B) और (D) 

मेवाड़ प्रजामण्डल के प्रथम अधिवेशन का अध्यक्ष कौन था ?

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • मोहनलाल सुखाड़िया 

  • रमेशचन्द्र व्यास 

  • बलवन्तसिंह मेहता 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल का गठन 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुआ।
👉 गठन के समय अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बया, और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा थे।
👉 प्रतिबंध हटने के बाद 25–26 नवम्बर, 1941 ई. को उदयपुर की शाहपुरा हवेली में इसका प्रथम अधिवेशन हुआ।
👉 इस अधिवेशन की अध्यक्षता स्वयं माणिक्यलाल वर्मा ने की।
👉 उद्घाटन आचार्य जे.बी. कृपलानी और खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन विजयलक्ष्मी पंडित ने किया।

✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा

जयपुर प्रजामंडल के निम्नलिखित नेताओं में से कौनसा 'आजाद मोर्चा' का सदस्य नहीं था ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • हरीश चंद्र

  • रामकरण जोशी  

  • हीरालाल शास्त्री  

  • दौलतमल भंडारी

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर प्रजामण्डल के भीतर 1942 ई. में मतभेद उत्पन्न हुए।
👉 हीरालाल शास्त्री ने प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के साथ जेन्टलमेन एग्रीमेंट किया।
👉 इस समझौतावादी नीति के विरोध में बाबा हरिश्चन्द्र, रामकरण जोशी, हंसराज राय, दौलतराम भंडारी आदि नेताओं ने आजाद मोर्चा का गठन किया।
👉 जबकि हीरालाल शास्त्री स्वयं प्रजामण्डल के अध्यक्ष थे और आजाद मोर्चा से जुड़े नहीं थे।
👉 इसलिए सही उत्तर है – वे आजाद मोर्चा के सदस्य नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल शास्त्री 

1920 के दशक में राजनीतिक जागरण के उद्देश्य से किसने ब्यावर से 'राजस्थान' अखबार का प्रकाशन किया ? 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • ऋषि दत्त मेहता 

  • हरिभाऊ उपाध्याय 

  • राम नारायण चौधरी 

  • मुंशी समर्थदान 

🔹 व्याख्या

👉 1920 के दशक में राजस्थान में राजनीतिक जागरण की लहर उठी।
👉 इसी उद्देश्य से ब्यावर से एक अखबार प्रकाशित किया गया।
👉 इस अखबार का नाम था ‘राजस्थान’।
👉 इसके प्रकाशक और संचालक थे ऋषिदत्त मेहता।
👉 इसने जनता में राष्ट्रीय चेतना और आन्दोलन की भावना जगाई।

✍️ सही उत्तर है – ऋषिदत्त मेहता 

मेवाड़ प्रजा मण्डल की स्थापना किसने की थी ?

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • माणिकलाल वर्मा 

  • हीरालाल शास्त्री 

  • मघाराम वैद्य 

  • मीठालाल व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 इस संगठन की नींव प्रमुख नेता माणिक्यलाल वर्मा ने रखी।
👉 अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 इसका उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल आगे चलकर मेवाड़ में राजनीतिक आंदोलन का प्रमुख केन्द्र बना।

✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा 

पंडित नैनूराम शर्मा किस प्रजा मण्डल से संबंधित थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]

  • अलवर 

  • मारवाड़ 

  • मारवाड़ 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या

👉 पं. नयनूराम शर्मा कोटा राज्य में जनजागरण के प्रथम नेता थे।
👉 उन्होंने 1918 ई. में प्रजा प्रतिनिधि सभा की स्थापना की।
👉 बाद में 14 अक्टूबर, 1934 ई. को उनके नेतृत्व में हाड़ौती प्रजामण्डल बना।
👉 यही संगठन आगे चलकर कोटा राज्य प्रजामण्डल के रूप में सक्रिय हुआ।
👉 उन्होंने उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

✍️ सही उत्तर है – कोटा 

कन्हैया लाल मित्तल, मांगीलाल बाव्या और मकबूल आलम निम्नलिखित किस प्रजा मण्डल आन्दोलन से सम्बद्ध थे ?

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • झालावाड़ राज्य प्रजा मण्डल 

  • करौली राज्य प्रजा मण्डल

  • बाँसवाड़ा राज्य प्रजा मण्डल 

  • बूंदी राज्य प्रजा परिषद्

🔹 व्याख्या

👉 झालावाड़ राज्य में राजनीतिक जागरण हेतु 25 नवम्बर, 1946 ई. को प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष माँगीलाल भाव्या (बाव्या) बने।
👉 इसमें कन्हैयालाल मित्तल, माँगीलाल बाव्या और मकबूल आलम प्रमुख कार्यकर्ता थे।
👉 प्रजामण्डल ने उत्तरदायी शासन की माँग के लिए आंदोलन चलाया।
👉 इसके परिणामस्वरूप शासक हरिश्चन्द्र ने संवैधानिक योजना घोषित की।

✍️ सही उत्तर है – झालावाड़ प्रजामण्डल 

निम्नलिखित में से किसने 15 दिसम्बर 1945 को जोधपुर में जैसलमेर प्रजा मंडल की स्थापना की थी ? 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • सागरमल गोपा 

  • नारायणदास भार्ट

  • मीठालाल व्यास 

  • अचलेश्वर प्रसाद शर्मा

🔹 व्याख्या

👉 15 दिसम्बर, 1945 ई. को जोधपुर में एक नई राजनीतिक संस्था गठित हुई।
👉 यह संस्था थी जैसलमेर प्रजामण्डल।
👉 इसकी स्थापना प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी मीठालाल व्यास ने की।
👉 बाद में यह संगठन जैसलमेर जाकर उत्तरदायी शासन की माँग से जुड़ा।
👉 इस प्रकार मीठालाल व्यास ने जैसलमेर प्रजामण्डल के गठन में प्रमुख भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – मीठालाल व्यास 

उस नेता को पहचानिए जो जयपुर प्रजामण्डल में सक्रिय नहीं था -

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

  • प्रयागराज भण्डारी

  • देवीशंकर तिवारी 

  • दौलत मल भण्डारी

  • राम करण जोशी

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में हुई थी।
👉 इसमें सक्रिय नेता थे जमनालाल बजाज, हीरालाल शास्त्री, कपूरचन्द पाटनी आदि।
👉 प्रयागराज भण्डारी का सम्बन्ध मारवाड़ (जोधपुर) प्रजामण्डल से था।
👉 वे मारवाड़ सेवा संघ और बाद में मारवाड़ हितकारिणी सभा से जुड़े थे।
👉 इसलिए उनका नाम जयपुर प्रजामण्डल से संबद्ध नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – प्रयागराज भण्डारी 

निम्नांकित में से प्रजामंडलों का मुख्य उद्देश्य था : 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • शासकों की सत्ता समाप्त करना । 

  • ब्रिटिश राज का अन्त। 

  • सामाजिक कुरीतियाँ मिटाना । 

  • नागरिकों के अधिकारों के लिये संघर्ष । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में विभिन्न रियासतों में 1930 के दशक से प्रजामण्डलों का गठन हुआ।
👉 इन संगठनों का मुख्य उद्देश्य था जनता में राजनीतिक चेतना फैलाना।
👉 प्रजामण्डलों ने शासकों से उत्तरदायी शासन की माँग उठाई।
👉 इनका सबसे बड़ा ध्येय था नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और उनका संघर्ष।
👉 प्रजामण्डलों ने स्वतंत्रता आंदोलन में जनता को संगठित किया।

✍️ सही उत्तर है – नागरिकों के अधिकारों के लिये संघर्ष 

1936 में मेघाराम ने किस स्थान पर बीकानेर प्रजा मंडल की स्थापना की ?

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • बम्बई 

  • कलकत्ता 

  • अजमेर 

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या

👉 1936 ई. में बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके प्रमुख नेता मघाराम वैद्य, मुक्ताप्रसाद, रघुवर दयाल और सत्यनारायण सर्राफ थे।
👉 बाद में 1937 ई. में इसका एक प्रमुख केन्द्र कलकत्ता में बनाया गया।
👉 यहाँ लक्ष्मी देवी आचार्य को इसकी अध्यक्षा नियुक्त किया गया।
👉 कलकत्ता से ही बीकानेर की थोथी पोथी नामक पत्रिका का प्रकाशन भी हुआ।

✍️ सही उत्तर है – कलकत्ता 

'मदन खादी कुटीर' किस प्रजामंडल से संबंधित था?

[Lecturer (Ayurved) 12.01.2026]

  • भरतपुर

  • जयपुर

  • करौली

  • जैसलमेर

🔹 व्याख्या

👉 मदन खादी कुटीर की स्थापना करौली प्रजामंडल के दौरान की गई थी।

👉 इसकी स्थापना कुंवर मदन सिंह द्वारा खादी के प्रचार-प्रसार हेतु की गई।

👉 इन्होंने करौली में जन जागृति और समाज सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

👉 करौली प्रजामंडल की स्थापना त्रिलोकचंद माथुर ने 1938 में की थी।

✍️ सही उत्तर है – करौली

सिरोही राज्य प्रजामण्डल के सम्बन्ध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए व सही विकल्प चुनिए :

A. वर्ष 1934 में वर्धा में सिरोही राज्य प्रजामण्डल की नींव रखी गई थी।
B.
भीमाशंकर शर्मा ने 'सिरोही संदेश' नामक पाक्षिक अख़बार निकाला।

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • A व B दोनों असत्य हैं।

  • A व B दोनों सत्य हैं।

  • केवल A सत्य है।

  • केवल B सत्य है।

🔹 व्याख्या

👉 सिरोही प्रजामंडल की प्रथम स्थापना वर्ष 1934 में बम्बई (मुंबई) में हुई थी।

👉 वर्धा में इसकी नींव रखने का उल्लेख ऐतिहासिक तथ्यों में उपलब्ध नहीं है।

👉 भीमाशंकर शर्मा ने जन-जागरृति हेतु 'सिरोही संदेश' नामक पाक्षिक पत्र निकाला।

👉 गोकुल भाई भट्ट को सिरोही प्रजामंडल का मुख्य संस्थापक माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – केवल B सत्य है।

राजस्थान के निम्नलिखित प्रजामंडलों पर विचार कीजिए : 

(i) मारवाड़ 

(ii) मेवाड़ 

(iii) बाँसवाड़ा 

इनका स्थापना के अनुसार सही कालानुक्रम है : 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • (i), (iii), (ii) 

  • (i), (ii), (iii) 

  • (ii), (iii), (i) 

  • (iii), (ii), (i) 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना सर्वप्रथम 1934 ई. में हुई।
👉 इसके बाद मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 तत्पश्चात् बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना 1943 ई. में भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी आदि ने की।
👉 इस प्रकार तीनों प्रजामण्डलों का क्रम है – मारवाड़ → मेवाड़ → बाँसवाड़ा।
👉 अतः सही कालानुक्रम है – (i), (ii), (iii)।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii) 

जून 1941 में अलवर राज्य प्रजा मण्डल द्वारा आयोजित जागीर - माफी प्रजा सम्मेलन राजगढ़ का उद्घाटन किसने किया ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]

  • श्री सत्यदेव विद्यालंकार 

  • हरि नारायण शर्मा

  • मास्टर भोलानाथ 

  • काशीराम गुप्ता 

🔹 व्याख्या

👉 अलवर प्रजामण्डल ने जून 1941 ई. में राजगढ़ में जागीर-माफी प्रजा सम्मेलन आयोजित किया।
👉 सम्मेलन की अध्यक्षता गुरु बृजनारायण ने की।
👉 इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रसिद्ध नेता श्री सत्यदेव विद्यालंकार ने किया।
👉 इसमें किसानों के लिए जागीर माफी गांवों में भूमि रखने और गिरवी रखने का अधिकार माँगा गया।
👉 इस सम्मेलन ने अलवर में किसान आंदोलन को मजबूती दी।

✍️ सही उत्तर है – श्री सत्यदेव विद्यालंकार 

भरतपुर प्रजामण्डल के संदर्भ में निम्न में से क़ौनसे कथन सत्य हैं ? 

I. इसकी स्थापना किशन लाल जोशी के प्रयासों से हुई थी । 

II. 25 अक्टूबर, 1939 में राज्य सरकार के समझौते के उपरान्त, इसका नाम परिवर्तित करके प्रजा परिषद् कर दिया गया। 

III. प्रजा परिषद् द्वारा राज्य सरकार के साथ समझौते के विरोध में ठाकुर देशराज ने किसान परिषद् का गठन किया था।  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • I, II, III 

  • II, III 

  • I, II 

  • I, III 

🔹 व्याख्या

👉 भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना 4 मार्च, 1938 ई. में हुई, इसमें किशनलाल जोशी प्रमुख कार्यकर्ता थे।
👉 1940 ई. में राज्य सरकार के साथ हुए समझौते के बाद इसका नाम बदलकर भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् कर दिया गया।
👉 प्रश्न में दिया गया तीसरा कथन गलत है क्योंकि समझौते के विरोध में ठाकुर देशराज ने किसान सभा के साथ सक्रियता दिखाई, अलग परिषद् गठन का उल्लेख नहीं है।
👉 अतः केवल पहला और दूसरा कथन ही सत्य हैं।

✍️ सही उत्तर है – I, II 

निम्न में से किस भील नेता द्वारा बाँसवाड़ा राज्य प्रजामंडल आन्दोलन में भाग नहीं लिया गया ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • भीमा 

  • कुबला भगत

  • देवा 

  • दीपा 

🔹 व्याख्या

👉 बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना 1943 ई. में हुई।
👉 इसके आंदोलन में मणिशंकर नागर, भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी, धूलजी भाई, हरिदेव जोशी जैसे नेता जुड़े।
👉 इसमें कई भील नेताओं ने भी सक्रिय भाग लिया।
👉 लेकिन भीमा का नाम बाँसवाड़ा प्रजामण्डल आंदोलन से संबंधित नहीं है। 

✍️ सही उत्तर है – भीमा 

कथन (A)  : 1938 में विभिन्न राज्यों में प्रजामंडलों की स्थापना हुई । 

कारण (R) : 1938 में काँग्रेस ने राज्यों में चल रहे स्वतंत्रता आन्दोलनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की । 

[LDC (RPSC) 2011]

विकल्प : -

  • A व R दोनों सही है, और R, A की ठीक व्याख्या नहीं करता हैं। 

  • A व R दोनों सही है, और R, A की ठीक व्याख्या करता है। 

  • A गलत है और R सही है । 

  • A सही है और R गलत है । 

🔹 व्याख्या

👉 1938 ई. में राजस्थान सहित कई रियासतों में प्रजामण्डलों की स्थापना हुई।
👉 इसी वर्ष हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में रियासतों की जनता को स्वतंत्र संगठन बनाने का आह्वान किया गया।
👉 कांग्रेस ने पहली बार रियासती जनता के संघर्षों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
👉 इस निर्णय के बाद राज्यों में प्रजामण्डल आंदोलन तेजी से शुरू हुए।
👉 इसलिए A और R दोनों सही हैं तथा R, A की ठीक व्याख्या करता है।

✍️ सही उत्तर है – A व R दोनों सही है, और R, A की ठीक व्याख्या करता है। 

किसके नेतृत्व में प्रजामण्डल आन्दोलन के दौरान जोधपुर नगरपालिका के चुनाव प्रथम बार क्षेत्रीय एवं वयस्क मताधिकार के आधार पर सम्पन्न हुए ?

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • मोहनलाल सुखाड़िया

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • जयनारायण व्यास

  • भोगीलाल पण्ड्या

🔹 व्याख्या:

👉 प्रजामण्डल आन्दोलन के दौरान जोधपुर नगरपालिका के चुनाव पहली बार क्षेत्रीय और वयस्क मताधिकार के आधार पर नहीं कराए गए थे।
👉 1944 के नगरपालिका चुनावों में लोक परिषद को बहुमत प्राप्त हुआ था।
👉 बहुमत मिलने के बाद जयनारायण व्यास को नगरपालिका का अध्यक्ष चुना गया।
👉 इससे पहले 1941 में भी वे जोधपुर के पहले निर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष बने थे।

✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास 

निम्न में से कौन - सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल : भोगीलाल पण्ड्या 

  • बीकानेर राज्य प्रजापरिषद् : जयनारायण व्यास 

  • जैसलमेर राज्य प्रजामण्डल : मीठालाल व्यास 

  • झालावाड़ राज्य प्रजामण्डल : कन्हैयालाल मित्तल 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर राज्य प्रजा परिषद् की स्थापना 1942 ई. में वकील रघुवर दयाल गोयल ने की थी।
👉 इसके प्रारम्भिक सदस्य ख्याली सिंह, श्रीराम आचार्य, सत्यनारायण, छगनलाल आदि थे।
👉 जबकि जयनारायण व्यास का सम्बन्ध मारवाड़ (जोधपुर) प्रजामण्डल से था।
👉 इसलिए युग्म बीकानेर राज्य प्रजा परिषद् – जयनारायण व्यास सही सुमेलित नहीं है। 

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर राज्य प्रजा परिषद् : जयनारायण व्यास 

1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में निम्न में से किस प्रजामंडल ने भाग नहीं लिया था ?  

[अन्वेषण उत्खनन अधिकारी 19.06.2024]

  • मारवाड़ प्रजामंडल 

  • मेवाड़ प्रजामंडल 

  • जयपुर प्रजामंडल 

  • कोटा प्रजामंडल 

🔹 व्याख्या

👉 1942 ई. में भारत छोड़ो आंदोलन पूरे देश में चलाया गया।
👉 राजस्थान की अधिकांश रियासतों के प्रजामण्डलों ने इसमें सक्रिय भाग लिया।
👉 लेकिन जयपुर प्रजामण्डल ने इस आंदोलन में प्रत्यक्ष भाग नहीं लिया।
👉 इसका कारण था हीरालाल शास्त्री और प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के बीच हुआ जेन्टलमेन एग्रीमेंट।
👉 समझौते के अनुसार जयपुर प्रजामण्डल ने आंदोलन से दूरी बनाए रखी।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामण्डल 

राम प्यारी बेन, हेजा बेन एवं रुक्मणी बेन आदि महिलाओं ने 1939 ई. में किस रियासत के प्रजामण्डल आन्दोलन में भाग लिया था? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • सिरोही 

  • उदयपुर 

  • डूंगरपुर 

  • बांसवाड़ा 

🔹 व्याख्या:

👉 1939 ईस्वी में सिरोही प्रजामंडल आंदोलन में राम प्यारी बेन, हेजा बेन और रुक्मणी बेन जैसी महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
👉 यह आंदोलन सिरोही रियासत की प्रजा के अधिकारों की प्राप्ति और जन–जागृति से जुड़ा हुआ था।
👉 गोकुल भाई भट्ट ने सिरोही प्रजामंडल की स्थापना की और वे इस आंदोलन के मुख्य नेता थे।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही  

सुमेलित कीजिये प्रजामंडल संस्थापक

a. जयपुर   1. नयनूराम शर्मा

b. जोधपुर  2. माणिक्य लाल वर्मा

c. मेवाड़     3. जयनारायण व्यास

d. कोटा     4. कपूरचंद पाटनी  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • abcd  1243  

  • abcd  4321  

  • abcd  4231    

  • abcd  2413  

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में हुई, इसके प्रथम अध्यक्ष कपूरचन्द पाटनी थे।
👉 जोधपुर (मारवाड़) प्रजामण्डल की स्थापना 1934 ई. में हुई, इसके नेता जयनारायण व्यास रहे।
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में माणिक्यलाल वर्मा ने की।
👉 कोटा (हाड़ौती) प्रजामण्डल की स्थापना 1934 ई. में नयनूराम शर्मा ने की। 

✍️ सही उत्तर है – 4321 

बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना किस वर्ष हुई थी?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)

  • 1934 

  • 1931

  • 1933

  • 1936 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. को की गई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मघाराम वैद्य और मंत्री लक्ष्मणदास स्वामी बने।
👉 बाद में 1937 ई. में इसका एक केन्द्र कलकत्ता में भी स्थापित हुआ।
👉 कलकत्ता शाखा की अध्यक्षा लक्ष्मी देवी आचार्य थीं।
👉 इस संगठन ने बीकानेर में उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों के लिए आंदोलन चलाया।

✍️ सही उत्तर है – 1936 

प्रजामण्डल आन्दोलन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए 

(अ) भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी के अथक प्रयासों से बांसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना हुई। 

(ब) कृष्ण दत्त पालीवाल की अध्यक्षता में धौलपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई। 

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • (अ) और (ब) दोनों सत्य हैं 

  • केवल (ब) सत्य है 

  • (अ) और (ब) दोनों असत्य हैं 

  • केवल (अ) सत्य है 

🔹 व्याख्या

👉 बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना 1943 ई. में हुई थी।
👉 इसके गठन में भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी का प्रमुख योगदान रहा और वे इसके प्रमुख नेता बने।
👉 धौलपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1936 ई. में हुई।
👉 इसका प्रथम अध्यक्ष कृष्णदत्त पालीवाल को बनाया गया। 

✍️ सही उत्तर है – (अ) और (ब) दोनों सत्य हैं 

निम्नलिखित में से कौन सा सुमेलित नहीं है - 

[Supt. Garden 28.07.2021]

    प्रजामण्डल           नेता 

  • प्रतापगढ़ - रमेश चन्द्र ओझा 

  • करौली - त्रिलोक चन्द्र माथुर 

  • जैसलमेर - मीठालाल व्यास 

  • बाँसवाडा - भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी 

🔹 व्याख्या

👉 प्रतापगढ़ प्रजामण्डल की स्थापना 1945 ई. में अमृतलाल पायक और चुन्नीलाल प्रभाकर ने की।
👉 प्रतापगढ़ में जनजागरण का मुख्य कार्य भी अमृतलाल पायक ने किया था।
👉 रमेशचन्द्र ओझा का सम्बन्ध शाहपुरा प्रजामण्डल से था, न कि प्रतापगढ़ से।
👉 अतः युग्म प्रतापगढ़ – रमेशचन्द्र ओझा गलत है।
👉 सही सम्बन्ध है – शाहपुरा – रमेशचन्द्र ओझा।

✍️ सही उत्तर है – प्रतापगढ़ – रमेशचन्द्र ओझा 

मेवाड़ प्रजामंडल के प्रमुख नेता, जिन्हें भारत छोडो आन्दोलन के दौरान 21 अगस्त 1942 को गिरफ्तार किया गया, वे थे 

(A) माणिक्यलाल वर्मा 

(B) बलवन्त सिंह मेहता 

(C) चिरंजीलाल मिश्र 

(D) मोहनलाल सुखाड़िया 

[Head Master 02.09.2018]

  • A एवं D 

  • केवल C 

  • C एवं D 

  • A, B एवं D 

🔹 व्याख्या

👉 भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में मेवाड़ प्रजामण्डल ने सक्रिय भाग लिया।
👉 इस दौरान 21 अगस्त, 1942 ई. को मेवाड़ सरकार ने प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया।
👉 गिरफ्तार नेताओं में माणिक्यलाल वर्मा, बलवन्तसिंह मेहता और मोहनलाल सुखाड़िया शामिल थे।
👉 इन नेताओं के साथ कई महिला कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन में भाग लिया। 

✍️ सही उत्तर है – A, B एवं D 

मेवाड़ प्रजामण्डल के संस्थापक अध्यक्ष कौन थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]

  • प्रेम नारायण माथुर 

  • माणिक्य लाल वर्मा 

  • बलवन्त सिंह मेहता 

  • भूरेलाल बया 

🔹 व्याख्या:

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना के समय इसके प्रथम (संस्थापक) अध्यक्ष की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण थी।
👉 इस संगठन के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में बलवन्त सिंह मेहता ने नेतृत्व संभाला था।
👉 उन्होंने मेवाड़ में जनअधिकार, राजनीतिक चेतना और लोक आंदोलन को मजबूत आधार प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – बलवन्त सिंह मेहता 

अलवर राज्य प्रजा मण्डल का गठन किस वर्ष किया गया ?

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • 1932 ई. 

  • 1938 ई. 

  • 1928 ई. 

  • 1918 ई.

🔹 व्याख्या

👉 अलवर राज्य में राजनीतिक चेतना का कार्य पं. हरिनारायण शर्मा ने किया।
👉 उन्होंने अस्पृश्यता निवारण संघ, वाल्मीकि संघ जैसी संस्थाएँ बनाई।
👉 हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन (1938 ई.) के बाद अलवर में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसमें हरिनारायण शर्मा और कुंजबिहारी मोदी की प्रमुख भूमिका रही।
👉 इस संगठन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की स्थापना।

✍️ सही उत्तर है – 1938 ई. 

1939 ई. में किशनगढ़ राज्य में प्रजामण्डल की स्थापना किसके प्रयत्नों से हुई

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • विजय सिंह पथिक 

  • बलवन्त सिंह मेहता 

  • ज्वाला प्रसाद जिज्ञासु 

  • कान्तिचन्द्र चौथाणी 

🔹 व्याख्या

👉 1939 ई. में किशनगढ़ राज्य में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके गठन में प्रमुख भूमिका कान्तिचन्द्र चौथाणी की रही।
👉 वे प्रारम्भ से ही जनजागरण और सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे।
👉 इस प्रजामण्डल के अध्यक्ष जमालशाह और मंत्री महमूद बने।
👉 संगठन का उद्देश्य था जनता के अधिकारों और उत्तरदायी शासन की माँग उठाना।

✍️ सही उत्तर है – कान्तिचन्द्र चौथाणी 

बीकानेर प्रजामण्डल द्वारा "बीकानेर दमन विरोधी दिवस" कब मनाया गया था ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • 1 जनवरी, 1944 

  • 25 अक्टूबर, 1944 

  • 5 अप्रैल, 1944 

  • 23 फरवरी, 1943 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल राज्य की दमनकारी नीतियों के विरोध में सक्रिय रहा।
👉 इसके समर्थन में अन्य रियासतों में भी विरोध दिवस मनाए गए।
👉 25 अक्टूबर, 1944 ई. को जयपुर राज्य में बीकानेर दमन विरोधी दिवस मनाया गया।
👉 इस अवसर पर बीकानेर सरकार की दमनकारी कार्यवाहियों की आलोचना की गई।
👉 इस आंदोलन ने बीकानेर प्रजामण्डल को नई शक्ति और संगठन प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – 25 अक्टूबर, 1944 

निम्न में से कौनसा युग्म गलत है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 28.08.2022]

            प्रजामण्डल - आंदोलन नेता 

  • बूँदी  - चुन्नीलाल शर्मा 

  • प्रतापगढ़ - अमृतलाल पायक 

  • कोटा  - पं. नयनुराम शर्मा 

  • बांसवाड़ा - भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी 

🔹 व्याख्या

👉 बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष कान्तिलाल जैन बने।
👉 चुन्नीलाल शर्मा का सम्बन्ध बूँदी से नहीं, बल्कि अन्य गतिविधियों से रहा। 

✍️ सही उत्तर है – बूँदी – चुन्नीलाल शर्मा 

15 दिसम्बर, 1945 को मीठालाल व्यास द्वारा जैसलमेर प्रजामंडल की स्थापना की गई 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • बीकानेर में

  • जैसलमेर में 

  • कलकत्ता में 

  • जोधपुर में

🔹 व्याख्या

👉 15 दिसम्बर, 1945 ई. को मीठालाल व्यास ने जैसलमेर प्रजामण्डल की स्थापना की।
👉 यह स्थापना जोधपुर में की गई थी।
👉 बाद में मीठालाल व्यास व जयनारायण व्यास सहित कई कार्यकर्ता जैसलमेर पहुँचे।
👉 उन्होंने वहाँ आम सभा कर उत्तरदायी शासन की माँग रखी।
👉 इस प्रकार जैसलमेर प्रजामण्डल का गठन हुआ और आंदोलन प्रारम्भ हुआ।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

निम्न में से कौनसा युग्म (प्रजामण्डल – नेता) सुमेलित नहीं है ?

[Research Assistant 10.07.2025]

  • अलवर - भवानी शंकर शर्मा 

  • भरतपुर - गोपी लाल यादव 

  • बूंदी - हीरा लाल कोठारी 

  • कोटा – नयनूराम 

🔹 व्याख्या

👉 बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष कान्तिलाल जैन थे।
👉 बाद में इसके नेतृत्व में ऋषिदत्त मेहता, हरिमोहन माथुर और अन्य कार्यकर्ता सक्रिय रहे।
👉 जबकि हीरालाल कोठारी का सम्बन्ध मेवाड़ प्रजामण्डल से था, न कि बूँदी से। 

✍️ सही उत्तर है – बूँदी – हीरालाल कोठारी 

मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना वर्ष 1938 में की अध्यक्षता में _____ की गयी । 

  • माणिक्यलाल वर्मा 

  • भूरेलाल 

  • बलवंत सिंह मेहता 

  • अर्जुनलालसेठी

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 स्थापना का स्थान था साहित्य कुटीर (बलवंतसिंह मेहता का निवास)।
👉 इस संगठन के प्रथम अध्यक्ष बलवंतसिंह मेहता बने।
👉 उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा थे।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।

✍️ सही उत्तर है – बलवंतसिंह मेहता 

तनसुखलाल मित्तल किस प्रजामण्डल संगठन के नेता थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • बीकानेर राज्य प्रजामण्डल 

  • मेवाड़ राज्य प्रजामण्डल 

  • अलवर राज्य प्रजामण्डल 

  • कोटा राज्य प्रजामण्डल 

🔹 व्याख्या

👉 कोटा राज्य में 1934 ई. को हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसमें तनसुखलाल मित्तल को उपमंत्री बनाया गया।
👉 बाद में 1939 ई. में इसे कोटा राज्य प्रजामण्डल के रूप में पुनर्गठित किया गया।
👉 प्रजामण्डल का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की रक्षा।
👉 इस संगठन से पं. नयनूराम शर्मा और अभिन्न हरि जैसे नेता भी जुड़े रहे।

✍️ सही उत्तर है – कोटा राज्य प्रजामण्डल 

कोटा में वीर भारत समाज की स्थापना की - 

[RAS Pre. 31.10.2015]

  • प्यारेराम 

  • साधु सीताराम 

  • नयनुराम 

  • केसरी सिंह

🔹 व्याख्या

👉 कोटा राज्य में जनजागरण हेतु कई संगठन बने।
👉 इन्हीं में वीर भारत समाज की स्थापना हुई।
👉 इस समाज की स्थापना केसरीसिंह बारहठ ने की।
👉 इसका उद्देश्य था युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और त्याग भावना जगाना।
👉 इस संगठन ने कोटा में स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – केसरीसिंह

मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना कब हुई थी ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • 4 अक्टूबर 1938

  • 9 मई 1938

  • 24 अप्रैल 1938

  • 25 नवम्बर 1941

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को की गई।
👉 इसका गठन उदयपुर में साहित्य कुटीर (बलवन्तसिंह मेहता का निवास) पर हुआ।
👉 इसके अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग करना।
👉 यह संगठन मेवाड़ में राजनीतिक आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना।

✍️ सही उत्तर है – 24 अप्रैल, 1938 ई. 

1946 में मेवाड़ प्रजामंडल के किन दो सदस्यों को महाराणा की 'कार्यकारी परिषद का सदस्य नियुक्त किया था?

[Junior Chemist PHED 01.02.2026]

  • मोहन लाल सुखाड़िया - हीरा लाल कोठारी

  • माणिक्य लाल वर्मा - शोभालाल गुप्ता

  • डॉ. मोहन सिंह मेहता - जनार्दन राय मेहता

  • भवानी शंकर वैद्य - भूरेलाल बया

🔹 व्याख्या

👉 1946 में मेवाड़ प्रजामंडल के दबाव में नियुक्ति हुई।
👉
मोहनलाल सुखाड़िया व हीरालाल कोठारी सदस्य बने।
👉
यह उत्तरदायी शासन की दिशा में कदम था।
👉
बाद में सुखाड़िया ने सुधार कार्य किए।

✍️ सही उत्तर है – मोहन लाल सुखाड़िया - हीरा लाल कोठारी

निम्नलिखित में से शाहपुरा प्रजामण्डल के कौन सदस्य नहीं थे ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • रमेशचन्द ओझा 

  • गोकुल लाल असावा 

  • लक्ष्मीनारायण कटिया 

  • भोगीलाल पण्ड्या 

🔹 व्याख्या

👉 शाहपुरा प्रजामण्डल की स्थापना 18 अप्रैल, 1938 ई. को की गई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष अभयसिंह डांगी बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में लादूराम व्यास, रमेशचन्द्र ओझा और गोकुललाल असावा शामिल थे।
👉 भोगीलाल पाण्ड्या का सम्बन्ध डूंगरपुर प्रजामण्डल से था, न कि शाहपुरा से।
👉 अतः वे शाहपुरा प्रजामण्डल के सदस्य नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – भोगीलाल पण्ड्या 

भरतपुर प्रजामण्डल और सरकार के बीच समझौते के अनुसार "भरतपुर प्रजामण्डल" का नाम बदल कर क्या रखा गया ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • प्रजा परिषद 

  • जमींदार किसान सभा 

  • ब्रज भाषा समिति 

  • भरतपुर प्रजा परिषद 

🔹 व्याख्या

👉 4 मार्च, 1938 ई. को भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव तथा सचिव ठाकुर देशराज बने।
👉 1940 ई. में प्रजामण्डल और सरकार के बीच एक समझौता हुआ।
👉 इस समझौते के अनुसार संगठन का नाम बदलकर भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् रखा गया।
👉 परिषद् ने आगे चलकर उत्तरदायी शासन और जन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखा।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर प्रजा परिषद 

निम्नलिखित में से कौन करौली प्रजामण्डल आंदोलन से सम्बद्ध नहीं हैं ?

[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]

  • चिरंजीलाल शर्मा

  • मानसिंह

  • त्रिलोकचंद्र माथुर

  • स्वामी गोपालदास

🔹 व्याख्या

👉 करौली प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष त्रिलोकचन्द्र माथुर बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में चिरंजीलाल शर्मा और मदनसिंह शामिल थे।
👉 जबकि स्वामी गोपालदास का सम्बन्ध बीकानेर प्रजामण्डल से था, न कि करौली से।
👉 अतः वे करौली प्रजामण्डल आंदोलन से संबद्ध नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – स्वामी गोपालदास 

"भरतपुर प्रजामण्डल" का पंजीकरण करने के बाद उसका नाम बदलकर रखा गया - 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • भरतपुर प्रजा परिषद् 

  • ब्रज जया समिति 

  • जमींदार किसान सभा 

  • प्रजा परिषद् 

🔹 व्याख्या

👉 4 मार्च, 1938 ई. को भरतपुर प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव बने।
👉 1940 ई. में राज्य और प्रजामण्डल के बीच हुए समझौते के बाद इसका पंजीकरण हुआ।
👉 पंजीकरण के बाद संगठन का नाम बदलकर भरतपुर राज्य प्रजा परिषद् रखा गया।
👉 परिषद् ने आगे चलकर उत्तरदायी शासन की माँग को बल दिया।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर प्रजा परिषद् 

'आजाद मोर्चा' निम्नलिखित में से किस प्रजामंडल से संबंधित हैं ?  

सहायक आचार्य (POLITY) 11.09.2024

  • बूंदी प्रजामंडल 

  • जयपुर प्रजामंडल 

  • मेवाड़ प्रजामंडल 

  • कोटा प्रजामंडल 

🔹 व्याख्या

👉 भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.) के समय जयपुर प्रजामण्डल में मतभेद उत्पन्न हुए।
👉 अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री ने प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल से समझौता कर आंदोलन न चलाने का निर्णय लिया।
👉 इस नीति का विरोध करने वालों ने सितम्बर 1942 ई. में एक नया संगठन बनाया।
👉 इस संगठन का नाम रखा गया ‘आजाद मोर्चा’।
👉 इसमें बाबा हरिश्चन्द्र, रामकरण जोशी, दौलतराम भंडारी, गुलाबचन्द कासलीवाल जैसे नेता सक्रिय रहे।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर प्रजामण्डल 

मेवाड़ प्रजामण्डल के नेता जिन्हें सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया -

1. माणिक्यलाल वर्मा 

2. मोहन लाल सुखाड़िया 

3. बलवन्त सिंह मेहता 

4. भूरेलाल बया 

निम्नांकित दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिये -  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

कूट - 

  • 2 एवं 4 

  • 1 एवं 3 

  • 1 एवं 4 

  • 1, 2, 3 एवं 4 

🔹 व्याख्या

👉 सविनय अवज्ञा आंदोलन के समय मेवाड़ प्रजामण्डल के कई नेता सक्रिय रहे।
👉 इस दौरान माणिक्यलाल वर्मा को गिरफ्तार कर नजरबंद किया गया।
👉 इसी प्रकार भूरेलाल बया को भी गिरफ्तार किया गया।
👉 जबकि मोहनलाल सुखाड़िया और बलवन्तसिंह मेहता का नाम इस गिरफ्तारी में नहीं आता।
👉 अतः सही युग्म है – 1 और 4।

✍️ सही उत्तर है – 1 एवं 4 

कोटा राज्य प्रजामंडल के संस्थापक थे 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • मघाराम वैद्य

  • शिवशंकर गोपा

  • नयनुराम शर्मा

  • मीठालाल व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 कोटा राज्य में सबसे पहले राजनीतिक चेतना पं. नयनूराम शर्मा ने जगाई।
👉 उन्होंने 1934 ई. में हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना की।
👉 इसके आधार पर 1939 ई. में कोटा राज्य प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इस संगठन के प्रमुख नेता पं. नयनूराम शर्मा और पं. अभिन्न हरि थे।
👉 संगठन का उद्देश्य था उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की रक्षा करना।

✍️ सही उत्तर है – पं. नयनूराम शर्मा  

1942 के 'भारत छोड़ो आन्दोलन' में किस रियासत की प्रजामंडल ने भाग नहीं लिया था ? 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • मारवाड़ 

  • जयपुर 

  • मेवाड़ 

  • कोरा 

🔹 व्याख्या

👉 भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.) में राजस्थान के अधिकांश प्रजामण्डल सक्रिय हुए।
👉 मेवाड़, मारवाड़, भरतपुर, डूंगरपुर आदि रियासतों में आंदोलन तीव्र रहा।
👉 लेकिन जयपुर प्रजामण्डल ने आंदोलन में प्रत्यक्ष भाग नहीं लिया।
👉 इसका कारण था अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री और प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के बीच हुआ जेन्टलमेन एग्रीमेंट।
👉 इस समझौते के अनुसार जयपुर प्रजामण्डल ने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर

'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान जयपुर प्रजामण्डल के अध्यक्ष कौन थे ? 

[ACF 18.02.2021]

  • रामकरण जोशी 

  • कर्पूरचन्द पाटनी 

  • जमनालाल बजाज

  • हीरालाल शास्त्री

🔹 व्याख्या

👉 भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.) के समय जयपुर प्रजामण्डल सक्रिय रहा।
👉 इस अवधि में जयपुर प्रजामण्डल के अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री थे।
👉 उन्होंने जयपुर सरकार से समझौता कर आंदोलन न चलाने का निर्णय लिया।
👉 बाद में इस नीति का विरोध कर कुछ नेताओं ने आजाद मोर्चा का गठन किया।
👉 हीरालाल शास्त्री ने बाद में भी प्रजामण्डल को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल शास्त्री 

मेवाड़ प्रजा मंडल की स्थापना................द्वारा की गई थी |

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • जमनालाल बजाज 

  • अभिन्न हरि 

  • माणिक्य लाल वर्मा 

  • पं. नैनूराम शर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 इस संगठन की नींव प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी माणिक्यलाल वर्मा ने रखी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग करना।
👉 यह संगठन आगे चलकर मेवाड़ के राजनीतिक आंदोलन का मुख्य केन्द्र बना।

✍️ सही उत्तर है – माणिक्यलाल वर्मा 

महिला नेता, जिसे भरतपुर राज्य द्वारा, भरतपुर प्रजा मंडल के पंजीयन की मांग करने के कारण जेल में डाल दिया गया था। 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • सुशीला त्रिपाठी 

  • कोकिला देवी

  • विमला देवी 

  • कमला देवी

🔹 व्याख्या

👉 भरतपुर प्रजामण्डल के आंदोलन में कई महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
👉 इनमें प्रमुख थीं सुशीला त्रिपाठी।
👉 उन्होंने अपने पति लक्ष्मण स्वरूप त्रिपाठी के साथ मिलकर जनजागरण किया।
👉 भरतपुर राज्य द्वारा प्रजामण्डल के पंजीकरण की माँग करने पर उन्हें जेल में डाल दिया गया।
👉 इस प्रकार वे भरतपुर आंदोलन की महत्त्वपूर्ण महिला नेता रहीं।

✍️ सही उत्तर है – सुशीला त्रिपाठी 

'करौली प्रजामण्डल' की स्थापना की गई : 

[AEN Pre. 2013]

  • त्रिलोक चन्द माथुर के द्वारा 

  • मीठालाल व्यास के द्वारा 

  • नयनूराम शर्मा के द्वारा 

  • बलवन्त सिंह मेहता के द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 करौली प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में की गई।
👉 इसके प्रमुख संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष त्रिलोकचन्द माथुर थे।
👉 साथ ही चिरंजीलाल शर्मा और मदनसिंह भी सक्रिय कार्यकर्ता रहे।
👉 अप्रैल 1939 ई. में त्रिलोकचन्द माथुर की अध्यक्षता में इसका अधिवेशन हुआ।
👉 संगठन ने प्रशासनिक सुधारों और उत्तरदायी शासन की माँग उठाई।

✍️ सही उत्तर है – त्रिलोकचन्द माथुर 

जोधपुर में प्रजामण्डल आन्दोलन को प्रारम्भ में नेतृत्व प्रदान करने वाले थे 

[RESEARCH OFFICER]

  • भंवरलाल सर्राफ   

  • जयनारायण व्यास 

  • मथुरादास माथुर 

  • रणछोड़ दास गट्टानी 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर (मारवाड़) प्रजामण्डल की स्थापना 1934 ई. में हुई।
👉 इसके गठन का मुख्य उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की माँग और जनता को संगठित करना।
👉 प्रारम्भ में इस आंदोलन का नेतृत्व प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी जयनारायण व्यास ने किया।
👉 उनके साथ छगनराज चौपासनीवाला, अभयमल जैन और भंवरलाल सर्राफ जैसे नेता भी जुड़े।
👉 जयनारायण व्यास ने मारवाड़ में राजनीतिक जागरण का नेतृत्व किया।

✍️ सही उत्तर है – जयनारायण व्यास 

उदयपुर प्रजामण्डल आन्दोलन से सम्बंधित महिला है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)

  • कृष्णा कुमारी

  • नारायणी देवी वर्मा 

  • चन्द्रावती 

  • लक्ष्मी वर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 उदयपुर (मेवाड़) प्रजामण्डल आंदोलन में महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इनमें सबसे प्रमुख नाम नारायणी देवी वर्मा का रहा।
👉 उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में अपने छह माह के शिशु के साथ गिरफ्तारी दी।
👉 उनके साथ स्नेहलता वर्मा और अन्य महिलाओं ने भी योगदान दिया।
👉 इस प्रकार वे मेवाड़ प्रजामण्डल आंदोलन की प्रमुख महिला नेता थीं।

✍️ सही उत्तर है – नारायणी देवी वर्मा 

जयपुर प्रजामंडल को गैरकानूनी घोषित किए जाने के विरोध में निम्न में से किस महिला ने सत्याग्रह में भाग लिया ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • नारायणी देवी वर्मा

  • रमा देवी देशपांडे 

  • महिमा देवी किंकर

  • सरस्वती बोहरा 

🔹 व्याख्या

👉 1939 ई. में जयपुर प्रजामण्डल को राज्य सरकार ने गैरकानूनी घोषित कर दिया।
👉 इसके विरोध में प्रजामण्डल ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया।
👉 इस सत्याग्रह में पुरुषों के साथ कई महिलाओं ने भी भाग लिया। 
👉 इन्होंने गिरफ्तारी देकर आंदोलन को शक्ति प्रदान की।

✍️ सही उत्तर है – रमा देवी देशपांडे 

सुमेलित कीजिये : 

     संस्था                 स्थापना वर्ष 

A. राजस्थान सेवा संघ      1. 1921 

B. देश हितेषी सभा          2. 1927 

C. अखिल भारतीय देशी

     राज्य लोकपरिषद्       3. 1877 

D. चैबर ऑफ प्रिन्सेज     4. 1919 

RAS Pre. 28.08.2016

कूट : 

     A     B     C    D 

  • 4     3     2     1 

  • 4    2    3     1               

  • 1    2     4     3 

  • 2     4     1     3 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 ई. में की गई।
👉 देश हितेषी सभा की स्थापना 2 जुलाई, 1877 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् का गठन 1927 ई. में हुआ।
👉 चैम्बर ऑफ प्रिन्सेज की स्थापना 1921 ई. में की गई।
👉 इस प्रकार सही क्रम बनता है – A-4, B-3, C-2, D-1।

✍️ सही उत्तर है – A-4, B-3, C-2, D-1 

मारवाड़ के अधोलिखित राजनैतिक संगठनों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए. 

(i) मारवाड़ हितकारिणी सभा

(ii) मारवाड़ यूथ लीग 

(iii) मारवाड़ प्रजामण्डल  

(iv) मारवाड़ लोक परिषद् 

सही कूट का चयन कीजिए 

[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]

  • (i) (iii) (iv) (ii) 

  • (i) (iv) (iii) (ii) 

  • (iv) (i) (iii) (ii)

  • (i) (ii) (iii) (iv) 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ हितकारिणी सभा की स्थापना 1923 ई. में चाँदमल सुराणा और किशनलाल बापना ने की।
👉 मारवाड़ यूथ लीग का गठन 10 मई, 1931 ई. को हुआ।
👉 मारवाड़ प्रजामण्डल का गठन 1934 ई. में किया गया।
👉 मारवाड़ लोक परिषद् का गठन 16 मई, 1938 ई. को रणछोड़दास गट्टानी के नेतृत्व में हुआ।
👉 इस प्रकार सही क्रम है – (i) → (ii) → (iii) → (iv)।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii), (iv) 

1939 में, सिरोही राज्य प्रजामंडल आंदोलन में कौन सी महिला/महिलाओं ने भाग लिया था ?

A. रामप्यारी बेन
B.
हेजा बेन
C.
रुकमणी बेन
D.
उगम बेन

कूट :

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • A, B, C और D

  • A, B और C

  • केवल B

  • केवल C

🔹 व्याख्या

👉 1939 के सिरोही प्रजामंडल आंदोलन में महिलाओं ने भाग लिया।
👉
इसमें रामप्यारी बेन व हेजा बेन शामिल थीं।
👉
साथ ही रुकमणी बेन व उगम बेन ने भी भाग लिया।
👉
इसलिए A, B, C, D सभी सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – A, B, C और D

जयपुर प्रजामण्डल को वैधानिक मान्यता दिलाने लिए फरवरी, 1939 में किसके नेतृत्व में सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया गया था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • गुलाब चन्द चौधरी 

  • राजकुमार हरदयाल 

  • कुन्दन लाल 

  • जमनालाल बजाज 

🔹 व्याख्या:

👉 जयपुर प्रजामण्डल को वैधानिक मान्यता दिलाने हेतु फरवरी 1939 में सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया गया था।
👉 इस आंदोलन का नेतृत्व प्रमुख freedom fighter जमनालाल बजाज ने किया था।
👉 आंदोलन का उद्देश्य जयपुर राज्य में लोक अधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और प्रजामण्डल की वैध मान्यता प्राप्त करना था।

✍️ सही उत्तर है – जमनालाल बजाज 

निम्नलिखित में से डूंगरपुर राज्य प्रजा मण्डल के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]

  • भोगीलाल पंड्या 

  • ठक्कर बप्पा

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • गौरी शंकर उपाध्याय 

🔹 व्याख्या

👉 डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना 8 अगस्त, 1944 ई. को हुई।
👉 इसके गठन में भोगीलाल पाण्ड्या, हरिदेव जोशी, गौरीशंकर उपाध्याय आदि सक्रिय रहे।
👉 इस संगठन के प्रथम अध्यक्ष भोगीलाल पाण्ड्या बने।
👉 उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की स्थापना और आदिवासी समाज में जागृति लाना।
👉 प्रजामण्डल ने डूंगरपुर में शिक्षा व जनअधिकारों के लिए संघर्ष किया।

✍️ सही उत्तर है – भोगीलाल पाण्ड्या 

डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना कब हुई थी ?

[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]

  • 1945 ई. 

  • 1944 ई. 

  • 1946 ई. 

  • 1943 ई. 

🔹 व्याख्या

👉 डूंगरपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना 8 अगस्त, 1944 ई. को की गई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष भोगीलाल पाण्ड्या बने।
👉 स्थापना में हरिदेव जोशी, गौरीशंकर उपाध्याय, कुरीचंद जैन और शिवलाल कोटड़िया ने योगदान दिया।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य था उत्तरदायी शासन की माँग और जनता में राजनीतिक चेतना फैलाना।
👉 इस प्रजामण्डल ने आगे चलकर डूंगरपुर में आन्दोलन को दिशा दी।

✍️ सही उत्तर है – 1944 ई. 

प्रजामण्डल आंदोलन के दौरान जोधपुर जेल में अव्यवस्था व अन्याय के विरूद्ध भूख हड़ताल करने के कारण स्वास्थ्य खराब हो जाने से 19 जून, 1942 ई. को किस स्वतंत्रता सेनानी की मृत्यु हुई -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • आनन्दमल सुराणा 

  • बालमुकुंद बिस्सा

  • भंवरलाल सर्राफ 

  • मथुरादास माथुर 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ प्रजामण्डल आंदोलन के दौरान कई नेताओं को जेल में डाला गया।
👉 1942 ई. में जोधपुर जेल में कैदियों ने अव्यवस्था और अन्याय के विरुद्ध भूख हड़ताल की।
👉 इस हड़ताल में प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा भी शामिल थे।
👉 लगातार यातनाओं और खराब स्वास्थ्य के कारण 19 जून, 1942 ई. को उनकी मृत्यु हो गई।
👉 उनकी शहादत ने मारवाड़ प्रजामण्डल आंदोलन को नई प्रेरणा दी।

✍️ सही उत्तर है – बालमुकुंद बिस्सा 

झालावाड़ राज्य प्रजामण्डल के गठन में निम्नलिखित में से किसका मुख्य योगदान रहा था? 

(i) कन्हैया लाल मित्तल 

(ii) मकबूल आलम 

(iii) मांगी लाल 

(iv) मदन गोपाल 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

कूट : 

  • (i), (ii) एवं (iii) 

  • (ii), (iii) एवं (iv) 

  • (i) एवं (ii) 

  • (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

🔹 व्याख्या

👉 झालावाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 25 नवम्बर, 1946 ई. को हुई।
👉 इसके गठन में कई नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इसमें कन्हैयालाल मित्तल, मकबूल आलम, मांगीलाल भव्य और मदन गोपाल प्रमुख थे।
👉 संगठन का उद्देश्य था राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना करना। 

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii) एवं (iv) 

स्वतंत्रता सेनानी धर्मचन्द सुराणा किस प्रजामंडल से संबंधित थे ?

[Protection Officer 28.01.2023]

  • बाँसवाड़ा प्रजामंडल

  • डूंगरपुर प्रजामंडल 

  • जयपुर प्रजामंडल 

  • सिरोही प्रजामंडल 

 

🔹 व्याख्या

👉 22 जनवरी, 1939 ई. को सिरोही राज्य प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके संस्थापक नेता गोकुल भाई भट्ट थे।
👉 इस प्रजामण्डल के प्रमुख कार्यकर्ताओं में धर्मचन्द सुराणा भी शामिल थे।
👉 उन्होंने महारावल के निरंकुश शासन की आलोचना करते हुए आंदोलन में भाग लिया।
👉 इसी कारण उन्हें दमन झेलना पड़ा और जेल की सज़ा भी हुई।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही प्रजामण्डल 

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सही विकल्प का चयन कीजिए :

A. शोभालाल गुप्त ने “हरिजन सेवाश्रम" की स्थापना सागवाड़ा में की थी।
B.
माणिक्यलाल वर्मा व भोगीलाल पंड्या के मध्य भीलों के उत्थान को लेकर, महारावल से मिलने को लेकर मतभेद हो गया।

कूट :

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • A और B दोनों गलत हैं।

  • A और B दोनों सही हैं।

  • केवल A सही है।

  • केवल B सही है।

🔹 व्याख्या

👉 शोभालाल गुप्त ने सागवाड़ा में हरिजन सेवाश्रम स्थापित किया।
👉
भील उत्थान को लेकर माणिक्यलाल वर्मा व भोगीलाल पंड्या में मतभेद हुए।
👉
यह मतभेद महारावल से मिलने को लेकर था।
👉
इसलिए A और B दोनों कथन सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – A और B दोनों सही हैं।

सिरोही प्रजामण्डल के संस्थापक कौन थे ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • हीरालाल कोठारी 

  • गोकुल भाई भट्ट 

  • त्रिलोकचन्द्र माथुर 

  • ज्वालाप्रसाद जिज्ञासु 

🔹 व्याख्या

👉 22 जनवरी, 1939 ई. को सिरोही प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके प्रमुख संस्थापक और नेता गोकुल भाई भट्ट थे।
👉 इनके साथ वृद्धिशंकर त्रिवेदी, धर्मचन्द सुराणा, भीमशंकर शर्मा जैसे कार्यकर्ता जुड़े।
👉 इस प्रजामण्डल का उद्देश्य था राज्य में उत्तरदायी शासन स्थापित करना।
👉 आंदोलन के कारण सरकार ने दमन किया, पर जनता में राजनीतिक चेतना बढ़ी।

✍️ सही उत्तर है – गोकुल भाई भट्ट 

हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना किसकी अध्यक्षता में की गई थी ? [*]

[स्कूल व्याख्याता 17.07.2016]

  • सरस्वती दास 

  • अर्जुनलाल सेठी 

  • माणिक्यलाल वर्मा 

  • नयनूराम शर्मा 

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है।

1936 में मेघाराम ने बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना किस स्थान पर की थी ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • गंगानगर 

  • कलकत्ता (कॉलकत्ता) 

  • बम्बई (मुम्बई) 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. को हुई।
👉 इसके गठन में मघाराम वैद्य, मुक्ताप्रसाद, रघुवर दयाल और सत्यनारायण सर्राफ सक्रिय रहे।
👉 बाद में इसकी एक शाखा कलकत्ता में भी स्थापित की गई।
👉 यहाँ इसकी अध्यक्षा लक्ष्मी देवी आचार्य बनीं।
👉 कलकत्ता से ही बीकानेर की थोथी पोथी नामक पत्रिका का प्रकाशन भी हुआ।

✍️ सही उत्तर है – कलकत्ता 

मेवाड़ प्रजामण्डल के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए : 

(A) 24 अप्रैल, 1938 को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई। 

(B) भूरेलाल बया को सचिव बनाया गया। 

[भूवैज्ञानिक परीक्षा 07.05.2025]

  • केवल (B) सत्य है। 

  • (A) और (B) दोनों सत्य हैं। 

  • (A) और (B) दोनों असत्य हैं 

  • केवल (A) सत्य है। 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 कथन (A) में तिथि गलत दी गई है, सही तिथि 24 अप्रैल 1938 है, पर स्थापना उदयपुर में हुई यह तथ्य सही है।
👉 कथन (B) गलत है क्योंकि भूरेलाल बया उपाध्यक्ष बने थे, सचिव नहीं।
👉 अतः सही विकल्प है – केवल (A) सत्य है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (A) सत्य है 

जयपुर में 'प्रजामंडल प्रोग्रेसिव पार्टी' (1940) के संस्थापक कौन थे ?

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]

  • देवी शंकर तिवारी

  • चिरंजीलाल मिश्र

  • चिरंजीलाल अग्रवाल

  • जमनालाल बजाज

🔹 व्याख्या:

👉 जयपुर में ‘प्रजामंडल प्रोग्रेसिव पार्टी’ की स्थापना 1940 ई. में की गई थी।
👉 इस दल के संस्थापक प्रमुख नेता चिरंजीलाल अग्रवाल थे।
👉 पार्टी का उद्देश्य जयपुर राज्य में राजनीतिक जागृति और जनाधिकारों को सशक्त करना था।

✍️ सही उत्तर है – चिरंजीलाल अग्रवाल 

गलत युग्म को चुनिए -

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 11.11.2021]

  • बूंदी प्रजामण्डल         - कांतिलाल 

  • अलवर प्रजामण्डल     - हरि नारायण शर्मा 

  • झालावाड़ प्रजामण्डल - पन्नालाल त्रिवेदी

  •  करौली प्रजामण्डल   - त्रिलोकचंद माथुर 

🔹 व्याख्या

👉 झालावाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 25 नवम्बर, 1946 ई. को हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष माँगीलाल भव्य बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में कन्हैयालाल मित्तल, मकबूल आलम आदि शामिल थे।
👉 जबकि पन्नालाल त्रिवेदी का सम्बन्ध कुशलगढ़ प्रजामण्डल से था।
👉 अतः युग्म झालावाड़ प्रजामण्डल – पन्नालाल त्रिवेदी गलत है।

✍️ सही उत्तर है – झालावाड़ प्रजामण्डल – पन्नालाल त्रिवेदी 

1938 ई. में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना के समय इसका उपाध्यक्ष कौन था ? 

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • रमेश चन्द्र व्यास

  • माणिक्य लाल वर्मा 

  • बलवन्त सिंह मेहता

  • भूरेलाल बया 

🔹 व्याख्या

👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इस संगठन का अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा बने।
👉 स्थापना के समय इसका उपाध्यक्ष भूरेलाल बया को बनाया गया।
👉 संगठन का उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग।
👉 मेवाड़ प्रजामण्डल ने आगे चलकर पूरे क्षेत्र में जनजागरण फैलाया।

✍️ सही उत्तर है – भूरेलाल बया 

बीकानेर लोक परिषद् की स्थापना 1936 में किस शहर में हुई ? [*]

[स्कूल व्याख्याता 15.10.2022]

  • दिल्ली 

  • कलकत्ता 

  • बम्बई 

  • मद्रास

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है। 

भोगीलाल पंड्या किस प्रजामंडल आंदोलन से संबंधित थे ? [*]

[स्कूल व्याख्याता 17.07.2016]

  • मेवाड़ प्रजामंडल आंदोलन 

  • जयपुर प्रजामंडल आंदोलन 

  • बाँसवाडा प्रजामंडल आंदोलन 

  • डूंगरपुर प्रजामंडल आंदोलन 

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है। 

उस प्रजामंडल का नामोल्लेख कीजिए, जिसकी स्थापना मघाराम वैद्य तथा लक्ष्मण दास स्वामी द्वारा की गई। 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • धौलपुर प्रजामंडल 

  • अलवर प्रजामंडल 

  • करौली प्रजामंडल 

  • बीकानेर प्रजामंडल 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. को हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मघाराम वैद्य और मंत्री लक्ष्मणदास स्वामी बने।
👉 इस संगठन ने उत्तरदायी शासन की माँग और जनता के अधिकारों की रक्षा हेतु आंदोलन चलाया।
👉 बाद में बीकानेर प्रजामण्डल की एक शाखा कलकत्ता में भी स्थापित की गई।
👉 यहाँ से बीकानेर की थोथी पोथी नामक पत्रिका का प्रकाशन हुआ।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजामण्डल 

सुमेलित कीजिए 

    सूची - I        सूची - II 

  प्रजामंडल      संस्थापक 

(A) बीकानेर  (i) भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी 

(B) जैसलमेर (ii) कृष्णदत्त पालीवाल 

(C) धौलपुर   (iii) मीठालाल व्यास 

(D) बांसवाड़ा (iv) मघाराम 

[AEN 16 दिसम्बर 2018]

कूट : 

            (A)     (B)     (C)     (D) 

  • (iv)     (iii)     (ii)     (i) 

  • (i)     (ii)     (iv)     (iii) 

  • (ii)     (iv)     (i)    (iii) 

  • (iv)     (ii)     (iii)     (i) 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 1936 ई. में हुई, इसके संस्थापक मघाराम वैद्य थे।
👉 जैसलमेर प्रजामण्डल की स्थापना 1945 ई. में मीठालाल व्यास ने की।
👉 धौलपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1936 ई. में हुई, इसके प्रथम अध्यक्ष कृष्णदत्त पालीवाल थे।
👉 बाँसवाड़ा प्रजामण्डल की स्थापना 1943 ई. में भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने की।
👉 इस प्रकार सही क्रम है – (A-iv), (B-iii), (C-ii), (D-i)।

✍️ सही उत्तर है – (A) iv, (B) iii, (C) ii, (D) i 

गोपीलाल यादव, ठाकुर देशराज एवं रेवतीशरण उपाध्याय राजस्थान के किस प्रजामण्डल आन्दोलन से सम्बद्ध रहे ?

[Head Master 11.10.2021] 

  • बांसवाड़ा 

  • बीकानेर 

  • धौलपुर 

  • भरतपुर 

🔹 व्याख्या

👉 4 मार्च, 1938 ई. को भरतपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव बने।
👉 इसमें ठाकुर देशराज और रेवतीशरण उपाध्याय उपाध्यक्ष चुने गए।
👉 संगठन ने उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की माँग की।
👉 इस प्रकार ये तीनों नेता भरतपुर प्रजामण्डल आन्दोलन से जुड़े थे।

✍️ सही उत्तर है – भरतपुर 

निम्नलिखित में से किसने हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना की ?

[Development Officer 29.07.2025]

  • पं. नयनूराम शर्मा

  • ठाकुर देशराज

  • त्रिलोकचन्द माथुर

  • हरिनारायण शर्मा

🔹 व्याख्या:

👉 हाड़ौती प्रजामण्डल की स्थापना 1934 ई. में कोटा में की गई थी।
👉 इसकी स्थापना का श्रेय पं. नयनूराम शर्मा को दिया जाता है।
👉 गठन के समय हाजी फ़ैज मोहम्मद को प्रजामण्डल का पहला अध्यक्ष चुना गया था।

✍️ सही उत्तर है – पं. नयनूराम शर्मा 

'जेंटलमेन्स एग्रीमेंट' किनके मध्य हुआ था ? 

[स्कूल व्याख्याता (पेपर -I) 17.11.2024]

  • माणिक्यलाल वर्मा और मेवाड़ महाराजा

  • हीरालाल शास्त्री और मिर्जा इस्माइल

  • जमनालाल बजाज और जयपुर महाराजा

  • हरिभाऊ उपाध्याय और महात्मा गाँधी 

🔹 व्याख्या

👉 भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.) के समय जयपुर राज्य में विशेष परिस्थिति बनी।
👉 जयपुर प्रजामण्डल के अध्यक्ष हीरालाल शास्त्री और जयपुर के प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के बीच समझौता हुआ।
👉 इस समझौते को “जेन्टलमेन्स एग्रीमेंट” कहा गया।
👉 समझौते के अनुसार जयपुर राज्य युद्ध में अंग्रेजों की मदद नहीं करेगा और प्रजामण्डल शांतिपूर्ण आंदोलन चला सकेगा।
👉 बदले में प्रजामण्डल ने भारत छोड़ो आंदोलन में प्रत्यक्ष भाग न लेने का वचन दिया।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल शास्त्री और मिर्जा इस्माइल 

1935 में मघाराम ने 'बीकानेर प्रजामंडल' की स्थापना किस स्थान पर की थी ? 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • गंगानगर 

  • कलकत्ता 

  • बम्बई 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मघाराम वैद्य और मंत्री लक्ष्मणदास स्वामी बने।
👉 बाद में इसकी एक शाखा 1937 ई. में कलकत्ता में स्थापित की गई।
👉 इस शाखा की अध्यक्षा लक्ष्मी देवी आचार्य बनीं।
👉 कलकत्ता से ही ‘बीकानेर की थोथी पोथी’ नामक पत्रिका का प्रकाशन किया गया।

✍️ सही उत्तर है – कलकत्ता 

डूंगरपुर राज्य द्वारा 'महुआ- कानून' कब लागू किया गया ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • 1945  

  • 1911 

  • 1943

  • 1913 

🔹 व्याख्या

👉 डूंगरपुर राज्य में प्रजामण्डल और सेवा संघ के दबाव से कई सुधार लागू किए गए।
👉 इन्हीं सुधारों के अन्तर्गत राज्य ने ‘महुआ-कानून’ लागू किया।
👉 यह कानून वर्ष 1945 ई. में लागू किया गया।
👉 इसका उद्देश्य था आदिवासी समाज में शराब-निषेध और सामाजिक सुधार लाना।
👉 इस कानून से डूंगरपुर में जनजागरण को और गति मिली।

✍️ सही उत्तर है – 1945 

निम्नांकित में कौन-सी युग्म सही नहीं है ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

       I                       II 

प्रजामंडल    -  स्थापना का वर्ष 

  • हाड़ोती  - 1934 

  • जयपुर - 1931 

  • अलवर  - 1938 

  • मेवाड़   - 1936 

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 इसके अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता, उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा थे। 

✍️ सही उत्तर है – मेवाड़ – 1936 

सिरोही राज्य प्रजामण्डल का संस्थापक था ? 

[Head Master 2011]

  • कन्हैयालाल मित्तल 

  • मीठालाल व्यास 

  • भूपेन्द्र नाथ त्रिवेदी

  • गोकुल भाई भट्ट 

🔹 व्याख्या

👉 22 जनवरी, 1939 ई. को सिरोही राज्य प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके संस्थापक और प्रमुख नेता गोकुल भाई भट्ट थे।
👉 इनके साथ वृद्धिशंकर त्रिवेदी, धर्मचन्द सुराणा, रामेश्वर दयाल, भीमशंकर शर्मा आदि सहयोगी थे।
👉 प्रजामण्डल ने सभा और जुलूसों के माध्यम से उत्तरदायी शासन की माँग उठाई।
👉 सरकार ने इसे मान्यता दी और धीरे-धीरे यह आंदोलन जन अधिकारों का केंद्र बना।

✍️ सही उत्तर है – गोकुल भाई भट्ट 

करौली प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में किसके द्वारा की गई-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • सागरमल गोपा 

  • खूबचंद सर्राफ 

  • त्रिलोकचन्द माथुर 

  • बलवन्तसिंह मेहता 

🔹 व्याख्या

👉 1938 ई. में करौली प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसके संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष त्रिलोकचन्द माथुर थे।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में चिरंजीलाल शर्मा और मदनसिंह सक्रिय रहे।
👉 अप्रैल 1939 ई. में त्रिलोकचन्द माथुर की अध्यक्षता में प्रजामण्डल अधिवेशन हुआ।
👉 संगठन ने प्रशासनिक सुधारों और उत्तरदायी शासन की माँग उठाई।

✍️ सही उत्तर है – त्रिलोकचन्द माथुर 

कौन 1938 में भरतपुर में स्थापित प्रजामण्डल के अध्यक्ष बनें ? 

[योगा चिकित्सा अधिकारी 10.03.2021]

  • गोपीलाल यादव 

  • मास्टर आदित्येन्द्र 

  • जयनारायण व्यास 

  • जुगलकिशोर चतुर्वेदी 

🔹 व्याख्या

👉 4 मार्च, 1938 ई. को भरतपुर राज्य प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसकी स्थापना रेवाड़ी (हरियाणा) में की गई थी।
👉 इस प्रजामण्डल के प्रथम अध्यक्ष गोपीलाल यादव बने।
👉 इसके साथ ही ठाकुर देशराज और रेवतीशरण उपाध्याय उपाध्यक्ष चुने गए।
👉 संगठन ने उत्तरदायी शासन और जनता के अधिकारों की माँग को बल दिया।

✍️ सही उत्तर है – गोपीलाल यादव 

“मेवाड़ पुकार" : -

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • केसरीसिंह बारहठ द्वारा रचित एक शौर्य गाथा थी। 

  • जय नारायण व्यास द्वारा संपादित एक मासिक पत्रिका थी।

  •  मेवाड़ प्रजामंडल का साप्ताहिक अखबार था। 

  • मोतीलाल तेजावत द्वारा तैयार एक माँग पत्र था, जो महाराणा मेवाड़ को प्रस्तुत किया गया था।

🔹 व्याख्या

👉 मोतीलाल तेजावत आदिवासी किसानों के प्रमुख नेता थे।
👉 उन्होंने मेवाड़ के महाराणा को एक मांग पत्र प्रस्तुत किया।
👉 इस मांग पत्र का नाम था “मेवाड़ पुकार”।
👉 इसमें किसानों और भीलों की समस्याओं को रखा गया।
👉 इसका उद्देश्य था उनकी स्थिति सुधारना और अत्याचारों को रोकना।

✍️ सही उत्तर है – मोतीलाल तेजावत द्वारा तैयार एक माँग पत्र था, जो महाराणा मेवाड़ को प्रस्तुत किया गया था।

मुंशी त्रिलोकचंद माथुर का संबंध निम्नांकित में से किस प्रजामण्डल से रहा है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • करौली प्रजामण्डल 

  • मारवाड़ प्रजामण्डल 

  • बीकानेर प्रजामण्डल 

  • जयपुर प्रजामण्डल 

🔹 व्याख्या

👉 करौली राज्य में 1938 ई. में प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मुंशी त्रिलोकचन्द माथुर बने।
👉 प्रमुख कार्यकर्ताओं में चिरंजीलाल शर्मा और मदनसिंह शामिल थे।
👉 अप्रैल 1939 ई. में उनकी अध्यक्षता में करौली प्रजामण्डल अधिवेशन हुआ।
👉 संगठन ने प्रशासनिक सुधारों और उत्तरदायी शासन की माँग उठाई।

✍️ सही उत्तर है – करौली प्रजामण्डल 

प्रजामण्डल आन्दोलन में “बीकानेर राज्य प्रजा परिषद्” की स्थापना कब की गयी थी ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • 1943 ई.

  • 1942 ई. 

  • 1944 ई. 

  • 1938 ई. 

🔹 व्याख्या:

👉 बीकानेर राज्य प्रजा परिषद् की स्थापना 22 जुलाई 1942 को की गई थी।
👉 इस परिषद् के गठन का नेतृत्व रघुवर दयाल गोयल ने किया था।
👉 परिषद् का मुख्य उद्देश्य बीकानेर में महाराजा के नेतृत्व में उत्तरदायी शासन की स्थापना सुनिश्चित करना था।

✍️ सही उत्तर है – 1942 ई.

1939 में, कोटा राज्य प्रजामंडल की स्थापना _______ की अध्यक्षता में मांगरोल में की गई। 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • अभिन्न हरि 

  • माणिक्य लाल वर्मा 

  • मीठालाल व्यास 

  • नयनुराम शर्मा

🔹 व्याख्या

👉 1939 ई. में कोटा राज्य प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इसका प्रथम अधिवेशन 14 अक्टूबर, 1939 ई. को मांगरोल (बारां) में हुआ।
👉 इस अधिवेशन की अध्यक्षता पं. नयनूराम शर्मा ने की।
👉 अधिवेशन में उत्तरदायी शासन की माँग का प्रस्ताव पारित किया गया।
👉 इसी दिन कोटा में पहली बार महिला सम्मेलन भी आयोजित हुआ।

✍️ सही उत्तर है – नयनूराम शर्मा 

निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए 

[ACF परीक्षा 2011]

  • सिरोही प्रजामंडल ― गोकुल भाई भट्ट 

  • डूंगरपुर प्रजामंडल ― भोगीलाल पंड्या 

  • धौलपुर ― कपूरचन्द पाटनी 

  • बूंदी प्रजामंडल ― पं. नयनू राम 

🔹 व्याख्या

👉 धौलपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1936 ई. में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष कृष्णदत्त पालीवाल और सचिव मूलचन्द बने।
👉 कपूरचन्द पाटनी का सम्बन्ध जयपुर प्रजामण्डल से था, वे इसके संयुक्त सचिव रहे।
👉 अतः युग्म धौलपुर – कपूरचन्द पाटनी गलत है।
👉 सही सम्बन्ध है – धौलपुर – कृष्णदत्त पालीवाल।

✍️ सही उत्तर है – धौलपुर – कपूरचन्द पाटनी 

किस रियासत में गोकुल भाई भट्ट ने प्रजामण्डल आंदोलन का नेतृत्व किया ?

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • जोधपुर 

  • सिरोही 

  • अलवर 

  • बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 22 जनवरी, 1939 ई. को सिरोही राज्य प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 इसके संस्थापक और प्रमुख नेता गोकुल भाई भट्ट थे।
👉 उनके साथ वृद्धिशंकर त्रिवेदी, भीमशंकर शर्मा, धर्मचन्द सुराणा आदि कार्यकर्ता थे।
👉 गोकुल भाई भट्ट ने सिरोही में उत्तरदायी शासन की माँग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व किया।
👉 उनके नेतृत्व में सिरोही प्रजामण्डल राज्य की राजनीति का प्रमुख केन्द्र बना।

✍️ सही उत्तर है – सिरोही 

सूची-I को सूची -II के साथ सुमेलित कीजिए एवं निम्न दिये हुए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए : 

           सूची-I              सूची -II 

प्रजामण्डल (राज्यों)   इनके निर्माण वर्ष

I डूंगरपुर                  (a) 1931 

II जयपुर                 (b) 1936 

III बीकानेर              (c) 1938 

IV अलवर                (d) 1944 

[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]

कूट : 

            I   II   III  IV 

  • (a) (b) (c) (d) 

  • (d) (a) (b) (c) 

  • (d) (a) (c) (b) 

  • (b) (d) (a) (c) 

🔹 व्याख्या

👉 डूंगरपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1944 ई. में हुई।
👉 जयपुर प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में कर्पूरचन्द पाटनी की अध्यक्षता में हुई।
👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 1936 ई. में मघाराम वैद्य आदि ने की।
👉 अलवर प्रजामण्डल की स्थापना 1938 ई. में हरिनारायण शर्मा और कुंजबिहारी मोदी ने की।
👉 इस प्रकार सही क्रम है – I-d, II-a, III-b, IV-c।

✍️ सही उत्तर है – I-d, II-a, III-b, IV-c 

50. कालीबाई जिसने डूंगरपुर पुलिस के हाथों अपने अध्यापक को बचाने में अपनी जिन्दगी दे दी, वह कहाँ की रहने वाली थी -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)

  • सिमलवाड़ा 

  • रास्तापाल

  • डूंगरपुर

  • सागवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 डूंगरपुर प्रजामण्डल आंदोलन में आदिवासी समाज ने सक्रिय भाग लिया।
👉 1947 ई. में पुलिस द्वारा विद्यालय बंद कराने और अध्यापक पर अत्याचार के विरुद्ध आंदोलन हुआ।
👉 इसी दौरान कालीबाई ने अपने अध्यापक सेंगाभाई को बचाने का प्रयास किया।
👉 पुलिस की गोली से कालीबाई शहीद हो गई।
👉 वह डूंगरपुर जिले के रास्तापाल गाँव की रहने वाली थी।

✍️ सही उत्तर है – रास्तापाल 

1946 में किसानों की दयनीय स्थिति पर खेड़ा मंगलसिंह का सम्मेलन किस राज्य के प्रजामंडल ने आयोजित किया ?

[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]

  • भरतपुर

  • अलवर

  • डूंगरपुर

  • बाँसवाड़ा

🔹 व्याख्या

👉 अलवर प्रजामण्डल ने किसानों की समस्याओं को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए।
👉 इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत 1946 ई. में एक सम्मेलन बुलाया गया।
👉 यह सम्मेलन किसानों की दयनीय स्थिति पर केंद्रित था। 
👉 इससे किसानों में जागृति और आंदोलन की भावना फैली।

✍️ सही उत्तर है – अलवर 

निम्नलिखित में से कौन बीकानेर प्रजामण्डल आन्दोलन से सम्बन्धित थे ? 

(i) मघाराम वैद्य 

(ii) भिक्षालाल बोहरा

(iii) लक्ष्मण दास स्वामी 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • केवल (ii) व (iii) 

  • केवल (i) व (ii) 

  • समस्त (i), (ii) व (iii)

  • केवल (i) व (iii)

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. को हुई।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष मघाराम वैद्य और मंत्री लक्ष्मणदास स्वामी बने।
👉 बाद में आंदोलन में भिक्षालाल बोहरा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
👉 इन तीनों नेताओं ने मिलकर बीकानेर में उत्तरदायी शासन की माँग को बल दिया।
👉 अतः सही उत्तर है – समस्त (i), (ii) व (iii)।

✍️ सही उत्तर है – समस्त (i), (ii) व (iii) 

निम्नलिखित में से कौन मेवाड़ प्रजामंडल का प्रथम चयनित अध्यक्ष था ?  

[Research Assistant 24.08.2017]

  • दौलतमल्ल भंडारी  

  • बलवंत सिंह मेहता    

  • माणिक्यलाल वर्मा  

  • भं॑वरलाल सर्राफ  

🔹 व्याख्या

👉 मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में हुई।
👉 गठन के समय संगठन का प्रथम अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता बने।
👉 इनके साथ भूरेलाल बया उपाध्यक्ष और माणिक्यलाल वर्मा महामंत्री रहे।
👉 संगठन का उद्देश्य जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग करना था।
👉 यही संगठन मेवाड़ के राजनीतिक आंदोलन का मुख्य आधार बना।

✍️ सही उत्तर है – बलवन्तसिंह मेहता 

निम्नलिखित में से गलत युग्म की पहचान कीजिए :

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • करौली प्रजामण्डल : त्रिलोक चन्द माथुर

  • सिरोही प्रजामण्डल : गोलुक भाई भट्ट 

  • बून्दी प्रजामण्डल : माणिक्यलाल वर्मा 

  • अलवर प्रजामण्डल : हरि नारायण शर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 बूँदी प्रजामण्डल की स्थापना 1931 ई. में हुई थी।
👉 इसके प्रथम अध्यक्ष कान्तिलाल जैन थे।
👉 माणिक्यलाल वर्मा का सम्बन्ध मेवाड़ प्रजामण्डल से रहा, जिसकी स्थापना 1938 ई. में हुई थी।
👉 इसलिए युग्म बूँदी प्रजामण्डल – माणिक्यलाल वर्मा गलत है।
👉 सही सम्बन्ध है – बूँदी प्रजामण्डल – कान्तिलाल जैन।

✍️ सही उत्तर है – बूँदी प्रजामण्डल : माणिक्यलाल वर्मा 

नवम्बर 1941, में मेवाड़ प्रजामंडल के प्रथम वार्षिक अधिवेशन का उद्घाटन किसके के द्वारा किया गया?  

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • आचार्य कृपलानी  

  • बलवंत सिंह मेहता  

  • विजयलक्ष्मी पंडित 

  • माणिक्य लाल वर्मा  

🔹 व्याख्या

👉 25–26 नवम्बर, 1941 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल का प्रथम वार्षिक अधिवेशन हुआ।
👉 यह अधिवेशन शाहपुरा हवेली में आयोजित किया गया।
👉 अधिवेशन की अध्यक्षता माणिक्यलाल वर्मा ने की।
👉 इसका उद्घाटन प्रसिद्ध कांग्रेस नेता आचार्य जे.बी. कृपलानी ने किया।
👉 इस अवसर पर विजयलक्ष्मी पंडित ने खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

✍️ सही उत्तर है – आचार्य कृपलानी 

1938 ई. में स्थापित मेवाड़ प्रजामण्डल का प्रथम अध्यक्ष कौन था ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)

  • मोहनलाल सुखाड़िया

  • माणिक्यलाल वर्मा

  • भूरेलाल बया 

  • बलवन्तसिंह मेहता

🔹 व्याख्या

👉 24 अप्रैल, 1938 ई. को उदयपुर में मेवाड़ प्रजामण्डल की स्थापना हुई।
👉 स्थापना का स्थान था साहित्य कुटीर (बलवन्तसिंह मेहता का निवास)।
👉 गठन के समय संगठन के प्रथम अध्यक्ष बलवन्तसिंह मेहता बने।
👉 उपाध्यक्ष भूरेलाल बया और महामंत्री माणिक्यलाल वर्मा थे।
👉 उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक सुधारों की माँग करना।

✍️ सही उत्तर है – बलवन्तसिंह मेहता 

वर्ष 1939 में किशनगढ़ प्रजामंडल का अध्यक्ष कौन था ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • नारायण सिंह 

  • जमाल शाह 

  • महमूद 

  • मदन सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 1939 ई. में किशनगढ़ प्रजामण्डल की स्थापना की गई।
👉 इस संगठन के प्रथम अध्यक्ष जमालशाह चुने गए।
👉 मंत्री पद पर महमूद नियुक्त हुए।
👉 प्रजामण्डल का उद्देश्य था जनता के अधिकारों की रक्षा और उत्तरदायी शासन की माँग।
👉 यह संगठन किशनगढ़ राज्य में राजनीतिक जागरण का केन्द्र बना।

✍️ सही उत्तर है – जमालशाह 

किस राजपूत राज्य के प्रजा मंडल की स्थापना कलकत्ता में की गई थी - 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • धौलपुर प्रजामण्डल 

  • करौली प्रजामंडल 

  • झालावाड़ प्रजामण्डल 

  • बीकानेर प्रजामण्डल 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर प्रजामण्डल की स्थापना 4 अक्टूबर, 1936 ई. को हुई।
👉 इसके बाद 1937 ई. में इसकी एक शाखा कलकत्ता में स्थापित की गई।
👉 यहाँ इसकी अध्यक्षा लक्ष्मी देवी आचार्य बनीं।
👉 इसी शाखा से बीकानेर की थोथी पोथी नामक पत्रिका का प्रकाशन हुआ।
👉 इस प्रकार कलकत्ता में स्थापित प्रजामण्डल था बीकानेर प्रजामण्डल।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर प्रजामण्डल 

किस राज्य के प्रजामण्डल ने 1936 ई. में 'कृष्णा दिवस' मनाया ?

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • करौली 

  • कोटा 

  • उदयपुर 

  • जोधपुर 

🔹 व्याख्या

👉 1936 ई. में जोधपुर (मारवाड़) राज्य में एक युवती कृष्णा कुमारी का अपहरण हुआ।
👉 इसमें राजघराने के किसी उच्च व्यक्ति की मिलीभगत मानी गई।
👉 इस घटना के विरोध में मारवाड़ प्रजामण्डल ने आंदोलन चलाया।
👉 आंदोलन के अंतर्गत “कृष्णा दिवस” मनाया गया।
👉 इसने जनता में नैतिक जागृति और शासन के विरुद्ध आक्रोश पैदा किया।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर