राजस्थान विधानसभा की 'समिति व्यवस्था' के संदर्भ में दिए गए कथनों पर विचार कीजिए — 

(I) विधानसभा समितियों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है - स्थायी समितियाँ और तदर्थ समितियाँ । 

(II) राजस्थान विधानसभा में 22 स्थायी समितियाँ हैं, जिनमें से चार वित्तीय हैं और शेष विभिन्न अन्य विषयों से सम्बंधित हैं । 

उपर्युक्त कथन/कथनों में से कौनसा / से कथन सही है/हैं? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]

  • न तो (I) और ना ही (II) सही है। 

  • (I) एवं (II) दोनों सही हैं। 

  • केवल (II) सही है । 

  • केवल (I) सही है । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में समितियों को दो वर्गों में बाँटा गया है — स्थायी समितियाँ और तदर्थ समितियाँ।
👉 यह विभाजन विधान कार्यों के विशेषीकरण और सुव्यवस्थित संचालन हेतु किया गया है।
👉 विधानसभा में कुल 22 स्थायी समितियाँ कार्यरत हैं।
👉 इनमें से 4 वित्तीय समितियाँ हैं — लोक लेखा समिति, सार्वजनिक उपक्रम समिति और दो प्राक्कलन समितियाँ।
👉 शेष 18 समितियाँ विभिन्न विषयों पर आधारित कार्यों का दायित्व निभाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – (I) और (II) दोनों सही हैं 

राजस्थान विधानसभा के द्वितीय अध्यक्ष कौन थे

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • नरोत्तम लाल जोशी 

  • राम निवास मिर्धा 

  • लक्ष्मण सिंह 

  • राम किशोर व्यास 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के दूसरे अध्यक्ष राम निवास मिर्धा थे।
👉 उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 1957 से 1 मार्च 1962 तक रहा।
👉 वे दूसरी विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए थे।
👉 इससे पूर्व राजस्थान के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष नरोत्तम लाल जोशी थे।
👉 राम निवास मिर्धा ने अपने कार्यकाल में विधानसभा की लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ किया।

✍️ सही उत्तर है – राम निवास मिर्धा  

निम्नांकित में से कौन राजस्थान विधान-सभा के प्रथम गैर-कांग्रेसी अध्यक्ष थे ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • हरीशंकर भाभड़ा 

  • लक्ष्मण सिंह 

  • शांतिलाल चपलोत 

  • गोपाल सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रथम गैर-कांग्रेसी अध्यक्ष के रूप में श्री लक्ष्मण सिंह ने कार्य किया।
👉 उन्होंने यह पद 18 जुलाई 1977 से 20 जून 1979 तक संभाला।
👉 वे छठी विधानसभा के दौरान अध्यक्ष चुने गए थे।
👉 इस अवधि में राज्य में गैर-कांग्रेसी सरकार सत्ता में थी।
👉 अतः लक्ष्मण सिंह राजस्थान विधानसभा के प्रथम गैर-कांग्रेसी अध्यक्ष थे।

✍️ सही उत्तर है – लक्ष्मण सिंह 

2022 के राष्ट्रपति के निर्वाचन में राजस्थान विधान-सभा के प्रत्येक सदस्य का मत-मूल्य था -  

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • 149 

  • 132 

  • 129 

  • 116 

🔹 व्याख्या

👉 राष्ट्रपति निर्वाचन में राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों के मतों का मत-मूल्य (Value of Vote) निर्धारित किया जाता है।
👉 यह मत-मूल्य प्रत्येक राज्य की जनसंख्या और विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के आधार पर तय किया जाता है।
👉 वर्ष 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में राजस्थान विधानसभा के प्रत्येक सदस्य का मत-मूल्य 129 निर्धारित किया गया था।
👉 यह मूल्य जनसंख्या अनुपात के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय किया गया था।
👉 अतः 2022 के राष्ट्रपति निर्वाचन में राजस्थान विधानसभा सदस्य का मत-मूल्य 129 था।

✍️ सही उत्तर है – 129 

राजस्थान की 15वीं विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित निर्वाचन-क्षेत्रों में से कितने में महिला सदस्य निर्वाचित हुई हैं ?

[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]

  • 9 अनुसूचित जाति से और 2 अनुसूचित जनजाति से 

  • 7 अनुसूचित जाति से और 4 अनुसूचित जनजाति से 

  • 8 अनुसूचित जाति से और 3 अनुसूचित जनजाति से 

  • 6 अनुसूचित जाति से और 5 अनुसूचित जनजाति से 

🔹 व्याख्या

👉 15वीं राजस्थान विधानसभा (2018–2023) में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया।
👉 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में से 8 महिला सदस्य निर्वाचित हुईं।
👉 वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में से 3 महिला सदस्य चुनी गईं।
👉 यह स्थिति विधानसभा में सामाजिक समानता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।
👉 अतः 15वीं विधानसभा में SC से 8 और ST से 3 महिलाएँ सदस्य निर्वाचित हुईं।

✍️ सही उत्तर है – 8 अनुसूचित जाति से और 3 अनुसूचित जनजाति से 

2023 तक राजस्थान विधान सभा, अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा करने से पूर्व ही आदिनांक कितनी बार भंग की गई है ?

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • तीन बार 

  • चार बार 

  • एक बार 

  • दो बार 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के इतिहास में कुछ अवसरों पर इसे पूर्ण कार्यकाल से पूर्व ही भंग किया गया है।
👉 अब तक विधानसभा को तीन बार समय से पहले विघटित (भंग) किया गया है।
👉 ये अवसर रहे — 1977, 1980 और 1992 में।
👉 इन विघटन के कारण राज्य में मध्यावधि चुनाव कराए गए थे।
👉 अतः वर्ष 2023 तक विधानसभा तीन बार भंग की जा चुकी है।

✍️ सही उत्तर है – तीन बार 

राज्य के विधानमण्डल के किसी सदन का अधिवेशन गठित करने के लिए गणपूर्ति का प्रावधान भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में किया गया है ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • अनुच्छेद 189 (2) 

  • अनुच्छेद 189 (1) 

  • अनुच्छेद 189 (3)  

  • अनुच्छेद 185 (1)

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 189(3) राज्य के विधानमण्डल के किसी भी सदन की गणपूर्ति (Quorum) से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, सदन की कार्यवाही तब तक वैध नहीं मानी जाएगी जब तक उसमें कुल सदस्यों का दसवां भाग (1/10) उपस्थित न हो।
👉 यह प्रावधान सदन की कार्यवाही की वैधता और सहभागिता सुनिश्चित करता है।
👉 गणपूर्ति पूरी न होने की स्थिति में सदन की कार्यवाही स्थगित या समाप्त की जा सकती है।
👉 अतः गणपूर्ति का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 189(3) में किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 189(3) 

राजस्थान विधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष का नाम है -  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (SST)

  • श्रीमती सुमित्रासिंह 

  • श्रीमती वसुंधरा राजे

  • श्रीमती कमला 

  • श्रीमती ताराभंडारी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह थीं।
👉 उन्होंने यह पद 21 जनवरी 2004 से 19 दिसम्बर 2008 तक संभाला।
👉 वे बारहवीं विधानसभा के दौरान अध्यक्ष चुनी गई थीं। 
👉 अतः राजस्थान विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह थीं।

✍️ सही उत्तर है – श्रीमती सुमित्रा सिंह 

राजस्थान की विधान सभा ने एक प्रस्ताव पास करके विधान परिषद की स्थापना की मांग की है ? यदि उसकी स्थापना होती है तो उसमें अधिक से अधिक कितने सदस्यगण हो सकते हैं ? 

[PTI Grade -III (RPSC) 2011]

  • विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/3 के बराबर 

  • विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/2 के बराबर 

  • विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/4 के बराबर 

  • 40 से 60 तक 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार, राज्य विधान सभा विधान परिषद् की स्थापना या समाप्ति का प्रस्ताव पारित कर सकती है।
👉 राजस्थान विधानसभा ने भी विधान परिषद् की स्थापना हेतु ऐसा प्रस्ताव पारित किया है।
👉 संविधान में प्रावधान है कि विधान परिषद् के सदस्यों की संख्या राज्य विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/3 से अधिक नहीं हो सकती।
👉 साथ ही, विधान परिषद् की कुल सदस्य संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिए।
👉 अतः राजस्थान में यदि विधान परिषद् की स्थापना होती है, तो उसमें विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/3 के बराबर सदस्य हो सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/3 के बराबर 

भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किन अनुच्छेदों (राज्य विधानसभा से सम्बन्धित) में सांविधिक प्रभाव वाले संकल्पों के लिए उपबंध हैं ? 

(A) 169 (1) 

(B) 179 (ग) 

(C) 183 (ग) 

सही उत्तर का चयन कीजिए :

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • (A), (B) एवं (C) सही हैं ।

  • केवल (A) एवं (C) सही हैं ।

  • केवल (A) एवं (B) सही हैं ।

  • केवल (B) एवं (C) सही हैं ।

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 169(1) राज्य विधानपरिषद के सृजन या उन्मूलन हेतु पारित सांविधिक प्रभाव वाले संकल्प का उल्लेख करता है।
👉 अनुच्छेद 179(ग) विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को पद से हटाने हेतु विशेष संकल्प की प्रक्रिया निर्धारित करता है।
👉 अनुच्छेद 183(ग) विधानपरिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को पदच्युत करने हेतु सांविधिक प्रभाव वाले संकल्प का उपबंध देता है। 

✍️ सही उत्तर है – (A), (B) एवं (C) 

संविधान के अनुच्छेद 191(1) के अंतर्गत राजस्थान विधानसभा के सदस्यों की निरर्हता के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए – 

(i) ऐसे प्रश्नों पर राज्यपाल का विनिश्चय अंतिम होगा।  

(ii) ऐसे किसी प्रश्न पर विनिश्चय करने से पहले राज्यपाल निर्वाचन आयोग की राय लेगा और ऐसी राय के अनुसार कार्य करेगा। 

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • केवल (i) सही है 

  • (i) व (ii) दोनों सही हैं 

  • न तो (i) ना ही (ii) सही है 

  • केवल (ii) सही है 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 191(1) में विधानसभा सदस्यों की निरर्हता (Disqualification) से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
👉 यदि किसी सदस्य की निरर्हता से जुड़ा प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उस पर राज्यपाल का निर्णय अंतिम माना जाता है।
👉 राज्यपाल इस विषय में निर्णय लेने से पूर्व निर्वाचन आयोग की राय प्राप्त करते हैं।
👉 राज्यपाल को निर्वाचन आयोग की राय के अनुसार ही कार्य करना अनिवार्य होता है।
👉 अतः दोनों कथन (i) और (ii) सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – (i) व (ii) दोनों सही हैं 

'राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम' के अनुसार विधानसभा में मंत्री परिषद् में अविश्वास प्रस्ताव के सम्बन्ध में निम्न में से कौन से कथन सही हैं ? 

(A) प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति प्रश्नों के बाद और उस दिन की कार्य सूची का कार्य प्रारंभ करने के पूर्व माँगनी होगी । 

(B) अनुमति माँगने वाले सदस्य को उस दिन की बैठक प्रारंभ होने से पहले सचिव के पास, उस प्रस्ताव की, जिसे वह प्रस्तुत करना चाहे लिखित सूचना देनी होगी । 

(C) प्रस्ताव समग्र सदस्य संख्या के कम से कम दसवें भाग से समर्थित होना चाहिए । 

सही उत्तर है:

[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]

  • (B) और (C)

  • (A) और (C) 

  • (A) और (B) 

  • (A), (B) और (C) 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में मंत्रिपरिषद् के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया नियमों द्वारा निर्धारित है।
👉 सदस्य को प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद और दिन के कार्य प्रारंभ होने से पूर्व माँगनी होती है।
👉 अनुमति माँगने वाले सदस्य को उस दिन की बैठक प्रारंभ होने से पहले सचिव को लिखित सूचना देनी आवश्यक होती है।
👉 प्रस्ताव को समर्थन देने की न्यूनतम आवश्यकता के संबंध में 1/10 सदस्य समर्थन की शर्त नियम में नहीं दी गई है।

✍️ सही उत्तर है – (A) और (B) 

राजस्थान में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में निम्नांकित में से कौन सा एक कथन सही नहीं है ?

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • राजस्थान राज्य विधान सभा के लिए कुल निर्वाचन क्षेत्र 200 हैं । 

  • 2026 तक राजस्थान राज्य विधान-सभा के लिए कुल निर्वाचन-क्षेत्र 200 ही रहेंगे । 

  • राजस्थान राज्य विधान सभा के लिए कुल निर्वाचन क्षेत्रों की वर्तमान संख्या का निर्धारण 2001 की जनगणना के आधार पर हुआ है । 

  • 1952 में राजस्थान विधान-सभा की कुल सदस्य संख्या 160 थी । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्रों की वर्तमान संख्या 200 निर्धारित की गई है।
👉 यह संख्या 1977 में परिसीमन आयोग द्वारा तय की गई थी।
👉 इसके बाद 2008 के परिसीमन आदेश में भी निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 200 ही रखी गई।
👉 वर्तमान परिसीमन की गणना 2001 की जनगणना के आधार पर नहीं, बल्कि पूर्ववर्ती आधार पर हुई थी।
👉 अतः यह कथन सही नहीं है कि वर्तमान संख्या का निर्धारण 2001 की जनगणना के आधार पर हुआ है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य विधान सभा के लिए कुल निर्वाचन क्षेत्रों की वर्तमान संख्या का निर्धारण 2001 की जनगणना के आधार पर हुआ है। 

स्पीकर की अनुपस्थित में, विधान मंडल द्वारा पारित किसी विधेयक को राज्यपाल को भेजे जाने से पूर्व निम्न में से कौन प्रमाणित करता है ? 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • मुख्य मंत्री

  • संसदीय सचिव

  • उपाध्यक्ष 

  • विधान सभा सचिवालय का सचिव

🔹 व्याख्या

👉 जब विधानसभा के स्पीकर (अध्यक्ष) अनुपस्थित होते हैं, तब भी विधेयक की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा किया जाता है।
👉 ऐसे में विधानमण्डल द्वारा पारित विधेयक को राज्यपाल को भेजे जाने से पूर्व प्रमाणित करने का कार्य किया जाता है।
👉 इस स्थिति में विधानसभा सचिवालय का सचिव विधेयक को प्रमाणित (Authenticate) करता है।
👉 यह प्रावधान विधानसभा के कार्य संचालन नियमों में स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट है।
👉 अतः स्पीकर की अनुपस्थिति में विधेयक को प्रमाणित करने का कार्य विधानसभा सचिवालय के सचिव द्वारा किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – विधान सभा सचिवालय का सचिव 

राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम के अनुसार, प्रश्नों के वर्गीकरण की संख्या हैं - 

[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]

  • 2 

  • 3 

  • 5 

  • 4 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में प्रश्नों के स्पष्ट वर्गीकरण का प्रावधान है।
👉 इन नियमों के अनुसार विधानसभा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को तीन वर्गों में विभाजित किया गया है।
👉 ये वर्ग हैं — तारांकित प्रश्न, अतारांकित प्रश्न, और लघु सूचना प्रश्न।
👉 यह वर्गीकरण सदन में प्रश्नोत्तर काल को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाता है।
👉 अतः प्रश्नों के वर्गीकरण की संख्या 3 निर्धारित की गई है।

✍️ सही उत्तर है – 3 

वर्तमान राजस्थान राज्य विधानसभा में कितने सदस्य मनोनीत हैं ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

  • दो 

  • तीन 

  • एक 

  • एक भी नहीं

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की वर्तमान राज्य विधानसभा में सभी सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए हैं।
👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 333 के अनुसार राज्यपाल को अंग्ल-भारतीय समुदाय से एक सदस्य नामित करने का अधिकार होता है।
👉 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के लिए मनोनीत (आरक्षित) सीटों के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया।
👉 इसलिए वर्तमान राजस्थान विधानसभा में कोई भी मनोनीत सदस्य नहीं है।
👉 सभी 200 सदस्य निर्वाचित सदस्य हैं।

✍️ सही उत्तर है – एक भी नहीं 

राजस्थान विधानसभा-प्रक्रिया नियम से सम्बन्धित असत्य कथन की पहचान कीजिए -  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • प्रत्येक सदस्य लोक महत्त्व के विषय पर जानकारी प्राप्त करने के लिए अन्तः सत्रकाल में एक सप्ताह में अधिक से अधिक एक अतारांकित प्रश्न की सूचना दे सकेगा। 

  • एक ही सदस्य द्वारा किसी एक दिन चार से अधिक तारांकित प्रश्न मौखिक उत्तर हेतु प्रश्नों की सूची में नहीं रखे जायेंगे।

  • जब तक कि अध्यक्ष अन्यथा निर्देश न दें, तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के लिए पूरे चौदह दिन से कम की सूचना नहीं दी जायेगी।

  • जब तक अध्यक्ष अन्यथा निर्देश न दें, प्रत्येक बैठक का पहला घंटा अल्प सूचना प्रश्नों सहित तारांकित प्रश्नों के पूछने और उत्तर देने के लिए उपलब्ध रहेगा।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में सदस्यों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या पर स्पष्ट सीमा निर्धारित है।
👉 नियमों के अनुसार, किसी एक सदस्य द्वारा एक दिन में अधिकतम तीन (3) तारांकित प्रश्न ही मौखिक उत्तर हेतु प्रश्न सूची में रखे जा सकते हैं।  

✍️ सही उत्तर है – एक ही सदस्य द्वारा किसी एक दिन चार से अधिक तारांकित प्रश्न मौखिक उत्तर हेतु प्रश्नों की सूची में नहीं रखे जायेंगे। 

सही कथन की पहचान कीजिए : [*]

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • कोई भी विधेयक स्पीकर के पूर्व अनुमोदन के बिना विधान सभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता

  • विधान सभा के किसी भी सदस्य द्वारा विधान सभा में विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है ।

  • राज्यपाल द्वारा अनुमोदित होने के उपरान्त ही एक मंत्री द्वारा किसी विधेयक को विधान सभा में प्रस्तुत किया जा सकता है। 

  • राज्य विधान सभा के प्रति राज्यपाल उत्तरदायी नहीं होता है ।

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

राजस्थान का कौन सा विधानसभा क्षेत्र एक से अधिक जिले में फैला हुआ है (2013 विधानसभा चुनाव में) ?

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • छबड़ा 

  • सिवाना 

  • जहाजपुर 

  • नाथद्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 2013 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में अधिकांश निर्वाचन क्षेत्र एक ही जिले तक सीमित थे।
👉 परंतु नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र ऐसा क्षेत्र था जो एक से अधिक जिलों में फैला हुआ था।
👉 यह क्षेत्र राजसमंद और उदयपुर जिलों के कुछ भागों को सम्मिलित करता है।
👉 नाथद्वारा क्षेत्र का यह स्वरूप भौगोलिक और प्रशासनिक परिसीमन के कारण बना।
👉 अतः 2013 के विधानसभा चुनाव में नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र एक से अधिक जिलों में विस्तृत था।

✍️ सही उत्तर है – नाथद्वारा 

राजस्थान विधान सभा की किस समिति के सदस्यों को विधानसभाध्यक्ष द्वारा मनोनीत किया जाता है ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • कार्य सलाहकार समिति 

  • राजकीय उपक्रम समिति 

  • जनलेखा समिति 

  • प्राक्कलन समिति 'क' 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में गठित विभिन्न समितियों के सदस्यों का चयन या मनोनयन अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है।
👉 इनमें से कार्य सलाहकार समिति (Business Advisory Committee) के सदस्यों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत किया जाता है।
👉 यह समिति सदन की कार्यसूची, समय विभाजन और चर्चा के कार्यक्रम का निर्धारण करती है।
👉 अध्यक्ष इस समिति के पदेन अध्यक्ष भी होते हैं और इसके निर्णयों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
👉 अतः कार्य सलाहकार समिति के सदस्य विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – कार्य सलाहकार समिति 

भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में कितनी बार राजस्थान विधान सभा में अपने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किए बिना सरकार बनाई है ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • तीन बार 

  • दो बार 

  • कभी नहीं 

  • एक बार 

🔹 व्याख्या

👉 1990 में नवी विधानसभा एवं 1993 में दसवीं विधानसभा में भैरों सिंह के नेतृत्व में गठबंधन सरकार भारतीय जनता पार्टी ने बनाई थी।

✍️ सही उत्तर है – दो बार 

राजस्थान की विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या है ? [*] 

[ACF परीक्षा 2011]

  • 37

  • 34

  • 39

  • 31

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

राजस्थान की प्रस्तावित विधान परिषद् की अनुमत कुल सदस्य संख्या हो सकती है : 

[ACF परीक्षा 2011]

  • 40

  • 75

  • 66

  • 63

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार, किसी राज्य की विधान परिषद् की कुल सदस्य संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 1/3 से अधिक नहीं हो सकती।
👉 राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं।
👉 इसलिए विधान परिषद् की अनुमत अधिकतम सदस्य संख्या होगी – 200 × 1/3 = 66.66, अर्थात् 66 सदस्य।
👉 साथ ही, परिषद् की कुल सदस्य संख्या 40 से कम नहीं हो सकती है।
👉 अतः राजस्थान की प्रस्तावित विधान परिषद् की कुल सदस्य संख्या 66 हो सकती है।

✍️ सही उत्तर है – 66 

राजस्थान विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति का अध्यक्ष कौन होगा ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष 

  • राजस्थान विधानसभा में विपक्ष का नेता 

  • सदन का कोई सदस्य जिसे स्पीकर नियुक्त करें 

  • राजस्थान विधानसभा का नेता 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में कार्यमंत्रणा समिति (Business Advisory Committee) का गठन सदन की कार्यवाही और समय निर्धारण के लिए किया जाता है।
👉 इस समिति के पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairman) स्वयं राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष होते हैं।
👉 समिति का कार्य विधानसभा की कार्यसूची, चर्चा और समय वितरण तय करना होता है।
👉 अध्यक्ष इस समिति की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और उसके निर्णयों को लागू करवाते हैं।
👉 अतः कार्यमंत्रणा समिति का अध्यक्ष राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष होता है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष 

राजस्थान विधान सभा के इतिहास में 30 जून, 2016 तक कितनी बार विश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ और उस पर चर्चा हुई ?

[RAS Pre. 28.08.2016]

  • दो बार 

  • तीन बार 

  • एक बार 

  • चार बार 

🔹 व्याख्या

👉 वर्तमान में 30-06-2026 तक पांच बार विश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा चुके हैं जो सारे सफल हुए हैं अंतिम बार अविश्वास प्रस्ताव 2020 में अशोक गहलोत सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया।

✍️ सही उत्तर है – चार बार 

14वीं राजस्थान विधानसभा की कार्य-संचालन परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष कौन हैं ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • प्रद्युम्न सिंह 

  • कैलाश चंद्र मेघवाल 

  • कालीचरण सर्राफ 

  • गुलाब चंद कटारिया 

🔹 व्याख्या

👉 14वीं राजस्थान विधानसभा का गठन 11 दिसंबर 2013 को किया गया था।
👉 इस विधानसभा के दौरान कार्य-संचालन परामर्शदात्री समिति (Business Advisory Committee) का गठन किया गया।
👉 इस समिति के अध्यक्ष विधानसभा अध्यक्ष होते हैं।
👉 14वीं विधानसभा में यह दायित्व श्री कैलाश चंद्र मेघवाल ने निभाया।
👉 उन्होंने सदन की कार्यवाही और समय निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

✍️ सही उत्तर है – कैलाश चंद्र मेघवाल 

किस विधानसभा चुनाव में राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या 184 से बढ़ाकर 200 की गई ?

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • पाँचवाँ 

  • सातवाँ 

  • चौथा 

  • छठा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में छठे विधानसभा चुनाव वर्ष 1977 में आयोजित किए गए थे।
👉 इससे पहले पाँचवीं विधानसभा में कुल 184 सदस्य थे।
👉 इसी चुनाव में विधानसभा की सदस्य संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई।
👉 यह परिवर्तन परिसीमन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया गया था।
👉 अतः सदस्य संख्या 184 से 200 की वृद्धि छठे विधानसभा चुनाव में की गई।

✍️ सही उत्तर है – छठा 

राजस्थान में 1977 में छठी विधानसभा के निर्वाचन में कितने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने भाग लिया था ? 

[Asst. Prof. (Polity) 16.05.2024]

  • 5 

  • 4 

  • 6 

  • 3 

🔹 व्याख्या

👉 1977 में राजस्थान में छठी विधानसभा के चुनाव आयोजित किए गए थे।
👉 इस चुनाव में कुल 3 राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने भाग लिया था।
👉 इन दलों में कांग्रेस, भारतीय लोकदल और जनता पार्टी प्रमुख थे।
👉 इस समय राज्य में गैर-कांग्रेसी राजनीति का उदय भी देखने को मिला।
👉 अतः 1977 के विधानसभा चुनाव में 3 राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने भाग लिया था।

✍️ सही उत्तर है – 3 

14वीं विधानसभा में राजस्थान के किस जिले से सर्वाधिक महिला विधायक निर्वाचित हुई हैं ?  [*]

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • गंगानगर 

  • अलवर 

  • भरतपुर 

  • अजमेर 

2017 के राष्ट्रपति चुनाव में राजस्थान विधानसभा के एक सदस्य का मत-मूल्य क्या था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • 132

  • 116

  • 176

  • 129

🔹 व्याख्या

👉 राष्ट्रपति चुनाव 2017 में प्रत्येक राज्य के विधानसभा सदस्यों के मतों का मत-मूल्य (Value of Vote) निर्धारित किया गया था।
👉 यह मूल्य राज्य की जनसंख्या और विधानसभा की सदस्य संख्या के आधार पर तय किया गया।
👉 राजस्थान विधानसभा के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य का मत-मूल्य 129 निर्धारित किया गया था।
👉 यह गणना भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार की गई थी।
👉 अतः 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में राजस्थान विधानसभा के एक सदस्य का मत-मूल्य 129 था।

✍️ सही उत्तर है – 129 

राजस्थान राज्य विधान सभा में कितने सदस्य हैं ? 

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • 100

  • 200 

  • 148 

  • 120 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य विधान सभा की कुल सदस्य संख्या 200 निर्धारित की गई है।
👉 प्रारंभिक रूप से 1952 में 160 सदस्य थे, जिन्हें बाद में 1977 में बढ़ाकर 200 किया गया।
👉 यह परिवर्तन परिसीमन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया गया था।
👉 वर्तमान में सभी 200 सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाते हैं।
👉 अतः राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं।

✍️ सही उत्तर है – 200 

राजस्थान की प्रथम महिला विधायक थी - 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • नगेन्द्र बाला

  • कमला बेनीवाल

  • यशोदा देवी 

  • सुमित्रा सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 यशोदा देवी (1927–2004) भारत की किसी पूर्व रियासत से विधानसभा सदस्य चुनी जाने वाली पहली महिला थीं।
👉 उन्होंने वर्ष 1953 में सोशलिस्ट पार्टी की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
👉 वे बाँसवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के लिए चुनी गईं।
👉 उनके निर्वाचन से राजस्थान की राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की शुरुआत हुई।
👉 वे राज्य की प्रथम महिला विधायक के रूप में जानी जाती हैं।

✍️ सही उत्तर है – यशोदा देवी 

अनुसूचित जाति की कितनी महिलायें 14वीं राजस्थान विधान सभा की सदस्य हैं ? [*]

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • 12 

  • 9 

  • 10 

  • 11 

निम्नांकित में से कौन राजस्थान की 14वीं विधानसभा के अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) थे ?  

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]

  • देवी सिंह भाटी 

  • गुलाब चंद कटारिया 

  • प्रद्युमन सिंह 

  • कालीचरण सराफ 

🔹 व्याख्या

👉 14वीं राजस्थान विधानसभा का गठन 11 दिसम्बर 2013 को किया गया था।
👉 इसकी प्रथम बैठक 21 जनवरी 2014 को आयोजित हुई थी।
👉 इस विधानसभा के अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) के रूप में श्री प्रद्युमन सिंह को नियुक्त किया गया था।
👉 उनका कार्य नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और स्थायी अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया संचालित करना था।
👉 अतः 14वीं विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर प्रद्युमन सिंह थे।

✍️ सही उत्तर है – प्रद्युमन सिंह 

निम्नांकित में से कौन एक कभी भी राजस्थान विधानसभा में विपक्ष का नेता नहीं रहा है ? 

[Asst. Prof. (Polity) 16.05.2024]

  • भैरोंसिंह शेखावत 

  • परसराम मदेरणा 

  • वसुंधरा राजे 

  • अशोक गहलोत 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में अब तक कई प्रमुख नेताओं ने विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया है।
👉 इनमें लक्ष्मण सिंह, भैरोंसिंह शेखावत, परसराम मदेरणा, गुलाब चंद कटारिया, रमेश्वर डूडी आदि शामिल रहे हैं।
👉 अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद रहे हैं,
परंतु वे कभी भी विधानसभा में विपक्ष के नेता नहीं रहे।
👉 अतः अशोक गहलोत वह व्यक्ति हैं जो विपक्ष के नेता पद पर नहीं रहे।

✍️ सही उत्तर है – अशोक गहलोत 

राजस्थान विधानसभा के निम्नांकित में से किस निर्वाचन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को सबसे कम स्थान मिले ? 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • चौदहवाँ विधानसभा निर्वाचन, 2013 

  • ग्यारहवाँ विधानसभा निर्वाचन, 1998

  • तेरहवाँ विधानसभा निर्वाचन, 2008

  • बारहवाँ विधानसभा निर्वाचन, 2003

🔹 व्याख्या

👉 चौदहवाँ राजस्थान विधानसभा निर्वाचन वर्ष 2013 में आयोजित किया गया था।
👉 इस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को अपने इतिहास में सबसे कम सीटें प्राप्त हुईं।
👉 कांग्रेस को केवल 21 सीटों पर विजय मिली, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने भारी बहुमत हासिल किया।
👉 यह परिणाम राज्य में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक पराजय काल साबित हुआ।
👉 अतः कांग्रेस को सबसे कम स्थान चौदहवें विधानसभा निर्वाचन (2013) में प्राप्त हुए।

✍️ सही उत्तर है – चौदहवाँ विधानसभा निर्वाचन, 2013 

राष्ट्रपति निर्वाचन 2022 में, राजस्थान राज्य विधानसभा के सभी सदस्यों का कुल मत-मूल्य कितना था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • 25800 

  • 26754 

  • 21280 

  • 15708 

🔹 व्याख्या

👉 राष्ट्रपति निर्वाचन 2022 में राजस्थान विधानसभा के सभी विधायकों का मत-मूल्य निर्धारित किया गया था।
👉 राज्य के प्रत्येक विधायक का मत-मूल्य 200 निर्धारित किया गया था।
👉 कुल 129 विधायक होने के कारण कुल मत-मूल्य का गुणन इसी आधार पर किया गया।
👉 129 × 200 के अनुसार राजस्थान विधानसभा का कुल मत-मूल्य 25,800 बना।
👉 यह मत-मूल्य राष्ट्रपति चुनाव में राज्य के सामूहिक योगदान को दर्शाता है।

✍️ सही उत्तर है – 25800 

'राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों के अनुसार निम्नांकित में से कौन से विभाग के प्राक्कलन, प्राक्कलन समिति 'क' के नियंत्रणाधीन नहीं है ? 

[RAS Pre. 27.10.2021]

  • शिक्षा विभाग 

  • सार्वजनिक निर्माण विभाग 

  • वित्त विभाग 

  • गृह विभाग 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमों के अनुसार विभिन्न विभागों के प्राक्कलन (Estimates) की जाँच के लिए समितियाँ गठित की जाती हैं।
👉 इनमें से एक प्रमुख समिति प्राक्कलन समिति ‘क’ है, जो विशेष विभागों के प्राक्कलनों की जाँच करती है।
👉 कुछ विभाग इसके नियंत्रण क्षेत्र से बाहर रखे गए हैं।
👉 इन अपवर्जित विभागों में गृह विभाग (Home Department) शामिल है।
👉 अतः गृह विभाग के प्राक्कलन, प्राक्कलन समिति ‘क’ के नियंत्रणाधीन नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – गृह विभाग 

निम्नलिखित में से कौन सा कथन राजस्थान विधानसभा में लोक-महत्त्व के किसी विषय पर स्थगन प्रस्ताव के संदर्भ में सही नहीं है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • स्थगन प्रस्ताव की सूचना उस दिन की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व, जिस दिन कि प्रस्ताव करने का विचार हो, अध्यक्ष को दी जाएगी।

  • प्रस्ताव हाल ही में घटित किसी विशिष्ट विषय तक सीमित रहेगा ।

  • एक ही बैठक में एक से अधिक ऐसा प्रस्ताव नहीं किया जायेगा ।

  • प्रस्ताव द्वारा विशेषाधिकार का प्रश्न नहीं उठाया जायेगा ।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में लोक-महत्त्व के विषय पर स्थगन प्रस्ताव से संबंधित स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।
👉 स्थगन प्रस्ताव की सूचना सचिव को दी जाती है, न कि सीधे अध्यक्ष को।
👉 यह सूचना उसी दिन की बैठक प्रारंभ होने से पहले देनी होती है जिस दिन प्रस्ताव करने का विचार हो।
👉 प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति अध्यक्ष की स्वीकृति से ही दी जाती है।
👉 इसलिए यह कथन कि “सूचना अध्यक्ष को दी जाएगी” — सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – स्थगन प्रस्ताव की सूचना उस दिन की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व, जिस दिन कि प्रस्ताव करने का विचार हो, अध्यक्ष को दी जाएगी। 

राजस्थान विधानसभा में 'लोक महत्त्व के किसी विषय पर स्थगन प्रस्ताव' की प्रक्रिया के नियम के सम्बन्ध में निम्न में से कौन से कथन सही हैं ?

(A) प्रस्ताव प्रस्तुत करने हेतु अध्यक्ष की सहमति आवश्यक है। 

(B) प्रस्ताव द्वारा विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया जा सकता है । 

(C) प्रस्ताव हाल ही घटित किसी विशिष्ट घटना तक सीमित रहेगा । 

(D) एक ही बैठक में एक से अधिक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं होंगे। 

सही उत्तर का चयन नीचे दिए गए कूट से कीजिए :  

[RAS Pre. 05.08.2018]

कूट :

  • (A) और (D) 

  • (A), (B) और (C)

  • (A), (C) और (D)

  • (A), (B) और (D) 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में लोक महत्त्व के विषय पर स्थगन प्रस्ताव की प्रक्रिया विशेष नियमों द्वारा नियंत्रित होती है।
👉 ऐसे प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के लिए अध्यक्ष की पूर्व सहमति आवश्यक होती है।
👉 यह प्रस्ताव हाल ही में घटित किसी विशिष्ट घटना से संबंधित होना चाहिए।
👉 एक बैठक में एक से अधिक स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जा सकते।
👉 अतः कथन (A), (C) और (D) सही हैं, जबकि विशेषाधिकार का प्रश्न उठाने वाला कथन गलत है।

✍️ सही उत्तर है – (A), (C) और (D) 

राजस्थान विधानसभा चुनाव, 1977 में जनता पार्टी ने कितनी सीटें जीती थीं ? 

[Asst. Prof. (Polity) 16.05.2024]

  • 159 

  • 48 

  • 152 

  • 41 

🔹 व्याख्या

👉 1977 के राजस्थान विधानसभा चुनाव राज्य की छठी विधानसभा के गठन के लिए आयोजित किए गए थे।
👉 इस चुनाव में जनता पार्टी प्रमुख राजनीतिक दल के रूप में उभरी।
👉 जनता पार्टी ने इस चुनाव में कुल 152 सीटों पर विजय प्राप्त की थी।
👉 इस भारी बहुमत से जनता पार्टी ने राज्य में सरकार का गठन किया।
👉 अतः 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी ने 152 सीटें जीतीं थीं।

✍️ सही उत्तर है – 152 

राजस्थान विधानसभा में अंतिम बार किस वर्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • 2018     

  • 2009 

  • 1993 

  • 1985 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के इतिहास में समय-समय पर अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) प्रस्तुत किए गए हैं।
👉 अविश्वास प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध बहुमत की जाँच के लिए लाया जाता है।
👉 विधानसभा में अंतिम बार वर्ष 1985 में ऐसा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था।
👉 उस समय यह प्रस्ताव सदन में चर्चा के उपरांत अस्वीकृत कर दिया गया था।
👉 अविश्वास प्रस्ताव (विपक्ष द्वारा): कुल 13 बार (सभी असफल; आखिरी बार 1985 में हरिदेव जोशी सरकार के खिलाफ)।

✍️ सही उत्तर है – 1985 

किस वर्ष में, राजस्थान विधान सभा की कुल सदस्य संख्या बढ़ाकर 200 की गई ? 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • 1967 में 

  • 1977 में 

  • 1972 में 

  • 1980 में 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या में वृद्धि विभिन्न चरणों में की गई थी।
👉 1952 में 160, 1957 में 176, और 1967 में 184 सदस्य थे।
👉 इसके बाद 1977 में इसे बढ़ाकर 200 सदस्य कर दिया गया।
👉 यह परिवर्तन परिसीमन आयोग की सिफ़ारिशों के अनुसार किया गया था।
👉 अतः राजस्थान विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 1977 में 200 की गई।

✍️ सही उत्तर है – 1977 में 

'राजस्थान विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबन्धी नियम' के अनुसार, निम्नांकित में से कौन मंत्री की परिभाषा के अन्तर्गत आते हैं ?

(A) मंत्री परिषद का कोई सदस्य 

(B) राज्य मंत्री 

(C) उपमंत्री 

(D) मुख्य सचेतक 

सही उत्तर है :

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • (A), (B), (C) एवं (D) 

  • केवल (A) एवं (B) 

  • केवल (A), (B) एवं (C) 

  • केवल (A), (B) एवं (D)  

🔹 व्याख्या

👉 'राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों' में मंत्री की परिभाषा स्पष्ट रूप से दी गई है।
👉 इस परिभाषा के अनुसार, मंत्री परिषद का कोई सदस्य, राज्य मंत्री और उपमंत्री — तीनों को मंत्री की श्रेणी में शामिल किया गया है।
👉 मुख्य सचेतक (Chief Whip) मंत्री की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता है।
👉 इसलिए विकल्पों में केवल (A), (B) और (C) सही हैं।
👉 यह परिभाषा विधानसभा में मंत्रियों के अधिकार और जिम्मेदारियाँ निर्धारित करने हेतु की गई है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (A), (B) एवं (C) 

निम्नांकित में से किस समिति ने यह सिफारिश की थीं कि विधान सभाओं और लोक सभा में चुनाव लड़ने के लिए आयु योग्यता 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष की जानी चाहिए ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • इन्द्रजीत गुप्ता समिति 

  • तारकुण्डे समिति 

  • एन.एन. वोहरा समिति 

  • दिनेश गोस्वामी समिति 

🔹 व्याख्या

👉 दिनेश गोस्वामी समिति का गठन निर्वाचन सुधारों से संबंधित सिफारिशों के लिए किया गया था।
👉 इस समिति ने सुझाव दिया था कि विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव लड़ने की आयु-योग्यता को 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष किया जाना चाहिए।
👉 समिति का उद्देश्य युवाओं की राजनीतिक सहभागिता और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना था।
👉 इस सिफारिश को व्यापक निर्वाचन सुधार प्रक्रिया का हिस्सा माना गया।
👉 अतः यह सिफारिश दिनेश गोस्वामी समिति द्वारा की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – दिनेश गोस्वामी समिति 

राजस्थान में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा सम्बन्धी विभिन्न चरणों से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 

(i) 1977 और 1990 के बीच, निर्वाचकीय प्रतिस्पर्धा के दूसरे चरण में, राजस्थान की निर्वाचकीय राजनीति का राष्ट्रीय राजनीतिक मुख्यधारा के साथ विलय प्रारंभ हो गया । 

(ii) 1990 के पश्चात के निर्वाचकीय दौर को राजस्थान की राजनीति का तीसरा और वर्तमान चरण कहा जा सकता है। 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • केवल (i) सही है । 

  • (i) और (ii) दोनों सही हैं। 

  • न तो (i) और न ही (ii) सही है । 

  • केवल (ii) सही है । 

🔹 व्याख्या

👉 1977 से 1990 के बीच राजस्थान की राजनीति में निर्वाचकीय प्रतिस्पर्धा का दूसरा चरण देखा गया।
👉 इस चरण में राज्य की राजनीति का राष्ट्रीय राजनीतिक मुख्यधारा के साथ विलय प्रारंभ हुआ।
👉 इसके पश्चात 1990 के बाद का दौर राजस्थान की राजनीति का तीसरा और वर्तमान चरण माना जाता है।
👉 इस अवधि में राज्य की द्विदलीय प्रतिस्पर्धा स्थिर रूप से स्थापित हुई। 

✍️ सही उत्तर है – (i) और (ii) दोनों सही हैं। 

राज्य विधान सभा का नेता कौन होता है ? 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • विरोधी दल का नेता 

  • विधान सभा अध्यक्ष 

  • मुख्य मंत्री 

  • विधान सभा उपाध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य विधानसभा का नेता (Leader of the House) वह व्यक्ति होता है जो सदन में सत्तारूढ़ दल का प्रमुख होता है।
👉 यह पद सामान्यतः राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा संभाला जाता है।
👉 मुख्यमंत्री विधानसभा में मंत्रिपरिषद् का नेतृत्व करते हैं और सदन में सरकार की नीतियों का प्रतिपादन करते हैं।
👉 वे सदन के कार्य संचालन और बहुमत दल के समन्वय का भी दायित्व निभाते हैं।
👉 अतः राज्य विधानसभा का नेता मुख्यमंत्री होता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

राजस्थान विधानसभा के सत्र को आमंत्रित करने से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 

(A) जब सभा के किसी सत्र को आमंत्रित किया जाए तो अध्यक्ष प्रत्येक सदस्य को ऐसी तारीख, समय तथा स्थान की सूचना देगा जो राज्यपाल द्वारा सभा की बैठक बुलाने के निमित्त नियत किये गये हों तथा वह राजपत्र में एक विज्ञप्ति प्रकाशित करवाएगा । 

(B) परन्तु यदि कोई सत्र अल्प सूचना से बुलाया जाय तो अध्यक्ष सदस्यों को सभा की बैठक की तारीख, समय तथा स्थान की सूचना अन्य किसी रीति से देगा जो राज्यपाल निदेशित करे । 

सही विकल्प का चयन कीजिए : 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]

  • (A) एवं (B) दोनों सही हैं। 

  • न तो (A), न ही (B) सही है ।

  • केवल (A) सही है । 

  • केवल (B) सही है । 

🔹 व्याख्या

👉 सत्र बुलाने का अधिकार केवल राज्यपाल का होता है, इसलिए अध्यक्ष द्वारा सत्र बुलाने संबंधी कथन गलत है।
👉 राज्यपाल ही सत्र के लिए राजपत्र में विज्ञप्ति जारी करवाते हैं, अतः यह कार्य अध्यक्ष का नहीं होता।
👉 अध्यक्ष को राज्यपाल द्वारा तय किए गए निर्देशों के अनुसार ही सदन की सूचना देनी होती है, चाहे सत्र अल्प सूचना पर ही क्यों न बुलाया गया हो।
👉 अध्यक्ष सूचना देने की प्रक्रिया निर्धारित नहीं करते, यह अधिकार भी पूरी तरह राज्यपाल के पास रहता है। 

✍️ सही उत्तर है – न तो (A), न ही (B) सही है।

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान विधान सभा की पहली महिला अध्यक्ष बनीं ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • वसुंधरा राजे 

  • कमला बेनीवाल 

  • यशोदा देवी 

  • सुमित्रा सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा सिंह थीं।
👉 उन्होंने यह पद 21 जनवरी 2004 से 19 दिसम्बर 2008 तक संभाला।
👉 वे बारहवीं विधानसभा के दौरान इस पद पर निर्वाचित हुईं। 
👉 अतः राजस्थान विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष सुमित्रा सिंह थीं।

✍️ सही उत्तर है – सुमित्रा सिंह 

राजस्थान विधानसभा की लोक लेखा समिति के सदस्यों का कार्यकाल है - 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • चार वर्ष 

  • दो वर्ष

  • एक वर्ष

  • पाँच वर्ष

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) का गठन वित्तीय मामलों की जाँच के लिए किया जाता है।
👉 यह समिति राज्य के लेखा परीक्षक की रिपोर्टों की समीक्षा करती है।
👉 समिति के सदस्यों का चयन विधानसभा द्वारा प्रति वर्ष किया जाता है।
👉 इसलिए लोक लेखा समिति के सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष का होता है।
👉 कार्यकाल समाप्त होने पर समिति का पुनर्गठन प्रतिवर्ष किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – एक वर्ष 

पन्द्रहवीं राजस्थान विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर कौन था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • गुलाब चन्द कटारिया 

  • महेश जोशी 

  • कैलाश त्रिवेदी 

  • भंवर लाल शर्मा 

🔹 व्याख्या

👉 पन्द्रहवीं राजस्थान विधानसभा का गठन 12 दिसम्बर 2018 को हुआ था।
👉 इसकी प्रथम बैठक 15 जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी।
👉 इस विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष) के रूप में श्री गुलाब चन्द कटारिया को नियुक्त किया गया।
👉 उनका कार्य नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना तथा स्थायी अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न कराना था।
👉 16वीं राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (अस्थायी अध्यक्ष) कालीचरण सराफ थे।

✍️ सही उत्तर है – गुलाब चन्द कटारिया 

पन्द्रहवीं राजस्थान विधानसभा के दौरान कितने स्थानों पर विधानसभा उपचुनाव हुए थे ?  [*]

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • 8

  • 7

  • 3

  • 6

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

राजस्थान विधानसभा में सभापतियों की तालिका में अध्यक्ष द्वारा अधिकतम कितने सदस्य मनोनीत किए जा सकते हैं ? 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • 6 

  • 4 

  • 5 

  • 7 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में सभापतियों की तालिका से संबंधित स्पष्ट प्रावधान है।
👉 अध्यक्ष को यह अधिकार है कि वह सभापतियों की तालिका (Panel of Chairmen) में कुछ सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं।
👉 नियमों के अनुसार अध्यक्ष अधिकतम चार सदस्यों को इस तालिका में मनोनीत कर सकते हैं।
👉 इन मनोनीत सदस्यों में से कोई भी, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही का संचालन कर सकता है।
👉 अतः अध्यक्ष द्वारा सभापतियों की तालिका में अधिकतम 4 सदस्य मनोनीत किए जा सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 4 

निम्न में से कौन राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष रहे हैं ?

[RAS Pre. 05.08.2018]

  • निरंजन नाथ आचार्य 

  • परसराम मदेरणा

  • शांतिलाल चपलोत

  • पूनम चंद विश्नोई 

🔹 व्याख्या

👉 श्री पूनमचन्द विष्नोई राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष, अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष — तीनों पदों पर रहे हैं।
👉 उन्होंने विधानसभा की संसदीय परंपराओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉 वे सातवीं विधानसभा (1980–1985) के दौरान अध्यक्ष पद पर रहे। 
👉 पूनमचन्द विष्नोई ने तीनों भूमिकाएँ — प्रोटेम अध्यक्ष, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष — निभाईं।

✍️ सही उत्तर है – पूनमचन्द विष्नोई 

भारतीय राज्य और विधान सभा सीटों के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही नहीं है ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

(राज्य) (विधान सभा सीटें) 

  • कर्नाटक  - 226 

  • महाराष्ट्र  - 288 

  • केरल  - 140 

  • मध्य प्रदेश  - 230 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुसार प्रत्येक राज्य की विधानसभा सीटों की संख्या परिसीमन के आधार पर निर्धारित की जाती है।
👉 कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं।
👉 प्रश्न में दिया गया युग्म “कर्नाटक – 226” गलत है, क्योंकि यह वास्तविक संख्या से अधिक दर्शाता है।
👉 सही युग्म होना चाहिए — कर्नाटक – 224। 

✍️ सही उत्तर है – कर्नाटक – 226 

राजस्थान विधानसभा के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है ? 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • प्रथम विधानसभा : 306 बैठकें

  • आठवीं विधानसभा : 180 बैठकें 

  • बारहवीं विधानसभा : 140 बैठकें

  • पाँचवीं विधानसभा: 200 बैठकें 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के इतिहास में प्रत्येक विधानसभा की बैठकों की संख्या अलग-अलग रही है।
👉 प्रथम विधानसभा (1952–1957) के दौरान कुल 107 बैठकें आयोजित की गई थीं।
👉 प्रश्न में दिया गया युग्म “प्रथम विधानसभा : 306 बैठकें” वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाता। 

✍️ सही उत्तर है – प्रथम विधानसभा : 306 बैठकें

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की 15वीं विधान सभा के प्रोटेम स्पीकर थे ? 

[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]

  • श्री परसराम मोरदिया 

  • श्री प्रद्युमन सिंह 

  • श्री राजेन्द्र पारीक 

  • श्री गुलाब चंद कटारिया 

🔹 व्याख्या

👉 15वीं राजस्थान विधानसभा का गठन 12 दिसंबर 2018 को हुआ था।
👉 इसकी प्रथम बैठक 15 जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी।
👉 इस विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष) श्री गुलाब चंद कटारिया थे।
👉 उनका कार्य नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और स्थायी अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को संपन्न कराना था।
👉 अतः 15वीं राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर श्री गुलाब चंद कटारिया थे।

✍️ सही उत्तर है – श्री गुलाब चंद कटारिया

राजस्थान विधानसभा की जन लेखा समिति में अधिकतम सदस्यों की संख्या है -  

[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]

  • 13 

  • 15 

  • 16 

  • 14 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में जन लेखा समिति (Public Accounts Committee) राज्य की प्रमुख वित्तीय समितियों में से एक है।
👉 इसका कार्य राज्य के व्ययों और लेखों की जाँच करना होता है।
👉 विधानसभा के नियमों के अनुसार इस समिति में अधिकतम 15 सदस्य हो सकते हैं।
👉 इन सदस्यों का चयन प्रत्येक वर्ष विधानसभा द्वारा किया जाता है।
👉 अतः जन लेखा समिति में अधिकतम सदस्य संख्या 15 निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – 15 

राजस्थान विधान सभा में पेश किए गए निजी संदस्य विधेयकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है ?  

[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]

  • राजस्थान सामाजिक शिक्षा बोर्ड विधेयक, 1958, राजस्थान विधान सभा द्वारा पारित निजी सदस्य विधेयकों में से एक है।. 

  • राजस्थान की तीसरी विधान सभा में सबसे अधिक संख्या में निजी सदस्य विधेयक पेश किए गए।

  • राजस्थान विधान सभा ने अपने विधायी कामकाज के इतिहास में केवल एक निजी सदस्य विधेयक पारित होते देखा है । 

  • 13वीं से 15वीं विधान सभा में कोई भी निजी सदस्य विधेयक पेश नहीं किए गए हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में समय-समय पर निजी सदस्य विधेयक (Private Member’s Bill) प्रस्तुत किए जाते रहे हैं।
👉 ये विधेयक सरकार के बजाय सदन के किसी सामान्य सदस्य द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं।
👉 राजस्थान विधानसभा के इतिहास में एक से अधिक निजी सदस्य विधेयक प्रस्तुत किए गए हैं।
👉 इसलिए यह कथन कि “केवल एक निजी सदस्य विधेयक पारित हुआ है” — सही नहीं है।
👉 अतः यह कथन गलत है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान विधान सभा ने अपने विधायी कामकाज के इतिहास में केवल एक निजी सदस्य विधेयक पारित होते देखा है। 

राजस्थान विधानसभा का अध्यक्ष निम्नांकित में से किस समिति का पदेन अध्यक्ष होता है ?

[Head Master 11.10.2021] 

  • नियम समिति और नियम उप समिति 

  • प्रश्न संदर्भ समिति 

  • विशेषाधिकार समिति 

  • अधीनस्थ विधान समिति 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) कई समितियों के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
👉 इनमें प्रमुख रूप से नियम समिति तथा नियम उप समिति सम्मिलित हैं।
👉 ये समितियाँ विधानसभा की कार्यप्रणाली और प्रक्रियात्मक नियमों से संबंधित होती हैं।
👉 अध्यक्ष इन समितियों की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और आवश्यक संशोधन या सुझावों पर निर्णय लेते हैं।
👉 अतः विधानसभा अध्यक्ष नियम समिति और नियम उप समिति दोनों के पदेन अध्यक्ष होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – नियम समिति और नियम उप समिति 

राजस्थान विधानसभा के संबंध में निम्नांकित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 

A. 1952 में राजस्थान विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 160 थी। 

B. राजस्थान विधानसभा में प्रक्रिया व कार्य  संचालन के नियम पहली बार 1956 में निर्मित किए गए। 

C. राजस्थान विधानसभा की 18 स्थायी समितियाँ हैं, जिनमें से 4 वित्त संबंधी हैं।

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • केवल B व c  

  • केवल A व C 

  • A, B, व C 

  • केवल A व B 

🔹 व्याख्या

👉 1952 में गठित प्रथम राजस्थान विधानसभा में कुल 160 सदस्य थे।
👉 विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियम पहली बार 1956 में निर्मित किए गए थे।
👉 वर्तमान में विधानसभा में कई स्थायी समितियाँ हैं, परंतु 18 स्थायी समितियों में से 4 वित्त संबंधी होना अध्याय में उल्लेखित नहीं है।
👉 अतः दिए गए कथनों में केवल (A) और (B) सही हैं।

✍️ सही उत्तर है – केवल A व B 

वर्तमान में राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष कौन हैं ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • कैलाश मेघवाल  

  • सुमित्रा सिंह  

  • राजेन्द्र सिंह राठौड़  

  • दीपेन्द्र सिंह शेखावत  

🔹 व्याख्या

👉 वर्तमान में राजस्थान 16वीं विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी है वे 21 दिसंबर, 2023 को सर्वसम्मति (unanimously) से विधानसभा अध्यक्ष चुने गए थे। वे अजमेर उत्तर (Ajmer North) विधानसभा सीट से लगातार 5 बार के विधायक हैं।

✍️ सही उत्तर है – कैलाश मेघवाल 

प्रत्येक वित्तीय वर्ष के संबंध में राज्य का वार्षिक वित्तीय विवरण या प्राक्कलित आय और व्यय का विवरण राजस्थान विधानसभा में ऐसे दिन उपस्थापित किया जाता है, जो निर्धारित की जाती है - 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • विधान सभा के अध्यक्ष द्वारा 

  • राज्यपाल द्वारा 

  • विधान सभा के प्रमुख सचिव द्वारा 

  • मुख्यमंत्री द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 वार्षिक वित्तीय विवरण अनुच्छेद 202 के अधीन आता है और इसे राज्यपाल द्वारा निर्धारित दिन पर विधानसभा में प्रस्तुत कराया जाता है।
👉 इसमें राज्य की आगामी वर्ष की अनुमानित आय तथा अनुमानित व्यय का पूरा विवरण शामिल रहता है।
👉 राज्यपाल प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए यह बजट विवरण राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाने की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हैं।
👉 यह विवरण राज्य की राजस्व प्राप्तियों और व्यय योजनाओं का औपचारिक प्रस्तुतिकरण होता है।
👉 अनुच्छेद 202 राज्य के बजट प्रस्तुतीकरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से निर्धारित करता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल द्वारा  

किस समिति की सिफ़ारिश पर राजस्थान राज्य विधानसभा, आयुक्त, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के द्वारा सदन के पटल पर रखे गए प्रतिवेदन पर चर्चा करती है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति 

  • सामान्य प्रयोजन समिति 

  • कार्य सलाहकार समिति 

  • अनुसूचित जाति कल्याण समिति

🔹 व्याख्या

👉 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयुक्त द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन सदन में चर्चा हेतु जिस समिति की सिफ़ारिश पर लिया जाता है, वह कार्य सलाहकार समिति होती है।
👉 यह समिति विधानसभा की कार्यसूची निर्धारण और सदन में लिए जाने वाले मुद्दों के चयन में मुख्य भूमिका निभाती है।
👉 प्रतिवेदनों को सदन के पटल पर चर्चा के लिए निर्धारित समय इसी समिति द्वारा सुझाया जाता है।
👉 समिति का निर्णय विधानसभा की संचालन-व्यवस्था और बैठक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण होता है। 

✍️ सही उत्तर है – कार्य सलाहकार समिति 

राजस्थान विधान सभा के बारे में निम्नलिखित कथन पढ़िए और नीचे दिए गए कूट में से सही कथन/कथनों का चयन कीजिए 

(a) 1952 में राजस्थान विधान सभा में 160 सदस्य थे । 

(b) विधान सभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों को प्रथम बार 1956 में बनाया गया था ।

(c) राजस्थान विधान सभा की 22 स्थायी समितियां हैं ।  

[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]

कूट –

  • केवल (a) और (b) सही हैं

  • केवल (a) सही है 

  • (a), (b) और (c) सही हैं 

  • केवल (b) और (c) सही हैं 

🔹 व्याख्या

👉 1952 में गठित प्रथम राजस्थान विधानसभा में कुल 160 सदस्य थे।
👉 विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियम पहली बार 1956 में बनाए गए थे।
👉 वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में कुल 22 स्थायी समितियाँ कार्यरत हैं।
👉 इन समितियों में से कुछ वित्तीय मामलों से संबंधित हैं, जबकि अन्य विभिन्न प्रशासनिक विषयों से जुड़ी हैं। 

✍️ सही उत्तर है – (a), (b) और (c) सही हैं। 

वर्तमान में राजस्थान विधानसभा को लेखा समिति के अध्यक्ष हैं [*]

[Head Master 2011]

  • कालीचरण सराफ 

  • घरम नवदीप सिंह 

  • गुलाब चंद कटारिया 

  • अमराराम 

निम्नांकित में किस राजस्थान राज्य विधानसभा का सबसे छोटा कार्यकाल रहा ?

[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025] 

  • आठवीं

  • नवीं

  • पाँचवीं

  • चौथी

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की नवीं विधानसभा का गठन 2 मार्च 1990 को किया गया था।
👉 इसकी प्रथम बैठक 15 मार्च 1990 को आयोजित हुई थी।
👉 यह विधानसभा अपने पूर्ण पाँच वर्षीय कार्यकाल से पूर्व ही 15 दिसम्बर 1992 को भंग कर दी गई।
👉 इस प्रकार इसका कार्यकाल मात्र ढाई वर्ष (लगभग 33 महीने) का रहा।
👉 अतः राजस्थान विधानसभा के इतिहास में नवीं विधानसभा का कार्यकाल सबसे छोटा रहा है।

✍️ सही उत्तर है – नवीं 

वर्तमान राजस्थान विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या है [*]

[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 2011]

  • 34

  • 31

  • 27

  • 29

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

राज्य का विधानमण्डल निम्नांकित में से भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत " राज्य की आकस्मिकता निधि” की स्थापना कर सकता है ? 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • 267(1) 

  • 268(2)  

  • 267(2) 

  • 268(1) 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 267(2) में राज्य की आकस्मिकता निधि (Contingency Fund of the State) की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, प्रत्येक राज्य का विधानमण्डल विधि द्वारा ऐसी निधि की स्थापना कर सकता है।
👉 इस निधि में से राज्यपाल को आकस्मिक व्ययों के लिए अग्रिम स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार होता है।
👉 बाद में इस व्यय की राशि विधानमण्डल द्वारा विनियोग विधेयक से स्वीकृत कर दी जाती है।
👉 अतः राज्य की आकस्मिकता निधि की स्थापना का प्रावधान अनुच्छेद 267(2) में है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 267(2) 

'राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018' के विषय में निम्नलिखित कथनों को ध्यान से पढ़िए तथा सही कथन पहचानिए 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 17.10.2022]

  • सबसे कम मतदान प्रतिशत जैसलमेर जिले का रहा। 

  • सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत जयपुर जिले का रहा। 

  • सम्पूर्ण राज्य में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा। 

  • इनमें कुल मतदान 62.50% हुआ । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में राज्यभर में महिलाओं की भागीदारी अत्यधिक सक्रिय रही।
👉 निर्वाचन प्रक्रिया में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक दर्ज किया गया।
👉 यह प्रवृत्ति राज्य की राजनीतिक चेतना और लैंगिक समानता का प्रतीक रही।
👉 महिलाओं ने मतदान में पुरुषों की तुलना में अधिक उत्साह प्रदर्शित किया।
👉 अतः यह कथन सही है कि सम्पूर्ण राज्य में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा।

✍️ सही उत्तर है – सम्पूर्ण राज्य में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा। 

राजस्थान विधानसभा चुनाव 1967 में स्वतंत्र पार्टी को कितने स्थानों पर विजय प्राप्त हुई ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • 47 

  • 52 

  • 48 

  • 50 

🔹 व्याख्या

👉 1967 के राजस्थान विधानसभा चुनाव राज्य की चौथी विधानसभा के गठन हेतु आयोजित किए गए थे।
👉 इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ स्वतंत्र पार्टी ने भी प्रमुख भूमिका निभाई।
👉 स्वतंत्र पार्टी को इस चुनाव में कुल 48 सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी।
👉 इस परिणाम से स्वतंत्र पार्टी राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी।
👉 अतः 1967 के विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र पार्टी को 48 स्थानों पर सफलता मिली थी।

✍️ सही उत्तर है – 48 

राजस्थान विधान सभा में अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अविलम्बनीय मामलों में निम्नांकित में से कौन अध्यक्ष की ओर से विधेयक को प्रमाणित कर सकता है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

  • उपाध्यक्ष 

  • विधान सभा का सचिव

  • संसदीय सचिव 

  • संसदीय कार्य मंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के नियमों के अनुसार, कुछ अविलम्बनीय मामलों में अध्यक्ष की अनुपस्थिति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
👉 ऐसी स्थिति में विधानसभा का सचिव अध्यक्ष की ओर से विधेयक को प्रमाणित (Authenticate) कर सकता है।
👉 यह प्रावधान कार्य की निरंतरता और तात्कालिकता को बनाए रखने हेतु किया गया है।
👉 सचिव द्वारा किया गया यह प्रमाणीकरण विधायी दृष्टि से वैध और मान्य माना जाता है।
👉 अतः अध्यक्ष की अनुपस्थिति में विधेयक को प्रमाणित करने का अधिकार विधानसभा के सचिव को है।

✍️ सही उत्तर है – विधान सभा का सचिव 

कथन (A) : निर्वाचकीय उलटफेर आसानी से राजस्थान में दलीय प्रतिस्पर्धा की संरचना में परिवर्तन नहीं करता है। 

कारण (R) : राजस्थान में दलीय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का स्वरूप द्विध्रुवीय हो गया है और परिणाम में एक को फ़ायदे से दूसरे को सीधा नुकसान हो रहा है। 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • (A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है । 

  • (A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है । 

  • (A) और (R) दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है । 

  • (A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की राजनीति में समय-समय पर निर्वाचकीय उलटफेर (electoral swing) देखने को मिला है।
👉 फिर भी यह उलटफेर दलीय प्रतिस्पर्धा की मूल संरचना को प्रभावित नहीं करता।
👉 इसका कारण यह है कि राज्य की राजनीति द्विध्रुवीय (bipolar) स्वरूप ले चुकी है —
जहाँ एक दल को लाभ होने पर दूसरे दल को सीधा नुकसान होता है।
👉 इस प्रकार कारण (R) ठीक उसी बात को स्पष्ट करता है जो कथन (A) में कही गई है। 

✍️ सही उत्तर है – (A) और (R) दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है। 

भारत के संविधान के निम्नांकित में से कौन से अनुच्छेद के तहत राजस्थान का महाधिवक्ता राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही में भाग ले सकता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • 177

  • 175

  • 176

  • 178

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 177 राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) के अधिकारों से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, महाधिवक्ता को राज्य विधानसभा या विधान परिषद् की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है।
👉 हालांकि उन्हें सदन में मत देने का अधिकार नहीं होता।
👉 वे विधायी कार्यवाही में कानूनी सलाह और स्पष्टीकरण प्रदान कर सकते हैं।
👉 अतः महाधिवक्ता को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार अनुच्छेद 177 के अंतर्गत प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 177 

राजस्थान की समसामियक चुनावी राजनीति की निम्नलिखित में से कौनसी प्रवृति गलत है: 

[Asst. Prof. (Polity) 01.07.2016]

  • 1993 के बाद हुए विधान सभा चुनावों में पुरुष और महिला मतदाताओ के बीच मतदान में अंतर निरंतर कमहोता रहा है  

  • नीचे के स्तरों की तुलना में लोक सभा में मतदान अधिक होता है  

  • विधान सभा और लोक सभा मैं वंचित समुदायों के प्रतिनिधित्व में महत्वपूर्ण वृद्धिहुई है 

  • चुनावी प्रतिस्पर्धा दूवि-धरुवीय हो गई है   

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की समसामयिक चुनावी राजनीति में मतदान का प्रतिशत स्तरों के अनुसार भिन्न रहता है।
👉 सामान्यतः लोकसभा चुनावों की तुलना में विधानसभा तथा स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान प्रतिशत अधिक होता है।
👉 यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि मतदाता राज्य और स्थानीय स्तर पर अधिक सक्रिय भागीदारी करते हैं।
👉 अतः यह कथन कि “नीचे के स्तरों की तुलना में लोकसभा में मतदान अधिक होता है” — गलत है।
👉 वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है, जहाँ लोकसभा चुनावों में मतदान अपेक्षाकृत कम रहता है।

✍️ सही उत्तर है – नीचे के स्तरों की तुलना में लोकसभा में मतदान अधिक होता है। 

राजस्थान में ऐसा मंत्री, जिसके साथ किसी राज्य/उप मंत्री को सम्बद्ध किया जाता है, निम्नलिखित में से किसके अनुमोदन से, विभाग से संबन्धित कार्य को उस राज्य/उप मंत्री को आवंटित करेगा ?  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • विधानसभाध्यक्ष, राजस्थान विधानसभा 

  • राज्यपाल 

  • मुख्य सचिव 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में मंत्रिपरिषद् की कार्यप्रणाली मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संचालित होती है।
👉 यदि किसी मंत्री के साथ राज्य मंत्री या उप मंत्री को सम्बद्ध किया जाता है,
तो उस विभाग से संबंधित कार्य का आवंटन केवल मुख्यमंत्री की अनुमोदन (Approval) से किया जा सकता है।
👉 यह व्यवस्था कार्यों के समन्वय और प्रशासनिक नियंत्रण को सुनिश्चित करती है।
👉 मुख्यमंत्री को विभागीय कार्यों के वितरण और पुनर्वितरण का सर्वोच्च अधिकार प्राप्त है।
👉 अतः मंत्री अपने विभाग से संबंधित कार्य मुख्यमंत्री की स्वीकृति से राज्य/उप मंत्री को आवंटित करता है।

✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री 

1952 के राजस्थान राज्य विधान सभा निर्वाचन में राम राज्य परिषद् द्वारा कितने स्थानों पर जीत प्राप्त की गयी थी ?

[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]

  • 32

  • 24

  • 22

  • 36

🔹 व्याख्या

👉 1952 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में राम राज्य परिषद् ने उल्लेखनीय चुनावी प्रदर्शन किया था।
👉 इस चुनाव में पार्टी को कुल 24 सीटों पर विजय प्राप्त हुई थी।
👉 उस समय प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था।
👉 राम राज्य परिषद् का यह प्रदर्शन उसके क्षेत्रीय समर्थन-आधार की स्पष्ट पहचान था।
👉 शुरुआती चुनावों में यह दल राजस्थान की राजनीति में एक प्रभावी उपस्थिति रखता था।

✍️ सही उत्तर है – 24 

राजस्थान विधानसभा के संदर्भ में निम्न कथनों को ध्यान से पढिये - 

(I) अध्यक्ष का निर्वाचन उस तिथि को होगा जो सदन 'तय करे । 

(II) उस तय तिथि की सूचना राज्यपाल प्रत्येक सदस्य को भेजेंगे । 

सही कथन पहचानिये [*]

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • (I) व (II) दोनों सही हैं 

  • (I) सही व (ii) गलत है 

  • (I) व (II) दोनों गलत हैं 

  • (I) गलत वं (II) सही है 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है। 

किस समिति की सिफ़ारिश पर राजस्थान विधान सभा राज्यपाल के अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों की चर्चा के लिए सामान्यतः समय नियत करेगी ?

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • नियम समिति

  • विशेषाधिकार समिति

  • कार्य सलाहकार समिति

  • आचरण समिति

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए विशेष प्रक्रिया निर्धारित है।
👉 अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों पर चर्चा हेतु समय का निर्धारण कार्य सलाहकार समिति (Business Advisory Committee) की सिफ़ारिश पर किया जाता है।
👉 यह समिति विधानसभा की कार्यसूची और समय विभाजन से संबंधित निर्णय लेती है।
👉 इसके सुझावों के आधार पर अध्यक्ष चर्चा के लिए समय नियत करते हैं।
👉 अतः यह कार्य कार्य सलाहकार समिति की सिफ़ारिश पर किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – कार्य सलाहकार समिति 

राजस्थान विधानसभा की कार्यविधि से संबंधित निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : 

(i) तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर दिए जाते हैं और इन पर पूरक प्रश्न किए जा सकते हैं ।

(ii) अ-तारांकित प्रश्न एवं अल्प सूचना प्रश्न के मौखिक उत्तर दिए जाते हैं और इन पर पूरकं प्रश्न नहीं किए जा सकते हैं । 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]

  • (i) व (ii) दोनों सही हैं । 

  • केवल (ii) सही है । 

  • केवल (i) सही है । 

  • न तो (i), न ही (ii) सही है। 

🔹 व्याख्या

👉 तारांकित प्रश्नों का उत्तर सामान्यतः मौखिक रूप में दिया जाता है और इनमें पूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
👉 अ-तारांकित प्रश्न का उत्तर केवल लिखित रूप में दिया जाता है तथा इनमें पूरक प्रश्न नहीं किए जा सकते।
👉 अल्प सूचना प्रश्न का उत्तर मौखिक रूप से दिया जाता है, परन्तु इसमें पूरक प्रश्न की अनुमति होती है। 

✍️ सही उत्तर है – न तो (i), न ही (ii)

राजस्थान विधानसभा द्वारा 2023 में पारित एक विधेयक द्वारा दूसरा राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय कहाँ स्थापित किया जाएगा ?

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • अजमेर में 

  • जोबनेर में 

  • जोधपुर में 

  • गंगानगर में 

🔹 व्याख्या

👉 वर्ष 2023 में राजस्थान विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया।
👉 इस विधेयक के अंतर्गत राज्य में दूसरा राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रावधान किया गया।
👉 यह नया विश्वविद्यालय जोबनेर (जयपुर) में स्थापित किया जाएगा।
👉 विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य पशु चिकित्सा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। 

✍️ सही उत्तर है – जोबनेर में 

निम्नांकित में से कौन राजस्थान विधान सभा की  पहली महिला सदस्य थीं ?

[Head Master 11.10.2021] 

  • सुमित्रा सिंह 

  • यशोदा देवी 

  • कमला बेनिवाल 

  • गंगा देवी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा की पहली महिला सदस्य के रूप में श्रीमती यशोदा देवी जानी जाती हैं।
👉 वे प्रथम विधानसभा (1952–1957) की सदस्य थीं।
👉 यशोदा देवी ने राज्य की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी की नींव रखी।
👉 वे अपने कार्यकाल में सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण की प्रवक्ता रहीं। 

✍️ सही उत्तर है – यशोदा देवी 

यदि राजस्थान विधानसभा का कोई सदस्य अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देता है तो नियमानुसार राजस्थान विधान-सभाध्यक्ष कितनी समय सीमा में त्यागपत्र स्वीकार करने हेतु बाध्य है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • 45 दिवस

  • 60 दिवस

  • समय सीमा निश्चित नहीं है।

  • 30 दिवस

🔹 व्याख्या

👉 विधानसभा सदस्य त्यागपत्र स्पीकर को देता है।
👉
स्वीकृति से पहले स्वेच्छा व सत्यापन किया जाता है।
👉
इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा निर्धारित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – समय सीमा निश्चित नहीं है।

राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को राज्यपाल द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाये जाने पर वह विधेयक सदन के सम्मुख पुनः रखने के लिए अधिकृत है : 

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • मुख्य सचेतक 

  • नेता प्रतिपक्ष 

  • मुख्यमंत्री 

  • विधानसभा अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 जब राज्यपाल किसी विधेयक को पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटाते हैं, तो वह विधेयक पुनः सदन में प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इस प्रक्रिया में विधेयक को सदन के समक्ष पुनः रखने का कार्य विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से किया जाता है।
👉 अध्यक्ष सदन की कार्यवाही का संचालन करते हुए राज्यपाल के संदेश सहित विधेयक को पुनः प्रस्तुत करते हैं।
👉 यह अधिकार उन्हें विधानसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के तहत प्राप्त है।
👉 अतः विधेयक को पुनः सदन के सम्मुख रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष अधिकृत होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – विधानसभा अध्यक्ष 

राजस्थान विधानसभा की महिलाओं एवं बालकों के कल्याण सम्बन्धी समिति में सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है ? 

[Research Assistant 10.07.2025]

  • 14 

  • 13 

  • 15 

  • 12 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में महिलाओं एवं बालकों के कल्याण संबंधी समिति का गठन सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर विचार हेतु किया जाता है।
👉 यह समिति राज्य में महिलाओं और बालकों से संबंधित नीतियों, योजनाओं और कल्याण कार्यों की समीक्षा करती है।
👉 विधानसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार, इस समिति में अधिकतम 15 सदस्य हो सकते हैं।
👉 सदस्यों का चयन विधानसभा द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है।
👉 अतः इस समिति की अधिकतम सदस्य संख्या 15 निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – 15 

राजस्थान की प्रथम विधानसभा का अध्यक्ष कौन था ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • रामनिवास मिर्धा 

  • नरोत्तम लाल 

  • शान्तिलाल चपलोत 

  • श्रीमती सुमित्रा सिंह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान की प्रथम विधानसभा का गठन 1952 में किया गया था।
👉 इस विधानसभा के पहले अध्यक्ष (स्पीकर) श्री नरोत्तमलाल जोशी थे।
👉 उन्होंने यह पद 31 मार्च 1952 से 25 अप्रैल 1957 तक संभाला। 
👉 अतः राजस्थान की प्रथम विधानसभा के अध्यक्ष नरोत्तमलाल जोशी थे।

✍️ सही उत्तर है – नरोत्तमलाल जोशी

राजस्थान विधानसभा के स्पीकर को पद की शपथ कौन दिलाता है ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • राजस्थान विधानसभा के निवर्तमान स्पीकर 

  • कोई नहीं 

  • राजस्थान के राज्यपाल 

  • मुख्य न्यायमूर्ति, राजस्थान उच्च न्यायालय 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार, विधान सभा के सदस्यों को शपथ राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति दिलाता है।
👉 परंतु विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बनने के बाद इस पद के लिए अलग से शपथ नहीं दिलाई जाती।
👉 स्पीकर केवल सदस्य के रूप में ली गई शपथ के आधार पर ही पद ग्रहण करते हैं।
👉 इसलिए विधानसभा के स्पीकर को पद की शपथ कोई नहीं दिलाता।
👉 वे अपने सदस्यत्व की शपथ पर ही अपने दायित्व निभाते हैं।

✍️ सही उत्तर है – कोई नहीं 

सन् 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधान सभा की सदस्य संख्या कितनी निर्धारित की थी ? 

[RAS Pre. 28.08.2016]

  • 188 

  • 200 

  • 160 

  • प्रत्येक जिले में तीन विधायक 

🔹 व्याख्या

👉 सन् 1952 के परिसीमन आयोग ने राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या तय की थी।
👉 आयोग द्वारा कुल 160 सदस्य निर्धारित किए गए थे।
👉 यह संख्या राजस्थान की प्रथम विधानसभा के गठन के समय लागू हुई।
👉 प्रथम विधानसभा का गठन 23 फरवरी 1952 को किया गया था।
👉 इसलिए 1952 के परिसीमन आयोग द्वारा विधानसभा की सदस्य संख्या 160 निश्चित की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – 160 

निम्नलिखित में से राजस्थान विधान सभा में अधीनस्थ विधान संबंधी कौन सा कथन सही नहीं है ? 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • यह राजस्थान विधान सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 240 द्वारा शासित होता है।

  • समिति उन विधेयकों के प्रावधानों की जाँच कर सकती है जो आदेश देने के लिए शक्तियाँ सौंपने की माँग करते हैं। 

  • अध्यक्ष विधायी शक्तियों के प्रत्यायोजन के प्रावधान वाले विधेयकों को समिति को संदर्भित करता है। 

  • अधीनस्थ विधान समिति संविधान के प्रावधान या ऐसे आदेश बनाने के लिए अधीनस्थ प्राधिकारी को शक्ति सौंपने वाले कानून के प्रावधानों के अनुसरण में बनाए गए सभी "आदेशों" की जाँच करती है।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में अधीनस्थ विधान (Subordinate Legislation) से संबंधित प्रक्रिया का निर्धारण विशेष नियमों द्वारा किया गया है।
👉 अधीनस्थ विधान की जाँच एवं अनुमोदन के लिए नियम 241 से 243 तक के नियम लागू होते हैं।
👉 इसलिए यह कहना कि यह प्रक्रिया नियम 240 द्वारा शासित होती है — सही नहीं है।
👉 नियम 240 अन्य विषय से संबंधित है, न कि अधीनस्थ विधान से।
👉 अतः दिया गया कथन गलत है।

✍️ सही उत्तर है – यह राजस्थान विधानसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 240 द्वारा शासित होता है। 

निम्न में से किन्होंने राजस्थान विधानसभा में हाल में डिजिटल म्यूज़ियम का उद्घाटन किया था ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल 

  • मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ 

  • मुख्य न्यायाधीश यू.यू. ललित 

  • मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में हाल ही में डिजिटल म्यूज़ियम (Digital Museum) का उद्घाटन किया गया।
👉 इस संग्रहालय का उद्देश्य विधानसभा के इतिहास, लोकतांत्रिक परंपराओं और उपलब्धियों को डिजिटल स्वरूप में प्रदर्शित करना है।
👉 इसका उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. वी. रमना द्वारा किया गया।
👉 इस अवसर पर उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं के इतिहास संरक्षण के महत्व पर बल दिया।
👉 अतः राजस्थान विधानसभा के डिजिटल म्यूज़ियम का उद्घाटन मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना ने किया था।

✍️ सही उत्तर है – मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना 

भारत के संविधान के अनुच्छेद 276 के अन्तर्गत राज्य विधान मण्डल निम्नांकित में से किस पर कर से संबंधित विधि बना सकते हैं ?

(A) वृत्तियों पर 

(B) व्यापारों पर 

(C) नियोजनों पर 

सही उत्तर है :

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • (A), (B) एवं (C)  

  • केवल (A) एवं (B) 

  • केवल (B) एवं (C) 

  • केवल (A) एवं (C) 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 276 के अंतर्गत राज्य विधानमण्डल को कर से संबंधित विधि बनाने का अधिकार प्रदान किया गया है।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों को वृत्तियों (Professions), व्यापारों (Trades) तथा नियोजनों (Employments) पर कर लगाने की शक्ति देता है।
👉 इस कर की अधिकतम सीमा संसद द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जा सकती है।
👉 यह प्रावधान राज्यों की राजस्व-संग्रहण क्षमता को सुदृढ़ करता है।
👉 अतः अनुच्छेद 276 के अंतर्गत राज्य विधानमण्डल (A), (B) और (C) तीनों पर कर से संबंधित विधि बना सकते हैं।

✍️ सही उत्तर है – (A), (B) एवं (C) 

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान राज्य विधानसभा में चार बार विपक्ष के नेता रहे हैं ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • गुलाब चन्द कटारिया

  • भैरोंसिंह शेखावत

  • वसुंधरा राजे

  • लक्ष्मण सिंह

🔹 व्याख्या

👉 लक्ष्मण सिंह चार बार विपक्ष के नेता रहे।
👉
यह राजस्थान विधानसभा में सर्वाधिक बार है।
👉
वे राज्य के प्रमुख संसदीय व्यक्तित्व हैं।

✍️ सही उत्तर है – लक्ष्मण सिंह

राजस्थान विधानसभा के किसी सदस्य के त्यागपत्र के संबंध में निम्नांकित में से कौन सा कथन सही नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • यदि अध्यक्ष को त्यागपत्र पोस्ट अथवा किसी अन्य के माध्यम से  प्राप्त होता है, अध्यक्ष स्वयं की संतुष्टि के लिए कि त्यागपत्र स्वैच्छिक और असली है, जाँच करवा सकता है, जैसा वह उचित समझें । 

  • यदि कोई सदस्य अध्यक्ष के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थित होकर  त्यागपत्र सौंपता है और सूचित करता है कि त्यागपत्र स्वैच्छिक और असली है और अध्यक्ष के पास उसके विपरीत कोई सूचना अथवा ज्ञान नहीं है, अध्यक्ष तुरंत त्यागपत्र स्वीकार कर सकता है 

  • कोई सदस्य जो सदन में अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देना चाहता  है, अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अध्यक्ष को सूचित करेगा । 

  • कोई सदस्य अपना त्यागपत्र अध्यक्ष को सौंपने के 30 दिनों के  भीतर अपना त्यागपत्र वापस ले सकता है। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के किसी सदस्य द्वारा दिया गया त्यागपत्र संविधान के अनुच्छेद 190(3)(b) के अधीन आता है।
👉 सदस्य को अपना त्यागपत्र स्वयं हस्ताक्षरित कर अध्यक्ष को प्रस्तुत करना होता है।
👉 अध्यक्ष यह सुनिश्चित करते हैं कि त्यागपत्र स्वेच्छा और वास्तविक इच्छा से दिया गया है।
👉 एक बार त्यागपत्र स्वीकार हो जाने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता।
👉 इसलिए यह कथन कि “कोई सदस्य त्यागपत्र देने के 30 दिनों के भीतर उसे वापस ले सकता है” - सही नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – कोई सदस्य अपना त्यागपत्र अध्यक्ष को सौंपने के 30 दिनों के भीतर अपना त्यागपत्र वापस ले सकता है। 

सार्वजनिक महत्त्व के एक मामले के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने के लिए, राजस्थान विधानसभा का सदस्य अन्तः सत् अवधि के दौरान एक सप्ताह में कितने अतारांकित प्रश्न की सूचना दे सकता है ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • एक

  • सात 

  • पाँच 

  • तीन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में प्रश्नों की संख्या और प्रकार का स्पष्ट उल्लेख है।
👉 किसी सदस्य को अन्तः सत्र अवधि (inter-session period) के दौरान प्रश्न पूछने की सीमा निर्धारित की गई है।
👉 इस अवधि में कोई सदस्य एक सप्ताह में केवल एक अतारांकित प्रश्न (Unstarred Question) की सूचना दे सकता है।
👉 यह नियम सदन के कार्यप्रवाह और प्रश्नोत्तर प्रक्रिया की नियमितता सुनिश्चित करता है।
👉 अतः सदस्य एक सप्ताह में एक अतारांकित प्रश्न ही प्रस्तुत कर सकता है।

✍️ सही उत्तर है – एक 

राजस्थान विधान सभा में सदस्यों की निरर्हताओं से सम्बन्धित प्रश्नों पर विनिश्चय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 

(i) यदि यह प्रश्न उठता है कि राज्य विधान सभा का कोई सदस्य भारत के संविधान के अनुच्छेद 191 के खण्ड (1) में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हो गया है या नहीं, तो वह प्रश्न विधान सभाध्यक्ष को विनिश्चय के लिए निर्देशित किया जाएगा और उसका विनिश्चय अन्तिम होगा। 

(ii) ऐसे किसी प्रश्न पर विनिश्चय करने से पहले अध्यक्ष निर्वाचन आयोग की राय लेगा और ऐसी राय के अनुसार कार्य करेगा।

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • केवल (ii) सही हैं । 

  • न तो (i) और न ही (ii) सही है। 

  • केवल (i) सही है। 

  • (i) व (ii) दोनों सही हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 संविधान के अनुच्छेद 192 के अनुसार, यदि यह प्रश्न उठता है कि राज्य विधानसभा का कोई सदस्य अनुच्छेद 191(1) में वर्णित किसी निरर्हता से ग्रस्त हुआ है या नहीं, तो इसका निर्णय राज्यपाल द्वारा किया जाएगा।
👉 राज्यपाल निर्णय लेने से पहले निर्वाचन आयोग की राय प्राप्त करते हैं और उसी के अनुसार कार्य करते हैं।
👉 इसलिए इस प्रक्रिया में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका नहीं होती। 

✍️ सही उत्तर है – न तो (i) और न ही (ii) सही है। 

राजस्थान विधानसभा में यदि मन्त्रिपरिषद् में विश्वास के अभाव प्रकट करने सम्बन्धी प्रस्ताव की सूचना है और साथ ही मन्त्रिपरिषद् में विश्वास व्यक्त करने वाला एक प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो पूर्ववर्तिता किस प्रस्ताव को होगी ? 

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • विश्वास प्रस्ताव को

  • अविश्वास प्रस्ताव को

  • विधानसभा निर्धारित करेगी ।

  • विधानसभा अध्यक्ष निर्धारित करेगा ।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के कार्य संचालन नियमों में विश्वास और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
👉 यदि सदन में एक ओर मंत्रिपरिषद् में विश्वास के अभाव (अविश्वास प्रस्ताव) की सूचना हो,
और दूसरी ओर मंत्रिपरिषद् में विश्वास व्यक्त करने वाला प्रस्ताव (विश्वास प्रस्ताव) प्राप्त हो,
तो दोनों में से विश्वास प्रस्ताव को पूर्ववर्तिता (प्राथमिकता) दी जाती है।
👉 यह नियम सदन में सरकार की स्थिरता और बहुमत परीक्षण की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
👉 अतः ऐसी स्थिति में विश्वास प्रस्ताव को प्राथमिकता दी जाएगी।

✍️ सही उत्तर है – विश्वास प्रस्ताव को 

राजस्थान विधानसभा में, लोक महत्त्व के किसी विषय पर स्थगन प्रस्ताव की सूचना जिस दिन प्रस्ताव करना है, उस दिन की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व, निम्नलिखित में से किसे नहीं दी जाती है?

[Deputy Commandant 11.01.2026]

  • विधानसभा के प्रमुख सचिव को

  • सदन के नेता को

  • संबंधित मंत्री को

  • अध्यक्ष को

🔹 व्याख्या

👉 स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) की सूचना बैठक शुरू होने से पूर्व सदन के नेता को नहीं दी जाती है।

👉 नियमानुसार, इसकी लिखित सूचना विधानसभा अध्यक्ष, संबंधित मंत्री और सचिव को देना अनिवार्य है।

👉 यह प्रस्ताव लोक महत्त्व के किसी अविलंबनीय और निश्चित विषय पर चर्चा करने हेतु लाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सदन के नेता को

राजस्थान की विधानसभा में वर्तमान नेता प्रतिपक्ष कौन हैं ? 

[रसायनज्ञ पुरालेख विभाग 05.08.2024]

  • गोविंद सिंह डोटासरा 

  • अशोक गहलोत 

  • शांति धारीवाल 

  • टीकाराम जूली 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में वर्तमान नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) टीकाराम जूली हैं।  
👉 वे कांग्रेस के विधायक हैं और अलवर ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हैं।  
👉 उनका पद 19 जनवरी 2024 से सक्रिय है। 

✍️ सही उत्तर है – टीकाराम जूली

निम्नलिखित में से किस विषय पर, राजस्थान विधानसभा कोई कानून नहीं बना सकती है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • निगम कर 

  • कृषि आय पर कर 

  • वृत्तियों पर कर 

  • पथकर 

🔹 व्याख्या

👉 निगम कर (Corporation Tax) संविधान की संघ सूची में आता है और इस पर कानून बनाने की विशेष शक्ति संसद को प्राप्त है।
👉 राज्य विधानसभा केवल उन विषयों पर कानून बना सकती है जो राज्य सूची या समवर्ती सूची में शामिल हों। 
👉 निगम कर से संबंधित सभी विधान, संशोधन एवं प्रावधान केवल संसद के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
👉 इस प्रकार निगम कर राज्य विधानमंडल की विधायी परिधि से बाहर का विषय है।

✍️ सही उत्तर है – निगम कर 

निम्नांकित में से कितने न्यूनतम सदस्यों के पक्ष में होने पर ही राजस्थान विधानसभा में मन्त्री परिषद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • 40 

  • 50 

  • 20 

  • 30 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में मंत्रिपरिषद् के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं।
👉 नियमों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा तभी संभव है जब उसे सदन के कम से कम 40 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो।
👉 यह प्रावधान सदन में गंभीरता और पर्याप्त समर्थन सुनिश्चित करने हेतु किया गया है।
👉 अध्यक्ष केवल तभी प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार करते हैं जब यह न्यूनतम समर्थन सीमा पूरी करता है।
👉 अतः अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 40 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।

✍️ सही उत्तर है – 40 

'राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम' के अनुसार लोकहित के किसी विषय पर चर्चा पर प्रस्ताव की सूचना लिखित रूप में संबोधित करते हुए, निम्नांकित में से किसे दी जायेगी ? 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • उपाध्यक्ष 

  • विधानसभा सचिव 

  • मुख्य सचेतक  

  • अध्यक्ष 

🔹 व्याख्या

👉 'राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों' में लोकहित के विषयों पर चर्चा की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
👉 किसी सदस्य द्वारा लोकहित के विषय पर चर्चा हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने की सूचना लिखित रूप में दी जानी आवश्यक होती है।
👉 यह सूचना संबोधित की जाती है विधानसभा सचिव (Secretary of Legislative Assembly) को।
👉 सचिव इस प्रस्ताव को आगे की कार्यवाही हेतु अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
👉 अतः लोकहित के किसी विषय पर चर्चा के प्रस्ताव की सूचना विधानसभा सचिव को दी जाती है।

✍️ सही उत्तर है – विधानसभा सचिव 

निम्नांकित में से भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य विधान सभा के सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान से सम्बन्धित है ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • 187 

  • 189 

  • 188 

  • 186 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान का अनुच्छेद 188 राज्य की विधानसभा या विधान परिषद् के सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, प्रत्येक सदस्य अपना स्थान ग्रहण करने से पहले राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष शपथ या प्रतिज्ञान करता है।
👉 यह शपथ तीसरी अनुसूची में दिए गए निर्धारित प्रारूप के अनुसार ली जाती है।
👉 शपथ के बाद ही सदस्य सदन की कार्यवाही में भाग लेने के योग्य होता है।
👉 अतः सदस्यों की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 188 में निहित है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 188 

राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियम के किस नियम में मंत्रिपरिषद् में अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित प्रक्रिया का उल्लेख है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • नियम 132 

  • नियम 128 

  • नियम 198 

  • नियम 191 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों में
मंत्रिपरिषद् में अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) की प्रक्रिया का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
👉 यह प्रक्रिया नियम 132 के अंतर्गत वर्णित है।
👉 इस नियम में अविश्वास प्रस्ताव की सूचना, समर्थन, प्रस्तुति और चर्चा की विधि निर्धारित की गई है।
👉 प्रस्ताव तभी स्वीकार किया जाता है जब उसे सदन के कम से कम 40 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो।
👉 अतः अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित प्रक्रिया नियम 132 में दी गई है।

✍️ सही उत्तर है – नियम 132

15वीं राजस्थान विधानसभा के प्रो-टेम (सामयिक) अध्यक्ष कौन थे? 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • भंवर लाल मेघवाल 

  • गुलाबचंद कटारिया 

  • प्रद्युम्न सिंह 

  • परसराम मोरदिया 

🔹 व्याख्या

👉 15वीं राजस्थान विधानसभा का गठन 12 दिसंबर 2018 को हुआ था।
👉 इसकी प्रथम बैठक 15 जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी।
👉 इस विधानसभा के प्रो-टेम (सामयिक) अध्यक्ष के रूप में श्री गुलाबचंद कटारिया को नियुक्त किया गया था।
👉 प्रो-टेम अध्यक्ष का कार्य नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और नए अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया संचालित करना होता है।
👉 अतः 15वीं विधानसभा के प्रो-टेम अध्यक्ष गुलाबचंद कटारिया थे।

✍️ सही उत्तर है – गुलाबचंद कटारिया 

राजस्थान विधानसभा के संबंध में कौन सा विकल्प सही नहीं है

[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]

  • यह एक सदनीय व्यवस्थापिका है । 

  • 32 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं और 23 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं

  • 1952 में पहली बार इसका गठन हुआ ।

  • राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में कुल 200 निर्वाचन क्षेत्र हैं।
👉 इनमें से 34 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 25 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 
👉 अतः यह कथन कि “32 सीटें SC के लिए और 23 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं” — सही नहीं है।
👉 वास्तविक संख्या क्रमशः 34 और 25 है।

✍️ सही उत्तर है – 32 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं और 23 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 

निम्नांकित में से कौन सी, राजस्थान विधानसभा में कटौती प्रस्तावों की ग्राह्यता की शर्त नहीं है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]

  • उसमें वर्तमान विधियों का संशोधन या निरसन करने के लिए सुझाव नहीं दिये जायेंगे 

  • उसका सम्बन्ध केवल एक माँग से होगा । 

  • उसमें विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया जाएगा । 

  • वह उस विषय का निर्देश नहीं करेगी जो मुख्यतया राज्य सरकार का विषय नहीं हो । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में कटौती प्रस्ताव (Cut Motion) वित्तीय माँगों में कमी या आपत्ति प्रकट करने हेतु प्रस्तुत किया जाता है।
👉 ऐसे प्रस्तावों की ग्राह्यता (Admissibility) के लिए कुछ शर्तें निर्धारित हैं।
👉 प्रस्ताव स्पष्ट, विशिष्ट एवं वित्तीय विषय से संबंधित होना चाहिए।
👉 इसमें विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया नहीं जा सकता, क्योंकि यह वित्तीय प्रक्रिया से संबंधित नहीं है।
👉 अतः यह कथन कि “उसमें विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया जाएगा” — कटौती प्रस्ताव की ग्राह्यता की शर्त नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – उसमें विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया जाएगा। 

14वीं राजस्थान विधान सभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों से कितनी महिला सदस्य निर्वाचित हुई हैं ? 

[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]

  • 6

  • 2

  • 5

  • 3

🔹 व्याख्या

👉 14वीं राजस्थान विधानसभा (2013–2018) में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए 25 सीटें आरक्षित थीं।
👉 इनमें से 3 सीटों से महिला सदस्य निर्वाचित हुईं।
👉 इन निर्वाचित महिलाओं ने सदन में जनजातीय समाज के प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाया।
👉 यह आँकड़ा राज्य में महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
👉 अतः 14वीं विधानसभा में अनुसूचित जनजाति वर्ग से 3 महिला सदस्य निर्वाचित हुईं।

✍️ सही उत्तर है – 3 

संविधान के अनुच्छेद-178 के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष होता है 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • चयनित 

  • निर्वाचित 

  • नियुक्त 

  • मनोनीत 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 178 में राज्य की विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद का प्रावधान किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, विधानसभा अपने सदस्यों में से ही एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष का चयन (चयनित) करती है।
👉 अध्यक्ष का कार्य सदन की बैठकों की अध्यक्षता करना और कार्यवाही को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करना होता है।
👉 यह पद विधानसभा की लोकतांत्रिक संरचना में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
👉 अतः अनुच्छेद 178 के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष चयनित होता है।

✍️ सही उत्तर है – चयनित 

राजस्थान विधानसभा की निम्नलिखित में से किस समिति में सदस्यों की संख्या पूर्व निर्धारित नहीं है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • सामान्य प्रयोजनों सम्बन्धी समिति

  • सरकारी आश्वासनों सम्बन्धी समिति

  • याचिका समिति

  • विशेषाधिकार समिति 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान विधानसभा में विभिन्न विषयों पर कार्य करने हेतु कई संसदीय समितियाँ गठित की जाती हैं।
👉 इनमें से कुछ समितियों के सदस्यों की संख्या नियत (fixed) होती है, जबकि कुछ में नहीं।
👉 सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति (Committee on General Purposes) ऐसी समिति है,
जिसकी सदस्य संख्या पूर्व निर्धारित नहीं होती।
👉 इस समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दलों के नेता और अन्य सदस्य अध्यक्ष के विवेकानुसार नामित किए जाते हैं।
👉 अतः सदस्यों की संख्या पूर्व निर्धारित नहीं होने वाली समिति सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति है।

✍️ सही उत्तर है – सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति 

राजस्थान में महिला जन प्रतिनिधियों के संदर्भ में त्रुटिपूर्ण कथन है: [*]

[Asst. Prof. (Polity) 01.07.2016]

  • सोहलवीं लोकसभा में राजस्थान से केवल एक महिला सदस्य हैं  

  • चौदहवीं राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस की दो महिला सदस्य निर्वाचित हुई हैं    

  • चौदहवीं राजस्थान विधानसभा में कुल 27 महिला सदस्य निर्वाचित हुई हैं  

  • चौदहवीं राजस्थान विधानसभा मैं सर्वाधिक महिला सदस्य गंगानगर जिले से निर्वाचित हुई हैं 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।