सरपंच एवं उपसरपंच की अनुपस्थिति में ग्राम सभा की बैठक की अध्यक्षता कौन करता है ?
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 ग्राम सभा ग्राम पंचायत की सर्वोच्च संस्था होती है, जिसमें ग्राम के सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 सामान्य परिस्थितियों में ग्राम सभा की बैठक की अध्यक्षता सरपंच या उपसरपंच करते हैं।
👉 यदि दोनों अनुपस्थित हों, तो ग्राम सभा अपने बहुमत उद्देश्य के लिए एक व्यक्ति का निर्वाचन करती है।
👉 वही व्यक्ति उस बैठक की अस्थायी अध्यक्षता करता है और कार्यवाही को संपन्न कराता है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम सभा द्वारा बहुमत उद्देश्य के लिये निर्वाचित व्यक्ति
पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने के लिये न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने वाला पहला राज्य कौन सा है ?
[उद्योग निरीक्षक परीक्षा 24.06.2018]
👉 पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से संचालित होते हैं, जिनमें योग्य नागरिकों को प्रतिनिधि चुना जाता है।
👉 भारत में सबसे पहले राजस्थान राज्य ने पंचायती राज प्रतिनिधियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता निर्धारित की थी।
👉 इस निर्णय का उद्देश्य साक्षरता, जागरूकता और सुशासन को बढ़ावा देना था।
👉 राजस्थान ने यह व्यवस्था लागू कर अन्य राज्यों के लिए मिसाल प्रस्तुत की।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान
मनरेगा के तहत सामाजिक लेखा-परीक्षा समिति का चयन कौन करता है ?
[सहायक जनसम्पर्क अधिकारी 24.04.2022]
👉 मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामाजिक लेखा-परीक्षा (Social Audit) की व्यवस्था की गई है।
👉 इसका उद्देश्य योजनाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है।
👉 सामाजिक लेखा-परीक्षा समिति का गठन और चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है, ताकि स्थानीय जनता स्वयं योजनाओं की समीक्षा कर सके।
👉 यह समिति मनरेगा कार्यों की जाँच, मूल्यांकन एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करती है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम सभा
पंचायती राज एक ______की व्यवस्था है।
निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 पंचायती राज व्यवस्था भारत में ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक शासन को स्थापित करने हेतु लागू की गई।
👉 यह व्यवस्था नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर प्रदान करती है।
👉 इस प्रणाली की मूल इकाई ग्राम पंचायत और ग्राम सभा हैं, जो स्थानीय प्रशासन और विकास कार्यों को संचालित करती हैं।
👉 इसलिए पंचायती राज एक ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था है, जो जनता को प्रशासन में प्रत्यक्ष भूमिका देती है।
✍️ सही उत्तर है – ग्रामीण स्थानीय स्वशासन
पंचायतों से संबंधित संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सम्मिलित हैं -
[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]
👉 73वें संविधान संशोधन, 1992 के माध्यम से पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
👉 इस संशोधन के तहत संविधान में ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियाँ निर्धारित की गईं।
👉 ग्यारहवीं अनुसूची में कुल 29 विषय सम्मिलित हैं, जिन पर पंचायतें योजना निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी का कार्य करती हैं।
👉 ये विषय कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, ग्रामीण विकास, ऊर्जा आदि से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – 29 विषय
ग्राम स्तर पर प्रतिनिधिक प्रजातन्त्र जिसके द्वारा लागू किया गया
[पटवारी मुख्य परीक्षा 24.12.2016]
👉 ग्राम सभा ग्राम स्तर पर प्रतिनिधिक प्रजातंत्र की मूल इकाई है, जिसमें ग्राम के सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 यह संस्था जनसहभागिता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के सिद्धांतों पर कार्य करती है।
👉 ग्राम सभा के माध्यम से नागरिक ग्राम विकास योजनाओं, बजट अनुमोदन और सामाजिक लेखा परीक्षा में भाग लेते हैं।
👉 इस प्रकार ग्राम सभा के द्वारा ग्राम स्तर पर प्रतिनिधिक प्रजातंत्र लागू किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम सभा
भारत में सबसे पहले निर्वाचित स्थानीय शासन निकाय सृजित करने की पहल किसने की थी ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
[Platoon Commander 22.11.2025]
🔹 व्याख्या
👉
भारत
में स्थानीय
स्वशासन की
शुरुआत लॉर्ड
रिपन ने
1882
के
प्रस्ताव द्वारा
की।
👉
उन्हें
भारत में स्थानीय
स्वशासन का
जनक माना
जाता है।
👉
उनके
प्रयास से
निर्वाचित
स्थानीय शासन
निकायों की
स्थापना का
मार्ग प्रशस्त
हुआ।
✍️ सही उत्तर है – लॉर्ड रिपन
राजस्थान पंचायत अधिनियम किस वर्ष अधिनियमित किया गया था और पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना की गई थी ?
[सहायक जनसम्पर्क अधिकारी 24.04.2022]
👉 राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना और संगठन के लिए अधिनियमित किया गया था।
👉 इस अधिनियम के माध्यम से ग्राम स्तर पर स्थानीय स्वशासन को संस्थागत रूप प्रदान किया गया।
👉 अधिनियम लागू होने के बाद पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना की गई।
👉 इसका उद्देश्य ग्राम विकास, स्वावलंबन और जनसहभागिता को बढ़ावा देना था।
✍️ सही उत्तर है – 1953
मनरेगा कार्यक्रम का क्रियान्वन किसके द्वारा किया जाता है ?
[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]
👉 वर्तमान में मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM G) कर दिया गया है। इस नए कानून के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी और मजदूरी का 40% वित्तीय भार राज्य सरकारों को उठाना होगा।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम पंचायत
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा को ग्राम सेवक के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी प्रतिस्थापित करने के लिए संशोधित किया गया है ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों की भूमिकाओं और पदनामों से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
👉 समय के साथ पंचायत प्रशासन को अधिक विकासोन्मुख और उत्तरदायी बनाने के लिए इसमें संशोधन किए गए।
👉 ग्राम सेवक के स्थान पर ग्राम विकास अधिकारी (V.D.O.) पद को प्रतिस्थापित किया गया ताकि ग्रामीण विकास कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।
👉 यह संशोधन अधिनियम की धारा 89 में किया गया।
✍️ सही उत्तर है – धारा 89
भारतीय संविधान के कौनसे अनुच्छेद में "ग्राम सभा" की परिभाषा है ?
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 ग्राम सभा भारतीय संविधान में स्थानीय स्वशासन की मूल इकाई के रूप में परिभाषित की गई है।
👉 इसमें ग्राम के सभी पंजीकृत मतदाता सदस्य होते हैं जो ग्राम के विकास कार्यों में भाग लेते हैं।
👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 में ग्राम सभा की परिभाषा दी गई है।
👉 यह अनुच्छेद 73वें संविधान संशोधन, 1992 के तहत जोड़ा गया था, जिसने पंचायत राज प्रणाली को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243
निम्नलिखित में से कौन-सी समिति स्थानीय स्वशासन से संबंधित नहीं है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]
👉 भारत में स्थानीय स्वशासन से संबंधित अनेक समितियों का गठन किया गया, जिनका उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाना था।
👉 इनमें प्रमुख समितियाँ हैं — बलवंत राय मेहता समिति (1957), अशोक मेहता समिति (1977), जी. वी. के. राव समिति (1985) और एल. एम. सिंहवी समिति (1986)।
👉 जबकि संथानम समिति (1963) का संबंध भ्रष्टाचार निवारण और लोक सेवाओं में नैतिक आचरण से था, न कि स्थानीय स्वशासन से।
👉 अतः संथानम समिति स्थानीय स्वशासन से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – संथानम समिति
पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम सभा की बैठक के लिए आवश्यक न्यूनतम कोरम क्या है ?
[CET (10+2) 23.10.2024 तृतीय चरण]
👉 ग्राम सभा ग्राम स्तर पर जनसहभागिता और निर्णय प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है।
👉 इसकी बैठक तभी वैध मानी जाती है जब उसमें न्यूनतम निर्धारित कोरम उपस्थित हो।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, ग्राम सभा की बैठक के लिए ग्राम सभा के कुल सदस्यों का दसवां भाग (1/10 भाग) उपस्थित होना आवश्यक है।
👉 निर्धारित कोरम पूर्ण न होने पर बैठक की कार्यवाही नहीं की जा सकती।
✍️ सही उत्तर है – दसवां भाग
वित्त आयोग से पंचायती राज संस्थाओं के लिए प्राप्त अनुदान किसे दिया जाता है ?
[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]
👉 वित्त आयोग राज्यों को पंचायती राज संस्थाओं को अनुदान (Grant-in-Aid) प्रदान करने की अनुशंसा करता है ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता मिल सके।
👉 यह अनुदान राज्य सरकार के माध्यम से पंचायतों को वितरित किया जाता है।
👉 ग्राम पंचायत को यह अनुदान सीधे प्राप्त होता है ताकि वह ग्राम विकास योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं पर व्यय कर सके।
👉 इस प्रकार पंचायती राज संस्थाओं के लिए प्राप्त अनुदान का प्रमुख लाभार्थी ग्राम पंचायत होती है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम पंचायत
निम्नलिखित में से कौन सी एजेंसी स्थानीय निकायों का चुनाव कराती है ?
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।
[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]
👉 भारतीय संविधान में राज्य निर्वाचन आयोग के गठन का प्रावधान मुख्य रूप से दो अनुच्छेदों में किया गया है: अनुच्छेद 243K (243 ट): यह अनुच्छेद पंचायतों (ग्रामीण स्थानीय निकाय) के निर्वाचनों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के गठन का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 243ZA (243 यक): यह अनुच्छेद नगर पालिकाओं (शहरी स्थानीय निकाय) के निर्वाचनों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के गठन का प्रावधान करता है।
✍️ सही उत्तर है – राज्य निर्वाचन आयोग
पंचायती राज व्यवस्था में प्रथम स्तर पर निर्वाचित निकाय और लोकतंत्र की बुनियादी इकाई है
[लिपिक ग्रेड -II 16.09.2018]
👉 पंचायती राज व्यवस्था भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की मूल प्रणाली है, जिसमें शासन को तीन स्तरों पर बाँटा गया है — ग्राम, मध्य एवं जिला स्तर।
👉 इस व्यवस्था के प्रथम स्तर पर ग्राम पंचायत स्थापित की गई है, जो ग्राम स्तर पर जनसहभागिता और प्रशासनिक कार्यों का संचालन करती है।
👉 ग्राम पंचायत को लोकतंत्र की बुनियादी इकाई कहा गया है क्योंकि यह सीधे जनता से जुड़ी होती है।
👉 इसके माध्यम से ग्रामीण नागरिक स्थानीय निर्णयों और विकास योजनाओं में भाग लेते हैं।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम पंचायत
भारत के राज्य का नाम बताएँ, जिसमें पंचायती राज प्रशासन की आधुनिक त्रिस्तरीय प्रणाली सर्वप्रथम अपनाई गई ?
[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]
👉 भारत में पंचायती राज प्रशासन की आधुनिक त्रिस्तरीय प्रणाली को लागू करने का उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को सशक्त बनाना था।
👉 इस प्रणाली की अनुशंसा बलवंत राय मेहता समिति (1957) द्वारा की गई थी।
👉 2 अक्टूबर, 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में इस प्रणाली की औपचारिक शुरुआत की गई।
👉 इसलिए भारत में पंचायती राज प्रशासन की आधुनिक त्रिस्तरीय प्रणाली सर्वप्रथम अपनाने वाला राज्य राजस्थान था।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान
ग्राम सभा की एक वर्ष में कितनी न्यूनतम बैठकें अनिवार्य है ?
[CET (10+2 द्वितीय चरण) 04.02.2023]
👉 यद्यपि मूल अधिनियम में न्यूनतम 2 बैठकों का उल्लेख है, लेकिन राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 और राज्य सरकार के प्रशासनिक आदेशों के तहत वर्तमान में प्रतिवर्ष ग्राम सभा की न्यूनतम 4 (चार) बैठकें आयोजित करना अनिवार्य किया गया है। ये 4 अनिवार्य बैठकें सामान्यतः निम्नलिखित निश्चित तिथियों पर आयोजित की जाती हैं: 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) 1 मई (मजदूर दिवस) 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) 2 अक्टूबर (गांधी जयंती)
✍️ सही उत्तर है – 2
यदि पंचायत विघटित कर दी जाती है, तो चुनाव करवाये जायेंगे -
[CET (10+2 पंचम चरण) 11.02.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत पंचायतों की अवधि पाँच वर्ष निर्धारित की गई है।
👉 यदि किसी कारणवश पंचायत को पूर्व में ही विघटित कर दिया जाता है, तो नई पंचायत के गठन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाती है।
👉 अधिनियम के अनुसार विघटन की तिथि से छह माह के भीतर पुनः चुनाव कराना अनिवार्य होता है।
👉 इसका उद्देश्य स्थानीय स्वशासन की निरंतरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखना है।
✍️ सही उत्तर है – छः माह के अन्दर
सरपंच अपना त्यागपत्र किसको सौंपता है ?
VDO Pre. (तृतीय चरण) 28.12.2021
👉 सरपंच ग्राम पंचायत का मुख्य निर्वाचित प्रतिनिधि होता है, जो ग्राम स्तर पर प्रशासनिक व विकास कार्यों का संचालन करता है।
👉 यदि सरपंच अपने पद से त्यागपत्र देना चाहे, तो उसे लिखित रूप में स्वहस्ताक्षरित त्यागपत्र प्रस्तुत करना होता है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, सरपंच अपना त्यागपत्र पंचायत समिति के विकास अधिकारी (B.D.O.) को सौंपता है।
👉 त्यागपत्र स्वीकृत होने के बाद संबंधित पद रिक्त घोषित किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – पंचायत समिति के विकास अधिकारी को
राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन किस वर्ष हुआ ?
[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]
👉 1957 में बलवंत राय मेहता कमेटी का गठन किया गया जिसका उद्देश्य था कि1952 में शुरू किए गए 'सामुदायिक विकास कार्यक्रम' (Community Development Programme) और 1953 में शुरू की गई 'राष्ट्रीय विस्तार सेवा' के कामकाज और प्रगति की जांच करना। बलवंत राय मेहता समिति ने लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण एवं त्रिस्तरीय पंचायती राज ढांचे की सिफारिश की।
✍️ सही उत्तर है – 2 अक्टूबर, 1959
राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था का शुभारंभ किस पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत किया गया था ?
[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]
👉 राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को सुदृढ़ करने हेतु लागू की गई।
👉 पंचायती राज संस्थाओं के गठन का उद्देश्य ग्राम स्तर पर जनसहभागिता द्वारा विकास कार्यों का संचालन था।
👉 भारत में पंचायती राज की शुरुआत बालवन्त राय मेहता समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई थी।
👉 राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था का शुभारंभ द्वितीय पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – द्वितीय पंचवर्षीय योजना
बलवंत राय मेहता समिति का संबंध है
VDO Pre. (चतुर्थ चरण) 28.12.2021
👉 बलवंत राय मेहता समिति का गठन वर्ष 1957 में किया गया था, जिसका उद्देश्य समुदाय विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करना था।
👉 समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्थानीय स्वशासन (Local Self Government) को सशक्त बनाने की सिफारिश की।
👉 इस समिति ने तीन-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद् — की अनुशंसा की थी।
👉 समिति की सिफारिशों के आधार पर ही भारत में पंचायती राज प्रणाली की शुरुआत की गई।
✍️ सही उत्तर है – स्थानीय स्वशासन
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम (आरपीआरए)____________से लागू हुआ।
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 (RPRA) राज्य में स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया था।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद् के माध्यम से ग्रामीण विकास और जनसहभागिता सुनिश्चित करना था।
👉 यह अधिनियम 73वें संविधान संशोधन, 1992 के अनुरूप तैयार किया गया।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम (RPRA) अप्रैल 1994 से लागू हुआ।
✍️ सही उत्तर है – अप्रैल 1994
राजस्थान में पंचायत समिति के सदस्य -
[CET (10+2 तृतीय चरण) 05.02.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली के मध्य स्तर पर पंचायत समिति कार्य करती है, जो ग्राम पंचायतों और जिला परिषद् के बीच समन्वयक इकाई है।
👉 पंचायत समिति के सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किए जाते हैं।
👉 ये सदस्य अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करते हैं।
👉 पंचायत समिति की अध्यक्षता प्रधान द्वारा की जाती है, जो भी प्रत्यक्ष रूप से चुना गया जनप्रतिनिधि होता है।
✍️ सही उत्तर है – प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं।
राजस्थान में पंचायती राज सिस्टम के तहत एक वर्ष में आयोजित होने वाली ग्राम सभा की बैठकों की न्यूनतम संख्या कितनी है ? निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें।
[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]
👉 ग्राम सभा पंचायती राज व्यवस्था की मूल लोकतांत्रिक इकाई है, जिसमें ग्राम के सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम विकास योजनाओं, बजट स्वीकृति और सामाजिक लेखा परीक्षा से संबंधित कार्य संपन्न किए जाते हैं।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, प्रत्येक ग्राम सभा की कम से कम दो बैठकें प्रति वर्ष अनिवार्य हैं।
👉 इन बैठकों के आयोजन से जनसहभागिता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 2
निम्नलिखित में से कौन सी व्यवस्था प्रत्यक्ष चुनाव के आधार पर स्थापित की जाती है ?
[SI मोटर वाहन 12.02.2022]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली में तीन स्तर निर्धारित हैं — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्।
👉 इनमें से ग्राम पंचायत सबसे निचला और मूलभूत स्तर है, जो ग्रामीण प्रशासन और विकास कार्यों का संचालन करती है।
👉 ग्राम पंचायत का गठन प्रत्यक्ष चुनाव के आधार पर किया जाता है, जिसमें ग्राम के सभी पंजीकृत मतदाता भाग लेते हैं।
👉 ग्राम पंचायत के सरपंच और वार्ड पंच जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम पंचायत
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1953 को किस वर्ष में संशोधित किया गया था ?
[लिपिक ग्रेड -II 12.08.2018]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1953 राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना और संगठन हेतु बनाया गया था।
👉 समय के साथ इसमें आवश्यक संशोधन किए गए ताकि स्थानीय स्वशासन को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सके।
👉 73वें संविधान संशोधन, 1992 के बाद पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
👉 इसी के अनुरूप राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1953 को वर्ष 1994 में संशोधित किया गया और इसे राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के रूप में लागू किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 1994
74वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, छोटे संक्रमणकालीन क्षेत्रों में निम्नलिखित में से किस स्थानीय स्वशासी संस्थान की स्थापना का प्रावधान करता है जो शहरी क्षेत्र बनने की राह पर है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]
👉 74वाँ संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया।
👉 इस अधिनियम के अंतर्गत नगरपालिकाओं के तीन प्रकार निर्धारित किए गए — नगर निगम, नगर परिषद् और नगर पंचायत।
👉 इनमें से नगर पंचायत की स्थापना उन संक्रमणकालीन क्षेत्रों में की जाती है जो ग्रामीण से शहरी स्वरूप में परिवर्तित हो रहे हों।
👉 इस संस्था का कार्य ऐसे क्षेत्रों में मूलभूत शहरी सुविधाएँ और प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है।
✍️ सही उत्तर है – नगर पंचायत
निम्न में से कौन-सा ग्राम पंचायत की आय का स्रोत है ?
[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]
👉 ग्राम पंचायत स्थानीय स्वशासन की मूलभूत इकाई है, जो ग्राम स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करती है।
👉 पंचायत के सुचारु संचालन हेतु उसे स्वतंत्र आय स्रोतों की व्यवस्था दी गई है।
👉 इन आय स्रोतों में भूमि कर, गृह कर, व्यवसाय कर तथा सरकारी अनुदान प्रमुख हैं।
👉 अतः भूमि कर ग्राम पंचायत की आय का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों का वित्तपोषण किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – भूमि कर
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 राज्य में कब अस्तित्व में आया ?
[शारीरिक शिक्षा अध्यापक 25.09.2022]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 राज्य में स्थानीय स्वशासन प्रणाली को सशक्त बनाने हेतु बनाया गया था।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद् के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक शासन को स्थापित करना था।
👉 यह अधिनियम 73वें संविधान संशोधन, 1992 के अनुरूप तैयार किया गया।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 को 23 अप्रैल, 1994 से लागू किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 23 अप्रैल, 1994
यदि कोई पंचायत राज संस्था अपनी अवधि समाप्त होने से पूर्व भंग कर दी जाती है, तो उसका निर्वाचन _____ होना चाहिए
[वनरक्षक (चतुर्थ चरण) 13.11.2022]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार पंचायत संस्थाओं की अवधि पाँच वर्ष निर्धारित की गई है।
👉 यदि किसी कारणवश पंचायत राज संस्था अपनी अवधि समाप्त होने से पूर्व भंग कर दी जाती है, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनाए रखने हेतु शीघ्र चुनाव कराए जाते हैं।
👉 अधिनियम के अनुसार विघटन की तिथि से छह माह के भीतर उस पंचायत का पुनः निर्वाचन किया जाना आवश्यक है।
👉 इसका उद्देश्य स्थानीय स्वशासन की निरंतरता और जनप्रतिनिधित्व को बनाए रखना है।
✍️ सही उत्तर है – विघटन से छः माह के अंदर
वर्ष 2020 तक राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के लिए कितनी बार चुनाव आयोजित किए गए ?
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के लिए नियमित अंतराल पर चुनावों का आयोजन किया जाता है ताकि स्थानीय स्वशासन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनी रहे।
👉 ये चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं, जिसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद् के प्रतिनिधि चुने जाते हैं।
👉 पंचायती राज प्रणाली लागू होने के बाद से लेकर वर्ष 2020 तक राजस्थान में कुल 11 बार चुनाव आयोजित किए जा चुके हैं।
👉 इन चुनावों के माध्यम से राज्य में स्थानीय शासन व्यवस्था को सुदृढ़ और जनसहभागी बनाया गया है।
✍️ सही उत्तर है – 11 बार
निम्नलिखित में से कौनसा ग्राम सभा का कार्य नहीं है ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 ग्राम सभा ग्राम स्तर की स्थानीय स्वशासन इकाई है, जो ग्राम विकास, सामाजिक न्याय और पारदर्शिता से जुड़े कार्यों का संचालन करती है।
👉 इसके मुख्य कार्यों में ग्राम योजनाओं की स्वीकृति, विकास कार्यों की समीक्षा और सामाजिक लेखा परीक्षा शामिल हैं।
👉 जनगणना का कार्य प्रशासनिक दृष्टि से जिला कलेक्टर और राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है, न कि ग्राम सभा के अधिकार क्षेत्र में।
👉 इसलिए जनगणना ग्राम सभा का कार्य नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – जनगणना
अनुसूचित क्षेत्र विस्तार अधिनियम-1996 का सम्बन्ध है -
[VDO Pre. (प्रथम चरण) 27.12.2021]
👉 अनुसूचित क्षेत्र विस्तार अधिनियम, 1996 (PESA Act 1996) का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत राज संस्थाओं को सशक्त बनाना है।
👉 इस अधिनियम के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा और पंचायतों को अधिक अधिकार प्रदान किए गए।
👉 यह अधिनियम स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों और संसाधनों पर नियंत्रण के अधिकार ग्राम सभा को देता है।
👉 इसलिए यह अधिनियम पंचायत राज सशक्तिकरण से संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – पंचायत राज सशक्तिकरण
निम्नलिखित में से कौन जिला स्तर पर भू-राजस्व अधिकारी है ?
[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]
👉 जिला कलेक्टर जिले का मुख्य राजस्व अधिकारी होता है, जो भूमि और कर से संबंधित सभी कार्यों का संचालन करता है।
👉 वह भूमि राजस्व की वसूली, भूमि अभिलेखों का रख-रखाव और भूमि सुधार कार्यों की निगरानी करता है।
👉 जिला कलेक्टर ही राजस्व प्रशासन का शीर्ष अधिकारी होता है और सभी तहसीलदार व राजस्व अधिकारी उसके अधीन कार्य करते हैं।
👉 इसलिए जिला स्तर पर भू-राजस्व अधिकारी का पद जिला कलेक्टर को प्राप्त है।
✍️ सही उत्तर है – जिला कलेक्टर
किसने 2 अक्टूबर, 1959 को नागौर (राजस्थान) में पंचायती राज की आधुनिक त्रिस्तरीय प्रणाली का उद्घाटन किया था ?
[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]
👉 भारत में पंचायती राज प्रणाली को लागू करने का उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण स्थापित करना था।
👉 बलवंत राय मेहता समिति (1957) की अनुशंसाओं के आधार पर इस प्रणाली को व्यवहार में लाया गया।
👉 2 अक्टूबर, 1959 को नागौर (राजस्थान) में पंचायती राज की आधुनिक त्रिस्तरीय प्रणाली का उद्घाटन किया गया।
👉 इस ऐतिहासिक अवसर पर उद्घाटन भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया।
✍️ सही उत्तर है – जवाहरलाल नेहरू
राजस्थान में वार्ड पंच, उप-सरपंच किसे संबोधित कर अपना त्यागपत्र देता/देती है ?
[वनरक्षक (प्रथम चरण) 12.11.2022]
👉 वार्ड पंच और उप-सरपंच ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं, जो पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और विकास कार्यों में भाग लेते हैं।
👉 यदि इनमें से कोई भी पदाधिकारी अपने पद से त्यागपत्र देना चाहे, तो उसे स्वहस्ताक्षरित त्यागपत्र प्रस्तुत करना होता है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, वार्ड पंच तथा उप-सरपंच अपना त्यागपत्र खण्ड विकास अधिकारी (B.D.O.) को संबोधित करते हैं।
👉 त्यागपत्र स्वीकार होने के पश्चात् संबंधित पद रिक्त माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – खण्ड विकास अधिकारी को