1952 में भारत सरकार ने निम्नलिखित में से किसको माध्यमिक शिक्षा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था ? 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • डी. एस. कोठारी 

  • लक्ष्मण स्वामी मुदालियर

  • एस. राधाकृष्णन

  • पी. सी. महलनोबिस 

🔹 व्याख्या

👉 भारत सरकार ने 1952 में माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और उसकी दिशा तय करने के लिए एक आयोग का गठन किया।
👉 इस आयोग के अध्यक्ष के रूप में डॉ. लक्ष्मणस्वामी मुदालियर को नियुक्त किया गया।
👉 इस आयोग को सामान्यतः “मुदालियर आयोग” के नाम से जाना जाता है।
👉 आयोग ने माध्यमिक शिक्षा को जीवनोपयोगी, नैतिक एवं व्यावसायिक दृष्टि से उपयोगी बनाने की सिफारिशें दीं।
👉 इसकी अनुशंसाओं के आधार पर भारत में माध्यमिक शिक्षा प्रणाली में सुधारों की नींव रखी गई।

✍️ सही उत्तर है – लक्ष्मण स्वामी मुदालियर 

निम्नलिखित में से वो कौन सा विषय है जिस पर 31 दिसम्बर, 2023 को वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित वित्त आयोग अपनी सिफारिश नहीं करेगा ? 

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • वें सिद्धांत जो भारत की संचित निधि से राज्यों के राजस्व के सहायता अनुदान को नियंत्रित करते हैं। 

  • पंचायतों और नगरपालिकाओं के संसाधनों की पूर्ति के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपाय। 

  • संविधान के 'अध्याय I भाग XII के तहत संघ और राज्यों के बीच विभाजित किए जाने या किए जा सकने वाले करों के निवल आगमों का वितरण।  

  • जलवायु प्रबंधन पहल के वित्त-पोषण पर वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा। 

🔹 व्याख्या

👉 31 दिसंबर 2023 को वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 16वां वित्त आयोग जलवायु प्रबंधन पहल के वित्त-पोषण पर सिफारिश नहीं करेगा, क्योंकि यह इसके कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं है।
👉 वित्त आयोग का मुख्य कार्य संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित सिफारिशें देना है।
👉 आयोग की प्रमुख भूमिकाएँ —

  • कर वितरण: संघ और राज्यों के बीच करों के निवल आय-आगम का विभाजन।

  • सहायता अनुदान: राज्यों को वित्तीय सहायता अनुदान के सिद्धांतों पर सिफारिशें देना।

  • स्थानीय निकायों के संसाधन: पंचायतों और नगरपालिकाओं के वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने के उपाय सुझाना।
    👉 जलवायु प्रबंधन पहल के वित्त-पोषण की समीक्षा वित्त आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

✍️ सही उत्तर है – जलवायु प्रबंधन पहल के वित्त-पोषण पर वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा। 

राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष का आरोही कालानुक्रम के आधार पर सही विकल्प चिन्हित कीजिए। 

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • हीरालाल देवपुरा, डॉ. ज्योति किरण, माणिकचंद सुराणा 

  • डॉ. ज्योति किरण, बी.डी. कल्ला, प्रद्युम्न सिंह 

  • बी.डी. कल्ला, माणिकचंद सुराणा, हीरालाल देवपुरा 

  • हीरालाल देवपुरा, माणिकचंद सुराणा, बी.डी. कल्ला

🔹 व्याख्या

👉 राज्य वित्त आयोग (SFC) एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-I के अंतर्गत की गई है।
👉 इसका मुख्य कार्य राज्य सरकार और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं (पंचायती राज एवं शहरी निकायों) के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण पर सिफारिश करना है।
👉 राज्य वित्त आयोग का गठन प्रत्येक पाँच वर्ष में राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
👉 इसकी सिफारिशों से राज्य में राजकोषीय विकेंद्रीकरण और वित्तीय संसाधनों के कुशल उपयोग को प्रोत्साहन मिलता है।
👉 आयोग का उद्देश्य स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

✍️ सही उत्तर है – हीरालाल देवपुरा, माणिकचंद सुराणा, बी.डी. कल्ला

'तारकुण्डे समिति' संबंधित है : 

[Junior Legal Officer 2013]

  • आपात उपबंध से 

  • निर्वाचन प्रक्रिया से 

  • संघ लोक सेवा आयोग से 

  • राज्य लोक सेवा आयोग से 

🔹 व्याख्या

👉 जयप्रकाश नारायण ने चुनाव योजना में सुधार और उनके अध्ययन हेतु 1974 में एक समिति का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता वी. एम. तारकुंडे ने की।
👉 इस समिति को जेपी समिति या तारकुंडे समिति के नाम से जाना जाता है।
👉 समिति की प्रमुख सिफारिश थी कि मतदान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष की जानी चाहिए।
👉 इस सिफारिश को 1988 के 61वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा लागू किया गया।
👉 समिति ने अपना विवरण वर्ष 1975 में प्रस्तुत किया।
👉 वी. एम. तारकुंडे को भारत में “नागरिक स्वतंत्रता आंदोलन के जनक” के रूप में जाना जाता है।

✍️ सही उत्तर है – निर्वाचन प्रक्रिया से 

राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिये : 

(i) भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ट के अधीन जुलाई, 1994 में इसका गठन किया गया। 

(ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त के प्रधानत्व में यह एक-सदस्यीय आयोग है। 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • केवल (ii) सही है । 

  • न तो (i) न ही (ii) सही है । 

  • केवल (i) सही है । 

  • (i) व (ii) दोनों सही हैं ।  

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत जुलाई, 1994 में किया गया था।
👉 यह आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करता है।
👉 आयोग एक एक-सदस्यीय संस्था है, जिसके शीर्ष पर राज्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं।
👉 राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। 

✍️ सही उत्तर है – (i) व (ii) दोनों सही हैं 

पंचायतों के लिये गठित राजस्थान राज्य वित्त आयोग संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत उल्लिखित है ? 

[वरिष्ठ अध्यापक 26.04.2017]

  • अनुच्छेद 243 ख 

  • अनुच्छेद 243-ज 

  • अनुच्छेद 243 झ 

  • अनुच्छेद 243-ड 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (झ) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह आयोग पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करता है और उनके लिए राजस्व वितरण संबंधी अनुशंसाएँ प्रस्तुत करता है।
👉 आयोग राज्य में वित्तीय विकेंद्रीकरण और स्थानीय निकायों की आर्थिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करने हेतु कार्य करता है।
👉 राज्यपाल आयोग की रिपोर्ट को राज्य विधानसभा में प्रस्तुत करवाते हैं।
👉 इस प्रकार अनुच्छेद 243 (झ) राज्य वित्त आयोग की संवैधानिक व्यवस्था से संबंधित है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 (झ) 

राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त है 

[वरिष्ठ अध्यापक 2011]

  • मीनाक्षी हूजा 

  • टी. एन. शेषन 

  • एम. डी. कोटानी 

  • टी. श्रीनिवासन

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किया गया था।
👉 आयोग के शीर्ष पद पर मुख्य सूचना आयुक्त होता है, जो राज्य में सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करता है।
👉 टी. श्रीनिवासन ने राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
👉 उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसुलभ बनाने की दिशा में कार्य किया।
👉 आयोग का उद्देश्य नागरिकों को सूचना प्राप्ति का वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – टी. श्रीनिवासन 

निम्नलिखित में से राजस्थान के किस प्राधिकरण को एक ऐसे व्यक्ति से शिकायत प्राप्त करने और पूछताछ करने का अधिकार दिया गया है जो लोक सूचना अधिकारी से जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ रहा है ?

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • आरएसबीबी (RSBB) 

  • आरएसटीसी (RSTC)  

  • आरआईसी (RIC) 

  • आरपीएससी (RPSC) 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति लोक सूचना अधिकारी से जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ रहता है, तो वह उच्च प्राधिकरण के समक्ष शिकायत कर सकता है।
👉 राजस्थान में यह अधिकार राजस्थान राज्य सूचना आयोग (RIC) को प्रदान किया गया है।
👉 आरआईसी (RIC) ऐसे मामलों में शिकायत प्राप्त कर सकता है और आवश्यक होने पर पूछताछ या जाँच भी कर सकता है।
👉 आयोग के पास दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियाँ होती हैं, जिनका प्रयोग वह सुनवाई के दौरान कर सकता है।
👉 यह प्रक्रिया नागरिकों को सूचना के अधिकार की गारंटी और पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।

✍️ सही उत्तर है – आरआईसी (RIC) 

राजस्थान राज्य सूचना आयोग का ध्येय वाक्य है -

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • यथेमां वाचं 

  • वयं रक्षामः 

  • आवदानि जनेभ्यः 

  • तमसो मा ज्योतिर्गमय 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का ध्येय वाक्य है — “आवदानि जनेभ्यः”।
👉 यह एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका अर्थ है — “नागरिकों को सूचना देना” या “जानकारी जनता के लिए”।
👉 यह ध्येय वाक्य सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 की भावना को व्यक्त करता है।
👉 इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी विभागों और लोक प्राधिकरणों से सूचना प्राप्त करने के अधिकार की पुष्टि करना है।
👉 यह वाक्य राज्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

✍️ सही उत्तर है – “आवदानि जनेभ्यः”  

राजस्थान राज्य सूचना आयोग के गठन में निम्न की भूमिका नहीं होती है - 

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री 

  • मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत एक केबिनेट मंत्री 

  • विधानसभा में विपक्ष का नेता 

  • राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 के अंतर्गत किया जाता है।
👉 आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 इसके लिए एक चयन समिति बनती है, जिसमें मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में विपक्ष का नेता, और मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्री सदस्य होते हैं।
👉 इस प्रक्रिया में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की कोई भूमिका नहीं होती।
👉 अतः राज्य सूचना आयोग के गठन में राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री की भूमिका नहीं होती है।

✍️ सही उत्तर है – राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री 

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की निम्नलिखित में से किस धारा में 'लोक प्राधिकारियों के दायित्व' को उल्लेखित किया गया है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • 4 

  • 1 

  • 3 

  • 2 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4 में लोक प्राधिकरणों (Public Authorities) के दायित्वों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
👉 इस धारा के अंतर्गत प्रत्येक लोक प्राधिकरण को अपने कार्य, निर्णय प्रक्रिया, नियम, विनियम और अभिलेखों का संधारण व प्रकाशन करना आवश्यक है।
👉 इसका उद्देश्य शासन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
👉 धारा 4 यह भी निर्धारित करती है कि नागरिकों को सूचना माँगने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए संस्थाएँ स्वतः सूचना का प्रकटीकरण (Suo Moto Disclosure) करें।
👉 अतः ‘लोक प्राधिकरणों के दायित्व’ का उल्लेख धारा 4 में किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – धारा 4 

राज्य निर्वाचन आयोग है -  

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • दूवि सदस्यी  

  • बहु सदस्यी  

  • त्रिसदस्यी  

  • एक सदस्यी  

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण के लिए उत्तरदायी है।
👉 आयोग को बहुसदस्यीय न बनाकर एक सदस्यीय संस्था के रूप में स्थापित किया गया है।
👉 इसके शीर्ष पर राज्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, जो आयोग के एकमात्र सदस्य और प्रमुख हैं।
👉 यह व्यवस्था आयोग की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए की गई है।

✍️ सही उत्तर है – एक सदस्यीय 

राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार समिति में निम्नांकित में से कौन सदस्य नहीं होता है ?

[Sub Inspector Exam 06.04.2026]

  • राज्य विधानसभा का स्पीकर

  • राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति

  • राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

  • राज्य का मुख्यमंत्री

🔹 व्याख्या

👉 राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक विशेष समिति की सिफारिश पर की जाती है।

👉 इस चयन समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा अध्यक्ष, राज्य गृह मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।

👉 मुख्य न्यायमूर्ति इस समिति का सदस्य नहीं होता, हालांकि सदस्यों की नियुक्ति हेतु उनसे परामर्श लिया जा सकता है।

👉 विधान परिषद वाले राज्यों में परिषद के सभापति और वहां के विपक्ष के नेता भी इस समिति के सदस्य होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति

राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 की कौन सी धारा में आयोग के कार्य उल्लेखित हैं ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • धारा 10 में 

  • धारा 12 में 

  • धारा 13 में 

  • धारा 11 में 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 के अंतर्गत आयोग की शक्तियाँ और कर्तव्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं।
👉 इस अधिनियम की धारा 11 में आयोग के कार्य और दायित्वों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
👉 इस धारा के अनुसार आयोग महिलाओं से संबंधित शिकायतों की जाँच, सिफारिशें प्रस्तुत करने तथा समान अवसरों की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है।
👉 आयोग महिला उत्पीड़न, भेदभाव और अन्याय के मामलों में सरकार को रिपोर्ट और सुझाव देता है।
👉 अतः राजस्थान राज्य महिला आयोग के कार्यों का उल्लेख अधिनियम की धारा 11 में किया गया है।

✍️ सही उत्तर है – धारा 11 में 

राज्य वित्त आयोग, राजस्थान के अध्यक्ष एवम् उनके आवंटित कार्यकाल के संबंध में निम्नांकित में से कौन सा सुमेलित नहीं है ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

(अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग) (आवंटित कालावधि)

  • ज्योति किरण  2010-2011 से 2014-2015 

  • हीरालाल देवपुरा  2000-2001 से 2004-2005 

  • प्रद्युम्न सिंह  2020-2021 से 2024-2025 

  • माणिक चंद सुराणा  2005-2006 से 2009-2010

🔹 व्याख्या

👉 ज्योति किरण शुक्ला एक प्रसिद्ध सार्वजनिक हस्ती, अर्थशास्त्री और शिक्षाविद् हैं।
👉 वे राजस्थान के पाँचवें राज्य वित्त आयोग (1 अप्रैल 2015 – 31 मार्च 2020) की अध्यक्ष रही हैं।
👉 इस पद पर नियुक्त होने वाली वे राजस्थान की पहली महिला अध्यक्ष थीं।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग ने स्थानीय निकायों की वित्तीय सुदृढ़ता और संसाधन वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण सिफारिशें दीं। 

✍️ सही उत्तर है – ज्योति किरण  2010-2011 से 2014-2015 

राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (RSCRPC) के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं ?

(क) यह एक सांविधिक निकाय है।

(ख) यह 'बाल मित्र राजस्थान' की परिकल्पना के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

(ग) इसका प्रशासनिक विभाग महिला अधिकारिता विभाग है।

(घ) इसका गठन 23 फरवरी, 2010 को बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 17 के अन्तर्गत किया गया।

[Sub Inspector Exam 06.04.2026]

कूट :

  • केवल (क), (ख) एवं (घ) सही हैं।

  • केवल (ख), (ग) एवं (घ) सही हैं।

  • केवल (क), (ग) एवं (घ) सही हैं।

  • केवल (क), (ख) एवं (ग) सही हैं।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एक सांविधिक निकाय है, जिसे संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया है।

👉 यह आयोग राज्य में 'बाल मित्र राजस्थान' की संकल्पना को साकार करने और बच्चों के अधिकारों हेतु प्रतिबद्ध है।

👉 इसका प्रशासनिक नियंत्रण महिला एवं बाल विकास विभाग के पास है, न कि केवल महिला अधिकारिता विभाग के पास।

👉 आयोग का गठन 23 फरवरी, 2010 को बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 17 के तहत हुआ।

✍️ सही उत्तर है – केवल (क), (ख) एवं (घ) सही हैं।

राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयोग का गठन कब हुआ था ? 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • 1992 

  • 1996 

  • 1993 

  • 1994 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया था।
👉 इसका उद्देश्य राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करना है।
👉 आयोग की स्थापना वर्ष 1994 में की गई थी।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया।
👉 आयोग एक संवैधानिक एवं स्वायत्त निकाय है, जो राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – 1994 

निम्नांकित में से कौन राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नहीं रही हैं ? 

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • लाड कुमारी जैन

  • पवन सुराणा 

  • सुमन शर्मा 

  • नगेंद्र बाला 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग की स्थापना 15 मई, 1999 को महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तीकरण हेतु की गई थी।
👉 अब तक इस आयोग की अध्यक्ष के रूप में गिरिजा व्यास, सुमन शर्मा, रेहाना रियाज, लीलावती भारती आदि कार्य कर चुकी हैं।
👉 आयोग की अध्यक्ष का चयन राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
👉 नगेंद्र बाला का नाम राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्षों की सूची में शामिल नहीं है।
👉 अतः वे राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नहीं रही हैं।

✍️ सही उत्तर है – नगेंद्र बाला 

भारत के संविधान के अनुच्छेद 243K के तहत, राज्य चुनाव आयोग (SEC), राजस्थान का गठन किस वर्ष किया गया था ? 

[EO RO (Shift II) 14.05.2023]

  • 1947 

  • 1994 

  • 1960 

  • 1935 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission – SEC) का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 इस अनुच्छेद में राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण का प्रावधान है।
👉 राजस्थान में इस आयोग का गठन वर्ष 1994 में किया गया था।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया।
👉 यह आयोग राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।

✍️ सही उत्तर है – 1994 

राज्य चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर-दिसम्बर 2020 में राजस्थान के कितने जिलों में पंचायती राज संस्थाओं के 11वें आम चुनावों को आयोजित किया गया था ?

सहायक आचार्य [ 07.01.2024] 

  • 19 जिले 

  • 21 जिले 

  • 18 जिले 

  • 20 जिले 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के संचालन, निर्देशन और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी है।
👉 आयोग ने अक्टूबर से दिसम्बर 2020 के मध्य राज्य के 21 जिलों में पंचायती राज संस्थाओं के 11वें आम चुनाव आयोजित किए।
👉 इन चुनावों में पंचायत समितियों और जिला परिषदों के सदस्यों के निर्वाचन संपन्न कराए गए।
👉 यह चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में कराई गई।
👉 आयोग ने चुनावों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रयोग किया।

✍️ सही उत्तर है – 21 जिले 

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना (मार्च, 2021) के अनुसार, राजस्थान में निम्नांकित में से कौनसा से राजनीतिक दल को राज्यीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त है / हैं? 

(i) राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 

(ii) भारतीय ट्राइबल पार्टी 

(iii) राष्ट्रीय लोक दल 

सही विकल्प का चयन कीजिए 

[Head Master 11.10.2021]

  • केवल (i) और (iii) 

  • केवल (i) और (ii) 

  • (i), (ii) और (iii) 

  • केवल (i) 

🔹 व्याख्या

👉 भारत निर्वाचन आयोग समय-समय पर राज्यों में राजनीतिक दलों की मान्यता से संबंधित अधिसूचनाएँ जारी करता है।
👉 मार्च, 2021 की नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, राजस्थान में केवल “राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP)” को राज्यीय दल (State Party) के रूप में मान्यता प्राप्त है।
👉 भारतीय ट्राइबल पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल को राजस्थान में राज्यीय दल का दर्जा प्राप्त नहीं है।
👉 राज्यीय दल का दर्जा चुनाव आयोग द्वारा मत प्रतिशत और सीटों के आधार पर प्रदान किया जाता है।
👉 अतः सही विकल्प है — केवल (i) राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी।

✍️ सही उत्तर है – केवल (i) 

निम्न में से किन चुनावों का निर्देशन, नियंत्रण और अधीक्षण राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है ?  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • लोकसभा, राज्यसभा 

  • पंचायती राज, नगरीय निकाय 

  • राज्य विधानमंडल, पंचायती राज 

  • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 आयोग को राज्य में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और अधीक्षण करने का अधिकार प्राप्त है।
👉 इसमें दो प्रमुख प्रकार के चुनाव सम्मिलित हैं —

  1. पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव, और

  2. नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) के चुनाव।
    👉 आयोग का उद्देश्य इन चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना है।

✍️ सही उत्तर है – पंचायती राज, नगरीय निकाय 

राजस्थान की प्रथम निर्वाचित लोकतांत्रिक सरकार का गठन हुआ-  

वरिष्ठ अध्यापक 2010 पेपर -I GK (उर्दू)

  • 3 मार्च, 1952 को 

  • 2 फरवरी, 1952 को 

  • 26 जनवरी, 1952 को 

  • 15 मार्च, 1952 को 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में प्रथम निर्वाचित लोकतांत्रिक सरकार का गठन भारत में सामान्य चुनावों के पश्चात हुआ।
👉 यह सरकार 3 मार्च, 1952 को अस्तित्व में आई।
👉 इस सरकार के मुख्यमंत्री श्री हीरालाल शास्त्री बने, जिन्होंने राज्य के प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली।
👉 यह राजस्थान के लोकतांत्रिक शासन की शुरुआत का प्रतीक बनी।
👉 इस सरकार ने राज्य में जनप्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव रखी।

✍️ सही उत्तर है – 3 मार्च, 1952 

निम्नलिखित कथनों को ध्यान से पढ़ें : 

कथन 1 : राजस्थान सूचना आयोग (प्रबंधन) विनियम, 2007 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 (4) के तहत बनाया गया था । 

कथन 2 : राजस्थान सूचना आयोग लोक सूचना अधिकारी पर प्रतिदिन 250 रुपये और अधिकतम 50,000 रुपये की शास्ति अधिरोपित कर सकता है । 

निम्नलिखित में से सही विकल्प का चयन करें :

[Protection Officer 28.01.2023]

  • कथन 1 और 2 असत्य हैं । 

  • केवल कथन 1 सत्य है

  • केवल कथन 2 सत्य है ।

  • कथन 1 और 2 सत्य हैं

 

🔹 व्याख्या

👉 कथन 1 सत्य है, क्योंकि राजस्थान सूचना आयोग (प्रबंधन) विनियम, 2007 को वास्तव में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(4) के तहत बनाया गया था।
👉 इस धारा के अंतर्गत राज्य सरकार को आयोग के कार्य संचालन, संगठन और प्रशासनिक प्रावधानों के लिए विनियम बनाने का अधिकार दिया गया है।
👉 कथन 2 असत्य है, क्योंकि अधिनियम के अनुसार आयोग लोक सूचना अधिकारी पर ₹250 प्रतिदिन की दर से अधिकतम ₹25,000 तक का ही जुर्माना अधिरोपित कर सकता है, न कि ₹50,000 तक।
👉 अतः केवल कथन 1 सत्य है।

✍️ सही उत्तर है – केवल कथन 1 सत्य है 

नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सूची-I को सूची -II के साथ सुमेलित कीजिए 

सूची-I (राजस्थान राज्य वित्त आयोग)

सूची -II (अध्यक्ष)

(a) दूसरा वित्त आयोग

(i) ज्योति किरण

(b) तीसरा वित्त आयोग

(ii) ब.डी. कल्ला

(c) चौथा वित्त आयोग

(iii) हीरालाल देवपुरा

(d) पांचवां वित्त आयोग

(iv) माणिक चंद सुराणा

कूट:-

  • (a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii) 

  • (a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i) 

  • (a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i) 

  • (a)-(iv), (b)-(i), (c)-(iii), (d)-(ii) 

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है ?  

[EO RO (Re Exam) 23 मार्च 2025]

  • यह मतदाता सूची तैयार करता है और पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ नगर निकायों के लिए भी चुनाव कराता है। 

  • राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन जुलाई 1995 में किया गया था। 

  • राज्य चुनाव आयुक्त को राजस्थान सरकार या भारत सरकार के शासन सचिव या समान वेतन श्रृंखला के समकक्ष पद का न्यूनतम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। 

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 - K के तहत एकल सदस्यीय निकाय के रूप में राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है ।

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है।
👉 यह आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का संचालन, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
👉 आयोग की स्थापना जुलाई, 1994 में की गई थी, न कि जुलाई, 1995 में।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया। 

✍️ सही उत्तर है – राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन जुलाई 1995 में किया गया था (गलत कथन) 

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन हुआ : 

सहायक आचार्य [30.05.2019]

  • जून, 1993 को 

  • सितम्बर, 1996 को

  • जुलाई, 1994 को

  • अगस्त, 1995 को

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया था।
👉 आयोग की स्थापना का उद्देश्य राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करना है।
👉 यह आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है।
👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई, 1994 को किया गया था।
👉 इसके प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अमर सिंह राठौड़ थे, जिन्होंने 1 जुलाई, 1994 को पदभार ग्रहण किया।

✍️ सही उत्तर है – जुलाई, 1994 को 

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के संबंध में कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 

A. राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 ट के अधीन अप्रैल, 1994 में हुआ। 

B. राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग एकल सदस्यीय आयोग है, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा की जाती है। 

C. राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का एक सचिव है, जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है। 

सहायक आचार्य [22.09.2021]

  • A, B व C 

  • B व C 

  • A व B 

  • केवल A 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया है, न कि अनुच्छेद 243 (ट) के तहत।
👉 आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण करता है।
👉 यह एक एकल सदस्यीय आयोग है, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा की जाती है — अतः कथन B सही है।
👉 आयोग का एक सचिव भी होता है, जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी होता है — अतः कथन C भी सही है।
👉 जबकि कथन A गलत है, क्योंकि आयोग का गठन जुलाई 1994 में हुआ था।

✍️ सही उत्तर है – B व C 

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के संदर्भ में कौनसा कथन असत्य है ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई 1994 में किया गया। 

  • राज्य निर्वाचन आयोग एक सदस्यीय आयोग है, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा की जाती है । 

  • राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के लिए ग्यारहवें आम चुनाव सितम्बर अक्टूबर 2020 में 25 जिलों के लिए संपादित किये गये।

  • राज्य निर्वाचन आयोग पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए उत्तरदायी है। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण है।
👉 यह राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) के चुनावों के आयोजन के लिए उत्तरदायी है।
👉 इसका गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243K के प्रावधानों के अनुसार किया गया है।
👉 यह आयोग स्थानीय निकायों के चुनावों की पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की संपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है।
👉 आयोग का उद्देश्य राज्य में नि:पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के लिए ग्यारहवें आम चुनाव सितम्बर अक्टूबर 2020 में 25 जिलों के लिए संपादित किये गये।

राज्य के महाधिवक्ता का पारिश्रमिक कौन निर्धारित करता है ? 

सहायक आचार्य (POLITY) 11.09.2024

  • राज्य विधान मण्डल 

  • उच्च न्यायालय 

  • राज्य के मंत्रिपरिषद 

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 महाधिवक्ता राज्य सरकार का मुख्य विधिक सलाहकार होता है।
👉 उसके पारिश्रमिक (Remuneration) का निर्धारण भी राज्यपाल द्वारा किया जाता है।
👉 यह पारिश्रमिक राज्य की सांविधिक निधि से देय होता है।
👉 इस पद से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 में वर्णित हैं।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल 

आरटीआई 2005 में उल्लिखित मामलों पर निम्नलिखित में से कौन सा अपीलीय प्राधिकरण है ?

[EO RO (Shift I) 14.05.2023]

  • आरपीएससी (RPSC) 

  • आरआईसी (RIC) 

  • आरएसबीबी (RSBB) 

  • आरएसटीसी (RSTC)

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) में नागरिकों को सरकारी सूचनाएँ प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।
👉 यदि कोई आवेदक लोक सूचना अधिकारी (PIO) से संतोषजनक उत्तर नहीं पाता, तो वह पहले प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के पास अपील करता है।
👉 प्रथम अपील के निर्णय से असंतुष्ट होने पर नागरिक द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग (RIC) के पास कर सकता है।
👉 अतः राजस्थान राज्य सूचना आयोग (RIC) अधिनियम में उल्लिखित मामलों पर अंतिम अपीलीय प्राधिकरण है।
👉 आयोग के निर्णय लोक सूचना अधिकारियों पर बाध्यकारी होते हैं।

✍️ सही उत्तर है – आरआईसी (RIC) 

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(4) के अंतर्गत बनाए गए राजस्थान सूचना आयोग (प्रबंधन) विनियम, 2007 किस तिथि को लागू हुए ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • 2 अक्टूबर, 2007 

  • 14 नवंबर, 2007 

  • 24 जुलाई, 2007 

  • 12 मई, 2007 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सूचना आयोग (प्रबंधन) विनियम, 2007 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(4) के अंतर्गत बनाया गया था।
👉 इन विनियमों का उद्देश्य राजस्थान राज्य सूचना आयोग के प्रशासनिक कार्यों, प्रक्रिया और संचालन को विनियमित करना है।
👉 राज्य सरकार ने इन विनियमों को 24 जुलाई, 2007 से प्रभावी किया।
👉 इन प्रावधानों के माध्यम से आयोग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी, संगठित और जवाबदेह बनाया गया।
👉 यह विनियम अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिक सुविधा के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम था।

✍️ सही उत्तर है – 24 जुलाई, 2007 

राज्य निर्वाचन आयोग संविधान के किस अनुच्छेद में वर्णित है ?

[Asst. Jailor 15.03.2016]

  • 243(a)  

  • 243 L

  • 243

  • 243K  

🔹 व्याख्या

👉 राज्य निर्वाचन आयोग से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (के) में किया गया है।
👉 यह अनुच्छेद राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों के संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण से संबंधित है।
👉 आयोग का प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
👉 आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।
👉 इस अनुच्छेद के माध्यम से राज्यों में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की भावना को सशक्त बनाया गया है।

✍️ सही उत्तर है – अनुच्छेद 243 (के) 

राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हैं 

[ACF परीक्षा 2011]

  • पवन सुराणा 

  • ममता शर्मा 

  • तारा भण्डारी 

  • लाड कुमारी जैन 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन 15 मई, 1999 को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, समानता और सशक्तीकरण हेतु किया गया था।
👉 आयोग की अध्यक्ष का चयन राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।
👉 वर्तमान में राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती लाड कुमारी जैन हैं।
👉 उनके नेतृत्व में आयोग महिला उत्पीड़न की शिकायतों की सुनवाई, जाँच और महिला अधिकारों के संरक्षण हेतु सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
👉 आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं के प्रति समानता, न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – लाड कुमारी जैन

'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' की किस धारा के अन्तर्गत राजस्थान के लोक अधिकारी पर राजस्थान राज्य सूचना आयोग का आदेश बाध्यकारी होगा ?

सहायक आचार्य [22.09.2021] 

  • 19(4) 

  • 19(6)

  • 19(5)

  • 19(7) 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत राज्य सूचना आयोग को अपील और शिकायतों की सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
👉 अधिनियम की धारा 19(7) में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सूचना आयोग का आदेश संबंधित लोक सूचना अधिकारी पर बाध्यकारी होगा।
👉 इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयोग द्वारा दिए गए निर्णयों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
👉 इससे अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनती है।
👉 इस प्रकार आयोग के निर्देशों की वैधानिक मान्यता और लागू करने की बाध्यता धारा 19(7) से सुनिश्चित होती है।

✍️ सही उत्तर है – धारा 19(7) 

राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 की धारा 12 (3) के तहत राजस्थान राज्य महिला आयोग की सिफारिशों पर राज्य सरकार को कितने समय के भीतर निर्णय करना होता है ?

[Sub Inspector Exam 06.04.2026]

  • 3 माह

  • 5 माह

  • 4 माह

  • 6 माह

🔹 व्याख्या

👉 राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 की धारा 12(3) के तहत सरकार को सिफारिशों पर शीघ्र कार्रवाई करनी होती है।

👉 आयोग द्वारा भेजी गई सिफारिशों पर राज्य सरकार को अधिकतम 3 माह की अवधि के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य है।

👉 यदि सरकार किसी सिफारिश को स्वीकार नहीं करती है, तो उसे इसका तर्कसंगत कारण भी स्पष्ट करना पड़ता है।

👉 यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकारी तंत्र में जवाबदेही बनी रहे।

✍️ सही उत्तर है – 3 माह

राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी द्वारा नियत-अधिकारी पर कितना जुर्माना लगाया जा सकता है, यदि नियत-अधिकारी बगैर पर्याप्त और तर्कसंगत कारण के वांछित सेवा प्रदान करने में असफल रहा हो ? 

S.I. Telecom (Paper-II) 09.11.2025

  • न्यूनतम ₹500 से लेकर अधिकतम ₹2,500 तक

  • न्यूनतम ₹5,000 से लेकर अधिकतम ₹10,000 तक

  • न्यूनतम ₹500 से लेकर अधिकतम ₹5,000 तक

  • न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹5,000 तक

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोक सेवाओं की गारंटी अधिनियम 2011 में नागरिकों को सेवाएँ समयबद्ध रूप से प्रदान करना अनिवार्य किया गया है।
👉 यदि कोई नियत-अधिकारी बिना पर्याप्त एवं तर्कसंगत कारण के सेवा देने में असफल रहता है, तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
👉 द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी ऐसे मामलों में नियत-अधिकारी पर ₹500 से ₹5,000 तक का जुर्माना लगा सकता है।
👉 यह दंड ₹250 प्रतिदिन की दर से भी लगाया जा सकता है, पर इसकी अधिकतम सीमा ₹5,000 ही होगी।
👉 यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि अधिकारियों पर सेवा प्रदान करने की उत्तरदायित्व भावना बनी रहे।

✍️ सही उत्तर है – न्यूनतम ₹500 से लेकर अधिकतम ₹5,000 तक 

राजस्थान की निम्नलिखित संस्थाओं पर विचार कीजिए :

I. राजस्थान लोकसेवा आयोग
II.
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान
III.
राज्य मानवाधिकार आयोग, राजस्थान
IV.
राज्य वित्त आयोग, राजस्थान
V.
लोकायुक्त

उपर्युक्त संस्थाओं में से संवैधानिक संस्थाएँ छाँटिए और सही उत्तर का चयन कीजिए।

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • I, II तथा III

  • I, II तथा IV

  • I, II तथा V

  • II, III तथा IV

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान लोकसेवा आयोग एक संवैधानिक संस्था है।
👉
राज्य निर्वाचन आयोग भी संवैधानिक संस्था है।
👉
राज्य वित्त आयोग भी संविधान में उल्लिखित है।
👉
जबकि मानवाधिकार आयोग, लोकायुक्त संवैधानिक नहीं हैं।

✍️ सही उत्तर है – I, II तथा IV

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन, व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से सरोकार रखने वाली सूचना उपलब्ध करवाने की समय-सीमा क्या है ?

[Asst. Prof. (Paper -III) 07.12.2025]

  • 48 घंटे

  • 12 घंटे

  • 36 घंटे

  • 24 घंटे

🔹 व्याख्या

👉 RTI अधिनियम 2005 के विशेष प्रावधान लागू होते हैं।
👉
जीवन/स्वतंत्रता से संबंधित सूचना त्वरित दी जाती है।
👉
इसकी समय-सीमा 48 घंटे निर्धारित है।

✍️ सही उत्तर है – 48 घंटे

अप्रैल, 2023 में राज्य सरकार द्वारा राजस्थान राज्य सूचना आयोग की एक पीठ की स्थापना किस शहर में किया जाना स्वीकृत किया गया है ? 

[RAS Pre. 01.10.2023]

  • जोधपुर में 

  • अजमेर में 

  • कोटा में 

  • उदयपुर में 

🔹 व्याख्या
👉 अप्रैल, 2023 में राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य सूचना आयोग की एक पीठ जोधपुर में स्थापित करने को स्वीकृति दी।
👉 इस कदम का उद्देश्य सूचना लाभ को राज्य के दूरदराज इलाकों तक पहुँचाना है।
👉 जोधपुर में यह पीठ होने से जनसाधारण को अधिक सुगम पहुँच मिलेगी।
👉 इससे आयोग की कार्यक्षमता और सूचना तक पहुंच की व्यापकता बढ़ेगी।

✍️ सही उत्तर है – जोधपुर में 

'राज्य वित्त आयोग' के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 

कथन (i) : भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 झ के अंतर्गत, नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु राज्यपाल द्वारा एक वित्त आयोग का गठन किया जाता है ।

कथन (ii) : वित्त आयोग राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें करता है और राज्य सरकार इन सिफारिशों को संसद के समक्ष प्रस्तुत करती है ।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ? 

[Sr. Teacher (SST) 07.09.2025]

  • न तो (i) और न ही (ii) 

  • केवल (i) 

  • केवल (ii) 

  • (i) और (ii) दोनों 

🔹 व्याख्या

👉 अनुच्छेद 243 I (243-झ नहीं) के तहत राज्यपाल पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु राज्य वित्त आयोग का गठन करते हैं, इसलिए कथन (i) गलत है।
👉 राज्य वित्त आयोग अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को भेजता है, जिन्हें राज्य सरकार राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करती है — संसद के समक्ष नहीं; इसलिए कथन (ii) भी गलत है। 

✍️ सही उत्तर है – न तो (i) और न ही (ii) 

निम्नलिखित में से कौन राज्य के वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर राजस्थान में नगरपालिकाओं के संसाधनों की अनुपूर्ति के लिए राज्य की संचित निधि के संवर्धन के लिए आवश्यक अध्युपायों के बारे में राष्ट्रपति को सिफारिशें करता है ?  

[Deputy Jailor Exam 13.07.2025]

  • राज्य सरकार 

  • नीति आयोग 

  • भारत का वित्त आयोग

  • राज्यपाल 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य वित्त आयोग राज्य में पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करता है।
👉 इसके पश्चात् भारत का वित्त आयोग इन राज्य वित्त आयोगों की सिफारिशों का अध्ययन करता है।
👉 भारत का वित्त आयोग राज्य की संचित निधि के संवर्धन तथा नगरपालिकाओं के संसाधनों की पूर्ति के लिए राष्ट्रपति को सिफारिशें प्रस्तुत करता है।
👉 इस प्रक्रिया का उद्देश्य राज्यों में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की वित्तीय सुदृढ़ता सुनिश्चित करना है। 

✍️ सही उत्तर है – भारत का वित्त आयोग 

राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर की जाती है। निम्नलिखित में से कौन इस समिति का सदस्य नहीं होता है ?  

[RAS Pre परीक्षा 02.02.2025]

  • राज्य विधान सभा में विपक्ष की नेता 

  • उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश

  • मुख्यमंत्री द्वारा मनोनीत केबिनेट मंत्री 

  • मुख्यमंत्री 

🔹 व्याख्या

👉 राज्य सूचना आयुक्तों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर की जाती है।
👉 इस समिति में —

  1. मुख्यमंत्री (अध्यक्ष),

  2. विधानसभा में विपक्ष का नेता, तथा

  3. मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्री — सदस्य होते हैं।
    👉 इन तीनों के अतिरिक्त उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश इस समिति का सदस्य नहीं होता है।
    👉 समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्यपाल नियुक्ति का अंतिम निर्णय करते हैं।

✍️ सही उत्तर है – उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश 

राजस्थान राज्य महिला आयोग के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए -

(I) इसे दीवानी न्यायालय-सम माना जाता है। 

(II) महिलाओं को प्रभावित करने वाले सभी नीति विषयक मामलों में यह राजस्थान सरकार को सलाह देता है। 

[PTI & Librarian 03.05.2025]

  • केवल (I) सही है। 

  • (I) व (II) दोनों सही हैं। 

  • न तो (I) ना ही (II) सही है। 

  • केवल (II) सही है। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग की स्थापना 15 मई, 1999 को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तीकरण के उद्देश्य से की गई थी।
👉 कथन (I) सही है — आयोग को दीवानी न्यायालय के समान अधिकार प्राप्त हैं, जिनका प्रयोग वह शिकायतों की जाँच के दौरान कर सकता है।
👉 कथन (II) भी सही है — आयोग महिलाओं को प्रभावित करने वाले नीतिगत विषयों पर राज्य सरकार को सलाह प्रदान करता है।
👉 आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के साथ भेदभाव, उत्पीड़न और अन्याय की रोकथाम करना है। 

✍️ सही उत्तर है – (I) व (II) दोनों सही हैं 

राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त हैं -

[PTI GRADE -II & III (RPSC) 2013]

  • श्री विजय शर्मा 

  • श्री पी. एल. अग्रवाल 

  • श्री टी. श्रीनिवासन 

  • श्री एम. डी. कोरानी 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य सूचना आयोग की स्थापना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत की गई थी।
👉 आयोग का प्रमुख पद मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner) का होता है।
👉 श्री टी. श्रीनिवासन ने राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
👉 उनके कार्यकाल में आयोग ने सूचना के अधिकार के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ किया।
👉 इस पद का दायित्व राज्य में जनसूचना की सुगमता और सुशासन सुनिश्चित करना है।

✍️ सही उत्तर है – श्री टी. श्रीनिवासन 

निम्नांकित में से कौन सी 'जन सुनवाई' राजस्थान में लोगों के सूचना के अधिकार आन्दोलन के लिए पहली 'जन सुनवाई' थी ? 

[मूल्यांकन अधिकारी 23.08.2020]

  • भीम 

  • ब्यावर 

  • कोट - किराना 

  • विजयपुरा 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान में सूचना के अधिकार आंदोलन की शुरुआत पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के साथ हुई थी।
👉 इस आंदोलन की पहली ‘जन सुनवाई’ का आयोजन कोट–किराना (राजस्थान) में किया गया था।
👉 इस जन सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने सरकारी रिकॉर्ड और खर्चों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से मांगी।
👉 यह आयोजन सूचना के अधिकार के लिए चलाए गए जन आंदोलन की नींव बना।
👉 इसी जन सुनवाई से आगे चलकर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 जैसे ऐतिहासिक कानून का मार्ग प्रशस्त हुआ।

✍️ सही उत्तर है – कोट–किराना 

राजस्थान राज्य महिला आयोग के / की विभिन्न अध्यक्षों को उनके काल - क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए - 

(I) प्रोफेसर पवन सुराणा 

(II) श्रीमती सुमन शर्मा 

(III) श्रीमती तारा भंडारी 

(IV) प्रोफेसर लाड कुमारी जैन 

कूट -  

[Assistant Director 09.07.2025]

  • (I), (IV), (II), (III) 

  • (I), (IV), (III), (II) 

  • (I), (III), (IV), (II) 

  • (I), (II), (III), (IV) 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग की स्थापना 15 मई, 1999 को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तीकरण हेतु की गई थी।
👉 आयोग की विभिन्न अध्यक्षों का कालानुक्रम इस प्रकार रहा —

  1. प्रोफेसर पवन सुराणा – प्रथम अध्यक्ष।

  2. श्रीमती तारा भंडारी – द्वितीय अध्यक्ष।

  3. प्रोफेसर लाड कुमारी जैन – तृतीय अध्यक्ष।

  4. श्रीमती सुमन शर्मा – चतुर्थ अध्यक्ष।

✍️ सही उत्तर है – (I), (III), (IV), (II) 

राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान से संबंधित निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए 

(i) राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का गठन दिसम्बर, 1994 में हुआ । 

(ii) इसका एक सचिव होता है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है । 

[RAS Pre. 27.10.2021]

कूट : 

  • (i) और (ii) दोनों सही हैं 

  • केवल (ii) सही है 

  • न तो (i) और न ही (ii) सही है

  • केवल (i) सही है 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई, 1994 में किया गया था, न कि दिसम्बर, 1994 में।
👉 इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (के) के अंतर्गत किया गया था।
👉 आयोग के शीर्ष पर राज्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं और इसके अधीन एक सचिव कार्य करता है।
👉 यह सचिव राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है, जो चुनावी कार्यों के संचालन में सहायता प्रदान करता है।

✍️ सही उत्तर है – केवल (ii) सही है 

राज्य वित्त आयोग पंचायतों की वित्तीय स्थिति के बारे में अनुशंसा करता है:  

[वरिष्ठ अध्यापक (Spl Edu) 07.02.2018]

  • राज्यपाल को

  • राज्य के वित्त मंत्री को  

  • राज्य के वित्त सचिव को 

  • मुख्यमंत्री को  

🔹 व्याख्या

👉 राज्य वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 243 (I) के अंतर्गत किया गया है।
👉 आयोग का कार्य पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करना है।
👉 यह आयोग अपनी अनुशंसाएँ राज्यपाल को प्रस्तुत करता है।
👉 राज्यपाल इन अनुशंसाओं को विधानसभा के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करते हैं।
👉 आयोग की अनुशंसाओं का उद्देश्य स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है।

✍️ सही उत्तर है – राज्यपाल को 

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की गाईड के अनुसार, निम्नलिखित में से कौनसा मूल उद्देश्य अधिनियम का नहीं है ?  

[सहायक आचार्य परीक्षा 08.09.2024]

  • नागरिकों को सशक्त करना 

  • सरकार की कार्यवाही में पारदर्शिता और जवाबदेहिता की अभिवृद्धि 

  • भ्रष्टाचार को नियंत्रित करना 

  • लोकतंत्र और विविधता की अभिवृद्धि 

🔹 व्याख्या

👉 सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सुशासन को स्थापित करना है।
👉 यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी कार्यों, नीतियों और निर्णयों से संबंधित सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है।
👉 अधिनियम का उद्देश्य भ्रष्टाचार को कम करना और शासन प्रणाली को खुले व जिम्मेदार स्वरूप में बदलना है।
👉 परंतु “लोकतंत्र और विविधता की अभिवृद्धि” इस अधिनियम का मूल उद्देश्य नहीं है।
👉 अतः यह विकल्प सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के उद्देश्यों में सम्मिलित नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – लोकतंत्र और विविधता की अभिवृद्धि 

राजस्थान महिला आयोग का कार्य निम्न में से नहीं है: 

सहायक आचार्य [24.04.2016]

  • महिला उत्पीड़न के दोषियों को दंडित  करना। 

  • महिला सशक्तीकरण हेतु प्रयास । 

  • महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें सुनना। 

  • महिलाओं के संवैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन पर निगरानी रखना। 

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन 15 मई, 1999 को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तीकरण के उद्देश्य से किया गया था।
👉 आयोग का कार्य महिला उत्पीड़न की शिकायतों की जाँच करना, सरकार को सिफारिशें देना तथा समान अवसर सुनिश्चित करना है।
👉 आयोग दोषियों को दंडित नहीं करता, बल्कि केवल जाँच कर रिपोर्ट या अनुशंसा राज्य सरकार को प्रस्तुत करता है।
👉 दंड देने का अधिकार न्यायालयों और विधिक प्राधिकरणों को प्राप्त है।
👉 अतः “महिला उत्पीड़न के दोषियों को दंडित करना” आयोग का कार्य नहीं है।

✍️ सही उत्तर है – महिला उत्पीड़न के दोषियों को दंडित करना 

राजस्थान सूचना आयोग का गठन कब हुआ था ?

[RAS Pre. 28.08.2016]

  • 18 अप्रैल, 2007 

  • 18 अप्रैल, 2005

  • 18 अप्रैल, 2006 

  • 18 अप्रैल, 2008

🔹 व्याख्या

👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया था।
👉 इसका उद्देश्य राज्य में सूचना के अधिकार का प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
👉 आयोग की स्थापना के बाद नागरिकों को सरकारी कार्यों की जानकारी प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार मिला।
👉 राजस्थान सूचना आयोग का गठन 18 अप्रैल, 2006 को किया गया था।
👉 इसी दिन प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम. डी. कौराणी ने पदभार ग्रहण किया।

✍️ सही उत्तर है – 18 अप्रैल, 2006