निम्नांकित में से कौन सा एक कथन सही नहीं है ?
सहायक आचार्य [ 07.01.2024]
👉 राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 के अंतर्गत पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना और संगठन किया गया था।
👉 इस अधिनियम के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को संस्थागत रूप प्रदान किया गया।
👉 वर्ष 1952 में नहीं, बल्कि 1953 में यह अधिनियम अधिनियमित हुआ और ग्राम पंचायतें स्थापित की गईं।
👉 इसलिए यह कथन कि “1952 में राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम लागू हुआ और पूरे राज्य में ग्राम पंचायतें स्थापित की गईं” सही नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – 1952 में राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम लागू हुआ और पूरे राज्य में ग्राम पंचायतें स्थापित की गईं।
राजस्थान में 31 मार्च 2016 तक पंचायत समितियों की कुल संख्या है :
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली के मध्य स्तर पर पंचायत समितियाँ कार्य करती हैं, जो ग्राम पंचायतों और जिला परिषद् के बीच समन्वयक इकाई का कार्य करती हैं।
👉 प्रत्येक पंचायत समिति के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतें आती हैं, जिनके विकास कार्यों की निगरानी इसकी जिम्मेदारी होती है।
👉 राज्य सरकार के अभिलेखों के अनुसार, 31 मार्च 2016 तक राजस्थान में कुल 295 पंचायत समितियाँ कार्यरत थीं।
👉 ये समितियाँ स्थानीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक नियंत्रण का प्रमुख केंद्र हैं।
✍️ सही उत्तर है – 295
निम्नलिखित में से किस शहर में पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र स्थित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की गई है।
👉 इन केंद्रों का उद्देश्य स्थानीय स्वशासन, प्रशासनिक दक्षता और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित प्रशिक्षण देना है।
👉 ऐसे पंचायत प्रशिक्षण केंद्र जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर और कोटा में स्थित हैं।
👉 सिरोही में कोई पंचायत प्रशिक्षण केंद्र स्थापित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – सिरोही
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
(I) पंचायत, पंचायत क्षेत्र के वयस्क पुरुष सदस्यों पर उक्त क्षेत्र के निवासियों के लिए साधारण उपयोगिता
के किसी भी सार्वजनिक कार्य के संनिर्माण के लिए विशेष कर अधिरोपित कर सकती है ।
(II) परन्तु वह किसी व्यक्ति को स्वैच्छिक श्रम करने या उसे उसकी ओर से किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा किये जाने के बदले में इस कर के संदाय से छूट दे सकेगी।
ऊपर दिए गए कथन/कथनों में से कौनसा /से सही है/हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- D) 11.09.2025]
👉 पहला कथन सही है क्योंकि पंचायत को अपने क्षेत्र में सार्वजनिक उपयोगिता के कार्यों के निर्माण हेतु विशेष कर लगाने का अधिकार प्राप्त है।
👉 यह विशेष कर पंचायत क्षेत्र के वयस्क पुरुष सदस्यों पर अधिरोपित किया जा सकता है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के कार्य पूरे किए जा सकें।
👉 दूसरा कथन भी सही है, क्योंकि पंचायत किसी व्यक्ति को स्वैच्छिक श्रम करने पर या उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा श्रम कराए जाने पर कर से छूट दे सकती है।
✍️ सही उत्तर है – (I) एवं (II) दोनों सही हैं
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा के तहत सरकार को किसी पंचायती राज संस्था को विघटित करने की शक्ति प्राप्त है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 21.12.2022]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में पंचायती राज संस्थाओं के गठन, कार्य, शक्तियाँ और विघटन से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
👉 यदि कोई पंचायती राज संस्था अपने कर्तव्यों के निर्वहन में असफल रहती है या राज्य सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करती, तो सरकार उसे विघटित कर सकती है।
👉 अधिनियम की धारा 94 के अंतर्गत राज्य सरकार को किसी पंचायती राज संस्था को विघटित करने की शक्ति प्रदान की गई है।
👉 विघटन की स्थिति में छः माह के भीतर पुनः निर्वाचन कराना आवश्यक होता है।
✍️ सही उत्तर है – धारा 94
राजस्थान में कितनी अवधि तक सरपंच के विरुद्ध अविश्वास का प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता ?
[PTI Grade -III (RPSC) 2011]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की अवधि और उत्तरदायित्व से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
👉 अधिनियम के अनुसार, सरपंच के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव तभी लाया जा सकता है जब वह अपने पद पर निर्वाचन के पश्चात न्यूनतम दो वर्ष पूर्ण कर चुका हो।
👉 इस अवधि से पूर्व अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता, ताकि सरपंच को योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक स्थिरता हेतु पर्याप्त समय मिल सके।
👉 इस प्रावधान से पंचायत प्रशासन में निरंतरता और स्थायित्व सुनिश्चित होता है।
✍️ सही उत्तर है – 2 वर्ष
राजस्थान में पंचायती राज के संदर्भ में सही युग्म पहचानिये -
[वरिष्ठ अध्यापक (स्थगित) 22.12.2022]
👉 राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाने हेतु समय-समय पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया।
👉 इन्हीं में से एक थी गिरधारी लाल व्यास समिति, जिसका गठन वर्ष 1973 में किया गया था।
👉 इस समिति का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और सुधार के सुझाव देना था।
👉 समिति की अनुशंसाओं ने राज्य में स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
✍️ सही उत्तर है – गिरधारी लाल व्यास समिति का गठन – 1973
भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में 'ग्राम सभा' की परिभाषा का उल्लेख किया गया है ? [*]
[PTI Grade -II (RPSC) 30.04.2023]
राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं का मध्यवर्ती स्तर है
[Head Master 2011]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है — ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर), पंचायत समिति (खंड स्तर) और जिला परिषद् (जिला स्तर)।
👉 इन तीनों में पंचायत समिति मध्यवर्ती (Intermediate) स्तर की इकाई होती है।
👉 यह ग्राम पंचायतों और जिला परिषद् के बीच समन्वयक संस्था के रूप में कार्य करती है।
👉 पंचायत समिति के माध्यम से क्षेत्रीय विकास योजनाओं का निर्देशन, पर्यवेक्षण और क्रियान्वयन किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – पंचायत समिति
सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना है
सहायक आचार्य [30.05.2019]
👉 सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ाना है।
👉 इसके माध्यम से जनता स्वयं सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा और निगरानी करती है।
👉 यह प्रक्रिया जनसहभागिता और जनजवाबदेही को सुनिश्चित करती है ताकि योजनाओं का लाभ सही व्यक्तियों तक पहुँचे।
👉 अतः इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्वशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – स्थानीय स्वशासन की
निम्नांकित में से किस वर्ष में राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन कर पंचायतों में स्थायी समितियों का प्रावधान किया गया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 31.10.2018]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में समय-समय पर संशोधन किए गए ताकि पंचायतों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और संगठित बनाया जा सके।
👉 पंचायतों में विशिष्ट विषयों की निगरानी और निर्णय प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए स्थायी समितियों के गठन का प्रावधान किया गया।
👉 यह संशोधन वर्ष 2000 में किया गया, जिसके अंतर्गत पंचायतों में शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, सामाजिक न्याय आदि विषयों पर स्थायी समितियाँ गठित की जाने लगीं।
👉 इन समितियों का उद्देश्य पंचायत प्रशासन में दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – 2000
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा को संशोधित कर 'ग्राम सेवक' के स्थान पर 'ग्राम विकास अधिकारी' अभिव्यक्ति को प्रतिस्थापित किया गया है ?
[RAS Pre. 27.10.2021]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में ग्राम पंचायतों के कार्मिकों से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट किया गया है।
👉 पंचायत प्रशासन को अधिक विकासोन्मुख और सक्षम बनाने के लिए अधिनियम में संशोधन किया गया।
👉 इस संशोधन के अंतर्गत ‘ग्राम सेवक’ के स्थान पर ‘ग्राम विकास अधिकारी (V.D.O.)’ शब्द का प्रयोग किया गया।
👉 यह परिवर्तन अधिनियम की धारा 89 में किया गया, जिससे ग्राम स्तर पर विकास कार्यों की प्रभावशीलता और जवाबदेही को बल मिला।
✍️ सही उत्तर है – धारा 89
राजस्थान में स्थानीय स्वशासन विभाग, स्थानीय निकाय निदेशालय का कार्यालय कहाँ स्थित है ?
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 राजस्थान में स्थानीय स्वशासन विभाग (Department of Local Self Government) राज्य के शहरी निकायों और नगर प्रशासन से संबंधित कार्यों का संचालन करता है।
👉 यह विभाग नगर निगम, नगर परिषद् और नगरपालिकाओं की नीतियों, योजनाओं और प्रशासनिक नियंत्रण का दायित्व निभाता है।
👉 इस विभाग के अधीन स्थानीय निकाय निदेशालय (Directorate of Local Bodies) कार्य करता है, जो राज्य के सभी शहरी निकायों का समन्वय करता है।
👉 स्थानीय निकाय निदेशालय का मुख्य कार्यालय जयपुर में स्थित है।
✍️ सही उत्तर है – जयपुर
भारतीय संविधान में पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.07.2025]
👉 भारतीय संविधान के भाग IX में पंचायतों से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 243 से 243 O तक दिए गए हैं।
👉 अनुच्छेद 243D में पंचायतों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान है।
👉 जबकि प्रश्न में दिया गया युग्म — “पंचायतों में अनुसूचित जातियों के लिए स्थानों का आरक्षण – अनुच्छेद 243 घ (ख)” — गलत है।
👉 अतः यह युग्म सही सुमेलित नहीं है, क्योंकि इसका सही अनुच्छेद 243D है।
✍️ सही उत्तर है – पंचायतों में अनुसूचित जातियों के लिए स्थानों का आरक्षण – अनुच्छेद 243 घ (ख)
20 दिसंबर , 2016 राजस्थान की सभी ग्राम पंचायतो में विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई:
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 08.02.2018]
👉 20 दिसंबर 2016 को राजस्थान की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएँ आयोजित की गईं।
👉 इन विशेष ग्राम सभाओं का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ना था।
👉 इस अवसर पर ग्रामीण कौशल विकास योजना (Rajasthan Grameen Kaushal Vikas Yojana) के अंतर्गत पात्र युवाओं का नामांकन लिया गया।
👉 इस पहल का मकसद ग्रामीण युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर प्रदान करना था।
✍️ सही उत्तर है – ग्रामीण कौशल विकास योजना के लिए नामांकन लेने के लिये
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित में से कौन, आवश्यक होने पर, पंचायत या पंचायत समिति के संकल्प को तुरन्त निलम्बित कर सकता है ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉
धारा
92(3)
के
तहत कलेक्टर
को शक्ति
प्राप्त है।
👉
वह
पंचायत संकल्प
को तुरंत
निलंबित
कर सकता है।
👉
यह
तब होता है जब
जीवन/संपत्ति
को खतरा
हो।
👉
कलेक्टर
राज्य
सरकार को सूचित
करता है।
👉
आधार
शांति
भंग व जनसुरक्षा
खतरा है।
✍️ सही उत्तर है – जिला कलक्टर
राजस्थान में वार्ड सभा का निम्नांकित में से कौन सा कृत्य नहीं है ?
[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]
🔹 व्याख्या
👉 वार्ड सभा का मुख्य कार्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता करना है।
👉 यह समूहों में सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ाने का कार्य करती है।
👉 ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पर नियंत्रण रखना इसका अधिकार क्षेत्र नहीं है।
👉 स्थानीय सामाजिक संस्थाओं और उनके कार्यों की निगरानी करना भी इसके कार्यों में शामिल है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम विकास अधिकारी पर नियंत्रण रखना।
निम्नलिखित में से किस वर्ष राजस्थान पंचायत अधिनियम अधिनियमित हुआ तथा पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना हुई
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना और संगठन हेतु अधिनियमित किया गया था।
👉 इस अधिनियम ने स्थानीय स्वशासन को संस्थागत रूप प्रदान किया और ग्रामीण स्तर पर जनसहभागिता को सुनिश्चित किया।
👉 इसके लागू होने के बाद पूरे राजस्थान में ग्राम पंचायतों की स्थापना की गई।
👉 यह अधिनियम राज्य में पंचायती राज व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत का आधार बना।
✍️ सही उत्तर है – 1953
2009 में राजस्थान के किस नगर में पंचायती राज की स्वर्ण जयन्ती का आयोजन किया गया ?
[जनसंपर्क अधिकारी 2011]
👉 पंचायती राज प्रणाली की शुरुआत भारत में सर्वप्रथम राजस्थान से हुई थी।
👉 इस ऐतिहासिक व्यवस्था का उद्घाटन 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले में किया गया था।
👉 इस प्रणाली के 50 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2009 में पंचायती राज की स्वर्ण जयंती का आयोजन किया गया।
👉 इस महत्वपूर्ण अवसर का आयोजन भी नागौर में ही किया गया, जहाँ से पंचायती राज की शुरुआत हुई थी।
✍️ सही उत्तर है – नागौर
निम्न में से कौन सी पंचायत समिति एम पॉवर परियोजना की लाभार्थी नहीं है ?
सहायक आचार्य [24.04.2016]
👉 एम-पॉवर परियोजना (M-Power Project) राजस्थान सरकार की एक ग्रामीण सशक्तिकरण एवं डिजिटल साक्षरता से जुड़ी पहल है।
👉 इस परियोजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना तथा सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
👉 राज्य की कई पंचायत समितियाँ इस परियोजना से जुड़ी हैं, लेकिन बिलाड़ा पंचायत समिति को इसके अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है।
👉 अतः बिलाड़ा पंचायत समिति एम-पॉवर परियोजना की लाभार्थी नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – बिलाड़ा
2 अक्टूबर, 1959 को नागौर में राजस्थान में पंचायती राज काऔपचारिक उद्घाटन किसने किया ?
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 पंचायती राज प्रणाली भारत में स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय व्यवस्था के रूप में लागू की गई थी।
👉 इसकी नींव बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों पर रखी गई थी।
👉 राजस्थान देश का पहला राज्य था जिसने इस प्रणाली को अपनाया।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में पंचायती राज प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया।
✍️ सही उत्तर है – जवाहरलाल नेहरू
ग्राम सभा की किसी बैठक में संकल्प पारित करने के लिए आवश्यक संख्या है
[व्याख्याता (तकनीकी) 12.03.2021]
👉 ग्राम सभा ग्राम स्तर पर निर्णय लेने की सर्वोच्च संस्था होती है, जिसमें ग्राम के सभी पंजीकृत मतदाता सदस्य शामिल होते हैं।
👉 ग्राम सभा की बैठकों में ग्राम विकास, बजट अनुमोदन और सामाजिक लेखा परीक्षा से जुड़े संकल्प पारित किए जाते हैं।
👉 किसी संकल्प को पारित करने के लिए आवश्यक है कि बैठक में उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों का बहुमत उसके पक्ष में हो।
👉 इस व्यवस्था से जनमत आधारित निर्णय प्रक्रिया और लोकतांत्रिक सहभागिता सुनिश्चित होती है।
✍️ सही उत्तर है – बैठक में उपस्थित और मत देने वाले ग्राम सभा के सदस्यों का बहुमत
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 को किस वर्ष में संशोधित कर राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद सेवा के गठन का प्रावधान किया गया ?
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में समय-समय पर संशोधन कर पंचायती संस्थाओं को अधिक संगठित और सक्षम बनाया गया है।
👉 वर्ष 2021 में इस अधिनियम में संशोधन कर राजस्थान पंचायत समिति और जिला परिषद् सेवा के गठन का प्रावधान किया गया।
👉 इस संशोधन का उद्देश्य स्थानीय स्वशासन के प्रशासनिक ढाँचे को सुदृढ़ करना और कार्मिक प्रबंधन को एकीकृत रूप देना था।
👉 इससे पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर सेवाओं की पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि हुई।
✍️ सही उत्तर है – 2021
राजस्थान के नागौर में प्रथम पंचायती राज व्यवस्था निम्नलिखित में से किसके द्वारा लागू की गई थी ?
[EO RO (Shift II) 14.05.2023]
👉 पंचायती राज प्रणाली भारत में स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय व्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु लागू की गई।
👉 इसकी शुरुआत बलवंत राय मेहता समिति (1957) की अनुशंसाओं के आधार पर हुई।
👉 राजस्थान देश का पहला राज्य था जिसने इस व्यवस्था को अपनाया।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक उद्घाटन पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया।
✍️ सही उत्तर है – जवाहरलाल नेहरू
राजस्थान में ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच तथा वार्ड पंच अपना त्यागपत्र किसे सम्बोधित करते हैं ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच तथा वार्ड पंच पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधि होते हैं।
👉 यदि इनमें से कोई अपने पद से त्यागपत्र देना चाहता है, तो उसे लिखित रूप में स्वहस्ताक्षरित त्यागपत्र प्रस्तुत करना होता है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंच अपना त्यागपत्र पंचायत समिति के विकास अधिकारी (B.D.O.) को संबोधित करते हैं।
👉 त्यागपत्र स्वीकृत होने पर संबंधित पद रिक्त माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – विकास अधिकारी
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 से सम्बन्धित निम्नलिखित युग्मों (धारा - विषय वस्तु) में से कौनसा सुमेलित नहीं है ?
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में प्रत्येक धारा के अंतर्गत पंचायतों की संरचना, शक्तियाँ, कार्य और दायित्व का उल्लेख किया गया है।
👉 अधिनियम की धारा 53 का संबंध पंचायत समिति से है, न कि जिला परिषद की स्थायी समितियों से।
👉 जिला परिषद की स्थायी समितियों से संबंधित प्रावधान धारा 88 के अंतर्गत दिए गए हैं।
👉 अतः धारा 53 – जिला परिषद की स्थायी समितियाँ का युग्म सही सुमेलित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – 53 – जिला परिषद की स्थायी समितियाँ
सर्वप्रथम किस वर्ष समूचे राजस्थान राज्य में ग्राम पंचायतें संस्थापित की गई ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना और संगठन के लिए अधिनियमित किया गया था।
👉 इस अधिनियम के माध्यम से पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों का गठन किया गया और स्थानीय स्वशासन प्रणाली को संस्थागत रूप मिला।
👉 इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक शासन और जनसहभागिता सुनिश्चित करना था।
👉 अतः समूचे राजस्थान राज्य में ग्राम पंचायतें सर्वप्रथम वर्ष 1953 में स्थापित की गईं।
✍️ सही उत्तर है – 1953
राजस्थान में पंचायती राज के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें :
कथन (I) - जोधपुर, भरतपुर, जयपुर, सिरोही, उदयपुर और
करौली रियासतों ने पंचायतों पर कानून बनाए ।
कथन ( II) - बीकानेर राज्य का अपना ग्राम पंचायत अधिनियम बहुत पहले 1928 में था ।
कथन (III)- 1949 में राजस्थान पंचायत अधिनियम बनाया गया और पूरे राज्य में ग्राम पंचायतों की स्थापना की गई ।
निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें:
[वरिष्ठ अध्यापक 12.02.2023]
👉 कथन (I) सही है क्योंकि जोधपुर, भरतपुर, जयपुर, सिरोही, उदयपुर और करौली रियासतों ने पंचायती व्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु अपने-अपने पंचायत संबंधी कानून बनाए थे।
👉 कथन (II) भी सही है क्योंकि बीकानेर राज्य ने अन्य रियासतों से पहले सन् 1928 में ग्राम पंचायत अधिनियम लागू किया था।
👉 कथन (III) गलत है क्योंकि पूरे राज्य में पंचायतों की स्थापना राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953 के अंतर्गत की गई थी, न कि 1949 में।
✍️ सही उत्तर है – (I) और (II) सही हैं।
राजस्थान में ई - पंचायत के उद्देश्य हैं
I पंचायती राज विभाग की उत्पादकता में वृद्धि
II ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की आन्तरिक प्रक्रिया का सुव्यवस्थीकरण
III ग्रामीण समस्याओं का मात्र तीव्र एकत्रीकरण
सही विकल्प हैं -
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 17.10.2022]
👉 ई-पंचायत परियोजना का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाना है।
👉 इस योजना के अंतर्गत पंचायत कार्यों को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है।
👉 इसके मुख्य उद्देश्य हैं —
पंचायती राज विभाग की उत्पादकता में वृद्धि,
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आंतरिक प्रक्रियाओं का सुव्यवस्थीकरण।
👉 जबकि ग्रामीण समस्याओं का मात्र तीव्र एकत्रीकरण इसका उद्देश्य नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – I और II
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शक्तियों का उल्लेख है ?
[स्कूल व्याख्याता 21.10.2022]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत प्रत्येक जिला परिषद् में एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) नियुक्त किया जाता है।
👉 यह अधिकारी जिला परिषद् के प्रशासनिक कार्यों के संचालन, समन्वय और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी होता है।
👉 अधिनियम की धारा 84 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शक्तियों और कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है।
👉 वह जिला परिषद् के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों की कार्यप्रणाली की निगरानी और नीतियों के क्रियान्वयन का दायित्व निभाता है।
✍️ सही उत्तर है – धारा 84
सरपंच और उप-सरपंच की अनुपस्थिति में ग्राम सभा की बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा ?
[वरिष्ठ अध्यापक 19.02.2019]
👉 ग्राम सभा ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक सहभागिता की सर्वोच्च संस्था है, जिसमें ग्राम के सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 सामान्यतः इसकी बैठक की अध्यक्षता सरपंच या उप-सरपंच करते हैं।
👉 यदि दोनों अनुपस्थित हों, तो ग्राम सभा के उपस्थित सदस्यों द्वारा इस प्रयोजन हेतु चुना गया कोई भी सदस्य बैठक की अध्यक्षता करता है।
👉 यह व्यवस्था सभा की निरंतरता और कार्यवाही के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करती है।
✍️ सही उत्तर है – कोई भी उपस्थित सदस्य, जिसे ग्राम सभा के सदस्यों द्वारा इस प्रयोजन हेतु चुना गया हो
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन हेतु (2011 की जनगणना के आधार पर) कुल कितनी नई को नव सृजित किया गया ?
[Asst. Jailor 15.03.2016]
👉 राजस्थान पंचायती राज संस्थाओं का पुनर्गठन समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा जनसंख्या और प्रशासनिक सुविधा के आधार पर किया जाता है।
👉 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार मानकर राज्य में पंचायतों का पुनर्गठन और नवनिर्माण किया गया।
👉 इस प्रक्रिया के अंतर्गत नई पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों का गठन किया गया ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
👉 इस पुनर्गठन के दौरान कुल 47 नई पंचायतें नवसृजित की गईं।
✍️ सही उत्तर है – 47
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार निम्नांकित में से कौन एक जिला परिषद का संघटक नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार जिला परिषद् पंचायती राज व्यवस्था का शीर्ष स्तर है।
👉 इसके संघटक हैं — प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्य, सांसद (MP), विधानसभा सदस्य (MLA) तथा पंचायत समिति के प्रधान।
👉 ग्राम सभा का सदस्य केवल ग्राम स्तर की इकाई का हिस्सा होता है और वह जिला परिषद् का संघटक नहीं होता।
👉 अतः ग्राम सभा का सदस्य जिला परिषद् का संघटक नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम सभा का सदस्य
प्रत्यक्ष जनतंत्र की क्रियान्विति होती है
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 30.03.2014]
👉 प्रत्यक्ष जनतंत्र (Direct Democracy) वह प्रणाली है जिसमें नागरिक स्वयं निर्णय प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेते हैं।
👉 भारत में यह सिद्धांत स्थानीय स्वशासन संस्थाओं, विशेष रूप से ग्राम सभा के माध्यम से लागू किया गया है।
👉 ग्राम सभा में ग्रामवासी सीधे रूप से विकास योजनाओं, बजट स्वीकृति और सामाजिक अंकेक्षण में भाग लेते हैं।
👉 अतः प्रत्यक्ष जनतंत्र की वास्तविक क्रियान्विति ग्राम सभा में होती है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम सभा में
राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनुसूचित क्षेत्रों में उनके लागू होने के संबंध में उपान्तरण) नियम, 2011 के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियों व अधिकारों के सम्बंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
कथन (I) : ग्राम सभा के परामर्श के पश्चात ही भूमि अधिग्रहण का कार्य सरकार द्वारा किया जावेगा ।
कथन (II) : उधार पर धन देने, नशा नियंत्रण और अतिचारियों के संक्षिप्त निष्कासन की शक्ति को छोड़कर, कानून और व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित सभी शक्तियों का प्रयोग पंचायत समिति द्वारा किया जाएगा ।
निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें
[Protection Officer 28.01.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनुसूचित क्षेत्रों में उनके लागू होने के संबंध में उपान्तरण) नियम, 2011 का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना है।
👉 इन नियमों के अनुसार भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास तथा संसाधनों के उपयोग से संबंधित निर्णय ग्राम सभा के परामर्श से ही लिए जा सकते हैं।
👉 अतः कथन (I) सही है क्योंकि भूमि अधिग्रहण का कार्य केवल ग्राम सभा की सहमति के बाद किया जा सकता है।
👉 जबकि कथन (II) गलत है, क्योंकि कानून और व्यवस्था बनाए रखने की शक्ति पंचायत समिति को नहीं दी गई है।
✍️ सही उत्तर है – केवल कथन (I) सत्य है
राजस्थान में पंचायत समिति के प्रधान के विरुद्ध अविश्वास के प्रस्ताव पर विचार करने के लिये किसी बैठक के गठन के लिये गणपूर्ति उसमें मतदान के हकदार व्यक्तियों की कुल संख्या की........................होगी |
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार पंचायत समिति के प्रधान के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विशेष बैठक आयोजित की जाती है।
👉 ऐसी बैठक की कार्यवाही तभी वैध मानी जाती है जब उसमें निर्वाचन में मतदान के हकदार कुल सदस्यों का कम से कम एक-तिहाई (1/3) भाग उपस्थित हो।
👉 इस गणपूर्ति (कोरम) की शर्त पूर्ण होने पर ही अविश्वास प्रस्ताव पर विचार और मतदान किया जा सकता है।
👉 यह प्रावधान पंचायत समिति में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वैधता और स्थिरता सुनिश्चित करता है।
✍️ सही उत्तर है – एक तिहाई (1/3)
किस संशोधन अधिनियम द्वारा 'ग्राम सेवक' को 'ग्राम विकास अधिकारी' से प्रतिस्थापित किया गया हैं ?
[RAS Pre. 01.10.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के पदनाम और कार्यों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
👉 ग्राम प्रशासन को अधिक विकासोन्मुख और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से इसमें संशोधन किए गए।
👉 हाल ही में राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 द्वारा ‘ग्राम सेवक’ को ‘ग्राम विकास अधिकारी (V.D.O.)’ से प्रतिस्थापित किया गया।
👉 इस संशोधन से ग्राम स्तर पर विकास कार्यों की प्रभावशीलता और जवाबदेही को सुदृढ़ किया गया।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021
गाँवों में रोजगार उपलब्ध करवाने सम्बन्धी वर्तमान योजना का नाम है -
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2010]
👉 वर्तमान में मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM G) कर दिया गया है। इस नए कानून के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी और मजदूरी का 40% वित्तीय भार राज्य सरकारों को उठाना होगा
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 से सम्बन्धित निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
धारा - विषय-वस्तु
[स्कूल व्याख्याता (POLITY) 06.07.2025]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में विभिन्न धाराएँ पंचायतों के संरचना, कार्य, शक्तियाँ और अधिकारों से संबंधित हैं।
👉 इस अधिनियम की धारा 30 सदस्यों के अधिकार, कर्तव्य या कार्यप्रणाली से संबंधित नहीं है।
👉 सदस्यों के भत्तों आदि का प्रावधान इस धारा के अंतर्गत नहीं आता, बल्कि यह विषय अन्य प्रशासनिक प्रावधानों से संबंधित है।
👉 अतः धारा 30 – सदस्यों के भत्ते आदि का युग्म सही सुमेलित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – 30 – सदस्यों के भत्ते आदि
राजस्थान सरकार के स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा निम्नलिखित में से कौनसी योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं ?
(i) मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना
(ii) श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना
(iii) स्वामित्व योजना
(iv) मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना
सही विकल्प चुनें –
[Research Assistant 10.07.2025]
👉 राजस्थान सरकार का स्थानीय स्वशासन विभाग राज्य के शहरी निकायों और नगरीय विकास योजनाओं का संचालन करता है।
👉 इस विभाग द्वारा नागरिकों के रोजगार, पोषण और आजीविका सुधार से जुड़ी कई योजनाएँ लागू की गई हैं।
👉 इनमें प्रमुख हैं —
मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना – शहरी क्षेत्र के लघु व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु।
श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना – शहरी गरीबों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने हेतु।
मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना – शहरी बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु।
👉 जबकि स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित है और यह राजस्व विभाग द्वारा संचालित की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – केवल (i), (ii) और (iv)
ग्राम सभा की 'गणपूर्ति' कितनी है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 ग्राम सभा ग्राम पंचायत की मूल इकाई है, जिसमें ग्राम के सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 ग्राम सभा की बैठक को वैध बनाने के लिए न्यूनतम उपस्थिति (गणपूर्ति) का होना आवश्यक है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, ग्राम सभा की गणपूर्ति ग्राम सभा के कुल सदस्य संख्या का दसवाँ भाग (1/10 भाग) होती है।
👉 यदि इतनी उपस्थिति न हो, तो बैठक की कार्यवाही नहीं की जा सकती।
✍️ सही उत्तर है – कुल सदस्य संख्या का दसवाँ भाग
'प्रशासन और संस्थापन' के लिए ग्राम-पंचायत की स्थायी समिति का पदेन अध्यक्ष कौन होता है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (ग्रुप- B) 08.09.2025]
👉 ग्राम-पंचायत की स्थायी समितियों में “प्रशासन और संस्थापन” एक महत्वपूर्ण विषय से सम्बद्ध समिति है।
👉 इस समिति का पदेन अध्यक्ष वही होता है जो ग्राम-पंचायत का मुख्य निर्वाचित प्रतिनिधि होता है।
👉 ग्राम-पंचायत में सर्वोच्च कार्यकारी पद सरपंच का होता है।
✍️ सही उत्तर है – सरपंच
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा के प्रावधानों में संशोधन किया गया ?
[Head Master 11.10.2021]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 को समय-समय पर संशोधित किया गया ताकि पंचायतों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
👉 वर्ष 2019 में पारित राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019 के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
👉 इस संशोधन द्वारा अधिनियम की धारा 19 में परिवर्तन किया गया, जो पंचायतों के सदस्यों की अयोग्यता और पात्रता से संबंधित है।
👉 इसका उद्देश्य पंचायती प्रतिनिधियों की जवाबदेही और सुशासन को सुदृढ़ करना था।
✍️ सही उत्तर है – धारा 19
निम्नांकित में से कौन सा अधिनियम/नियम राजस्थान में ग्राम सभा की संयुक्त बैठकों का प्रावधान करता है ?
[RAS Pre. 05.08.2018]
👉 राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के संचालन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वहाँ की जनजातीय परंपराओं और स्थानीय परिस्थितियों का सम्मान किया जा सके।
👉 इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की संयुक्त बैठकों की व्यवस्था भी की गई है, जिससे कई ग्राम सभाएँ मिलकर सामूहिक निर्णय ले सकें।
👉 यह प्रावधान राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होने के सम्बन्ध में उपान्तरण) नियम, 2011 के अंतर्गत किया गया है।
👉 इस नियम के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम स्वशासन और सहभागिता को सशक्त बनाया गया।
✍️ सही उत्तर है – राजस्थान पंचायती राज (उपबन्धों का अनुसूचित क्षेत्रों में लागू होने के सम्बन्ध में उपान्तरण) नियम, 2011
राजस्थान में पंचायत समिति का सदस्य किसे संबोधित कर अपना त्यागपत्र देता/देती है ?
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 पंचायत समिति का सदस्य पंचायत राज प्रणाली के मध्य स्तर का निर्वाचित प्रतिनिधि होता है।
👉 यदि कोई सदस्य अपने पद से त्यागपत्र देना चाहता है, तो उसे लिखित रूप में स्वहस्ताक्षरित त्यागपत्र प्रस्तुत करना होता है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार, पंचायत समिति का सदस्य अपना त्यागपत्र प्रधान, पंचायत समिति को संबोधित करता है।
👉 त्यागपत्र स्वीकार किए जाने पर संबंधित पद रिक्त माना जाता है।
✍️ सही उत्तर है – प्रधान, पंचायत समिति
राजस्थान में पंचायतीराज व्यवस्था लागू हुई ?
[वरिष्ठ अध्यापक 2011]
👉 पंचायती राज व्यवस्था भारत में ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम थी।
👉 इस प्रणाली की अनुशंसा बलवंत राय मेहता समिति (1957) द्वारा की गई थी।
👉 राजस्थान देश का पहला राज्य था जिसने इस प्रणाली को अपनाया।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले में पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
✍️ सही उत्तर है – 1959 में
राजस्थान के निम्नांकित में से किस/किन जिला/जिलों के सभी स्तरों पर पंचायती राज संस्थाओं के अध्यक्षों के सभी स्थान अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए आरक्षित हैं ?
(A) बाँसवाड़ा (B) डूंगरपुर
(C) प्रतापगढ़ (D) सिरोही
सही विकल्प का चयन कीजिए :
[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली में विभिन्न पदों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
👉 जिन जिलों में अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या 50% से अधिक है, वहाँ पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्तरों के अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रखे जाते हैं।
👉 राजस्थान में ऐसे जिले हैं — बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़, जहाँ सभी स्तरों पर (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्) अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए आरक्षित हैं।
👉 इस व्यवस्था का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में राजनीतिक सशक्तिकरण और समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।
✍️ सही उत्तर है – केवल (A), (B) और (C)
राजस्थान में पंचायत समितियों की कुल संख्या (31 दिसम्बर 2018 को यथाविद्यमान) है -
[वरिष्ठ अध्यापक 17.02.2019]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली में तीन स्तर हैं — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्।
👉 इनमें से पंचायत समिति मध्य स्तर की इकाई है, जो ग्राम पंचायतों और जिला परिषद् के बीच समन्वयक संस्था के रूप में कार्य करती है।
👉 पंचायत समितियाँ ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण और मूल्यांकन की जिम्मेदारी निभाती हैं।
👉 31 दिसंबर 2018 तक राजस्थान में कुल 295 पंचायत समितियाँ कार्यरत थीं।
✍️ सही उत्तर है – 295
राजस्थान में पंचायत समितियों की कुल संख्या है (31 मई, 2019 को यथाविद्यमान)
[वरिष्ठ अध्यापक Spl Edu 03.07.2019]
👉 राजस्थान पंचायती राज प्रणाली में तीन स्तर हैं — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद्।
👉 मध्य स्तर पर कार्य करने वाली पंचायत समितियाँ ग्राम पंचायतों और जिला परिषद् के बीच समन्वयक संस्था का कार्य करती हैं।
👉 प्रत्येक पंचायत समिति अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए उत्तरदायी होती है।
👉 31 मई, 2019 तक राजस्थान में कुल 295 पंचायत समितियाँ कार्यरत थीं।
✍️ सही उत्तर है – 295
ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव में निर्णायक रुचि किस वर्ग में देखी जाती है ?
[वरिष्ठ अध्यापक (SST) 2010]
👉 ग्रामीण क्षेत्रों के चुनावों में विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखी जाती है, परंतु निर्णायक प्रभाव कुछ विशेष वर्गों का होता है।
👉 चुनावी व्यवहार में भूमि स्वामी या मालिक किसान वर्ग की भूमिका अत्यधिक प्रभावशाली मानी जाती है।
👉 यह वर्ग आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से ग्राम स्तर पर नेतृत्वकारी स्थिति में होता है।
👉 इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के चुनावों में निर्णायक रुचि मालिक किसान वर्ग में देखी जाती है।
✍️ सही उत्तर है – मालिक किसान वर्ग
'सहकारी सोसाइटियाँ' विषय है
[Head Master 11.10.2021]
👉 भारतीय संविधान के अंतर्गत विषयों का विभाजन अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची के माध्यम से किया गया है।
👉 इसमें राज्य सूची, संघ सूची और समवर्ती सूची — तीन प्रकार की सूचियाँ शामिल हैं।
👉 ‘सहकारी सोसाइटियाँ’ (Co-operative Societies) विषय राज्य सूची में रखा गया है, क्योंकि यह विषय स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण विकास से संबंधित है।
👉 राज्यों को इस विषय पर कानून बनाने और प्रशासन चलाने का अधिकार प्राप्त है।
✍️ सही उत्तर है – राज्य सूची का
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में ग्राम सभा की कितनी न्यूनतम बैठकें होना आवश्यक है ?
[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]
👉 ग्राम सभा ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया की मूल इकाई है, जिसमें ग्राम के सभी वयस्क मतदाता सदस्य होते हैं।
👉 ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, बजट अनुमोदन और सामाजिक अंकेक्षण से संबंधित निर्णय लिए जाते हैं।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के अनुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम दो बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जानी चाहिए।
👉 इन बैठकों के माध्यम से जनसहभागिता और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है।
✍️ सही उत्तर है – दो
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 से सम्बन्धित निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?
धारा (ग्राम सभा से सम्बन्धित) - विषय-वस्तु
[स्कूल व्याख्याता GK (C) 03.07.2025]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत पंचायती संस्थाओं की शक्तियाँ, कार्य और संरचना का वर्णन किया गया है।
👉 इस अधिनियम की धारा 8 ग्राम सभा से संबंधित प्रावधानों को निर्दिष्ट करती है।
👉 धारा 8 (ग) ग्राम सभा के संघटन, बैठक, गणपूर्ति और कार्यप्रणाली से संबंधित नहीं, बल्कि अन्य उपविषयों से जुड़ी है।
👉 अतः धारा 8-ग को "ग्राम सभा के कृत्य" से सुमेलित करना गलत है।
✍️ सही उत्तर है – 8-ग – ग्राम सभा के कृत्य
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 के गजट नोटिफिकेशन के उपरांत ग्राम सेवक को जाना जाता है
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में वर्ष 2021 में संशोधन किया गया ताकि ग्राम प्रशासन को अधिक विकासोन्मुख और उत्तरदायी बनाया जा सके।
👉 इस संशोधन के पश्चात राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021 का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया।
👉 इसके अंतर्गत ‘ग्राम सेवक’ के पदनाम को बदलकर ‘ग्राम विकास अधिकारी (V.D.O.)’ कर दिया गया।
👉 यह परिवर्तन ग्रामीण स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करने हेतु किया गया।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम विकास अधिकारी के रूप में
निम्नांकित में से भारत के संविधान का कौन सा प्रावधान पंचायती राज से संबंधित नहीं है ?
[वरिष्ठ अध्यापक 29.01.2023]
👉 भारतीय संविधान में पंचायती राज प्रणाली से संबंधित प्रावधान भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243 O) में शामिल हैं।
👉 इन अनुच्छेदों में ग्राम सभा, पंचायतों की संरचना, कार्यकाल, वित्तीय शक्तियाँ और निर्वाचन से संबंधित नियम निर्धारित किए गए हैं।
👉 जबकि अनुच्छेद 41 राज्य के नीति निदेशक तत्वों का भाग है, जो नागरिकों के लिए अधिकारों और रोजगार के अवसरों से संबंधित है, न कि पंचायती राज से।
👉 अतः अनुच्छेद 41 पंचायती राज से संबंधित नहीं है।
✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 41
राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था में शासन प्रणाली की व्यवस्था क्या है ?
[उपनिरीक्षक (SI) 15.09.2021]
👉 राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था में शासन प्रणाली को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के सिद्धांत पर आधारित किया गया है।
👉 इस व्यवस्था के अंतर्गत स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय संरचना स्थापित की गई है।
👉 यह संरचना क्रमशः — ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, खंड स्तर पर पंचायत समिति, तथा जिला स्तर पर जिला परिषद् के रूप में कार्य करती है।
👉 इन तीनों स्तरों के माध्यम से ग्राम से जिला तक जनसहभागिता और प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – ग्राम, खंड और जिला स्तर पर स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय संरचना
राजस्थान में सर्वप्रथम पंचायती राज व्यवस्था कहाँ लागू की गई थी ?
[EO RO (Shift I) 14.05.2023]
👉 राजस्थान भारत का पहला राज्य था जहाँ पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की गई।
👉 इस व्यवस्था की नींव बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों पर रखी गई थी।
👉 इसका उद्देश्य स्थानीय स्वशासन और ग्राम स्तर पर जनसहभागिता को सशक्त बनाना था।
👉 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले में पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
✍️ सही उत्तर है – नागौर
राजस्थान में प्रत्येक ग्राम-पंचायत में सामाजिक अंकेक्षण कितनी बार किया जाता है ?
[PTI & Librarian 03.05.2025]
👉 सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
👉 इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा किए गए विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाती है।
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामाजिक अंकेक्षण वर्ष में दो बार किया जाता है।
👉 इस प्रक्रिया में ग्राम सभा की भागीदारी से योजनाओं के सही मूल्यांकन और निगरानी को सुनिश्चित किया जाता है।
✍️ सही उत्तर है – एक वर्ष में दो बार
निम्न में से किस वर्ष राजस्थान पंचायती राज अधिनियम में संशोधन नहीं हुआ ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में हुए प्रमुख संशोधन वर्ष 1999-2000 (संशोधन अधिनियम, 2000): वार्ड सभा का गठन: ग्राम सभा के ढांचे को और अधिक विकेंद्रीकृत करते हुए प्रत्येक वार्ड स्तर पर 'वार्ड सभा' के गठन का प्रावधान किया गया। दो बच्चों का नियम (Two-Child Norm): जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम की धारा 19 में प्रावधान जोड़ा गया कि दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाएंगे। वर्ष 2004 (संशोधन अधिनियम, 2004): अधिनियम की धारा 89 में संशोधन करके प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति, जिला स्थापना समिति के कार्यों और पंचायती राज संस्थाओं में कर्मचारियों के स्थानांतरण से संबंधित नियमों में बदलाव किए गए। वर्ष 2008: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं (सभी स्तरों पर) में महिलाओं के लिए आरक्षण 33% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया। वर्ष 2015 (संशोधन अधिनियम, 2015): अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता: चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों (सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य) के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (जैसे 8वीं या 10वीं पास होना) अनिवार्य कर दी गई। स्वच्छता की शर्त: पंचायती राज चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के घर में कार्यशील शौचालय (Functional Toilet) होना और परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा खुले में शौच न करने की शर्त (धारा 19-d) अनिवार्य कर दी गई। वर्ष 2018 (संशोधन अधिनियम, 2018): दो बच्चों वाले नियम में संशोधन कर यह राहत दी गई कि यदि किसी उम्मीदवार की संतान विशेष योग्यजन (Disabled/Divyang) है, तो उसे अयोग्यता के नियमों के तहत कुछ विशेष छूट दी जाएगी। वर्ष 2019 (संशोधन अधिनियम, 2019): सरकार ने वर्ष 2015 में लागू किए गए नियमों को पलटते हुए, पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। इसके लिए अधिनियम की धारा 19 से सम्बंधित खंड (r), (s), (t) हटा दिए गए। वर्ष 2021 (संशोधन अधिनियम, 2021): अधिनियम की धारा 89 में संशोधन कर 'ग्राम सेवक' (Village Level Worker) का पदनाम बदलकर आधिकारिक रूप से 'ग्राम विकास अधिकारी' (Gram Vikas Adhikari - VDO) कर दिया गया।
पंचायती राज विभाग के अनुसार, राजस्थान के प्रत्येक जिले में औसतन कितनी ग्राम पंचायतें हैं ?
👉 राजस्थान पंचायती राज विभाग के अनुसार राज्य में पंचायत व्यवस्था को ग्राम, खंड और जिला तीन स्तरों पर संगठित किया गया है।
👉 राज्य में कुल 33 जिला परिषदें और 352 पंचायत समितियाँ कार्यरत हैं।
👉 प्रत्येक पंचायत समिति के अधीन अनेक ग्राम पंचायतें आती हैं, जो ग्राम स्तर पर विकास कार्यों का संचालन करती हैं।
👉 आँकड़ों के अनुसार प्रत्येक जिले में औसतन लगभग 342 ग्राम पंचायतें स्थापित हैं।
✍️ सही उत्तर है – 342
पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 14 के अनुसार 4 लाख की जनसंख्या वाली जिला परिषद में कितने सदस्य निर्वाचित होंगे ?
[वरिष्ठ अध्यापक 30.07.2023]
👉 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 14 में जिला परिषदों के निर्वाचित सदस्यों की संख्या से संबंधित प्रावधान किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार जिला परिषद के सदस्यों की संख्या जिले की जनसंख्या के अनुपात में निर्धारित की जाती है।
👉 जिन जिलों की जनसंख्या लगभग 4 लाख है, वहाँ से 17 सदस्य प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किए जाते हैं।
👉 ये सदस्य जिले के विभिन्न वार्डों से जनता द्वारा चुने जाते हैं और जिला परिषद में जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हैं।
✍️ सही उत्तर है – 17