पंचायत का सदस्य बनने हेतु एक व्यक्ति को आयु पूर्ण करनी चाहिए : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • 25 वर्ष 

  • 21 वर्ष 

  • 18 वर्ष 

  • 30 वर्ष 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 243-F के अनुसार पंचायत का सदस्य बनने के लिए कुछ अर्हताएँ (Qualifications) निर्धारित की गई हैं।
👉 इनमें प्रमुख अर्हता यह है कि व्यक्ति की न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।
👉 यह नियम सभी स्तरों की पंचायतों — ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर — पर समान रूप से लागू होता है।
👉 जबकि राज्य विधानमंडल की सदस्यता के लिए आयु सीमा 25 वर्ष निर्धारित है।
👉 इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंचायतों में परिपक्व और उत्तरदायी नेतृत्व भाग ले सके।

✍️ सही उत्तर है – 21 वर्ष 

73वें संविधान संशोधन द्वारा 11वीं अनुसूची में पंचायतीराज संस्थाओं को कितने कार्य सौंपे गये ? 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • 29

  • 19

  • 31

  • 47

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई।
👉 इस अनुसूची में पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित विषयों की सूची दी गई है।
👉 इसमें कुल 29 कार्य (Subjects) शामिल किए गए हैं, जो पंचायतों को स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के निर्माण व क्रियान्वयन का अधिकार देते हैं।
👉 इन विषयों में कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, जल प्रबंधन, ग्रामीण आवास आदि प्रमुख हैं।
👉 इस प्रावधान से पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में सशक्त बनाया गया।

✍️ सही उत्तर है – 29 

पंचायती राज संस्थाओं की समस्याओं का अध्ययन करने हेतु भारत सरकार द्वारा 1986 में, निम्नांकित में से किस समिति का गठन किया गया ? 

[जनसंपर्क अधिकारी 22.10.2019]

  • अशोक मेहता समिति 

  • के. संथानम समिति 

  • हनुमंतराव समिति 

  • एल. एम. सिंघवी समिति 

🔹 व्याख्या

👉 भारत सरकार ने वर्ष 1986 में पंचायती राज संस्थाओं की समस्याओं और पुनर्जीवन के अध्ययन हेतु एक समिति गठित की।
👉 इस समिति की अध्यक्षता डॉ. लक्ष्मीमल्ल सिंघवी (L. M. Singhvi) ने की थी।
👉 समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
👉 इसके साथ ही समिति ने राज्य वित्त आयोग और पंचायती राज अधिकरण की स्थापना की अनुशंसा की।
👉 सिंघवी समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे चलकर 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – एल. एम. सिंघवी समिति 

राज्यों के समूह को पहचानिए, जिस पर 'पंचायतों के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार)अधिनियम, 1996' लागू नहीं होता है 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 29.10.2018]

  • आंध्रप्रदेश - छत्तीसगढ़ - गुजरात 

  • असम – मेघालय - तमिलनाडु 

  • महाराष्ट्र – हिमाचल प्रदेश - मध्यप्रदेश 

  • झारखण्ड - तेलंगाना - राजस्थान 

🔹 व्याख्या

👉 पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA Act) केवल संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित क्षेत्रों पर लागू होता है।
👉 यह अधिनियम जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त करने और उन्हें स्वशासन का अधिकार देने हेतु बनाया गया था।
👉 संविधान के अनुच्छेद 243M(1) के अनुसार, यह अधिनियम नागालैंड, मेघालय और मिज़ोरम जैसे राज्यों पर लागू नहीं होता। 

✍️ सही उत्तर है – असम, मेघालय और तमिलनाडु 

भारत के संविधान के अनुच्छेद 40 का सम्बन्ध है - 

[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]

  • पंचायती राज 

  • सहकारी सोसायटियों का संवर्धन 

  • पर्यावरण संरक्षण 

  • निःशुल्क विधिक सहायता 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 40 भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (Directive Principles of State Policy) का एक महत्वपूर्ण अनुच्छेद है।
👉 इसमें राज्य को निर्देश दिया गया है कि वह ग्राम पंचायतों का संगठन करने के लिए कदम उठाए।
👉 राज्य पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान करेगा जिससे वे स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में कार्य कर सकें।
👉 यह अनुच्छेद भारत में पंचायती राज व्यवस्था की संवैधानिक नींव रखता है।
👉 इसी प्रावधान के आधार पर आगे चलकर 73वाँ संविधान संशोधन लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – पंचायती राज 

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार, पंचायत समिति के उप-प्रधान की शक्तियों और कार्यों के सबंध में गलत कथन की पहचान करें - 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]

  • उप–प्रधान पंचायत समिति के प्रधान की ऐसी शक्तियों का प्रयोग करता है और ऐसे कर्तव्यों का पालन करता है, जैसा कि प्रधान समय-समय पर सरकार द्वारा उस संबंध में बनाए गए नियमों के अधीन रहते हुए लिखित आदेश द्वारा उसे सौंप सकता है। 

  • उप-प्रधान, प्रधान की शक्तियों और कार्यों का प्रयोग कर सकता है, यदि प्रधान 30 दिन से अधिक अवधि के लिए पंचायत समिति क्षेत्र से अनुपस्थित रहता है। 

  • प्रधान की अनुपस्थिति में, उप-प्रधान पंचायत समिति की बैठक की अध्यक्षता करता है । 

  • उप-प्रधान, प्रधान के चुनाव लंबित रहने की स्थिति में या प्रधान के पंचायत समिति क्षेत्र से 60 दिन से अधिक अवधि के लिए अवकाश के कारण अनुपस्थित रहने की स्थिति में, प्रधान की शक्तियों का प्रयोग और कर्तव्यों का पालन कर सकता है।

🔹 व्याख्या

👉 दिए गए कथन में उप-प्रधान को प्रधान की शक्तियों का प्रयोग करने की स्थिति प्रधान के चुनाव लंबित रहने पर बताई गई है।
👉 कथन में यह भी कहा गया है कि यदि प्रधान 60 दिन से अधिक अवधि हेतु पंचायत समिति क्षेत्र से अनुपस्थित हो, तो उप-प्रधान उसके कर्तव्यों का पालन कर सकता है।
👉 यह विवरण उप-प्रधान की शक्तियों को प्रधान के समान मानने का संकेत देता है।
👉 उप-प्रधान का कार्य केवल सीमित परिस्थितियों में प्रशासनिक संचालक के रूप में कार्य करना होता है, न कि प्रधान की सभी शक्तियों का पूर्ण अधिग्रहण। 

निम्नांकित में से, कब ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता समिति को समाप्त कर दिया गया था?  

[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]

  • 6 जनवरी, 1999 

  • 6 जनवरी, 2000 

  • 6 फरवरी, 2000 

  • 6 फरवरी, 1999 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता समितियों (Vigilance Committees) का गठन पंचायतों के कार्य और वित्तीय लेन-देन की निगरानी हेतु किया गया था।
👉 इन समितियों का उद्देश्य पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना था।
👉 किंतु बाद में प्रशासनिक पुनर्गठन और नई निगरानी प्रणालियों की स्थापना के कारण इन समितियों को भंग कर दिया गया।
👉 6 जनवरी, 2000 को राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी कर इन ग्राम स्तरीय सतर्कता समितियों को समाप्त कर दिया गया।
👉 इसके पश्चात पंचायतों की निगरानी की जिम्मेदारी उच्च स्तरीय निकायों और लेखा परीक्षकों को सौंप दी गई।

✍️ सही उत्तर है – 6 जनवरी, 2000 

ग्राम पंचायत नियोजन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष कौन होता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]

  • उप-सरपंच 

  • पंचायत समिति का सदस्य, जिसके निर्वाचन क्षेत्र में वह ग्राम स्थित है । 

  • सरपंच 

  • ग्राम विकास अधिकारी 

🔹 व्याख्या

👉 ग्राम पंचायत नियोजन एवं समन्वय समिति का नेतृत्व पंचायत स्तर की मुख्य निर्वाचित प्राधिकारी करता है।
👉 इस समिति का अध्यक्ष वही व्यक्ति होता है जो ग्राम पंचायत का प्रधान प्रतिनिधि होता है।
👉 ग्राम पंचायत में यह प्रमुख भूमिका सरपंच को प्राप्त होती है।
👉 समिति की बैठकों, योजनाओं और समन्वय का अध्यक्षीय संचालन सरपंच द्वारा किया जाता है।
👉 इसलिए ग्राम पंचायत स्तर पर इस समिति का अध्यक्ष पद सरपंच को ही सौंपा जाता है।

✍️ सही उत्तर है – सरपंच 

राज्यों के निम्नांकित में से किस समूह पर पेसा [ पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम ], 1996 प्रवर्तनीय नहीं है ?

[RAS Pre. 28.08.2016]

  • हिमाचल प्रदेश- गुजरात छत्तीसगढ़

  • असम-मेघालय- तमिलनाडु

  • राजस्थान - तेलंगाना- महाराष्ट्र

  • आंध्र प्रदेश - झारखंड – ओडिशा

🔹 व्याख्या

👉 पेसा अधिनियम, 1996 (Panchayats Extension to the Scheduled Areas Act) केवल अनुसूचित क्षेत्रों पर लागू किया गया था।
👉 वर्तमान में भारत के 10 राज्यों में पेसा कानून लागू है। इन 10 राज्यों की सूची: आंध्र प्रदेश ,छत्तीसगढ़ ,गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड ,मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र ,ओडिशा ,राजस्थान, तेलंगाना।
👉 संविधान के अनुच्छेद 243M(1) के अनुसार, नागालैंड, मेघालय और मिज़ोरम जैसे राज्य तथा कुछ विशेष क्षेत्र पेसा अधिनियम के दायरे से बाहर रखे गए हैं।

✍️ सही उत्तर है – असम, मेघालय और तमिलनाडु 

निम्नांकित में से किस / किन संघराज्य क्षेत्रों में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था है ? 

(A) अण्डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह 

(B) चण्डीगढ़ 

(C) दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव 

सही उत्तर है : 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 14.12.2020]

  • केवल (A) एवं (C) 

  • (A), (B) एवं (C) 

  • केवल (B) एवं (C)

  • केवल (A) एवं (B) 

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) पर भी पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई।
👉 परंतु यह सभी केंद्रशासित प्रदेशों में समान रूप से लागू नहीं है।
👉 अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह और चंडीगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू है। 
👉 इसलिए सही उत्तर है कि त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली केवल (A) और (B) संघ राज्य क्षेत्रों में लागू है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (A) एवं (B) 

भारत में किस संवैधानिक संशोधन ने नव -पंचायती राज व्यवस्था स्थापित की ? 

[स्कूल व्याख्याता 2011]

  • 74 वां संशोधन 

  • 73 वां संशोधन 

  • 42 वां संशोधन 

  • 44 वां संशोधन 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में नव-पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से की गई।
👉 इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग-9 (Part IX) जोड़ा गया, जिसका शीर्षक है — ‘पंचायतें’।
👉 इसमें अनुच्छेद 243 से 243-ओ तक के प्रावधान सम्मिलित हैं, जो पंचायतों की संरचना, शक्तियाँ, वित्त, आरक्षण और चुनाव से संबंधित हैं।
👉 इस अधिनियम ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा और सुरक्षा प्रदान की।
👉 यह संशोधन 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ, जिसे आज राष्ट्रीय पंचायत दिवस के रूप में मनाया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – 73वां संशोधन 

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 

(I) 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 25 अप्रैल, 1993 से लागू हुआ । 

(II) 74वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा शहरी स्थानीय निकायों को 12वीं अनुसूची में सूचीबद्ध 18 कार्यों को करने का अधिकार दिया गया | 

सही विकल्प चुनिए  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • कथन (I) एवं (II) दोनों सही नहीं हैं। 

  • केवल कथन (I) सही है। 

  • केवल कथन (II) सही है। 

  • कथन (I) और (II) दोनों सही हैं। 

🔹 व्याख्या

👉 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन (Urban Local Self-Government) से संबंधित है।
👉 यह अधिनियम 1 जून, 1993 से लागू हुआ, न कि 25 अप्रैल, 1993 से — इसलिए कथन (I) गलत है।
👉 इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग-9-क (Part IX-A) जोड़ा गया, जिसमें नगरपालिकाओं (Municipalities) से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
👉 अधिनियम के अंतर्गत 12वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें 18 विषयों की सूची दी गई है जिन्हें शहरी स्थानीय निकायों को सौंपा गया।
👉 अतः केवल कथन (II) सही है, क्योंकि यह संविधान के वास्तविक प्रावधानों से मेल खाता है।

✍️ सही उत्तर है – केवल कथन (II) सही है 

कथन (A) : भारत में स्थानीय सरकारों को एक संवैधानिक दर्जा प्रदान कर दिया गया है । 

कारण (R) : भारत में निर्वाचित स्थानीय संस्थाओं के अस्तित्व को 

सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है । 

सही विकल्प का चुनाव कीजिए –

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.01.2020]

  • (A) गलत है परन्तु (R) सही है । 

  • (A) सही है परन्तु (R) गलत है ।

  • (A) तथा (R) दोनों सही हैं किन्तु (R) द्वारा (A) की व्याख्या गलत की गई है ।  

  • (A) तथा (R) दोनों ही सही हैं तथा (R) के द्वारा (A) की सही व्याख्या की गई है ।

🔹 व्याख्या

👉 कथन (A) सही है क्योंकि 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा भारत में स्थानीय सरकारों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
👉 इन संशोधनों के माध्यम से संविधान में भाग-9 (पंचायतें) और भाग-9-क (नगरपालिकाएँ) जोड़े गए।
👉 कारण (R) भी सही है क्योंकि इन संशोधनों का उद्देश्य था कि स्थानीय स्तर पर निर्वाचित संस्थाओं का अस्तित्व सुनिश्चित रहे और उनका नियमित चुनाव होता रहे।
👉 इन प्रावधानों ने स्थानीय निकायों को लोकतांत्रिक स्थायित्व और संविधानिक संरक्षण प्रदान किया।
👉 अतः (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

✍️ सही उत्तर है – (A) तथा (R) दोनों ही सही हैं तथा (R) के द्वारा (A) की सही व्याख्या की गई है। 

भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस 'अनुच्छेद के अनुसार पंचायतों के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों का संचालन राज्य निर्वाचन आयोग में निहित होगा ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • 243 झ 

  • 243-छ 

  • 243-ट 

  • 243-घ 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-ट में पंचायतों के चुनावों से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार पंचायतों के सभी चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) में निहित होता है।
👉 राज्य निर्वाचन आयोग में एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 इस अनुच्छेद के अंतर्गत आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं।
👉 यह प्रावधान स्थानीय स्वशासन में लोकतंत्र की निरंतरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243-ट  

संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायत से संबंधित है 

[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]

  • 18 मद 

  • 28 मद 

  • 29 मद 

  • 19 मद 

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में जोड़ी गई ग्यारहवीं अनुसूची (11th Schedule) पंचायतों से संबंधित है।
👉 इस अनुसूची में कुल 29 मद (Subjects) शामिल किए गए हैं।
👉 इन विषयों पर पंचायतों को योजनाएँ बनाने, कार्यान्वित करने और निगरानी करने का अधिकार दिया गया है।
👉 इनमें कृषि, पशुपालन, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, आवास, महिला एवं बाल विकास जैसे विषय प्रमुख हैं।
👉 इन प्रावधानों ने पंचायतों को स्थानीय स्वशासन की दिशा में वास्तविक सशक्तिकरण प्रदान किया है।

✍️ सही उत्तर है – 29 मद 

कौन-से राज्यों ने स्थानीय सरकार के पंचायती राज स्वरूप को सर्वप्रथम अंगीकार किया ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]

  • राजस्थान तथा मध्य प्रदेश 

  • राजस्थान तथा आन्ध्र प्रदेश 

  • आन्ध्र प्रदेश तथा महाराष्ट 

  • आन्ध्र प्रदेश तथा मध्यप्रदेश 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में स्थानीय स्वशासन की पंचायती राज प्रणाली को सबसे पहले राजस्थान ने अपनाया।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर ज़िले में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने देश की पहली त्रि-स्तरीय पंचायत का उद्घाटन किया।
👉 यह व्यवस्था बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों के आधार पर शुरू की गई थी।
👉 इसके तुरंत बाद आंध्र प्रदेश ने भी उसी वर्ष 1959 में पंचायती राज प्रणाली को अपनाया।
👉 इन दोनों राज्यों ने मिलकर भारत में ग्राम स्वराज और विकेंद्रीकरण की आधारशिला रखी।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान तथा आंध्र प्रदेश 

संविधान का कौनसा अनुच्छेद पंचायत में महिलाओं के एक तिहाई प्रतिनिधित्व की गांरटी देता है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • अनुच्छेद 243 –C

  • अनुच्छेद 243 –H

  • अनुच्छेद 243 -D

  • अनुच्छेद 243-1

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 243-D भारतीय संविधान का वह प्रावधान है जो पंचायतों में आरक्षण से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिलाओं को आरक्षण प्रदान किया गया है।
👉 प्रत्येक पंचायत में कुल सीटों का कम से कम एक-तिहाई भाग (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।
👉 यह आरक्षण सदस्यता के साथ-साथ अध्यक्ष पदों पर भी लागू होता है।
👉 इस प्रावधान ने ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243-D 

पंचायत अनुसूचित क्षेत्र विस्तार अधिनियम (PESA) 1996, के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये : 

(a) यह राजस्थान सहित भारत के 10 राज्यों में लागू है । 

(b) अधिनियम का एक उद्देश्य जनजातीय समुदायों की परम्पराओं एवं रीति-रिवाजों का सुरक्षा एवं संरक्षण करना 

(c) राज्य विधानमण्डल अनुसूचित क्षेत्रों की पंचायतों के लिये, जिला स्तर पर, प्रशासनिक प्रबंधन की संरचना करते समय संविधान की छठी अनुसूची के प्रतिमानों का अनुगमन का प्रयत्न करेगा । 

(d) अधिनियम के अन्तर्गत ग्राम सभा सामाजिक एवं आर्थिक विकास की योजना, कार्यक्रम एवं परियोजना को स्वीकृत करने के लिये अधिकृत नहीं है ! 

उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं ?  [*]

[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]

  • b और d दोनों 

  • a और d दोनों 

  • c और d दोनों 

  • a, b और c 

📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।  

ग्राम पंचायत का सचिव कौन होता है ? 

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • सरपंच 

  • ग्राम सेवक

  • पटवारी 

  • उप-सरपंच 

🔹 व्याख्या

👉 ग्राम पंचायत का सचिव एक सरकारी अधिकारी होता है जिसे पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन हेतु नियुक्त किया जाता है।
👉 राजस्थान में ग्राम पंचायत के सचिव को ग्राम सेवक कहा जाता है। 
👉 वह सरपंच की सहायता करते हुए ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के बीच समन्वय स्थापित करता है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम (संशोधन) 2021 के द्वारा ग्राम सेवक का पद नाम बदलकर ग्राम विकास अधिकारी कर दिया गया है।

✍️ सही उत्तर है – ग्राम सेवक 

किस राज्य में सर्वप्रथम पंचायती राज लागू किया गया-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • पंजाब 

  • राजस्थान 

  • हरियाणा

  • प. बंगाल 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में पंचायती राज प्रणाली सर्वप्रथम राजस्थान राज्य में लागू की गई।
👉 यह व्यवस्था बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों पर आधारित थी।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर ज़िले में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा इसका उद्घाटन किया गया।
👉 इस योजना के अंतर्गत त्रि-स्तरीय पंचायती ढाँचा — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद — स्थापित किया गया।
👉 इस प्रणाली ने ग्राम स्वराज और लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम रखा।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान 

निम्नांकित में से किस समिति की अनुशंसा पर अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज का विस्तार अधिनियम, 1996 (पीईएसए), बनाया गया ?

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.01.2020]

  • पी. के. थुंगन समिति 

  • दया चौबे समिति 

  • जी. वी. के. राव समिति  

  • दलीपसिंह भूरिया समिति 

🔹 व्याख्या

👉 अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज के विस्तार अधिनियम, 1996 (PESA Act) का निर्माण दलीप सिंह भूरिया समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था।
👉 यह समिति वर्ष 1994 में केंद्र सरकार द्वारा गठित की गई थी ताकि अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन की उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
👉 समिति ने सुझाव दिया कि इन क्षेत्रों में पंचायत व्यवस्था को जनजातियों की परंपरागत संस्थाओं और प्रथाओं के अनुरूप बनाया जाए।
👉 समिति की सिफारिशों के अनुसार ग्राम सभाओं को विशेष शक्तियाँ दी गईं और स्वायत्त शासन की अवधारणा को मान्यता दी गई।
👉 इसी के आधार पर 24 दिसंबर 1996 को PESA अधिनियम लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – दलीप सिंह भूरिया समिति 

राजस्थानी पंचायतीराज अधिनियम, 1994 का मुख्य उद्देश्य है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • कमजोर वर्गों विशेषकर अनुसूचित जाति व जनजाति का कल्याण 

  • गरीबी उन्मूलन 

  • प्रशासन में जनसामान्य की सहभागिता में वृद्धि 

  • भ्रष्टाचार उन्मूलन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अनुरूप लागू किया गया।
👉 इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर से जिला स्तर तक लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को सशक्त बनाना है।
👉 इसका प्रमुख लक्ष्य प्रशासन में जनसामान्य की सहभागिता को बढ़ाना और स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करना है।
👉 अधिनियम ने ग्रामीण क्षेत्रों में त्रि-स्तरीय पंचायती राज संरचना — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद — को स्थापित किया।
👉 इसके माध्यम से जनता को निर्णय लेने, योजना बनाने और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार मिला।

✍️ सही उत्तर है – प्रशासन में जनसामान्य की सहभागिता में वृद्धि 

राजस्थान के साथ, किस राज्य में पंचायत राज पद्धति सबसे पहले लागू की गई ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)

  • आन्ध्रप्रदेश 

  • महाराष्ट्र 

  • उत्तरप्रदेश 

  • गुजरात 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में पंचायती राज पद्धति को सबसे पहले राजस्थान ने लागू किया।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर ज़िले में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसका उद्घाटन किया।
👉 यह व्यवस्था बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों के आधार पर शुरू की गई थी।
👉 राजस्थान के तुरंत बाद आंध्र प्रदेश ने भी 1959 में इस प्रणाली को अपनाया और राज्यभर में लागू किया।
👉 इन दोनों राज्यों ने मिलकर भारत में स्थानीय स्वशासन और विकेंद्रीकरण की नींव रखी।

✍️ सही उत्तर है – आंध्र प्रदेश 

यदि पंचायत विघटित कर दी जाती है तब चुनाव_________ अवधि के भीतर  करवाया जाता है । 

[Junior Legal Officer 2013]

  • तीन माह 

  • एक माह 

  • छः माह 

  • तत्काल 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 243-E के अनुसार प्रत्येक पंचायत का कार्यकाल पाँच वर्ष का निर्धारित है।
👉 यदि किसी कारणवश पंचायत को उसकी अवधि समाप्त होने से पहले विघटित कर दिया जाता है, तो नई पंचायत के चुनाव कराए जाते हैं।
👉 संविधान के इस अनुच्छेद के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया है कि विघटन की तिथि से छह माह (6 महीने) के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
👉 यदि शेष अवधि छः माह से कम बची हो, तो चुनाव कराना आवश्यक नहीं है।
👉 यह प्रावधान पंचायत प्रणाली में लोकतांत्रिक निरंतरता और स्थायित्व सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – छः माह 

निम्नांकित में से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 38 के बारे में क्या सही नहीं हैं ?  

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • ऐसा निष्कासन राज्य सरकार द्वारा केवल आवश्यक जाँच के बाद ही किया जा सकता है 

  • राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 38 के अन्तर्गत राज्य सरकार पंचायती राज संस्था के अध्यक्ष को उसके पद से हटा सकती है । 

  • इस तरह हटाया गया अध्यक्ष राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अधीन दो वर्षों तक चुनाव के योग्य नहीं होगा । 

  • ऐसे हटाए गए अध्यक्ष को संबंधित पंचायती राज संस्था की सदस्यता से भी हटाया जा सकता । 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 38 पंचायत के अध्यक्ष (सरपंच, प्रधान या ज़िला प्रमुख) को अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) के माध्यम से हटाने की प्रक्रिया से संबंधित है।
👉 इस धारा के अंतर्गत यदि सदस्यों के बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो संबंधित अध्यक्ष को उसके पद से हटा दिया जाता है। 
👉 इसलिए यह कथन कि “इस तरह हटाया गया अध्यक्ष दो वर्षों तक चुनाव के योग्य नहीं होगा” सही नहीं है।
👉 यह प्रावधान धारा 38 में उल्लिखित नहीं है, अतः इसे असत्य कथन माना जाएगा।

✍️ सही उत्तर है – इस तरह हटाया गया अध्यक्ष राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अधीन दो वर्षों तक चुनाव के योग्य नहीं होगा ।  

भारतीय संविधान की 11वीं अनुसूची में पंचायत के लिए कितने विषय दिए गए हैं ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]

  • 29

  • 26

  • 28

  • 27

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत भारतीय संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई।
👉 यह अनुसूची विशेष रूप से पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित विषयों की सूची प्रदान करती है।
👉 इसमें कुल 29 विषय शामिल हैं, जिन पर पंचायतों को योजनाएँ बनाने और विकास कार्यों का क्रियान्वयन करने का अधिकार दिया गया है।
👉 इन विषयों में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, ग्रामीण आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, जल प्रबंधन आदि प्रमुख हैं।
👉 इससे पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में वास्तविक शक्तियाँ प्राप्त हुईं।

✍️ सही उत्तर है – 29 

महिलाओं को पंचायतों में आरक्षण भारतीय संविधान में किस संशोधन द्वारा दिया गया ?  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (विज्ञान)

  • 1992 का 77वाँ संशोधन 

  • 1992 का 73वाँ संशोधन 

  • 1992 का 74वाँ संशोधन 

  • 1992 का 70वाँ संशोधन 

🔹 व्याख्या

👉 महिलाओं को पंचायतों में आरक्षण का प्रावधान 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से किया गया।
👉 इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग-9 (पंचायतें) जोड़ा गया और अनुच्छेद 243-D में आरक्षण से संबंधित प्रावधान सम्मिलित किया गया।
👉 इसके अंतर्गत पंचायतों में कुल सीटों और अध्यक्ष पदों का कम-से-कम एक-तिहाई (33%) भाग महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया।
👉 यह आरक्षण अनुसूचित जातियों व जनजातियों की महिलाओं पर भी लागू होता है।
👉 इस प्रावधान ने ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया।

✍️ सही उत्तर है – 1992 का 73वाँ संशोधन 

निम्नलिखित तथ्यों का परीक्षण कीजिए 

(I) 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गयी। 

(II) ग्राम पंचायत क्षेत्र के समस्त वयस्क नागरिकों से मिलकर ग्राम सभा बनेगी, जिनके नाम निर्वाचक नामावली में शामिल हों। 

उपर्युक्त तथ्यों में से कौनसा/से तथ्य सही है/हैं ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • केवल (I) 

  • (I) व (II) दोनों सही नहीं हैं 

  • (I) व (II) दोनों सही हैं 

  • केवल (II) 

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से भारत में ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई।
👉 इस संशोधन द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 243 में ग्राम सभा की परिभाषा दी गई है।
👉 इसके अनुसार ग्राम सभा, ग्राम पंचायत क्षेत्र के उन सभी वयस्क नागरिकों से मिलकर बनती है जिनके नाम उस क्षेत्र की मतदाता सूची (निर्वाचक नामावली) में दर्ज हों।
👉 ग्राम सभा पंचायत राज व्यवस्था की मूल इकाई है और स्थानीय प्रशासन में जनसहभागिता सुनिश्चित करती है। 

✍️ सही उत्तर है – (I) व (II) दोनों सही हैं 

73 वां संविधान संशोधन सम्बन्धित है -  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • स्थानीय स्वशासन  

  • नगरीय स्थानीय स्वशासन  

  • ग्रामीण स्थानीय स्वशासन  

  • ग्रामीण एवं नगरीय स्थानीय स्वशासन  

🔹 व्याख्या

👉 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन (Rural Local Self-Government) से संबंधित है।
👉 इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग-9 (Part IX) जोड़ा गया, जिसका शीर्षक है — ‘पंचायतें’।
👉 इसके अंतर्गत अनुच्छेद 243 से 243-ओ तक पंचायतों की संरचना, शक्तियाँ, वित्तीय प्रावधान, आरक्षण और चुनाव प्रणाली से जुड़े उपबंध शामिल हैं।
👉 इस संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा और स्थायित्व प्रदान किया।
👉 इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतंत्र का विकेंद्रीकरण कर जनता की सीधी सहभागिता सुनिश्चित करना था।

✍️ सही उत्तर है – ग्रामीण स्थानीय स्वशासन 

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने का दायित्व है-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • राज्य निर्वाचन आयोग का 

  • पंचायतीराज विभाग, राजस्थान सरकार का 

  • भारत निर्वाचन आयोग का 

  • मुख्य चुनाव अधिकारी, राजस्थान का 

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) की स्थापना का प्रावधान किया गया।
👉 इसका उल्लेख अनुच्छेद 243-K में किया गया है।
👉 राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
👉 आयोग मतदाता सूचियों की तैयारी से लेकर चुनावों के संचालन और परिणामों की घोषणा तक सभी प्रक्रियाओं का संचालन करता है।
👉 इस व्यवस्था का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में स्वतंत्र, निष्पक्ष और नियमित चुनाव सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य निर्वाचन आयोग का 

राजस्थान में पंचायती राज का उद्घाटन कब हुआ ? 

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (हिन्दी)

  • 1948 

  • 1949

  • 1958

  • 1959

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान भारत का पहला राज्य था जिसने पंचायती राज व्यवस्था लागू की।
👉 इस व्यवस्था का उद्घाटन 2 अक्टूबर 1959 को नागौर ज़िले में किया गया।
👉 उद्घाटन का कार्य प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संपन्न किया गया था।
👉 यह प्रणाली बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों पर आधारित थी।
👉 इसने भारत में ग्राम स्वराज और लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत की।

✍️ सही उत्तर है – 1959 

निम्नलिखित में से कौन सा एक मुख्यतः जनजातीय क्षेत्रों में पंचायती राज से सम्बन्धित है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 17.02.2019]

  • सादिक अली समिति 

  • पी.के. थुंगन समिति 

  • दिलीप सिंह भूरिया समिति

  • डूमरलाल बैथा समिति 

🔹 व्याख्या

👉 दिलीप सिंह भूरिया समिति का गठन वर्ष 1994 में केंद्र सरकार द्वारा किया गया था।
👉 इस समिति का उद्देश्य था — अनुसूचित (जनजातीय) क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था के उपयुक्त स्वरूप का निर्धारण करना।
👉 समिति ने सिफारिश की कि इन क्षेत्रों में पंचायतों को जनजातीय परंपराओं और स्थानीय स्वशासन की परंपरागत संस्थाओं के अनुरूप बनाया जाए।
👉 इसकी सिफारिशों के आधार पर पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 — PESA Act लागू किया गया।
👉 इस अधिनियम ने जनजातीय ग्राम सभाओं को अधिक शक्तियाँ और स्वायत्तता प्रदान की।

✍️ सही उत्तर है – दिलीप सिंह भूरिया समिति 

निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिये : I. संविधान के भाग-9 का शीर्षक है, 'पंचायत'| II इस भाग की कोई बात अनुच्छेद 244 मैं निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों एवं जनजाति क्षेत्रों पर तथा दार्जीलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद्‌ पर लागू  नहीं होगी |  

[Asst. Prof. (Polity) 01.07.2016]

  • केवल I सही है|  

  • न तो I, न ही II सही है|  

  • केवल II सही है|  

  • I एवं II, दोनों सही है|  

🔹 व्याख्या

👉 संविधान का भाग-9 (Part IX) 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया, जिसका शीर्षक है — ‘पंचायतें’।
👉 इस भाग में अनुच्छेद 243 से 243-ओ तक पंचायतों से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
👉 अनुच्छेद 243-M के अनुसार, इस भाग की कोई बात अनुच्छेद 244(1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों तथा अनुच्छेद 244(2) में निर्दिष्ट जनजातीय क्षेत्रों पर लागू नहीं होगी।
👉 यह प्रावधान दार्जीलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद पर भी लागू नहीं है।
👉 अतः दोनों कथन (I) और (II) सही हैं, क्योंकि वे संविधान के वास्तविक प्रावधानों पर आधारित हैं।

✍️ सही उत्तर है – I एवं II, दोनों सही हैं 

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की निम्नांकित में से किस धारा में सरपंच और उप- सरपंच की शक्तियों, कृत्यों और कर्तव्यों का उल्लेख है ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • धारा 31 

  • धारा 32 

  • धारा 30 

  • धारा 33 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत पंचायतों की संरचना, अधिकारों और कार्यप्रणाली का विस्तृत वर्णन किया गया है।
👉 इस अधिनियम की धारा 32 में सरपंच और उप-सरपंच की शक्तियों, कृत्यों एवं कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार सरपंच ग्राम पंचायत का प्रधान पदाधिकारी होता है और पंचायत के सभी कार्यों की अध्यक्षता करता है।
👉 उप-सरपंच सरपंच की अनुपस्थिति में उसके सभी कार्यों और दायित्वों का निर्वहन करता है।
👉 यह धारा ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और कार्यकारी उत्तरदायित्वों को परिभाषित करती है।

✍️ सही उत्तर है – धारा 32 

निम्नलिखित में से कौनसा कारक पंचायती राज संस्थाओ में महिलाओं की सहभागिता को बाधित नहीं करता है: 

[Asst. Prof. (Polity) 01.07.2016]

  • वित्तीय संसाधनों की कमी  

  • हिंसा और उत्पीड़न    

  • संवैधानिक पूर्वग्रह  

  • असहयोगात्मक नौकर शाही  

🔹 व्याख्या

👉 पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सहभागिता को कई सामाजिक और संरचनात्मक कारक बाधित करते हैं, जैसे — अशिक्षा, गरीबी, पारिवारिक नियंत्रण, पुरुष प्रधान मानसिकता आदि।
👉 परंतु संवैधानिक पूर्वग्रह (Constitutional Bias) ऐसा कारक नहीं है जो महिलाओं की भागीदारी को बाधित करता हो।
👉 इसके विपरीत, संविधान के अनुच्छेद 243-D के तहत पंचायतों में महिलाओं को कम-से-कम एक-तिहाई आरक्षण प्रदान किया गया है।
👉 कई राज्यों में यह आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया गया है।
👉 इस प्रकार संविधान महिलाओं की सशक्त भागीदारी को प्रोत्साहित करता है, न कि उसे बाधित करता है।

✍️ सही उत्तर है – संवैधानिक पूर्वग्रह 

'बलवंत राय मेहता कमेटी' संबंधित है : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • मूल अधिकार से 

  • पंचायती राज से

  • चुनाव आयोग से 

  • मूल कर्त्तव्य से 

🔹 व्याख्या

👉 बलवंत राय मेहता समिति का गठन जनवरी 1957 में योजना आयोग द्वारा किया गया था।
👉 इसका उद्देश्य सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और जन-सहभागिता बढ़ाने के उपाय सुझाना था।
👉 समिति ने अपनी रिपोर्ट नवंबर 1957 में प्रस्तुत की और कहा कि विकास योजनाओं की सफलता के लिए पंचायती राज व्यवस्था आवश्यक है।
👉 इसने त्रि-स्तरीय पंचायती राज ढाँचा — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद — की सिफारिश की।
👉 इस रिपोर्ट के आधार पर भारत में पंचायती राज प्रणाली की नींव पड़ी।

✍️ सही उत्तर है – पंचायती राज से 

पंचायतों की लेखाओं की संपरीक्षा से सम्बन्धित प्रावधान भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में हैं ? 

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • 243 ट 

  • 243 ञ 

  • 243 झ 

  • 243 ठ  

🔹 व्याख्या

👉 पंचायतों की लेखाओं की संपरीक्षा (Audit of Accounts of Panchayats) से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 243-ञ में दिए गए हैं।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार प्रत्येक राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा यह उपबंध कर सकता है कि पंचायतें लेखा संधारण और लेखा परीक्षा किस प्रकार करेंगी।
👉 इसके अंतर्गत पंचायतों द्वारा प्राप्त धन, व्यय और अनुदानों की सही लेखा-जोखा प्रणाली सुनिश्चित की जाती है।
👉 यह व्यवस्था पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए की गई है।
👉 इस अनुच्छेद ने पंचायतों की वित्तीय अनुशासन प्रणाली को संवैधानिक आधार प्रदान किया।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243-ञ  

नगरपालिकाओं एवं पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है अनुच्छेद : 

[SI (मोटर वाहन) 2013] 

  • 151 में 

  • 16 में 

  • 324 में 

  • 243 में 

🔹 व्याख्या

👉 नगरपालिकाओं एवं पंचायतों को संवैधानिक दर्जा 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से प्रदान किया गया।
👉 इन संशोधनों द्वारा संविधान में दो नए भाग जोड़े गए —
 • भाग-9 (Part IX) : पंचायतें – अनुच्छेद 243 से 243-ओ तक।
 • भाग-9-क (Part IX-A) : नगरपालिकाएँ – अनुच्छेद 243-प से 243-ज़ी-जी (243P–243ZG) तक।
👉 इन अनुच्छेदों के माध्यम से पंचायतों और नगरपालिकाओं को स्थानीय स्वशासन की इकाइयों के रूप में संवैधानिक मान्यता प्राप्त हुई।
👉 इन प्रावधानों का उद्देश्य लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाना था।
👉 अतः अनुच्छेद 243 से आगे के अनुच्छेदों में पंचायतों और नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 में 

निम्नलिखित में से रियासती राज्यों के किस समूह ने स्वाधीनता से पहले पंचायतों पर विधेयक पारित कर दिया था ?  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, सिरोही

  • बाँसवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर, बूँदी

  • अलवर, बाँसवाड़ा, करौली, सिरोही

  • करौली, बूँदी, अलवर, जैसलमेर

🔹 व्याख्या

👉 भारत की स्वतंत्रता से पूर्व कुछ रियासती राज्यों में स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) की दिशा में प्रारंभिक प्रयास किए गए थे।
👉 राजस्थान क्षेत्र के कई रियासती राज्यों ने पंचायती संस्थाओं के गठन के लिए विधेयक पारित किए थे।
👉 इनमें प्रमुख राज्य थे — जोधपुर, जयपुर, उदयपुर और सिरोही।
👉 इन राज्यों ने ग्राम स्तर पर पंचायतों की स्थापना का प्रावधान किया जिससे स्थानीय जनता को प्रशासन में भागीदारी का अवसर मिला।
👉 इन प्रारंभिक पहलों ने आगे चलकर राजस्थान में पंचायती राज प्रणाली की नींव को मजबूत किया।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, सिरोही 

भारत में पंचायती राज के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(i) दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान योजना आयोग ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम की समीक्षा के लिए 1956 में बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में समिति नियुक्त की ।

(ii) मेहता समिति ने प्रतिवेदन में कहा कि सामुदायिक विकास कार्यक्रम इसलिए विफल रहा क्योंकि यह स्थानीय लोगों आवश्यक रुचि पैदा नहीं कर सका । 

(iii) योजना आयोग द्वारा जी.के. वी. रॉव समिति का गठन 1985 में किया गया ।  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए : 

कूट:  

  • केवल (i) तथा (ii) सही हैं । 

  • केवल (ii) तथा (iii) सही हैं ।

  • (i), (ii) तथा (iii) सभी सही हैं ।

  • केवल (i) तथा (iii) सही हैं । 

🔹 व्याख्या

👉 बलवंत राय मेहता समिति का गठन 1957 में योजना आयोग द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य सामुदायिक विकास कार्यक्रम (Community Development Programme) की समीक्षा करना था।
👉 समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह कार्यक्रम इसलिए असफल रहा क्योंकि इसमें जन-सहभागिता (People’s Participation) का अभाव था।
👉 इसी आधार पर समिति ने पंचायती राज प्रणाली की सिफारिश की, जिससे जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
👉 इसके अतिरिक्त जी. वी. के. राव समिति का गठन 1985 में योजना आयोग द्वारा ग्रामीण विकास प्रशासन की समीक्षा हेतु किया गया था। 

✍️ सही उत्तर है – (i), (ii) तथा (iii) सभी सही हैं 

संविधान की 11वीं अनुसूची में पंचायत राज संस्थाओं के लिए कितने विषय सूचीबद्ध हैं ? 

[Head Master 2011]

  • 29

  • 37

  • 30

  • 35

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई।
👉 यह अनुसूची पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित विषयों की सूची प्रदान करती है।
👉 इसमें कुल 29 विषय सूचीबद्ध हैं, जो पंचायतों को स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन की शक्ति देते हैं।
👉 इन विषयों में कृषि, पशुपालन, सिंचाई, ग्रामीण आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, जल-व्यवस्था आदि प्रमुख हैं।
👉 इस सूची ने पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में व्यापक अधिकार प्रदान किए।

✍️ सही उत्तर है – 29 

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत पंचायतीराज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • 154

  • 256

  • 243 -B

  • 368

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 243-B भारतीय संविधान का वह अनुच्छेद है जिसके अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई।
👉 यह अनुच्छेद 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत जोड़ा गया था।
👉 इसके अनुसार प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती तथा जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाएगा।
👉 इस अनुच्छेद ने पंचायतों को स्थायी संवैधानिक दर्जा देकर उन्हें स्थानीय स्वशासन की संविधानिक इकाई बना दिया।
👉 यह प्रावधान भारत में लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243-B 

भारत में स्थानीय शासन विषय है 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • राज्य सूची का 

  • अवशिष्ट विषय 

  • संघ सूची का 

  • समवर्ती सूची का 

🔹 व्याख्या

👉 भारत में स्थानीय शासन (Local Self-Government) संविधान की राज्य सूची (State List) का विषय है।
👉 यह प्रावधान संविधान की सातवीं अनुसूची में राज्य सूची की प्रविष्टि संख्या 5 के अंतर्गत दिया गया है।
👉 इस प्रविष्टि के अनुसार राज्य सरकारें नगर निगम, पंचायतें, ज़िला बोर्ड आदि स्थानीय संस्थाओं का गठन और संचालन करती हैं।
👉 संविधान के अनुच्छेद 40 में भी राज्य को निर्देश दिया गया है कि वह ग्राम पंचायतों का संगठन करे।
👉 इस प्रकार स्थानीय शासन का अधिकार राज्यों के अधीन होता है, जबकि केंद्र केवल नीतिगत मार्गदर्शन देता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सूची का विषय 

किस अनुच्छेद के अन्तर्गत पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है ? 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • 12 

  • 243 

  • 356 

  • 360 

🔹 व्याख्या

👉 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत भारतीय संविधान में भाग-9 (Part IX) जोड़ा गया, जिसका शीर्षक है — ‘पंचायतें’।
👉 इस भाग की शुरुआत अनुच्छेद 243 से होती है, जिसमें पंचायतों से संबंधित मुख्य परिभाषाएँ और आधारभूत प्रावधान दिए गए हैं।
👉 इसी अनुच्छेद के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
👉 इसके माध्यम से पंचायतें स्थानीय स्वशासन की इकाइयों के रूप में मान्यता प्राप्त करती हैं।
👉 यह अनुच्छेद भारत में लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण का संवैधानिक आधार बन गया।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 

अनुसूचित क्षेत्र पंचायत विस्तार अधिनियम किस वर्ष में पारित किया गया था 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 2013]

  • 1999 

  • 1996 

  • 1994 

  • 2000 

🔹 व्याख्या

👉 अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों का विस्तार अधिनियम (PESA Act) संसद द्वारा वर्ष 1996 में पारित किया गया।
👉 इस अधिनियम का पूरा नाम है — “पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996”।
👉 यह अधिनियम दलीप सिंह भूरिया समिति की सिफारिशों के आधार पर बनाया गया था।
👉 इसका उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों की जनजातियों को स्वशासन (Self-Governance) का अधिकार देना था।
👉 24 दिसंबर 1996 को इस अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई और यह लागू हुआ।

✍️ सही उत्तर है – 1996 

पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन राजस्थान में पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा किस वर्ष में किया गया था ? 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • 1952 

  • 1959 

  • 1956 

  • 1962 

🔹 व्याख्या

👉 पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन भारत में सबसे पहले राजस्थान राज्य में किया गया था।
👉 इसका उद्घाटन 2 अक्टूबर 1959 को नागौर ज़िले में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया।
👉 यह व्यवस्था बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों के आधार पर प्रारंभ की गई थी।
👉 राजस्थान के बाद आंध्र प्रदेश ने भी इसी वर्ष पंचायती राज प्रणाली को अपनाया।
👉 इस दिन से भारत में ग्राम स्वराज और विकेंद्रीकृत लोकतंत्र की वास्तविक शुरुआत हुई।

✍️ सही उत्तर है – 1959 

पंचायत व्यवस्था का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अंग है 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • ग्राम सभा 

  • सर्वोच्च न्यायालय 

  • उच्च न्यायालय 

  • संघीय सरकार 

🔹 व्याख्या

👉 ग्राम सभा पंचायत व्यवस्था का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अंग मानी जाती है।
👉 यह ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक सहभागिता की मूल इकाई है जिसमें सभी पंजीकृत मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 अनुच्छेद 243 के अनुसार ग्राम सभा, ग्राम पंचायत के कार्यों की निगरानी और अनुमोदन करती है।
👉 यह स्थानीय योजनाओं को स्वीकृति, विकास कार्यों की समीक्षा तथा उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने का कार्य करती है।
👉 ग्राम सभा को पंचायत राज प्रणाली का आधार स्तंभ (Foundation Stone) माना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – ग्राम सभा 

भारत में स्थानीय शासन के विषय में सही क्रम पहचानिये : 

A. मुकामी बोर्ड 

B. 73वाँ संविधान संशोधन 

C. थुंगन समिति की सिफारिश 

D. सामुदायिक विकास कार्यक्रम 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • A,D,C,B

  • A,B,C,D

  • A,C,B,D

  • A,C,D,B

🔹 व्याख्या

👉 भारत में स्थानीय शासन (Local Self-Government) का विकास क्रमिक रूप से हुआ है।
👉 सबसे पहले मुकामी बोर्ड (Local Boards) की स्थापना ब्रिटिश काल में स्थानीय प्रशासन की नींव के रूप में की गई।
👉 इसके बाद 1952 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम (Community Development Programme) प्रारंभ किया गया, जिसने ग्रामीण विकास में जनसहभागिता को प्रोत्साहन दिया।
👉 तत्पश्चात पी. के. थुंगन समिति (1988) ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने की अनुशंसा की।
👉 अंततः 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से पंचायती राज को संवैधानिक मान्यता दी गई।

✍️ सही उत्तर है – A, D, C, B 

भारत के संविधान के अनुसार, भारत में पंचायतों से सम्बन्धित निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए [*]

(I) प्रत्येक पंचायत चुनाव परिणाम घोषित होने की तिथि से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं

(II) किसी पंचायत की अवधि की समाप्ति के पूर्व उस पंचायत के विघटन पर गठित की गई कोई पंचायत, उस अवधि के केवल शेष भाग के लिए बनी रहेगी।

सही विकल्प का चयन कीजिए - 

[Asst. Prof. (Polity) 16.05.2024]

  • केवल कथन (I) सही है 

  • दोनों कथन (I) और (II) सही है 

  • दोनों कथन (I) और (II) गलत हैं 

  • केवल कथन (II) सही है 

पंचायती राज द्वारा निम्नतम स्तर पर प्रजातंत्र की कल्पना निम्नांकित किस अनुच्छेद द्वारा की गई है ? 

[Junior Legal Officer 26.12.2019]

  • अनुच्छेद 43 

  • अनुच्छेद 40 

  • अनुच्छेद 41 

  • अनुच्छेद 43-A 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 40 भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (Directive Principles of State Policy) का एक प्रमुख अनुच्छेद है।
👉 इसमें राज्य को निर्देश दिया गया है कि वह ग्राम पंचायतों का संगठन करे।
👉 राज्य पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और अधिकार प्रदान करे, जिससे वे स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में कार्य कर सकें।
👉 यह अनुच्छेद भारत में निम्नतम स्तर पर प्रजातंत्र (Grassroot Democracy) की स्थापना का आधार है।
👉 इसी अनुच्छेद की भावना से प्रेरित होकर बाद में 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 लागू किया गया।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 40