राव चंद्रसेन के साथ संघर्ष के दौरान अकबर ने किसे जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • राव करण सिंह 

  • राव चन्द्रसेन 

  • राव लूणकरण 

  • राव राय सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 उसके विरोध के चलते अकबर ने जोधपुर पर अपना नियंत्रण स्थापित किया।
👉 इस दौरान अकबर ने बीकानेर के शासक राव रायसिंह को जोधपुर का प्रशासक नियुक्त किया।
👉 रायसिंह अकबर के विश्वस्त मनसबदार और सामंत थे।

✍️ सही उत्तर है – राव रायसिंह 

किस राजपूत शासक को ' राजपूताना का कर्ण ' कहा जाता है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • महाराजा रायसिंह  

  • सवाई प्रतापसिंह  

  • महाराणा कुम्भा

  • महाराजा जसवंत सिंह  

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर के विश्वासपात्र सेनानायक थे।
👉 उन्होंने गुजरात, सिवाणा, अहमदनगर, थट्टा आदि कई युद्ध अभियानों में भाग लिया।
👉 अपने राज्य में उन्होंने सदाव्रत खोलकर जनता व पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की।
👉 उनकी दानशीलता व उदारता के कारण उन्हें “राजपूताना का कर्ण” कहा गया।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा रायसिंह 

अकबर के गुजरात अभियान (1573 ई.) में निम्नलिखित में से किसने महत्त्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया ?

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]

  • चंद्र सेन 

  • राज सिंह 

  • उदय सिंह 

  • राय सिंह 

🔹 व्याख्या:

👉 अकबर के गुजरात अभियान (1573 ई.) में राय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा था।
👉 गुजरात विजय के दौरान राय सिंह ने अकबर का सैन्य रूप से सहयोग किया।
👉 अभियान की सफलता में राय सिंह का महत्त्वपूर्ण सहयोग स्पष्ट रूप से उल्लेखित मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – राय सिंह 

मुगल शासक अकबर के समय में बीकानेर के शासक रायसिंह निम्नांकित में से किस सैन्य अभियान में शामिल नहीं थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • कंधार 

  • काबुल 

  • बंगाल 

  • बलोचिस्तान 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर के विश्वस्त सैन्य नायक थे।
👉 उन्होंने गुजरात, सिवाणा, अहमदनगर, थट्टा और अन्य कई अभियानों में भाग लिया।
👉 अकबर ने उनकी सेवाओं से प्रसन्न होकर उन्हें भटनेर की जागीर व ऊँचा मनसब प्रदान किया।
👉 लेकिन रायसिंह को बंगाल अभियान में सम्मिलित नहीं किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – बंगाल 

अकबर ने चन्द्रसेन के किस समर्थक के विरुद्ध सिवाना क्षेत्र में सैन्य अभियान किया था ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • जैसलमेर के हरराय भाटी

  • मेवाड़ के महाराणा प्रताप

  • सिरोही के राव सुरताण

  • सोजत के कल्ला

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने चन्द्रसेन के समर्थकों पर अभियान चलाया।
👉
यह अभियान सिवाना क्षेत्र में किया गया।
👉
इसका लक्ष्य सोजत के कल्ला थे।
👉
इसलिए वही इस अभियान के मुख्य लक्ष्य थे।

✍️ सही उत्तर है – सोजत के कल्ला

निम्न में से कौन सिवाना में राव चंद्रसेन के विरुद्ध मुगल अभियान में सम्मिलित नहीं था ? 

[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]

  • जगतराम

  • कल्ला

  • केशोदास

  • रायसिंह

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) ने मुगलों के विरुद्ध सिवाना दुर्ग से संघर्ष किया।
👉 अकबर ने उसके विरुद्ध कई बार मुगल सेना भेजी।
👉 इन अभियानों में जगतसिंह केसवदास मेड़तिया, बीकानेर का रायसिंह आदि सम्मिलित थे।
👉 लेकिन कल्ला (रायमलोत) इन अभियानों में सम्मिलित नहीं था।

✍️ सही उत्तर है – कल्ला 

कतिपय राजपूत शासकों की सूची नीचे दी जा रही है : 

A. राणा सांगा     B. चन्द्रसेन 

C. मानसिंह        D. रायसिंह 

इनमें से किन्हीं दो का चयन करें जिन्होंने मुगलों को सहयोग किया : 

[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]

  • A और D 

  • B और C 

  • A और B 

  • C और D 

🔹 व्याख्या

👉 आमेर के शासक मानसिंह अकबर के सबसे विश्वासपात्र सेनापति थे।
👉 उन्होंने मुगल साम्राज्य के विस्तार हेतु कई युद्ध अभियानों में भाग लिया।
👉 बीकानेर के शासक रायसिंह ने भी अकबर की अधीनता स्वीकार कर अनेक सैन्य सेवाएँ दीं।
👉 इन दोनों शासकों ने अकबर को सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – C और D 

1572-73 ई. में अकबर ने जोधपुर किसको सुपर्द किया ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]

  • मोटाराजा उदयसिंह 

  • आमेर के मानसिंह 

  • बीकानेर के रायसिंह 

  • मालदेव के ज्येष्ठ पुत्र राम 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर ने बीकानेर के शासक रायसिंह को अपने सबसे विश्वासपात्र सामंतों में गिना।
👉 1572–73 ई. में गुजरात के अभियान के समय अकबर ने रायसिंह को जोधपुर का अधिकारी नियुक्त किया।
👉 रायसिंह ने जोधपुर की व्यवस्था संभालते हुए कई महत्त्वपूर्ण कार्य किए।
👉 अकबर उनकी निष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें ऊँचा मनसब और बड़ी जागीरें प्रदान करता रहा।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह 

निम्नलिखित में से बीकानेर के किस शासक ने 'ज्योतिष रत्नाकर' की रचना की ?  

[AEN परीक्षा 30.06.2024]

  • अनूप सिंह 

  • राय सिंह 

  • गज सिंह 

  • राज सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर और जहाँगीर दोनों के अधीन रहे।
👉 रायसिंह स्वयं भी एक साहित्यकार और विद्वान थे।
👉 उन्होंने कई महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की।
👉 इन्हीं में से एक ग्रंथ है ‘ज्योतिष रत्नाकर’।

✍️ सही उत्तर है – रायसिंह 

निम्न में से किसने करमचंद पँवार को अजमेर, परबतसर एवं बनेड़ा परगने जागीर में प्रदान किये थे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • महाराणा प्रताप 

  • राय सिंह 

  • महाराणा सांगा 

  • राव चन्द्रसेन 

🔹 व्याख्या:

👉 महाराणा सांगा ने करमचंद पँवार को महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जागीर प्रदान की थी।
👉 करमचंद पँवार को दिए गए परगनों में अजमेर, परबतसर और बनेड़ा शामिल थे।
👉 ये परगने करमचंद पँवार के निष्ठापूर्वक सेवा-योगदान के सम्मान में प्रदान किए गए थे।

✍️ सही उत्तर है – महाराणा सांगा  

बीकानेर राज्य तथा मुगलों के बीच प्रथम संधि पर हस्ताक्षर करने वाले शासक थे 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • कल्याणमल 

  • राम सिंह 

  • अनूप सिंह 

  • राव बीका 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक राव कल्याणमल (1544–1574 ई.) ने अकबर की शक्ति को स्वीकार किया।
👉 1570 ई. में अकबर की नागौर यात्रा के समय उन्होंने अधीनता प्रकट की।
👉 इसके बाद उन्होंने मुगलों से वैवाहिक संबंध भी स्थापित किए।
👉 इस प्रकार बीकानेर राज्य व मुगलों के बीच प्रथम संधि राव कल्याणमल द्वारा की गई।

✍️ सही उत्तर है – कल्याणमल 

अकबर ने अपनी 1570 की नागौर यात्रा के समय जोधपुर दुर्ग किसको सुपुर्द किया था  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)

  • रायसिंह - बीकानेर 

  • उदयसिंह - जोधपुर 

  • मानसिंह - अजमेर 

  • सुर्जन सिंह हाड़ा - रणथम्भौर 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर 1570 ई. में अपनी नागौर यात्रा पर आया था।
👉 इस यात्रा के समय अकबर ने जोधपुर दुर्ग की देखरेख का कार्य सौंपा।
👉 यह जिम्मेदारी बीकानेर के शासक रायसिंह को दी गई।
👉 रायसिंह अकबर के विश्वासपात्र सेनानायक और अधीन शासक थे।

✍️ सही उत्तर है – रायसिंह (बीकानेर)

 गिरी-सुमेल का युद्ध किस वर्ष में लड़ा गया था ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • 1544 

  • 1541 

  • 1540 

  • 1542 

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) मारवाड़ का प्रतापी शासक था।
👉 उसने दिल्ली के सुल्तान शेरशाह सूरी से संघर्ष किया।
👉 यह संघर्ष 5 जनवरी 1544 ई. को लड़ा गया।
👉 इस युद्ध को इतिहास में गिरि-सुमेल का युद्ध कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 1544 ई. 

निम्नांकित में से रायसिंह ने कठौली के युद्ध में किसे पराजित किया ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • बुरहानुद्दीन 

  • देवड़ा सुरताण 

  • चन्द्रसेन 

  • इब्राहीम मिर्जा 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर के विश्वासपात्र सामंत थे।
👉 अकबर ने उन्हें गुजरात के मिर्जा बंधुओं के विद्रोह को दबाने हेतु भेजा।
👉 इस अभियान में रायसिंह ने कठौली नामक स्थान पर युद्ध किया।
👉 यहाँ उन्होंने विद्रोही इब्राहीम मिर्जा को पराजित किया।

✍️ सही उत्तर है – इब्राहीम मिर्जा 

हीराबाड़ी का युद्ध निम्नलिखित में से किनके मध्य लड़ा गया ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • मालदेव तथा दौलत खाँ (नागौर) 

  • मालदेव तथा वीरमदेव (मेंड़ता)

  • मालदेव तथा जैतसिंह (बीकानेर) 

  • मालदेव तथा शेरशाह सूरी 

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) ने अपने राज्य के विस्तार के लिए कई युद्ध किए।
👉 नागौर का शासक उस समय खानजादा दौलत खाँ था।
👉 दोनों के बीच 1533 ई. में हीराबाड़ी नामक स्थान पर युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में मालदेव ने विजय प्राप्त कर नागौर पर अधिकार कर लिया।

✍️ सही उत्तर है – मालदेव तथा दौलत खाँ (नागौर) 

वीर दुर्गादास राठौड़ के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ?

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • महाराजा अजीतसिंह ने वीर दुर्गादास राठौड का अंतिम समय तक उच्च पद एवं सम्मान प्रदान किया । 

  • मारवाड़ के राजकुमार अजीतसिंह को संरक्षण प्रदान करने में वीर दुर्गादास का महत्वपूर्ण योगदान था । 

  • सिसोदिया राठौड़ संघ के निर्माण में वीर दुर्गादास की महती भूमिका थी ।

  • पन्नाधाय की तरह ही वीर दुर्गादास की स्वामीभक्ति प्रशंसनीय है । 

🔹 व्याख्या

👉 वीर दुर्गादास राठौड़ (1638–1718 ई.) मारवाड़ के महान स्वाधीनता सेनानी थे।
👉 उन्होंने अपने जीवन को अजीतसिंह की रक्षा और मुगलों से संघर्ष में समर्पित किया।
👉 अजीतसिंह को गद्दी दिलाने के बाद उसने दुर्गादास को राज्य से निष्कासित कर दिया।
👉 इसलिए यह कथन असत्य है कि अजीतसिंह ने दुर्गादास को अंतिम समय तक सम्मान दिया।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा अजीतसिंह ने वीर दुर्गादास राठौड़ का अंतिम समय तक उच्च पद एवं सम्मान प्रदान किया 

राठौड़ वंश की मेड़तिया शाखा के संस्थापक कौन थे ? 

[स. सांख्यिकी अधिकारी 27.05.2019]

  • राव दूदा 

  • राव चन्द्रसेन 

  • भोजराज 

  • राव रत्नसिंह 

मारवाड़ के शासक चंद्रसेन के संबंध में निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है ? 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • उत्तराधिकार के युद्ध में चंद्रसेन ने अपने ज्येष्ठ भाइयों को लोहावट एवं नाडोल में पराजित किया।

  • मालदेव ने अपने तीसरे पुत्र चंद्रसेन को अपने दो ज्येष्ठ पुत्रों राम व उदय सिंह के दावों के विपरीत अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। 

  • राव चंद्रसेन की मृत्यु शिवपुरी (सिरोही) में हुई थी।

  • चंद्रसेन ने भाद्राजून को अपना केंद्र बनाया, जहां से उसने साम्राज्यवादी शक्तियों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा। 

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) मारवाड़ के शासक और अकबर के प्रबल विरोधी थे।
👉 उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 उनकी मृत्यु 1581 ई. में सारण (सोजत, पाली) के पहाड़ों में हुई थी।
👉 अतः यह कथन सही नहीं है कि उनकी मृत्यु शिवपुरी (सिरोही) में हुई थी।

✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन की मृत्यु शिवपुरी (सिरोही) में हुई थी 

बीकानेर के महाराजा गंगासिंह ने प्रसिद्ध 'रोम नोट' तैयार किया था | इस नोट की विषयवस्तु थी- 

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • यूरोप का यात्रा वृत्तांत

  • प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यूरोप में युद्ध की स्थिति

  • 20 वीं शताब्दी के दूसरे दशक में भारत की राजनीतिक स्थिति तथा उसके संभावित हल

  • भारत की देशी रियासतों के शासको की अंग्रेज सरकार के विरुद्ध शिकायते

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के महाराजा गंगासिंह (1887–1943 ई.) अंग्रेजों के समय के प्रमुख शासक थे।
👉 उन्होंने मई 1917 ई. में विदेश प्रवास के दौरान प्रसिद्ध ‘रोम नोट’ तैयार किया।
👉 इस नोट में भारत की राजनीतिक स्थिति का विस्तृत वर्णन किया गया।
👉 साथ ही इसमें उसके संभावित समाधान और सुधारों के उपाय बताए गए।

✍️ सही उत्तर है – 20वीं शताब्दी के दूसरे दशक में भारत की राजनीतिक स्थिति तथा उसके संभावित हल 

निम्नांकित में से कौन सा राज्य था जिसने कभी भी मुगलों के विरुद्ध मेवाड़ के महाराणा प्रताप से संधि नहीं की ?

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • डूंगरपुर 

  • ईडर 

  • जोधपुर 

  • जालोर

🔹 व्याख्या

👉 महाराणा प्रताप ने अपने संघर्ष काल में कई राज्याओं से संधियाँ कीं।
👉 लेकिन जोधपुर के शासक राव चन्द्रसेन ने मुगलों की अधीनता भी नहीं स्वीकारी।
👉 उन्होंने जीवनभर अकबर का विरोध किया।
👉 इस कारण जोधपुर राज्य ने प्रताप के साथ कोई संधि नहीं की।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

जोधपुर शासक मोटा राजा उदय सिंह की मृत्यु के उपरान्त निम्न में से किस शासक ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में मुगल सेवा जारी रखी थी ?  

[पुरालेखपाल परीक्षा 03.08.2024]

  • सूर सिंह 

  • जसवन्त सिंह 

  • गज सिंह 

  • अजीत सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर के शासक मोटा राजा उदयसिंह (1583–1595 ई.) अकबर के अधीन रहे।
👉 उनकी मृत्यु के बाद उनका पुत्र सूरसिंह गद्दी पर बैठा।
👉 सूरसिंह ने अकबर और जहाँगीर दोनों की सेवा जारी रखी।
👉 उसने मुगल साम्राज्य के अनेक अभियानों में भाग लिया।

✍️ सही उत्तर है – सूरसिंह 

जोधपुर के राव मालदेव द्वारा अफगान सेनाओं का प्रतिरोध करने वाली लड़ाई थी 

[RESEARCH OFFICER]

  • दाताणी का 

  • पिण्डवाड़ा की 

  • हल्दीघाटी की 

  • सुमेल गिरिरी की   

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव (1532–1562 ई.) को उनकी वीरता के लिए जाना जाता है।
👉 उन्होंने अफगान सुल्तान शेरशाह सूरी की सेना से संघर्ष किया।
👉 यह युद्ध 1544 ई. में लड़ा गया, जिसे सुमेल-गिरी का युद्ध कहा जाता है।
👉 इसमें मालदेव की ओर से सेनानायक जैता और कूँपा ने अद्भुत पराक्रम दिखाया।

✍️ सही उत्तर है – सुमेल-गिरी की लड़ाई 

राजस्थानी भाट परंपरा में बावन युद्धों का नायक किसे कहा जाता है ?  

[Technical Assistant 07.07.2025]

  • मालदेव 

  • चन्द्रसेन 

  • उदय सिंह 

  • राव गंगा 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव (1532–1562 ई.) को वीरता और शौर्य के लिए प्रसिद्धि मिली।
👉 उन्होंने अपने शासनकाल में अनेक युद्ध अभियानों का संचालन किया।
👉 भाट परंपरा में उन्हें “52 युद्धों का नायक” बताया गया।
👉 इसी कारण वे मारवाड़ के शौर्य युग के प्रतीक माने जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – मालदेव 

मालदेव के पश्चात् मारवाड़ का शासक बना -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)

  • चन्द्रसेन

  • पृथ्वीराज 

  • जैतमल 

  • राम

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) मारवाड़ के सबसे प्रतापी शासकों में गिने जाते थे।
👉 उनकी मृत्यु 7 नवम्बर, 1562 ई. को हुई।
👉 मालदेव के बाद उनका पुत्र चन्द्रसेन उत्तराधिकारी बना।
👉 राव चन्द्रसेन ने 1562–1581 ई. तक मारवाड़ पर शासन किया।

✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसेन 

महाराज कल्याणमल के आग्रह पर भट्ट सदाशिव ने किस ग्रंथ की रचना की ? 

[Deputy Commandant 23.08.2020]

  • अमरसर 

  • राज वल्लभ 

  • राज विनोद 

  • राज रत्नाकर 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक राव कल्याणमल (1544–1574 ई.) अकबर के अधीन रहे।
👉 उनके दरबार में विद्वान भट्ट सदाशिव रहते थे।
👉 महाराजा कल्याणमल के आग्रह पर सदाशिव ने पाकशास्त्र पर ग्रंथ लिखा।
👉 इस ग्रंथ का नाम था “राज विनोद”।

✍️ सही उत्तर है – राज विनोद 

1593 में बीकानेर के रायसिंह की सेवाओं से प्रसन्न होकर अकबर ने उन्हें वर्तमान गुजरात में किस स्थान की जागीर प्रदान की ?

[स्कूल व्याख्याता GK (B) 26.06.2025]

  • अहमदाबाद

  • जूनागढ़

  • भड़ौच

  • सूरत

 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर के विश्वस्त सामंत थे।
👉 उन्होंने कई मुगल अभियानों में भाग लेकर अपनी निष्ठा सिद्ध की।
👉 उनकी सेवाओं से प्रसन्न होकर अकबर ने उन्हें 1593 ई. में जागीर प्रदान की।
👉 यह जागीर वर्तमान गुजरात के जूनागढ़ क्षेत्र में दी गई।

✍️ सही उत्तर है – जूनागढ़ 

निम्नलिखित में से जोधपुर के किस शासक ने अजमेर-अहमदाबाद रेल पथ के निर्माण को पाली से होकर जाने के लिए ब्रिटिश सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था ?  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • जसवन्त सिंह II 

  • सरदार सिंह 

  • तख्त सिंह  

  • उम्मेद सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर के शासक महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय (1873–1895 ई.) अंग्रेजों के समर्थक माने जाते थे।
👉 उनके समय में कई आधुनिक सुधार कार्य हुए।
👉 इसी दौरान उन्होंने ब्रिटिश सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा।
👉 यह प्रस्ताव था कि अजमेर–अहमदाबाद रेल मार्ग का निर्माण पाली से होकर किया जाए।

✍️ सही उत्तर है – जसवंतसिंह द्वितीय

औरंगजेब ने जिन राजाओं की मृत्यु के बाद राजपूत राजाओं को उच्च मनसब देना बन्द कर दिया, उनके नाम हैं 

[RESEARCH OFFICER]

  • जसवन्तसिंह व जयसिंह 

  • जसवन्तसिंह व कर्णसिंह 

  • अनूपसिंह व रामसिंह   

  • जयसिंह व राजसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 मुगल सम्राट औरंगजेब के समय राजपूतों और मुगलों के संबंधों में तनाव बढ़ गया।
👉 प्रारंभ में राजपूत शासकों को उच्च मनसब प्रदान किए जाते थे।
👉 लेकिन महाराजा जसवंतसिंह प्रथम (जोधपुर) और आमेर के राजा जयसिंह की मृत्यु के बाद यह परंपरा बदल गई।
👉 इसके बाद औरंगजेब ने राजपूत राजाओं को उच्च मनसब देना बंद कर दिया।

✍️ सही उत्तर है – जसवंतसिंह और जयसिंह 

कलाकार जो बीकानेर के प्रसिद्ध मथेरण परिवार से संबंधित हैं 

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

  • रामनाथ एवं मनोहर 

  • अहमद अली एवं शाह मोहम्मद

  • मुन्नालाल एवं मुकुन्द

  • नारायण दास एवं बिशन दास

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर की चित्रकला शैली का विकास कई परिवारों के कलाकारों ने किया। 

✍️ सही उत्तर है – मुन्नालाल एवं मुकुन्द 

1459 ई. में मारवाड़ के राठौड़ राव जोधा ने किस स्थान पर जोधपुर शहर की नींव रखी ?  

[संग्रहाध्यक्ष पुरातत्व विभाग 19.06.2024]

  • मंडोर से छह मील दक्षिण में 

  • मंडोर से छह मील पश्चिम में 

  • मंडोर से छह मील उत्तर में 

  • मंडोर से छह मील पूर्व में 

🔹 व्याख्या

👉 राव जोधा (1438–1489 ई.) मारवाड़ के प्रतापी शासक थे।
👉 उन्होंने 1459 ई. में नई राजधानी बसाने का निश्चय किया।
👉 इस राजधानी का स्थान मण्डोर से लगभग छह मील दक्षिण चुना गया।
👉 यहाँ पर उन्होंने जोधपुर नगर और प्रसिद्ध मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी।

✍️ सही उत्तर है – मण्डोर से छह मील दक्षिण में 

निम्न में से किस राजपूताना राज्य ने मराठों को कभी भी कर नहीं दिया ?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • मेवाड़ 

  • बीकानेर 

  • जयपुर 

  • मारवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 18वीं शताब्दी में मराठों ने कई राजपूत राज्यों से कर वसूला।
👉 मारवाड़, जयपुर, मेवाड़ आदि राज्यों को मराठों को कर देना पड़ा।
👉 लेकिन बीकानेर राज्य ने मराठों को कभी भी कर नहीं दिया।
👉 इसलिए बीकानेर को इस संदर्भ में अपवाद माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

निम्नलिखित विद्वानों ने में से किसे जसवंत सिंह का सरंक्षण प्राप्त नहीं था ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • बनारसी दास  

  • नरहरिदास बारहठ  

  • दलपति मिश्र  

  • ईसरदास  

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर के शासक महाराजा जसवंतसिंह प्रथम (1638–1678 ई.) विद्वानों के संरक्षक थे।
👉 उनके दरबार में सुरति मिश्र, नरहरिदास, नवीन कवि, दलपत मिश्र जैसे विद्वान रहे।
👉 इनके अलावा मुहणौत नैणसी भी जसवंतसिंह के दीवान और ऐतिहासिक ग्रंथकार थे।
👉 जबकि ईसरदास राव मालदेव के समय के विद्वान थे, न कि जसवंतसिंह के आश्रित।

✍️ सही उत्तर है – ईसरदास 

रूपा धाय का सम्बन्ध जोधपुर के किस महाराजा से है - 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (गणित)

  • मानसिंह 

  • जसवन्त सिंह 

  • उदय सिंह 

  • अजीत सिंह 

राव चन्द्रसेन ने भाटियों को पोकरण क्यों दिया था ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • भाटियों से अपने बंधु-बांधवों को सुरक्षित रखने के लिए। 

  • अकबर के विरुद्ध भाटियों का सहयोग प्राप्त करने हेतु। 

  • अकबर से पोकरण की रक्षा करने में अक्षम रहने पर। 

  • भाटियों से धन प्राप्त करने हेतु। 

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) ने मुगलों के विरुद्ध संघर्ष के लिए अधिक धन की आवश्यकता महसूस की।
👉 उसने अपने राज्य के संसाधनों को जुटाने हेतु कई उपाय किए।
👉 इसी उद्देश्य से चन्द्रसेन ने भाटियों को पोकरण सौंप दिया।
👉 यह निर्णय केवल उनसे पर्याप्त धन प्राप्त करने के लिए लिया गया था।

✍️ सही उत्तर है – भाटियों से धन प्राप्त करने हेतु 

स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय राजस्थान में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत कौन सी थी ?

[खाध्य सुरक्षा अधिकारी 25.11.2019]

  • मारवाड़

  • टोंक  

  • आमेर 

  • मेवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की अनेक रियासतें स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत संघ में विलय हुईं।
👉 क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत मारवाड़ थी।
👉 इसका प्रमुख नगर जोधपुर था और शासक राठौड़ वंश से संबंधित थे।
👉 मारवाड़ को राजस्थान की सबसे विशाल रियासत माना गया।

✍️ सही उत्तर है – मारवाड़ 

किसे महाराणा प्रताप का पथ-प्रदर्शक कहा जाता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • अमरसिंह राठौड़ 

  • मोटा राजा उदयसिंह 

  • राव चन्द्रसेन 

  • राव मालदेव 

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) ने अकबर की शक्ति को कभी स्वीकार नहीं किया।
👉 उन्होंने जीवनभर मुगलों के विरुद्ध स्वाधीनता संघर्ष किया।
👉 उनकी वीरता और अडिग नीति ने महाराणा प्रताप को प्रेरणा दी।
👉 इसी कारण राव चन्द्रसेन को प्रताप का पथ-प्रदर्शक कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन 

मालदेव के दो सेनानायक जो शेरशाह के विरुद्ध गिरी-सुमेल के युद्ध में प्रबल रूप से लड़े : 

[Asst. Prof. (History) 30.06.2016]

  • जैता और पूंजा  

  • जैता और कुम्पा  

  • रणमल और झाला  

  • गोरा और बादल  

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) ने 5 जनवरी 1544 ई. को गिरी-सुमेल का युद्ध लड़ा।
👉 इस युद्ध में उसके दो वीर सेनानायक शेरशाह सूरी की विशाल सेना से भिड़े।
👉 ये सेनानायक थे जैता और कूँपा, जिन्होंने असाधारण शौर्य दिखाया।
👉 उनकी वीरता से प्रभावित होकर शेरशाह ने उनकी प्रशंसा की।

✍️ सही उत्तर है – जैता और कूँपा 

मालदेव ने अपने जीवन काल में किसे मारवाड़ का उत्तराधिकारी मनोनीत किया था ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • चन्द्रसेन 

  • राम सिंह 

  • उदय सिंह 

  • राजसिंह कुम्पावत 

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) मारवाड़ का प्रतापी और शक्तिशाली शासक था।
👉 उसकी अनेक रानियाँ और कई पुत्र थे।
👉 मालदेव ने अपने जीवनकाल में अपने पुत्र चन्द्रसेन को उत्तराधिकारी मनोनीत किया।
👉 मालदेव की मृत्यु के बाद 1562 ई. में चन्द्रसेन गद्दी पर बैठा।

✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसेन 

मालदेव की रानी, जिसने मण्डोर के निकट बहुजी रो तालाब' का निर्माण करवाया था -

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • पारबती सिसोदणी  

  • स्वरुप दे झाली  

  • हीरा दे झाली  

  • उमा दे भटियाणी  

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) मारवाड़ का सबसे प्रतापी शासक था।
👉 उसकी पत्नी स्वरूपदे झाली मालदेव की प्रिय रानी थी।
👉 इसी रानी ने मण्डोर के निकट प्रसिद्ध ‘बहुजी रो तालाब’ (स्वरूपसागर तालाब) का निर्माण करवाया।
👉 यह तालाब आज भी राव मालदेव की रानी स्वरूपदे की स्मृति से जुड़ा हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – स्वरूप दे झाली 

निम्नांकित में से कौन सा स्थान जोधपुर के पतन के बाद चन्द्रसेन का प्रमुख केन्द्र बन गया ? 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • सिवाना 

  • सोजत 

  • पीपलोद 

  • जैतारण 

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) मुगलों का सबसे प्रबल विरोधी शासक था।
👉 अकबर की शक्ति बढ़ने पर उसे जोधपुर छोड़ना पड़ा।
👉 इसके बाद उसने अपना प्रमुख केन्द्र बनाया।
👉 यह केन्द्र था सिवाना दुर्ग, जिसे मारवाड़ की शरण स्थली भी कहा गया।

✍️ सही उत्तर है – सिवाना 

निम्न में से किस राज्य के शासक ने मुगल शहजादा कामरान को परास्त किया था ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • जैसलमेर

  • मेवाड़

  • सिरोही

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या

👉 मुगल शहजादा कामरान को पराजित किया गया था।
👉
यह विजय बीकानेर शासक द्वारा प्राप्त हुई।
👉
इसलिए संबंधित राज्य बीकानेर है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर

निम्नलिखित में मारवाड़ के किस राठौड़ शासक ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की थी ? 

[स्टेनोग्राफर (RPSC) 2011]

  • जसवंत सिंह 

  • राव चन्द्रसेन 

  • मालदेव 

  • राव गंगा 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) अडिग स्वाधीनता-प्रिय शासक थे।
👉 अकबर ने उन्हें अधीन करने के लिए कई बार प्रयास किए।
👉 कठिन परिस्थितियों और संकटों के बावजूद उन्होंने मुगलों की अधीनता नहीं मानी।
👉 चन्द्रसेन ने जीवनभर मुगलों के विरुद्ध संघर्ष किया।

✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन 

राव जोधा ने किस वर्ष मंडोर को विजित किया था?  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • 1458

  • 1438

  • 1453

  • 1440

🔹 व्याख्या

👉 राव जोधा राव रणमल का ज्येष्ठ पुत्र और मारवाड़ का प्रतापी शासक था।
👉 रणमल की मृत्यु के बाद जोधा ने अपने राज्य की शक्ति को संगठित किया।
👉 अनुकूल परिस्थिति मिलने पर 1453 ई. में उसने मण्डोर पर अधिकार कर लिया।
👉 इसके बाद उसने मेवाड़ के साथ आँवल-बाँवल संधि भी की।

✍️ सही उत्तर है – 1453 ई. 

राजस्थान के निम्नलिखित शासकों में से किसे 1576 में चन्द्रसेन के दमन हेतु मुगल सेना के साथ भेजा गया था ?

[ATO परीक्षा 27.07.2021] 

  • मेडता के जयमल को 

  • बीकानेर के रायसिंह को

  • जैसलमेर के हरराज को

  • आमेर के मानसिंह को

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 उन्हें दबाने के लिए अकबर ने कई बार सैन्य अभियान चलाए।
👉 1576 ई. में चन्द्रसेन के विरुद्ध भेजी गई मुगल सेना में बीकानेर के शासक रायसिंह भी सम्मिलित थे।
👉 रायसिंह अकबर के विश्वस्त मनसबदार और सामंत थे।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह 

'काम प्रबोध' एवं 'श्राद्ध प्रयोग चिन्तामणी' ग्रंथों की रचना किस शासक के काल में हुई ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • महाराणा राज सिंह 

  • महाराणा कुंभा 

  • महाराजां अनूप सिंह 

  • सवाई जय सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक महाराजा अनूपसिंह (1669–1698 ई.) कला व साहित्य के बड़े संरक्षक थे। 
👉 उनके शासनकाल में कई महत्त्वपूर्ण ग्रंथों की रचना हुई। 
👉 इनमें ‘काम प्रबोध’ (कामशास्त्र पर आधारित) और ‘श्राद्ध प्रयोग चिन्तामणी’ प्रमुख थे। 
👉 इसके साथ ही उन्होंने अनूपविवेक, अनूप संगीत विलास जैसे अन्य ग्रंथों की भी रचना करवाई। 
👉 इसलिए इन दोनों ग्रंथों का संबंध महाराजा अनूपसिंह के शासनकाल से है। 

✍️ सही उत्तर है – महाराजा अनूपसिंह

निम्न में से किस राठौड़ नरेश ने मंडोर के प्रतिहारों से मंडोर का किला दहेज में प्राप्त किया ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • राव चूँडाजी

  • राव वीरमजी

  • राव आसनाथजी

  • राव धूहड़जी

🔹 व्याख्या

👉 राठौड़ वंश के शासक राव चूंडा (चूड़ा) वीरमदेव के पुत्र थे।
👉 इन्दा प्रतिहारों की पुत्री से विवाह के समय उन्हें विशेष दहेज प्राप्त हुआ।
👉 इस दहेज में ही प्रतिहारों का मण्डोर दुर्ग शामिल था।
👉 इसके बाद मण्डोर को राठौड़ों की राजधानी बनाया गया।

✍️ सही उत्तर है – राव चूंडाजी 

राज्यारोहण के समय जसवन्तसिंह का संरक्षक था : 

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • गोपालसिंह खरवा 

  • मानसिंह 

  • लक्ष्मणसिंह 

  • राजसिंह कूंपावत 

🔹 व्याख्या

👉 महाराजा जसवंतसिंह प्रथम (1638–1678 ई.) का राज्याभिषेक 1638 ई. में हुआ।
👉 उस समय उनकी आयु कम थी, इसलिए एक संरक्षक नियुक्त किया गया।
👉 यह जिम्मेदारी आसोपा के ठाकुर राजसिंह कूंपावत को दी गई।
👉 राजसिंह कूंपावत को जोधपुर राज्य का मंत्री और संरक्षक माना गया।

✍️ सही उत्तर है – राजसिंह कूंपावत 

दुर्गादास राठौड़ ने अपने जीवन के अंतिम दिन कहाँ गुजारे थे ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 29.04.2018]

  • चित्तोड़गढ़में    

  • उज्जैन में  

  • जोधपुरमें    

  • उदयपुर में

🔹 व्याख्या

👉 वीर दुर्गादास राठौड़ (1638–1718 ई.) मारवाड़ के महान स्वाधीनता सेनानी थे।
👉 उन्होंने 30 वर्षों तक मुगलों से संघर्ष कर अजीतसिंह को गद्दी दिलाई।
👉 राज्य से निष्कासन के बाद वे अपने परिवार सहित मालवा चले गए।
👉 अपने अंतिम समय उन्होंने उज्जैन में बिताया और वहीं 22 नवम्बर 1718 ई. को उनका स्वर्गवास हुआ।

✍️ सही उत्तर है – उज्जैन में 

निम्न में से कौन सा कथन बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह के विषय में सत्य नहीं है ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 31.05.2019]

  • 1913 ई. में उन्होंने बीकानेर में 'प्रजा प्रतिनिधि सभा' की स्थापना की । 

  • महाराजा गंगा सिंह 'नरेन्द्र मंडल' (भारतीय राजकुमारों का मण्डल) के प्रथम अध्यक्ष थे 

  • 1930 ई. के प्रथम गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था। 

  • उनके शासनकाल में 'गजशाही' सिक्के प्रारम्भ हुए । 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के महाराजा गंगासिंह (1887–1943 ई.) आधुनिक सुधारक शासक थे।
👉 उन्होंने गंगनहर का निर्माण करवाकर “राजस्थान का भागीरथ” कहलाया।
👉 उनके समय में बीकानेर में न्यायपालिका, रेलमार्ग, गंगा रिसाला जैसी व्यवस्थाएँ बनीं।
👉 परंतु ‘गजशाही’ सिक्के गंगासिंह के शासन में प्रारम्भ नहीं हुए थे।

✍️ सही उत्तर है – उनके शासनकाल में 'गजशाही' सिक्के प्रारम्भ हुए 

निम्नलिखित शासकों में से किसने अकबर के शासन के दौरान बलूच विद्रोह के दमन में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई ? 

[स्कूल व्याख्याता 15.11.2022]

  • बीकानेर के कल्याणमल ने 

  • आमेर के जगन्नाथ कच्छावा ने 

  • आमेर के भारमल ने 

  • बीकानेर के राय सिंह ने 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर के विश्वासपात्र मनसबदार थे।
👉 अकबर ने रायसिंह को कई महत्त्वपूर्ण अभियानों में सम्मिलित किया।
👉 इन्हीं अभियानों में रायसिंह ने बलूच विद्रोह को दबाने में बड़ी भूमिका निभाई।
👉 उनकी इस सफलता से प्रसन्न होकर अकबर ने उन्हें भटनेर की जागीर प्रदान की।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह 

मारवाड़ के राव चूण्डा के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प का चयन कीजिए : 

A. राव चूण्डा को मण्डोर दहेज में प्राप्त हुआ। 

B. राव चूण्डा की मृत्यु के तुरंत पश्चात् राव रामल राजगद्दी पर आसीन हुआ। 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • केवलं B सत्य है। 

  • A और B दोनों असत्य हैं। 

  • केवल A सत्य है। 

  • A और B दोनों सत्य हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 राठौड़ वंश के शासक राव चूंडा ने अपनी कूटनीति से मण्डोर पर अधिकार किया।
👉 इंदा प्रतिहारों की पुत्री से विवाह के समय उसे दहेज में मण्डोर प्रदान किया गया।
👉 लेकिन उनकी मृत्यु के बाद सीधे राव रामल गद्दी पर नहीं बैठे।
👉 इसलिए केवल पहला कथन सत्य माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – केवल A सत्य है 

फरवरी 1937 में किस राज्य के शासक ने जयनारायण व्यास के साथ उदार व्यवहार हेतु जोधपुर के प्रधानमंत्री डोनाल्ड फील्ड को पत्र लिखा था ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • मेवाड़

  • सिरोही

  • जोधपुर

  • बीकानेर

🔹 व्याख्या

👉 फरवरी 1937 में एक शासक ने पत्र लिखा था।
👉
यह पत्र जयनारायण व्यास के प्रति उदार व्यवहार हेतु था।
👉
इसमें जोधपुर के प्रधानमंत्री डोनाल्ड फील्ड को संबोधित किया गया।
👉
यह पहल बीकानेर शासक द्वारा की गई।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर

मारवाड़ के उस शासक का नाम बताइए, जिसे मुगल बादशाह जहाँगीर द्वारा 1621 ई. में 'दलथम्भन' की उपाधि दी गई । 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • महाराजा गज सिंह प्रथम 

  • महाराजा हनवन्त सिंह 

  • महाराजा जसवन्त सिंह प्रथम

  • महाराजा जसवन्त सिंह द्वित्तीय

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक महाराजा गजसिंह प्रथम (1619–1638 ई.) ने मुगलों की सेवा की।
✍️ सही उत्तर है – महाराजा गजसिंह प्रथम 

राव मालदेव के दो सेनानायक, जो गिरी-सुमेल में शेरशाह के विरुद्ध लड़े थे-  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • जैता और कुम्पा  

  • जैता और बीरम  

  • गोरा और बादल

  • कुंपा और बीरम  

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) के समय 1544 ई. में गिरि-सुमेल का युद्ध हुआ।
👉 इस युद्ध में मालदेव की ओर से उनके दो वीर सेनानायक शामिल हुए।
👉 ये सेनानायक थे जैता व कूंपा, जिन्होंने शेरशाह की सेना से वीरता से मुकाबला किया।
👉 शेरशाह ने उनकी शूरवीरता की प्रशंसा करते हुए कहा था – “काश! जैता और कूंपा मेरे पास होते।”

✍️ सही उत्तर है – जैता और कूंपा 

मारवाड़ के किस राजा ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की ? 

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • महाराजा जसवंतसिंह प्रथम 

  • राव उदयसिंह 

  • राव चन्द्रसेन 

  • महरजा अजीत सिंह

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) दृढ़ स्वतंत्रता-प्रिय शासक थे।
👉 अकबर ने उन्हें अपने अधीन लाने के लिए अनेक प्रयास किए।
👉 चन्द्रसेन ने कठिन परिस्थितियों में भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 उन्होंने जीवनभर मुगलों से संघर्ष किया।

✍️ सही उत्तर है – राव चन्द्रसेन 

ढोला-मारू कहानी में ढोला की विवाह के समय उम्र थी 

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • 3 वर्ष 

  • 14 वर्ष 

  • 16 वर्ष 

  • 11 वर्ष 


खुसरो के विद्रोह का दमन करने हेतु लाहौर जाने पर जहाँगीर ने राजधानी की सुरक्षा का भार किसे सौंपा था ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • रायसिंह

  • जसवन्तसिंह

  • अमरसिंह

  • मानसिंह

🔹 व्याख्या

👉 जहाँगीर खुसरो विद्रोह के दमन हेतु लाहौर गया।
👉
इस दौरान राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी थी।
👉
उसने यह जिम्मेदारी रायसिंह को सौंपी।
👉
इसलिए राजधानी की रक्षा रायसिंह के अधीन रही।

✍️ सही उत्तर है – रायसिंह

सदाशिव भट्ट का पाकशास्त्र पर लिखित ग्रंथ 'राय विनोद' किस राज्य से संबंधित है ? 

[व्याख्याता (आयुर्वेद) 13.11.2021]

  • बीकानेर 

  • मेवाड़ 

  • आमेर 

  • मारवाड़ 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक राव कल्याणमल (1544–1574 ई.) अकबर के अधीन रहे।
👉 उनके दरबारी विद्वान सदाशिव भट्ट थे।
👉 सदाशिव भट्ट ने पाकशास्त्र पर आधारित प्रसिद्ध ग्रंथ ‘राय विनोद’ की रचना की।
👉 यह ग्रंथ सीधे तौर पर बीकानेर राज्य से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

निम्न कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए :
A. राव चन्द्रसेन राजस्थान के प्रथम राजपूत शासक थे जिन्होंने मुगल सम्राट अकबर की सत्ता को चुनौती दी थी।
B.
नागौर दरबार (1570) में बीकानेर के राव कल्याणमल एवं जैसलमेर के रावल हरराय ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार की थी।

विकल्प : 

S.I. Telecom (Paper-II) 09.11.2025

  • केवल B सही है।

  • A एवं B दोनों सही हैं।

  • केवल A सही है।

  • A एवं B दोनों सही नहीं हैं।

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन ने अकबर की सत्ता को चुनौती दी थी और वे प्रथम प्रमुख राजपूत शासक थे जिन्होंने मुगल प्रभाव का दृढ़ विरोध किया।

👉 नागौर दरबार (1570) में बीकानेर के राव कल्याणमल तथा जैसलमेर के रावल हरराय ने अकबर की अधीनता स्वीकार की थी।

👉 दोनों कथन राजस्थान-मुगल संबंधों के ऐतिहासिक तथ्यों से मेल खाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – A एवं B दोनों सही हैं

निम्नलिखित में से मारवाड़ का कौन सा दुर्ग 1562 ईस्वी के प्रारंभ में अकबर के आधिपत्य में चला गया ?

[कृषि अधिकारी 20.04.2025]

  • मेहरानगढ़

  • मेड़ता

  • सिवाना

  • भाद्राजून

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव की मृत्यु (1562 ई.) के बाद मारवाड़ की स्थिति कमजोर हो गई।
👉 इस अवसर का लाभ उठाकर अकबर ने मारवाड़ पर अपना प्रभुत्व जमाना शुरू किया।
👉 1562 ई. के प्रारंभ में मारवाड़ का महत्वपूर्ण मेड़ता दुर्ग अकबर के अधीन चला गया।
👉 इसके बाद धीरे-धीरे मुगलों का प्रभाव मारवाड़ में बढ़ता गया।

✍️ सही उत्तर है – मेड़ता 

किसने अपनी कृति "राव जैतसी रो" छंद में राव लूणकर्ण को “कलयुग का कर्ण” बताया है ? 

[Asst. Town Planner 16.06.2023]

  • कर्णिदास 

  • बिठू सुजा 

  • वीरभान सुजामल 

  • सूरदास 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक राव लूणकर्ण (1505–1526 ई.) अपनी दानशीलता के लिए प्रसिद्ध थे।
👉 उनकी उदारता की तुलना महाभारत के दानवीर कर्ण से की जाती है।
👉 कवि बीठू सूजा ने अपनी कृति “राव जैतसी रो छंद” में राव लूणकर्ण को यह उपाधि दी।
👉 उन्होंने उन्हें “कलियुग का कर्ण” कहा।

✍️ सही उत्तर है – बीठू सूजा 

1573 में किस राजपूत शासक को अकबर द्वारा मिर्ज़ा बंधुओं के विद्रोह को दबाने के लिए मालवा भेजा गया था ?

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • मारवाड़ के जसवंत सिंह

  • बीकानेर के रायसिंह

  • मेवाड़ के राजसिंह

  • आमेर के मानसिंह

 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर के समय गुजरात के मिर्ज़ा बंधुओं ने विद्रोह किया।
👉 इस विद्रोह को दबाने के लिए अकबर ने राजपूत सामंतों को मालवा भेजा।
👉 1573 ई. में इस अभियान का नेतृत्व बीकानेर के शासक महाराजा रायसिंह ने किया।
👉 रायसिंह ने कठौली के युद्ध में इब्राहीम मिर्ज़ा को हराकर मुगल सत्ता को सुरक्षित किया।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह 

मारवाड़ में राठौड़ वंश के निम्नलिखित प्रारंभिक शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए -

(i) राव सीहा 

(ii) राव अस्थाना 

(iii) राव धुहर 

(iv) राव रायपाल 

सही कूट का चयन करें -  

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • (i), (ii), (iii), (iv)

  • (i), (iii), (iv), (ii)  

  • (i), (iii), (ii), (iv)

  • (i), (iv), (iii), (ii) 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ में राठौड़ वंश का प्रारंभ राव सीहा (1240–1273 ई.) से हुआ।
👉 उनके बाद उनका पुत्र अस्थाना शासक बना।
👉 इसके बाद गद्दी पर राव धुहड़ (धुहर) आए।
👉 धुहड़ के पश्चात उनका ज्येष्ठ पुत्र राव रायपाल शासक बना।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii), (iii), (iv) 

जसवन्तसिंह के बारे में कौन सा/से कथन सही है/हैं ?

A. जसवंतसिंह को औरंगजेब ने 5000 जात 5000 सवार का मनसब प्रदान किया था।
B.
शाहजहाँ ने जसवंतसिंह को हिण्डौन का परगना दिया था।
C.
उन्हें औरंगजेब ने गुजरात का सूबेदार बनाया था।

कूट :

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • A, B और C

  • केवल A

  • B और C

  • केवल B

🔹 व्याख्या

👉 जसवंतसिंह को औरंगजेब ने 5000 जात नहीं दिया था।
👉
शाहजहाँ ने उन्हें हिण्डौन परगना प्रदान किया था।
👉
औरंगजेब ने उन्हें गुजरात सूबेदार नियुक्त किया।
👉
इसलिए केवल B और C सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – B और C

गिरि-सुमेल का युद्ध किनके मध्य लड़ा गया था ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 2011]

  • मालदेव अकबर

  • मालदेव – शेरशाह

  • मालदेव - औरंगजेब 

  • मालदेव -उदयसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) ने अपने राज्य का विस्तार करते हुए कई युद्ध लड़े।
👉 शेरशाह सूरी ने मालदेव द्वारा हुमायूँ को शरण देने की बात पर गहरा क्रोध किया।
👉 इसके परिणामस्वरूप 5 जनवरी, 1544 ई. को गिरि-सुमेल का युद्ध हुआ।
👉 यह संघर्ष मारवाड़ के शासक राव मालदेव और दिल्ली के सुल्तान शेरशाह सूरी के बीच लड़ा गया।

✍️ सही उत्तर है – मालदेव – शेरशाह 

मध्यकालीन मारवाड़ में शासक के बाद सर्वोच्च अधिकारी कौन था ? 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • मुसाहिब 

  • प्रधान 

  • दीवान 

  • अमात्य 

 

🔹 व्याख्या

👉 मध्यकालीन मारवाड़ की प्रशासनिक व्यवस्था में शासक सर्वोच्च था।
👉 शासक के बाद राज्य संचालन में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद होता था।
👉 यह पद प्रधान कहलाता था, जो शासन के सभी महत्वपूर्ण कार्यों को देखता था।
👉 प्रधान को शासक का मुख्य सहायक और सलाहकार माना गया।

✍️ सही उत्तर है – प्रधान 

निम्नलिखित में से कौन जोधपुर राज्य का शासक नहीं था ?

[LDC (RPSC) 23.10.2016]

  • जसवंत सिंह 

  • मोटा राजा उदय सिंह 

  • अनूप सिंह 

  • अजित सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर राज्य के शासक राव सीहा से लेकर महाराजा हनुवंतसिंह तक रहे।
👉 इनमें राव जोधा, राव मालदेव, राव चन्द्रसेन, महाराजा जसवंतसिंह आदि प्रमुख शासक थे।
👉 जबकि अनूपसिंह बीकानेर राज्य का शासक था, जो 1669–1698 ई. तक राजगद्दी पर रहा।
👉 अतः अनूपसिंह को जोधपुर का शासक नहीं माना जा सकता।

✍️ सही उत्तर है – अनूपसिंह 

जोधपुर के राठौड़ नरेशों में अकबर का प्रबल प्रतिरोधी था-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • जोधा 

  • मालदेव

  • जसवन्तसिंह 

  • चन्द्रसेन

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) जोधपुर के राठौड़ नरेश थे।
👉 उन्होंने अकबर की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की।
👉 चन्द्रसेन ने जीवनभर मुगलों के विरुद्ध संघर्ष किया।
👉 इसी कारण उन्हें अकबर का सबसे प्रबल प्रतिरोधी माना गया।

✍️ सही उत्तर है – चन्द्रसेन 

1570 ई. में चन्द्रसेन के विरुद्ध किसके नेतृत्व में मुगल सेना जोधपुर भेजी ?  [*] 

[Asst. Prof. (History) 24.09.2021]

  • सिकन्दर बख्त 

  • शाहबाज खा

  • रायसिंह 

  • हुसैन कुली खाँ 

📌 नोट - इस प्रश्न को बोर्ड ने डिलीट (Delete) माना है। 

बीकानेर का कौनसा शासक अकबर और जहाँगीर दोनों की सेवा में रहा- 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • दलपत

  • कल्याणमल

  • रायसिंह 

  • राव बीका

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक रायसिंह (1574–1612 ई.) अकबर के विश्वस्त सामंत थे।
👉 अकबर ने उन्हें गुजरात, सिवाणा, अहमदनगर आदि अभियानों में सम्मिलित किया।
👉 अकबर की मृत्यु के बाद रायसिंह ने जहाँगीर की भी सेवा की।
👉 जहाँगीर ने प्रसन्न होकर उन्हें और ऊँचा मनसब प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – रायसिंह 

जोधपुर के किस राजकीय व्यक्ति को भागवत कथा पर आधारित 'गज उद्धार ग्रंथ की रचना का श्रेय है ? 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

  • राव चन्द्रसेन 

  • महाराज कुमार शेरसिंह 

  • महाराजा अजीत सिंह 

  • महाराजा बख्त सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक महाराजा अजीतसिंह (1679–1724 ई.) स्वयं विद्वान और कवि थे।
👉 उन्होंने अपने समय में कई धार्मिक ग्रंथों की रचना की। 
👉 इनके अन्य ग्रंथों में गुणसागर, अजीतसिंहजी रा कह्या दुहा आदि शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – महाराजा अजीतसिंह 

राठौड शासक जो 52 युद्धों का नायक और 58 परगनों का स्वामी रूप में प्रतिष्ठित माना गया : 

[सहायक कृषि अधिकारी 2011]

  • मालदेव 

  • मानसिंह 

  • जोधसिंह 

  • चन्द्रसेन

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) मारवाड़ के सबसे प्रतापी शासक माने जाते हैं।
👉 फारसी और मुस्लिम इतिहासकारों ने उन्हें हिंदुस्तान का शक्तिशाली राजा कहा।
👉 उन्होंने अपने शासनकाल में अनेक युद्ध अभियान संचालित किए।
👉 उन्हें 52 युद्धों का नायक और 58 परगनों का स्वामी बताया गया।

✍️ सही उत्तर है – मालदेव 

कविराजा बांकीदास किस शासक द्वारा संरक्षित राजकवि थे ? 

[सहायक कृषि अधिकारी 27.08.2022]

  • बीकानेर के सुजान सिंह 

  • जोधपुर के मानसिंह 

  • उदयपुर के भीमसिंह 

  • जयपुर के माधोसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 कविराजा बाँकीदास मारवाड़ के दरबारी कवि व इतिहासकार थे।
👉 उन्होंने अपने समय में बाँकीदास री ख्यात, दातार बावनी, कुकवि बत्तीसी आदि ग्रंथ लिखे।
👉 उन्हें जोधपुर के शासक महाराजा मानसिंह (1803–1843 ई.) का संरक्षण प्राप्त था।
👉 उनकी चतुराई और कुशाग्र बुद्धि के कारण उन्हें राजपूताने का बीरबल कहा गया।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर के मानसिंह 

दुर्गादास ने किस मुस्लिम शहजादे के पुत्र और पुत्री को संरक्षण दिया?  

[Research Scholar 04.08.2024]

  • फिरोज़ 

  • मुअज़्ज़म 

  • अकबर 

  • आज़म 

🔹 व्याख्या

👉 वीर दुर्गादास राठौड़ ने मुगलों के विरुद्ध लंबे समय तक संघर्ष किया।
👉 उन्होंने विद्रोही शहजादे अकबर का साथ भी दिया।
👉 दुर्गादास ने अकबर के पुत्र बुलंद अख्तर और पुत्री सफीयतुन्निसा को संरक्षण दिया।
👉 उनकी देखभाल हेतु दुर्गादास ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखवाया।

✍️ सही उत्तर है – अकबर 

 करमसोत कुल निम्न में से कौन से राजवंश से संबंधित है? 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • राठौड़ 

  • शेखावत 

  • पाल 

  • सिसोदिया 

🔹 व्याख्या

👉 राव जोधा के वंशजों को जोधा राठौड़ कहा गया।
👉 इनके अंतर्गत कई मुख्य खापें विकसित हुईं।
👉 इन खापों में बलसिंहोत, रामावत, खंगारोत, गंगावत तथा करमसोत जोधा प्रमुख थीं।
👉 इस प्रकार करमसोत कुल सीधे तौर पर राठौड़ वंश से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – राठौड़

चन्द्र सेन अपने राज्य की आम जनता में अलोकप्रिय क्यों हो गये

[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]

  • स्वयं की विलासिता पर अत्यधिकखर्च 

  • महाजन वर्ग से धन की लूट 

  • सामाजिक प्रथाओं में अनावश्यक हस्तक्षेप 

  • जनता पर कर बढाए 

🔹 व्याख्या

👉 राव चन्द्रसेन (1562–1581 ई.) मारवाड़ के शासक थे जिन्होंने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
👉 उन्होंने अकबर की शक्ति का सामना करने के लिए अपने राज्य से संसाधन जुटाने शुरू किए। 
👉 इस कारण वे अपने ही राज्य की आम जनता में अलोकप्रिय हो गए।

✍️ सही उत्तर है – महाजन वर्ग से धन की लूट 

निम्नलिखित राठौड़ वंश के राजाओं में से किसने साहस और कूटनीति के माध्यम से, मंडोर पर कब्जा कर लिया और उसे अपनी राजधानी बनाया ? 

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • राणा हम्मीर

  • राव चुंडा 

  • राव चंद्रसेन 

  • राव मालदेव 

🔹 व्याख्या

👉 राठौड़ वंश के शासक राव चूड़ा (चुंडा) वीरमदेव के पुत्र थे।
👉 उन्होंने अपनी शक्ति और कूटनीति से मारवाड़ में प्रभाव बढ़ाया।
👉 इंदा प्रतिहारों की सहायता से उन्होंने मण्डोर दुर्ग पर अधिकार किया।
👉 इसके बाद मण्डोर को राठौड़ राज्य की राजधानी बनाया।

✍️ सही उत्तर है – राव चुंडा 

दुर्गादास राठोड विद्रोही शहजादे अकबर को दक्कन क्यों लेकर गया ?  

[सहायक कृषि अधिकारी 25.04.2018]

  • दुर्गादास औरंगजेब का ध्यान मारवाड़ से हटाना चाहता था

  • अकबर दक्कन में शरण लेना चाहता था

  • दक्कन सबसे निकटवर्ती क्षेत्र था

  • संभाजी ने अकबर को अपने दरबार में आमंत्रित किया था

🔹 व्याख्या

👉 वीर दुर्गादास राठौड़ मुगलों के विरुद्ध मारवाड़ की स्वाधीनता बनाए रखने के लिए संघर्षरत थे।
👉 उन्होंने शहजादे अकबर को अपने साथ लेकर रणनीतिक कदम उठाया।
👉 दुर्गादास का उद्देश्य औरंगजेब का ध्यान बंटाना था।
👉 अकबर को दक्कन ले जाकर वह औरंगजेब का ध्यान मारवाड़ से हटाना चाहता था।

✍️ सही उत्तर है – दुर्गादास औरंगजेब का ध्यान मारवाड़ से हटाना चाहता था 

निम्नलिखित राठौड़ शासकों में से किसने इन्दा परिहारों से मण्डोर को प्राप्त किया? 

[सहायक आचार्य (इतिहास) 12.09.2024]

  • आस्थान 

  • राव सातल 

  • धुहड़  

  • चूडा 

🔹 व्याख्या

👉 राठौड़ वंश के शासक राव चूड़ा (चूण्डा) वीरमदेव के पुत्र थे।
👉 उन्होंने अपनी शक्ति और कूटनीति से मारवाड़ में प्रभुत्व स्थापित किया।
👉 इन्दा परिहारों की पुत्री से विवाह के समय उन्हें मण्डोर दहेज में मिला।
👉 इसके बाद मण्डोर को राठौड़ों की नई राजधानी बनाया गया।

✍️ सही उत्तर है – राव चूड़ा 

'राव-जैतसी-से-छन्द' के अनुसार, बीकानेर के शासक राव जैतसी ने निम्न में से किसे परास्त किया था ?  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • शेरशाह 

  • अकबर 

  • कामरान 

  • हुमायूँ 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक राव जैतसी (1526–1542 ई.) ने कई युद्ध लड़े।
👉 उसके समय लाहौर से बाबर का पुत्र कामरान आक्रमणकारी बनकर आया। 
👉 इसका विस्तृत वर्णन ‘राव जैतसी रो छन्द’ में मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – कामरान 

मोटा राजा ने अपनी पुत्री "जगत - गुसाई" का विवाह किस मुगल युवराज से किया ? 

[कृषि अधिकारी 29.08.2022]

  • सलीम 

  • खुर्रम 

  • बहादुरशाह 

  • सदावत खाँ 

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक मोटा राजा उदयसिंह (1583–1595 ई.) अकबर के अधीन रहे।
👉 उन्होंने अपनी पुत्री माणिबाई का विवाह मुगल युवराज से किया।
👉 विवाह के बाद माणिबाई इतिहास में “जगत गुसाई” के नाम से प्रसिद्ध हुई।
👉 उनका विवाह अकबर के पुत्र, मुगल युवराज सलीम (जहाँगीर) से हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – सलीम 

महाराजा जसवंत सिंह प्रथम के बारे में निम्नलिखित कथनों का अध्ययन कीजिए औरनीचे दिए गए विकल्पों में से सही चुनिए :
A.  
इसका शासनकाल 1628-1678 ई. तक था।
B.
धरमत के युद्ध में इसे औरंगजेब के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा ।
c.
औरंगजेब ने इसे 1659 ई. में गुजरात का सूबेदार नियुक्त किया ।

[स्कूल व्याख्याता (इतिहास) 27.06.2025]

  • A, C असत्य हैं किन्तु B सत्य है ।

  • सभी A, B और C सत्य हैं ।

  • A, B सत्य हैं किन्तु C असत्य है ।

  • A असत्य है किन्तु B, C सत्य हैं ।

 

🔹 व्याख्या

👉 महाराजा जसवंतसिंह प्रथम का शासनकाल 1638–1678 ई. तक रहा, अतः कथन A असत्य है।
👉 1658 ई. में उज्जैन के समीप धरमत का युद्ध हुआ, जिसमें जसवंतसिंह को औरंगजेब से पराजय मिली, अतः कथन B सत्य है।
👉 1659 ई. में औरंगजेब ने जसवंतसिंह को गुजरात का सूबेदार नियुक्त किया, अतः कथन C भी सत्य है।

✍️ सही उत्तर है – A असत्य है, किन्तु B और C सत्य हैं 

राजपूताना एजेंसी निम्नलिखित में से किस वर्ष में बनाई गई थी ? 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024] 

  • 1831 

  • 1833 

  • 1834 

  • 1832 

🔹 व्याख्या

👉 अंग्रेजों ने 19वीं शताब्दी में राजस्थान की रियासतों पर नियंत्रण मजबूत किया।
👉 इसके लिए उन्होंने विभिन्न रियासतों को एक प्रशासनिक ढाँचे में जोड़ा।

✍️ सही उत्तर है – 1832 

उस राजा का क्या नाम था जिसे हड़बूजी ने आशीर्वाद देते हुए अपना खंजर भी उपहार में दिया था ?

[स्कूल व्याख्याता GK (E) 06.07.2025]

  • राव जोधा

  • राव मालदेव

  • राव सातल

  • राव सूजा

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर के शासक राव जोधा (1438–1489 ई.) मारवाड़ के प्रतापी राजा थे।
👉 उनके समय संत हड़बूजी का विशेष महत्व था।
👉 हड़बूजी ने राव जोधा को अपना आशीर्वाद दिया।
👉 साथ ही स्मृति स्वरूप उन्हें अपना खंजर उपहार में प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – राव जोधा 

राजस्थान के निम्नलिखित युद्धों पर विचार कीजिए : 

(i) गिंगोली का युद्ध    (ii) सारंगपुर का युद्ध 

(iii) मतीरे की राड़     (iv) दत्ताणी का युद्ध 

इन युद्धों का सही कालानुक्रम है : 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • (ii), (iv), (iii), (i)

  • (i), (ii), (iii), (iv) 

  • (i), (iv), (iii), (ii)

  • (i), (ii), (iv), (iii) 

 

🔹 व्याख्या

👉 सारंगपुर का युद्ध सबसे पहले हुआ था, जो मालवा के सुल्तान होशंगशाह और राठौड़ों के बीच लड़ा गया।
👉 इसके बाद 1583 ई. में सिरोही क्षेत्र में दत्ताणी का युद्ध हुआ, जिसमें जगमाल की मृत्यु हुई।
👉 फिर 1644 ई. में बीकानेर के कर्णसिंह और नागौर के अमरसिंह के बीच मतीरे की राड़ लड़ी गई।
👉 सबसे अंत में 1807 ई. में मारवाड़ व जयपुर के बीच गिंगोली का युद्ध हुआ।

✍️ सही उत्तर है – (ii), (iv), (iii), (i) 

किस शासक को 'हशमत वाला राजा' कहा जाता था ?

[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]

  • शेरशाह सूरी 

  • मानसिंह प्रथम

  • राव मालदेव  

  • चन्द्रसेन

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव (1532–1562 ई.) मारवाड़ के सबसे प्रतापी शासक माने गए।
👉 उन्हें फारसी इतिहासकारों ने “हशमत वाला राजा” की संज्ञा दी।
👉 अबुल फज़ल ने भी उन्हें भारत के शक्तिशाली राजाओं में गिना।
👉 मालदेव को 52 युद्धों का नायक और 58 परगनों का स्वामी कहा गया।

✍️ सही उत्तर है – राव मालदेव 

मुगल सम्राट जहाँगीर द्वारा 'दलथम्भन' की उपाधि किसे प्रदान की गई थी ? 

[सांख्यिकी अधिकारी 25.02.2024]

  • अजीतसिंह 

  • गजसिंह 

  • सूरसिंह 

  • जसवन्तसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 जोधपुर के शासक महाराजा गजसिंह (1619–1638 ई.) जहाँगीर और शाहजहाँ दोनों के अधीन रहे।
👉 उन्होंने मुगल दरबार में अपनी निष्ठा और सेवाएँ प्रदान कीं।
👉 इन्हीं सेवाओं से प्रसन्न होकर मुगल सम्राट जहाँगीर ने उन्हें उपाधि दी।
👉 यह उपाधि थी “दलथम्भन”, जो गजसिंह को सम्मानस्वरूप मिली।

✍️ सही उत्तर है – गजसिंह 

“रूठी रानी” के नाम से कौन प्रसिद्ध है? 

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

  • उमादे 

  • रूपादे 

  • हंसा बाई 

  • जोधा बाई 

🔹 व्याख्या

👉 राव मालदेव की पत्नी उमादे भटियाणी का विवाह 1536 ई. में हुआ था।
👉 विवाह के बाद सुहागरात के दिन मालदेव के व्यवहार से उमादे नाराज़ हो गई।
👉 इसके बाद उसने मालदेव से जीवनभर दूरी बनाए रखी।
👉 उमादे कभी अपने पति के पास नहीं गई और इतिहास में “रूठी रानी” कहलायी।

✍️ सही उत्तर है – उमादे 

अकबर ने अपनी 1570 ई. की नागोर यात्रा के पश्चात जोधपुर दुर्ग किसकों सौपा ? 

[कृषि अधिकारी 2011]

  • मारवाड़ के उदयसिंह 

  • बुन्दी के राव सुर्जन 

  • जोधपुर के चन्द्रसेन 

  • बीकानेर के रायसिंह 

🔹 व्याख्या

👉 अकबर 1570 ई. में नागौर यात्रा पर आया था।
👉 इस यात्रा के बाद उसने जोधपुर दुर्ग की जिम्मेदारी सौंपी।
👉 यह कार्य बीकानेर के शासक रायसिंह को सौंपा गया।
👉 रायसिंह अकबर के सबसे विश्वसनीय सामंतों में गिने जाते थे।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के रायसिंह 

जोगीतीर्थ वार्ता के दौरान मालदेव हुमायूँ की सहायतार्थ कौन सा क्षेत्र देने को तैयार था ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • बीकानेर 

  • जोगीतीर्थ 

  • फलौदी 

  • जैसलमेर 

🔹 व्याख्या

👉 1540 ई. में हुमायूँ शेरशाह सूरी से पराजित होकर भटक रहा था।
👉 इसी दौरान उसकी मुलाकात राव मालदेव से जोगीतीर्थ में हुई।
👉 इस वार्ता में मालदेव ने हुमायूँ को शरण देने पर विचार किया।
👉 वह हुमायूँ की सहायता हेतु बीकानेर क्षेत्र देने को तैयार था।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर 

'मारवाड़ की पन्नाधाय' के नाम से प्रख्यात स्त्री का का नाम बताइए, जिन्होंने युवराज अजीत सिंह की धाय(आया) होने का दायित्व निभाया - 

[कृषि अधिकारी 30.08.2022] 

  • सोनाधाय 

  • दुर्गाधाय

  • गोराधाय 

  • हीराधाय 

🔹 व्याख्या

👉 महाराजा जसवंतसिंह प्रथम की मृत्यु के समय उनका उत्तराधिकारी अजीतसिंह बाल्यावस्था में था।
👉 उस समय उसकी रक्षा का कार्य उसकी धाय गोराधाय ने संभाला।
👉 गोराधाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर अजीतसिंह को सुरक्षित बचाया।
👉 इस महान बलिदान के कारण गोराधाय को “मारवाड़ की पन्नाधाय” कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – गोराधाय 

निम्नलिखित में से कौनसा कथन शाहजहाँ के शासनकाल से सम्बन्धित नहीं है ? 

[Asst. Prof. (History) 17.05.2024]

  • जैसलमेर के सबल सिंह को टीका प्रदान किया था। 

  • बूंदी राज्य को दो भागों में बांट दिया था। 

  • बीकानेर के दलपत सिंह को टीका प्रदान किया था। 

  • मेवाड़ के जगत सिंह ने चित्तौड़गढ़ की मरम्मत शुरू की थी। 

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर के शासक दलपतसिंह का शासनकाल बहुत अल्प रहा (1612–1613 ई.)।
👉 इन्हें जहाँगीर के समय बीकानेर का शासक बनाया गया था।
👉 शाहजहाँ का शासनकाल 1628 ई. से आरम्भ हुआ।
👉 अतः दलपतसिंह को टीका प्रदान करने की घटना शाहजहाँ के समय से संबंधित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर के दलपतसिंह को टीका प्रदान किया था। 

धरमत के युद्ध क्षेत्र से घायल महाराजा जसवन्त सिंह को बाहर कौन लाया ?

[Development Officer 29.07.2025]

  • मुकन्द हाड़ा, राजसिंह राठौड़

  • आसकरण, महेश दास

  • दयाल सिंह झाला, सुजान सिंह सिसोदिया

  • कासिम खाँ, जयसिंह

🔹 व्याख्या:

👉 धरमत के युद्ध में महाराजा जसवंत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
👉 युद्धभूमि से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य आसकरण और महेश दास—इन दोनों ने मिलकर किया था।
👉 दोनों ही योद्धाओं ने संकट की स्थिति में महाराजा को युद्ध क्षेत्र से बाहर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – आसकरण और महेश दास 

फारसी इतिहासकार अबुल फज़ल, बदायूँनी, निजामुद्दीन ने राजस्थान के किस शासक को "हशमत वाला शासक" कहा है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • चन्द्रसेन 

  • मालदेव 

  • राव रणमल

  • राव जोधा

🔹 व्याख्या

👉 मारवाड़ के शासक राव मालदेव (1532–1562 ई.) को समकालीन इतिहासकारों ने उच्च स्थान दिया।
👉 फारसी इतिहासकार अबुल फज़ल, बदायूँनी और निजामुद्दीन ने उनकी प्रशंसा की।
👉 इन इतिहासकारों ने मालदेव को “हशमत वाला शासक” कहा।
👉 उनकी शक्ति और साम्राज्य के विस्तार के कारण उन्हें यह उपाधि मिली।

✍️ सही उत्तर है – मालदेव 

मालदेव ने नागौर के शासक दौलत खाँ को पराजित कर वहाँ का सूबेदार किसे नियुक्त किया ?

[Asst. Prof. (History-II) 10.12.2025]

  • सामंत कूंपा

  • रत्नसिंह

  • वीरा

  • वीरम मांगलियोत

🔹 व्याख्या

👉 मालदेव राठौड़ ने नागौर के दौलत खाँ को पराजित किया।
👉
विजय के बाद वहाँ नया सूबेदार नियुक्त किया गया।
👉
इस पद पर वीरम मांगलियोत को नियुक्त किया गया।
👉
इसलिए यही व्यक्ति सही उत्तर है।

✍️ सही उत्तर है – वीरम मांगलियोत