राजस्थान राज्य का सबसे पुराना नगरीय निकाय स्थित है - 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • जोधपुर में 

  • बीकानेर में 

  • जयपुर में 

  • अजमेर में 

🔹 व्याख्या

👉 अजमेर शहर की स्थापना 11वीं सदी में चहमाण वंश के राजा अजयदेव (अजयपाल) ने की थी।
👉 इतिहासकार दशरथ शर्मा के अनुसार, अजमेर नाम का प्रथम उल्लेख पल्हा की पट्टावली में मिलता है।
👉 यह अभिलेख 1113 ईस्वी (1170 विक्रमी संवत्) में धारा में नकल किया गया था।
👉 इस प्रमाण से यह स्पष्ट होता है कि अजमेर की स्थापना लगभग 1113 ईस्वी में हुई थी।
👉 यह नगर राजस्थान राज्य का सबसे पुराना नगरीय निकाय अजमेर में स्थित है।

✍️ सही उत्तर है – अजमेर  

राज्य में प्रथम ग्राम न्यायालय की स्थापना कहाँ हुई?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • चौहटन में 

  • बस्सी में 

  • आसीन्द में

  • निवाई में 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान का पहला ग्राम न्यायालय जयपुर जिले के बस्सी कस्बे में स्थापित किया गया था।
👉 इसका उद्घाटन 27 नवंबर 2010 को किया गया।
👉 उद्घाटनकर्ता उस समय के केंद्रीय कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली थे।
👉 इस न्यायालय की स्थापना का उद्देश्य ग्राम स्तर पर सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना था।
👉 यह राजस्थान में न्यायिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी।

✍️ सही उत्तर है – बस्सी  

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(i) नगरीय निकाय चुनाव में एक उम्मीदवार द्वारा अधिकतम दो नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।
(ii)
नगरीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए, उम्मीदवार का नाम उस नगरपालिका के उसी वार्ड की मतदाता सूची में अंकित होना चाहिए जहाँ से वह चुनाव लड़ना चाहता है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं ?

[Asst. Prof. (Polity-I) 09.12.2025]

  • (i) और (ii) दोनों

  • न तो (i), न ही (ii)

  • केवल (ii)

  • केवल (i)

🔹 व्याख्या

👉 नामांकन पत्र की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
👉
इसलिए कथन (i) में दो नामांकन की सीमा गलत है।
👉
उम्मीदवार का नाम उसी वार्ड की मतदाता सूची में होना अनिवार्य नहीं है।
👉
इसलिए कथन (ii) भी गलत है।

✍️ सही उत्तर है – न तो (i), न ही (ii)

राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के निर्वाचन की विधिमान्यता के अवधारण से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(I) धारा 43 के अधीन अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का निर्वाचन नगरपालिका क्षेत्र पर क्षेत्रीय अधिकारिता रखने वाले जिला न्यायाधीश को प्रस्तुत निर्वाचन याचिका के सिवाय प्रश्नगत नहीं किया जायेगा।

(II) परन्तु जब किसी जिला न्यायाधीश को यथा-पूर्वोक्त रूप से कोई निर्वाचन याचिका प्रस्तुत की जाये, तब वह उसे लेखबद्ध कारणों से उच्च न्यायालय को सुनवाई तथा निपटारे के लिए अन्तरित कर सकेगा।

सही उत्तर का चयन कीजिए : 

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • (I) एवं (II) दोनों सही हैं।

  • केवल (I) सही है।

  • न तो (I), न ही (II) सही है।

  • केवल (II) सही है।

🔹 व्याख्या

👉 धारा 43 के अनुसार अध्यक्ष या उपाध्यक्ष के निर्वाचन की वैधता को केवल जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत निर्वाचन याचिका द्वारा ही चुनौती दी जा सकती है।
👉 इस प्रावधान के तहत किसी अन्य माध्यम से निर्वाचन की वैधता पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता, इसलिए कथन (I) सही है।
👉 कथन (II) गलत है, क्योंकि जिला न्यायाधीश को प्रस्तुत याचिका को उच्च न्यायालय को अंतरित करने का कोई अधिकार नहीं दिया गया है।
👉 कानून में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं कि जिला न्यायाधीश अपनी इच्छानुसार निर्वाचन याचिका उच्च न्यायालय को ट्रांसफर कर सके। 

✍️ सही उत्तर है – केवल (I) सही है 

वार्ड समितियों के गठन के लिए नगरपालिका की न्यूनतम जनसंख्या कितनी होनी चाहिए ? 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 14.12.2020]

  • तीन लाख 

  • पाँच लाख 

  • चार लाख 

  • दो लाख 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243S के अंतर्गत वार्ड समितियों के गठन का प्रावधान किया गया है।
👉 यह प्रावधान उन नगरपालिकाओं पर लागू होता है जिनकी जनसंख्या तीन लाख या उससे अधिक है।
👉 ऐसी नगरपालिकाओं में एक या अधिक वार्ड समितियाँ गठित की जाती हैं ताकि स्थानीय स्तर पर प्रशासन और विकास कार्यों का समन्वय हो सके।
👉 राज्य विधानमंडल को इन समितियों की संरचना, क्षेत्राधिकार और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 इन समितियों का उद्देश्य नगर निकायों में जनभागीदारी और विकेंद्रीकृत शासन को सशक्त बनाना है।

✍️ सही उत्तर है – तीन लाख 

नगरपालिकाओं की सदस्यता के लिए निरर्हताओं का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है ?

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 02.07.2017]

  • अनुच्छेद 243 फ

  • अनुच्छेद 243 न

  • अनुच्छेद 243 ब 

  • अनुच्छेद 243 प 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243 फ (243V) नगरपालिकाओं की सदस्यता के लिए निरर्हताओं (Disqualifications for Membership) से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद में यह प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति जो विधानमंडल के चुनाव हेतु अयोग्य है, वह नगरपालिका का सदस्य नहीं बन सकता।
👉 राज्य विधानमंडल को अधिकार दिया गया है कि वह अन्य निरर्हताओं के प्रावधान कानून द्वारा निर्धारित कर सके।
👉 इसका उद्देश्य नगरपालिकाओं में योग्य, निष्पक्ष और उत्तरदायी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
👉 अतः सदस्यता की निरर्हताओं का उल्लेख अनुच्छेद 243 फ (243V) में किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 फ (243V)

सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा सही कूट का चयन कीजिए 

        सूची-I (प्रावधान)               सूची-II (अनुच्छेद)

(a) राज्य निर्वाचन आयोग                 (i) अनुच्छेद 243 – ट 

(b) नगरपालिकाओं आदि की शक्तियां (ii) अनुच्छेद 243 - ब 

(c) नगरपालिकाओं का गठन            (iii) अनुच्छेद 243 - थ 

(d) नगरपालिकाओं की अवधि         (iv) अनुच्छेद 243 - प

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 17.10.2022]

कूट 

  • a-ii, b-ii, c-i, d - iv 

  • a-i, b-ii, c-iv, d-iii 

  • a-iv, b-iii, c-ii, d-i

  • a-i, b-ii, c-iii, d – iv 

🔹 व्याख्या

👉 भारत के संविधान में नगरपालिकाओं से संबंधित प्रावधान भाग IX-A में दिए गए हैं।
👉 इन अनुच्छेदों का क्रम और उनके विषय निम्न प्रकार है —

(a) राज्य निर्वाचन आयोग – अनुच्छेद 243 ट (243K)
(b) नगरपालिकाओं आदि की शक्तियाँ – अनुच्छेद 243 ब (243W)
(c) नगरपालिकाओं का गठन – अनुच्छेद 243 थ (243Q)
(d) नगरपालिकाओं की अवधि – अनुच्छेद 243 प (243U) 

✍️ सही उत्तर है – (a)–(i), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(iv)

नगरों के उस समूह को पहचानिए , जिसमें नगर निगम है :  

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]

  • जयपुर - झालावाड़ - भरतपुर  

  • बीकानेर - भरतपुर - उदयपुर  

  • कोटा - अलवर - जोधपुर  

  • जोधपुर - श्री गंगानगर - बांसवाडा  

🔹 व्याख्या

👉 बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर — ये तीनों शहर राजस्थान के नगर निगमों के अंतर्गत आते हैं।
👉 वर्तमान में राजस्थान में कुल 7 नगर निगम हैं — अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर।
👉 बीकानेर नगर निगम शहर के प्रशासन और विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है।
👉 भरतपुर नगर निगम भी नगर क्षेत्र की शासन व्यवस्था का संचालन करता है।
👉 उदयपुर नगर निगम का गठन वर्ष 1948 में किया गया था और यह शहर के प्रशासनिक एवं नागरिक विकास कार्यों की देखरेख करता है।

✍️ सही उत्तर है – बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर 

भारत के संविधान की 12वीं अनुसूची के अनुच्छेद 243 W के अनुसार नगरपालिकाओं का कौनसा विषय नहीं है ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • सड़कें और पुल 

  • अग्निशमन सेवायें 

  • जन्म–मरण सांख्यिकी 

  • बाजार और मेले 

  • संविधान के अनुच्छेद 243W (और 12वीं अनुसूची) के तहत नगर पालिकाओं को कार्य करने के लिए कुल 18 विषय (Subjects) दिए गए हैं। जिसे 74वें संविधान संशोधन के द्वारा 1993 में जोड़ा गया।

इनमें से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • नगरपालिकाओं की शक्तियाँ, – अनुच्छेद 243 ब प्राधिकार और उत्तरदायित्व 

  • नगरपालिकाओं की अवधि - अनुच्छेद 243 प 

  • नगरपालिकाओं की संरचना - अनुच्छेद 243 ख 

  • नगरपालिकाओं का गठन – अनुच्छेद 243 थ 

🔹 व्याख्या

👉 नगरपालिकाओं की संरचना (Composition of Municipalities) से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 243 द (243Q) में दिए गए हैं।
👉 जबकि अनुच्छेद 243 ख (243B) नगरपालिकाओं की स्थापना (Constitution of Municipalities) से संबंधित है।
👉 इसलिए “नगरपालिकाओं की संरचना – अनुच्छेद 243 ख” का युग्म सही सुमेलित नहीं है।
👉 यह युग्म विषय और अनुच्छेद दोनों के दृष्टिकोण से असंगत है।
👉 अतः नगरपालिकाओं की संरचना - अनुच्छेद 243 ख गलत सुमेलित युग्म है।

✍️ सही उत्तर है – नगरपालिकाओं की संरचना - अनुच्छेद 243 ख 

निम्नलिखित में से भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद नगरपालिकाओं को कर, शुल्क, पथ कर और फीसें उदगृहीत, संगृहीत और विनियोजित करने के लिए प्राधिकृत करता है ? 

[Protection Officer 28.01.2023]

  • अनुच्छेद 243 य

  • अनुच्छेद 243 म

  • अनुच्छेद 243 ब

  • अनुच्छेद 243 भ

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243 भ (243X) नगरपालिकाओं को कर, शुल्क, पथकर और फीसें उद्गृहीत, संग्रहीत और विनियोजित करने का अधिकार प्रदान करता है।
👉 इस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्य विधानमंडल नगरपालिकाओं को राजस्व प्राप्ति और व्यय से संबंधित अधिकार देता है।
👉 इसका उद्देश्य नगरपालिकाओं को वित्तीय रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
👉 इस प्रावधान से स्थानीय निकाय अपने विकास कार्यों और नागरिक सेवाओं को प्रभावी रूप से संचालित कर सकते हैं।
👉 अतः नगरपालिकाओं को कर एवं शुल्क लगाने का अधिकार अनुच्छेद 243 भ से प्राप्त होता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 भ (243X) 

भारत के संविधान के प्रावधानों के अनुसार महानगर योजना समिति का अध्यक्ष विकास योजना निम्नांकित में से किसे भेजता है ? 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • विकास आयुक्त को 

  • राज्य सरकार को 

  • विधानसभा को  

  • राज्यपाल को 

🔹 व्याख्या

👉 महानगरीय नियोजन समिति (MPC) का गठन संविधान के अनुच्छेद 243ZE के तहत किया जाता है।
👉 इसका उद्देश्य महानगरीय क्षेत्र के लिए प्रारूप विकास योजना (Draft Development Plan) तैयार करना होता है।
👉 समिति स्थानीय प्राधिकरणों और अन्य निकायों द्वारा तैयार की गई योजनाओं को एकीकृत और समन्वित करती है।
👉 समिति का अध्यक्ष प्रारूप विकास योजना को राज्य सरकार को अग्रेषित करता है ताकि उसे अनुमोदन प्राप्त हो सके।
👉 राज्य सरकार इन योजनाओं की समीक्षा, अनुमोदन और क्रियान्वयन का कार्य करती है तथा स्थानीय शासन संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर चलती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सरकार को 

राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत, किसी नगरपालिका में निर्वाचन हेतु न्यूनतम स्थानों / वार्डो की संख्या कितनी है (यथा दिनांक 1/6/2019 ) ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 03.07.2019]

  • 16

  • 19 

  • 13

  • 10

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 में नगरपालिकाओं की संरचना एवं निर्वाचन प्रक्रिया का विस्तृत प्रावधान है।
👉 अधिनियम के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका को वार्डों में विभाजित किया जाता है, जिनसे सदस्य चुने जाते हैं।
👉 संशोधित प्रावधान (दिनांक 1 जून, 2019 तक) के अनुसार, किसी नगरपालिका में निर्वाचन हेतु न्यूनतम 13 वार्ड होना अनिवार्य है।
👉 यह व्यवस्था नगरपालिका प्रशासन को संतुलित प्रतिनिधित्व और प्रभावी शासन प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
👉 अतः नगरपालिका में निर्वाचन हेतु न्यूनतम वार्डों की संख्या 13 निर्धारित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – 13 

राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा नगर परिषद् में अधिकतम कितने व्यक्ति नाम निर्दिष्ट किये जा सकते हैं ? 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • 6

  • 10

  • 12

  • 8

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 में नगर परिषदों की संरचना और नामांकन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान किए गए हैं।
👉 इसके अनुसार, राज्य सरकार नगर परिषद में कुछ विशेष अनुभव या विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्तियों को नामित कर सकती है।
👉 यह संख्या अधिकतम 8 व्यक्तियों तक सीमित रखी गई है।
👉 इन नामांकित सदस्यों को मत देने का अधिकार नहीं होता, वे केवल सलाहकार भूमिका निभाते हैं।
👉 अतः राज्य सरकार द्वारा नगर परिषद में अधिकतम 8 व्यक्ति नाम निर्दिष्ट किए जा सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 8 

राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के अनुसार आयुक्त, नगर परिषद् से संबंधित परिवादों की सुनवाई के लिए प्रथम अपील अधिकारी निम्नलिखित में से कौन होता है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • संभागीय आयुक्त 

  • सभापति, नगर परिषद् 

  • निदेशक, स्थानीय स्वायत्त शासन विभाग 

  • जिला कलेक्टर 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 के अंतर्गत प्रत्येक विभाग एवं निकाय में प्रथम अपील अधिकारी का निर्धारण किया गया है।
👉 नगर परिषद् से संबंधित परिवादों की सुनवाई के लिए यह अधिकार सभापति, नगर परिषद् को प्रदान किया गया है। 
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य लोक सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – सभापति, नगर परिषद् 

नगरपालिकाओं के अध्यक्ष का चुनाव होता है 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • वरिष्ठ नागरिकों द्वारा 

  • स्वतन्त्रता सेनानियों द्वारा 

  • अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा 

  • प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 वर्तमान में राजस्थान में नगर पालिकाओं (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका बोर्ड) के अध्यक्ष (महापौर, सभापति और अध्यक्ष) का चुनाव अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली (Indirect Election System) के माध्यम से किया जाता है।

राजस्थान में नगरपालिका की वित्त समिति में अधिकतम सदस्य हो सकते हैं 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • 12 

  • 6 

  • 10 

  • 8 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका नियम, 2009 के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका को प्रभावी प्रशासन एवं शासन के लिए विभिन्न समितियों का गठन करना आवश्यक है।
👉 इन समितियों में अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं, जो विभिन्न हितधारकों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुशल एवं पारदर्शी कार्य सुनिश्चित करते हैं।
👉 प्रमुख समितियाँ जैसे — वित्त, स्वास्थ्य, बुनियादी मंचा एवं शिक्षा समिति होती हैं।
👉 इन समितियों का उद्देश्य प्रतिनिधित्व और निर्णय लेने की दक्षता के बीच संतुलन बनाना है।
👉 इन समितियों के माध्यम से नगरपालिका प्रशासन अधिक सक्षम, पारदर्शी और उत्तरदायी बनता है।

✍️ सही उत्तर है – 10 

 राजस्थान में छावनी बोर्ड की स्थापना कहाँ  पर की गई है ?

सहायक आचार्य [24.04.2016] 

  • माउण्ट आबू 

  • बाड़मेर 

  • जोधपुर 

  • नसीराबाद 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में छावनी बोर्ड केवल नसीराबाद (अजमेर जिला) में स्थापित है।
👉 इसकी स्थापना वर्ष 1818 में की गई थी।
👉 यह राजस्थान का एकमात्र छावनी बोर्ड है।
👉 इसका प्रशासन छावनी बोर्ड (Cantonment Board) द्वारा किया जाता है, जो नागरिक सुविधाएँ और बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराता है।
👉 यह क्षेत्र सैन्य नियंत्रण में आता है और रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित होता है।

✍️ सही उत्तर है – नसीराबाद  

नगरपालिका के सदस्य के रूप में किसी व्यक्ति के निर्वाचन को किसके समक्ष निर्वाचन याचिका प्रस्तुत कर प्रश्नगत किया जा सकता है ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • जिला न्यायाधीश 

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी 

  • जिला निर्वाचन अधिकारी 

  • निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग अधिकारी) 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के अंतर्गत नगरपालिका चुनावों से संबंधित विवादों के समाधान की व्यवस्था की गई है।
👉 यदि किसी व्यक्ति के नगरपालिका सदस्य के रूप में निर्वाचन पर आपत्ति हो, तो इसके लिए निर्वाचन याचिका प्रस्तुत की जा सकती है।
👉 यह याचिका संबंधित जिले के जिला न्यायाधीश (District Judge) के समक्ष दायर की जाती है।
👉 जिला न्यायाधीश इस मामले की सुनवाई कर निर्वाचन की वैधता पर निर्णय देते हैं।
👉 अतः निर्वाचन याचिका जिला न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – जिला न्यायाधीश 

निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए:

I.  नगरपालिका निर्वाचन में कोई प्रत्याशी एक से अधिक वॉर्ड से चुनाव नहीं लड़ सकता है

II. नगरपालिका निर्वाचन में कोई प्रत्याशी एक वॉर्ड से अधिकतम 4 नामनिर्देशन पत्र दाखिल कर सकता है। 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • I व II दोनों सही हैं

  • केवल II सही है

  • केवल I सही है

  • न तो I, न ही II सही है

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, नगरपालिका चुनावों में प्रत्याशियों के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित हैं।
👉 कोई भी प्रत्याशी एक से अधिक वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकता, ताकि प्रतिनिधित्व में न्यायसंगतता और पारदर्शिता बनी रहे।
👉 साथ ही, प्रत्याशी को एक ही वार्ड से अधिकतम 4 नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति दी गई है।
👉 इन दोनों प्रावधानों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और निष्पक्ष बनाना है। 

✍️ सही उत्तर है – I व II दोनों सही हैं 

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत महानगर योजना के लिए समिति का गठन किया जाता है ? 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • अनुच्छेद 243 य छ 

  • अनुच्छेद 243 य ज 

  • अनुच्छेद 243 य ङ 

  • अनुच्छेद 243 य च 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243 य ङ (243ZE) महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) के गठन से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, प्रत्येक महानगरीय क्षेत्र के लिए एक समिति गठित की जाती है।
👉 इसका कार्य विकास योजनाओं का निर्माण, समन्वय एवं प्राथमिकताओं का निर्धारण करना होता है।
👉 समिति में निर्वाचित प्रतिनिधि, विशेषज्ञ एवं सरकारी अधिकारी सम्मिलित होते हैं।
👉 अतः महानगर योजना समिति के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243 य ङ (243ZE) में किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 य ङ (243ZE) 

सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के लिए महापौर का चुनाव लड़ने हेतु अमानत राशि कितनी है ?  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • 10,000 

  • 20,000  

  • 40,000 

  • 30,000 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के तहत नगर निकायों के महापौर (Mayor) पद हेतु निर्वाचन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
👉 इस अधिनियम में प्रत्याशी द्वारा नामांकन के समय अमानत राशि (Security Deposit) जमा कराना अनिवार्य है।
👉 सामान्य वर्ग (General Category) के उम्मीदवार के लिए यह अमानत राशि ₹30,000 निर्धारित की गई है।
👉 यह राशि चुनाव प्रक्रिया की गंभीरता और प्रत्याशी की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने हेतु रखी गई है।
👉 अतः महापौर पद हेतु सामान्य वर्ग के प्रत्याशी की अमानत राशि ₹30,000 है।

✍️ सही उत्तर है – ₹30,000 

किस अधिनियम के द्वारा जयपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना हुयी थी ? 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • जयंपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1984 

  • जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1985

  • जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1983 

  • जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 

🔹 व्याख्या

👉 जयपुर विकास प्राधिकरण (Jaipur Development Authority - JDA) की स्थापना राजस्थान में शहरी विकास और नियोजन को सुदृढ़ करने हेतु की गई।
👉 इसकी स्थापना जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 के तहत की गई थी।
👉 इस अधिनियम का उद्देश्य जयपुर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में संतुलित एवं योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना था।
👉 प्राधिकरण शहर की भू-उपयोग नीति, आवासीय योजना, सड़क, जल, और आधारभूत संरचना विकास का कार्य करता है।
👉 अतः जयपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 द्वारा की गई।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 

भारत में इनमें से कौन सी समिति / आयोग नगरीय प्रशासन से संबंधित नहीं रही है ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • वाई. बी. चह्वाण समिति 

  • गिरिजापति मुखर्जी समिति

  • जॉन मथाई आयोग

  • रफ़ीक जंकरिया समिति 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में नगरीय प्रशासन से संबंधित कई प्रमुख समितियाँ गठित की गईं, जैसे – बलवंत राय मेहता समिति, अशोक मेहता समिति, एल. एम. सिंहवी समिति आदि।
👉 इन समितियों ने स्थानीय स्वशासन एवं प्रशासनिक विकेंद्रीकरण से संबंधित सुझाव दिए।
👉 जबकि वाई. बी. चह्वाण समिति का संबंध रक्षा मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति से था, न कि नगरीय प्रशासन से।
👉 अतः यह समिति शहरी स्थानीय प्रशासन से संबंधित नहीं रही। 

✍️ सही उत्तर है – वाई. बी. चह्वाण समिति 

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद नगरपालिकाओं की संरचना से संबन्धित है ?

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 14.12.2020]

  • 243 द 

  • 243 थ 

  • 243 न 

  • 243 त 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243 द (243Q) नगरपालिकाओं की संरचना (Composition of Municipalities) से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद में विभिन्न प्रकार की नगरपालिकाओं का उल्लेख किया गया है —
जैसे नगर निगम (Municipal Corporation), नगर परिषद (Municipal Council) और नगर पंचायत (Nagar Panchayat)।
👉 इनका गठन क्षेत्र की जनसंख्या, घनत्व और विकास स्तर के आधार पर किया जाता है।
👉 अनुच्छेद 243Q का उद्देश्य शहरी प्रशासन को संविधानिक ढांचा और एकरूपता प्रदान करना है।
👉 अतः नगरपालिकाओं की संरचना से संबंधित अनुच्छेद 243 द (243Q) है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 द (243Q) 

राजस्थान में नगरपालिका चुनाव में एक निर्दलीय प्रत्याशी को नामांकन के लिए कितने प्रस्तावक आवश्यक हैं ?

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • 2 

  • 5 

  • 3 

  • 4 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के अंतर्गत नगरपालिका चुनावों की नामांकन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है।
👉 यदि कोई प्रत्याशी निर्दलीय (Independent Candidate) के रूप में चुनाव लड़ता है, तो उसे अपने नामांकन के साथ प्रस्तावकों के हस्ताक्षर प्रस्तुत करने होते हैं।
👉 इस स्थिति में नामांकन पत्र को मान्य बनाने हेतु कम से कम 5 प्रस्तावक आवश्यक होते हैं।
👉 यह प्रावधान निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और वैधता सुनिश्चित करने के लिए रखा गया है।
👉 अतः राजस्थान में नगरपालिका चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को 5 प्रस्तावक आवश्यक होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 5