लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अन्तर्गत, लोकपाल की नियुक्ति हेतु चयन समिति में कितने सदस्य होने चाहिये?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 28.12.2024]
👉 लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अनुसार लोकपाल की नियुक्ति हेतु चयन समिति का गठन किया जाता है।
👉 इस समिति में एक अध्यक्ष और चार सदस्य शामिल होते हैं।
👉 यह समिति लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन की अनुशंसा करती है।
👉 अतः चयन समिति में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य
राजस्थान में लोकायुक्त के संदर्भ में, निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है
[Protection Officer 29.05.2019]
👉 राजस्थान में लोकायुक्त की सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होतीं, बल्कि वे सलाहकारी (Advisory) प्रकृति की होती हैं।
👉 लोकायुक्त अपनी जांच रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को प्रस्तुत करता है, जिन पर सरकार विचार करती है, पर उन्हें मानना अनिवार्य नहीं है।
👉 लोकायुक्त को मंत्रियों, विधायकों, सरकारी अधिकारियों एवं लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार या कुप्रशासन के आरोपों की जांच का अधिकार है।
👉 इस संस्था का प्रमुख उद्देश्य राज्य प्रशासन में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
👉 अतः यह कथन गलत है कि लोकायुक्त की सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं।
✍️ सही उत्तर है – लोकायुक्त की सिफारिशें सलाहकारी होती हैं, बाध्यकारी नहीं।
2014 में नरपत मल लोढ़ा की अध्यक्षता में गठित समिति निम्न में से किस विषय से सम्बन्धित है ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 वर्ष 2014 में राजस्थान सरकार ने लोकायुक्त अधिनियम, 1973 को समयानुकूल और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया।
👉 इसके लिए दिनांक 28 फरवरी 2014 को एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया।
👉 इस समिति की अध्यक्षता महाधिवक्ता श्री नरपत मल लोढ़ा को सौंपी गई।
👉 समिति का उद्देश्य था अधिनियम में संशोधन कर उसे सशक्त, प्रभावी और जन-अपेक्षाओं के अनुरूप बनाना।
✍️ सही उत्तर है – लोकायुक्त
राजस्थान में लोकायुक्त का कार्यकाल होता है ? [*]
सहायक आचार्य [24.04.2016]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
राजस्थान में लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार में निम्न में से किसे सम्मिलित नहीं किया गया है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2013]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अंतर्गत लोकायुक्त को कई लोकसेवकों और जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध जाँच करने का अधिकार है।
👉 परंतु इस अधिनियम में राज्य के मुख्यमंत्री को लोकायुक्त के अधिकार-क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
👉 लोकायुक्त मुख्यमंत्री के विरुद्ध किसी भी शिकायत की जाँच नहीं कर सकता।
👉 यह प्रावधान लोकायुक्त की सीमाओं और अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करता है।
👉 अतः मुख्यमंत्री को राजस्थान लोकायुक्त के अधिकार-क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री
राजस्थान में लोकायुक्त के पद से सम्बन्धित निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए :
A. राज्यपाल लोकायुक्त नियुक्ति करेंगे ।
B. लोकायुक्त को देय वेतन, भत्ते, पेंशन राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति के समकक्ष होंगे ।
C. राजस्थान के मुख्यमंत्री के विरूद्ध शिकायतों का अन्वेषण लोकायुक्त द्वारा नहीं किया जा सकेगा ।
निम्नांकित कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 लोकायुक्त को देय वेतन, भत्ते और पेंशन, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति के समान निर्धारित हैं।
👉 इस अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि मुख्यमंत्री, राजस्थान लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहेंगे।
👉 इन प्रावधानों से लोकायुक्त संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित होती है।
✍️ सही उत्तर है – A, B और C
राजस्थान में लोकायुक्त है
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 वर्तमान में लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्ण लोहरा हैं जो 2021 से कार्यरत हैं।
✍️ सही उत्तर है – न्यायाधीश जी. एल. गुप्ता
लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के संदर्भ में निम्न में से कौनसा सही नहीं है?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 28.12.2024]
👉 लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लोकपाल में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य होने का प्रावधान है।
👉 इन आठ सदस्यों में से पचास प्रतिशत सदस्य न्यायिक पृष्ठभूमि से होने चाहिए।
👉 इसका अर्थ है कि न्यायिक सदस्यों की निश्चित संख्या पाँच नहीं, बल्कि यह कुल सदस्यों की संख्या के अनुसार तय होती है।
👉 इसलिए यह कथन कि “इनमें से पाँच न्यायिक सदस्य होंगे” सही नहीं है।
👉 अधिनियम में केवल यह प्रावधान है कि न्यायिक सदस्य अधिकतम आधे (50%) तक हो सकते हैं।
✍️ सही उत्तर है – इनमें से पाँच न्यायिक सदस्य होंगे।
लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक 2011 के अनुसार लोकपाल कार्यालय में एक अध्यक्ष तथा अधिकतम सदस्यों की संख्या हो सकती है
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 02.07.2017]
👉 लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत केंद्र में लोकपाल तथा राज्यों में लोकायुक्त की स्थापना का प्रावधान किया गया।
👉 यह एक वैधानिक निकाय है जो लोकपाल के कार्य करता है।
👉 इस निकाय में एक अध्यक्ष तथा अधिकतम आठ सदस्य होते हैं।
👉 इनमें से 50% सदस्य SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक वर्ग या महिलाएँ होती हैं।
👉 अधिनियम का उद्देश्य भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – 8 सदस्य
राजस्थान लोकायुक्त के सम्बन्ध में निम्न में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(A) राजस्थान के मुख्यमंत्री लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार से बाहर है।
(B) महालेखाकार, राजस्थान, लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार से बाहर है।
(C) राजस्थान राज्य विधान सभा, सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार से बाहर है
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में कुछ पदाधिकारियों को लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
👉 इनमें मुख्यमंत्री, राजस्थान को अधिनियम के अंतर्गत जाँच के दायरे से बाहर रखा गया है।
👉 इसी प्रकार महालेखाकार, राजस्थान पर भी लोकायुक्त जाँच नहीं कर सकता।
👉 साथ ही राजस्थान राज्य विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी भी लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B) और (C)
लोकायुक्त में एक लोक सेवक के विरुद्ध कितने वर्ष पुराने मामलों की शिकायत नहीं की जा सकती है ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में शिकायत दर्ज करने की समय सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है।
👉 इस अधिनियम के अनुसार किसी लोक सेवक के विरुद्ध पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामलों में शिकायत नहीं की जा सकती।
👉 लोकायुक्त केवल उन मामलों की जाँच और अन्वेषण कर सकता है जो पाँच वर्ष की अवधि के भीतर के हों।
👉 यह प्रावधान समयबद्ध न्याय एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु बनाया गया है।
👉 अतः पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामलों की शिकायत नहीं की जा सकती।
✍️ सही उत्तर है – पाँच साल से अधिक
लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक 2011, के अनुसार अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति हेतु चयन समिति में सम्मिलित हैं-
(i) प्रधानमंत्री
(ii) राज्य सभा के सभापति
(iii) लोकसभा अध्यक्ष
(iv) लोकसभा में विपक्ष का नेता
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें-
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 29.10.2018]
कूट:
👉 लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक, 2011 के अंतर्गत अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक चयन समिति (Selection Committee) का गठन किया गया है।
👉 इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है।
👉 इनका कार्य योग्य व्यक्तियों का चयन कर लोकपाल पद हेतु अनुशंसा करना है।
👉 राज्यसभा के सभापति इस चयन समिति का भाग नहीं हैं।
✍️ सही उत्तर है – (i), (iii) और (iv)
निम्न में से किन पदाधिकारी/ पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त, राजस्थान द्वारा जाँच नहीं की जा सकती है ?
[RAS Pre. 05.08.2018]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार कुछ पदाधिकारी लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखे गए हैं।
👉 इनमें सरपंचों और पंचों के विरुद्ध शिकायतें तो की जा सकती हैं, परंतु लोकायुक्त उनके विरुद्ध प्रसंज्ञान नहीं ले सकता।
👉 क्योंकि ये दोनों पदाधिकारी लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में सम्मिलित नहीं किए गए हैं।
👉 लोकायुक्त केवल मंत्रियों, सचिवों, अधिकारियों एवं स्थानीय निकायों के प्रमुखों की शिकायतों की जाँच कर सकता है।
👉 अतः सरपंच एवं पंच के विरुद्ध लोकायुक्त द्वारा जाँच नहीं की जा सकती।
✍️ सही उत्तर है – सरपंच एवं पंच
राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में दी गयी परिभाषाओं से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(A) “मंत्री” से राजस्थान राज्य की मंत्रिपरिषद का कोई सदस्य (मुख्यमंत्री सहित) अभिप्रेत है, जो चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो अर्थात् मंत्री, राज्यमंत्री या उप मंत्री|
(B) “अधिकारी” से राजस्थान से राजस्थान राज्य के क्रियाकलापों के सम्बन्ध में किसी लोक सेवा में या लोक पद पर नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है। सही विकल्प का चयन कीजिए :
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में “मंत्री” शब्द से तात्पर्य है — मुख्यमंत्री को छोड़कर मंत्रिपरिषद का कोई सदस्य, चाहे वह मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री किसी भी नाम से जाना जाता हो।
👉 इसलिए कथन (A) गलत है क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री को सम्मिलित नहीं किया गया है।
👉 वहीं “अधिकारी” से अभिप्राय है — राजस्थान राज्य के कार्यकलापों के संबंध में किसी लोक सेवा में या लोक पद पर नियुक्त व्यक्ति।
✍️ सही उत्तर है – केवल (B) सही है।
निम्न में से कौन राजस्थान लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार में नहीं आते ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि कुछ पदाधिकारी लोकायुक्त के अधिकार-क्षेत्र से बाहर हैं।
👉 इन पदाधिकारियों में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्य भी शामिल हैं।
👉 लोकायुक्त उनके विरुद्ध कोई शिकायत या जाँच नहीं कर सकता।
👉 यह प्रावधान संस्था की सीमाओं और अधिकार क्षेत्र को परिभाषित करता है।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य
राजस्थान में लोकायुक्त की जाँच के दायरे में आते हैं-
I मंत्री
II सचिव
III राज्यपाल
IV स्वायत्त शासन संस्थानों के अध्यक्ष
[उपनिरीक्षक (SI) 07.10.2018]
सही विकल्प है-
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार लोकायुक्त को कुछ पदाधिकारियों के विरुद्ध अन्वेषण और जाँच करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 इनमें मंत्री, विभागीय सचिव तथा स्वायत्त शासन संस्थानों के अध्यक्ष शामिल हैं।
👉 इन पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग या अकर्मण्यता के मामलों में लोकायुक्त जाँच कर सकता है।
👉 जबकि राज्यपाल इस अधिनियम के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
👉 अतः लोकायुक्त की जाँच के दायरे में I, II और IV आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – I, II, IV
राजस्थान लोकायुक्त और उप लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के तहत, लोकायुक्त को कुछ मामलों में मंत्रियों और लोक सेवकों के खिलाफ आरोपों की जाँच करने का अधिकार है। निम्नलिखित में से कौन सा विषय उन जाँचों का हिस्सा नहीं है ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के अनुसार लोकायुक्त को कुछ विशेष मामलों में मंत्रियों और लोक सेवकों के विरुद्ध जाँच करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 इन जाँचों में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, अकर्मण्यता, अनुचित लाभ प्राप्त करने या व्यक्तिगत हितों से प्रेरित कार्य शामिल हैं।
👉 परंतु महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसा जैसे विषय लोकायुक्त की जाँच के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
✍️ सही उत्तर है – महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसा।
राजस्थान में लोकायुक्त निम्न में से किस कार्य की जाँच नहीं कर सकता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 21.12.2022]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अंतर्गत लोकायुक्त को केवल भ्रष्टाचार, कदाचार, पद के दुरुपयोग एवं अकर्मण्यता से संबंधित शिकायतों की जाँच का अधिकार है।
👉 परंतु अनुशासनात्मक कार्यवाही (Disciplinary Action) की जाँच करना लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
👉 ऐसी कार्यवाहियाँ संबंधित विभागीय प्राधिकारी या सरकार द्वारा की जाती हैं।
👉 अतः लोकायुक्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाँच नहीं कर सकता।
✍️ सही उत्तर है – अनुशासनात्मक कार्यवाही
लोकायुक्त, राजस्थान निम्नलिखित में से किनके विरुद्ध शिकायतें नहीं सुन सकते ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार कुछ पदाधिकारियों को लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
👉 इनमें राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हैं।
👉 लोकायुक्त उनके विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज या जाँच प्रारंभ नहीं कर सकता।
👉 यह प्रावधान संस्था की सीमाओं और अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।
👉 अतः लोकायुक्त, राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों की शिकायतें नहीं सुन सकता।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान विधान सभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी
निम्न में से कौन सा कथन असत्य है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 30.03.2014]
👉 लोकायुक्त अधिनियम का उद्देश्य राज्यों में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और कदाचार की शिकायतों की जाँच करना है।
👉 केवल कुछ राज्यों में इस पर विशेष अपवाद रखे गए हैं, परंतु यह सभी राज्यों पर लागू नहीं होता।
👉 इसलिए यह कथन कि “सभी राज्यों में मंत्रियों को लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार से बाहर रखा गया है” असत्य है।
👉 वास्तव में, कई राज्यों में मंत्रीगण लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
✍️ सही उत्तर है – सभी राज्यों में मंत्रियों को लोकायुक्त के क्षेत्राधिकार से बाहर रखा गया है।
राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
(I) लोकायुक्त या उप-लोकायुक्त को संदेय वेतन, भत्ते और पेन्शन तथा उसकी सेवा की शर्तें क्रमशः वही होंगी जो राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति या न्यायाधिपति की होती हैं।
(II) लोकायुक्त या उप-लोकायुक्त, राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर युक्त त्याग-पत्र द्वारा अपना पद त्याग सकेगा।
सही उत्तर का चयन कीजिए :
[A.En (Pre) EXAM 28.09.2025]
👉 कथन (I) सही है, क्योंकि लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त के वेतन, भत्ते, पेंशन एवं सेवा-शर्तें क्रमशः राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति और न्यायाधिपति के समान ही निर्धारित होती हैं।
👉 यह प्रावधान पद की स्वतंत्रता, गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बनाया गया है।
👉 कथन (II) गलत है, क्योंकि लोकायुक्त या उप-लोकायुक्त अपना त्याग-पत्र राज्यपाल को संबोधित करता है, न कि राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति को।
✍️ सही उत्तर है – केवल (I) सही है
निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए
I. राजस्थान में लोकायुक्त संस्था की 1973 में की गई थी।
II. न्यायमूर्ति आई.डी. दुआ राजस्थान राज्य के पहले लोकायुक्त थे।
👉 राजस्थान में लोकायुक्त संस्था की स्थापना वर्ष 1973 में की गई थी ताकि राज्य में स्वच्छ और निष्पक्ष प्रशासन सुनिश्चित हो सके।
👉 इस अधिनियम को 3 फरवरी 1973 से लागू किया गया और 26 मार्च 1973 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई।
👉 राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त के रूप में न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ को नियुक्त किया गया।
👉 उन्होंने 28 अगस्त 1973 से 27 अगस्त 1978 तक कार्य किया और संस्था की प्रभावी नींव रखी।
✍️ सही उत्तर है – I एवं II, दोनों सही हैं।
लोकायुक्त को हटाने के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए :
I.
उसे
केवल कदाचार
या असमर्थता
के आधार पर
राज्यपाल द्वारा
अपने पद से हटाया
जा सकता है।
II.
ऐसे
मामले में,
जाँच
ऐसे व्यक्ति
द्वारा की जाएगी,
जो
उच्चतम न्यायालय
या किसी उच्च
न्यायालय का
न्यायाधीश हो
या रह चुका हो।
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
लोकायुक्त
हटाना
केवल कदाचार/असमर्थता
पर होता है।
👉
यह
कार्य राज्यपाल
द्वारा
किया जाता है।
👉
जाँच
के लिए न्यायाधीश
होना अनिवार्य
प्रावधान नहीं
है।
✍️ सही उत्तर है – केवल I सही है।
राजस्थान में लोकायुक्त की नियुक्ति दौरान, राज्यपाल निम्न में से किससे परामर्श नहीं करता ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 30.03.2014]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 नियुक्ति से पूर्व राज्यपाल मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, तथा विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता से परामर्श करते हैं।
👉 यह परामर्श प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी चयन सुनिश्चित करने के लिए होती है।
👉 परंतु इस नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के राष्ट्रपति से कोई परामर्श नहीं लिया जाता।
👉 अतः राज्यपाल भारत के राष्ट्रपति से परामर्श नहीं करते।
✍️ सही उत्तर है – भारत का राष्ट्रपति
वर्तमान में राजस्थान के लोकायुक्त के पद पर निम्नलिखित में से कौन कार्यरत हैं ?
[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]
👉 राजस्थान के वर्तमान लोकायुक्त न्यायमूर्ति प्रताप कृष्ण लोहरा (Justice Pratap Krishna Lohra) हैं। नियुक्ति: राजस्थान के तत्कालीन राज्यपाल श्री कलराज मिश्र द्वारा 27 फरवरी 2021 को न्यायमूर्ति प्रताप कृष्ण लोहरा को राजस्थान का लोकायुक्त नियुक्त करने का वारंट (आदेश) जारी किया गया था। कार्यभार ग्रहण: उन्होंने मार्च 2021 को राजस्थान के 13वें लोकायुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था।
✍️ सही उत्तर है – एस.एस. कोठारी
निम्नलिखित में से किसने भारत में लोकपाल एवं लोकायुक्त की नियुक्ति की सिफारिश की थी?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 29.10.2018]
👉 भारत में लोकपाल एवं लोकायुक्त की नियुक्ति की सिफारिश सर्वप्रथम प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (First Administrative Reforms Commission) ने की थी।
👉 इस आयोग की अध्यक्षता श्री मोरारजी देसाई ने की थी।
👉 आयोग ने अपनी रिपोर्ट “नागरिक शिकायत निवारण की समस्याएँ” (Problems of Redress of Citizens’ Grievances) में यह सिफारिश प्रस्तुत की।
👉 इसका उद्देश्य था शासन में भ्रष्टाचार, अकुशलता एवं अन्यायपूर्ण कार्यवाहियों की रोकथाम करना।
👉 इसी सिफारिश के आधार पर भारत में लोकपाल और लोकायुक्त संस्थाओं की स्थापना की गई।
✍️ सही उत्तर है – प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग
भारतीय संसद में लोकपाल एवं लोक आयुक्त विधेयक सर्वप्रथम कब प्रस्तुत किया गया था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 30.03.2014]
👉 लोकपाल एवं लोकायुक्त की अवधारणा भारत में प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966) की सिफारिश के बाद उभरी।
👉 इसके आधार पर भारतीय संसद में लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक सर्वप्रथम 9 मई 1968 को प्रस्तुत किया गया।
👉 हालांकि यह विधेयक संसद द्वारा पारित नहीं हो सका और बाद में कई बार पुनः प्रस्तुत किया गया।
👉 इस प्रकार लोकपाल विधेयक सबसे पहले 9 मई 1968 को संसद में रखा गया था।
✍️ सही उत्तर है – 9 मई 1968
राजस्थान में राज्यपाल लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए निम्न में से किसके साथ परामर्श करता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2013]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 नियुक्ति से पूर्व राज्यपाल मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता से परामर्श करते हैं।
👉 इस प्रक्रिया का उद्देश्य निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सर्वसम्मत चयन सुनिश्चित करना है।
👉 लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल के हस्ताक्षर और राज्य की मुद्रा सहित वारंट द्वारा की जाती है।
👉 अतः राज्यपाल परामर्श करते हैं — मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधानसभा में विरोधी दल के नेता से।
✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधान सभा में विरोधी दल के नेता के साथ
राजस्थान में लोकायुक्त के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं? [*]
(A) वह राज्यपाल द्वारा नियुक्त एवं विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है I
(B) उसका क्षेत्राधिकार मंत्रियों, राज्य विधानसभा के सदस्यों एवं उच्च लोक सेवकों तक फैला है ।
(C) वह भ्रष्टाचार एवं कु-प्रशासन के मामलों पर विचार करता है ।
(D) उसका कार्य आरोपों की जाँच करना है, न कि शिकायतों की ।
[RAS Pre. 27.10.2021]
कूट :
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
लोकायुक्त - राजस्थान के कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
(I) लोकायुक्त संस्था द्वारा स्थानीय प्राधिकरण के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के विरुद्ध शिकायतों की जाँच नहीं की जा सकती।
(II) इसमें पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामले की शिकायत नहीं की जा सकती।
(III) सेवानिवृत्त लोक सेवक के विरुद्ध इस संस्थान में शिकायत नहीं की जा सकती
सही विकल्प का चयन कीजिए -
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है कि किन पदाधिकारियों या मामलों की जाँच लोकायुक्त कर सकता है और किनकी नहीं।
👉 स्थानीय प्राधिकरणों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, अतः कथन (I) गलत है।
👉 लोकायुक्त पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामलों की शिकायतों की जाँच नहीं कर सकता, इसलिए कथन (II) सही है।
👉 सेवानिवृत्त लोक सेवकों के विरुद्ध भी लोकायुक्त संस्था में शिकायत नहीं की जा सकती, अतः कथन (III) भी सही है।
✍️ सही उत्तर है – कथन (II) और (III) सही हैं।
राज्य स्तर पर लोक आयुक्त की नियुक्ति की सर्वप्रथम अनुसंशा किसने की थी ?
[RAS Pre. 28.08.2016]
👉 राज्य स्तर पर लोकायुक्त की नियुक्ति का विचार भारत में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अकुशलता को दूर करने हेतु उभरा।
👉 इस संबंध में सर्वप्रथम सिफारिश भारत के प्रशासनिक सुधार आयोग (1966-70) द्वारा की गई थी।
👉 आयोग की अध्यक्षता श्री मोरारजी देसाई ने की थी।
👉 इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट “नागरिक शिकायत निवारण की समस्याएँ” में लोकपाल एवं लोकायुक्त जैसी संस्थाओं के गठन की अनुशंसा की।
👉 इसी सिफारिश के आधार पर आगे चलकर राज्यों में लोकायुक्त संस्थाएँ स्थापित की गईं।
✍️ सही उत्तर है – भारत का प्रशासनिक सुधार आयोग (1966-70)