राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व किसके द्वारा हटाया जा सकता है ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
🔹 व्याख्या
👉 राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को राज्यपाल द्वारा नहीं, बल्कि राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
👉 अनुच्छेद 317 के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को दुराचार (misbehaviour) के मामले में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा पद से हटाया जा सकता है।
👉 राष्ट्रपति ऐसे प्रकरण को उच्चतम न्यायालय के समक्ष जाँच हेतु प्रस्तुत करता है, और जाँच के उपरांत ही अपदस्थ किया जाता है।
👉 राज्यपाल को केवल त्याग-पत्र स्वीकार करने का अधिकार है, पर हटाने का अधिकार नहीं।
✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति द्वारा
राजस्थान लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
[पटवार (चतुर्थ चरण) 24.10.2021]
👉 राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थापना 16 अगस्त 1949 को 28वें अध्यादेश द्वारा की गई थी।
👉 आयोग के प्रथम अध्यक्ष सर डॉ. एस. के. घोष थे, जो उस समय मुख्य न्यायाधीश भी रहे।
👉 उनका कार्यकाल 1 अप्रैल 1949 से 27 जुलाई 1950 तक रहा।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने राज्य सेवाओं के गठन और भर्ती प्रणाली की नींव रखी।
✍️ सही उत्तर है – सर एस. के. घोष
राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2011 किस तारीख से प्रवृत्त हुआ था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 राज्य में 14 नवम्बर 2011 से प्रवृत्त हुआ।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
👉 अधिनियम में विलम्ब या अस्वीकृति की स्थिति में दण्डात्मक प्रावधान किए गए हैं।
👉 इसका मुख्य लक्ष्य पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सुशासन को मजबूत बनाना है।
✍️ सही उत्तर है – 14 नवम्बर 2011
राजस्थान लोक सेवा प्रदान गारंटी अधिनियम, 2011 कब लागू हुआ ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा प्रदान गारंटी अधिनियम, 2011 को 14 नवंबर 2011 को लागू किया गया।
👉 यह अधिनियम पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर प्रभावी हुआ।
👉 इसे 21 सितंबर 2011 को राजस्थान राजपत्र में प्रकाशित किया गया था।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को निश्चित समय-सीमा में लोक सेवाएँ प्रदान करना है।
👉 साथ ही यह पारदर्शी, उत्तरदायी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
✍️ सही उत्तर है – 14 नवंबर 2011
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति किस के द्वारा की जाती है ?
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 27.02.2023]
👉 राज्य लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 हालांकि, इन्हें हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति को प्राप्त होता है, राज्यपाल को नहीं।
👉 राष्ट्रपति इन्हें उन्हीं आधारों और प्रक्रियाओं के तहत हटा सकते हैं, जिनके अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष या सदस्य हटाए जा सकते हैं।
👉 हटाने की परिस्थितियाँ निम्न प्रकार हैं —
दुर्व्यवहार (misbehavior) के कारण, जब सुप्रीम कोर्ट इसकी पुष्टि करे।
दिवालिया घोषित होना।
मानसिक या शारीरिक अक्षमता के कारण कार्य करने में असमर्थ होना।
लाभ के पद पर आसीन होना (सरकारी नौकरी या पद से जुड़ा आर्थिक लाभ)।
भ्रष्टाचार या नैतिक पतन से संबंधित कार्यों में लिप्त होना।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल द्वारा
राजस्थान लोक सेवा गारन्टी प्रदान अधिनियम 2011 के अतंर्गत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध कोई व्यक्ति कितने दिनों में द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी के पास शिकायत कर सकता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी प्रदान अधिनियम, 2011 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट हो, तो वह द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी के पास शिकायत कर सकता है।
👉 यह अपील निर्णय प्राप्त होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर दायर की जा सकती है।
👉 अधिनियम में यह व्यवस्था नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए की गई है।
👉 द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है।
✍️ सही उत्तर है – 60 दिन
“राजस्थान लोक सेवा गारन्टी अधिनियम” कब लागू किया गया ?
[सुपरवाईजर परीक्षा 06.01.2019]
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 राज्य में 14 नवम्बर 2011 से लागू किया गया।
👉 इसका उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
👉 अधिनियम के माध्यम से उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
👉 सेवा में विलम्ब या अस्वीकृति की स्थिति में दण्डात्मक प्रावधान भी किए गए हैं।
✍️ सही उत्तर है – 14 नवम्बर, 2011
1956 में राज्य पुनर्गठन के बाद किस समिति की सिफ़ारिश पर राजस्थान लोक सेवा आयोग को अजमेर स्थानान्तरित किया गया -
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 1956 में राज्य पुनर्गठन के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का मुख्यालय अजमेर स्थानान्तरित किया गया।
👉 यह स्थानान्तरण सत्यनारायण राव समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर किया गया था।
👉 समिति ने प्रशासनिक दृष्टि से अजमेर को आयोग के लिए उपयुक्त स्थान माना।
👉 इसके बाद से राजस्थान लोक सेवा आयोग का कार्यालय स्थायी रूप से अजमेर में स्थापित है।
✍️ सही उत्तर है – सत्यनारायण राव समिति
हरिशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान का प्रमुख कार्य है
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 हरीश चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) राज्य सरकार का एक शीर्ष स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान है।
👉 यह संस्थान सिविल सेवकों के प्रशिक्षण हेतु कार्य करता है।
👉 यह जयपुर में स्थित है।
👉 संस्थान का उद्देश्य प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्रबंधन परामर्श के माध्यम से राज्य प्रशासन में सुधार लाना है।
👉 साथ ही यह सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रशासनिक दक्षता विकसित करने में सहायक है।
✍️ सही उत्तर है – प्रशिक्षण
राजस्थान लोकसेवा आयोग में एक अध्यक्ष व______ सदस्य होते हैं।
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 जुलाई 2025 में राजस्थान सरकार ने RPSC में सदस्यों की संख्या अध्यक्ष सहित 11 (1 अध्यक्ष + 10 सदस्य) अधिसूचना जारी कर दी है।
राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान करने की गारंटी अधिनियम 2011 के संबंध में निम्नलिखित कथन पर विचार करें : [*]
I. कोई व्यक्ति 30 दिवस के भीतर प्रथम अपील अधिकारी को अपील फाइल कर सकेगा।
II. सरकार ने सेवाएं न देने और विलम्ब करने पर दण्ड का प्रावधान किया।
III. दण्ड की राशि उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी के वेतन से वसूलने का प्रावधान।
उपरोक्त में से कौन-सा/से विधान सबसे उपयुक्त है/हैं ?
कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति निम्न में से किसके द्वारा की जाती है ?
[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]
👉 राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल को प्राप्त है।
👉 यह प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 316 के अंतर्गत किया गया है।
👉 राज्यपाल इन पदों पर नियुक्ति करते समय राज्य सरकार से परामर्श ले सकते हैं।
👉 नियुक्ति के बाद सदस्य 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक पद पर बने रहते हैं।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल
राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण कहाँ स्थित है ?
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण राज्य सरकार के अधीन स्थापित एक न्यायिक निकाय है।
👉 यह अधिकरण राज्य के सिविल सेवकों से संबंधित अपीलों एवं सेवा विवादों की सुनवाई करता है।
👉 अधिकरण का मुख्यालय जयपुर में स्थित है।
👉 यहाँ से राज्य सेवाओं से जुड़े अनुशासनात्मक, पदोन्नति एवं सेवा शर्तों से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
राजस्थान लोक सेवा आयोग कहाँ स्थित है ?
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का मुख्यालय अजमेर में स्थित है।
👉 यह कार्यालय राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं, साक्षात्कारों एवं चयन प्रक्रियाओं का संचालन करता है।
👉 आयोग का प्रशासनिक कार्य सचिवालय के माध्यम से सम्पन्न होता है।
👉 अजमेर में स्थित यह कार्यालय राज्य लोक सेवा से संबंधित समस्त कार्यों का केन्द्र है।
✍️ सही उत्तर है – अजमेर
राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम - 2011 राज्य में लागू हुआ ?
JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिप्लोमा) 20.05.2022
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 को 14 नवंबर 2011 से लागू किया गया।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध रूप से सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करना है।
👉 यदि निर्धारित समय सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो दोषी अधिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
👉 यह अधिनियम भ्रष्टाचार को कम करने, पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु बनाया गया है।
👉 इससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक त्वरित और प्रभावी पहुँच प्राप्त होती है।
✍️ सही उत्तर है – 14 नवम्बर 2011
राजस्थान राज्य के गठन के समय अनुबंध करने वाले कुल 22 प्रांतों में से मात्र _____ में ही लोक सेवा आयोग कार्यरत थे।
[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]
🔹 व्याख्या
👉 राजस्थान के गठन की प्रक्रिया के समय कुल 22 राज्य अस्तित्व में थे जिनका विलय राजपुताना के अंतर्गत हुआ था।
👉 उस समय लोक सेवा आयोग जैसी संस्था केवल तीन राज्यों — जयपुर, जोधपुर और बीकानेर — में कार्यरत थी।
👉 अन्य रियासतों में लोक सेवा आयोग का अस्तित्व नहीं था।
👉 विलय के बाद 16 अगस्त 1949 को राजस्थान के राजप्रमुख द्वारा आयोग की स्थापना हेतु अध्यादेश जारी किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 3
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्रदान गारंटी अधिनियम 2011 के राजस्थान लोक सेवा संबंध में सही है ?
1. इस अधिनियम में 18 विभागों के 53 विषय शामिल हैं।
2. इस अधिनियम में 15 विभागों के 45 विषय शामिल हैं।
[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत शुरुआत में 15 विभागों की 108 सेवाएँ सम्मिलित की गई थीं।
👉 यह संख्या न तो 18 विभागों की 53 सेवाएँ थी और न ही 15 विभागों की 45 सेवाएँ।
👉 समय के साथ सेवाओं की संख्या में वृद्धि की गई है।
👉 वर्तमान में अधिनियम के अंतर्गत 18 विभागों की कुल 153 सेवाएँ सम्मिलित हैं।
👉 इनमें से 11 सेवाएँ स्थानीय स्वशासन विभाग से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – न तो 1 और न ही 2
राजस्थान में राजकीय विद्यालयों के लिए स्कूल व्याख्याता का चयन किया जाता है -
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 राजस्थान में राजकीय विद्यालयों के लिए स्कूल व्याख्याता (School Lecturer) का चयन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा किया जाता है।
👉 आयोग राज्य सरकार की विभिन्न सेवाओं एवं पदों हेतु भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करता है।
👉 व्याख्याता पद हेतु चयन प्रतियोगी परीक्षा एवं साक्षात्कार के माध्यम से किया जाता है।
👉 यह प्रक्रिया सेवा नियमों में निर्दिष्ट प्रावधानों के अनुसार होती है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा
राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम, 2011 की किस धारा में निर्धारित समय के भीतर सेवा प्रदान करने में विफलता या विलम्ब पर शास्ति का प्रावधान है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम, 2011 की धारा 7 में यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय सीमा में सेवा प्रदान करने में विफल रहता है या विलम्ब करता है, तो उसे दंडित किया जा सकता है।
👉 इस धारा में दोषी अधिकारी पर नकद दंड (monetary penalty) लगाने का प्रावधान है।
👉 यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि लोक सेवाएँ समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी ढंग से नागरिकों तक पहुँचें।
👉 नकद दंड की राशि अधिकारी के वेतन से काटकर वसूल की जाती है।
👉 यह प्रावधान सरकारी सेवाओं में जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
✍️ सही उत्तर है – धारा 7
राजस्थान लोक सेवा प्रदान गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सार्वजनिक सेवा में देरी करने के लिए द्वितीय अपीलीय अधिकारी एक नामित अधिकारी पर प्रतिदिन कितना जुर्माना लगा सकता है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा प्रदान गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत यदि निर्धारित समय में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो द्वितीय अपीलीय अधिकारी को दंड लगाने का अधिकार प्राप्त है।
👉 वह देरी से सेवा प्रदान करने वाले नामित अधिकारी पर प्रतिदिन ₹250 का जुर्माना लगा सकता है।
👉 यह कुल अधिकतम ₹5,000 से अधिक नहीं होगा।
👉 यह जुर्माना संबंधित अधिकारी के वेतन से काटकर वसूला जाता है।
👉 इसका उद्देश्य सेवा प्रदाय में समयबद्धता, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – ₹250 प्रतिदिन
राजस्थान लोक सेवा गारंटी प्रदान अधिनियम, 2011 के तहत, यदि नामित अधिकारी निर्धारित समय सीमा में सेवा प्रदान करने में विफल रहता है, तो जुर्माना की न्यूनतम राशि क्या लगाई जाएगी
[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी प्रदान अधिनियम, 2011 के अंतर्गत यदि नामित अधिकारी निर्धारित समय सीमा में सेवा प्रदान करने में असफल रहता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
👉 अधिनियम में न्यूनतम जुर्माने की राशि पाँच सौ रुपये निर्धारित की गई है।
👉 विलम्ब या अस्वीकृति की स्थिति में यह दण्ड उत्तरदायी अधिकारी के वेतन से वसूल किया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य जनसेवाओं की समयबद्धता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – पाँच सौ
__________ पंचायती राज स्थापित करने वाला पहला राज्य था? [*]
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद राजस्थान लोक सेवा आयोग के कार्यों के विषय में जानकारी देता है ?
[CET (10+2) 24.10.2024 पंचम चरण]
👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 320 लोक सेवा आयोग के कृत्यों और कार्यों से संबंधित प्रावधान करता है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार आयोग का मुख्य कार्य संघ और राज्य सेवाओं में नियुक्तियों हेतु परीक्षाओं का संचालन करना है।
👉 आयोग भर्ती, प्रोन्नति, स्थानांतरण तथा अनुशासनिक मामलों पर भी परामर्श देता है।
👉 यह अनुच्छेद राज्य लोक सेवा आयोग के कर्त्तव्यों और अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 320
राजस्थान लोक सेवा प्रदान की गारन्टी अधिनियम, 2011 का मुख्य उद्देश्य है : (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सार्वजनिक सेवाओं की गारंटीकृत डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
👉 यह अधिनियम सरकारी विभागों में जवाबदेही, पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
👉 इसमें विभिन्न लोक सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय की गई है ताकि नागरिक समय पर सेवाएँ प्राप्त कर सकें।
👉 अधिनियम में शिकायत निवारण और मुआवजे की व्यवस्था भी की गई है, जिससे सेवा में देरी या अस्वीकार किए जाने पर नागरिक अपील कर सकते हैं।
👉 यह कानून नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देता है और सरकारी कार्यप्रणाली में विश्वसनीयता एवं जवाबदेही स्थापित करता है।
✍️ सही उत्तर है – निर्धारित समय सीमा के साथ सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा राज्य के लोगों को कुछ सेवाओं की डिलीवरी और उससे संबंधित और प्रासंगिक मामले के लिए सेवाएं प्रदान करना ।
राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य को पद से हटाया जा सकता है
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
🔹 व्याख्या
👉 अनुच्छेद 317 के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
👉 यदि किसी सदस्य पर दुराचार (misbehaviour) का आरोप हो, तो राष्ट्रपति मामला सर्वोच्च न्यायालय को संदर्भित करता है।
👉 सर्वोच्च न्यायालय की जाँच एवं अनुशंसा के बाद ही राष्ट्रपति आदेश द्वारा पद से हटाने की शक्ति रखता है।
👉 राज्यपाल को केवल त्याग-पत्र स्वीकार करने का अधिकार है, हटाने का नहीं।
✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के जाँच के बाद
भारत के संविधान के अनुच्छेद 323 के तहत, राज्य लोक सेवा आयोग का कर्त्तव्य है कि वह प्रतिवर्ष आयोग द्वारा किए गये कार्य के बारे में किसे प्रतिवेदन प्रस्तुत करें ?
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 323 के अनुसार, राज्य लोक सेवा आयोग का कर्त्तव्य है कि वह प्रतिवर्ष अपने कार्यों का प्रतिवेदन (Report) प्रस्तुत करे।
👉 यह प्रतिवेदन राज्यपाल को प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इसके बाद राज्यपाल इस प्रतिवेदन को राज्य विधानसभा के समक्ष रखवाते हैं।
👉 यह प्रक्रिया आयोग की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करती है।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल
राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम, 2011 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :
I. इस अधिनियम की धारा 10 सद्भावना से किए गए कार्यों के लिए सुरक्षा प्रदान करती है।
II. प्रारम्भ में इस अधिनियम के तहत् 15 विभागों की 108 सेवाओं को अधिसूचित किया गया था।
ऊपर दिये गये कथनों में से कौन सा/से सही है हैं ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]
👉 कथन (I) गलत है, क्योंकि धारा 10 नहीं बल्कि अन्य प्रावधानों में सद्भावना से किए गए कार्यों की सुरक्षा से संबंधित उपबंध निहित हैं।
👉 कथन (II) सही है, क्योंकि राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत प्रारंभ में 15 विभागों की 108 सेवाओं को अधिसूचित किया गया था।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएँ प्रदान करना है।
✍️ सही उत्तर है – केवल कथन (II)
राजस्थान लोक सेवा गारंटी प्रदान अधिनियम 2011, राजस्थान में कब लागू किया गया था ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी प्रदान अधिनियम, 2011 राज्य में 14 नवम्बर 2011 से लागू किया गया।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
👉 अधिनियम के अंतर्गत सेवा में विलम्ब या अस्वीकृति की स्थिति में दण्डात्मक प्रावधान किए गए हैं।
👉 इसका लक्ष्य उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और सुशासन को सुदृढ़ बनाना है।
✍️ सही उत्तर है – 14 नवम्बर 2011
राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अनुसार, निर्धारित समय पर लोक सेवा प्रदान करने में विफल रहने पर लोक सेवकों के विरुद्ध किस प्रकार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]
👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अनुसार, यदि लोक सेवक निर्धारित समय पर सेवा प्रदान करने में विफल रहता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
👉 इस कार्रवाई के अंतर्गत उस पर आर्थिक दण्ड (Monetary Penalty) लगाया जाता है।
👉 यह दण्ड उत्तरदायी अधिकारी या कर्मचारी के वेतन से वसूला जाता है।
👉 इस प्रावधान का उद्देश्य जनसेवाओं की समयबद्धता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – आर्थिक दण्ड लगाना
राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को ________ द्वारा निलम्बित किया जा सकता है।
[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]
👉 राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को केवल राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है, परंतु निलम्बन (suspension) की शक्ति राजस्थान के राज्यपाल के पास होती है।
👉 जब अध्यक्ष या सदस्य के विरुद्ध दुराचार का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हो, तब राज्यपाल उसे निलम्बित कर सकते हैं।
👉 यह प्रक्रिया अनुच्छेद 317 के अंतर्गत निर्धारित है।
👉 निलम्बन की अवधि में संबंधित सदस्य अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकता।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान के राज्यपाल
राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है ?
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, दोनों में जो पहले पूरा हो, उतना होता है।
👉 यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 316 के अंतर्गत निर्धारित है।
👉 कार्यकाल पूर्ण होने पर सदस्य पुनः उसी पद पर नियुक्त नहीं हो सकते, परन्तु अन्य आयोगों में नियुक्ति संभव है।
👉 सदस्य अपने कार्यकाल में निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता से अपने दायित्व निभाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – 6 वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु, दोनों में पहले जो भी समाप्त हो
निम्नलिखित में से किसे राज्यपाल नियुक्त तो करता है परन्तु बर्खास्त नहीं कर सकता है ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 परन्तु बर्खास्त करने का अधिकार राज्यपाल के पास नहीं होता है।
👉 संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को केवल राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
👉 राज्यपाल को केवल त्याग-पत्र स्वीकार करने का अधिकार प्राप्त है।
✍️ सही उत्तर है – राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष