राजस्थान उच्च न्यायालय के निम्नांकित न्यायाधीशों में से कौन अन्य राज्यों के उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायमूर्ति नहीं रहा है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

  • प्रकाश टाटिया 

  • राजेश बालिया 

  • एन. एन. माथुर 

  • नगेन्द्र कुमार जैन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश बाद में अन्य राज्यों के उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायमूर्ति के रूप में कार्यरत रहे हैं।
👉 परंतु न्यायमूर्ति एन. एन. माथुर ने राजस्थान उच्च न्यायालय में तो न्यायाधीश के रूप में सेवा दी,
लेकिन वे किसी अन्य राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति नहीं बने। 

✍️ सही उत्तर है – एन. एन. माथुर 

उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को उनका कार्यकाल समाप्त होने से पहले की अक्षमता अथवा सिद्ध कदाचार के आधार पर उनके कार्यालय से किसके द्वारा हटाया जा सकता है

[Junior Legal Officer 2013]

  • विशेष बहुसंख्या सहित संसद के दोनों सदन द्वारा 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

  • संसद के दो सदनों की सिफारिशों पर राष्ट्रपति द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने (Removal) की प्रक्रिया का प्रावधान अनुच्छेद 217(1) में किया गया है।
👉 न्यायाधीश को उसके कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व केवल सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर हटाया जा सकता है।
👉 यह प्रक्रिया संसद के दोनों सदनों की सिफारिशों पर की जाती है।
👉 सिफारिश पारित होने के बाद भारत के राष्ट्रपति न्यायाधीश को पद से हटाने का आदेश जारी करते हैं।
👉 अतः न्यायाधीश को उसके कार्यालय से संसद की सिफारिशों पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।

✍️ सही उत्तर है – संसद के दो सदनों की सिफारिशों पर राष्ट्रपति द्वारा 

उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों को अपनी शपथ या प्रतिज्ञान निम्नलिखित में से किसके समक्ष लेनी होती है ? 

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • भारत के राष्ट्रपति

  • लोकसभा के अध्यक्ष 

  • राज्य के गवर्नर 

  • भारत के प्रधानमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 219 में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, प्रत्येक न्यायाधीश अपने पद का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व शपथ लेता है।
👉 यह शपथ उस राज्य के राज्यपाल या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष ली जाती है।
👉 शपथ का प्रारूप संविधान की तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश राज्य के गवर्नर के समक्ष शपथ या प्रतिज्ञान लेते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्य के गवर्नर 

राजस्थान उच्चन्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का नाम बताइए [*]

[Head Master 02.09.2018]

  • एस. के मुखर्जी 

  • प्रदीप नंदराजोग 

  • अजीत सिंह 

  • हेमन्त गुप्ता 

उच्च न्यायालय का एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश विधि-व्यवसाय कर सकता है : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • कोई न्यायालय या कोई प्राधिकारी के समक्ष 

  • केवल उच्चतम न्यायालय में 

  • उच्चतम न्यायालय या उसी उच्च न्यायालय में 

  • उच्चतम न्यायालय और अन्य उच्च न्यायालय में 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की विधि-व्यवसाय से संबंधित रोक का प्रावधान अनुच्छेद 220 में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, जो व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश रह चुका है,
वह सेवानिवृत्ति के बाद भारत में किसी भी न्यायालय या प्राधिकारी के समक्ष वकालत नहीं कर सकता।
👉 परंतु उसे उच्चतम न्यायालय या अन्य उच्च न्यायालयों में विधि-व्यवसाय करने की अनुमति होती है।
👉 इसका उद्देश्य न्यायपालिका की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखना है।
👉 अतः सेवानिवृत्त न्यायाधीश केवल उच्चतम न्यायालय और अन्य उच्च न्यायालयों में वकालत कर सकता है।

✍️ सही उत्तर है – उच्चतम न्यायालय और अन्य उच्च न्यायालय में 

उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश अपना त्यागपत्र किसे दे सकता है ?  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • राष्ट्रपति  

  • मुख्यमंत्री   

  • प्रधानमंत्री 

  • राज्यपाल  

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं त्यागपत्र से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 217(1) में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश किसी भी समय भारत के राष्ट्रपति को संबोधित कर अपना त्यागपत्र दे सकता है।
👉 न्यायाधीशों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, इसलिए त्यागपत्र भी राष्ट्रपति को ही दिया जाता है।
👉 यह प्रक्रिया संविधान द्वारा निर्धारित औपचारिक और वैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है।
👉 अतः उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को देता है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के स्वीकृत पद हैं ( 30 अप्रैल, 2016 तक) 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • 45

  • 30

  • 40

  • 50

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 216 में उच्च न्यायालयों के गठन का प्रावधान किया गया है।
👉 इसके अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीश होते हैं जिन्हें राष्ट्रपति नियुक्त करता है।
👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों की कुल संख्या 50 निर्धारित की गई है।
👉 यह संख्या वर्ष 2015 में संशोधित कर बढ़ाई गई थी और 30 अप्रैल, 2016 तक यही लागू रही।
👉 अतः 30 अप्रैल, 2016 तक राजस्थान उच्च न्यायालय में कुल 50 न्यायाधीशों के पद स्वीकृत थे।

✍️ सही उत्तर है – 50 

निम्नांकित में से किसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपना त्यागपत्र प्रस्तुत करेंगे ? 

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 17.02.2019]

  • उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश

  • उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश 

  • राज्य का महाधिवक्ता 

  • राष्ट्रपति 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और त्यागपत्र से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 217(1) में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, कोई भी न्यायाधीश किसी भी समय राष्ट्रपति को संबोधित कर अपना त्यागपत्र दे सकता है।
👉 न्यायाधीश की नियुक्ति भी राष्ट्रपति द्वारा ही की जाती है, इसलिए त्यागपत्र भी राष्ट्रपति को ही प्रस्तुत किया जाता है।
👉 यह प्रक्रिया न्यायपालिका की संवैधानिक मर्यादा और औपचारिकता का हिस्सा है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को प्रस्तुत करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

कौन सा संवैधानिक प्रावधान जिला न्यायाधीश की नियुक्ति से संबंधित है ? 

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • अनुच्छेद 234 

  • अनुच्छेद 236

  • अनुच्छेद 230 

  • अनुच्छेद 233 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के भाग-6, अध्याय-6 में अधीनस्थ न्यायालयों से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
👉 इनमें अनुच्छेद 233 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, जिला न्यायाधीश की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।
👉 यह प्रावधान न्यायिक सेवा में पारदर्शिता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
👉 अतः जिला न्यायाधीश की नियुक्ति अनुच्छेद 233 के अंतर्गत की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 233 

राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत कुल संख्या है - 

[Assistant Director 09.07.2025]

  • 50 

  • 39 

  • 41 

  • 45 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 216 में उच्च न्यायालयों के गठन का उल्लेख किया गया है।
👉 इसके अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीश होते हैं जिन्हें राष्ट्रपति नियुक्त करता है।
👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों की कुल संख्या 50 निर्धारित की गई है।
👉 यह संख्या वर्ष 2015 में संशोधित कर बढ़ाई गई और वर्तमान में भी यही प्रभावी है।
👉 अतः राजस्थान उच्च न्यायालय में कुल 50 न्यायाधीशों के पद स्वीकृत हैं।

✍️ सही उत्तर है – 50 

निम्नलिखित में से कौनसा राजस्थान उच्च न्यायालय का आदर्श वाक्य है जैसा कि इसके प्रतीक चिन्ह में उल्लेखित है ? 

[Asst. Prof. (Polity) 16.05.2024]

  • यतो धर्मस्ततो जयः 

  • सत्यमेव जयते 

  • सत्यस्य जयोस्तु 

  • न्याय सर्वो प्रियः 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रतीक चिन्ह में धर्मचक्र के साथ सिंह की आकृति अंकित है।
👉 इसके नीचे संस्कृत में लिखा गया आदर्श वाक्य है – “सत्यस्य जयोस्तु”।
👉 इस वाक्य का अर्थ है — “सत्य की ही विजय हो”, जो न्यायपालिका की निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा का प्रतीक है।
👉 अतः राजस्थान उच्च न्यायालय का आदर्श वाक्य “सत्यस्य जयोस्तु” है।

✍️ सही उत्तर है – सत्यस्य जयोस्तु 

भारत में उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की आयु के बारे में कोई प्रश्न उठता है तो उसका विनिश्चय कौन करता है ?

[Protection Officer 28.01.2023]

  • राष्ट्रपति के परामर्श से भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा।

  • राज्यपाल के परामर्श से भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा।

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से राज्यपाल द्वारा। 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से राष्ट्रपति द्वारा।

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(3) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की आयु संबंधी विवादों के निवारण का प्रावधान किया गया है।
👉 यदि किसी न्यायाधीश की आयु के बारे में कोई प्रश्न उठता है, तो उसका निर्णय भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
👉 राष्ट्रपति इस निर्णय से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेते हैं।
👉 राष्ट्रपति का यह निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी माना जाता है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की आयु संबंधी प्रश्न का विनिश्चय भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से राष्ट्रपति द्वारा 

राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रथम और नवीनतम मुख्य न्यायाधीश कौन हैं जिन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर आसीन किया गया है ?

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • न्यायाधीश जे. एस. वर्मा और न्यायाधीश पंकज मित्थल 

  • न्यायाधीश पी. एन. सिंघल और न्यायाधीश पंकज मित्थल 

  • न्यायाधीश पी. एन. सिंघल और न्यायाधीश नवीन सिन्हा 

  • न्यायाधीश के. एन. वाँचू और न्यायाधीश अगस्टाइन जॉर्ज मसीह 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति के. एन. वाँचू (कैलाश नाथ वाँचू) नियुक्त हुए थे।
👉 उन्होंने राज्य की एकीकृत न्यायिक प्रणाली की नींव को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
👉 वहीं, नवीनतम मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति अगस्टाइन जॉर्ज मसीह को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर आसीन किया गया।
👉 यह राजस्थान उच्च न्यायालय के गौरवपूर्ण इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
👉 इस प्रकार सर्वोच्च न्यायालय में पदासीन दोनों मुख्य न्यायाधीश के. एन. वाँचू और अगस्टाइन जॉर्ज मसीह हैं।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति के. एन. वाँचू और न्यायमूर्ति अगस्टाइन जॉर्ज मसीह 

संविधान के अनुच्छेद 217(1) के अनुसार, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति से भिन्न किसी न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति किसके परामर्श उपरांत करेगा ? 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति, भारत के महान्यायवादी तथा राजस्थान के राज्यपाल । 

  • भारत के मुख्य न्यायमूर्ति तथा राजस्थान के राज्यपाल । 

  • संघ के कानून एवं न्याय मंत्री तथा राजस्थान के राज्यपाल । 

  • राजस्थान के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायमूर्ति तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति । 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, मुख्य न्यायमूर्ति से भिन्न किसी न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 यह नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायमूर्ति, संबंधित राज्य के राज्यपाल तथा उस राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श के पश्चात की जाती है।
👉 इन तीनों के परामर्श के बाद ही राष्ट्रपति न्यायाधीश की नियुक्ति करता है।
👉 अतः राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति इन तीनों के परामर्श से होती है।

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायमूर्ति तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति। 

उच्च न्यायालय के अपर न्यायाधीश का कार्यकाल : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • तीन वर्ष 

  • दो वर्ष 

  • एक वर्ष 

  • पाँच वर्ष 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 224 में अपर (Additional) न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
👉 जब किसी उच्च न्यायालय में कार्यभार अधिक होता है या लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ जाती है, तो राष्ट्रपति अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति कर सकता है।
👉 इन न्यायाधीशों का कार्यकाल अधिकतम दो वर्ष तक होता है।
👉 यह नियुक्ति अस्थायी होती है और न्यायालय के कार्यभार कम होने पर समाप्त की जा सकती है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के अपर न्यायाधीश का कार्यकाल दो वर्ष का होता है।

✍️ सही उत्तर है – दो वर्ष 

निम्नांकित न्यायाधीशों में से कौन राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर बेंच की 'सुगम्यता समिति' के सदस्य हैं ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • माननीय न्यायमूर्ति शुभा मेहता

  • माननीय न्यायमूर्ति दिनेश मेहता

  • माननीय न्यायमूर्ति रेखा बोराणा

  • माननीय न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग

🔹 व्याख्या

👉 सुगम्यता समिति राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर बेंच से संबंधित है।
👉
इसके सदस्य न्यायमूर्ति रेखा बोराणा हैं।
👉
समिति का उद्देश्य दिव्यांग व बुजुर्ग सुविधा बढ़ाना है।
👉
यह प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा गया है।

✍️ सही उत्तर है – माननीय न्यायमूर्ति रेखा बोराणा

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए : 

I. वह राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता/होती है । 

II. उसे पद की शपथ राज्य के राज्यपाल द्वारा दिलाई जाती है। 

III. वह अपना त्यागपत्र भारत के मुख्य न्यायमूर्ति को देता है । 

[Protection Officer 29.05.2019]

  • केवल II एवं III सही हैं

  • केवल I एवं II सही हैं । 

  • केवल एवं III सही हैं । 

  • I, II एवं III सभी सही हैं । 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 217(1) में किया गया है,
जिसके अनुसार न्यायाधीश की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 अनुच्छेद 219 के अनुसार न्यायाधीश को राज्य के राज्यपाल द्वारा पद की शपथ दिलाई जाती है।
👉 न्यायाधीश अपना त्यागपत्र भारत के राष्ट्रपति को देता है, न कि भारत के मुख्य न्यायमूर्ति को।
👉 इसलिए केवल कथन I और II सही हैं, जबकि कथन III गलत है।
👉 यह व्यवस्था न्यायपालिका की संवैधानिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करती है।

✍️ सही उत्तर है – केवल I एवं II सही हैं। 

उच्च न्यायालय की अन्य न्यायालयों पर अधीक्षण शक्ति किस अनुच्छेद में प्राप्त है ?

[Junior Legal Officer 26.12.2019]

  • 226

  • 224

  • 227

  • 223

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 में उच्च न्यायालय को अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति प्रदान की गई है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधीन सभी न्यायालयों एवं अधिकरणों पर निरीक्षण करने का अधिकार है।
👉 यह शक्ति न्यायिक प्रशासन को संगठित, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाए रखने के लिए दी गई है।
👉 उच्च न्यायालय आवश्यकता पड़ने पर मार्गदर्शन, निर्देश या पर्यवेक्षण भी कर सकता है।
👉 अतः अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण शक्ति उच्च न्यायालय को अनुच्छेद 227 में प्राप्त है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 227 

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत एक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति उसी उच्च न्यायालय में एक न्यायाधीश के रूप में बैठने एवं कार्य करने के लिए हो सकती है ? 

[Junior Legal Officer 26.12.2019]

  • अनुच्छेद-233A 

  • अनुच्छेद-224A 

  • अनुच्छेद-224 

  • अनुच्छेद-233

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 224(A) में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की पुनर्नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश राज्यपाल की सहमति से किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को पुनः उसी न्यायालय में बैठने और कार्य करने के लिए नियुक्त कर सकता है।
👉 इसका उद्देश्य न्यायिक कार्यभार को संतुलित एवं सुचारू रूप से संचालित करना है।
👉 यह नियुक्ति अस्थायी अवधि के लिए की जाती है और सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सभी न्यायिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
👉 अतः यह व्यवस्था अनुच्छेद 224(A) के अंतर्गत की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 224(A) 

उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को सेवानिवृत्ति के पश्चात् नियुक्त किया जा सकता है - 

(A) किसी विश्वविद्यालय का कुलपति 

(B) राजदूत 

(C) राज्यपाल 

(D) सरकार द्वारा गठित समिति का अध्यक्ष 

सही उत्तर है :

[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]

  • केवल (A), (B) एवं (C) 

  • केवल (A), (B) एवं (D) 

  • केवल (B) एवं (C)

  • (A), (B), (C) एवं (D)  

🔹 व्याख्या

👉 सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को सेवानिवृत्ति के बाद भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाने का अवसर मिलता है।
👉 विश्वविद्यालय के कुलपति: शासन और कानूनी विशेषज्ञता के कारण उन्हें कुलपति के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
👉 राजदूत: कानून और कूटनीति की गहरी समझ के कारण वे राजदूत पद के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।
👉 राज्यपाल: प्रशासनिक कौशल और निर्णय क्षमता के आधार पर उन्हें राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
👉 सरकार द्वारा गठित समिति का अध्यक्ष : समिति के प्रकार के अनुसार अध्यक्ष भिन्न होता है।

✍️ सही उत्तर है – (A), (B), (C) एवं (D) 

उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने हेतु एक व्यक्ति को आयु पूर्ण करनी चाहिए : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • 35 वर्ष 

  • उपर्युक्त में से कोई नहीं 

  • 30 वर्ष 

  • 25 वर्ष 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।
👉 उम्मीदवार के पास कानून की डिग्री होनी चाहिए तथा उसने कम से कम 10 वर्ष तक उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य किया हो।
👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – उपर्युक्त में से कोई नहीं 

दो राज्यों के लिए एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को शपथ दिलवाता है : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • सभी राज्यों के राज्यपालों द्वारा 

  • किसी राज्य के राज्यपाल द्वारा 

  • राष्ट्रपति द्वारा

  • राज्यपाल द्वारा, जिसमें न्यायालय का मुख्य स्थान है

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 219 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की शपथ या प्रतिज्ञान का प्रावधान किया गया है।
👉 यदि कोई उच्च न्यायालय दो या दो से अधिक राज्यों के लिए गठित किया गया हो, तो न्यायाधीशों को शपथ उस राज्य के राज्यपाल द्वारा दिलाई जाती है जहाँ न्यायालय की मुख्य सीट (Principal Seat) स्थित है।
👉 शपथ का प्रारूप संविधान की तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट है।
👉 यह प्रक्रिया न्यायिक पद की संवैधानिक वैधता और निष्ठा सुनिश्चित करती है।
👉 अतः दो राज्यों के लिए गठित उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को शपथ उस राज्य के राज्यपाल द्वारा दिलाई जाती है, जहाँ न्यायालय का मुख्य स्थान है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल द्वारा, जिसमें न्यायालय का मुख्य स्थान है 

राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थापना किस वर्ष में हुई थी ? 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • 1952 में 

  • 1950 में 

  • 1956 में 

  • 1949 में 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य के एकीकरण के पश्चात एक एकीकृत न्यायिक व्यवस्था स्थापित की गई।
👉 इसके तहत राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 जारी किया गया।
👉 इस अध्यादेश के अंतर्गत 25 अगस्त, 1949 को अधिसूचना जारी कर उद्घाटन की तिथि तय की गई।
👉 29 अगस्त, 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय का उद्घाटन जोधपुर में किया गया।
👉 अतः राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी।

✍️ सही उत्तर है – 1949 में 

निम्नलिखित में से कौन सा जिला राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है ?

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  • बारां 

  • अलवर 

  • अजमेर 

  • भीलवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 भीलवाड़ा जिला राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
👉 यह जोधपुर पीठ के अधीन है।
👉 जयपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में अजमेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, जयपुर, झुंझुनूं, सवाईमाधोपुर, करौली, सीकर, टोंक और दौसा जिले शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – भीलवाड़ा  

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते हैं 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]

  • प्रधान मंत्री 

  • राष्ट्रपति 

  • विधि मंत्री 

  • मुख्य मंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 217(1) में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करते हैं।
👉 राष्ट्रपति यह नियुक्ति राज्य के राज्यपाल और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने के बाद करते हैं।
👉 यह प्रक्रिया न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने हेतु की जाती है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

संविधान के किस अनुच्छेद में उच्च न्यायालय रिट जारी करने की शक्ति रखते हैं ?

[Junior Legal Officer 26.12.2019]

  • अनुच्छेद 224 

  • अनुच्छेद 32 

  • अनुच्छेद 136 

  • अनुच्छेद 226

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय के रिट जारी करने का क्षेत्राधिकार सर्वोच्च न्यायालय से भी व्यापक है। उच्च न्यायालय सिविल मामलों में भी रिट जारी कर सकता है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 226 

निम्नलिखित में से किस निर्णय में यह माना गया था कि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों को प्रदत्त क्षेत्राधिकार को प्रशासनिक न्यायाधिकरण द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है, यदि वह उच्च न्यायालय से कम प्रभावशाली नहीं है ? 

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • एस.पी. संपत कुमार बनाम भारत संघ

  • एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ

  • एल. चंद्र कुमार बनाम भारत संघ 

  • इन री विशेष न्यायालय विधेयक

🔹 व्याख्या

👉 एस. पी. संपत कुमार बनाम भारत संघ (1987) का मामला अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार से संबंधित था।
👉 इसमें यह माना गया कि यदि प्रशासनिक न्यायाधिकरण उच्च न्यायालय से कम प्रभावशाली न हो, तो उसे उच्च न्यायालय के विकल्प के रूप में कार्य करने की अनुमति दी जा सकती है।
👉 इस मामले की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक न्यायाधिकरण की स्थापना और उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को समाप्त करने से जुड़ी संवैधानिक चुनौती थी।

✍️ सही उत्तर है – एस. पी. संपत कुमार बनाम भारत संघ 

निम्नांकित में से किस तारीख को राजस्थान उच्च न्यायालय के नियम, 1952 प्रभावी हुए ? 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • 16 जनवरी, 1952 

  • 31 दिसम्बर, 1952 

  • 15 अगस्त, 1952 

  • 01 अक्टूबर, 1952 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थापना के पश्चात न्यायिक कार्यों के संचालन हेतु नियमों का निर्माण वर्ष 1952 में किया गया।
👉 इन नियमों को राजस्थान उच्च न्यायालय के नियम, 1952 कहा गया।
👉 इन नियमों का उद्देश्य न्यायालय की कार्यप्रणाली, प्रक्रिया एवं प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करना था।
👉 ये नियम 1 अक्टूबर, 1952 से पूरे राजस्थान राज्य में प्रभावी हुए।
👉 इसके बाद उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ इन्हीं नियमों के अंतर्गत संचालित की जाने लगीं।

✍️ सही उत्तर है – 01 अक्टूबर, 1952 

निम्नांकित में से किस दिनांक को राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ जयपुर में स्थापित की गई ? 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.01.2020]

  • 8 दिसम्बर, 1976

  • 26 फरवरी, 1958

  • 8 मई, 1950  

  • 1 नवम्बर, 1956

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में स्थित है।
👉 राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51 के अंतर्गत राष्ट्रपति ने एक आदेश जारी किया।
👉 इस आदेश के तहत 8 दिसम्बर, 1976 को जयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ स्थापित की गई।
👉 इसके बाद यह पीठ 31 जनवरी, 1977 से कार्य करने लगी।
👉 अतः राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ 8 दिसम्बर, 1976 को जयपुर में स्थापित की गई थी।

✍️ सही उत्तर है – 8 दिसम्बर, 1976 

राजस्थान उच्च न्यायालय के जिन न्यायाधीशों को 29 अगस्त, 1949 को शपथ दिलाई गई, उनमें से कौन सुमेलित नहीं है ? 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • न्यायमूर्ति लाला नवल किशोर : जोधपुर 

  • न्यायमूर्ति जवान सिंह राणावत : कोटा

  • न्यायमूर्ति कंवर लाल बापना : जयपुर 

  • न्यायमूर्ति त्रिलोचन दत्त : बीकानेर 

🔹 व्याख्या

👉 29 अगस्त 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय के प्रथम न्यायाधीशों को शपथ दिलाई गई थी।
👉 इनमें न्यायमूर्ति लाला नवल किशोर (जोधपुर), न्यायमूर्ति कँवर लाल बापना (जयपुर) और न्यायमूर्ति त्रिलोचन दत्त (बीकानेर) शामिल थे।
👉 जबकि न्यायमूर्ति जवान सिंह राणावत: कोटा सुमेलित नहीं हैं क्योंकि वे वास्तव में जोधपुर के न्यायाधीश थे।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति जवान सिंह राणावत : कोटा 

राजप्रमुख द्वारा राजस्थान के उच्च न्यायालय का उद्घाटन किया गया : 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • 28 जनवरी, 1950

  • 29 अगस्त, 1949 

  • 28 जनवरी, 1952

  • 27 मार्च, 1951

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य के गठन के पश्चात उच्च न्यायालय की स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
👉 राजप्रमुख सवाई मानसिंह द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय का उद्घाटन 29 अगस्त, 1949 को किया गया।
👉 उद्घाटन समारोह जोधपुर में आयोजित किया गया था।
👉 इस अवसर पर न्यायमूर्ति कमलकांत वर्मा सहित अन्य 11 न्यायाधीशों ने शपथ ग्रहण की।
👉 यह दिन राजस्थान की एकीकृत न्यायिक व्यवस्था के शुभारंभ का प्रतीक बना।

✍️ सही उत्तर है – 29 अगस्त, 1949 

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्यों के उच्च न्यायालयों को मूल अधिकारों के प्रवर्तन का अधिकार देता है ? 

[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]

  • अनुच्छेद-32 

  • अनुच्छेद-124 

  • अनुच्छेद-229

  • अनुच्छेद-226 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान में अनुच्छेद 226 राज्यों के उच्च न्यायालयों को विशेष शक्तियाँ प्रदान करता है।
👉 इस अनुच्छेद के अंतर्गत उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन हेतु विभिन्न लेख (Writs) जारी करने का अधिकार है।
👉 इनमें हैबियस कॉर्पस, मैंडमस, प्रोहिबिशन, सर्टिओरारी और क्वो वारंटो जैसे लेख शामिल हैं।
👉 यह शक्ति उच्च न्यायालय को नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु दी गई है।
👉 अतः मूल अधिकारों के प्रवर्तन का अधिकार अनुच्छेद 226 में निहित है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 226 

राजस्थान उच्च न्यायालय में वर्तमान में (जुलाई, 2020 ) न्यायाधीशों के पदों की कुल कितनी संख्या स्वीकृत हैं

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • 55 

  • 50

  • 45 

  • 40 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 216 के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक उच्च न्यायालय होता है,
जो एक मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों से मिलकर बनता है।
👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के पदों की कुल स्वीकृत संख्या 50 निर्धारित की गई है।
👉 यह संख्या वर्ष 2015 में संशोधित कर 50 की गई थी।
👉 इन पदों में मुख्य न्यायाधीश सहित सभी स्थायी एवं अतिरिक्त न्यायाधीश सम्मिलित हैं।
👉 अतः जुलाई 2020 तक राजस्थान उच्च न्यायालय में कुल 50 न्यायाधीशों के पद स्वीकृत हैं।

✍️ सही उत्तर है – 50 

न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा के संबंध में त्रुटिपूर्ण कथन को पहचानिए :

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • वे 1997 में भारत के मुख्य न्यायमूर्ति बनें।

  • वे राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति थे।

  • भारत के उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में उनकी पदोन्नति राजस्थान उच्च न्यायालय से हुई।

  • उन्होंने केवल एक बार राजस्थान के कार्यकारी राज्यपाल के रूप में कार्य किया।

🔹 व्याख्या

👉 त्रुटिपूर्ण कथन है कि वे एक बार कार्यकारी राज्यपाल रहे।
👉
यह कथन गलत है क्योंकि वे कार्यकारी राज्यपाल नहीं रहे।
👉
जबकि 1997 में मुख्य न्यायमूर्ति, राजस्थान उच्च न्यायालय से पदोन्नति और मुख्य न्यायमूर्ति होना सही तथ्य हैं।

✍️ सही उत्तर है – उन्होंने केवल एक बार राजस्थान के कार्यकारी राज्यपाल के रूप में कार्य किया।

राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण की जयपुर पीठ के क्षेत्राधिकार में आने वाले संभागों के सही समूह को पहचानिए । 

[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]

  • जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा 

  • भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर 

  • अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर 

  • उदयपुर, अजमेर, जयपुर, कोटा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण की स्थापना राज्य के कर्मचारियों की सेवाओं से संबंधित विवादों के निस्तारण हेतु की गई।
👉 इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है तथा इसकी एक पीठ (Bench) जयपुर में कार्यरत है।
👉 जयपुर पीठ के क्षेत्राधिकार में राज्य के जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग सम्मिलित हैं।
👉 इन संभागों से संबंधित समस्त अपीलें जयपुर पीठ द्वारा सुनी जाती हैं।
👉 अतः जयपुर पीठ के क्षेत्राधिकार में जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग आते हैं।

✍️ सही उत्तर है – जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा 

उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है ? 

[Junior Legal Officer 26.12.2019]

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश 

  • मंत्री परिषद 

  • राष्ट्रपति 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 राष्ट्रपति यह नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित राज्य के राज्यपाल और उस राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद करता है।
👉 यह प्रक्रिया न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति 

उच्च न्यायालय के आयु संबंधी कोई प्रश्न उत्पन्न होने पर, प्रश्न का निर्णय किया जायेगा :

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा  

  • राज्य के राज्यपाल द्वारा

  • भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से 

  • केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की आयु संबंधी विवाद का प्रावधान अनुच्छेद 217(3) में किया गया है।
👉 यदि किसी न्यायाधीश की आयु के बारे में कोई प्रश्न या संदेह उत्पन्न होता है, तो उसका निर्णय भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
👉 इस निर्णय से पूर्व राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेते हैं।
👉 राष्ट्रपति का यह निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी माना जाता है।
👉 अतः न्यायाधीश की आयु संबंधी प्रश्न का निर्णय भारत के राष्ट्रपति द्वारा, भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से किया जाता है।

✍️ सही उत्तर है – भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से 

निम्नांकित में से किसने 29 अगस्त, 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • श्री जय नारायण व्यास 

  • माननीय न्यायमूर्ति कमल कांत वर्मा

  • राजप्रमुख महाराजा सवाई मान सिंह

  • माननीय न्यायमूर्ति जवान सिंह राणावत

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय का उद्घाटन 29 अगस्त, 1949 को जोधपुर में किया गया था।
👉 यह उद्घाटन राज्य की एकीकृत न्यायिक प्रणाली के शुभारंभ का प्रतीक था।
👉 उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता राजप्रमुख महामहिम महाराजा सवाई मानसिंह की उपस्थिति में हुई।
👉 इस अवसर पर न्यायमूर्ति कमलकांत वर्मा सहित अन्य 11 न्यायाधीशों ने शपथ ग्रहण की।
👉 अतः उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता राजप्रमुख महाराजा सवाई मानसिंह ने की थी।

✍️ सही उत्तर है – राजप्रमुख महाराजा सवाई मान सिंह 

राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और उनके कार्यकाल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (नाम – कार्यकाल) सुमेलित नहीं है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • अकील कुरैशी -12.10.21-06.03.22 

  • ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह - 30.05.23 - 09.11.23 

  • एस. एस. शिंदे - 07.03.22-13.10.22 

  • पंकज मिथल - 14.10.22 - 05.02.23 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में समय-समय पर कई मुख्य न्यायाधीशों ने सेवा दी है।
👉 वर्ष 2022 में न्यायमूर्ति एस. एस. शिंदे ने अल्प अवधि के लिए मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया था।
👉 उनके कार्यकाल की सही अवधि 21 जून, 2022 से 13 अक्टूबर, 2022 तक रही।
👉 प्रश्न में दिया गया युग्म 07 मार्च, 2022 – 13 अक्टूबर, 2022 सही नहीं है। 

✍️ सही उत्तर है – एस. एस. शिंदे – 07.03.22 से 13.10.22 

निम्नांकित में से कौन सा जिला राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में नहीं है ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • चित्तौड़गढ़ 

  • टोंक 

  • बूँदी 

  • झालावाड़

🔹 व्याख्या

👉 चित्तौड़गढ़ जिला राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
👉 यह जोधपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में आता है।
👉 जोधपुर पीठ में चित्तौड़गढ़ सहित कई जिले सम्मिलित हैं।
👉 जयपुर पीठ के अधिकार क्षेत्र में अजमेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, जयपुर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, करौली, सीकर, टोंक और दौसा जिले आते हैं।

✍️ सही उत्तर है – चित्तौड़गढ़  

निम्नांकित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?  

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 19.11.2024]

  • अनुच्छेद 229 - उच्च न्यायालयों के अधिकारी और सेवक तथा व्यय 

  • अनुच्छेद 230 - उच्च न्यायालय की अधिकारिता का संघ राज्य क्षेत्रों पर विस्तारं 

  • अनुच्छेद 227 - सभी न्यायालयों के अधीक्षण की उच्च न्यायालय की शक्ति 

  • अनुच्छेद 228 - 'दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 228 का संबंध उच्च न्यायालय की मामलों के अंतरण (Transfer of Cases) की शक्ति से है।
👉 इसके अनुसार, यदि किसी अधीनस्थ न्यायालय में लंबित वाद में संविधान की व्याख्या से संबंधित प्रश्न उपस्थित हो, तो उच्च न्यायालय उसे अपने पास मंगा सकता है।
👉 जबकि ‘दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना’ का प्रावधान अनुच्छेद 231 में किया गया है।
👉 इसलिए अनुच्छेद 228 को इस विषय से जोड़ना गलत सुमेल है।
👉 अतः यह युग्म सही सुमेलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 228 - 'दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना' 

1958 में, राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ भारत सरकार द्वारा गठित एक समिति की सिफारिश पर समाप्त कर दी गई। इस समिति में निम्नांकित में से कौन सदस्य नहीं था ?  

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • इंद्रनाथ मोदी 

  • वी. विश्वनाथन 

  • पी. सत्यनारायण राव

  • बी.के. गुप्ता 

🔹 व्याख्या

👉 वर्ष 1957 में पी. सत्यनारायण राव समिति का गठन किया गया था,
जिसने 26 फरवरी, 1958 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
👉 इस समिति ने सिफारिश की कि राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में रहे और जयपुर पीठ समाप्त कर दी जाए।
👉 समिति में पी. सत्यनारायण राव (अध्यक्ष) सहित अन्य सदस्य सम्मिलित थे।
👉 परंतु इंद्रनाथ मोदी इस समिति के सदस्य नहीं थे।
👉 अतः 1958 में जयपुर पीठ को समाप्त करने वाली समिति के सदस्यों में इंद्रनाथ मोदी शामिल नहीं थे।

✍️ सही उत्तर है – इंद्रनाथ मोदी 

उच्च न्यायालय का न्यायाधीश अपना त्यागपत्र संबोधित करता है : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • राज्यपाल को 

  • राष्ट्रपति को 

  • उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश को 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और त्यागपत्र से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 217(1) में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, कोई भी न्यायाधीश किसी भी समय राष्ट्रपति को संबोधित कर अपना त्यागपत्र दे सकता है।
👉 न्यायाधीश का कार्यकाल 62 वर्ष की आयु तक होता है, परंतु वह स्वेच्छा से पहले भी पद छोड़ सकता है।
👉 न्यायाधीश की नियुक्ति भी राष्ट्रपति द्वारा ही की जाती है, इसलिए त्यागपत्र भी राष्ट्रपति को ही दिया जाता है।
👉 अतः उच्च न्यायालय का न्यायाधीश अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित करता है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति को 

राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के अन्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्य करने के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (न्यायाधीश का नाम उच्च न्यायालय) सुमेलित नहीं है ?  

[Research Assistant 10.07.2025]

  • अजय रस्तोगी - दिल्ली उच्च न्यायालय

  • कान्ता भटनागर – मद्रास उच्च न्यायालय

  • संदीप मेहता - गुवाहाटी उच्च न्यायालय 

  • गोविन्द माथुर - इलाहाबाद उच्च न्यायालय 

🔹 व्याख्या

👉 अजय रस्तोगी दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नहीं रहे हैं।
👉 वे राजस्थान उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित हुए थे और वहां न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।
👉 मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – अजय रस्तोगी - दिल्ली उच्च न्यायालय

संविधान का कौनसा अनुच्छेद 'मामलों का उच्च न्यायालय को अन्तरण' से संबंधित है ? 

[Junior Legal Officer 2013]

  • अनुच्छेद 229

  • अनुच्छेद 231 

  • अनुच्छेद 230 

  • अनुच्छेद 228 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान में मामलों के अंतरण (Transfer of Cases) से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 228 में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अंतर्गत उच्च न्यायालय को यह अधिकार है कि वह अपने अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित किसी मामले को अपने पास मंगा सकता है।
👉 यह तब किया जाता है जब उस मामले में संविधान की व्याख्या से संबंधित कोई प्रश्न उपस्थित हो।
👉 इस प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायिक कार्यवाही में संगति और संवैधानिक स्पष्टता बनाए रखना है।
👉 अतः मामलों का उच्च न्यायालय को अंतरण अनुच्छेद 228 से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 228 

'उच्च न्यायालय' शब्द को भारत के संविधान के____________के तहत परिभाषित किया गया है। 

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • अनुच्छेद 366(14)

  • अनुच्छेद 366(11)

  • अनुच्छेद 366(15)

  • अनुच्छेद 366(3)

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366(14) में ‘उच्च न्यायालय’ शब्द की परिभाषा दी गई है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, “उच्च न्यायालय” से अभिप्राय किसी राज्य के लिए स्थापित न्यायालय से है, जो संविधान के भाग-6 के अध्याय-5 के अंतर्गत गठित किया गया हो।
👉 यह परिभाषा उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति एवं अधिकारिक पहचान को स्पष्ट करती है।
👉 इसी अनुच्छेद के अंतर्गत उच्च न्यायालयों के अर्थ, अधिकार और स्थापना का आधार निर्धारित होता है।
👉 अतः ‘उच्च न्यायालय’ शब्द की परिभाषा अनुच्छेद 366(14) में दी गई है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 366(14) 

निम्नांकित में से कौन राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति नहीं रहे हैं ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • विरेन्द्रकुमार सिंघल 

  • जे. एस. वर्मा 

  • अरुण कुमार 

  • जे. एम. पांचाल 

🔹 व्याख्या

👉 वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा(कार्यवाहक) है (जून 2026)

👉 विरेन्द्रकुमार सिंघल राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति नहीं रहे हैं।
👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में अनेक मुख्य न्यायमूर्ति रहे हैं, जिनमें जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह (30 मई 2023) और जस्टिस के. आर. श्रीराम (अगस्त 2025) शामिल हैं।

✍️ सही उत्तर है – विरेन्द्रकुमार सिंघल 

राजस्थान उच्च न्यायालय के निम्नांकित न्यायाधीशों में से कौन राजस्थान सरकार में राज्यमंत्री के पद पर आसीन रहे हैं ?

[RAS Pre. 27.10.2021] 

  • जस्टिस फारूख हसन 

  • जस्टिस यादराम मीणा 

  • जस्टिस मोहम्मद यामीन 

  • जस्टिस सूरज नारायण डीडवानिया 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में कई न्यायाधीशों ने विभिन्न संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है।
👉 उनमें से न्यायमूर्ति फारूख हसन का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
👉 उन्होंने न्यायिक सेवाओं के पश्चात राजस्थान सरकार में राज्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
👉 यह उन्हें न्यायिक और कार्यपालिका दोनों क्षेत्रों में सेवा देने वाला विशिष्ट व्यक्तित्व बनाता है।
👉 अतः राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में से जस्टिस फारूख हसन राज्यमंत्री के पद पर आसीन रहे हैं।

✍️ सही उत्तर है – जस्टिस फारूख हसन

निम्नलिखित में से कौन राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश था, जब भारत के राष्ट्रपति ने 1956 में भारत के मुख्य न्यायाधीश एस. आर. दास की सिफारिश पर राजस्थान के जजों की नियुक्ति के नये वारंट जारी किये थे ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • डी. एस. दवे 

  • के. के. शर्मा 

  • इन्द्र नाथ मोदी

  • कैलाश वांचू 

🔹 व्याख्या

👉 वर्ष 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नई नियुक्ति प्रक्रिया की गई।
👉 भारत के मुख्य न्यायाधीश एस. आर. दास की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने 1 नवंबर 1956 को नए वारंट जारी किए।
👉 उस समय राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस कैलास नाथ वान्चू थे।
👉 उन्होंने पुनर्गठित राजस्थान न्यायपालिका में मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।

✍️ सही उत्तर है – कैलास वान्चू

राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर प्रधान पीठ के क्षेत्राधिकार में कितनी जजशिप हैं ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]3

  • 21

  • 17 

  • 19 

  • 14 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में कुल 36 जजशिप हैं।
👉 इनमें से 19 जजशिप जोधपुर प्रधान पीठ के क्षेत्राधिकार में आती हैं।
👉 जबकि शेष 17 जजशिप जयपुर खंडपीठ के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।
👉 इस प्रकार राजस्थान उच्च न्यायालय का कार्य क्षेत्र दो पीठों — जोधपुर और जयपुर में विभाजित है।

✍️ सही उत्तर है – 19  

निम्नांकित में से कौन सा जिला राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य स्थान (प्रिंसिपल सीट) के अधिकार क्षेत्र में नहीं है - 

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 14.12.2020]

  • प्रतापगढ़  

  • झालावाड़ 

  • डूंगरपुर 

  • बाँसवाड़ा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय राजस्थान राज्य का उच्च न्यायालय है।
👉 इसकी स्थापना 29 अगस्त 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 के तहत की गई थी।
👉 न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में है।
👉 पहले मुख्य न्यायाधीश कमल कांता वर्मा थे।
👉 31 जनवरी 1977 को जयपुर में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51 (2) के तहत एक पीठ का गठन किया गया, जिसे 1958 में भंग कर दिया गया था।

✍️ सही उत्तर है – झालावाड़  

भारत में उच्च न्यायालय द्वारा लिया जानें वाला न्यायालय शुल्क निम्न के अंतर्गत आता है : 

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • संघ सूची एवं समवर्ती सूची दोनों

  • राज्य सूची 

  • संघ सूची 

  • समवर्ती सूची 

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में केंद्र, राज्य और समवर्ती विषयों का विभाजन किया गया है।
👉 इसमें न्यायालय शुल्क (Court Fees) से संबंधित विषय को राज्य सूची (State List) में रखा गया है।
👉 राज्य सरकार को अपने क्षेत्र के उच्च न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायालय शुल्क निर्धारण का अधिकार है।
👉 यह शुल्क न्यायिक प्रक्रिया में प्रस्तुत याचिकाओं, दावों और अपीलों पर लागू होता है।
👉 अतः उच्च न्यायालय द्वारा लिया जाने वाला न्यायालय शुल्क राज्य सूची के अंतर्गत आता है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य सूची 

सही कथन चुनिए : 

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को राष्ट्रपति नियुक्त करेगा -

[Junior Legal Officer 2013]

  • राज्यपाल और मुख्यमंत्री से परामर्श करके 

  • उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से परामर्श करके 

  • उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके 

  • राज्यपाल और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रावधान अनुच्छेद 217 में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त करते हैं।
👉 राष्ट्रपति यह नियुक्ति राज्य के राज्यपाल और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने के बाद करते हैं।
👉 यह व्यवस्था न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु बनाई गई है।
👉 अतः यह कथन सही है कि मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करके 

उच्च न्यायालय में अपर न्यायाधीशों की नियुक्ति से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(I) उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय के कार्य में किसी अस्थायी वृद्धि के कारण अपर न्यायाधीशों की नियुक्ति कर सकता है ।

(II) अपर न्यायाधीशों की नियुक्ति अस्थायी रूप से और दो वर्ष से अधिक की नहीं होती ।

सही विकल्प का चयन कीजिए :

[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.07.2025]

  • कथन (I) और (II) दोनों सही हैं।

  • न तो कथन (I) न ही (II) सही है ।

  • केवल कथन (II) सही है ।

  • केवल कथन (I) सही है।

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय में अपर (Additional) न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान अनुच्छेद 224(1) में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, अपर न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, न कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा।
👉 इन न्यायाधीशों की नियुक्ति उच्च न्यायालय के कार्य में अस्थायी वृद्धि या लंबित मामलों की अधिकता के कारण की जाती है।
👉 उनका कार्यकाल अस्थायी होता है और दो वर्ष से अधिक नहीं होता। 

✍️ सही उत्तर है – केवल कथन (II) सही है। 

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सेवा-निवृत्त होते हैं : 

[Junior Legal Officer 26.12.2019]

  • 61 साल पर 

  • 60 साल पर 

  • 62 साल पर 

  • 65साल पर 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु का प्रावधान अनुच्छेद 217 में किया गया है।
👉 प्रारंभ में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष निर्धारित थी।
👉 बाद में 15वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1963 द्वारा यह आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई।
👉 न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवा-निवृत्त होते हैं, परंतु वे इससे पूर्व इस्तीफा भी दे सकते हैं।
👉 अतः उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु पर सेवा-निवृत्त होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – 62 साल पर 

किसी भी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, तैनाती एवं पदोन्नति की जाती है : 

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • उच्च न्यायालय के परामर्श से राज्य के राज्यपाल द्वारा 

  • राज्य के विधि मंत्री द्वारा 

  • राज्य के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, तैनाती एवं पदोन्नति से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 233 में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, जिला न्यायाधीश की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।
👉 यह प्रावधान न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु बनाया गया है।
👉 जिला न्यायाधीशों की तैनाती एवं पदोन्नति भी इसी संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत होती है।
👉 अतः यह प्रक्रिया उच्च न्यायालय के परामर्श से राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय के परामर्श से राज्य के राज्यपाल द्वारा 

राजस्थान राज्य का उच्च न्यायालय जहाँ अवस्थित है -  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • जोधपुर  

  • बीकानेर  

  • अजमेर  

  • जयपुर

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य का उच्च न्यायालय 29 अगस्त, 1949 को स्थापित किया गया था।
👉 इसका उद्घाटन राजप्रमुख सवाई मानसिंह की उपस्थिति में जोधपुर में किया गया।
👉 राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 के अनुसार इसका मुख्यालय (Principal Seat) जोधपुर में निर्धारित किया गया।
👉 बाद में जयपुर में स्थायी पीठ (Permanent Bench) स्थापित की गई, परंतु मुख्य पीठ आज भी जोधपुर में ही है।
👉 अतः राजस्थान राज्य का उच्च न्यायालय जोधपुर में अवस्थित है।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर 

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ? 

क. संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय होगा । 

ख. अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालय के रिट क्षेत्राधिकार से संबंधित है ! 

ग. अनुच्छेद 214 घोषित करता है कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया से संबंधित अनुच्छेद 124(4) व (5) का प्रावधान उच्च न्यायालय पर लागू होगा ।

[Junior Legal Officer 04.11.2023]

  • केवल ख 

  • केवल ग 

  • केवल क और ख 

  • सभी क, ख और ग 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 215 में प्रावधान है कि प्रत्येक उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय (Court of Record) होगा।
👉 अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय को रिट (Writs) जारी करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 जबकि अनुच्छेद 214 राज्यों के लिए उच्च न्यायालय की स्थापना से संबंधित है, न कि न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया से।
👉 अतः केवल क और ख कथन सही हैं, जबकि ग कथन गलत है।
👉 यह उच्च न्यायालय की संरचना और अधिकारिता से संबंधित स्पष्ट प्रावधान हैं।

✍️ सही उत्तर है – केवल क और ख 

उच्चतम न्यायालय के निम्नांकित न्यायाधीशों में से कौन राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नहीं रहे हैं ? 

[RAS Pre. 05.08.2018]

  • न्यायमूर्ति ए. के. माथुर 

  • न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी

  • न्यायमूर्ति एन. एम. कासलीवाल 

  • न्यायमूर्ति बी. एस. चौहान 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय में कई न्यायाधीशों ने बाद में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में सेवा दी है।
👉 न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी का कार्यकाल राजस्थान उच्च न्यायालय से संबंधित नहीं रहा।
👉 वे उच्चतम न्यायालय में सीधे अन्य न्यायिक क्षेत्र से पहुँचे थे।
👉 अतः वे राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नहीं रहे हैं।

✍️ सही उत्तर है – न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी 

मेण्डेमस रिट से अभिप्राय है : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • किस प्राधिकार से किसी व्यक्ति ने लोक पद धारण किया है 

  • लोक अधिकारी के वैधानिक दायित्व को सुनिश्चित करने हेतु 

  • नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के उल्लंघन में अधीनस्थ न्यायालय की कार्रवाई 

  • अर्द्ध न्यायिक निकाय के निर्णय को निरस्त करने हेतु 

🔹 व्याख्या

👉 मैंडेमस (Mandamus) रिट का अर्थ है — “मैं आदेश देता हूँ”।
👉 यह रिट उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किसी लोक अधिकारी या सार्वजनिक प्राधिकरण को जारी की जाती है।
👉 इसका उद्देश्य उस अधिकारी को उसके वैधानिक या सार्वजनिक कर्तव्यों के पालन के लिए बाध्य करना होता है।
👉 यह रिट तब जारी की जाती है जब अधिकारी अपना वैधानिक दायित्व पूरा नहीं करता।
👉 अतः मैंडेमस रिट का अभिप्राय है लोक अधिकारी के वैधानिक दायित्व को सुनिश्चित करना।

✍️ सही उत्तर है – लोक अधिकारी के वैधानिक दायित्व को सुनिश्चित करने हेतु 

गुवाहाटी उच्च न्यायालय के बारे में निम्नलिखित कथन पढ़ें - 

(i) गुवाहाटी उच्च न्यायालय 2013 तक उत्तर-पूर्व भारत के सात राज्यों का एक साझा उच्च न्यायालय था।

(ii) वर्तमान में गोहाटी उच्च न्यायालय के पास असम, नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर राज्य पर अधिकार क्षेत्र है। 

सही विकल्प चुनिए -

[Asst. Prof. (Polity) 16.05.2024]

  • (i) और (ii) दोनों सही हैं 

  • केवल (ii) सही है 

  • न तो (i) ना ही (ii) सही है

  • केवल (i) सही है 

🔹 व्याख्या

👉 गुवाहाटी उच्च न्यायालय की स्थापना वर्ष 1948 में की गई थी।
👉 प्रारंभ में यह पूरा उत्तर-पूर्व भारत का साझा उच्च न्यायालय था, जिसमें सातों राज्यों का अधिकार क्षेत्र शामिल था।
👉 वर्ष 2013 में मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के लिए पृथक उच्च न्यायालयों की स्थापना की गई।
👉 वर्तमान में गुवाहाटी उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र असम, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों पर है।
👉 अतः कथन (i) सही है, जबकि कथन (ii) में “मणिपुर” के स्थान पर “अरुणाचल प्रदेश” होना चाहिए, इसलिए वह गलत है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (i) सही है।

निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए 

(I) राजस्थान के 14 वाणिज्यिक न्यायालय हैं। 

(II) जोधपुर एवं कोटा में दो वाणिज्यिक अपीलीय संभाग भी हैं। 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • (I) व (II) दोनों सही हैं। 

  • केवल (I) सही है। 

  • केवल (II) सही है। 

  • न तो (I) ना ही (II) सही है। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य में वाणिज्यिक न्यायालयों (Commercial Courts) की स्थापना व्यापारिक विवादों के त्वरित निस्तारण हेतु की गई है।
👉 वर्तमान में राजस्थान में कुल 14 वाणिज्यिक न्यायालय कार्यरत हैं।
👉 जबकि जोधपुर एवं कोटा में वाणिज्यिक अपीलीय संभाग स्थापित नहीं किए गए हैं।
👉 वाणिज्यिक अपीलीय मामलों की सुनवाई का अधिकार मुख्यतः उच्च न्यायालय की पीठों के पास है। 

✍️ सही उत्तर है – केवल (I) सही है। 

राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने उच्च न्यायालय राजस्थान ( जयपुर में स्थायी पीठ की स्थापना) आदेश, 1976 के तहत अपना कार्य कब से प्रारम्भ किया ? 

[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]

  •  31 जनवरी, 1977

  • 8 दिसम्बर, 1976 

  • 1 जनवरी, 1977

  • 31 दिसम्बर, 1976

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में स्थित है।
👉 राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51 के अंतर्गत राष्ट्रपति ने 1976 में एक आदेश जारी किया।
👉 इस आदेश को राजस्थान उच्च न्यायालय (जयपुर में स्थायी पीठ की स्थापना) आदेश, 1976 कहा गया।
👉 इस आदेश के अनुसार जयपुर पीठ ने 31 जनवरी, 1977 से अपना कार्य प्रारंभ किया।
👉 यह पीठ जयपुर और कोटा संभाग के न्यायिक कार्यों का संचालन करती है।

✍️ सही उत्तर है – 31 जनवरी, 1977 

राज्य के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों  की नियुक्ति, के द्वारा की जाती है 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • राष्ट्रपति और राज्यपाल के साथ परामर्श कर भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 

  • भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्य के राज्यपाल के साथ परामर्श कर राष्ट्रपति  द्वारा 

  • राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और  राज्य मंत्रिपरिषद के साथ परामर्श कर  राज्यपाल द्वारा 

  • राज्य के मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राज्यपाल द्वारा

🔹 व्याख्या

👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 राष्ट्रपति यह नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश और संबंधित राज्य के राज्यपाल के साथ परामर्श करके करते हैं।
👉 इस प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखना है।
👉 अतः राज्य के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा परामर्श उपरांत की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – भारत के मुख्य न्यायाधीश और राज्य के राज्यपाल के साथ परामर्श कर राष्ट्रपति द्वारा 

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति की जाती है

[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2013]

  • भारत के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा 

  • राष्ट्रपति द्वारा 

  • संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा 

  • संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा 

🔹 व्याख्या

👉 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) में किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद के अनुसार, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 राष्ट्रपति यह नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने के बाद करता है।
👉 यह व्यवस्था न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करती है।
👉 अतः उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति द्वारा 

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
उच्च न्यायालय — स्थापना वर्ष
(i)
बंबई उच्च न्यायालय : 1862
(ii)
गुवाहाटी उच्च न्यायालय : 1956
(iii)
केरल उच्च न्यायालय : 1948
(iv)
गुजरात उच्च न्यायालय : 1960
सही उत्तर चुनें :

[Asst. Prof. (Polity-I) 09.12.2025]

  • केवल (ii) और (iii)

  • केवल (i) और (ii)

  • केवल (i) और (iv)

  • केवल (iii) और (iv)

🔹 व्याख्या

👉 गुवाहाटी उच्च न्यायालय (1 मार्च, 1948 ) केरल उच्च न्यायालय (1 नवंबर, 1956)