लोकायुक्त की नियुक्ति निम्नलिखित द्वारा की जाती है: 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्यपाल 

  • राज्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • विपक्ष का नेता

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अंतर्गत निर्धारित है।
👉 इस अधिनियम के अनुसार राज्यपाल अपने हस्ताक्षर और राज्य की मुद्रा सहित वारंट द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति करते हैं।
👉 नियुक्ति से पूर्व मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता से परामर्श लिया जाता है।
👉 लोकायुक्त अपने कार्यकाल में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से कार्य करता है।
👉 इस प्रकार लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें 

कथन (I) : राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 को राष्ट्रपति की अनुमति 26-3-1973 को प्राप्त हुई। 

कथन (II) : यह 3-2-1973 को प्रवृत्त हुआ।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • कथन - (I) सही है किन्तु कथन -(II) गलत है। 

  • कथन (I) और (II) दोनों सही हैं। 

  • कथन (I) गलत है किन्तु कथन -(II) सही है। 

  • कथन (I) और (II) दोनों गलत हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच व्यवस्था स्थापित करने हेतु बनाया गया था।
👉 इस अधिनियम को 3 फरवरी 1973 से राजस्थान राज्य में प्रवृत्त (लागू) किया गया।
👉 तत्पश्चात इसे 26 मार्च 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की अनुमति (स्वीकृति) प्राप्त हुई।
👉 स्वीकृति मिलने के बाद यह अधिनियम पूरे राजस्थान राज्य में प्रभावी रूप से लागू हुआ। 

✍️ सही उत्तर है – कथन (I) और (II) दोनों सही हैं। 

राजस्थान में लोकायुक्त वार्षिक प्रतिवेदन किसको प्रस्तुत करता है ? 

[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]

  • उच्च न्यायालय 

  • राज्यपाल 

  • राष्ट्रपति 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त प्रत्येक वर्ष अपने कार्यों से संबंधित वार्षिक प्रतिवेदन (Annual Report) प्रस्तुत करता है।
👉 यह प्रतिवेदन माननीय राज्यपाल को भेजा जाता है ताकि वे सरकारी कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण की जानकारी प्राप्त कर सकें।
👉 आवश्यक होने पर लोकायुक्त विशेष प्रतिवेदन भी राज्यपाल को प्रेषित कर सकता है।
👉 तत्पश्चात राज्यपाल इन प्रतिवेदनों को अपने ज्ञापन सहित राज्य विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत करवाते हैं।
👉 इससे लोक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राजस्थान में लोकायुक्त के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है ? 

VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021

  • वह भ्रष्टाचार एवं कुप्रशासन के मामलों पर विचार करता है। 

  • वह मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त होता है । 

  • प्रथम लोकायुक्त 1973 में नियुक्त किया गया।

  • उसका कार्य शिकायतों की जाँच करना है ।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, न कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा।
👉 नियुक्ति की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं विपक्ष के नेता से परामर्श लिया जाता है।
👉 राज्यपाल अपने हस्ताक्षर एवं मुद्रा सहित वारंट द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति करते हैं।
👉 इसलिए यह कथन कि लोकायुक्त की नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जाती है, गलत है।
👉 इस अधिनियम के अंतर्गत नियुक्ति की अंतिम संवैधानिक शक्ति राज्यपाल के पास होती है।

✍️ सही उत्तर है – वह मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त होता है। 

राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अध्यादेश राजस्थान में अधिनियम के रूप में कब प्रभावी हुआ ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • 1975 

  • 1976 

  • 1973 

  • 1970 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अध्यादेश को राज्य में स्वतंत्र व निष्पक्ष जाँच संस्था स्थापित करने के उद्देश्य से पारित किया गया।
👉 यह अध्यादेश 3 फरवरी 1973 से राजस्थान में प्रभावी हुआ।
👉 तत्पश्चात इसे 26 मार्च 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
👉 स्वीकृति के बाद यह अध्यादेश अधिनियम (Act) के रूप में लागू हुआ।
👉 इस प्रकार यह अधिनियम वर्ष 1973 में प्रभावी रूप से लागू हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 1973 

राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त थे 

[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]

  • आई.डी. दुआ 

  • एम. डी. कौरानी 

  • के. एस. सिद्धू के.एस. 

  • के.पी. यू. मेनन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ थे, जिन्हें 25 अगस्त 1973 को नियुक्त किया गया था।
👉 वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश थे।
👉 उनकी नियुक्ति राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के लागू होने के बाद की गई थी।
👉 यह अधिनियम राज्य में लोक प्रशासन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु बनाया गया था।
👉 न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ इस अधिनियम के अंतर्गत प्रथम लोकायुक्त पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति थे।

✍️ सही उत्तर है – आई. डी. दुआ 

राजस्थान के लोकायुक्त के कार्यक्षेत्र के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • सेवानिवृत्त लोक सेवक के विरुद्ध कोई शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी। 

  • मुख्य चुनाव आयुक्त, राजस्थान के विरुद्ध कोई शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी।

  • राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य के विरुद्ध कोई शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी।

  • केवल सात वर्ष पुराने मामले के लिए ही शिकायतें प्रस्तुत / स्वीकार की जा सकती हैं।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में यह स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि शिकायतें पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामलों की नहीं की जा सकतीं।
👉 लोकायुक्त केवल उन मामलों की जाँच और अन्वेषण कर सकता है जो पाँच वर्ष की अवधि के भीतर के हों।
👉 इस प्रावधान का उद्देश्य है कि समयबद्ध व प्रभावी न्याय सुनिश्चित हो सके। 

✍️ सही उत्तर है – केवल सात वर्ष पुराने मामले के लिए ही शिकायतें प्रस्तुत / स्वीकार की जा सकती हैं। 

राजस्थान में लोकायुक्त का कार्यकाल है :  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • छः वर्ष 

  • तीन वर्ष 

  • पाँच वर्ष 

  • दो वर्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त का कार्यकाल पाँच वर्ष निर्धारित किया गया है।
👉 दोनों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वे अपने पद पर 5 वर्ष तक कार्यरत रहते हैं।
👉 कार्यकाल के दौरान वे अपने कार्यों में पूर्णतः स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रहते हैं।
👉 उनका वेतन, भत्ता व सेवा शर्तें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश के समान होती हैं।
👉 इस प्रकार लोकायुक्त का कार्यकाल पाँच वर्ष निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – पाँच वर्ष 

राजस्थान में लोकायुक्त का पद कब सृजित हुआ था ? 

[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]

  • 1973 

  • 1977 

  • 1982 

  • 1992 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लोकायुक्त पद का सृजन स्वच्छ प्रशासन और भ्रष्टाचार की रोकथाम के उद्देश्य से किया गया।
👉 इसके लिए राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अध्यादेश, 1973 पारित किया गया।
👉 यह अध्यादेश 3 फरवरी 1973 से प्रभावी हुआ और 26 मार्च 1973 को इसे महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
👉 इस अधिनियम के लागू होने से राज्य में लोकायुक्त संस्था की विधिक स्थापना सुनिश्चित हुई।
👉 इस प्रकार राजस्थान में लोकायुक्त का पद वर्ष 1973 में सृजित हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 1973 

राजस्थान लोकायुक्त और उपलोकायुक्त अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति कब प्राप्त हुई ? 

VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021

  • 1977 

  • 1973 

  • 1983 

  • 1985 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 को राज्य में भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग की रोकथाम हेतु बनाया गया था।
👉 यह अधिनियम 3 फरवरी 1973 से राजस्थान राज्य में प्रभावी हुआ।
👉 इसके उपरांत इसे 26 मार्च 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
👉 स्वीकृति मिलने के बाद यह अधिनियम पूरे राजस्थान राज्य में लागू हुआ।
👉 इस प्रकार अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति वर्ष 1973 में प्राप्त हुई।

✍️ सही उत्तर है – 1973 

लोकायुक्त संस्था है - 

[कर सहायक 14.10.2018]

  • संवैधानेत्तर एवं न्यायिक संस्था

  • संवैधानेत्तर एवं सलाहकारी संस्था

  • सांविधिक एवं न्यायिक संस्था 

  • सांविधिक एवं सलाहकारी संस्था

🔹 व्याख्या

👉 लोकायुक्त संस्था का गठन राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अंतर्गत किया गया।
👉 यह संस्था विधान द्वारा स्थापित (सांविधिक) है और राज्य में भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग की शिकायतों की जाँच करती है।
👉 लोकायुक्त अपने निर्णयों में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होते हैं और सरकार को सिफारिशें (सलाह) प्रदान करते हैं। 
👉 अतः लोकायुक्त संस्था एक सांविधिक एवं सलाहकारी संस्था है।

✍️ सही उत्तर है – सांविधिक एवं सलाहकारी संस्था 

राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त कौन थे ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • न्यायमूर्ति एम. बी. शर्मा 

  • न्यायमूर्ति एस. एस. कोठारी 

  • न्यायमूर्ति जी. एल. गुप्ता 

  • न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ थे, जिन्हें 25 अगस्त 1973 को नियुक्त किया गया।
👉 वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश थे।
👉 उनकी नियुक्ति राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अध्यादेश, 1973 के लागू होने के पश्चात हुई थी।
👉 इस अध्यादेश के अंतर्गत राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना की गई थी।
👉 न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ ने राज्य प्रशासन में नैतिकता और पारदर्शिता की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ 

राजस्थान लोकायुक्त और उप लोकायुक्त अधिनियम 1973 लागू हो गया है :

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • 3 जनवरी, 1973 

  • 3 मई, 1973 

  • 3 जून, 1973 

  • 3 फरवरी, 1973 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम 1973 को 3 फरवरी 1973 को लागू किया गया था।
👉 यह अधिनियम मंत्रियों व लोकसेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार और बेईमानी के आरोपों की जांच का प्रावधान करता है।
👉 अधिनियम के तहत लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है।
👉 इन पदों का उद्देश्य प्रशासन में ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
👉 अधिनियम राज्य में सुशासन को मजबूत करने के लिए एक निगरानी तंत्र प्रदान करता है।

✍️ सही उत्तर है – 3 फरवरी 1973 

निम्न में से किसे राजस्थान के लोकायुक्त के अधिकार- क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया है ? 

[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]

  • मंत्री 

  • राजस्थान राज्य द्वारा स्थापित निगमों में कार्यरत सदस्य 

  • जिले का मुखिया

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के अनुसार लोकायुक्त को मंत्रियों, सचिवों, लोकसेवकों आदि के विरुद्ध जाँच का अधिकार प्राप्त है।
👉 किन्तु मुख्यमंत्री, राजस्थान को इस अधिनियम के अधिकार-क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
👉 लोकायुक्त उनके विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज या जाँच प्रारम्भ नहीं कर सकता।
👉 यह प्रावधान लोकायुक्त संस्था की सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।
👉 अतः मुख्यमंत्री को राजस्थान लोकायुक्त के अधिकार-क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

राजस्थान में लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र के तहत की गई शिकायतों का निपटारा कौन करता है ? [*]

[सर्वेयर परीक्षा 23.02.2025]

  • सेवानिवृत्त लोक सेवक 

  • नगर निगम के मेयर 

  • न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय 

  • मुख्यमंत्री, राजस्थान 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

लोकायुक्त अधिनियम को सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा किसकी अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • गुलाब सिंह 

  • नरपत मल लोढ़ा 

  • महेन्द्र सिंह राठौड़ 

  • एन. एल. सिंघवी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सरकार ने लोकायुक्त अधिनियम, 1973 को समय की माँग और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सशक्त एवं प्रभावी बनाने का निर्णय लिया।
👉 इसके लिए दिनांक 28 फरवरी 2014 को एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया।
👉 इस समिति की अध्यक्षता महाधिवक्ता श्री नरपत मल लोढ़ा को सौंपी गई।
👉 समिति का उद्देश्य अधिनियम की परिधि को व्यापक बनाना और आवश्यक संशोधन संबंधी सिफारिशें करना था।
👉 समिति को एक वर्ष में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करनी थी।

✍️ सही उत्तर है – नरपत मल लोढ़ा 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में लोकायुक्त की जाँच के दायरे में नहीं आते ?

(i) मंत्री 

(ii) विभागीय सचिव 

(iii) राज्य विधान सभा सचिवालय के कर्मी 

(iv) महालेखाकार राजस्थान 

सही कूट का चयन कीजिए  -

JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022

  • (iii) एवं (iv) 

  • (i) एवं (iv) 

  • केवल (iv)

  • (i), (ii) एवं (iv)

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के अनुसार लोकायुक्त को केवल मंत्रियों, सचिवों, लोकसेवकों आदि के विरुद्ध जाँच का अधिकार प्राप्त है।
👉 किन्तु राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी इस अधिनियम के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
👉 इसी प्रकार महालेखाकार, राजस्थान भी लोकायुक्त की जाँच के दायरे में नहीं आते।
👉 इन दोनों के विरुद्ध कोई शिकायत लोकायुक्त संस्थान में दर्ज नहीं की जा सकती। 

✍️ सही उत्तर है – (iii) एवं (iv) 

राजस्थान 'लोकायुक्त' के वैधानिक कार्यों में शामिल नहीं हैं: नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • कुप्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतों पर गौर करना । 

  • मंत्रियों के खिलाफ जनता की शिकायतों का समाधान करना। 

  • लोक सेवकों द्वारा पद के दुरुपयोग से संबंधित मुद्दों पर गौर करना। 

  • आम जनता के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त का गठन भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अकर्मण्यता से संबंधित शिकायतों की जाँच और अन्वेषण के लिए किया गया है।
👉 इसका प्रमुख कार्य लोकसेवकों के विरुद्ध शिकायतों की निष्पक्ष जाँच करना और आवश्यक अनुशंसा राज्य सरकार को भेजना है।
👉 लोकायुक्त का उद्देश्य स्वच्छ, जवाबदेह और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना है।
👉 परंतु आम जनता के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना इसका वैधानिक कार्य नहीं है।
👉 यह कार्य सरकारी नीतियों और योजनाओं से संबंधित है, न कि लोकायुक्त संस्था से।

✍️ सही उत्तर है – आम जनता के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना। 

राजस्थान में राज्यपाल लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए निम्न में से किसके साथ परामर्श करता है ? [*]

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • मुख्य मंत्री, उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश और विधान सभा में प्रतिपक्ष का नेता

  • मुख्य मंत्री 

  • उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश और विधान सभा में प्रतिपक्ष का नेता 

  • मुख्य मंत्री और उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

राजस्थान में लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त की स्थापना की सिफारिश किस समिति ने की ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • सरकारिया समिति 

  • राजस्थान प्रशासनिक सुधार समिति 

  • सचिवालय पुनर्गठन समिति 

  • गोरवाल समिति 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त संस्था की स्थापना का विचार प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में उभरा।
👉 इस दिशा में सबसे पहले राजस्थान प्रशासनिक सुधार समिति, 1963 ने सिफारिश प्रस्तुत की।
👉 समिति ने सुझाव दिया कि ऐसी स्वतंत्र कानूनी संस्था बनाई जाए जो कार्यपालिका की कार्यवाहियों पर निगरानी रख सके।
👉 इसका उद्देश्य सरकार की किसी भी अवैध, अन्यायपूर्ण या मनमानी कार्यवाही की जाँच करना था।
👉 इसी सिफारिश के परिणामस्वरूप राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 अस्तित्व में आया।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान प्रशासनिक सुधार समिति 

राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त कौन थे ?  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • जस्टिस जे. एल. गुप्ता 

  • जस्टिस प्रताप कृष्ण लोहरा 

  • जस्टिस आई.डी. दुआ 

  • जस्टिस एस. एस. कोठारी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लोकायुक्त पद की स्थापना राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के तहत की गई थी।
👉 इस अधिनियम के लागू होने के बाद राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त के रूप में न्यायमूर्ति (जस्टिस) आई. डी. दुआ नियुक्त किए गए।
👉 उनका कार्यकाल 28 अगस्त 1973 से 27 अगस्त 1978 तक रहा।
👉 वे उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश थे और लोक प्रशासन में स्वच्छता व निष्पक्षता के प्रतीक माने जाते हैं।
👉 उनके कार्यकाल से राज्य में लोकायुक्त संस्था की सुदृढ़ नींव रखी गई।

✍️ सही उत्तर है – जस्टिस आई. डी. दुआ 

राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त कौन नियुक्त किये गये थे ? 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • श्री आई. डी. दुआ

  • श्री के. पी. यु. मेनन

  • श्री मिलाप चन्द्र जैन 

  • श्री रंगनाथ मिश्र

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त श्री आई. डी. दुआ थे।
👉 उनकी नियुक्ति 25 अगस्त 1973 को की गई थी।
👉 यह नियुक्ति राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के लागू होने के पश्चात हुई थी।
👉 वे इस अधिनियम के अंतर्गत राजस्थान के पहले लोकायुक्त बने।
👉 उनका कार्य राज्य प्रशासन में न्याय, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करना था।

✍️ सही उत्तर है – श्री आई. डी. दुआ  

निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार करें : 

1. राजस्थान में लोकायुक्त संस्था को वर्ष 1973 में स्थापित किया गया था। 

2. न्यायमूर्ति आई.डी. दुआ राजस्थान राज्य के प्रथम लोकायुक्त थे। 

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही हैं/हैं ?

[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]

  • 1 एवं 2 दोनों सही हैं । 

  • केवल 1 सही है ।

  • 1 एवं 2 दोनों गलत हैं । 

  • केवल 2 सही है । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में लोकायुक्त संस्था की स्थापना वर्ष 1973 में की गई थी ताकि राज्य में स्वच्छ एवं निष्पक्ष प्रशासन सुनिश्चित हो सके।
👉 इस अधिनियम को 3 फरवरी 1973 से प्रभावी किया गया और 26 मार्च 1973 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
👉 राज्य के पहले लोकायुक्त के रूप में न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ ने 28 अगस्त 1973 से 27 अगस्त 1978 तक कार्य किया।
👉 उन्होंने भ्रष्टाचार व पद के दुरुपयोग की रोकथाम हेतु स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच की परंपरा प्रारंभ की। 

✍️ सही उत्तर है – 1 एवं 2 दोनों सही हैं। 

निम्नलिखित में से किसके विरुद्ध लोकायुक्त संस्था में शिकायत नहीं की जा सकती ? 

1. महालेखाकार, राजस्थान 

2. मंत्रीगण, राजस्थान सरकार 

3. सेवानिवृत्त लोक सेवक 

4. नगर निगमों के महापौर एवं उपमहापौर 

5. राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • सभी 1, 2, 3, 4 और 5 

  • केवल 1, 3 और 5 

  • केवल 2 और 4 

  • केवल 1, 2 और 3 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में यह स्पष्ट किया गया है कि कुछ पदाधिकारी लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
👉 इनमें महालेखाकार, राजस्थान, राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी, तथा सेवानिवृत्त लोक सेवक शामिल हैं।
👉 इनके विरुद्ध लोकायुक्त संस्था में कोई शिकायत दर्ज नहीं की जा सकती।
👉 जबकि मंत्रीगण एवं नगर निगमों के महापौर व उपमहापौर लोकायुक्त की जाँच के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – केवल 1, 3 और 5