राजस्थान के राज्यपाल में निम्न में से कौन सी शक्ति निहित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 राज्यपाल को अनुच्छेद 174 के तहत विधानसभा का सत्र बुलाने, सत्रावसान करने और विघटित करने की शक्ति प्राप्त है।
👉 लेकिन विधानसभा को स्थगित करने (स्थगन) का कार्य विधानसभा अध्यक्ष करता है।
👉 इसलिए विधानसभा को स्थगित करने की शक्ति राज्यपाल में निहित नहीं है।
👉 राज्यपाल केवल सत्र आहूत या विघटन का निर्णय कर सकता है, पर स्थगन नहीं कर सकता।
✍️ सही उत्तर है – विधानसभा को स्थगित करने की।
राजस्थान के राज्यपाल को पहचानिए, जिनके कार्यकाल में ही राष्ट्रपति शासन लगाया और हटाया भी गया :
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 रघुकुल तिलक का कार्यकाल 12 मई 1977 से 8 अगस्त 1981 तक रहा।
👉 इस अवधि में राजस्थान में दूसरा (1977) और तीसरा (1980) राष्ट्रपति शासन लागू हुआ।
👉 वे राजस्थान के एकमात्र राज्यपाल थे जिनके कार्यकाल में दो बार राष्ट्रपति शासन लगा और हटाया भी गया।
👉 रघुकुल तिलक अपने कार्यकाल में दोनों आपातकालीन स्थितियों के साक्षी रहे।
✍️ सही उत्तर है – रघुकुल तिलक।
निम्न में से किसकी सिफारिश पर राजस्थान में राजप्रमुख के पद को समाप्त कर राज्यपाल की व्यवस्था की गई ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 राजस्थान के प्रथम राज्यपाल गुरुमुख निहाल सिंह थे जिनका नियुक्ति आदेश 25 अक्टूबर 1956 को जारी हुआ एवं पदभार ग्रहण 1 नवंबर 1956 को किया। राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों की प्रशासनिक संरचना में व्यापक परिवर्तन किए गए।
👉 इन सिफारिशों को लागू करने हेतु 1956 का 7वां संविधान संशोधन पारित किया गया।
👉 इसी संशोधन के तहत राजस्थान में ‘राजप्रमुख’ का पद समाप्त कर ‘राज्यपाल’ की व्यवस्था की गई।
👉 इसके साथ ही श्री गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में 1 नवम्बर 1956 को नियुक्त किया गया।
✍️ सही उत्तर है – राज्य पुनर्गठन आयोग
निम्नलिखित किस वाद के फैसले में उच्चतम न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है. कि मुख्यमंत्री और उसकी मंत्रिपरिषद की सहायता व सलाह के बिना राज्यपाल को विधानसभा का सत्र आहूत करने की शक्ति नहीं है ?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 नबाम रेबिया वाद (2016) में उच्चतम न्यायालय ने राज्यपाल की शक्तियों से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया।
👉 न्यायालय ने कहा कि राज्यपाल को मुख्यमंत्री और उसकी मंत्रिपरिषद की सहायता व सलाह के बिना
विधानसभा का सत्र आहूत करने की शक्ति नहीं है।
👉 यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 163 और 174 की संवैधानिक व्याख्या पर आधारित था।
👉 इस फैसले ने राज्यपाल की भूमिका को संवैधानिक प्रमुख तक सीमित करते हुए लोकतांत्रिक जवाबदेही को सुदृढ़ किया।
✍️ सही उत्तर है – नबाम रेबिया वाद, 2016।
किस सांविधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा राजस्थान में राजप्रमुख संस्था समाप्त कर दी गई ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा राजस्थान में राजप्रमुख की संस्था को समाप्त कर दिया गया।
👉 यह संशोधन राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1 नवम्बर 1956 को लागू किया गया।
👉 इस संशोधन के बाद राज्यपाल का पद सृजित किया गया।
👉 राजस्थान के प्रथम राज्यपाल श्री गुरमुख निहाल सिंह नियुक्त किए गए।
✍️ सही उत्तर है – 7वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1956
भारत में राज्य के महाधिवक्ता का पारिश्रमिक किसके द्वारा निर्धारित किया जाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- A) 07.09.2025]
👉 राज्य के महाधिवक्ता के पारिश्रमिक का निर्धारण भारतीय संविधान में निश्चित रूप से अंकित नहीं है।
👉 महाधिवक्ता को मिलने वाला वेतन और भत्ते राज्यपाल द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
👉 पारिश्रमिक निर्धारण में राज्यपाल को पूर्ण विवेकाधिकार प्राप्त होता है।
👉 महाधिवक्ता राज्य का मुख्य विधि अधिकारी होने के बावजूद वेतन संबंधी प्रावधान संविधान में स्थिर रूप से निर्दिष्ट नहीं हैं।
👉 इसलिए महाधिवक्ता का पारिश्रमिक केवल राज्यपाल के निर्णय पर निर्भर रहता है।
✍️ सही उत्तर है – राज्य के राज्यपाल द्वारा
जब कोई राज्यपाल राज्य के राज्यपाल पद धारण के साथ-साथ यदि अन्य राज्य के राज्यपाल के रूप में भी जब पद धारण करता है, तो उसके उपलब्धियाँ एवं भत्ते के विषय में निर्णय कौन करता है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 अनुच्छेद 153 के तहत एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
👉 ऐसी स्थिति में राज्यपाल के वेतन, भत्ते और सुविधाओं से संबंधित निर्णय राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
👉 राष्ट्रपति इस संबंध में आदेश जारी कर अवधारण करता है कि राज्यपाल को कौन-कौन सी सुविधाएँ और मानदेय प्राप्त होंगे।
👉 यह प्रावधान संविधान की लचीलापन नीति और संघीय समन्वय को दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति आदेश द्वारा अवधारित करेगा।
राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से कौन हिन्दुस्तान एअरोनॉटिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष रह चुके हैं ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 ओ. पी. मेहरा ने 6 मार्च 1982 को राजस्थान के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
👉 राज्यपाल बनने से पहले वे लगभग ढाई वर्ष तक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष रहे।
👉 इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनवरी 1973 से जनवरी 1976 तक भारतीय वायु सेना के वायु सेनाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – ओ. पी. मेहरा
राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये :
a. वह राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं ।
b. वह राज्य के किसी भी लाभ के पद को धारण कर सकते हैं ।
c. वह इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष हैं।
d. उन्हें संविधान के अन्तर्गत कोई स्व- विवेकीय शक्ति प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 राज्यपाल राज्य के सभी सरकारी तथा राज्य पोषित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं, परंतु राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के नहीं, क्योंकि वह एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
👉 अनुच्छेद 158(2) के अनुसार राज्यपाल कोई भी लाभ का पद धारण नहीं कर सकता।
👉 राज्यपाल इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष होते हैं।
👉 अनुच्छेद 163(2) के तहत राज्यपाल को स्वविवेकी शक्तियाँ प्राप्त हैं, अतः यह कहना कि उन्हें विवेकाधीन शक्ति नहीं है — गलत है।
✍️ सही उत्तर है – केवल c
1956 के उपरांत, कितने अन्य राज्यों के राज्यपालों को राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है ? [*]
[वरिष्ठ अध्यापक (पेपर -I) 29.12.2024]
राजस्थान के निम्नांकित कार्यवाहक राज्यपालों के कार्यकाल को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये :
(A) जस्टिस जगत नारायण
(B) जस्टिस वेदपाल त्यागी
(C) जस्टिस के. डी. शर्मा
(D) जस्टिस पी. के. बनर्जी
सही उत्तर है :
[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]
👉 जस्टिस जगत नारायण ने 20 नवम्बर 1970 से 30 दिसम्बर 1970 तक राजस्थान के प्रथम कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 इसके बाद जस्टिस वेदपाल त्यागी ने 11 फरवरी 1977 से 12 मई 1977 तक कार्यवाहक राज्यपाल का पद संभाला।
👉 तत्पश्चात जस्टिस के. डी. शर्मा ने 20 नवम्बर 1982 से 6 जनवरी 1983 तक इस पद पर कार्य किया।
👉 अंत में जस्टिस पी. के. बनर्जी ने 20 अगस्त 1984 से 3 मार्च 1985 तक कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में सेवा दी।
✍️ सही उत्तर है – (A), (B), (C), (D)।
राज्यपाल की पदावधि के सम्बन्ध में कौनसा कथन त्रुटिपूर्ण है?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2011]
👉 संविधान के अनुच्छेद 156(1) के अनुसार राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
👉 परंतु वह राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद पर बना रहता है, अर्थात राष्ट्रपति की इच्छा से उसे कभी भी हटाया जा सकता है।
👉 राज्यपाल को हटाने के लिए महाभियोग की कोई प्रक्रिया नहीं है।
👉 अतः यह कथन कि “राज्यपाल को महाभियोग द्वारा पदच्युत किया जा सकता है” त्रुटिपूर्ण है।
✍️ सही उत्तर है – उसे महाभियोग द्वारा पदच्युत किया जा सकता है।
राजस्थान के निम्नांकित में से किस राज्यपाल ने राज्यपाल पद से त्यागपत्र दिया था ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 मदन लाल खुराना ने 14 जनवरी 2004 से 31 अक्टूबर 2004 तक राजस्थान के 31वें राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 उन्होंने अपने कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व ही राज्यपाल पद से त्यागपत्र दे दिया था।
👉 इनके अलावा प्रतिभा देवी सिंह पाटिल और सरदार जोगेन्द्र सिंह ने भी अपने-अपने कार्यकाल में राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया था।
👉 जबकि कई अन्य राज्यपालों जैसे दरबारा सिंह की पद पर रहते हुए मृत्यु हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – मदन लाल खुराना।
भारतीय राज्य के राज्यपाल के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 यह कथन असत्य है कि यदि राज्य की विधानमंडल प्रस्ताव पारित करे तो राज्यपाल को हटाया जा सकता है।
👉 राज्यपाल को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है और वे राष्ट्रपति की खुशी (Pleasure) पर पद धारण करते हैं।
👉 राज्यपाल को राज्य विधानमंडल द्वारा नहीं, बल्कि केवल राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
👉 राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, परंतु राष्ट्रपति उन्हें इस अवधि से पहले भी किसी भी समय हटा सकते हैं।
✍️ सही उत्तर है – यदि संबंधित राज्य की विधानमंडल उसे हटाने के लिए प्रस्ताव पारित करती है तो उसे पहले भी हटाया जा सकता है।
सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिये और नीचे दिये गये कूटों का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिये : [*]
सूची-I ( मुख्यमंत्री का नाम) सूची -II (कार्यकाल)
a. जगन्नाथ पहाड़िया i. 1971-1973
b. बरकतुल्लाह खान ii. 1977-1980
c. भैरोंसिंह शेखावत iii. 1980-1981
d. मोहनलाल सुखाड़िया iv. 1954-1957
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
कूट :
a b c d
राजस्थान के राज्यपाल के रूप में श्री कल्याण सिंह की नियुक्ति के पूर्व, निम्नांकित में से कौन राज्य के कार्यवाहक राज्यपाल थे ?
[RAS Pre. 28.08.2016]
👉 श्री कल्याण सिंह को राजस्थान के राज्यपाल के रूप में 4 सितम्बर 2014 को नियुक्त किया गया और उन्होंने इसी दिन पद की शपथ ली।
👉 उनकी नियुक्ति से पहले श्री राम नाइक ने 7 अगस्त 2014 से 4 सितम्बर 2014 तक राजस्थान के कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 उस समय राम नायक उत्तर प्रदेश के राज्यपाल थे और उन्हें राजस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
✍️ सही उत्तर है – राम नायक
राज्यपाल पद पर नियुक्त होने के लिये योग्यताएँ भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में दी गई हैं ?
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 राज्यपाल पद की योग्यताएँ संविधान के अनुच्छेद 157 में दी गई हैं।
👉 इसके अनुसार राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
👉 साथ ही उसकी न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।
👉 इस अनुच्छेद में केवल दो योग्यताएँ ही निर्धारित की गई हैं, जो राज्यपाल पद के लिए अनिवार्य हैं।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 157।
राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने से संबंधित शक्तियों का वर्णन संविधान के किस अनुच्छेद में किया :
[Asst. Jailor 15.03.2016]
👉 राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने की शक्तियों का वर्णन संविधान के अनुच्छेद 213 में किया गया है।
👉 यह शक्ति राज्यपाल को तब प्राप्त होती है जब राज्य विधानमंडल का सत्र नहीं चल रहा होता।
👉 राज्यपाल द्वारा जारी किया गया अध्यादेश उसी प्रकार प्रभावी होता है जैसे विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम।
👉 यह अध्यादेश 6 सप्ताह के भीतर विधानमंडल से अनुमोदित होना आवश्यक है, अन्यथा वह निष्प्रभावी हो जाता है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 213।
अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल को निम्न में से कौन सी शक्ति प्राप्त है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल को विधानमंडल के विश्रांति काल में अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्राप्त होती है।
👉 यह शक्ति राज्यपाल की विधायी शक्तियों का एक महत्वपूर्ण भाग है।
👉 राज्यपाल द्वारा जारी किया गया अध्यादेश उसी प्रकार प्रभावी होता है जैसे विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम।
👉 यह अध्यादेश राज्य विधानमंडल के अगले सत्र के 6 सप्ताह के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक होता है।
✍️ सही उत्तर है – अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
1 नवम्बर, 1956 से पहले राजस्थान राज्य के प्रमुख जाने जाते थे
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 1 नवम्बर 1956 से पहले राजस्थान में राज्य के प्रमुख को राज प्रमुख कहा जाता था।
👉 यह पद राजस्थान के एकीकरण के बाद जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह को प्रदान किया गया था।
👉 राज प्रमुख पद को सातवें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 के द्वारा समाप्त कर दिया गया।
👉 इसके स्थान पर राज्यपाल पद का सृजन किया गया, जिसके प्रथम राज्यपाल सरदार गुरुमुख निहाल सिंह बने।
✍️ सही उत्तर है – राज प्रमुख।
राजस्थान राज्य में 30 जून, 2016 तक कितनी बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है ?
[RAS Pre. 28.08.2016]
👉 राजस्थान में अब तक कुल चार बार राष्ट्रपति शासन लागू किया जा चुका है।
👉 यह अनुच्छेद 356 के तहत लगाया गया था, जब राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हुआ।
🔸 पहला: 13 मार्च से 26 अप्रैल 1967 – विधानसभा में अस्पष्ट बहुमत के कारण।
🔸 दूसरा: 30 अप्रैल से 21 जून 1977 – हरिदेव जोशी सरकार के पतन के बाद।
🔸 तीसरा: 17 फरवरी से 5 जून 1980 – भैरोंसिंह शेखावत सरकार के पहले कार्यकाल के बाद।
🔸 चौथा: 15 दिसंबर 1992 से 3 दिसंबर 1993 – बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद की राजनीतिक स्थिति के कारण।
✍️ सही उत्तर है – 4 बार
निम्नांकित में से कौनसा अधिकार राज्यपाल को नहीं है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 राज्यपाल राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, तथा राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति करता है।
👉 परंतु उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति अनुच्छेद 217(1) के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 इस प्रक्रिया में राज्यपाल केवल परामर्शदाता के रूप में सम्मिलित होता है, नियुक्ति करने वाला नहीं।
👉 अतः यह अधिकार राज्यपाल को प्राप्त नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति।
राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में निम्नांकित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]
👉 फजल अली आयोग की सिफारिश पर राज्यपाल पद का सृजन सातवें संविधान संशोधन 1956 द्वारा किया गया।
👉 सरदार गुरुमुख निहाल सिंह को 25 अक्टूबर 1956 को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
👉 उन्होंने अपना पदभार 1 नवम्बर 1956 को ग्रहण किया।
👉 अतः यह कथन कि उन्हें 1 नवम्बर 1956 को नियुक्त किया गया — सही नहीं है, क्योंकि नियुक्ति तिथि 25 अक्टूबर 1956 थी।
✍️ सही उत्तर है – गुरुमुख निहाल सिंह को 1 नवम्बर, 1956 को राजस्थान का पहला राज्यपाल नियुक्त किया गया।
राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से कौन लोकसभा-अध्यक्ष भी रहे हैं ?
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 बलिराम भगत ने 30 जून 1993 से 1 मई 1998 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 राज्यपाल बनने से पहले वे 15 जनवरी 1976 से 25 मार्च 1977 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे।
👉 वे भारत के उन कुछ नेताओं में से हैं जिन्होंने विधान और कार्यपालिका दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – बलिराम भगत
राज्यपाल अपना त्याग-पत्र संबोधित करता है :
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 अनुच्छेद 156(2) के अनुसार राज्यपाल अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित करता है।
👉 राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, पर वह राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद पर बना रहता है।
👉 इसका अर्थ है कि राष्ट्रपति की इच्छा से राज्यपाल को कभी भी हटाया या स्वीकार किया जा सकता है।
👉 राज्यपाल और राष्ट्रपति के बीच यह संबंध संवैधानिक अधीनता को दर्शाता है।
✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति को।
राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल होता है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (ENG)
👉 राज्यपाल के कार्यकाल का उल्लेख अनुच्छेद 156(1) में किया गया है।
👉 इसके अनुसार राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष की अवधि का होता है।
👉 हालांकि वह राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद पर बना रहता है, अर्थात राष्ट्रपति की इच्छा से उसे पहले भी हटाया जा सकता है।
👉 यह व्यवस्था राज्यपाल के पद को संवैधानिक पद बनाती है, न कि स्थायी कार्यकाल वाला पद।
✍️ सही उत्तर है – 5 वर्ष।
राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों (कार्यकारी) में से किसका कार्यकाल सबसे अधिक रहा है ?
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 जस्टिस के. डी. शर्मा ने 20 नवम्बर 1982 से 6 जनवरी 1983 तक राजस्थान के कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 उन्होंने अन्य सभी कार्यवाहक राज्यपालों की तुलना में सबसे लंबी अवधि तक यह पद संभाला।
👉 उनके अतिरिक्त जस्टिस जगत नारायण, जस्टिस वेदपाल त्यागी और जस्टिस पी. के. बनर्जी ने भी अल्पकालिक कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में सेवा दी।
👉 इसलिए कार्यवाहक राज्यपालों में सबसे लंबा कार्यकाल जस्टिस के. डी. शर्मा का रहा।
✍️ सही उत्तर है – जस्टिस के. डी. शर्मा।
राज्यपाल अपने स्वविवेकी कृत्यों को छोड़कर अपने कृत्यों का निर्वहन...............के सहायता और सलाह से करेगा।
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद होती है।
👉 इस मंत्रिपरिषद का मुखिया मुख्यमंत्री होता है, जो राज्यपाल को शासन संचालन में मार्गदर्शन देता है।
👉 राज्यपाल अपने स्वविवेकी कृत्यों को छोड़कर सभी कार्य मुख्यमंत्री एवं मंत्री परिषद की सलाह से करता है।
👉 यह व्यवस्था संसदीय शासन प्रणाली के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ वास्तविक कार्यपालिका मंत्रिपरिषद होती है।
✍️ सही उत्तर है – मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद्।
राजस्थान के राज्यपाल को पहचानिए, जिनकी पदावधि में राष्ट्रपति-शासन वापस लेने की उद्घोषणा दो अवसरों पर जारी की गई :
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 रघुकुल तिलक वर्ष 1977 से 1981 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे थे।
👉 उनके पूरे कार्यकाल के दौरान राज्य में लागू राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा दो बार वापस ली गई।
👉 यह घटना राजस्थान में राज्य शासन की पुनर्स्थापना से सीधे जुड़ी थी।
👉 दूसरी बार राष्ट्रीय शासन 30 अप्रैल से 21 जून 1977 तक रहा तब राष्ट्रपति शासन वापस लेने के समय रघुकुल तिलक राज्यपाल थे। तीसरी बार राष्ट्रीय शासन 17 फरवरी 1980 से 5 जून 1980 तक रहा उसे दौरान भी रकुल तिलक राज्यपाल थे।
✍️ सही उत्तर है – रघुकुल तिलक
निम्नांकित वाक्यों पर विचार कीजिए :
I. राजस्थान में पहला राष्ट्रपति शासन 13-03-1967 से 26-04-1967 तक लागू रहा ।
II. यह राष्ट्रपति शासन संविधान के अनुच्छेद 352 के अंतर्गत राजस्थान में राजनीतिक अस्थिरता के कारण लगाया गया ।
III. मार्च, 1967 में राज्यपाल हुकुमसिंह ने राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राष्ट्रपति को सलाह भेजी ।
सही उत्तर का चयन कीजिए :
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 राष्ट्रपति शासन की सलाह डॉ सम्पूर्णानंद ने दी थी। राजस्थान में पहला राष्ट्रपति शासन 13 मार्च 1967 से 26 अप्रैल 1967 तक लागू रहा।
👉 यह शासन संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत लगाया गया था।
👉 अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल से संबंधित है, न कि राज्य में राष्ट्रपति शासन से।
✍️ सही उत्तर है – केवल I सही है ।
यदि राजस्थान विधानसभा कोई ऐसा विधेयक पारित करती है जो उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति को खतरा पहुँचाता है, तो राजस्थान का राज्यपाल
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख सकता है।
👉 यदि किसी विधेयक से उच्च न्यायालय की शक्तियाँ या संवैधानिक स्थिति प्रभावित होती है, तो राज्यपाल उसे अनुमति नहीं देता।
👉 ऐसे मामलों में राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजता है ताकि उसका विचार एवं अनुमोदन किया जा सके।
👉 यह शक्ति राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों में आती है, जिसे वह मंत्री परिषद की सलाह से स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकता है।
✍️ सही उत्तर है – विधेयक पर अनुमति नहीं देगा, किन्तु उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखेगा।
राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन से संवैधानिक पदाधिकारी राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन उन्हें राज्यपाल द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है ?
(i) महाधिवक्ता
(ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त
(iii) राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य
सही विकल्प का चयन कीजिए :
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 राज्यपाल राज्य के महाधिवक्ता, राज्य निर्वाचन आयुक्त, तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करता है।
👉 परंतु राज्य निर्वाचन आयुक्त को केवल राष्ट्रपति ही महाभियोग जैसी प्रक्रिया द्वारा पद से हटा सकते हैं — राज्यपाल नहीं।
👉 इसी प्रकार राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों को भी राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है।
👉 जबकि महाधिवक्ता को राज्यपाल कभी भी पद से हटा सकता है क्योंकि वह राज्यपाल का इच्छा-नियुक्त पद है।
✍️ सही उत्तर है – केवल (ii) और (iii)।
एक व्यक्ति बिना राजस्थान विधानसभा का सदस्य होते हुए भी कितने मास तक राजस्थान में मंत्री रह सकता है -
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (संस्कृत)
👉 अनुच्छेद 164(4) के अनुसार कोई भी व्यक्ति विधानसभा का सदस्य न होते हुए भी मंत्री नियुक्त किया जा सकता है।
👉 लेकिन उसे अपने पद पर बने रहने के लिए 6 माह के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना आवश्यक होता है।
👉 यदि वह 6 माह के भीतर सदस्य नहीं बन पाता, तो उसे मंत्री पद से त्यागपत्र देना पड़ता है।
👉 यह प्रावधान संवैधानिक संतुलन एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – 6 माह।
राजस्थान में किन वर्षों में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था ?
👉 राजस्थान में अब तक चार बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया।
👉 पहली बार राष्ट्रपति शासन 13 मार्च से 26 अप्रैल 1967 तक लागू रहा।
👉 उस समय मोहनलाल सुखाड़िया राज्य के मुख्यमंत्री थे।
👉 दूसरी बार यह शासन 30 अप्रैल से 21 जून 1977 तक लागू किया गया।
👉 तीसरी बार राष्ट्रपति शासन 17 फरवरी से 5 जून 1980 तक प्रभावी रहा।
👉 चौथी बार यह शासन 15 दिसंबर 1992 से 3 दिसंबर 1993 तक लागू रहा।
👉 अनुच्छेद 356 के अनुसार जब संवैधानिक मशीनरी विफल हो जाए, तब राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है।
👉 इसका अर्थ है कि राष्ट्रपति को लगे कि राज्य की सरकार ठीक प्रकार से नहीं चल रही है।
👉 इस निर्णय में राज्यपाल की रिपोर्ट आधार बन सकती है।
✍️ सही उत्तर है – 1967, 1977, 1980, 1992
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. अनुच्छेद 199 (1) के उपखंड (क) से उपखंड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय के लिए उपबंध करने वाला विधेयक या संशोधन, राज्यपाल की सिफारिश से ही पुनःस्थापित या प्रस्तावित किया जाएगा ।
II. परन्तु किसी कर के घटाने या उत्सादन के लिए उपबन्ध करने वाले किसी संशोधन के प्रस्ताव के लिए इस खण्ड के अधीन राज्यपाल की सिफारिश की अपेक्षा नहीं है ।
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 अनुच्छेद 199(1) के उपखंड (क) से (च) तक में वर्णित विषयों से संबंधित विधेयक या संशोधन केवल राज्यपाल की सिफारिश से ही प्रस्तावित या पुनःस्थापित किया जा सकता है।
👉 परंतु यदि किसी संशोधन का उद्देश्य कर को घटाना या समाप्त करना है, तो उसके लिए राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक नहीं होती।
👉 यह प्रावधान राज्य में वित्तीय अनुशासन और विधायी संतुलन बनाए रखने के लिए किया गया है।
👉 दोनों कथन संविधान के वित्तीय प्रावधानों से संबंधित हैं और सत्य हैं।
✍️ सही उत्तर है – I तथा II दोनों सत्य हैं।
राजस्थान के राज्यपाल और उनके द्वारा पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाए हुए मुख्यमंत्री के त्रुटिपूर्ण युग्म को पहचानिए :
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
✍️ सही उत्तर है – संपूर्णानंद – मोहनलाल सुखाड़िया
भारत के संविधान में राज्यपाल की शक्तियों से सम्बन्धित अनुच्छेदों के सन्दर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए –
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राज्यपाल की शक्ति |
अनुच्छेद |
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(I) क्षमा दान की राज्यपाल की शक्ति |
अनुच्छेद 162 |
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(II) अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति |
अनुच्छेद 214 |
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(III) विधेयकों पर अनुमति |
अनुच्छेद 200 |
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(IV) राज्य के विधानमण्डल के सत्र, सत्रावसान और विघटन |
अनुच्छेद 174 |
सही विकल्प चुनिये -
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- C) 09.09.2025]
👉 संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्य के राज्यपाल को भी क्षमादान की शक्ति दी गई है। राज्यपाल उन कानूनों (राज्य सूची के विषयों) के तहत दी गई सजा को माफ कर सकते हैं, उनके पास भी राष्ट्रपति की तरह परिहार, लघुकरण आदि की शक्तियां होती हैं। मृत्युदंड एवं सैन्य अदालत के फैसलों पर क्षमादान अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता है। राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 213 में है।
✍️ सही उत्तर है – (III) एवं (IV)
राजस्थान के पूर्व राज्यपालों और उनकी अवधि के सन्दर्भ में गलत युग्म की पहचान कीजिए -
राज्यपाल का नाम अवधि
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 अंशुमान सिंह ने 16 जनवरी 1999 से 13 मई 2003 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 प्रश्न में दी गई अवधि 2000–2004 बताई गई है, जो सही नहीं है।
👉 उनके कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे।
👉 अतः यह युग्म गलत है क्योंकि दी गई समयावधि वास्तविक कार्यकाल से मेल नहीं खाती।
✍️ सही उत्तर है – अंशुमान सिंह – 2000 से 2004।
राजस्थान में आखिरी बार जब राष्ट्रपति शासन लगाया गया, यहाँ के राज्यपाल कौन थे ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 एम.चेन्ना रेड्डी (13 जनवरी 1919 – 2 दिसंबर 1996) एक वरिष्ठ भारतीय राजनीतिज्ञ थे।
👉 वे 1978–1980 और 1989–1990 तक आंध्र प्रदेश के छठे मुख्यमंत्री रहे।
👉 इसके अलावा, उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया।
👉 राजस्थान में आखिरी बार राष्ट्रपति शासन (15 दिसम्बर 1992 – 3 दिसम्बर 1993) के दौरान राज्यपाल एम.चेन्ना रेड्डी ही थे।
✍️ सही उत्तर है – एम.चेन्ना रेड्डी
सूची–I को सूची–II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए कूटों से सही उत्तर का चयन कीजिए -
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सूची–I (राजस्थान के राज्यपाल) |
सूची–II (राजस्थान के मुख्यमंत्री) |
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(i) वसंतराव पाटिल |
(a) अशोक गहलोत |
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(ii) प्रभा राव |
(b) वसुंधरा राजे |
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(iii) राम नाईक |
(c) हरिदेव जोशी |
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(iv) दरबारा सिंह |
(d) भैरों सिंह शेखावत |
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
कूट -
👉 i. वसंतराव पाटिल – हरिदेव जोशी:
वसंतराव पाटिल ने 1985 से 1987 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
इस अवधि में हरिदेव जोशी राजस्थान के मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने 1980 के दशक में कई बार यह पद संभाला।
👉 ii. प्रमोद राव – अशोक गहलोत:
प्रमोद राव ने 2009 से 2010 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
उनके कार्यकाल के दौरान अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने 2008 से 2013 तक अपना दूसरा कार्यकाल पूरा किया।
👉 iii. राम नाइक – वसुंधरा राजे:
राम नाइक ने 2014 में कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
उस समय वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री थीं, जिन्होंने 2013 से 2018 तक अपना दूसरा कार्यकाल संभाला।
👉 iv. दरबारा सिंह – भैरों सिंह शेखावत:
दरबारा सिंह ने 1993 से 1998 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
उनके कार्यकाल में भैरों सिंह शेखावत मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने 1993 से 1998 तक अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया।
✍️ सही उत्तर है – i–c, ii–a, iii–b, iv–d
निम्नांकित में से कौन एक मंत्री के भार साधन में एक या अधिक विभाग समानुदेशित करके मंत्रियों में राजस्थान सरकार के कार्य का आवंटन करता है ?
[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]
👉 राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का औपचारिक प्रमुख होता है, परंतु वह अपने कृत्यों का निर्वहन मुख्यमंत्री की सलाह से करता है।
👉 संविधान के अनुच्छेद 166(3) के अंतर्गत राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह से मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन करता है।
👉 राज्यपाल द्वारा किया गया यह आवंटन राज्य सरकार के कार्यों के वितरण को सुनिश्चित करता है।
👉 यह प्रक्रिया सामूहिक उत्तरदायित्व की संवैधानिक भावना के अनुरूप होती है।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह से।
विधानसभा चुनावों में अस्पष्ट बहुमत के कारण राजस्थान में राष्ट्रपति शासन कब लागू किया गया था ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
1. प्रथम राष्ट्रपति शासन (1967) अवधि: 13 मार्च 1967 – 26 अप्रैल 1967 (44 दिन) कारण: विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिल पाना। तत्कालीन मुख्यमंत्री: मोहनलाल सुखाड़िया तत्कालीन राज्यपाल: डॉ. सम्पूर्णानन्द (बाद में सरदार हुकम सिंह) विशेष तथ्य: यह राजस्थान का सबसे छोटा राष्ट्रपति शासन था।
2. द्वितीय राष्ट्रपति शासन (1977) अवधि: 30 अप्रैल 1977 – 21 जून 1977 (53 दिन) कारण: केंद्र में जनता पार्टी की सरकार आने के बाद, राज्य की कांग्रेस सरकार (जिसे विधानसभा में बहुमत प्राप्त था) को बर्खास्त कर दिया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री: हरिदेव जोशी तत्कालीन राज्यपाल: वेदपाल त्यागी (कार्यवाहक)
3. तृतीय राष्ट्रपति शासन (1980) अवधि: 17 फरवरी 1980 – 5 जून 1980 (110 दिन) कारण: केंद्र में कांग्रेस की सरकार वापस आने के बाद, राज्य की जनता पार्टी सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री: भैरों सिंह शेखावत तत्कालीन राज्यपाल: रघुकुल तिलक
4. चतुर्थ राष्ट्रपति शासन (1992-1993) अवधि: 15 दिसंबर 1992 – 3 दिसंबर 1993 (354 दिन) कारण: बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद उत्पन्न स्थिति के कारण भैरों सिंह शेखावत की बहुमत वाली सरकार को केंद्र द्वारा बर्खास्त कर दिया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री: भैरों सिंह शेखावत तत्कालीन राज्यपाल: डॉ. एम. चेन्ना रेड्डी (बाद में बलिराम भगत)
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस राज्यपाल ने राजस्थान विधानसभा में सर्वाधिक बार अभिभाषण दिया ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 श्री गुरुमुख निहाल सिंह राजस्थान के प्रथम राज्यपाल थे, जिन्होंने 25 अक्टूबर 1956 को नियुक्ति प्राप्त की और 1 नवम्बर 1956 को पदभार ग्रहण किया।
👉 अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राजस्थान विधानसभा में सर्वाधिक बार अभिभाषण दिया।
👉 उनके अभिभाषणों में राज्य के प्रशासनिक विकास, एकीकरण और संवैधानिक स्थिरता के विषय प्रमुख रहे।
👉 वे राजस्थान के संवैधानिक इतिहास में सबसे सक्रिय राज्यपालों में से एक माने जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – श्री गुरुमुख निहाल सिंह।
निम्नांकित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
राज्यपाल का नाम - मुख्यमंत्री का नाम
👉 अंशुमान सिंह का कार्यकाल 16 जनवरी 1999 से 13 मई 2003 तक रहा।
👉 इस अवधि में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे, न कि वसुंधरा राजे।
👉 अतः अंशुमान सिंह – वसुंधरा राजे का युग्म सही सुमेलित नहीं है।
👉 वसुंधरा राजे का मुख्यमंत्री कार्यकाल 8 दिसम्बर 2003 से 13 दिसम्बर 2008 तक रहा।
✍️ सही उत्तर है – अंशुमान सिंह – वसुन्धरा राजे।
राजस्थान विधानसभा को विघटित करने का अधिकार किसे है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 राज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत विधानसभा को भंग (विघटित) करने की शक्ति प्राप्त है।
👉 राज्यपाल विधानसभा के सत्र को आहूत, स्थगित, या सत्रावसान कर सकता है।
👉 विधानसभा को स्थगित करने का कार्य विधानसभा अध्यक्ष करता है, परंतु विघटन का अधिकार केवल राज्यपाल के पास होता है।
👉 यह शक्ति राज्यपाल की विधायी शक्तियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल।
राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से कौन राज्यपाल बनने के पूर्व राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य रहे हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 28.10.2018]
👉 रघुकुल तिलक राजस्थान के नवें राज्यपाल थे, जिनका कार्यकाल 12 मई 1977 से 8 अगस्त 1981 तक रहा।
👉 राज्यपाल बनने से पूर्व वे राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्य (1958–60) रहे थे।
👉 इसके अतिरिक्त वे रेलवे सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष तथा काशी विद्यापीठ के कुलपति भी रहे।
👉 रघुकुल तिलक का प्रशासनिक अनुभव उन्हें एक कुशल राज्यपाल बनाता है।
✍️ सही उत्तर है – रघुकुल तिलक।
राज्यपाल के पद के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 अनुच्छेद 159 राज्यपाल द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है और यह शपथ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या उनके अभाव में वरिष्ठतम न्यायाधीश की उपस्थिति में कराई जाती है।
👉 अनुच्छेद 158 राज्यपाल के पद की शर्तों को निर्धारित करता है, जिसमें यह प्रावधान है कि राज्यपाल संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा।
👉 इसी अनुच्छेद में राज्यपाल द्वारा लाभ का कोई पद न धारण करने का नियम भी शामिल है।
👉 अनुच्छेद 158 राज्यपाल को मिलने वाली परिलब्धियाँ और भत्तों से भी संबंधित है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 158 - राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
किसकी सलाह पर राज्यपाल राजस्थान विधानसभा सदस्य की निर्योग्यता संबंधी मामलों का निर्णय कर सकता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 राज्यपाल की विधायी शक्तियों के अंतर्गत वह विधानसभा सदस्यों की निर्योग्यता संबंधी मामलों में निर्णय कर सकता है।
👉 यदि किसी सदस्य के निरर्हता का प्रश्न उठता है, तो राज्यपाल इसे निर्वाचन आयोग की सलाह पर तय करता है।
👉 इस मामले में निर्वाचन आयोग की राय राज्यपाल के लिए अंतिम और बाध्यकारी होती है।
👉 यह प्रावधान राज्य की विधायी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने हेतु संविधान में किया गया है।
✍️ सही उत्तर है – निर्वाचन आयोग।
राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों में से कौन भारत के एयर चीफ मार्शल भी रह चुके हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 ओ. पी. मेहरा राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और भारत के पूर्व एयर चीफ मार्शल थे।
👉 उन्होंने 6 मार्च 1982 से 4 नवम्बर 1985 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 उन्होंने जनवरी 1973 से जनवरी 1976 तक भारतीय वायु सेना के चीफ ऑफ एयर स्टाफ के रूप में कार्य करते हुए एयर चीफ मार्शल का पद संभाला।
👉 वायु सेना से सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
✍️ सही उत्तर है – ओ. पी. मेहरा
निम्नलिखित में से किसने राजस्थान में कार्यवाहक राज्यपाल या अतिरिक्त प्रभार वाले राज्यपाल के रूप में कार्य नहीं किया है ?
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 श्री सुखदेव प्रसाद ने 20 फरवरी 1988 से 2 फरवरी 1990 तक राजस्थान के नियमित राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 उन्होंने कभी भी कार्यवाहक राज्यपाल या अतिरिक्त प्रभार वाले राज्यपाल के रूप में कार्य नहीं किया।
👉 राजस्थान में अतिरिक्त प्रभार वाले राज्यपालों में राम नाईक, स्वरूप सिंह, और मार्गरेट अल्वा जैसे नाम शामिल हैं।
👉 अतः सुखदेव प्रसाद ने केवल नियमित राज्यपाल के रूप में ही कार्य किया था।
✍️ सही उत्तर है – श्री सुखदेव प्रसाद।
निम्नलिखित में से किस आयोग या समिति ने सिफारिश की थी कि संसद द्वारा राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने के समान ही राज्य विधानमंडल द्वारा राज्यपाल पर महाभियोग लगाने का प्रावधान किया जा सकता है ?
सहायक आचार्य (POLITY) 11.09.2024
👉 एम. एम. पुंछी आयोग का गठन केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए किया गया था।
👉 आयोग ने सुझाव दिया कि राज्यपाल पद की निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा बनाए रखने हेतु उसके हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए।
👉 आयोग ने यह सिफारिश की कि राज्यपाल पर महाभियोग लगाने का प्रावधान उसी प्रकार किया जा सकता है,
जैसे संसद द्वारा राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाया जाता है।
👉 यह प्रक्रिया राज्य विधानमंडल द्वारा संचालित की जानी चाहिए।
✍️ सही उत्तर है – पुंछी आयोग ने।
राजस्थान का राज्यपाल निम्नांकित में से किस विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 राज्यपाल राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों तथा राज्य पोषित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं।
👉 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भारत के राष्ट्रपति होते हैं, न कि राज्यपाल।
👉 राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, अजमेर एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
👉 इसलिए राजस्थान का राज्यपाल इसका कुलाधिपति नहीं होता।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, अजमेर।
राजस्थान के निम्नलिखित में से किस राज्यपाल/राज्यपालों ने अपना कार्यकाल पूर्ण होने से पूर्व ही राज्यपाल पद से त्यागपत्र दे दिया ?
(i) दरबारा सिंह
(ii) मदनलाल खुराना
(iii) प्रतिभा पाटिल
सही विकल्प का चयन कीजिए :
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 मदनलाल खुराना ने राजस्थान के 31वें राज्यपाल के रूप में कार्य किया और 14 जनवरी 2004 से 31 अक्टूबर 2004 तक पद पर रहे। उन्होंने स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दिया।
👉 प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, राजस्थान की 33वीं राज्यपाल तथा प्रथम महिला राज्यपाल थीं। उन्होंने 23 जून 2007 को राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने हेतु त्यागपत्र दिया।
👉 जबकि दरबारा सिंह की 24 मई 1998 को पद पर रहते हुए मृत्यु हो गई थी, उन्होंने त्यागपत्र नहीं दिया था।
👉 अतः त्यागपत्र देने वाले राज्यपाल मदनलाल खुराना और प्रतिभा पाटिल थे।
✍️ सही उत्तर है – केवल (ii) और (iii)।
निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के राज्यपाल नहीं रहे हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 सरदार हुकम सिंह ने राजस्थान के चौथे (16 अप्रैल 1967 – 15 अप्रैल 1970) और छठे राज्यपाल (24 दिसंबर 1970 – 30 जून 1972) के रूप में कार्य किया।
👉 सरदार जोगेन्द्र सिंह राजस्थान के सातवें राज्यपाल (1 जुलाई 1972 – 14 फरवरी 1977) रहे तथा त्यागपत्र देने वाले प्रथम राज्यपाल थे।
👉 जबकि फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ कभी भी राजस्थान के राज्यपाल नहीं रहे। वे भारतीय सेना के प्रमुख और 1971 के युद्ध के नायक थे।
✍️ सही उत्तर है – फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ।
गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल नियुक्त किया गया था -
[RAS Pre. 27.10.2021]
👉 25 अक्टूबर 1956 को श्री गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान का पहला राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
👉 वे इससे पूर्व 1955 से 1956 तक दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री रहे थे।
👉 राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 7वें संविधान संशोधन द्वारा 1 नवम्बर 1956 से राजप्रमुख की संस्था समाप्त कर दी गई।
👉 इसी के साथ गुरुमुख निहाल सिंह ने 1 नवम्बर 1956 को राजस्थान के प्रथम राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
✍️ सही उत्तर है – 25 अक्टूबर, 1956 को(पदभार 1 नवंबर, 1956 से शुरू)।
राज्यपाल के संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. अनुच्छेद 153 के अनुसार, प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा ।
II. परन्तु अनुच्छेद 153 की कोई बात एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों के लिए राज्यपाल नियुक्त किए जाने से निवारित नहीं करेगी।
III. अनुच्छेद 156 (2) के अनुसार राज्यपाल, राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा ।
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
👉 अनुच्छेद 153 में यह प्रावधान है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा।
👉 इसी अनुच्छेद में यह भी कहा गया है कि एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
👉 अनुच्छेद 156(2) के अनुसार राज्यपाल अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र द्वारा राष्ट्रपति को संबोधित कर अपना पद त्याग सकता है।
👉 ये तीनों प्रावधान राज्यपाल के संवैधानिक पद, नियुक्ति और त्यागपत्र प्रक्रिया से संबंधित हैं।
✍️ सही उत्तर है – I, II तथा III सभी सत्य हैं।
एम. एम. पुंछी आयोग ने किसके द्वारा राज्यपाल पर महाभियोग के प्रावधान की सिफ़ारिश की है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 17.02.2019]
👉 एम. एम. पुंछी आयोग का गठन केंद्र और राज्यों के संबंधों की समीक्षा हेतु किया गया था।
👉 आयोग ने सुझाव दिया कि राज्यपाल के पद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उनके हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए।
👉 आयोग ने यह सिफ़ारिश की कि राज्यपाल पर महाभियोग का प्रावधान राज्य विधानमंडल द्वारा किया जाना चाहिए।
👉 इसका उद्देश्य राज्यपाल पद को राजनीतिक दबावों से मुक्त और संवैधानिक रूप से उत्तरदायी बनाना था।
✍️ सही उत्तर है – राज्य विधानमंडल।
निम्नांकित में से कौन राजस्थान के राज्यपाल के द्वारा नियुक्त नहीं किए जाते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 राज्यपाल राज्य की कार्यकारिणी का अंग होते हैं और केवल मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद जैसे पदों पर नियुक्ति करते हैं।
👉 राज्यपाल की नियुक्ति भी भारत के राष्ट्रपति द्वारा अधिपत्र (Warrant) पर हस्ताक्षर और मुहर के साथ की जाती है।
👉 राज्य की कार्यकारिणी में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद शामिल होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
किसे अपने 'स्वविवेकानुसार' कार्य करने की शक्ति प्राप्त है ?
[PTI Grade -II (RPSC) 2011]
👉 अनुच्छेद 163(2) के अंतर्गत राज्यपाल को कुछ विशेष मामलों में स्वविवेकानुसार कार्य करने की शक्ति प्रदान की गई है।
👉 इन मामलों में राज्यपाल को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने की बाध्यता नहीं होती।
👉 राज्यपाल की ये विवेकाधीन शक्तियाँ संविधान के भाग 6 में निहित हैं।
👉 इनमें विधेयक को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित रखना, मुख्यमंत्री से सूचना माँगना, आदि शक्तियाँ शामिल हैं।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल को।
अपने कार्यों के निष्पादन में किसे स्वविवेक के अनुसार कार्य करने की शक्ति प्राप्त है ?
[स्कूल व्याख्याता 2011]
👉 राज्यपाल को कुछ कार्यों को अपने स्वविवेक (Discretion) से करने की शक्ति प्राप्त है।
👉 अन्य सभी कार्यों में उन्हें मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता पर कार्य करना होता है।
👉 विवेकाधीन शक्तियों के अंतर्गत राज्यपाल —
1️⃣ मुख्यमंत्री की नियुक्ति कर सकते हैं, जब विधानसभा में किसी दल को स्पष्ट बहुमत न मिले।
2️⃣ मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर सकते हैं, जब वह विधानसभा में विश्वास मत खो दे या अल्पमत में हो।
3️⃣ राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेज सकते हैं, यदि राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो रहा हो।
4️⃣ कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित रख सकते हैं, विशेष रूप से जब वे संविधान या उच्च न्यायालय की स्थिति को प्रभावित करते हों।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल
1967 ई. में जब राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, राजस्थान के राज्यपाल कौन थे ?
[ACF परीक्षा 2011]
👉 राजस्थान में प्रथम बार राष्ट्रपति शासन 13 मार्च 1967 से 26 अप्रैल 1967 तक लागू किया गया था।
👉 उस समय राज्य के राज्यपाल डॉ. संपूर्णानंद थे।
👉 यह राष्ट्रपति शासन राजनीतिक अस्थिरता और अस्पष्ट बहुमत के कारण लगाया गया था।
👉 राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के समय राज्यपाल सरदार हुकम सिंह थे।
✍️ सही उत्तर है – संपूर्णानंद।
वसुंधरा राजे के पहले मुख्यमंत्रित्व काल (08.12.2003 से 13.12.2008) के दौरान राजस्थान के कितने राज्यपाल पदारूढ़ रहे ?
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 जब वसुंधरा राजे ने 8 दिसंबर 2003 को पदभार ग्रहण किया था, तब राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार गुजरात के तत्कालीन राज्यपाल कैलाशपति मिश्र के पास था। 2008 में जब वसुंधरा राजे का कार्यकाल समाप्त हुआ, तब एस. के. सिंह राजस्थान के राज्यपाल थे।
👉 इस अवधि के दौरान राजस्थान में कुल छह राज्यपालों ने कार्यभार संभाला।
👉 यह काल राजनीतिक रूप से सक्रिय और प्रशासनिक रूप से परिवर्तनशील रहा, जिसमें राज्यपालों का लगातार कार्यभार परिवर्तन हुआ।
✍️ सही उत्तर है – छह
वर्ष 2020 में राजस्थान के राज्यपाल ने कितने अध्यादेश प्रख्यापित (जारी) किए हैं ?
सहायक आचार्य [22.09.2021]
👉 वर्ष 2020 में राजस्थान के राज्यपाल ने कुल 8 अध्यादेश जारी किए।
👉 ये सभी अध्यादेश संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत प्रख्यापित किए गए।
👉 उदाहरण के रूप में, राजस्थान महामारी अध्यादेश, 2020 उसी वर्ष जारी किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – 08
राजस्थान में राज्य प्रशासन के विधितः प्रमुख हैं
[वरिष्ठ अध्यापक 01.05.2017]
👉 राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का औपचारिक प्रमुख होता है।
👉 राज्य का प्रशासन राज्यपाल के नाम से संचालित किया जाता है।
👉 राज्यपाल राज्य का संवैधानिक व विधितः प्रमुख होता है, जबकि मुख्यमंत्री राज्य का वास्तविक प्रमुख होता है।
👉 राज्यपाल की भूमिका राज्य में संवैधानिक मर्यादा, संतुलन और कानूनी वैधता बनाए रखने की होती है।
✍️ सही उत्तर है – राज्य के राज्यपाल।
किस संविधान संशोधन के तहत एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल बनाया जा सकता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 सातवाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित था।
👉 इसी संशोधन के अंतर्गत भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 में यह प्रावधान जोड़ा गया कि —
"प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा, परंतु कोई भी व्यक्ति एक ही समय में दो या दो से अधिक राज्यों के लिए राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।"
👉 इस संशोधन ने एक ही व्यक्ति को एक साथ कई राज्यों का राज्यपाल नियुक्त करने की अनुमति दी।
✍️ सही उत्तर है – 7वाँ संविधान संशोधन
निम्नांकित में से कौन राज्य विधान सभा के साधारण निर्वाचन की अधिसूचना जारी करता है ?
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
👉 राज्यपाल राज्य विधान सभा के आम चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करता है।
👉 यह अधिकार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 15 के तहत प्रदान किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार, राज्यपाल को निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर राज्य की विधान सभा के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की तिथि घोषित करने का अधिकार है।
👉 यदि मौजूदा विधानसभा की अवधि समाप्त हो जाए या भंग हो जाए, तो नई विधानसभा के गठन के उद्देश्य से आम चुनाव आयोजित किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल
निम्नांकित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति संविधान के अनुच्छेद 123 के अंतर्गत दी गई है।
👉 वहीं राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 213 के अंतर्गत प्राप्त है।
👉 अतः विधानमंडल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति का अनुच्छेद 123 से मिलान गलत है।
👉 इसका सही मिलान अनुच्छेद 213 से किया जाना चाहिए।
✍️ सही उत्तर है – विधानमण्डल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति - अनुच्छेद 123
राजस्थान में अनुसूचित क्षेत्र में राज्यपाल की शक्ति के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(1) राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राष्ट्रपति को वार्षिक रूप से या जब भी राष्ट्रपति की आवश्यकता होती है, एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
(2) राज्यपाल जनजाति सलाहकार परिषद् के संबंध में कोई नियम नहीं बनाते हैं।
(3) राज्यपाल जनजाति सलाहकार परिषद् के अध्यक्ष की नियुक्ति के तरीकों के लिए नियम बनाता है ।
(4) राज्य का राज्यपाल विनियमन बना सकता है जो ऐसे क्षेत्रों में एस.टी. के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण को प्रतिबंधित और प्रतिबंधित कर सकता है
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
कूट : -
👉 कथन 1 सही — राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।
👉 कथन 2 गलत — जनजाति सलाहकार परिषद (TAC) के संबंध में नियम बनाने की शक्ति राज्यपाल के पास होती है; अतः यदि कथन 2 इसका विपरीत कहता है तो वह गलत है।
👉 कथन 3 सही — राज्यपाल TAC के अध्यक्ष/नियुक्ति विधि आदि के लिए नियम बना सकते हैं।
👉 कथन 4 सही — राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण को प्रतिबंधित/विनियमित करने हेतु विनियमन बना सकते हैं।
✍️ सही उत्तर है – कथन 1, 3 और 4 सही हैं
निम्नांकित में से कौन पद ग्रहण करने से पूर्व राजस्थान के राज्यपाल के समक्ष पद की शपथ लेता है/लेते हैं ?
(A) राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष
(B) राजस्थान का लोकायुक्त
(C) राज्य निर्वाचन आयुक्त
(D) राजस्थान का महाधिवक्ता
[उपनिरीक्षक (SI) 13.09.2021]
सही उत्तर का चयन कीजिए [*]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
नवीन प्रोटोकॉल के अन्तर्गत अब राजस्थान के राज्यपाल को निम्नलिखित अभिवादन से सम्बोधित किया जाता है :
[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]
👉 नवीन प्रोटोकॉल के अनुसार अब राज्यपाल को संबोधित करने के लिए “Honourable” शब्द का प्रयोग अंग्रेज़ी में किया जाता है।
👉 हिन्दी में राज्यपाल को “माननीय राज्यपाल” या “राज्यपाल महोदय” के रूप में संबोधित किया जाता है।
👉 पूर्व में राज्यपाल को “महामहिम” (His Excellency) कहकर संबोधित किया जाता था।
👉 यह परिवर्तन संवैधानिक पदों की सरलता और लोकतांत्रिक भावना को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया।
✍️ सही उत्तर है – “Honourable” अंग्रेजी में तथा “माननीय राज्यपाल” अथवा “राज्यपाल महोदय” हिन्दी में।
निम्नांकित कथनों में से कौनसा कथन राजस्थान के राज्यपाल की शक्तियों के बारे में सही है ? [*]
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 17.10.2022]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के राज्यपाल के द्वारा नियुक्त नहीं होता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 राज्यपाल अपनी कार्यपालिका शक्तियों के अंतर्गत मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य, तथा राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व सदस्य की नियुक्ति करता है।
👉 परंतु राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति अनुच्छेद 217(1) के तहत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
👉 यह नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, और राज्यपाल से परामर्श लेकर की जाती है।
👉 अतः यह पद राज्यपाल द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नियुक्त नहीं किया जाता।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान उच्च न्यायालय का न्यायाधीश।
राजस्थान का राज्यपाल किसे पद की शपथ नहीं दिलाता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 राज्यपाल अपनी कार्यपालिका शक्तियों के अंतर्गत राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों को शपथ दिलाता है।
👉 राज्यपाल राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा न्यायाधीशों को भी शपथ दिलाता है।
👉 इसके अतिरिक्त राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को भी राज्यपाल ही शपथ दिलाते हैं।
👉 परंतु विधानसभा अध्यक्ष की शपथ विधानसभा सदस्य के रूप में ही होती है, अतः उसे राज्यपाल द्वारा शपथ नहीं दिलाई जाती।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष को।
राज्य के प्रशासन व विधायन के प्रस्तावों से सम्बन्धी मामलों में कौन मुख्य मन्त्री से सूचना प्राप्त कर सकता है ?
[PTI Grade -III (RPSC) 2011]
👉 अनुच्छेद 167 के अंतर्गत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वह मुख्यमंत्री से राज्य के प्रशासन एवं विधायन से संबंधित प्रस्तावों की सूचना प्राप्त कर सकता है।
👉 यह प्रावधान राज्यपाल को संवैधानिक प्रमुख के रूप में राज्य के कार्यों की जानकारी रखने हेतु सक्षम बनाता है।
👉 राज्यपाल आवश्यक समझने पर मुख्यमंत्री को निर्देश भी दे सकता है कि किसी विषय पर उसे विस्तृत जानकारी प्रदान की जाए।
👉 यह अधिकार राज्यपाल की कार्यपालिका शक्तियों का महत्वपूर्ण अंग है।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल।
राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की मंजूरी आवश्यक है
👉 राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश को राज्य विधानमंडल की मंजूरी आवश्यक होती है।
👉 यह अध्यादेश तभी तक मान्य रहता है, जब तक कि विधानमंडल के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह के भीतर उसे अनुमोदन प्राप्त न हो जाए।
👉 यदि छह सप्ताह की अवधि में विधानमंडल अध्यादेश को मंजूरी नहीं देता, तो वह स्वतः समाप्त हो जाता है।
👉 अध्यादेश मान्य रहते हुए विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम के समान प्रभाव रखता है।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य विधानमंडल के सत्र न चलने की स्थिति में तत्काल विधायी आवश्यकता को पूरा करना है, न कि विधानमंडल का स्थान लेना।
✍️ सही उत्तर है – राज्य विधानमण्डल द्वारा
भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के प्रावधान के अन्तर्गत राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिये आरक्षित रख सकता है ?
[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]
👉 संविधान के अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वह किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षित रख सकता है।
👉 यह तब किया जाता है जब विधेयक से उच्च न्यायालय की शक्तियों, या संविधानिक प्रावधानों को हानि पहुँचने की संभावना हो।
👉 इस स्थिति में राज्यपाल विधेयक पर अनुमति नहीं देता, बल्कि उसे राष्ट्रपति के पास विचारार्थ भेजता है।
👉 यह अधिकार राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों में सम्मिलित है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 200।
राजस्थान के राज्यपाल, राजस्थान राज्य भारत स्काउट्स और गाइड्स के___________हैं।
[Deputy Commandant 11.01.2026]
🔹 व्याख्या
👉
राजस्थान
राज्यपाल
इस संस्था के
संरक्षक
होते हैं।
👉
भारत
स्काउट्स और
गाइड्स में
मानद पद
होता है।
👉
राज्य
स्तर पर यह संरक्षक
भूमिका
निभाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – संरक्षक
राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से किसने अपने पद से त्यागपत्र दिया था ? [*]
[कनिष्ठ लेखाकार (RPSC) 04.10.2016]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
राजस्थान के राज्यपाल की अध्यादेश निर्माण की शक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है ?
[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]
👉 राज्यपाल को अनुच्छेद 213 के अंतर्गत अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्राप्त है।
👉 अतः यह कथन कि 2021 से 2023 के बीच केवल एक अध्यादेश पारित किया गया, गलत है क्योंकि राज्यपाल द्वारा इससे पूर्व भी अनेक अध्यादेश जारी किए गए हैं।
👉 राज्यपाल की यह शक्ति विधानमंडल के विश्रांति काल में प्रयोग की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – वर्ष 2021 से 2023 के बीच, राजस्थान के राज्यपाल द्वारा पारित किए गए अध्यादेश का केवल एक उदाहरण है।
निम्नांकित में से किस दिनांक को हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने राजस्थान के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया?
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने 31 जुलाई 2024 को राजस्थान के राज्यपाल पदभार ग्रहण किया।
👉 इस दिन उन्होंने शपथ लेकर अपना शासन-काल आरंभ किया।
👉 इससे पहले राजस्थान में राज्यपाल की भूमिका में बदलाव हुआ था और बागड़े को इस पद का आधिकारिक हस्तांतरण उसी तिथि को मिला।
✍️ सही उत्तर है – 31 जुलाई, 2024।
राजस्थान के राज्यपाल को पहचानिए, जिनकी पदावधि में राष्ट्रपति शासन लगाने और हटाने की उद्घोषणा जारी की गईं :
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 राजस्थान के राज्यपाल रघुकुल तिलक का कार्यकाल 1977–1981 के बीच रहा।
👉 उनकी पदावधि के दौरान राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया और बाद में उद्घोषणा हटाई भी गई।
👉 तीसरी बार राष्ट्रपति शासन 17 फरवरी 1980 से 5 जून 1980 तक रहा उसे दौरान राष्ट्रपति शासन लगाने व हटाने दोनों समय रघुकुल तिलक (17 मई 1977 से 8 अगस्त 1981) ही राज्यपाल थे।
✍️ सही उत्तर है – रघुकुल तिलक
सही उत्तर चुनें :
राजस्थान के राज्यपाल कुलाधिपति होते हैं
[RAS Pre. 28.08.2016]
👉 राजस्थान के राज्यपाल सभी राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति (Chancellor) होते हैं।
👉 कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कार्य, प्रशासन और नीतिगत संचालन की देखरेख करते हैं।
👉 वे कुलपतियों की नियुक्ति करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि राज्य की शैक्षिक नीतियाँ प्रभावी रूप से लागू हों।
👉 ध्यान देने योग्य है कि राज्यपाल की यह भूमिका केवल राज्य विश्वविद्यालयों तक सीमित होती है।
👉 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भारत के राष्ट्रपति होते हैं।
✍️ सही उत्तर है – सभी राज्य विश्वविद्यालय
राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश को राज्य विधानमंडल का सत्र प्रारम्भ होने के कितने समय तक विधानमण्डल में रखा जाना अनिवार्य है अन्यथा वह निष्प्रभावी हो जायेगा ?
[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]
👉 अनुच्छेद 213(2) के अनुसार राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश को विधानमंडल के अगले सत्र के प्रारम्भ से 6 सप्ताह के भीतर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करना आवश्यक है।
👉 यदि यह अध्यादेश इस अवधि में दोनों सदनों (या एकमात्र सदन) से अनुमोदित नहीं होता, तो वह निष्प्रभावी (अमान्य) हो जाता है।
👉 यह व्यवस्था राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति पर संवैधानिक नियंत्रण सुनिश्चित करती है।
👉 अध्यादेश का प्रभाव केवल अस्थायी अवधि तक ही सीमित रहता है।
✍️ सही उत्तर है – 6 सप्ताह।
निम्नांकित में से किसे सबसे पहले राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया ?
[Head Master 11.10.2021]
👉 स्वरूप सिंह को पहली बार 26 अगस्त 1991 से 4 फरवरी 1992 तक राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
👉 डॉ. एम. चेन्ना रेड्डी ने 5 फरवरी 1992 को राज्यपाल पद का कार्यभार संभाला।
👉 वे एक शिक्षाविद और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति तथा केरल के राज्यपाल जैसे पदों पर भी कार्य किया।
👉 राजस्थान में उनका कार्यकाल उनके विशिष्ट कैरियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसमें उन्होंने शिक्षा और शासन दोनों में उल्लेखनीय योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – स्वरूप सिंह
संविधान के अनुच्छेद 213 के अधीन, अध्यादेश प्रख्यापित करना राज्यपाल का/की है
[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]
👉 अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान की गई है।
👉 यह शक्ति तब लागू होती है जब राज्य की विधानमंडल सत्र में नहीं होती।
👉 राज्यपाल द्वारा जारी अध्यादेश का वही प्रभाव और शक्ति होती है जो विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम की होती है।
👉 ऐसा अध्यादेश विधानमंडल की पुनः बैठक के छह सप्ताह के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।
👉 यह स्पष्ट है कि अध्यादेश की शक्ति अनुच्छेद 213 से संबंधित है, न कि अनुच्छेद 21.3 से।
✍️ सही उत्तर है – शक्ति
भारत के संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अन्तर्गत राज्यपाल राज्य विधान-मण्डल के सदन का या किसी सदन का सत्रावसान कर सकेगा ?
[Asst. Prof. (Polity-I) 09.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
अनुच्छेद
174
राज्यपाल
को सत्रावसान
शक्ति
प्रदान करता
है।
👉
इसमें
सदन का आह्वान/स्थगन
भी शामिल है।
👉
उपबंध
(2)(क)
में
सत्रावसान
अधिकार
वर्णित है।
👉
इसलिए
यही अनुच्छेद
लागू
होता है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 174 (2) (क)
राज्य में चौथे राष्ट्रपति शासन के दौरान निम्नलिखित में से कौन राजस्थान का राज्यपाल नहीं था ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 राजस्थान में चौथे राष्ट्रपति शासन के समय कार्यरत राज्यपालों की सूची में सरदार दरबारा सिंह शामिल नहीं थे।
👉 उस अवधि में राज्यपाल पद पर अन्य व्यक्तियों ने संवैधानिक दायित्व निभाए।
👉 इसलिए उन्हें चौथे राष्ट्रपति शासन के राज्यपालों में नहीं गिना जाता।
✍️ सही उत्तर है – सरदार दरबारा सिंह
संविधान के अनुच्छेद 213 के अनुसार राज्यपाल का अध्यादेश जारी करने का अधिकार है -
[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]
👉 अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल को विधानमंडल के विश्रांति काल में अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्राप्त है।
👉 यह शक्ति राज्यपाल की विधायी शक्तियों में आती है, परंतु यह शक्ति वह अपने स्वविवेक से प्रयोग नहीं कर सकता।
👉 राज्यपाल अध्यादेश केवल मंत्रिमंडल के परामर्श पर ही प्रख्यापित करता है।
👉 इस प्रकार यह अधिकार संविधानिक मर्यादा के अंतर्गत मंत्रिपरिषद की सलाह से ही प्रयुक्त होता है।
✍️ सही उत्तर है – यह शक्ति मंत्रिमंडल के परामर्श से प्रयुक्त की जाती है।
राजस्थान में जब पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया, राज्य के राज्यपाल थे
[वरिष्ठ अध्यापक 21.02.2014]
👉 राजस्थान में प्रथम बार राष्ट्रपति शासन 13 मार्च 1967 से 26 अप्रैल 1967 तक लगाया गया था।
👉 उस समय राज्य के मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया थे।
👉 इस अवधि में राजस्थान के राज्यपाल डॉ. संपूर्णानंद थे।
👉 यह राष्ट्रपति शासन राजनीतिक अस्थिरता एवं अस्पष्ट बहुमत के कारण लागू किया गया था।
✍️ सही उत्तर है – डॉ. संपूर्णानंद।
राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों के नामों को उनके कार्यकाल के क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए -
(I) ओ. पी. मेहरा
(II) सुखदेव प्रसाद
(III) रघुकुल तिलक
(IV) वसन्तराव पाटिल
सही उत्तर है -
[लाइब्रेरियन ग्रेड -II 16.02.2025]
👉 रघुकुल तिलक ने 12 मई 1977 से 8 अगस्त 1981 तक राजस्थान के नवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
👉 उनके बाद ओ. पी. मेहरा ने 15 फरवरी 1982 से 3 नवम्बर 1985 तक राज्यपाल पद संभाला।
👉 इसके पश्चात वसंतराव पाटिल ने 20 नवम्बर 1985 से 14 अक्टूबर 1987 तक कार्य किया।
👉 अंत में सुखदेव प्रसाद ने 20 फरवरी 1988 से 2 फरवरी 1990 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में सेवा दी।
✍️ सही उत्तर है – (III), (I), (IV), (II)।
किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा राजस्थान में राजप्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया था ?
👉 सातवें संविधान संशोधन अधिनियम ने राजस्थान में राजप्रमुख संस्था का लोप कर दिया।
👉 30 मार्च 1949 ई. को जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह राजप्रमुख बने।
👉 राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1 नवम्बर 1956 ई. से राजप्रमुख की संस्था को समाप्त कर दिया गया।
👉 श्री गुरुमुख निहाल सिंह को 25 अक्टूबर 1956 ई. को राजस्थान के पहले राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया।
✍️ सही उत्तर है – सातवाँ संविधान संशोधन अधिनियम
राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.07.2025]
👉 राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
👉 इस प्रस्ताव पर सदस्य संशोधन प्रस्तुत कर सकते हैं, परंतु वे सदन की अनुमति और नियमों के अधीन होते हैं।
👉 संशोधन प्रस्तुत करने का अधिकार मुख्यमंत्री की अनुमति पर निर्भर नहीं करता।
👉 जब धन्यवाद प्रस्ताव पेश हो जाता है, तो विपक्ष के सदस्यों को इस प्रस्ताव में संशोधन (Amendments) पेश करने का अधिकार होता है।
✍️ सही उत्तर है – धन्यवाद प्रस्ताव पर ऐसे रूप में संशोधन प्रस्तुत किये जा सकेंगे जिसे मुख्यमंत्री उचित समझे।
राजभवन, राजस्थान में 'इन्फॉर्मास' पोर्टल किस राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान प्रारंभ किया गया ? [*]
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
🔹 व्याख्या
👉 श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने 31 जुलाई 2024 को राजस्थान के राज्यपाल पदभार ग्रहण किया, न कि 30 जून 2024।
✍️ सही उत्तर है – उन्होंने 30 जून, 2024 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया।
राजस्थान के उन एकमात्र राज्यपाल को पहचानिए, जिनकी पदावधि के दौरान अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति शासन उद्घोषित भी किया गया और समाप्त भी किया गया :
[Sub Inspector Exam 06.04.2026]
🔹 व्याख्या
👉 रघुकुल तिलक राजस्थान के एकमात्र ऐसे राज्यपाल हैं, जिनके कार्यकाल में राष्ट्रपति शासन लगा और हटा।
👉 इनके समय में 1980 में राज्य में चौथी बार राष्ट्रपति शासन उद्घोषित किया गया था।
👉 रघुकुल तिलक का कार्यकाल 1977 से 1981 तक रहा, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखी।
👉 राजस्थान में अब तक कुल चार बार (1967, 1977, 1980, 1992) राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका है।
✍️ सही उत्तर है – रघुकुल तिलक
किसी विधेयक पर संवैधानिक उपबन्ध के तहत राज्यपाल की सिफारिश अपेक्षित थी, किन्तु बिना राज्यपाल की सिफारिश उसे राजस्थान विधानसभा में पुरःस्थापित किया गया और उसने पारित करके राज्यपाल को भेज दिया; अब
[RAS Pre. 05.08.2018]
👉 किसी भी धन विधेयक को राज्यपाल की सिफारिश के बिना विधान सभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
👉 यह प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 207 में किया गया है।
👉 धन विधेयक केवल राज्य सरकार के किसी मंत्री द्वारा ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
👉 यदि राज्यपाल की सिफारिश प्राप्त न हो, तो ऐसा कोई विधेयक विधानसभा में विचार हेतु स्वीकार नहीं किया जाएगा।
👉 यह वही व्यवस्था है जो केंद्र स्तर पर अनुच्छेद 117 के अंतर्गत राष्ट्रपति की अनुमति के लिए लागू होती है।
✍️ सही उत्तर है – जहाँ राज्यपाल अनुमति देता है तो वह अधिनियम अविधिमान्य नहीं होगा।
राजस्थान के निम्नांकित में से कौन से राज्यपाल डूंगर कॉलेज, बीकानेर के प्राचार्य रहे हैं ?
[Asst. Prof. (Polity) 29.09.2021]
👉 डॉ. संपूर्णानंद राजस्थान के राज्यपाल रहने से पूर्व एक शिक्षाविद् तथा विद्वान व्यक्ति थे।
👉 उन्होंने बीकानेर के डूंगर कॉलेज में प्राचार्य (Principal) के रूप में कार्य किया था।
👉 बाद में वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने और राजस्थान के राज्यपाल के रूप में 16 अप्रैल 1962 से 16 अप्रैल 1967 तक कार्यरत रहे।
👉 उनका कार्यकाल शिक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत उल्लेखनीय रहा।
✍️ सही उत्तर है – डॉ. संपूर्णानंद।
संविधान के किस अनुच्छेद के तहत् राज्यपाल विधानमण्डल द्वारा पारित किसी विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु सुरक्षित रख सकता है ?
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 20.07.2016]
👉 संविधान के अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल को यह अधिकार प्राप्त है कि वह विधानमंडल द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति हेतु आरक्षित रख सकता है।
👉 यह प्रावधान तब लागू होता है जब किसी विधेयक से संविधान के उपबंधों, या उच्च न्यायालय की शक्तियों को हानि पहुँचने की संभावना हो।
👉 इस स्थिति में राज्यपाल विधेयक पर अनुमति नहीं देता, बल्कि उसे राष्ट्रपति के विचारार्थ भेज देता है।
👉 यह अधिकार राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों में सम्मिलित है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 200।
राज्यपाल तथा सदन (राजस्थान विधानसभा) के संवाद - से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
कथन (I): राज्यपाल से सदन को संवाद राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर किए हुए लिखित संदेश द्वारा अध्यक्ष को किया जायेगा।
कथन (II): यदि राज्यपाल सदन की बैठक के स्थान से अनुपस्थित हों, तो उनका संदेश राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव की मार्फत अध्यक्ष को भेजा जायेगा।
सही उत्तर का चयन कीजिए
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 राज्यपाल और विधानसभा के संवाद से संबंधित प्रक्रिया विधानसभा के नियमों में निर्दिष्ट है।
👉 कथन (I) सही है — राज्यपाल का संदेश उनके हस्ताक्षरयुक्त लिखित रूप में होता है, जो विधानसभा अध्यक्ष को भेजा जाता है।
👉 कथन (II) गलत है — क्योंकि राज्यपाल का संदेश प्रमुख सचिव के माध्यम से नहीं, बल्कि औपचारिक लिखित प्रक्रिया द्वारा सीधे अध्यक्ष को प्रेषित किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – केवल कथन (I) सही है।
राजस्थान में राज्यपाल राहत कोष का गठन निम्नलिखित में से किस पूर्व राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान किया गया था ?
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 राज्यपाल राहत कोष का गठन वर्ष 1973 में किया गया था।
👉 उस समय राजस्थान के राज्यपाल श्री जोगेन्द्र सिंह थे।
👉 इस कोष का उद्देश्य आपदा, दुर्घटना या प्राकृतिक संकट की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करना था।
👉 यह कोष राज्यपाल के संवेदनशील नेतृत्व में संचालित होता है और इसमें स्वैच्छिक अंशदान स्वीकार किए जाते हैं।
✍️ सही उत्तर है – श्री जोगिंदर सिंह
राज्य महाधिवक्ता व राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है-
वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)
👉 राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का प्रमुख होता है और उसे विभिन्न संवैधानिक पदों की नियुक्ति का अधिकार प्राप्त है।
👉 अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल, राज्य महाधिवक्ता की नियुक्ति करता है जो राज्य का मुख्य विधि अधिकारी होता है।
👉 अनुच्छेद 316(1) के अनुसार राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति भी राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 इन नियुक्तियों में राज्यपाल, मंत्रिपरिषद की सलाह के आधार पर निर्णय लेता है।
✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल।
1992 में राजस्थान में अनुच्छेद 356 के अन्तर्गत उद्घोषणा के समय निम्नांकित में से कौन राजस्थान का राज्यपाल नहीं था ? [*]
सहायक आचार्य [30.05.2019]
📌 नोट : यह प्रश्न परीक्षा बोर्ड द्वारा डिलीट माना गया है।
निम्नांकित में से किस वर्ष में राजस्थान में 'राज्यपाल राहत कोष' का गठन किया गया ?
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 14.12.2020]
👉 राज्यपाल राहत कोष का गठन वर्ष 1973 में किया गया था।
👉 इसका उद्देश्य आपदा, दुर्घटना या प्राकृतिक संकट के समय प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
👉 यह कोष राज्यपाल के संवेदनशील नेतृत्व में संचालित होता है और इसमें स्वैच्छिक अंशदान स्वीकार किए जाते हैं।
👉 इस कोष का उपयोग मानवीय सहायता एवं आपात राहत कार्यों में किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – 1973।
नवम्बर 1970 एवं मई 2012 के मध्य, राजस्थान में कितने राज्यपाल कार्यवाहक या अतिरिक्त प्रभार पर रहे ?
S.I. Telecom (Paper-II) 09.11.2025
👉 नवम्बर 1970 से मई 2012 के बीच राजस्थान में कई बार कार्यवाहक राज्यपाल नियुक्त किए गए।
👉 इस अवधि में कुल 9 बार कार्यवाहक राज्यपाल नियुक्ति की स्थिति बनी।
👉 इसी अवधि में अलग-अलग मौकों पर 8 बार अतिरिक्त प्रभार दिए गए।
👉 ये नियुक्तियाँ राज्य में उत्पन्न संवैधानिक परिस्थितियों के अनुसार की गई थीं।
👉 दोनों प्रकार की नियुक्तियों की संख्या को जोड़कर राज्यपाल पद पर हुए अस्थायी प्रभारों की स्थिति स्पष्ट होती है।
✍️ सही उत्तर है – 9 कार्यवाहक एवं 8 अतिरिक्त प्रभार
राज्यपाल से संबंधित भारत के संविधान के निम्नलिखित में से कौनसे अनुच्छेद को संविधान के 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 (20-06-1979 से प्रभावी) द्वारा विलोपित कर दिया गया ?
[Assistant Director 09.07.2025]
👉 संविधान के अनुच्छेद 166 में राज्य के कार्यपालिका कार्यों के संचालन के तरीके का उल्लेख है।
👉 इस अनुच्छेद की उपधारा (4) को संविधान के 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 20 जून 1979 से विलोपित कर दिया गया।
👉 यह उपधारा राज्यपाल द्वारा नियमों और आदेशों के प्रमाणीकरण से संबंधित थी।
👉 इस संशोधन का उद्देश्य शासन की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना था।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 166(4)।