राजस्थान राज्य में जिलाधीश के पद पर नियुक्ति की जाती है :
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]
👉 जिलाधीश (District Collector) जिले का मुख्य प्रशासनिक एवं कार्यकारी अधिकारी होता है, जो विभिन्न विभागों के कार्यों का समन्वय करता है।
👉 इस पद पर ऐसे अधिकारी की आवश्यकता होती है जो राजस्व, कानून-व्यवस्था, विकास एवं आपदा प्रबंधन सभी क्षेत्रों में दक्ष हो।
👉 इसलिए राजस्थान राज्य में जिलाधीश के पद पर नियुक्ति एक सामान्यज्ञ प्रशासक (Generalist Administrator) के रूप में की जाती है।
👉 वह जिले का सर्वांगीण समन्वयक और नीति क्रियान्वयन का प्रमुख अधिकारी होता है।
✍️ सही उत्तर है – एक सामान्यज्ञ प्रशासक की
निम्नांकित में से कौन से कर्तव्यों का निर्वहन 'जिला कलक्टर द्वारा किया जाता है ?
(A) सरकारी भूमि का उचित प्रबन्धन
(B) भू-राजस्व की वसूली
(C) भू-अभिलेख तैयार करना
सही उत्तर है :
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 जिला कलेक्टर जिले का मुख्य राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो भूमि और राजस्व से संबंधित सभी कार्यों का दायित्व निभाता है।
👉 वह सरकारी भूमि का उचित प्रबन्धन, भू-राजस्व की वसूली तथा भूमि अभिलेखों की तैयारी व संधारण का कार्य करता है।
👉 इन कार्यों के माध्यम से वह जिले में राजस्व व्यवस्था की स्थिरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
👉 अतः ये तीनों कर्तव्य — (A), (B) एवं (C) — जिला कलेक्टर द्वारा ही किए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B) एवं (C)
संविधान के कौन से अनुच्छेद अधीनस्थ न्यायालयों से संबंधित हैं ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 भारतीय संविधान में अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) से संबंधित प्रावधान राज्यों के न्यायिक ढाँचे के अंतर्गत किए गए हैं।
👉 इन न्यायालयों का गठन और नियंत्रण राज्यपाल द्वारा किया जाता है, तथा नियुक्तियाँ उच्च न्यायालय की परामर्श से होती हैं।
👉 अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना, अधिकारों और नियुक्तियों से जुड़े प्रावधान अनुच्छेद 233 से 237 में वर्णित हैं।
👉 इन अनुच्छेदों के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, अधीनस्थ न्यायपालिका की सेवा शर्तें और नियंत्रण व्यवस्था निर्धारित की गई है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 233 से 237
किस अधिनियम द्वारा जिला कलेक्टर को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया ?
[Protection Officer 28.01.2023]
👉 जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (District Disaster Management Authority) का गठन जिले में आपदाओं की रोकथाम, नियंत्रण और राहत कार्यों के समन्वय हेतु किया गया है।
👉 इस प्राधिकरण का उद्देश्य आपदा प्रबंधन से संबंधित नीतियों व योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करना है।
👉 आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला कलेक्टर को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया।
👉 यह प्राधिकरण राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में कार्य करता है।
✍️ सही उत्तर है – आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
निम्न में से कौन सा एक कार्य जिलाधीश द्वारा मजिस्ट्रेट के रूप में किए गए कार्यों में शामिल नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 03.07.2019]
👉 जिलाधीश (District Collector) जब मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करता है, तो उसका मुख्य दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और पुलिस पर नियंत्रण रखना होता है।
👉 वह विदेशियों के पारपत्रों की जाँच, जेलों का निरीक्षण तथा अपराध निवारक प्रकरणों की सुनवाई करता है।
👉 इसके अतिरिक्त वह वार्षिक अपराध प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत करता है।
👉 कोषागार एवं उपकोषागार का पर्यवेक्षण उसका कार्य नहीं है, यह कार्य वह राजस्व अधिकारी के रूप में करता है, न कि मजिस्ट्रेट के रूप में।
✍️ सही उत्तर है – कोषागार एवं उपकोषागार का पर्यवेक्षण
जिला महिला सहायता समिति की अध्यक्षता करता है -
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 जिला महिला सहायता समिति का गठन जिले में महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और उत्थान से संबंधित योजनाओं की निगरानी हेतु किया जाता है।
👉 यह समिति महिला सशक्तिकरण, संरक्षण तथा सहायता कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य करती है।
👉 समिति में जिला स्तरीय अधिकारी, महिला प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता सम्मिलित होते हैं।
👉 इस समिति की अध्यक्षता जिला प्रमुख करते हैं, जो जिले में महिला कल्याण से जुड़ी गतिविधियों का मार्गदर्शन और समन्वय करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – जिला प्रमुख
निम्नलिखित में से किसे जिले में प्रमुख जनगणना अधिकारी माना जाता है ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 जनगणना कार्य प्रत्येक जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व होता है, जिसमें जनसंख्या, परिवार एवं सामाजिक-आर्थिक आँकड़ों का संकलन किया जाता है।
👉 इस कार्य की सफलता के लिए जिला स्तर पर मुख्य समन्वयक और पर्यवेक्षक की आवश्यकता होती है।
👉 जिला कलेक्टर को जिले का प्रमुख जनगणना अधिकारी माना जाता है, जो संपूर्ण जनगणना कार्य का नियंत्रण और पर्यवेक्षण करता है।
👉 वह सभी उपखण्ड व तहसील अधिकारियों के माध्यम से यह कार्य संपन्न कराता है।
✍️ सही उत्तर है – जिला कलेक्टर
निम्नांकित में से कौन 'जिला आयोजन समिति' के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 जिला योजना समिति (District Planning Committee) जिले की विकास योजनाओं और परियोजनाओं के समन्वय के लिए गठित की जाती है।
👉 यह समिति स्थानीय निकायों की योजनाओं को एकीकृत कर जिले के समग्र विकास की दिशा में कार्य करती है।
👉 समिति में निर्वाचित प्रतिनिधि, अधिकारी एवं विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं जो योजनाओं की प्राथमिकताएँ तय करते हैं।
👉 इस समिति का अध्यक्ष जिला परिषद का प्रमुख होता है, जो योजनाओं की समीक्षा, मार्गदर्शन एवं अनुमोदन का कार्य करता है।
✍️ सही उत्तर है – जिला परिषद का प्रमुख
भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद जिला योजना समिति के गठन का उल्लेख करता है ?
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 14.12.2020]
👉 जिला योजना समिति (District Planning Committee) का उद्देश्य जिले की समग्र विकास योजना का मसौदा तैयार करना और स्थानीय निकायों की योजनाओं का समेकन करना है।
👉 यह समिति संविधान के प्रावधानों के अनुसार जिला स्तर पर गठित की जाती है।
👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243 य घ (243 ZD) जिला योजना समिति के गठन, संरचना और कार्यों से संबंधित है।
👉 यह अनुच्छेद 74वें संविधान संशोधन, 1992 के अंतर्गत जोड़ा गया था।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 य घ (243 ZD)
निम्नलिखित में से कौन जिला स्तर पर आपदा निवारण तथा राहत उपायों के लिए उत्तरदायी है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]
👉 जिलाधीश (District Collector) जिले का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है, जो प्रशासन के सभी प्रमुख कार्यों का संचालन करता है।
👉 वह आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास कार्यों का समन्वय करता है ताकि किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके।
👉 जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में जिलाधीश राहत उपायों की पूरी जिम्मेदारी संभालता है।
👉 उसके निर्देशन में सभी विभागीय अधिकारी आपदा निवारण और राहत कार्यों को संपादित करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – जिलाधीश
जिला दण्डनायक के रूप में जिला कलेक्टर की शक्तियाँ हैं
A. कानून व व्यवस्था बनाए रखना |
B. पुलिस पर नियन्त्रण रखना ।
C. विदेशियों के पारपत्रों की जाँच करना ।
D. भू-राजस्व एकत्र करना ।
कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
[RAS Pre. 28.08.2016]
कूट :
👉 जिला कलेक्टर जब जिला दण्डनायक (District Magistrate) के रूप में कार्य करता है, तो उसका मुख्य दायित्व कानून और व्यवस्था बनाए रखना होता है।
👉 इस भूमिका में वह पुलिस विभाग पर नियंत्रण रखता है तथा विदेशियों के पारपत्रों की जाँच जैसी प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ निभाता है।
👉 वह जिले में शान्ति, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
👉 भू-राजस्व का एकत्रण उसका राजस्व अधिकारी के रूप में कार्य होता है, दण्डनायक के रूप में नहीं।
✍️ सही उत्तर है – A, B, C
निम्नलिखित में से कौन -सा एक राजस्थान में जिलाधीश का अर्ध-न्यायिक कार्य है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]
👉 जिलाधीश (District Collector) जिले का मुख्य राजस्व अधिकारी होता है, जो प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ कुछ अर्ध-न्यायिक कार्य भी करता है।
👉 वह भू-राजस्व विवादों के निस्तारण, भूमि अभिलेखों के सुधार तथा राजस्व अपीलों की सुनवाई जैसे मामलों में अर्ध-न्यायिक अधिकारों का प्रयोग करता है।
👉 इन कार्यों में वह न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्णय देता है।
👉 अतः भू-राजस्व प्रशासन जिलाधीश का प्रमुख अर्ध-न्यायिक कार्य है।
✍️ सही उत्तर है – भू-राजस्व प्रशासन
जिला आयोजन समिति में निर्वाचित व पदेन सदस्य कितने होते हैं ?
[RAS Pre. 28.08.2016]
👉 भारतीय संविधान में जिला योजना समिति के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243ZD के अंतर्गत किया गया है। 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से संविधान में शामिल किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – 20 और 3
जिला प्रशासन में एक तहसीलदार का प्रधान कार्य होता है
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 03.07.2019]
👉 तहसीलदार जिला प्रशासन की राजस्व शाखा का प्रमुख अधिकारी होता है, जो तहसील स्तर पर राजस्व संबंधी सभी कार्यों का संचालन करता है।
👉 वह भूमि अभिलेखों का रख-रखाव, राजस्व वसूली तथा भू-संपत्ति से संबंधित विवादों के निस्तारण की जिम्मेदारी निभाता है।
👉 तहसीलदार के अधीन पटवारी एवं अन्य राजस्व कर्मचारी कार्य करते हैं।
👉 अतः तहसीलदार का प्रधान कार्य भू-राजस्व प्रशासन है।
✍️ सही उत्तर है – भू-राजस्व प्रशासन
निम्नांकित में से किन जिलों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था विद्यमान है ?
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
👉 राजस्थान में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी और त्वरित रूप से लागू करना है।
👉 इस प्रणाली में पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police) को प्रशासनिक एवं कार्यकारी शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं।
👉 कमिश्नरेट प्रणाली में पुलिस अधीक्षक (S.P.) को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की स्वायत्तता मिलती है।
👉 वर्तमान में यह व्यवस्था जयपुर और जोधपुर जिलों में लागू है, जहाँ पुलिस प्रशासन सीधे कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत कार्य करता है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर और जोधपुर
राजस्थान में जिला परिषद सदस्य किसे संबोधित कर स्वहस्ताक्षरित लेख द्वारा अपने पद से त्यागपत्र दे सकता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 03.07.2019]
👉 जिला परिषद सदस्य जिला परिषद का निर्वाचित प्रतिनिधि होता है, जो पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों की योजनाओं के समन्वय में भूमिका निभाता है।
👉 यदि कोई सदस्य अपने पद से त्यागपत्र देना चाहता है, तो उसे स्वहस्ताक्षरित लेख द्वारा त्यागपत्र प्रस्तुत करना होता है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, सदस्य अपना त्यागपत्र जिला प्रमुख को संबोधित करता है।
👉 त्यागपत्र स्वीकार होने पर संबंधित सदस्य का पद रिक्त माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – जिला प्रमुख
राजस्थान में जिला आयोजना समिति का अध्यक्ष कौन बनता है ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 जिला योजना समिति (District Planning Committee) का गठन जिले के समग्र विकास योजनाओं के निर्माण और समन्वय के लिए किया जाता है।
👉 यह समिति स्थानीय निकायों की योजनाओं का एकीकरण कर जिले के संतुलित विकास की दिशा में कार्य करती है।
👉 राजस्थान में जिला योजना समिति में 25 सदस्य होते हैं जिनमें पंचायत राज संस्थाओं एवं नगर पालिकाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों से चुने जाते हैं, शेष पांच में से तीन पदेन होते हैं और दो सरकार द्वारा नामित होते हैं
✍️ सही उत्तर है – जिला प्रमुख
निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सही नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 03.07.2019]
👉 जिला कलेक्टर जिले का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो राजस्व, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का संचालन करता है।
👉 निर्वाचन के समय वह निर्वाचन कार्यों के पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन में सहयोग करता है, परन्तु संसदीय चुनावों में उसका पद मुख्य निर्वाचन अधिकारी का नहीं होता।
👉 संसदीय चुनावों की संपूर्ण प्रक्रिया का संचालन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर करता है।
👉 अतः यह कथन सही नहीं है कि जिला कलेक्टर संसदीय चुनाव में जिले का मुख्य निर्वाचक अधिकारी होता है।
✍️ सही उत्तर है – संसदीय चुनाव में जिला कलेक्टर जिले का मुख्य निर्वाचक अधिकारी होता है।
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार जिला स्थापन समिति का अध्यक्ष कौन होता है
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत जिला स्थापना समिति का गठन जिले में पंचायती संस्थाओं के कार्मिकों से संबंधित कार्यों की देखरेख हेतु किया गया है।
👉 यह समिति स्थानीय स्वशासन के कार्मिकों की नियुक्ति, पदस्थापन और स्थानांतरण से जुड़े निर्णय लेती है।
👉 समिति में जिला परिषद् के निर्वाचित प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।
👉 इस समिति की अध्यक्षता जिला प्रमुख करते हैं, जो समिति के सभी कार्यों का संचालन और निरीक्षण करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – जिला प्रमुख
राजस्थान में कुल कितनी जिला परिषद हैं ?
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 राजस्थान की प्रशासनिक संरचना में जिला स्तर पर जिला परिषद् ग्रामीण विकास की सबसे ऊँची इकाई होती है।
👉 प्रत्येक जिले में एक जिला परिषद् गठित की जाती है, जो जिले के ग्रामीण विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाती है।
👉 राजस्थान में कुल 33 जिले होने के कारण यहाँ कुल 33 जिला परिषदें कार्यरत हैं।
👉 प्रत्येक जिला परिषद् का संचालन जिला प्रमुख के नेतृत्व में किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 33
राजस्थान में जिला प्रमुख अपना त्यागपत्र संबोधित करता है :
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 2013]
👉 जिला प्रमुख जिला परिषद् का मुख्य निर्वाचित पदाधिकारी होता है, जो जिले में पंचायती राज संस्थाओं के कार्यों का संचालन एवं समन्वय करता है।
👉 वह जिला परिषद् की बैठकों की अध्यक्षता करता है और जिला स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी करता है।
👉 यदि जिला प्रमुख को त्यागपत्र देना हो, तो वह अपना त्यागपत्र संभागीय आयुक्त को संबोधित करता है।
👉 संभागीय आयुक्त द्वारा त्यागपत्र की स्वीकृति के बाद पद रिक्त माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – संभागीय आयुक्त
भारत के संविधान के उपबन्धों के अन्तर्गत प्रत्येक राज्य में जिला स्तर पर एक जिला योजना समिति का गठन किया जायेगा :
(i) जिले में पंचायतों द्वारा तैयार की गयी योजनाओं का समेकन करने के लिये ।
(ii) संपूर्ण जिले के लिये एक विकास योजना का प्रारूप तैयार करने के लिये ।
[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]
👉 जिला योजना समिति (District Planning Committee) का गठन संविधान के अंतर्गत जिले में विकास योजनाओं के प्रारूप को तैयार करने के उद्देश्य से किया जाता है।
👉 समिति का मुख्य कार्य संपूर्ण जिले के लिए विकास योजना का मसौदा तैयार करना है ताकि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों का संतुलित विकास हो सके।
👉 संविधान में इस समिति के गठन का उल्लेख अनुच्छेद 243 ZD में किया गया है।
👉 अतः कथन (i) असत्य है, जबकि कथन (ii) सही है क्योंकि समिति का कार्य पूरे जिले के लिए विकास योजना बनाना है।
✍️ सही उत्तर है – (i) असत्य है किन्तु (ii) सही है।
निम्न में कौन सा कार्य राजस्थान में जिला कलेक्टर से सम्बन्धित नहीं है ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 जिला कलेक्टर जिले का मुख्य प्रशासनिक, कार्यकारी एवं राजस्व अधिकारी होता है।
👉 वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने, राजस्व वसूली, आपदा प्रबंधन और विकास योजनाओं के समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है।
👉 निर्वाचन कार्यों में उसकी भूमिका केवल चुनावों के संचालन और पर्यवेक्षण तक सीमित होती है।
👉 स्थानीय स्वशासन निकायों के चुनावों की अधिसूचना जारी करना राज्य निर्वाचन आयोग का कार्य होता है, न कि जिला कलेक्टर का।
✍️ सही उत्तर है – स्थानीय स्वशासन के निकायों के चुनावों की अधिसूचना जारी करना।