राजस्थान राज्य सरकार ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अनुसार राज्य आयोग के गठन के लिए अधिसूचना कब जारी की थी ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • 20 मार्च, 2000 

  • 18 जनवरी, 1999 

  • 22 अप्रैल, 2001 

  • 23 मई, 1998 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया।
👉 इस आयोग की स्थापना का उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों की रक्षा, संवर्धन और उल्लंघन के मामलों की जांच करना है।
👉 राजस्थान राज्य सरकार ने 18 जनवरी, 1999 को आयोग के गठन हेतु अधिसूचना जारी की।
👉 यह आयोग एक स्वायत्त एवं अर्ध-न्यायिक निकाय है जो नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
👉 आयोग द्वारा प्राप्त शिकायतों पर जांच, रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को प्रेषित की जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – 18 जनवरी, 1999 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।

अभिकथन A : आरटीआई एक्ट, 2005 में उल्लिखित मामलों के संबंध में राजस्थान सूचना आयोग (RIC) अंतिम अपीलीय प्राधिकारी है।

कारण R : राजस्थान सूचना आयोग (RIC) किसी भी व्यक्ति से लिखित शिकायत प्राप्त करने और उनकी जाँच करने के लिए सक्षम है, जो किसी लोक सूचना अधिकारी (PIO) से सूचना प्राप्त करने में सक्षम नहीं रहा है।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  • A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।

  • A सही है लेकिन R सही नहीं है।

  • A सही नहीं है लेकिन R सही है।

🔹 व्याख्या

👉 आरटीआई एक्ट, 2005 के तहत राजस्थान सूचना आयोग (RIC) अंतिम अपील प्राधिकारी होता है।
👉
यह शिकायतों की जांच करता है और PIO से सूचना न मिलने पर कार्रवाई करता है।
👉
इसलिए अभिकथन A और कारण R दोनों सही हैं।
👉
साथ ही R, A की सही व्याख्या करता है।

✍️ सही उत्तर है – A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

जुलाई 1994 में राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया गया था? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • अनुच्छेद 246 

  • अनुच्छेद 256 

  • अनुच्छेद 243K 

  • अनुच्छेद 243A 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया था।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनावों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण से संबंधित है।
👉 आयोग का गठन जुलाई 1994 में राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए किया गया।
👉 आयोग के शीर्ष पर राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जो राज्य की चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 (के) 

राज्य सूचना आयुक्त के वेतन, भत्ते और अन्य सेवा शर्तें _______ के समान हैं।

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • लोकसभा में विपक्ष के नेता 

  • राज्य सरकार के मुख्य सचिव 

  • राज्यपाल 

  • चुनाव आयुक्त 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति और सेवा शर्तें सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में निर्धारित की गई हैं।
👉 अधिनियम के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त के वेतन, भत्ते और अन्य सेवा शर्तें राज्य सरकार के मुख्य सचिव के समान होती हैं।
👉 वहीं मुख्य राज्य सूचना आयुक्त के वेतन और भत्ते निर्वाचन आयुक्त के समान निर्धारित किए गए हैं।
👉 यह प्रावधान आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किया गया है।
👉 इससे आयोग के सदस्य अपने कार्यों का स्वतंत्र एवं निडर होकर निष्पादन कर सकें।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सरकार के मुख्य सचिव 

राज्य निर्वाचन आयोग है - 

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • बहु सदस्यीय संस्था 

  • एक सदस्यीय संस्था 

  • त्रिसदस्यीय संस्था 

  • द्विसदस्यीय संस्था 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों के संचालन के लिए उत्तरदायी है।
👉 आयोग को बहुसदस्यीय न बनाकर एक सदस्यीय संस्था के रूप में स्थापित किया गया है।
👉 इसका प्रमुख पद राज्य निर्वाचन आयुक्त का होता है, जो आयोग का सर्वेसर्वा होता है।
👉 यह व्यवस्था आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने हेतु की गई है।

✍️ सही उत्तर है – एक सदस्यीय संस्था 

राजस्थान का राज्य निर्वाचन आयोग है :  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • एक कार्यकारी निकाय 

  • एक संवैधानिक निकाय 

  • एक अर्ध-न्यायिक निकाय 

  • एक सांविधिक निकाय 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करता है।
👉 संविधान में स्पष्ट प्रावधान होने के कारण यह एक संवैधानिक निकाय है।
👉 आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए इसके प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त को केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जैसी प्रक्रिया से ही हटाया जा सकता है।
👉 यह आयोग राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का दायित्व निभाता है।

✍️ सही उत्तर है – एक संवैधानिक निकाय 

जब सूचना का अधिकार अधिनियम (2005) पारित हुआ और लागू हुआ, तब निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम निरस्त कर दिया गया था ? 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 1990 

  • सूचना तक पहुँच अधिनियम, 2001 

  • सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 2002 

  • व्यक्तिगत सूचना अधिनियम, 2002 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू होने पर पुराना सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम 2002 निरस्त कर दिया गया था।
👉 नया RTI अधिनियम 2005 सूचना प्राप्ति के लिए अधिक व्यापक व प्रभावी अधिकार देता है।
👉 2002 के अधिनियम को हटाकर पारदर्शिता हेतु मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया गया।
👉 RTI 2005 नागरिकों को सूचना तक प्रत्यक्ष व समयबद्ध पहुँच सुनिश्चित करता है। 

✍️ सही उत्तर है – सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम, 2002 

राजस्थान के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त थे : 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • एम. डी. कौरानी 

  • लक्ष्मण सिंह राठौड़ 

  • डी. बी. गुप्ता 

  • टी. श्रीनिवासन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन 13 अप्रैल, 2006 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत किया गया था।
👉 आयोग ने अपना कार्य 18 अप्रैल, 2006 से प्रारंभ किया।
👉 राजस्थान के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में श्री एम. डी. कौरानी ने इसी दिन पदभार ग्रहण किया।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ किया।
👉 आयोग राज्य में लोक प्रशासन की पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने हेतु कार्यरत है।

✍️ सही उत्तर है – एम. डी. कौरानी 

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किस वर्ष में हुआ था ?

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • 1991

  • 1994

  • 1992

  • 1993

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के संचालन हेतु किया गया था।
👉 इसका गठन संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के अनुसरण में किया गया।
👉 राज्यपाल ने 17 जून, 1994 को आदेश जारी कर आयोग की स्थापना की।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ बने, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया।
👉 आयोग का कार्य राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध चुनावों का संचालन करना है।

✍️ सही उत्तर है – 1994 

"अवदानी जनेभ्य" निम्नलिखित में से किस संस्था का आदर्श वाक्य है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]

  • लोकायुक्त 

  • राजस्थान राज्य चुनाव आयोग 

  • राजस्थान राज्य सूचना आयोग 

  • राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग 

🔹 व्याख्या

👉 "अवदानी जनेभ्य" राजस्थान राज्य सूचना आयोग का आदर्श वाक्य (Motto) है।
👉 यह एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका अर्थ है — “अवदानियों (जानकारी प्राप्त करने वालों) के लिए” या “जानकारी के लिए नागरिकों हेतु”।
👉 यह वाक्यांश आयोग के उस उद्देश्य को दर्शाता है जो सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act, 2005) के अंतर्गत नागरिकों को सरकारी सूचना तक पारदर्शी पहुँच सुनिश्चित करता है।
👉 यह आदर्श वाक्य नागरिक सशक्तिकरण और सुशासन की भावना को प्रतिबिंबित करता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य सूचना आयोग 

राजस्थान राज्य सूचना आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 

कथन - 1 : राज्य सूचना आयुक्त को देय वेतन और भत्ते ऐसे होंगे जो केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएंगे । 

कथन - 2 : राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सूचना आयुक्त 

को सिद्ध कदाचार या असक्षमता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राज्यपाल द्वारा पद से हटाया जा सकता है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • केवल कथन-2 सही है।

  • कथन-1 व 2 दोनों सही हैं ।

  • केवल कथन-1 सही है। 

  • न तो कथन-1 और न ही 2 सही है । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति एवं सेवा शर्तें सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत निर्धारित हैं।
👉 कथन 1 सही है क्योंकि आयोग के सदस्यों का वेतन और भत्ते वही होते हैं जो केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
👉 कथन 2 भी सही है क्योंकि राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों को सिद्ध कदाचार या असक्षमता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की जांच रिपोर्ट के बाद राज्यपाल द्वारा पद से हटाया जा सकता है।
👉 इस प्रक्रिया से आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – कथन 1 व 2 दोनों सही हैं 

सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत कितने प्रकार के सूचना आयोग के गठन का प्रावधान है ?

[4th Grade 5th Phase) 21.09.2025]

  • 4

  • 2

  • 5

  • 3

🔹 व्याख्या

👉 RTI अधिनियम 2005 दो प्रकार के सूचना आयोगों के गठन का प्रावधान करता है।
👉 पहला है केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), जिसका गठन अधिनियम की धारा 12 के तहत होता है।
👉 CIC केंद्र सरकार के सभी केन्द्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों से संबंधी अपीलों व शिकायतों की सुनवाई करता है।
👉 दूसरा है राज्य सूचना आयोग (SIC), जिसे प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा गठन किया जाता है।
👉 राज्य सूचना आयोग राज्य के सार्वजनिक प्राधिकरणों से जुड़ी अपीलों व शिकायतों का निपटारा करता है।

✍️ सही उत्तर है – 2 

राजस्थान राज्य महिला आयोग है 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • अध्यादेश द्वारा बनाया गया है    

  • संवैधानिक निकाय

  • नियामकीय निकाय 

  • सांविधिक निकाय 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समानता सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया है।
👉 इसका गठन राज्य सरकार द्वारा अधिनियम पारित कर 15 मई, 1999 को किया गया था।
👉 यह आयोग एक सांविधिक (Statutory) निकाय है क्योंकि इसका गठन राज्य विधेयक के अधीन विधिक आधार पर किया गया।
👉 आयोग का कार्य महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की जाँच, रिपोर्ट प्रस्तुत करना और सरकार को सुझाव देना है।
👉 यह निकाय राज्य में महिला सशक्तीकरण और समान अधिकारों की रक्षा हेतु कार्यरत है।

✍️ सही उत्तर है – सांविधिक निकाय 

निम्नलिखित में कौन एक राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति हेतु गठित समिति का सदस्य नहीं होता है?

JEN (सिविल डिग्रीधारक) 18.05.2022

  • उच्च न्यायालय का न्यायाधीश

  • विपक्ष का नेता

  •  मुख्यमंत्री द्वारा नाम निर्देशित एक केबिनेट मंत्री

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक विशेष चयन समिति की सिफारिश पर की जाती है।
👉 यह समिति तीन सदस्यों से मिलकर बनती है — मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में विपक्ष का नेता, तथा मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्री।
👉 इन तीनों सदस्यों के अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति इस समिति में सम्मिलित नहीं होता।
👉 अतः उच्च न्यायालय का न्यायाधीश इस समिति का सदस्य नहीं होता है।
👉 समिति की अनुशंसा पर राज्यपाल नियुक्ति का अंतिम निर्णय लेते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय का न्यायाधीश 

राजस्थान राज्य सूचना आयोग, सूचना नहीं देने पर अधिकतम कितनी राशि का जुर्माना आरोपित कर सकता है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • 20000 ₹ 

  • 30000 ₹

  • 25000 ₹ 

  • 15000 ₹

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग को सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत शास्ति आरोपण की शक्ति प्राप्त है।
👉 यदि कोई लोक सूचना अधिकारी जानबूझकर सूचना नहीं देता या अधूरी सूचना देता है तो आयोग उस पर जुर्माना लगा सकता है।
👉 यह जुर्माना रोज़ 250 रुपये की दर से लगाया जा सकता है।
👉 परंतु कुल राशि अधिकतम 25,000 रुपये से अधिक नहीं हो सकती।
👉 आयोग यह दंड सुनवाई के बाद उचित अवसर देने पर आरोपित करता है।

✍️ सही उत्तर है – ₹25,000 

राज्य सूचना आयोग का निर्माण होगा (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की संख्या दस से अधिक नहीं । 

  • मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की संख्या दो से अधिक नहीं । 

  • मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की संख्या आठ से अधिक नहीं ।। 

  • मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की संख्या सात से अधिक नहीं ।। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 के अंतर्गत किया जाता है।
👉 इस अधिनियम के अनुसार आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त तथा आवश्यकतानुसार राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं।
👉 परंतु राज्य सूचना आयुक्तों की संख्या दस से अधिक नहीं हो सकती।
👉 इन सभी की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा चयन समिति की सिफ़ारिश पर की जाती है।
👉 आयोग राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की संख्या दस से अधिक नहीं 

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) राजस्थान का गठन भारत के संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा किया गया था ? 

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • अनुच्छेद 115A 

  • अनुच्छेद 249K 

  • अनुच्छेद 243K 

  • अनुच्छेद 143K 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243K के तहत किया गया है।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों में पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
👉 अनुच्छेद 243K राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र चुनावी अधिकार प्रदान करता है। 

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243K 

राजस्थान राजस्व मंडल का मुख्यालय कहाँ है ? 

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • जोधपुर 

  • अजमेर 

  • उदयपुर 

  • कोटा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राजस्व परिषद का मुख्यालय अजमेर में स्थित है।
👉 यह राज्य के राजस्व विभाग का सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण है।
👉 राजस्व विभाग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं —

  • प्रदत्त कर लगाने और वसूली से संबंधित सभी मामले।

  • अप्रत्यक्ष कर लगाने और वसूली से संबंधित विषय।

  • आर्थिक अपराधों की जांच तथा आर्थिक कानूनों का प्रवर्तन।

  • अंतरराज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान बिक्री पर कर लगाना।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर 

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें 

कथन - I : केवल ऐसे व्यक्ति को राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जाता है जिसके पास प्रमुख सचिव के पद पर कम से कम सात साल का अनुभव हो । 

कथन - II : राज्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से पाँच वर्ष या बासठ वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होता है। 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें : 

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • दोनों कथन I और II गलत हैं । 

  • कथन II सही है और कथन I गलत है। 

  • कथन I सही है और कथन II गलत है। 

  • दोनों कथन I और II सही हैं । 

राजस्थान राज्य के वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्त कौन हैं (25 अक्टूबर, 2024 तक) ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • श्री एम. डी. कौरानी 

  • श्री डी. पी. गुप्ता 

  • श्री मोहन लाल लाठर 

  • श्री मधुकर गुप्ता 

🔹 व्याख्या

👉 25 अक्टूबर 2024 तक राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त श्री मोहन लाल लाठर हैं।
👉 उन्हें इस पद पर 9 जुलाई 2024 को नियुक्त किया गया था।
👉 यह पद राजस्थान राज्य सूचना आयोग का सर्वोच्च पद है, जो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत कार्य करता है।
👉 मुख्य सूचना आयुक्त का कार्य नागरिकों को समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराना और RTI से संबंधित अपीलों एवं शिकायतों का निवारण करना है।
👉 उनका कार्यकाल राज्य में पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

✍️ सही उत्तर है – श्री मोहन लाल लाठर  

राजस्थान में राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना के अधिकार अधिनियम की किस धारा के तहत किया गया ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • धारा 5 

  • धारा 25 

  • धारा 18 

  • धारा 15 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है।
👉 अधिनियम की धारा 15 में राज्य स्तर पर सूचना आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है।
👉 इस धारा के अंतर्गत प्रत्येक राज्य सरकार को राज्य सूचना आयोग की स्थापना करनी होती है।
👉 आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त तथा आवश्यकतानुसार राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की जाती है।
👉 यह आयोग राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – धारा 15 

सूचना का अधिकार अधिनियम (2005) के अंतर्गत, निम्नलिखित में से किस विषय से संबंधित जानकारी के प्रकटीकरण के दायित्व से छूट दी गई है? (सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें)

[4th Grade (1st Phase) 19.09.2025]

  • किसी निजी निगम के कार्यालय कर्मचारियों द्वारा प्राप्त मासिक वेतन

  • सार्वजनिक कार्यालयों में नियुक्त अधिकारियों के अधिकार और कर्तव्य

  • ऐसी जानकारी जो भारत की एकता और संप्रभुता को खतरे में डाल सकती है

  • किसी सरकारी कार्यालय द्वारा रखे गए दस्तावेजों की श्रेणियाँ

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम धारा 8(1) के तहत ऐसी जानकारी को छूट देता है जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डाल सकती है।
👉 राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का प्रकटीकरण प्रतिबंधित किया जाता है।
👉 यह छूट अधिनियम का अनिवार्य प्रावधान है ताकि देश की सुरक्षा प्रभावित न हो।
👉 खुफिया व सुरक्षा संगठनों से संबंधित सूचनाएँ भी अक्सर प्रकटीकरण से मुक्त रहती हैं।
👉 इस प्रावधान का उद्देश्य सार्वजनिक हित के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है।

✍️ सही उत्तर है – ऐसी जानकारी जो भारत की एकता और संप्रभुता को खतरे में डाल सकती है 

दोनों कथनों को पढ़े और निर्धारित करें कि राज्य सूचना आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है।

कथन - I : मुख्य राज्य सूचना आयुक्त पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं है।

कथन - II : राज्य सूचना आयुक्त, अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद, मुख्य राज्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त होने के पात्र होते हैं।

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • न तो कथन-I और न ही कथन-II सत्य हैं।

  • केवल कथन-II सत्य हैं।

  • दोनों कथन-I और कथन-II सत्य हैं।

  • केवल कथन-I सत्य हैं।

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग की नियुक्ति एवं सेवा शर्तें सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं।
👉 कथन-I सही है क्योंकि मुख्य राज्य सूचना आयुक्त पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होता — उसका कार्यकाल पाँच वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक सीमित होता है।
👉 कथन-II भी सही है क्योंकि राज्य सूचना आयुक्त अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद मुख्य राज्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त हो सकता है।
👉 यह व्यवस्था आयोग में अनुभव और प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने हेतु की गई है। 

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन-I और कथन-II सत्य हैं 

राजस्थान में राज्य वित्त आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • हीरालाल देवपुरा

  • के. के. गोयल 

  • एस. के. घोष

  • एम. सी. सुराणा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य वित्त आयोग के प्रथम अध्यक्ष कृष्ण कुमार गोयल थे।
👉 उनका कार्यकाल 1 अप्रैल 1995 से 31 मार्च 2000 तक रहा।
👉 आयोग का गठन राज्य के वित्तीय संसाधनों के विकेंद्रीकृत वितरण और पंचायती राज एवं नगर निकायों की वित्तीय स्थिति के मूल्यांकन हेतु किया गया था।
👉 इस आयोग ने राज्य के शुद्ध कर राजस्व के हस्तांतरण से संबंधित महत्वपूर्ण सिफारिशें प्रस्तुत कीं।
👉 इनके नेतृत्व में आयोग ने राज्य वित्तीय संरचना में संतुलन और पारदर्शिता बढ़ाने में भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – के. के. गोयल 

आर.टी.आई. अधिनियम (2005) की निम्नलिखित में से किस धारा में सूचना के प्रकटीकरण से छूट का प्रावधान है?

[4th Grade (4th Phase) 20.09.2025]

  • धारा 3

  • धारा 8

  • धारा 4

  • धारा 12

🔹 व्याख्या

👉 आरटीआई अधिनियम की धारा 8 सूचना के प्रकटीकरण से छूट का प्रावधान करती है।
👉 इस धारा में ऐसी सूचनाएँ शामिल हैं जिनका खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
👉 इसमें व्यक्तिगत निजता से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएँ भी सार्वजनिक नहीं की जातीं।
👉 व्यापारिक रहस्य, गोपनीय व वाणिज्यिक जानकारी भी इसी धारा में संरक्षित है।
👉 चल रही जाँच को प्रभावित करने वाली सूचनाएँ भी धारा 8 के तहत प्रतिबंधित रहती हैं।

✍️ सही उत्तर है – धारा 8 

निम्नलिखित में से राजस्थान के प्रथम राज्य चुनाव आयुक्त कौन थे ? 

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • श्री ए. के. पांडे 

  • श्री एन. आर. भसीन 

  • श्री अमरसिंह राठौर 

  • श्री प्रेमसिंह मेहरा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत की गई थी।
👉 आयोग का गठन वर्ष 1994 में राज्य में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के संचालन हेतु किया गया।
👉 राजस्थान के प्रथम राज्य चुनाव आयुक्त श्री अमरसिंह राठौर थे।
👉 उन्होंने 1 जुलाई, 1994 को अपने पद का कार्यभार ग्रहण किया।
👉 उनके कार्यकाल में आयोग ने निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की नींव रखी।

✍️ सही उत्तर है – श्री अमरसिंह राठौर 

राज्य सूचना आयोग के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा समिति की सिफ़ारिश पर की जाती है, जिसका सदस्य नहीं होता है

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • विधानसभा में प्रतिपक्ष का नेता 

  • मुख्यमंत्री 

  • उच्च न्यायालय का न्यायाधीश

  • मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत कैबिनेट मंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह नियुक्ति एक तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफ़ारिश पर होती है।
👉 इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में विपक्ष का नेता, और मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्री सदस्य होते हैं।
👉 इन तीन सदस्यों के अतिरिक्त उच्च न्यायालय का न्यायाधीश इस समिति का सदस्य नहीं होता है।
👉 समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्यपाल नियुक्ति का अंतिम निर्णय लेते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय का न्यायाधीश 

राजस्थान में जुलाई, 2024 में किसे मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • हरिदेव जोशी 

  • हीरालाल सामरिया 

  • मोहन लाल लाठर 

  • शीतल धनखड़ 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति की जाती है।
👉 जुलाई, 2024 में मोहन लाल लाठर को मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था।
👉 यह नियुक्ति राज्य में सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में की गई कदम है।
👉 उनकी नियुक्ति से आयोग को नये नेतृत्व एवं दिशा मिली। 

✍️ सही उत्तर है – मोहन लाल लाठर 

राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर कौन आसीन नहीं रही ? 

VDO Pre. (द्वितीय चरण) 27.12.2021

  • कांता कथूरिया 

  • गिरिजा व्यास 

  • लाड कुमारी जैन 

  • तारा भण्डारी 

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राजस्थान राज्य सूचना आयोग (आरआईसी) के संबंध में सही नहीं है ? 

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • आरआईसी आरटीआई अधिनियम, 2005 में उल्लेखित मामलों के संबंध में अंतिम अपीलीय प्राधिकारी है। 

  • श्री टी. श्रीनिवासन राजस्थान के पहले मुख्य सूचना आयुक्त थे। 

  • आरआईसी का गठन 18 अप्रैल, 2006 को किया गया था। 

  • इसके निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन 13 अप्रैल, 2006 को किया गया था।
👉 राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम. डी. कौराणी थे, जिन्होंने 18 अप्रैल, 2006 को पदभार ग्रहण किया।
👉 श्री टी. श्रीनिवासन राज्य के द्वितीय मुख्य सूचना आयुक्त थे, न कि प्रथम।
👉 अतः यह कथन कि श्री टी. श्रीनिवासन प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त थे, सही नहीं है।
👉 आयोग का उद्देश्य सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – श्री टी. श्रीनिवासन राजस्थान के पहले मुख्य सूचना आयुक्त थे  

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन किया गया ?

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • 243ZA 

  • 243K 

  • 242 

  • 243Z 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण से संबंधित है।
👉 इस प्रावधान के अनुसार राज्य में चुनावों की संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपी गई है।
👉 आयोग का प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 (के) 

राजस्थान सूचना आयोग का गठन कब हुआ था ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • 13 अप्रैल, 2006 

  • 14 नवम्बर 2011 

  • 12 सितंबर, 2009 

  • 8 मार्च, 2005 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुसार किया गया।
👉 यह आयोग राज्य में सूचना के अधिकार को लागू करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया।
👉 राज्य सरकार ने 13 अप्रैल, 2006 को आयोग के गठन की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की।
👉 इसके बाद आयोग ने अपना कार्य 18 अप्रैल, 2006 से प्रारंभ किया।
👉 यह आयोग राज्य का एक सांविधिक और स्वायत्तशासी निकाय है।

✍️ सही उत्तर है – 13 अप्रैल, 2006 

राजस्थान सूचना आयोग (आरआईसी) का गठन कब किया गया था ?

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025] 

  • 2006 

  • 2009 

  • 2007 

  • 2008 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल 2006 को किया गया था।
👉 आयोग की स्थापना सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत हुई थी।
👉 इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सूचनाओं तक पहुँच उपलब्ध कराना है।
👉 आयोग सूचना संबंधी विवादों के लिए एक अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है।
👉 यह राज्य में आरटीआई कानून के सही पालन की निगरानी भी करता है।

✍️ सही उत्तर है – 2006 

कॉलम I में अधिनियम/आयोग को कॉलम II में वर्ष से मिलान कीजिए। 

कॉलम I

(अधिनियम / आयोग)

कॉलम II

(वर्ष)

1. राजस्थान लोक सेवा प्रदान गारन्टी अधिनियम

a. 2000

2. 74वाँ संवैधानिक संशोधन विधेयक

b. 2011

3. राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग

c. 1992

4. राज्य सूचना आयोग

d. 2006

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • 1-a, 2-b, 3-c, 4-d 

  • 1-c, 2-d, 3-a, 4-b 

  • 1-b, 2-c, 3-d, 4-a 

  • 1-b, 2-c, 3-a, 4-d 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोक सेवा प्रदान गारंटी अधिनियम राज्य में नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2011 (b) में लागू किया गया।
👉 74वाँ संवैधानिक संशोधन विधेयक नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने हेतु वर्ष 1992 (c) में पारित किया गया।
👉 राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग का गठन मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2000 (a) में किया गया।
👉 राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत वर्ष 2006 (d) में हुआ। 

✍️ सही उत्तर है – 1-b, 2-c, 3-a, 4-d 

राजस्थान के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त कौन थे ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • श्री अमरसिंह राठौड़ 

  • श्री राम लुभाया 

  • श्री इन्द्रजीत खन्ना 

  • श्री अशोक कुमार पाण्डे 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया था।
👉 आयोग की स्थापना 17 जून, 1994 को की गई थी ताकि पंचायती राज एवं नगरीय निकायों के चुनाव निष्पक्ष रूप से कराए जा सकें।
👉 राज्य के प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में श्री अमरसिंह राठौड़ को नियुक्त किया गया।
👉 उन्होंने 1 जुलाई, 1994 को अपना पदभार ग्रहण किया।
👉 उनके कार्यकाल में आयोग ने स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक लागू किया।

✍️ सही उत्तर है – श्री अमरसिंह राठौड़ 

राज्य निर्वाचन आयोग का सर्वोच्च पद कौन-सा है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • निर्वाचन अधिकारी 

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी 

  • सचिव 

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग राज्य में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी है।
👉 आयोग के शीर्ष पर राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जो इसका सर्वोच्च पद है।
👉 राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उसे स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार प्राप्त हैं।
👉 आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता बनाए रखने के लिए उसके पद से हटाने की प्रक्रिया उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान रखी गई है।
👉 यह पद राज्य की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य निर्वाचन आयुक्त 

निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम राज्य सूचना आयोग के गठन का प्रावधान करता है ? 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • 74वां संशोधन अधिनियम, 1992 

  • 73वां संशोधन अधिनियम, 1992 

  • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 

  • मानवाधिकार अधिनियम, 2006 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग के गठन का प्रावधान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में किया गया है।
👉 इस अधिनियम की धारा 15 से 17 में राज्य सूचना आयोग की संरचना, नियुक्ति, कार्यकाल और शक्तियों का उल्लेख है।
👉 आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम दस राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं।
👉 इसका उद्देश्य राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।
👉 यह आयोग एक सांविधिक और स्वायत्तशासी निकाय है जो नागरिकों को सूचना प्राप्ति का अधिकार प्रदान करता है।

✍️ सही उत्तर है – सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 

राजस्थान राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त कौन थे ? 

[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]

  •  श्री अमरजीत सिंह

  •  श्री एन. के. जैन

  •  श्री इन्द्रजीत खन्ना 

  •  श्री एम. डी. कौराणी

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल, 2006 को किया गया था।
👉 आयोग के गठन के साथ ही राज्य में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधान प्रभावी रूप से लागू हुए।
👉 राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में श्री एम. डी. कौराणी ने पदभार ग्रहण किया।
👉 उन्होंने 18 अप्रैल, 2006 से 17 अप्रैल, 2011 तक कार्य किया।
👉 उनके कार्यकाल में आयोग ने सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता को सशक्त बनाया।

✍️ सही उत्तर है – श्री एम. डी. कौराणी 

राजस्थान राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त कौन थे ?

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • श्री अमरजीत सिंह 

  • श्री एम. डी. कौराणी 

  • श्री इन्द्रजीत खन्ना 

  • श्री एन. के. जैन 

🔹 व्याख्या

👉 श्री एम. डी. कौराणी राजस्थान राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त थे।
👉 उन्होंने यह पद राजस्थान सूचना आयोग के 18 अप्रैल 2006 को गठन के बाद संभाला।
👉 वे राज्य में सूचना का अधिकार लागू कराने वाले पहले शीर्ष अधिकारी बने।
👉 मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में उनका कार्य सूचना पारदर्शिता को बढ़ावा देने से जुड़ा था।
👉 आयोग की स्थापना के समय उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – श्री एम. डी. कौराणी  

राजस्थान राज्य सूचना आयोग सूचना नहीं देने पर अधिकतम कितनी राशि का जुर्माना आरोपित कर सकता है ?

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • 20,000 

  • 30,000  

  • 15,000 

  • 25,000

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत दंड लगाने की शक्ति प्राप्त है।
👉 यदि कोई लोक सूचना अधिकारी बिना कारण सूचना देने से इंकार करता है या भ्रामक / अधूरी सूचना प्रदान करता है, तो आयोग दंड निर्धारित करता है।
👉 आयोग प्रति दिन के हिसाब से ₹250 का जुर्माना लगा सकता है।
👉 यह राशि अधिकतम ₹25,000 तक सीमित होती है।
👉 यह दंड सूचना प्रदान करने में लापरवाही या जानबूझकर विलंब के मामलों में लगाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – ₹25,000 

राज्य सूचना आयोग लोक सूचना अधिकारी पर अधिकतम ₹ __________ का जुर्माना लगा सकता है: 

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • 20,000 

  • 15,000 

  • 5,000 

  • 25,000 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 के अंतर्गत दंड लगाने की शक्ति प्राप्त है।
👉 यदि कोई लोक सूचना अधिकारी बिना उचित कारण बताए सूचना देने से इंकार करता है, तो आयोग उस पर जुर्माना लगा सकता है।
👉 यह जुर्माना ₹250 प्रति दिन की दर से लगाया जाता है।
👉 परंतु कुल जुर्माना राशि अधिकतम ₹25,000 तक सीमित होती है।
👉 यह प्रावधान सूचना प्रदान करने में लापरवाही या जानबूझकर विलंब रोकने के उद्देश्य से किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – ₹25,000 

आरटीआई अधिनियम 2005 के अनुसार ए-3 या छोटे आकार के काग़ज पर प्रति पृष्ठ सूचना के लिए शुल्क क्या है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • ₹2 प्रति पृष्ठ

  • ₹12 प्रति पृष्ठ

  • ₹20 प्रति पृष्ठ

  • ₹10 प्रति पृष्ठ

🔹 व्याख्या

👉 RTI अधिनियम 2005 में A-3 या छोटे पृष्ठ पर सूचना की प्रति पृष्ठ शुल्क राशि ₹2 निर्धारित है।
👉 यह शुल्क A-4 व A-3 दोनों आकार की प्रतियों पर समान रूप से लागू होता है।
👉 BPL श्रेणी के आवेदकों को पहली 50 पृष्ठों तक सूचना मुफ़्त दी जाती है।
👉 छूट प्राप्त करने के लिए BPL प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक होता है।
👉 बड़े आकार के पृष्ठ या नमूने की प्रतियों के लिए वास्तविक लागत वसूली जाती है।

✍️ सही उत्तर है – ₹2 प्रति पृष्ठ  

राज्य सूचना आयोग का यह कर्त्तव्य है कि वह निम्नलिखित व्यक्तियों से शिकायतें प्राप्त करे:- [*]

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • जिसे लगता है कि दी गई सूचना अधूरी या झूठी या भ्रामक है 

  • जिसे मांगी गई सूचना देने से मना कर दिया गया हो 

  • जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर उसके सूचना अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली हो 

  • जिसे लगता है कि ली गई फीस अनुचित है 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

किस वर्ष में राजस्थान राज्य महिला आयोग की स्थापना हुई ? 

VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021

  • 1996

  • 1999

  • 1997 

  • 1998 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग की स्थापना महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी।
👉 आयोग के गठन हेतु राज्य सरकार ने 23 अप्रैल, 1999 को एक विधेयक राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया।
👉 इस विधेयक के पारित होने के बाद 15 मई, 1999 को आयोग की स्थापना की अधिसूचना जारी की गई।
👉 आयोग में एक अध्यक्ष, चार सदस्य और एक सदस्य सचिव नियुक्त किए गए।
👉 इसका उद्देश्य राज्य में महिलाओं के प्रति अन्याय, अत्याचार और भेदभाव के मामलों की जाँच एवं सुधारात्मक कदम सुझाना है।

✍️ सही उत्तर है – 1999 

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI अधिनियम) प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण के कामकाज निम्नलिखित में से किस गुण को बढ़ावा देने का प्रयास करता है ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025] 

  • दक्षता 

  • प्रतिष्ठा 

  • पारदर्शिता 

  • समय की पाबंदी 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI अधिनियम) का मुख्य उद्देश्य शासन प्रणाली में पारदर्शिता (Transparency) और उत्तरदायित्व (Accountability) स्थापित करना है।
👉 यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी कार्यों, निर्णयों और नीतियों से संबंधित सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है।
👉 अधिनियम के माध्यम से जनता शासन प्रक्रिया में प्रत्यक्ष सहभागिता कर सकती है।
👉 इस प्रकार यह कानून भ्रष्टाचार की रोकथाम और सुशासन की स्थापना में सहायक है।
👉 अतः यह अधिनियम प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण के कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।

✍️ सही उत्तर है – पारदर्शिता 

निम्नलिखित में से राजस्थान के मुख्य सुचना आयुक्त के रूप में 9 जुलाई ,2024 को किन्हें नियुक्त किया गया था ?

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • श्री महेंद्र कुमार पारख 

  • श्री सुरेन्द्र चन्द्र गुप्ता

  • श्री टीका राम शर्मा 

  • श्री मोहन लाल लाठर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति का निर्णय राज्य सरकार द्वारा किया गया।
👉 9 जुलाई, 2024 को श्री मोहन लाल लाठर को इस पद पर नियुक्त किया गया।
👉 उनकी नियुक्ति से आयोग को नए नेतृत्व और दिशा मिली जो सूचना अधिकार के कार्यान्वयन को मजबूत कर सकती है।
👉 यह नियुक्ति सूचना आयोग के स्वायत्त एवं संवैधानिक चरित्र को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

✍️ सही उत्तर है – श्री मोहन लाल लाठर 

भारत में राज्य निर्वाचन आयोग का कार्यकाल एवं सेवा शर्तें कौन निर्धारित करता है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (MNV) 07.01.2025]

  • भारत की संसद 

  • संबंधित राज्य का राज्यपाल 

  • राज्य विधानमण्डल 

  • भारत का राष्ट्रपति 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 आयोग के शीर्ष पर राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जो राज्य में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का संचालन करता है।
👉 राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल एवं सेवा शर्तें संबंधित राज्य का राज्यपाल निर्धारित करता है।
👉 आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए उसके पद से हटाने की प्रक्रिया उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान रखी गई है।
👉 यह व्यवस्था आयोग को निष्पक्ष, स्वायत्त और संवैधानिक रूप से सशक्त बनाती है।

✍️ सही उत्तर है – संबंधित राज्य का राज्यपाल 

राजस्थान के प्रथम वित्त आयोग का अध्यक्ष कौन था ? 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • ज्योति किरण 

  • कृष्ण कुमार गोयल 

  • हीरालाल देवपुरा 

  • माणिक चंद सुराणा 

🔹 व्याख्या

👉 कृष्ण कुमार गोयल राजस्थान के प्रथम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष थे।
👉 आयोग की पुरस्कार अवधि 1995–1996 से 1999–2000 तक रही।
👉 आयोग ने राज्य के शुद्ध कर राजस्व के हस्तांतरण के लिए 2.18% की सिफारिश की थी।

संवैधानिक प्रावधान:
👉 भारत के संविधान का अनुच्छेद 243-I राज्यों में राज्य वित्त आयोग के गठन से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के तहत प्रत्येक राज्य में हर पाँच वर्ष में एक बार वित्त आयोग का गठन किया जाता है।
👉 आयोग का कार्य पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करना और राज्यपाल को सिफारिशें प्रस्तुत करना है।
👉 इसी प्रकार, अनुच्छेद 243-Y नगरपालिकाओं के लिए राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों का प्रावधान करता है।

✍️ सही उत्तर है – कृष्ण कुमार गोयल  

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग (SEC) का गठन भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत किया गया था? 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • 239A 

  • 243K 

  • 241 

  • 240 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission – SEC) का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनावों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण से संबंधित है।
👉 आयोग की स्थापना का उद्देश्य राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
👉 आयोग के प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, जिनकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो राज्य की चुनावी व्यवस्थाओं का नियंत्रण करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 (के) 

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन किया गया था :  

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • 1995 में 

  • 1992 में 

  • 1996 में 

  • 1994 में 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के संचालन के लिए किया गया था।
👉 इसका गठन संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के बाद किया गया।
👉 राज्यपाल ने 17 जून, 1994 को आदेश जारी कर आयोग की स्थापना की।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया।
👉 आयोग का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध चुनाव सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – 1994 में 

राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन कब किया गया था ? 

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  • 12 मई, 2005 

  • 18 अप्रैल, 2006 

  • 2 अक्टूबर, 2005 

  • 5 जून, 2006 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया था।
👉 यह आयोग राज्य में सूचना प्राप्ति के अधिकार को लागू करने वाला एक स्वायत्त एवं वैधानिक निकाय है।
👉 आयोग की स्थापना का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल, 2006 को किया गया था।
👉 राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम. डी. कौरानी ने इसी दिन पदभार ग्रहण किया।

✍️ सही उत्तर है – 18 अप्रैल, 2006 

राजस्थान सूचना आयोग का गठन कब हुआ ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]

  • 28 अप्रैल, 2005 

  • 28 अप्रैल, 2006 

  • 18 अप्रैल, 2006 

  • 18 अप्रैल, 2005 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किया गया था।
👉 यह आयोग राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु स्थापित किया गया।
👉 इसका उद्देश्य शासन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल, 2006 को किया गया था।
👉 इसी दिन प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम. डी. कौराणी ने पदभार ग्रहण किया।

✍️ सही उत्तर है – 18 अप्रैल, 2006

राजस्थान सूचना आयोग का गठन कब हुआ ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • 12 मई 2008

  • 8 अप्रैल 2006 

  • 18 अप्रैल 2006 

  • 1 अप्रैल 2005 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सूचना आयोग की स्थापना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत की गई थी।
👉 इसका उद्देश्य राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
👉 आयोग के गठन से शासन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल, 2006 को किया गया था।
👉 इसी दिन राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम. डी. कौराणी ने पदभार ग्रहण किया।

✍️ सही उत्तर है – 18 अप्रैल, 2006 

राज्य चुनाव आयोग, राजस्थान का गठन जुलाई, 1994 में भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के तहत् किया गया था ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • 243 K 

  • 243 ZA 

  • 243 M 

  • 243 B 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया था।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के चुनावों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण से संबंधित है।
👉 आयोग की स्थापना जुलाई, 1994 में की गई ताकि राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे।
👉 यह आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो राज्य की चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 (के) 

राजस्थान लोकसेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध कितने दिनों में द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी को अपील की जा सकती है? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • 60 दिन

  • 45 दिन

  • 30 दिन 

  • 15 दिन

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 का उद्देश्य नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
👉 यदि किसी सेवा के संबंध में नागरिक को समय पर समाधान नहीं मिलता, तो वह प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
👉 प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने पर नागरिक को द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 यह द्वितीय अपील 60 दिनों के भीतर दायर की जा सकती है।
👉 यह व्यवस्था नागरिकों के लिए त्वरित और पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।

✍️ सही उत्तर है – 60 दिन 

राजस्थान राज्य महिला आयोग के संबंध में कौनसा / कौनसे कथन सत्य है/हैं? 

(i) आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करता है।. 

(ii) आयोग का गठन 15 मई, 1999 को हुआ । 

(iii) यह गैर-संवैधानिक व परामर्शकारी निकाय है।

(iv) इसका कार्य महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें सुनना तथा उनकी जाँच करना है। 

[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]

  • i, ii, iii, iv 

  • i, ii, iii 

  • ii, iii, iv 

  • i, ii 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन 15 मई, 1999 को राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर किया गया था।
👉 यह एक गैर-संवैधानिक एवं परामर्शकारी निकाय है, जिसका कार्य महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर सरकार को सुझाव देना है।
👉 आयोग का प्रमुख उद्देश्य महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की सुनवाई व जाँच करना है।
👉 आयोग महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, समानता और सशक्तीकरण के लिए भी कार्य करता है।
👉 इन तथ्यों के अनुसार कथन (ii), (iii) और (iv) सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – (ii), (iii) और (iv) 

राजस्थान राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त कौन थे ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • श्री टी. श्रीनिवासन 

  • श्री नारायण बारेठ 

  • श्री लक्ष्मण सिंह राठौड़ 

  • श्री एम. डी. कौरानी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत किया गया था।
👉 आयोग की स्थापना के साथ ही राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू हुई।
👉 राज्य के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में श्री एम. डी. कौरानी ने 18 अप्रैल, 2006 को पदभार ग्रहण किया।
👉 उन्होंने अपने कार्यकाल में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉 आयोग ने उनके नेतृत्व में सूचना अधिकार की पहुंच आम नागरिकों तक सुनिश्चित की।

✍️ सही उत्तर है – श्री एम. डी. कौरानी 

निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य राज्य चुनाव आयोग का नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • स्थानीय निकायों के चुनाव का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करना 

  • स्थानीय निकायों के लिए धन का प्रबंधन करना

  • स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करना 

  • स्थानीय निकायों के चुनाव को आयोजित करवाना

🔹 व्याख्या

👉 राज्य चुनाव आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 इसका मुख्य कार्य पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करना है।
👉 आयोग निर्वाचन नामावलियों की तैयारी, चुनाव तिथियों की घोषणा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
👉 लेकिन स्थानीय निकायों के लिए धन का प्रबंधन करना आयोग का कार्य नहीं है।
👉 यह कार्य राज्य सरकार के वित्तीय विभागों या संबंधित निकायों द्वारा किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – स्थानीय निकायों के लिए धन का प्रबंधन करना 

गलत कथन का चुनाव कीजिये - 

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा निम्नलिखित से मिलकर बनी समिति द्वारा की जाएगी मुख्यमंत्री, विपक्ष का नेता, मुख्यमंत्री द्वारा नामनिर्दिष्ट मंत्रिमंडल का सदस्य। 

  • आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करता है। 

  • आयोग को सिविल कोर्ट की शक्ति प्राप्त है। 

  • राज्य सूचना आयोग अर्धन्यायिक निकाय है । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत स्थापित एक सांविधिक एवं स्वायत्तशासी निकाय है।
👉 आयोग प्रत्येक वर्ष अधिनियम के क्रियान्वयन की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करता है।
👉 यह वार्षिक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाती है, न कि राज्यपाल को।
👉 इसके बाद राज्य सरकार इस रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत करती है।
👉 अतः यह कथन कि “आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करता है” गलत है।

✍️ सही उत्तर है – आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करता है  

राज्य स्तर पर, चुनाव आयोग को निम्नलिखित द्वारा सहायता प्रदान की जाती है 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • राज्य सूचना आयुक्त 

  • मुख्यमंत्री 

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी 

  • मुख्य चुनाव आयुक्त 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य स्तर पर चुनाव आयोग को अपने कार्यों के संचालन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
👉 मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य में चुनावों की तैयारी, संचालन और पर्यवेक्षण का कार्य करता है।
👉 इसकी नियुक्ति मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा राज्य सरकार के सुझाए गए पैनल में से की जाती है।
👉 यह अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
👉 राज्य स्तर पर यह पद चुनावी प्रशासन का सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्य निर्वाचन अधिकारी 

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन - सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है ?  

कथन 1 : राजस्थान राज्य चुनाव आयोग एक एकल सदस्यीय आयोग है जिसका नेतृत्व राज्य चुनाव आयुक्त करते हैं। 

कथन 2 : राजस्थान राज्य चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • कथन 1 और 2 दोनों 

  • न तो कथन 1 और न ही 2 

  • केवल कथन - 2 

  • केवल कथन -1 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है, इसलिए यह एक संवैधानिक संस्था है।
👉 आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों के संचालन का दायित्व निभाता है।
👉 यह आयोग एक एकल सदस्यीय संस्था है, जिसका नेतृत्व राज्य चुनाव आयुक्त करते हैं।
👉 राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उन्हें निष्पक्ष चुनाव कराने का उत्तरदायित्व होता है। 

✍️ सही उत्तर है – कथन 1 और 2 दोनों 

राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति कौन  करता है ? 

[पटवार (चतुर्थ चरण) 24.10.2021]

  • मुख्य सचिव 

  • राष्ट्रपति 

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह नियुक्ति एक तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर की जाती है।
👉 इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में विपक्ष का नेता, और मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्री शामिल होते हैं।
👉 राज्यपाल नियुक्ति से पूर्व समिति की अनुशंसा पर अंतिम निर्णय लेते हैं।
👉 यह प्रक्रिया सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

निम्नलिखित में से कौन-सा निकाय राजस्थान में आर.टी.आई. अधिनियम (2005) से संबंधित मामलों के लिए अंतिम अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्य करता है ?

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • राजस्थान राज्य सूचना आयोग

  • राजस्थान राज्य सूचना परिषद्

  • राजस्थान राज्य आर.टी.आई. बोर्ड

  • सूचना संगठन, राजस्थान

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में आरटीआई अधिनियम से जुड़े मामलों के लिए अंतिम अपीलीय प्राधिकारी राजस्थान राज्य सूचना आयोग होता है।
👉 आयोग राज्य के सभी सार्वजनिक प्राधिकरणों से संबंधित दूसरी अपीलों की सुनवाई करता है।
👉 यह आयोग सूचना न देने या गलत सूचना देने पर निर्णय व निर्देश जारी करता है। 

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य सूचना आयोग 

सूचना का अधिकार नियम 2005 के अंतर्गत, A3 या उससे छोटे आकार के पृष्ठ पर सूचना उपलब्ध कराने का प्रति पृष्ठ शुल्क है:-

[L.S.A. Exam 13.06.2025]

  • 2 रूपये

  • 5 रूपये

  • 10 रूपये

  • 100 रूपये

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार नियम 2005 के अनुसार A3 या इससे छोटे पृष्ठ पर सूचना की प्रति पृष्ठ शुल्क राशि ₹2 निर्धारित है।
👉 यह शुल्क मुद्रित प्रति तथा फोटोकॉपी दोनों पर समान रूप से लागू होता है।
👉 प्रति पृष्ठ ₹2 शुल्क सूचना उपलब्ध कराने की मानक दर मानी जाती है।
👉 यह शुल्क सिर्फ A3 आकार या उससे छोटे पृष्ठों के लिए लिया जाता है।
👉 सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में यह शुल्क प्रत्येक पृष्ठ के अनुसार जोड़ा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 2 रूपये  

भारत में स्थानीय निकायों के चुनावों की तैयारी कौन-सी संस्था संचालित करती है ?

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • शहरी विकास मंत्रालय 

  • राज्य चुनाव आयोग 

  • भारत का चुनाव आयोग 

  • नगरीय और पंचायत प्रशासनिक प्राधिकरण 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में स्थानीय निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करने का कार्य राज्य चुनाव आयोग द्वारा किया जाता है।
👉 यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है।
👉 राज्य चुनाव आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों की पूरी प्रक्रिया संचालित करता है।
👉 आयोग का प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जो चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
👉 आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को बनाए रखना है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य चुनाव आयोग 

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्थानीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया में पहला कदम क्या है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमेन) 05.01.2025]

  • चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करना 

  • वोटों की गिनती 

  • मतदाता सूची तैयार करना, संशोधित करना और अद्यतन करना 

  • निर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग का कार्य स्थानीय निकायों के चुनावों का संचालन, निर्देशन और नियंत्रण करना है।
👉 चुनाव प्रक्रिया में आयोग का पहला कदम मतदाता सूची तैयार करना, संशोधित करना और अद्यतन करना होता है।
👉 मतदाता सूची के आधार पर ही नामांकन, मतदान और परिणाम जैसी आगे की प्रक्रियाएँ संपन्न होती हैं।
👉 यह सूची पारदर्शी और त्रुटिरहित चुनाव सुनिश्चित करने का मूल आधार होती है।
👉 आयोग द्वारा समय-समय पर इस सूची का सुधार और पुनरीक्षण भी किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – मतदाता सूची तैयार करना, संशोधित करना और अद्यतन करना 

राजस्थान के पाँचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकायों को आवंटित संसाधनों का वितरण अनुपात है ?

[लिपिक ग्रेड-II 09.09.2018]

  • 75.10% ग्रामीण निकायों को और 24.90% शहरी निकायों को 

  • 50:50 दोनों ग्रामीण एवं शहरी निकायों के लिए  

  • 70% ग्रामीण निकायों को एवं 30% शहरी निकायों को 

  • 40% ग्रामीण निकायों को एवं 60% शहरी निकायों को

🔹 व्याख्या

👉 पाँचवाँ राज्य वित्त आयोग का गठन 30 मई 2015 को किया गया था।
👉 आयोग को अपनी रिपोर्ट 29 मई 2015 के महामहिम राज्यपाल के आदेशानुसार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
👉 इस आयोग की सदस्यता पूर्ववर्ती आयोगों की तुलना में अधिक व्यापक रखी गई।
👉 आयोग का प्रमुख कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं द्वारा प्रदत्त सेवाओं की वित्तीय आवश्यकताओं का मूल्यांकन करना था।
👉 साथ ही, आयोग को इन सेवाओं के लिए मानक निर्धारण, संसाधन वितरण और स्व-उत्पन्न राजस्व के उपाय सुझाने का दायित्व दिया गया।
👉 आयोग ने स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ और संतुलित करने हेतु सिफारिशें कीं।

✍️ सही उत्तर है – 75.10% ग्रामीण निकायों को और 24.90% शहरी निकायों को 

"सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005” के निम्नलिखित में से किस अध्याय में राज्य सूचना आयोग के गठन का उल्लेख है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]

  • अध्याय 3 

  • अध्याय 2 

  • अध्याय 5

  • अध्याय 4 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में राज्य सूचना आयोग के गठन से संबंधित प्रावधान स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
👉 राज्य सूचना आयोग के गठन का उल्लेख अधिनियम के अध्याय 4 (Chapter IV) में किया गया है।
👉 इस अध्याय में धारा 15 से 17 तक राज्य सूचना आयोग की संरचना, नियुक्ति, कार्यकाल और सेवा शर्तें वर्णित हैं।
👉 आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम दस राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं।
👉 यह अध्याय राज्य स्तर पर सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – अध्याय 4 

राज्य स्तर पर, चुनाव आयोग को मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सहायता प्रदान की जाती है, जिसे _________ द्वारा नियुक्त किया जाता है। 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • राज्यपाल 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश 

  • मुख्य चुनाव आयुक्त 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य स्तर पर चुनाव आयोग को अपने कार्यों के संचालन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
👉 यह अधिकारी राज्य में चुनाव कार्यों के पर्यवेक्षण, नियंत्रण और समन्वय का कार्य करता है।
👉 मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा की जाती है।
👉 इसकी नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा सुझाए गए पैनल में से की जाती है।
👉 यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए की गई है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्य चुनाव आयुक्त 

राजस्थान में नियोजन विभाग की स्थापना कब हुई ? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • 1954

  • 1956  

  • 1953 

  • 1955 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में नियोजन विभाग की स्थापना जुलाई 1953 में की गई थी।
👉 यह विभाग राज्य का योजना निर्माण और निगरानी के लिए सर्वोच्च निकाय है।
👉 विभाग का कार्य राज्य की वार्षिक, पंचवर्षीय तथा दीर्घकालिक योजनाओं का निर्माण एवं कार्यान्वयन की निगरानी करना है।
👉 यह विभाग राज्य के विकास लक्ष्यों, संसाधनों के उपयोग और प्रशासनिक प्राथमिकताओं का समन्वय करता है।
👉 नियोजन विभाग राज्य स्तर पर सभी योजना-संबंधी गतिविधियों का प्रमुख संगठन है।

✍️ सही उत्तर है – 1953  

राज्य सूचना आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट ______प्रेषित करता है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • राज्य के मुख्य सचिव को 

  • केन्द्र सरकार को 

  • राज्यपाल को 

  • राज्य सरकार को 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग प्रत्येक वर्ष सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के क्रियान्वयन की स्थिति पर वार्षिक रिपोर्ट तैयार करता है।
👉 यह रिपोर्ट राज्य में सूचना अधिकार की प्रभावशीलता और पारदर्शिता का मूल्यांकन करती है।
👉 आयोग अपनी यह वार्षिक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित करता है।
👉 तत्पश्चात राज्य सरकार इस रिपोर्ट को राज्य विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत करती है।
👉 यह प्रक्रिया शासन में उत्तरदायित्व और जवाबदेही सुनिश्चित करती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सरकार को 

राज्य सूचना आयोग में परिवाद की जाँच करते समय किस प्रकार के न्यायालय की शक्तियाँ निहित होती हैं ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • प्रशासनिक न्यायालय 

  • दीवानी न्यायालय 

  • आपराधिक न्यायालय 

  • सैन्य न्यायालय 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18(1) के अंतर्गत विशेष शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।
👉 जब आयोग किसी परिवाद (शिकायत) की जाँच करता है, तो उसके पास दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियाँ निहित होती हैं।
👉 आयोग किसी व्यक्ति को बुलाने, शपथ पर बयान लेने तथा दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है।
👉 इसके अलावा आयोग को साक्ष्य लेने और अभिलेखों की तलाशी व निरीक्षण करने का भी अधिकार होता है।
👉 इन शक्तियों का उद्देश्य जाँच प्रक्रिया को न्यायसंगत और प्रभावी बनाना है।

✍️ सही उत्तर है – दीवानी न्यायालय 

राजस्थान में राज्य चुनाव आयोग की संस्था किस वर्ष गठित की गई थी ?

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • 1995 

  • 1993 

  • 1994 

  • 1996 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन राज्य में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के संचालन हेतु किया गया था।
👉 यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है।
👉 आयोग की स्थापना वर्ष 1994 में की गई थी ताकि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया।
👉 आयोग राज्य में स्थानीय स्वशासन की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करता है।

✍️ सही उत्तर है – 1994 

निम्न में से राज्य सूचना आयोग राजस्थान के संदर्भ में कौन सा कथन सही है ? 

(1) यह एक सांविधिक निकाय है । 

(2) यह स्वायत्तशासी निकाय है । 

(3) इसका गठन 18, अप्रैल 2005 को हुआ था । 

सही कोड़ चुनें :- 

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • सिर्फ (1) व (2)

  • सिर्फ (1) 

  • सिर्फ (3)

  • (1), (2) व (3)

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किया गया था।
👉 यह आयोग एक सांविधिक (Statutory) निकाय है क्योंकि इसका गठन विधि द्वारा किया गया है।
👉 साथ ही यह एक स्वायत्तशासी (Autonomous) निकाय है, जो अपने कार्यों में किसी अन्य प्राधिकरण से निर्देश नहीं लेता।
👉 आयोग का उद्देश्य सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। 

✍️ सही उत्तर है – सिर्फ (1) व (2) 

राज्य सूचना आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट किसको प्रस्तुत करता है ? 

[CET स्नातक 28.09.2024 तृतीय चरण]

  • राज्यपाल 

  • राज्य के उच्च न्यायालय 

  • राज्य सरकार 

  • राज्य विधानमण्डल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अधिनियम के क्रियान्वयन की निगरानी का अधिकार प्राप्त है।
👉 आयोग प्रत्येक वर्ष अधिनियम की कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता पर एक वार्षिक रिपोर्ट तैयार करता है।
👉 यह वार्षिक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाती है।
👉 राज्य सरकार इस रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर विचारार्थ प्रस्तुत करती है।
👉 इस प्रक्रिया से प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा मिलता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सरकार 

आर टी आई अधिनियम-2005 में उल्लिखित मामले के संबंध में अंतिम अपीलीय प्राधिकारी कौन सा है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • राज्य सूचना आयोग 

  • विधि आयोग 

  • चुनाव आयोग 

  • मानवाधिकार आयोग 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत नागरिकों को सरकारी सूचनाएँ प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।
👉 यदि किसी आवेदक को लोक सूचना अधिकारी से संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता, तो वह पहले प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील कर सकता है।
👉 प्रथम अपील के निर्णय से असंतुष्ट होने पर वह द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में दायर करता है।
👉 राज्य सूचना आयोग ही अंतिम अपीलीय प्राधिकारी होता है, जिसके निर्णय बाध्यकारी माने जाते हैं।
👉 यह व्यवस्था सूचना के अधिकार की पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सूचना आयोग 

निम्नलिखित कथनों पर विचार करें 

कथन I :

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को उनके कार्यालय से हटाने की प्रक्रिया आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 18 में उल्लिखित है । 

कथन II : राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को उच्च न्यायालय के संदर्भ के बाद सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर राज्यपाल के आदेश से ही उनके पद से हटाया जाएगा। 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें : 

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • दोनों कथन I और II गलत हैं। 

  • कथन II सही है और कथन I गलत है। 

  • दोनों कथन I और II सही हैं । 

  • कथन I सही है और कथन II गलत है। 

🔹 व्याख्या

👉 कथन I गलत है, क्योंकि राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया का वर्णन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18 में नहीं, बल्कि धारा 17 में किया गया है।
👉 धारा 18 आयोग की परिवाद संबंधी शक्तियों से संबंधित है, न कि हटाने की प्रक्रिया से।
👉 कथन II भी गलत है, क्योंकि इन पदों से हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय (न कि उच्च न्यायालय) के संदर्भ के बाद राज्यपाल द्वारा सिद्ध कदाचार या असक्षमता के आधार पर की जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन I और II गलत हैं 

निम्नलिखित कथनों को पढ़िए 

(i) सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व लाना है ।

(ii) अरुणा राय ने उस आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने सूचना के अधिकार अधिनियम के 

अधिनियमित होने का मार्ग प्रशस्त किया । 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

सही कूट चुनिए ― 

  • केवल (i) सही है 

  • केवल (ii) सही है 

  • न तो (i) ना ही (ii) सही है 

  • दोनों कथन सही हैं 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारत की संसद द्वारा पारित किया गया एक महत्वपूर्ण कानून है।
👉 इसे 15 जून 2005 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई और 12 अक्टूबर 2005 से लागू किया गया।
👉 यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी सूचनाओं तक पहुँच का अधिकार प्रदान करता है ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
👉 अधिनियम के तहत प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण को नागरिकों द्वारा मांगी गई सूचना निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध करानी होती है।
👉 इसका उद्देश्य सरकारी निर्णय प्रक्रिया को अधिक खुला और पारदर्शी बनाना है।
👉 मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) और अरुणा रॉय के प्रयासों से यह अधिनियम अस्तित्व में आया।
👉 इस आंदोलन ने सूचना के अधिकार को एक लोक आंदोलन के रूप में स्थापित किया।

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सही हैं 

राजस्थान में सुनवाई का अधिकार अधिनियम किस वर्ष में लागू हुआ ? 

[VDO मुख्य परीक्षा 09.07.2022]

  • 2018 

  • 2012 

  • 2014 

  • 2010 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान जनता की शिकायतों के निवारण के लिए सुनवाई का अधिकार अधिनियम लागू करने वाला पहला राज्य है।
👉 राजस्थान सरकार ने 1 अगस्त 2012 को इस अधिनियम को सम्यक् सुनवाई और शिकायतों के त्वरित निपटान के उद्देश्य से लागू किया।
👉 यह अधिनियम लोक सेवा प्रदाय अधिनियम का पूरक है और प्रशासन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
👉 वर्तमान में अधिनियम के अंतर्गत 18 विभागों की 153 सेवाएँ सम्मिलित हैं।
👉 इस कानून का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निवारण करना है।

✍️ सही उत्तर है – 2012 

निम्नलिखित में से कौन - सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

राज्य चुनाव आयुक्त का नाम  - कार्यकाल 

  • श्री प्रेमसिंह मेहरा  - 03.07.2017 - 03.07.2022 

  • श्री एन. आर. भसीन   - 01.07.2000 - 10.08.2002 

  • श्री ए. के. पांडे   - 26.12.2002 - 26-12-2007 

  • श्री अमरसिंह राठौड़   - 01.07.1994 - 30.03.2000 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के तृतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री इन्द्रजीत खन्ना थे।
👉 उन्होंने 26 दिसम्बर, 2002 से 26 दिसम्बर, 2007 तक पदभार संभाला था।
👉 जबकि प्रश्न में श्री ए. के. पांडे का नाम दिया गया है, जो वास्तव में चतुर्थ राज्य निर्वाचन आयुक्त थे और उनका कार्यकाल 1 अक्टूबर, 2008 से 30 सितम्बर, 2013 तक रहा। 

✍️ सही उत्तर है – श्री ए. के. पांडे – 26.12.2002 से 26.12.2007 (सही सुमेलित नहीं है) 

राज्यों के निर्वाचन आयोग विधान सभा सदस्यों की अयोग्यता के संबंध में अपना परामर्श देते हैं। 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • उच्च न्यायालय को 

  • राज्यपाल को 

  • लोकायुक्त को 

  • मुख्य मंत्री को 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य चुनाव आयोग राज्य के विधानसभा सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित मामलों में अपनी सिफारिशें राज्यपाल को देता है।
👉 राज्य चुनाव आयोग (भारत) एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक निकाय है जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चुनावों के संचालन की देखरेख करता है।
👉 यह आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के प्रावधानों के साथ गठित किया गया है, जो भारत के निर्वाचन आयोग की शक्तियों को परिभाषित करता है।
👉 राज्य चुनाव आयोग नगरपालिकाओं, नगर निगमों और पंचायतों के चुनावों का संचालन करता है।
👉 राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल को