निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल थीं?

[Librarian Exam 27.07.2025]

  • उमा भारती

  • प्रभा राव

  • प्रतिभा देवी सिंह पाटिल

  • मार्गरेट अल्वा

🔹 व्याख्या

👉 प्रतिभा देवी सिंह पाटिल राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल रही थीं।
👉 उन्होंने राज्यपाल पद का पदभार 8 नवम्बर 2004 को ग्रहण किया था।
👉 उनका कार्यकाल 8 नवम्बर 2004 से 21 जून 2007 तक चला था।
👉 राज्यपाल रहने के बाद वे भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति बनीं।
👉 उनका कार्यकाल राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा।

✍️ सही उत्तर है – प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 

भारत में राज्यों के राज्यपाल के पद के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[4th Grade 6th Phase) 21.09.2025]

  • राज्यपाल संसद के किसी भी सदन या किसी राज्य के विधानमंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं होंगे।

  • किसी राज्य के राज्यपाल का चुनाव राज्य विधानमंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है।

  • भारत का कोई भी नागरिक जिसने 30 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, राज्यपाल नियुक्त होने के लिए पात्र है।

  • राज्यपाल छह वर्ष की अवधि के लिए पद पर रहेंगे।

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 158(3) के अनुसार राज्यपाल संसद या किसी राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं हो सकता।
👉 यदि नियुक्ति के समय वह किसी सदन का सदस्य है, तो उसे पद ग्रहण करते ही इस्तीफा देना होता है।
👉 यह प्रावधान राज्यपाल की भूमिका को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाए रखने हेतु किया गया है।
👉 इसका उद्देश्य किसी प्रकार के हितों के टकराव को रोकना है।
👉 राज्यपाल का पद पूर्णतः संवैधानिक और तटस्थ性质 का माना गया है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल संसद के किसी भी सदन या किसी राज्य के विधानमंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं होंगे। 

निम्नलिखित में से कौन राज्य में राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति के रूप में कार्य करता है ?

[तकनीकी सहायक 18.05.2025]

  • मुख्यमंत्री 

  • राष्ट्रपति 

  • राज्यपाल 

  • शिक्षा मंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य में राज्यपाल सभी राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति (Chancellor) के रूप में कार्य करता है।
👉 यह पद विश्वविद्यालयों के अधिनियमों और संबंधित कानूनों द्वारा प्रदान किया गया है।
👉 इस रूप में राज्यपाल को औपचारिक एवं वैधानिक अधिकार प्राप्त होते हैं।
👉 वे दीक्षांत समारोहों की अध्यक्षता करते हैं तथा कुलपतियों (Vice-Chancellors) की नियुक्ति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
👉 कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल विश्वविद्यालयों के शासन और नीतिगत निर्णयों की देखरेख भी करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल  

किसी राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है ?

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025] 

  • मंत्रिपरिषद 

  • राष्ट्रपति 

  • प्रधान मंत्री

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 किसी राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार राज्यपाल करते हैं।
👉 राज्यपाल सामान्यतः विधानसभा में बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं।
👉 मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी करते हैं।
👉 राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और नियुक्ति की औपचारिक शक्ति उन्हीं के पास होती है।
👉 यह पूरी प्रक्रिया विधानसभा में प्राप्त बहुमत समर्थन पर आधारित होती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

नीचे दिए हुए दो वक्तव्यों पर विचार कीजिये 

कथन (A) : राज्य का राज्यपाल अपने पद पर राष्ट्रपति की इच्छापर्यंत ही रहता है। 

कारण (R) : राज्यपाल की नियुक्ति प्रधान मंत्री द्वारा होती है। 

'ऊपर के दोनों वक्तव्यों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा सही है

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • A गलत है पर R सही है ।  

  • A सही है पर R गलत है । 

  • A और R दोनों सही हैं पर A की सही व्याख्या R नहीं करता ।

  • A और R दोनों सही हैं तथा A की सही व्याख्या R करता ।

🔹 व्याख्या

👉 कथन (A): राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा (प्रसादपर्यंत) पद पर रहता है — सत्य (अनु. 156)।
👉 कारण (R): राज्यपाल की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा होती है — असत्य। नियुक्ति अनु. 155 के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा (केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर) होती है।
👉 अतः (A) सत्य है, पर (R) गलत है और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – A सही है पर R गलत है । 

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त को कौन हटा सकता है ?

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • प्रधान मंत्री 

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्यपाल 

  • राष्ट्रपति 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मुख्य सूचना आयुक्त को हटाने की शक्ति राज्यपाल के पास होती है।
👉 राज्यपाल हटाने की कार्यवाही केवल सर्वोच्च न्यायालय की जांच के बाद ही कर सकते हैं।
👉 मामला पहले राज्यपाल द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को जांच हेतु भेजा जाता है।
👉 यदि सर्वोच्च न्यायालय सिद्ध कदाचार या अक्षमता की पुष्टि करता है, तो वह हटाने की सिफारिश करता है।
👉 सिफारिश मिलने पर राज्यपाल आयुक्त को पद से हटा देते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल   

भारत में राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति कौन करता है ? 

[SI मोटर वाहन 12.02.2022]

  • इनमें से कोई नहीं 

  • राज्यपाल 

  • विधानसभा के अध्यक्ष 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार राज्यपाल अपने राज्य के लिए महाधिवक्ता की नियुक्ति करता है।
👉 महाधिवक्ता बनने के लिए व्यक्ति उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के योग्य होना चाहिए।
👉 वह राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, अर्थात उसका कार्यकाल निश्चित नहीं होता।
👉 महाधिवक्ता राज्य सरकार का मुख्य विधिक सलाहकार होता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

निम्नलिखित में से कौनसा राज्यपाल के विशेष अभिभाषण से सम्बन्धित है ?

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • अनुच्छेद 173

  • अनुच्छेद 176 

  • अनुच्छेद 177 

  • अनुच्छेद 123

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल को राज्य की विधानसभा को संबोधित करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 यह अभिभाषण प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र में दिया जाता है।
👉 संविधान का अनुच्छेद 176 राज्यपाल के इस विशेष अभिभाषण से संबंधित है। 

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 176 

क्या राज्यपाल राज्य के विधानमंडल के सत्र में रहने के दौरान अध्यादेश जारी कर सकता है ? 

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • हाँ 

  • राष्ट्रपति की पूर्वानुमति से 

  • मंत्रिपरिषद् की सलाह से 

  • नहीं 

🔹 व्याख्या

👉 अध्यादेश जारी करने की शक्ति राज्यपाल को तब मिलती है जब विधानमंडल का सत्र नहीं चल रहा हो।
👉 यदि विधानमंडल सत्र में है, तो राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने का अधिकार नहीं होता।
👉 अध्यादेश का उद्देश्य आपात व आवश्यक परिस्थितियों में त्वरित कानून बनाना होता है।
👉 इसलिए सत्र चलने के दौरान इसका प्रयोग संविधान सम्मत नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – नहीं 

निम्न विवरणों पर विचार करें : 

1. अनुच्छेद 157 राज्यपाल के पद के लिये दो योग्यता निर्धारित करता है। 

2. राज्यपाल राज्य व्यवस्थापिका का सदस्य होना चाहिये। 

3. नियुक्ति से पूर्व राज्यपाल को 40 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेनी चाहिये

ऊपर दिये गये कौन से/सा विवरण सही है ? 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • 1, 2 और 3

  • सिर्फ 1 और 3

  • सिर्फ 1 

  • सिर्फ 2 और 3

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल के लिए केवल दो योग्यताएँ हैं — भारत का नागरिक होना और न्यूनतम आयु 35 वर्ष पूरी होना — (विवरण 1 सही)।
👉 विवरण 2 गलत — राज्यपाल विधानमंडल का सदस्य नहीं होता; यदि कोई सदस्य नियुक्त हो भी जाए तो अनुच्छेद 158(2) के तहत उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है।
👉 विवरण 3 गलत — न्यूनतम आयु 40 वर्ष नहीं, बल्कि 35 वर्ष है (अनु. 157)।

✍️ सही उत्तर है – सिर्फ 1 

राज्य के लिए महाधिवक्ता की नियुक्ति कौन करता है ?

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025] 

  • स्पीकर 

  • विपक्ष के नेता 

  • राज्यपाल 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य का महाधिवक्ता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार नियुक्त किया जाता है।
👉 इसकी नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 महाधिवक्ता वही व्यक्ति बन सकता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो।
👉 यह पद राज्य सरकार का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है।
👉 महाधिवक्ता राज्य को सभी महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में सलाह देता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

निम्नलिखित में से प्रायः कौन राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में कार्य करता है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 द्वितीय चरण]

  • शिक्षा मंत्री 

  • राज्यपाल 

  • प्रधानमंत्री 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल राज्य की शासन व्यवस्था में औपचारिक प्रमुख होता है।
👉 वह राज्य के सभी विश्वविद्यालयों का पदेन कुलाधिपति होता है।
👉 इस रूप में राज्यपाल विश्वविद्यालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों और नियुक्तियों में भाग लेता है।
👉 यह पद राज्यपाल की शैक्षणिक एवं औपचारिक भूमिका को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य की कार्यपालिका शक्ति के बारे में है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 26.02.2023]

  • 154

  • 159

  • 156 

  • 158 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य की कार्यपालिका शक्ति से संबंधित उपबंध संविधान में स्पष्ट दिए गए हैं।
👉 यह शक्ति राज्यपाल में निहित होती है, जो राज्य का औपचारिक प्रमुख है।
👉 अनुच्छेद 154 में राज्य की कार्यपालिका शक्ति का उल्लेख किया गया है।
👉 राज्यपाल इस शक्ति का प्रयोग संविधान और विधि के अनुसार करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 154 

नीचे दो कथन दिए गए हैं: 

कथन I: राज्यपाल केवल उन्हीं व्यक्तियों को मंत्री नियुक्त करता है जिनकी सिफारिश मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है। 

कथन II: मुख्यमंत्री मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन और फेरबदल करते हैं। 

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें: 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • कथन I और कथन II दोनों गलत हैं 

  • कथन I गलत है लेकिन कथन II सही है 

  • कथन I और कथन II दोनों सही हैं 

  • कथन I सही है लेकिन कथन II गलत है 

🔹 व्याख्या

👉 कथन I – सही
राज्यपाल मुख्यमंत्री की सिफारिश पर ही मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
संविधान के अनुसार, राज्यपाल अपने विवेक से मंत्री नियुक्त नहीं कर सकता; वह केवल मुख्यमंत्री की सलाह के अनुसार कार्य करता है।

👉 कथन II – सही
मुख्यमंत्री ही मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है और मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन व फेरबदल करता है।
राज्यपाल केवल औपचारिक रूप से आदेश जारी करता है, परंतु निर्णय मुख्यमंत्री की सलाह पर होता है।

✍️ सही उत्तर है – कथन I और कथन II दोनों सही हैं। 

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'सदन में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्यपाल का अधिकार' वर्णित है ? 

[NHM Compounder 11.06.2025]

  • अनुच्छेद 178 

  • अनुच्छेद 170 

  • अनुच्छेद 174 

  • अनुच्छेद 175 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 175 राज्यपाल को विधानमंडल के सदनों को संबोधित करने का अधिकार देता है।
👉 राज्यपाल विधान सभा तथा विधान परिषद—दोनों को औपचारिक अभिभाषण दे सकता है।
👉 राज्यपाल के पास सदनों को किसी विषय पर संदेश भेजने की शक्ति भी होती है।
👉 यह संदेश किसी विधेयक या किसी अन्य महत्वपूर्ण मामले से संबंधित हो सकता है।
👉 राज्यपाल सदनों के संयुक्त अधिवेशन में सदस्यों की उपस्थिति की अपेक्षा भी कर सकता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 175 

नीचे दो कथन दिए गए हैं : 

कथन-I: संविधान द्वारा प्रदान की गई संसदीय प्रणाली की योजना में, राज्यपाल मनोनीत कार्यकारी प्राधिकारी है। 

कथन- II : किसी राज्य के राज्यपाल को राष्ट्रपति द्वारा पाँच वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है और वह राष्ट्रपति की इच्छा पर्यन्त पद पर रहता है। 

उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें : 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • कथन-I सत्य है लेकिन कथन-II असत्य है। 

  • कथन-I असत्य है लेकिन कथन-II सत्य है। 

  • कथन-I और कथन-II दोनों सत्य हैं। 

  • कथन-I और कथन-II दोनों असत्य हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 कथन-I: सही है — संविधान द्वारा स्थापित संसदीय शासन प्रणाली में राज्यपाल नाममात्र (मनोनीत) कार्यपालिका प्रमुख होता है। वास्तविक कार्यपालिका शक्ति मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के पास होती है, जबकि राज्यपाल केवल संवैधानिक प्रमुख के रूप में कार्य करता है।

👉 कथन-II: भी सही है — अनुच्छेद 155 और 156 के अनुसार, राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा पाँच वर्ष की अवधि के लिए की जाती है, परंतु वह राष्ट्रपति की इच्छा (प्रसादपर्यंत) पद पर रहता है।

✍️ सही उत्तर है – कथन-I और कथन-II दोनों सत्य हैं। 

भारत के संविधान के निम्नलिखित किस अनुच्छेद में राज्यपाल की शपथ का प्रारूप दिया गया है ? 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • अनुच्छेद 159 

  • अनुच्छेद 154 

  • अनुच्छेद 158 

  • अनुच्छेद 155 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल की शपथ या प्रतिज्ञान का उल्लेख संविधान में स्पष्ट रूप से किया गया है।
👉 यह शपथ राज्यपाल के कर्तव्यों और निष्ठा से संबंधित होती है।
👉 अनुच्छेद 159 में राज्यपाल की शपथ का प्रारूप दिया गया है।
👉 यह शपथ मुख्य न्यायाधीश या उनके अभाव में अन्य न्यायाधीश द्वारा दिलाई जाती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 159

राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है ? 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • संसद 

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्यपाल 

  • राष्ट्रपति 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
👉 यह प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 316(1) में स्पष्ट किया गया है।
👉 नियुक्ति तो राज्यपाल करते हैं, पर हटाने की शक्ति भारत के राष्ट्रपति के पास होती है।
👉 लोक सेवा आयोगों से जुड़े प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 315-323 में दिए गए हैं।
👉 राज्य लोक सेवा आयोग राज्य में नियुक्ति तथा चयन प्रक्रियाओं का दायित्व निभाता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद _____में बताई गई है। 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • 213 

  • 203 

  • 123

  • 103

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 213 भारतीय संविधान में राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति से संबंधित है।
👉 इसके अनुसार, जब राज्य विधानमंडल (या उसका कोई सदन) सत्र में न हो, तब राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकता है।
👉 यह अध्यादेश कानून के समान बल और प्रभाव रखता है, परंतु यह अस्थायी उपाय होता है।
👉 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने से पहले संतुष्ट होना आवश्यक है कि तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 213  

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में कहा गया है कि राज्य के राज्यपाल को राष्ट्रपति अपने अधिपत्र द्वारा नियुक्त करेगा ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 25.02.2023]

  • 155 

  • 153 

  • 163 

  • 157 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल की नियुक्ति का प्रावधान संविधान में स्पष्ट रूप से दिया गया है।
👉 अनुच्छेद 155 के अनुसार राष्ट्रपति राज्यपाल की नियुक्ति अपने अधिपत्र द्वारा करता है।
👉 इस प्रकार राज्यपाल का चयन केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। 

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 155 

राज्य के राज्यपाल को हटाने की शक्ति किसके पास है ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • राज्य के मुख्यमंत्री 

  • भारत के राष्ट्रपति 

  • राज्य विधानसभा 

  • भारत के प्रधानमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार, राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, अर्थात् राष्ट्रपति किसी भी समय उसे पद से हटा सकते हैं।
👉 यह हटाने का अधिकार पूरी तरह से राष्ट्रपति (केंद्र सरकार) की इच्छा पर निर्भर करता है, और इसके लिए कोई कारण बताना आवश्यक नहीं होता।
👉 यद्यपि राज्यपाल का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है, परंतु यह निश्चित नहीं है — उसे अवधि पूरी होने से पहले भी हटाया जा सकता है।
👉 राज्यपाल स्वेच्छा से राष्ट्रपति को त्यागपत्र देकर भी अपने पद से मुक्त हो सकता है।
👉 राज्यपाल के लिए महाभियोग जैसी कोई प्रक्रिया लागू नहीं होती, जैसा कि राष्ट्रपति या उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए होती है।

✍️ सही उत्तर है – भारत के राष्ट्रपति 

राज्यपाल निम्नलिखित परिस्थितियों में राज्य प्रमुख सूचना आयुक्त को हटा सकते हैं : 

(a) यदि उन्हें दिवालिया घोषित किया जाता है । 

(b) यदि वे अपने कार्यकाल के दौरान अपने कार्यालय के कर्तव्यों के बाहर किसी भी भुगतान वाली नौकरी में संलग्न होते हैं।

(c) यदि उसने ऐसे वित्तीय या अन्य हित अर्जित कर लिए हैं, जिनसे उसके पदीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना हो ।

(d) यदि वे (राज्यपाल की राय में) मानसिक या शारीरिक दुर्बलता के कारण पद पर बने रहने के लिए अयोग्य हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • केवल (b), (c), (d) 

  • केवल (a), (c), (d)

  • (a), (b), (c), (d) 

  • केवल (a), (b), (c) 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्तों को हटाने का प्रावधान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (धारा 17) में किया गया है।
👉 इसके अनुसार, राज्यपाल निम्न परिस्थितियों में राज्य प्रमुख सूचना आयुक्त को पद से हटा सकते हैं —

(a) यदि उन्हें दिवालिया घोषित किया गया हो।
(b) यदि वे अपने कार्यकाल में किसी भुगतान वाली नौकरी में संलग्न हों।
(c) यदि उन्होंने ऐसे वित्तीय या अन्य हित अर्जित कर लिए हों, जिनसे उनके कर्तव्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना हो।
(d) यदि वे मानसिक या शारीरिक दुर्बलता के कारण कार्य करने में असमर्थ या अयोग्य हों।

👉 अतः राज्यपाल उपर्युक्त सभी परिस्थितियों में (a), (b), (c), (d) राज्य प्रमुख सूचना आयुक्त को हटा सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – (a), (b), (c) और (d)

संविधान के किस अनुच्छेद के तहत् राज्यपाल विधान मण्डल द्वारा पारित किसी विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु सुरक्षित रख सकता है ? 

[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]

  • अनुच्छेद 200

  • अनुच्छेद 213 

  • अनुच्छेद 257 

  • अनुच्छेद 256 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल को विशेष विधायी अधिकार प्रदान किए गए हैं।
👉 वह राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु सुरक्षित रख सकता है।
👉 यदि विधेयक से उच्च न्यायालय की शक्तियाँ प्रभावित होती हों तो राज्यपाल ऐसा करने के लिए बाध्य है। 

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 200 

राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति निम्नलिखित में से किस के द्वारा की जाती है ? 

[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]

  • राज्यपाल 

  • अध्यक्ष यू पी एस सी 

  • मुख्यमंत्री 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 316 में निर्दिष्ट है।
👉 हालांकि, इनकी सेवा से हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता है, राज्यपाल के पास नहीं।
👉 आयोग के सदस्य संविधानिक पदाधिकारी होते हैं और उनका कार्य राज्य में लोक सेवाओं की भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल  

निम्न में से कौनसा (अनुच्छेद- प्रावधान) युग्म गलत है ? 

VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021

  • अनुच्छेद 213- अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति 

  • अनुच्छेद 161 - राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति 

  • अनुच्छेद 165- राज्यपाल का विशेष अभिभाषण 

  • अनुच्छेद 167 - मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 165 राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति/पद से संबंधित है।
👉 भारतीय संविधान में राज्यपाल के विशेष अभिभाषण का प्रावधान अनुच्छेद 176 में किया गया है।
👉 अतः 165 ↔ विशेष अभिभाषण का युग्म गलत है।

 पाल का विशेष अभिभाषण 

राजस्थान राज्य विधान सभा में __________की अनुमति के बिना धन विधेयक नहीं लाया जा सकता। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[खनिज कार्यदेशक 23.02.2025]

  • मंत्रिपरिषद् 

  • राज्यपाल 

  • भारत के राष्ट्रपति 

  • अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 धन विधेयक (Money Bill) राज्य में राज्यपाल की अनुशंसा के बिना विधान सभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
👉 यह प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 207 में किया गया है।
👉 राज्यपाल की अनुमति इसलिए आवश्यक है क्योंकि धन विधेयक का संबंध राज्य के राजस्व और व्यय से होता है, जो कार्यपालिका के नियंत्रण में आता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 की किस धारा के अनुसार एक व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • धारा-3

  • धारा-2

  • धारा-4

  • धारा-6 

🔹 व्याख्या

👉 सातवाँ संविधान संशोधन, वर्ष 1956 में किया गया था।
👉 इस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 153 में परंतुक जोड़कर परिवर्तन किया गया।
👉 इसके अनुसार एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल बनाया जा सकता है।
👉 यह प्रावधान संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 की धारा-6 से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – धारा-6 

राज्य की कार्यपालिका शक्ति किसमें निहित होती है? 

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • मुख्यमंत्री 

  • सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

  • गृह मंत्री 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 154 के अनुसार, राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है।
👉 राज्यपाल इस शक्ति का प्रयोग प्रत्यक्ष रूप से या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करते हैं।
👉 यद्यपि शक्ति औपचारिक रूप से राज्यपाल में निहित है, परंतु वास्तविक कार्यकारी शक्ति मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद के पास होती है, जो राज्यपाल को उनके कार्यों में सलाह और सहायता देती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

निम्नलिखित में से राजस्थान राज्य की प्रथम महिला राज्यपाल (गवर्नर) कौन थीं ?  

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • प्रभा राव 

  • प्रतिभा पाटिल 

  • मार्गरेट अल्वा 

  • कमला बेनीवाल 

🔹 व्याख्या

👉 श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल थीं।
👉 उन्होंने 8 नवम्बर 2004 को पदभार ग्रहण किया और 23 जून 2007 तक इस पद पर रहीं।
👉 वे बाद में भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति भी बनीं।
👉 उनका राष्ट्रपति कार्यकाल 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक रहा।
👉 उन्होंने अपने कार्यकाल में राजस्थान की प्रशासनिक व संवैधानिक परंपराओं को सुदृढ़ किया।

✍️ सही उत्तर है – प्रतिभा पाटिल 

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के द्वारा प्रत्येक राज्य में राज्यपाल की नियुक्ति का प्रावधान है ?  

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • अनुच्छेद 159 

  • अनुच्छेद 155 

  • अनुच्छेद 157 

  • अनुच्छेद 153 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 153 के अनुसार — “प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा।”
यह अनुच्छेद राज्यों में राज्यपाल पद के अस्तित्व का प्रावधान करता है।

👉 अनुच्छेद 155 राज्यपाल की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित है।
इसके अनुसार, भारत के राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित अधिपत्र (Warrant) द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं।

👉 इस प्रकार, अनु. 153 पद की स्थापना से संबंधित है, जबकि अनु. 155 नियुक्ति की प्रक्रिया से।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 153 

निम्नलिखित में से कौन सी नियुक्ति किसी राज्य के राज्यपाल द्वारा नहीं की जाती है ? 

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 

  • महाधिवक्ता 

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 148 के अंतर्गत होती है।
👉 CAG को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की तरह ही निर्धारित है।
👉 राज्यपाल केवल राज्य स्तर के पदों—जैसे मुख्यमंत्री व मंत्रियों—की नियुक्ति करते हैं।
👉 इसलिए CAG की नियुक्ति राज्यपाल कभी नहीं करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक  

निम्नलिखित में से किसे राजस्थान के राज्यपाल द्वारा नियुक्त नहीं किया जाता है ?

निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें।   

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त 

  • राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है — राज्यपाल द्वारा नहीं।
👉 वहीं, मुख्यमंत्री, राज्य के महाधिवक्ता और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष एवं सदस्य — इनकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 यह विभाजन संविधान में स्पष्ट रूप से निर्धारित है, जिससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कार्यपालिका की जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  

निम्न में से कौनसा एक युग्म (राजस्थान के राज्यपाल - पूर्व पद) सही नहीं है ? 

[CET (स्नातक) (चरण -IV) 08.01.2023]

  • कलराज मिश्रा - उत्तरप्रदेश के राज्यपाल

  • मदनलाल खुराना - दिल्ली के मुख्यमंत्री

  • राम नाईक - उत्तरप्रदेश के राज्यपाल

  • कल्याण सिंह - उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री

🔹 व्याख्या

👉 कलराज मिश्र एक अनुभवी भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं।
👉 उनका जन्म 1 जुलाई 1941 को हुआ था।
👉 उन्होंने 2019 से 2024 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 इससे पूर्व वे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं।

✍️ सही उत्तर है – कलराज मिश्रा - उत्तरप्रदेश के राज्यपाल

निम्नलिखित में से कौन-सी राज्य में राज्यपाल की नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता नहीं है ? 

[4th Grade (2nd Phase) 19.09.2025]

  • लोकसभा का सदस्य होना चाहिए 

  • राज्यसभा का सदस्य नहीं हो सकता 

  • न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए 

  • भारत का नागरिक होना चाहिए

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति का लोकसभा सदस्य होना आवश्यक नहीं है।
👉 नियुक्ति के समय वह संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए।
👉 राज्यपाल के लिए आवश्यक योग्यता है—भारत का नागरिक होना।
👉 उम्मीदवार की आयु कम से कम 35 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।
👉 राज्यपाल का पद पूरी तरह संवैधानिक योग्यता और निष्पक्षता पर आधारित है।

✍️ सही उत्तर है – लोकसभा का सदस्य होना चाहिए 

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ? 

ग्रामसेवक & छात्रा. अधीक्षक 18.12.2016

  • अनुच्छेद 156 - राज्यपाल की नियुक्ति हेतु योग्यताएँ

  • अनुच्छेद 163 - राज्य मंत्री परिषद 

  • अनुच्छेद 154 - राज्य की कार्यपालक शक्तियाँ 

  • अनुच्छेद 155- राज्यपाल की नियुक्ति 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 156 राज्यपाल की पदावधि से संबंधित है।
👉 इसमें यह प्रावधान है कि राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त अपने पद पर रहता है।
👉 जबकि राज्यपाल की नियुक्ति हेतु योग्यताएँ अनुच्छेद 157 में दी गई हैं।
👉 अतः अनुच्छेद 156 को योग्यताओं से जोड़ना सही सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 156 - राज्यपाल की नियुक्ति हेतु योग्यताएँ

कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िए 

I- राज्यपाल यह घोषित करेगा कि वह विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखता है। (अनुच्छेद-200) 

II- राष्ट्रपति, राज्यपाल को यह निर्देश दे सकेगा कि वह विधेयक को सदन को लौटा दे। (अनुच्छेद-201) 

निम्न में से कौन-सा विकल्प सही है ?

[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]

  • केवल कथन सही है 

  • केवल कथन सही है। 

  • I एवं II दोनों कथन सही हैं 

  • I एवं II दोनों कथन गलत हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वह राज्य विधानसभा द्वारा पारित किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित रख सकता है।
👉 वहीं अनुच्छेद 201 के अनुसार, राष्ट्रपति ऐसे विधेयक पर विचार करने के बाद राज्यपाल को यह निर्देश दे सकता है कि वह विधेयक को विधानसभा को पुनः विचार हेतु लौटाए। 

✍️ सही उत्तर है – I एवं II दोनों कथन सही हैं 

निम्नलिखित में से कौन राज्य विश्वविद्यालयों का पदेन कुलाधिपति (चांसलर) होता है ? 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • मुख्यमंत्री 

  • शिक्षा मंत्री 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति संबंधित राज्य के राज्यपाल होते हैं।
👉 राज्यपाल विश्वविद्यालयों की देखरेख, अनुशासन और प्रशासनिक कार्यों पर निगरानी रखते हैं।
👉 कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल कुलपति की नियुक्ति करने का अधिकार रखते हैं।
👉 वे विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों की अध्यक्षता भी करते हैं।
👉 यह भूमिका राज्य के विश्वविद्यालय अधिनियमों में स्पष्ट रूप से परिभाषित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राजस्थान विधानसभा में प्रोटेम स्पीकार की नियुक्ति कौन करता है ? 

JEN (सिविल डिप्लोमाधारक) 18.05.2022

  • राज्यपाल 

  •  नेता प्रतिपक्ष 

  • विधानसभा सदस्य

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 18 दिसम्बर 2023 को राज्यपाल कलराज मिश्र ने कालीचरण सराफ को राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई।
👉 प्रोटेम स्पीकर का अर्थ है — ‘कुछ समय के लिए’, यह एक अस्थायी अध्यक्ष होता है।
👉 इसका कार्य नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और स्पीकर के चुनाव तक अध्यक्षता करना होता है।
👉 जैसे ही नया स्पीकर चुन लिया जाता है, प्रोटेम स्पीकर का कार्यकाल समाप्त हो जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राजस्थान में राजप्रमुख का पद कब समाप्त हुआ ? 

[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]

  • 15 मई, 1949 को

  •  26 जनवरी, 1950 को

  • 18 अप्रैल, 1948 को 

  •  1 नवंबर, 1956 को 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में राजप्रमुख का पद 1 नवम्बर 1956 को समाप्त कर दिया गया।
👉 यह परिवर्तन राज्य पुनर्गठन अधिनियम और सातवें संविधान संशोधन के तहत किया गया था।
👉 इसी दिन राज्यपाल का पद सृजित किया गया और श्री गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया।
👉 इसी तिथि को राजस्थान का एकीकरण पूर्ण हुआ और राज्य ने अपना वर्तमान स्वरूप प्राप्त किया।

✍️ सही उत्तर है – 1 नवम्बर 1956  

राज्यपाल की उपलब्धियाँ और भत्ते भारित होते हैं 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 01.03.2023]

  • राज्य की संचित निधि पर      

  • भारत की संचित निधि पर 

  • राज्य की आकस्मिक निधि पर 

  • भारत की आकस्मिक निधि पर 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल को मिलने वाले वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार संविधान द्वारा निर्धारित हैं।
👉 ये सभी संसद द्वारा पारित विधि के अनुसार तय किए जाते हैं।
👉 राज्यपाल के वेतन व भत्तों का भार राज्य की संचित निधि पर डाला जाता है।
👉 इन भत्तों को पदावधि के दौरान कम नहीं किया जा सकता।

✍️ सही उत्तर है – राज्य की संचित निधि पर 

संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत राज्यपाल की नियुक्ति निम्न में से किसके द्वारा की जाती है ?

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • केन्द्रीय मंत्रि परिषद

  • राज्य के मुख्यमंत्री  

  • भारत के राष्ट्रपति

  • भारत के प्रधानमंत्री

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 155 के अनुसार, राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 यह नियुक्ति राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और मुहर सहित वारंट (अधिसंस्वी) के माध्यम से होती है।
👉 केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही राष्ट्रपति यह नियुक्ति करते हैं।
👉 राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है और उसका कार्यकाल सामान्यतः पाँच वर्ष का होता है।

✍️ सही उत्तर है – भारत के राष्ट्रपति

राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें।

(a) रघुकुल तिलक

(b) ओम प्रकाश मेहरा

(c) वसंतराव पाटिल

(d) सुखदेव प्रसाद

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Sci Math 18.01.26]

  • (b), (a), (d), (c)

  • (a), (c), (d), (b)

  • (a), (b), (c), (d)

  • (c), (b), (a), (d)

🔹 व्याख्या

👉 रघुकुल तिलक राजस्थान के प्रारम्भिक राज्यपालों में से थे।
👉
इसके बाद ओम प्रकाश मेहरा ने राज्यपाल पद संभाला।
👉
उनके बाद वसंतराव पाटिल राजस्थान के राज्यपाल बने।
👉
अंत में सुखदेव प्रसाद ने राज्यपाल पद ग्रहण किया।

✍️ सही उत्तर है – (a), (b), (c), (d)

जिला न्यायाधीश नियुक्त किये जाते हैं 

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • मुख्य मंत्री द्वारा 

  • राज्यपाल द्वारा 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

  • भारत के राष्ट्रपति द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान संविधान में दिया गया है।
👉 अनुच्छेद 233 के अनुसार राज्यपाल जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है।
👉 यह नियुक्ति उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।
👉 इस व्यवस्था से न्यायिक तंत्र में निष्पक्षता और संतुलन बना रहता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल द्वारा 

आयोग जिसने राज्यपालों के लिए पाँच वर्ष के एक निश्चित कार्यकाल की संस्तुति की - 

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  •  लिब्रहान आयोग

  • शाह आयोग

  • पुंछी आयोग

  • राजमन्नार आयोग

🔹 व्याख्या

👉 पुंछी आयोग का गठन 2007 में केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा हेतु किया गया था।
👉 आयोग ने सुझाव दिया कि राज्यपालों का कार्यकाल पाँच वर्ष का निश्चित होना चाहिए।
👉 उन्हें केंद्र सरकार की इच्छा पर नहीं हटाया जाना चाहिए।
👉 हटाने की प्रक्रिया महाभियोग जैसी पारदर्शी विधि से होनी चाहिए।

✍️ सही उत्तर है – पुंछी आयोग  

राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों में से किन की मृत्यु पद पर रहते हुए हुई ? 

(i) श्री दरबारा सिंह (ii) श्री निर्मल चंद्र जैन 

(iii) श्री शैलेंद्र कुमार सिंह (iv) श्री कैलाशपति मिश्र 

सही कूट का चयन कीजिए - 

JEN (विद्युत डिग्रीधारक) 19.05.2022

  • (i) और (iii)

  • (i), (ii) और (iii) 

  • (i) और (ii)

  •  (ii) और (iv) 

🔹 व्याख्या

👉 श्री दरबारा सिंह का निधन 1998 में राज्यपाल पद पर रहते हुए हुआ था।
👉 श्री निर्मल चंद्र जैन और श्री शैलेंद्र कुमार सिंह — दोनों की मृत्यु भी कार्यकाल के दौरान हुई थी।
👉 जबकि श्री कैलाशपति मिश्र की मृत्यु पद से मुक्त होने के बाद हुई थी।
👉 अतः सही संयोजन (i), (ii) और (iii) है।

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) और (iii) 

जब राज्य विधानसभा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद रिक्त हों, तो कौन विधानसभा के किसी सदस्य को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करता है ? 

[NHM Medical Engineer 06.06.2025]

  • विपक्ष का नेता 

  • प्रोटेम स्पीकर 

  • मुख्यमंत्री 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 जब विधानसभा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद रिक्त हों, तब व्यवस्था बनाए रखने की शक्ति राज्यपाल के पास होती है।
👉 ऐसे में राज्यपाल विधानसभा के किसी भी सदस्य को अध्यक्ष-पद का कार्यभार सौंपते हैं।
👉 नियुक्त सदस्य तब तक अध्यक्ष के सभी कर्तव्यों का पालन करता है जब तक नया अध्यक्ष या उपाध्यक्ष न चुन लिया जाए।
👉 यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 180 में स्पष्ट रूप से दिया गया है।
👉 इसका उद्देश्य विधानसभा की कार्यवाही को बिना रुकावट जारी रखना है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल   

राज्यपाल पद पर नियुक्त करने के लिये उपयुक्त योग्यताएँ क्या हैं

(I) वह किसी लाभ के पद पर आसीन न हो ।

(II) वह 30 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो ।

(III) वह राज्य विधानमंडल और संसद का सदस्य न हो । 

सही कूट चुनिये : 

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • (I), (II), (III)

  • (II) एवं (III) 

  • (I) एवं (III) 

  • (I), (II)

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल पद के लिए कुछ अर्हताएँ और शर्तें निर्धारित की गई हैं।
👉 वह व्यक्ति भारत का नागरिक हो और 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
👉 उसे संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए।
👉 साथ ही वह लाभ के किसी पद पर आसीन नहीं होना चाहिए।

✍️ सही उत्तर है – (I) और (III) 

नीचे दिए गए कौन सा/से कथन राजस्थान में "राष्ट्रपति शासन" के लिए सत्य है/हैं ? [*]

1. पहला राष्ट्रपति शासन 13-03-1967 से 25-04-1967 तक 

2. दूसरा राष्ट्रपति शासन 20-08-1977 से 21-05-1977 तक 

3. तीसरा राष्ट्रपति शासन 17-02-1980 से 05-06-1980 तक

4. चौथा राष्ट्रपति शासन 15-12-1992 से 03-10-1993 तक 

[Junior Accountant 11.02.2024]

दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए 

  • केवल 2 और 3

  • केवल 1 और 3 

  • केवल 1 

  • केवल 2 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में किसे और कब नियुक्त किया गया था ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

कनिष्ठ अनुदेशक (रेफ्रिजरेशन) 18.11.2024

  • सम्पूर्णानन्द, 2 अक्टूबर 1965 

  • सरदार हुकुम सिंह, 5 नवंबर 1956 

  • जोगेंद्र सिंह, 12 अक्टूबर 1965 

  • गुरुमुख निहाल सिंह, 25 अक्टूबर 1956 

🔹 व्याख्या

👉 श्री गुरुमुख निहाल सिंह को 25 अक्टूबर 1956 को राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था।
👉 उन्होंने 1 नवम्बर 1956 को राज्य के पुनर्गठन के पश्चात पदभार ग्रहण किया।
👉 इसी दिन राजप्रमुख की संस्था समाप्त कर दी गई और राज्यपाल का पद सृजित हुआ।
👉 इस प्रकार, वे राजस्थान के प्रथम संवैधानिक राज्यपाल बने।

✍️ सही उत्तर है – श्री गुरुमुख निहाल सिंह 25 अक्तूबर 1956 

राज्यपाल द्वारा जारी किया गया अध्यादेश, राज्य विधानमंडल के सत्रारंभ के बाद, अधिकतम कितने समय तक प्रभावी रहता है ?

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • 20 सप्ताह

  • 6 सप्ताह

  • 24 सप्ताह

  • 18 सप्ताह

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश विधानमंडल के सत्र शुरू होने के बाद अधिकतम छह सप्ताह तक प्रभावी रहता है।
👉 यह प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत आता है।
👉 सत्रारंभ के बाद अध्यादेश को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होता है।
👉 यदि छह सप्ताह के भीतर विधानमंडल इसकी मंजूरी नहीं देता, तो अध्यादेश स्वतः समाप्त हो जाता है।
👉 अध्यादेश का प्रभाव विधेयक जैसा होता है लेकिन उसकी अवधि सीमित होती है।

✍️ सही उत्तर है – 6 सप्ताह 

राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन से संवैधानिक पदाधिकारी राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन उन्हें राज्यपाल द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है- 

(i) महाधिवक्ता 

(ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त 

(iii) राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य

सही विकल्प का चयन कीजिए -

JEN (विद्युत डिप्लोमाधारक) 19.05.2022

  • केवल (i) और (ii) 

  • केवल (i) और (iii) 

  • केवल (ii) और (iii) 

  • (i), (ii) और (iii) 

🔹 व्याख्या

सही विकल्प है (ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त और (iii) राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्य, क्योंकि इनकी नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, लेकिन इन्हें हटाने की प्रक्रिया राष्ट्रपति द्वारा होती है, जबकि महाधिवक्ता (Attorney General for state) को राज्यपाल कभी भी हटा सकते हैं. 

✍️ सही उत्तर है – केवल (ii) और (iii) 

निम्नलिखित में से कौन सा एक भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय अधिकार क्षेत्र से प्रत्यक्षतया सम्बन्धित है ? [*]

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • संघ और राज्यों के मध्य विवादों का न्याय निर्णयन 

  • केवल संवैधानिक मुकदमों में की गई अपीलें 

  • दीवानी, अपराधिक तथा संवैधानिक मुकदमों की अपीलें 

  • राज्यों के मध्य विवादों का न्याय निर्णयन 

विधान सभा चुनाव में अस्पष्ट बहुमत के कारण राजस्थान में राष्ट्रपति शासन कब लगाया गया था ?

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • 1977

  • 1967

  • 1980 

  • 1992

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में कुल चार बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है।
👉 पहली बार (13 मार्च–26 अप्रैल 1967) में अस्पष्ट बहुमत के कारण शासन लगा, यह सबसे छोटा काल था।
👉 दूसरी बार (30 अप्रैल 1977–21 जून 1977) में हरिदेव जोशी सरकार के बाद लागू हुआ।
👉 तीसरी बार (17 फरवरी–6 जून 1980) में भैरोंसिंह शेखावत सरकार के पतन के बाद लगा।
👉 चौथी बार (15 दिसम्बर 1992–3 दिसम्बर 1993) में राजनीतिक अस्थिरता के कारण शासन लगाया गया।

✍️ सही उत्तर है – 1967

भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद राज्यपाल की कार्यपालक शक्तियों से संबंधित है ?

[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]

  • अनुच्छेद 154

  • अनुच्छेद 142

  • अनुच्छेद 158

  • अनुच्छेद 171 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 154 भारतीय संविधान में राज्यपाल की कार्यपालक शक्तियों से संबंधित है।
👉 इसके अनुसार, राज्य की समस्त कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है।
👉 राज्यपाल इन शक्तियों का प्रयोग प्रत्यक्ष रूप से या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करता है।
👉 वह राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, और सभी कार्य उसके नाम पर किए जाते हैं।
👉 किंतु अनुच्छेद 163 के तहत, राज्यपाल को अपनी शक्तियाँ मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद की सलाह से ही प्रयोग करनी होती हैं।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 154  

राजस्थान के राज्यपालों का सही अनुक्रम क्या है ?

(a) सरदार जोगेन्द्र सिंह

(b) वसंतराव पाटिल

(c) ओम प्रकाश मेहरा

(d) रघुकुल तिलक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[REET Mains L-2 Eng) 19.01.2026]

  • (a), (d), (b), (c)

  • (a), (d), (c), (b)

  • (d), (a), (b), (c)

  • (d), (a), (c), (b)

🔹 व्याख्या

👉 सरदार जोगेन्द्र सिंह राजस्थान के पहले राज्यपाल थे।
👉
इसके बाद रघुकुल तिलक राज्यपाल बने।
👉
फिर ओम प्रकाश मेहरा का कार्यकाल आया।
👉
इसके बाद वसंतराव पाटिल राज्यपाल बने।

✍️ सही उत्तर है – (a), (d), (c), (b)

राजस्थान की प्रथम कार्यवाहक (अतिरिक्त प्रभार) महिला राज्यपाल थी:

[NHM Health Worker 13.06.2025] 

  • निर्मला पाण्डे 

  • प्रभा राव 

  • मार्गरेट अल्वा 

  • प्रतिभा पाटिल 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रथम कार्यवाहक (अतिरिक्त प्रभार) महिला राज्यपाल प्रभा राव थीं।
👉 उन्हें राज्यपाल के रूप में अस्थायी प्रभार सौंपा गया था।
👉 प्रभा राव ने अपने कार्यकाल में राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारियाँ निभाईं।

✍️ सही उत्तर है – प्रभा राव 

राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें: 

a. सरदार हुकम सिंह 

b. महाराज मान सिंह द्वितीय 

c. गुरुमुख निहाल सिंह 

d. संपूर्णानन्द 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

[Driver Exam 23 Nov 2025]

  • a, b, c, d 

  • c, a, b, d 

  • b, c, d, a 

  • d, c, b, a 

🔹 व्याख्या

👉 सबसे पहले महाराज मान सिंह द्वितीय राज्यपाल बने।
👉
इसके बाद गुरुमुख निहाल सिंह ने पद संभाला।
👉
फिर संपूर्णानन्द राज्यपाल बने और अंत में सरदार हुकम सिंह आए।

✍️ सही उत्तर है – b, c, d, a

राजस्थान के राज्यपाल से संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए : 

1. उसे भारत का नागरिक होना चाहिए । 

2. उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए 

3. उसमें लोक सभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए। 

4. वह एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल हो सकता है। 

[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]

कूट : - 

  • 1, 2 और 4 सही हैं ।

  • 3 तथा 4 सही हैं । 

  •  2 तथा 3 सही हैं । 

  •  1, 2 और 3 सही हैं ।

🔹 व्याख्या

👉 कथन 1: राज्यपाल भारत का नागरिक होना चाहिए।
👉 कथन 2: राज्यपाल की न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।
👉 कथन 3: राज्यपाल बनने के लिए लोकसभा सदस्य बनने की योग्यता आवश्यक नहीं है, बल्कि वह संसद या राज्य विधायिका का सदस्य नहीं हो सकता।
👉 कथन 4: एक ही व्यक्ति को एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।

✍️ सही उत्तर है – 1, 2 और 4 सही हैं।

निम्नलिखित में से किस राज्यपाल के कार्यकाल में ‘राज्यपाल राहत कोष’ का गठन किया गया था?

[NHM Physiotherapist 05.06.2025]

  • न्यायमूर्ति जगत नारायण (प्रभारी)

  • सरदार श्री हुकुम सिंह

  • सरदार श्री जोगिन्दर सिंह

  • न्यायमूर्ति श्री वेदपाल त्यागी (प्रभारी)

🔹 व्याख्या

👉 सरदार जोगिन्दर सिंह के राजस्थान में राज्यपाल कार्यकाल के दौरान ‘राज्यपाल राहत कोष’ का गठन किया गया था।
👉 यह राहत कोष राज्य में आपदा सहायता और जनकल्याण कार्यों के लिए स्थापित किया गया।
👉 इसके माध्यम से राज्यपाल कठिन परिस्थितियों में तत्काल राहत उपलब्ध करा सकते थे। 

✍️ सही उत्तर है – जोगिन्दर सिंह 

जब कोई विधेयक राज्य विधानमंडल द्वारा पारित होकर राज्यपाल के अनुमोदन के लिये प्रस्तुत किया जाता है, तो राज्यपाल निम्नलिखित में से कौन सा कार्य कर सकता है ? 

A. विधेयक पर अनुमति देना 

B. विधेयक पर अनुमति रोकना 

C. विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिये आरक्षित करना 

D. विधेयक को पुनर्विचार के लिये संदेश के साथ वापस लौटाना 

निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें : 

[NHM Compounder 11.06.2025]

  • केवल A, B और C 

  • केवल B, C और D 

  • केवल A, C और D 

  • केवल A, B, C और D 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल किसी विधेयक पर अनुमति दे सकता है और उसे कानून बना सकता है।
👉 राज्यपाल के पास विधेयक पर अनुमति रोकने की भी शक्ति होती है।
👉 यदि आवश्यक हो, तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित कर सकता है।
👉 राज्यपाल विधेयक को पुनर्विचार हेतु संदेश सहित विधानसभा को वापस भी भेज सकता है। 

✍️ सही उत्तर है – केवल A, B, C और D 

जब किसी राज्य की विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा हो तो अध्यादेश कौन जारी कर सकता है ? 

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • राज्यपाल 

  • स्पीकर 

  • राष्ट्रपति 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 जब राज्य विधानसभा सत्र में न हो, तो राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकते हैं।
👉 राज्यपाल को यह शक्ति संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत प्राप्त होती है।
👉 जारी किया गया अध्यादेश विधेयक जैसा ही कानूनी प्रभाव रखता है।
👉 द्विसदनीय राज्य में भी, यदि किसी एक सदन का सत्र न हो, तो अध्यादेश जारी किया जा सकता है।
👉 अध्यादेश बाद में राज्य विधानमंडल द्वारा स्वीकृत या निरस्त किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल  

राजस्थान में कितनी बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया ?

[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]

  • 5 

  • 2 

  • 3 

  • 4 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने पर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है।
👉 राजस्थान में यह शासन चार बार लगाया गया है — 1967, 1977, 1980 और 1992 में।
👉 1967 में यह शासन अस्पष्ट बहुमत के कारण लगाया गया।
👉 जबकि 1977, 1980 और 1992 में राजनीतिक अस्थिरता या बहुमत सिद्ध न कर पाने के कारण लागू हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 4 

विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करते समय राज्यपाल किसके प्रतिनिधि के तौर पर कार्य करता है ? 

[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]

  • राज्य की जनता 

  • मंत्रिपरिषद् 

  • संघीय सरकार 

  • राज्य विधानमंडल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल को संविधान द्वारा कुछ विवेकाधीन शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।
👉 इन शक्तियों का प्रयोग करते समय वह अपने विवेकानुसार निर्णय ले सकता है।
👉 ऐसे अवसरों पर राज्यपाल संघीय सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है। 

✍️ सही उत्तर है – संघीय सरकार 

भारत के संविधान के निम्नांकित में से किस अनुच्छेद में राज्यपाल का विशेष अभिभाषण का प्रावधान है ? 

[REET मुख्य परीक्षा (L -2) 28.02.2023]

  • अनुच्छेद 174 में  

  • अनुच्छेद 177 में 

  • अनुच्छेद 176 में 

  • अनुच्छेद 173 में 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल राज्य की विधानसभा को संबोधित करने का अधिकार रखता है।
👉 वह प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र में विशेष अभिभाषण देता है।
👉 यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 176 में उल्लिखित है। 

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 176 

1 नवंबर, 1956 से पहले राजस्थान राज्य का अध्यक्ष कहलाता था ?

[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]

  • गवर्नर (राज्यपाल)

  • राज प्रमुख  

  • महामहिम 

  • महाराजा अधिराज

🔹 व्याख्या

👉 1 नवम्बर 1956 से पहले राजस्थान राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी को राजप्रमुख कहा जाता था।
👉 इस पद पर जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय ने 30 मार्च 1949 से 31 अक्टूबर 1956 तक कार्य किया।
👉 राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के बाद राजप्रमुख का पद समाप्त कर दिया गया।
👉 इसके स्थान पर राज्यपाल का पद सृजित किया गया और सरदार गुरुमुख निहाल सिंह को 1 नवम्बर 1956 को राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया।

✍️ सही उत्तर है – राज प्रमुख  

संविधान के किस अनुच्छेद में राज्यपाल को विधान सभा में ऐंग्लो इण्डियन समुदाय के सदस्य को नियुक्त करने का अधिकार है ? 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • अनुच्छेद 333

  • अनुच्छेद 303

  • अनुच्छेद 323

  • अनुच्छेद 223 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 333 भारतीय संविधान में राज्यपाल की नामांकन शक्ति से संबंधित है।
👉 इसके अनुसार, यदि राज्यपाल को यह लगे कि राज्य की विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, तो वह उस समुदाय के एक सदस्य को मनोनीत कर सकता है।
👉 यह प्रावधान संविधान (तेईसवां संशोधन) अधिनियम, 1969 द्वारा स्पष्ट किया गया, जिसके अनुसार राज्यपाल केवल एक ही सदस्य को नामित कर सकता है।
👉 यह शक्ति राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों में से एक है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 333 

राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन सी आवश्यक योग्यता/शर्त नहीं है?

[जेल प्रहरी (Shift-2nd) 12.04.2025]

  • वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो। 

  • वह उस राज्य का निवासी होना चाहिए जहाँ उसकी नियुक्ति की जा रही है। 

  • वह भारत का नागरिक होना चाहिए। 

  • वह संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल के लिए उस राज्य का निवासी होना आवश्यक नहीं है जहाँ उसकी नियुक्ति की जा रही है।
👉 संविधान के अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल के लिए केवल दो योग्यताएँ निर्धारित हैं —

  1. वह भारत का नागरिक हो।

  2. उसकी न्यूनतम आयु 35 वर्ष हो।
    👉 निवास संबंधी कोई शर्त नहीं है, इसलिए राज्यपाल प्रायः बाहरी व्यक्ति होते हैं ताकि वे स्थानीय राजनीति से निरपेक्ष रह सकें।
    👉 परंपरा के रूप में, नियुक्ति से पूर्व राष्ट्रपति संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री से परामर्श करते हैं, किंतु यह संवैधानिक अनिवार्यता नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – वह उस राज्य का निवासी होना चाहिए जहाँ उसकी नियुक्ति की जा रही है। 

राज्यपाल की कार्यकारी शक्तियाँ और कार्य हैं- 

a. राज्य सरकार की सभी कार्यकारी कार्यवाहियाँ औपचारिक रूप से उनके नाम पर की जाती है। 

b. वह राज्य के प्रशासन से सम्बन्धित कोई भी जानकारी तथा कानून के प्रस्ताव के बारे में मंत्रियों से जानकारी नहीं मांग सकते हैं। 

c. वह राज्य सरकार के कामकाज के अधिक सुविधाजनक संचालन के लिए नियम बना सकते हैं। 

d. वह मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को नियुक्त करते हैं। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :  

[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]

  • केवल a, c और d 

  • केवल b, a और c 

  • केवल b, c और d

  • केवल a, b और d 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 167 के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री व मंत्री परिषद से सरकार के सभी निर्णयों एवं प्रशासन के संबंध में जानकारी मांग सकता है। राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का औपचारिक प्रमुख होता है।
👉 राज्य सरकार के सभी कार्य औपचारिक रूप से उसके नाम से किए जाते हैं।
👉 वह मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
👉 साथ ही वह राज्य सरकार के कार्यों के सुविधाजनक संचालन हेतु नियम बना सकता है।

✍️ सही उत्तर है – (a), (c) और (d) 

राजस्थान के राज्यपाल के नामों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें: 

a. श्री रघुकुल तिलक 

b. श्री सुखदेव प्रसाद 

c. डॉ. सम्पूर्णानंद 

d. डॉ. एम. चेन्ना रेड्डी 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:  

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • c, b, d, a 

  • c, a, b, d 

  • b, c, a, d 

  • a, b, c, d 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपालों का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नानुसार है —
(c) डॉ. सम्पूर्णानंद → (a) श्री रघुकुल तिलक → (b) श्री सुखदेव प्रसाद → (d) डॉ. एम. चेन्ना रेड्डी।

🔸 डॉ. सम्पूर्णानंद — 16 अप्रैल 1962 से 16 अप्रैल 1967 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे।
🔸 श्री रघुकुल तिलक — 17 मई 1977 से 1981 तक कार्यरत रहे।
🔸 श्री सुखदेव प्रसाद — 20 फरवरी 1988 से 2 फरवरी 1990 तक राज्यपाल रहे।
🔸 एम. चेन्ना रेड्डी - 5 फरवरी 1992 से 31 मई 1993 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप कार्यरत रहे।

✍️ सही उत्तर है – (c) → (a) → (b) → (d)

राजस्थान के प्रथम राज्यपाल कौन थे? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)  

[CET (10+2) 23.10.2024 चतुर्थ चरण]

  • महाराजा सवाई मान सिंह 

  • श्री हेम बहादुर सिंह 

  • श्री कलराज मिश्र 

  • श्री गुरुमुख निहाल सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 श्री गुरुमुख निहाल सिंह राजस्थान के प्रथम राज्यपाल थे।
👉 उन्होंने 1 नवम्बर 1956 को पदभार ग्रहण किया और 15 अप्रैल 1962 तक इस पद पर कार्य किया।
👉 वे राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के पश्चात नियुक्त हुए, जब राजप्रमुख की संस्था समाप्त कर दी गई थी।
👉 उनके कार्यकाल में राजस्थान का एकीकरण पूर्ण हुआ और प्रशासनिक ढांचे को संवैधानिक रूप से सुदृढ़ किया गया।

✍️ सही उत्तर है – श्री गुरुमुख निहाल सिंह  

राजप्रमुख की संस्था के समाप्त होने के बाद राजस्थान के पहले राज्यपाल कौन बने? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)

[4th Grade (3rd Phase) 20.09.2025]

  • रघुकुल तिलक

  • गुरुमुख निहाल सिंह

  • श्री बलि राम भगत

  • महाराज मान सिंह द्वितीय

🔹 व्याख्या

👉 राजप्रमुख की संस्था समाप्त होने के बाद राजस्थान में पहले राज्यपाल के रूप में गुरुमुख निहाल सिंह नियुक्त हुए।
👉 उन्होंने राज्यपाल पद का कार्यभार 1 नवम्बर 1956 को ग्रहण किया था।
👉 यह नियुक्ति राज्य पुनर्गठन के बाद की पहली संवैधानिक नियुक्ति थी।
👉 गुरुमुख निहाल सिंह राजस्थान के प्रथम नियमित राज्यपाल माने जाते हैं।
👉 उनका कार्यकाल राज्य प्रशासन के स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण रहा।

✍️ सही उत्तर है – गुरुमुख निहाल सिंह 

राजस्थान के राज्यपाल पदेन कुलाधिपति होते हैं 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • राजस्थान के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के।

  • समस्त राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के साथ ही राजस्थान के भू-भाग में कार्यरत केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के।   

  • समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के साथ ही राजस्थान के भू-भाग में कार्यरत केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के।

  • राजस्थान के समस्त राज्य के साथ ही निजी विश्वविद्यालयों के। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल राज्य की शासन व्यवस्था में औपचारिक प्रमुख होता है।
👉 वह राज्य के सभी विश्वविद्यालयों का पदेन कुलाधिपति होता है।
👉 यह प्रावधान राज्यपाल को दी गई शैक्षणिक भूमिकाओं में से एक है। 

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के 

राजस्थान में राज्यपाल की अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति का सर्वाधिक प्रयोग किस वर्ष में किया गया ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (STE) 05.01.2025]

  • 1949 

  • 1980 

  • 1960 

  • 1988 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति का सर्वाधिक प्रयोग वर्ष 1949 में किया गया था। 
👉 इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं, कानूनों के समन्वय और संस्थागत पुनर्गठन के लिए अनेक अध्यादेश जारी किए गए।

✍️ सही उत्तर है – 1949 

भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है ? 

[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]

  • अनुच्छेद 163

  • अनुच्छेद 158

  • अनुच्छेद 171

  •  अनुच्छेद 156

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 156 भारतीय संविधान में राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है।
👉 इसके अनुसार, राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है, अर्थात् राष्ट्रपति उसे किसी भी समय पद से हटा सकते हैं।
👉 राज्यपाल का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है, जो पद ग्रहण की तिथि से गणना किया जाता है।
👉 वह राष्ट्रपति को संबोधित हस्ताक्षरयुक्त पत्र द्वारा त्यागपत्र दे सकता है।
👉 कार्यकाल समाप्त होने पर भी, उत्तराधिकारी के पदभार ग्रहण करने तक राज्यपाल पद पर बना रहता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 156  

निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में असत्य है ? 

[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]

  • राज्यपाल को मृत्युदंड के दण्डादेश के विरुद्ध क्षमादान की शक्ति प्राप्त नहीं है ।

  • राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख राज्यपाल का सचिव होता है जो कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है। 

  • राज्यपाल की स्वविवेकीय शक्तियों से लिये गये निर्णयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती । 

  • राज्यपाल को प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिये राज्यपाल सचिवालय कार्यरत है। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख अधिकारी राज्यपाल का सचिव होता है।
👉 यह सचिव प्रायः भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठ अधिकारी होता है।

👉 राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख अधिकारी राज्यपाल का सचिव होता है।
👉 यह पद सामान्यतः भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी को दिया जाता है।
👉 RAS अधिकारी प्रायः संयुक्त सचिव या विशेष सहायक जैसे पदों पर नियुक्त होते हैं।
👉 अतः यह कथन कि सचिव राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है, असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख राज्यपाल का सचिव होता है जो कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है। 

"राज्यपाल की क्षमादान शक्ति" का उल्लेख भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • अनुच्छेद 160 

  • अनुच्छेद 161 

  • अनुच्छेद 162 

  • अनुच्छेद 163 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 161 भारतीय संविधान में राज्यपाल की क्षमादान शक्ति से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्यपाल को यह अधिकार है कि वह राज्य की कार्यपालिका शक्ति के अधीन अपराधों में दोषी व्यक्तियों की सजा को —
माफ़ (Pardon), कम (Commute), निलंबित (Suspend), या स्थगित (Remit/Remission) कर सकता है।

👉 यह शक्ति केवल राज्य के कानूनों से संबंधित अपराधों तक सीमित है।
👉 जबकि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (अनु. 72) अधिक व्यापक है — इसमें संघीय कानूनों, कोर्ट-मार्शल तथा मृत्युदंड के मामलों तक अधिकार शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 161 

राज्यपाल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें : 

(a) किसी राज्य के राज्यपाल को राष्ट्रपति द्वारा पाँच वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है । 

(b) केवल 30 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय नागरिक ही इस पद पर नियुक्ति के लिए पात्र हैं । 

(c) जिन बातों में इस संविधान द्वारा या इसके अधीन राज्यपाल से यह अपेक्षित है कि वह अपने कृत्यों या उनमे से किसी को अपने विवेकानुसार करें, उन बातों को छोड़कर राज्यपाल को अपने कृत्यों का प्रयोग करने में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्री परिषद होगी जिसका प्रधान, मुख्यमंत्री होगा। 

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा सही है ? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • (a), (b) और (c) 

  • (a) और (c) 

  • (a) और (b) 

  • (b) और (c) 

🔹 व्याख्या

👉 कथन (a) – सही
राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा पाँच वर्ष की अवधि के लिए की जाती है, परंतु वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है — अर्थात् राष्ट्रपति उसे किसी भी समय हटा सकते हैं। (अनु. 156)

👉 कथन (b) – गलत
राज्यपाल के पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 35 वर्ष है, 30 वर्ष नहीं। (अनु. 157)

👉 कथन (c) – सही
अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को अपने कार्यों के निर्वहन में एक मंत्रिपरिषद सहायता और सलाह देती है, जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होता है, सिवाय उन मामलों के जहाँ राज्यपाल को अपने विवेक से कार्य करना आवश्यक हो।

✍️ सही उत्तर है – (a) और (c) 

किसी अप्रत्याशित व्यय को पूरा करने के लिए राज्य की आकस्मिक निधि से कौन अग्रिम राशि दे सकता है ?

[जेल प्रहरी (Shift-1st) 12.04.2025]  

  • वित्त मंत्री 

  • गृह मंत्री 

  • राज्यपाल 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 267(2) के तहत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वे राज्य की आकस्मिक निधि से अप्रत्याशित या अत्यावश्यक व्यय के लिए अग्रिम राशि जारी कर सकते हैं।
👉 यह व्यय राज्य के प्रशासन के सुचारू संचालन के लिए किया जाता है।
👉 बाद में इस अग्रिम व्यय के लिए राज्य विधानमंडल से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राजस्थान में अंतिम राष्ट्रपति शासन की अवधि क्या थी ? 

VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021

  • 1 दिसंबर, 1998 - 04 जनवरी, 1999 

  • 15 दिसंबर, 1992 - 03 दिसंबर, 1993 

  • 13 मार्च, 1967 - 26 अप्रैल, 1967 

  • 30 अप्रैल, 1977 – 21 जून, 1977 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में अंतिम राष्ट्रपति शासन 15 दिसंबर 1992 से 3 दिसंबर 1993 तक लागू रहा।
👉 यह राज्य का चौथा राष्ट्रपति शासन था।
👉 इसकी अवधि 353 दिन रही, जो सबसे लंबी अवधि थी।
👉 इसका मुख्य कारण बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद की राजनीतिक अस्थिरता थी।
👉 इस दौरान तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार को बर्खास्त किया गया था।

✍️ सही उत्तर है – 15 दिसंबर, 1992 - 03 दिसंबर, 1993 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार, किसी राज्य के मुख्यमंत्री को कौन नियुक्त कर सकता है ?

[L.S.A. Exam 13.06.2025]

  • राष्ट्रपति

  • राज्यपाल

  • प्रधानमंत्री

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 164 के अनुसार राज्य का मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है।
👉 राज्यपाल सामान्यतः विधानसभा के बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं।
👉 अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करते हैं।
👉 मुख्यमंत्री को पद की शपथ राज्यपाल ही दिलाते हैं।
👉 मुख्यमंत्री तब तक पद पर बने रहते हैं जब तक उन्हें विधानसभा का बहुमत समर्थन प्राप्त हो।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल