राजस्थान के मुख्यमंत्री को चिह्नित कीजिए, जिन्होंने राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया -

(i) मोहनलाल सुखाड़िया (ii) हीरा लाल देवपुरा 

(iii) शिव चरण माथुर (iv) जगन्नाथ पहाड़िया 

सही कूट का चयन करें -

JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022

  •  (i), (iii) और (iv)

  •  (ii), (iii) और (iv)

  •  (i), (ii) और (iii)

  •  (i), (ii), (iii) और (iv

🔹 व्याख्या

👉 मोहनलाल सुखाड़िया ने विभिन्न समयों पर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 शिवचरण माथुर दो बार (1981–1985 और 1988–1989) राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे तथा बाद में असम के राज्यपाल बने।
👉 जगन्नाथ पहाड़िया 1980–1981 में राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे और बाद में हरियाणा, बिहार व मिजोरम के राज्यपाल रहे।

✍️ सही उत्तर है – (i), (iii) और (iv)

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? 

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • मुख्यमंत्री का कार्यकाल निश्चित होता है।

  • मुख्यमंत्री के पदभार ग्रहण करने से पहले राज्यपाल उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं। 

  • मुख्यमंत्री राज्यपाल की मर्जी तक पद पर बना रहता 

  • संविधान में मुख्यमंत्री के चयन और नियुक्ति के लिए कोई विशिष्ट प्रक्रिया नहीं है। 

🔹 व्याख्या

👉 मुख्यमंत्री का कार्यकाल निश्चित नहीं होता है।
👉 वह राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त अपने पद पर बना रहता है।
👉 जब तक मुख्यमंत्री को विधानसभा का बहुमत समर्थन प्राप्त है, तब तक वह पद पर बना रह सकता है।
👉 विश्वास मत खोने पर उसे त्यागपत्र देना अनिवार्य होता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री का कार्यकाल निश्चित होता है। 

राजस्थान के मुख्यमंत्री जिनका जन्म अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ था

[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]

  • मोहनलाल सुखाड़िया

  • वसुंधरा राजे

  • अशोक गहलोत    

  • जगन्नाथ पहाड़िया

🔹 व्याख्या

👉 वसुंधरा राजे राजस्थान की वह मुख्यमंत्री हैं जिनका जन्म अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) को हुआ था।
👉 वे राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रही हैं।

✍️ सही उत्तर है – वसुंधरा राजे 

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है ? 

[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]

  • अनुच्छेद 165 

  • अनुच्छेद 163 

  • अनुच्छेद 164 

  • अनुच्छेद 166 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 164(1) के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री के परामर्श से करता है।
👉 मुख्यमंत्री राज्य सरकार का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है।
👉 राज्यपाल केवल औपचारिक नियुक्ति करता है, जबकि वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री के पास होती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164 

राज्य मंत्रिमंडल में सदस्यों की अधिकतम अनुमत संख्या है : 

[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]

  • राज्य विधानमंडल का 15% 

  • राज्य विधानसभा का 15%  

  • राज्य विधानमंडल का 10% 

  • राज्य विधानसभा का 10% 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मंत्रिपरिषद की अधिकतम सीमा राज्य विधानसभा की कुल संख्या के 15% के बराबर होती है।
👉 यह प्रावधान संविधान (91वाँ संशोधन) अधिनियम, 2003 के अंतर्गत निर्धारित किया गया है।
👉 उदाहरण: यदि विधानसभा में 200 सदस्य हैं, तो अधिकतम मंत्री संख्या = (200×15%=30)।
👉 न्यूनतम सीमा मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्री रखी गई है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य विधानसभा का 15%  

निम्नलिखित राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए : 

1. भैरोंसिंह शेखावत 

2. वसुंधरा राजे 

3. जयनारायण व्यास 

4. हरिदेव जोशी 

5. हीरालाल शास्त्री 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: 

[Junior Accountant 11.02.2024]

  • 5, 4, 3, 1,2 

  • 5, 3, 4, 1, 2 

  • 3, 4, 5, 1, 2 

  • 3, 5, 4, 2, 1 

🔹 व्याख्या

👉 हीरालाल शास्त्री राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री थे (1949–1951)।
👉 उनके बाद जयनारायण व्यास ने मुख्यमंत्री पद संभाला।
👉 तत्पश्चात हरिदेव जोशी का कार्यकाल रहा।
👉 इसके बाद भैरोंसिंह शेखावत ने पद ग्रहण किया।
👉 अंत में वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री बनीं।

✍️ सही उत्तर है – 5, 3, 4, 1, 2 

निम्नलिखित मुख्यमंत्रीयों में से कौन राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर भी रहे ? 

a. जयनारायण व्यास b. जगन्नाथ पहाड़िया 

c. भैरोंसिंह शेखावत d. वसुंधरा राजे 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें : 

[NHM Medical Worker 04.06.2025]

  • केवल c 

  • केवल b और d 

  • केवल a और c 

  • केवल a 

🔹 व्याख्या

👉 जयनारायण व्यास राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में कार्य कर चुके थे।
👉 भैरोंसिंह शेखावत ने भी विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की भूमिका निभाई थी।
👉 जगन्नाथ पहाड़िया प्रोटेम स्पीकर नहीं रहे थे।
👉 वसुंधरा राजे भी कभी प्रोटेम स्पीकर के पद पर नहीं रहीं। 

✍️ सही उत्तर है – केवल a और c 

मुख्यमंत्री के वेतन और भत्ते निम्न में से किसके द्वारा निर्धारित किये जाते हैं ? 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • राज्यपाल 

  • संसद 

  • संविधान की तीसरी अनुसूची 

  • राज्य विधानसभा 

🔹 व्याख्या

👉 मुख्यमंत्री के वेतन और भत्ते का निर्धारण राज्य की विधानसभा द्वारा किया जाता है।
👉 राज्य विधानमंडल समय-समय पर मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के वेतन, भत्ते, आवास और अन्य सुविधाओं का प्रावधान करता है।
👉 मुख्यमंत्री को राज्य सरकार के व्यय विषयक भत्ते, यात्रा भत्ता और चिकित्सा सुविधा भी प्राप्त होती है।
👉 यह व्यवस्था राज्य के विधानमंडलीय नियंत्रण और पारदर्शिता को बनाए रखने हेतु की गई है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य विधानसभा 

30 अप्रैल, 1977 को राष्ट्रपति शासन लागू होने से पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री निम्नलिखित में से कौन थे ? 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • श्री हरि देव जोशी 

  • श्री भैरों सिंह शेखावत 

  • श्री मोहन लाल सुखाड़िया 

  • श्री टीका राम पालीवाल 

🔹 व्याख्या

👉 29 अप्रैल 1977 को राजस्थान के मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी की सरकार बर्खास्त की गई।
👉 इसके बाद राज्य में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया।
👉 यह राष्ट्रपति शासन 29 अप्रैल 1977 से 22 जून 1977 तक कुल 54 दिनों तक चला।
👉 उस समय केंद्र में जनता पार्टी की सरकार थी और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे।

✍️ सही उत्तर है – श्री हरिदेव जोशी 

भारत के संविधान का कौन-सा संविधान संसोधन अधिनियम राजस्थान मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करता है ?

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • संविधान (75 वां संसोधन) अधिनियम, 1993

  • संविधान (91 वां संसोधन) अधिनियम, 2003

  • संविधान (89 वां संसोधन) अधिनियम, 2003 

  • संविधान (95 वां संसोधन) अधिनियम, 2009 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान (91वाँ संशोधन) अधिनियम, 2003 के अंतर्गत अनुच्छेद 164(1A) जोड़ा गया।
👉 इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या, राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी।
👉 साथ ही यह भी निर्धारित किया गया कि एक राज्य में मुख्यमंत्री सहित न्यूनतम 12 मंत्री होने चाहिए।

✍️ सही उत्तर है – संविधान (91वाँ संशोधन) अधिनियम, 2003 

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राजस्थान में मुख्यमंत्री की नियुक्ति होती है? 

VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021

  • अनुच्छेद 270 

  • अनुच्छेद 60 

  • अनुच्छेद 350 

  • अनुच्छेद 164 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 164(1) में यह प्रावधान है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी राज्यपाल मुख्यमंत्री के परामर्श से करता है।
👉 इस अनुच्छेद के अंतर्गत मुख्यमंत्री राज्य सरकार का वास्तविक संवैधानिक प्रमुख होता है।
👉 राज्यपाल केवल औपचारिक रूप से नियुक्ति करता है, जबकि वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री के पास होती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164(1)

निम्न में से कौनसा कथन गलत है ? 

VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021

  • तीसरी अनुसूची में संसदीय सचिवों के लिए शपथ या प्रतिज्ञान का प्रारूप शामिल है। 

  • मंत्रियों की सहायता के लिए संसदीय सचिवों की नियुक्ति कीजाती है । 

  • राज्य सरकारें विधायकों में से संसदीय सचिवों की नियुक्ति करती रही हैं । 

  • मुख्यमंत्री संसदीय सचिव की नियुक्ति करते हैं और पद की शपथ दिलाते हैं । 

🔹 व्याख्या

👉 तीसरी अनुसूची में राष्ट्रपति तथा केंद्रीय मंत्री/सांसद आदि के लिए शपथ/प्रतिज्ञान के प्रारूप शामिल हैं।
👉 उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए भी शपथ के प्रारूप तीसरी अनुसूची में सूचीबद्ध हैं।
👉 संसदीय सचिव के लिए शपथ का प्रारूप तीसरी अनुसूची में नहीं है; वे मंत्रियों की सहायता के लिए नियुक्त होते हैं।
👉 संसदीय सचिव मुख्यमंत्री के समक्ष शपथ लेते हैं, इसलिए तीसरी अनुसूची में उनका प्रारूप शामिल नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – तीसरी अनुसूची में संसदीय सचिवों के लिए शपथ या प्रतिज्ञान का प्रारूप शामिल है। 

किसी राज्य का मुख्यमंत्री निम्नलिखित में से किसका सदस्य होता है ?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • अंतर-राज्यीय परिषद

  • राज्य चयन बोर्ड

  • लोक लेखा समिति

  • भारत निर्वाचन आयोग

🔹 व्याख्या

👉 किसी राज्य का मुख्यमंत्री अंतर-राज्यीय परिषद का सदस्य होता है।
👉 यह परिषद राज्यों के बीच समन्वय व सहयोग को मजबूत करने के लिये बनाई गई है।
👉 परिषद का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है और वह इसकी बैठकों का नेतृत्व करता है।
👉 इसके सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं।
👉 केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री/प्रशासक भी परिषद के सदस्य होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – अंतर-राज्यीय परिषद 

निम्नलिखित में कौनसा कथन असत्य है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • राजस्थान के सभी मंत्री कैबिनेट मंत्री हैं। 

  • कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभाग होते हैं। 

  • राजस्थान में मुख्यमंत्री सहित 30 मंत्री हो सकते हैं । 

  • राजस्थान सरकार में वर्तमान में कोई भी उपमंत्री नहीं है।     

🔹 व्याख्या

👉 यह कथन असत्य है कि राजस्थान के सभी मंत्री कैबिनेट मंत्री हैं।
👉 राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री शामिल होते हैं।
👉 सभी मंत्री कैबिनेट स्तर के नहीं होते हैं।
👉 केवल वे मंत्री, जो कैबिनेट का हिस्सा होते हैं, उन्हें कैबिनेट मंत्री कहा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान के सभी मंत्री कैबिनेट मंत्री हैं। 

निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थान के मुख्य मंत्री का पद नहीं है ? 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • मुख्य मंत्री सलाहकार समिति का अध्यक्ष 

  • राष्ट्रीय विकास परिषद् का सदस्य 

  • अंतर्राज्य परिषद् का सदस्य 

  • राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (आर.एच.आर.सी.) की स्थापना 18 जनवरी 1999 को हुई थी।
👉 प्रारंभ में इसमें एक अध्यक्ष तथा चार सदस्य थे।
👉 वर्ष 2006 में संशोधन के बाद इसकी संरचना एक अध्यक्ष और दो सदस्य कर दी गई।
👉 यह आयोग राजस्थान में लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा हेतु कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष 

राजस्थान के उपमुख्यमंत्रियों के बारे में कौन सी जोड़ी सुमेलित है

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • हीरालाल देवपुरा, सचिन पायलट

  • कमला बेनीवाल, सचिन पायलट 

  • घनश्याम तिवारी, सचिन पायलट  

  • शिवचरण माथुर, टीकाराम पालीवाल 

🔹 व्याख्या

👉 कमला बेनीवाल वर्ष 2003 में राजस्थान की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनीं।
👉 सचिन पायलट ने 17 दिसंबर 2018 से 14 जुलाई 2020 तक उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
👉 दोनों ही व्यक्ति राजस्थान के उपमुख्यमंत्रियों के रूप में सही सुमेलित हैं।

✍️ सही उत्तर है – कमला बेनीवाल और सचिन पायलट 

राज्य मंत्रिपरिषद् अपने पद पर बना रहता है _____ के प्रसाद पर्यंत |

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • राज्यपाल 

  • स्पीकर 

  • मुख्यमंत्री 

  • पार्टी अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मंत्रिपरिषद राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत पद पर बनी रहती है।
👉 अनुच्छेद 164 के अनुसार, मुख्यमंत्री और मंत्री राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
👉 राज्यपाल औपचारिक प्रमुख होते हैं, जबकि वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री और उनकी परिषद के पास होती है।
👉 राज्यपाल मंत्रियों को मुख्यमंत्री की सलाह पर ही पद से हटा सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राजस्थान की राज्य कार्यकारिणी में निम्नलिखित में से कौन शामिल होता है ? 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • राज्यपाल, उपराष्ट्रपति, मंत्रिपरिषद् 

  • राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद् 

  • राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद्, महाधिवक्ता 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की राज्य कार्यकारिणी में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद् और महाधिवक्ता शामिल होते हैं।
👉 राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री के पास होती है।
👉 मुख्यमंत्री सरकार का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख होता है और मंत्रिपरिषद् के साथ मिलकर कार्य करता है।
👉 महाधिवक्ता राज्य सरकार का मुख्य विधिक सलाहकार होता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद्, महाधिवक्ता 

राज्य मंत्री परिषद जवाबदेही होती है :

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • राष्ट्रपति के प्रति

  • भारतीय संसद के प्रति

  • राज्य विधान सभा के प्रति 

  • राज्यपाल के प्रति

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
👉 यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 164(2) में किया गया है।
👉 यदि विधानसभा में मंत्रिपरिषद बहुमत का विश्वास खो देती है, तो उसे इस्तीफा देना पड़ता है।
👉 यह उत्तरदायित्व राज्य में संसदीय शासन व्यवस्था की मूल विशेषता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य विधानसभा के प्रति 

निम्न में से किस मुख्यमंत्री को डीग गोलीकांड के बाद इस्तीफा देना पड़ा और उन्होंने कब इस्तीफा दिया? 

[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]

  • शिव चरण माथुर: 23 फरवरी, 1985 

  • जगन्नाथ पहाड़िया ; 13 जुलाई, 1981 

  • मोहन लाल सुखाड़िया : 16 फरवरी, 1980 

  • हरिदेव जोशी : 20 जनवरी, 1988 

🔹 व्याख्या

👉 डीग गोलीकांड की घटना के बाद उस समय के राजस्थान के मुख्यमंत्री शिव चरण माथुर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
👉 उनका इस्तीफा 23 फरवरी, 1985 को दिया गया था।
👉 यह घटना उनके कार्यकाल के दौरान हुई थी, जिससे राजनीतिक दबाव बना।
👉 इस्तीफे के बाद राज्य में राजनीतिक परिवर्तन की स्थिति उत्पन्न हुई।

✍️ सही उत्तर है – शिव चरण माथुर : 23 फरवरी, 1985 

निम्न में से कौन सा अनुच्छेद विशेष रूप से मुख्यमंत्री के कार्यों से संबंधित है ? 

[कर सहायक 14.10.2018]

  • अनुच्छेद 75 

  • अनुच्छेद 167

  • अनुच्छेद 163 

  • अनुच्छेद 168

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 167 विशेष रूप से मुख्यमंत्री के कर्तव्यों और कार्यों से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद् के सभी निर्णयों और प्रस्तावों की सूचना दे।
👉 राज्यपाल द्वारा मांगी गई किसी भी सूचना को मुख्यमंत्री प्रदान करने के लिए बाध्य होता है।
👉 मुख्यमंत्री राज्यपाल और मंत्रिपरिषद् के बीच एक सेतु (कड़ी) के रूप में कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 167 

भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य के मुख्यमंत्री के कर्तव्यों का वर्णन करता है ?  

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • अनुच्छेद 164 

  • अनुच्छेद 165 

  • अनुच्छेद 167 

  • अनुच्छेद 162 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान का अनुच्छेद 167 राज्य के मुख्यमंत्री के कर्तव्यों और दायित्वों का वर्णन करता है।
👉 इसके अनुसार मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद् के निर्णयों और प्रस्तावों की सूचना देता रहे।
👉 मुख्यमंत्री को राज्यपाल द्वारा माँगी गई कोई भी सूचना प्रदान करनी होती है।
👉 वह राज्यपाल और मंत्रिपरिषद् के बीच सेतु (कड़ी) के रूप में कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 167 

निम्नलिखित में से कौन, राजस्थान की प्रथम महिला उप-मुख्यमंत्री थीं ?  

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • प्रतिभा पाटिल 

  • कमला बेनीवाल 

  • वसुंधरा राजे 

  • दिया कुमारी 

🔹 व्याख्या

👉 श्रीमती कमला बेनीवाल राजस्थान की प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री थीं।
👉 उनका उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल 10 माह 24 दिन का रहा।
👉 वे राजस्थान सरकार में पहली महिला मंत्री भी रही थीं।
👉 उन्होंने गृह, शिक्षा और कृषि मंत्रालय सहित कई विभागों का दायित्व संभाला।

✍️ सही उत्तर है – कमला बेनीवाल 

यदि किसी ऐसे व्यक्ति को राज्य का मंत्री बनाया जाता है, जो राज्य विधायिका का सदस्य नहीं है, तो इस विषय में संवैधानिक प्रावधान क्या है ? 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • वह राज्यपाल द्वारा हटा दिया जाता है

  • उसका छः माह के भीतर निर्वाचन किया जाये। 

  • वह त्यागपत्र दे दे ।

  • वह अविश्वास प्रस्ताव द्वारा हटाया जाता है।

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 164(4) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति राज्य विधायिका का सदस्य नहीं है, तो उसे राज्य का मंत्री बनाया जा सकता है।
👉 ऐसा व्यक्ति अधिकतम 6 माह की अवधि तक ही मंत्री पद पर बना रह सकता है।
👉 इस अवधि के भीतर उसे विधानमंडल की सदस्यता प्राप्त करनी होती है।
👉 यदि वह छः माह में सदस्य नहीं बनता, तो उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है।

✍️ सही उत्तर है – उसका छः माह के भीतर निर्वाचन किया जाये। 

निम्न में से कौन-सा संविधान संशोधन राजस्थान में मंत्रि परिषद के आकार को परिसीमित करता है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • 91 वाँ संविधान संशोधन 

  • 42 वाँ संविधान संशोधन

  • 44वाँ संविधान संशोधन 

  • 122 वाँ संविधान संशोधन 

🔹 व्याख्या

👉 91वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा राज्यों में मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित किया गया।
👉 इस संशोधन के अनुसार मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या राज्य विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
👉 साथ ही, मंत्रियों की न्यूनतम संख्या 12 से कम नहीं हो सकती।
👉 इस संशोधन का उद्देश्य दल-बदल और पदों के दुरुपयोग को रोकना था।

✍️ सही उत्तर है – 91वाँ संविधान संशोधन 

राजस्थान राज्य योजना बोर्ड का अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन होता है ? 

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • मुख्यमंत्री 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • विधान सभा अध्यक्ष 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य योजना बोर्ड राज्य के विकास कार्यों और नीतियों के निर्माण में सहायक संस्था है।
👉 इस बोर्ड का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है।
👉 मुख्यमंत्री राज्य के विकास कार्यों की दिशा और प्राथमिकताओं का निर्धारण करता है।
👉 वह योजना निर्माण में समन्वय और नीति-निर्देशन की भूमिका निभाता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री

निम्नलिखित में से कौन सी शक्ति मुख्यमंत्री के पास नहीं है ? 

[SI मोटर वाहन 12.02.2022]

  • मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों के विभागों को बदलता है । 

  • मुख्यमंत्री राज्यपाल से विधान सभा को विघटित करने के लिए कह सकता है। 

  • मुख्यमंत्री राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है । 

  • राज्यपाल केवल उन लोगों को मंत्री नियुक्ति करता है जिनकी मुख्यमंत्री द्वारा सिफारिश की जाती है । 

🔹 व्याख्या

👉 मुख्यमंत्री राज्य की वास्तविक कार्यपालिका का प्रमुख होता है।
👉 वह राज्यपाल को परामर्श और सहायता प्रदान करता है तथा मंत्रिपरिषद् का नेतृत्व करता है।
👉 मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद् की नियुक्ति, विभागों के बंटवारे और नीति-निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है।
👉 परंतु उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री के पास नहीं होता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है। 

कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए 

  1. टीकाराम पालीवाल राजस्थान में एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो उपमुख्यमंत्री भी रहे हैं।
  2. हरिशंकर भाभड़ा राजस्थान में अब तक सबसे लम्बे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे हैं। 

निम्न में से कौनसा विकल्प सही है? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • I व II दोनों कथन सही हैं। 

  • केवल कथन II सही है 

  • I व II दोनों कथन गलत हैं  

  • केवल कथन  I सही है 

🔹 व्याख्या

👉 टीका राम पालीवाल ने 3 मार्च 1952 से 31 अक्टूबर 1952 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
👉 वे राजस्थान के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
👉 हरीशंकर भाभड़ा ने 6 अक्टूबर 1994 से 29 नवम्बर 1998 तक (4 वर्ष 54 दिन) राजस्थान के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया — अब तक का सबसे लम्बा कार्यकाल।

✍️ सही उत्तर है – I व II दोनों कथन सही हैं। 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का नेतृत्व कौन करता है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • राज्य के मुख्य सचिव 

  • मुख्यमंत्री 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) का नेतृत्व राज्य के मुख्यमंत्री करते हैं।
👉 मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष होते हैं और आपदा प्रबंधन नीतियों व योजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख करते हैं।
👉 राज्य कार्यकारी समिति (SEC) की अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव करते हैं।
👉 यह समिति SDMA के निर्णयों और कार्यों के समन्वय की निगरानी करती है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री

भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य के मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, जिम्मेदारी, योग्यता, वेतन और भत्तों से संबंधित है ? 

[पटवार (प्रथम चरण) 23.10.2021]

  • अनुच्छेद 265

  • अनुच्छेद 162

  • अनुच्छेद 164

  • अनुच्छेद 207

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 164 में राज्य के मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल, जिम्मेदारी, योग्यता तथा वेतन-भत्तों से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री के परामर्श से होती है।
👉 मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
👉 सभी मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त पद पर बने रहते हैं।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164 

मुख्यमंत्री जिन्हें एक कवयित्री पर विवादास्पद टिप्पणी के कारण त्यागपत्र देना पड़ा -

JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022

  • जगन्नाथ पहाड़िया

  • मोहन लाल सुखाड़िया

  • हरिदेव जोशी

  • शिवचरण माथुर

🔹 व्याख्या

👉 जगन्नाथ पहाड़िया ने जून 1980 से जुलाई 1981 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
👉 एक कवियत्री पर टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के कारण उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा।
👉 इस घटना से राजनीतिक और जन विरोध बढ़ गया, जिससे उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा।

✍️ सही उत्तर है – जगन्नाथ पहाड़िया 

संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जाती है ?

[NHM Accounts Assistant 16.06.2025]

  • अनुच्छेद-160

  • अनुच्छेद-161

  • अनुच्छेद-164

  • अनुच्छेद-165

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 कहता है कि राज्य का मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है।
👉 सामान्यतः विधानसभा में बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री पद हेतु चुना जाता है।
👉 अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करते हैं।
👉 यदि मुख्यमंत्री नियुक्त व्यक्ति छः महीने के भीतर विधानमंडल का सदस्य नहीं बनता, तो उसका पद समाप्त हो जाता है।
👉 अनुच्छेद 164 राज्य में मंत्रिपरिषद के गठन व वैधता का आधार प्रदान करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164 

मुख्यमन्त्री के कर्त्तव्यों को संविधान का कौन-सा अनुच्छेद परिभाषित करता है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]

  • अनुच्छेद 164 

  • अनुच्छेद 166 

  • अनुच्छेद 167 

  • अनुच्छेद 163 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान का अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्त्तव्यों और दायित्वों को परिभाषित करता है।
👉 इसके अनुसार मुख्यमंत्री का दायित्व है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद् के निर्णयों और प्रस्तावों की जानकारी देता रहे।
👉 राज्यपाल द्वारा मांगी गई किसी भी सूचना को मुख्यमंत्री उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होता है।
👉 वह राज्यपाल और मंत्रिपरिषद् के बीच सेतु (कड़ी) के रूप में कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 167 

निम्नलिखित में से किसने, राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार शपथ ली थी ?

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • भैरों सिंह शेखावत

  • हीरालाल शास्त्री

  • टीका राम पालीवाल

  • जगन्नाथ पहाड़िया

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में भैरों सिंह शेखावत ने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
👉 वे राज्य की राजनीति में सबसे प्रमुख व प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
👉 उनका कार्यकाल विभिन्न अवधियों में तीन बार पूरा हुआ था।
👉 शेखावत राजस्थान की विधानपालिका व प्रशासन दोनों में मजबूत पकड़ रखते थे।
👉 इसी कारण उन्हें राज्य का तीन बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला।

✍️ सही उत्तर है – भैरों सिंह शेखावत 

राजस्थान के सबसे कम समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री कौन थे ? 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • भजन लाल 

  • हीरा लाल देवपुरा 

  • वसुंधरा राजे 

  • अशोक गहलोत

🔹 व्याख्या

👉 श्री हीरालाल देवपुरा राजस्थान के सबसे कम अवधि तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री थे। 
👉 उनका कार्यकाल राज्य के राजनीतिक इतिहास का सबसे छोटा कार्यकाल माना जाता है।
👉 उन्होंने अपने कार्यकाल में अल्प अवधि के लिए प्रशासनिक दायित्व निभाया।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल देवपुरा 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की अंतरिम सरकार के मुख्यमंत्री नहीं रहे ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • श्री सी. एस. वैंकटाचारी 

  • श्री जयनारायण व्यास 

  • श्री हीरालाल शास्त्री 

  • श्री टीकाराम पालीवाल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की अंतरिम सरकार का गठन 1948 से 1949 के बीच हुआ था।
👉 इस सरकार के मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री थे, जिन्होंने 7 अप्रैल 1949 को पद संभाला।
👉 श्री टीकाराम पालीवाल राजस्थान की प्रथम निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री रहे, अंतरिम सरकार के नहीं।
👉 इसलिए वे अंतरिम सरकार के मुख्यमंत्री नहीं रहे।

✍️ सही उत्तर है – श्री टीकाराम पालीवाल 

राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे? (निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)  

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • हरि देव जोशी 

  • टीका राम पालीवाल 

  • जय नारायण व्यास 

  • हीरा लाल शास्त्री 

🔹 व्याख्या

👉 हीरालाल शास्त्री राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री थे।
👉 उन्होंने 7 अप्रैल 1949 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।
👉 उनका कार्यकाल राज्य के एकीकरण के प्रारंभिक दौर में रहा।
👉 उन्होंने राजस्थान में लोकतांत्रिक शासन प्रणाली की नींव रखी।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल शास्त्री 

राज्य का मुख्य कार्यकारी प्रमुख कौन होता है ? 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • गृहमंत्री 

  • जिला मजिस्ट्रेट 

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य का मुख्य कार्यकारी प्रमुख राज्यपाल होता है, जो राज्य की कार्यपालिका का संवैधानिक मुखिया माना जाता है।
👉 राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा पाँच वर्ष की अवधि के लिए की जाती है।
👉 राज्यपाल राज्य सरकार के कार्यों की देखरेख करता है और राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेज सकता है।
👉 वास्तविक कार्यकारी शक्ति मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद के पास होती है, जो राज्यपाल को सलाह देते हैं।
👉 राज्यपाल मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों की औपचारिक नियुक्ति करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

निम्न में से राजस्थान राज्य के किस मुख्यमंत्री का कार्यकाल सबसे कम अवधि का रहा है ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • श्री हीरालाल देवपुरा

  • श्री बरकतुल्ला खाँ

  • श्री हरिदेव जोशी

  • श्री जगन्नाथ पहाड़िया

🔹 व्याख्या

👉 श्री हीरालाल देवपुरा का कार्यकाल राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में सबसे कम अवधि का रहा है।
👉 उन्होंने केवल 17 फरवरी 1985 से 10 मार्च 1985 तक (लगभग 22 दिन) मुख्यमंत्री पद संभाला।
👉 यह कार्यकाल राजस्थान के राजनीतिक इतिहास का सबसे लघु कार्यकाल माना जाता है।
👉 उन्होंने अपने कार्यकाल में सरकार के सुचारू संचालन की अल्पकालिक जिम्मेदारी निभाई।

✍️ सही उत्तर है – श्री हीरालाल देवपुरा 

संविधानतः राज्यपाल को जानकारी देना, मुख्यमंत्री काः 

[NHM Senior Counsellor 04.06.2025]

  • विवेक है 

  • अधिकार है 

  • कर्तव्य है 

  • कृत्य है 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 167 के तहत मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों की सूचना राज्यपाल को दें।
👉 राज्यपाल के मांगने पर मुख्यमंत्री को राज्य के प्रशासन संबंधी विवरण प्रस्तुत करने होते हैं।
👉 यदि किसी मंत्री का निर्णय अभी मंत्रिपरिषद में विचाराधीन नहीं है, तो राज्यपाल के कहने पर मुख्यमंत्री उसे मंत्रिपरिषद के समक्ष रखेंगे।
👉 यह प्रावधान राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच सुगठित समन्वय सुनिश्चित करता है।
👉 इससे प्रशासनिक कार्यवाही में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बना रहता है।

✍️ सही उत्तर है – कर्तव्य है  

एक व्यक्ति जो राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उसे _________  के लिए मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, उस समय के भीतर, उसे राज्य विधानमंडल के लिए चुना जाना चाहिए, ऐसा न करने पर वह मुख्यमंत्री नहीं रह जाता है । 

[सहायक जनसम्पर्क अधिकारी 24.04.2022]

  • 1 महीने 

  • 9 महीने 

  • 6 महीने 

  • 3 महीने 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 164(4) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, तो उसे मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
👉 ऐसा व्यक्ति अधिकतम 6 माह की अवधि तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है।
👉 इस अवधि में उसे राज्य विधानमंडल की सदस्यता प्राप्त करनी अनिवार्य होती है।
👉 यदि वह छह महीने में सदस्य नहीं बन पाता, तो वह मुख्यमंत्री पद पर नहीं रह सकता।

✍️ सही उत्तर है – 6 महीने 

किस अनुच्छेद में कहा गया है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधान सभा के प्रति उत्तरदायी होती है ? 

[SI मोटर वाहन 12.02.2022]

  • अनुच्छेद 184 

  • अनुच्छेद 194 

  • अनुच्छेद 164 

  • अनुच्छेद 174 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 164(2) में यह स्पष्ट किया गया है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधान सभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त पद पर बने रहते हैं।
👉 मंत्रिपरिषद का गठन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होता है और वह विधानसभा के विश्वास पर आधारित रहती है।
👉 यदि विधानसभा में मंत्रिपरिषद बहुमत खो देती है, तो उसे पद छोड़ना पड़ता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164 

श्रीमती वसुन्धराजी राजे राजस्थान की प्रथम बार मुख्य मन्त्री ___मध्य, रही। 

[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

  • 2001 – 2007

  • 1999 - 2003

  • 2004 - 2009

  • 2003 - 2008

🔹 व्याख्या

👉 श्रीमती वसुंधरा राजे ने राजस्थान की मुख्यमंत्री के रूप में प्रथम बार 2003 से 2008 तक कार्य किया।
👉 वे राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
👉 उनके नेतृत्व में राज्य में कई विकास योजनाएँ और नीतियाँ लागू की गईं।
👉 उनका यह कार्यकाल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और प्रभावशाली रहा।

✍️ सही उत्तर है – 2003 - 2008 

संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल द्वारा मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • अनुच्छेद 163 (2) 

  • अनुच्छेद 164 (1) 

  • अनुच्छेद 163(3) 

  • अनुच्छेद 164 (3) 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत राज्यपाल द्वारा मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है।
👉 प्रत्येक मंत्री शपथ ग्रहण करते समय संविधान के प्रति निष्ठा और सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा करता है।
👉 यह शपथ राज्यपाल के समक्ष ली जाती है और इसका प्रारूप तीसरी अनुसूची में दिया गया है।
👉 इस प्रक्रिया से मंत्रियों की संवैधानिक जिम्मेदारी और गोपनीयता की भावना सुनिश्चित होती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164(3) 

राज्य में संसदीय सचिव को शपथ दिलाते हैं 

[REET मुख्य परीक्षा (L -1) 25.02.2023]

  • विधान सभा अध्यक्ष 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • मुख्य मंत्री 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 संसदीय सचिवों की नियुक्ति राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है।
👉 वे मंत्रियों के कार्यों में सहयोग करने के लिए नियुक्त होते हैं।
👉 संसदीय सचिव मुख्यमंत्री के समक्ष पद और गोपनीयता की शपथ लेते हैं।
👉 उनका कार्य राज्य सरकार की प्रशासनिक सहायता प्रदान करना होता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के लोकायुक्त के न्यायाधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं ?  

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • मुख्यमंत्री 

  • राजस्थान राज्य के कानून द्वारा स्थापित सेवाओं के सदस्य 

  • मंत्री 

  • जिला प्रमुख 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के लोकायुक्त के न्यायाधिकार क्षेत्र में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हैं।
👉 इसके अतिरिक्त महालेखाकार, राजस्थान; राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्य, तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी इसके दायरे से बाहर हैं।
👉 लोकायुक्त को मंत्रियों, विभागीय सचिवों और विधानसभा सचिवालय के कुछ कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायतों की जांच का अधिकार है।
👉 इस प्रकार मुख्यमंत्री लोकायुक्त के न्यायाधिकार क्षेत्र में नहीं आते।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

निम्न में से उस समूह का चयन कीजिए जिन्होंने तीन या अधिक अवसरों पर राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली । 

[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]

  • मोहनलाल सुखाड़िया - हरिदेव जोशी -अशोक गहलोत 

  •  मोहनलाल सुखाड़िया - हीरालाल शास्त्री - वसुंधरा राजे 

  • जयनारायण व्यास - मोहनलाल सुखाड़िया - अशोक गहलोत 

  • भैरोंसिंह शेखावत - शिवचरण माथुर - हरिदेव जोशी

🔹 व्याख्या

👉 मोहनलाल सुखाड़िया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ चार बार ली थी और वे राज्य के सबसे दीर्घकालीन मुख्यमंत्री रहे।
👉 हरिदेव जोशी ने तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
👉 अशोक गहलोत ने भी तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है।
👉 इन तीनों नेताओं ने राजस्थान की राजनीतिक दिशा और प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

✍️ सही उत्तर है – मोहनलाल सुखाड़िया, हरिदेव जोशी एवं अशोक गहलोत 

निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल का कालक्रमानुसार सही क्रम है ?

[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]

  •  शिवचरण माथुर - हरिदेव जोशी - जगन्नाथ पहाड़िया - भैरोंसिंह शेखावत 

  • हरिदेव जोशी - भैरोंसिंह शेखावत  - जगन्नाथ पहाड़िया - शिवचरण माथुर

  • शिवचरण माथुर - जगन्नाथ पहाड़िया - भैरोंसिंह शेखावत - हरिदेव जोशी

  • जगन्नाथ पहाड़िया - भैरोंसिंह शेखावत - शिवचरण माथुर - हरिदेव जोशी 

🔹 व्याख्या

👉 हरिदेव जोशी 11 अक्टूबर 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे।
👉 भैरोंसिंह शेखावत ने 22 जून 1977 से 16 दिसम्बर 1980 तक मुख्यमंत्री पद संभाला।
👉 जगन्नाथ पहाड़िया 6 जून 1980 से 13 जुलाई 1981 तक मुख्यमंत्री रहे।
👉 शिवचरण माथुर ने 20 जनवरी 1988 से 4 दिसम्बर 1989 तक मुख्यमंत्री पद संभाला।

✍️ सही उत्तर है – हरिदेव जोशी → भैरोंसिंह शेखावत → जगन्नाथ पहाड़िया → शिवचरण माथुर

राज्य की मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है - 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • राज्य विधानसभा के प्रति 

  • राष्ट्रपति के प्रति 

  • मुख्यमंत्री के प्रति 

  • राज्यपाल के प्रति 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 164(2) के अनुसार राज्य की मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से राज्य विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
👉 यदि विधानसभा में मंत्रिपरिषद् बहुमत का विश्वास खो देती है, तो उसे त्यागपत्र देना पड़ता है।
👉 यह सिद्धांत संसदीय शासन प्रणाली का मुख्य आधार है।
👉 इससे राज्य में लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य विधानसभा के प्रति 

राज्यपाल को केवल उन मामलों को छोड़कर जिनमें राज्यपाल अपने विवेक से कार्य करते हैं, उनके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद का प्रमुख कौन होता है ?

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • राज्य वित्त मंत्री 

  • गृह मंत्री 

  • ज़िला कलेक्टर 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल को सहायता व सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद का प्रमुख मुख्यमंत्री होता है।
👉 अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल अपने कार्यों में मंत्रिपरिषद की सलाह से कार्य करते हैं।
👉 मुख्यमंत्री इस पूरी मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है और राज्यपाल को सलाह प्रदान करता है।
👉 राज्यपाल केवल वे कार्य ही विवेकाधिकार से करते हैं जिन्हें संविधान ने विशेष रूप से अनुमत किया है।
👉 सामान्य कार्यों में राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सामूहिक सलाह के अनुसार निर्णय लेते हैं।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री  

निम्न में से राजस्थान के किस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सर्वाधिक बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया ?

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • शिवचरण माथुर  

  • हरीदेव जोशी 

  • मोहन लाल सुखाड़िया 

  • भैरों सिंह शेखावत 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में सबसे अधिक बार राष्ट्रपति शासन भैरोंसिंह शेखावत के कार्यकाल में लगाया गया।
👉 पहला राष्ट्रपति शासन 1980 में उनकी पहली सरकार के बर्खास्त होने पर लगा।
👉 दूसरा राष्ट्रपति शासन 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद राजनीतिक अस्थिरता के कारण लगाया गया।

✍️ सही उत्तर है – भैरोंसिंह शेखावत 

एक व्यक्ति जो राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उसे अधिकतम कितने समय की अवधि तक मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है ?

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025] 

  • 6 महीने 

  • 4 महीने 

  • 1 वर्ष 

  • 2 महीने 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 164 के अनुसार, गैर-सदस्य व्यक्ति को अधिकतम छः महीने के लिए मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
👉 इस अवधि में उसे राज्य विधानसभा या विधान परिषद का निर्वाचित सदस्य बनना अनिवार्य है।
👉 छह महीने के भीतर सदस्य न बनने पर उसे मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ता है।
👉 यह नियम मंत्री पद की वैधता व संवैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करता है।
👉 नियुक्ति केवल अस्थायी अवधि के लिए मान्य रहती है जब तक सदस्यता प्राप्त न हो।

✍️ सही उत्तर है – 6 महीने  

राज्य का राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति किसके परामर्श पर करते हैं ?

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • उच्च न्यायालय

  • प्रधान मंत्री

  • अध्यक्ष

  • मुख्यमंत्री

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 कहता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति के बाद राज्यपाल उनकी सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं।
👉 मुख्यमंत्री राज्य सरकार का मुखिया होता है और मंत्रिपरिषद के गठन हेतु राज्यपाल को सलाह देता है।
👉 राज्यपाल मंत्रियों की नियुक्ति की औपचारिक शक्ति रखते हैं, पर यह नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर ही होती है।
👉 अनुच्छेद 164 राज्य में मंत्रिपरिषद के गठन, संरचना और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करता है।
👉 मंत्रिपरिषद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्यपाल को सामूहिक सलाह प्रदान करती है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

राज्य का राज्यपाल राज्य के मंत्रिपरिषद की नियुक्ति किसकी सलाह पर करता है ?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • केन्द्रीय गृह मंत्री

  • मुख्यमंत्री

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

  • जिला कलेक्टर

🔹 व्याख्या

👉 राज्य का राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर मंत्रिपरिषद की नियुक्ति करता है।
👉 मुख्यमंत्री राज्य सरकार का मुखिया होता है और मंत्रियों के चयन में राज्यपाल को सलाह देता है।
👉 राज्यपाल के पास नियुक्ति की औपचारिक शक्ति होती है, पर नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह से ही होती है।
👉 यह प्रक्रिया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 में स्पष्ट रूप से दी गई है।
👉 मंत्रिपरिषद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्यपाल को सामूहिक सलाह प्रदान करती है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री  

राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में निम्न में से किस युग्म ने सर्वाधिक बार शपथ ली है ?  

[पटवार (चतुर्थ चरण) 24.10.2021]

  •  शिवचरण माथुर एवं हरिदेव जोशी

  • हरिदेव जोशी एवं भैरोंसिंह शेखावत

  • इनमें से कोई नहीं

  • भैरोंसिंह शेखावत एवं हीरालाल देवपुरा

🔹 व्याख्या

👉 हरिदेव जोशी और भैरोंसिंह शेखावत दोनों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में तीन-तीन बार शपथ ली है।
👉 इन दोनों नेताओं का कार्यकाल राज्य की राजनीतिक स्थिरता और परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौरों से जुड़ा रहा।
👉 दोनों ने अलग-अलग अवधियों में राज्य शासन का नेतृत्व किया और कई बार पुनः मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
👉 इस प्रकार, दोनों का नाम सर्वाधिक बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नेताओं में शामिल है।

✍️ सही उत्तर है – हरिदेव जोशी एवं भैरोंसिंह शेखावत 

राजस्थान की पहली महिला मंत्री कौन थीं ?

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • दिया कुमारी

  • वसुन्धरा राजे

  • कमला बेनीवाल

  • यशोदा देवी

🔹 व्याख्या

👉 बेनीवाल ने 1954 में 27 वर्ष की आयु में मंत्री पद संभाला था।
👉 वे राजस्थान की राजनीति में पहली महिला मंत्री बनी थीं।
👉 1954 से 1980 तक उन्होंने कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया।
👉 वर्ष 1980 में वे जगन्नाथ पहाड़िया मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनीं।
👉 उनका राजनीतिक सफ़र राज्य सरकार में लगातार महत्वपूर्ण भूमिकाओं से जुड़ा रहा।

✍️ सही उत्तर है – कमला बेनीवाल

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं (2025 तक)?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • हीरालाल शास्त्री

  • अशोक गहलोत

  • मोहनलाल सुखाड़िया

  • भैरोसिंह शेखावत

🔹 व्याख्या

👉 मोहनलाल सुखाड़िया राजस्थान के सबसे लंबे समय तक सेवाकाल वाले मुख्यमंत्री रहे।
👉 उन्होंने 1954 से 1971 तक लगभग 17 वर्ष मुख्यमंत्री पद संभाला।
👉 सुखाड़िया राजस्थान के सबसे युवा मुख्यमंत्री भी बने थे (38 वर्ष की आयु में)।
👉 शिक्षा, स्वास्थ्य व विकास में बड़े सुधारों के कारण उन्हें “आधुनिक राजस्थान का निर्माता” कहा जाता है।
👉 उनका कार्यकाल राज्य की प्रशासनिक व सामाजिक बुनियाद मज़बूत करने के लिए प्रसिद्ध है।

✍️ सही उत्तर है – मोहनलाल सुखाड़िया 

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में मुख्यमंत्री के कर्तव्यों का उल्लेख है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • अनुच्छेद 165 

  • अनुच्छेद 166 

  • अनुच्छेद 167 

  • अनुच्छेद 168 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान का अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों और दायित्वों का उल्लेख करता है।
👉 इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद् के निर्णयों और प्रस्तावों की सूचना दे।
👉 राज्यपाल द्वारा मांगी गई किसी भी सूचना को मुख्यमंत्री को प्रदान करनी होती है।
👉 वह राज्यपाल और मंत्रिपरिषद् के बीच सेतु (कड़ी) के रूप में कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 167

राजस्थान सरकार में मंत्रिपरिषद् में सदस्यों की अधिकतम संख्या क्या हो सकती है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • 30 

  • 35 

  • 28 

  • 32 

🔹 व्याख्या

👉 91वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार राज्यों में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद् के सदस्यों की अधिकतम संख्या राज्य विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।
👉 राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं।
👉 इसलिए राजस्थान में मंत्रिपरिषद् की अधिकतम संख्या 30 सदस्य हो सकती है।
👉 यह सीमा संवैधानिक रूप से निर्धारित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – 30 

राजस्थान में राज्य पर्यटन सलाहकार समिति के अध्यक्ष कौन हैं ? 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • मुख्यमंत्री 

  • आयुक्त, पर्यटन विभाग 

  • राज्यपाल 

  • पर्यटन मंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य पर्यटन सलाहकार समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं।
👉 समिति के उपाध्यक्ष पर्यटन विभाग के मंत्री होते हैं।
👉 भंजनलाल इस समिति के सदस्य रहे हैं।
👉 1956 में पर्यटन विभाग को एक स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित किया गया।
👉 इसके अंतर्गत दो प्रमुख संस्थान कार्यरत हैं —
 1. राजस्थान पर्यटन विकास निगम लिमिटेड
 2. राजस्थान स्टेट होटल कॉर्पोरेशन लिमिटेड

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार, मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है ?

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • अनुच्छेद-163 

  • अनुच्छेद-164 

  • अनुच्छेद-165 

  • अनुच्छेद-166 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 164(1) के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री के परामर्श से करता है।
👉 मुख्यमंत्री राज्य सरकार का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है।
👉 राज्यपाल केवल औपचारिक रूप से नियुक्ति करता है, जबकि वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री के पास होती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 164

राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री कौन थे ? 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • हरीदेव जोशी

  • टीकाराम पालीवाल 

  • हीरालाल शास्त्री 

  • मोहनलाल सुखाड़िया

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री श्री टीकाराम पालीवाल थे।
👉 उन्होंने राज्य की पहली निर्वाचित सरकार का नेतृत्व किया।
👉 टीकाराम पालीवाल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया।
👉 उनका कार्यकाल लगभग 2 वर्ष 13 दिन का रहा।

✍️ सही उत्तर है – श्री टीकाराम पालीवाल