राजस्थान का राज्य मानवाधिकार आयोग निम्नलिखित विषयों के संबंध में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जाँच कर सकता है: 

[JEN (Mech. Diploma) 10.02.2025]

  • राज्य सूची और समवर्ती सूची (सूची II और सूची III) 

  • संघ सूची (सूची I) 

  • राज्य सूची (सूची II) 

  • समवर्ती सूची (सूची III) 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग की शक्तियाँ धारा 21(5) में स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं।
👉 इसके अनुसार आयोग केवल उन मामलों की जाँच कर सकता है, जो भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-II (राज्य सूची) और सूची-III (समवर्ती सूची) से संबंधित हों।
👉 यह प्रावधान आयोग के अधिकार क्षेत्र को राज्य सरकार से जुड़े विषयों तक सीमित करता है।
👉 संघ सूची (सूची-I) के विषय आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
👉 अतः आयोग केवल राज्य सूची और समवर्ती सूची (सूची II और सूची III) से संबंधित मानवाधिकार उल्लंघनों की जाँच कर सकता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सूची और समवर्ती सूची (सूची II और सूची III) 

राज्य मानवाधिकार आयोग राजस्थान, के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं ? 

[PTI ग्रेड -III 30.09.2018]

  • एम. के देवराजन 

  • एच. आर. कुरि 

  • प्रकाश टाटिया

  • जंगा श्रीनिवास राव 

🔹 व्याख्या

👉 जस्टिस प्रकाश टाटिया राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष रहे हैं। वर्तमान में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री गंगाराम मूलचंदानी हैं। उन्हें जून 2024 में इस पद पर नियुक्त किया गया था।
👉 उनका कार्यकाल 11 मार्च 2016 से 25 नवम्बर 2019 तक रहा। 
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण, न्यायिक पारदर्शिता, और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया।
👉 उनके कार्यकाल में आयोग ने कई महत्वपूर्ण मानवाधिकार मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – प्रकाश टाटिया (गंगाराम मूलचंदानी हैं। जून 2024)

निम्नलिखित में से राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष कौन हैं (अप्रैल 2025 के अनुसार)?

[L.S.A. Exam 13.06.2025]

  • न्यायमूर्ति अशोक कुमार गुप्ता

  • न्यायमूर्ति गंगाराम मूलचंदानी

  • न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण

  • न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह

🔹 व्याख्या

👉 अप्रैल 2025 की स्थिति में राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गंगाराम मूलचंदानी हैं।
👉 वे आयोग के प्रधान पद पर मानवाधिकार संरक्षण से संबंधित कार्यों की देखरेख करते हैं।
👉 आयोग राज्य में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच करता है।
👉 अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति मूलचंदानी आयोग की नीतियों व दिशा-निर्देशों का नेतृत्व करते हैं।
👉 यह पद राज्य में मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति गंगाराम मूलचंदानी 

राजस्थान मानवाधिकार आयोग अधिनियम कब क्रियान्वित हुआ ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिक) 10.01.2025]

  • 2003 

  • 2000 

  • 2002 

  • 2001 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन 18 जनवरी 1999 की अधिसूचना द्वारा किया गया था।
👉 आयोग का क्रियान्वयन (Implementation) मार्च 2000 से किया गया।
👉 इस अधिनियम के अंतर्गत एक पूर्णकालिक अध्यक्ष और चार सदस्य नियुक्त किए गए थे।
👉 अधिनियम का उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों के संरक्षण, संवर्धन और जागरूकता को बढ़ावा देना था।
👉 इस प्रकार राजस्थान मानवाधिकार आयोग अधिनियम वर्ष 2000 में क्रियान्वित हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 2000 

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के वर्तमान अध्यक्ष (25 अक्टूबर, 2024 तक) कौन हैं? 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

[JEN सिविल डिग्री 22.02.2025]

  • श्री मधुकर गुप्ता 

  • श्री अशोक कुमार गुप्ता 

  • न्यायमूर्ति श्री राम चंद्र सिंह झाला 

  • न्यायमूर्ति श्री गंगा राम मूलचंदानी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान मानवाधिकार आयोग के वर्तमान अध्यक्ष न्यायमूर्ति जी. आर. मूलचंदानी हैं।
👉 इन्हें राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा 27 जून 2024 को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया।
👉 इनका कार्यकाल पद ग्रहण की तिथि से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु, इनमें से जो पहले हो, तक रहेगा।
👉 आयोग के अन्य सदस्य के रूप में अशोक गुप्ता (सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी) कार्यरत हैं।
👉 आयोग राज्य में मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति जी. आर. मूलचंदानी 

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के ऐसे अध्यक्ष को चिह्नित कीजिए, जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश भी रहे? 

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • सैय्यद सगीर अहमद

  • कांता कुमारी भटनागर

  • गोपाल कृष्ण व्यास 

  • नागेन्द्र कुमार जैन  

🔹 व्याख्या

👉 जस्टिस सैय्यद सगीर अहमद राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं।
👉 उनका कार्यकाल 16 फरवरी 2001 से 3 जून 2004 तक रहा।
👉 वे पूर्व में भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश भी रहे हैं।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें कीं।
👉 इस प्रकार वे ऐसे एकमात्र अध्यक्ष रहे जिन्होंने राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग और उच्चतम न्यायालय दोनों में सेवा दी।

✍️ सही उत्तर है – सैय्यद सगीर अहमद 

राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए गठित समिति का अध्यक्ष कौन होता है ?

[उद्योग प्रचार अधिकारी 22.07.2018]

  • राज्यपाल

  • नेता प्रतिपक्ष

  • मुख्यमंत्री 

  • विधानसभा अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति एक समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति का अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होता है।
👉 समिति में अन्य सदस्य के रूप में विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, और विधानसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।
👉 यह समिति आयोग के पदों के लिए योग्य व्यक्तियों की संस्तुति राज्यपाल को भेजती है।
👉 इस प्रक्रिया से आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 में __________ की स्थापना का प्रस्ताव है। 

[JEN यांत्रिक डिग्री 10.02.2025]

  • अनुसूचित क्षेत्र और अनुसूचित जनजाति आयोग 

  • नीति आयोग 

  • प्रत्येक राज्य में मानवाधिकार आयोग 

  • पिछड़ा वर्ग आयोग 

🔹 व्याख्या

👉 मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 भारत की संसद द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण अधिनियम है।
👉 इस अधिनियम में राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा राज्य स्तर पर राज्य मानवाधिकार आयोगों की स्थापना का प्रस्ताव है।
👉 इसका उद्देश्य देशभर में मानवाधिकारों की रक्षा, संवर्धन और जागरूकता सुनिश्चित करना है।
👉 प्रत्येक राज्य में इस अधिनियम के अंतर्गत राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया है, न कि प्रत्येक जिले में।
👉 अतः अधिनियम में राज्य स्तर पर मानवाधिकार आयोग की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य स्तर पर मानवाधिकार आयोग

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में होते हैं: 

[Patwar Exam (Shift II) 17.08.2025]

  • एक अध्यक्ष और दो सदस्य

  • एक अध्यक्ष और चार सदस्य

  • एक अध्यक्ष और छह सदस्य

  • एक अध्यक्ष और पाँच सदस्य

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य नियुक्त किए जाते हैं।
👉 अध्यक्ष का पद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के लिए निर्धारित है।
👉 एक सदस्य उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त/सेवारत न्यायाधीश होता है।
👉 दूसरा सदस्य वह होता है जिसे मानवाधिकार विषयक ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो।
👉 यह संरचना मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2006 के अनुसार निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – एक अध्यक्ष और दो सदस्य

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के लिए सबसे उपयुक्त कथन की पहचान करें। वह रहा/रही हो  - 

[CET (10+2) 24.10.2024 षष्टम चरण]

  • जिला न्यायाधीश 

  • विधान सभा के अध्यक्ष 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा न्यायाधीश 

  • समाज सेवक 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद के लिए पात्र व्यक्ति वह होता है जो किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो।
👉 आयोग की संरचना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 21(2) के अंतर्गत निर्धारित है।
👉 इस धारा के अनुसार आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य होते हैं, जिनमें से एक उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश रह चुका हो सकता है।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा न्यायाधीश 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले अध्यक्ष हैं ? 

[कनिष्ठ अनुदेशक (टर्नर) 09.01.2025]

  • कांता कुमारी भटनागर 

  • प्रकाश टाटीया 

  • गोपाल कृष्ण व्यास 

  • एन. के. जैन 

🔹 व्याख्या

👉 न्यायमूर्ति एन. के. जैन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के सबसे लंबे कार्यकाल वाले अध्यक्ष रहे हैं।
👉 उनका कार्यकाल 16 जुलाई 2005 से 15 जुलाई 2010 तक रहा।
👉 उन्होंने अपने कार्यकाल में मानवाधिकारों के संरक्षण, जनजागरूकता, और संस्थागत सुधारों पर विशेष बल दिया।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा हेतु कई महत्वपूर्ण सिफारिशें कीं।
👉 अतः आयोग के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अध्यक्ष न्यायमूर्ति एन. के. जैन रहे।

✍️ सही उत्तर है – एन. के. जैन 

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष या किसी सदस्य को हटाने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कार्यशाला) 19.11.2024]

  • उन्हें संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा हटाया जा सकता है

  • उन्हें संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा हटाया जा सकता है। 

  • उन्हें राज्य विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव से हटाया जा सकता है।

  • उन्हें राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जा सकता है। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष या सदस्यों को हटाने से संबंधित प्रावधान धारा 23 में दिए गए हैं।
👉 इस धारा के अनुसार, किसी अध्यक्ष या सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही पद से हटाया जा सकता है।
👉 हटाने से पूर्व उच्चतम न्यायालय द्वारा जाँच की जाती है ताकि कदाचार या अक्षमता सिद्ध हो सके।
👉 यह प्रावधान आयोग की स्वायत्तता, निष्पक्षता और न्यायिक गरिमा को बनाए रखने के लिए है। 

✍️ सही उत्तर है – उन्हें राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जा सकता है। 

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की चयन समिति में निम्नलिखित में कौन शामिल नहीं होता है? 

[CET (स्नातक) (चरण -III) 08.01.2023]

  • राज्यपाल 

  • विपक्ष का नेता  

  • मुख्यमंत्री 

  • गृह मंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति एक चयन समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।
👉 जहाँ विधान परिषद होती है, वहाँ सभापति और विपक्ष के नेता भी सदस्य होते हैं।
👉 इस समिति में राज्यपाल शामिल नहीं होते, क्योंकि राज्यपाल तो केवल समिति की अनुशंसा पर नियुक्ति करते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

राजस्थान मानवाधिकार आयोग की पहली महिला अध्यक्ष कौन थी ?   

[CET (10+2) 22.10.2024 द्वितीय चरण]

  • कमला बेनीवाल 

  • शांता कुमारी 

  • प्रतिभा पाटिल 

  • कांता भटनागर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन 18 जनवरी 1999 को किया गया और यह मार्च 2000 से क्रियाशील हुआ।
👉 इस आयोग की प्रथम अध्यक्ष के रूप में जस्टिस सुश्री कान्ता भटनागर को नियुक्त किया गया था।
👉 वे राजस्थान उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रही हैं।
👉 उनका कार्यकाल 23 मार्च 2000 से 11 अगस्त 2000 तक रहा।
👉 उन्होंने आयोग की स्थापना काल में मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – कान्ता भटनागर 

राजस्थान मानव अधिकार आयोग के बारे में अधोलिखित कथनों को पढ़िए 

(A) आयोग मानव अधिकारों के उल्लंघन में स्वतः ही जाँच प्रारंभ कर सकता है। 

(B) किसी पीड़ित की ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आयोग को प्रस्तुत अर्जी पर आयोग जाँच प्रारंभ कर सकता है। 

सही कूट का चयन कीजिए - 

JEN (विद्युत/यांत्रिक, डिग्री) 20.05.2022

  • केवल कथन (B) सत्य है

  • केवल कथन (A) सत्य है

  • दोनों कथन सत्य हैं

  • न तो कथन (A) ना ही (B) सत्य है 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकारों के उल्लंघन के मामलों की जाँच स्वयं स्व-प्रेरणा (Suo Moto) से प्रारंभ कर सकता है।
👉 आयोग किसी पीड़ित व्यक्ति की ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत अर्जी पर भी जाँच शुरू कर सकता है। 
👉 इन प्रावधानों का उद्देश्य मानव अधिकारों की सुरक्षा और न्याय की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करना है। 

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन सत्य हैं 

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल एक समिति की अनुशंसा पर करता है जिसका अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन होता है ? 

[CET (10+2 चतुर्थ चरण) 05.02.2023]

  • गृहमंत्री 

  • मुख्यमंत्री 

  • विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष 

  • विधानसभा अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति एक समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति का अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होता है।
👉 समिति में अन्य सदस्य के रूप में विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।
👉 जिन राज्यों में द्विसदनीय व्यवस्था है, वहाँ विधान परिषद के सभापति और विपक्ष के नेता भी सदस्य होते हैं।
👉 इस व्यवस्था से आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित होती है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे/थी ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रिशियन) 19.11.2024

  • न्यायमूर्ति प्रकाश टाटिया 

  • न्यायमूर्ति कान्ता कुमारी भटनागर 

  • न्यायमूर्ति महेश चंद्र शर्मा 

  • न्यायमूर्ति जगत सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन 18 जनवरी 1999 को किया गया था।
👉 आयोग के प्रथम अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति कान्ता कुमारी भटनागर को नियुक्त किया गया।
👉 वे राजस्थान उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रही हैं।
👉 उनका कार्यकाल 23 मार्च 2000 से 11 अगस्त 2000 तक रहा।
👉 उन्होंने आयोग की स्थापना काल में मानवाधिकार संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति कान्ता कुमारी भटनागर 

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को किसके आदेश से पद से हटाया जा सकता है ?  

कनिष्ठ अनुदेशक (मैके. डीजल) 16.11.2024

  • राष्ट्रपति 

  • राज्य के मुख्य न्यायाधीश 

  • राज्यपाल 

  • राज्य विधान सभा 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को हटाने की प्रक्रिया का उल्लेख धारा 23 में किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार, राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को पद से हटाया जा सकता है।
👉 हटाने से पूर्व उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच की जाती है, और जब यह सिद्ध हो जाता है कि व्यक्ति कदाचार या अक्षमता का दोषी है, तभी उसे पद से हटाया जाता है।
👉 यह प्रक्रिया आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता बनाए रखने के लिए निर्धारित की गई है।
👉 इसलिए अध्यक्ष एवं सदस्यों को केवल राष्ट्रपति के आदेश से ही हटाया जा सकता है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

राज्यपाल द्वारा नियुक्त किये जाने वाले राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की अनुशंसा करने वाली समिति में निम्नलिखित में से कौन शामिल होते हैं ? 

1. मुख्यमंत्री 

2. गृह विभाग के प्रभारी मंत्री 

3. विधान सभा में विपक्ष के नेता 

4. विधान सभा अध्यक्ष 

5. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  

[कनिष्ठ अनुदेशक (फिटर) 20.11.2024]

  • 1, 2, 3 और 4 

  • 1, 2 और 5 

  • सभी 1, 2, 3, 4 और 5 

  • 1, 2 और 3 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), गृह विभाग के प्रभारी मंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता, तथा विधानसभा के अध्यक्ष सदस्य होते हैं।
👉 जिन राज्यों में विधान परिषद होती है, वहाँ सभापति और परिषद में विपक्ष के नेता भी सदस्य रहते हैं।
👉 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस समिति के सदस्य नहीं होते, उनसे केवल परामर्श उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति के समय लिया जाता है। 

✍️ सही उत्तर है – 1, 2, 3 और 4 

निम्नलिखित में से कौन सा कथन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के बारे में सही नहीं है ? 

[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]

  • अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश होता है। 

  • अध्यक्ष व अन्य सदस्यों की नियुक्ति गवर्नर द्वारा की जाती है

  • यह एक बहु सदस्यीय निकाय है जिसमें अध्यक्ष व दो अन्य सदस्य होते हैं। 

  • अन्य सदस्य उच्च न्यायालय अथवा जिला न्यायालय के न्यायाधीश अथवा मेजिस्ट्रेट हों अथवा रहे हों । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद पर केवल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ही नियुक्त किया जा सकता है।
👉 आयोग की संरचना में एक अध्यक्ष तथा दो सदस्य शामिल होते हैं, जैसा कि मानव अधिकार संरक्षण (संशोधित) अधिनियम, 2006 में प्रावधान है।
👉 अधिनियम की धारा 21(2) के अनुसार, अध्यक्ष उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा हो तो ही पात्र होता है।
👉 अतः यह कथन कि आयोग का अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश होता है, गलत है।
👉 आयोग की संरचना का उद्देश्य उसकी स्वायत्तता, योग्यता और न्यायिक निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश होता है। 

राज्य मानवाधिकार आयोग का कौन-सा कार्य नहीं है ? (निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:)  

[CET (10+2) 22.10.2024 प्रथम चरण]

  • मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को हतोत्साहित करना। 

  • मानवाधिकार के क्षेत्र में अनुसंधान करना और बढ़ावा देना। 

  • जेलों का दौरा करना और कैदियों की जीवन स्थिति का अध्ययन करना। 

  • लोगों के बीच मानवाधिकार साक्षरता का प्रसार करना। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है।
👉 आयोग मानवाधिकार उल्लंघन की जाँच, जनजागरूकता, और शोध व सिफारिशें जैसे कार्य करता है।
👉 आयोग का एक प्रमुख कार्य है — गैर-सरकारी संगठनों एवं संस्थाओं के प्रयासों को प्रोत्साहित करना।
👉 अतः आयोग का कार्य इन संगठनों को हतोत्साहित करना नहीं, बल्कि उनके प्रयासों को सहयोग देना है।
👉 इसलिए यह कथन आयोग के उद्देश्यों के विपरीत और असत्य है।

✍️ सही उत्तर है – मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को हतोत्साहित करना। 

RSHRC के अध्यक्ष की नियुक्ति _________की जाती है। 

[पटवार (द्वितीय चरण) 23.10.2021]

  • राष्ट्रपति की स्वीकृति लेने के बाद राज्यपाल द्वारा 

  • मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल द्वारा

  •  सोच-समझकर राज्यपाल द्वारा

  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसा पर राज्यपाल द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति एक समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं।
👉 समिति में विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, और विधानसभा में विपक्ष के नेता सदस्य होते हैं।
👉 यह समिति अपनी संस्तुति राज्यपाल को भेजती है, जिसके आधार पर राज्यपाल नियुक्ति करते हैं।
👉 यह प्रक्रिया आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्धारित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसा पर राज्यपाल द्वारा 

मानवाधिकार (संशोधन) अधिनियम 2006 के अनुसार राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्यों की संख्या कितनी है ? 

[JEN विद्युत डिप्लोमा 08.02.2025]

  • 5 

  • 7 

  • 2 

  • 3 

🔹 व्याख्या

👉 मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग की संरचना में परिवर्तन किया गया।
👉 संशोधन से पहले आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होते थे।
👉 संशोधन के बाद आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य रखने का प्रावधान किया गया।
👉 यह संशोधन आयोग की कार्यक्षमता और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था।
👉 अतः संशोधित अधिनियम 2006 के अनुसार आयोग में दो सदस्य होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 2 

निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए चयन समिति का सदस्य नहीं है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ICT) 04.01.2025]

  • विधानसभा अध्यक्ष 

  • राज्य का गृहमंत्री 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति एक समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता सदस्य होते हैं।
👉 जहाँ विधान परिषद होती है, वहाँ सभापति और परिषद में विपक्ष के नेता भी सदस्य बनाए जाते हैं।
👉 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस समिति के सदस्य नहीं होते, बल्कि उनसे केवल परामर्श न्यायाधीश की नियुक्ति के समय लिया जाता है।
👉 इसलिए चयन समिति में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

[कनिष्ठ अनुदेशक (पलम्बर) 08.01.2025]

  • राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष 4 वर्ष की अवधि के लिये नियुक्त होते हैं । 

  • राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य 60 वर्ष की आयु तक पद पर बने रह सकते हैं। 

  • सदस्य व अध्यक्ष अधिकतम 65 वर्ष की आयु तक पद पर बने रह सकते हैं। 

  • राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य पदावधि समाप्त होने पर पुनः नियुक्त हो सकते हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल का उल्लेख धारा 24 में किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार, सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तारीख से 3 वर्ष की अवधि तक पद पर रह सकता है।
👉 सदस्य को पुनः पाँच वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त किया जा सकता है, परंतु 70 वर्ष की आयु के बाद वह पद पर नहीं रह सकता।
👉 यह प्रावधान आयोग में अनुभव और निरंतरता बनाए रखने के लिए किया गया है।
👉 इसलिए यह कथन पूर्णतः सही और विधिसम्मत है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य पदावधि समाप्त होने पर पुनः नियुक्त हो सकते हैं। 

निम्नलिखित में से किसने राज्य मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं किया ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (सुईंग) 09.01.2025]

  • जगतसिंह 

  • प्रकाश टांटिया 

  • महेश चन्द्र शर्मा 

  • एच. आर. कुड़ी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में अब तक कई कार्यवाहक अध्यक्ष रह चुके हैं।
👉 इनमें एल. एल. जोशी, बी. एल. रावत, एस. सी. सिंगारिया, एस. एस. टाक, एच. एन. मीना, आर. डी. सैनी, शिव सिंह राठौड़, जसवंत सिंह राठी तथा कैलाश चंद्र मीणा शामिल हैं।
👉 इन सभी ने विभिन्न अवधियों में आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।
👉 जस्टिस प्रकाश टाटिया आयोग के पूर्णकालिक अध्यक्ष रहे, न कि कार्यवाहक।
👉 अतः उन्होंने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं किया।

✍️ सही उत्तर है – प्रकाश टाटिया 

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (प्रक्रिया) विनियम, 2001 के अनुसार निम्नलिखित में से किस प्रकार की शिकायतें आमतौर पर स्वीकार नहीं की जाती हैं ? [*]

I. दीवानी विवाद जैसे कि सम्पत्ति अधिकार, संविदात्मक बाध्यता संबंधी मामले। 

II. मामला किसी अदालत या न्यायाधिकरण के समक्ष विचाराधीन हो। 

III. वे घटनाएँ जिनके घटित होने के छः माह बाद शिकायत की गई हो। 

(निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)  

कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर प्रयो.) 16.11.2024

  • I, II और III 

  • केवल II 

  • केवल I और II 

  • केवल I 

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति एक उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर राज्यपाल द्वारा की जाती है। इस समिति के अध्यक्ष होते हैं : 

[पटवार (तृतीय चरण) 24.10.2021]

  • मुख्यमंत्री 

  •  सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

  •  राज्य विधान मण्डल के अध्यक्ष 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति एक उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर की जाती है।
👉 इस समिति का अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होता है।
👉 समिति में अन्य सदस्य के रूप में विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता शामिल रहते हैं।
👉 जिन राज्यों में विधान परिषद होती है, वहाँ सभापति और परिषद में विपक्ष के नेता भी सदस्य होते हैं।
👉 इस समिति की अनुशंसा पर ही राज्यपाल द्वारा नियुक्ति की जाती है जिससे आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनी रहती है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

राज्य मानवाधिकार आयोग केवल निम्नलिखित विषयों के संबंध में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच कर सकता है:- 

[JEN CIVIL कृषि 07.02.2025]

  • राज्य सूची (सूची II) और समवर्ती सूची (सूची III) 

  • संघ सूची (सूची I) और समवर्ती सूची (सूची III) 

  • संघ सूची (सूची I), राज्य सूची (सूची II) और समवर्ती सूची (सूची III) 

  • संघ सूची (सूची I) और राज्य सूची (सूची II) 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग की शक्तियाँ धारा 21(5) में निर्दिष्ट हैं।
👉 इसके अनुसार आयोग केवल उन मामलों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जाँच कर सकता है जो भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-II (राज्य सूची) और सूची-III (समवर्ती सूची) से संबंधित हों।
👉 इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयोग केवल राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र के विषयों पर ही कार्रवाई करे।
👉 संघ सूची (सूची-I) से संबंधित मामलों पर आयोग को कोई अधिकार नहीं होता।
👉 अतः आयोग केवल राज्य सूची और समवर्ती सूची के विषयों पर जाँच कर सकता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सूची (सूची II) और समवर्ती सूची (सूची III) 

राज्य मानव अधिकार आयोग अपना वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है : 

[CET (10+2 प्रथम चरण) 04.02.2023]

  • उच्च न्यायालय को 

  • राज्य सरकार को 

  • राज्य के महाधिवक्ता को 

  • राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग अपना वार्षिक प्रतिवेदन (Annual Report) राज्यपाल को प्रस्तुत करता है।
👉 इस विषय का उल्लेख अनुच्छेद 323 में किया गया है।
👉 राज्यपाल इस प्रतिवेदन को राज्य विधानसभा के समक्ष रखवाता है, जिससे आयोग के कार्यों की समीक्षा की जा सके।
👉 यह प्रक्रिया आयोग की जवाबदेही और पारदर्शिता को बनाए रखने हेतु की जाती है।
👉 प्रतिवेदन में आयोग द्वारा किए गए जांच, सिफारिशें और मानवाधिकार संरक्षण संबंधी कार्य सम्मिलित होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल को 

राज्य मानव अधिकार आयोग का अध्यक्ष कब तक पद पर बना रहता है ? [*]

[कनिष्ठ अनुदेशक (कंप्यूटर) 10.01.2025]

  • अपनी नियुक्ति की तारीख से 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक 

  • अपनी नियुक्ति की तारीख से 5 साल या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक 

  • जब तक वह 70 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेता

  • केवल पाँच वर्ष के लिए 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

सबसे उपयुक्त उत्तर के साथ रिक्त स्थान को भरें : 

राज्य मानवाधिकार आयोग केवल भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के___________से संबंधित मामलों में मानव अधिकारों के उल्लंघन की जाँच कर सकता है।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (रोजगार) 18.11.2024]

  • सूची II (राज्य सूची) और सूची III (समवर्ती सूची) 

  • सूची III (समवर्ती सूची) 

  • सूची I (संघ सूची) 

  • सूची II (राज्य सूची) 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग की शक्तियों का उल्लेख धारा 21(5) में किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार, आयोग केवल उन मामलों की जाँच कर सकता है जो भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची–II (राज्य सूची) और सूची–III (समवर्ती सूची) से संबंधित हों।
👉 इसका उद्देश्य यह है कि आयोग केवल राज्य सरकार से संबंधित विषयों पर ही कार्यवाही करे।
👉 केंद्र सूची (संघ सूची) के विषय आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर होते हैं। 

✍️ सही उत्तर है – सूची II (राज्य सूची) और सूची III (समवर्ती सूची) 

मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार राजस्थान का राज्य मानवाधिकार आयोग एक बहुसदस्यीय निकाय है, जिसमें शामिल हैं: 

[JEN यांत्रिक विद्युत 06.02.2025]

  • एक अध्यक्ष और एक सदस्य 

  • एक अध्यक्ष और दो सदस्य

  • एक अध्यक्ष और छह सदस्य 

  • एक अध्यक्ष और पांच सदस्य 

🔹 व्याख्या

👉 मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग की संरचना में संशोधन किया गया।
👉 संशोधित अधिनियम के तहत आयोग को एक बहुसदस्यीय निकाय के रूप में परिभाषित किया गया।
👉 इसमें एक अध्यक्ष और दो सदस्य शामिल किए गए हैं।
👉 अध्यक्ष वह व्यक्ति होता है जो उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा हो, जबकि सदस्य मानवाधिकारों के क्षेत्र में ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले व्यक्ति होते हैं।
👉 इस संशोधन का उद्देश्य आयोग की दक्षता, संतुलन और प्रतिनिधित्व को सुदृढ़ करना था।

✍️ सही उत्तर है – एक अध्यक्ष और दो सदस्य 

राज्य मानवाधिकार आयोग का सचिव किस स्तर का अधिकारी होता है ?  

[कनिष्ठ अनुदेशक (ड्राइंग) 20.11.2024]

  • जिला मजिस्ट्रेट के स्तर का 

  • पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर का 

  • राज्य सरकार के सचिव स्तर का 

  • जिला कलेक्टर स्तर का 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग में कार्य संचालन हेतु एक सचिव पद का प्रावधान है।
👉 अधिनियम की धारा 21(3) के अनुसार, आयोग का सचिव उसका मुख्य कार्यपालक अधिकारी होता है।
👉 यह पद राज्य सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा भरा जाता है।
👉 सचिव आयोग के प्रशासनिक, वित्तीय तथा कार्यपालन कार्यों की सम्पूर्ण निगरानी करता है।
👉 यह व्यवस्था आयोग की संरचनात्मक दक्षता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सरकार के सचिव स्तर का  

आयोग में कार्य संचालन हेतु 'राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ( प्रक्रिया) विनियम, ________बनाए हैं।  

[कनिष्ठ अनुदेशक (कोस्मेटो) 08.01.2025]

  • 2003 

  • 2002  

  • 2001 

  • 2000 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के कार्य संचालन और प्रक्रियाओं को निर्धारित करने हेतु विशेष विनियम बनाए गए हैं।
👉 इन विनियमों का नाम है — “राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (प्रक्रिया) विनियम, 2001”।
👉 इनके अंतर्गत आयोग की बैठकें, परिवादों की सुनवाई, तथा शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
👉 इन विनियमों के माध्यम से आयोग के कार्यों में पारदर्शिता, नियमितता और दक्षता सुनिश्चित की जाती है।
👉 अतः कार्य संचालन हेतु आयोग ने सन् 2001 में यह विनियम बनाए।

✍️ सही उत्तर है – 2001 

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को केवल किसके द्वारा हटाया जा सकता है ? 

[Patwar Exam (Shift I) 17.08.2025]

  • राज्यपाल 

  • मुख्यमंत्री 

  • गृह मंत्री 

  • राष्ट्रपति 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता है।
👉 हटाने की कार्यवाही आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार स्तर पर रखी गई है।
👉 राज्य सरकार या राज्यपाल अध्यक्ष को स्वयं नहीं हटा सकते। 

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा सही है ? 

[JEN (Diploma) 06.02.2025]

  • आयोग अक्टूबर 2000 से कार्यात्मक हुआ । 

  • इसका गठन 18-01-1999 को राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना द्वारा किया गया था ।

  • राजस्थान मानवाधिकार आयोग में एक अध्यक्ष और 3 सदस्य हैं। 

  • इसके एक अध्यक्ष भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन राजस्थान सरकार द्वारा 18 जनवरी 1999 को एक अधिसूचना जारी कर किया गया था।
👉 यह गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत किया गया।
👉 आयोग मार्च 2000 से क्रियाशील हुआ और राज्य में मानवाधिकारों के संरक्षण व संवर्धन का कार्य प्रारंभ किया।
👉 प्रारंभ में आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य शामिल थे।
👉 इस प्रकार आयोग का गठन 18 जनवरी 1999 की अधिसूचना के माध्यम से हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – इसका गठन 18-01-1999 को राजस्थान सरकार द्वारा जारी अधिसूचना द्वारा किया गया था। 

वर्तमान में राजस्थान मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष कौन हैं ?  

[CET (स्नातक) 28.09.2024 चतुर्थ चरण]

  • न्यायमूर्ति एन.के. जैन 

  • न्यायमूर्ति गंगा राम मूलचंदानी 

  • न्यायमूर्ति श्री रामचंद्र सिंह झाला 

  • न्यायमूर्ति प्रकाश तातिया 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान मानवाधिकार आयोग के वर्तमान अध्यक्ष न्यायमूर्ति जी. आर. मूलचंदानी हैं।
👉 इन्हें राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा 27 जून 2024 को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया।
👉 इनका कार्यकाल पद ग्रहण की तिथि से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु, इनमें से जो पहले हो, तक रहेगा।
👉 आयोग के अन्य सदस्य के रूप में अशोक गुप्ता (सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी) कार्यरत हैं।
👉 आयोग राज्य में मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए कार्य करता है।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति जी. आर. मूलचंदानी 

राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है ? 

[CET (स्नातक) 27.09.2024 प्रथम चरण]

  • 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो

  • 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो 

  • 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो 

  • 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक जो भी पहले हो 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल अधिनियम की धारा 24 में वर्णित है।
👉 इसके अनुसार अध्यक्ष अपना पद ग्रहण करने की तारीख से 3 वर्ष तक या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, इनमें से जो पहले हो, पद पर बना रहता है।
👉 वहीं, सदस्य भी 3 वर्ष तक पद पर रह सकता है और उसे पुनः नियुक्त किया जा सकता है, परंतु 70 वर्ष की आयु के बाद पद पर नहीं रह सकता।
👉 यह प्रावधान आयोग के कार्य में निरंतरता और अनुभव को सुनिश्चित करता है।
👉 अतः आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो 

निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सत्य है ? 

कथन - I : राजस्थान राज्य सरकार ने राज्य मानवाधिकार आयोग के गठन के लिए 18 जनवरी, 1999 को एक अधिसूचना जारी की थी । 

कथन - II : राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में मानव अधिकार सरंक्षण (संशोधित) अधिनियम, 2006 के प्रावधान के अनुसार एक अध्यक्ष और दो सदस्य हैं।

[कनिष्ठ अनुदेशक  (Drafts) 04.01.2025]

  • केवल कथन II सही है। 

  • दोनों कथन I और II सही हैं । 

  • न तो कथन I और न ही कथन II सही है। 

  • केवल कथन I सही है । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सरकार ने 18 जनवरी 1999 को एक अधिसूचना जारी कर राज्य मानवाधिकार आयोग के गठन की घोषणा की थी।
👉 आयोग मार्च 2000 से क्रियाशील हुआ और इसमें प्रारंभ में एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य थे।
👉 मानव अधिकार संरक्षण (संशोधित) अधिनियम, 2006 के अनुसार आयोग की संरचना में संशोधन किया गया।
👉 संशोधित प्रावधान के अनुसार आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य रखे गए।
👉 अतः दोनों कथन I और II पूर्णतः सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – दोनों कथन I और II सही हैं। 

निम्नलिखित में से राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा ग्रहण करने योग्य परिवाद कौन-सा है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) 

[कनिष्ठ अनुदेशक (वेल्डर) 07.01.2025]

  • एक वर्ष से अधिक पुराने प्रकरण।

  • जिसमें दस्तावेज की खोज एवं प्रस्तुति शामिल हो।

  • आरोप जो किसी लोक सेवक के विरुद्ध नहीं हो।

  • श्रम या औद्योगिक विवादों से संबंधित मामले।

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग को शिकायतों की जाँच के दौरान सिविल न्यायालय जैसी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
👉 इन शक्तियों में साक्षियों को बुलाना, हलफनामों पर साक्ष्य लेना, तथा दस्तावेजों की खोज और प्रस्तुति शामिल है।
👉 आयोग किसी भी व्यक्ति या संस्था से संबंधित अभिलेख या दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है।
👉 यह अधिकार आयोग को धारा 21 के अंतर्गत दी गई शक्तियों के रूप में प्राप्त है।
👉 अतः वह परिवाद, जिसमें दस्तावेज की खोज एवं प्रस्तुति शामिल हो, आयोग द्वारा ग्रहण करने योग्य है।

✍️ सही उत्तर है – जिसमें दस्तावेज की खोज एवं प्रस्तुति शामिल हो। 

निम्न में से कौन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग की पहली महिला अध्यक्ष थी ? 

[CET (10+2 षष्टम चरण) 11.02.2023]

  • ललिता कुमारमंगलम् 

  • कान्ता भटनागर 

  • जयन्ती पटनायक 

  • इनमें से कोई भी नहीं

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन 18 जनवरी 1999 को किया गया था और यह मार्च 2000 से क्रियाशील हुआ।
👉 इस आयोग की प्रथम अध्यक्ष के रूप में जस्टिस सुश्री कान्ता भटनागर को नियुक्त किया गया था।
👉 वे 23 मार्च 2000 से 11 अगस्त 2000 तक आयोग की अध्यक्ष पद पर रहीं।
👉 कान्ता भटनागर राजस्थान उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रही हैं और उन्होंने आयोग की स्थापना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में प्रारंभिक कार्यवाही आरंभ की।

✍️ सही उत्तर है – कान्ता भटनागर 

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को कौन हटा सकता है ? 

[JEN विद्युत डिग्री 07.02.2025]

  • मुख्यमंत्री 

  • राष्ट्रपति 

  • राज्यपाल 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की प्रक्रिया का प्रावधान धारा 23 में किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार, केवल राष्ट्रपति ही आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को पद से हटा सकते हैं।
👉 हटाने से पूर्व उच्चतम न्यायालय द्वारा जाँच कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि व्यक्ति कदाचार या अयोग्यता का दोषी है।
👉 यह प्रक्रिया आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए निर्धारित की गई है।
👉 अतः राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को राष्ट्रपति के आदेश से ही हटाया जा सकता है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

कथन 1 : राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है।

कथन 2 : राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को राज्यपाल द्वारा हटाया जा सकता है। 

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। 

[JEN (Civil Diploma) 11.02.2025]

  • कथन 1 और कथन 2 दोनों असत्य हैं 

  • कथन 1 और कथन 2 दोनों सत्य हैं 

  • कथन 1 सत्य है लेकिन कथन 2 असत्य है 

  • कथन 1 असत्य है लेकिन कथन 2 सत्य है 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा नहीं, बल्कि राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 राज्यपाल यह नियुक्ति मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसा पर करते हैं।
👉 वहीं, आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने का अधिकार भी राज्यपाल को नहीं, बल्कि राष्ट्रपति को प्राप्त है।
👉 हटाने की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच के बाद राष्ट्रपति के आदेश से की जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – कथन 1 और कथन 2 दोनों असत्य हैं 

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है जिसमें कौन शामिल नहीं होता है? 

[CET (स्नातक) (चरण -I) 07.01.2023]

  • विधानसभा अध्यक्ष

  • विधानसभा का विपक्ष का नेता 

  • उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
👉 इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा के अध्यक्ष, गृह विभाग के मंत्री, तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।
👉 जिन राज्यों में विधान परिषद होती है, वहाँ सभापति और विपक्ष के नेता भी सदस्य रहते हैं।
👉 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस समिति के सदस्य नहीं होते, बल्कि उनसे परामर्श केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति के समय लिया जाता है।
👉 इसलिए समिति में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश